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कड़ी 08
अब्बू ने रिक्शा करवाया हवा था लारी अइडे के लिये। हम रिक्शा में बैठे, जो बाहर आ गया हुवा था। अब्बू साथ जा रहे थे लारी अड्डे पे बिठाने। लारी अइडे पहुँचे तो बस तैयार थी। अब्बू ने हमको क्स में बिठाया और क्लीनर को खयाल रखने की ताकीद की और वापस चले गये।
बस में सबसे आखिर में थी हमारी सीटें। हम तीनों वहां जाकर बैठ गये। एक सीट खाली थी वहां अभी कोई नहीं बैठा था। मैं बीच में बैठा था जानबूझ कर। बायें साइड खिड़की के साथ लुबना बैठ गई साथ में फिर खाला बैठ गई।
थोड़ी देर बाद बस चल पड़ी। ड्राइवर ने अंदर की लिइटें बंद कर दी। मैं लुबना की तरफ चेहरा किया और उससे गाँव की बातें करने लगा, और अपने बायें हाथ से उसका हाथ पकड़ लिया। हम दोनों खिड़की से बाहर ही देख रहें थे जी.टी. रोड की लाइटें साइनबोर्ड बगेरा। मैं उसके साथ जाकर बैठा हवा था। थोड़ी देर बाद लुबना ऊँघने लगी और आखीरकार, वो सीट से टेक लगाकर सो गई थी।
हम शहर से बाहर आ गये थे और बस तेजी से जा रही थी अपनी मंजिल की तरफ। बस में तकरबन सभी लोग
सो रहे थे या ऊँघ रहे थे। लेकिन मुझे नींद नहीं थी आ रही थी। मैं खाला की तरफ देखा तो खाला जाग रही थी। मैं खाला की तरफ खिसका और उनसे सटकर बैठ गया और अपना सिर उनके कंधे पे रख दिया।
खाला ने मुझे अपने बाजुओं के अंदर में ले लिया और सिर में किस की मुझे और कहा- "सो जाओ बेटा अभी.."
मैंने अपना दायां बाजू खाला के पीछे से घुमाकर और अपना बाया बाजू खाला के दुपट्टे के नीचे से गुजाकर उनके भारी मम्मों के नीचे पेट पे रख दिया। पीछे से जो बाज डाला था वो मैने खाला के दायें कंधे पे रख दिया
था। मेरा मुँह खाला के बायें मम्मे और कंधे पे था। पोजीशन की आप लोगों को समझ तो आ गई होगी।
मैने खाला के कंधे और मम्मों के बीच में दुपट्टे के ऊपर से ही किस की और खाला को कहा- "मुझं ऐसे ही सुला दें..."
खाला मुश्कुरा दी और कहा- "ऐसे ही क्यों सोना है? आराम से टेक लगाकर सो जाओ..."
मैंने कहा- "नहीं खाला, मुझे ऐसे ही अच्छे से नींद आयेगी आपके साथ लगकर..."
खाला ने कहा "मैं इतनी अच्छी लगती हूँ तुमका?"
मैंने कहा- "हाँ खाला, आप मुझे सबसे ज्यादा अच्छी लगती हो। आप तो मेरी प्यारी खाला हो." और चेहरा ऊपर करके खाला के गाल में किस कर दी।
खाला थोड़ा शर्मा गई और कहा- "देख तो लिया करो हम कहां बैठे हैं, बस शुरू हो जातें हो तुम... और मुश्कुरा भी रही थी खाला बात करने के साथ मैं भी मुश्कुरा दिया। मुझे शरारत सूझी। मैंने फिर से खाला को गाल पे किस कर दी। खाला ने मेरी तरफ देखा। हम दोनों एक दूसरे को देखते हुये मुश्कुरा दिए।
खाला ने मुझे अपने बाजू से दबाया और कहा- "बहुत शरारती हो गये हो तुम.."
मेरा जो हाथ खाला के दुपट्टे के नीचे उनके पेट पर मम्मों के नीचे था, मैं अब हाथ को उनके पेट पर घुमा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं पूरा खाला के साथ चिपका हुवा था। मुझे खाला का नरम गरम जिश्म अच्छी तरह महसूस हो रहा था। मैं बहुत मज़े से खाला से लिपटा हुवा था।
मैंने खाला को कहा- "खाला एक बात कहैं..."
खाला ने कहा "हाँ बोला.."
मैंने कहा- "आप बहुत मुलायम मुलायम सी हैं। दिल करता है आपसे लिपटा ही रहूँ.."
खाला बोली- "ओह्ह... मेरे बेटे को इतनी अच्छी लगती ह मैं उम्म्म्म... आहह.. और खाला में थोड़ा झुक के मेरे गाल में किस कर दिया।
मैंनें कहा- "मुझे बहुत मजा आता है जब आपके पेट में हाथ फेरता है."
अब्बू ने रिक्शा करवाया हवा था लारी अइडे के लिये। हम रिक्शा में बैठे, जो बाहर आ गया हुवा था। अब्बू साथ जा रहे थे लारी अड्डे पे बिठाने। लारी अइडे पहुँचे तो बस तैयार थी। अब्बू ने हमको क्स में बिठाया और क्लीनर को खयाल रखने की ताकीद की और वापस चले गये।
बस में सबसे आखिर में थी हमारी सीटें। हम तीनों वहां जाकर बैठ गये। एक सीट खाली थी वहां अभी कोई नहीं बैठा था। मैं बीच में बैठा था जानबूझ कर। बायें साइड खिड़की के साथ लुबना बैठ गई साथ में फिर खाला बैठ गई।
थोड़ी देर बाद बस चल पड़ी। ड्राइवर ने अंदर की लिइटें बंद कर दी। मैं लुबना की तरफ चेहरा किया और उससे गाँव की बातें करने लगा, और अपने बायें हाथ से उसका हाथ पकड़ लिया। हम दोनों खिड़की से बाहर ही देख रहें थे जी.टी. रोड की लाइटें साइनबोर्ड बगेरा। मैं उसके साथ जाकर बैठा हवा था। थोड़ी देर बाद लुबना ऊँघने लगी और आखीरकार, वो सीट से टेक लगाकर सो गई थी।
हम शहर से बाहर आ गये थे और बस तेजी से जा रही थी अपनी मंजिल की तरफ। बस में तकरबन सभी लोग
सो रहे थे या ऊँघ रहे थे। लेकिन मुझे नींद नहीं थी आ रही थी। मैं खाला की तरफ देखा तो खाला जाग रही थी। मैं खाला की तरफ खिसका और उनसे सटकर बैठ गया और अपना सिर उनके कंधे पे रख दिया।
खाला ने मुझे अपने बाजुओं के अंदर में ले लिया और सिर में किस की मुझे और कहा- "सो जाओ बेटा अभी.."
मैंने अपना दायां बाजू खाला के पीछे से घुमाकर और अपना बाया बाजू खाला के दुपट्टे के नीचे से गुजाकर उनके भारी मम्मों के नीचे पेट पे रख दिया। पीछे से जो बाज डाला था वो मैने खाला के दायें कंधे पे रख दिया
था। मेरा मुँह खाला के बायें मम्मे और कंधे पे था। पोजीशन की आप लोगों को समझ तो आ गई होगी।
मैने खाला के कंधे और मम्मों के बीच में दुपट्टे के ऊपर से ही किस की और खाला को कहा- "मुझं ऐसे ही सुला दें..."
खाला मुश्कुरा दी और कहा- "ऐसे ही क्यों सोना है? आराम से टेक लगाकर सो जाओ..."
मैंने कहा- "नहीं खाला, मुझे ऐसे ही अच्छे से नींद आयेगी आपके साथ लगकर..."
खाला ने कहा "मैं इतनी अच्छी लगती हूँ तुमका?"
मैंने कहा- "हाँ खाला, आप मुझे सबसे ज्यादा अच्छी लगती हो। आप तो मेरी प्यारी खाला हो." और चेहरा ऊपर करके खाला के गाल में किस कर दी।
खाला थोड़ा शर्मा गई और कहा- "देख तो लिया करो हम कहां बैठे हैं, बस शुरू हो जातें हो तुम... और मुश्कुरा भी रही थी खाला बात करने के साथ मैं भी मुश्कुरा दिया। मुझे शरारत सूझी। मैंने फिर से खाला को गाल पे किस कर दी। खाला ने मेरी तरफ देखा। हम दोनों एक दूसरे को देखते हुये मुश्कुरा दिए।
खाला ने मुझे अपने बाजू से दबाया और कहा- "बहुत शरारती हो गये हो तुम.."
मेरा जो हाथ खाला के दुपट्टे के नीचे उनके पेट पर मम्मों के नीचे था, मैं अब हाथ को उनके पेट पर घुमा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं पूरा खाला के साथ चिपका हुवा था। मुझे खाला का नरम गरम जिश्म अच्छी तरह महसूस हो रहा था। मैं बहुत मज़े से खाला से लिपटा हुवा था।
मैंने खाला को कहा- "खाला एक बात कहैं..."
खाला ने कहा "हाँ बोला.."
मैंने कहा- "आप बहुत मुलायम मुलायम सी हैं। दिल करता है आपसे लिपटा ही रहूँ.."
खाला बोली- "ओह्ह... मेरे बेटे को इतनी अच्छी लगती ह मैं उम्म्म्म... आहह.. और खाला में थोड़ा झुक के मेरे गाल में किस कर दिया।
मैंनें कहा- "मुझे बहुत मजा आता है जब आपके पेट में हाथ फेरता है."