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Guest
"नही नही, दीदी के सामने नही टीना की चुदाई के बारे मे दीदी जानती थी लेकिन उस वक्त वो वहाँ रुकी नही लेकिन जब मैं निशा को चोद रहा था तब दीदी ने पीछे से आकर सब देख लिया था" मैने बताया
"तो अब क्या परेशानी है अब तो शायद तू दीदी को भी चोद लेगा एक दो दिन मे" डॉली कुछ ठंडे लहजे मे बोली
"मुझे भी यही उम्मीद थी और इस बारे मे मैने दीदी से बात भी की लेकिन वो कहती है की जितना होना था वो हो चुका अब मैं उसके बारे मे भूल जाउ" मैं मुँह उतार कर बोला
"मुझे उसकी बात पर यकीन नही है जो इतना कुछ कर सकती है वो आगे भी बहुत कुछ करेगी तू परेशान मत हो लेकिन यार तूने एक ही बार मे टीना की भी दोनो तरफ से लेली और और एक ही बार मे निशा को भी दोनो तरफ से निपटा दिया ये कैसे हुआ, लगता है की तेरा लंड सच मे पॉर्न फ़िल्मो वाले लड़को जैसा ही शानदार है जो एक ही बार मे कितनी देर तक लगे रहते है" डॉली बोली
"अब मैं क्या बोलू लेकिन हक़ीकत यही है की मैने आज ऐसा ही किया है" मैं बोला
मेरी बात सुनकर डॉली कुछ देर तक सोचती रही फिर बोली "सोनू मुझे तेरा लंड देखना है"
"अरे अभी परसो ही तो देखा था तूने अब क्यों" मैं खुश होते हुए बोला मेरा प्लान सही दिशा मे जा रहा था
"वो...वो...उस दिन मैं ध्यान से नही देख पाई थी इसीलिए" वो बोली
"ओके...तो देख लेकिन मेरी वही शर्त है" मैं बोला
"मुझे पता है की तेरी शर्त क्या है इसलिए मैं तैयार हूँ मुझे अभी सिर्फ़ टॉप ही उतारना है नीचे तो मैं वैसे भी पैंटी मे ही हूँ, चल अब तू अपना लंड बाहर निकाल ले" वो झट से बोली
"जी नही मेडम आज आपको भी पूरी नंगी होना होगा अगर मेरा लंड देखना चाहती हो तो" मैं बोला
"प्लीज़ यार क्यों सता रहा है उस दिन तो ब्रा पैंटी मे ही मान गया था आज भी वैसे ही कर लेते है, तुझे पता है ना की मुझे शरम आती है" वो गिडगिडाते हुए बोली
"ओके तो ठीक है, आज तू पैंटी मत उतारना लेकिन ब्रा तो उतरनी ही पड़ेगी मंजूर हो तो बोल वरना मैं अपनी गली और तू अपनी गली" मैं बोला
मेरी दो टुक बात सुनकर उसके पास कहने को कुछ रह ही नही गया था
"ओके...ठीक है" वो बोली और उसने अपना टॉप निकाल कर फेंक दिया
अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा पैंटी मे खड़ी थी और उसका मादक हुस्न मेरे होश उड़ाए जा रहा था भले ही कल मैने टीना और निशा जैसी सेक्सी लड़कियो की चुदाई की थी और निशा दीदी जैसी लड़की को नंगी देख कर उसकी गान्ड को रगड़ते हुए अपना पानी निकाला था लेकिन डॉली का ये नज़ारा मुझे आंदोलित किए जा रहा था
और जैसे अभी सिर्फ़ शुरुआत ही हुई थी की डॉली ने अपनी ब्रा भी निकाल फेंकी
हे भगवान क्या नज़ारा था उस कुवारि अनचुदी लड़की के जिस्म का जिसे देख कर मेरा लंड मेरी चड्डी और पैंट फाड़ने पर उतारू था
और मैने भी देर ना करते हुए अपने नीचे के डोड़नो कपड़े उतार दिए जिससे मेरा ख़तरनाक लंड खड़े हुए मेरी छोटी बहन को सालामी देने लगा
"वाउ...कितना प्यारा है ये, पता नही कैसे दीदी ने इसे मुँह मे लेने के बाद भी इसे चूसा नही" वो मेरे लंड को पास आकर देखते हुए बोली
अब मैं क्या बोलता मैं बस उसे देखता ही रहा
"क्या मैं इसे च्छू कर देख सकती हूँ" वो मेरी नज़रो से नज़र मिलाते हुए बोली
"ज़रूर...लेकिन मेरी भी शर्त है की अगर तूँ इसे छुओगी तो मैं भी तेरे बूब्स छुउंगा, बोल मंजूर है" मैं बोला
"ओके...मुझे मंजूर है" वो बोली और उसने मेरे लंड के पास बैठ कर मेरा लंड पकड़ लिया
और वो मुस्कुराने लगी और मेरे लंड पर अपनी मुट्ठी आगे पीछे चलाने लगी और जैसे मैं जन्नत मे पहुच गया था
"क्या मैं इसे चूम सकती हूँ" डॉली ने मेरे लंड को मसलते हुए पूछा
"बिल्कुल..., लेकिन मैं भी तेरे बूब्स के साथ वही करूँगा बोल मंजूर" मैने कहा
"ओके मुझे मंजूर है" वो बोली और उसने मेरा लंड पकड़ कर अपने चेहरे के उपर रख लिया
"ओह्ह माइ गॉड...क्या शानदार लंड है मेरे भाई तेरा ऐसा लग रहा है की अभी सारा की सारा मुँह मे भर लू और दिन भर बाहर ही ना निकालु" डॉली मादक स्वर मे बोली
"तो तुझे रोका किसने है मेरी बहन तेरे भाई का ये लंड तेरे ही लिए है जो करना है वो कर" मैं भी मस्त होते हुए बोला
और डॉली ने मेरा लंड पकड़ कर उसे सीधा कर लिया और उसे अपने खुले हुए मुँह मे भरने के लिए आगे बढ़ी लेकिन तभी हमारे घर की लॅंड लाइन का फोन बज्ज उठा और जैसे हम दोनो नींद से जागे और एक दूसरे का मुँह देखने लगे
मैने डॉली को इशारा किया की वो जाकर फोन पिक करे और मेरा इशारा समझते ही उसने फोन उठाया दूसरी तरफ मम्मी थी
"अरे अभी तक तुम लोग निकले नही" मम्मी की आवाज़ आई
"बस मम्मी निकल ही रहे थे वो क्या है ना आज भाई देर से उठा है और अभी तैयार ही हो रहा है उसके तैयार होते ही हम निकलते है" डॉली बोली
"ओके ठीक है लेकिन जल्दी आओ" मम्मी बोली और फोन काट दिया
"चल भाई अब अपनी मस्ती ख़तम, मम्मी ने जल्दी बुलाया है" डॉली फोन रखते हुए बोली
"रुक ना यार अभी थोड़ा और करते है" मैं बोला
"जी नही आज के लिए इतना ही काफ़ी है ना तुम कहीं जा रहे हो और ना मैं कहीं भाग रही हूँ ओके, चलो अब उठो और चलो" डॉली बोली
"ओके.....चलो" मैं बोला और अपने खड़े लंड को समझाते हुए बाहर निकल गया की बेटा आज तेरे हिस्से मे मलाई नही है लेकिन मैं क्या जानता था की मेरे लंड की किस्मत मुझसे भी अच्छी थी क्योंकि उसे आज और भी दो छूटो को चोद ना था
और मेरे बाइक बाहर निकालते ही डॉली भी घर लॉक कर के बाहर आ गयी और हम दोनो ही मेरी बाइक से
रवाना हो गये...........
"तो अब क्या परेशानी है अब तो शायद तू दीदी को भी चोद लेगा एक दो दिन मे" डॉली कुछ ठंडे लहजे मे बोली
"मुझे भी यही उम्मीद थी और इस बारे मे मैने दीदी से बात भी की लेकिन वो कहती है की जितना होना था वो हो चुका अब मैं उसके बारे मे भूल जाउ" मैं मुँह उतार कर बोला
"मुझे उसकी बात पर यकीन नही है जो इतना कुछ कर सकती है वो आगे भी बहुत कुछ करेगी तू परेशान मत हो लेकिन यार तूने एक ही बार मे टीना की भी दोनो तरफ से लेली और और एक ही बार मे निशा को भी दोनो तरफ से निपटा दिया ये कैसे हुआ, लगता है की तेरा लंड सच मे पॉर्न फ़िल्मो वाले लड़को जैसा ही शानदार है जो एक ही बार मे कितनी देर तक लगे रहते है" डॉली बोली
"अब मैं क्या बोलू लेकिन हक़ीकत यही है की मैने आज ऐसा ही किया है" मैं बोला
मेरी बात सुनकर डॉली कुछ देर तक सोचती रही फिर बोली "सोनू मुझे तेरा लंड देखना है"
"अरे अभी परसो ही तो देखा था तूने अब क्यों" मैं खुश होते हुए बोला मेरा प्लान सही दिशा मे जा रहा था
"वो...वो...उस दिन मैं ध्यान से नही देख पाई थी इसीलिए" वो बोली
"ओके...तो देख लेकिन मेरी वही शर्त है" मैं बोला
"मुझे पता है की तेरी शर्त क्या है इसलिए मैं तैयार हूँ मुझे अभी सिर्फ़ टॉप ही उतारना है नीचे तो मैं वैसे भी पैंटी मे ही हूँ, चल अब तू अपना लंड बाहर निकाल ले" वो झट से बोली
"जी नही मेडम आज आपको भी पूरी नंगी होना होगा अगर मेरा लंड देखना चाहती हो तो" मैं बोला
"प्लीज़ यार क्यों सता रहा है उस दिन तो ब्रा पैंटी मे ही मान गया था आज भी वैसे ही कर लेते है, तुझे पता है ना की मुझे शरम आती है" वो गिडगिडाते हुए बोली
"ओके तो ठीक है, आज तू पैंटी मत उतारना लेकिन ब्रा तो उतरनी ही पड़ेगी मंजूर हो तो बोल वरना मैं अपनी गली और तू अपनी गली" मैं बोला
मेरी दो टुक बात सुनकर उसके पास कहने को कुछ रह ही नही गया था
"ओके...ठीक है" वो बोली और उसने अपना टॉप निकाल कर फेंक दिया
अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा पैंटी मे खड़ी थी और उसका मादक हुस्न मेरे होश उड़ाए जा रहा था भले ही कल मैने टीना और निशा जैसी सेक्सी लड़कियो की चुदाई की थी और निशा दीदी जैसी लड़की को नंगी देख कर उसकी गान्ड को रगड़ते हुए अपना पानी निकाला था लेकिन डॉली का ये नज़ारा मुझे आंदोलित किए जा रहा था
और जैसे अभी सिर्फ़ शुरुआत ही हुई थी की डॉली ने अपनी ब्रा भी निकाल फेंकी
हे भगवान क्या नज़ारा था उस कुवारि अनचुदी लड़की के जिस्म का जिसे देख कर मेरा लंड मेरी चड्डी और पैंट फाड़ने पर उतारू था
और मैने भी देर ना करते हुए अपने नीचे के डोड़नो कपड़े उतार दिए जिससे मेरा ख़तरनाक लंड खड़े हुए मेरी छोटी बहन को सालामी देने लगा
"वाउ...कितना प्यारा है ये, पता नही कैसे दीदी ने इसे मुँह मे लेने के बाद भी इसे चूसा नही" वो मेरे लंड को पास आकर देखते हुए बोली
अब मैं क्या बोलता मैं बस उसे देखता ही रहा
"क्या मैं इसे च्छू कर देख सकती हूँ" वो मेरी नज़रो से नज़र मिलाते हुए बोली
"ज़रूर...लेकिन मेरी भी शर्त है की अगर तूँ इसे छुओगी तो मैं भी तेरे बूब्स छुउंगा, बोल मंजूर है" मैं बोला
"ओके...मुझे मंजूर है" वो बोली और उसने मेरे लंड के पास बैठ कर मेरा लंड पकड़ लिया
और वो मुस्कुराने लगी और मेरे लंड पर अपनी मुट्ठी आगे पीछे चलाने लगी और जैसे मैं जन्नत मे पहुच गया था
"क्या मैं इसे चूम सकती हूँ" डॉली ने मेरे लंड को मसलते हुए पूछा
"बिल्कुल..., लेकिन मैं भी तेरे बूब्स के साथ वही करूँगा बोल मंजूर" मैने कहा
"ओके मुझे मंजूर है" वो बोली और उसने मेरा लंड पकड़ कर अपने चेहरे के उपर रख लिया
"ओह्ह माइ गॉड...क्या शानदार लंड है मेरे भाई तेरा ऐसा लग रहा है की अभी सारा की सारा मुँह मे भर लू और दिन भर बाहर ही ना निकालु" डॉली मादक स्वर मे बोली
"तो तुझे रोका किसने है मेरी बहन तेरे भाई का ये लंड तेरे ही लिए है जो करना है वो कर" मैं भी मस्त होते हुए बोला
और डॉली ने मेरा लंड पकड़ कर उसे सीधा कर लिया और उसे अपने खुले हुए मुँह मे भरने के लिए आगे बढ़ी लेकिन तभी हमारे घर की लॅंड लाइन का फोन बज्ज उठा और जैसे हम दोनो नींद से जागे और एक दूसरे का मुँह देखने लगे
मैने डॉली को इशारा किया की वो जाकर फोन पिक करे और मेरा इशारा समझते ही उसने फोन उठाया दूसरी तरफ मम्मी थी
"अरे अभी तक तुम लोग निकले नही" मम्मी की आवाज़ आई
"बस मम्मी निकल ही रहे थे वो क्या है ना आज भाई देर से उठा है और अभी तैयार ही हो रहा है उसके तैयार होते ही हम निकलते है" डॉली बोली
"ओके ठीक है लेकिन जल्दी आओ" मम्मी बोली और फोन काट दिया
"चल भाई अब अपनी मस्ती ख़तम, मम्मी ने जल्दी बुलाया है" डॉली फोन रखते हुए बोली
"रुक ना यार अभी थोड़ा और करते है" मैं बोला
"जी नही आज के लिए इतना ही काफ़ी है ना तुम कहीं जा रहे हो और ना मैं कहीं भाग रही हूँ ओके, चलो अब उठो और चलो" डॉली बोली
"ओके.....चलो" मैं बोला और अपने खड़े लंड को समझाते हुए बाहर निकल गया की बेटा आज तेरे हिस्से मे मलाई नही है लेकिन मैं क्या जानता था की मेरे लंड की किस्मत मुझसे भी अच्छी थी क्योंकि उसे आज और भी दो छूटो को चोद ना था
और मेरे बाइक बाहर निकालते ही डॉली भी घर लॉक कर के बाहर आ गयी और हम दोनो ही मेरी बाइक से
रवाना हो गये...........