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Incest मेरा परिवार और मेरी वासना

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लगभग 8-10 मिनिट की धुआधार चुदाई के बाद टीना झड़ने लगी और उसका बाय्फ्रेंड भी उसके मुँह से लंड बाहर निकाल कर मूठ मारते हुए झड़ गया लेकिन मेरा लंड अभी भी खड़ा हुआ था और मैं धक्के लगाए जा रहा था

"सोनू रुक यार मैं झड़ चुकी हूँ और अब मेरी चूत मे जलन हो रही है" टीना बोली लेकिन मैने धक्के बंद नही किए

"तो क्या हुआ, मेरा अभी तक नही हुआ है" मैं और ज़ोर से धक्के लगाए हुए बोला

"अबे इंसान है की गधा है...जो अभी तक नही झड़ा, सच मे मुझे बहुत जलन हो रही है थोड़ी देर के लिए बाहर निकाल ले फिर कर लेना" टीना कराहते हुए बोली लेकिन मैं फिर भी नही रुका

शायद टीना को कुछ ज़्यादा ही दर्द हो रहा था इसलिए उसने आगे सरक कर मेरा लंड बाहर निकालना चाहा जिसके लिए मैं तैयार नही था और यही टीना से बहुत बड़ी ग़लती हो गयी उसके आगे सरकने से मेरा लंड उसकी चूत से बाहर तो आ गया लेकिन मेरे अगले धक्के के साथ ही टीना की चीख सारे रूम मे गूँज गई क्योंकि मेरे इस धक्के से मेरा 1/4 लंड उसकी चूत मे ना घुस कर उसकी गान्ड के अंदर था

"क्या कर दिया कमीने......गान्ड फाड़ दी मेरी, निकाल जल्दी निकाल बाहर निकाल तेरा लंड मेरी गान्ड से" टीना दर्द से चिल्लाई

लेकिन मैं तो इस वक्त दूसरी ही दुनिया मे था तो उसकी बात कहाँ से सुनता मेरा लंड उसकी टाइट गरम गान्ड मे फँसा हुआ था और मुझे उसकी गान्ड की जकड़न से बहुत मज़ा आरहा था जबकि उधर टीना भरपूर कोशिश कर रही थी छूट ने की लेकिन उसकी कमर पर मेरी पकड़ बहुत मजबूत थी उधर उसका बाय्फ्रेंड आँख फाडे ये नज़ारा देख रहा था मेरी नज़र उससे मिली तो उसने मुझे और धक्का लगाने का इशारा किया शायद वो भी टीना की गान्ड मारना चाहता होगा और वो उसे करने नही देती होगी तो आज वो भी अपनी भडास निकालने के चक्कर मे था

मैने वैसे ही टीना की कमर पकड़े हुए लंड पर और दबाव बढ़ा दिया जिससे मेरा लंड उसकी गान्ड को चीरते हुए धीरे धीरे उसकी गहराइयो मे समाने लगा और टीना की चीखे बढ़ने लगी उसकी आँखे फट गई थी और दर्द के मारे उसके आँसू निकलने लगे थे

"छोड़ दे कुत्ते....छोड़ दे मुझे वरना मुझसे बुरा कोई नही होगा" टीना गुर्राते हुए बोली

"जाने दे ना यार टीना अब जितनी फटना थी उतनी तो फट ही गयी है तेरी गान्ड अब तो बस उसकी गहराई ही बढ़ रही है अब क्या फरक पड़ना है और अच्छा ही हुआ ये अब तो तुझे गान्ड से भी मज़े मिलेंगे" टीना का बाय्फ्रेंड बोला

"साले मादर चोद यहाँ मैं दर्द से मरे जा रही हूँ और तुझे मज़े की सूझ रही है, सोनू देख मैं कह रही हूँ निकाल ले बाहर वरना...." टीना चिल्लाते हुए बोली

"वरना क्या....मैने कोई जानबूझ कर थोड़े ही तेरी गान्ड मे डाला है और अब जब चला ही गया है तो मैं झडे बगैर बाहर नही निकालने वाला" कहते हुए मैं अब लंड को आगे पीछे करने लगा जो आधा टीना की गान्ड मे घुसा हुआ था

दर्द तो मुझे भी अपने लंड पर हो रहा था लेकिन आज पहली बार किसी की गान्ड मारने के ख़याल से मुझे मज़ा भी बहुत आरहा था टीना की गान्ड की जकड़ और रगड़ दोनो मुझे जैसे जन्नत की सैर करवा रहे थे और अब मेरे झड़ने का टाइम भी आ गया था इसलिए अब मेरे धक्के की स्पीड काफ़ी बढ़ गई थी और शायद टीना का दर्द भी कम हो गया था इसलिए अब वो भी चिल्ला नही रही थी और कोई एक मिनिट बाद ही मेरा लंड अपने माल से टीना की गान्ड के गोदाम को भरने लगा था आज फिर मेरे लंड ने बहुत सा माल निकाला था जो अब टीना की गान्ड से भी बाहर आने लगा था

झड़ने के बाद मैने अपना लंड उसकी गान्ड से बाहर निकाला और वहीं फर्श पर लेट कर हांपने लगा जबकि टीना वैसे ही पेट के बल लेट गई और उसका बाय्फ्रेंड उसकी गान्ड सहलाने लगा

लगभग 10 मिनिट बाद टीना उठ कर अपने कपड़े पहनने लगी लेकिन वो कुछ बोल नही रही थी और उसके चेहरे पर गुस्सा भी सॉफ झलक रहा था

मैं उठ कर उसके पास गया और उसका चेहरा अपने दोनो हाथो मे भर कर बोला "नाराज़ हो.....बहुत गुस्सा आरहा है मुझे पर"

लेकिन उसने मुझसे नज़रे नही मिलाई और ना ही कुछ बोली

"अरे यार अब मैने कोई ** भी नही कर लिया तुम्हारा ये तो नॉर्मल है हर लड़की को गान्ड मरवाना ही पड़ता है कभी ना कभी तो शायद तुम्हारी किस्मत मे आज के दिन ही लिखा था मेरे लंड से गान्ड मरवाना, प्लीज़ अब गुस्सा थूक दो और वैसे भी वो सब अंजाने मे हुआ है मैने जानबूझ कर नही किया" मैं उसके गाल चूमते हुए बोला

"लेकिन दर्द से मेरी जान तो निकल गई ना" वो मेरे सीने पर मुक्के मारते हुए बोली

"जितना दर्द होना था हो गया अब तो बस मज़े ही आएँगे तुझे गान्ड मरवाना मे" मैं बोला

"बड़ा आया मज़े वाला, साला अभी तो ये हाल है की ढंग से खड़ा भी नही हुआ जा रहा है" वो बोली

"चिंता मत कर यार अभी वापस चल कर पेन किल्लर ले लेना थोड़ी ही देर मे सब ठीक हो जाएगा" टीना का बाय्फ्रेंड बोला अब वो भी अपने कपड़े पहन चुका था तो मैं भी पहनने लगा

"हाँ...हाँ....तेरे तो मन की हो गई ना की मेरी गान्ड मर गयी लेकिन बच्चू ज़्यादा मत सोच मैं तुझे अपनी गान्ड नही देने वाले कभी" टीना बोली

"ठीक जान मत देना लेकिन अब गुस्सा छोड़" वो बोला

"ओके...तो चले अब" मैं कपड़े पहन कर बोला और हम तीनो वहाँ से वापस चल दिए.........
 
अपडेट 37

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मैं टीना और उसका बाय्फ्रेंड तीनो फॉल पे पहुच गये थे जहाँ दीदी और निशा फॉल मे स्विम्मिंग कर रही थी गान्ड मरवाने की वजह से टीना की चाल थोड़ी लंगड़ा रही थी जिसे निशा ने नोट कर लिया था और वो बड़े ध्यान से उसे देख रही थी

अब हम तीनो भी दीदी और निशा के पास पानी मे आचुके थे और पानी मे मस्ती करने लगे थे

"क्या हुआ टीना तू ऐसे लंगड़ा के क्यों चल रही थी अभी" निशा ने पूछा

"कुछ नही यार बस ऐसे ही पैर मे थोड़ी मोच आ गई थी" टीना उससे नज़रे चुराते हुए बोली

"मुझे घुमाने की कोशिश मत कर मैं सब समझ रही हूँ" निशा बोली

"क्या समझ रही है तू" टीना ने पूछा

"अब देख ये तेरी पहली चुदाई तो है नही की तू लंगड़ा कर चले लेकिन मेरे ख़याल से आज तेरी गान्ड का उद्घाटन हुआ है क्योंकि तेरे साथ दो लड़के थे तो दो छेद भी होने ज़रूरी थे और शायद ये उसी की लंगड़ाहट है, है ना" निशा बोली

और उसकी बात सुनकर टीना ने नज़रे झुका ली जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो

"क्या......इसका मतलब सच मे तू अभी गान्ड मरवा कर आई है......" दीदी हैरत से बोली

"अरे वो तो पक्का ही है लेकिन ये तो बता तेरी गान्ड किसने मारी इन दोनो मे से" निशा बोली लेकिन टीना शरम की वजह से कुछ नही बोली

"अरे इसमे शरमाने की क्या बात है, सभी लड़कियो को अपनी गान्ड मर्वानी ही होती है कभी ना कभी और मैं खुद भी मरवा चुकी हूँ, चूत की ही तरह पहली बार मे उसमे भी दर्द होता है लेकिन बाद मे मज़ा भी आता है" निशा बोली

"वो...वो....सोनू ने" निशा की बात सुनकर टीना बोली और उसकी बात सुनकर दीदी ने मुझे आँखे निकाल कर देखा तो मैने उसे आँख मार दी

"क्या....इतने मूसल लंड से तूने गान्ड मरवाई और वो भी पहली बार, बड़ी हिम्मत वाली है यार तू तो" निशा हैरत से बोली

"मरवाई कहाँ यार इसने जबरन मार ली" टीना बोली

"क्या...जबरन मार ली, क्यों सोनू सच मे तूने ऐसा किया" दीदी गुस्से से बोली

"अरे...अरे...यार टीना पूरी बात बता ना वरना ये लोग क्या सोचेंगे मेरे बारे मे, खैर मैं ही बताता हूँ सुनो...." और फिर मैने सारी बात इन लोगो को बताई की कैसे धोखे से मेरा लंड टीना की गान्ड मे घुसा और फिर क्या क्या हुआ

"ओह्ह्ह्हतभी तो मैं कहूँ की सोनू ऐसा ज़बरदस्ती वाला ग़लत काम तो कर ही नही सकता" दीदी बोली
 
"वैसे तुझे मज़ा तो आया होगा ऐसे मोटे लंड से गान्ड मरवाने मे" निशा टीना को छेड़ते हुए बोली और मेरे पास आ गई और मेरे लंड को चड्डी के उपर से पकड़ लिया और दबाने लगी मैने दीदी की तरफ देखा लेकिन शायद उसने ये नोटीस नही किया था क्योंकि ये सब पानी के अंदर हो रहा था तो किसी को दिखाई देने का सवाल ही नही था मैने भी मौके का फ़ायदा उठाया और अपना हाथ निशा की पैंटी मे अंदर डाल दिया और उसके बड़े बड़े चूतडो को मसलने लगा मेरे ऐसा करने से निशा भी मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से अपनी मुट्ठी मे भींचने लगी थी

"यहाँ अभी तक दर्द के मारे गान्ड फटी जा रही है और तुझे मज़े की सूझ रही है, और सोनू तू तो मुझे पेन किल्लर देने वाला था ना" टीना बोली

"बस..बस...अब मुझे भूख भी लग रही है तो अब यहाँ से चलते है और खाना खाते है और वहीं तुम्हे टॅबलेट भी ला दूँगा" मैं बोला

"हाँ यार भूख तो मुझे भी लग रही है" टीना का बाय्फ्रेंड भी बोला और तीनो लड़कियो ने भी बोला की भूख उन्हे भी लगी है तो हम सभी जल्दी से नहा कर जहाँ होटेल थे वहाँ आ गये और फिर सभी ने खाना खाया और मैने वहीं टीना को दर्द की टॅबलेट भी दी और फिर हम लोग कुछ देर आराम करने के लिए कॉटेज मे चले गये

"यार सोनू तेरा लंड तो दिखा ज़रा मैं वहाँ खंडहर मे अच्छे से देख नही पाई थी" कॉटेज मे पहुचते ही निशा बोली

"यहाँ आकर तुम लोग पूरी रंडी बन गई हो क्या, जब देखो लंड लंड ही कर रही हो" दीदी उसकी बात सुनकर गुस्से से बोली

"मेरी जान एक बार तू भी अपनी चूत मे लंड लेले फिर तू भी हम जैसी ही हो जाएगी, और फिर तेरे बाय्फ्रेंड का लंड है भी बहुत जबरदस्त प्लीज़ देखने देना" निशा दीदी की खुशमाद करते हुए बोली

"भाड़ मे जा, लंड देख या चुदवा लेकिन मुझे सोने दे" दीदी बोली और बेड पर लेट कर आँखे बंद कर ली टीना और उसका बाय्फ्रेंड भी एक बेड पर लेट गये थे शायद अब उनकी इच्छा नही थी और कुछ करने की

"चल सोनू दूसरे रूम मे चलते है अब तो निशा भी हाँ कह चुकी है" निशा मेरा लंड पकड़ते हुए बोली

"मैं जाउ इसके साथ" मैने दीदी से पूछा

"अगर तेरा लंड इतना ही खड़ा हो रहा है तो जा मेरी तरफ से पूरी छूट है" दीदी वैसे ही आँखे बंद किए बोली

और फिर दीदी की बात सुनकर मैने देर करना ठीक नही समझा क्योंकि निशा जैसे फुल पटाखा लड़की इतनी आसानी से नही मिलती है चोदने को और मैं उसे गोद मे उठा कर दूसरे रूम मे ले आया

मेरी गोद से उतरते ही निशा ने कपड़े उतारने शुरू कर दिए और मैं भी अपने कपड़े उतारने लगा था और कुछ ही पॅलो मे हम दोनो नंगे खड़े हुए थे

मेरे झटके मारते हुए लंड को देखते ही निशा मेरे लंड को मुँह मे भर कर चूसने लगी और मैं मज़े लेने लगा

कोई दो मिनिट बाद वो मेरे लंड को छोड़ कर खड़ी हुई और बोली " बहुत मस्त लंड है तेरा यार बहुत मज़ा आया चूसने मे, चल अब इसे चूत मे घुसेड कर मेरी चूत की प्यास बुझा दे"

"बस सिर्फ़ चूत मे ही लोगी गान्ड मे नही" मैने मुस्कुराते हुए पूछा

"पहले चूत तो ठंडी कर फिर गान्ड के बारे मे भी सोचेंगे" वो बोली और बेड पर अपनी टाँगे फैला कर लेट गई

मैं समझ गया था की वो बहुत गरम हो गई है इसलिए मैं भी झट से उसकी टाँगो के बीच मे आया और उसके चूत पर लंड सेट करके एक ज़ोर का धक्का लगाया और पूरा लंड एक ही बार मे अंदर घुसेड दिया

"ओह्ह्ह्हमा.....मार गई रे......ज़रा धीरे कर जालिम ये मेरी चूत है किसी रंडी का भोसड़ा नही है" निशा कराहते हुए बोली जाहिर था की टीना की तरह उसे भी दर्द हुआ था क्योंकि मेरा लंड सच मे बहुत मोटा था

"ठीक है जान अब आराम आराम से ही करूँगा" कहते हुए मैने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू कर दिया
 
थोड़ी ही देर मे निशा भी मेरे धक्को का जवाब कमर उठा उठा कर देने लगी थी और मैने भी धक्को की स्पीड बढ़ा दी थी कोई तीन चार मिनिट बाद ही निशा हाय...हाय...कर के झड़ने लगी थी लेकिन मेरे धक्के चालू ही थे

"रुक...रुक जा प्लीज़ अब जलन हो रही है" निशा मुझे रोकती हुई बोली

"लेकिन मेरा अभी नही हुआ है" मैं रुकते हुए बोला

"तो ठीक है मेरी गान्ड मार ले" कहते हुए उसने मुझे उठाया और घोड़ी बन गई

आज तो जैसे मेरा ही दिन था आज एक बाद एक दो दो अप्सरा जैसी लड़कियों की चूत और गान्ड मारने जो मिल रही थी निशा ने अपने दोनो हाथो से अपनी गान्ड का छेद फैला दिया जिसमे मैने बहुत सारा थूक लगा दिया जबकि मेरा लंड पहले ही उसकी चूत के पानी से चिकना था अब मैं लंड सेट करके उसकी गान्ड मे घुसेड़ने लगा

"प्लीज़ जल्दी मत करना आज तक इतना मोटा लंड मेरी चूत मे भी नही गया है और ये तो गान्ड है, प्लीज़ आराम से करना" लंड थोड़ा अंदर जाते ही निशा बोली

और मुझे भी कोई जल्दी नही थी मैने धीरे धीरे कर के पूरा लंड उसकी गान्ड मे पेल दिया और एक बार सारा लंड घुसते ही धक्के मारने लगा लेकिन फिर भी शायद निशा को दर्द हो ही रहा था लेकिन वो मुझे रोक नही रही थी और कोई दो मिनिट बाद ही मेरे लंड ने उसकी गान्ड को पानी से भर दिया और वैसे ही उसके उपर ढेर हो गया

"गुड चुदाई" तभी कोई ताली बजाते हुए बोला मैने पलट कर देखा तो पीछे दीदी खड़ी हुई थी

"तू...तू सोई नही थी" मैने पूछा और मैं निशा के उपर से हट गया और वो भी सीधी लेट गई

"सो जाती तो फिर लाइव चुदाई कैसे देखने को मिलती" दीदी बोली

"वो तो तू कहती तो हम वैसे भी तुझे दिखा देते" निशा बोली

"वैसे मे फिर मुझे मज़ा नही आता" दीदी बोली

"लेकिन कुछ भी बोल यार निशा तेरे बाय्फ्रेंड का लंड बहुत मस्त है किसी किसी की किस्मत मे ही होता है ऐसा लंड मेरा बस चले तो रोज़ चुदवाऊ इस लंड से" निशा बोली

"हाँ...वो तो मैं भी देख ही रही हूँ की कितना जबरदस्त है इसका लंड सुबह से ही लगा है फिर भी नही थका" दीदी बोली

"मैं तो कहती हूँ की तू भी आज चुदवा ही ले इससे" निशा बोली

"चुदवाने के बारे मे मैं बाद मे सोचूँगी पहले यहाँ से चलने के बारे मे सोचो बहुत टाइम हो गया है" दीदी बोली

"हाँ यार...सच मे बहुत टाइम हो गया है चलो अब निकलते है" निशा बोली और उठ गई

फिर थोड़ी देर बाद हम सभी वापस निकल पड़े निशा हमारी बाइक पर ही अड्जस्ट हो गई थी और फिर हम शहर पहुच गये और सभी लोग अपने अपने घर के लिए निकल गये निशा और टीना ने मुझसे वादा भी लिया की जब भी मैं शहर आऊँ तो उनसे ज़रूर मिलू और उन्होने अपना नो. भी दिया और मेरा नंबर भी ले लिया

फिर हम भी अपने गाओं के लिए निकल गये रास्ते मे दीदी बोली "आज तो मज़े हो गये तेरे निशा और टीना दोनो को ही निपटा दिया"

"लेकिन तुमने तो मौका नही दिया ना" मैं बोला

"वो मौका तुझे मिलने वाला है भी नही जितना मज़ा किया उसी मे खुश रह" दीदी मेरी पीठ पर मुक्का मारते हुए बोली

"देखते है कब तक तू मुझे मौका नही देती लेकिन देगी ज़रूर ये पक्का है" मैं बोला

"नो वे......" दीदी बोली

और फिर हम इधर उधर की बाते करते रात को 9 बजे घर पहुच गये और फिर थोड़ा बहुत खा कर और घर वालो से बात करने के बाद सोने चले गये

वैसे भी आज मैं बहुत थक गया था तो बिस्तर पर लेट-ते ही मुझे नींद ने आ घेरा और मुझे सपनो मे भी दीदी टीना और निशा की चूत, गान्ड और बूब्स ही दिखाई दे रहे थे.......
 
अपडेट 38

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सुबह मैं कुछ देर से सोकर उठा और किसी ने भी मुझे उठाया नही था मैने टाइम देखा तो सुबह के 9 बज गये थे मैं बाथरूम मे जाकर नहा धोकर फ्रेश हुआ और नीचे आ गया लेकिन मुझे घर मे कोई हलचल नज़र नही आई तो मैने मम्मी को आवाज़ लगाई लेकिन कोई जवाब नही मिला मैने किचन मे जाकर देखा तो वहाँ भी कोई नही था मैं बहुत हैरत मे था की आज सभी लोग कहाँ चले गये फिर मैने डॉली के रूम मे झाँका तो वहाँ भी कोई नही था लेकिन बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी तो मैने डॉली को पुकारा "डॉली....डॉली...क्या तू अंदर है"

"हाँ....मैं नहा रही हूँ" उसकी आवाज़ आई

"बाकी सब लोग कहाँ है, घर मे कोई भी दिखाई नही दे रहा है यहाँ तक की काम वाली बाई भी नही दिख रही है" मैने पूछा

"अब तू इतनी देर से सोकर उठेगा तो तुझे कैसे मालूम पड़ेगा की घर मे क्या चल रहा है, वैसे बता दूँ की पापा मम्मी और दीदी पास वाले गाओं मे पापा के दोस्त के घर गये हुए है आज उनके घर कोई पूजा है तो हम सभी का खाना वहीं है इसीलिए आज काम वाली बाई की छुट्टी भी जल्दी कर दी गई है" डॉली बोली

"लेकिन हम तो यहीं है ना फिर हमारा खाना कौन बनाएगा" मैने पूछा

"नीरा बुद्धू है तू, मैने कहा ना की हम सभी का खाना वहीं है वो तो तू सोया हुआ था और मम्मी तुझे परेशान नही करना चाहती थी इसलिए मुझे घर पर छोड़ दिया की जब तू जागे मैं तुझे वहाँ ले आऊँ " डॉली ने बताया

"लेकिन मेरा चाय और नाश्ता" मैं बोला

"सब किचन मे रखा है बस गरम करना है तू थोड़ी देर रुक मैं अभी नहा कर गरम कर के ला देती हूँ" डॉली बोली

"पता नही तेरा नहाना कब होगा मैं खुद ही ले लेता हूँ तू आराम से नहा" मैं बोला और किचन मे आ गया और नाश्ता और चाय गरम कर के लिया और फिर हॉल मे आ गया लेकिन डॉली अभी भी वहाँ नही थी तो मैं वापस उसके रूम मे गया जहाँ एक दिलकश नज़ारा मेरा इंतज़ार कर रहा था जिसने मेरे साथ साथ मेरे लंड की धड़कनें भी बढ़ा दी थी डॉली अभी अपने बेड के पास एक टॉप मे खड़ी थी लेकिन सबसे खास बात ये थी की अभी नीचे उसने सिर्फ़ पैंटी ही पहनी हुई थी जोकि बहुत छोटी और झीनी सी थी

और ये नज़ारा मेरे लंड को हरकत देने के लिए काफ़ी था और मैं खुले मुँह और फटी आँखो से उसे घुरे जा रहा था कल दीदी, टीना और निशा तीनो ही मेरे सामने नंगी थी लेकिन उन तीनो को नंगा देख कर भी मुझे इतना मज़ा नही आया था जितना अभी डॉली को देख कर आरहा था

"ओये....कहाँ खो गया" डॉली मेरे मुँह के सामने चुटकी बजाते हुए बोली और जैसे मैं होश मे आया "का...का...कहीन्न तो नही....." मैं झेन्पते हुए बोला

"लगता है की कल की पिक्निक से तेरा मन नही भरा जो सुबह सुबह ही मुझे ताड़ रहा है" वो खिलखिलाते हुए बोली

"ऐसी बात नही है, पिक्निक मे तो बहुत मज़ा आया और वो सब भी हो गया जो मैने सोचा भी नही था लेकिन सच कहूँ वहाँ इतने मज़े करने के बाद भी तुझे ऐसे देख कर यही लग रहा है की वहाँ कुछ भी मज़ा नही आया काश वहाँ तू भी होती तो शायद मुझसे खुश किस्मत कोई दूसरा नही होता" मैं बोला
 
"अच्छा बच्चू.....क्या क्या किया वहाँ, ज़रा मुझे भी तो बता" डॉली ने पूछा अब वो बेड पर बैठ गयी थी और मैं भी वहीं पड़ी चेयर पर बैठ चुका था

"वो सब कुछ किया तूने सोचा था बल्कि उससे कुछ ज़्यादा ही कर लिया मैने वहाँ" मैं बोला क्योंकि मैने उसे कल पिक्निक मे हुई सारी बाते बताने का सोच्च लिया था क्योंकि यही एक तरीका था उससे खुलने और बाद मे उसे खोलने का

"ज़्यादा कर लया मतलब.....क्या तूने दीदी के साथ वो भी कर लिया" डॉली हैरत से मुँह फड़ते हुए बोली

"देख यार डॉली अब हम आपस मे बहुत ओपन हो गये है तो हमारे शब्द भी खुले हुए होने चाहिए ताकि बार बार ना पूछना पड़े की वो क्या..वो क्या समझी"

"लेकिन तेरे सामने ऐसे बोलने मे मुझे शरम आएगी" वो खुच्छ देर सोच कर शरमाते हुए बोली

"जब तू मेरा नंगा लंड देख सकती है और मुझे अपनी चुचिया दिखा सकती है तो खुल कर नंगे वर्ड बोलने मे कैसी शरम" मैं बोला

मेरे मुँह से 'लंड' शब्द सुनकर ही उसके गाल शरम से लाल हो गये और उसकी पलके झुक गयी थी

"ये...ये कैसी गंदी बाते कर रहा है तू" वो शरमाते हुए नज़रे झुकाए हुए बोली

"देख यार अब ज़्यादा मत बन अगर मुझसे इस टॉपिक पर बात करनी है तो ऐसे ही करनी होगी वरना छोड़ कोई और बात करते है" मैं बोला

"नही नही मुझे जानना है की तूने पिक्निक मे दीदी के साथ क्या क्या किया है" वो जल्दी से बोली

"तो फिर तुझे भी मेरी ही तरह गंदी बाते करनी होगी" मैं बोला

मेरी बात सुनकर वो कुछ देर तक सोचती रही फिर बोली "ओके...तो क्या तूने दीदी के साथ सेक्स भी कर लिया"

"ये सेक्स क्या होता है? मुझे इंग्लीश समझ मे नही आती हिन्दी मे बोल" मैं अब अड्ते हुए बोला

"अरे यार....तू भी ना, जा मैं नही बोलती मुझे कुछ नही जानना" वो चिढ़ कर बोली

"ओके....तो मैं चलता हूँ" कहते हुए मैं उसके रूम से बाहर जाते हुए बोला मुझे पता था की वो बगैर सब कुछ जाने मानने वाली नही थी

"अरे......रुक रुक तू भी ना इतनी जल्दी नाराज़ हो जाता है,

ज़रा समझने की कोशिश कर एक बहन अपने भाई के सामने नंगी बाते नही कर सकती" वो मुझे जाते देख कर तुरंत बोली और मेरा हाथ पकड़ लिया

"कैसी बात कर रही है तू, एक बहन वहाँ मेरे साथ सब कुछ करने को तैयार थी और दूसरी यहाँ रिश्ते की आड़ ले रही है, जा मुझे तुझसे कोई बात नही करनी" मैं उसके हाथ से अपनी बाँह छुड़ा के आगे बढ़ते हुए बोला

"तो क्या तूने दीदी के साथ छू....चुदाई भी कर ली कल"

तभी मेरे कानो से डॉली की आवाज़ टकराई और उसके मुँह से चुदाई जैसा शब्द सुनकर मेरे पैर जहाँ के तहाँ थम गये

"क्या...क्या बोली तू" मैं पलट कर उसे देखते हुए बोला

"तो क्या कल तूने दीदी को चोद भी दिया है क्या" वो खुल कर मुस्कुराते हुए बोली

कुछ ऐसे उसकी बात सुनकर मेरे कदम खुद-बा-खुद वापस उसकी तरफ बढ़ गये लेकिन तब तक उसकी नज़रे शरम से झुक गयी थी.......
 
अपडेट 39

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"तो क्या कल तूने दीदी को चोद भी दिया है क्या" वो खुल कर मुस्कुराते हुए बोली

उसकी बात सुनकर मेरे कदम खुद-ब-खुद वापस

उसकी तरफ बढ़ गये लेकिन तब तक उसकी नज़रे शरम से झुक गयी थी.......

*

अब आगे.......

"क्या....क्या बोली तू अभी, की कहीं मैने वहाँ दीदी को चोद तो नही दिया" मैं उसका चेहरा उपर उठाते हुए बोला

"हाँ.....मैने यही कहा है" वो मेरी नज़र से नज़र मिलाते हुए बोली

एक पल को उसकी निडरता देख कर मैं चुप हो गया लेकिन फिर वहीं कुर्सी पर बैठते हुए बोला " चोदा तो नही लेकिन जितना तूने सोचा था उससे कहीं ज़्यादा करने का मौका मिल गया वहाँ मुझे"

"अच्छा क्या क्या किया तूने वहाँ सब शुरू से बता" वो भी बेड पर बैठती हुई बोली

"देख सबसे पहले तो जब हम वहाँ पहुँचे तो उन लोगो ने हमारा टेस्ट लिया की सच मे हम बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड है की नही क्योंकि दीदी और मेरी शकल मिलती जुलती होने के कारण उन्हे शक हो रहा था की हम भाई बहन तो नही है" मैं बोला

"कैसा टेस्ट....क्या करने को कहा उन्होने तुम्हे" डॉली ने पूछा

"उन्होने कहा की हम दोनो एक दूसरे को लीप किस करे और साथ मे दीदी के बूब्स भी दबाऊ" मैने बताया

'तो...किया तुम दोनो ने ऐसा" डॉली ने व्याकुलता से पूछा

"करना ही पड़ा दूसरा कोई रास्ता जो नही था" मैं बोला

"एकदम से इतने सारे अजनाबियो के बीच तुम्हे दीदी के बूब्स दबाते और उसे दबवाते हुए शरम नही आई और कैसे तुम भाई बहन ने एक दूसरे के साथ ये सब कर लिया" वो हैरत से बोली

"इसमे हैरान होने की कोई बात नही है उस दिन दीदी के कॉलेज से लौटते वक्त ही हमने डिसाइड कर लिया था की हम एकदम से एक दूसरे के साथ ऐसा नही कर सकते तो पहले हम दोनो को ही आपस मे फ्री होकर थोड़ी प्रॅक्टीस कर लेनी चाहिए थी तो उसके बाद हम दोनो ने घर मे ही एक दो बार एक दूसरे को लीप किस किया था और मैने दीदी के बूब्स भी दबाए थे तो वहाँ ये सब करने मे परेशानी नही हुई और तो और दीदी ने इससे भी एक काम ज़्यादा कर लिया टेस्ट के दौरान" मैं बोला

"कौन सा काम" डॉली ने जल्दी से पूछा

"जब मैं उसे किस करते हुए उसके बूब्स दबा रहा था तो जैसे हम दोनो ही सब कुछ भूल चुके थे इस दौरान दीदी ने उत्तेजना मे आकर पैंट के उपर से मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी थी" मैने बताया

"क्या......दीदी ने ऐसा किया, वैसे तो बहुत भोली लगती है चेहरे से लेकिन अपने ही भाई के साथ इतना आगे निकल गई" डॉली आँखे बड़ी कर के बोली
 
"हाँ....फिर हम सभी फॉल की तरफ बढ़े जहाँ रास्ते मे दीदी बोली की उसे पेशाब आई है तो हम रास्ते से थोड़ी दूर झाड़ियो की तरफ बढ़े जहाँ एक झाड़ी के पास दीदी ने मुझे खड़ा कर दिया और खुद पेशाब करने चली गई लेकिन मुझसे सबर नही हुआ तो मैने उधर झाँक कर देख ही लिया तो मुझे दीदी की बड़ी सी गोरी और चिकनी गान्ड के दर्शन हो गये....वा क्या मस्त नज़ारा था वो जब दीदी के खरबूजो के की तरह बड़े बड़े दो नंगे चूतड़ मेरी आँखो के सामने थे" मैं मज़े से चटखारा लेते हुए बोला

"छी....कैसा गंदा लड़का है तू जो छुप कर अपनी बहन को नंगी देखता है और बाद मे इतने मज़े ले ले कर बताता भी है" डॉली मेरी बाँह पर एक चपत लगेट हुए बोली

"अब जब मेरी बहन की गान्ड है ही इतनी शानदार तो मैं कैसे रोक पाता अपने आप को और वैसे भी जब से मैने दीदी को देखा है मैं ये गॅरेंटी दे सकता हूँ की उसकी जैसी सेक्सी गान्ड वर्ल्ड मे किसी भी लड़की की नही होगी" मैं बोला

"अभी तूने सारे वर्ल्ड की लड़कियो की गान्ड देखी ही कहाँ है जो ऐसा कह रहा है" वो थोड़ी जलन से बोली

"यार मेरा वर्ल्ड तो वही है जितना मेरे आस पास है बाकी से मुझे क्या मतलब" मैने कहा मैं जानता था की वो जल रही है इसलिए मैने अपनी दुनिया दायरा बहुत कम कर लिया

"तेरी दुनिया चाहे जितनी भी बड़ी है लेकिन लगता है तूने उसे भी अभी ढंग से नही देखा वरना तू ऐसा नही कहता" वो चिढ़ते हुए बोली

"तू क्या समझती है मैं अँधा हूँ, मेरी इस दुनिया मे अभी तक कुछ ही लड़किया है जिसमे मैने दीदी को उनकी सहेलियो को तुझे मोना और रूपा भाभी सभी को बड़े ध्यान से देखा है इसीलिए कह रहा हूँ की गान्ड के मामले मे तुम सभी से अच्छी दीदी है" मैं बोला

"और बूब्स के मामले मे कौन बेस्ट है" उसने आशा भरे लहजे मे पूछा की शायद इसमे ही वो बेस्ट हो मेरी नज़र मे

"मोना......" मैं झट से बोला

"मोना....हुंग, मैं मानती हूँ की उसके बूब्स बहुत बड़े है लेकिन सिर्फ़ बड़े होने से ही कुछ नही होता शरीर का हर अंग शरीर पर जचना भी चाहिए जोकि मोना के साथ मॅच नही होता अब तो सच मे मुझे तेरी पसंद ही ग़लत लगती है" वो और ज़्यादा चिढ़ते हुए बोली

"अब सबकी पसंद एक जैसी तो नही हो सकती ना सबका देखने का अपना अपना नज़रिया है" मैं उसके मज़े लेते हुए बोला

मेरी बात सुनकर उसने कुछ सोचा और फिर बोली "और ओवर ऑल सब चीज़ो मे तुम्हारी नज़र मे सबसे बेस्ट कौन है" उसने फिर उम्मीद से पूछा की शायद इस बार उसका नंबर लग जाए

"हूंम्म्म.....रूपा भाभी, जो हर तरफ से पर्फेक्ट औरत है उसकी हर चीज़ एकदम पर्फेक्ट है" मैं थोड़ा सोचने की आक्टिंग करते हुए बोला और सच मे इस बार मेरा जवाब सुनकर वो गुस्से से आग बाबूला हो गई और बोली "मेरे ख़याल से सच मे तेरी नज़र मे कोई खोट आ गई है जो कुछ भी अनप शनाप बेक जा रहा है, जाकर किसी डॉक्टर को दिखा"

इतना कह कर वो तेज तेज साँसे लेने लगी उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था और मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई

"लेकिन मेरे ख़याल से वो शादीशुदा है ना इसलिए उसके बदन का हर हिस्सा चुदाई की वजह से पर्फेक्ट हो गया है लेकिन अगर लड़कियो की बात की जाए ना तो शायद तुझसे खूबसूरत और पर्फेक्ट फिगर वाली सेक्सी लड़की मैने आज तक नही देखी, कोई पीछे से अच्छी दिखती है कोई आगे से किसी के बूब्स बड़े है तो किसी की गान्ड सेक्सी है तो किसी का चेहरा खूबसूरत है लेकिन ये सब चीज़े तुझमे एक साथ मे है डॉली मेरे लिए इस दुनिया की सबसे पर्फेक्ट लड़की सिर्फ़ तू ही है" मैं अब उसे ज़्यादा परेशान ना करते हुए बोला और मुस्कुराते हुए उसे देखने लगा

मेरे मुँह से इतना सुनते ही उसके चेहरे के भाव बदल गये और उसने उठ कर मुझे बाँहो मे भर लिया और बोली "तो इतनी देर से ये सब बकवास क्यों कर रहा था, मुझे चिढ़ा रहा था क्या"

"नही इसके पहले भी मैने जो कहा था वो सहीं था लेकिन मैने तेरा नाम सबसे आख़िरी मे इसलिए लिया ताकि तुझे मालूम पड़ सके की तू मेरी नज़र मे इस दुनिया मे सबसे बेस्ट है" मैं उसके सिर पर हाथ फिराते हुए बोला

"थॅंक्स अब आगे बताओ की वहाँ आगे क्या हुआ" वो मुझसे अलग होते हुए बोली

फिर मैने उसे एक ही बार मे बताया की दीदी के पेशाब कर चूकने के बाद किस तरह मैने दीदी की गान्ड सहलाई और दीदी को बताया की मैने उसकी नंगी गान्ड देखी है और फॉल पर किस तरह टीना के उकसाने के बाद दीदी सिर्फ़ ब्रा पैंटी मे मुझसे चिपकी और किस तरह सभी लोग चुदाई करने खंडहर चले गये सिर्फ़ दीदी और मुझे छोड़ कर और किस तरह मैं दीदी को मना कर वहाँ लेगया और फिर कैसे टीना और निशा ने मेरा लंड देख कर उसकी तारीफ की की आज तक उन्होने कभी भी इतना बड़ा और मोटा लंड नही देखा और कैसे दीदी ने मेरा लंड मुँह मे तो लिया लेकिन फिर तुरंत बाहर भी निकाल दिया ये कह कर की वो सब उसे गंदा लगता है जबकि टीना और निशा अभी भी अपने बाय्फ्रेंड का लंड चुद ही रही थी

"क्या...सच दीदी ने तेरा लंड मुँह मे लेकर भी चूसा नही" उसने हैरत से पूछा

"हाँ..." मैं बोला

"पागल है वो जो ऐसा किया....खैर तू आगे बता की क्या हुआ" डॉली अपना सिर झटकते हुए बोली जैसे उसे दीदी की वो हरकत बहुत नागवार गुज़री हो

फिर मैने उसे बताया की कैसे टीना और निशा की लाइव चुदाई देखते हुए मैं दीदी के पीछे आया और कैसे मैने उसकी चूत मे उंगली करते हुए उसे बूब्स दबाए और कैसे दीदी ने मेरा लंड पकड़ा और कैसे आख़िर मे मैने दीदी की पैंटी नीचे कर उसकी गान्ड की दरार मे लंड रगड़ते हुए अपना पानी निकाला और कैसे आख़िरी मे मेरा लंड थोड़ा सा दीदी की गान्ड मे घुस गया था और उसके चीखने के बाद कैसे मैने तुरंत ही बाहर निकाल लिया था

"ओह्ह माइ गॉड, क्या सच मे तुम दोनो इतना आगे बढ़ गये थे वहाँ" डॉली हैरत से अपने खुले मुँह पर हाथ रखते हुए बोली लेकिन इतनी बाते सुनने के बाद अब उसकी भी धड़कनें तेज हो गयी थी

"हाँ यार लेकिन इसके बाद दीदी ने मुझे कोई मौका ही नही दिया कुछ करने का लेकिन उसकी दोनो सहेलियो ने मुझे स्वर्ग का आनंद दे दिया बाद मे" मैं आ भरते हुए बोला

"वो कैसे" डॉली ने पूछा

फिर मैने बताया की कैसे मैने टीना और निशा की दोनो तरफ से बजाई

"हे भगवान.....तूने दीदी के सामने ही उसकी दोनो सहेलियो को चोद डाला" डॉली फिर हैरत से बोली
 
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