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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

मैं टेबल पे से तेल की शीशी उठाया जो पहले से ही रखा हुआ था

और ढेर सारा तेल वँया की चूत पे डाल दिया

चूत पे तेल पड़ते ही चूत चिकनी हो गयी

मैं अपना हाथ वँया की चूत पे रखके मसल्ने लगा

वँया आहे भरने लगी

वँया की सिसकी सुनके मैं और तेज़ी से वँया की चूत मसल्ने लगा

वँया की चूत मसल्ते हुए

मैं अपनी एक उंगली वँया की नाभि में डालके खुरदेने लगा

मैं थोड़ा और तेल वँया की चूत पे डाला

और चूत के दाने को उंगलियो में पकड़के मसल्ने लगा

वँया की हल्की चीख निकल गयी

थोड़ी देर बाद जैसे ही मुझे लगा कि वँया झड़ने वाली है

मैं अपनी एक उंगली चूत के छेद पे रख दिया

वँया झड़ने लगी

और मैं धीरे से अपनी एक उंगली वँया की चूत में डाल दिया...

मैं अपनी एक उंगली चूत के छेद पे रख दिया

वँया झड़ने लगी

और मैं धीरे से अपनी एक उंगली वँया की चूत में डाल दिया

वँया को ज़्यादा दर्द नही हुआ

फिर मैं अपनी उंगली धीरे से वँया की चूत में आगे पीछे करने लगा

वँया कराह रही थी

मैं अपना मुँह वँया की चुचि पे रखके चूसने लगा

वँया की आआह निकल गयी

थोड़ी देर तक वँया की चूत में अपनी उंगली आगे पीछे करने के बाद मैं अपनी उंगली वँया की चूत से निकाल लिया

वँया की चूत से रस टपक रहा था

फिर मैं बेड से नीचे उतरा

वँया कनखियो से मुझे देखने लगी

और मैं अपनी पैंट उतार दिया

अंडरवेर तो मैं पहना ही नही था

तो मेरा लंड फुल खड़ा था

वँया की तो साँस अटक गयी

मेरे लंड को देखके

मैं वँया से इशारे में पूछा कि छुना है

वँया अपनी गर्दन ज़ोर ज़ोर से ना में हिलाने लगी

मैं एक बार फिर पूछा तो वँया अपनी आँखें बंद कर ली

मैं एक बार वँया के होंठ चूसा

और वँया का हाथ पकड़के अपने खड़े लंड पे रख दिया

जैसा कि मैं सोचा था वँया झट से अपना हाथ ली

 
मुझे पता था वँया इतनी मेच्यूर नही है

तो मैने वँया को और ज़्यादा परेशान करना सही नही समझी

और मैं जैसे ही वहाँ पर से आगे बढ़ा वँया मेरा हाथ पकड़ ली

मैं अपनी गर्दन हिलाके पूछा क्या हुआ

तो वँया अपने कान पकड़ ली

शायद वँया सोच रही थी कि मैं गुस्सा हूँ

मैं वँया की आँखो में देखते हुए

वँया का हाथ पकड़ा और अपने लंड पे रख दिया

वँया का हाथ मेरे लंड पे पड़ते ही मेरा लंड झटके खाने लगा

वँया सकपका के अपने हाथ मेरे लंड पे से हटा ली

दिलीप- आज रहने दो मुझे फरक़ नही पड़ेगा

[वँया अपनी गर्दन हाँ में हिला दी

फिर मैं अपने लंड पे तेल डाला

और अपने लंड की मालिश करने लगा

वँया मुझे ऐसा करते देख शर्मा रही थी

फिर मैं वँया की गान्ड के नीचे एक तकिया रख दिया

और ढेर सारा तेल वँया की चूत पे डाल दिया

अपने लंड को वँया की चूत पे सेट किया

अपने होंठ वँया के होंठ पे रखा

वँया डर से काँप रही थी

मैं वँया की चूत पे अपने लंड दबाने लगा

लेकिन कोई फ़ायदा नही हुआ

वँया की चूत में मेरी उंगली बड़ी मुश्किल से गयी थी

फिर मैं हिम्मत किया और धक्का मार दिया

मेरे लंड का टोपा अंदर चला गया

वँया अपने होंठ मेरे होंठो से अलग की और अपने दोनो हाथो अपने मुँह पे रखके बंद कर दी

मेरा कलेजा हिल गया वँया को देखके

मैं वँया का हाथ उसके मुँह से हटाया तो वो मना करने लगी

लेकिन मैं वँया का हाथ मुँह पे से हटा दिया

वँया हिचकियाँ लेने लगी

मैं अपने दोनो हाथ वँया की चुचियो पे रखके पूरे जोश के साथ दबाने लगा

वँया बस रोए जा रही थी

थोड़ी देर बाद जब वँया थोड़ी शांत हुई तो मैं थोड़ा और तेल अपने लंड पे डाला

वँया के होंठो पे अपने होन्ट रखके और एक धक्का मार दिया

मेरा 3 इंच लंड वँया की चूत में चला गया

वँया एक बार फिर अपने मुँह पे हाथ रख दी

मैं वँया की चुचियो को चूसने लगा

और अपना एक हाथ वँया की चूत के दाने पे रखके मसल्ने लगा

 
वँया अपने आँसू छोड़के मेरे आँसू पोच्छने लगी

मैं वँया के होंठ चूसने लगा

मेरा लंड एक दम दब गया था वँया की चूत में

ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड छिल जाएगा

फिर मैं वँया की आँखो में देखते हुए

थोड़ा सा तेल वँया की चूत पे डाला और एक तेज़ धक्का मार दिया

मेरा मेरा आधा लंड वँया की चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया

साथ ही वँया की चूत से खून बहने लगा

वँया की चीख निकल गयी

वँया को तड़प्ते देख मेरी आँखो से झाड़ झाड़ आँसू बहने लगे

वँया रो रही थी

फिर मैं अपने होन्ट वँया के होन्ट से अलग किया

वँया ना मुझे लंड बाहर निकालने को कह रही थी और ना ही मुझे देख रही थी

मैं वँया के चेहरे को पकड़ के अपनी तरफ किया...

मैं वँया की आँखो को चूमा और वँया की चुचियो को दबाने लगा

लेकिन किसी भी तरह वँया का दर्द कम नही हो रहा था

वँया बस रोए जा रही थी

फिर मैं वँया की चुचियो पे अपना मुँह रखके निपल पे ज़ुबान फेरने लगा

साथ ही वँया की नाभि में उंगली डालके खुरेदने लगा

वँया जब थोड़ी शांत हुई तो मैं वँया के गले लग गया

और उसकी कान के पीछे वाले हिस्से को चूसने लगा

 
वँया मेरी पीठ सहला रही थी फिर मैं वँया के होंठो को बार बार चूसने लगा

और वँया मेरे गाल सहलाने लगी

मैं वँया के होन्ट चूस्ते हुए अपना आधा लंड धीरे धीरे वँया की चूत में आगे पीछे करने लगा

वँया को दर्द हो रहा था लेकिन वो मेरी आँखो में देखते हुए मेरे गाल सहला रही थी

फिर जब वँया अपनी कमर गोल गोल घुमाने लगी

मैं तेज़ी से वँया की चूत में अपने आधे लंड से धक्के मारने लगा

वँया अब आआहए भर रही थी

मैं वँया को आँख मार दिया

वँया बुरी तरह से शरमा गयी

मैं वँया के निपल को मसल्ने लगा

और अपनी ज़ुबान निकालके वँया के होंठो पे रख दिया

वँया अपना मुँह खोलके मेरे ज़ुबान अंदर लेके चूसने लगी

अब मैं अपनी स्पीड बढ़ा दिया

और वँया की चूत में अपना आधा लंड आगे पीछे करने लगा

मैं वँया की चूत पे थोड़ा तेल डाला थोड़ा अपने लंड पे डाल दिया

वँया अब आआहए भर रही थी

जैसे वँया का बदन आकड़ा और वो मेरी ज़ुबान चूसना बंद की

मैं तय्यार हो गया

वँया झड़ने लगी

मैं पूरी ताक़त से धक्का मार दिया

मेरा पूरा लंड वँया की चूत को चीरता उसकी बच्चेदानि से जा टकराया

वँया की चीख मेरे मुँह में दब गयी

मैं पूरी तारत से धक्का मार दिया

मेरा पूरा लंड वँया की चूत को चीरता उसकी बच्चेदानि से जा टकराया

वँया की चीख मेरे मुँह में दब गयी

वँया तड़पने लगी

मैं वँया के होंठो को पूरे जोश से चूसने लगा

वँया मेरे गालो को सहलाते रो रही थी

मैं वँया के पूरे चेहरे को चूमने लगा

उसकी चुचियो को दबाने लगा

वँया बस रोए जा रही थी

मैं वँया की चुचियो पे अपना मुँह रख दिया

और दोनो निपल चूसने लगा

 
पता नही कितनी देर तक मैं वँया की चुचियो को चूस्ता रहा

तब जाके वँया शांत हुई

और मेरे चेहरे को बड़े प्यार से देखने लगी

मैं अपना आधा लंड धीरे से वँया की चूत से बाहर निकाला जो खून और वँया की चूत से नहा चुका था

वँया के गालो को चूमते हुए धीरे धीरे धक्के मारने लगा

वँया अपनी आँखे बंद कर ली थी

मैं वँया की चुचियो को अपने दोनो हाथो में पकड़ा और वँया की चूत में धक्के लगाते हुए दबाने लगा

वँया अपनी आँखें बंद किए मेरे सीने पे हाथ फिराते हुए अया अया कर रही थी

कुछ देर तक मैं वँया के प्यारे चेहरे को देखते हुए वँया की चूत में अपना लंड आगे पीछे करता रहा

फिर मैं रुक गया

और वँया के गले को चूमते हुए एक बार फिर से मैं धक्के मारने लगा

वँया को अभी भी दर्द हो रहा था

लेकिन वो भी अपना दर्द नही दिखा रही थी

थोड़ी देर बाद वँया अपनी कमर गोल गोल घुमाने लगी

मैं वँया की चूत में अपना लंड तेज़ी से आगे पीछे करने लगा

वँया उम्म्म उम्म्म कर रही थी

फिर वँया झड़ने लगी

अब मेरा लंड आराम से वँया की चूत में जा रहा था

मैं वँया की चुचियो को दबाते हुए

वँया की चूत में अपना लंड आगे पीछे कर रहा था

वँया फिर से झड़ने वाली थी और मैं भी

मैं अपनी पूरी ताक़त से धक्के मारने लगा

फिर वँया झड़ने लगी

और मैं भी अपना वीर्य वँया की चूत में डाल दिया...

हम दोनो हाँफ रहे थे

मेरा लंड वँया की चूत में ही था

मैं वँया के माथे पे किस किया फिर मैं और वँया दोनो सो गये

 
सुबह मैं उठके फ्रेश हुआ

और वँया अभी भी सोई हुई थी

मैं वँया को अपनी गोद में उठाया

और बाथरूम में आके शवर ऑन कर दिया

वँया की आँख एक झटके में खुल गयी

जब वो अपने आपको नंगी मेरी गोद में देखी तो शरमा गयी

[फिर मैं वँया को नीचा उतारा

वँया जिस्म पे पानी गिरते देख पहली बार मेरा मन किया कि अभी के अभी मैं वँया को अपना बना लूँ

शायद यह मेरे दिल की वजह से हो

फिर मैं वँया के जिस्म पे साबुन लगाने लगा

जब वँया नहा ली

तो मैं एक टवल गरम पानी में भीगोके

वँया की चूत पे रख दिया

वँया शर्मा गयी

वँया- तुम रहने दो मैं कर लूँगी

दिलीप- मैं कर रहा हूँ तो कोई परेशानी है

वँया- नही

दिलीप- तो फिर चुप रहो

अगर कुछ बोलोगि तो बात नही करूँगा

[फिर मैं वँया की चूत की सिकाई करने लगा

वँया अपना मुँह छुपाए मेरा एमोशनल अत्याचार सह रही थी

फिर मैं वँया को अपनी गोद में उठाया और बाथरूम से बाहर आ गया

वँया जब बेडशीट की हालत देखी तो बुरी तरह से शरमाने लगी

फिर मैं वँया को एक सोफे पे लिटा दिया

और बेडशीट चेंज किया

फिर वँया के लिए एक शलवार कमीज़ और दुपट्टा निकाला

ब्रा भी निकाला

फिर मैं वँया को बेड पे बिठाया

और उसे ब्रा पहना दिया

फिर शलवार कमीज़ और दुपट्टा

दिलीप- पता है तुम्हे बहुत ज़्यादा अजीब फील हो रहा है

वँया- मैं तुमसे कुछ कही

दिलीप- कह भी नही सकती

वँया- आइ लव यू

दिलीप- जानता हूँ

वँया- इतना ख्याल रखोगे तो तुम्हे खुद से दूर जाने ही नही दूँगी

दिलीप- ओके

वँया- तो फिर दीदी और एलीना का क्या होगा

दिलीप- एक बात बताओ एलीना को नाम से क्यूँ बुलाती हो

वँया- ऐसे ही वो मुझसे बड़ी है

लेकिन मैं उसे अपना फ़्रेंड मानती हूँ

अगर वो कहेगी कि उसे दीदी बुलाऊं तो बुला लूँगी

दिलीप- चलो टॅबलेट खा लो

[फिर मैं वँया को टॅबलेट खिला दिया

वँया- यह है क्या

दिलीप- तुम्हारे दर्द के लिए

वँया- अब तुम भी शर्ट पहेन लो

दिलीप- क्यूँ अच्छा नही लग रहा हूँ

वँया- बहुत अच्छे लग रहे लेकिन शर्ट पहेन लो

दिलीप- पहेन लूँगा

पहले इधर आओ

[और मैं वँया को अपने सीने से लगा लिया

वँया- छोड़ो भी

दिलीप- मेरी जान चुप रहो वरना फिर से शुरू हो जाउन्गा

वैसे भी कंट्रोल नही हो रहा है

[वँया शर्मा गयी]

 
एक बात बताओ तुम इतनी समझदार कैसे हो

वँया- तुम्हारे लिए ही तो समझदार बनी हूँ

दिलीप- वो कैसे

वँया- जब से जानी कि तुम से प्यार करती हूँ

तबसे दिल में एक ही बात बैठ गयी कि समझदार बनूँगी तभी तो तुम्हे संभाल पाउन्गि

दिलीप- बड़ा फिल्मी बातें कर रही हो

वँया- किसकी वजह से पूरे क्लास में फर्स्ट आए

दिलीप- पढ़ाई और किसकी वजह से

वँया- बड़े आए पढ़ाई करने वाली जब पढ़ते थे तो तुम्हारी शकल देखने लायक होती थी

दिलीप- अरे तुम्हारे साथ पढ़ा तभी तो तुम पूरे स्कूल में फर्स्ट आई

[वँया गुस्सा हो गयी]

यह तुम्हारे होंठो पे क्या लगा है

[वँया कुछ नही बोली

बस मुझे गुस्से से देखती रही

मैं अपने दोनो हाथ वँया की कमर पे रखके गुद गुदि करने लगी

वँया हँसने लगी

वँया- बस करो अब और नही

दिलीप- बड़ा गुस्सा कर रही थी

अब बता गुस्सा करेगी

वँया- नही कभी नही

[मैं वँया को गुदगुदी करना बंद कर दिया

वँया मुझे देखने लगी

फिर मैं वँया के होन्ट चूसने लगा...

वँया- नही कभी नही

[मैं वँया को गुदगुदी करना बंद कर दिया

वँया मुझे देखने लगी

फिर मैं वँया के होन्ट चूसने लगा

फिर मैं वँया को बोला कि सो जाओ

अभी 6 ही बजे थे

वँया सो गयी

और मैं रूम से बाहर आ गया

 
कहीं जाने से अच्छा विदू के रूम पे गया

गेट जैसे ही खोला मुझपे बिजलिया गिर गयी

विदू टवल लपेटे कबाड़ से अपने कपड़े निकाल रही थी

मैं अंदर गया और गेट लॉक कर दिया

धीमे कदमो से विदू के पास पहुँचा

और विदू का टवल के सिरे को खोल दिया

टवल एक झटके में विदू के जिस्म से अलग हो गया

विदू को कुछ पता चलता उससे पहले ही मैं विदू का कंधा पकड़के अपनी तरफ किया

विदू मुझे देखके सकपका गयी

मैं विदू को अपने सीने से लगा लिया

विदू मेरी बाहो में सिमट ती चली गयी

फिर मैं विदू के होंठो पे अपने होन्ट रखके चूसने लगा

साथ ही विदू की पीठ सहलाने लगा

थोड़ी देर तक विदू को किस करने के बाद मैं विदू को बेड के पास ले गया

और उसे बेड पे लिटा दिया

फिर मैं विदू के उपर आ गया और विदू की चुचियो पे अपने हाथ रखके दबाने लगा

विदू- यह यह आप क्या कर रहे हैं

दिलीप- अपनी बीवी को प्यार

विदू- यह सही वक़्त नही है यह सब करने के लिए

दिलीप- अच्छा यह सही वक़्त नही है यह सब करने का

तो ठीक है मैं यह करता हूँ

[और मैं अपना मुँह विदू की चुचियो पे रखके पूरे जोश के साथ चूसने लगा

दूसरी चुचि को दबाने लगा

विदू अपने होन्ट भींच ली

मैं अपनी एक उंगली विदू के होंठो पे रखके रगड़ने लगा

 
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