• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Incest परिवार बिना कुछ नहीं

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
काम्या ने समर की एक हरकत का जवाब देने के लिए अपने आपको थोड़ा सा नीचे किय और अपने दांतो से पकड़ कर उसका अंडर वियर उतारने लगी । समर ने अपने हाथो को थोड़ा सा और आगे बढ़ा दिया जिससे उसकी उंगलियां फिर से काम्या की गांड़ पर छु गई और उसने अपनी उंगली को काम्या की गांड़ के छेद पर गोल गोल घुमाना शुरू कर दिया। काम्या फिर से मस्ती से भभक उठी और उसने दांतो से पकड़ कर अपने बेटे का अंडर वियर नीचे सरका दिया तो समर का वो खतरनाक लंड आजाद होते हुए सीधे उसके माथे से टकरा गया।लंड इतना टाइट था कि काम्या को अपने माथे पर दर्द का एहसास हुआ और उसने एक हाथ से लंड को पकड़ कर जोर से दबा दिया तो उसे हैरानी हुई कि लंड आज दबने के लिए तैयार नहीं था। वो तो गांड़ मिलने की खुशी से अपना पूरा शक्ति प्रदर्शन कर रहा था। काम्या ने लंड की सारी अकड़ निकालने का फैसला किया और उसके लंड पर अपनी जीभ फिरा दी। समर मस्ती से भर उठा और उसने अपनी उंगली का दबाव काम्या की गांड़ के छेद पर बढ़ा दिया। काम्या फिर से पूरे लंड पर उपर से नीचे अपनी जीभ फिराने लगी तो काम्या की खुरदरी जीभ की रगड़ समर से बर्दाश्त नहीं हुई और अपने अपने उंगली को काम्या की गांड़ से हटाते हुए अपने मुंह में भर कर पूरा गीला कर लिया और फिर से अपनी थूक से भीगी हुई उंगली की अपनी मा की गांड़ के छेद पर टिका दिया। काम्या ने एक बार समर की आंखो में देखा तो समर ने उसे इशारा किया तो काम्या ने अपना मुंह खोलकर लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लिया ।

जैसे ही लंड का सुपाड़ा मुंह में घुसा तो समर ने भी जोश में आते हुए अपनी उंगली को काम्या की गांड़ पर दबा दिया और उसकी उंगली का एक पोर काम्या की गांड़ में घुस गया। काम्या का जिस्म दर्द से भर उठा, तो उसके मुंह से सुपाड़ा बाहर निकल गया।

काम्या ने फिर से हिम्मत करके लंड का सुपाड़ा मुंह में भर लिया और चूसने लगी। इस बार जैसे ही समर की उंगली का दबाव उसे गांड़ पर बढ़ता हुआ महसूस हुआ तो उसने अपनी गांड़ का छल्ला बाहर की तरफ खोल दिया जिस कारण समर की मोटी उंगली काम्या की गांड़ में पूरी घुस गई। काम्या को दर्द तो हुआ लेकिन मजा बहुत ज्यादा आया और उसने अपने मुंह को पूरी ताकत से फैलाते हुए लंड को पूरा अपने मुंह में घुसा लिया।

दोनो बाप बेटे एक साथ मस्ती से भर गए ।

जैसे ही लंड पुरा जड़ तक घुसा तो लंड की गांठ ने काम्या का मुंह पूरी तरह से फैला दिया और उसके लाल लिपस्टिक रंगे होंठ लंड के चारो और कस गए। काम्या ने धीरे से अपनी जीभ को लंड पर घुमाना शुरू कर दिया तो समर के मुंह से एक के बाद सिसकियां निकलने लगी और उसने जोश में आकर उंगली को अपनी मा की गांड़ में प्यार से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।काम्या को शुरु में तो दर्द का एहसास हुआ लेकिन जब उंगली अंदर घुसती तो वो गांड़ का छल्ला बाहर को खोल देती और उंगली आराम से अंदर घुस जाती। काम्या को बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि उंगली उसकी गांड़ की दीवारों को पूरी तरह से रगड़ रही थी।

काम्या पूरी तरह से मस्ती में आ गई और लंड को पूरा मुंह के अन्दर बाहर करके चूसना शुरू कर दिया। काम्या की जीभ की रगड़ समर से बर्दाश्त नहीं हो रही थी इसलिए उसने अपना हाथ गांड़ पर से हटा कर काम्या के सिर पर लाते हुए उसका मुंह लंड पर पूरी तरह से झुका दिया और लंड काम्या के हलक में जाकर अड गया। काम्या की आंखो में नमी आ गई लेकिन लंड को चूसना नहीं छोड़ा। समर ने एक हाथ से काम्या की चूचियां पकड़ ली और दबाना शुरू कर दिया। जैसे ही समर ने जोर से काम्या की चूची दबाई तो उसने अपने दांत बहुत प्यार से लंड पर गड़ाए तो समर की पकड़ अपने आप चूचियों पर कमजोर पड़ गई। काम्या पूरी स्पीड से लंड चूसने लगी जिससे जीभ का असर सीधे लंड पर हो रहा था और लंड पुरी तरह से फस कर जा रहा था इसलिए समर के टट्टो में उबाल आना शुरू हो गया। उसने पूरी ताकत से काम्या का सिर लंड पर दबा दिया और नीचे से अपनी गांड़ उठाकर लंड से उसके मुंह में धक्के मारने लगा मानो उसकी चूत चोद रहा हो। काम्या ने एक हाथ से समर के टट्टो को सहलाना शुरू कर दिया तो समर का धैर्य जवाब दे दिया और उसने एक तेज धक्के के साथ लंड को काम्या के मुंह में घुसेड़ दिया और वीर्य की पिचकारी अपनी मा के मुंह में मारने लगा। जैसे ही पिचकारियां निकलनी शुरु हुई मस्ती से समर का मुंह खुल गया।

" आह मम्मी, मेरी कम्मो निकल गया मेरे माल, उफ्फ चूस ले सारा माल" हाय मम्मी।

काम्या मजे से उसका लंड चूसती रही जब तक कि आखिरी बूंद को नहीं चाट लिया । समर की मजे से दोनो आंखे बंद थी और वो लम्बी लम्बी सांसें ले रहा था, जैसे ही वीर्य निकलना बंद हुआ तो उसने अपनी मा को अपने उपर खीचं लिया और काम्या ने अपने होंठ अपने बेटे के होंठो पर रख दिए और दोनो फिर से एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। हल्का हल्का वीर्य का स्वाद समर भी चख रहा था। दोनो काफी देर तक एक दूसरे को किस करते रहे ।

दोनो मा बेटे नंगे पड़े हुए पीने सांसे दुरुस्त कर रहे थे। जैसे ही दोनो की सांसे नॉर्मल हुई तो काम्या ने समर की आंखो में देखते हुए कहा:

" बिल्कुल जानवर बन जाते हो, मेरे मुंह में ऐसे धक्के लगा रहे थे मानो मेरी चूत मार रहे हो।"!!

समर उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए:

" क्यों मजा नहीं आया क्या आपको ?

कम्मो:" मजा तो आया लेकिन दर्द भी हुआ ज़ालिम , मेरा मुंह दुख रहा है अब तक "!!

समर अपनी मा का मुंह चूम लेता हैं मानो उसका दर्द ठीक कर रहा हो। काम्या को अपने बेटे पर बहुत प्यार आया और उसने उसे अपने गले से लगा लिया। दोनो मा बेटे ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए पड़े रहे ।

कमर धीरे धीरे काम्या की कमर पर हाथ फिराता रहा और काम्या अपने बेटे के माथे को चूम रही थी।

काम्या:" अरे आज केक क्यों मंगा लिया रात तो काटा था ?

समर अपने हाथ अपनी मा की गांड़ पर ले गया और दबाते हुए कहा:

" मा आज तुम्हारी गांड़ का उदघाटन समारोह हैं इसलिए केक मंगवाया हैं:"!!

काम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और उसको धीरे से मारते हुए बोली: " तुम भी एक नंबर के शैतान हो और तुमसे ज्यादा तुम्हारा ये "मोटू "!

ऐसा कहते हुए वो अपनी चूत लंड पर दबा देती हैं तो समर के जिस्म में मस्ती दौड़ गई। उसने काम्या की गांड़ को पकड़ कर जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया। काम्या भी जोश में आ गई और लंड के उपर उपर अपनी चूत रगड़ने लगी।काम्या की चूत पुरी तरह से गीली थी जिस कारण लंड का सुपाड़ा भीगने लगा और लंड ने फिर से मुंह उठाना शुरू कर दिया तो काम्या ने खुश होते हुए अपने बेटे के होंठो को चूम लिया और अपनी चूत को लंड की पूरी लंबाई पर रगड़ने लगी। लंड पुरी तरह से अकड़ता चला गया और अपने पूरे आकर में आ गया तो समर ने अपनी मा को एक पलटा देकर अपने नीचे कर लिया और अपनी मा पर चढ़ गया। अब काम्या समर के नीचे पड़ी हुई थी और समर ने अपनी मा के मुंह में अपनी जीभ घुसा दी और दोनो एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे। काम्या नीचे से अपनी चूत लंड पर रगड़ने लगीं तो समर भी लंड का दबाव चूत पर बढ़ाने लगा। लंड चूत पर पूरा दबाव डाल रहा था जिस कारण दोनो मा बेटे मजे से बहक रहे थे।
 
समर ने अपनी मा की चूचियों पर हमला कर दिया और एक को दबाने लगा तो दूसरी को मुंह में लेकर चूसने लगा। काम्या का जिस्म मजे से उछलने लगा और उसके मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।

" आह बेटा चूस ले, खा जा मेरे लाल, जोर जोर से चूस अपनी मा की चूचिया।

समर ने काम्या की चूचियों को पुर मुंह में भर कर चूसना शुर कर दिया तो काम्या नीचे से पूरी ताकत से अपनी चूत लंड पर उछालने लगी । समर का लंड पुरी तरह से सीधा खड़ा हुआ था और चूत पर पूरा दबाव डाल रहा था, काम्या की चूत लंड की रगड़ से पानी पानी हो रही थी।

काम्या से लंड की रगड़ बर्दाश्त नहीं हुई और एक हाथ से लंड को पकड़ कर सीधा पकड़ा और नीचे से अपनी चूत लंड पर उछाली तो लंड का मोटा पहाड़ी टमाटर जैसा सुपाड़ा चूत के अंदर घुस गया।

" आह समर , घुस गया अंदर, हाय मा री कितना मोटा हैं ये ,मेरी चूत चुद जायेगी उफ्फ

समर अपने मुंह को अपनी मा के कान के पास ले गया और बहुत प्यार से बोला:

" कम्मो आज अपनी गांड़ दे दे मुझे, अब बर्दाश्त नहीं होता, ।

काम्या समर की आंखो में देखते हुए उसे अपने ऊपर से हटा देती हैं और अपने होंठो पर जीभ फेरते हुए अपने बेटे के आगे घुटने के बल झुक गई। उफ्फ क्या सेक्सी नजारा था। काम्या की गांड़ और चूत दोनो खुलकर पूरी तरह से समर की आंखो के सामने आ गई।

समर ने देर ना करते हुए अपने दोनो हाथो से पकड़ कर अपनी मा की गांड़ को फैला दिया तो गांड़ का छेद पूरी तरह से खुल कर सामने आ गया। उफ्फ समर तो जैसे मदहोश हो गया क्योंकि गांड़ पर उसका पसंदीदा परफ्यूम लगा हुआ था। उसने सीधे अपने होंठ अपनी मा की गांड़ पर रख दिए और गांड़ से लेकर चूत तक पर एक लम्बी जीभ फिरा दी। काम्या का बदन मस्ती से लहरा उठा। समर ने उसकी गांड़ के छेद को चाटना शुरू कर दिया तो काम्या के मुंह से सिसकाियां निकल पड़ी।

" आह बेटे वहां मत चाट, मान जा गुदगुदी होती हैं मुझे"!!

समर हाथ आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को थाम लेता हैं और दबाते हुए बोलता हैं :

" क्यों अच्छा नहीं लग रहा क्या मा" ,

ऐसा कहकर अपनी जीभ को अच्छे से उसकी गांड़ पर रगड़ देता है।

काम्या को ऐसा मस्त एहसास ज़िन्दगी में नहीं हुआ था इसलिए उसका मुंह मस्ती से खुल गया।

" आह हाय, अच्छा तो लग रहा है, उफ्फ चाट ले अब तो ऐसे ही मुझे मजे दे मेरे बेटे।

समर अपनी जीभ को आगे से झुका कर उसके छेद में घुसाने लगता है तो काम्या मस्ती से बिफर उठी। उसने अपनी गांड़ को अपने बेटे के मुंह पर रगड़ना शुरू किया तो समर भी उसका साथ देते हुए अपनी जीभ की स्पीड बढ़ाने लगा।

जैसे ही जीभ थोड़ी सी अंदर घुसी तो काम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने समर को अपने उपर चढ़ जाने का इशारा कर दिया तो समर ने बेड पर पड़ी हुई सॉफ्ट जेल क्रीम उठाई और काम्या में खुद अपने हाथ से क्रीम निकाल कर अपने बेटे के लंड को पूरा चिकना कर दिया। समर ने भी अब ट्यूब का मुंह अपनी मा के गांड़ के छेद पर लगा कर पूरी तने को खाली कर दिया अच्छे से उसकी गांड़ को चिकना कर दिया और उसकी टांगों के बीच में आ गया । उफ्फ काम्या के मुंह के ठीक सामने केक रखा हुआ था जिस में एक चाकू उपर रख हुआ था। काम्या ने चाकू को अपने हाथ में पकड़ लिया और अपनी गांड़ को अपने बेटे के लंड पर सटा दिया। काम्या को लंड का सुपाड़ा आज ज्यादा जी मोटा तगड़ा लग रहा था क्योंकि गांड़ का छेद चूत के मुकाबले बहुत छोटा था। काम्या की गांड़ का पुर छेद लंड के सुपाड़े ने ढक दिया था। काम्या की गांड़ के ठीक सामने उसका ड्रेसिंग टेबल लगा हुआ था जिससे उसे सब कुछ साफ़ नजर आ रहा था। काम्या ने समर को इशारे से समझा दिया कि वो गांड़ पर धक्का ना लगाए वो धीरे धीरे खुद लंड घुसा लेगी।

समर अपनी मा की बात मान गया और अपने दोनो हाथों से गांड़ को पूरी तरह से चौड़ा कर दिया तो गांड़ के छेद खुल और बंद हो रहा था। समर ने धीरे से अपने एक उंगली को अपनी मा की चूत में घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा। काम्या की प्यास भड़क उठी और उसने शीशे में देखते हुए अपनी गांड़ के छेद को बाहर की तरफ खोल दिया और अपनी गांड़ का दबाव लंड पर बढ़ा दिया तो लंड ने गांड़ को फैलाना शुरू कर दिया तो काम्या को दर्द महसूस होने लगा।

समर ने भी अपने लंड पर हल्का सा दबाव बढ़ा दिया और काम्या ने भी अपने दांत भींचते हुए गांड़ का दबाव थोड़ा और ज्यादा बढ़ाया तो गांड़ के छेद पूरी तरह से खुलने लगा और आधा सुपाड़ा गांड़ में घुस गया तो काम्या के होंठो से दर्द भरी आह निकल पड़ी और उसने चाकू का दबाव केक पर बढ़ा दिया तो चाकू धीरे धीरे केक में घुसने लगा। काम्या का पूरा बदन दर्द के मारे ऐंठ रहा था , उसके चेहरे पर दर्द भरी लकीरें उभर आई और और जबड़े भींच गए। उसने फिर से दर्द को बर्दाश्त करते हुए गांड़ का दबाव थोड़ा और लंड पर बढ़ाया तो पुट की आवाज के साथ गांड़ का छेद खुल गया और लंड का सुपाड़ा पूरा अन्दर घुस गया और इसके साथ ही काम्या के हाथ में थमा चाकू थोड़ा और केक में घुस गया

। काम्या के होंठो से एक दर्द भरी आह निकल पड़ी

" आह, मर गई मा री, टोपा घुस गया मेरी गांड़ में हाय राम, मर जाऊंगी मैं दर्द से।
 
समर ने अपनी उंगली को उसकी चूत कि क्लिट पर रगड़ना शुरू किया और दूसरे हाथ से उसकी कमर को सहलाते हुए उसकी पीठ चूमने लगा।

काम्या का चेहरा पूरा पसीने से भीग चुका था उस अब कुछ आराम मिला तो उसने देखा कि उसकी गांड़ का छेद पूरी तरह से फैल गया था। उसे दर्द में भी खुशी हुई कि उसकी गांड़ में मोटा तगड़ा सुपाड़ा अन्दर घुसा लिया था।

उसने अपनी आंखे समर की आंखो से मिला दी तो दोनो मा बेटे एक साथ मुस्कुरा दिए। फिर से काम्या ने अपनी गांड़ का दबाव लंड पर थोड़ा और बढ़ाया तो लंड एक इंच और अंदर घुस गया। काम्या की गांड़ की मांसपेशिया पूरी तरह से लंड पर कसी हुई थी मानो उसका रास्ता रोक रही हो। दोनो मा बेटे उस अद्भुत एहसास से बहुत ही सुखद महसूस कर रहे थे। समर को लग रहा था कि जैसे उसका लंड किसी जलती हुई भट्टी में घुस रहा हैं। उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो अपने अपने लंड का दबाव जैसे ही बढ़ाया तो काम्या को तेज दर्द हुए और इसके हाथ से लंड को आगे बढ़ने से रोक दिया। समर तड़प उठा तो काम्या ने उसे प्यार से इशारा किया कि थोड़ा सब्र करे

समर:" मा घुसा लेने दो मुझे,, मेरे लंड में दर्द हो रहा है , उफ्फ ऐसा लगता हैं जैसे फट जाएगा।"!

काम्या ने अपने बेटे के लंड पर गांड़ का दबाव बढ़ाते हुए कहा:

" थोड़ा सा और सब्र कर, कहीं ऐसा ना हो कि मैं दर्द के मारे उस दिन की तरह बेहोश ना हो जाऊ।

समर को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अपनी मा की पीठ चूमकर जता दिया कि वो ऐसी गलती नहीं करेगा। काम्या खुश हो गई और उसने फिर से अपनी गांड़ का दबाव थोड़ा सा और बढ़ाया तो एक इंच और घुस गया और लंड की पहली गांठ गांड़ पर आ लगी। लंड के घुसते ही काम्या के हाथ का दबाव चाकू पर पड़ा और वो भी थोड़ा सा और अंदर केक में घुस गया। दोनो मा बेटे तड़प रहे थे क्योंकि काम्या का लंड घुसने के कारण दर्द हो रहा था तो काम्या की बिल्कुल टाइट गांड़ ने समर के लंड को पूरी तरह से कस रखा था। समर ने अपनी मा की चूची पकड़ ली और निप्पल को मसलने लगा और दूसरी उंगली से उसकी चूत कि क्लीट रगड़ रहा था। काम्या ने एक बार अपने बेटे की तरफ देखा और उसने समर को लंड का दबाव बढ़ाने का इशारा किया और खुद भी अपनी गांड़ लंड पर धकेल दी तो गांड़ पर दबाव पड़ने का कारण उसका छेद खुल गया और पहली गांठ के साथ दो इंच लंड और घुस गया तो काम्या ने दर्द से कराहते हुए चाकू को केक में घुसा दिया। उफ्फ काम्या को अब बहुत तेज दर्द हो रहा था ऐसा लग रहा था मानो उसकी गांड़ चिर रही हैं । उसकी आंखों से आंसू टपक रहे थे इसलिए उसने अपना चेहरा झुका कर ही रखा क्योंकि वो नहीं चाहती थी कि उसका बेटा उसके आंसू देखे। समर ने शीशे में अपने मा के आंसू देख लिए और प्यार से उसकी पीठ पर सहलाने लगा, चूमने चाटने लगा और दो उंगलियां अपनी मा की चूत में घुसा दी और अंदर बाहर करने लगा।

थोड़ी देर बाद काम्या का दर्द कम हुआ तो उसने बेडशीट पर अपना चेहरा साफ किया और प्यार से अपने बेटे की तरफ देखते हुए उसे इशारा किया और खुद भी अपनी गांड़ का दबाव बढ़ाया तो लंड गांड़ के हल्का सा खोल दीया लेकिन अंदर नहीं घुस पाया तो दोनो मा बेटे एक साथ तड़प उठे।

काम्या ने फिर से थोड़ा ज्यादा दबाव बढ़ाया तो लंड फिर से अंदर नहीं घुस पाया क्योंकि आखिर मोटी गांठ रुकावट डाल रही थी। काम्या ने अपने बेटे की आंखो में देखते हुए अपने मुझ से थूक निकाल कर लंड की मोटी गांठ पर लगा दिया और बोली:

" आह उफ़ घुस नहीं पायेगी तेरी कम्मो से ये, बहुत ज्यादा मोटी हैं तू खुद ही अपने तरीके से घुसा दे" हाय अब घुसा दे पूरा कम्मो की गांड़ में लंड "!!

ऐसा कहकर कम्मो ने अपने दर्द सहने के लिए अपने होंठ भींच लिया तो समर ने पूरी ताकत से अपने लंड को थोड़ा सा पीछे खींचा और एक खूंखार धक्का अपनी मा की गांड़ में लगा दिया तो लंड गांड़ को पुर फाड़ते हुए अंदर जड़ तक घुस गया।

ही लंड अंदर घुसा तो काम्या की दर्द भरी चींखं पूरे घर में गूंज गई

" आह मर गई मेरी मा बचा ले है भगवान, आह नहीं, सआईआई उफ्फ फट गई तेरी कम्मो की गांड़" !!

और उसने चाकू को केक में पूरा घुसा दिया और चाकू से केक की धज्जियां उड़ाने लगी। गांड़ ने लंड को इस कदर कस लिया था मानो वो उसका ही कोई हिस्सा हो। गांड़ की कसावट का असर ये हुआ कि समर के लंड में दर्द होने लगा। समर ने अपनी मा की चूत में दोनो उंगलियां जड़ तक घुसा दी और अंदर से उसकी चूत की दीवारें सहलाने लगा और काम्या की कमर पर किस की बरसात सी कर दी। काम्या को सुकून मिला तो उसने थोड़ा सा केक हाथ में लिया और समर की तरफ बढ़ा दिया तो समर ने आगे बढ़कर काम्या के होंठो से लगा दिया और बोला:

" गांड़ उदघाटन का केक मुबारक हो मेरी मा"

दर्द में भी कम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और उसने थोड़ा सा केक खाया और फिर समर की तरफ बढ़ा दिया तो समर ने केक अपने हाथ से पकड़ खाने लगा तो दोनो मा बेटे एक साथ मुस्कुरा उठे।

काम्या:"समर अब कर ले अपनी मनमानी , जैसे तेरा मन करे मैं नहीं रोकूंगी तुझे ,

समर ने पूरी ताकत से लंड को बाहर की तरफ खींचा तो लंड बड़ी मुश्किल से बाहर निकला मानो अंदर फस सा गया हो और फिर उसके पूरा लंड लंड बाहर निकाल कर एक तगड़े धक्के में पूरा अन्दर घुसा दिया । काम्या फिर से दर्द से तड़प उठी और उसका मुंह से सिसकियां निकलने लगी।

" आह मा मर गई , थोड़ा प्यार से चोद , बहुत दर्द हैं अभी मेरी गांड़ में समर"!!
 
समर ने अपनी मा की बात मानते हुए आधे लंड को बाहर निकाल कर हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो काम्या की गांड़ धीरे धीरे लंड के हिसाब से खुलने लगी । काम्या को हल्का हल्का मजा आने लगा लेकिन दर्द अभी भी बहुत था जिसे वो बड़ी मुश्किल से बर्दाश्त कर रही थी।

समर काम्या की चूत में उंगलियां अंदर बाहर करने लगा तो काम्या को मजा आने लगा और वो अपनी चूत उंगलियों पर आगे पीछे करने लगी। गांड़ भी अपने आप ही लंड पर दबाव बढ़ाने लगीं तो समर का उत्साह बढ़ गया और उसके जोर जोर से अपनी मा की गांड़ को फाड़ना शुरू कर दिया।

" आह बेटा, थोड़ा प्यार से मार मेरी गांड़ , दर्द होता हैं तेरी कम्मो को बहुत"!!

समर तो जैसे अब कुछ सुनने के मूड में ही नहीं था उसने पूरी ताकत से अपनी मा की गांड़ को मारना शुरू कर दिया। हर धक्के पर दोनो गांठ अंदर बाहर हो रही थीं जिससे गांड़ पर पूरी रगड़ पड़ रही थी। कुछ धक्कों के बाद ही काम्या की गांड़ लंड के हिसाब से एडजस्ट हो गई और दर्द की जगह मजे ने ले ली तो काम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी

"आह समर, मार मेरी गांड़ , उफ्फ मा चूत से भी ज्यादा मजा आ रहा है , है भगवान उफ्फ और मार जोर जोर से मार अपनी कम्मो मा की गांड़"!!

काम्या ने पूरी ताकत से अपनी गांड़ समर के लंड पर धकेलने शुरू कर दी तो धक्के में पूरी तेजी आ गई और समर ने काम्या के बाल पकड़कर जोर जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए तो काम्या को दिन में ही तारे नजर आने लगे, हर धक्के पर उसे जन्नत का नजारा दिख रहा था। वो केक को चाकू से पहली की तरह काट रही थी। उसकी जोरदार सिसकियां पूरे घर में गूंज रही थी।

" हाय। एसआईआईआईआई उफ्फ मार ली तूने मेरी गांड़ भी, मार और जोर से मार, उफ्फ हआय्य मा मेरी गांड़ री""!!

समर एक पागल सांड की तरह कम्मो की गांड़ मारने लगा और टाइट गांड़ का असर लंड पर होने लगा तो समर की स्पीड और तेज हो गई , तभी समर को लगा कि उसका लंड फट रहा है तो उसने पूरा लंड बाहर निकाल कर एक तगड़ा धक्का अपनी मा की गांड़ में लगा दिया और लंड जड़ तक घुसा दिया। इसके साथ ही समर के लंड ने अपने वीर्य की पिचकारी कम्मो की गांड़ में मारने शुरु कर दी

" आह मेरी कम्मो, गया मैं तो मेरी मा , हाय उफ्फ कम्मो कम्मो कम्मो मेरी कम्मो मा मा!

वीर्य की पिचकारी पड़ते ही काम्या की चूत ने भी रस बहा दिया तो काम्या का मुंह भी मजे से खुल गया।

" हाय आह आरआईआईआई सआईआईआईआईआई उफ्फ गई मेरी चूत भी, मर गई मेरी गांड़ मेरे लाल आह गांड़ उफ्फ मेरी गांड़!!

जैसे ही वीर्य की आखिरी पिचकारी निकली तो समर अपनी मा की कमर पर ही गिर पड़ा तो काम्या ने उसे पकड़ कर अपने उपर खीचं लिया और दोनो मा बेटे चिपकते चले हुए।

थोड़ी देर बाद काम्या का दर्द कम हुआ तो उसने बेडशीट पर अपना चेहरा साफ किया और प्यार से अपने बेटे की तरफ देखते हुए उसे इशारा किया और खुद भी अपनी गांड़ का दबाव बढ़ाया तो लंड गांड़ के हल्का सा खोल दीया लेकिन अंदर नहीं घुस पाया तो दोनो मा बेटे एक साथ तड़प उठे।

काम्या ने फिर से थोड़ा ज्यादा दबाव बढ़ाया तो लंड फिर से अंदर नहीं घुस पाया क्योंकि आखिर मोटी गांठ रुकावट डाल रही थी। काम्या ने अपने बेटे की आंखो में देखते हुए अपने मुझ से थूक निकाल कर लंड की मोटी गांठ पर लगा दिया और बोली:

" आह उफ़ घुस नहीं पायेगी तेरी कम्मो से ये, बहुत ज्यादा मोटी हैं तू खुद ही अपने तरीके से घुसा दे" हाय अब घुसा दे पूरा कम्मो की गांड़ में लंड "!!

ऐसा कहकर कम्मो ने अपने दर्द सहने के लिए अपने होंठ भींच लिया तो समर ने पूरी ताकत से अपने लंड को थोड़ा सा पीछे खींचा और एक खूंखार धक्का अपनी मा की गांड़ में लगा दिया तो लंड गांड़ को पुर फाड़ते हुए अंदर जड़ तक घुस गया।

ही लंड अंदर घुसा तो काम्या की दर्द भरी चींखं पूरे घर में गूंज गई

" आह मर गई मेरी मा बचा ले है भगवान, आह नहीं, सआईआई उफ्फ फट गई तेरी कम्मो की गांड़" !!

और उसने चाकू को केक में पूरा घुसा दिया और चाकू से केक की धज्जियां उड़ाने लगी। गांड़ ने लंड को इस कदर कस लिया था मानो वो उसका ही कोई हिस्सा हो। गांड़ की कसावट का असर ये हुआ कि समर के लंड में दर्द होने लगा। समर ने अपनी मा की चूत में दोनो उंगलियां जड़ तक घुसा दी और अंदर से उसकी चूत की दीवारें सहलाने लगा और काम्या की कमर पर किस की बरसात सी कर दी। काम्या को सुकून मिला तो उसने थोड़ा सा केक हाथ में लिया और समर की तरफ बढ़ा दिया तो समर ने आगे बढ़कर काम्या के होंठो से लगा दिया और बोला:

" गांड़ उदघाटन का केक मुबारक हो मेरी मा"

दर्द में भी कम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और उसने थोड़ा सा केक खाया और फिर समर की तरफ बढ़ा दिया तो समर ने केक अपने हाथ से पकड़ खाने लगा तो दोनो मा बेटे एक साथ मुस्कुरा उठे।

काम्या:"समर अब कर ले अपनी मनमानी , जैसे तेरा मन करे मैं नहीं रोकूंगी तुझे ,

समर ने पूरी ताकत से लंड को बाहर की तरफ खींचा तो लंड बड़ी मुश्किल से बाहर निकला मानो अंदर फस सा गया हो और फिर उसके पूरा लंड लंड बाहर निकाल कर एक तगड़े धक्के में पूरा अन्दर घुसा दिया । काम्या फिर से दर्द से तड़प उठी और उसका मुंह से सिसकियां निकलने लगी।

" आह मा मर गई , थोड़ा प्यार से चोद , बहुत दर्द हैं अभी मेरी गांड़ में समर"!!

समर ने अपनी मा की बात मानते हुए आधे लंड को बाहर निकाल कर हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो काम्या की गांड़ धीरे धीरे लंड के हिसाब से खुलने लगी । काम्या को हल्का हल्का मजा आने लगा लेकिन दर्द अभी भी बहुत था जिसे वो बड़ी मुश्किल से बर्दाश्त कर रही थी।

समर काम्या की चूत में उंगलियां अंदर बाहर करने लगा तो काम्या को मजा आने लगा और वो अपनी चूत उंगलियों पर आगे पीछे करने लगी। गांड़ भी अपने आप ही लंड पर दबाव बढ़ाने लगीं तो समर का उत्साह बढ़ गया और उसके जोर जोर से अपनी मा की गांड़ को फाड़ना शुरू कर दिया।

" आह बेटा, थोड़ा प्यार से मार मेरी गांड़ , दर्द होता हैं तेरी कम्मो को बहुत"!!

समर तो जैसे अब कुछ सुनने के मूड में ही नहीं था उसने पूरी ताकत से अपनी मा की गांड़ को मारना शुरू कर दिया। हर धक्के पर दोनो गांठ अंदर बाहर हो रही थीं जिससे गांड़ पर पूरी रगड़ पड़ रही थी। कुछ धक्कों के बाद ही काम्या की गांड़ लंड के हिसाब से एडजस्ट हो गई और दर्द की जगह मजे ने ले ली तो काम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी

"आह समर, मार मेरी गांड़ , उफ्फ मा चूत से भी ज्यादा मजा आ रहा है , है भगवान उफ्फ और मार जोर जोर से मार अपनी कम्मो मा की गांड़"!!
 
समर ने दोनो हाथो से उसकी गांड़ को पकड़ लिया और पूरी तेजी से अपने शक्तिशाली लंड पर उछालने लगा। हर बार काम्या की चूत पूरी खुल रही थी और लंड की गांठ उसकी चूत की पंखुड़ियों को पूरा दबाव डालते हुए बुरी तरह से रगड़ रही थी जिससे काम्या का पूरा जिस्म मजे से हिल रहा था और वो अपने आपे से बाहर हो गईं।

"आह मेरी जान, ऐसे ही चोदता रह, तेरा लंड तो मेरी जान हैं, हाय मेरे बेटे का लंड , मा री चुदने में इतना मजा क्यों है!!

तभी समर ने अपना लंड बाहर निकाला तो काम्या की फैली हुई चूत में समुन्द्र का ठंडा पानी घुसने लगा तो इस अहसास से काम्या का हाल बेहाल हो गया और उसका मुंह मजे से खुल गया।

" हाय मा री, उफ्फ कितना अच्छा लग रहा है हाय ठंडा पानी,

समर ने तेजी से अपना लंड फिर से उसकी चूत में घुसा दिया और बिना देर किए चोदना शुरू कर दिया । अंदर घुसा हुआ पानी फच फच की आवाज करता हुआ बाहर आने लगा। काम्या बहुत जोर जोर से सिसकियां ले रही थी , उसकी आवाज दूर दूर तक गूंज रही थी लेकिन सुनने वाली कोई नहीं था। वो पूरी ताकत से अपनी चूत लंड पर पटकने लगी और अपनी चूत की दीवारों को अंदर से कस लिया तो लंड पुरा फसकर जाने लगा ।काम्या की चूत इस रगड़ को बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी चूत में तूफान उठने लगा।

"आह मेरी चूत तो गई , बाड दो लंड पुरा, हाय मेरी मा, चुद मेरी चूत

अगले दिन सुबह राम्या की नींद खुली तो उसे महसूस हुआ कि वो अपने बाप से लिपटी हुई पड़ी है तो राम्या ने अपने बाप की तरफ देखा जो अभी तक सोया हुआ था। राम्या ने अपने बाप का चेहरा चूम लिया फिर जैसे ही उसकी नजर बेडशीट पर पड़ी तो उसने देखा कि वो खून के कारण लाल हो गई थी। राम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और वो बाथरूम की तरफ जाने लगी तो उसे अपनी टांगो के बीच में दर्द का अहसास हुआ तो उसकी आंखो के आगे अपने बाप का लंड लहरा गया । वो धीरे धीरे चलती हुई बाथरूम में गई और फ्रेश होने लगी। उसने खुद को गौर से शीशे में देखा तो अपने आप से नजरे मिलाकर खुद ही शर्मा गई आखिर कली अब फूल जो बन गई थी।

फिर वो कपड़े पहन कर बाथरूम से बाहर आ गई तो देखा करण उठ चुका था तो उसने अपने बाप को देखकर स्माइल किया तो करण ने भी अपनी बेटी को स्माइल किया ।

राम्या अपने बाप के गले लग गई और पूरी ताकत से उसे कस लिया।

राम्या:" आई लव यू पापा ।

करण: " लव यू टू मेरी गुड़िया।

उसके बाद करण बाथरूम की तरफ चला गया और राम्या तैयार होने लगी। उसने अपने बाप के लिए खूब अच्छे से मेक अप किया और सज धज कर अपने बाप का इंतजार करने लगी।

करण नहाकर बाहर आ गया तो उसने राम्या को देखा जो उसे बहुत खूबसूरत लगीं । उसने आगे बढ़ कर राम्या का गाल चूम लिया और बोला:

" क्या बात हैं आज कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही हो।

राम्या शर्मा गई और अपना मुंह नीचे करके मंद मंड मुस्काने लगी। करण ने अपने हाथ से प्यार से उसका चेहरा उपर उठाया तो दोनो की आंखे मिल गई। करण ने उसकी आंखो में देखते हुए अपने प्यासे होंठो को उसके रसीले होठों पर टिका दिया और उसके होंठ चूसने लगा। राम्या भी पिघल गई और उसके हाथ भी अपने बाप की कमर पर कस गए और दोनो एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। तभी सर्विस गर्ल की एंट्री हुई तो दोनो अलग हुए और अपनी सांसे ठीक करने लगे।

बेड पर नजर पड़ते ही वो मुसकाई क्योंकि सफेद चादर काफी हद तक लाल हो चुकी थी।

उसके राम्या की तरफ देखा तो राम्या शर्मा गई। लड़की चादर लेकर जाने लगी तो राम्या अपनी सारी शर्म त्याग कर बोली :

" ये चादर पैक करके मुझे वापिस कर देना क्योंकि ये मेरी ज़िन्दगी के सबसे खूबसूरत लम्हों जी की याद के रूप में हमेशा अपने सात रखूंगी। इसकी कीमत में चुका दूंगी। "!

लड़की उसकी बात मानते हुई चली गई और करण को आज महसूस हुआ कि राम्या उससे सच में बहुत प्यार करती हैं उसने आगे बढ़ कर अपनी बेटी का माथा चूम लिया । उसके बाद दोनो खाने के लिए बाहर हाल में आ गए और वहां मौजूद लोग राम्या को देखकर आन्हे भरने लगे ।

दोनो बाप ने खूब अच्छे से खाना खाया और उसके बाद दोनो सिटी घूमने चले गए। दिन भर राम्या और करण एक दूसरे की बाहों में बांहे डाले घूमते रहे , कोई बता ही नहीं सकता था कि ये दोनो बाप बेटी हैं। राम्या खुल कर अपनी ज़िन्दगी जी रही थी।

शाम होते होते वो दोनो वापिस अपने होटल की तरफ लौट पड़े। अंदर जाकर दोनो फ्रेश हुए और फिर खाने के लिए बाहर हाल में आ गए। राम्या ने एक शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी और बहुत खूबसूरत लग रही थी।

करण और राम्या दोनो एक दूसरे के सामने बैठे हुए थे। करण ने टेबल के नीचे से ही अपना पैर राम्या की टांगो पर रख दिया तो राम्या को एक झटका सा लगा क्योंकि उसे उम्मीद नहीं थी कि उसका बाप पब्लिक प्लेस में ऐसी हरकत कर सकता हैं। उसने इशारे से करण मना किया तो करण ने अपना पैर उसकी स्कर्ट के ऊपर से चूत पर फिराना शुरू कर दिया।

राम्या के पूरे बदन में सिहरन सी दौड़ गई। उसने एक बार फिर से अपने बाप की तरफ देखते हुए मना किया तो करण ने करण ने अपने अंगूठे का दबाव उसकी चूत पर बढ़ा दिया जिस कारण राम्या हड़बड़ा गई और उसके हाथ से खाने कि प्लेट नीचे गिर पड़ी। वेटर दौड़ता हुआ आया।

वेटर:" मैडम आप ठीक तो है ?

क्या मैं आपकी कोई हेल्प करु?

राम्या एक बार गुस्से से करण की तरफ देखती हैं और फिर वेटर से बोली:

" सब ठीक है, दर असल मेरे हाथ से प्लेट स्लिप हो गई थी। "!

वेटर:" मैडम कोई बात नहीं , मैं आपके लिए दूसरी प्लेट लेकर आता हूं"!

राम्या:" नहीं, मैं खा चुकी , उसकी जरूरत नहीं j

खाना खाने के बाद दोनो एक दूसरे की बाहों में बांहे डाले वापिस चल पड़े रूम की तरफ।

अंदर जाते ही काम्या अपने बाप से लिपट गई और दोनो के जिस्म नंगे होते चले गए।

करण राम्या को गोद में उठाकर बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसके होंठ चूमने लगा। राम्या भी उसका साथ देने लगी और अपने अपने हाथ अपने बाप की कमर पर बांध दिए।

करण ने आगे बढ़कर उसकी चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा और दूसरी को दबाने लगा तो राम्या के जिस्म मजे से भर उठा और उसकी चूत गीली होकर आंसू बहाने लगी।

करण ने उसकी दोनो चूचियों को अच्छे से चूसा और फिर नीचे आते हुए अपने होठ उसकी चूत पर रख दिए और चूसने लगा। उफ्फ राम्या से जीभ की रगड़ बर्दाश्त नहीं हुई और और उसका मुंह मजे से खुलता चला गया।

" आह पापा, मेरी चूत ,हाय और चूसो, हाय कितना मजा हैं मेरी चूत में उफ्फ "!

करण ने उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ डाल दी और चूत की दीवारों को चाटने लगा तो राम्या की आग पूरी तरह से भड़क उठी

" आह पापा मुझसे बर्दाश्त नहीं होता , आ जाओ मेरे उपर बस"!

और राम्या करण को अपने उपर खीचं लेती हैं तो लंड अपने आप चूत से लग गया। राम्या की चूत ने अपना मुंह खोलकर लंड का स्वागत किया और राम्या अपनी गांड़ उठा कर लंड को घुसाने लगी तो करण ने अपने लंड का एक तेज धक्का लगाया तो आधा लंड चूत में घुस गया और दर्द के मारे राम्या की आह निकल पड़ी।

" उफ्फ मर गई री मेरी मा, थोड़ा प्यार से पप्पा, दर्द होता है ""!

करण ने फिर से पूरी ताकत से एक तगड़ा धक्का लगाया और लंड को जड़ तक घुसा दिया।
 
" आह हाय मा री , उफ्फ aaaah

Siiiii riiii ohhhh god "!

करण ने तेजी से उसकी चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिए तो राम्या की दर्द भरी सिसकारियां गूंजने लगी। कुछ धक्के के बाद चूत खुल गई और अब दर्द का जगह मजे ने ले ली तो राम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।

" आह बहुत मजा आ रहा है , उफ्फ और करो , मारो अपनी बेटी की चूत मेरे पापा।

करण पूरे लंड को निकाल निकाल कर एक ही धक्के में अंदर घुसाने लगा तो राम्या का जिस्म मजे से उछलने लगा। हर धक्के पर उसकी गांड़ अपने आप उपर उठ रही थी। राम्या की चूत अभी सिर्फ दूसरी बार ही चुद रही थी और टाइट चूत का असर लंड पर भी होने लगा जिस कारण करण के धक्के और तेज होते चले गए। लंड चूत में पूरा फस कर जा रहा था जिस कारण चूत की दीवारों पर रगड़ पड़ रही थी और राम्या की चूत में तूफान सा उठने लगा।

"हाय पापा, उफ्फ मेरी चूत में कुछ हो रहा हैं, पूरा घुसा दो जड़ तक मेरी चूत गई , उफ्फ चुद गई आपकी मिस इंडिया।

और इसके साथ ही राम्या ने नीचे से अपनी गांड़ उठा कर लंड को पूरा अंदर घुसा लिया और उसकी चूत ने अपना रस बहा दिया तो राम्या ने अपने दोनो हाथ अपनी बाप की कमर पर जोर से कस दिए।

करण का भी धैर्य अब जवाब दे गया और उसने भी पूरी ताकत से एक आखिरी धक्का चूत में जड़ दिया और वीर्य की पिचकारी मारने लगा और अपनी बेटी की चूचियों पर ही ढेर हो गया। दोनो बाप बेटी एक दूसरे से चिपके हुए पड़े रहे।

अगली सुबह करण को फोन आया कि उसके ऑफिस में जरूरी काम हैं तो उसे आना ही होगा इसलिए वो ना चाहते हुए भी वापिस लौटने को मजबुर था। उसने ये बात राम्या को बताई तो उसका भी मूड खराब हो गया और वो भी अपने बाप की साथ निकल पड़ी वापिस इंडिया ।

एयरपोर्ट से निकलने के बाद वो अपने घर की तरफ चल पड़े। उधर काम्या और समर दोनो मा बेटे रात भर हुई चुदाई की वजह से थके हुए सो रहे थे। उनकी आंखे घर की बेल बजने से खुली तो काम्या ने समर का मुंह चूम लिया और दोनो किस करने लगे। तभी काम्या के मोबाइल पर करण का फोन आया तो उसकी फटी हुई गांड़ फिर से फट गई।

वो तेजी से उठी और अपने आपको ठीक करने लगी। उफ्फ उससे चला नहीं जा रहा था क्योंकि उसकी गांड़ में बहुत दर्द हो रहा था। समर भी उपर अपने कमरे में भाग गया और कपडे पहन कर सोने का ड्रामा करने लगा।

काम्या ने धीरे धीरे गेट के पास जाकर गेट खिला तो सामने करण और राम्या खड़े थे जिन्हें देख कर वो खुश तो हुई लेकिन उससे कहीं ज्यादा दुखी हुई। दोनो बाप बेटी अंदर आ गए ।

करण: इतनी देर से दरवाजा क्यों खोला, और तुम्हारे पैर को क्या हुआ?

काम्या: " जी मैं बाथरूम में गिर गई थी पैर में हल्की मोच आ गई है। मैं सो गई थी इसलिए लेट दरवाजा खोला!!

राम्या अपनी मा से लिपट गई और काम्या ने उसे गले लगा लिया

राम्या: मा मैं मिस इंडिया बन गई हू, मैं बहुत खुश हूं मा।

काम्या उसका गाल चूम लेती हैं और बोलती हैं:

" राम्या तूने तो हमारा नाम रोशन कर दिया, मुझे तुम पर गर्व हैं बेटी "!!

फिर करण फ्रेश होने चला गया तो उपर से आंखे मलता हुआ समर भी आ गया तो राम्या भागकर अपने भाई से चिपक गई।

राम्या:भाई कैसे हो ? देखो तुम्हारी गुड़िया मिस इंडिया बन कर अाई हैं!!

समर उसका माथा चूम लेता हैं और उसे शाबाशी देता हैं। दोनो भाई बहन ऐसे ही चिपके हुए खड़े रहे तो काम्या को जलन होने लगी।

काम्या:" बहुत प्यार हो रहा है भाई बहन में, जाओ राम्या तुम फ्रेश होकर आ जाओ, मैं कुछ खाने के लिए बना देती हूं।

थोड़ी देर बाद सभी खाना खा रहे थे। काम्या बताती हैं कि माही अमेरिका गई हैं एक महीने के लिए क्योंकि उसकी ट्रेनिंग हैं।

खाना खाकर करण ऑफिस के लिए निकल गया और समर अखाड़े के लिए । राम्या अपने कमरे में जाकर आराम करने लगी और उसकी आंख लग गई।

काम्या लंगड़ाती हुई घर के काम कर रही थी। सारा काम खत्म होने के बाद वो भी अपने रूम में चली गई । काम्या उदास थी क्योंकि करण और राम्या के आ जाने से उसकी आजादी छिन जानी थी। सबसे बड़ा खतरा ये था कि वो करण के साथ सेक्स कैसे करेगी जबकि वो तो समर से वादा कर चुकी थी कि आज के बाद एक सिर्फ उससे ही जिस्मानी रिश्ते बनाएगी। और उसकी चूत समर के तगड़े लंड से इतनी ज्यादा खुल गई थी कि करण आराम से समझ सकता था कि जरूर काम्या किसी तगड़े लंड से अच्छे से चुदी हैं।

काम्या को कुछ समझ नहीं आ रहा था इसलिए वो बोझिल मन के साथ सोने की कोशिश करने लगी। उसका सारा जिस्म रात हुई पहली गांड़ मराई की वजह से थका हुआ था और जिस्म का पोर पोर दुख रहा था इसलिए उसे जल्दी ही नींद आ गई।
 
करण दिन सफर की थकान होने के बाद भी अपने ऑफिस के कामो में लगा रहा और शाम को घर पहुंचते पहुंचते वो थक कर चूर हो गया था। राम्या उसे देखते ही खुश हो गई और उसके गले लग कर उसका गाल चूम लिया। काम्या किचेन में थी और खाना बन चुका था । थोड़ी देर बाद समर भी वापिस सा गया तो सारे परिवार ने एक साथ खाना खाया और थका होने के कारण करण सबको बाय बोलते हुए सोने चला गया ।

काम्या: बेटी फिर तूने आगे अपने कैरियर के बारे में क्या सोचा हैं?

राम्या: " मा अपनी तो मेरी पढ़ाई रुकी हुई है वो पुरी करूंगी और शीला मैडम ने मुझे कुछ विज्ञापन दिलाने का वादा किया हैं जिससे कमाई भी हो जाएगी।

समर खुश होते हुए:" अरे वाह ये तो बहुत अच्छी बात है, मतलब अब तुम भी पैसा कमाना शुरू कर दोगी। इतनी सी उम्र में काम शुरू वाओ।

काम्या समर को छेड़ते हुए: " तेरी तरह थोड़े ही है जो कोई काम नहीं करता हैं सिर्फ खाने पर लगा रहता हैं "!!

समर उसी उसकी मजाक का जवाब उसके है अंदाज मद में देते हुए:" क्या मा आपने मुझसे पिछले दिनों में इतनी ज्यादा मेहनत कराई हैं फिर भी उलाहना "?

ये सुनकर काम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और चेहरा गुलाबी हो उठा । उफ्फ ये लड़का भी कुछ भी बोल देता है।

काम्या: अरे इस उम्र में मेहनत नहीं करेगा तो क्या बुढ़ापे में करेगा ? तुझे और ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि अभी तो सिर्फ शुरुवात हुई हैं और ऐसा कहकर टेबल के नीचे से अपना पैर समर के पैर पर रख देती हैं।

राम्या को कुछ ज्यादा समझ नहीं आ रहा था फिर भी वो उनकी बाते समझने कि कोशिश कर रही थी।

राम्या: हां भाई आपको बहुत मेहनत करनी होगी अगर लाइफ में कुछ हासिल करना है तो ।

काम्या: ये ही बात हो मैं भी इसे समझा रही हू।

समर: " अच्छा ठीक है मा आप जैसे कहोगे वैसा ही करूंगा बस अब तो खूब हो

समर ने जैसे ही अपनी बात पूरी करी तो काम्या ने किसी विजेता की तरह अपना हाथ उपर उठा लिया और जोर जोर से हसने लगे। राम्या बहुत खुश हुई ये देखकर कि उसकी मा के अंदर अभी भी शैतानियां बची हुई है और वो ज़िन्दगी को शानदार तरीके से जी रही हैं।

थोड़ी देर के बाद राम्या उपर सोने जाने लगी और समर को भी चलने के लिए बोल दिया।

राम्या: भाई मैं सोने जा रही हू, और तुम भी जल्दी सोना क्योंकि कल से मुझे अपनी रनिंग शुरू करनी हैं इसलिए सुबह तैयार रहना।

समर : ठीक हैं राम्या ,बस में भी आ रहा हूं सोने के लिए थोड़ी डर और मा से बात करूंगा।

राम्या चली गई तो काम्या ने समर को इशारा किया तो समर गेट पर खड़ा हो गया ये निश्चित करने के लिए कि राम्या अपने गेट में जल्दी से जल्दी घुस जाए।

राम्या सीढ़ियों से उपर जा रही थी , उसके चलने से उसकी मस्त गांड़ हिल रही थी और अब तो वो कातिल अदाएं भी पूरी तरह से सीख गई थी इसलिए वो अपनी गांड़ को पुरी तरह से हिलाकर चल रही थी। समर की आंखे खुली की खुली रह गई उसकी गांड़ की कामुक लचक देखकर ।

राम्या मतकटी हुई अपने कमरे में चली गई और जैसे ही गेट बंद हुआ तो समर सोफे पर बैठी अपनी मा पर टूट पड़ा। दोनो मा बेटे एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। एक लंबे चुम्बन के बाद वो अलग हुए तो काम्या ने समर के कान में कहा:

" अब तू उपर चला जा, गेट खुला रखना, मैं रात को आऊंगी तुझसे मेहनत कराने के लिए "!

और ऐसा कहकर अपने बेटे का लंड मसल देती हैं। समर अपनी मा का मुंह चूम लेता हैं और उपर चला जाता हैं तो देखता है कि राम्या का गेट बंद हैं और कोई आवाज नहीं आ रही हैं तो वो भी अपने कमरे में चला गया।

उधर काम्या अपने बेडरूम में चली गई। करण तो आज पूरी तरह से थका हुआ था इसलिए घोड़े बेचकर सो रहा था। करण को गहरी नींद में देखकर उसके जिस्म में आग सुलगने लगीं । बस वो थोड़ा इंतजार और कर रही थी ताकि राम्या भी ठीक से सो जाए।

राम्या अपने कमरे में पहुंची और लेट गई तो उसका फोन रिंग करने लगा । उसने देखा कि एक नए नंबर से काल आ रही है तो उसने फोन उठा लिया।( भीमा का कॉल था क्योंकि कबीले में अब फोन इंटरनेट सब लग चुका था)!

राम्या: हेल्लो आप कौन बोल रहे हैं?

भीमा: अरे मैडम इतनी जल्दी भूल गई आपने मुझे अपना नंबर दिया था जब मैंने एक बार आपकी जान गुंडों से बचाई थी।

राम्या:" ओह सॉरी, आपका शुक्रिया आपने मेरी जान बचाई थी।अभी याद आ गया

भीमा: " चलो आपको याद तो आ गया । मैंने आपकी फोटो देखी आप तो मिस इंडिया बन गई हैं रानी जी।

( मिस इंडिया बनने के बाद राम्या को नया नाम रानी मिला हैं और घर के बाहर सब उसे इसी नाम से जानते हैं )!

राम्या: अरे अगर आप उस दिन मुझे गुंडों से ना बचाते तो शायद मैं जिंदा ही नही होती।

"थैंक्स मिस्टर ??अरे आपका नाम क्या हैं ? मैंने अभी तक पूछा ही नहीं !!

भीमा: मैडम मेरा नाम भीमा हैं "!!

भीमा का नाम सुनकर राम्या कुछ देर के लिए खामोश सी हो गई क्योंकि उसकी आंखो के आगे कबीले वाले भीमा की डरावनी छवि तैर गई। डर के मारे उसके जिस्म कांपने लगा।

भीमा:" क्या हुआ रानी मैडम " आपको अच्छा नहीं लगा क्या मेरा नाम?

राम्या अपने आपको संयत करते हुए:" अरे भीमा नाम के एक खौफनाक जानवर को मैं भी जानती हूं । उफ्फ मैंने जिंदगी में इतना गिरा हुआ इंसान नहीं देखा जितना वो हैं। " बस इसलिए डर सी गई थी।

भीमा सोच में पड़ गया । ये लड़की किस भीमा की बात कर रही है, कहीं उसकी ही तो नहीं। भीमा हिम्मत करके पूछता हैं

भीमा:" आप किस भीमा की बात कर रही हो?
 
राम्या:" था एक शैतान राक्षस जो मेरे बुआ माही को अपनी रखैल बनाना चाहता था।

राम्या की बात जैसे ही खत्म हुई तो भीमा के होश उड़ गए। है भगवान ये तो मेरी बहन काम्या की बेटी राम्या हैं , उफ्फ मुझे पहले से ही लग रहा था कि मैंने इसे कहीं देखा हैं। लेकिन ये तो मुझे बहुत पसंद आ गई है और कहीं ना कहीं मैं इसे प्यार करने लगा हूं। लेकिन वो तो मुझे नफरत करती हैं क्योंकि वो अभी भी मुझे पहले वाला भीमा समझती हैं , मुझे इसे यकीन दिलाना होगा कि मैं बदल चुका हूं ।

राम्या: अरे मिस्टर आप कहां खो गए?

भीमा: क क कहीं नहीं। अरे मैं सोच रहा था कि वो भीमा सच में बहुत बुरा इंसान था। मेरा नाम भीमा नहीं होना चाहिए।

राम्या उसकी बात सुनकर खुश हो गई और बोली :

" अच्छी सोच हैं आपकी"!अगर आपको बुरा ना लगे तो आपका नया नाम में रख दू ?

भीमा : " मेरी खुश किस्मती होगी रानी जी!!

राम्या कुछ देर सोचती हैं और बोलती हैं:

" रानी के दोस्त का नाम राहुल होना चाहिए। कैसा लगा तुम्हे ये नाम?

भीमा खुश हो गया कि उसने राम्या का दिल जीतना शुरू कर दिया है और राम्या ने तो उसे अपने आप ही अपना दोस्त भी मान लिया है।

भीमा: " बहुत अच्छा और प्यारा नाम हैं रानी का दोस्त राहुल"

मतलब आज से हम दोनों दोस्त ।

रानी:" हां राहुल आज से हमारी दोस्ती शुरु हो गई।

राहुल : थैंक्स रानी जी मुझे अपना दोस्त बनाने के लिए।

रानी:" राहुल मुझे नींद आ रही हैं अगर बुरा ना लगे तो मैं कल दिन में बात करूं आपसे ?.

राहुल:" बुरा लगने वाली कोई बात नहीं। आप सो जाइए। गुड नाईट रानी जी।

रानी:" गुड नाईट राहुल । टेक केयर।

इसके साथ ही राम्या फोन काट देती है और सोने लगती हैं। जल्दी ही वो गहरी नींद में चली गई।

जैसे ही रात के 12 बजे तो काम्या अपने सिर्फ एक पतली सी नाइटी पहन कर अपनी तड़पती हुई चूत के साथ समर के रूम में घुस गई। समर उसका ही इंतजार कर रहा था। दोनो मा बेटे एक दूसरे की प्यास बुझाने लगे।, सुबह के 4 बजे तक काम्या अपने बेटे के तगड़े लंड से चुदती रही और उसके बाद आराम से अपने कमरे में आकर सो गई।

राम्या सुबह जल्दी उठ गई क्योंकि उसे मॉर्निंग वॉक पर जाना था इसलिए वो तैयार होकर समर के रूम में अाई तो देखा कि समर सोया हुआ पड़ा है तो उसे उठाने लगी । समर बहुत गहरी नींद में था क्योंकि वो थोड़ी देर पहले ही अपनी मा को चोदकर सोया था। इसलिए जब बहुत कोशिश करने के बाद भी वो नहीं उठा तो राम्या झुंझला कर खुद ही

मॉर्निंग वॉक के लिए निकल गई।

काम्या उठ गई और फ्रेश होकर नाश्ता तैयार करने लगी। करण भी उठ चुका था , वो किचन में आया और काम्या को पीछे से पकड़ लिया।

काम्या ने चेहरा घुमा कर देखा कि करण हैं तो उसने बहाना बनाते हुए कहा:

"छोड़ो मुझे, कुछ तो शर्म करो, अब हमारी उम्र नहीं रह गई है ये सब करने की।

करण हाथ आगे बढाकर उसकी चूची पकड़ लेता हैं और जोर से भींच लिया । काम्या को अपने सीने में मीठे मीठे दर्द का एहसास हुआ।

काम्या: " बस करो करण, बच्चे हैं घर में कोई भी आ सकता हैं "!

करण:" तो आने दो वो भी देख लेंगे की प्यार कैसे किया जाता हैं और वैसे भी उनकी उम्र भी हो गई हैं ये सब सीखने के लिए"!

काम्या उसकी पकड़ से जबरदस्ती निकल गई और उसे किचेन से बाहर निकाल दिया तो करण उसकी गांड़ पर जोर से मारते हुए बाथरूम में नहाने के लिए चला गया।

समर भी उठ चुका था और राम्या भी मॉर्निंग वॉक से वापिस आ गई थी। उसे समर पर बहुत गुस्सा आ रहा था इसलिए वॉक उसकी तरफ आंखे निकालते हुए बोली:

" अबे ओए कुंभकरण की औलाद , सुबह थोड़ा जल्दी उठ जाया कर और मेरे साथ वॉक के लिए जाया कर।

समर:" तू मुझसे अपनी जुबान संभाल कर बात किया कर , भाई हूं तेरा बड़ा मैं।

राम्या: ओए मैं इंडिया की टॉप मॉडल बन चुकी हूं, इसलिए मैं बोल सकती हूं तुझे बड़ा आया अपने आपको बड़ा बोलने वाला "!

और ऐसा कहकर वो समर का मुंह चिडा देती हैं और उपर जाने लगती हैं तो समर गुस्से से उसे देखता रहा । उपर जाकर राम्या फर्श होने के लिए चली गई तो समर ने बाहर से बाथरूम का गेट बंद कर दिया ।

नाश्ता बन चुका था और सभी लोग राम्या का वेट कर रहे थे लेकिन वो अंदर बाथरूम में बंद थी। मोबाइल उसके रूम में ही रह गया था जिस कारण वो किसी को कॉल भी नहीं कर पा रही थी।

तभी करण उसे बुलाने के लिए उपर जाता हैं तो देखता हैं कि राम्या अपने रूम में नहीं हैं । तभी उसे बाथरूम का गेट पीटे जाने की आवाज आती हैं तो वो गेट खोल देता हैं तो राम्या गुस्से के साथ बाहर निकलती हैं। वो तेजी दे भागती हुई नीचे आती हैं और कुर्सी पर बैठे हुए समर को गुस्से से धक्का दे देती हैं तो समर कुर्सी सहित नीचे गिर गया और उसके मुंह से एक दर्द भरी आह निकल पड़ी।
 
काम्या और करण ये देखकर हैरान रह गए। काम्या को बहुत बुरा लगा और उसने धीरे से समर को उठाया जिसके पीठ में चोट आ गई थी ।

काम्या:" ये क्या बदतमीजी है राम्या ? कब तक बच्चो जैसे हरकते करती रहेगी तू , अगर समर को ज्यादा चोट लग जाती तो ??

राम्या: " हां आपका तो लाडला ये ही हैं आपका तो इसका पक्ष लेंगी ही , इसने मुझे बाथरूम में बंद कर दिया था तो उसका क्या ??

राम्या अपनी बात पूरी करते हुए करण की तरफ देखती हैं कि उसका बाप उसका पक्ष ले।

करण:" समर तुम्हे अपनी बहन के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था तुम अब बड़े हो गए हों।

काम्या:" करण तुमने राम्या को कुछ ज्यादा ही सिर पे चढ़ा लिया है तुम्हे इसकी इतनी बड़ी गलती नहीं दिख रही है।

करण थोड़ा नरम पड़ता हैं और समर से पूछता हैं :"

" बेटा इसे बाथरूम में क्यों बंद किया था तूने?

समर:" पापा इसने मुझे कुम्भ करण की औलाद बोला था आप इसे भी समझाओ की बड़े भाई से बात कैसे करनी चाहिए।

राम्या गुस्से से:" बस कर तू , अगर दिन निकले तक सोता रहेगा तो क्या कहूं और मैं , मॉर्निंग वॉक पर ही अकेले ही जाना पड़ा मुझे आज ।"

करण:" बंद करो दोनो अपनी बकवास और चुपचाप नाश्ता करो, मुझे आगे से कोई ड्रामा नहीं चाइए ।

दोनो अपने बाप का गुस्सा देखकर चुप चाप खाना शुरू कर देते हैं । कोई कुछ नहीं बोल रहा था बिल्कुल शांति थी।

जल्दी ही सबने नाश्ता कर लिया और करण ऑफिस के लिए निकल गया और समर अखाड़ा चला गयातो राम्या को भी कॉलेज जाना था इसलिए वो भी अपने कॉलेज के लिए निकल गई।

कॉलेज में जाते ही सभी लड़कियों ने राम्या को मिस इंडिया बनने कि बधाई दी और उससे पार्टी मांगी तो राम्या ने सबको अच्छी सी पार्टी दी और फिर चल पड़ी शाम को अपने घर की तरफ। रास्ते में उसकी स्कूटी खराब हो गई। वो बहुत परेशान थी, अंधेरा होना शुरु हो गया था और शहर के इस तरफ ट्रैफिक की अच्छी सुविधा भी नहीं थी। इसलिए वो अपनी स्कूटी को घसीट कर ले जाने लगी।

समर अखाड़े से वापिस लौट रहा था और उसी रास्ते पर राम्या का कॉलेज पड़ता था । राम्या को दूर से एक गाड़ी आती हुई दिखाई दी तो उसे पता चल गया कि ये समर की गाड़ी हैं । वो खुश हो गई लेकिन सुबह वाली बात याद आते ही उसका मूड खराब हो गया ।

समर ने देखा कि राम्या अपनी स्कूटी घसीट कर ले जा रही है तो उसने अपनी कार रोक दी और राम्या से पूछा कि क्या हुआ हैं ?

राम्या :" अंधा हैं क्या दिख नहीं रहा कि मेरी स्कूटी खराब हो गई है "!!

समर हो हंसी आ गई उसका ऐटिट्यूड देखकर । राम्या जल भुन गई उसकी हंसी देख कर।

राम्या:" हंस लें बेटा , आज मै परेशान हू कल तू भी हो सकता हैं "!

समर :" अरे राम्या तू नहीं सुधरने वाली,स्कूटी खराब होने के बाद भी तेरे तेवर में कोई कमी नहीं हैं!

राम्या:" अपने एटिट्यूड कि वजह से ही मैं मिस इंडिया बनी हू, ये तो मरते दम तक बरकरार रहेगा। तू निकल जा मैं आ जाऊंगी।

समर मोबाइल से अखाड़े कॉल करता है और उन्हें एड्रेस देकर बुला लेता है।

राम्या खुश हो गई अंदर ही अंदर लेकिन चेहरे पर सपाट भाव थे उसके एक दम।

समर गाड़ी से उतरा और राम्या के हाथ से स्कूटी लेने लगा ताकि साइड में लगा सके तो राम्या झूठा गुस्सा करने लगी।

राम्या:" मुझे कोई जरूरत नहीं है तेरी हेल्प की, तू निकल जा , मैं आ जाऊंगी।

समर का मूड खराब हो गया उसे बहुत गुस्सा राम्या पर।

समर:" बस बहुत हो गई तेरी बक बक , चुपचाप जाकर गाड़ी में बैठ आराम से तू पता भी हैं कि आज कल माहौल कितना खराब हैं ,

राम्या को मुंबई वाली घटना याद आ गई जब कुछ गुंडों ने उसे उठा लिया था। वो डर गई लेकिन अभी भी नखरा कर रहा थी। ठंड के मारे उसका जिस्म कांप रहा था जिसे देखकर समर को बहुत बुरा लगा कि उसकी बहन घर में सब कुछ होने के बाद ठंड मद में स्कूटी से कॉलेज जाती हैं।

समर:" बस बहुत हो गया तेरा ड्रामा चुपचाप जाकर गाड़ी में बैठ नहीं तो एक थप्पड़ में दिमाग ठीक हो जाएगा"!

राम्या ना चाहते हुए भी गाड़ी में बैठ गई। थोड़ी ही देर बाद अखाड़े से पहलवान भी आ गए और स्कूटी ले गए तो समर ने उन्हें बोला कि ये स्कूटी वो ही रखे क्योंकि राम्या ने उन्हें गिफ्ट कर दी है।

राम्या हैरान हो गई । उफ्फ पागल ने मेरी स्कूटी इन्हे ही दे दी।

राम्या:" समर के बच्चे अब मैं कल से कॉलेज कैसे जाऊंगी?

समर :" कल से तू स्कूटी से नहीं बल्कि कार से कॉलेज जाया करेगी। मिस इंडिया हैं तू तो इतना स्टैंडर्ड तेरा होना चाहिए।

राम्या को जैसे यकीन ही नहीं हुआ कि उसका भाई उसे कार दिलाने की बात कर रहा है।

राम्या:" ओए हीरो मुझसे मजाक मत करना, तू जानता नहीं है अभी मुझे ठीक से , किसी जंगली बिल्ली से कम नहीं हूं मैं।"!

समर उसकी तरफ बस स्माइल करता हैं और गाड़ी आगे बढ़ा देता है । थोड़ी देर बाद ही उनकी कार एक बड़े शोरूम के आगे खड़ी थी। राम्या अब तक यकीन नहीं कर पा रही थी।

समर: " चल जंगली बिल्ली निकल अब और अपनी पसंद से गाड़ी ले ले, क्या याद करेगी तू भी अपने भाई को।

राम्या खुशी से बाहर निकलती हैं और एक ब्लैक रंग की होंडा सिटी कार पसंद करती हैं तो समर काउंटर पर जाकर राम्या के नाम से गाड़ी बुक करा दिया और राम्या तो जैसे खुशी से हवा में उड़ रही थी।

थोड़ी देर बाद ही दोनो की गाड़ियां सड़क पर दौड़ रही थी। कोई 20 मिनट की ड्राइविंग के बाद वो घर पहुंच गए।

राम्या ने अपनी गाड़ी पार्क करी और खुशी के मारे चिल्लाते हुए घर के अंदर घुस गई। करण ऑफिस से आ गया था और फ्रेश होकर जैसे ही बाहर निकला तो उसे राम्या खुशी से झूमती हुई दिखी तो करण और काम्या दोनो के चेहरे पर भी स्माइल आ गई।

राम्या उन्हें अपने पीछे आने का इशारा करके बाहर की तरफ चल पड़ी।करण और काम्या ने जैसे ही बाहर नई गाड़ी खड़ी हुई देखी तो एक भी खुश हो गए।

समर भी अपनी गाड़ी पार्क करके बाहर निकला तो राम्या दौड़ती हुई उसके गले लग गई और करण और काम्या की तरफ देखते हुए बोली:

" मेरे भाई ने मुझे गाड़ी गिफ्ट करी हैं मेरे मिस इंडिया बनने कि खुशी में। पापा एक फोट लो आप मेरी और भाई की गाड़ी के साथ

और ऐसा कहकर बहुत ही अदा के साथ समर से चिपकते हुए उसके कंधे पर हाथ रखते हुए उसके पास खड़ी हो गई।

करण उनकी फोटो लेता हैं और फिर पूरा परिवार घर के अंदर चला गया। आज सबसे ज्यादा खुश राम्या थी क्योंकि आज उसे पहली बार एहसास हुआ कि उसका भाई उससे सचूमुच कितना प्यारा करता हैं।
 
जल्दी ही खाना तैयार हो गया और पूरा परिवार एक साथ बैठे हुए डिनर कर रहा था।

राम्या:" आज तो मैं ज्यादा ही रोटी खा जाऊंगी क्योंकि आज मैं बहुत खुश हूं।

तीनो मुस्कुरा दिए। करण और काम्या दोनो बहुत खुश थे क्योंकि आज सुबह जिस तरह से समर और राम्या की लड़ाई हुई थी उससे तो लग रहा था कि ये दोनों शायद महीने तक एक दूसरे से बात भी ना करे।

राम्या समर की प्लेट में दो रोटी ज्यादा रख देती हैं ।

राम्या:" भाई आप आज दो रोटी ज्यादा खाना , आप दिन भर बहुत काम करते हो

काम्या राम्या को छेड़ते हुए :"

" बड़ा ध्यान रख रही है अपने भाई का, हान इसने तुझे कार जो दिलाई हैं तो इतना तो तेरा फ़र्ज़ बनता ही है।

राम्या के दिल को ठेस लगी लेकिन उसने ज़ाहिर नहीं होने दिया। वो बोली:"

" मम्मी ऐसी कोई बात नहीं है, मिस इंडिया बनने के बाद मुझे इनाम में इतने पैसा मिला है कि मैं कभी भी अपनी कर खरीद सकती हूं।

काम्या को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने राम्या से पूछा :"

" फिर क्या हुआ आज तो अपने भाई पर इतना प्यार आ रहा हैं?

राम्या:" रास्ते में मेरी स्कूटी खराब हो गई थी। समर ने मुझे देखा तो अपनी गाड़ी रोक दी और मेरी सुबह की बदतमीजी को भुलाते हुए मुझे कार में बैठ जाने को कहा लेकिन मैंने गुस्से से मना कर दिया तो भाई ने बोला कि चुपचाप बैठ जा नहीं तो थप्पड़ मारूंगा।

भाई के मुंह से ये बात सुनकर मुझे पहली बार एहसास हुआ कि वो मेरी कितनी फिक्र करता हैं।

करण और काम्या ये सुनकर बहुत खुश हुए। समर आराम से खाना खा रहा था तभी उसने राम्या से कहा:"

" मैं तेरी कोई फिकर नहीं करता, बंदरिया कहीं की!

राम्या सिर्फ समर को एक स्माइल देती हैं और खाना खाती रहती हैं। समर को मजा नहीं आया वो तो उसे परेशान करके ही खुश होता था।

समर:" राम्या तुम तो स्माइल भी किसी चुड़ैल कि तरह करती हो, मोटी भैंस कहीं की।

राम्या हंसती हुई:" हा हा भैया , छेड़ को जितना मन करे, मुझे अब कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है,क्योंकि मैं आज आपका प्यार और अपनत्व सिर्फ देख ही नहीं महसूस कर चुकी हूं।

सभी डिनर कर चुके थे। राम्या और काम्या दोनो किचेन में थी और बर्तन साफ कर रही थी। करण और समर हॉल में बैठे टीवी देख रहे थे।

समर:" पापा मैंने अखाड़े की फाइल सरकारी ऑफीस भेज दी हैं ताकि मुझे सरकार से कुछ मदद मिल सके क्योंकि मैं चाहता हूं कि अखाड़े के पहलवान देश भर में कुश्ती लड़े।

करण:" ये तो बहुत अच्छी बात हैं बेटा, मेरी कोई मदद चाहिए तो बताना, बाकी अखाड़ा अब तुम्हे ही देखना हैं।

समर:" पापा कोई बात हुई तो मैं आपको जरूर बताऊंगा। अभी तो मैं सोने जा रहा हूं, गुड नाईट पापा।

और ऐसा कहकर वो उपर चला गया। राम्या और काम्या अपना काम खत्म करके अाई और बैठ गई करण के पास। काम्या की नजरे समर को ढूंढ़ रही थी।

काम्या:" समर कहां चला गया ? दिख नहीं रहा है !

करण:" उसे नींद आ रही थी इसलिए सोने चला गया है ।

काम्या:" पूरे दिन मेहनत करता है उसे एक गिलास दूध तो पीकर सोना चाहिए। मैं दूध देकर आती हूं उसको, फिर सो जायेगा आराम से।

काम्या को तो बस बहाना चाहिए था समर के पास जाने का , इसलिए वो किचेन में चली गई।

जैसे ही काम्या किचेन में घुसी तो राम्या अपने बाप के गले लग गई और उसे अपने बांहों में कस कर उसका गाल चूम लिया। करण भी राम्या को अपनी बांहों में कस लिया और अपने होंठ को अपनी बेटी के रसीले होंठों पर रख कर चूसने लगा। राम्या की मजे से आंखे बंद हो गई और वो भी अपने बाप का साथ देते हुए उसके होंठो को चूमने लगी।

करण ने एक हाथ को नीचे लाते हुए राम्या की गांड़ पर रख दिया और दबाने लगा। गांड़ पर अपने बाप के हाथो का एहसास होते ही राम्या ने अपनी जीभ करण उसके मुंह में घुसा दी और दोनो एक दूसरे की जीभ चूसने लगे।

करण ने अपनी बेटी के चूतड़ों को थोड़ा जोर से दबा दिया तो राम्या ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए अपने बाप की कमर पर नाखूनों से निशान बनाने शुरू कर दिए। करण राम्या के होंठो को ऐसे चूस रहा था मानो उनमें से कोई मीठा रस निकल रहा हो।

जैसे ही दोनो को सांस लेने में कठिनाई होने लगी तो मजबूरन उन्हें किस को रोकना पड़ा। दोनो एक दूसरे की आंखो में देख रहे थे , वासना का असर उन पर साफ दिखाई दे रहा था क्योंकि आंखे लाल सुर्ख हो चुकी थी।

करण सोफे पर बैठ गया और अपनी बांहे फैला दी तो राम्या खुशी से दौड़कर अपने बाप की गोद में बैठ गई। करण का लंड खड़ा हो चुका था जो राम्या की गांड़ में घुसने की कोशिश कर रहा था । करण ने अपनी बेटी की शर्ट में दोनो हाथ घुसाकर उसकी चूचियों को थाम लिया और दबाना शुरू कर दिया तो राम्या का जिस्म मजे से भर गया। उसने भी अपने गांड़ को अपने बाप के लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया।

उधर काम्या दूध गर्म कर चुकी थी और ग्लास में लेकर उपर जाने लगी तो करण ने उसे अंदर से ही छेड़ते हुए कहा:

" काम्या सिर्फ अपने बेटे का ही ख्याल हैं बस तुम्हे, मैं भी पूरे दिन काम करता हूं थोड़ा दूध मुझे भी पिला दो।!!

काम्या आधी सीधी चढ़ चुकी थी इसलिए वहीं से बोली:

" तुम्हे दूध पिलाएगी तुम्हारी लाडली बेटी जिसका तुम हमेशा पक्ष लेते हो, मैं तो चली अपने बेटे को दूध पिलाने ।

इतना कहकर वो उपर चली गई और समर के रूम में घुसी गई तो देखा कि समर सो चुका था , उसने समर को आवाज लगाई लेकिन वो गहरी नींद में जा चुका था । वो वहीं उसके पास बेड पर बैठ गई और उसका चेहरा प्यार से देखने लगी। उसने उसका मुंह चूम लिया और दूध का गिलास लेकर नीचे की तरफ चल पड़ी ताकि करण को दूध पिला सके।

उधर जैसे ही करण और राम्या ने काम्या की बात सुनी कि तुम्हे दूध पिलाएगी तुम्हारी लाडली तो दोनो के होंठो पर स्माइल आ गई।

करण उसकी चूचियों को दबाने हुए:" बेटी पिला दे दूध मुझे, अब तक तो तेरी मा ने भी परमीशन दे दी है !"

राम्या उसने गाल खींचते हुए:'

" बुद्धु पापा मम्मी ने मेरे दूध नहीं नहीं बल्कि किचेन से दूध पिलाने को कहा है!"

करण उसकी चूचियों के निप्पल को हल्का हल्का सहलाते हुए:

" मुझे ये दूध पीना हैं क्योंकि ये ज्यादा ताकतवर हैं बेटी इसे पीकर मेरा लन्ड भी खड़ा हो जाता है जबकि लंड में कोई हड्डी नहीं होती!".

राम्या अपने बाप की बात पर हंस पड़ती है तो करण उसकी शर्ट के ऊपर के बटन खोल देता हैं और फिर राम्या खुद ही अपने हाथ अपनी कमर पर ले जाकर ब्रा का हूक खोल दी तो उसकी ब्रा नीचे सरक गई और दोनो चूचियां आजाद होकर उसके बाप के सामने पेश हो गई।

क्या मस्त मस्त गोल चूचियां हैं राम्या की। उफ्फ निपल्स तो हमेशा तने हुए ही रहते हैं मानो उन्हें झुकना पसंद ही ना हो।

करण ने राम्या की आंखो में देखते हुए अपने होंठो पर जीभ फिराई तो राम्या ने अपनी चूचियों को पूरी तरह से उभार कर उसे चूसने का खुला निमंत्रण दे दिया।

करण से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने होंठो राम्या को चूची पर टिका दिए। अपनी चूची पर अपने बाप के होंठ लगते ही राम्या के मुंह से एक मस्ती भरी सिसकी निकल पड़ी और उसने खुद ही अपने बाप का सिर अपनी चूची पर दबा दिया।

करण ने जैसे ही उसके निप्पल को अपने मुंह में लिया तो दोनो बाप बेटी के कानो में काम्या की आवाज पड़ी जो उस तरफ ही आ रही थी। निप्पल अपने आप ही समझदारी का परिचय देते हुए करण के मुंह से बाहर निकल गया और राम्या अपने बाप की गोद से उठ कर सोफे पर बैठ गई । उसकी शर्ट के बटन अभी भी खुले हुए थे वो उन्हें बंद करने लगी तभी गेट खुलता हुआ महसूस हुआ तो उसने जल्दबाजी में अपने उपर एक कम्बल खीच लिया।
 
Back
Top