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अब राम्या ने उसके लंड पर तेजी से मुंह चलाना शुरू कर दिय और पूरा लंड तेजी से उसके मुंह में अन्दर बाहर होने लगा। करण का जोश बढ़ता ही जा रहा था और उसने अपनी बेटी के मुंह में धक्के लगाने शुरू कर दिए मानो उसकी चूत चोद रहा हो। राम्या ने अपने बाप का सहयोग करते हैं अपने मुंह को पूरी चौड़ाई में फैला दिया तो लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगा। करण के हर धक्के पर लंड पुरा फसा हुआ उसके मुंह में जा रहा था जिससे करण के लंड पर दबाव पड़ने लगा तो करण का मजा और बढ़ गया और धक्के की स्पीड और ज्यादा तेज हो गई ।
तभी करण को लगा कि उसकी लंड में तूफान सा आने लगा तो उसने पुरी ताकत से एक तगड़ा धक्का अपनी बेटी के मुंह में लगा दिया और लंड पुरा जड़ तक घुसकर उसने मुंह में वीर्य की बौछार करना लगा। जैसे ही वीर्य उसके मुंह में गिरा तो राम्या को लगा कि ये उसकी कठिन मेहनत का फल हैं और वो खुशी खुशी उसे पीती चली गई।
जैसे ही लंड ने पिचकारी मारनी बंद करी तो वो अपने आप सिकुड़ कर राम्या की चूत से बाहर आ गया मानो किसी ने उसकी सारी हवा निकाल दी हो।
लंड के सुपाड़े पर लगी वीर्य की आखिरी बूंदों को भी राम्या में जीभ निकाल कर चाट लिया और खड़ी होकर अपने बाप के गले लग गई और उसके कान में बहुत सेक्सी अंदाज में बुदबुदाई कि अब तो नाराज नहीं हो आप मुझसे पापा।
करण ने उसे अपने गले से लगा लिया और उसके कान में धीरे से बोला कि जिस बाप की तुम जैसे प्यारी और ध्यान रखने वाली बेटी हो वो कहां ज्यादा देर तक नाराज रहने देगी।
राम्या: पापा मैं अब पूरी तरह से अपनी प्रैक्टिस पर फोकस करना चाहती हूं, उम्मीद हैं आप मेरा पूरा साथ देंगे "
और उसके लंड को हाथ में पकड़कर बोली: "और पापा मुझे यकीन हैं कि ये भी मुझे अब एक हफ्ते तक परेशान नहीं करेगा।
और ऐसा बोलकर उसकी तरफ देखते हुए गुड नाईट किस देकर अपने बाप के कमरे से निकल गई और थकी होने के कारण अपने कमरे में जाकर सो गई।
वहीं दूसरी तरफ जैसे ही करण का लंड ठंडा हुआ तो उसका जोश भी ठंडा होता चला गया।उसे खुद पर ग्लानि महसूस हुई कि वो अपने ही बेटी को गलत रास्ते पर चलने को मजबूर कर रहा है। उसकी बेटी सिर्फ मॉडलिंग पर ध्यान देना चाहती है और वो उसका ध्यान भटकाकर उसे बहकाने पर तुला हुआ है। शर्म आनी चाहिए मुझे , ये सब कुछ मेरी वजह से शुरू हुआ हैं और शायद मेरी बेटी इसमें मेरा साथ इसलिए दे रही हैं ताकि मैं उसकी हेल्प कर सकू मिस इंडिया बनने में।
है भगवान मैं अपनी बेटी की मजबूरी का फायदा उठा रहा हूं , मैं सच में कितना गिरा हुआ इंसान हूं, ये सब सोच कर उसका दिल रो दिया और उसकी आंखो में आंसू आ गए। पश्चाताप के आंसू।
तभी वो फैसला करता है कि आज के बाद मैं अपनी बेटी को गलत नजर से नहीं देखूंगा और एक अच्छे बाप की तरफ उसका पूरा साथ दूंगा ताकि मेरी बेटी के सपने पूरे हो सके।
अगली सुबह जब करण सोकर उठा तो उसके सिर से एक बहुत बड़ा बोझ उतर चुका था और अब वो अच्छा महसूस कर रहा था क्योंकि कल हुई दिल और दिमाग की जंग उसका दिमाग जीत गया था।
वो फ्रेश होकर जैसे ही अपने कमरे से बाहर निकला तो उसकी नजर नीचे खड़ी हुई राम्या पर पड़ी जो अपनी प्रैक्टिस कर रही थी। राम्या ने एक बहुत सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी जिसमें से उसके जिस्म के कटाव साफ दिख रहे थे।
ये सब देखकर करण एक टक उसकी तरफ देखने लगा तो तभी उसे याद आया कि नहीं उसने खुद से वादा किया है कि एक ऐसा नहीं करेगा । ये सब सोच कर उसने अपनी नजर दूसरी तरफ घुमा ली और सड़क की तरफ देखने लगा। उसके दिल में लालच पैदा हुआ था कम से कम एक बार और अपनी बेटी के जिस्म को अच्छे से देखने का।
लेकिन वो हिम्मत नहीं कर पा रहा था। उधर राम्या अपनी प्रैक्टिस खतम कर चुकी तो वो उपर की तरफ आने लगी और जल्दी ही छत पर आ चुकी थी। करण अपने विचारो में खोया हुआ था और खुद से ही जंग कर रहा था कि अपनी बेटी की तरफ देखे या ना देखे।
तभी राम्या ठीक उसके सामने आकर खड़ी हो गई तो करण की लालची आंखे अपनी बेटी के जिस्म का दीदार करने लगी। वो सब अपनी सब कसमे वादे भूल चुका था और बहुत गौर से अपने बेटी को घूर रहा था। प्रैक्टिस की वजह से राम्या की धड़कने बढ़ी हुई थी और उसकी सेब के आकर की दो मस्त चूचियां सांसे के साथ उपर नीचे हो रही थी और करण उन्हें ही देखे जा रहा था।
तभी राम्या ने उसकी आंखो के आगे चुटकी बजाई तो करण जैसे सपने से जागा तो राम्या बोली:
" कहां खो गए थे पापा, "
करण ने शर्म से अपने नजरे नीचे कर ली और जमीन की तरफ देखते हुए बोला:
" क क कहीं नहीं ब ब बेटी"
राम्या उसके मजे लेने के लिए बोली : तो आपकी जुबान क्यों लड़खड़ा रही है मेरे प्यारे पापा"
करण कुछ जवाब नहीं देता और नजरे नीची किए हुए ही अपने कमरे में चला गया तो राम्या हैरान हो गई कि उसके बाप को अचानक से क्या हो गया।
वो पीछे पीछे उसके रूम में चली गई और उसके सामने एक कुर्सी पर बैठ कर और बोली:
क्या हुआ पापा आपकी तबियत तो ठीक हैं ? बताओ मुझे।
करण: बेटी में बिल्कुल ठीक हूं बस सोच रहा था कि जल्दी ही तुम मजा इंडिया बन जाओगी फिर तो अपने बाप को भूल जाओगी बस इसलिए परेशान हू
करण ने जितनी सफाई से बात घुमा दी थी और राम्या ने उससे कहीं ज्यादा सहजता से अपने बाप की बात पर यकीन कर लिया। वो उठी और अपने बाप के गले लग गई और उसकी आंखो में देखते हुए बोली:
"अपने बाप को भी कोई भूलता है क्या पापा" देखना अगर मैं जीत गई तो आपके लिए मेरे दिल में प्यार और इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाएगी क्योंकि हर कदम पर आपने मेरा साथ दिया है और एक अच्छा बाप होने का हर फ़र्ज़ अदा किया हैं।
करण ने जैसे ही राम्या के मुंह से ये सब सुना तो उसकी आंखे भरभरा गई और दिल अंदर ही अंदर रो पड़ा। जैसे ही राम्या को उसकी हालत का एहसास हुआ तो उसने अपने बाप के आंसू पूछे और उसके गले लग गई।
तभी करण को लगा कि उसकी लंड में तूफान सा आने लगा तो उसने पुरी ताकत से एक तगड़ा धक्का अपनी बेटी के मुंह में लगा दिया और लंड पुरा जड़ तक घुसकर उसने मुंह में वीर्य की बौछार करना लगा। जैसे ही वीर्य उसके मुंह में गिरा तो राम्या को लगा कि ये उसकी कठिन मेहनत का फल हैं और वो खुशी खुशी उसे पीती चली गई।
जैसे ही लंड ने पिचकारी मारनी बंद करी तो वो अपने आप सिकुड़ कर राम्या की चूत से बाहर आ गया मानो किसी ने उसकी सारी हवा निकाल दी हो।
लंड के सुपाड़े पर लगी वीर्य की आखिरी बूंदों को भी राम्या में जीभ निकाल कर चाट लिया और खड़ी होकर अपने बाप के गले लग गई और उसके कान में बहुत सेक्सी अंदाज में बुदबुदाई कि अब तो नाराज नहीं हो आप मुझसे पापा।
करण ने उसे अपने गले से लगा लिया और उसके कान में धीरे से बोला कि जिस बाप की तुम जैसे प्यारी और ध्यान रखने वाली बेटी हो वो कहां ज्यादा देर तक नाराज रहने देगी।
राम्या: पापा मैं अब पूरी तरह से अपनी प्रैक्टिस पर फोकस करना चाहती हूं, उम्मीद हैं आप मेरा पूरा साथ देंगे "
और उसके लंड को हाथ में पकड़कर बोली: "और पापा मुझे यकीन हैं कि ये भी मुझे अब एक हफ्ते तक परेशान नहीं करेगा।
और ऐसा बोलकर उसकी तरफ देखते हुए गुड नाईट किस देकर अपने बाप के कमरे से निकल गई और थकी होने के कारण अपने कमरे में जाकर सो गई।
वहीं दूसरी तरफ जैसे ही करण का लंड ठंडा हुआ तो उसका जोश भी ठंडा होता चला गया।उसे खुद पर ग्लानि महसूस हुई कि वो अपने ही बेटी को गलत रास्ते पर चलने को मजबूर कर रहा है। उसकी बेटी सिर्फ मॉडलिंग पर ध्यान देना चाहती है और वो उसका ध्यान भटकाकर उसे बहकाने पर तुला हुआ है। शर्म आनी चाहिए मुझे , ये सब कुछ मेरी वजह से शुरू हुआ हैं और शायद मेरी बेटी इसमें मेरा साथ इसलिए दे रही हैं ताकि मैं उसकी हेल्प कर सकू मिस इंडिया बनने में।
है भगवान मैं अपनी बेटी की मजबूरी का फायदा उठा रहा हूं , मैं सच में कितना गिरा हुआ इंसान हूं, ये सब सोच कर उसका दिल रो दिया और उसकी आंखो में आंसू आ गए। पश्चाताप के आंसू।
तभी वो फैसला करता है कि आज के बाद मैं अपनी बेटी को गलत नजर से नहीं देखूंगा और एक अच्छे बाप की तरफ उसका पूरा साथ दूंगा ताकि मेरी बेटी के सपने पूरे हो सके।
अगली सुबह जब करण सोकर उठा तो उसके सिर से एक बहुत बड़ा बोझ उतर चुका था और अब वो अच्छा महसूस कर रहा था क्योंकि कल हुई दिल और दिमाग की जंग उसका दिमाग जीत गया था।
वो फ्रेश होकर जैसे ही अपने कमरे से बाहर निकला तो उसकी नजर नीचे खड़ी हुई राम्या पर पड़ी जो अपनी प्रैक्टिस कर रही थी। राम्या ने एक बहुत सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी जिसमें से उसके जिस्म के कटाव साफ दिख रहे थे।
ये सब देखकर करण एक टक उसकी तरफ देखने लगा तो तभी उसे याद आया कि नहीं उसने खुद से वादा किया है कि एक ऐसा नहीं करेगा । ये सब सोच कर उसने अपनी नजर दूसरी तरफ घुमा ली और सड़क की तरफ देखने लगा। उसके दिल में लालच पैदा हुआ था कम से कम एक बार और अपनी बेटी के जिस्म को अच्छे से देखने का।
लेकिन वो हिम्मत नहीं कर पा रहा था। उधर राम्या अपनी प्रैक्टिस खतम कर चुकी तो वो उपर की तरफ आने लगी और जल्दी ही छत पर आ चुकी थी। करण अपने विचारो में खोया हुआ था और खुद से ही जंग कर रहा था कि अपनी बेटी की तरफ देखे या ना देखे।
तभी राम्या ठीक उसके सामने आकर खड़ी हो गई तो करण की लालची आंखे अपनी बेटी के जिस्म का दीदार करने लगी। वो सब अपनी सब कसमे वादे भूल चुका था और बहुत गौर से अपने बेटी को घूर रहा था। प्रैक्टिस की वजह से राम्या की धड़कने बढ़ी हुई थी और उसकी सेब के आकर की दो मस्त चूचियां सांसे के साथ उपर नीचे हो रही थी और करण उन्हें ही देखे जा रहा था।
तभी राम्या ने उसकी आंखो के आगे चुटकी बजाई तो करण जैसे सपने से जागा तो राम्या बोली:
" कहां खो गए थे पापा, "
करण ने शर्म से अपने नजरे नीचे कर ली और जमीन की तरफ देखते हुए बोला:
" क क कहीं नहीं ब ब बेटी"
राम्या उसके मजे लेने के लिए बोली : तो आपकी जुबान क्यों लड़खड़ा रही है मेरे प्यारे पापा"
करण कुछ जवाब नहीं देता और नजरे नीची किए हुए ही अपने कमरे में चला गया तो राम्या हैरान हो गई कि उसके बाप को अचानक से क्या हो गया।
वो पीछे पीछे उसके रूम में चली गई और उसके सामने एक कुर्सी पर बैठ कर और बोली:
क्या हुआ पापा आपकी तबियत तो ठीक हैं ? बताओ मुझे।
करण: बेटी में बिल्कुल ठीक हूं बस सोच रहा था कि जल्दी ही तुम मजा इंडिया बन जाओगी फिर तो अपने बाप को भूल जाओगी बस इसलिए परेशान हू
करण ने जितनी सफाई से बात घुमा दी थी और राम्या ने उससे कहीं ज्यादा सहजता से अपने बाप की बात पर यकीन कर लिया। वो उठी और अपने बाप के गले लग गई और उसकी आंखो में देखते हुए बोली:
"अपने बाप को भी कोई भूलता है क्या पापा" देखना अगर मैं जीत गई तो आपके लिए मेरे दिल में प्यार और इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाएगी क्योंकि हर कदम पर आपने मेरा साथ दिया है और एक अच्छा बाप होने का हर फ़र्ज़ अदा किया हैं।
करण ने जैसे ही राम्या के मुंह से ये सब सुना तो उसकी आंखे भरभरा गई और दिल अंदर ही अंदर रो पड़ा। जैसे ही राम्या को उसकी हालत का एहसास हुआ तो उसने अपने बाप के आंसू पूछे और उसके गले लग गई।