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समर ने अपना घर फिर से वापिस खरीद लिया और अखाड़ा की मरम्मत भी शुरू हो गई। जल्दी ही उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट आईं।
घर वापिस मिलने की खुशी में पूरी रात पार्टी हुई जिसमें सोनम, उसका पूरा परिवार, कबीले से रामू, और जय सिंह और चंदा सब शामिल हुए।
सब लोग एक एक करके अपने घर चले गए तो काम्या नीचे आ गई और सो गई जबकि राम्या राहुल का राहुल +(भीमा) से बात करने का बहुत मन था लेकिन उसका नंबर नहीं मिल रहा था।
समर अपने बेडरूम में पहुंचा और माही को अपनी बांहों में भर लिया। माही भी उससे लिपट गई क्योंकि आज बहुत दिनों के बाद वो प्यार करने वाले थे।
जल्दी ही दोनो पूरे नंगे हो गए और 69 की पोजिशन में आ गए और और माही ने लंड चूसना शुरू कर दिया तो समर उसकी चूत चाटने लगा। जैसे ही समर ने अपनी जीभ उसकी चूत पर रगड़ी तो माही की मजे से सिसकी निकल पड़ी और लंड उसके मुंह से निकल गया। उसने समर को अपने उपर खीचं लिया तो लंड अपने आप चूत के छेद पर जा लगा।
माही ने अपना निचला होंठ दबा कर समर को लंड घुसाने का इशारा किया तो समर ने पूरी ताकत से एक ही धक्कें में लंड पुरा उसकी चूत की गहराईयों में उतार दिया।
माही:"। हाय ज़ालिम मर गई मेरी मा री, पूरा घुसा दिया लोला मेरी चूत में, आह एसआईआईआईआई मेरी चूत हाय।
माही की दर्द भरी सिसकारियां राम्या के कानो में पड़ी तो उसके जिस्म में हलचल होना शुरू हो गई। उफ्फ कितना मोटा लन्ड हैं उसके भाई का शायद इसलिए ही माही उसे लोला कहती हैं।
समर माही को चोदता रहा और माही भी अपनी गांड़ उठा उठा कर चुदती रही। उधर राम्या की उंगली अपने आप उसकी चूत में घुस गई और राम्या भी माही की सिसकियां सुनकर अपनी चूत सहलाने लगी।
तभी समर और माही दोनो एक साथ झड़ गए तो राम्या की चूत ने भी अपना रस छोड़ दिया। अब राम्या को फिर से अपने भाई के लंड की याद आने लगी। वो भी घोड़ी बनना चाहती थी , लंड को अपनी बच्चेदानी तक महसूस करना चाहती थी और सिर्फ समर का लंड ही उसे ये सुख दे सकता था। इसलिए वो अपने भाई के लंड के सपने देखती हुई सो गई।
भीमा भाग कर सीधे मुंबई जा पहुंचा और अपने एक पहचान वाले के यहां छुप गया। वो फैसला करता हैं कि वो राम्या को फसाएगा क्योंकि वो मुझे नहीं जानती है कि मैं ही भीमा हूं ।
उधर दूसरे दिन सुबह सब देर तक सोते रहे। माही ब्यूटी पार्लर चली गई जबकि समर अखाड़े चला गया जहां अभी कुछ मरम्मत का काम चल रहा था। राम्या तैयार होकर अपने कॉलेज चली गई जबकि काम्या घर को सेट करने में लग गई क्योंकि अभी भी कुछ चीज़े थी जो पहले जैसी करनी थी। राम्या क्लास खत्म होने के बाद कॉलेज से निकल गई तभी उसका मोबाइल बज उठा। उसने देखा कि एक नए नंबर से कॉल आया हुआ हैं तो उसने पिक कर लिया।
राम्या:" ही आप कौन बोल रहे हैं?
भीमा:" रानी मैं राहुल बोल रहा हूं,
राम्या:" ओह राहुल, कैसे हो तुम ? कहां चले गए थे, नंबर नहीं मिल रहा था तुम्हारा, मैंने तुम्हे कितना मिस किया कुछ पता भी हैं आपको?
भीमा राम्या की बाते सुनकर समझ गया कि अभी इसे पता नहीं चला हैं की मैं ही भीमा हूं। इसलिए उसने कहा:"
" मैं बिजनेस के सिलसिले में बाहर गया हुआ था और मोबाइल चोरी हो गया था इसलिए बात नहीं कर पाया।!!
मैं अच्छा हूं और मैने भी तुम्हे बहुत मिस किया है, मन नहीं लगता मेरा अब तुम्हारे बिना।
राम्या खुश हो गई भीमा के मुंह से ये सुनकर। वो भी उसे पसंद करती थी क्योंकि आखिरकार उसने ही उसकी इज्जत बचाई थी।
रानी:"ओह राहुल मेरा भी मन नहीं लगता अब तुम्हारे बिना। लेकिन मेरी ज़िन्दगी में बहुत सारी दिक्कतें आ रही हैं।
राहुल:" क्या हुआ मुझे बताओ? मैं कुछ मदद कर सकता हूं क्या?
रानी:" अरे मेरे हरामजादे मामा ने मेरे पापा को मरवा दिया, हमारा अखाड़ा फूंक दिया और हमे बर्बाद करने पर तुला हुआ है!!
राम्या के मुंह से हरामजादा शब्द सुनकर भीमा के होंठो पर ज़हरीली स्माइल आ गई और बोला:"
" ये तो बहुत ग़लत किया उसने , आप पुलिस की हेल्प लो और कानून खुद उसे सजा देगा।
रानी:" सजा तो उसे खुद मेरा भाई देगा, छोड़ेगा नहीं वो उस कमीने को, तड़पा तड़पा कर मारेगा।
घर वापिस मिलने की खुशी में पूरी रात पार्टी हुई जिसमें सोनम, उसका पूरा परिवार, कबीले से रामू, और जय सिंह और चंदा सब शामिल हुए।
सब लोग एक एक करके अपने घर चले गए तो काम्या नीचे आ गई और सो गई जबकि राम्या राहुल का राहुल +(भीमा) से बात करने का बहुत मन था लेकिन उसका नंबर नहीं मिल रहा था।
समर अपने बेडरूम में पहुंचा और माही को अपनी बांहों में भर लिया। माही भी उससे लिपट गई क्योंकि आज बहुत दिनों के बाद वो प्यार करने वाले थे।
जल्दी ही दोनो पूरे नंगे हो गए और 69 की पोजिशन में आ गए और और माही ने लंड चूसना शुरू कर दिया तो समर उसकी चूत चाटने लगा। जैसे ही समर ने अपनी जीभ उसकी चूत पर रगड़ी तो माही की मजे से सिसकी निकल पड़ी और लंड उसके मुंह से निकल गया। उसने समर को अपने उपर खीचं लिया तो लंड अपने आप चूत के छेद पर जा लगा।
माही ने अपना निचला होंठ दबा कर समर को लंड घुसाने का इशारा किया तो समर ने पूरी ताकत से एक ही धक्कें में लंड पुरा उसकी चूत की गहराईयों में उतार दिया।
माही:"। हाय ज़ालिम मर गई मेरी मा री, पूरा घुसा दिया लोला मेरी चूत में, आह एसआईआईआईआई मेरी चूत हाय।
माही की दर्द भरी सिसकारियां राम्या के कानो में पड़ी तो उसके जिस्म में हलचल होना शुरू हो गई। उफ्फ कितना मोटा लन्ड हैं उसके भाई का शायद इसलिए ही माही उसे लोला कहती हैं।
समर माही को चोदता रहा और माही भी अपनी गांड़ उठा उठा कर चुदती रही। उधर राम्या की उंगली अपने आप उसकी चूत में घुस गई और राम्या भी माही की सिसकियां सुनकर अपनी चूत सहलाने लगी।
तभी समर और माही दोनो एक साथ झड़ गए तो राम्या की चूत ने भी अपना रस छोड़ दिया। अब राम्या को फिर से अपने भाई के लंड की याद आने लगी। वो भी घोड़ी बनना चाहती थी , लंड को अपनी बच्चेदानी तक महसूस करना चाहती थी और सिर्फ समर का लंड ही उसे ये सुख दे सकता था। इसलिए वो अपने भाई के लंड के सपने देखती हुई सो गई।
भीमा भाग कर सीधे मुंबई जा पहुंचा और अपने एक पहचान वाले के यहां छुप गया। वो फैसला करता हैं कि वो राम्या को फसाएगा क्योंकि वो मुझे नहीं जानती है कि मैं ही भीमा हूं ।
उधर दूसरे दिन सुबह सब देर तक सोते रहे। माही ब्यूटी पार्लर चली गई जबकि समर अखाड़े चला गया जहां अभी कुछ मरम्मत का काम चल रहा था। राम्या तैयार होकर अपने कॉलेज चली गई जबकि काम्या घर को सेट करने में लग गई क्योंकि अभी भी कुछ चीज़े थी जो पहले जैसी करनी थी। राम्या क्लास खत्म होने के बाद कॉलेज से निकल गई तभी उसका मोबाइल बज उठा। उसने देखा कि एक नए नंबर से कॉल आया हुआ हैं तो उसने पिक कर लिया।
राम्या:" ही आप कौन बोल रहे हैं?
भीमा:" रानी मैं राहुल बोल रहा हूं,
राम्या:" ओह राहुल, कैसे हो तुम ? कहां चले गए थे, नंबर नहीं मिल रहा था तुम्हारा, मैंने तुम्हे कितना मिस किया कुछ पता भी हैं आपको?
भीमा राम्या की बाते सुनकर समझ गया कि अभी इसे पता नहीं चला हैं की मैं ही भीमा हूं। इसलिए उसने कहा:"
" मैं बिजनेस के सिलसिले में बाहर गया हुआ था और मोबाइल चोरी हो गया था इसलिए बात नहीं कर पाया।!!
मैं अच्छा हूं और मैने भी तुम्हे बहुत मिस किया है, मन नहीं लगता मेरा अब तुम्हारे बिना।
राम्या खुश हो गई भीमा के मुंह से ये सुनकर। वो भी उसे पसंद करती थी क्योंकि आखिरकार उसने ही उसकी इज्जत बचाई थी।
रानी:"ओह राहुल मेरा भी मन नहीं लगता अब तुम्हारे बिना। लेकिन मेरी ज़िन्दगी में बहुत सारी दिक्कतें आ रही हैं।
राहुल:" क्या हुआ मुझे बताओ? मैं कुछ मदद कर सकता हूं क्या?
रानी:" अरे मेरे हरामजादे मामा ने मेरे पापा को मरवा दिया, हमारा अखाड़ा फूंक दिया और हमे बर्बाद करने पर तुला हुआ है!!
राम्या के मुंह से हरामजादा शब्द सुनकर भीमा के होंठो पर ज़हरीली स्माइल आ गई और बोला:"
" ये तो बहुत ग़लत किया उसने , आप पुलिस की हेल्प लो और कानून खुद उसे सजा देगा।
रानी:" सजा तो उसे खुद मेरा भाई देगा, छोड़ेगा नहीं वो उस कमीने को, तड़पा तड़पा कर मारेगा।