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करण: आह मेरी जान। कितनी टाइट हैं तुम्हारी चूत । हर बार लगता है जैसे पहली बार लंड घुसा रहा हूं। ।
करण के धक्कों की स्पीड बढ़ती जा रही थी और साथ ही बढ़ रही थी काम्या की सिसकियां जो पूरे कमरे में गूंज रही थी और माहौल को और भी सेक्सी बना रही थी जिसका सीधा असर बाहर खड़ी माही की चूत पर हो रहा था और मजे के कारण वो अपना हाथ नीचे अपनी चूत पर ले जाती हैं जिससे रस टपक रहा था। जैसे ही उसकी उंगली चूत की दीवारों से टकराती हैं तो मजे के कारण उसकी आंखे बंद हो जाती हैं ।
करण काम्या की चूत से लंड बाहर निकाल लेता है और उसे घोड़ी बनाकर दूसरी तरफ झुका देती हैं ताकि उसकी नजर खिड़की में खड़ी माही पर ना पड़े। घोड़ी बंटी ही काम्या की चूत पीछे की ओर उभर जाती है और करण एक करारा धक्का उसकी चूत पर मारता है जिससे पूरा फिर से उसकी चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ अन्दर चला जाता है और काम्या आगे को गिरती हैं जिससे करण थम लेता है और अब उसकी चूत में ताबड़तोड़ धक्के लगाने शुरु कर देता है ।
और मोका मिलते ही नजर उठाकर माही की तरफ देखता हूं जिसकी आंखे मजे के कारण बंद हो गई थी और वो अपना निप्पल चूसते हुए हल्की हल्की सिसकारियां ले रही थी । इस वक़्त वो किसी काम देवी कम नहीं लग रही थी । उसका गोल चेहरा, नाजुक गुलाब जैसे होंठ जो प्यासाकी वजह से सुख चुके थे, सिसकी की वजह से कभी खुल रहे थे कभी बंद हो रहे थे ,बंद हो चुकी आंखे , चूची छत की और मुंह उठाए गोल गोल , पिंक निप्पल , ठोस तने हुए अपनी अकड़ दिखाते हुए मानो करण को चैलेंज दे रहे हो ।
आज पहली बार करण ने अपनी बहन को इस हालत में देखा और वो दिलो जान से उस पर फिदा हो उठा ।
वो जोश में आते हुए अपने लंड को कश कश कर अंदर पेलने लगा जिससे उसका लंड का सुपाड़ा सीधे काम्या की बच्चेदानी पर ठोकर मर रहा था और उसके मुंह से हर धक्के पर सिसकी निकाल रही थी।
करण अपने दोनों हाथ आगे ले जाकर उसकी चूची पकड़ लेता है और उन्हें जोर जोर से दाबने लगता है जिसे काम्या का शरीर लहराने लगता है ।उसकी चूची दबते हुए वो माही की चूची को देख रहा था जिनकी कठोरता के आगे उसे काम्या की चूची फीकी लग रही थी।
फिर वो काम्या को सीधी लिटा देता है और उसकी टांगे मोड़कर उसके कंधो की तरफ उठा देता है। इस पोजीशन में माही उसके लंड को आसानी से काम्या की चूत में घुसते हुए देख सकती थी। करण फिर से अपना लौड़ा उसकी चूत पर सेट करके एक जोरदार धक्का मर देता है और फिर से पूरा लंड चूत के अंदर ।
काम्या : क्या बात है मेरी जान। आह आह आह उफ्फ सी आई री सखी फाड़ ही डालोगे क्या आज !
करण जोश में आते हुए : आह मेरी जान। बिल्कुल कसा हुए जा रही है बहुत टाइट हैं तुम्हारी चूत। बहुत मजा आ रहा है ।
काम्या : उफ्फ है भगवान । कितना मजा आ रहा है आह । और अंदर करो जोर करो । फाड़ दो आज पूरी तरह ।
अपनी भाभी के मुंह से ऐसी आवाजे सुनकर माही आंखे मस्ती बढ़ जाने के कारण खुल जाती हैं और वो देखती हैं कि कैसे उसके भाई का इतना लंबा चौड़ा लंड उसकी चूत में ज रहा है और इसे दर्द के बजाय मजा आ रहा है । उसे अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हो रहा था । लंड पूरी तेजी से अंदर बाहर हो रहा था।
माही का हाथ अपनी चूत की कोमल पंखुड़ी को जोर से मसलने लगता हैं और उसकी भी सिसकी तेज हो जाती हैं।
तभी करण के धक्के काम्या की चूत कें पूरी तेजी से पड़ने लगती है तो काम्या की सिसकियां बढ़ने लगती है।
काम्या : फॅक मी । आह आह और तेज । जन्नत दिखा दो आज मेरी चूत को , है भगवान , उफ्फ ये कैसा सुख हैं। आह । और तेज मेरी जान अफ आह ।
काम्या का पता नहीं कितनी बार स्खलन हो चुका था लेकिन फिर भी हर मानने को तैयार नहीं थी।
उसकी चूत पूरी गीली थी जिस कारण कमरे में फच फाच की आवाजे गूंज रही थी।
करण के धक्कों की स्पीड बढ़ती जा रही थी और साथ ही बढ़ रही थी काम्या की सिसकियां जो पूरे कमरे में गूंज रही थी और माहौल को और भी सेक्सी बना रही थी जिसका सीधा असर बाहर खड़ी माही की चूत पर हो रहा था और मजे के कारण वो अपना हाथ नीचे अपनी चूत पर ले जाती हैं जिससे रस टपक रहा था। जैसे ही उसकी उंगली चूत की दीवारों से टकराती हैं तो मजे के कारण उसकी आंखे बंद हो जाती हैं ।
करण काम्या की चूत से लंड बाहर निकाल लेता है और उसे घोड़ी बनाकर दूसरी तरफ झुका देती हैं ताकि उसकी नजर खिड़की में खड़ी माही पर ना पड़े। घोड़ी बंटी ही काम्या की चूत पीछे की ओर उभर जाती है और करण एक करारा धक्का उसकी चूत पर मारता है जिससे पूरा फिर से उसकी चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ अन्दर चला जाता है और काम्या आगे को गिरती हैं जिससे करण थम लेता है और अब उसकी चूत में ताबड़तोड़ धक्के लगाने शुरु कर देता है ।
और मोका मिलते ही नजर उठाकर माही की तरफ देखता हूं जिसकी आंखे मजे के कारण बंद हो गई थी और वो अपना निप्पल चूसते हुए हल्की हल्की सिसकारियां ले रही थी । इस वक़्त वो किसी काम देवी कम नहीं लग रही थी । उसका गोल चेहरा, नाजुक गुलाब जैसे होंठ जो प्यासाकी वजह से सुख चुके थे, सिसकी की वजह से कभी खुल रहे थे कभी बंद हो रहे थे ,बंद हो चुकी आंखे , चूची छत की और मुंह उठाए गोल गोल , पिंक निप्पल , ठोस तने हुए अपनी अकड़ दिखाते हुए मानो करण को चैलेंज दे रहे हो ।
आज पहली बार करण ने अपनी बहन को इस हालत में देखा और वो दिलो जान से उस पर फिदा हो उठा ।
वो जोश में आते हुए अपने लंड को कश कश कर अंदर पेलने लगा जिससे उसका लंड का सुपाड़ा सीधे काम्या की बच्चेदानी पर ठोकर मर रहा था और उसके मुंह से हर धक्के पर सिसकी निकाल रही थी।
करण अपने दोनों हाथ आगे ले जाकर उसकी चूची पकड़ लेता है और उन्हें जोर जोर से दाबने लगता है जिसे काम्या का शरीर लहराने लगता है ।उसकी चूची दबते हुए वो माही की चूची को देख रहा था जिनकी कठोरता के आगे उसे काम्या की चूची फीकी लग रही थी।
फिर वो काम्या को सीधी लिटा देता है और उसकी टांगे मोड़कर उसके कंधो की तरफ उठा देता है। इस पोजीशन में माही उसके लंड को आसानी से काम्या की चूत में घुसते हुए देख सकती थी। करण फिर से अपना लौड़ा उसकी चूत पर सेट करके एक जोरदार धक्का मर देता है और फिर से पूरा लंड चूत के अंदर ।
काम्या : क्या बात है मेरी जान। आह आह आह उफ्फ सी आई री सखी फाड़ ही डालोगे क्या आज !
करण जोश में आते हुए : आह मेरी जान। बिल्कुल कसा हुए जा रही है बहुत टाइट हैं तुम्हारी चूत। बहुत मजा आ रहा है ।
काम्या : उफ्फ है भगवान । कितना मजा आ रहा है आह । और अंदर करो जोर करो । फाड़ दो आज पूरी तरह ।
अपनी भाभी के मुंह से ऐसी आवाजे सुनकर माही आंखे मस्ती बढ़ जाने के कारण खुल जाती हैं और वो देखती हैं कि कैसे उसके भाई का इतना लंबा चौड़ा लंड उसकी चूत में ज रहा है और इसे दर्द के बजाय मजा आ रहा है । उसे अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हो रहा था । लंड पूरी तेजी से अंदर बाहर हो रहा था।
माही का हाथ अपनी चूत की कोमल पंखुड़ी को जोर से मसलने लगता हैं और उसकी भी सिसकी तेज हो जाती हैं।
तभी करण के धक्के काम्या की चूत कें पूरी तेजी से पड़ने लगती है तो काम्या की सिसकियां बढ़ने लगती है।
काम्या : फॅक मी । आह आह और तेज । जन्नत दिखा दो आज मेरी चूत को , है भगवान , उफ्फ ये कैसा सुख हैं। आह । और तेज मेरी जान अफ आह ।
काम्या का पता नहीं कितनी बार स्खलन हो चुका था लेकिन फिर भी हर मानने को तैयार नहीं थी।
उसकी चूत पूरी गीली थी जिस कारण कमरे में फच फाच की आवाजे गूंज रही थी।