• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Incest सबका लाडला (फैमिली स्टोरी )

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


अपडेट - 109

ताईजी की बात सुनकर बता नहीं सकता मुझे कितनी खुशी हुई. पर मैं जाहिर तो नहीं कर सकता था.

मैं बोला - पर ताईजी...

ठाकुर - राहुल पूरी दुनिया को यही लगे कि ये रणजीत का बच्चा हैं. और हमें तुम्हारे और बहु के बीच जो होगा उससे कोई दिक्कत नहीं है...

ताऊजी की बात सुनकर मेरा मन नाचने को करने लगा...

ठाकुर - तुम्हारा अंश होगा

मैं - पायल को ये सब पता हैं...

ठकुराइन - हां बहू को सब पता हैं. बहू से बात करने के बाद ही ये सब तय किया है...

मैं - उसकी रजामंदी तो है ना, कहीं वो दबाव मे...

ठकुराइन - ऐसी बात नहीं हैं, वो इस फैसले मे हमारे साथ हैं. अभी हम तुमसे बात करने वाले हैं ये पता हैं उसे...

मैं - मैं एक बार पहले पायल से बात करना चाहता हूँ.

ठाकुर - कर लो बात...

ठकुराइन - वो ऊपर कमरे मे है...

मैं - ताऊजी अभी आता हूँ...

मैं पायल के रूम की तरफ चल पड़ा. वैसे तो मैं बहुत खुश था इस बात से. लेकिन पायल से बात करना जरूरी था. ये जानना था कि वो इसके लिए राजी हैं. कहीं वो ताऊजी, ताईजी के दबाव मे तो नहीं.

क्योंकि अपना एक ऊसुल है, चुत एकदम रगड़ के मारो लेकिन अगली की मर्जी से, जबरदस्ती नहीं...

मैं रूम का दरवाजा खोलकर अंदर गया. पायल बेड पर बैठी हुई थी, मुझे देखकर वो खड़ी हो गई. मैं उसके नजदीक चला गया. हमारे बीच 3-4 फीट की दूरी थी.

मैंने उससे पूछा - आज ताऊजी ने मुझसे कुछ कहा, क्या तुम्हें वो पता है.

वो मुझसे नजरे नहीं मिला रही थी, मिलाती भी कैसे बात ही ऐसी थी...

मैं - पायल क्या तुम्हें उससे प्रॉब्लम हैं या तुम्हारी मर्जी नहीं हैं.

वो कुछ नहीं बोली...

तो मैं बोला - देखो पायल तुम मुझे सच बताओ. क्या तुम्हें कोई एतराज़ नहीं है. तुम्हारी मर्जी है इसमें...

अब भी वो कुछ नहीं बोली...

मैं - पायल बोलो... मेरा तुम्हारी मर्जी जानना जरूरी है, कि तुम क्या चाहती हो...

वो चुपचाप नजरे नीची किये हुए खड़ी थी... उसके ना बोलने से मुझे गुस्सा आ रहा था.

तो मैं बोला - तुम कुछ नहीं बोल रही मतलब तुम नहीं चाहती. ठीक हैं मैं ताऊजी ताईजी को बोल देता हूं कि कुछ नहीं होगा..

मैं मुड़कर जाने लगा तो पायल की आवाज आई - इसमें मेरी मर्जी है...

मैं उसके पास गया और बोला - फिर से कहना...

वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली - मेरी मर्जी हैं, मुझे प्रॉब्लम नहीं हैं...

मैं - कहीं तुम ताऊजी, ताईजी की वजह से तो नहीं...

पायल - नहीं, मैं चाहती हूं...

मुझे पता था कि पायल की हां ही होगी,क्योंकि मैंने उसमें मेरे लिए एक अलग फिलिंग देखी हैं.

अब मैं उसके थोड़े मजे लेना चाहता था...

मैं - क्या चाहती हो...

मेरी बात सुनकर वो शरमा गई...

मैं - हम दोस्त हैं ना तो मुझसे क्या शरमाना...

पायल चुप ही रही कुछ नहीं बोली...

मैं - पायल प्लीज बोलो ना...

पायल - मुझे तुम पंसद हो. पहली ही बार मे मैं तुम्हारी दीवानी हो गई. राहुल तुम हमेशा मेरी जिंदगी मे खुशी लाते हो. जब भी तुम्हें देखती हूँ तो...

मैं - तो क्या...

पायल - कुछ नहीं...

मैंने पायल का चेहरा हाथ मे लिया... और कहा - बोलो ना

पायल - जब भी तुम आते हो तो बस तुम्हें देखने का मन करता हैं. रणजीत ने मुझे कोई सुख नहीं दिया. उसने कभी मुझे इज्जत, प्यार नहीं दिया...

तुम्हें देखती हूँ तो लगता हैं तुम ही मेरे ड्रीम बॉय हो... क्या तुम मुझे प्यार दोगे...

मैं - तुम बहुत खुबसूरत हो... पायल सच बताऊ तो जब तुम्हें पहली बार देखा था मैं तो तब से तुम्हें पंसद करने लगा था...

मैं तुमसे वादा करता हूँ, मैं तुम्हें बहुत प्यार दुंगा. तुम्हें वो सारी खुशियाँ मिलेगी जो तुम्हें मिलनी चाहिए

मेरे अलफाज सुनकर वो मुझसे लिपट गई. और बोली - राहुल.. थैंक्यू... थैंक्यू वैरी मच......

मैंने भी उसे गले लगा लिया... फिर हम अलग हो गये....

मैं बोला - हमारे मिलने की खुशी मे मुंह मीठा नहीं कराओगी...

पायल - हां करांऊगी ना, अभी मीठा लाती हूँ...

वो जाने लगी तो मैंने उसे पकड़ लिया और उसे अपने पास खींच लिया. मेरे हाथ उसकी पीठ पर थे...

मैं उसके होंठों को देखते हुए बोला - मुझे तो इनसे मुंह मीठा करना है...

पायल कुछ नहीं बोली. उसने अपनी ऐडियो को ऊपर किया और मेरे होंठों से अपनी रसीले होंठ मिला दिये.

अब मुझे ओर क्या चाहिए था. मैं पायल के रसीले होंठों का रस पीने लगा... वो भी मेरे होठ को चुमने लगी. हम दोनों जोश मे किस कर रहे थे.

ये किस मेरे बेस्ट किस मे से हैं. क्योंकि पहली बार मेरी पार्टनर मेरा पूरा साथ दे रही थी.

पायल की कोमल बाहों ने मेरी पीठ पर अपना घेरा बना लिया.

 


अपडेट - 110

आपने पढ़ा की मैं हवेली जाता हूँ,फिर मुझे प्रॉपर्टी मिलती है और ठाकुर मुझे वारिस के लिये कहता है.मैं पायल के रूम मे जाता हूँ और वहां वो भी अपनी मंजूरी देती हैं और अपने प्यार को इजहार करती हैं

पायल की कोमल बाहों ने मेरी पीठ पर अपना घेरा बना लिया.

आगे...

मैं जीभ को उसके मुंह मे डालने लगा को उसने तुरंत अपने होंठों में जगह देकर मेरा साथ देने लगी.

मैं अपनी जीभ उसके मुँह में डालकर उसकी जीभ के साथ अठखेलियाँ करवाने लगा...

पायल इस सुख की लालसा को इस जीवन में त्याग चुकी थी, पर अब वो मेरा साथ पाकर आनंद से भर गई थी. ये उसे किसी सपने कि तरह लग रहा था.

वो दुनिया को भुलाकर मेरी बाहों में सिमट गई...

फिर मैंने पायल के होंठों को छोड़ा, उसकी आँखें जो अब तक बंद थी, ऐसा करते ही खुल गयी.

वो अपनी प्यार भरी आँखें जो वासना से सुर्ख हो चुकी थी. मुझे घूर्ने लगी, शायद मेरा अलग होना उसे पसंद नही आया.

तो मैं बोला - नीचे ताऊजी, ताईजी वेट कर रहे हैं. बाकी का प्यार बाद मे करेगें...

फिर मैंने उसके मोबाइल मे अपना नंबर डायल करके बोला - ये मेरा नंबर हैं...

फिर मैं नीचे ताऊजी के पास आ गया...

मैं - ताऊजी मैं तैयार हूं...

ठाकुर - थैंक्यू राहुल... तुम्हें नहीं पता तुम हम पर कितना बड़ा अहसान कर रहे हो...

ठकुराइन - तुम बहुत अच्छे हो राहुल...

मैं - ताऊजी आपको बुरा नहीं लगेगा. मैं और पायल...

ठाकुर - बेटा हमेशा परिस्थितियां एक सी नहीं होती हैं. इस खानदान को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हैं.

लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हमें बहू की कोई फिक्र नहीं है. अभी तो उसकी जिंदगी शुरू हुई है.हमे पता है कि रणजीत ने उसे कभी प्यार, खुशी नहीं दी. उसे भी प्यार पाने का हक हैं. वो प्यार, वो खुशी तुमसे मिले उससे हमे एतराज नहीं है.

ठकुराइन - हां राहुल...

ठाकुर - राहुल हमारी इज्जत बनाये रखना..

मैं - जी ताऊजी..

ठाकुर - ये बात किसी...

मुझे पता था वो क्या कहना चाहते हैं... मैं - ताऊजी किसी को कुछ पता नहीं चलेगा.

ठाकुर - हमे तुम पर पूरा विश्वास है...

मैं - ताऊजी लेकिन मुनीम जी...

ठाकुर - तुम उनकी चिंता मत करो. वो हमारे सबसे वफादार हैं. उनका परिवार पीढियों से हमारे यहां काम करता रहा है. मुनीम जी भी 40 वर्षों से हमारे साथ हैं. वो कभी कुछ नहीं करेंगे...

मैं - ठीक है ताऊजी चलता हूं......

फिर मैं घर पर आ गया. मैं सीधा रूम मे आ गया.. मेरे दिमाग मे बस वो ही बात चल रही थी. आज मुझे दो दो झटके लगे थे.

आज का दिन शायद मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था जो मेरी जिंदगी को बदलने वाला था.मुझे नहीं पता था कि मेरी जिंदगी किस ओर जायेगी.

वैसे आगे की चिंता क्यों करना...जो होगा वो हो जायेगा.

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैंने हां बोल कर सही किया क्या. वैसे इसमें मेरा कुछ नुकसान नहीं था. कुछ न कुछ फायदा ही था.

ठाकुर ने मुझे फैक्ट्री और शेयर दिये, मैं तो शायद करोड़पति बन गया था. और मेरे पास वो दादाजी वाले कुछ पैसे और वो दो बक्से सोना भी था. मुझे सच मे विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरे पास इतने रुपये थे.

पर ये सब मम्मी पापा को पता नहीं था. मैं उन्हें अभी बताना भी नहीं चाहता था...

ऐसे ही सोचते सोचते रात हो गई...

अगली सुबह मैं कॉलेज गया... ब्रेक मे मैं बैंक चला गया वहां एक नया अकाउंट ओपन किया. और उसकी डिटेल्स मुनीम जी को दे दी...

फिर ऐसे ही 3-4 दिन निकल गये... फिर एक दिन जब मैं कॉलेज मे था तो एक कॉल आया. कोई अननोन नंबर था...

मैंने कॉल पिक किया और - हैलो बोला...

सामने से एक लड़की की आवाज आई - हैलो...

मैं - हां बोलिये...

सामने से - कैसे हो...

मैं - मैं अच्छा हूँ. आप कौन...

तो उसने मीठी आवाज़ मे एक खूबसूरत नाम लिया - मैं पायल बोल रही हूं

मैं - ओहो... सॉरी.. सॉरी मेरे पास नंबर नहीं था तो पहचान नहीं पाया.

पायल - इट्स ओके... कहाँ पर हो...

मैं - कॉलेज मे हूँ. क्यों क्या हुआ...

पायल - 10 मिनट बाद कॉलेज के गेट के बाहर मिलना.

मैं - क्यों...

पायल - सवाल बहुत करते हो. 10 मिनट मे मिलना OK...

मैं - ok...

10 मिनट बाद मैं गेट से बाहर आया तो, पायल एक BMW मे बैठी थी. ताऊजी के घर कई लक्जरी गाडियाँ थी. तो शायद ये भी होगी.

मैं पायल के पास गया. वो ड्राइविंग सीट पर बैठी थी...

मैं - यहाँ क्या कर रही हो....

पायल - पहले गाड़ी मे बैठो, फिर बताती हूँ...

मैं - गाड़ी मे... कहीं जा रहे हैं...

पायल - हां... अब जल्दी से बैठो...

मैं - मेरी बाईक हैं मैं उसपर आ जांऊगा...

पायल - नहीं.. हम साथ चंलेगे.

मैं - OK.. पर कितना टाइम लगेगा हमें, क्योंकि कॉलेज की छुट्टी के बाद गेट बंद हो जायेगा. तो मेरी बाईक यहीं रह जायेगी..

पायल - हमें टाईम लगेगा.अपनी बाईक कहीं पर छोड़ दो

मैं - ठीक है मैं अभी आया...

मैं कॉलेज मे आ गया और विकास को कॉल करके बुलाया और उसे चाबी दे दी.और कहा की बाईक वो अपने घर ले जाये, मैं वहां से ले लुंगा. तो उसने पूछा कि तु कहां जा रहा है. तो मैंने उसे झूठ बोल दिया कि कुछ काम से जा रहा हूं.

फिर मैं बाहर आकर गाड़ी मे बैठ गया... पायल गाड़ी चलाने लगी...

 


# अपडेट - 111

फिर मैं बाहर आकर गाड़ी मे बैठ गया... पायल गाड़ी चलाने लगी...

मैं - मुझे पता नहीं था कि तुम गाड़ी भी चला लेती हो...

पायल - तुमने मुझे ऐसे ही समझ रखा है. मुझे गाड़ी, बाईक सब चलाने आते हैं. आई एम ए मॉर्डन गर्ल...... वो तो शादी के बाद बंद कर दिये...

मैं - हम कहाँ जा रहे हैं...

पायल - बस यहीं पर ही...

फिर मैं कुछ नहीं बोला... पायल गाड़ी दोडाये जा रही थी.

हम जयपुर के सबसे पॉश एरिये मे आ गये थे. सड़क के दोनों तरफ बंगले बने हुए थे. ये एरिया बिल्कुल ही शांत और साफ सुथरा था. कहते हैं ना पैसा कुछ भी कर सकता हैं.

4-5 मिनट बाद पायल ने एक आलीशान घर के आगे गाड़ी रोक दी. अंदर से एक वॉचमेन आया और गेट खोल दिया.

पायल गाड़ी अंदर ले गई.

घर नहीं वो बंगला बहुत ही बड़ा था. अंदर बहुत ही सुंदर गार्डन था.

उसने गाड़ी बंगले के पॉर्च मे जाकर रोक दी. हम दोनों गाड़ी से ऊपर गये...

मैं बोला - हम कहां आ गये... किसका बंगला है ये...

पायल - हमारा ही है.... यार तुम सवाल बहुत पूछते हो.. चलो अंदर चलो...

उसकी बात समझ नहीं आई... मैं भी उसके पीछे चल पड़ा.

बाहर से जितना बड़ा और सुंदर था, अंदर से तो उससे कहीं ज्यादा सुंदर था. मैंने तो ऐसे बंगले फिल्मों मे ही देखें थे. मैं चारों तरफ देखने लगा.

हॉल बहुत बड़ा था, पूरा हॉल मंहगी चीजों से सज्जा हुआ था.

हम सोफे पर बैठ गये. तभी एक औरत हमारे लिये पानी ले आई... वो नौकरानी थी.....

मैं पानी पिते हुए चारों तरफ देख रहा हूँ. मुझे ऐसे देखते हुए पाकर वो बोली - कैसा लगा घर... मैं - ये घर थोड़ी है ये तो बंगला हैं. बहुत ही ब्यूटीफुल हैं. तुम्हारा है..?

पायल - हां मेरा ही है. मेरे डैड ने ये विला मुझे गिफ्ट दिया था. और अब से तुम्हारा है...

मैं - मेरा है.. मतलब

पायल - आज से तुम इसके मालिक हो. मैं ये तुम्हारे नाम कर रही हूं....

मैं - क्यों.. किस लिए.. नहीं..नहीं.....

पायल - क्यों नहीं... राहुल तुमने मुझे नई लाइफ दी हैं...

मैं - पर मैं ये नहीं ले सकता. ताऊजी ने मुझे बहुत दिया हैं.

पायल - ये मैं दे रही हूं.

वो मेरे नजदीक आ गई.. बोली - राहुल मैंने तुम्हें सबकुछ मान लिया है. जो एक पति का दर्जा होता हैं मैंने तुम्हें वो दे दिया है. तो जो मेरा है वो तुम्हारा है... प्लीज मना मत करो....

पायल का मेरे लिए इतना प्यार देखकर अच्छा लगा, मैं उसे मना नहीं कर सका... - ठीक हैं...

मेरी बात सुनकर वो खुश हो गई और मेरे गले लग गई... फिर वो अलग हुई और पास के ड्रॉअर से एक फाईल ले आई...

पायल - इस पर साइन करो...

मैं - ये क्या है...

पायल - विला के पेपर्स हैं... मैंने पहले ही बनवा लिये थे.

पायल तो बहुत तेज निकली... मैंने उन पेपर्स पर साइन कर दिये....उसने वो पेपर्स रख दिये...

तो मैं बोला - हम कितनी देर मे चंलेगे....

पायल - आज हम यहीं पर रहेंगे....

मैं - यहां पर.. तुमने मुझे बताया नहीं....

पायल - मैं सर प्राइज देना चाहती थी.

मैं - सर प्राइज...?

पायल - वो आज हम दोनों यहीं पर रहेंगे...

मैं उसकी बात समझ गया..

मैं - अच्छा तो ये बात है... पर तुम यहां रहेगी तो ताऊजी, ताईजी वो क्या....

पायल - मम्मी जी को पता है कि हम साथ हैं...

मैं - क्या....

पायल - हां.. उनको पता है. वो मुझे अपनी बेटी जैसी मानती हैं. हम दोनों मां बेटी की तरह ही रहते हैं. उनको हमारे साथ से प्रॉब्लम नहीं हैं....

मैं ( मन मे )- दोनों ने मुझे कहा भी था कि उन्हें प्रॉब्लम नहीं है...

मैं - तो हम हम यहां क्या करेंगे रात भर...

पायल - राहुल प्लीज... और बात को बदलते हुए बोली - चलो तुम्हें तुम्हारा घर दिखाती हूँ...

मैंने उसका हाथ पकड़ा और बोला हमारा घर...

मेरी बात सुनकर उसके चेहरे पर स्माइल आ गई...

पायल का शरीर बिल्कुल फिट था. उसने हल्के गुलाबी रंग की पारदर्शी साड़ी पहन रखी थी जो उसकी सुन्दरता में चार चाँद लगा रही थी. ब्लाऊज थोड़ा गहरे गले का था जिस कारण उसकी लगभग 34 इंच की आधी चूचियां साड़ी से साफ दिख रही थीं। मेरा तो देखकर बुरा हाल हो रहा था और चूचियों से नजर ही नहीं हट रही थी.

पायल ने मेरा हाथ पकड़ा और धीरे से बोली- क्या देख रहे हो...

मैंने हाथ उसकी चूचियों पर रख कर बोला- इन्हें...

वो एकदम से चिहुंक उठी...

मेरे हाथ रखते ही पायल पीछे को हट गई और बोली - धत बेशर्म..

उसके कहने का अन्दाज इतना मोहक था.. कि मेरी जान सी निकल गई...

मैंने उसके चेहरे की तरफ गौर से देखा. उसका चेहरा शर्म से बिल्कुल लाल हो गया. उसकी तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं.

मैं बोला- इसमें बेशर्म वाली कौन सी बात है... हम प्यार ही तो करने आए हैं.

पायल - हां... लेकिन वो रात मे करेंगे...

कहते हुए एक हाथ उसकी कमर में और गर्दन में डालकर सीने से लगा लिया. उसकी लम्बाई मेरे से कम थी.. उसकी चूचियां मेरे सीने से दब गईं. ऐसा लग रहा था जैसे मैं मखमल के तकिये से लिपटा हूँ.

मैंने अपने होंठ उसकी गर्दन पर रख दिए. उसके बदन की खुशबू से मुझे नशा सा चढ़ गया और ये भी भूल गया कि हम हॉल मे हैं और यहां पर सर्वेंटस हो सकते हैं. मैं उसे बाँहों में भींचता ही जा रहा था. मेरा लण्ड खड़ा होकर उसकी जाँघों में दब रहा था. शायद पायल को भी महसूस हो रहा था.

वो कसमसा के धीरे से बोली - राहुल छोड़ो ना , कोई देख लेगा...

मैं - डार्लिंग अब किससे शरमाना...

पायल - समझो ना... मैं चाहती हूँ कि हम रात मे प्यार करे...

मैं - रात मे क्यों...

पायल - वो रात मे पता चल जायेगा...

मैंने उसकी तरफ देखा तो चेहरा बिल्कुल लाल हो रहा था और शर्म के कारण आँखें नीचे झुकाये खड़ी थी.. मैं उसके मासूम से चेहरे को देखता ही रहा.

तभी किचन से आवाज आई तो हम अलग हो गये... फिर वो मुझे पूरा बंगला दिखाने लगी.

बंगला मेरी सोच से बड़ा था. नीचे एक बड़ा सा हॉल, किचन साईड़ मे एक स्पेशल रूम मेहमानों के बैठने के लिए..

बंगले मे 7 बेडरूम थे. 3 नीचे और 4 ऊपर . सभी मे बड़े बड़े वॉशरूम थे. इसके अलावा एक दो रूम और थे.

बंगले मे एक स्वीमिंग पूल था. एक अच्छा सा गार्डन था.

पायल पहली मन्जिल पर एक कमरे के सामने रुकी और बोली - ये है आपका रूम.. अब फ्रेश हो लो. आराम कर लो.

मैं - मेरे अकेले का रूम है तुम्हारा नहीं...

पायल - नहीं... मेरा दूसरा है....

मैं - क्यों..

पायल - अभी के लिए ये रूम हैं, फिर हमारा वो ही रूम होगा...

मैं - क्यों..अभी क्यों नहीं...

पायल - रात मे सब पता चल जायेगा.. अब आराम करो और किसी चीज की जरूरत हो, तो मुझे बताना.

मैं - मुझे तो बस एक चीज की जरूरत है.

पायल - क्या..

मैं उसके उठे हुए चूचों पर हाथ रखते हुए बोला - इनकी

वो शर्माते हुए बोली- बहुत नॉटी हो गए हो..

मैं - अब मैं जो भी हूँ जैसा भी हूँ तुम्हारा ही हूँ जान...

पायल - हां मेरे ही हो...

मैंने उसको खुद से चिपका लिया और हाथ पिछे ले जाकर कमर को सहलाने लगा...

तो वो बोली- जनाब थोड़ा वेट करो.. इतनी जल्दी क्या है...

मैं - मैं तो कर लूँ.. पर इसका क्या.. जो तुम्हें देखते ही.....

ये कहते हुए मैंने उसे कस लिया. मेरा लंड उसकी चूत पर दब गया. मैं गर्दन पर किस करने लगा.

 


माफी चाहता हूँ देरी के लिये,मैं अपडेट देना चाहता था लेकिन मैं कुछ दिन से log in नहीं कर पा रहा था.अब सब ठीक है.पूरी कोशिश रहेगी कि अपडेट continue मिले...

अपडेट - 112

आपने अब तक पढ़ा कि पायल मुझे अपने बगंले पर लेकर आयी हैं.उसने वो मेरे नाम कर दिया.और important बात की आज वो मेरा लंड़ लेने के लिए मुझे लाई हैं...

वो बोली- जनाब थोड़ा वेट करो.. इतनी जल्दी क्या है...

मैं - मैं तो कर लूँ.. पर इसका क्या.. जो तुम्हें देखते ही.....

ये कहते हुए मैंने उसे कस लिया. मेरा लंड उसकी चूत पर दब गया. मैं गर्दन पर किस करने लगा.

आगे...

वो बोली - आहह..जानू अभी नहीं बाद में प्लीज.. मेरे लिये...

मैं - ठीक है.. हनी...

पायल - हनी..!

मैं - हाँ आज से तुम मेरी हनी...

पायल - OK...मेरे जान

मैं उसके चेहरे के पास अपना चेहरा ले गया, उसकी चूचियां मेरी छाती से दब गईं. उसकी साँसें तेज होती जा रही थीं. जिससे चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थीं. चूचियां साँस के साथ ऊपर होतीं.. तो मेरी छाती से और ज्यादा दब जातीं.

मैं उसकी आँखों में देखने लगा.. वो मेरी आंखों मे देखने लगी.

दिल कर रहा था बस मैं इस मासूम सी गुड़िया को देखता रहूँ। मैंने उसके माथे और आँख पर किस किया.

फिर अपने होंठ उसके होंठों के पास ले जाकर रुक गया. उसकी गर्म साँसें मेरी साँसों में मिलने लगीं. मैंने उसके गुलाबी होंठों पर छोटा सा चुम्बन किया. जैसे ही मेरे होंठ उसके कोमल होंठों से छुए.. तो उसकी साँसें पहले से भी तेज चलने लगीं. और होंठ धीरे-धीरे फड़कने लगे थे.. जैसे वो मुझसे कह रहे हो कि आओ चूमो और चूस लो हमारा रस.

मैं उसके गालों को चूमने लगा... धीरे धीरे मैं उसके होंठों की तरफ बढ़ रहा था. तभी पायल ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और चुमने लगी. मैं भी पायल के नरम और रसीले होंठों को चूसने लगा...

हम दोनों पूरे जोश और लगन से एक दूसरे को किस कर रहे थे. कुछ मिनट तक एक दूसरे का रस पीने के बाद हम अलग हुए.. पायल की आंखों मे वासना दिख रही थी.

पायल जल्दी से नीचे चली गई, क्योंकि अब वो और रूकती तो शायद वो सब्र नहीं कर पाती.

पायल के जाने के बाद मैं रूम को देखने लगा...क्या रूम था... बहुत बड़ा और सुंदर था.

मैंने सबसे पहले मम्मी को कॉल किया...

मैं - हैलो मम्मी...

मम्मी - हां बेटा...

मैं - मम्मी वो आज विकास का बर्थडे हैं, तो उसके घर पर पार्टी है तो वो आज मुझे अपने घर पर रहने को बोल रहा है.

मम्मी - राहुल तुने सुबह तो नहीं बताया...

मम्मी से झूठ बोलना अच्छा नहीं लग रहा था पर सच भी तो नहीं बता सकता था..

मैं - वो मुझे भी अब पता चला... तो मम्मी मैं आज यही रूक जाऊ...

मम्मी - तेरा मन है तो रूक जा. पर अपना ख्याल रखना... और टाइम से खा लेना...

अब माँ तो माँ ही होती हैं...

मैं - जी मम्मी... थैंक्यू.. लव यू...

फिर मैंने कॉल कट कर दिया. मैंने विकास को कॉल किया की वो कल बाईक कॉलेज ले आये मैं वहीं से ले लुंगा...

मैं फ्रेश होने बाथरूम मे चला गया.. बाथरूम भी अच्छा खासा था... उसमें बहुत सारे नल थे. एक कांच का रूम था जिसमें शावर लगे हुए थे.. साईड़ मे एक बड़ा सा बाथ टब था...

मैं 10 मिनट तक शावर लेत रहा... फिर मैं रूम मे आ गया...

बेड पर एक ड्रेस रखी हुई थी, शायद पायल ने रखी थी... ड्रेस तो अच्छी थी. मैंने वो पहन ली, वो बिल्कुल मेरी फिटिंग की थी. पायल ने बिल्कुल सही साईज सलेक्ट कि थी.

मैं कपड़े पहन कर नीचे आ गया... पायल किचन से मेरे पास आ गई. और उसने सभी सर्वेंटस को बुला लिया. और मेरे बारे मे बताने लगी...

पायल - ये पुष्पा ( उम्र -34, फिगर 34-30-36 ) ये घर के काम करती हैं.

गार्ड - ये हैं रामू

ये पुष्पा का पति हैं... रामू साथ मे गार्डन की देखभाल करता हैं.

सविता काकी ( उम्र -55, फिगर 36 D- 34-38) - रामू की माँ हैं जो घर की साफ सफाई करती हैं.

ये सब पिछे बने क्वार्टर मे रहते हैं...

पायल - ये राहुल हैं, आपके मालिक.. ये विला अब इनका है...

सभी - नमस्ते साहब...

मैं - नमस्ते....

फिर सब लोग अपने अपने काम पर लग गये... पायल भी जाने लगी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया - हनी... तुम कहां जा रहीं हो...

पायल - किचन मे खाना बनाने...

मैं - उसके लिए वो नौकरानी है ना, तुम तो मेरे पास रहो...

मैं उसे खींचकर अपने पास ले आया...

पायल - जान... आज का खाना मैं बनाकर खिलांऊगी.. मेरे Hubby को...

मैं - अच्छा.. Hubby...क्या बात हैं...

पायल - हां जान... आज रात को मैं पूरी तरह से तुम्हारी हो जांऊगी... अब मुझे जाने दो...

मैं - मुझे मुंह मीठा करना है...

मेरी बात सुनकर पायल ने मेरे होंठों को चुम लिया और वो किचन मे चली गई....

मेरे पास कुछ करने को था नहीं तो मैं बंगले मे घुमने लगा...

मैं बाहर गार्डन मे चला गया... बड़ा ही सुंदर गार्डन बनाया हुआ था... बहुत से फलों के पौधे थे...

फिर मैं स्वीमिंग पूल की तरफ चला गया. पूल बंगले के साइड़ मे था. एक गेट उधर से खुलता था पूल मे आने के लिए. पूल वाकई मे शानदार था.

कुछ देर तक मैं टहलता रहा, फिर खाने का टाइम हो गया था. तो मैं अंदर आ गया. अंदर आया तो पायल और वो नौकरानी खाना लगा रहे थे...

 


अपडेट - 113

फिर हम खाना खाने लगे. खाने के बाद मैं पायल को ऊपर ले जाने लगा तो उसने कहा - अभी नहीं, पहले मैं जाती हूं. तुम 20 मिनट बाद आना...

मैं - क्यों.. अब क्या हुआ...

पायल - प्लीज जान.. आज की रात मेरे लिए स्पेशल है तो...

मैं - हनी यार कितना तड़पाओगी. यही है तुम्हारा प्यार...

पायल - जान प्लीज.. एक बार मेरी बात मान लो.. प्लीज मेरे लिये...

अब उसने ये सब इतनी मासूमियत और प्यार से कहा की मैं कुछ ना बोल सका...

मैं - OK.. Only twenty minutes...

पायल - thanku जान...

फिर वो ऊपर चली गई... मैं वो 20 घंटे जैसे 20 मिनट काटने लगा... अब आपको तो पता ही है, ऐसे मे क्या होता हैं.. बहुत धीरे धीरे टाइम निकल रहा था... आखिरकार वो 20 मिनट निकल गये...

मैं जल्दी से ऊपर आ गया, और सीधे उस दूसरे रूम मे चला गया जो मेरा और पायल का होने वाला था...

मैं रूम के अंदर गया तो रूम मे बिल्कुल अंधेरा था.रूम मे बहुत ही अच्छी खुशबू आ रही थी.. मैंने पायल को आवाज लगाई पर उसका जवाब नहीं आया... मैंने जल्दी से लाईट ऑन की तो मैं चौंक गया...

पूरा रूम फूलों से सजा हुआ था. बेड़ भी चारों और से फूलों से सजा हुआ था...

और पायल बेड के बीच मे बैठी हुई थी. दुल्हन के लिबास मे... वो बिल्कुल नयी नवेली दुल्हन लग रही थी. मैंने दरवाजा बंद किया और उसके पास चला गया.

मैं बेड पर उसके पास बैठ गया...

मैंने उसका घूंघट उठाया. उसका हसीन मासूमियत से भरा चेहरा मेरे सामने आ गया. पायल की नजरे झुकी हुई थी. मैंने उसकी ठोड़ी को ऊपर उठाया और बोला - ये सब क्या हैं हनी...

पायल - जान..आज हमारी सुहागरात हैं, मैं पूरी तरह से तुम्हारी होना चाहती हूं...

फिर वो खड़ी हुई और एक सिंदूर की डब्बी ले आई... और खोलकर मेरे सामने कर दी. मैं समझ गया कि वो क्या चाहती हैं...

मैंने चुटकी मे सिंदूर लिया और पायल की मांग भर दी... वो निचे झुकी और मेरे पर छूने लगी...

तो मैंने उसे रोका - ये क्या कर रही हो...

पायल - मेरे hubby के आशीर्वाद ले रही हूँ...

मैंने उसे उठाया और कहाँ - क्या हनी.. यार तुम तो मॉर्डन गर्ल हो.. ऐसे कर रही हो...

पायल - जान मैं कितनी भी मॉर्डन क्यों ना हो पर ये सब भी important हैं...

मैंने पायल का माथा चुमा और उसे गले लगा लिया...

मैं - तुम्हारी जगह यहाँ है, मेरी बांहों मे....

मेरी बात सुनकर उसने मुझे कस लिया...

फिर मैं बोला - अब तुम मेरी बन गई हो, तो चलो सुहागरात मनाते हैं... फिर मैंने उसे अपनी बांहों से आजाद किया. उसका चेहरा गुलाबी हो गया था...

मैंने उसका घूंघट हटा दिया. पायल उस जोड़े मे इतनी खूबसूरत लग रही थी. उसके कमर तक आते खुले हुए बाल उसके बदन से वो पर्फ्यूम की हल्की सी जो खुसबु आ रही थी. उसने अपने माथे पर जो माँग टीका लगाया था.

कसम से मैं तो उसकी खूबसूरती खो ही गया था.

मैं उसके पास गया और बोला- बहुत खूबसूरत लग रही हो तुम

वो मुस्कुराई...

उसका तो पता नही पर मेरा होश खोने लगा था. जिंदगी मे ऐसा पहली बार मैने महसूस किया.

मैंने अपने हाथ पीछे ले जाकर, उसके ब्लाउज की डोरिया खोल दी, तो वो आगे लटक गया... मैंने उसे निकाल फेंका...

मैंने एक हाथ से लंहगे की डोरी पकड़ कर खींच दी. कुछ ही पलो मे वो भी पायल के कोमल बदन से अलग हो गया.

अब वो सिर्फ ब्रा पेंटी में अा गई और उसका दूध सा गोरा जिस्म पुरी तरह से चमक उठा. उसके काले घने लहराते हुए बाल, उसका परियो जैसा गोल सुंदर मुखड़ा, गोल मटोल गाल हल्की लाला रंग की कुदरती रंगत लिए और उसके लाल सुर्ख होंठ जो एक दम पतले और रसीले लग रहे थे.

उसकी खूबसूरत लम्बी सुराहीदार गर्दन, उसके गोरे चिट्टे कंधे.

मेरी नजर उसकी पिंक रंग की ब्रा मे कैद चूचियों पर पड़ी. उसके सुडौल और कसे हुए बोबे बाहर झांक रहे थे और पूरी तरह से तन कर खड़े हुए थे , निप्पल इतने सख्त हो चुके थे कि ब्रा के ऊपर से ही उनका आकार साफ नजर आ रहा था. मुझे अपनी तरफ ऐसे देखते पाकर पायल ने अपनी आंखे बंद कर ली.

मैंने अपने हाथ कमर पर ले जाकर ब्रा का हुक खोल दिया तो उसकी चूचियां ऐसे उछल कर बाहर आई मानो अंदर उनका दम घुट रहा था. अब भी वो एकदम तनकर खड़े थे. उन पर ब्रा ना होने का कोई असर ही नहीं था.

उसकी मध्यम आकारकी गोल गोल चूचियां, एक दम कठोर, उठी हुई तनी हुई , निप्पल हल्के गुलाबी रंग की रंगत लिए हुए किसी किशमिश के दाने की तरफ अपना मुंह उठाए हुए.

अभी तो वो मात्र 23 साल की थी.

उसकी चूचियां हल्की सी भी झुकी हुई नहीं थी बल्कि उसकी चूचियों की कठोरता देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि उन्हें किसी मर्द ने अपनी मुट्ठीयों मे भींचा है उनका मर्दन किया है. वो बिल्कुल अन्छुई थी.

 


अपडेट - 114

वो बिल्कुल अन्छुई थी.

उसका दूध सा गोरा पेट एक दम अंदर की तरफ घुसा हुआ, चर्बी का कोई नामो निशान तक नहीं और उसकी छोटी गहरी

गोल नाभि उसके पेट की सुंदरता में चार चांद लगा रही थी.

मैं नीचे झुक गया और उसकी स्टाइलिस पिंक पेंटी को निकालने लगा. तो उसने बंद आंखो के साथ ही अपनी टांगो को हल्का सा फैला कर मेरी मदद की. जब मैं पेंटी को निकाल रहा था तो उसके मुंह से अपने आप ही एक मस्ती भरी आह निकल पड़ी...

उसकी एक दम गोरी, केले के तने के जैसी चिकनी जांघें, पतली नाजुक कमर और उसके ठीक नीचे उसकी उभरी हुई गांड़ अपना आकार दिखाते हुए बिल्कुल नंगी थीं. उसकी गांड़ बाहर की तरफ निकली हुई और तरबूज के आकार के चुतड़.

उसकी गोरी जांघो के ऊपर चमकती हुई चिकनी चूत. एकदम पतली सी, नाजुक सी गुलाबी रंग की झिर्री हल्की सी बाहर की तरफ निकली हुई, चूत एक दम अंदर की तरफ सिकुड़ी हुई. जिसका रसपान बहुत ही कम बार किया गया था.

चूत के गुलाबी रंग के होंठ एक दूसरे से पूरी तरह से चिपके हुए उसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहे थे...

वो बिल्कुल कामदेवी लग रही थी, जिसके जिस्म के हर एक हिस्से से रस टपक रहा था...

मैंने अपने कपड़े निकाल दिये, मैं अब बस फ्रेंची मे था...

मैं पायल के बिल्कुल नजदीक गया, और उसके चुचे पर हाथ रख दिया और उसके निप्पल को अपनी उंगलियों से मसलने लगा. पायल के बदन में करंट दोड़ने लगा. वो मेरी बाहों में समां गयी उसकी बढ़ी हुई धडकनों को मैं अपने सीने पर महसूस करने लगा...

मैंने उसके चेहरे को ऊपर किया और उसके रसीले होंठो को चाटने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. उसने अपनी बांहे मेरे कंधो पर रख दी और अपने मुंह को मेरे होंठो के लिए खोल दिया. मेरा लंड अब उसकी चूत वाली जगह पर रगड़ खा रहा था. शराब की बोतल से भी नशीले उसके लबो को पीते हुए मैंने अपने हाथ उसके पेट पर रखा और सहलाने लगा. पायल के बदन मे कंपन होने लगा.

मैंने उसे अपने आगोश से आजाद किया... और उसे गोद मे उठा लिया, उसने अपने हाथ मेरी गर्दन पर लपेट लिये... हम दौनो एक दूसरे की आंखों मे देख रहे थे.

Thanks For Reading...अपने विचार जरूर दीजिये गा...

 


अपडेट - 115

मैंने उसे अपने आगोश से आजाद किया... और उसे गोद मे उठा लिया, उसने अपने हाथ मेरी गर्दन पर लपेट लिये... हम दौनो एक दूसरे की आंखों मे देख रहे थे.

आगे...

मैं उसे बेड के पास ले गया. मैं बेड पर बैठ गया, वो अभी भी मेरी बांहो मे कैद थी... उसका यौवन से छलकते प्याले जैसा बदन मेरी गोद मे था.

मैं उसके लाल रसीले गालो को चूमने लगा. वो मीठी मीठी सी सिस्कारियां भरते हुए मेरे से चिपक रही थी.

फ्रेंची मे कैद मेरा लंड बेकाबू होकर बहार निकलने का प्रयास कर रहा था. ऊपर से पायल के गोद में आ जाने से उसकी गांड मेरे लंड पर पूरा दवाब डाले हुए थी.

पायल - आआह आह...

तभी वो बोली ये मेरी जांघो पर क्या चुभ रहा है

मैं - तुम्हे नहीं पता क्या...

वो - नहीं तो...

मैं- मुझे भी नहीं पता खुद ही देख लो

पायल ने अपने हाथ को नीचे किया और मेरे लंड को फ्रेंची के ऊपर से ही सहलाने लगी. मैंने उसके कान में कहा इसको बाहर निकाल लो...

पर उसने नहीं निकाला वो ऐसे ही सहलाती रही. मेरी जान ही लेने का इरादा कर लिया था उसने.

आज मैं पायल को खुद में ऐसे घोल लेना चाहता था. जैसे की किसी शरबत में गुलाब की खुशबू घुल जाया करती है. मैं उसको वो ख़ुशी देना चाहता था, जिससे वो वंचीत थी.

वैसे तो मैं चुत मारते हुए कुछ नहीं सोचता था. पर आज पता नहीं मैं क्यों सोच रहा था.

मैं उसका कोई नहीं लगता था. शायद उसका असली हक़दार मैं नहीं था.

मुझे ख्यालो में खोया है देखकर वो बोली - क्या हुआ जान.. क्या सोच रहे हो...

मैं - क्या मेरा तुम पर हक हैं...

पायल - ऐसे क्यों बोल रहे हो जान.. मुझ पर पूरा हक है. मेरे तन, मन मेरे हर एक हिस्से मे बस आपका ही हक है.

मैं - आपका..?

पायल - अब आप मेरे hubby हो तो तु थोड़ी कहूंगी...

मैं - हनी.. कभी कभी लगता हैं कि तुम मॉर्डन माहौल मे नहीं रही हो, ना ही तुमने फॉरेन मे स्टडी की हैं.. तुम तो बिल्कुल घरेलू लड़की जैसे व्यवहार करती हो...

पायल - मैं हाई सोसायटी मे रही हूँ, इसका मतलब ये नहीं कि मैं बेशर्म हूँ. मैं तो मेरे प्यारे hubby को आप ही कहूंगी... और मुझे इस बारे मे कोई डिस्कसन नहीं करना..

मैं - पर हनी...

पायल - जान प्लीज ना... आज हमारी first night है और आप ये सब बता लेके बैठे हो......

NOTE -

( पायल बातो मे English शब्दों का use करती हैं,लेकिन मैं यहाँ हिन्दी मे ही लिखुंगा , क्योंकि हिंदी मे ज्यादा मजा आता हैं. जो बात हिंदी मे हैं वो किसी और मे नहीं...)

उसकी बात सुनकर मैं उसकी मखमली जांघ पर अपनी उंगलिया फिराते हुए बोला - तो फस्ट नाईट को क्या करते हैं...

पायल मेरे स्पर्श से बेचैन होने लगी. मैं धीरे धीरे अपने हाथ को ऊपर चूत की तरफ ले जाने लगा... पायल की सांसे तेज हो गई.

मैं - बोलो ना हनी...

ये कहने के साथ ही मैंने अपनी मुट्ठी में उसकी चूत को कस लिया और भींच दिया...

आआआआआअह उफफ्फ्फ्फ़ की आवाज उसके मुंह से निकली.... वो मुझसे लिपट गई.

पायल - जान क्यों मुझे तड़पा रहे हो, क्यों सताते हो मुझे इस कदर तुम. जल्दी से मुझे अपना बना लो...

मैं - आज हमारे मिलन की पहली रात है. आज मैं तुम्हें बिलकुल इतमीनान से प्यार करना चाहता हूं. तुम्हें वो खुशियाँ देने चाहता हूं जो तुम्हें नहीं मिली.

मैंने तुम्हे दिल से अपना मान लिया है शायद ये मेरी किस्मत का कोई करम था जो मुझे तुम मिल गई...

पायल मेरे सीने को चुमते हुए बोली - अच्छा तो मैंने किया है कुछ जो आप मेरी लाइफ मे आये... जिसे अपना सबकुछ दे सकूँ मैं...... मुझे औरत होने का सुख दे दो

पायल की चूत की पूरी तरह गीली हो चूका थी, उसकी चूत से टपकते हुए योनी रस से मेरी फ्रेंची चिपचिपी होने लगी थी...

AC की ठंड मे भी उसका बदन जल रहा था.. मैंने उसके सेब जैसे गालो को अपने मुह में भरकर चुसने लगा. उसके कसे हुए चुचे मेरे सीने से धंसे हुए थे, उनकी नुकीली नोक मेरे सीने में चुभ रही थी.

बिना देर किये मैंने अपने चेहरे को उसके उभारो पर झुका दिया और उसकी एक चूची को मुह में भर लिया.

पायल के होंठों से आह फूट पड़ी - उम्म्म्फफ्फ्फ़..आह्हा.. यीईईईए...

उसके बदन में जैसे 440 वाल्ट का करंट दोड़ने लगा था. उसकी चूची क्या गजब थी. मैं एक बोबे को चुसने लगा और दूसरे को भिंचने लगा. मदमस्त मस्ती की तरंग पायल के कामुक बदन में हिलोरे लेने लगी. कमरे के सन्नाटे को उसके लबो से फूटी आहे भंग करने लगी...

मैंने अपनी गोद से पायल को बिस्तर पर लिटा दिया. मैंने जल्दी से अपनी फ्रेंची को उतार दिया और जल्दी से उसके ऊपर आ गया. मैंने उसके चुचे को दबोच लिया और उसके दोनों बोबो का रसपान करने लगा.

मैंने उसके हाथ को लिया और अपने लंड पर रख किया पायल ने लंड को पकड़ लिया और अपनी मुट्ठी में कस लिया. पायल के मुलायम हाथ को महसूस करते ही लंड की नसे फुलने लगी. वो धीरे धीरे मेरे लडं को सहलाने लगी..

मुझे ख़ुशी थी की पायल खुले मन से मेरा साथ दे रही थी. वो मॉर्डन जो थी.

 


अपडेट - 116

करीब दस मिनट तक बोबो का रस पीने के बाद मैं उसके बोबो से हट गया. मैं उसके बदन को चुमते हुए नीचे आने लगा.

उसका संगमरमर सा गोरा बदन एकदम सॉफ्ट था.

मैंने उसकी नाभि पर हल्का सा चुम्बन किया, और उसमें जीभ डालकर चाटने लगा तो उसके बदन में हलचल होने लगी. वो किसी मछली की तरह मचलने लगी.

मैंने अपने हाथ से उसकी चूत को छुआ. छोटी सी अनछुई चूत उसकी बेहद ही चिकनी थी एक भी बाल नहीं वहा पर ऐसा लगता था की जैसे आज या कल ही सफाई की गयी हो. उसकी बहुत चिकनी पूरी तरह से योनी रस से भीगी हुई.

मुझसे अब सब्र नहीं हो रहा था. मैंने उसकी टांगो को थोड़ा सा फैलाया और अपने सर को उसकी जांघो के बीच में घुसा दिया. पायल की चूत पर जीभ रखते ही मुझे मजा आ गया. नमकीन सा पानी मेरी जीभ से लड़ने लगा. मेरी खुरदरी जीभ की रगड़ जो चूत पर पड़ी तो पायल बुरी तरह से मचल पड़ी - ओह्ह्हह्ह्ह्ह.. इअएऐ...क्येआ किया.. ज्अआननन....

मैंने मजबूती से उसकी टांगो को थामा और पूरी चूत को अपने मुह में भर लिया. पायल की तो जैसे सिट्टी-पिट्टी गम हो गयी उसकी धड़कने बढ़ गयी साँसे रुकने को आई. ये पायल का पहला एक्सपीरियंस था.

उसकी चूत कर गरम जलता हुआ रस मेरे गले से नीचे उतरने लगा. ऐसे लगा जैसे मेरा मुंह जल जायेगा. मैं चूत की पतली सी दरार में अपनी जीभ को घुसेड़ने लगा. पायल के चुतड़ हल्के से हवा मे उठ गये उनमे हलचल होने लगी.

पायल की गुलाबी चूत से आती काम रस की मनमोहक खुशबू मेरी नाक से होती हुई मेरे अंदर उतरने लगी. मैं करीब 5 मिनट तक चूत को चाटता रहा. पायल की मादक, उतेजक सिस्कारियो से पूरा कमरा भर गया था. इस बंगले मे सिर्फ हम दो ही थे.

मदहोशी के आलम में वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थी. मैंने उसकी चूत के दानें को अपने दांतों में दबा लिया.

दोस्तों क्या बताऊ उसका हाल कैसा था, पायल मेरे इस हमले को सह नहीं पाई और तेज आवाज करते हुए मेरे मुंह में ही झड़ने लगी. उसकी चूत के पानी की एक एक बूंद को मैंने अपने गले में उतार लिया. लंबी लंबी सांसे लेते हुए पायल उस मखमली बिस्तर पर निढाल पड़ गयी...

मैं उसके साइड़ में लेट गया, और उसे अपने ऊपर खींच लिया और पूछा - कैसा लगा हनी...

वो हांफते हुए - जान आप बहुत गंदे हो , बहुत ज़ालिम हो तुम

मैं - मजा आया...

वो मेरे सीने को चुमते हुए - ऐसा लगा जैसे मैं उड़ रही हूं...

मैं - ये तो बस शुरुआत.. आगे देखो...

मेरा लंड बेकाबू हो रहा था. मैंने कहा - देखो ना इसको कितना गरम हो गया है तुम्हारे लिए...

पायल मेरे लंड को सहलाने लगी...

मैं - पायल इसको भी अपने मुंह मे लेकर प्यार करो ना...

पायल - जैसे पॉर्न मे करते हैं...

मैं - हां वैसे ही... पहले कभी नहीं किया क्या..?

पायल - मैंने पहले कभी नहीं किया है

मैं - मेरे लिए नहीं करोगी...

वो मेरी जांघों के पास आई और उसने लंड पर अपने कामुक होंठ रख दिए और उसको किस करने लगी. मेरे मुह से आह निकली...

पायल ने अपना मुंह खोला और मेरे सुपाडे़ को अपने होंठों में दबा लिया. कसम से इन्तेहा ही हो गई थी. वो धीरे धीरे करके पुरे लंड से खेलने लगी.

मुझे बड़ा मजा आने लगा था. उसके गुलाबी होंतो में मेरा लंड कैद था. धीरे धीरे करके उसने आधे लंड को मुँह में ले लिया.

उसके मुह से गिरता थूक लंड को चमका रहा था, चिकना कर रहा था.

दो मिनट बाद मैंने उसे अलग कर दिया. मैं उसके मुह में नहीं झाड़ना चाहता था.

मैंने पायल को बिस्तर पर लिटा दिया. एक पिल्लो को उसके कुलहो के नीचे लगाया ताकि उसकी चूत ऊपर उठ जाए ताकि आसानी हो.

मैंने पायल के थुक से सने लंड को पायल की गीली चुत से सटा दिया. पायल की चूत अपने मुह पर गरम लंड महसूस कर रही थी. उसका बदन कांप रहा था.

मैंने सुपाडे को चूत के मुंह पर सेट किया और धक्का लगाया पर वो फिसल गया. उसके मुँह से आह निकली...

मैंने लंड को फिर से तुम पर सेट किया और एक धक्का लगाया थोडा सा थूक और लगाया.लंड उसकी चूत को चीरते हुए 3 इंच अन्दर चला गया. इसी के साथ पायल के गले से दर्द भरी आवाज निकल गई- आह...आऊच...

मुझे लंड पर गरम गरम महसूस हो रहा था...

 


# अपडेट -: 117

लंड उसकी चूत को चीरते हुए 3 इंच अन्दर चला गया. इसी के साथ पायल के गले से दर्द भरी आवाज निकल गई- आह...आऊच...

मुझे लंड पर गरम गरम महसूस हो रहा था...

आगे...

मैंने एक धक्का और लगाया, मेरा लंड आधा चूत मे चला गया. उसकी चूत अन्दर से इतनी गरम थी की मुझे लगा की लंड जल ही जायेगा.

उसकी चुत टाइट थी जैसे की बहुत ही कम बार मारी गई हो. लेकिन अब पायल की आँखों मे आँसू आ गये - जान..बहुत दर्द हो रहा है..

मैं - बस हो गया हो गया हनी.. अभी सब सही हो जायेगा.

फिर मैंने उसको मजबूती से पकड़ा और लंड को थोडा सा पीछे को खींचा और पूरा जोर लगाते हुए फिर से एक धक्का लगाया. लंड पायल की चूत की पंखुडियो को चीरते हुए, फैलाते हुए चूत में धंस गया.

पायल के मुँह से चीख निकल गई, वो रोने लगी. उसके मुँह से दर्द भरे शब्द निकलने लगे - आआआहह.. मम्मा... ओहहह गॉड... जान बहुत दर्द हो रहा हैं...

मैं उस पर झुक गया. मेरे अंडकोष उसकी जांघो के जोड़ से सट गये. मैं उसके आँसूओ को चाटने लगा...

मैं - हनी.. अब दर्द नहीं होगा... अब तो बस मजा ही आयेगा... मैं उसके होंठो को चुमने लगा..

वो ऐसे कर रही थी जैसे पहली बार सेक्स किया हो. रणजीत ने सेक्स तो किया ही होगा. ज्यादा नहीं पर थोड़ा बहुत तो किया ही होगा...

मैं उसके ऊपर लेटा हुआ था

मैं - हनी.. यू आर माई ब्रेव गर्ल... बस अभी सब ठीक हो जायेगा बस थोड़ी हिम्मत रखो

पायल - जान... ऐसा लग रहा किसी ने नाईफ डाल दिया हो...

मैं- हनी दो मिनट रुको तो सही...

मैंने अपने होंठो को उसके होंठों से जोड़ दिया और उनको चूमने लगा ताकि दर्द से उसका ध्यान हट सके...

मैं - तुम्हारे होंठ बहुत मीठे और रसीले हैं...

पायल - रियली जान...

मैं - रियली हनी.. इनके आगे तो स्वीट भी फिकी हैं...

पायल - आउच..

मैं - हनी... एक बात पूछु...

पायल - जान... तुम्हें पर्मिशन लेने की जरूरत नहीं है.

मैं - तुमने पहले सेक्स नहीं किया क्या... तुम्हें इतना पेन हो रहा है जितना वर्जिन लड़की को होता हैं..

पायल - जान मैं वर्जिन ही हूँ....

मैं - क्या...? मतलब...

पायल - हां...

मैं - तो रणजीत के साथ सेक्स....

पायल - जान.. प्लीज ये सब बात मत करो...

मैं - प्लीज हनी मुझे बताओ. और इतने टाइम मे तुम्हारा पेन भी कम हो जायेगा...

पायल - वो क्या करेगा... वो तो नामर्द हैं ब्लडी़ डॉग...

मैं - नामर्द..?

पायल - शादी की पहली रात को तो वो शराब के नशे मे आया. फिर दो दिन बाद उसने मेरे साथ करने की कोशिश की. उसका पेनिस छोटा था 4-5 इंच का.. उसने मेरे बुब्स को सक किया और जब वो अपना पेनिस डालने लगा, तो उसने अपना पेनिस डाला ही था कि उसका स्पर्म गिर गया.. फिर वो सो गया... बाद मे उसने बताया कि उसने ऐसे काम किये हैं जिससे अब वो जल्दी.......

मैं - कैसे काम..?

पायल - वो जवानी मे बहुत सी प्रॉस्टीट्युटस के पास जाता था और वो अनेक टाइप की ड्रग्स लेता और शराब पिता हैं जिस कारण

मैं - ओहो.. तो ये बात है... कभी तुम्हारा मन नहीं हुआ.

पायल - हुआ था.. मेरी वैजाइना मे बहुत खुजली होती थी. तो मैं फिंगरिंग कर लेती...

मतलब आज मैं वर्जिन चुत चोद रहा था...

मैंने लंड को अब धीरे धीरे से हिलाना शुरू कर दिया उसकी दर्द भारी सिस्कारिया तेज हो गयी

पायल - आआहह.. जान अभी भी दर्द हो रहा हैं...

मैं - ये दर्द तो सहना ही होगा हनी , हर औरत सहती है...

मैंने लंड को किनारे तक बहार खींचा और चूत में फिर से पेल दिया. इस बार उसकी चीख मेरे मुँह में ही दम तोड़ गयी.

अब मैंने उसको चोदना शुरू किया. धीरे धीरे से हम दोनों के होंट ऐसे चिपके एक दुसरे से जैसे की फेविकोल का जोड़ हो.

कमरे मे AC ऑन होने के बावजूद भी हम दोनों के शरीर से पसीना बह चला था.

कुछ देर बाद मैंने उसके होंठ छोड़े.. तो वो बोली - दर्द कम होने लगा है...

मैंने कहा - थोड़ी देर में गायब हो जायेगा..

मैं धक्के मारने लगा... पायल की दर्द भरी आंहे उतेजना की आआहह... मे बदलने लगी थी. उसके बोबे मेरे हर धक्के पे बुरी तरह से हिल रहे थे...

 


# अपडेट -: 118

मैं पायल की गर्दन को चुमने लगा, उसके चुचे के निप्पल को होंठों मे दबाकर चुसने लगा. उसके चुचे को सहलाने लगा

आज मैं अपने प्यार की बूँद बूँद से पायल को पुलकित कर देना चाहता था.

मैंने पूछा - कैसा लग रहा है...

पायल(कांपती आवाज में) - बहुत अलग सा लग रहा है ऐसे अलग रहा है की जैसे मैं बहुत हलकी हो गयी हूं.

मेरे धक्को की रफ़्तार अपने आप बढती जा रही थी. वो आह आह करती हुई चुदाई के रंग में रंगती जा रही थी. पूरा लंड उसकी चूत में झटके से अन्दर बाहर हो रहा था.

मैं जब लंड को बाहर खींचता तो लगता की चूत की पंखुड़िया उसके साथ ही आएँगी. बहुत ही चिकनी और गरम चूत थी उसकी.

चूत के पानी से उसकी जांघे और मेरे अांड़ पूरी तरफ से गीले हो चुके थे.

पायल मेरे पूरे चेहरे पर किस कर रही थी. वो मेरे होंठो को चुम रही थी. उसके हाथ मेरी पीठ को सहला रहे थे. अब वो मजे से चूत मरवा रही थी.

दो जवान जिस्म एक दुसरे में समा चुके थे. घपा घप थप थप करते हुए मेरी टांगे उसकी टांगो से टकरा रही थी.

हम दोनों के होंठ थूक से पूरी तरह सने हुए थे. उसका झटके खाता हुआ बदन पहली बार चुदाई के आनंद को प्राप्त करने की दिशा की और बढ़ रहा था.

हमारी साँसे सांसो में घुल रही थी. धीरे धीरे उसके कुल्हे मेरे धक्को से कदम ताल मिलाने लगे थे. चुदाई का सुरूर हम दोनों पर छा चूका था. कमरे का टैमपरेचर AC की ठंड मे भी गरम हो ऊठा था.

उसकी चूत बहुत ज्यादा पानी छोड़ रही थी. मेरा मस्ताना मुसल उसकी चूत के हर हिस्से चूमता जा रहा था.

अचानक से ही पायल की पकड़ मेरे जिस्म पर बहुत कस गयी. उसने अपनी टांगो को मेरी कमर की तरफ लपेट लिया और मुझे कस के अपने सीने से लगा लिया. वो बड़बडा़ने लगी - आआह.. जान.. यश फल मी.. या.. बेबी फक मी फास्टर आहहह....

वो अपने चरम सुख को महसूस करने लगी, उसकी चुत से गरम पानी बहने लगा. असल मे उसकी जिंदगी की पहली चुदाई , आज उसने पहले सुख को प्राप्त कर लिया था.वो अपनी आँखों को बंद किये आनंद को महसूस कर रही थी.

मैं उसको अब तेजी से चोदे जा रहा था. पायल के मुंह से आहह उऊह की आवाजे आ रही थी. मुझे पता था कि वो झड गयी थी.इसलिए अब उसे कुछ परेशानी हो रही हैं.

मैं धक्के पर धक्के लगा रहा था. वो बोली - जान नीचे जलन हो रही हैं...

मैं उसके होंठों को चुसने लगा और हाथ से उसके बोबो को मसलने लगा... वो फिर से उतेजित होने लगी...

मैं धक्के पे धक्के लगाये जा रहा था बिना रुके हुए.. 4-5 मिनट बाद मैं भी चरम पर पहुँचने वाला था. पसीने से हम दोनों का पूरा बदन गीला हो चूका था.

पायल भी अब दुबारा मजे मे आ गई थी. उसके चुतड़ हिलने लगे..

मैं बस झड़ने ही वाला था. मेरे लंड मे फुलावट आ गई. सारा रस एक जगह इकट्ठा हो गया और फिर जैसे मेरे शरीर की पूरी ताकत लंड़ मे समा गई हो. मेरे लंड से एक के बाद एक वीर्य की पिचकारियां उसकी गरम चूत में गिरने लगी. मेरे गरम माल को महसूस करके उसकी चुत भी झड़ने लगी.

मैं टूटे पत्ते की तरह उसके ऊपर ढेर हो गया... हम दोनो एक दुसरे की बांहो में पड़े थे. कमरे मे मचा तूफान अब शांत हो गया था. कमरे मे बस सांसो की आवाज आ रही थी.

मैंने अपना हाथ उसकी छाती पर रखा , उसकी सांसे बहुत तेजी से चल रही थी. मैंने उसको अपने सीने से चिपका लिया. उसके गले लगते ही मन को सुकून सा मिला. कि बस इन्हीं बांहो मे लेटा रहूं...

Thanks for reading.,अपने विचार अवश्य दीजिये गा...//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f608.svg

 
Back
Top