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काजल ये बातें सुनकर असमंजश में पड़ गई- “क्या मुझे राहल भइया से भाभी और समीर के संबंधों के बारे में बताना चाहिए?" ये सोचते हुए काजल वहां से उठकर रूम में आकर लेट गई और सोचने लगी- "भाभी तो राहल के साथ खुश है, अगर मैंने भइया से ये बात बता दी तो राहल भइया जाने क्या कर बैठें? नहीं नहीं, मैं भइया से कुछ नहीं कहूँगी। कुछ दिन की ही तो बात है। फिर तो भाभी को राहुल भइया के पास ही रहना है।
भाभी का चक्कर अपने भाई से है। घर की बात घर में ही दब जायेगी।
काजल को अब नेहा भाभी से कोई गिला नहीं था। एक सुकून का अहसास हो चुका था, जिससे काजल की आँखों में नींद की खुमारी आ चुकी थी।
उधर समीर के रूम में अब तक दोनों के कपड़े उतर चुके थे।
नेहा ने समीर के लण्ड से खेलना शुरू कर दिया था- "भइया क्या बात है, आज तो आपका साइज भी बड़ा सा लग रहा है?
समीर- दिव्या ने इसे तेरे जाने के बाद खूब प्यार दिया।
नेहा- “ओहो भझ्या ये बात है.." और नेहा ने मुँह खोलकर लण्ड का सुपाड़ा मुँह में भर लिया और कुल्फी की तरह चूसना शुरू कर दिया।
... ऊहह.. उम्म्म्म
... आअहह..
.
समीर- आअहह... नेहा तू तो बड़ी खिलाड़ी बन गई आईई... इसस्स्स्स नेहा मजा आ रहा है... सस्स्सी ... आअहह... उईईई...”
नेहा लण्ड को मुँह में लिए अपनी जीभ को चारों तरफ घुमाने लगी, जिससे समीर की उतेजना चरम पर पहुँचने लगी।
समीर- “आहह... बस बस आहह... नेहा रुक्क जा.." और समीर जल्दी से नेहा के मुँह से लण्ड बाहर खींच लेता है।
नेहा- क्या हुआ भइया, बाहर क्यों निकाला?
समीर- दूसरे घर में भी तो जाना है इसको।
नेहा- अच्छा जी.. पहले दूसरे घर की सफाई तो कर लो।
समीर नेहा की बात का मतलब समझ चुका था, और नेहा की टाँगें फैलाकर चूत के होंठों पर अपने होंठ टिका देता है। नेहा की चूत भी गीली हो चुकी थी। समीर दोनों फांकों के बीच अपनी जीभ घुसा देता है।
नेहा की सिसकी निकल जाती है- “आअहह.. भइया क्या चूसते हो... ऐसे ही... मजा आ रहा है..."
समीर यूँ ही चूत को चूसता रहा। लण्ड पूरा फौलद की तरह टाइट हो चुका था। बस अब समीर के लण्ड से बर्दाश्त करना मुश्किल था, और फिर नेहा की टाँगें और फैलाकर लण्ड को चूत के निशाने पर रखा और एक जोरदार शाट मार दिया। लण्ड एकदम बाउंड्री पर करता हुआ बच्चेदानी की दीवार से जा टकराया।
नेहा की बड़ी जोर से सिसकी निकल गई- “हाय भइया मर गई... आअहह... एक ही बार में पूरा घुसा दिया आपने।
एक दो धक्कों में ही नेहा की उहह... आहह.. में बदल गई।
नेहा- “आहह... अहह... अहह... सस्सीई... सस्सीई.. आह... ओहह... उम्म्म्म
... भइय्या.."
समीर ऊपर से और नेहा नीचे से धक्के पर धक्के लगा रहे थे। आधे घंटे की चुदाई में दोनों बुरी तरह से थक चुके थे। नेहा समीर को गुडनाइट किस देकर अपने रूम में चली गई, और समीर दरवाजा बंद करके यूँ हो नंगा सो गया।
*****
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भाभी का चक्कर अपने भाई से है। घर की बात घर में ही दब जायेगी।
काजल को अब नेहा भाभी से कोई गिला नहीं था। एक सुकून का अहसास हो चुका था, जिससे काजल की आँखों में नींद की खुमारी आ चुकी थी।
उधर समीर के रूम में अब तक दोनों के कपड़े उतर चुके थे।
नेहा ने समीर के लण्ड से खेलना शुरू कर दिया था- "भइया क्या बात है, आज तो आपका साइज भी बड़ा सा लग रहा है?
समीर- दिव्या ने इसे तेरे जाने के बाद खूब प्यार दिया।
नेहा- “ओहो भझ्या ये बात है.." और नेहा ने मुँह खोलकर लण्ड का सुपाड़ा मुँह में भर लिया और कुल्फी की तरह चूसना शुरू कर दिया।
... ऊहह.. उम्म्म्म
... आअहह..
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समीर- आअहह... नेहा तू तो बड़ी खिलाड़ी बन गई आईई... इसस्स्स्स नेहा मजा आ रहा है... सस्स्सी ... आअहह... उईईई...”
नेहा लण्ड को मुँह में लिए अपनी जीभ को चारों तरफ घुमाने लगी, जिससे समीर की उतेजना चरम पर पहुँचने लगी।
समीर- “आहह... बस बस आहह... नेहा रुक्क जा.." और समीर जल्दी से नेहा के मुँह से लण्ड बाहर खींच लेता है।
नेहा- क्या हुआ भइया, बाहर क्यों निकाला?
समीर- दूसरे घर में भी तो जाना है इसको।
नेहा- अच्छा जी.. पहले दूसरे घर की सफाई तो कर लो।
समीर नेहा की बात का मतलब समझ चुका था, और नेहा की टाँगें फैलाकर चूत के होंठों पर अपने होंठ टिका देता है। नेहा की चूत भी गीली हो चुकी थी। समीर दोनों फांकों के बीच अपनी जीभ घुसा देता है।
नेहा की सिसकी निकल जाती है- “आअहह.. भइया क्या चूसते हो... ऐसे ही... मजा आ रहा है..."
समीर यूँ ही चूत को चूसता रहा। लण्ड पूरा फौलद की तरह टाइट हो चुका था। बस अब समीर के लण्ड से बर्दाश्त करना मुश्किल था, और फिर नेहा की टाँगें और फैलाकर लण्ड को चूत के निशाने पर रखा और एक जोरदार शाट मार दिया। लण्ड एकदम बाउंड्री पर करता हुआ बच्चेदानी की दीवार से जा टकराया।
नेहा की बड़ी जोर से सिसकी निकल गई- “हाय भइया मर गई... आअहह... एक ही बार में पूरा घुसा दिया आपने।
एक दो धक्कों में ही नेहा की उहह... आहह.. में बदल गई।
नेहा- “आहह... अहह... अहह... सस्सीई... सस्सीई.. आह... ओहह... उम्म्म्म
... भइय्या.."
समीर ऊपर से और नेहा नीचे से धक्के पर धक्के लगा रहे थे। आधे घंटे की चुदाई में दोनों बुरी तरह से थक चुके थे। नेहा समीर को गुडनाइट किस देकर अपने रूम में चली गई, और समीर दरवाजा बंद करके यूँ हो नंगा सो गया।
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