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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

मैं उसके पीछे चलने लगा,कुछ देर बाद हम स्पेशल रूम्स पे पहुँचे,रेड पास से रीमा गेट ओपन की

और हम दोनो अंदर चले गये

गेट अपने आप बंद हो गया

लाइट्स भी अपने आप जल गयी

रूम का नज़ारा देखके मैं शॉक हो गया...

रूम का नज़ारा देखके मैं शॉक हो गया

क्यूंकी रूम में हर चीज़ थी

लेकिन यह मेरे शॉक होने की वजह नही था

रूम में लड़कियो को डॉमिनेट करने के लिए हर एक चीज़ थी

जो लोग बॉंडेज देखते होंगे उन्हे पता होगा

मतलब इस रूम में लड़कियो को ऐज आ सेक्स स्लेव यूज़ किया जाता है

मैने रीमा की तरफ देखा

वो अपनी घबराहट च्छुपाने की कोशिश कर रही थी

[मैं बेड पे बैठ गया

दिलीप- बैठ जाओ

[रीमा मेरे पास आके बैठ गयी

उसके चेहरे पे झुटि मुस्कुराहट थी

दिलीप- अपने आपको इंट्रोड्यूस करो

और हाँ हिन्दी में

रीमा- सर

दिलीप- मुझे अपनी बात दोहराना अच्च्छा नही लगता

रीमा- सर मेरा नाम रीमा सिंग है

मैं ग्रॅजुयेट हूँ

और यहाँ 2 साल से काम कर रही हूँ

दिलीप- तो इसका मतलब तुम जानती हो कि यहाँ क्या क्या होता कौन कौन आता है

रीमा- एस सर

दिलीप- फॅमिली है

रीमा- नो सर

दिलीप- पर मुझे लगता है

तुम्हारी फॅमिली है

[रीमा खामोश हो गयी

दिलीप- मैं पहले भी कह चुका हूँ मुझे अपनी बात दोहराना अच्छा नही लगता है

[रीमा अभी भी चुप थी

दिलीप- मुझे लगता है,तुम्हे अच्छा नही लग रहा है कि तुम्हारे जिस्म पे कपड़े हैं

रीमा- एक आक्सिडेंट में मेरे माता पिता की डेत हो गयी

एक दिन कुछ लोग हमारे घर में घुस आए

और मेरी 2 बहने जो 10थ में थी उन्हे उठाके ले जाने लगे

मैं उनके हाथ पावं जोड़ने लगी

तब उन्होने मेरी बहेन को छोड़ा और मुझे अपने साथ ले गये

मुझे एक रूम में ले जाया गया

मेरे पापा ने लोन लिया हुआ था

और अब मुझे उसे चुकाना है

अगर मैं मना करती हूँ तो मेरी दोनो बहने मुझे कभी देख नही पाएँगी

मैं मजबूर थी मैं हां कह दी

और अब मैं इनके यहाँ काम करती हूँ

हर हफ्ते अपनी बहेन से भी मिलती हूँ
 
दिलीप- यहाँ काम करते हुए तुमने कितनी बार सेक्स किया है

[रीमा मुझे अजीब नज़रो से देखने लगी

दिलीप- रीमा

रीमा- 14 बार सर

दिलीप- किसके साथ

रीमा- इस नाइट क्लब के मालिक के साथ

दिलीप- चेहरा तो तुमने देखा ही होगा उसका

रीमा- मेरी आँखो पे पट्टी बँधी रहती थी

दिलीप- लिसन मैं तुम्हारे साथ वो सब नही करूँगा

पर तुम्हे एक काम करना होगा

रीमा- जी करूँगी सर

दिलीप- आलोक शर्मा को तुम जानती हो

रीमा- जी वो हफ्ते में 2 दिन आते हैं

उनके पास सेकेंड लेवेल का पास है

दिलीप- तो सुनो तुम्हे क्या करना है

[फिर मैं रीमा को बता दिया कि उसे क्या करना है

दिलीप- एक बात और मॅनेजर या कोई भी तुमसे पुच्छे कि हमारे बीच क्या बातें हुई

तो तुम सिर्फ़ यह बताओगि

कि मैने तुमसे आलोक के बारे में पुछा

रीमा- यस सर

दिलीप- तुम्हे पता है रेड पास के लिए कितना अमाउंट दिया जाता है

रीमा- 10 करोर सर

दिलीप- ओके अब हमे चलना चाहिए

[फिर क्या था हम रूम से बाहर निकले और बार की तरफ चल दिए

रीमा के हाथ में मेरा रेड पास था

जैसे ही हम आलोक के पास से गुजरने लगे,रीमा ने मेरा रेड पास गिरा दिया

पास गिरने की वजह से आलोक की नज़र मेरे रेड पास पे गयी,और उसकी आँखो में चमक अगयि

रीमा मेरा रेड पास उठाके मुझे दी

और मेरे गाल पे किस कर दी

फिर मैं नाइट क्लब से बाहर आ गया

मेरे जाने के बाद आलोक रीमा से कुछ बातें करने लगा

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करीब 10 बजे मैं सिमिता मौसी के घर पहुँचा

विदू और सिमिता मौसी बातें कर रही थी

मुझे देखके सिमिता मौसी अपने रूम में चली गयी

फिर हम दोनो ने खाना खाया और अपने रूम में आ गये

दिलीप- क्या हुआ इतना कम बात कर रही हो

विदू- ऐसा कुछ नही है

दिलीप- मैं आपकी रग रग से वाकिफ़ हूँ,बताओ क्यूँ रो रही थी

विदू- क्या आप भी मैं क्यूँ रोने लगी

मेरे प्यारे पति देव जी मेरे साथ हैं

दिलीप- डाइलॉग मत मारिए सच बोलिए

[मैं इतना कहा ही था की विदू मुझे किस करने लगी

मैं विदू से बात करना चाहता था,और विदू मुझे किस कर रही थी

एक तो क्लब में बुरा हाल हो गया,हां मैं अपने आप को कंट्रोल कर सकता हूँ,इसी लिए तो रीमा बच गयी,लेकिन मेरी बीवी खुद मुझे प्यार कर रही है,तो हम कैसे पीछे हट जाते

फिर मैं पूरी तरह से विदू को प्यार करके सो गया

आज विदू को पता चल गया कि इटॅलियन ट्रडीशनल स्टाइल की चुदाई कैसी होती है

सुबह मैं 5 बजे मेरी आँख खुली,और मैं विदू के माथे को चूमा जो मेरे बाहो में बिना कपड़ो के सोई हुई थी

विदू के गाल पे मेरे वीर्य की कुछ बूँद सुखी हुई थी

फिर मैं छत पे आ गया और कसरत करने लगा

3 घंटे लगातार कसरत करने के बाद नीचे गया तो विदू रूम में नही थी

कुछ देर बाद हम सब नाश्ते कर रहे थे प्रिया को छोड़ के

प्रीति- भैया भाभी ऐसे क्यूँ चल रही हैं

दिलीप- कैसे चल रही हैं

प्रीति- जैसे उनके पावं में मोच आ गई हो

[मैं हंस दिया और विदू मुझे गुस्से से देखने लगी

[तभी सिमिता मौसी प्रीति से बोली,प्रीति खाते वक़्त बात नही करते

प्रीति- सॉरी मम्मी

[फिर हम सबने नाश्ता किया

[तभी प्रिया हमारे पास आई

और मुझे इग्नोर करके विदू से बोली, सॉरी दीदी कल मैं कुछ ज़्यादा ही बोल गयी

प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो

विदू- कोई बात नही

[फिर प्रिया चली गयी और मैं प्रीति से पुछा, प्रिया सॉरी क्यूँ बोल रही है

प्रीति- कल

विदू- मासी ने क्या कहा खाते वक़्त बात नही करते

दिलीप- एक बार फिर से बोलिए

[विदू की बोलती बंद हो गयी

दिलीप-प्रीति अब बताओ

प्रीति-वो कल प्रिया दी ने भाभी को बहुत सुनाया,और भाभी बहुत रोई[मैं विदू की तरफ देखा विदू सहम गयी[मैं खड़ा हो गया और जैसे ही गेट की तरफ बढ़ा,विदू मेरे सामने आ गई
 
मैं खड़ा हो गया और जैसे ही गेट की तरफ बढ़ा,विदू मेरे सामने आ गई

दिलीप- सामने से हट जाइए

विदू- आप मुझसे नाराज़ हैं

दिलीप- ऐसा कुछ नही है,गाड़ी में तेल डलवा के आता हूँ

तब तक आप रेडी हो .,. .

[फिर मैं वहाँ से निकलके पेट्रोल पंप पहुँचा,टंकी फुल करवके वापस आया तो विदू एक दम रेडी थी

प्रीति शायद कॉलेज जा चुकी थी फिर हम कार में बैठे और चल पड़े

कई जगह घूमने के बाद हम घर वापस आए

फिर मैं प्रीति को लेने उसके कॉलेज चला गया

कुछ देर बाद प्रीति मुझे दिखी और मेरे पास आई

काफ़ी उदास दिख रही थी

मुझे देखके वो मेरे पास आई

दिलीप- मुँह क्यूँ लटका हुआ है

प्रीति- आप चलो

दिलीप- पहले बताओ तो

प्रीति- प्रिया दी मुझसे कह रही थी कि मैं आप से दूर रहूं,आप अच्छे नही हो

दिलीप- और कुछ कहा तुम्हारी दीदी ने

प्रीति- यही कि अगर आप अच्छे होते तो एक ही शादी करते

उन्हो ने यह भी कहा कि आप जैसे लड़के कभी एक से खुश नही रहते,और अगर लड़की कयि के पास जाए तो वो नीच हो जाती है,लड़के चाहे किसी के पास जाए उन्हे खुली आज़ादी है

दिलीप- तुम्हे समझ में आया तुम्हारी दी क्या कहना चाहती हैं

प्रीति- क्या भैया मैं इतनी भी बच्ची नही हूँ मुझे सब समझ में आता है

दिलीप- तो फिर उदास क्यूँ हो

वो तो तुम्हे बता रही है कि अगर मैं ऐसी वैसी हरकत करू,तो बर्दाश्त मत करना

प्रीति- आप भी मत शुरू हो जाओ

और आपने आज यह गाओं वाले कपड़े क्यूँ पहने है

एक दम गाओं वाले लग रहे हो

दिलीप- अच्छा ठीक है गुस्सा मत करो

और कार में बैठो

[फिर प्रीति कार में बैठी और हम घर पहुँचे

तभी एक और कार आके रुकी

और उसमें से प्रिया और उसकी कुछ फ्रेंड्स निकली

उनकी नज़र मुझपे पड़ी

और वो सब मुझे इग्नोर करके घर के अंदर चली गयी

हम भी अंदर गये

फिर मैं सोफे पे लेट गया

क्यूंकी सिमिता मौसी और विदू कहीं गयी थी

कुछ देर बाद मुझे कोई आवाज़ देने लगा

मैं उठा तो देखा प्रिया की फ्रेंड्स थी

लड़की- मुझे समझ नही आता कि तुम जैसे गँवार को नौकरी कैसे मिल जाती है

लड़की2- अरे दी आप कैसी बात कर रही हो

कामचोरी तो इन गँवारों के खून में होती है

[साला मेरा तो दिमाग़ घूम गया

इन दोनो की बात सुनके मैं सोचने लगा

दोनो पागल हो गयी है

दिलीप- आप मुझसे कह रही हैं

लड़की- तुम्हारे अलावा यहाँ कौन नौकर है

दिलीप- आप से किसने कहा कि मैं नौकर हूँ

[तभी मेरी नज़र गेट पे पड़ी और मर गया,विदू गेट के पास पहुँच चुकी थी,उसके चेहरे को देखके मैं समझ गया कि विदू ने कुछ नही सुना

फिर क्या था मैं बिजली की तेज़ी से विदू के पास पहुँचा

और उसका हाथ पकड़के सीधा अपने रूम में आया और गेट लॉक कर दिया

विदू- यह आप क्या कर रहे हैं

दिलीप- क्या कर रहा हूँ मैं

विदू- मासी बाहर हैं और आपको यह सब सूझ रहा है

कुछ तो शरम कीजिए

दिलीप- चुप रहिए

[आज अगर विदू उन लड़कियो की बातें सुन लेती

तो उनका क्या हाल करती मैं सोच भी नही सकता

और फिर आज ही हमे गाओं लौटना पड़ता

फिर हम दोनो बेड पे आके बैठ गये
 
विदू को कुछ समझ ही नही आया कि मैं क्या कर रहा हूँ

कुछ देर बाद गेट नॉक हुआ

मैने गेट खोला,प्रीति थी

प्रीति- वो चली गयी

और देख लिया आपने गाओं वाले कपड़े पहेनने से यहाँ के लोग क्या समझते हैं

दिलीप- अपनी भाभी को मत बताना

[मैं ज़्यादा बात भी नही कर सकता था

क्यूंकी विदू अंदर थी

फिर हम सबने खाना खाया

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शाम तक कुछ ख़ास नही हुआ,फिर मैं नाइट क्लब पहुँचा

कुछ देर बाद रीमा मेरे लिए एक सॉफ्ट ड्रिंक लेके आई

मैने वो पीके रीमा को अपना रेड पास दिया

फिर हम स्पेशल रूम में पहुँचे रीमा मेरे पास बैठ गयी

दिलीप- आलोक से कुछ बात हुई

रीमा- यस सर वो पूछ रहे थे कि आप कब से यहाँ आरहे हो

मैं कह दी कि आज ही आप आए हो

और वो यह भी कह रहे थे,कि आप दोनो की मीटिंग करवा दूं

दिलीप- ओके और तुम्हारे मेनेज़र ने क्या पुछा तुमसे

रीमा- कुछ नही
 
दिलीप- अभी तक तुम्हारे मॅनेजर को नही देख पाया

रीमा- वो कुछ दिन के लिए बाहर गयी हैं

दिलीप- अब सुनो तुम्हे क्या करना है

आलोक का होटेल बिजनेस है

तुम मुझे इंट्रोड्यूस करवाओगी

[फिर मैं रीमा को पूरी बात समझा दिया

और हम रूम से बाहर निकले

मैं अपनी जगह बैठ गया

रीमा आलोक के पास गयी

रीमा- सर वो मुझसे पूछ रहे थे की उन्हे होटेल बिजनेस में इनवेस्ट करना है तो मैने आप का नाम सजेस्ट कर दिया

आलोक- बहुत अच्छे अब हमारी मीटिंग करवा दो

रीमा- बट सर उनकी एक शर्त है

आलोक- क्या

रीमा- यही की वो मीटिंग किसी होटेल में नही अपने घर पे रखेंगे

आलोक- मुझे कोई प्राब्लम नही है

रीमा- लेकिन उन्हे अभी तक कोई घर पसंद नही आया है

कुछ दिन में उन्हे घर पसंद आजाए फिर वो घर पर्चेस करेंगे

आलोक- तुम उन्हे कहो की हम मीटिंग मेरे घर पे रख सकते हैं

रीमा- कहती हूँ

[फिर रीमा मेरे पास आई,और मुझे सब कुछ बताने लगी,मैं भी तो यही चाहता था

फिर मैं रीमा को अपना विज़िटिंग कार्ड दिया

वो कार्ड लेके आलोक के पास गयी

और आलोक को वो कार्ड दी

आलोक- शक्ति राजवीर चौहान

रीमा- जब भी आपको मीटिंग रखनी हो आप फोन कर सकते हैं

[फिर मैं नाइट क्लब से बाहर आया

और पहुँचा घर

देखते हैं आलोक कब फोन करता है

मैं और विदू खाना ख़ाके अपने रूम में आए,और प्यार करके सो गये...
 
फिर मैं नाइट क्लब से बाहर आया

और पहुँचा घर

देखते हैं आलोक कब फोन करता है

मैं और विदू खाना ख़ाके अपने रूम में आए,और प्यार करके सो गये

एक नयी सुबह एक नया दिन आज शायद आलोक मुझे फोन करने वाला था

सुबह विदू का मासूम और प्यार चेहरा देखके दिल खुश हो गया

छत पे आया,और कसरत करने लगा

करीब 1 घंटे बाद प्रीति छत पे आई और मुझे गुड मॉर्निंग विश करके मुझे कसरत करते हुए देखने लगी

दिलीप- आज इतनी जल्दी कैसे उठ गयी

प्रीति- आपको क्या लगता है मैं जल्दी नही उठती

दिलीप- नही मुझे पता है की तुम रोज़ सुबह उठती हो और 2 घंटे पढ़ाई करती हो

प्रीति- आप इतनी देर तक कैसे कसरत कर लेते हो

दिलीप- प्रॅक्टीस

प्रीति- मुझे भी सीखाइए ना

दिलीप- इन कपड़ो में सीखोगी

प्रीति- अभी आई

[प्रीति भाग के नीचे गयी और कपड़े पहन कर आ गई

फिर मैं उसे एक्सरसाइज़ करवाने लगा

लेकिन तभी मेरी साँसें रुक गयी

हुआ यह की प्रीति एक ऐसे पोज़ में थी जिसमें उसकी गान्ड पूरी तरह से दिख रही थी

अब आप तो जानते हैं आई लव आस

फिर मैं अपने आप को कंट्रोल किया और वापस कसरत करने लगा

कभी कभी मैं सोचता हूँ मेरा भाई दिलीप शायद गान्ड को ही घूरता रहता था

था भी तो वो टीनेजर

फिर प्रीति थक गयी और नीचे जाने लगी

वो एक नज़र मुझपे मारके हल्का हंस दी

मैं उससे पूछता उससे पहले ही वो नीचे जा चुकी थी

कुछ देर बाद मैं भी नीचे गया

अपने रूम में तभी मेरी नज़र अपनी पॅंट पे पड़ी,यह कब हुआ

कही प्रीति इस लिए तो नही हँसी,मैं भी क्या सोच रहा हूँ

फिर भी कल जीन्स ही पहन कर कसरत करूँगा

तभी विदू रूम में आई और मुझे देखते ही वो भी हंस दी

दिलीप- आपको क्यूँ हँसी आरही है

विदू- ऐसे ही अब आप रेडी हो जाइए नाश्ता बन चुका है

दिलीप- आप मेरा एक काम करेंगी

विदू- मैं नही करने वाली

दिलीप- पहले सुन तो लीजिए क्या करना है

विदू- मैं नही करूँगी

दिलीप- 10 मिनिट तो लगेगा

विदू- 20 मिनिट लगेगा

दिलीप-अगर 10 मिनिट से ज़्यादा लगे तो छोड़ दीजिएगा

विदू- आज पता नही क्या हो गया है आपको

सिर्फ़ आज के लिए

[और विदू गेट लॉक करके मेरे पास आई

घुटनो के बल बैठके मेरा ट्राउज़र नीचे करदी

और झट से मेरे लंड को अपने मुँह में लेके चूसने लगी

कुछ देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद वो मेरा लंड अपने मुँह से निकालके मुझे बेड पे बिठा दी,और फिर से मेरा लंड चूसने लगी

मैं विदू के सारे बाल पकड़के पीछे की तरफ किया और हल्का हल्का अपना लंड विदू के मुँह में अंदर बाहर करने लगा

कुछ देर बाद विदू मेरे बॉल्स को मुँह भर के चूस्ते हुए,मेरा लंड हिलाने लगी

दिलीप- काश आप हर रोज ऐसे ही सुबह मेरा लंड चुस्ती तो कितना मज़ा आता

[विदू मेरे बॉल्स को मुँह से निकाल दी

विदू- चुप चाप बैठिए

यह कहके विदू कुछ ज़्यादा ही तेज़ी से मेरा लंड चूसने लगी,मैं पूरा हिल गया,और कुछ ही देर में मैं विदू के मुँह में झड़ने लगा,विदू मेरे रस की एक एक बूँद पी गयी

फिर वो बाथरूम में जाके अपना हुलिया ठीक की

और मेरे पास आके कही

विदू- बोला था ना 20 मिनिट लगता है बड़े आए 10 मिनिट करने वाले

[और विदू रूम से बाहर चली गयी,फिर मैं शवर लेके रेडी होके नाश्ता करने के लिए बैठ गया
 
नाश्ता करने के बाद प्रीति को कॉलेज छोड़ने गया

तभी मेरा फोन बजने लगा

अननोन नंबर था

मैं फोन उठाया कोई लड़की थी

लड़की- मिस्टर शक्ति बोल रहे हैं

दिलीप- एस

लड़की- मैं मिस्टर आलोक की सेक्रेटरी बोल रही हूँ

सर चाहते हैं की आज डिन्नर आप उनके घर पे ही करे

दिलीप- ओक

लड़की- मैं आपको अड्रेस सेंड करती हूँ

[फिर फोन कट हो गया

क्या बात है यह कुछ जल्दबाज़ी नही कर रहा है

मुझे लगा था की पहले यह मेरे बारे में छान बीन करेगा

हो सकता है यह ट्रॅप हो

पर मुझे क्या

[फिर मैं घर आया और विदू को ढूँढने लगा

विदू सिमिता मौसी के रूम में थी

मुझे देखके वो मेरे पास आई

मैं रूम में आके गेट लॉक कर दिया,विदू शर्मा गयी

दिलीप- शर्मा क्यूँ रही हो मैं हर वक़्त उस बारें में नही सोचता

विदू- ओह

दिलीप- बड़ा दुख हो रहा है

मज़ा तो आपको भी बड़ा आता है

फिर भी मुझे ही ब्लेम करती हो

जल्दी से रेडी हो जाइए मूवी देखने जाएँगे

विदू- जा रही हूँ बड़े आए

दिलीप- कहाँ जा रही हैं आप यही पे चेंज कीजिए

[साला मैं तो शॉक हो गया]

विदू कबाड़ से कपड़े निकाली,और मेरी तरफ पीठ करके अपने सारे कपड़े उतारके एक वेस्टर्न ड्रेस पहन ली

आज मैं पहली बार विदू को वेस्टर्न ड्रेस में देखा था,क्या बताऊं कितनी खूबसूरत दिख रही थी

[फिर हम मूवी देखने गये,मूवी देखके जब हम घर लौटे तो

शाम हो चुकी थी

फिर मैं कपड़े चेंज करके एक आड्रेस्स पे गया,एक ब्रांड न्यू फरारी मेरा वेट कर रही थीमैं उसे ड्राइव करके आलोक के घर पहुँचा

सेक्यूरिटी को मैने अपना परिचय दिया

गार्ड ने मेरा अभिवादन किया

फिर वो मुझसे बड़ी रेस्पेक्ट के साथ बात करते हुए अंदर ले गया

आलोक और मैं ने कुछ बिजनेस डिस्कशन किया,और आलोक मेरे प्रपोज़ल को झट से मान गया

फिर एक लेडी से आलोक ने मुझे इंट्रोड्यूस करवाया

उसकी वाइफ सुशीला शर्मा

और फिर दो लड़किया रूम में आई जिनका परिचय उसने अपनी बेटी के रूप मे दिया

फिर मैं कुछ देर और बात करके मे घर के लिए निकल पड़ा.

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इधर सिमिता मौसी के घर

मैं सोच रहा था की कब सुशीला की दोनो बेटी से बात करने का मौका मिले

तभी मुझे एक आइडिया आया

मैं अपने रूम से बाहर आया और प्रीति को ढूँढने लगा तभी मुझे याद आया की प्रीति की तबीयत खराब है

नाश्ता करने के बाद मैं घर से बाहर आया और अपनी कार में बैठा,करीब 20 मिनिट बाद मैं एक जगह पहुँचा

यह एक बहुत बड़ा घर था

मैं अपनी कार पार्क करके अंदर घर में गया

और फोन निकालके सिमिता मौसी का नंबर डाइयल किया

सिमिता मौसी फोन उठाई

मैं- सिमिता जी बोल रही हैं

सिमिता- जी बोल रही हूँ आप कौन

मैं- मेरी बात ध्यान से सुनिए,आपकी बड़ी बेटी की जान ख़तरे में है

सिमिता- क्या बकवास कर रहे हो

मैं- मेरे पास वक़्त कम है मैं बड़ी मुश्किल से आपको फोन कर रहा हूँ,वो लोग मेरे भी पीछे पड़े है,अगर आप यकीन नही करेंगी तो नुकसान आपको ही होगा

[और मैं फोन कट कर दिया,और एक डिवाइस अपने कान में लगाया

यह डिवाइस सिमिता मौसी के रूम में लगे चिप से कनेक्ट था

कुछ देर बाद मुझे सिमिता मौसी की आवाज़ आने लगी

सिमिता मौसी- हेलो मैं बोल रही हूँ अभी मुझे एक फोन आया था,वो मुझसे कह रहा था की मेरे बड़ी बेटी की जान ख़तरे में है,अगर मेरी बेटी पे आँच भी आई तो मैं बिना कुछ सोचे अपने भाई को सबकुछ बता दूँगी

[फिर आवाज़ आनी बंद हो गयी

मेरा आइडिया काम कर चुका था,इसका मतलब सिमिता मौसी को कोई मोहरा बनाए हुआ है

उसके बाद मैं एक वॉच पहना और दो डिवाइस अपनी पॅंट की जेब में रखा

एक डिवाइस आलोक के घर में जो चिप था उससे कनेक्ट था

और दूसरा सिमिता मौसी के रूम में जो चिप था

फिर मैं एक वॉच भी पहन लिया

और पहुँचा वापस घर

घर में एंटर होते ही सिमिता मौसी मुझे आवाज़ दी

मैं उनके पास गया

सिमिता मौसी- मेरा एक काम करोगे

दिलीप- जी

सिमिता मौसी- आज से तुम प्रिया को कॉलेज छोड़ने जाओगे और लेके भी आओगे

[यही तो मेरा प्लान है थॅंक यू मासी

दिलीप- जी

[तभी प्रिया अपने रूम से बाहर आई और मासी को देखके बोली

प्रिया- मम्मी मैं किसी के साथ नही जाउन्गी

सिमिता मौसी- मैं फ़ैसला कर चुकी हूँ,अगर तुम मुझे मा नही मानती तो जो मन में आए वो करो

प्रिया- पर मा

[सिमिता मौसी बिना कुछ बोले अपने रूम में चली गयी

फिर मैं अपने रूम में गया और पीछे से विदू भी आई

विदू- प्रिया अगर कुछ बोले तो

दिलीप- चुप चाप सुन लूँगा

विदू- नही उसकी फालतू बातें सुनने की कोई ज़रूरत नही है

दिलीप- आज सूरज कहाँ से निकला है

विदू- मज़ाक मत कीजिए

और अगर आपने उसकी फालतू बातें सहेंन की तो मैं बात नही करूँगी

[विदू की धमकी सुनके मेरी फट गई

और मैं अपना सर हाँ में हिल दिया

लेकिन अगले ही पल विदू मुझे किस करने लगी

मैं सब कुछ भूलके विदू को किस करने लगा
 
तभी प्रिया विदू को आवाज़ देने लगी मैं समझ गया की प्रिया को कॉलेज ले जाना है

फिर मैं घर से बाहर आया और अपनी कार में बैठ गया

प्रिया पीछे वाली सीट पे बैठ गयी

मैं ड्राइव करने लगा

कुछ देर बाद मैं कॉलेज पहुँचा

प्रिया अपनी क्लास में चली गयी

मैं आलोक की बेटी को ढूँढने लगा

एक जगह वो मुझे दिख गयी

मैं उनके पास गया

एक बार फिर वो सदमे में चली गयी

दिलीप- कल आप दोनो ने अपना नाम ही नही बताया

अब इतनी भी क्या नाराज़गी

[दोनो के मुँह से सिर्फ़ उनका नाम निकला

एक का नाम था काजोल और एक का नाम मीरा

दिलीप- आप दोनो के दिल और दिमाग़ में कुछ चल रहा है,एक काम कीजिए मेरे साथ कॉफी पीते हुए जो भी कहना हो पूछना हो

काजोल- मीरा तुम जाओ मैं थोड़ी देर में जाउन्गी

फिर मीरा वहाँ से चली गयी,और काजोल मेरे साथ आके मेरी कार में बैठ गयी

फिर हम पहुँचे एक केफे में

काजोल- अब तुम बताओगे की यह सब क्या हो रहा है

दिलीप- प्रिया मेरी कज़िन है,मासी की लड़की,मैं यहाँ अपनी वाइफ के साथ घूमने आया हूँ

काजोल- वाइफ वो भी इतनी कम उमर में

दिलीप- मेरा चेहरा जल गया था और मेरी सर्जरी हुई है

काजोल- तो तुम्हारी एज कितनी है

दिलीप- 25

काजोल- लेकिन प्रिया ने यह क्यूँ कहा की तुम उसके घर के नौकर हो

दिलीप- वो मुझसे नाराज़ है

काजोल- क्यूँ

दिलीप-[जब तुझे यही नही पता की तेरी फ़्रेंड को लड़को से चिढ़ है तो तू काहे की दोस्त]

मेरी तीन शादी हुई है

काजोल- व्हाट

दिलीप- लिसन मैं चाहता हूँ की तुम प्रिया को मेरे और तुम्हारे डॅड के बिजनेस के बारे में ना बताओ

काजोल- क्यूँ

दिलीप- क्यूंकी मैं अपनी वाइफ को सर्प्राइज़ देना चाहता हूँ

काजोल- ओक लेकिन मेरी भी एक शर्त है

दिलीप- कैसी शर्त

काजोल- उस दिन के लिए मुझे माफ़ करदो,और मेरे फ़्रेंड बन जाओ

दिलीप- क्यूँ नही

काजोल- सच मे तुम्हारी तीन शादी हुई है

दिलीप- एस

[मैं अपना मोबाइल निकाला और अपनी फॅमिली फोटो काजोल को दिखाया

काजोल- बहुत खूबसूरत है

दिलीप- मीरा को भी समझा देना

काजोल- समझा दूँगी

[काजोल से बात करके मुझे यकीन हो गया की वो सच मे मेरी फ़्रेंड बन चुकी है

[फिर मैं काजोल को कॉलेज छोड़के वापस घर आ गया

घर आते ही मैं शॉक हो गया

और सोचने लगा की अपनी किस्मत को कोसु या खुशी मनाऊ
 
सोफी पे बैठी विदू और प्रीति बातें कर रही थी,वँया और एलीना के साथ

तभी एलीना की नज़र मुझपे पड़ी

और वो मेरे पास आई

इससे पहले की मैं कुछ बोलता,एलीना अपने होन्ट मेरे होन्ट पे रख दी और बड़े प्यार से चूसने लगी...

मैं भी बिना कुछ सोचे अपने दोनो हाथ एलीना की कमर पे रखके खुद से पूरा सटा लिया,इतना की एलीना के बूब्स मेरे सीने में दब गये,और मैं भी एलीना के होंठो को चूसने लगा

यह सब देखके प्रीति अपने रूम में भाग गयी

पता नही कितनी देर तक हम दोनो एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे

फिर मैं अपने होन्ट एलीना के होन्ट से अलग किया

और उसका चेहरा देखने लगा

मेरे किस करने से उसके होंठो पे जो लिपस्टिक थी वो फैल गयी थी

एलीना- कैसे हो शक्ति बाबू

दिलीप- ठीक हूँ

एलीना- देखो ना सिर्फ़ तीन दिन हुए हैं और ऐसा लग रहा है की तुम्हे देखे हुए अरसा बीत गया

दिलीप- वाह तुम तो काफ़ी रोमॅंटिक हो गयी हो

लेकिन यहाँ कैसे आई’

एलीना- 2 दिन वँया का कॉलेज बंद है

दिलीप- अकेले आई हो

[तभी वँया मुझे देखते हुए बोली

वँया- अकेले ही आई है मैं थोड़े ना आई हूँ

मैं वँया की तरफ देखा तो वो मुँह फुलाए खड़ी मुझे देख रही थी

मैं एलीना से अलग हुआ और वँया के पास पहुँचा

इससे पहले की वँया कुछ बोल पाती,मैं उसे अपने सीने से लगा लिया

कुछ देर बाद वो मुझसे अलग हुई

दिलीप- क्या हुआ बस इतना ही

वँया- मैं साइको नही हूँ

दिलीप- क्यूँ एलीना ने क्या किया

वँया- प्रीति यहाँ पे बैठी हुई थी,और यह तुम्हारे पास जाके तुम्हे किस करने लगी,और तुम भी कम नही हो पूरा मुँह में मुँह

तभी विदू बोल पड़ी

विदू- वानु

[एलीना भी हमारे पास पहुँच चुकी थी

एलीना- मैं जैसे भी अपने पति को प्यार करू वो मेरी मर्ज़ी है

वँया- आगे पीछे भी तो देखना चाहिए वो तो अच्छा हुआ मासी घर में नही है

दिलीप- एलीना तुझसे बड़ी है

वँया- हाँ तो मेरी शादी पहले हुई है तुमसे उस हिसाब से मैं बड़ी हुई

एलीना- बड़ी आई हिसाब लगाने वाली

दिलीप- वैसे तो मैं समझ गया था,की दोनो नाटक कर रही हैं लड़ने का

लेकिन अगर मैं कुछ बोलता तो मेरी पिटाई सच में हो जाती

इसी लिए मैं चुप ही रहा

तभी मेरे कानो में एक जानी पहचानी आवाज़ पड़ी,मैं जल्दी से घर के बाहर आया

मेरा कालिया कालुआ लखन आया हुआ था

लेकिन उसके साथ एक लड़की भी थी

दिलीप- धन्य भाग हमारे जो आप पधारे

कहिए लखन जी क्या हाल हैं आपके

लखन ने अपने दाँत दिखा दिए

लखन- नमस्ते छोटे मालिक

दिलीप- यह मोहतर्मा कौन है

लखन- मेरी बीवी

दिलीप- भाभी

बाहर क्यूँ खड़ी हैं आप चलिए अंदर

लखन- छोटे मालिक हम यही क्वॉर्टर में रुक जाएँगे

दिलीप- आपसे किसी ने पूछा

दिमाग़ का दही मत कीजिए

[मेरे इतना कहते ही लखन और उसकी वाइफ अंदर घर में गये

मैं भी गया

अब प्रीति अपने रूम से बाहर आचुकी थी

फिर मैं लखन और उसकी वाइफ को गेस्ट रूम में लेके गया

उसके बाद मैं अपनी बीवियो के पास पहुँचा

तभी मेरा फोन बजने लगा

मैं घर के बाहर आके फोन पिक किया
 
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