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StoryPublisher
Guest
आलोक की सेक्रेटरी थी मुझे 1 घंटे बाद पेपर्स पे साइन करने जाना था
कुछ देर तक वँया और एलीना से बात किया,फिर अपने सीक्रेट हाउस पे पहुँचके फरारी में बैठके निकल पड़ा आलोक के ऑफीस में
आलोक की सेक्रेटरी मुझे आलोक के कॅबिन में लेके गयी
मैं पेपर्स बिना पढ़े साइन कर दिया,अब मैं शक्ति तो हूँ नही जो मेरा साइन करने से यह मेरा कुछ उखाड़ लेंगे,
बस एक बार कुछ क्लू मिल जाए
तभी मेरी वॉच से बीप की आवाज़ आने लगी वो भी ज़ोर ज़ोर से
मैं चारो तरफ नज़र दौड़ाने लगा
इस वक़्त रूम में मैं आलोक और उसकी सेक्रेटरी थी
आलोक- मिस्टर शक्ति आपकी वॉच साउंड कर रही है
मैं बीप ऑफ किया और लाइट की स्विच की तरफ बढ़ा
आलोक और सेक्रेटरी बातें करने में बिज़ी थे
मैं लाइट का स्विच ऑफ कर दिया
तभी आलोक के सीने पे मुझे एक रेड लाइट दिखा
मैं समझ गया की आलोक किसी गन के निशाने पे है
दिलीप- यह लाइट कैसे चली गयी
आलोक- सीमा बाहर जाके चेक करो आंड मिस्टर शक्ति
दिलीप- जी मैं यही पे हूँ
[फिर मैं रूम से बाहर आ गया
मेरे साथ आलोक भी बाहर आ गया कुछ देर बाद मैं अपने सीक्रेट घर पहुँचा
और किसी को फोन लगाया
कुछ देर बाद उसने फोन पिक किया
मैं उसे पूरी बात समझा दिया
और पहुँचा प्रिया के कॉलेज
कुछ देर बाद प्रिया आई और कार की पीच्छली सीट पे बैठ गयी
दिलीप- कैसा रहा आज का दिन
[यह सुनके प्रिया मुझे घूर्ने लगी]
मैं प्रिया को देखते हुए कहा
दिलीप- घूर्ने की ज़रूरत नही है,तुम्हारा बड़ा भाई हूँ
प्रिया- मैं तुमको भाई नही मानती
दिलीप- जीजा भी हूँ
प्रिया- तुम गाड़ी चलाओगे या मैं टॅक्सी से जाऊ
फिर मैं कुछ नही कहा और ड्राइव करने लगा,कुछ देर बाद हम घर पहुँचे
वँया और एलीना को देखके प्रिया सर्प्राइज़ हो गयी
रात में हम सबने खाना खाया
मैं जब अपने रूम में गया तो एलीना और वँया बातें कर रही थी
मैं भी उनके साथ बैठ गया
फिर दोनो मुझे बताने लगी की इन तीन दिनों में क्या क्या हुआ,
कुछ देर बाद दोनो ने बात करना बंद करके मुझे बड़े प्यार से देखने लगी
मैं समझ गया की दोनो मुझसे प्यार करना चाहती है'क्यूंकी कल दोनो जाने वाली थी
मुझे पता था आज विदू रूम में नही आएँगी
बहुत देर तक जब दोनो में से कोई एक रूम से बाहर नही गयी तो मैं लेट के अपनी आँखें बंद कर लिया
लेकिन कुछ ही देर बाद मैं सदमे में चला गया
'
क्यूंकी वँया और एलीना दोनो मिलके मेरी शर्ट के बटन खोल रही थी...
मैं सदमे में चला गया
क्यूंकी वँया और एलीना दोनो मिलके मेरी शर्ट के बटन खोल रही थी
कुछ देर तक वँया और एलीना से बात किया,फिर अपने सीक्रेट हाउस पे पहुँचके फरारी में बैठके निकल पड़ा आलोक के ऑफीस में
आलोक की सेक्रेटरी मुझे आलोक के कॅबिन में लेके गयी
मैं पेपर्स बिना पढ़े साइन कर दिया,अब मैं शक्ति तो हूँ नही जो मेरा साइन करने से यह मेरा कुछ उखाड़ लेंगे,
बस एक बार कुछ क्लू मिल जाए
तभी मेरी वॉच से बीप की आवाज़ आने लगी वो भी ज़ोर ज़ोर से
मैं चारो तरफ नज़र दौड़ाने लगा
इस वक़्त रूम में मैं आलोक और उसकी सेक्रेटरी थी
आलोक- मिस्टर शक्ति आपकी वॉच साउंड कर रही है
मैं बीप ऑफ किया और लाइट की स्विच की तरफ बढ़ा
आलोक और सेक्रेटरी बातें करने में बिज़ी थे
मैं लाइट का स्विच ऑफ कर दिया
तभी आलोक के सीने पे मुझे एक रेड लाइट दिखा
मैं समझ गया की आलोक किसी गन के निशाने पे है
दिलीप- यह लाइट कैसे चली गयी
आलोक- सीमा बाहर जाके चेक करो आंड मिस्टर शक्ति
दिलीप- जी मैं यही पे हूँ
[फिर मैं रूम से बाहर आ गया
मेरे साथ आलोक भी बाहर आ गया कुछ देर बाद मैं अपने सीक्रेट घर पहुँचा
और किसी को फोन लगाया
कुछ देर बाद उसने फोन पिक किया
मैं उसे पूरी बात समझा दिया
और पहुँचा प्रिया के कॉलेज
कुछ देर बाद प्रिया आई और कार की पीच्छली सीट पे बैठ गयी
दिलीप- कैसा रहा आज का दिन
[यह सुनके प्रिया मुझे घूर्ने लगी]
मैं प्रिया को देखते हुए कहा
दिलीप- घूर्ने की ज़रूरत नही है,तुम्हारा बड़ा भाई हूँ
प्रिया- मैं तुमको भाई नही मानती
दिलीप- जीजा भी हूँ
प्रिया- तुम गाड़ी चलाओगे या मैं टॅक्सी से जाऊ
फिर मैं कुछ नही कहा और ड्राइव करने लगा,कुछ देर बाद हम घर पहुँचे
वँया और एलीना को देखके प्रिया सर्प्राइज़ हो गयी
रात में हम सबने खाना खाया
मैं जब अपने रूम में गया तो एलीना और वँया बातें कर रही थी
मैं भी उनके साथ बैठ गया
फिर दोनो मुझे बताने लगी की इन तीन दिनों में क्या क्या हुआ,
कुछ देर बाद दोनो ने बात करना बंद करके मुझे बड़े प्यार से देखने लगी
मैं समझ गया की दोनो मुझसे प्यार करना चाहती है'क्यूंकी कल दोनो जाने वाली थी
मुझे पता था आज विदू रूम में नही आएँगी
बहुत देर तक जब दोनो में से कोई एक रूम से बाहर नही गयी तो मैं लेट के अपनी आँखें बंद कर लिया
लेकिन कुछ ही देर बाद मैं सदमे में चला गया
'
क्यूंकी वँया और एलीना दोनो मिलके मेरी शर्ट के बटन खोल रही थी...
मैं सदमे में चला गया
क्यूंकी वँया और एलीना दोनो मिलके मेरी शर्ट के बटन खोल रही थी