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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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समर उसकी चूची चूसते हुए अपना एक हाथ नीचे लाता है और उसकी सलवार के अन्दर घुसा कर उसकी चूत हाथ में भर लेता है और उपर से ही मसलने लगता हैं। माही से इतना मजा बर्दाश्त नहीं हो रहा था । उसका जिस्म पूरा कांप रहा था और होठ सुख चुके थे। अब समर आगे बढ़ते हुए उसकी सलवार खोल देता है तो माही अपने दोनो टांगे खोलकर उसकी मदद करती हैं और सलवार बाहर निकल जाती है। समर देखता है कि उसकी चूत पूरी गीली हो गई हैं और उसकी पेंटी को भिगो चुकी है ।

समर अपने जलते हुए होठ नीचे लाकर उसकी चूत पर रखकर पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को मुंह में भर लेता और चूसने लगता हैं । माही का पूरा जिस्म उसके काबू से बाहर हो गया और और मजे के कारण उछलने लगा । समर उसकी दोनो टांगो को पकड़ कर उसे काबू करने लगा ।

माही के दोनो हाथ उसकी चूचियों पर आ गए थे वो वो खुद ही जोर जोर से अपनी चूचियां दबा रही हैं । जैसे ही समर ने उसकी चूत पर जीभ फिराई वो मस्ती से तड़प उठी और अपनी चूची को मुंह में भर कर चूसने लगी।

माही: उफ़ समर, मेरी जान ही लोगे क्या आज ? पेंटी उतार कर चूसो मेरी जान।

समर तेजी से उसकी पेंटी उतार देता है और जैसे ही इसकी चूत देखता हैं लंड जोरदार हुंकार मारते हुए बिल्कुल सीधा खड़ा हो जाता हैं ।उसकी चूत के दोनो लिप्स आपस में पूरी तरह से चिपके हुए थे और उनमें से रस बाहर टपक कर उसके जांघो को भी पूरा गीला कर चुका था। उसकी चूत के नाजुक होठ कुछ यूं खिल और बंद हो रहे थे मानो काली फूल बनने की तैयारी कर रही हो ।

अब समर अपने होंठ उसकी जांघो पर रखकर चूसने लगा तो माही की चूत से और ज्यादा रस टपक रहा था ।समर की जीभ उसके बदन में हलचल मचा रही थी।

समर उसकी चूत के आस पास चाटते हुए अपनी जीभ चला रहा था जिससे उसकी चूत पानी पानी हो गई थी। समर उस जान बूझकर तड़पा रहा था ताकि उसकी चूत ज्यादा रस छोड़े ताकि लंड घुसने में आसानी हो। माही से अब बर्दाश्त नही हो रहा था वो समर के चेहरा उपर उठाती है और उसकी आंखो में देखते हुए अपने लिप्स पर होठ फिराकर उसे अपनी चूत की तरफ इशारा करती हैं मानो इससे चूत चूसने के लिए कह रही हो की मेरी चूत चूस पूरी तरह से गीली कर दो और नीचे से अपनी चूत को उपर की तरफ उभार देती है।

अब समर भी पूरे जोश में आते हुए अपने प्यासे होंठो को उसकी टपकती हुई चूत से जोड़ देता हैं । जैसे ही चूत पर होठ पड़ते हैं माही की सिसकी निकल जाती है

माही: आह आह उफ्फ ।

और समर जोर जोर से उसकी चूत चूसने लगता हैं माही अपने दोनो हाथ आगे बढ़ा कर उसका लन्ड को की अब लोला बन गया था उस पकड़ लेती हैं और पागलों की तरह जोर जोर से दबाने लगती हैं। आज उसकी प्यास पूरी तरह बाहर आ रही थी ।समर जैसे ही इसकी चूत पर जीभ निकाल कर फेरता है तो माही की चूत पिघल गई और समर के मुंह में रस की धर छोड़ने लगी और उसका बदन अकड़ता चला गया।

माही: आह समर मेरी चूत मेरी जान

आह आह ,सी ई है भगवान ।

मजे के कारण उसकी आंखे बंद हो चुकी थी चूत एक दम गीली थी इतनी गीली की आराम से लंड घुस जाए।

समर उसकी चूत को चूसता रहता हैं और जल्दी ही माही का बदन फिर से गरम होने लगता है तो वो अपनी चूत फिर से उसके मुंह पर रगड़ने लगती हैं ।

माही: आह आह समर , मुंह में भरकर चूसो , जान लेलो आज मेरी, मार डालो मुझे ।इतनी चिकनी कर दो के लंड पूरा घुस जाए।

अब माही का पूरा जिस्म उसकी जीभ की ताल पर थिरक रहा था

माही: बस मेरी जान , अब बर्दाश्त नही होता , उपर आ जाओ और मेरी प्यास बुझा दो और बोलते हुए उसके लंड को पकड़ लेती हैं । समर भी अब तड़प रहा था ।

वो माही के सामने आ जाता हैं और अपना लन्ड उसके मुंह के आगे करके आंखे बंद कर लेता है। माही जैसे ही लंड को देखती हैं उसकी फट सी जाती हैं है भगवान ये पहले से कितना मोटा और तगड़ा हो गया हैं अब ये चूत में कैसे घुसेगा ।माही अपना मुंह खोलती हैं और उसके सुपाड़े को मुंह में भर लेती हैं तो उसका मुंह पूरा खुल जाता हैं। है भगवान पहले से कितना बड़ा हो गया हैं सुपाड़ा ।

और जीभ से उसे पूरा गीला करने लगती हैं और फिर पूरी हिम्मत करके अपना मुंह और खोलती है आधे से ज्यादा लंड मुंह में भर लेती हैं तो दो गांठ भी उसके मुंह में घुस जाती हैं जिससे उसका मुंह फट सा जाता है । और वो उसके लंड को पूरा गीला कर देती हैं चूस चूस कर।

और उसके लंड को मुंह से निकालते हुए समर को अपने उपर खींच लेती हैं , माही की चूत पूरी तरह से गीली थी अविश्वनीय हद तक ।

जैसे ही समर माही के उपर आया लंड चूत पर अड गया । माही का बदन तड़प उठा और चूत इस मिलन पर रोते हुए आंसू बहाकर और गीली हो गई मानो लंड का स्वागत कर रही हो। अब समर अपने दोनो लिप्स उसके लिप्स पर रख कर चूसने लगा और दोनो हाथो में उसकी चूचियां भरकर दबाने लगा। माही से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने हाथ नीचे ले जाकर लंड को चूत के छेद पर टिका दिया और समर के में एक कामुक आवाज में बोली:आपकी कली फूल बनने कि लिए तैयार हैं लेकिन पहला धक्का में खुद मारूंगी।

और ऐसा कहते हुए अपनी गांड़ उपर उठाते हुए एक जोरदार धक्का लगा दिया । जैसे ही चूत उपर अाई लंड का मोटा सुपाड़ा उसमे घुसता चला गया और पूरा घुस गया और चूत का मुंह पूरी तरह से फैल गया ।

माही को एक तेज दर्द का हुआ और वो दर्द के कारण चींखं पड़ी और उसने अपने दोनो हाथ उसके गले में डाल कर उससे चिपक गई मानो दर्द भगाने की कोशिश कर रही हो।

समर उसकी चूची मुंह में भर कर चूसने लगा जिससे उसे कुछ आराम मिला और समर एक हाथ नीचे लाते हुए उसकी चूत को सहलाने लगा जिससे माही को कुछ अच्छा लगने लगा और वो अपनी चूत लंड पर घुमाने लगी । समर ने उसकी आंखो में देखा तो माही ने उसे धक्का का मारने का इशारा कर दिया और जोर से अपना मुंह बंद कर लिया मानो खुद को तैयार कर रही हो। समर का लंड तो चूत में जैसे फस सा गया था। समर से उसकी आंखो में देखते हुए अपने लंड को पीछे की ओर जैसे ही खीचा तो माही की चूत भी खीचती चली गई और फिर और लंड का जोरदार धक्का जड़ दिया उसकी नाजुक चूत पर ।
 
माही की एक दर्दनाक आवाज गूंज उठी पूरे मैदान में

माही: आह समर मर गई मेरी जान। और वो दर्द से तड़पने लगी ।

लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए आधा अंदर घुस गया था जहां आज तक कुछ भी नहीं घुसा था साथ ही साथ एक गांठ भी घुस गई थी माही की चूत बुरी तरह से फट गई थी और उसमें से खून बाहर आने लगा। लंड तो जैसे चूत ने जकड़ लिया था। समर को लग रहा था कि उसका लन्ड अन्दर जल रहा हैं मानो चूत ना होकर कोई गरम भट्टी हो समर दोनो हाथो से उसकी चूची दबाने लगा और उसके जिस्म पर हाथ फेरने लगा । माही की आंखो से आंसू बह निकले और समर उन्हें जीभ से चाटने लगा।

समर: बस मेरी जान। हो गया बस।

और समर लंड को चूत से बाहर निकाल नहीं पा रहा था। वो धीरे धीरे लंड को अंदर ही चलाने लगा और माही अपनी गीली चूत घुसे हुए लंड पर ही घुमा रही थी।

धीरे धीरे चूत का कसाव कुछ कम हुआ और लंड बाहर आने लगा तो चूत के होठ भी उसके साथ ही खींचते चले आए इतनी टाईट चूत थी माही की ।

समर ने जैसे ही लंड बाहर निकाला माही ने प्यासी नजरो से उसकी तरफ देखा मानो पूछ रही हो कि बाहर क्यों निकाल लिया। समर ने उसकी चूचियों को मुंह में भर लिया और फिर से एक तेज धक्का लगाया तो फिर से लंड जितना पहले गया था उसकी चूत में घुस गया ।

माही सिसक उठी और दर्द और मजे से उसका मुंह खुल गया। और एक जोर से समर से लिपट गई और उसकी चूचियां उसके सीने में दब गई। समर आधे लंड से ही उसकी चूत में धक्के लगाने लगा ।

जैसे ही लंड घुसा माही की चूत के साथ उसका मुंह भी मस्ती से खुल गया।

माही:। आह आह समर बहुत अच्छा लग रहा है मेरी जान! और करो मजा आ रहा है उफ्फ हाय।

समर उतने लंड से भी जोर जोर से धक्के लगाने लगा । आज माही चुद रही थी, मचल रही थी, सिसक रही थी तड़प रही थी , उछल रही थी उसके लंड पर।

इतनी टाइट चूत में लन्ड जाने के कारण समर को भी बहुत मजा आ रहा था ।

समर फिर से लंड पुर बाहर निकालता और जोर से अन्दर डाल देता हैं।

माही: आज मार ही दोगे क्या मेरी जान! कितना मजा आ रहा है आज

और मजा बढ़ जाने के कारण माही अपना हाथ नीचे लंड पर ले जाती है जैसे ही उसने लंड को छूआ तो पता चला कि अभी तो आधा लंड बाहर हैं । लालच से उसका मुंह और चूत दोनो खुलने लगे। लंड पर एक बहुत मोटी आखिरी गांठ थी जो उसे पूरा अन्दर जाने से रोक रही थी ।

माही समर की आंखो में देखते हुए अपनी चूत उसके लंड पर मारते हुए अपनी एक आंख दबा देती हैं मानो उसे इशारा कर रही हो कि पूरा घुसा दो। समर उसके कान में बोलता हैं कि गांठ मोटी और सुखी हुई हैं

माही अपना मुंह खोलते हुए अपना थूक अपने हाथ में लेती हैं और नीचे समर के लंड पर ले जाकर बाकी बचे हुए लंड को पूरा गीला करके अपनी चूची मुंह में भर कर चूसने लगती हैं और अपनी टांगे पूरी खोल देती है अब लंड इतना चिकना हो चुका था कि थूक लंड से नीचे बह रहा था।अब समर से रहा नहीं जाता और अब अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर अपनी सारी ताकत लगाकर जोर से धक्का मार देता हैऔर माही भी जोश से अपने गांड़ उपर की तरफ उछालती हैं तो लंड उसकी चूत के हर अवरोध को फाड़ता हुआ पूरा जड़ तक अन्दर घुस जाता हैं और उसकी चूत की धज्जियां उड़ देता हैं।

जैसे ही लंड जड़ तक घुसा माही जोर से गला फाड़कर तड़प उठी और उसका जिस्म दर्द के मारे ढीला पड़ गया।

समर उसकी दोनो चूचियों को चूसने लगा और उसके जिस्म पर हाथ फेरने लगा तो माही के जिस्म में हरकत होने लगी और उसकी आंखे खुल गई । उसका पूरा चेहरा आंसू से भर चुका था और आंखो में दर्द साफ दिख रहा था।

समर: बस मेरी जान, पूरा घुस गया अब दर्द नहीं होगा।

माही धीरे से अपना एक हाथ नीचे लाकर अपनी चूत पर रखती हैं तो सचमुच लंड पूरा घुस गया था। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी नाजुक सी चूत में इतना मोटा तगड़ा लंड कैसे घुस गया।

समर अब धीरे धीरे लंड बाहर की ओर खींचता हैं और जैसे ही दबाव बढ़ता है तो उसकी चूत मोटी गांठ के बाहर निकलने से फैल रही थी और दर्द साफ माही के चेहरे पर दिख रहा था। समर प्यार से अपना लंड बाहर निकाल कर धीरे से फिर अंदर घुसाने लगता हैं और जैसे ही गांठ घुसी माही फिर से तड़प उठी।

समर धीरे धीरे धक्का लगाने लगा और अब पूरी गांठ अंदर बाहर हो रही थी । लंड की गांठे चूत को पूरी तरह से रगड़ रही थी माही को अब बहुत मजा आ रहा था । जैसे ही लंड चूत की नरम दीवारों को रगड़ता हुआ बाहर अंदर बाहर होता तो माही मस्ती से सिसक पड़ती ।

अब माही ने अपने दोनो हाथ उसकी गरदन में डाल दिए और उसकी आंखो में देखते हुए चुदने लगी।

समर भी जोश में आ गया और उसने एक जोरदार धक्का उसकी चूत में लगा दिया और लंड फिर से जड़ तक घुस कर सीधे उसकी बच्चेदानी से टकराया

मजे और दर्द के कारण का मुंह खुल गया ।

माही: आह आह समर , पूरा घुसा दिया फिर से। मेरी चूत मजा दे रही हैं। सी सी ई ई ई उफ्फ है भगवान ।

समर उसकी सिसकियां सुनकर फिर से अपना लन्ड पूरा बाहर निकाल कर एक तगड़ा धक्का मार देता हैं और लंड निकल जाने से नाराज माही भी अपनी गांड़ उठाकर पूरी ताकत से धक्का मारती है तो लंड फिर से पूरा घुस गया।

माही: आह समर ऐसे ही घुसाओ , उफ्फ अब रोज चोदना मुझे , और जोर से चोदो ।

फिर तो जैसे माही की चूत और समर के लंड में युद्ध छिड़ गया। जितनी तेजी से समर धक्का मारता उतनी ही तेजी से वो भी गांड़ उपर उछालती ।

लंड पूरी स्पीड से अंदर बाहर हो रहा था । चूत पूरी गीली हो चुकी थी और फ़च फ़च फ़च की मधुर आवाज पूरे मैदान में गूंज रही थी ।दोनो के मुंह से जोर जोर से सिसकियां निकल रही थी जिन्हे सुनने वाला वहां कोई नहीं था!

माही: आह आह समर , पूरा अन्दर डाल कर चोदो , फाड़ दो आज मेरी चूत को,

समर किसी जंगली सांड की तरह चूत को फाड़ने लगा । उसका धक्का अब इतनी जोर से पड़ रहा था कि हर धक्के पर माही की गांड़ दो दो फुट उछल रही थी ।तभी समर के धक्के बहुत तेजी से पड़ने लगे और उसके मुंह से आवाज निकलने लगी।

माही तो पूरी मस्त हो चुकी थी । चूत पर पड़ा हर धक्का उसे जन्नत का नजारा दिखा रहा था ।
 
हर धक्के पर बेड जोर से हिल रहा था और चरमरा रहा था मानो वहां तेज तूफान आया हो।जैसे ही लंड अंदर बाहर होता लंड की गांठ चूत को पूरा खोलती , चूत के साथ ही मजे से माही का मुंह भी खुल जाता, हर धक्का पहले धक्के से तेज पड़ता जिससे उसका चुदाई का मजा बढ़ता जा रहा था। समर उसकी चूचियों को इतनी जोर से दबा रहा था मानो उसके सीने को सपाट कर देना चाहता हो लेकिन चूचियां भी हार मानने को तैयार नहीं थी। आज माही की चूत चुद रही थी, फट रही थी , । अब माही भी जोर जोर से समर की रफ्तार से कदम मिलाकर धक्के मारने लगी और समर के चूतड़ों पर अपने दोनो हाथ लाकर उसे अपनी चूत की तरफ जोर से धकेल रही थी।

माही: उफ्फ है भगवान, आह आह मेरी चूत, सी ई हाय समर तुम कितना अच्छा चोद रहे हो, लंड इतना अच्छा क्यों है "

मजा इतना बढ़ चुका था कि माही क्या बोल रही हैं उसे नहीं पता था, वो इस अलौकिक मिलन से पूरी तरह मदहोश हो चुकी थी।माही को लगा कि उसकी चूत में एक तूफान सा आने वाला हैं तो वो पूरी ताकत से अपनी गांड़ लंड पर लाती है और लंड को पूरा अन्दर तक घुसा लेती हैं और मजा बढ़ जाने के कारण उसकी आंखे बंद हो गई थी । तभी समर को भी लगा को उसका निकलने वाला है तो उसने एक बार पूरा लंड बाहर खींचा और अपने जिस्म की सारी ताकत लगाकर एक आखिरी धक्का उसकी चूत में मार दिया । लंड जड़ तक माही की प्यासी चूत में उतरता चला गया और एक साथ सिसकते हुए दोनो झड़ गए और समर उसकी चुचियों पर ढेर हो गया।

माही:आह समर मेरी चूत, संभालो मुझे, मर गई मैं तो ।

माही ने अपनी बांहे उसके गले में डाल दी और समर ने उसे इतना कसकर चिपका लिया कि मानो उसकी हड्डियां तक चटक गई हो । लंड से निकलती हुई वीर्य की पिचकारियां उसकी जलती हुई चूत को ठंडा करने लगी।

दोनो की सांसे इस भयंकर चुदाई के कारण पूरी तरह से उखड़ी हुई थी ।

बेड पर बड़ी हुई सफेद चादर पूरी तरह माही की चूत से निकले खून से लाल हो चुकी थी।

दोनो एक दूसरे से चिपके हुए ऐसे ही पड़े रहे।

जैसे ही माही और समर गुफा के अंदर गए तो गेट अपने आप बंद हो गया था।

बाहर खड़े लोग समझ गए कि ये वीर और चांद हैं और अब हिबां को मुक्ति मिल जाएगी और साथ ही बंद हो जाएगी ये सदियों से चली आ रही गलत परम्परा ।

लड़कियों के लिए तो जैसे आज खुशी का दिन था। भीमा और करण दोनो ही बहुत खुश थे उनके बीच आज सब गिले शिकवे ख़त्म हुए ।सभी कबीले वाले अब नियम तोड़ने की सजा भुगत रहे करण को माफ कर चुके थे ।

आज की रात कबीले दोनो कबीलो के लिए जैसे जश्न की रात थी, दोनो कबीलो को सजाया गया और पूरी रात नाच गाना होता रहा।

काम्या भी ये सब देख कर ठीक हो चुकी थी और उसे सबसे ज्यादा खुशी माही और समर की शादी होने की थी क्योंकि सिर्फ वो ही समर की कसम के बारे में जानती थी।

उधर समर और माही दोनो इस जोरदार चुदाई की बाद एक दूसरे की बाहों में पड़े हुए थे ।

लंड अब ढीला पड़कर चूत से बाहर निकल आया ।जैसे ही लंड बाहर आया माही को अपनी चूत खाली सी महसूस हुई । समर काफी देर से माही के उपर पड़ा हुआ था जिस कारण उसके भारी भरकम शरीर के नीचे माही का फूल जैसा नाजुक जिस्म दबा हुआ था। माही उसकी आंखो में देखते हुए उसे इशारे से अपने उपर से उतर कर अपने पास लेटने का इशारा करती हैं तो समर अब उसके उपर से उतरते हुए उसके पास लेट गया और माही को अपनी बांहों में भर लिया।

माही: थैंक्स यू सो मच समर।

समर: किसलिए, चुदाई के लिए ?

माही का चेहरा शर्म से लाल हो गया, वो प्यार से बोली: माही मुझे अपना जीवन साथी बनाने और भीमा से बचाने के लिए।

समर: ओए होए तुम मेरी जान हो

माही जैसे ही ये सुनती हैं तो उसे समर पर बहुत ज्यादा प्यार आता हैं और वो उसका मुंह चूम लेती हैं।

माही: समर अभी भी मुझे नीचे दर्द सा महसूस हो रहा है ,

समर बैठ जाता है और माही की टांगो के बीच देखता हैं तो पता चला कि इस दमदार चुदाई के बाद उसकी चूत सूज गई है और होंठ भी हल्के से खुल गए हैं।

समर हल्के हल्के उसकी चूत के होंठो को हाथ से सहलाने लगा जैसे कि उनकी मालिश कर रहा हो। चूत पर हाथ लगने से फिर से दोनो के जिस्म गरम होने लगे। माही भी उठ कर बैठ गई और जैसे ही वो बैठी उसे एहसास हुआ कि पूरी बेडशीट लाल हो चुकी हैं इसकी चूत से निकले खून की वजह से।

माही समर की छाती पर हल्के हल्के मुक्के बरसाने लगी।

माही: ये सब देखो क्या हाल बना दिया तुमने मेरा?

और उस बेड शीट को दिखाने लगी , समर को तो सब पता था, वो मुस्कुराकर कर उसकी आंखो में देखते हुए बोला: मैंने कुछ नहीं किया को कुछ किया हैं इसने किया है और ऐसा कहकर अपने लंड की तरफ इशारा कर दिया।

माही ने उसकी नजरो का पीछा किया और जैसे ही उसकी नजर लंड पर पड़ी उसकी सांस फिर से अटकने लगी। लंड पूरा खड़ा हो चुका था और उसके पूरे सुपाड़े पर चूत से निकला खून लगा हुआ था जिस कारण वो बहुत खतरनाक लग रहा था। माही अपना हाथ नीचे लेट हुए उस खतरनाक लग रहे लंड को पकड़ लेती हैं और जोर से दबा देती हैं मानो उसे डांट रही हो कि क्या हाल बना दिया तूने मेरी चूत का। Bhuty ज्यादा जोर से दबाए जाने के कारण समर को दर्द का एहसास हुआ और उसके मुंह से आह निकल पड़ी।
 
समर: आह थोड़ा प्यार से मेरी जान। उखड़ ही दोगी क्या?

माही: नहीं बस इसको सजा दे रही हूं ताकि आगे से काबू में रहे ।

समर धीरे से उसके कान में बोलता हैं : दर्द के साथ इसने मजा भी तो दिया हैं, बोलो नहीं दिया क्या:

माही जैसे ही ये सुनती हैं उसके जिस्म में हलचल मच जाती हैं और बहुत ही अदा के साथ अपना मुंह नीचे लाती हैं और उसकी आंखो में देखते हुए लंड को किस कर देती हैं

समर तड़प उठता है लंड पर जैसे ही माही के होंठ पड़ते हैं।

समर: आह मेरी जान, उफ्फ कितने गरम हैं आपके होठ। इसने आपको कली से फूल बनाया हैं उसके लिए बस इतना सा ही प्यार करोगी क्या?

माही जैसे ही कली से फूल सुनती हैं वो जोश में आकर अपना पूरा मुंह खिलते हुए सुपाड़े को मुंह में भर लेती हैं और चूसने लगती हैं।

समर तो जैसे अब मस्ती से उड़ रहा था वो अपने दोनों हाथ माही के सिर पर लाकर उसे अपने लंड पर दबा देता है । माही अब मजे से उसके लंड को चूस रही थी और हाथ से उसके टट्टे सहलाने लगती हैं ।

समर अपने दोनो हाथों को आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को दबाने लगता है तो माही मस्त हो जाती है और अपना मुंह और खोल कर आधे से ज्यादा लंड मुंह में भर लेती हैं और लॉलीपॉप की तरह से चूसने लगती है। उसकी चूत गीली होकर आंसू बहाने लगी थी। माही अपना एक हाथ नीचे ले जाकर अपनी एक उंगली अपनी चूत पर रगड़ने लगती है।

समर को बहुत मजा आ रहा था और उसकी आंखे बंद हो चुकी थीं। और वो जोश में आते हुए माही के मुंह में धक्के लगाने लगा। हर धक्के पर लंड थोड़ा और ज्यादा घुस रहा था माही के मुंह के अंदर।

लंड घुसने से माही की आंखे फैलती जा रही थी लेकिन वो आज पूरी कोशिश कर रही थी कि पूरा लंड उसके मुंह में घुस जाए।

लंड आखिरी मोटी गांठ होने की वजह से आगे नहीं घुस पा रहा था और समर उसे घुसाने की पूरी कोशिश कर रहा था।

माही अपनी पूरी ताकत से अपना मुंह खोल लेती हैं और समर के टट्टे हल्का सा दबाती हैं जिससे समर की आंख खुल जाती हैं । समर माही की आंखो में देखता है तो माही उसे इशारे से लंड का धक्का मुंह में मारने को कहती हैं और अपना पूरा मुंह खोल देती है ।

समर तो जैसे जोश से पागल हो गया और उसने माही के सिर कि पकड़ते हुए एक जोरदार धक्का मार दिया।

माही का पूरा मुंह खुला होने के कारण पूरा लंड अंदर मुंह में घुस गया।जैसे ही पूरा लंड अंदर घुसा दर्द के मारे माही की आंखे फैलती चली गई और उसकी आंखे में फिर से आंसू आ गए । लेकिन वो हल्के हल्के उसका लन्ड चूसती रही और जैसे ही मुंह थोड़ा ढीला हुआ उसने पूरी ताकत से लंड को चूसना चालू कर दिया और लंड को आधा बाहर निकलती और फिर से मुंह के अंदर घुसा लेती ।

समर को इतना मजा पहले नहीं आया था । आज उसके मजे कि कोई सीमा नहीं थी । लंड पर पड़ते माही के होठ उसे स्वर्ग का नजारा दिखा रहे थे।

समर मजे से सिसकते हुए : उफ्फ माही , पूरा घुसा लिया आज तो मुंह में भी , चूसो और चूसो बहुत अच्छा लग रहा है

माही जोश में आते हुए उसे और मजा देने के लिए जोर जोर से चूसने लगी। समर मजे के कारण पूरा झूम रहा था। उसका पूरा जिस्म कांप रहा था। अब समर ने उसके मुंह में धक्के लगाने शुरू कर दिए मानो उसका मुंह उसकी चूत कि तरह से फाड़ देना चाहता हो।

धक्के धीरे धीरे तेज होते गए और माही की जोर जोर से जीभ से चाटते हुए उसका लन्ड चूसने लगी जिस कारण समर पागल सा हो गया

तभी उसके धक्के बहुत तेजी से पड़ने लगे और माही तो अपनी एक उंगली मजे के कारण चूत मैं घुसा बैठी । जैसे ही उंगली घुसी उसकी सुजी हुई चूत में दर्द का एहसास हुआ लेकिन मजा बहुत था।

समर: आह बस सेईई ऐसे ही चूसो।

मेरा आने वाला है ।

और उसने एक तेज धक्का माही के मुंह में लगा दिया और उसका वीर्य निकलता चला गया।

माही ने अपनी चूत में पूरी उंगली घुस ली और अंदर बाहर करने लगी।

जैसे ही समर की आंखे खुली तो उसने देखा कि माही का पूरा उसके वीर्य से भर गया हैं और लंड सिकुड़ कर बाहर आता गया और माही उसका सारा वीर्य हलक में गटक गई।

समर ने उसके होंठो पर किस किया और उसे अपनी बांहों में उठा लिया। माही अपनी चूचियों के उसके सीने में रगड़ने लगी और प्यार से बोली: अब तो खुश हो मेरी जान। मिल गया आपको मुझे कली से फूल बनाने का इनाम।

समर उसके दोनो को चूसना शुरू कर देता है और माही अपना एक हाथ उसके गले में डाल देती हैं जिससे समर अपना एक हाथ नीचे लाकर उसके टपकती हुई चूत पर रख दिया।

समर के हाथ चूत पर पड़ते ही माही सिसकी उठी।

समर उसे लेकर नदी कि तरफ चल देता हैं और दोनो नदी में घुस गए।

नदी में हल्का हल्का गुनगुना पानी उनके जिस्मों की एक सुकून दे रहा था।

माही समर की गोद से उतरकर उसके लंड को पानी से रगड़कर रगड़कर धोती हैं और अच्छे से साफ कर देती हैं जिससे उसका लन्ड फिर से एक दम पूरा खड़ा हो चुका था किसी लोहे की रोड की तरह एक दम टाइट।

अब माही नदी में स्थित एक पड़े से पत्थर पर बैठ जाती हैं और समर को देखते हुए अपनी चूत मसलने लगती हैं। समर उसे बड़े प्यार के देख रहा था। उसकी दोनो चूचियां लहरा रही थी।

माही अब नीचे झुकते हुए अपने पैरो को साफ करने लगी ।उसके बाल उसके चेहरे के दोनो तरफ लहरा रहे थे। माही का ध्यान नीचे सफाई करने में था इसी बीच समर धीरे से उठता हैं और माही के पीछे जैसे ही गया तो उसकी नजर माही की चूत पर पड़ी जिसमें से रस टपक रहा था।

समर अपने होश खो बैठा और उसने अपने लंड पर अच्छे से थूक लगाकर उसे माही की चूत से करीब ले गया। रस से माही की चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी। समर ने सुपाड़े को उसकी चूत के ठीक सामने रखा और अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाते हुए उसके बालो को पकड़ लिया ।
 
उससे पहले कि माही कुछ समझ पाती समर ने एक बहुत तगड़ा धक्का उसकी चूत पर जड़ दिया जिससे पूरा पूरा मोटा लंबा लोला एक ही बार में उसकी चूत को फाड़ते हुए अंदर घुस गया। जैसे ही लंड अंडर घुसा माही दर्द से तड़प उठी और आगे गिरने को हुई लेकिन समर ने उसे अच्छे से पकड़ रखा था जिस कारण वो माही गिर नहीं पाई और एक तेज दर्द भरी आवाज उसकी मैदान में गूंज गई ।

माही: आह समर, फाड़ दी मेरी चूत फिर से, ज़ालिम बता कर तो घुसाते।"

और समर से बिना देर किए उसे उसकी चूत में धक्के मारने शुर कर दिया। आज समर बहुत तेज धक्के लगा रहा था जिस कारण उसका पूरा जिस्म हिल रहा था ।

आज माही पहली बार इस पोजिशन में चुद रही थी और सिर्फ अभी उसकी दूसरी ही चुदाई थी। हर धक्के पर उसकी गांड़ आगे की और जाती जिससे उसकी चूत पूरी तरह से उपर उठ जाती मानो समर को और ज्यादा चोदने के लिए उकसा रही हो,

अभी उसकी चूत पूरी तरह से खुली नहीं थी जिस कारण लंड पुर फस कर जा रहा था और लंड की गांठे तो जैसे चुदाई में चार चांद लगा रही थी। जैसे ही मोटी गांठ अंदर घुसती माही की टाइट चूत उसे पूरी तरह से कस लेती और गांठ उसकी चूत को फाड़ने पर लगी हुई थी।

मजे के कारण उसकी आंखे बंद होने लगी और उसके मुंह से सिसकियां निकलने लगी।

माही: आह समर , बहुत अच्छा लग रहा है, और करो और वो और मजा लेने के लिए अपनी गांड़ उसके लंड पर धकेलने लगी।

समर अब लंड को सिर्फ सुपाड़े तक बाहर निकालता और पूरी ताकत से घुसा देता। वो पागलों की तरह बहुत तेज धक्के लगा रहा था। हर धक्के में अब पूरा लंड अंडर बाहर हो रहा था।

तभी धक्के इतनी तेज पड़ने लगे कि माही को लगा की चूत फट रही हैं और उसके पैर कमजोर पड़ने लगे तो उसने अपने दोनो हाथ पत्थर पर टिका दिए और अपनी गांड़ पूरी उपर को उठा दी जिससे उसकी चूत पूरी तरह से खुल कर बाहर उभार अाई जी पूरी तरह से चिकनी थीं।

माही ने तिरछी नजरो से समर के लंड को देखते हुए उसे इशारा किया तो समर ने आगे बढ़कर अपना लंड उसकी चूत पर टिका दिया और उपर से ही रगड़ने लगा। माही को अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था , लंड की रगड़ उसे पागल बना रही थी जिससे उसकी प्यास और बढ़ती जा रही थी।वो अपनी चूत उसके लंड पर धकेलने लगी मानो उसे खुद ही घुसा लेना चाहती हो लेकिन लंड उसकी टाईट चूत में घुस नहीं पा रहा था।

माही तड़पते हुए: प्लीज़ घुसा दो ना समर, देखो कैसे तड़प रही है " और इतना कहकर अपनी दोनो टांगे पूरी खोल चौड़ी कर ली।

समर ने एक धक्का लगाया और सुपाड़ा चूत को फैलाते हुए अंदर घुस गया तो माही किय जैसे सुकून मिला।

समर ने सुपाड़े से ही धक्के मारने शुर कर दिए और अपने दोनो हाथ आगे ले जाकर उसकी चूचियां पकड़ ली और निप्पल मसलने लगा। माही सिसक रही, तड़प रही थी, अपनी चूत लंड पर मार रही थी मानो खुद चूत चुदाना चाह रही हो।

माही: समर , क्यों तड़पा रहे हो? चोद दो मुझे , मार लो मेरी चूत, डिलखाओ ना लंड का दम" ।

माही अपना एक हाथ चूत पर ले जाकर अपनी चूत के होंठो को पूरा फैला देती हैं और उसके लंड को हाथ से पकड़ कर अंदर घुसाने लगती हैं

समर अब जोश में आ जाता है और अपने लंड का एक जोरदार धक्का लगाता है और लंड घप से चूत के अंदर। धक्का इतनी तेज था कि माही का पूरा जिस्म थर्रा उठा और वो आगे जाकर पत्थर से लगते लगते बची और मजे उसे दर्द से उसका मुंह खुल गया: आह, सी ई ईई शैतान कहीं का , एक ही बार मैं पूरा घुस गया ये लोला , उफ्फ कितना दर्द देता है मस्ती भरा"

समर जोश में आ जाता हैं और फिर से पूरा लंड निकालकर एक ही धक्के में घुसा देता है।

माही: हाय , मार ही दोगे क्या आज " क्या दुश्मनी हैं तुम्हारी मेरी चूत से " आह उफ़ अच्छा लग रहा है लंड तो।

माही की कसी हुई चूत लंड पर पूरी ग्रिप बना रही थी जैसे ही लंड बाहर आता उसके साथ ही चूत के होठ भी उल्टे होकर लंड के साथ ही बाहर आते मानो उसे छोड़ना ही ना चाह रहे हो।

अब समर ने पूरी ताकत से धक्के लगाने शुरु कर दिया, हर धक्के पर चूत कि दीवारों हिल जाती , माही आज मस्त होकर चुद रही थी वो खुद अपनी चूत लंड पर मारती । चूत अब पूरी चिकनी हो गई थी और लंड पूरी रफ्तार से अंदर बाहर हो रहा था जिस करण माही की पूरी गांड़ थिरक रही थी। दोनो की मादक सिसकियां गूज रही थी जी माहौल को पूरा चूदासा बना रही थी।

तभी समर के धक्के बिजली की गति से पड़ने लगे मानो उसकी चूत का हलवा बन देना चाहता हो। माही के मजे की कोई सीमा नहीं थी जितना तेज धक्का पड़ता उसके मुंह से उससे कहीं ज्यादा तेज सिसकी निकल पड़ती।

माही: आह समर, मेरी चूत कितना मजा दे रही हैं लंड को, चोद लो आज , पूरा चोद लो, बहुत तड़प रही थी चूत "

अब समर को लगा कि उसका निकलने वाला है तो उसने अपने लंड को पूरा बाहर निकाला और माही की आंखो में देखते हुए अपना आखिर वार कर दिया उसकी चूत पर तो माही ने भी जोर से अपने टांगे भींच ली और दोनो एक साथ ही झड़ गए।

समर माही की कमर पर ही ढेर हो गया। कुछ देर ऐसे ही लेटे रहने के बाद जैसे ही दोनो की सांस नॉर्मल हुई समर ने माही को पानी में ले जाकर अच्छे से रगड़ रगड़ कर इसका जिस्म साफ किया । दो बार हुई तगड़ी चुदाई से चूत पूरी तरह से सूज गई थी जिसका कारण वो लाल हो चुकी थी।

समर ने उसकी चूत को पूरी तरह से साफ किया और फिर उसे गोद में उठाकर बेड पर ले आया।

और दोनो ऐसे ही लेट गए ।
 
समर ने उसकी चूत को पूरी तरह से साफ किया और फिर उसे गोद में उठाकर बेड पर ले आया।

और दोनो ऐसे ही लेट गए ।

रात को समर की आंखे खुली तो उसने देखा कि उसका लन्ड माही की चूत पर लगा हुआ है । माही गहरी नींद में हैं और मुस्कुरा रही है कितनी प्यारी है उसकी जान। वो एक किस उसके लिप्स पर करता है और उसकी टांगे खोलकर उसकी चूत को अच्छे से गीली करके उसकी दोनो टांगो के बीच में आ जाता हैं और लंड को उसकी चूत पर टिकाकर एक तगड़ा धक्का मार दिया।

जैसे ही लंड अंडर घुसा दर्द से माही की आंख खुल गई और उसने देखा कि पूरा लंड फिर से चूत में घुसा हुआ है तो उसने शिकायत भरी नजरो से समर की और देखा मानो उसे कह रही हो कि नींद में क्यों घुसा दिया कम से कम जगा तो देते।

एक बार फिर से लंड चूत की लड़ाई छिड़ गई और कभी लंड भारी तो कभी चूत भारी पड़ रही थी। माही फिर से चुद रही थी और उसकी चूत फिर से उसे मजा दे रही थी। समर ने उसे खूब रगड़ रगड़ कर चोदा, जितनी कठोरता से चोद सकता था चोदा, उठा उठा कर चोदा, और माही उससे भी कहीं ज्यादा जोश से चुदती चली गई।

फिर समर ने आखिरी धक्का इतनी तेज मारा की माही की आंखो के आगे चांद तारे नाच गए और दोनो एक साथ सिसकते हुए फिर से झड़ गए ।

सारी रात माही की चूत फड़फड़ाती रही मानो अपनी सारी प्यास आ ही बुझा लेना चाहती हो और समर का लंड तो जैसे आज पूरे उफान पर था उसने माही की दीवारों को हिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सुबह जैसे ही दोनो की आंखे खुली तो दोनो नंगे पड़े हुए थे । समर ने माही को उठाया और दोनो नदी में खूब अच्छे से नहाएं । उसके बाद दोनो कपडे पहन कर जैसे ही गुफा के मुंह के पास पहुंचे तो एक तेज आवाज के साथ फिर से गुफा का मुंह खुल गया और दोनो बाहर निकल आए

जैसे ही दोनो बाहर आए तो दोनो कबीले के लोगो ने माला पहनाकर उनका स्वागत कुछ ऐसे किया मानो उनका ही इंतजार कर रहे हो। दोनो को आश्चर्य हो रहा था और खुशी भी हो रही थी। माही तो शर्म से आंखे नहीं उठा पा रही थी क्योंकि वो जानती थी कि वो आज दबकर चुदी हैं और सब उसे बहुत प्यारी नजर से देख रहे थे।

भीमा: आज से दोनो कबीलो के सरदार आप हैं समर , जैसे आप कहोगे आज से वैसा ही होगा

समर: ठीक है, आज के बाद किसी भी लड़की को दांव पर नहीं लगाया जाएगा। दोनो कबीले प्यार से रहेंगे और अपनी सब दुश्मनी भूल जाएंगे।

फिर ऐसा ही हुआ और समर और माही दोनो अपने कबीले में बने हुए घर में आ गए। चुदाई, चुसाई, के कारण माही के गोरे जिस्म पर लाल निशान पड़ गए थे जो राम्या से ना छुप सके ।

राम्या: बताओ आज से आप मेरी बुआ हुई या भाभी ?

माही शर्मा जाती है और चेहरा नीचे कर लेती हैं, राम्या उसका मुंह उपर उठाती हैं और फिर से पूछती है तो माही शरमाते हुए: भ भाभी।

और इतना सुनते ही राम्या उसे गले लगा लेती हैं और एक किस उसके गाल पर कर देती हैं।

राम्या: भाभी एक बात पूछूं?

माही: जी पूछो मैडम

राम्या : ये आपके गले पर लाल निशान कैसे है! किसी मच्छर ने तो नहीं काट लिया ?

माही का चेहरा शर्म से लाल हो गया जिस करण राम्या सब समझ गई।

लेकिन फिर भी छेड़ते हुए: बताओ मेरी दुल्हन भाभी!

माही: जाओ बेशर्म कहीं की। मुझे नहीं पता और दोनो हाथो से अपना चेहरा छिपा लेती है।

राम्या: बताते हुए इतनी शर्म ।ये भगवान क्या होगा मेरी भाभी का ।

माही कुछ नहीं बोलती है और बाथरूम में घुस गई नहाने के लिए।

उधर काम्या अंदर आ चुकी थी और अपनी दुल्हन के बाहर आने का इंतजार करने लगी। जैसे ही नहाकर माही बाहर आयि तो वो किसी ताजे खिले हुए गुलाब की लग रही थी।

काम्या को एहसास हुआ कि माही सच में बहुत खूबसूरत हैं।

लेकिन माही लंगड़ा कर और धीरे धीरे चल रही थी । डर असल पूरी रात हुई दमदार चुदाई के कारण माही की चूत पूरी तरह से सूज गई थी और उससे सही से चल नहीं जा रहा था।

काम्या: क्या हुआ माही ? सब ठीक तो है लंगड़ा कर क्यों चली रही हो ,?

लेकिन माही लंगड़ा कर और धीरे धीरे चल रही थी । डर असल पूरी रात हुई दमदार चुदाई के कारण माही की चूत पूरी तरह से सूज गई थी और उससे सही से चल नहीं जा रहा था।

काम्या: क्या हुआ माही ? सब ठीक तो है लंगड़ा कर क्यों चली रही हो ,?

ये सुनते ही माही की तो जैसे बोलती बंद हो गई, उसका चेहरा शर्म से झुक गया और सुर्ख हो उठा।

काम्या सब समझ गई और मुस्कुरा दी ।माही और काम्या आपस में थोड़े खुले हुए थे इसलिए काम्या मजाक करते हुए बोली: हालत देख कर लग रहा हैं कि तगड़ी सुहाग रात मना कर अाई हो, देखो तो क्या हाल कर दिया शैतान ने तुम्हारा ।

माही ये सुनते ही शर्मा गई और तेजी से काम्या के गले लग गई।
 
काम्या: माही मैं बहुत खुश हूं तुम्हे अपनी बहू के रूप में पाकर, भगवान तुम्हे हर बला से बचाए।

काम्या ने उस रात माही को अपने साथ सुलाया ताकि उसकी चूत की सूजन ठीक हो जाय। मन तो माही का समर के साथ ही सोने का था मगर क्या करती और समर तो उससे भी ज्यादा तड़प रहा था।

माही और काम्या दोनो सो चुके थे। अचानक रात को काम्या की आंख खुली तो उसने देखा की माही का नाइट सुट घुटनों तक ऊपर चढ गया है और इसकी गोरी टांगे दिख रही है।

जैसे ही उसकी नजर थोड़ी उपर गई तो उसने देखा कि चूत पूरी उभर कर उठी हुई है मानो बाहर निकलना चाह रही हो ।

वो एक बार माही की तरफ देखती हैं जो रात भर हुई चुदाई के कारण अब आराम से सो रही थी।

काम्या की सांसे तेज होने लगी थी , उससे जब रहा नहीं गया तो उसने धीरे से माही का नाइट सूट नीचे किया । जैसे ही सूट नीचे आया उसकी चूत काम्या की आंखो के सामने थी।

उफ्फ ये भगवान , क्या हाल बना दिया चूत का, देखो कैसे सूज गई है, एक ही रात में कैसे दोनो होंठ फैला दिए, ऐसा लग रहा है जैसे कई सालो से चुद रही हो।

उफ्फ कितनी तगड़ी चुदाई हुई होगी चूत कि सारी रात। में इतने दिन से चुद रही हो मेरी चूत का आज तक ऐसा हाल नहीं हुआ । उफ़

जैसे ही ये ख्याल उसके मन में आया तो उसने चूत गीली होने लगी।

चूत गीली होते ही उसने चूत से सोचना शुरू कर दिया" कितना बड़ा और मोटा लन्ड होगा जिसने इसकी चूत का हुलिया बिगाड़ दिया,

क्या समर का लंड बहुत ज्यादा तगड़ा हैं , चूत की बिगड़ी हुई हालत से तो ऐसा ही लग रहा हैं, कितना मजा आया होगा उसे जब वो पूरा घुसा होगा, उफ्फ मैं ये क्या सोच रही हूं मेरा सगा बेटा हैं वो तो।

काम्या को चूत अब पूरी गीली हो गई थी तो उसने जोश में आते हुए अपनी

अपनी गीली चूत में एक उंगली घुसा ली और अंदर बाहर करने लगती हैं ।

उसका जिस्म उंगली पर थिरक रहा था और माही की फटी हुई चूत देख कर वो लंड की लंबाई चौड़ाई का अनुमान लगा रही थी, सेक्स अब उसके सिर चढ गया था।

हाय उंगली से ही इतनी मजा सा रहा हैं अगर समर जैसा मोटा लंड उसकी चूत में घूसेगा तो वो तो उसकी चूत को ज़न्नत दिखा देगा। ये सोचते ही उसकी उंगलियों की स्पीड बढ़ती गई और जैसे ही उसकी चूत झड़ने लगी तो मजे से उसका मुंह खुल गया: उफ्फ ,हाय री समर का लंड , कितना मजा देगा , हाय गई मैं तो।

और उसकी चूत से पानी की नदिया बह उठी।

जैसे ही वो होश में अाई तो उसे सही गलत का फर्क समझ आ गया और उसे खुद पर शर्म महसूस होने लगी। उसने माही का सूट उपर किया और सो गई।

अगले दिन सुबह करण जल्दी उठ गया था और तैयार हो हुए क्योंकि उसे शहर वापिस लौटना था।

राम्या, काम्या ,समर माही सब तैयार हो चुके थे।

कबीले के लोगो को जैसे ही पता चल कि सब लोग वापिस जा रहे हैं तो सबने घर के बाहर शोर मचाना शुरू कर दिया।

करण शोर सुनकर बाहर आया तो लोगो ने बताया कि वो अभी उन्हें नहीं जाने देंगे। अभी कुछ दिन और उनके साथ ही रुके।

करण उन समझाता है कि इसके ऑफिस का काम रुका हुआ है और साथ ही दूसरे बहुत से जरूरी काम भी इसलिए जाना उसकी मजबूरी है

करण आखिरकार लोगो को समझाने में कामयाब हो गया कि उसका शहर जाना जरूरी है क्योंकि उसके ऑफिस के सारे काम छूटे हुए पड़े हैं ।

लेकिन अब समस्या थी करण के खाने की ।

यूं तो वो बाहर भी खा सकता था लेकिन घर में बाहर खाना खाने की परंपरा नहीं थी।

करण: मैं , काम्या और राम्या चल पड़ते हैं शहर और माही, समर दोनो यहीं रह जाएंगे।

काम्या: अरे समर और माही अभी बच्चे हैं और ना ही वो यहां किसी को जानते हैं इसलिए उनके साथ मेरा रहना जरूरी हैं ताकि उन्हें कोई परेशानी ना आए।"

तभी काम्या के मन में एक विचार आया और उसने राम्या से पूछा: तुम्हारी क्लास कब से शुरू हो रही है ?

राम्या: मम्मी मेरी क्लास 2 दिन बाद ही शुरू हो जाएगी और मैं नहीं चाहती कि मेरी पढ़ाई छूटे"

काम्या: तो फिर ठीक है हो गया फाइनल , राम्या आप के साथ शहर जाएगी ताकि आपको खाने की भी समस्या ना रहे और उसकी पढ़ाई भी ठीक से हो सके।

जैसे ही काम्या ने अपनी बात खत्म करी तो राम्या और कारण दोनो की आंखे एक बार मिली और ना जाने क्यों दोनो ही मुस्कुरा दिए ।

दोपहर के बाद करण और राम्या निकल पड़े शहर की तरफ।

दर असल काम्या शहर नहीं जाना चाह रही थी क्योंकि जब से उसने माही की सूजी हुई चूत देखी थी तो रह रह कर उसके मन में एक ही बात आ रही थी कि कितना लंबा और मोटा होगा समर का लंड जिसने माही की चूत का एक रात की चुदाई में ही हुलिया बिगाड़ कर रख दिया । वो कम से कम एक बार लंड के दर्शन करने का लालच अपने मन से नहीं निकाल पा रही थी। हालाकि काम्या जानती थी कि ये सब गलत हैं और उसे ऐसा नहीं सोचना चाहिए क्योंकि समर उसका अपना सगा बेटा है , लेकिन वो अपने दिल के चलते मजबूर थी।

पिछले दो महीने से उसकी चुदाई नहीं हुई थी जिस कारण उसका जिस्म जल रहा था , मादकता उसके हर अंग से टपक रही थी और कल जब से उसने माही की चूत का हाल देखा था तो उसकी चूत में तितलियां मचल रही थी इसलिए वो सही गलत का फैसला भी नहीं कर पा रही थी और सिर्फ अपनी गीली चूत की बात मान रही थी ।
 
पूरा दिन समर और माही कबीले में घूमते रहे और लोगो से मिलते रहे ।हर कोई उन्हें पूरा मान सम्मान और प्यार दे रहा था। एक रात अच्छे से चुद चुकी माही की प्यास रात चुदाई ना होने के कारण भड़की हुई थी तो समर का लंड तो जैसे पागल ही हो रहा था , समर को जब भी मौका मिलता वो माही की चूचियां दबा देता और उसकी गांड़ पर सहला देता जिससे उनकी उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी ।

काम्या पूरे दिन उनके ही साथ थी। वो जान बूझकर ऐसे दिखाती की वो उन दोनों को नहीं देख पा रही है और समर और माही इसका पूरा फायदा उठा रहे थे, वो दोनो किस करते, तो कभी माही उसका लन्ड दबा देती तो कभी समर उसकी गांड़ को भींच देता।

और उनकी ये कामुक छेड़ छाड़ देख कर काम्या की चूत भी उछल रही थी, तड़फ रही थी, मचल रही थी, ।

धीरे धीरे रात गहराने लगी और अब घर के अंदर सिर्फ काम्या , माही और समर बच गए थे।

घर में अंदर सिर्फ एक कमरा बना हुए था और बाहर एक गैलरी थी।

काम्या ने अपना बिस्तर बाहर लगा दिया और समर और माही अंदर सोने चले गए तो उन्होंने देखा कि पूरा कमरा फूलों से सजा हुआ हैं और मस्त परफ्यूम की तेज गंध पूरे कमरे में फैली हुई है उफ्फ माही तो जैसे मदहोश ही हो गई और उसने समर को अपनी बांहों में भर कर अपने होंठो को उसके होंठो से चिपका दिया और चूसने लगी , समर भी कहां पीछे रहने वाला था उसने भी उसके होठ चूसते हुए अपने दोनो हाथ उसकी गांड़ पर ले जाकर जोर जोर से दबाने लगा।

किस करते करते ही दोनो के कपड़े उतरते चले गए और अब दोनो बिल्कुल नंगे थे। जल्दबाजी और पूरी दिन की तड़प की वजह से वो गेट भी बंद करना भूल गए थे।

समर ने उसे अपनी बांहों में उठाकर बेड पर लेटा दिया और उसकी चूचियां हाथो में भर कर कस कस कर दबाना शुरु कर दिया जिस कारण माही को सुख की अनुभूति होने लगी और उसकी चूत रस बहाने लगी।

समर ने उसकी एक चूची को मुंह में भर चूसना शुरू कर दिया तो माही के मुंह से तेज मादक मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी जी बाहर लेटी काम्या के कानो में पड़ी तो उसके जिस्म में हलचल मच गई। उसकी सांसे भारी होने लगी और आंखे कामवासना से लाल हो गई। उसकी चूचियां अपने आप उपर नीचे होने लगी और प्यास बढ़ने के कारण उसका गला सूखता चला गया।

समर एक हाथ से माही की चूची दबा रहा था तो दूसरी को मुंह में भर कर चूस रहा था जिससे उसकी चूत तड़पने लगी और समर का लंड भी रोड की तरह तन चुका था। लंड पूरा खड़ा होकर नीचे चूत पर अड गया था जिस करण दोनो को बहुत मजा आ रहा था और उनकी सिसकियां पूरे कमरे में गूंज रही थी।

समर ने माही की चूचियों को जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया तो माही का मुंह मजे से खुलता चला गया: उफ्फ, आह आह सी सी आई ई री आह खा जाओ, पूरी निचोड़ दो आज ।"

जैसे ही बाहर काम्या ने ये सब सुना तो जोश में आते हुए उसके हाथ अपने आप ही अपनी चूची दबाने लगे और उसकी दोनो जांघें आपस में रगड़ खाने लगी जिसका असर उसकी चूत पर होने लगा ।

अब काम्या भी मस्त हो चुकी थी और उसने एक हाथ नीचे ले जाकर अपनी चूत में एक उंगली पूरी घुसा दी और सिसकते हुए अंदर बाहर करने लगी ।

उधर अब समर ने अपने तपते होंठ माही की चूत पर झुका दिए और उसकी चूत चाटने लगा जिससे वो पूरी गीली हो जाए ताकि लंड आसानी से घुस जाए।

जैसे ही चूत पर समर के होठं पड़े माही के मुंह से एक तेज आह निकालती चली गई।

माही: आह , मेरी चूत, उफ्फ हाय राम री , कितना अच्छा लग रहा है, मार दो आज मुझे ,जान लेलो मेरी , चाट जाओ सारी चूत :!

माही की सिसकियां सुनकर समर के जोश बढ़ता चला गया और वो अपनी जीभ अंदर घुसा घुसा कर उसकी चूत चूसने लगा ।

काम्या से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और वो उठकर चल पड़ी उनके कमरे की तरफ।

जैसे ही वो गेट पर पहुंची खुशी से उसकी आंखे चमक उठी क्योंकि गेट अच्छा खासा खुला हुआ था और अन्दर जल रही लालटेन की रोशनी में वो दोनो पूरे नंगे साफ नजर आ रहे थे।

समर माही की चूत पर झुका हुआ था और माही ने अपने दोनो हाथो से उसका सिर अपनी चूत में घुसा रखा था ताकि समर अच्छे से उसकी चूत चूस सकें।

समर का शरीर बहुत तगड़ा लग रहा था बिल्कुल किसी सांड की तरह लेकिन एक दम परफेक्ट ।

माही: आह समर अब रहा नहीं जाता, घुसा दो अपना लन्ड मेरी चूत में जान, कल से तड़प रही है।जैसे ही समर उठा तो उसका भयंकर लंड हवा में लहराते हुए काम्या की आंखों के सामने आ गया ।

काम्या का मुंह और चूत दोनो एक साथ खुल गए लंड का आकार देख कर। है भगवान क्या ये सचमुच लंड हैं वो यकीन नहीं कर पा रही थी, कितना लंबा और मोटा है, सुपाड़ा कितना मोटा और लाल सुर्ख हैं, लंड बुरी तरह से खड़ा हुआ था जिस कारण उसकी नसे साफ उभर कर सामने आ रही थी। करण का लंड तो इसके सामने आधा ही लग रहा था काम्या को जबकि करण का लंड अच्छा खासा मोटा और लंबा था, ये माही की चूत में कैसे घूसेगा ये सोच कर ही काम्या की चूत रस छोड़ने लगी।

तभी उसकी नजर लंड में पड़ी हुई गांठो पर गई तो उसके दिल तेजी से धड़क उठा। हाय ये कैसा भालू जैसा लंड हैं मेरे बेटा का, इतनी मोटी गांठ अंदर कैसे घुसती होगी, इसलिए ही माही की चूत इतनी फैल गई है।

लंड तो बिल्कुल फस कर जाता होगा, कितना मजा आता होगा जब गांठ चूत की दीवारों को रगड़ती होगी।

ये सब सोच सोच कर काम्या का बुरा हाल हो चुका था और उसकी चूत से निकले रस के कारण उसकी जांघें पूरी गीली हो चुकी थी।

समर अपना अपना लन्ड माही की मुंह के सामने कर देता हैं तो माही उसके लंड को मुंह में भर कर चूसने लगी।

समर की आंखे मजे से बंद हो गई और उसने एक धक्का मारकर अपना आधा लंड उसके मुंह से घुसा लिया और माही का मुंह अच्छे से खुलता चला गया और वो लंड को जोर जोर से चूसने लगी।

काम्या बाहर खड़ी थी जहां पूरा अंधेरा था जिस कारण समर और माही को नहीं पता चल रहा था। काम्या ने तपड़ते हुए एक उंगली चूत में घुसा कर अच्छे से रस से गीली करके मुंह मैं डालकर चूसने लगी।

उधर माही अब बेड पर लेट चुकी थी और समर उसकी टांगो के बीच में आ चुका था।

लंड चूसे जाने के कारण आधे से ज्यादा गीला हो गया था और चूत तो जैसे आज नदिया बहा रही थी, माही ने लंड को अपने हाथ से पकड़ कर चूत के छेद पर रखा और नीचे से अपनी गांड़ उठाते हुए एक तेज धक्का लगाया जिससे लंड का मोटा सुपाड़ा चूत को खोलते हुए पूरा अंदर घुस गया।
 
समीर सीधा घर पहुँच गया। पापा मम्मी आ चुके थे।

नेहा- "अरे... भइया आओ देखो, मेरी होने वाली भाभी कैसी है?" नेहा के हाथ में एक फोटो था।

समीर- “मम्मी मुझसे तो पूछ लेती पहले?"

अंजली- क्यों बेटा, क्या कोई और लड़की पसंद कर रखी है तूने?

तभी समीर को संजना की बहन दिव्या का चेहरा याद आ गया। समीर बोला- “मम्मी पहले नेहा के लिए लड़का ढूँढ़ लो, उसके बाद मेरी सोचना..."

नेहा- “भइया मुझे नहीं करनी शादी वादी..." और दोनों भाई बहन में नोक झोंक चलती रही।

पापा फोटो समीर को दिखाते बोले- “समीर बेटा, पहले इस फोटो को तो देख ले। उसके बाद लड़ना तुम दोनों..."

समीर ने फोटो पर नजर डाली। लड़की तो खूबसूरत थी। मगर दिव्या की बात ही कुछ अलग थी। फिर भी समीर की जिंदगी का सवाल था, सोचने के लिये कुछ वक्त चाहिए था।

समीर- पापा मुझे एक महीने का टाइम चाहिए। इतने हम नेहा के लिए भी लड़का ढूँढ लेंगे।

पापा- बेटा सिर्फ एक महीना... एक भी दिन ऊपर हुआ तो मैं लड़की वालों से हाँ कर दूंगा।

समीर- “जी ठीक है पापा...” और फिर सबने मिलकर डिनर किया।

रात को समीर अपने बेड पर लेटा सोच रहा था- "कैसे दिव्या से अपने प्यार का इजहार करूं? क्या दिव्या मेरा प्यार कबूल करेगी? और कहीं दिव्या ने संजना मेडम को बोल दिया तो क्या होगा? संजना मेडम नाराज हो गई तो मेरी नौकरी भी जा सकती है। क्या करूं मेरे पास तो टाइम भी नहीं है। अगर मेरे प्यार में सच्चाई है तो दिव्या सिर्फ मेरी होगी..." और यही सब सोचते-सोचते कब समीर की आँख लग गई, पता नहीं चला।

सुबह 8:00 बजे नेहा ने आकर समीर को उठाया- “भइया कब तक सोते रहोगे? कंपनी नहीं जाना आपको?"

समीर ने आँखें मलते हए नेहा को देखा- उफफ्फ... शार्ट टी-शर्ट और हाफ निक्कर में नेहा को देखकर समीर का लण्ड सुबह-सुबह झटके मार रहा था। समीर ने टाइम देखा- “ओह गोड... आज तो मैं लेट हो जाऊँगा..." और जल्दी से बाथरूम में घुस गया।

समीर- "नेहा प्लीज्ज... मेरे कपड़े पकड़ा दे...”

नेहा ने अलमारी से भाई के कपड़े निकाले, और पूछा- “भइया अंडरवेर भी चाहिए?"

समीर- हाँ और बनियान भी ले आ।
 
समर अब पूरी ताकत से लंड को अंदर बाहर करने लगा, माही भी उसका साथ देने लगी अपनी गांड़ उछाल उछाल कर।

दोनो पूरी ताकत से लगे हुए थे, समर ने एक तकिया उसकी गांड़ के नीचे रखा दिया जिससे चूत उभार कर उपर आ गई , समर ने फिर से एक धक्के मारा और लंड पुर अंदर।

माही: आह , और जोर से चोदो , मार दो मेरी चूत आज , रात से तड़प रही थी ,

समर का हर धक्का अब उसकी चूत पर पहले से ज्यादा तेज पड़ रहा था, चूत का बुरा हाल हो चुका था, लेकिन माही पूरी ताकत से चुद रही थी।

माही: आह समर जल्दी करो, तेज करो मुझे चूत में कुछ हो रहा हैं आह री

समर ने पूरी रफ्तार से उसे चोदना शुरू कर दिया और माही भी सिसकते हुए उसका साथ देने लगी।

फ़्च फ़च फ़च की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी, माही को लगने लगा कि उसका जिस्म पूरा कांप रहा है और चूत छूटने वाली हैं तो उसने जोर से अपने दोनो हाथ से समर को कसते हुए अपनी चूत लंड पर उछाल दी और झड़ती चली गई।

माही: आह मर गई मेरी चूत, आह री , ये कैसा मजा हैं, उफ्फ हाय।

काम्या ने जैसे ही माही की सिसकियां सुनी उसने अपने दो उंगलियां एक साथ चूत में घुसा ली और मजे से तड़पते हुए

अंदर बाहर करने लगी और माही के साथ ही काम्या की चूत ने भी पानी छोड़ दिया।

काम्या: आह उफ़ , समर का लंड , चोद दिया मुझे मा री,

उधर जैसे ही माही का स्खलन बंद हुआ समर ने फिर से धक्के लगाने शुर कर दिए ।

माही: आह बस करो मेरी जान, दर्द होता है ,

लेकिन समर ने उसे उठा कर गान्ड से पकड़ते हुए बेड़ पर घोड़ी बनाकर झुका दिया और अपने लंड को उसकी चूत पर सेट करके एक ही धक्के में पूरा अन्दर घुसा दिया।

माही: आह , मार ही दोगे क्या आज, क्या दुश्मनी हैं तेरी चूत से "

समर ने अपने दोनो हाथ से माही के बाल पकड़ लिए और पागलों की तरह उसकी चूत पर तगड़े धक्को की बरसात करने लगा ।

माही का चूत फिर से गर्म होने लगी और वो भी अपनी गांड़ हिलाने लगी,

समर के हर धक्के पैर ऐसा लग रहा था मानो वो खुद ही उसकी चूत में पूरा घुस जाना चाहता हो।

माही की सिसकियां फिर से गूंज रही थी , चूत पर पड़ा हर धक्का इतना तेज होता कि इसे लगता की वो बेड पर गिर जाएगी लेकिन समर उसके बाल पकड़ कर उसे लंड पर पीछे की ओर खींचता जिससे पूरा लन्ड फिर से अंदर घुस जाता पूरा जड़ तक।

माही: आह समर, चोद दिया फिर से मुझे, पूरा घुस रहा है हर बार , आह री मा।

काम्या भी फिर से गर्म होने लगी और उसकी उंगली फिर से घुस गई चूत में। ऐसी दमदार चुदाई उसकी आज तक नहीं हुई थी, हाय समर कैसे पागल सांड की तरह माही की चूत को चोद रहा है , काश ऐसा लंड मेरी चूत को भी फाड़ से तो कितना अच्छा लगेगा।

माही के मजे की आज कोई सीमा नहीं थी, ऐसी चुदाई तो उसकी सुहागरात में भी नहीं हुई थी , उसका जिस्म काबू से बाहर आ गया था , वो सिसक रही थी, मचल रही थी, उछल रही थी, तड़प रही थी और लंड कि रगड़ उसे और मजा दे रही थी

माही: आह , मारो मेरी चूत, और मारो, चोदो मुझे पूरा चोदो , अंदर तक घुसा घुसा कर चोदो।

समर तेजी से चोदते हुए: हाय कितनी टाइट चूत हैं, लगता हैं जैस पहली बार लंड घुस रहा है, ले और ले लंड मेरी जान,

और समर अब पागल हो उठा और इतनी तेज धक्के लगाने लगा कि पूरा बेड हिल रहा था, और माही हर धक्के पर उछल रही थी।

तभी माही की चूत फिर से कांपने लगी और और इस बार जैसे ही समर ने धक्का मारा तो उसने बेड पर से हाथ हटा दिए और बेड पर गिर गई और समर सीधा उसका उपर गिरा जिससे लंड पूरी गहराई तक चूत में समा गया और इसके साथ ही दोनो झड़ते चले गए।

उधर काम्या की टांगे भी कमजोर पड़ती गई और वो भी गिरती गई , उसकी चूत ने फिर से रस बहा दिया।

करण और राम्या दोनो शहर की तरफ चल पड़े। करण गाड़ी चला रहा था और राम्या उसके बराबर वाली सीट पर बैठी हुई थी।दोनो ही आज बेहद खुश थे , राम्या को अपने पापा के साथ रहना अच्छा लगता था तो करण भी उसे बहुत प्यार करता था क्योंकि वो उसकी लाडली बेटी थी और अपने पापा का बहुत ध्यान रखती थी।

दोनो चुप चाप बैठे हुए थे तभी राम्या खामोशी तोड़ती है: पापा आखिरकार समर भाई ने माही भाभी को बचा ही लिया।"

करण जैसे ही भाभी शब्द सुनता हैं तो हैरानी से उसका मुंह खुला का खुला रह गया और उसने एक बार राम्या की तरफ देखा जैसे कि उसने कोई बहुत बड़ी गलती कर दी हो !

राम्या: पापा ऐसे घूर कर क्या देख रहे हो , अब मेरे भाई की पत्नी तो मेरी भाभी हो होगी ना।

करण: हान, बात तो ठीक है तुम्हारी लेकिन कुछ अटपटा सा नहीं लग रहा है ?

राम्या: वो तो लग रहा है पापा लेकिन साथ ही मैं खुश भी हूं कि आखिर कार माही को उसका जीवन साथी मिल ही गया वो भी समर भाई जैसा प्यार करने वाला।

करण कोई जवाब नहीं देता और गाड़ी चलाता रहता हैं।

राम्या: पापा आपने पहले कभी नहीं बताया था कि हमारा संबंध एक जंगली कबीले से हैं !

करण: मैं कभी नहीं चाहता था कि तुम सबको पता चले क्योंकि मैं खुद नियम तोड़ने के कारण कबीले से निकाल दिया गया था ।और नियम भी इतने गंदे कि एक लड़की को शादी के बाद 30 दिन तक अलग अलग लोगो के साथ सोना पड़े , इसलिए मैंने इस नियम का विरोध किया और जिसका नतीजा ये हुआ कि मुझे बाहर निकाल दिया गया ।
 
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