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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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भीमा उसका नंबर लेकर चला गया। राम्या को एहसास हुआ कि उसे कम से कम उसका नाम तो पूछ लेना चाहिए था। जैसे ही अंदर गई तो उसकी नजर करण पर पड़ी । उसका बाप आ चुका था और वो तेजी से दौड़ती हुई उससे लिपट गई। करण ने भी उसे गले लगा लिया।दोनो बाप बेटी एक दूसरे से लिपटे रहे। फिर राम्या अपनी तैयारी में लग गई और उसका बाप उसकी हेल्प करने लगा।

समर भी लोट आया था सुबह एयरपोर्ट से । अब घर पर कबीले के कुछ आदमी रह गए थे।

माही और सोनम भी लौट अाई थी ट्रेनिंग से और उन दोनों के चेहरे खुशी से खिले हुए थे।

माही अंदर आते ही दौड़ती हुई काम्या के गले लग गई।

काम्या: " अरे क्या बात हैं बहुत खुश लग रही हो दोनो। क्या हुआ मुझे भी बताओ कुछ"!

समर भी फ्रेश होकर बाथरूम से आ चुका था और उनकी बाते सुनने लगा।

माही : ट्रेनिंग के बाद जेमिमा मैडम ने एक टेस्ट लिया जिसमें सिर्फ तीन लोग पास हुए जिम्मे मैं और सोनम भी है। मैडम ने अपनी तरफ से तीनो को ट्रेनिंग के लिए एक महीने के लिए अमेरिका बुलाया हैं और वो अपनी खुद के खर्च पर। "

जैसे ही माही ने अपनी खुशी उन्हें बताई तो उस से ज्यादा खुशी समर और काम्या को हुई।

लेकिन ये बात बोलकर माही उदास हो गई और वो समर से लिपट गई ।

माही: मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी। मेरा सब कुछ आप हो।

सोनम हैरान हो गई क्योंकि उसे नहीं पता था कि माही और समर की शादी हो चुकी है।

समर उसे अपनी बाहों में कस लेता है और अपने गले लगा लेता हैं।

समर: मैं भी आपके बिना नहीं रह सकता लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम खूब नाम कमाओ।किस्मत ने तुम्हे अच्छा मोका दिया है इसे हाथ से मत जाने दो। बताओ कब जाना हैं ? मैं सब तैयारी कर दूंगा।

काम्या भी समर की हां में हां मिलाते हुए उसे अमेरिका जाने की सलाह देती है।

माही: हमे आज शाम को 3 बजे की फ्लाइट से निकलना होगा जेमिमा मैडम के साथ ही।

काम्या: ठीक हैं तुम दोनो जाने की तैयारी करो।

माही परिवार की इजाज़त मिलने के बाद जेमिमा मैडम को कॉल करके बता देती हैं कि वो दोनो उनके साथ जाएगी और उनका टिकट बुक करा दे।

उसके बाद सोनम अपने घर चली गई और माही अपना बैग पैक करने में व्यस्त हो गई।बैग पैक होने के बाद समर माही को लेकर मॉल में चला गया और उसे उसकी पसंद से ब्रांडेड कपडे, जूते, और जो कुछ भी माही ने पसंद किया वो सब कुछ दिलवाया। आज उसने माही के लिए अपने खजाने का मुंह पूरी तरह से खोल दिया था।माही को समर पर बहुत प्यार आ रहा था। उसने मॉल में ही उसे किस कर दिया। उसके बाद दोनो लौट चले घर की तरफ।

उधर घर पर आज काम्या की खुशी छुपाए नहीं छुप रही थी। जबसे उसने माही के जाने की बात सुनी थी उसका रोम खिल उठा था। खिले भी क्यों नहीं माही एक या दो माही बल्कि पूरे एक महीने के लिए जा रही थी। काम्या ने फैसला कर लिया था कि वो पूरे एक महीने अपने और समर के बीच किसी को नहीं आने देगी

हर रोज चुदेगी उससे , दिन में भी और रात में। पूरे घर में चुदेगी चाहे वो छत, बाथरूम , बेडरूम या किचेन हो।

काम्या ने माही के लिए तरह तरह की मिठाइयां बनाई और कुछ नमकीन आइटम भी तैयार कर दिए थे। समर और माही बाजार से आ चुके थे। नहा धोकर सबने साथ में खाना खाया और फिर काम्या किचेन में चली गई।

उसके जाते ही माही समर से चिपक गई। उसे जाने की खुशी तो थी लेकिन समर से दूर रहने का गम उससे कहीं ज्यादा था। वो किसी छोटे बच्चे की तरह उससे लिपटी हुई थी और समर भी उसकी भावनाओं को समझ रहा था इसलिए धीरे धीरे उसकी पीठ थपथपा रहा था।

माही उससे चिपके हुए प्यार से उसके कान में बोली:

" समर मेरा मन नहीं कर रहा है तुम्हे छोड़कर जाने के लिए, कैसे जियुंगी मैं तुम्हारे बिना वो भी पूरे एक महीने"

और ऐसा बोलकर पूरी ताकत से उससे लिपट गई। समर उसे और जोर से कस लेता हैं ।

समर उसके बालो मैं हाथ निकालते हुए: " माही मन तो मेरा भी नहीं लगेगा और चाहता हूं कि तुम कहीं मत जाओ लेकिन तुम्हे इससे अच्छा मौका फिर नहीं मिलेगा।'
 
समर की बात सुनकर माही प्यार से उसकी आंखो में देखती हैं और बोलती है:" मेरी जान मेरे लिए सबसे पहले तुम्हारी खुशी हैं , जैसा तुम चाहोगे वैसा ही होगा बस एक बार बोलकर तो देखो"!

समर को उस पर बहुत प्यार आता है और वो उसका गाल चूम लेता हैं। इस वक़्त उसे सिर्फ और सिर्फ माही याद थी बाकी सब कुछ वो भूल चुका था।

समर: माही मैं जानता हूं कि हम दोनों का एक दूसरे के बिना रहना मुश्किल है लेकिन सिर्फ एक महीने की ही तो बात है हालाकि तुम्हारे बिना एक एक पल सदियों के जैसा लगता है लेकिन फिर भी तुम्हे जाना चाहिए क्योंकि तुम्हे अपनी पत्नी कहलाने से कहीं ज्यादा फख्र मैं तुम्हारा पति कहलाने में करूंगा।"

( जब माही का बड़ा ज्यादा नाम होगा दुनिया में तो समर उसके पति के नाम दे जाना जाएगा।?

माही उसकी बात सुनकर खुश हो गई और उसके होंठ चूसने लगीं समर भी उसका साथ देने लगा और दोनो एक गहरी किस में डूब गए। फिर जैसे ही उन्हें काम्या के आने की आहट सुनाई दी तो वो नॉर्मल हो गए।

काम्या अंदर आ चुकी थी । 12 बज गए थे इसलिए उनका निकलना जरूरी था ताकि टाइम से एयरपोर्ट पहुंच सके।जल्दी ही वो तीनो एयरपोर्ट जा चुके थे और सोनम भी उन्हें वहीं मिल गई। एक और जहां माही खुश थी वहीं परिवार से दूर जाना का गम उसे सता रहा था। उसकी आंखे छलक पडी और वो समर के गले लग गई। काम्या भी उनका प्यार देख कर खुद को ना रोक सकी और वो भी उनसे लिपट गई और अपनी बांहे फैलाकर दोनो को गले लगा लिया ।

काफी देर तक वो ऐसे ही लिपटे खड़े रहे। लग रहा था जैसे वक़्त कहीं थम सा गया है। सोनम ने उन्हें बताया कि अब हमे अंदर एंट्री करनी होगी क्योंकि लॉगिन टाइम खत्म होने वाला था।

ना चाहते हुए भी तीनो को अलग होना पड़ा और माही उदास नजरो से उनकी तरफ देखते हुए अंदर की तरफ जाने लगी। तीनो की आंखो में आंसू आ हुए थे। माही एक बार फिर से दौड़कर अाई और समर से लिपट गई और उसका चेहरा चूमने लगीं काम्या भी उनका प्यार देख कर आत्म विभोर हो गई । उसने माही को 5 लाख का एक चेक दिया और बोली रख लो तुम्हारे काम आएंगे।

माही हैरत भरी नजरो से काम्या को देख रही थी क्योंकि उसने अपनी सारा जमा पूंजी उसके हाथ में थमा दी थी। काम्या ने आगे बढ़कर माही को गले लगा लिया और बोली :

"माही और किसी भी चीज की जरूरत पड़े तो फोन पर बता देना , तेरे लिए तो मेरी जान भी हाज़िर हैं पगली।"

माही को आज पहली बार एहसास हुआ कि काम्या उससे कितना प्यार करती हैं। वो उससे लिपट गई। काम्या ने भी उसे कसकर अपने गले लगा लिया और उसका गाल चूम लिया।

फिर माही नम आंखों से उन्हें देखते हुए अंदर दाखिल हो गई और वो दोनो माही को देखकर जब तक हाथ हिलाते रहें तब तक वो उनकी आंखो से ओझल नहीं हो गई।

फिर वो दोनो वापिस घर की तरफ लौट पड़े। दोनो सच में उदास हो गए थे क्योंकि वो माही को बहुत प्यार करते थे।

तभी काम्या का फोन बज उठा तो उसने देखा कि राम्या की कॉल आ रही है। उफ्फ उसे आज राम्या के जाने के बाद पहली बार याद आया कि उसकी कोई बेटी और पति भी हैं।

उसने कॉल पिक किया।

काम्या: हाय बेटी कैसे हो तुम?

राम्या: मम्मी मैं ठीक हूं और आज आज रात को मेरी प्रतियोगिता हैं इसलिए आपका आशिर्वाद लेने के लिए फोन किया है।

काम्या खुश हो गई कि कम से कम उसके पति का ना सही लेकिन उसकी बेटी को तो उसकी याद अाई।

काम्या: बेटी मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है , तुम जीत कर ही वापिस आओगी। ।

राम्या : थैंक्स मम्मी , बाद में करती हूं आपको। बाय

काम्या: बाय बेटा , अपना ध्यान रखना।

और फोन काट देती हैं । दोनो घर की तरफ लौट पड़े। अभी तक उन दोनों में से किसी के भी मन में सेक्स का ख्याल नहीं आया था।

काम्या: बेटा अब हम घर पर कम से कम 3 दिन अकेले रहने वाले हैं। मैं चाहती हूं कि तुम हर वक़्त मेरे पास रहो , ना कोई जिम ना कोई मॉर्निंग वॉक और ना ही अखाड़ा।

समर : जो आप चाहोगी वैसा ही होगा। वैसे मम्मी आपकी ऐसी कोई इच्छा हैं क्या हो आपके मन में ही दबी रह गई और पापा पूरी ना कर पाए हो। "

काम्या बहुत प्यार से समर की तरफ देखती हैं ।

काम्या: क्या बात हैं आज कल बहुत ख्याल रख रहा है अपनी मा की इच्छाओं का , तेरे इरादे तो नेक हैं!!

और एक कामुक अदा के साथ अपने बेटे की तरफ देखते हुए अपना नीचे वाला होंठ दांतो से दबा देती हैं। समर तो ये सब देखकर मस्त हो गया ।

समर: मा मैं आपको हर खुशी देना चाहता हूं , आपको बहुत खुश देखना चाहता हूं, मुझे पता हैं आप बहुत तड़पी हैं मेरे लिए। बताओ मा ?

काम्या: बेटा मेरा समुंदर के बीच पर घूमने का बड़ा मन हैं जो पूरा नहीं हो पाया !!

काम्या के मुंह से इतना सुनते ही समर वापिस गाड़ी एयरपोर्ट की तरफ घुमा देता है तो काम्या हैरान हो जाती हैं ।

काम्या: अरे क्या हुआ बेटा ? गाड़ी क्यों घुमा दी!

समर उसके गाल पर एक किस करता है और उसकी आंखो में देखते हुए:

" क्योंकि हम घर नहीं मुंबई जा रहे हैं जहां आज हम पहले राम्या की प्रतियोगिता देखेंगे और फिर आपके साथ बीच पर मस्ती।".

काम्या का दिल खुशी से भर उठा। उसने अपने बेटे का माथा चूम लिया। । जल्दी ही वो फिर से एयरपोर्ट के अंदर थे। वो उनकी फ्लाइट उड़ चुकी थी मायानगरी के लिए।

एयरपोर्ट से निकल कर वो सीधे उस हॉल में पहुंच गए जहां प्रतियोगिता शुरू होने वाली थी। काम्या ने अपने चेहरे पर नकाब लगा लिया तो समर भी अपनी पहचान छुपाने के लिए दादी मुछ लगाकर पठान बन चुका।

राम्या आज बहुत खुश थी और उससे कहीं ज्यादा करण और शीला मैडम क्योंकि उन्हें पूरा यकीन था कि राम्या आसानी सा जीत जाएगी। आज राम्या का जबरदस्त मेक अप हुआ था।

एक दम खूबसूरत चेहरा, लाल सुर्ख रसीले नाजुक होंठ, गालों पर हल्की सुर्ख लाली, आंखो में गहरा काला काजल, कानो में भी सुन्दर टॉप्स , मोतियों से

उफ्फ किसी जन्नत की परी से कम नहीं लग रही थी, करण तो उसे बस पागलों की तरह घूरता जा रहा था।

राम्या तैयार हो चुकी थी और हॉल में जाने वाली थी। अभी कमरे में सिर्फ करण और राम्या बचे हुए थे। राम्या की आंखो में आज एक अलग ही चमक थी जिसे देखकर करण मन ही मन मुस्कुरा रहा था। राम्या अपने बाप के पास गई और उसके गले लग गई तो करण ने भी उसे अपने से चिपका लिया।

दोनो ऐसे ही एक दूसरे की धड़कने सुनते रहे।

करण धीरे से उसके कान में बुदबुदाया:

" बहुत खूबसूरत लग रही हैं मेरी गुड़िया, दुनिया में सबसे ज्यादा खूबसूरत " ।

राम्या अपने बाप के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर शर्म से लजा गई और अपनी पकड़ और मजबूत कर दी अपने बाप की कमर पर।

करण: देखना आज तुम्हे मिस इंडिया बनने से कोई नहीं रोक सकता, कल तक तुम्हे सारी दुनिया जान चुकी होगी।"

राम्या ऐसे ही उससे चिपके हुए बोलती हैं: सच पापा! क्या मैं सचमुच जीत जाऊंगी?

करण धीरे से उसे अपनी बांहों से आजाद करता हैं और फिर बहुत गौर से उसके चेहरे से लेकर पांव तक देखता हैं तो राम्या शर्म से पानी पानी होने लगती हैं।

करण: तुम तो बनी ही जीतने के लिए राम्या!!

अपने बाप मुंह से अपनी तारीफ सुनकर वो उसकी आंखो में देखते हुए उसके करीब आती हैं और फिर अपनी नजरे करण के होंठो पर टिका देती हैं तो करण उसका इशारा समझ गया और थोड़ा सा पीछे हट गया क्योंकि वो नहीं चाहता था कि राम्या का मेक उप खराब हो ।

राम्या निराशा भरी नजरो से उसे देखती है और बोलती हैं:

" पापा आपको ऑल द बेस्ट तो कहना चाहिए और मैं जाने से पहले आपको किस करना चाहती हूं उसके लिए!!

करण: बेटी मैं सिर्फ इसलिए पीछे हो गया था कि कहीं तुम्हारा मेक अप ना खराब हो जाए।

करण अपना पक्ष रखता हैं तो राम्या के होंठो पर स्माइल आ जाती हैं। वो करण के पास आती हैं और उसके दोनो हाथो को उसकी कमर पर रख देती हैं ।

राम्या: पापा आप अपने दोनो हाथ अपनी कमर से नहीं हटाएंगे , मैं अपने आप किस कर लूंगी और मेक अप भी खराब नहीं होगा।

अब राम्या उसकी आंखो में देखते हुए आगे बढ़ती है और अपने प्यारे नाजुक, रसीले होंठों को अपने सगे बाप के होंठो पर रख देती हैं । जैसे ही दोनो के होंठ टच हुए इस कोमल एहसास से दोनो की आंखे बंद हो गई।

अब राम्या ने करण के होंठो को चूसना शुरू कर दिया और अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में लपेट दिए। उफ्फ करण चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था क्योंकि उसके दोनो हाथ पीछे थे।
 
राम्या बहुत ही प्यार से उसके होंठो को चूस रही थी। कभी उपर वाले को तो कभी नीचे वाले को।

काफी देर तक किस करने के बाद जब दोनो की सांसे उखड़ने लगी तो मजबूरन राम्या को पीछे होना पड़ा। करण ने अपनी बेटी के माथे पर एक किस किया और दोनो चल पड़े हॉल की तरफ जहां आज राम्या की किस्मत दांव पर लगी हुई थी।

पूरा हॉल लोगो से खचाखच भरा हुआ था, कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी । जज आए और सभी लोग में खड़े होकर उनका अभिवादन किया और उसके बाद प्रतियोगिता शुरू हो गईं ।

कुल मिलाकर वहां 20 लड़कियां था जिनमें से किसी एक के ऊपर आज मिस इंडिया का ताज सजने वाला था। एक के बाद एक करके लड़कियां आने लगी और अपनी बेहतरीन ड्रेस में स्टेज पर कैटवॉक करने लगी। एक से बढ़कर एक बेहतरीन परफॉर्मेंस हो रही थी जिसे सभी लोग बहुत ध्यान से देख रहे थे।जज सभी को नंबर देते जा रहे थे। 18वे नंबर पर अपने बाप की चहेती राम्या अाई तो उसे देखते ही लोगो की आंखे खुली की खुली रह गई।

विधायक की लड़की मोना सिंह तो बेहोश ही हो गई क्योंकि उसे महसूस हो गया था कि अब इसका पता साफ हो जाएगा। राम्या ने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन स्वीकार किया और अपनी एक प्यारी सी स्माइल के साथ स्टेज पर अपने जलवे बिखेरने लगी। उसका अंग अन्फ्लग थिरक रहा था। लोग मत्रमुग्ध से हो गए । यही हाल कुछ जज की टीम का भी था।

उसके बाद बाकी बची हुई परफॉर्मेंस भी हुई और जल्दी ही सबकी परफॉर्मेंस खतम हो गई ।

काम्या एयर समर की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था राम्या का प्रदर्शन देखने के बाद।

उसके बाद विजेता के नाम की घोषणा होनी थी । सबसे पहले तीसरे नंबर की घोषणा हुई जो कि एक रेशमा नाम की लड़कियां को दिया गया। सभी लड़कियां और उनके अभिभावक दम साधे इंतजार कर रहे थे कि अब क्या होगा। फिर दूसरे नंबर की घोषणा हुई तो है इनाम मिताली सिन्हा नाम की एक लड़की को दिया क्योंकि उसने बहुत अच्छा परफॉर्म किया था। मिताली स्टेज पर अाई और अपना इनाम लिया , खुशी के मारे उसकी आंखे छलक रही थी।

अब बारी थी इस प्रतियोगिता के विजेता की जिस के सिर पर आज मिस इंडिया का ताज सजना था।

एंकर दर्शकों से बोलता हैं: अब सभी लोग दिल थाम कर बैठिए क्योंकि अब घोषणा होने वाली हैं उस सुंदरी के नाम की को आज मिस इंडिया का ताज अपने नाम करेगी।"

तो आप सोचिए और आइडिया लगाए और देखिए ये स्क्रीन जिस पर आपको नाम घूमते हुए नजर आएंगे और जिसके भी नाम पर स्क्रीन रुक जाएगी वो ही विजेता होगी।

तभी स्क्रीन पर पांच लड़कियों के नाम घूमने लगे जिनमें एक नाम राम्या का भी था। जैसे जैसे स्क्रीन घूम रही थी सभी की नजरें टिकी हुई हैं की आज किसकी किस्मत खुलने वाली हैं।

स्क्रीन की रफ्तार धीरे धीरे कम होने लगी और राम्या के नाम पर आकर धीमी हो गई लेकिन फिर से घूम गई तो राम्या की आंखो में निराशा साफ दिखाई दी क्योंकि अब उसका नाम पांच नाम के बाद आना था जबकि स्पीड कम हो चुकी थी। हर नाम पर लग रहा था कि जैसे स्क्रीन रुक जाएगी। फिर जैसे ही विधायक की लड़की का नाम आया तो स्क्रीन लगभग रुक सी गई जिसे देखकर विधायक की लड़की की आंखे में चमक आ गई। लेकिन अगले ही पल वो घूम गई जिससे अगली लड़की का नाम आ गया।

उसके बाद स्क्रीन एक बार फिर से घूम गई और राम्या का नाम। स्क्रीन पर आ गया और स्क्रीन हिलने लगी। कभी दांए तो कभी बांए। करण के हाथ जुड़ चुके थे पूजा के लिए और वहीं हॉल पीछे अपने पठान और उसकी पत्नी यानी मा बेटे ( समर काम्या) का था। आखिरकार राम्या के नाम पर आकर स्क्रीन रुक गई। जैसे ही स्क्रीन रुकी तो राम्या खुशी एक मारे स्टेज पर ही गिर पड़ीं उसकी आंखे से खुशी के आंसू छलक पड़े। राम्या से भी ज्यादा अगर कोई खुश था तो वो उसका बाप करण।

काम्या और समर भी खुशी से उछल पड़े। दोनो की आंखे टकराई और काम्या ने उसकी तरफ अपने आंख दबा दी।

राम्या स्टेज पर पहुंच गई और उसके सिर पर ताज सज गया। राम्या के माता पिता को बुलाया गया तो करण स्टेज पर पहुंच गया जबकि काम्या चाहते हुए भी नहीं जा पाई ।

करण जैस ही स्टेज पर पहुंचा तो राम्या सबके सामने ही अपने बाप से लिपट गई। करण ने भी उसे अपने गले लगा लिया।

राम्या को इनाम में 20 लाख रुपए कैश, एक ट्रॉफी और सर्टिफिकेट दिया गया । और साथ ही साथ उसे दुनिया के किसी भी देश में 3 दिन का टूर पैकेज दिया गया जिसमें वो अपने मम्मी पापा को साथ रख सकती थी।

समर और काम्या दोनो प्रोग्राम खतम होने से पहले ही वहां से निकल लिए थे। समर बड़े ध्यान से अपनी मा की मटकती हुई गांड़ को देख रहा था। काम्या जानती थी कि उसका बेटा उसकी गांड़ को घूर रहा है तो वो अपनी गांड़ और ज्यादा मटका कर चल रही थी जिसका सीधा असर उसके बेटे के लंड पर हो रहा था जिस कारण वो खड़ा होने लगा था।

उन्होंने एक टैक्सी ली और जुहू बीच की तरफ चल पड़े। टैक्सी में बैठते ही समर ने अपना हाथ अपनी मा के गले में डाल दिया और उसकी तरफ प्यार भारी नजरो से देखने लगा। दोनो मा बेटे एक दूसरे की तरफ प्यासी नजरो से देख रहे थे। काम्या की चूत में नमी आने लगी थी तो उसने धीरे से अपना हाथ समर के लंड पर रख दिया और सहलाने लगी। समर भी अब एक हाथ से अपनी मा की जांघ सहला रहा था। दोनो मा बेटे मस्त हो चुके थे।

तभी टैक्सी रुक गई और दोनों अन्दर की तरफ जाने लगे। आगे आगे काम्या चल रही थी जबकि समर ठीक उसके पीछे उसकी गांड़ घूरता हुआ चल रहा था। काम्या ने इस वक़्त एक सफेद रंग की गर्म टी शर्ट और एक काले रंग की पतली सी लेगिंग पहनी हुई थी जिसमें से उसकी गांड़ का उभार साफ़ नजर आ रहे थे जिस कारण उसके बेटे का लंड पूरे उफान पर आ चुका था।

अंदर जाकर समर और काम्या एक सुइट बुक करा लेते हैं और जरूरत जी की चीजे लेकर अंदर की तरफ चल पड़े। सुइट बहुत शानदार था। अंदर जाते ही काम्या समर से लिपट गई और किस करने लगी। उफ्फ कितनी प्यासी थी वो , अब उससे सब्र नहीं हो रहा था। उसकी चूत बहुत तड़प रही थी और वो आज अपने बेटे से खुलकर चुदना चाहती थी।

समर भी किस में डूब गया और दोनो एक दूसरे के होंठ को चूस रहे थे। समर ने जैसे ही अपनी जीभ अपनी मा के मुंह में घुसाने लगा तो काम्या उसकी पकड़ से निकल गई और ठीक उसके सामने खड़े होकर अपनी टी शर्ट के ऊपर से अपनी चूचियां दबाने लगी और फिर उसके लंड की तरफ देखते हुए टी शर्ट उपर उठा दी जिससे उसकी मस्त गोल गोल ठोस चूचियां बेलगाम होकर उछलती हुई बाहर निकल पड़ी।

काम्या ने अपने दोनो हाथ अपने सिर पर रख दिए जिससे उसकी चूचियां और ज्यादा उभर गई।

समर ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और हिलाने लगा तो काम्या ने उसका हाथ लंड पर से हटा दिया ।

काम्या: मेरी चूत मर गई क्या जो हाथ से हिला रहा है पागल लड़के।" तू आज सिर्फ देख और मजे ले , लंड को छूना भी मत।
 
काम्या फिर से उसके सामने खड़ी होकर अपनी चूची उसे दिखाने लगी तो समर अपने प्यासे होंठो पर जीभ फेरने लगा।

काम्या आज अपने बेटे को पूरा तड़पाना चाहती थी ताकि वो अच्छे दे गरम होकर उसकी चुदाई कर सके । अब काम्या ने आगे बढ़ते हुए अपनी लेगिंग को उतार दिया और सिर्फ एक लाल रंग की छोटी सी पैंटी में अपने बेटे को रिझाने लगी । समर का लंड पुरा अकड़ रहा था। नीली नीली नशे उभर गई थी लंड पर। इतना टाइट हो गया था मानो फट ही जायेगा।

तभी काम्या दीवार पर हाथ रख कर पलट गई जिससे उसकी कोरी मोटी तगड़ी गांड़ उसकी आंखो के सामने आ गई। उफ्फ और कितना ज़ुल्म होना था समर के लंड पर आज। उसकी गांड़ लगभग पूरी नंगी थी, पेंटी का बारीक सा कपड़ा उसकी गांड़ की दीवार में घुस गया था।

अब समर से बर्दाश्त नहीं हुआ और वो उसकी गांड़ से चिपक गया और अपना लंड उसकी गांड़ पर रगड़ने लगा। दोनो हाथ आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को थाम लिया और जोर जोर से भीचने लगा। काम्या भी पलट गई और अपने बेटे के पैरो पर चढ़ कर अपनी चूत उसके खोफनक लंड पर रगड़ने लगी।

जल्दी ही पेंटी उसकी चूत पर से हट गई और जैसे ही नंगा लंड अपनी मा की नंगी चूत से टच हुआ तो काम्या का मुंह मजे से खुलता चला गया। ।।

"आह मेरे लाल, बहुत तड़पी है। तेरी मा की चूत।इतनी चोदना आज कि सूजा कर लाल कर देना।"

फिर काम्या उसकी पकड़ से निकल गई और बाथरूम में घुस गई। जल्दी ही वो नहाकर पूरी नंगी बाहर आ गई और अपने बेटे को नहाने का इशारा किया तो वो बाथरूम में घुस गया।

काम्या आज अपनी चूत कि ताकत आजमाना चाहती थी इसलिए उसने फिर से अपने पर्स से सेक्स पॉवर की एक गोली निकाल कर उसे बियर की कैन में घोल दिया और एक टैबलेट खुद भी खा ली ताकि वो भी जोश में रहे। हालाकि वो डर रही थी कहीं समर फिर से उसकी चूत का हाल बेहाल ना कर दे लेकिन अपनी चूत की आग के आगे मजबुर थी। ये सब करते हुए वो अपनी चूत मसल रही थी।फिर उसने अपनी चूत जी की तरफ देखते हुए कहा:

" हो जा तैयार मेरी बन्नो आज मेरा बेटा तुझे फाड़ कर रख देगा। साली तो मुझे बहुत परेशान करती है आज तेरी खैर नहीं"!

समर भी नहाकर आ चुका था। काम्या ने अपनी दोनो बांहे फैला दी तो समर उसकी गोद में आकर बैठ गया और काम्या के गले में अपनी बांहे डाल दी। दोनों के चेहरे आमने सामने थे इसलिए समर ने मा के होंठो को चूसना शुरू कर दिया। लंड चूत पर रगड़ रगड़ था।

मजे से दोनो की आंखे बंद थी। तभी ने काम्या ने बियर की कैन उठाई और समर के मुंह लगा दी। समर एक ही सांस में पूरी कैन पी गया और उसने दूसरी कैन काम्या के मुंह पर लगा दी तो काम्या उसकी आंखो में देखते हुए पीने लगी। लंड का सुपाड़ा ठीक चूत के मुंह पर था। काम्या ने आगे होकर जैसे ही कैन अपने बेटे के मुंह को लगाई तो चूत लंड पर दब गई और समर का मोटा तगड़ा सुपाड़ा अपनी मा की चूत में घुस गया।

" आह समर, घुस गया साला अंदर फिर से अपनी मा की चूत में, संभाल अपने शेर को , "

फिर वो जैसे ही बियर उससे मुंह से लगाकर पीछे को हुई तो सुपाड़ा बाहर निकल गया । जिससे लंड और चूत दोनो उदास हो गए।

समर ने बियर की दो कैन पी ली थी जबकि एक काम्या भी पी चुकी थी।थोड़ी देर बाद ही दोनो नशे से झूम रहे थे। दोनो के जिस्म में आग भर चुकी थी।काम्या ने एक काले रंग की पारदर्शी लिंगरी पहन ली जिसमें जिसमें से उसका हर अंग साफ चमक रहा था। गांड़ तो जैसे आज समर पर सितम पर सितम कर रही थी।

वो बाहर की तरफ देखते हुए अपनी गांड़ समर की तरफ घुमा दी तो समर की आंखे उसकी गांड़ पर जम गई।

फिर वो चल दी बीच की तरफ। जैसे ही रूम से बाहर निकलने वाली थी तो उसे एक कुर्सी दिखी तो उसकी आंखे चमक उठी। वो आगे बढ़ी और कुर्सी के दोनो और अपनी टांगे करके बैठ गई और समर के सामने अपनी गांड़ का अब तक का सबसे जानलेवा नजारा पेश किया।

उसकी गांड़ पूरी तरह से फैली हुई थी और कपडे की पट्टी गांड़ में घुसने के कारण पूरी गांड़ नंगी नजर आ रही थी। समर ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी मा की गांड़ इतनी मस्त और उभरी हुई भी ही सकती हैं। वो तेजी से आगे बढ़ा और दोनो हाथो से अपनी मा की गांड़ की दबोच लिया।

समर अपनी मा के कान में। बहुत सेक्सी आवाज में बोला:

" मा आज तो मुझे गांड़ दे दे अपनी।"

काम्या उसकी तरफ देखती हैं और बोलती हैं:

," आज सिर्फ चूत मार अपनी मा की तू, अगर तूने मेरी चूत ठंडी कर दी तो कल 31दिसंबर को तेरे लिए अपनी गांड़ के दरवाजे भी खोल दूंगी मेरे लाल"

और ऐसा कहकर खड़ी हो गई और अपनी गांड़ मटकाते हुए बाहर की तरफ चल पड़ी। उसने आंखो पर काला चश्मा लगाया हुए था। समर ने एक अंडर वियर पहना और एक लाल रंग का बनियान और आगे बढ़कर अपनी मा को गोद में उठा लिया तो काम्या भी उसकी गरदन में दोनो हाथ डालकर उससे लिपट गई।

वो अपनी मा को ऐसे ही गोद में उठाए हुए बाहर आ गया जहां ठंड के कारण दो चार कपल को थे। काम्या अपनी चूत समर के लंड पर रगड़ रही थी जिससे वहां मौजूद कपल गर्म हो गए और चुदाई शुरू हो गई।

समर काम्या को गोद में लिए हुए बीच पर पहुंच चुका था। काम्या उसकी गोद से उतर गई और रेत भी दौड़ने लगी। कभी इधर तो कभी उधर। वो छोटे बच्चे की तरह खुश हो रही थी मानो उसका पसंदीदा खिलौना मिल गया हो।

समर उसे देख कर खुश हो रहा था वो पानी में उछल खड़ी कर रही थी। समर उसके पीछे दौड़ा और उसे पकड़ लिया तो काम्या ने पलट कर अपनी बांहे समर के गले में डाल दी।।

समर ने उसे गोद में उठा लिया तो काम्या फिर से इससे लिपट गई।

वो अपने होंठ उसके के कान के पास लाई और प्यार से बोली:

" आई लव यू मेरी जान,

समर उसकी गांड़ को दबाते हुए :

" लव यू टू मेरी कम्मो ।

काम्या समर के अंडर वियर को अपने पैरो से नीचे खींच देती हैं तो समर अपनी एक टांग उठा कर उसे निकाल देता है तो उसका लंड बाहर आ गया और अपनी मा की चूत पर दबाव डालने लगा। काम्या ने अब समर का बनियान उतारते हुए उसे पूरा नंगा कर दिया।

काम्या अपनी चूत को उसके लंड पर दबाते हुए उसकी गोद से उतर गई और उसकी आंखो में देखते हुए अपनी चूची खुद ही दबाने लगी । फिर उसने हाथ बढ़ाकर अपनी एक चूची पर से लिंगरी को हटा दिया

समर ने अपने होंठो पर जीभ फिराई और अपने लंड को पकड़ लिया। फिर काम्या ने उसकी आंखो में देखते हुए लिंगरी की उतार कर फेंक दिया और पूरी नंगी हो गई और अपनी चूत और चूचियां अपने बेटे के सामने पेश कर दी।

समर तो जैसे आज पागल सा हो रहा था। उसकी मा उसे आज पूरा तड़पा रही थी। फिर काम्या ने अपनी एक उंगली मुंह में घुसा कर गीले करते हुए आपनी चूत में घुसा दी।

समर से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और वो काम्या को आगे बढ़ कर गले लगा लिया और उसकी गांड़ जोर जोर से दबाने लगा। काम्या भी उसके पैरो पर चढ़ गई और अपने होंठ समर के होंठो पर रख दिए और दोनो मा बेटे एक दूसरे के होंठ चूसने लगे। तभी काम्या ने अपनी जीभ अपने बेटे के मुंह में घुसा दी और उसकी जीभ कुल्फी की तरह चूसने लगी। समर ने अब अपनी छाती से उसकी चूचियां मसलने शुरू कर दी। काम्या की चूत से इतना रस बह रहा था मानो उसमे उबाल आया हुआ हो।लंड चूत पर उपर नीचे रगड़ खा रहा था जिससे दोनो को और ज्यादा मजा आ रहा था।

काम्या चूत की लंड पर रगड़ते हुए:

" समर बहुत प्यासी हैं तेरी मा , आज जी भर कर मेरी चूत मारना मेरे लाल। "

समर भी लंड का दबाव चूत पर बढ़ा दिया और बोला:

" मा आज मैं तुम्हें इतना चोदूंगा कि तुम मेरे लंड की दीवानी हो जाओगी।

काम्या जानती थी कि समर का लंड उसकी चूत नहीं झेल पायेगी ज्यादा देर तक लेकिन चूत की खुजली उसे बहुत तड़पाती थी।

काम्या: बेटे आज तुझे पूरी छुट हैं,, मैं चाहे कितनी भी चींखु या चिल्लाऊं तो अपनी मा पर कोई रहम मत करना।

और ऐसा कहकर वो समुंदर की रेत पर लेट गई ।पानी के लहरे रह रह कर उसके जिस्म से टकरा रही थी।

काम्या ने समर को पकड़ कर अपने उपर चढ़ा लिया।

समर ने उसकी चूचियों पर हमला कर दिया और जोर जोर से दबाने लगा। काम्या के मुंह से दर्द और मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगीं जिन्हे इस ठंडी रात में सुनने वाला कोई नहीं था।

काम्या: आह थोड़ा प्यार से कर ज़ालिम, पिचका देना चाहता है क्या अपनी मा की चूची"

समर दूसरी चूची की मुंह में भर लिया और चूसने लगा। जैसे जी समर के होंठ चूची पर लगे काम्या मजे से सिसकियां लेने लगी।

काम्या: हाय मेरे लाल, चूस जा अपनी मा की चूची। भर के पूरी मुंह में हाय मा,"

समर ने उसकी चूचियों की दबा दबा और चूस चूस कर लाल कर दिया। लंड काम्या की चूत पर लगा हुआ था , काम्या ने अपनी गांड़ उठा कर सुपाड़ा अन्दर घुसा लिया।

आह घुस गया फिर से , ये इतना मोटा क्यों है समर,चूत को पूरा फैला देता है , हाय मा , मेरी चूत फटेगी आज तो"!

फिर समर उसके उपर घूम कर 69 की पोजिशन में आ गया था लंड काम्या की आंखो के आगे लहरा रहा था जिसे देखकर उसकी हालत खराब होने लगी।

हाय कितना मोटा तगड़ा और लंबा हैं ये, मेरी चूत तो आज गई काम से " है भगवान मेरी चूत को शक्ति देना"..

वो लंड के सुपाड़े को मुंह में भर कर चूसने लगी और धीरे धीरे मुंह खोलते हुए आधे से ज्यादा लंड घुसा लिया और चूसने लगी। लंड के मुंह में जाते ही समर ने अपनी मा की चूत पर हमला कर दिया और उसकी चूत चूसने लगा।

जैसे ही समर चूत पर झुका तो लंड पर दबाव पड़ा और वो काम्या के मुंह को खोलते हुए पूरा अंदर जा सका। काम्या को आंखो में आंसू अा गए लेकिन उसने लंड को चूसना बंद नहीं किया क्योंकि वो जानती थी जितना दर्द उसका मुंह झेल लेगा उटबार ही कम उसकी चूत को झेलना होगा।

समर ने जीभ अंदर घुसा घुसा कर चूत को पूरा चिकना कर दिया। काम्या से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था उसकी चूत में चीटियां सी चल रही थी। उसने अपने बेटे को अपने उपर चढ़ा लिया और लंड को पकड़ कर अपनी चूत का रास्ता दिखा दिया।

फिर उसने समर की आंखो में देखते हुए अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर उसे अपने बेटे के लंड पर चूपड कर उसे चूत में घुसने लायक बना लिया।

समर उसकी चूत के मुंह पर लंड रगड़ने लगा तो काम्या तड़प रही!

" घुसा दे अपनी मा की चूत में पूरा एक ही धक्के में मेरे शेर।
 
समर ने अपनी मा की आंखो में देखते हुए एक फौलादी धक्का चूत में लगा दिया जिससे लंड पुरा झड़ तक घुसता चला गया और सीधे काम्या की बच्चेदानी से जा लगा। लंड की मोटी गांठ ने चूत को पूरी तरह से फैला दिया था और चूत के होंठ लंड के चारो तरफ कस गए थे।

जैसे ही लंड अंदर घुसा तो काम्या को एक तेज दर्द का एहसास हुआ और उसकी चींखं निकल गई।

"जाय मा री मर गई aahhhhhhh, siiiiiiiiiiii , uffffddddd noooooooooo

फट गई मेरी चूत।

समर ने बिना एक पल भी गंवाए अपनी मा को चोदना शुरू कर दिया तो पूरा लंड अंदर बाहर होने लगा। हर धक्के पर गांठ की वजह से चूत पुरी खुल रही थी।

" आह थोड़ा प्यार से चोद शुरू में अपनी मा की चूत, हाय कितना मोटा हैं ये लोला तेरा, दर्द होता हैं उईई मा री।

काम्या की सिसकी सुनकर समर जोश में आ गया और ज्यादा तगड़े धक्के मारने लगा उसकी चूत पर। हर धक्का उतना तेज पड़ रहा था कि काम्या की गांड़ रेत में घुस रही थी।

कुछ धक्के के बाद चूत ठीक से खुल गई तो काम्या ने भी अपनी गांड़ उठानी शरीर कर दी और अपने बेटे का साथ देने लगी।

" आह चोद अपनी कम्मो को, पटक पटक कर चोद मेरी चूत आज, पूरा घुसा दे।

समर ने दोनो हाथो में उसकी चूचियां भर ली और पूरी ताकत से दबाने लगा मानो आटा गूंथ रहा हो। उसने एक बार अपने लंड को पूरा बाहर निकाला और फिर से जड़ तक घुसा दिया। काम्या तड़प उठी जैसे ही लंड चूत से बाहर निकला तो उसने फिर से अंदर घुसाने के लिए अपनी चूत लंड पर उछाल दी । दोनो की मिली जुली ताकत से लंड चूत के आखिर तक घुसा और काम्या जी की बच्चेदानी को पूरा फैला दिया।

" आह मेरे लाल, ये कितना मस्त एहसास है, मेरी बच्चेदानी को फाड़ रहा है आज तो, ऐसे ही तगड़े धक्के लगा तो हाय मेरी चूत।"

समर ऐसे ही तगड़े धक्के लगाने लगा और काम्या भी पूरी ताकत से चूत उछलने लगी तो लंड हर धक्के पर बच्चेदानी को फैलने लगा

" हाय चूत गई तेरी मा कम्मो मेरे लाल, पूरा घुस जा अपनी मा के अंदर।

समर अब किसी पागल सांड वकी की तरफ अपनी मा को चोदने लगा। हर धक्के पर उसकी गांड़ दो दो फुट उछल रही थी। आज काम्या के मजे की कोई सीमा नहीं थी। हर धक्के पर वो सिसक रही थी, मचल रही थी , उछल रही थी, कांप रही थी उसकी चूत।

तभी समर ने अपनी मा को घोड़ी बना दिया। तो काम्या ने अपनी चूत खोलकर अपने बेटे के सामने पेश कर दी।

काम्या" : समर चढ़ जा अपनी घोड़ी पर, कर ले सवारी अपनी कम्मो की चूत जी,

समर ने एक तगड़ा धक्का लगाया तो रेत पर काम्या के हाथ फिसल गए और समर नीचे जा गिरी तो समर भी उसके उपर गिरा और लंड पुरा अंदर घुस गया।

समर ने उसे उठाते हुए फिर से झुका दिया और दोनो हाथो से उसके बाल पकड़ लिए ताकि आगे को ना गिर सके और ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगा। काम्या जैसे ही आगे की गिरती समर उसके बाल पकड़ कर पीछे को खींचता और लंड पुरा घुस जाता। धक्के इतनी तेज थी काम्या के हाथ मिट्टी में घुसते जा रहे थे।

आह चोद मुझे, और घुसा लंड , पूरी ताकत से चोद अपनी मा की चूत ।

धक्कों में तूफानी तेजी आ गई जिसका सामना चूत ज्यादा देर नहीं कर पाई।

"आह समर मेरा निकलने वाला है बस आह चोद ले मुझे ऐसे ही। "

तभी काम्या ने पूरी ताकत से अपनी गांड़ पीछे धकेल कर लंड को पूरा घुसा लिया और अपना रस छोड़ दिया

काम्या की चूत अब ज्यादा चिकनी हो गई तो चुदाई की स्पीड बढ़ गई। काम्या को अब दर्द हो रहा था। वो समर की तरफ बड़ी उम्मीद से देखने लगीं

समर ने उसकी कोई परवाह किए बगैर चुदाई की स्पीड और बढ़ा दी तो काम्या तड़पने लगी।

" आह शैतान लड़के मेरी चूत अब दर्द कर रही है, छोड़ मुझे।"

समर ने उसे और तेजी से चोदने शुरू कर दिया। हर धक्के पर काम्या का पूरा जिस्म कांप रहा था,हिल रहा था।

काम्या की चूत फिर से गरम होने लगीं तो उसे अच्छा लगने लगा।

काम्या: आज चोद मुझे और मेरे लाल, पूरी तेजी से चोद।

तभी समर को भी लगा की उसका लंड फटने वाला है तो उसने पूरा लंड एक ही धक्के में घुसा दिया और दोनो मा बेटे एक ही झड़ गए ।समर उसके उपर जी ढेर हो गया।

प्रोग्राम खत्म होने के बाद करण और राम्या शीला मैडम के साथ उनके घर आ गए।

घर आकर करण फ्रेश होने चला गया जबकि राम्या शीला मैडम से बात करने लगी।

राम्या: मैडम किन शब्दों में आपका धन्यवाद करू आपकी वजह से मैं आज मिस इंडिया बन सकी।

शीला: अरे राम्या ये तो सब तुम्हारा अपना कमाल हैं। और अगर तुम इसका श्रेय किसी को देना चाहती हो तो मुझे नहीं बल्कि तुम्हारे पिता को जाएगा क्योंकि वो बीच में सिर्फ इसलिए चले गए थे ताकि तुम अपनी प्रैक्टिस पर पूरा ध्यान दे सको।

और तो और करण ने तुम्हारे लिए दुनिया के सबसे अच्छे ट्रेनर बुलाए, विदेश से ड्रेस डिजाइनर बुलाई, उन्होंने पैसा पानी की तरह बहा दिया है तुम्हे मिस इंडिया बनाने के लिए।

(राम्या ने जैसे ही ये सुना तो वो अपने बाप की दीवानी हो गई। इतना कुछ किया है पापा ने मेरे लिए। अब मेरी बारी हैं उन्हें ये दिखाने की कि उनकी बेटी भी उनसे बहुत ज्यादा प्यार करती हैं और उनके लिए कुछ भी कर सकती हैं। )

राम्या: जी मैडम मेरे पापा दुनिया के सबसे अच्छे पापा हैं। वो मुझे बहुत प्यार करते हैं और मेरे लिए कुछ भी कर सकते है।

तभी करण आ गया तो उसे देखते ही राम्या भाग कर अपने बाप से लिपट गई। करण हैरान हो गया कि इसे एक दम से क्या हुआ।

उसके बाद सबने एक साथ खाना खाया और फिर शीला उन्हें गुड नाईट बोलकर नीचे सोने चली गई। करण भी थका हुआ था इसलिए को भी अपनी बेटी को गुड नाईट बोलकर अपने रूम में चला गया।

नींद आज राम्या की आंखे से मीलों दूर थी। उसे अपने बाप पर बहुत प्यार आ रहा था क्योंकि इतना सब कुछ करने के बाद उसने कभी राम्या को ये ज़ाहिर नहीं होने दिया कि ये सब वो कर रहा था।
 
राम्या कुछ देर ऐसी ही सोचती रही और फिर उसने अपने बाप के रूम को नॉक किया तो करण ने दरवाजा खोला तो उसे राम्या खड़ी हुई दिखाई दी । करण सब सिर्फ अंडर वियर पहने हुआ था और उसका सीना साफ चमक रहा था जिस पर काले बाल उगे हुए थे।

राम्या उसे ताना मारते हुए: गेट पर ही खड़े रखोगे क्या ? अंदर नहीं बुलाओगे क्या अपनी मिस इंडिया को ?

करण उसे अंदर आने को कहता हैं तो राम्या अंदर आ गई और उसके ठीक सामने खड़ी हो गई।

फिर पूरे विश्वास के साथ उसकी आंखो में देखते हुए बोली,:

" आखिरकार आपने अपनी मॉडल साहिबा को मिस इंडिया बना ही दिया पापा।

करण: अरे मैंने क्या किया ये सब तो तुम्हारी अपनी मेहनत हैं बेटी!

राम्या: पापा मुझे शीला मैडम ने सब कुछ बता दिया हैं अब आपको और कुछ झूठ बोलना हैं तो बोल सकते हो?

करण समझ गया कि अब सच्चाई छुपाने से कोई फायदा नहीं होगा।

करण: मैंने सिर्फ वो ही किया जो एक बाप को अपनी बेटी के लिए करना चाहिए"!

राम्या कुछ नहीं बोलती और अपने बाप के गले लग गई। राम्या बड़े प्यार से अपने बाप की आंखो में देख रही थी तो करण ने अपनी पलके झुका दी जिसे देखकर राम्या के होंठो पर स्माइल आ गई। उसने अपने हाथ से अपने बाप का चेहरा उपर उठाया और फिर से उसकी आंखो में देखने लगीं तो करण को बेचैनी होने लगी। राम्या ने फिर अपने बाप को कसकर भींच लिया जिससे उसकी ठोस चूचियां करण के सीन में गाड़ गईं ।

करण ने उसे अपनी गोद में उठा लिया तो वो अपने बाप से चिपक गई । करण ने उसे बेड पर लिटा दिया और खुद उसको बांहों में भर लिया।

राम्या उसके कान में बोली:

"पापा में बहुत ज्यादा थकी हुई हूं, आपकी गोद में सो जाऊं क्या?

करण ने बिना जवाब दिए प्यार से उसे अपने सीने ले लगा लिया और दोनो बाप बेटी एक दूसरे से लिपट कर सो गए।

अगले दिन सुबह राम्या की आंखे खुली तो उसने देखा कि वो अपने आप की बांहों में लेती हुई हैं वो उसे शर्म सी आ गई और उसने ध्यान से अपने बाप का चेहरा देखा। कितने प्यारे हैं उसके पापा, और उसका सबसे ज्यादा ध्यान रखते हैं।

उसने आगे बढकर अपने आप का गाल चूम लिया तो करण ने अपनी आंखे खिल दी और देखा कि उसकी सगी बेटी उसके चेहरे पर झुकी हुई हैं तो ना चाहते हुए उसके हाथ अपनी बेटी की नाजुक सी कमर पर चले गए और उसने उसे अपने ऊपर गिरा लिया। करण के हाथो का एहसास अपनी कमर पर पाकर राम्या खुशी के मारे अपने बाप के सीने से चिपक गई।

करण धीरे धीरे प्यार से उसकी कमर पर हाथ फेरता रहा और राम्या आराम से लेती हुई उसके हाथों की छुवण महसूस करती रही।

राम्या: पापा मुझे तीन दिन का टूर पैकेज मिला हैं जिसमें में अपने मम्मी पापा को अपने साथ रख सकती हूं, लेकिन मैं चाहती हूं कि अगले दिन तक सिर्फ आप और मैं रहे।"

करण: अरे बेटी काम्या को भी बुला लेते हैं वो भी घूम आएगी।"

राम्या गुस्से से अपने बाप की तरफ देखती हैं और बोलती हैं:

" बिल्कुल नहीं पापा, मैं अपने तीन आपके साथ गुजारना चाहती हूं जहां सिर्फ आप और मैं हो और कोई नहीं"!

करण उसे एक स्माइल देता हैं और अपने उपर से उसे हटाकर बाथरूम की तरफ चला गया। राम्या को अपने बाप का व्यवहार कुछ बदला हुआ सा लग रहा था। पहले जहां वो खुद उसके पीछे पड़ा रहता था आजकल वो उससे बचने की कोशिश कर रहा था।

पापा अभी मुझे ठीक से शायद जानते नहीं हैं, मैं भी उन्हीं की बेटी हूं,अगर शाम तक उन्हें अपना दीवाना ना बना दिया तो मेरा नाम भी राम्या नहीं।

फिर वो धीरे से एक नजर अपने जिस्म पर डालती है तो उसका जिस्म भी उसका साथ देता हुआ महसूस हुआ उसे क्योंकि उसकी चूचियां तन गई थी और चूत रस टपकाने लगी थी।

राम्या के होंठो पर एक कातिल मुस्कुराहट आ गई , उसने अपना नाईट सूट उतार दिया और झीनी सी फ्रॉक पहन कर वो भी फ्रेश होने के लिए बाथरूम की तरफ

बाथरूम में जाकर उसने जैसा ही गेट खोला तो गेट अपने आप खलता चला गया। करण गेट बंद करना भूल गया था।

करण सिर्फ अंदर

अंदर एक अंडर वियर में नहा था था । राम्या जैसे ही अंदर घुसी तो शॉवर का पानी उसके कपड़े पर गिरने लगा और उसके कपड़े देखते ही देखते पूरे भीग कर उसके बदन से चिपक गए जिस कारण उसकी

चुचियों के निप्पल तक साफ नजर आने लगे।

करण को कुछ समझ आता उससे पहले ही राम्या पूरी भीग चुकी थीं और झीने से कपड़े में से उसके उभार साफ़ नजर आ रहे थे जिन पर ना चाहते हुए भी करण की नजर ठहर गई ।

राम्या को जैसे ही अपने बाप की नजर का एहसास हुआ तो उसने दोनो हाथ उठाकर अपनी चूचियां पूरी तरह से उभार दी जिसे देख कर करण के अंडर वियर में तम्बू बन गया।

राम्या ने देखा कि उसका जादू अपने बाप पर चल गया हैं तो वो बोली:

" ओह पापा, मुझे नहाने की जल्दी थी इसलिए घुस गई थी।

सॉरी "

और वो पलट कर बाहर की तरफ चल पड़ी। उफ्फ उसने करण पर आज का सबसे बड़ा हमला कर दिया क्योंकि उसकी गांड़ पूरी तरह से करण की आंखो के सामने उभर आई

जान बूझकर अपने गांड़ मटकाते हुए बाहर की तरफ चल दी।

करण की नजरे अपनी बेटी की थिरकती हुई गांड़ पर जम गई और उसका लंड फौलाद बनने लगा। राम्या गेट पर पहुंची और फिर अदा के साथ पलटकर अपने बाप को देखा कि वो कैसे उसकी गांड़ घूर रहा है । दोनो की नजरे जैसे ही मिली तो राम्या ने उसे एक कातिल स्माइल दी और बाहर निकल गई।

दोनो बाप बेटी तैयार हो गए और शीला मैडम से विदा ली और एयरपोर्ट की तरफ चल पड़े जहां से वापिस उन्हें अपने घर लौट जाना था।

राम्या अपने घर नहीं जाना चाह रही थी । वो एक प्लान करती हैं और करण को उसमे फसाने की कोशिश करती हैं।

राम्या: पापा आपने मेरे लिए इतना कुछ किया ,क्या आप मेरी आखिर इच्छा पुरी नहीं करना चाहते हैं?

करण: बेटी की हर इच्छा पूरी करना बाप का धर्म होता हैं, बताओ ?

राम्या अपनी चाल चलती हैं।

" पापा मुझे 3 दिन का टूर मिला है और मैं ये टूर आपके साथ बिताना चाहती हूं,प्लीज़ मना मत करना आपको मेरी कसम।"

करण फंस चुका था। वो अपनी बेटी की बात टालकर उसका दिल नहीं तौड़ना चाहता था। इसलिए वो मान गया। करण ने मुंह से हां सुनते ही राम्या अपने बाप के गले लग गई।

राम्या: तो बताओ पापा कहां पर चले ? जो आपको बेहद पसंद हो वो जगह बताए।

करण: बेटी मुझे तो स्विट्जरलैंड बहुत पसंद है!

राम्या: पापा वो तो मेरा भी पसंदीदा हैं, तो चलते हैं वहीं ।

थोड़ी देर बाद ही उनकी फ्लाइट उड़ गई । और वो शाम के 2 बजे तक स्विट्ज़रलैंड पहुंच चुके थे। एक ऐसी जगह जो दोनो का सपना थी।

वहां जाकर राम्या ने एक शानदार हनीमून सुइट बुक करा दिया।

रिसेप्शन: मैडम किस नाम से बुक करने हैं ?

राम्या: राम्या ठाकुर

रिसेप्शन: मैडम आपके पति का नाम भी बता दीजिए।

राम्या एक बार अपने बाप की तरफ देखती हैं और फिर बोलती हैं:

करण ठाकुर हैं मेरे पति का नाम।

करण हैरानी से अपनी बेटी का मुंह देखने लगा। उसे उम्मीद नहीं थी कि राम्या ऐसा भी बोल सकती है।

करण: अरे बेटी हनीमून सुइट की क्या जरूरत थी? बहुत पैसा खर्च हो जाएगा।

राम्या: अरे पापा आपके लिए पैसा क्या चीज है मैं तो सब लुटाने के लिए तैयार हूं, आप एक बार बोलकर तो देखो"

और ऐसा कहकर वो अपनी चूचियां उभार देती हैं। करण की तो जैसे बोलती बंद हो गई थी।

वो दोनो अंदर सुइट में चले गए तो दोनो की आंखे खुली की खुली रह गई। उफ्फ कितना सुन्दर सजा हुआ था कमरा। चारो तरफ दीवारों पर उत्तेजक पोस्टर, कमरे में जलता हुआ लाल रंग का नाइट बल्ब, तेज परफ्यूम की महक और बजता हुआ रोमांटिक संगीत।
 
राम्या तो जैसे खुशी से झूम उठी और उसने करण को अपनी बांहों में भर लिया। माहौल का असर उस पर भी हो रहा था इसलिए उसके हाथ भी अपनी बेटी की कमर पर कस गए।

राम्या ने करण का गाल चूम लिया और उसके कान में बोली:

" पापा आप खुश तो हैं ना?

करण: हां बेटी मैं बहुत खुश हूं, मैं तो सपने में भी यहां आने के बारे में नहीं सोच सकता था। "

राम्या: पापा मैं देख रही हूं कि जब से मैं मिस इंडिया बनी हूं आप मुझसे दूर भाग रहे हैं? क्या आपको अच्छा नहीं लगा?

करण :" नहीं बेटी ,। मुझे तो सबसे ज्यादा खुशी हुई हैं, मेरा तो सपना था कि तुम मिस इंडिया बनो।

राम्या: तो जब मैं मिस इंडिया बन गई हू तो आप मुझे मेरे पहले वाले पापा लौटा दीजिए जो मुझे बहुत प्यार करते थे। "

और ऐसा कहकर वो अपने बाप के सीने पर अपनी नाजुक उंगलियां घुमाने लगी।

करण: प्यार तो मैं अब भी तुमसे बहुत करता हूं, राम्या बेटी"

राम्या: पापा एक बात बोलूं आपको?अगर बुरा ना माने तो।

करण: बोलो राम्या?

राम्या: पापा आई लव यू सो मच"

पापा मैं आपको बहुत ज्यादा चाहने लगी हूं, और अपना सब कुछ आप पर लूटा देना चाहती हो। "

करण चुप चाप खड़ा हुआ उसका मुंह देखता रहा और फिर बाथरूम में घुस गया। दोनो बाप बेटी फ्रेश हो चुके थे।

तभी गेट पर नॉक हुआ तो एक मस्त लड़की अंदर आ गई और करण को कुछ बीयर की बोतल दी और बोली:

," सर चादर सफेद ही रहने दू बेड पर या कोई रंगीन बिछा दू,"

दरअसल अगर लड़की कुंवारी हो तो सफेद चादर लाल होने का खतरा होता है "

राम्या के होंठो पर स्माइल आ गई , उसने एक बार अपने बाप की तरफ देखा और लड़की को बोली,:

" आप सफेद ही रहने दीजिए , लाल होने पर चादर मुझे दे देना ताकि मैं अपने साथ ले जा सकू और मुझे हमेशा ये एहसास याद रहे।"

लड़की राम्या की बात सुनकर स्माइल करती हैं और करण को बोलती हैं:

" बहुत खुश किस्मत हो जो कली को फूल बनाने का मौका मिल रहा है आपको",।

और फिर राम्या की तरफ देखती है और उसे हैप्पी सुहागरात बोलकर बाहर निकल गई।

राम्या: पापा नीचे डिस्को बार हैं, क्या आप मेरे साथ चल सकते हो ,"

और ऐसा कहकर उसने बिना उसका जवाब सुने ही उसका हाथ पकड़ कर बाहर की तरफ ले जाने लगी। राम्या आज पूरे जोश में थी। जल्दी ही वो दोनो डिस्को के गेट पर थे। राम्या ने दो टिकट ली और बाप बेटी अंदर चले गए। अंदर जाकर सबसे पहले वो बियर बार में गए और उन्होंने अपना टिकट जमा किया तो दो बहुत सेक्सी लड़की बियर की कैन लेकर आ गई और एक ही कैन से बारी बारी से करण और राम्या दोनो को पिलाने लगी।

जैसे ही बॉटल खत्म हुई तो वो दोनो स्टेज की तरफ चल पड़े जहां कपल डांस हो रहा था।जोड़े एक दूसरे में पूरी तरह से खोए हुए थे और एक दूसरे के अंगों को सहलाते हुए नाचने का ड्रामा कर रहे थे। स्टेज पर रोशनी बस नाम के लिए ही थी जिसका पूरा फायदा लोग उठा रहे थे।

राम्या ने अपने जिस्म पर से एक लंबा कोट उतार दिया और सिर्फ एक पतले झीने से कपडे की बनी हुई जालीदार लिंगरी में आ गई

राम्या अपने बाप को आज पूरे जलवे दिखा रही थी। वो पलट गई और अपनी गांड़ अपने बाप की और कर दी।

राम्या ने अपने बाप का हाथ पकड़ा और उसे स्टेज पर खीच लिया। राम्या ने अपनी बांहे उसके गले में डाल दी और उससे चिपक कर डांस करने लगी। राम्या करण की आंखो में देखते हुए डांस कर रही थी। माहौल का करण पर भी असर हो रहा था और बियर का नशा भी उस पर छाने लगा तो उसने भी अपने दोनो हाथ अपनी बेटी की कमर पर रख दिए और हल्के हल्के सहलाते हुए उसके साथ थिरकने लगा। करण की नजर आस पास नाच रहे जोड़ो पर गई तो उसने देखा कि कोई किस में डूबा हुआ था तो किसी के हाथ लड़की की शर्ट में घुसे हुए थे तो कोई पेंटी में उंगली कर रहा था। चारो तरफ मादक सिसकियां गूंज रही थी।

राम्या को देख कर हर कोई वहां तड़प रहा था। राम्या अपने बाप से और ज्यादा चिपकती जा रही थी और अपने उंगलियां अब उसके कंधो से हटाकर उसकी कमर पर ले गई और सहलाते हुए थिरकने लगी। राम्या का जिस्म करण पर अपना जादू चला रहा था, आखिर वो भी एक इंसान था और उसकी बांहों में मिस इंडिया थी ।

राम्या करण से और ज्यादा चिपक गई और अपनी चूचियां उसके सीने से मिला दी तो करण के जिस्म में आग लग गई। उसने राम्या की कमर को अपने हाथो से भींच दिया । राम्या अपने बाप को जोश में आते देखकर मस्त हो गई और जोर से उसका गाल चूस लिया और फिर अपने होठ उसकी गर्दन से रगड़ने लगी । करण का लंड पूरी तरह से तन चुका था जिस कारण दोनो की टांगो के बीच दूरी बनने लगी जिसे राम्या मिटा देना चाहती थी। उसने एक बार प्यार से अपने बाप की आंखो में देखा और उसको तड़पाते हुए अपने होंठो पर जीभ निकाल कर घुमाने लगी, करण पागल होता जा रहा था।

तभी राम्या उससे और ज्यादा जोर से लिपट गई तो खड़ा हुआ लंड सीधे उसकी चूत पर अड गया। उफ्फ दोनो बाप बेटी एक साथ तड़प उठे। अब करण का धैर्य जवाब दे गया और उसने अपने दोनो हाथ राम्या की गांड़ पर रख दिए और हल्के हल्के दबाने लगा। राम्या भी अपनी चूत को अपने बाप के लंड पर रगड़ती जा रही थी। तभी राम्या ने अपनी एक टांग को थोड़ा सा घुमा कर खोल दिया जिसे लंड सीधे उसकी चूत पर अड गया। राम्या की चूत पुरी तरह से भीग रही थी और उसमें से रस टपक रहा था जिस कारण करण की पेंट लंड के उभार पर से गीली होने लगी।

लंड पर चूत का दबाव बढ़ता जा रहा था। दोनो बाप बेटी एक दूसरे की आंखो में खोए हुए थे।

राम्या: पापा मुझे नीचे कुछ चुभ रहा हैं , आपकी जेब में कोई मोटा केला तो नहीं है?

करण उसकी आंखो में देखते हुए: नहीं बेटी, मेरी जेब में तो कुछ भी नहीं है।"

राम्या": लेकिन मुझे कुछ चुभ रहा है पापा, लगता हैं आप भूल गए हैं केला जेब में रख कर। मै खुद ही देख लेती हूं।

इतना कहकर उसने अपना अपने बाप की जेब में घुसा दिया और लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी।

राम्या लंड सहलाते हुए: " झूठे कहीं के, देखो कितना मोटा तगड़ा केला हैं आपकी जेब में"

लेकिन ये कपडे में क्यों छुपा हुआ था ?

करण का लंड पुरी तरह से रोड बन चुका था और राम्या हाथ में हल्के हल्के झटके मार रहा था।

राम्या: पापा ये कैसा केला हैं आपके पास ये तो काले नाग की तरह फुंफकार रहा है " मुझे इसका फन कुचलना पड़ेगा ,!

राम्या की बाते सुनकर करण पूरी तरह से गरम हो चुका था। उसने दोनो हाथो में उसकी गांड़ को भर लिया और जोर जोर से दबा रहा था। राम्या अमर बेल की तरह अपने बाप से लिपटी हुई थी। डांस तो जैसे खतम सा हो गया था बस बीच बीच में हल्का हल्का थिरक रहे थे।

राम्या ने अपने नाखून से करण की पेंट को जेब के अंदर से फाड़ दिया और अपना हाथ उसके अंडर वियर में घुसा दिया। जैसे ही लंड पर राम्या का हाथ लगा तो करण तड़प उठा।

राम्या ने उसके लंड को सहलाना शुरु कर दिया। कभी प्यार से हाथ फेरती तो कभी जोर से दबा देती

राम्या: पापा ये केला नहीं है ये तो मोटा सांप हैं आपकी जेब में " ! पापा इसको थोड़ा समझा कर रखना कहीं ऐसा ना हो कि किसी को डस ही ले, "

करण भी अब पूरा मदहोश हो गया था उसने भी अपनी बेटी की बातो का जवाब देना शुरू कर दिया!

करण: बेटी ये पालतू सांप हैं, मेरी मर्जी के बिना किसी को नहीं डस पाएगा। "

राम्या: क्या पापा , जब ये आपकी मर्जी के बिना अपना फन उठा सकता है तो डस भी सकता हैं!

( राम्या उसे समझाती हैं कि आपका लंड आपकी मर्जी के बिना खड़ा हो गया )

करण: " अरे बेटी जब कोई इसे बार बार छेड़ेगा तो ये अपना फन तो उठाएगा ही"

करण अपने हाथ को अब उसकी गांड़ की दरारो में घुसा देता हैं और उसके गांड़ के छेद को सहलाने लगता हैं तो राम्या पूरी तरह से खुल जाती हैं," ।

राम्या: "पापा लगता हैं मुझे ही इसका फन कुचलना पड़ेगा" !

और ऐसा कहकर लंड का सुपाड़ा कस कर दबा देती है तो करण मस्ती से तड़प उठा और उसने अपने हाथ को थोड़ा नीचे लाते हुए अपनी बेटी की चूत पर रख दिया। चूत पर हाथ रखते ही उसकी उंगलियां ही नहीं बल्कि पूरी हथेली चूत रस से भीग गई।

चूत पर हाथ लगते ही राम्या के मुंह से सिसकियां निकल गई और उसने अपने होंठ अपने बाप के होठों पर रख दिए। दोनो मस्ती से एक दूसरे के होठ चूसने लगे। तबी राम्या अपनी जीभ अपने बाप के मुंह में घुसा देती हैं तो करण उसकी जीभ पकड़कर मजे से चूसने लगा।

राम्या उसके लंड को पागलों की तरह दबा रही थी,मसल रही थी।

करण ने अपनी एक उंगली का दबाव चूत पर बढ़िया तो उंगली कपडे सहित चूत में घुस गई।

" आह पापा, थोड़ा प्यार से , दर्द होता हैं आपकी मिस इंडिया को,"

हाय पापा आप कितने अच्छे हो,"

दोनो बाप बेटी पूरी तरह से मदहोश हो चुके थे। राम्या लंड छोड़कर अपने बाप से चिपक गई और अपनी चूत को लंड पर दबाने लगी। नशा दोनो के उपर पूरी तरह से हावी हो चुका था। रिश्ते मान मर्यादा सब भूल चुके थे दोनो।

राम्या की चूत से होता हुआ उसका रस उसकी जांघो तक आ रहा था। राम्या धीरे से अपना एक हाथ नीचे अपनी चूत पर लाती है और अपनी चूत में एक उंगली घुसा लेती हैं।

अपनी उंगली को वो खूब अच्छे से गीला करती हैं और करण के होंठो पर फेर देती हैं। करण अपनी जीभ निकाल कर अपने होठ चाट लेता हैं तो राम्या अपनी उंगली उसके मुंह में घुसा देती हैं जिसे करण मजे से चूस लेता हूं।

राम्या अपनी चूत को पूरी तरह से करण के लंड पर चिपका देती हैं और प्यार से उसके कान में बहुत ही सेक्सी आवाज में बोलती हैं"

" कैसा लगा पापा आपको उंगली का स्वाद?

करण:" बेटी मुझे पता हैं वो किसका स्वाद था , लेकिन बहुत मजेदार था"!

राम्या अपनी चूत को लंड पर रगड़ते हुए: उंगली का नहीं था तो फिर किसका था पापा"?
 
करण : बेटी कहीं बुरा तो नहीं मान जाएगी तुम "

(राम्या अपने मन में सोचती हैं अरे मेरे बुद्धु बाप अगर बुरा मानना होता तो क्या तुम्हे अपनी चूत का रस चटवा देती?)

राम्या : नहीं पापा आप मजे से बोलिए ! मुझे बुरा नहीं लगेगा "

करण:" वो बेटी तुम्हारी च च चूत का रस था"!

आखिरकार जैसे तैसे करके करण अपनी बात पूरी करता हैं तो राम्या अपने बाप के मुंह से चूत सुनकर जोश में आ गई और अपने बाप के होंठो को चूस लिया

राम्या:" पापा आपको सच में पसंद आया क्या उसका स्वाद?"

करण उसे छेड़ते हुए: " किसका स्वाद बेटी"

राम्या शर्म से लाल हो गई। उफ्फ मैं पापा को कैसे बताऊं कि मेरी चूत का!!

करण: बताओ बेटी किसके स्वाद की बात कर रही हो? अपने बाप पर इतना जुल्म मत करो"!

राम्या: " जाइए पापा आपको सब पता हैं क्यों मुझे बेशर्म बनाना चाहते हो!!

करण अनजान बनते हुए" बता दो मा मेरी मिस इंडिया एक बार अपने मुंह से?

राम्या जैसे ही अपने बाप के मुंह से मिस इंडिया सुनती हैं तो उसकी चूत में आग सी लग गई।

वो कस कर अपने बाप से चिपक गई और धीरे से उसके कान में बोली:" पापा वो आपकी मॉडल साहिबा की च च च "चूत" के रस का स्वाद था।

और शर्म के मारे अपना सिर अपने बाप के कंधे पर झुका देती हैं।राम्या के मुंह से चूत सुनकर करण खुशी से झूम उठा।

करण फिर से उसकी उंगली पकड़ कर चूसने लगा तो उसे कोई स्वाद नहीं आया तो उसने शिकायती नजरो से अपनी बेटी की तरफ देखा।

राम्या:" पापा अब उंगली पर नहीं है वो स्वाद । वो तो आपको अब खुद ही ढूंढ़ना पड़ेगा। "

करण: " यहां सबके सामने कैसे ढूंढू वो तो एक बहुत गहरी और अंधेरी गुफा में हैं जिसका रास्ता तुम अच्छे से जानती हो।

राम्या:" पापा अब तो आपको ही ढूंढ़ना पड़ेगा , स्वाद आपको लेना हैं तो मेहनत भी आप करो।"

करण उसकी चूत पर हाथ फेरते हुए:" अगर मेरी मॉडल साहिबा की इजाज़त हो तो कमरे में चल कर ढूंढ लू आराम से?

राम्या अपने बाप की गोद में चढ़ जाती हैं और अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में लपेट कर उसकी आंखो में देखते हुए उसे रूम में चलने का इशारा कर देती हैं।

करण उसे गोद में उठाए हुए अपने रूम की तरफ बढ़ जाता हैं और सभी लोग आंखे फाड़ फाड़ कर उन्हें देखने लगते हैं। लेकिन उन्हें तो किसी की परवाह ही नहीं थी।

जैसे ही दोनो रूम के अंदर घुसते हैं तो अपने बाप की गोद में चढ़ी हुई राम्या गेट को लॉक कर देती हैं है और करण उसे लेकर बेड की तरफ बढ़ गया।

करण ने राम्या को बेड पर लिया दिया तो राम्या ने अपनी दोनो बांहे फैला कर उसे इशारा किया किया तो करण बेड पर आकर सीधा उसके उपर लेट गया और उसे जोर से अपनी बांहों में भर लिया तो राम्या ने भी अपनी बांहे उसकी कमर पर जोर से कस दी।

करण अपनी बेटी की आंखो में प्यार से देखते हुए: राम्या एक बात फिर से सोच लो, कहीं हम गलत तो नहीं कर रहे ?

राम्या तड़प उठी अपने बाप के मुंह से ये बात सुनकर। उसने अपने बाप को और ज्यादा जोर से कस लिया।

राम्या: " पापा मैं आपसे प्यार करती हूं और मुझे बस आपका प्यार चाहिए। मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं सोचना। "

और ऐसा कहकर वो और जोर से अपने बाप को अपने बांहों में कस लेती हैं। करण भी अब सभी रश्मो रिवाज़, समाज, रिश्ते नातों को ताक कहीं पीछे छोड़ देता हैं और प्यार से राम्या के चेहरे की तरफ देखने लगता हैं। दोनो एक दूसरे की आंखो में खो से गए थे , ऐसा लग रहा था जैसे वक़्त कहीं थम सा गया हो।

करण उसकी आंखो में देखते हुए ही बोलता हैं :

" तुम सचमुच बहुत खूबसूरत हो राम्या, एक दम प्यार करने के लिए "!

नारी स्वभाव के कारण राम्या अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गई।

राम्या:" पापा जब मैं प्यार करने के लायक हू तो फिर करो ना मुझे प्यार , मेरा रोम रोम आपके प्यार के लिए तरस रहा हैं पापा"!

और ऐसा बोलकर राम्या अपनी जीभ निकाल कर अपने होंठो पर फेर देती है। करण के सब्र का अब बांध टूट गया और उसने अपनी बेटी के माथे को चूम लिया । उफ्फ माथे पर अपने बाप का पहला किस राम्या को ये समझा गया कि उसका साफ सच में उससे प्यार करता है उसके जिस्म से नहीं। उसका रोम रोम अपने बाप पर फिदा हो गया।

करण फिर अपनी बेटी की आंखो पर किस करता है और उसके गाल सहला देता हैं तो राम्या के चेहरे पर हया की लाली दौड़ गई । फिर करण ने राम्या के गालों पर अपनी जीभ फेरना शुरु कर दिया तो राम्या का जिस्म खुशी से भर उठा। करण ने उसके गाल को मुंह में भर लिया और चूसने लगा, उफ्फ इस एहसास से राम्या की धड़कने बढ़ गई और उसकी चूचियां लिंगरी में से उपर नीचे होने लगी। करण जोर जोर से उसके गालों को चूसने लगा और एक गाल को पूरा मुंह में भर कर दांत गडा दिए तो राम्या के मुंह से दर्द भरी आह निकल पड़ी।

राम्या ने शिकायती नजरों से अपने बाप की तरफ देखा तो करण उसके गाल को जीभ से चाटने लगा मानो उसका दर्द भगा रहा हो। राम्या ये देखकर मदहोश होती चली गई। फिर करण ने उसके दूसरे गाल को चूमना शुरू कर दिया और मुंह में भर कर चूसने लगा। कभी जीभ से तो कभी दांतो से हल्का हल्का काट रहा था। फिर उसने आगे बढ़ कर अपने होंठ राम्या की कान की लौ पर रख दिए और अपने जीभ से सहलाने लगा। उफ्फ इस एहसास से राम्या का पूरा जिस्म सुलगने लगा और उसकी चूत में फिर से नमी आने लगी। फिर करण ने एक बार प्यार से राम्या के होंठो को देखा और उसकी आंखो में देखते हुए अपनी लिप्स को अपनी बेटी के रसीले नाजुक लिप्स पर रख दिया।

जैसे ही दोनो के लिप्स टकराए तो मजे से दोनो की आंखे बंद हो गई और करण ने बहुत प्यार से अपने बेटी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया तो राम्या भी अपने बाप का साथ देते हुए उसके होंठो को चूसने लगी। दोनो एक दूसरे से होंठो को चूम रहे थे, चूस रहे थे, काट रहे थे।

तभी करण ने अपने जीभ जीभ बाहर निकाली और उसका दबाव राम्या के होंठो पर बढ़ा दिया तो राम्या ने अपना मुंह खोलकर करण की जीभ को रास्ता दे दिया और जीभ अंदर घुस गई। करण ने अच्छे से अपनी जीभ से अपनी बेटी के मुंह का मुआयना किया। कभी दांतो पर तो कभी उसके होंठो पर अंदर से जीभ घुमाई । फिर उसने अपनी बेटी की जीभ को अपनी जीभ से पकड़ लिया और चूसना शुरू कर दिया। राम्या उस एहसास से थरथरा उठी और उसने भी अपने बाप की जीभ को अपनी जीभ से चूसना शुरू कर दिया। दोनो एक दूसरे की जीभ चूस रहे थे। प्यार से शुरू हुआ किस धीरे धीरे तूफानी। होता चला गया और वो जोर जोर से एक दूसरे की जीभ को चूसने, काटने लगे। दोनो में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। जब दोनो की सांसे उखड़ने लगी तो दोनो एक साथ अलग हो गए।
 
जैसे ही सांसे नॉर्मल हुई किस फिर से शुरु हो गया। उसके बाद करण ने अपनी बेटी की गर्दन को अपनी जीभ से पूरी लंबाई से चाटना शुरु कर दिया तो रमय्या ने जोश में आकर अपने दोनों हाथों से अपने बाप की कमर को सहलाना शुरु कर दिया । राम्या और करण दोनो अपने पैरो की उंगलियां एक दूसरे से रगड़ने लगे और उन्हें सहला रहे थे।

राम्या अपने जिस्म को पूरी तरह से अपने बाप के हवाले कर चुकी थी और करण अपनी मर्जी से उसके जिस्म को प्यार कर रहा था।

करण ने अब अपने मुंह को नीचे लाते हुए राम्या की दोनो चूचियों को जी भर कर देखा तो एक नेट वाली लिंगरी में से साफ़ दिख रही थी। राम्या की चूचियां एक दम ठोस और गोल गोल थी , उफ्फ क्या कमाल की चूचियां थी राम्या की, ऐसी तो उसकी मा काम्या की भी अपनी जवानी में नहीं थी। करण ने जैसे ही उसकी चूची पर हाथ फेरा तो राम्या का जिस्म सुलग उठा और उसकी चूत से रस टपकना शुरू हो गया।

करण ने उसकी चूचियों को अपने दोनो हाथों से ढक दिया और सहलाना शुरू कर दिया। राम्या के जिस्म में मस्ती की तरंगे दौड़ने लगी। करण ने अपने हाथो का दबाव उसकी चूचियों पर बढ़ा दिया और जोर जोर से दबाने लगा तो राम्या को एक मीठे मीठे दर्द की अनुभूति होने लगी।

राम्या ने अपनी चूचियों को थोड़ा और ज्यादा उभार दिया जिससे वो करण के हाथो में और ज्यादा भर गई और उसने राम्या की सपोर्ट मिलते ही चूचियों को और जोर से दबाना शुरु कर दिया और फिर अपनी जीभ निकाल कर उसकी एक चूची पर फेर दी। उफ्फ राम्या की दोनो चूचिया अपने नेट के कपडे में कैद थी । कहीं पर जीभ का एहसास हुआ तो कहीं पर नहीं हुआ । ये राम्या के लिए बिल्कुल नया एहसास था। करण लिंगरी के उपर से उसकी चूचियां चूसने लगा।

राम्या की मजे से आंखे बंद हो गई और उसने अपने बाप के सिर को अपनी चूची पर दबाना शुरू कर दिया। करण ऐसे ही उसकी चूची चूसता रहा।

करण का लंड पुरी तरह से खड़ा हो चुका था और अपने बेटी की चूत पर लगा हुआ था मानो चूत को आगे होने वाली चुदाई के बारे में समझा रहा हो।

करण ने अब अपनी बेटी के पेट को अपनी जीभ से चाटना शुरु कर दिया अपने दोनो हाथों से फिर से उसकी चूचियां दबाने लगा। रम्या अब अपने होश में नहीं थी , वो अपने बाप की हर हरकत पर मजे से झूम रही थी।

फिर करण ने अपनी बेटी की जांघो को चूमना शुरू कर दिया तो राम्या का बदन हवा में लहराने लगा। फिर समर ने अपनी बेटी की दोनो टांगो को पूरा फैला दिया और अपने नजरे उसकी चूत पर चिपका दी।

हल्की गुलाबी रंग की उसकी चूत जिसमें से रस टपक रहा था और चूत के दोनो लिप्स आपस में पूरी तरह से चिपके हुए थे। करण ने अपनी बार इतनी कसी हुई और खूबसूरत चूत देखी थी।

समर की उंगलियोंअपने आप ही उसकी नाजुक चूत को सहलाने लगी तो राम्या की चूत ने अपने रस की कुछ बूंदे बहाकर अपने बाप का अभिवादन स्वीकार किया। ।

अब करण का धैर्य भी जवाब दे गया । वो उठा और एक झटके के साथ अपने सारे कपड़े उतार कर पूरा नंगा हो गया तो उसका लंड पूरी तरह से तन कर राम्या की आंखो के आगे लहरा गया। उसका लंड कोई दो इंच मोटा और सात इंच लम्बा था।

उफ्फ लंड की लम्बाई और चौड़ाई देख कर राम्या के बदन में सिरहन सी दौड़ गई। उसने रहम भरी नजरो से अपनी चूत की तरफ देखा मानो उसे आने वाले मुसीबत के लिए तसल्ली दे रही हो।

करण ने राम्या की लिंगरी को उसकी आंखो में देखते हुए उतार दिया और अपनी बेटी को पूरी तरह से नंगा कर दिया

। नंगा होते ही राम्या का चेहरे शर्म से लाल हो गया और उसकी नजरे झुक गई। सांसे बहुत तेज होती चली गई जिस कारण उसकी चूचियां उछालने लगी।

करण अब राम्या उपर चढ़ गया और फिर से उसके रसीले होंठों को चूसने लगा। राम्या भी अपने बाप का साथ देने लगी। अब राम्या की नंगी चूचियां करण के सीने में चुभ रही थी और उसका लंड राम्या की चूत पर रगड़ खा रहा था। करण अपने लंड को आगे पीछे करते हुए चूत पर रगड़ रहा था जिस करण चूत और ज्यादा रस छोड़ रही थी। राम्या भी अपनी चूत लंड पर रगड़ रही थी जिससे दोनो के प्रयास के कारण रगड़ ज्यादा तेज हो रही थी।

अब समर ने राम्या की नंगी चूचियो को हाथो में थाम लिया और दबाने लगा तो राम्या को तीखा तीखा मीठा मीठा दर्द महसूस होने लगा । तभी करण ने अपनी जीभ निकाल कर उसके एक निप्पल पर फिराई तो राम्या के मुंह से आह निकल पड़ी।

" आह पापा, जान लोगे क्या अपनी मॉडल साहिबा की , हाय मा री ।"

फिर करण ने उसकी एक चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा

। राम्या आपे से बाहर होने लगी मजे के कारण और उसने जोर जोर से अपनी चूत लंड पर दबानी शुरू कर दी जिससे लंड का सुपाड़ा हर बार चूत पर पहले से ज्यादा दबाव डाल रहा था।

करण ने उसकी पूरी चूची को चूसने में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा तो मजा बढ़ जाने के कारण राम्या का मुंह खुलता चला गया।

" आह पापा चूस लो अपनी बेटी की चूचियां। हाय मा री , उफ्फ पापा आपकी जीभ कितनी अच्छा हैं" आह बस मेरी चूची कितना मजा हैं,"

अपनी बेटी की सिसकियां सुनकर वो जोर जोर से उसकी चूचियां चूस रहा था और धीरे से एक हाथ से राम्या की चूत को सहलाना शुरू कर दिया। राम्या का जिस्म हवा में लहराने लगा और उसने अपने बाप के लंड को पकड़ लिया और जोर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगी।

" आह पापा अब मत तरसाओ मुझे , आ जाओ मेरे उपर चढ़ जाओ मेरी चूत पर "!

राम्या पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी। जो मन में सा रहा था वो बोलती जा रही थी। करण ने अब उसकी दूसरी चूची को चूसना शुरू कर दिया तो मजे के कारण राम्या की आंखे बंद हो गई और उसने जोर जोर से लंड को अपनी चूत के छेद पर दबाना शुरू कर दिया जिस कारण लंड का दबाव पूरी तरह से चूत पर पड़ने लगा और उसकी पंखुड़ियां हल्की हल्की सी खुलने लगी। राम्या को एक मीठे मीठे दर्द का एहसास होने लगा ।

उसकी चूचियों को जी भर कर चूसने के बाद जैसे ही करण उसकी चूत की तरफ जाने लगा तो लंड चूत पर से हट गया जिससे राम्या को बुरा लगा और उसने फिर से अपने बाप को अपने उपर खींच लिया जिससे लंड फिर से चूत पर अड गया।

करण लंड के सुपाड़े से अपनी बेटी की चूत को सहलाने लगा। राम्या से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसलिए उसने एक हाथ से पकड़ कर लंड को चूत के छेद पर लगा दिया और नीचे से अपनी चूत लंड पर उछाल दी तो एक झटके के साथ करण का मोटा सुपाड़ा उसकी चूत में जा घुसा।

सुपाड़े के घुसते ही राम्या की चूत के होंठ फैल कर फट से गए और उसके मुंह से एक दर्द भारी सिसकी निकल पड़ी।

" हाय मा री, मर गई री, बहुत मोटा है पापा आपका लंड " हाय दर्द हो रहा है मेरी चूत में। ये पूरा नहीं घुस पाएगा। "

करण से अपनी बेटी का दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने सुपाड़े को बाहर निकाल लिया तो वो चूत की दीवारों को रगड़ते हुए बाहर निकल गया।

राम्या ने शिकायती नजरों से अपने बाप की तरफ देखा तो करण ने आगे बढ़कर उसके गाल चूम लिए और उसके कान में बोला: " थोड़ा सब्र करो मेरी जान, जल्दी ही पूरा लंड तुम्हारी चूत में होगा। पहले बस एक बार चूत चूस कर चिकनी कर लेने दो।

अपने बाप के मुंह से पूरा लंड चूत में होने की बात सुनकर डर के मारे राम्या की चूत फूलने पिचकने लगी, हाय भगवान कैसे घुसेगा ये सांड जैसा लंड उसकी नाजुक सी चूत में ये विचार मन में आते ही उसकी कंपकपी छुट गई।

करण उसकी जांघो के बीच में आ गया और राम्या ने खुद ही अपनी टांगो को पूरा खोल दिया ताकि उसका बाप अच्छे से उसकी चूत चूस सके। करण ने चूत को दोनो हाथों से फैलाया और उपर नीचे तक उसकी चूत पर अपनी जीभ निकाल कर फिराई। राम्या की सिसकी निकल पड़ी। उसने अपने बाप का मुंह पकड़कर अपनी चूत से चिपका दिया

। करण ने जीभ से अपनी बेटी की चूत को चाटना शुरू कर दिया तो रम्या का पूरा बदन उछलने लगा और वो किसी घोड़ी की तरह दुल्लती मारने लगी।

करण ने अपने जिस्म से उसके पूरे जिस्म को अच्छे से दबा दिया और उसकी चूत में अपनी जीभ अंदर घुसा दी और चूत की दीवारों को जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया। करण चुदाई के इस मौके को अपनी बेटी के लिए यादगार बना देना चाहता था।इसलिए उसने अपनी पूरी जीभ अंदर घुसा दी और चूत को अंदर तक चूसने लगा जिस कारण मजे से राम्या का मुंह खुल गया।

," आह पापा कितना मज़ा आ रहा है, हाय मेरी चूत , और चूसो मेरे पापा , ऐसे ही जोर जोर से चूस लो, खा जाओ अपनी बेटी की चूत आज , हाय चूत री।

राम्या की चूत अब पूरी तरह से गीली हो रही थी। रस पूरी तरह से टपक रहा था। अब राम्या से अपनी चूत की खुजली बर्दाश्त नहीं हुई और उसने अपने बाप को अपने उपर खीचं कर चढ़ा लिया और लंड अपने आप चूत पर जा लगा।
 
राम्या ने खुद ही अपने हाथ से अपनी चूत के होंठो को खोलकर सुपाड़े को अपनी चूत के मुंह पर टिका दिया और अपने बाप की तरफ प्यासी नजरो से देखने लगी

करण ने लंड के सुपाड़े को अच्छे से चूत रस से चिकना कर दिया।

राम्या की चूत में आग लगी हुई थी , उसने नीचे से खुद ही अपनी चूत लंड पर उछाल दी तो लंड फिसल कर चूत के मुंह से हट गया। राम्या ने अपने बाप की तरफ देखते हुए कहा,:

" क्यों तड़पा रहे हो पापा , घुसा दो ना लंड अपनी मिस इंडिया की चूत में मेरी जान,"

और ऐसा कहकर उसने लंड का सुपाड़ा फिर से अपनी चूत के मुंह पर लगा दिया। करण ने उसकी आंखो में देखते हुए अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर अपनी बेटी की चूत को पूरा चिकना कर दिया। राम्या ने भी जोश में आते हुए अपने मुंह में थूक निकाल कर अपने बाप के लंड को उससे पूरा नहला दिया।

राम्या ने अपने बाप की तरफ देखते हुए अपने होंठो पर जीभ फिराई और करण को लंड घुसाने का इशारा कर दिया।

करण ने राम्या के बदन को अच्छे से अपने नीचे दबा लिया और अपनी बेटी की आंखो में देखते हुए एक तगड़ा धक्का उसकी कुंवारी चूत में लगाया तो एक ही बार में उसका आधा लंड राम्या की चूत को फाड़ते हुए अंदर घुस गया। जैसे ही लंड अंदर घुसा राम्या दर्द से तड़प उठी और उसने अपने होंठ हाथ अपने बाप की गरदन में लपेट दिए और उससे कस कर चिपक गई।

" आह, मर गई मेरी मा बचा ले,m आह नहीं, बहुत मोटा है, फट गई मेरी चूत," है भगवान बचा मुझे"!

राम्या की आंखो में आंसू छलक आए और करण ने उन्हें चाटना शुरू कर दिया।

चूत फटकर लंड के चारों ओर कस गई थी। करण ने आधे लंड को बाहर खींचा तो लंड पुरी तरह से फसा हुआ था । जैसे ही उसने पूरी तरह से खींचा तो लंड के साथ साथ चूत के होंठ भी खींचते चले गए।

करण ने फिर से आधे लंड को अपनी बेटी की चूत में घुसा दिया तो राम्या की आंखे फिर से दर्द से फैल गई लेकिन इस बार हल्का सा मजा भी आया। करण ने राम्या की आंखे में देखा तो उसने इशारे से समझाया कि अब दर्द कम हैं ।फिर करण ने उसकी चूचियों को चूसते हुए आधे लंड से अपनी बेटी की चूत को चोदना शुरू कर दिया। राम्या की मजा आने लगा, लंड बिलकुल फस कर चूत में जा रहा था। राम्या ने खुशी के मारे अपने बाप का मुंह चूम लिया और उसके कान में बोली:

" पापा चूत में आगे आपके लिए गिफ्ट है जो हर मर्द का सपना होता हैं"!

करण ने खुशी के मारे अपनी बेटी के होंठ चूम लिए तो राम्या ने अपनी दोनो टांगे अपने बाप की टांगो पर चढ़ा कर उसे इशारा किया कि उसका गिफ्ट कुबूल करे!

करण ने आगे झुक कर राम्या की एक चूची को मुंह में भर लिया और उसकी आंखो में देखते हुए अपने लंड को बाहर निकाल कर एक पूरी ताकत से धक्का लगाया तो लंड उसकी सील तोड़ते हुए एक ही झटके में पुरा जड़ तक जा घुसा।

जैसे ही लंड घुसा तो राम्या की दोनो आंखे दर्द से फैल गई,उसने दोनो हाथो से बेडशीट को दबोच लिया और जोर से चिल्लाई

" मर गई मेरी मा री, आह नहीं , फट गई मेरी चूत, आह बचाओ मुझे," पापा बहुत दर्द हो रहा है"!

करण ने अपनी बेटी की चूची को चूसना शुरू कर दिया और दूसरी को हल्का हल्का दबाने लगा। राम्या की चूत पुरी तरह से फट चुकी थी । चूत से निकलकर खून की बूंदे सफेद चादर लाल करने लगी।

करण के चूची चूसने के कारण राम्या को अच्छा लगने लगा और उसने अपने दोनो हाथ अपने बाप की कमर पर रख कर सहलाने लगी।

करण उसका इशारा समझ गया और उसने जोर से लंड को बाहर खींचा तो लंड में साथ चूत भी खींची चली अाई।

करण ने फिर से हल्के से धक्के के साथ लंड को आधा अन्दर घुसा दिया। लंड का सुपाड़ा चूत की दीवारों को रगड़ते हुए अंदर घुस गया। राम्या की दर्द तो हुआ लेकिन मजा बहुत आया । उसने अपने दोनो हाथ अपने बाप की गांड़ पर रख दिए और दबाने लगी।

करण की आंखो में देखते हुए उसने अपने बाप को चोदने का इशारा कर दिया तो करण ने अपने लंड को बाहर निकाला और पूरी ताकत से जड़ तक अन्दर घुसा दिया तो राम्या फिर से दर्द से कराह उठी और अपनी खुद ही अपनी चूची चूसने लगी।

करण ने अब राम्या की दोनो चूचियों को हाथ में भर कर और पूरी ताकत से भींचने लगा। उसने लंड को अपनी बेटी की चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। कुछ धक्कों के बाद लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगा तो दर्द जैसे बिल्कुल गायब हो गया और अब राम्या को बहुत मजा आने लगा। उसने अपने बाप के होठ चूम लिए और उसकी आंखों में देखते हुए अपनी चूत लंड पर उछालनी शुरू कर दी।

करण ने अब उसकी टांगो को अपनी टांगो पर चढ़ा लिया और पूरी ताकत से उसकी चूत चोदने लगा । लंड हर बार पूरा अन्दर बाहर हो रहा था जिस कारण हर धक्के पर राम्या की चूत पूरी खुल रही थी और मजा बढ़ जाने के कारण चूत से ज्यादा उसका मुंह खुल रहा था।

" आह पापा, हाय मेरी चूत !! आखिर मैं चुद ही गई अपने पापा से, मार लो मेरी चूत पापा, जोर जोर से चोदो अपनी बेटी को , हाय री मेरी चूत"!!

करण अपनी बेटी की सिसकियां से जोश में आ गया और पूरी ताकत से उसकी चूत मारने लगा। हर धक्के पर राम्या की गांड़ उछल उछल पड़ रही थी, वो पूरे मजे से चुद रही थी, । मोटा लन्ड उसकी चूत को पूरा रगड़ रहा था जिस कारण उसकी चूत में हलचल होना शुरू हो गई।

" आह पापा, पूरा जोर से चोदो, उफ्फ पूरा लंड घुस गया री मा मेरी चूत में। हाय कितना अच्छा हैं लंड। '!!

तभी करण के धक्के पूरे तेजी से पड़ने लगे और पागलों की तरह लंड घुसाने लगा तो पूरे कमरे में फच फच फच का मधुर संगीत गूंजने लगा। पूरे कमरे में दोनो की मादक सिसकियां गूंज रही थी। राम्या की चूत में तूफान सा आने लगा तो वो अपने बाप की तरफ देखते हुए पूरी ताकत से अपनी चूत लंड पर उछालने लगी।

" हाय मा री, मेरी चूत , आह पापा मेरी चूत में कुछ हो रहा हैं पापा"

हाय बहुत मज़ा आ रहा है चुदकर,पूरी ताकत से चोदो अपनी मिस इंडिया को मेरे बाप"_!!

करण ने जैसे ही कुछ बहुत तगड़े धक्के उसकी चूत में लगाए तो राम्या ने अपनी गांड़ पूरी ताकत से उछाल कर लंड पुरा जड़ तक घुसा लिया और उसको चूत में उबाल सा आ गया और उसकी चूत ने अपना रस छोड़ना शुरु कर दिया।

"आह पापा, मर गई मेरी चूत, उफ्फ ये कैसा आनंदमय एहसास हैं, चुद गई मेरी चूत, हाय पापा गई मैं तो। ,"

जैसे ही करण के लंड पर अपनी बेटी का गरम रस पड़ा तो वो भी अपने आपको नहीं रोक पाया और उसने भी पूरी ताकत से एक आखिरी धक्का अपनी मिस इंडिया की चूत में लगा दिया और उसकी चूत में वीर्य की पहली बौछार करने लगा।

जैसे ही वीर्य की पिचकारी चूत में गिरने लगी तो राम्या की जलती हुई चूत को ठंडक मिलने लगी और वो अपने बाप से कर कर चिपक गई। उसका बाप भी अपनी बेटी की चूचियों पर ढेर हो गया।

दोनो मा बेटे ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए पड़े रहे।दोनो को कोई होश नहीं था , वे कहां है, कोई उन्हें देख भी रहा है या नहीं, बस दोनो एक दूसरे में खोए हुए थे भाड़ में जाए दुनिया।

थोड़ी देर बाद काम्या को वजन लगने लगा तो उसने उसने अपनी आंखे खोल कर अपने बेटे की तरफ देखा जिसकी आंखे अभी भी बंद थी और लंड मुरझा कर चूत से बाहर निकल रहा था।

उसने प्यार से समर के चेहरे पर हाथ फेरा तो समर की आंखे खुल गई। दोनो मा बेटे एक दूसरे को ऐसे ही प्यार से देखते रहे। फिर काम्या ने उसका गाल चूम लिया और उसके कान में धीरे से बोली:

" थैंक्स बेटा , तूने आज मेरे दूध का कर्ज अदा कर दिया मेरे लाल,

समर उसके गांड़ पर हाथ रख देता हैं और हल्का हल्का सहलाने लगता हैं तो काम्या उसे अपने ऊपर से उतरने का इशारा करती है तो समर उसके पास लेट गया और उसे अपनी बाहों में भर लिया।काम्या भी उससे लिपट गई।

दोनो मा बेटे समुन्द्र की रेत पर नंगे पड़े हुए थे। काम्या उठी और पानी में जाकर अपनी जिस्म से रेत साफ करने लगी। समर उसकी हिलती हुई गांड़ का पूरा नज़ारा ले रहा था जिस कारण लंड में फिर से सनसनाहट शुरू हो गई। पानी बहुत ठंडा था लेकिन दोनो मा बेटो के जलते हुए जिस्म के आगे कुछ भी नहीं था ।

काम्या ने अपने जिस्म को और ज्यादा साफ करने के लिए पानी के अंदर छलांग लगा दी तो उसके जिस्म से रेत अपने आप साफ होता चला गया।

समर भी उठा और अपनी मा की तरह चल दिया तो काम्या उसे चिढ़ाने के लिए पानी में अंदर घुसने लगी। पानी उसके पेट तक अा गया था लेकिन वो अभी भी अंदर ही घुसती जा रही थी। उसकी दोनो चूचियां बाहर थी और पूरी तरह से तनी हुई थी मानो समर का मुंह चिढ़ा रही हो।काम्या ने अपनी चूची को समर को दिखाते हुए मुंह में भर कर चूसने लगी और समर को देखते हुए अपनी आंख हल्की सी दबा दी।

समर का लंड लोहे की रॉड की तरह टनता हुआ चला गया। समर ने भी काम्या को चिढ़ाने के लिए अपने लंड को हाथ में पकड़ लिया और हिलाना शुरू कर दिया । काम्या से ये बर्दाश्त नहीं हुआ और वो तेजी से दौड़कर अाई और उसकी गोद में चढ़ गई और अपने दोनो हाथ अपने बेटे की गर्दन में लपेट दिए। काम्या ने अपनी चूत लंड से मिला दी और अपनी चूत को लंड पर रगड़ने लगी। समर ने अपनी मा की गांड़ को पूरा हाथो में भर लिया और दबाने लगा। समर के हाथो के गांड़ पर दबाव पड़ने से चूत और ज्यादा लंड से चिपक रही थी जिससे काम्या की चूत गीली होने लगी। काम्या की चूची उसके बेटे के सीने में घुसी हुई थी और निप्पल अपने सींग समर की छाती में मार रहे थे। समर अपनी छाती से ही उसकी चूची दबा रहा था।

जैसे ही लंड चूत के मुंह पर आया तो समर ने अपने लंड को चूत की तरफ धकेल दिया तो लंड का मोटा तगड़ा सुपाड़ा फिर से उसकी मा की चूत में जा घुसा।

जैसे ही सुपाड़ा घुसा तो काम्या को बहुत मजा आया और उसके मुंह से मस्ती भरी आह निकल गई।
 
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