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Guest
अंधेरा तो बहुत था। जब मुझे पता नहीं चला तो उन्हें कैसे पता चला होगा। लेकिन मम्मी माही के बिस्तर पर नंगी क्यों लेती हुई थी और माही कहां है ? शायद माही मम्मी की जगह लेट गई होगी और मम्मी अंदर ।
मम्मी नंगी क्यों लेती थी और उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी , ओह मम्मी आज कल पापा से दूर हैं और उनको पापा की याद आती होगी इसलिए वो शायद नंगी लेट गई होगी ।
उफ्फ लेकिन मम्मी की चूत कितनी टाइट थी, बड़ी मुश्किल से सुपाड़ा घुसा था अंदर , ।
तभी उसे माही काम्या की सिसकियां याद आती हैं कि किस तरह वो तड़प उठी थी चूत में सुपाड़ा घुसने से और उसने तो खुद ही अपनी बांहे मेरे गले में डाल दी थी और मुझसे कितनी जोर से चिपक गई थी।
मम्मी कितनी तड़प रही हैं पापा के बिना, लगता हैं जैसे बिल्कुल प्यासी हैं ।
समर को अचानक से तेज झटका लगता है उफ्फ मैं क्या सोच रहा हूं अपनी ही मम्मी के बारे में । कितना गंदी सोच हैं मेरी , शायद मम्मी सपने में पापा से चुद रही होगी और इसलिए उन्होंने नींद में पापा समझ कर अपनी बांहों को मेरे गले में डाल दिया था।
इन्हीं विचारों में डूबा हुआ वो घर पहुंचा तो उसने देखा कि काम्या और माही दोनो गप्पे लड़ा रहे थे ।
वो अपनी मम्मी के पैर छुआ तो काम्या ने उसे गले से लगा लिया और इससे चिपक गई।
फिर समर अंदर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया। उसे याद आया। कि उसकी मम्मी ने आज उसकी कितनी जोर से गले लगाया था। आज से पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ था, । फिर उसे लगा कि ये सिर्फ उसके मन का वहम हैं ।
तीनो नाश्ते की टेबल पर बैठे हुए नाश्ता कर रहे थे । माही बड़े प्यार से समर की तरफ देख रही थीं और स्माइल कर रही थी ।
जबकि समर और काम्या दोनो ही आज पता नहीं कहां खोए हुए थे।
नाश्ता खत्म हुआ और समर चल गया काम देखने जहां बाहर मजदूर लगे हुए थे।कबीले वाले बड़ी हैरानी से उन्हें काम करते हुए देख रहे थे ।
दोपहर को खाना खाने के लिए समर घर आया और सबने साथ में खाना खाया ।
खाना खाने के बाद काम्या बोली : माही आज में लीला के घर जा रही हूं, वो मेरी बचपन की दोस्त हैं और आज ससुराल से वापिस आयी हुई हैं।
माही: ठीक हैं मम्मी लेकिन शाम को जल्दी घर वापिस आ जाना।
जैसे ही काम्या गई तो समर ने अपना लंड बाहर निकाला और माही के मुंह के आगे कर दिया।
माही ने उसकी लंड को मुंह में भरकर चूसना शुरू कर दिया और जल्दी ही उसका पूरा लंड गीला हो चुका था।
काम्या कहीं नहीं गई थी वो तो उनकी चुदाई देखने के लिए तड़प रही थी ।उसकी चूत सुबह से ही जल रही थी, तड़प रही थी।
समर ने माही को वहीं खाने की टेबल पर झुका दिया और एक ही झटके के साथ उसकी सलवार और पैंटी बाहर को निकाल दिया और चूत पर अपने होठ जोड़ दिए और चूसने लगा। माही की चूत रस छोड़ने लगी और पूरी गीली हो गई तो समर ने पीछे आकर अपने लंड को उसकी चूत पर सेट किया और एक पूरी ताकत से एक तगड़ा धक्का मार दिया ।
धक्का इतना तेज था कि माही का जिस्म झेल नहीं पाया और आगे को हुआ लेकिन टेबल में जाकर अड गया और पीछे से पूरा लंड एक ही बार में पूरा जड़ तक अन्दर घुस गया।माही दर्द से तड़प उठी क्योंकि आज पहले बार एक ही धक्के में पूरा लंड घुसा था दोनो गांठो सहित।
माही;। आह री मा, मार गई चूत मेरी , पूरा घुस गया री एक ही बार में, आह , उफ्फ ।
इससे पहले कि माही कुछ संभलती समर ने पागलों की तरह उसकी चूत को ठोकना शुरू कर दिया दोनो हाथो से उसकी चूचियां दबाने लगा।
माही: आह, थोड़ा प्यार से , दर्द होता है समर, चूत फट गई री।
समर तो जैसे आज सांड बन चुका था, माही की टाइट चूत में लन्ड पूरा फस रहा था तो समर और जोश में धक्के मारने लगा।
हर धक्के में उसका पूरा लंड बाहर निकलताऔर फिर पूरा अंडर घुस जाता।
माही को भी अब मजा आने लगा और वो भी अपनी चूत लंड पर धकेलने लगी।
माही: उफ्फ, हाय कितना अच्छा लग रहा है, और चोदो , फाड़ दो पूरी, हाय मेरी चूत मारी गई आज तो फिर से।
समर उसकी सिसकियां सुनकर और जोश में आ गया और अपनी पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर माही का जिस्म टेबल से टकराता और टेबल थोड़ा सा और आगे खिसक जाती।
थोड़ी ही देर में टेबल दीवार से जा लगी और माही का जिस्म पूरी तरह टेबल से सट गया तो समर उसे और तेजी से चोदने लगा। अब पूरा लंड उसकी बच्चेदानी पर रगड़ रहा था जिससे माही की चूत में कम्पन होने लगा और वो झड़ने के करीब पहुंच गई, और तेजी से अपनी चूत लंड में घुसाने लगी।
माही:। आह समर मर गई मेरी चूत, ऑफ हाय भगवान आह गई में तो " और उससे चिपकते हुए झड़ गई।
मम्मी नंगी क्यों लेती थी और उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी , ओह मम्मी आज कल पापा से दूर हैं और उनको पापा की याद आती होगी इसलिए वो शायद नंगी लेट गई होगी ।
उफ्फ लेकिन मम्मी की चूत कितनी टाइट थी, बड़ी मुश्किल से सुपाड़ा घुसा था अंदर , ।
तभी उसे माही काम्या की सिसकियां याद आती हैं कि किस तरह वो तड़प उठी थी चूत में सुपाड़ा घुसने से और उसने तो खुद ही अपनी बांहे मेरे गले में डाल दी थी और मुझसे कितनी जोर से चिपक गई थी।
मम्मी कितनी तड़प रही हैं पापा के बिना, लगता हैं जैसे बिल्कुल प्यासी हैं ।
समर को अचानक से तेज झटका लगता है उफ्फ मैं क्या सोच रहा हूं अपनी ही मम्मी के बारे में । कितना गंदी सोच हैं मेरी , शायद मम्मी सपने में पापा से चुद रही होगी और इसलिए उन्होंने नींद में पापा समझ कर अपनी बांहों को मेरे गले में डाल दिया था।
इन्हीं विचारों में डूबा हुआ वो घर पहुंचा तो उसने देखा कि काम्या और माही दोनो गप्पे लड़ा रहे थे ।
वो अपनी मम्मी के पैर छुआ तो काम्या ने उसे गले से लगा लिया और इससे चिपक गई।
फिर समर अंदर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया। उसे याद आया। कि उसकी मम्मी ने आज उसकी कितनी जोर से गले लगाया था। आज से पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ था, । फिर उसे लगा कि ये सिर्फ उसके मन का वहम हैं ।
तीनो नाश्ते की टेबल पर बैठे हुए नाश्ता कर रहे थे । माही बड़े प्यार से समर की तरफ देख रही थीं और स्माइल कर रही थी ।
जबकि समर और काम्या दोनो ही आज पता नहीं कहां खोए हुए थे।
नाश्ता खत्म हुआ और समर चल गया काम देखने जहां बाहर मजदूर लगे हुए थे।कबीले वाले बड़ी हैरानी से उन्हें काम करते हुए देख रहे थे ।
दोपहर को खाना खाने के लिए समर घर आया और सबने साथ में खाना खाया ।
खाना खाने के बाद काम्या बोली : माही आज में लीला के घर जा रही हूं, वो मेरी बचपन की दोस्त हैं और आज ससुराल से वापिस आयी हुई हैं।
माही: ठीक हैं मम्मी लेकिन शाम को जल्दी घर वापिस आ जाना।
जैसे ही काम्या गई तो समर ने अपना लंड बाहर निकाला और माही के मुंह के आगे कर दिया।
माही ने उसकी लंड को मुंह में भरकर चूसना शुरू कर दिया और जल्दी ही उसका पूरा लंड गीला हो चुका था।
काम्या कहीं नहीं गई थी वो तो उनकी चुदाई देखने के लिए तड़प रही थी ।उसकी चूत सुबह से ही जल रही थी, तड़प रही थी।
समर ने माही को वहीं खाने की टेबल पर झुका दिया और एक ही झटके के साथ उसकी सलवार और पैंटी बाहर को निकाल दिया और चूत पर अपने होठ जोड़ दिए और चूसने लगा। माही की चूत रस छोड़ने लगी और पूरी गीली हो गई तो समर ने पीछे आकर अपने लंड को उसकी चूत पर सेट किया और एक पूरी ताकत से एक तगड़ा धक्का मार दिया ।
धक्का इतना तेज था कि माही का जिस्म झेल नहीं पाया और आगे को हुआ लेकिन टेबल में जाकर अड गया और पीछे से पूरा लंड एक ही बार में पूरा जड़ तक अन्दर घुस गया।माही दर्द से तड़प उठी क्योंकि आज पहले बार एक ही धक्के में पूरा लंड घुसा था दोनो गांठो सहित।
माही;। आह री मा, मार गई चूत मेरी , पूरा घुस गया री एक ही बार में, आह , उफ्फ ।
इससे पहले कि माही कुछ संभलती समर ने पागलों की तरह उसकी चूत को ठोकना शुरू कर दिया दोनो हाथो से उसकी चूचियां दबाने लगा।
माही: आह, थोड़ा प्यार से , दर्द होता है समर, चूत फट गई री।
समर तो जैसे आज सांड बन चुका था, माही की टाइट चूत में लन्ड पूरा फस रहा था तो समर और जोश में धक्के मारने लगा।
हर धक्के में उसका पूरा लंड बाहर निकलताऔर फिर पूरा अंडर घुस जाता।
माही को भी अब मजा आने लगा और वो भी अपनी चूत लंड पर धकेलने लगी।
माही: उफ्फ, हाय कितना अच्छा लग रहा है, और चोदो , फाड़ दो पूरी, हाय मेरी चूत मारी गई आज तो फिर से।
समर उसकी सिसकियां सुनकर और जोश में आ गया और अपनी पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर माही का जिस्म टेबल से टकराता और टेबल थोड़ा सा और आगे खिसक जाती।
थोड़ी ही देर में टेबल दीवार से जा लगी और माही का जिस्म पूरी तरह टेबल से सट गया तो समर उसे और तेजी से चोदने लगा। अब पूरा लंड उसकी बच्चेदानी पर रगड़ रहा था जिससे माही की चूत में कम्पन होने लगा और वो झड़ने के करीब पहुंच गई, और तेजी से अपनी चूत लंड में घुसाने लगी।
माही:। आह समर मर गई मेरी चूत, ऑफ हाय भगवान आह गई में तो " और उससे चिपकते हुए झड़ गई।