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काम्या ने समर की एक हरकत का जवाब देने के लिए अपने आपको थोड़ा सा नीचे किय और अपने दांतो से पकड़ कर उसका अंडर वियर उतारने लगी । समर ने अपने हाथो को थोड़ा सा और आगे बढ़ा दिया जिससे उसकी उंगलियां फिर से काम्या की गांड़ पर छु गई और उसने अपनी उंगली को काम्या की गांड़ के छेद पर गोल गोल घुमाना शुरू कर दिया। काम्या फिर से मस्ती से भभक उठी और उसने दांतो से पकड़ कर अपने बेटे का अंडर वियर नीचे सरका दिया तो समर का वो खतरनाक लंड आजाद होते हुए सीधे उसके माथे से टकरा गया।लंड इतना टाइट था कि काम्या को अपने माथे पर दर्द का एहसास हुआ और उसने एक हाथ से लंड को पकड़ कर जोर से दबा दिया तो उसे हैरानी हुई कि लंड आज दबने के लिए तैयार नहीं था। वो तो गांड़ मिलने की खुशी से अपना पूरा शक्ति प्रदर्शन कर रहा था। काम्या ने लंड की सारी अकड़ निकालने का फैसला किया और उसके लंड पर अपनी जीभ फिरा दी। समर मस्ती से भर उठा और उसने अपनी उंगली का दबाव काम्या की गांड़ के छेद पर बढ़ा दिया। काम्या फिर से पूरे लंड पर उपर से नीचे अपनी जीभ फिराने लगी तो काम्या की खुरदरी जीभ की रगड़ समर से बर्दाश्त नहीं हुई और अपने अपने उंगली को काम्या की गांड़ से हटाते हुए अपने मुंह में भर कर पूरा गीला कर लिया और फिर से अपनी थूक से भीगी हुई उंगली की अपनी मा की गांड़ के छेद पर टिका दिया। काम्या ने एक बार समर की आंखो में देखा तो समर ने उसे इशारा किया तो काम्या ने अपना मुंह खोलकर लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लिया ।
जैसे ही लंड का सुपाड़ा मुंह में घुसा तो समर ने भी जोश में आते हुए अपनी उंगली को काम्या की गांड़ पर दबा दिया और उसकी उंगली का एक पोर काम्या की गांड़ में घुस गया। काम्या का जिस्म दर्द से भर उठा, तो उसके मुंह से सुपाड़ा बाहर निकल गया।
काम्या ने फिर से हिम्मत करके लंड का सुपाड़ा मुंह में भर लिया और चूसने लगी। इस बार जैसे ही समर की उंगली का दबाव उसे गांड़ पर बढ़ता हुआ महसूस हुआ तो उसने अपनी गांड़ का छल्ला बाहर की तरफ खोल दिया जिस कारण समर की मोटी उंगली काम्या की गांड़ में पूरी घुस गई। काम्या को दर्द तो हुआ लेकिन मजा बहुत ज्यादा आया और उसने अपने मुंह को पूरी ताकत से फैलाते हुए लंड को पूरा अपने मुंह में घुसा लिया।
दोनो बाप बेटे एक साथ मस्ती से भर गए ।
जैसे ही लंड पुरा जड़ तक घुसा तो लंड की गांठ ने काम्या का मुंह पूरी तरह से फैला दिया और उसके लाल लिपस्टिक रंगे होंठ लंड के चारो और कस गए। काम्या ने धीरे से अपनी जीभ को लंड पर घुमाना शुरू कर दिया तो समर के मुंह से एक के बाद सिसकियां निकलने लगी और उसने जोश में आकर उंगली को अपनी मा की गांड़ में प्यार से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।काम्या को शुरु में तो दर्द का एहसास हुआ लेकिन जब उंगली अंदर घुसती तो वो गांड़ का छल्ला बाहर को खोल देती और उंगली आराम से अंदर घुस जाती। काम्या को बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि उंगली उसकी गांड़ की दीवारों को पूरी तरह से रगड़ रही थी।
काम्या पूरी तरह से मस्ती में आ गई और लंड को पूरा मुंह के अन्दर बाहर करके चूसना शुरू कर दिया। काम्या की जीभ की रगड़ समर से बर्दाश्त नहीं हो रही थी इसलिए उसने अपना हाथ गांड़ पर से हटा कर काम्या के सिर पर लाते हुए उसका मुंह लंड पर पूरी तरह से झुका दिया और लंड काम्या के हलक में जाकर अड गया। काम्या की आंखो में नमी आ गई लेकिन लंड को चूसना नहीं छोड़ा। समर ने एक हाथ से काम्या की चूचियां पकड़ ली और दबाना शुरू कर दिया। जैसे ही समर ने जोर से काम्या की चूची दबाई तो उसने अपने दांत बहुत प्यार से लंड पर गड़ाए तो समर की पकड़ अपने आप चूचियों पर कमजोर पड़ गई। काम्या पूरी स्पीड से लंड चूसने लगी जिससे जीभ का असर सीधे लंड पर हो रहा था और लंड पुरी तरह से फस कर जा रहा था इसलिए समर के टट्टो में उबाल आना शुरू हो गया। उसने पूरी ताकत से काम्या का सिर लंड पर दबा दिया और नीचे से अपनी गांड़ उठाकर लंड से उसके मुंह में धक्के मारने लगा मानो उसकी चूत चोद रहा हो। काम्या ने एक हाथ से समर के टट्टो को सहलाना शुरू कर दिया तो समर का धैर्य जवाब दे दिया और उसने एक तेज धक्के के साथ लंड को काम्या के मुंह में घुसेड़ दिया और वीर्य की पिचकारी अपनी मा के मुंह में मारने लगा। जैसे ही पिचकारियां निकलनी शुरु हुई मस्ती से समर का मुंह खुल गया।
" आह मम्मी, मेरी कम्मो निकल गया मेरे माल, उफ्फ चूस ले सारा माल" हाय मम्मी।
काम्या मजे से उसका लंड चूसती रही जब तक कि आखिरी बूंद को नहीं चाट लिया । समर की मजे से दोनो आंखे बंद थी और वो लम्बी लम्बी सांसें ले रहा था, जैसे ही वीर्य निकलना बंद हुआ तो उसने अपनी मा को अपने उपर खीचं लिया और काम्या ने अपने होंठ अपने बेटे के होंठो पर रख दिए और दोनो फिर से एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। हल्का हल्का वीर्य का स्वाद समर भी चख रहा था। दोनो काफी देर तक एक दूसरे को किस करते रहे ।
दोनो मा बेटे नंगे पड़े हुए पीने सांसे दुरुस्त कर रहे थे। जैसे ही दोनो की सांसे नॉर्मल हुई तो काम्या ने समर की आंखो में देखते हुए कहा:
" बिल्कुल जानवर बन जाते हो, मेरे मुंह में ऐसे धक्के लगा रहे थे मानो मेरी चूत मार रहे हो।"!!
समर उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए:
" क्यों मजा नहीं आया क्या आपको ?
कम्मो:" मजा तो आया लेकिन दर्द भी हुआ ज़ालिम , मेरा मुंह दुख रहा है अब तक "!!
समर अपनी मा का मुंह चूम लेता हैं मानो उसका दर्द ठीक कर रहा हो। काम्या को अपने बेटे पर बहुत प्यार आया और उसने उसे अपने गले से लगा लिया। दोनो मा बेटे ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए पड़े रहे ।
कमर धीरे धीरे काम्या की कमर पर हाथ फिराता रहा और काम्या अपने बेटे के माथे को चूम रही थी।
काम्या:" अरे आज केक क्यों मंगा लिया रात तो काटा था ?
समर अपने हाथ अपनी मा की गांड़ पर ले गया और दबाते हुए कहा:
" मा आज तुम्हारी गांड़ का उदघाटन समारोह हैं इसलिए केक मंगवाया हैं:"!!
काम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और उसको धीरे से मारते हुए बोली: " तुम भी एक नंबर के शैतान हो और तुमसे ज्यादा तुम्हारा ये "मोटू "!
ऐसा कहते हुए वो अपनी चूत लंड पर दबा देती हैं तो समर के जिस्म में मस्ती दौड़ गई। उसने काम्या की गांड़ को पकड़ कर जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया। काम्या भी जोश में आ गई और लंड के उपर उपर अपनी चूत रगड़ने लगी।काम्या की चूत पुरी तरह से गीली थी जिस कारण लंड का सुपाड़ा भीगने लगा और लंड ने फिर से मुंह उठाना शुरू कर दिया तो काम्या ने खुश होते हुए अपने बेटे के होंठो को चूम लिया और अपनी चूत को लंड की पूरी लंबाई पर रगड़ने लगी। लंड पुरी तरह से अकड़ता चला गया और अपने पूरे आकर में आ गया तो समर ने अपनी मा को एक पलटा देकर अपने नीचे कर लिया और अपनी मा पर चढ़ गया। अब काम्या समर के नीचे पड़ी हुई थी और समर ने अपनी मा के मुंह में अपनी जीभ घुसा दी और दोनो एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे। काम्या नीचे से अपनी चूत लंड पर रगड़ने लगीं तो समर भी लंड का दबाव चूत पर बढ़ाने लगा। लंड चूत पर पूरा दबाव डाल रहा था जिस कारण दोनो मा बेटे मजे से बहक रहे थे।
जैसे ही लंड का सुपाड़ा मुंह में घुसा तो समर ने भी जोश में आते हुए अपनी उंगली को काम्या की गांड़ पर दबा दिया और उसकी उंगली का एक पोर काम्या की गांड़ में घुस गया। काम्या का जिस्म दर्द से भर उठा, तो उसके मुंह से सुपाड़ा बाहर निकल गया।
काम्या ने फिर से हिम्मत करके लंड का सुपाड़ा मुंह में भर लिया और चूसने लगी। इस बार जैसे ही समर की उंगली का दबाव उसे गांड़ पर बढ़ता हुआ महसूस हुआ तो उसने अपनी गांड़ का छल्ला बाहर की तरफ खोल दिया जिस कारण समर की मोटी उंगली काम्या की गांड़ में पूरी घुस गई। काम्या को दर्द तो हुआ लेकिन मजा बहुत ज्यादा आया और उसने अपने मुंह को पूरी ताकत से फैलाते हुए लंड को पूरा अपने मुंह में घुसा लिया।
दोनो बाप बेटे एक साथ मस्ती से भर गए ।
जैसे ही लंड पुरा जड़ तक घुसा तो लंड की गांठ ने काम्या का मुंह पूरी तरह से फैला दिया और उसके लाल लिपस्टिक रंगे होंठ लंड के चारो और कस गए। काम्या ने धीरे से अपनी जीभ को लंड पर घुमाना शुरू कर दिया तो समर के मुंह से एक के बाद सिसकियां निकलने लगी और उसने जोश में आकर उंगली को अपनी मा की गांड़ में प्यार से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।काम्या को शुरु में तो दर्द का एहसास हुआ लेकिन जब उंगली अंदर घुसती तो वो गांड़ का छल्ला बाहर को खोल देती और उंगली आराम से अंदर घुस जाती। काम्या को बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि उंगली उसकी गांड़ की दीवारों को पूरी तरह से रगड़ रही थी।
काम्या पूरी तरह से मस्ती में आ गई और लंड को पूरा मुंह के अन्दर बाहर करके चूसना शुरू कर दिया। काम्या की जीभ की रगड़ समर से बर्दाश्त नहीं हो रही थी इसलिए उसने अपना हाथ गांड़ पर से हटा कर काम्या के सिर पर लाते हुए उसका मुंह लंड पर पूरी तरह से झुका दिया और लंड काम्या के हलक में जाकर अड गया। काम्या की आंखो में नमी आ गई लेकिन लंड को चूसना नहीं छोड़ा। समर ने एक हाथ से काम्या की चूचियां पकड़ ली और दबाना शुरू कर दिया। जैसे ही समर ने जोर से काम्या की चूची दबाई तो उसने अपने दांत बहुत प्यार से लंड पर गड़ाए तो समर की पकड़ अपने आप चूचियों पर कमजोर पड़ गई। काम्या पूरी स्पीड से लंड चूसने लगी जिससे जीभ का असर सीधे लंड पर हो रहा था और लंड पुरी तरह से फस कर जा रहा था इसलिए समर के टट्टो में उबाल आना शुरू हो गया। उसने पूरी ताकत से काम्या का सिर लंड पर दबा दिया और नीचे से अपनी गांड़ उठाकर लंड से उसके मुंह में धक्के मारने लगा मानो उसकी चूत चोद रहा हो। काम्या ने एक हाथ से समर के टट्टो को सहलाना शुरू कर दिया तो समर का धैर्य जवाब दे दिया और उसने एक तेज धक्के के साथ लंड को काम्या के मुंह में घुसेड़ दिया और वीर्य की पिचकारी अपनी मा के मुंह में मारने लगा। जैसे ही पिचकारियां निकलनी शुरु हुई मस्ती से समर का मुंह खुल गया।
" आह मम्मी, मेरी कम्मो निकल गया मेरे माल, उफ्फ चूस ले सारा माल" हाय मम्मी।
काम्या मजे से उसका लंड चूसती रही जब तक कि आखिरी बूंद को नहीं चाट लिया । समर की मजे से दोनो आंखे बंद थी और वो लम्बी लम्बी सांसें ले रहा था, जैसे ही वीर्य निकलना बंद हुआ तो उसने अपनी मा को अपने उपर खीचं लिया और काम्या ने अपने होंठ अपने बेटे के होंठो पर रख दिए और दोनो फिर से एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। हल्का हल्का वीर्य का स्वाद समर भी चख रहा था। दोनो काफी देर तक एक दूसरे को किस करते रहे ।
दोनो मा बेटे नंगे पड़े हुए पीने सांसे दुरुस्त कर रहे थे। जैसे ही दोनो की सांसे नॉर्मल हुई तो काम्या ने समर की आंखो में देखते हुए कहा:
" बिल्कुल जानवर बन जाते हो, मेरे मुंह में ऐसे धक्के लगा रहे थे मानो मेरी चूत मार रहे हो।"!!
समर उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए:
" क्यों मजा नहीं आया क्या आपको ?
कम्मो:" मजा तो आया लेकिन दर्द भी हुआ ज़ालिम , मेरा मुंह दुख रहा है अब तक "!!
समर अपनी मा का मुंह चूम लेता हैं मानो उसका दर्द ठीक कर रहा हो। काम्या को अपने बेटे पर बहुत प्यार आया और उसने उसे अपने गले से लगा लिया। दोनो मा बेटे ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए पड़े रहे ।
कमर धीरे धीरे काम्या की कमर पर हाथ फिराता रहा और काम्या अपने बेटे के माथे को चूम रही थी।
काम्या:" अरे आज केक क्यों मंगा लिया रात तो काटा था ?
समर अपने हाथ अपनी मा की गांड़ पर ले गया और दबाते हुए कहा:
" मा आज तुम्हारी गांड़ का उदघाटन समारोह हैं इसलिए केक मंगवाया हैं:"!!
काम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और उसको धीरे से मारते हुए बोली: " तुम भी एक नंबर के शैतान हो और तुमसे ज्यादा तुम्हारा ये "मोटू "!
ऐसा कहते हुए वो अपनी चूत लंड पर दबा देती हैं तो समर के जिस्म में मस्ती दौड़ गई। उसने काम्या की गांड़ को पकड़ कर जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया। काम्या भी जोश में आ गई और लंड के उपर उपर अपनी चूत रगड़ने लगी।काम्या की चूत पुरी तरह से गीली थी जिस कारण लंड का सुपाड़ा भीगने लगा और लंड ने फिर से मुंह उठाना शुरू कर दिया तो काम्या ने खुश होते हुए अपने बेटे के होंठो को चूम लिया और अपनी चूत को लंड की पूरी लंबाई पर रगड़ने लगी। लंड पुरी तरह से अकड़ता चला गया और अपने पूरे आकर में आ गया तो समर ने अपनी मा को एक पलटा देकर अपने नीचे कर लिया और अपनी मा पर चढ़ गया। अब काम्या समर के नीचे पड़ी हुई थी और समर ने अपनी मा के मुंह में अपनी जीभ घुसा दी और दोनो एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे। काम्या नीचे से अपनी चूत लंड पर रगड़ने लगीं तो समर भी लंड का दबाव चूत पर बढ़ाने लगा। लंड चूत पर पूरा दबाव डाल रहा था जिस कारण दोनो मा बेटे मजे से बहक रहे थे।