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तरुण ने भी अभी बाहों को तन्नू के

चारों ओर लपेट लिया.. दोनों एक दूसरे से ऐसे चिपके हुए

थे जैसे दो जिस्म एक जान.. तरुण ने तन्नू की गर्दन पर एक

किस किया.. इससे तन्नू की आह निकल गयी.. तन्नू को ऐसा लगने

लगा कि अब वो खुद को कंट्रोल नही कर पाएगी.. इसलिए उसने

वहाँ से जाना ही सही समझा.. वो तरुण से अलग हुई ओर..

तरुण के गाल पर एक किस किया ओर वहाँ से डोर की ओर जाने

लगी. तभी तरुण ने ने

तरुण- “दी कहाँ जा रही हो..?”

तन्नू – “अब मुझे जाना चाहिए.. कल जल्दी उठना है.”

तन्नू जानती थी की ये सही वक़्त नही है.. अभी कुछ भी हो

सकता है.. इसलिए वो वहाँ से चली गयी.. लेकिन तरुण को ये

समझ मे ही नही आया. की अचानक दी को क्या हुआ.. वो ऐसे

क्यो चली गयी.. इससे तरुण को बहुत बुरा लगा. उसके दिल को

हर्ट हुआ था.. वो एक जन्नत वाली फीलिंग पर था.. ओर तन्नू ने

अचानक सब कुछ ख़त्म कर दिया…. तरुण को बहुत गुस्सा आरहा था.. लेकिन अब वो कर भी क्या सकता था.. उसने अपना डोर लॉक किया.. ओर बेड पर लेट गया.. ओर तन्नू के साथ होने वाले

सारे सीन को दोहराने लगा.. जब – जब वो ये याद करता की

तन्नू उसे ऐसे अचानक छोड़ कर चली गयी उसे ओर तेज गुस्सा

आता.. ऐसे ही कब उसे नींद आ गई पता ही नही चला….

नेक्स्ट मॉर्निंग 6 बजे उसके डोर पर नॉक हुआ.. उसने उठ डोर ओपन

किया… तो …

,,,,,,,,,,,,,,,,
 
तरुण ने जब डोर ओपन किया तो देखा सामने तन्नू खड़ी

थी.. आज तन्नू कुछ स्पेशल लग रही थी.,.. तरुण ने जब उसको

देखा तो देखता ही रह गया. वो शायद अभी नहा कर आई

थी.. उसके बाल अभी भी गीले थे.. तरुण उसका बारीकी से

अध्ययन करने लगा… गोरे – गोरे गाल.. बिल्कुल मलाई की तरहा

है.. तरुण को अपनी ओर ऐसे देखते हुए देख कर तन्नू

शर्मा गयी .... उसके गाल शर्म से लाल हो गये…तन्नू

शर्मा के नीचे देखने लगी.. तरुण अभी भी उसको ऐसे ही

देख रहा था.. तरुण ने तन्नू को ऊपर से नीचे की ओर

देखना स्टार्ट किया.. आज तन्नू ने काफ़ी टाइट सूट सलवार पहना

था.. ऐसा लग रहा था.. उसके बड़े बड़े बूब्स अभी सूट को

फाड़ कर बाहर आ जाएँगे. सूट के ऊपर से ही उसके फिगर का

पता लगाया जा सकता था. तन्नू का ऐसा रूप देख कर.. तरुण

के लोवर मे तंबू बन गया. वो तन्नू को हग करने के

लिए आगे बड़ा. तभी

तन्नू – “ भाई मोम बुला रही है. चाय पी ले.”

इतना कह कर तन्नू ने तरुण को हग किया.. ओर गालो पर एक

प्यारा सा किस देख कर चली गयी.. सीडियो तक पहुच कर

तन्नू ने फिर से पीछे मूड कर तरुण की ओर देखा. वहाँ

तरुण अपने गाल पर हाथ लगाए हुए तन्नू को ललचाई हुई

नज़रो से देख रहा था… तन्नू ने उसके उस तंबू को भी

नोटीस किया जो तरुण के लोवर मे बना हुआ था.. ये देख कर

तन्नू को मन ही मन हसी आ गयी.. उसने तरुण को एक

नॉटी स्माइल दी…

तन्नू – “भाई जल्दी आना”ओर तन्नू नीचे चले जाती है.

तरुण वहाँ खड़ा हुआ अभी सोच मे डूबा हुआ था. की कैसे इतना हसीन नज़ारा उसके

सामने से पलक झपकते ही निकल गया. वो वापस अपने रूम

मे आ जाता है. ओर बेड पर लेटते हुए .. अपने एक हाथ से उस

गाल को सहला रहा है… जिस पर अभी तन्नू ने किस किया था..

ऐसे ही सोचते हुए उसे रात की तन्नू की हरकत याद आती है..

की कैसे बिना किसी वजह के तन्नू ने उसको हर्ट किया था.. वो

ये सब सोचते हुए फिर से गुस्से मे आ जाता है. ओर डिसाइड

करता है की वो आज तन्नू को इग्नोर करेगा. .. तभी तरुण को

याद आता है की तन्नू ने उसको नीचे बुलाया है.. ये सब

सोच कर वो वापस अपने ब्लंकेट मे घुस कर सोने का ट्राइ

करता है….

तरुण को अब नींद नही आ रही थी. वो बस तन्नू

के बारे मे सोच रहा था. ऐसे ही लेटे हुए वो सोने का ट्राइ

कर रहा था.. तरुण जानता था की तन्नू वापस ज़रूर आएगी.

उसे जगाने के लिए.. ओर ऐसा ही हुआ.. कुछ देर बाद तन्नू

वापस तरुण के रूम मे आती है. वो तरुण को सोते हुए

देखती है.. ऐसे देख कर तन्नू को तरुण के ऊपर बहुत

प्यार आता है… वो स्माइल करती हुई तरुण के पास जा कर बेड

पर बैठ जाती है. तरुण अपनी आखे बंद करके सोने की आक्टिंग

कर रहा था. तन्नू .. तरुण के सर पर हाथ फेरते हुए..

तन्नू – “ भाई तुम फिर से सो गये.. चाय नही पीनी है

क्या..?”
 
तरुण अपने सर से तन्नू के हाथ को हटाते हुए..

तरुण – “ दी मुझे भी नींद आ रही है… आप जाओ यहा से

ओर टिया को चाय ले कर भेज देना. “

तन्नू – ( तन्नू एक स्माइल के साथ) “टिया क्यो.. मैं ही चाय ले

आती हू ना अपने प्यारे भाई के लिए.”

तरुण. – “अब मुझे चाय नही पीनी .. आप चाय मत लाना.”

ऐसा सुनते ही तन्नू को थोड़ा झटका लगा.. वो थोड़ा सॅड हो गयी थी.

तन्नू – “क्यो.? मेरे हाथ की चाय नही पीनी..?”

तरुण – (तरुण बैठे हुए) “ हा मैं आपके हाथ की चाय नही पीनी.. आप प्लीज़ यहा से जाओ.. ओर मुझे सोने दो.”

तन्नू ये सुन कर बहुत सॅड हो गयी.. वो तरुण की ओर जाने ही

वाली थी की पीछे से टिया की आवाज़ आती है.

टिया. – “तन्नू दी आप यहा क्या कर रही है..?”

तन्नू- “मैं यहा तेरे भाई को जगाने आई थी. अब तू आ गयी

है तो तू ही जगा दे इसे”

ये वर्ड तन्नू ने बहुत गुस्से मे बोले.. ओर वहाँ से जाने

लगी.. तभी तरुण तुरंत उठ कर बैठ गया ओर. अपनी बाहें टिया

की ओर फैलाते हुए

तरुण – “अले मेली स्वीट स्वीट बहन यहा आओ जल्दी.. ओर

मुझे मॉर्निंग किस दो.”]

टिया भाग कर तरुण के पास जाती है. ओर उसको हग कर लेती है.

तन्नू से सब गेट पर खड़ी हो कर देख रही थी. तरुण टिया

को अपनी गोद मे बैठाता है…ओर उसके गालो पर एक किस कर देता

है.. टिया भी तरुण के गाल पर एक किस करती है..
 
तरुण – “मेली स्वीट बहन प्लीज़ मेरे लिए टी ले आओ.. अब

तुम ही हो इस घर मे जो मेरा ख्याल रखती है.”

टिया – (तुरंत तरुण की गोद से खड़ी हो जाती है )

“थॅंक यू भाई.. मैं अभी तुम्हारे लिए चाय ले कर आती हू”

इतना कह कर टिया भाग कर कमरे से बाहर चली जाती है.. वही

गेट पर तन्नू खड़ी हुई ये सब देख रही थी. ये सब सुन कर

तन्नू को बहुत जेलिसी फील होता है… इसके साथ ही उसकी

आखे नम हो जाती है.. वो समझ नही पा रही थी की तरुण

ऐसा क्यो कर रहा है… तरुण अब अपने बेड से उठ कर

बाथरूम मे चला जाता है.. वही पर तन्नू भी किचन मे

जा कर कामिनी की हेल्प करने लगती है.

तरुण कुछ ही देर मे बाथरूम से बाहर आता है.. बेड पर

टिया बैठी हुई थी.. टेबल पर टी रखी हुई थी..तरुण टवल से

अपना फेस पोछता है एंड टी लेता हुआ. बेड पर बैठ जाता है..

टिया – “भाई आज क्या बात है..कुछ स्पेशल है क्या..?”

तरुण – “नही तो. तू ऐसा क्यो पूछ रही है.?”

टिया – “ऐसे ही.. आज बहुत प्यार आ रहा है अपनी इस छोटी

बहन पर.”

तरुण – “अरे पगली मैं तो तुझे इससे भी ज़्यादा प्यार करता हू.”

टिया – “हा लेकिन पहले कभी इतना प्यार देखने को तो नही

मिला “

तरुण – ( टी को वापस टेबल पर रखता हुआ.. टिया को बाहों मे

भर लेता है. ) “अच्छा. इधर आ तू “

टिया खिलखिला कर हँसती हुई. तरुण की बाहों मे चली जाती है..

तरुण उसको फिर से एक किस करता है ओर उसको बेड पर पटक

देता है.. इसी के साथ उसके पेट मे गुदगुदी करने लगता

है.. वहाँ टिया अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करने लगती

है… ओर डोर पर नॉक होता है.. इससे टिया ओर तरुण दोनो

शांत हो कर बैठ जाते है. वहाँ मयंक था..

मयंक – “चलो टिया रेडी हो जाओ.. मैं आपको स्कूल छोड़

देता हू.”

टिया- “ जी डॅड अभी आती हू “

मयंक इतना कह कर वहाँ से चला जाता है, टिया को अपने भाई

को छोड़ कर जाने मन नही कर रहा था. उसने तरुण के चेहरे

को अपनी ओर किया.. ओर तरुण के होंठो पर एक छोटा सा किस कर

दिया… तरुण ने कभी ऐसा एक्सपेक्ट नही किया था.. की टिया

उसको होंठो पर किस करेगी..

टिया – “आई लव यू भाई.. अब मुझे स्कूल जाना है. बाइ ”

तरुण इस अनएक्सपेक्टेड एक्शन से चौंक गया था.. वो अभी तक

होश मे नही था. ओर टिया वहाँ से जा चुकी थी. तरुण ने

अपनी चाय का कप उठाया ओर चाय की चुस्की लेते हुए.. सोचने

लगा ये सब उसके साथ क्या हो रहा है.. पहले तन्नू अब

टिया.. ये सोचते सोचते उसने अपनी चाय फिनिश की.. ओर रेडी हो

कर डाइनिंग हॉल मे चला गया..
 
तरुण डाइनिंग हॉल मे आ कर चेयर पर बैठ जाता है. किचन

मे तन्नू ब्रेकफ़ास्ट बना रही थी. मयंक सोफे पर बैठ कर टीवी पर

न्यूज़ देख रहा था. तरुण आज तन्नू को इग्नोर करने की पूरी

कोशिश कर रहा है. लेकिन उसका मन तन्नू को इग्नोर नही कर पा रहा है.

तरुण तिरछी नज़रो से तन्नू को की हरकतों को नोट

कर रहा है. तभी टिया अंदर से अपना स्कूल बॅग ले कर आती है.

टिया – “डॅड मैं रेडी हो गयी चलो चले..”

मयंक - “ चलो “

तभी कामिनी अपने रूम से बाहर आती है .

कामिनी – “टिया बेटा रूको अपना टिफिन तो रख लो.. ओर आज लंच

अच्छे से करना रोज़ की तरहा खाना छोड़ना मत.”

टिया कामिनी के हाथ से टिफिन ले कर बाग मे रख लेती है.

मयंक – “टिया ओर कुछ तो नही भूल रही हो ना.”

टिया – “नो डॅड”

मयंक ओर टिया घर से कार मे निकल जाते है. कामिनी भी

किचन मे जा कर तन्नू की हेल्प करने लगती है.

तरुण – “मोम जल्दी ब्रेकफ़ास्ट ले कर आओ ना.. बहुत भूक लग

रही है.”

कामिनी – “ 2 मिंट बेटा. बस अभी लाती हू.”

कामिनी – “तन्नू बेटा लो .. भाई को ब्रेकफ़ास्ट लगा दो.”

तन्नू किचन से ब्रेकफ़ास्ट ले कर डाइनिंग टेबल पर रख देती है.

ओर तरुण के पास ही बैठ जाती है. .. तन्नू ब्रेकफ़ास्ट तरुण को

सर्व करने ही वाली थी की.. तरुण उसको रोक देता है.. ओर खुद

अपने हाथो से ब्रेकफास्ट ले लेता है. तन्नू ये देख कर वही

पर मुँह लटकाए बैठ जाती है.. तरुण अपना ब्रेकफ़ास्ट करना स्टार्ट

कर देता है. तभी कामिनी किचन मे

कामिनी – “ बेटा ब्रेकफ़ास्ट कैसा बना है.? “

तरुण – “ बहुत टेस्टी है मोम.. बहुत सालो के बाद इतना

टेस्टी खाना खा रहा हू. जी चाहता आपके हाथ चूम लू.”

ये सुन कर तन्नू के चेहरे पर एक बहुत बड़ी स्माइल आ जाती

है. वो तरुण की ओर देखना स्टार्ट कर देती है.. लेकिन तरुण का

सारा ध्यान अब खाना खाने मे था.. वो तन्नू की ओर देख

भी नही रहा है
 
कामिनी – (एक स्माइल के साथ)“ ह्म अरे बेटा आज ब्रेकफ़ास्ट

मैने ने नही बनाया.. आज का ब्रेकफ़ास्ट तो तन्नू ने अपनेहाथों से बनाया.. चूमने है तो उसके हाथ चूम. ”

तरुण को ये सुन कर अचानक से ख़ासी आ जाती है. वो तन्नू

की ओर देखता है. वो पानी का गिलास तरुण की ओर बढ़ाए हुए थी.

तरुण पानी का गिलास लेता है. ओर रूडली फेस से

तरुण - “ क्या मोम.. आज आप कुछ अच्छा खाना नही बना

सकती थी क्या.?. कितना घटिया खाना बना है. इस आमलेट मे तो

कितना ज़्यादा नमक है.. ओर पराठे इनमे तो नमक ही नही

है. ओर ठीक से पक्के भी नही है. ओर मिल्क इसमे इतनी सूगर

किसने डाल दी.. ये तो गले भी नही उतार रहा है ”

ये सुन कर तन्नू को चेहरा फिर से उतर जाता है.. ओर अपना मुँह

नीचे लटकाए हुए बैठ जाती है

कामिनी – (एक बड़ी सी स्माइल के साथ पीछे मूड कर तरुण को

देखती है. )“ तरुण ये क्या बात हुई. अभी तो इतनी तारीफ़ कर रहे

थे खाने की अभी एक पल मे क्या हुआ. ओर हा तेरे मिल्क मे

सूगर मैने डाली है. कुछ ज़्यादा हो गयी तो छोड़ दे मिल्क

मैं दूसरा मिल्क बना देती हू.”

तरुण को अब समझ मे आ गया था की . वो आक्टिंग के चक्कर

मे कुछ ज़्यादा ही बोल गया.

तरुण – (हड़बडाते हुए)“ नही मा मिल्क तो ठीक है.. वो मैं

जूस की बात कर रहा था.” (तरुण ने बात बदलने की कोशिश तो

अच्छी की पर बात बदल नही पाया.)

तरुण गिलास का सारा दूध ख़त्म करता है.. ओर तन्नू की

ओर देख कर सोचता है..

“यार भूक तो लगी है.. अब आक्टिंग के चक्कर मे खाने की

बुराई तो कर दी.. लेकिन अब तन्नू के सामने इसे खाऊँ कैसे..? ”

इतना सोचते सोचते तरुण के दिमाग़ मे एक आइडिया आता है

तरुण – “तन्नू दी ऐसे क्या देख रही हो. मेरे खाने को

नज़र लगाओगी क्या.? तुम्हारी वजह से मेरे पेट मे दर्द

होने लगा है.. इतना घटिया खाना खिला दिया आपने”

तन्नू पहले से ही तरुण की हरकतों से सॅड थी. ये सुन कर तो

उसके आखो से आसुओ की नदिया ही बहने लग गयी.. ओर वो

अपने आसुओ को छुपाते हुए. वहाँ से उठ कर अपने कमरे

मे चली गयी. . उसके जाने के बाद तरुण की जान मे जान आई ओर उसने अपना ब्रेकफ़ास्ट जल्दी से ख़त्म किया.. ओर ज़ोर से चिल्लाया

तरुण – “ मोम 2 पराठे ओर मिलेंगे क्या..??”

कामिनी किचन से प्लेट मे 2 पराठे ले कर आती है. कामिनी

के चेहरे पर प्यारी से स्माइल होती है उसने तरुण की शरारत को

पकड़ लिया था. जो उसने अभी अपनी बहन तन्नू के साथ की

थी. कामिनी तरुण की प्लेट मे पराठे रखती है. ओर एक हाथ से

तरुण का एक काम पकड़ का खिचती है.

कामिनी – “क्यो रे… अभी तो तू इन पराठो की इतनी बुराई कर रहा

था.. अभी फिर.”

तरुण – (तरुण कसमसाता हुआ कामिनी के हाथ से अपना कान

छुड़ाता है)“अब बुरे है तो क्या करू .. भूक लगी है खाने

को पड़ेंगे ना ”

कामिनी – “चुप कर पागल.. अब खाना खा कर अपनी बहन से

माफी मॅग लेना वरना रो रो कर अपना खून सूखा लेगी. वो

बहुत एमोसनल है.. ”

तरुण बिना कुछ सुने बस पराठे खाने मे बिज़ी था…

जैसे उसे कुछ सुनाई ही नही दे रहा है.. कामिनी ने ये देख

कर दोबारा उसका कान पकड़ लिया.

कामिनी – “सुन रहा है या नही.”

तरुण - “हा हा मोम सुन लिया. माँग लूँगा माफी.”

कामिनी किचन मे वापस चली जाती है. तरुण भी अपना

खाना ख़त्म करके टीवी के सामने सोफे पर बैठ जाता है. तभी

वहाँ तानिया आती है..

तानिया – “ मोम , मैं कॉलेज जा रही हू.. मुझे ब्रेकफ़ास्ट

लगा दो.”

कामिनी.- “तानिया बेटा बैठ मैं लाती हू”

इतना सुनते ही तानिया खुद किचन मे चली जाती है.. ओर जल्दी

जल्दी मे थोड़ा दूध पीती है ओर एक पराठा हाथ मे ले कर जाने

लगती है.

कामिनी – “बेटा नाश्ता तो ठीक से करके जा.”

तानिया – “मोम मेरे पास टाइम नही है.. मैं लेट हो

जाउन्गी.”

कामिनी – “ ये लड़की भी ना..”
 
तभी तरुण भी कॉमेंट कर देता है

तरुण – “ अरे ये अनपड़ कहा चल दी किताब कॉपी ले कर.”

इतना सुनते ही तानिया का मुँह गुस्से से लाल हो गया .. उसने

डाइनिंग टेबल से एक प्पनी का गिलास उठा ओर सोफे की ओर बढ़ने

लगी.. तरुण दूसरी ओर मुँह करके टीवी देख रहा था. उसका पीछे

ध्यान नही था. तानिया जब सोफे के पीछे पहुचि तो उसने

पानी का गिलास पूरा तरुण के ऊपर उल्टा कर दिया. तरुण का सर

ओर उसकी टी-शर्ट पूरी गीली हो जाती है ..

तरुण इस सडन एक्शन से हड़बड़ गया.. तरुण इसके ले तैयार नही था. तरुण जब तक

ये समझ पाता.. तब तक तानिया.. गिलास को वही सोफे पर पटक

कर गेट से बाहर जा चुकी थी. ओर तरुण वही अपने गुस्से से

लाल तमतमाते हुए चेहरे को ले कर खड़ा था.

तरुण – (ज़ोर से चिल्लाया)“ मोम ये देखो आपकी बेटी क्या कर के

गयी है.”

कामिनी – “अरे बेटे ये लड़की भी ना कभी नही सुधरेगी.. आज

आने दे तेरे डॅड को उनसे शिकायत करूँगी.. तू जा चेंज कर

ले ”

तरुण अपना लाल पीला चेहरा को ले कर अपने रूम की ओर जाने

लगा.. 1स्ट फ्लोर पर पहुचते ही वो देखता है तन्नू को रूम

थोड़ा सा खुला है. तन्नू के बारे मे सोचते ही. वो तानिया

वाले पूरे मॅटर को भूल जाता है.. ओर शांत हो जाता है.. वो

तन्नू के रूम मे झाँकता है. वहाँ बेड पर तन्नू उल्टी लेती

हुई रो रही थी. तन्नू के सुबकने की आवाज़ पूरे कमरे मे

गूँज रही थी.. उसे तरुण क्लियर सुन सकता था.. तन्नू को अभी

तक आभास नही था की तरुण उसके कमरे मे है….तरुण

तन्नू से बहुत प्यार करता था. वो तन्नू से कितना भी नाराज़

क्यो ना हो लेकिन उसे कभी रोते हुए नही देख सकता था..

उस को खुद पर बहुत गुस्सा आने लगा, की उसने ये किया कर

दिया.. लेकिन उसके दिमाग़ का पहला ख़याल ये था की अब तन्नू

दी को चुप कैसे कराएँ …. वो तन्नू की बगल मे जा कर पेट के बल लेट जाता है. तन्नू तरुण को देख कर अपना चेहरा दूसरी ओर कर अपने आसू छुपाने की कोशिश करती है.

तरुण – “तन्नू दी”

तन्नू – “ह्म”

तरुण – “ आप रो रही है.? “

तन्नू - (तन्नू ये सब भारी आवाज़ मे बोल रही थी. रोते

वक़्त आवाज़ कुछ चेंज हो जाती है ये वही आवाज़ थी) ”

नही . मैं क्यो रोने लगी.”

तरुण – “मुझे पता है आप रो रही है ओर उसकी वजह मैं

हू ना.”

तन्नू इतना सुन अपना चेहरा तरुण की ओर घूमती है.. उसके

गालो पर आसुओ की नदियो के अपने रस्तो के निशान छोड़ गये

थी. ओर उसके आखो मे अभी भी आसू थे. तरुण ये देख कर

मन मन रो दिया. तन्नू ने अपना चेहरा नीचे की ओर किया ओर

अपनी पलके झप काई.. पलकें झपकाने से उसकी आखो के आसू

गालो के रास्ते होते हुए.. नीचे की ओर चल दिए.. तरुण ये देख

कर तुरंत आगे बढ़ा ओर उसने अपना एक हाथ बढ़ा कर आसू को

नीचे ज़मीन कर गिरने से रोक दिया.. वो आसुओ की दो बूँद

तरुण के हाथ पर गिरी. तरुण उठ कर बैठ गया . ओर उन आसुओ

की बूँदो को देखने लगा.. जैसे की इन दो बूँदो मे वो सारा

दर्द है जो उसने तन्नू को दिया है.. ओर ये सोच कर तरुण उन

आसुओ की बूँदो को पी गया जैसे वी तन्नू दर्द पी रहा है...

तन्नू ये सब देख कर उठ कर बैठ जाती है..

ओर तरुण को अपने गले से लगा लेती है. तरुण भी दर्द मे

इतना डड चक्का था की अब उसे कोई नाराज़गी याद नही थी..

उसने तन्नू को अपनी बाहों मे भर लिया. तरुण तन्नू से

थोड़ा दूर हुआ.. ओर तन्नू के आसुओ को पूछते हुए.. उसके

चेहरे को अपने हाथो मे भर लिया. .. तरुण ने तन्नू के

माथे पर एक किस किया.. उसके बाद रिघ्त गाल पर उसके बाद

लेफ्ट गाल पर.. उसके बाद तरुण तन्नू की आखो मे देखने

लगा.. तन्नू समझ गयी थी. की तरुण क्या चाहता है.. लेकिन

वो बिना उसकी इज़ाज़त के ऐसा कुछ नही करेगा.. लेकिन तन्नू

भी यही छाती थी. तन्नू ने अपनी आखे बंद कर ली ओर अपनेहोंठो को आगे कर दिया.. तरुण को ऐसा लगा जैसे की उसका

प्यार सफल हो गया है.. उसने अपने होंठो को तन्नू के

होंठो से मिला दिया.. इससे दोनो के सरीर मे बिजली सी दौड़ गयी.
 
तन्नू ने अपने दोनो हाथ तरुण के सर के पीछे ले जा कर उसे

टाइट पकड़ लिया.. तरुण ने भी तन्नू के सर को पकड़ लिया

तन्नू तरुण के सर मे अपनी उंगलिया गुमा रही थी.. तरुण..

का एक हाथ तन्नू की कमर मे था. तरुण तन्नू के नशीले

होंठो को चूस रहा था.

तन्नू तरुण की होंठो को अपनी

मुँह मे भरे हुए थी. दोनो एक दूसरे के आगोस मे खो

चुके थे. उनको दुनिया दारी की कुछ खबर नही थी. तरुण

ने अपने हाथ को तन्नू की कमर से सरकते हुए तन्नू के

हिप्स पर ले गया.. ओर उसको अपनी ओर खिचने लगा. तन्नू जब ये

समझी तो वो भी उसका साथ देने लगी.थोड़ी देर मे तन्नू

तरुण की गोद मे बैठ थी..

तन्नू ने अपने दोनो पैर तरुण

की कमर के चारो ओर लपेट लिए . दोनो 10 मिंट तक ऐसे ही

एक दूसरे को किस करते र्हे..

तभी नीचे से कामिनी की आवाज़ आती.. र्हे..

कामिनी – “ तन्नू बेटा.. ज़रा यहा आना.. ”

ये आवाज़ दोनो को होश मे ले आती है.. दोनो एक दूसरे से

अलग हो जाते है.. तरुण बेड के साइड मे खड़ा हो जाता है ..

तन्नू भी खड़ी हो जाती है. कुछ देर बाद कामिनी दोबारा

आवाज़ लगाती है

कामिनी – “बेटा तन्नू….. ”

तन्नू – “हा मोम .. आ रही हू .”

इतना कहा कर तन्नू तरुण की ओर देखती है.. ओर रूम से बाहर

जाने लगती है…

तरुण – “तन्नू दी ”

तन्नू वही रुक जाती है.लेकिन पलटी नही. तन्नू वैसे ही

दरवाज़ की ओर मुँह करके खड़ी हो जाती है. तरुण उसके पास आता

है. ओर तन्नू का हाथ पकड़ लेता है. ओर तन्नू को अपनी ओर

घुमाता है. तन्नू ने अपना चेहरा नीचे झुकाया हुआ था.
 
तरुण तन्नू के चेहरे को उपर करता है.. है ओर माथे पर एक

किस देता है

तरुण - “दी आज नाइट मुझे मिलने आओगी ना.”

तन्नू ने एक शर्मीली स्माइल के साथ अपनी नज़रे झुका ली ओर

वहाँ से भाग कर नीचे चली गयी.. तरुण तन्नू को पकड़ने

के लिए रूम के गेट तक भागा… लेकिन तन्नू वहाँ से निकल

चुकी थी.. तरुण समझ भी नही पाया था की तन्नू उसे नाइट

मे मिलने आएगी या नही. क्योंकि उसे कोई क्लियर जवाब नही

मिला था.. लेकिन इसके बावजूद वो बहुत खुश था.. उसने

नीचे देखा.. अभी तक उसकी पेंट मे तंबू बना हुआ था..

ये देख कर पता नही क्यो.. उसके चेहरे पर एक स्माइल आ गयी

ओर वो अपने रूम की ओर चल दिया. अपन रूम मे पहुच कर

उसने अपनी टी-शर्ट उतार कर फेक दी ओर ऐसे ही.. बेड पर लेट गया..

नीचे पैर लटका कर.. अभी तक तरुण के फेस पर स्माइल थी. जो

1% भी कम नही हुई थी.. आज उसने अपने प्यार तक पहुचने

का रास्ता बना लिया था. वो अब बस तन्नू को अपने ख़यालो

मे रखना चाहता था. फिर वो ये सोचने लगा कि तन्नू

नाइट मे मिलने आएगी या नही.. उसने डिसाइड किया की.. आज

नाइट होने से पहले वो इसका आन्सर तन्नू से ले कर ही

रहेगा.. ओर यही सोचता हुआ.. वो उछल पड़ता है.. की उसने

आज तन्नू को किस किया.. उसके समझ मे नही आ रहा था की

क्या करे.. वो रूम मे इधर उधर घूम रहा था..उसके

मन में लड्डू फुट रहे थे.. उसके दिमाग़ ने काम करना

बंद कर दिया. लेकिन फिर भी उसने तुरंत कुछ सोचा. ओर एक

दूसरी टी-शर्ट पहनी ओर अपनी गीली टी शर्ट को ले कर नीचे चला

गे…

तरुण अपनी गीली टी-शर्ट को ले कर नीचे हॉल मे पहुचता है.. तन्नू

किचन मे बर्तन साफ कर रही है. कामिनी कही नज़र नही आ रही

. . शायद अपनी अपने रूम मे आराम कर रही होगी…तरुण सीधा

किचन मे चला जाता है. तरुण को आते हुए देख कर. तन्नू

थोड़ा डर जाती है. क्योंकि तन्नू सोच रही है की तरुण कोई ऐसी

वैसी हरकत करेगा.. ओर यहा उन्हे मोम देख सकती है.. . तरुण

तन्नू के पास आता है

तरुण – “दी मोम कहा है. ?

”तन्नू - “ वो अपने रूम मे है. ”

तरुण धीरे धीरे तन्नू के नज़दीक आता है. तन्नू पीछे हट रही

है. तरुण ओर नज़दीक जाता है.. ओर तन्नू के कान के पास होंठ ले

जा कर धीरे से कहता है..

तरुण – “ दी आपको मुझसे डर लग रहा है..”

तन्नू – (तन्नू थोड़ा जोश मे आते हुए.)“ मैं तो नही डर रही

हू.. मैं क्यो डरुन्गी..? ”

इतना कहते हुए. तन्नू तरुण को पीछे धकेल देती है. ओर मूड कर

बर्तन साफ करने लगती है. तरुण उसके पास जाता है. ओर उसके

बिल्कुल पीछे खड़ा हो जाता है. तन्नू को तरुण का इतना पास होना

फील हो रहा है.. उसकी साँसे तेज होने लगी . तन्नू बर्तन

साफ करना भूल गयी. वो बस आखे बंद किए हुए.. तेज तेज साँसे

ले रही थी. तरुण अपना हाथ तन्नू के बालो मे देता है.. ओर उनके

बालो की मस्त कर देने वाली खुश्बू को सूंघ रहा है. इस

खुश्बू ने तरुण को बहुत एग्ज़ाइटेड कर दिया.. वो किसी वक़्त भी

अपना कंट्रोल खो सकता है.. तरुण थोड़ा ओर आगे जाता है. अब

तरुण का लंड तन्नू की गान्ड पर टच हो रहा है. तन्नू ये

अहसास पा कर पागल सी हो जाती है.. ओर अपनी गान्ड को तरुण के लंड

पर धीरे से रगड़ती है.. तरुण अपना एक हाथ तन्नू की कमर मे

रखता है ओर उसका खिच कर अपने से चिपका लेता है.. इस झटके से

तन्नू के हाथ से लग कर एक गिलास नीचे गिर कर टूट जाता है जिसकी

आवाज़ से दोनो होश मे आते है.. तभी कामिनी गिलास टूटने की

आवाज़ पा कर अपने रूम से बाहर आती है.. कामिनी वहाँ तरुण को

देखती है..

कामिनी – “ ये गिलास किसने तोड़ा है.. ओर तरुण तू यहा किचन मे

क्या कर रहा है.. ”

तरुण – “ मोम मैं तो दी को ये बोलने आया था की ये इस टी-शर्ट को

भी लौंड्री मे दे दे.. ओर इन्होने ही गिलास तोड़ा है.. ये कुछ काम

ठीक से नही करती है.”

इतना सुन कर तन्नू गुस्से से तरुण की ओर देखती है. तरुण अपनी

नज़रे तन्नू से चुराता हुआ किचन से बाहर आ जाता है..

कामिनी – “ तरुण ये टी-शर्ट मुझे दे.. इससे मे लौंड्रीर मे भेजवा दूँगी. ओर तन्नू तू जल्दी से ये काँच के टुकड़े सॉफ कर ”

तरुण टी-शर्ट कामिनी को दे टीवी देखने चला जाता है. तन्नू

काँच के टुकड़ो को सॉफ करने मे लग जाती है.. कामिनी हाल के

बाहर कपड़ो को सेट कर रही है… थोड़ी देर मे तन्नू

सफाई ख़त्म कर लेती है. ओर कामिनी अपने कमरे मे अपने लौंड्री

के कपड़े लेने चली जाती है.. तभी तरुण ज़ोर से आवाज़ लगाता है

तरुण – “तन्नू दी एक गिलास पानी ले कर आना. ”

इतने मे कामिनी भी अपने रूम से कपड़े ले कर बाहर आती है.

कामिनी – “ तन्नू भाई को पानी पकड़ा दे”

तन्नू – “जी मोम”
 
तन्नू पानी का गिलास ले कर तरुण के पास आती है. तरुण पानी के

गिलास पर ही तन्नू का हाथ पकड़ लेता है.. तन्नू कामिनी की ओर

देखते हुए.. खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है.. कामिनी का फेस

दूसरी ओर था.. इसलिए कामिनी को कुछ दिखाई नही दे रहा था..

थोड़ी देर मे तरुण तन्नू का हाथ छोड़ देता है. ओर पानी पीने

लगता है. तरुण तन्नू से फुसफुसाते हुए पूछता है

तरुण – “दी आज नाइट मे मिलने आओगी ना..? ”

तन्नू गुस्से मे पानी का गिलास वापस लेती है ओर किचन मे

चली जाती है.तरुण के साथ फिर से वही हो जाता है.. जो पहले

हुआ था. ओर उसका कोई जवाब नही मिलता है.. तरुण लगातार टीवी के

चॅनेल चेंज कर रहा है.. लेकिन उसका टीवी पर कोई ध्यान नही

है. वो बस अपने सवाल का जवाब पाने के बारे मे सोच रहा

है. तभी कामिनी वहाँ अपने रूम मे जाती हुई

कामिनी – “ तन्नू मैं थोड़ा आराम करने जा रही हू. तुम सब्जीया

काट कर रखना लंच के लिए.”

तन्नू - “ ओके मोम”

इतना कह कर कामिनी अपने रूम मे चली जाती है… तरुण को भी अब

एक चान्स मिल गया, ओर वो ये चान्स खोना नही चाहता था.

वो तुरंत भाग कर किचन मे गया.. ओर तन्नू को पीछे से टाइट

हग कर लिया… तन्नू को इस हरकत का पहले से ही अनुमान था..

इसलिए वो इससे चोकी नही. तरुण ने तन्नू की गर्दन पर किस करते

हुए.. फिर से वही सवाल किया..

तरुण – “बताओ ना दी… आओगी या नही.”

तन्नू तेज साँसे लेती हुई

तन्नू – “तुम को क्या लगता है.??”

तरुण – “ मुझे तो लगता है की आप आओगी.”

तन्नू- “तो पूछ क्यो रहे हो.”

इतने मे तन्नू पीछे घूम जाती है. ओर फुसफुसाते हुए

तन्नू – “ 10 बजे. ”

तरुण ये सुन कर बहुत खुश हो जाता है. ओर खुशी से तन्नू के

लिप्स पर किस करने की कोशिश करता है. लेकिन तन्नू उसे पीछे

धकेल देती है

तन्नू – “ अभी नही नाइट मे.. मुझे अभी काम करने दो.”

तरुण तन्नू को फिर से हग कर लेता है…

तरुण – “ नही ……. बिना किस किए मैं नही जाउन्गा”

तन्नू – “भाई तुम भी ना. बिल्कुल छोटे बच्चो की तरह ज़िद्द

करते हो.”

तन्नू पीछे घूमती है. ओर तरुण के होंठो पर एक किस दे देती है.

किस ज़्यादा लंबा नही था.. तन्नू तरुण को फिर से पीछे धकेल

कर जाने को कहती है..

तरुण एक बड़ी स्माइल ले कर वहाँ से चला

जाता है… तरुण का आज का दिन बहुत अच्छा है.. वो खुश होते

हुए अपने रूम की ओर जाता है. तभी उसकी नज़र टीना के रूम पर

पड़ती है.. वो अंदर देखता है. वहाँ कोई नही था.. वो सोचने

लगता है. आज मॉर्निंग से टीना को नही देखा.. पता नही कहा

है.. उसे कुछ अजीब लगता है की टीना आज सुबह से उसे नही मिली..

वो वापस नीचे जाता है.. ओर कामिनी के रूम मे एंटर होता है.

वहाँ कामिनी नही थी.. बाथरूम से शवर की आवाज़ आ रही थी.

वो समझ जाता है की कामिनी शवर ले रही है. वो वही बेड पर

बैठ जाता है..

तरुण - (थोड़ा ज़ोर से छिलते हुए) “ मोम “

कामिनी – (कामिनी शवर के अंदर से ही) “ तरुण बेटा.. तुम यहा

क्या रहे हो.. कुछ काम था क्या..?”

तरुण – “ कुछ नही मोम मैं पूछने आया था की टीना दी कहा पर

है. मैने उन्हे मॉर्निंग से नही देखा.”

कामिनी – “ अरे बेटा वो तो कॉलेज गयी है. मॉर्निंग मे जल्दी

निकल जाती है. ओर तू तो कुम्भ्करन है इतना लेट उठता है.. तो कैसे मिलेगी”

तरुण – “ कहा मोम.. .. ओर टीना वापस कब आएगी..?”

कामिनी – “ अभी बस लंच के टाइम पर आती ही होगी.”

तरुण - “ ठीक है मोम”

तरुण वही पर बैठा हुआ. टेबल पर सामना को चेक कर रहा था..

तभी एक ड्रॉयर मे उसे एक वाइट डिब्बा मिलता है. वो उसे

देखता है.. .. ये फर्स्ट आड्स बॉक्स जैसा लग रहा था. तरुण डिब्बे

को खोलता है. ओर अंदर जो है उसे देख कर उसका सर हिल जाता है.

उसमे बहुत सारे कॉनडम्स पड़े थे. वो भी अलग अल्ग

कंपनी के.. वो जब देखता है . उसे ज़्यादा टाइम नही लगता

समझने मे की ये यहा क्यो है.. ना चाहते हुए भी उसके दिमाग़

मे कामिनी की चुदाई फिल्म की तरहा चलने लगती है.

उसकी आखो के सामने एक परदा पड़ जाता है.. जिसमे वो मयंक ओर कामिनी की

चुदाई को साफ देख पा रहा है…. उसकी पेंट मे तंबू बनन्ना

स्टार्ट हो जाता है… पहली बार वो अपनी मोम के बारे मे सोच कर

एग्ज़ाइटेड हो रहा था.. अचानक शवर की आवाज़ बंद होती है..

इससे तरुण होश मे आता है.. वो समझ गया था की मोम

बाथरूम से बाहर आने वाली है.. वो तुर्रंत बॉक्स को बंद करता

है ओर वापस उस ड्रॉयर मे रख देता है.. तरुण वहाँ से जाने

ही वाला होता है की उसके दिमाग़ मे कुछ हलचल होती है.. वो

वापस उस बॉक्स को ओपन करता है ओर एक कॉंडम निकाल कर अपनी

पॉकेट मे रख लेता है.. ओर वहाँ से निकल जाता है.

कामिनी बाथरूम से बाहर आती है. . तरुण जल्दी मे ड्रॉयर बंद करना

भूल गया था.. कामिनी खुले ड्रॉयर को नोटीस कर लेती है.. ओर

ड्रॉयर के पास आ कर देखती है.. उसे ये अहसास हो जाता है की

तरुण ने शायद इस बॉक्स को देख लिया है.. लेकिन वो इस बात पर

ज़्यादा रेएक्ट नही करती.. ओर ड्रॉयर बंद करके अपने काम मे

लग जाती है..
 
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