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अपडेट - 109
ताईजी की बात सुनकर बता नहीं सकता मुझे कितनी खुशी हुई. पर मैं जाहिर तो नहीं कर सकता था.
मैं बोला - पर ताईजी...
ठाकुर - राहुल पूरी दुनिया को यही लगे कि ये रणजीत का बच्चा हैं. और हमें तुम्हारे और बहु के बीच जो होगा उससे कोई दिक्कत नहीं है...
ताऊजी की बात सुनकर मेरा मन नाचने को करने लगा...
ठाकुर - तुम्हारा अंश होगा
मैं - पायल को ये सब पता हैं...
ठकुराइन - हां बहू को सब पता हैं. बहू से बात करने के बाद ही ये सब तय किया है...
मैं - उसकी रजामंदी तो है ना, कहीं वो दबाव मे...
ठकुराइन - ऐसी बात नहीं हैं, वो इस फैसले मे हमारे साथ हैं. अभी हम तुमसे बात करने वाले हैं ये पता हैं उसे...
मैं - मैं एक बार पहले पायल से बात करना चाहता हूँ.
ठाकुर - कर लो बात...
ठकुराइन - वो ऊपर कमरे मे है...
मैं - ताऊजी अभी आता हूँ...
मैं पायल के रूम की तरफ चल पड़ा. वैसे तो मैं बहुत खुश था इस बात से. लेकिन पायल से बात करना जरूरी था. ये जानना था कि वो इसके लिए राजी हैं. कहीं वो ताऊजी, ताईजी के दबाव मे तो नहीं.
क्योंकि अपना एक ऊसुल है, चुत एकदम रगड़ के मारो लेकिन अगली की मर्जी से, जबरदस्ती नहीं...
मैं रूम का दरवाजा खोलकर अंदर गया. पायल बेड पर बैठी हुई थी, मुझे देखकर वो खड़ी हो गई. मैं उसके नजदीक चला गया. हमारे बीच 3-4 फीट की दूरी थी.
मैंने उससे पूछा - आज ताऊजी ने मुझसे कुछ कहा, क्या तुम्हें वो पता है.
वो मुझसे नजरे नहीं मिला रही थी, मिलाती भी कैसे बात ही ऐसी थी...
मैं - पायल क्या तुम्हें उससे प्रॉब्लम हैं या तुम्हारी मर्जी नहीं हैं.
वो कुछ नहीं बोली...
तो मैं बोला - देखो पायल तुम मुझे सच बताओ. क्या तुम्हें कोई एतराज़ नहीं है. तुम्हारी मर्जी है इसमें...
अब भी वो कुछ नहीं बोली...
मैं - पायल बोलो... मेरा तुम्हारी मर्जी जानना जरूरी है, कि तुम क्या चाहती हो...
वो चुपचाप नजरे नीची किये हुए खड़ी थी... उसके ना बोलने से मुझे गुस्सा आ रहा था.
तो मैं बोला - तुम कुछ नहीं बोल रही मतलब तुम नहीं चाहती. ठीक हैं मैं ताऊजी ताईजी को बोल देता हूं कि कुछ नहीं होगा..
मैं मुड़कर जाने लगा तो पायल की आवाज आई - इसमें मेरी मर्जी है...
मैं उसके पास गया और बोला - फिर से कहना...
वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली - मेरी मर्जी हैं, मुझे प्रॉब्लम नहीं हैं...
मैं - कहीं तुम ताऊजी, ताईजी की वजह से तो नहीं...
पायल - नहीं, मैं चाहती हूं...
मुझे पता था कि पायल की हां ही होगी,क्योंकि मैंने उसमें मेरे लिए एक अलग फिलिंग देखी हैं.
अब मैं उसके थोड़े मजे लेना चाहता था...
मैं - क्या चाहती हो...
मेरी बात सुनकर वो शरमा गई...
मैं - हम दोस्त हैं ना तो मुझसे क्या शरमाना...
पायल चुप ही रही कुछ नहीं बोली...
मैं - पायल प्लीज बोलो ना...
पायल - मुझे तुम पंसद हो. पहली ही बार मे मैं तुम्हारी दीवानी हो गई. राहुल तुम हमेशा मेरी जिंदगी मे खुशी लाते हो. जब भी तुम्हें देखती हूँ तो...
मैं - तो क्या...
पायल - कुछ नहीं...
मैंने पायल का चेहरा हाथ मे लिया... और कहा - बोलो ना
पायल - जब भी तुम आते हो तो बस तुम्हें देखने का मन करता हैं. रणजीत ने मुझे कोई सुख नहीं दिया. उसने कभी मुझे इज्जत, प्यार नहीं दिया...
तुम्हें देखती हूँ तो लगता हैं तुम ही मेरे ड्रीम बॉय हो... क्या तुम मुझे प्यार दोगे...
मैं - तुम बहुत खुबसूरत हो... पायल सच बताऊ तो जब तुम्हें पहली बार देखा था मैं तो तब से तुम्हें पंसद करने लगा था...
मैं तुमसे वादा करता हूँ, मैं तुम्हें बहुत प्यार दुंगा. तुम्हें वो सारी खुशियाँ मिलेगी जो तुम्हें मिलनी चाहिए
मेरे अलफाज सुनकर वो मुझसे लिपट गई. और बोली - राहुल.. थैंक्यू... थैंक्यू वैरी मच......
मैंने भी उसे गले लगा लिया... फिर हम अलग हो गये....
मैं बोला - हमारे मिलने की खुशी मे मुंह मीठा नहीं कराओगी...
पायल - हां करांऊगी ना, अभी मीठा लाती हूँ...
वो जाने लगी तो मैंने उसे पकड़ लिया और उसे अपने पास खींच लिया. मेरे हाथ उसकी पीठ पर थे...
मैं उसके होंठों को देखते हुए बोला - मुझे तो इनसे मुंह मीठा करना है...
पायल कुछ नहीं बोली. उसने अपनी ऐडियो को ऊपर किया और मेरे होंठों से अपनी रसीले होंठ मिला दिये.
अब मुझे ओर क्या चाहिए था. मैं पायल के रसीले होंठों का रस पीने लगा... वो भी मेरे होठ को चुमने लगी. हम दोनों जोश मे किस कर रहे थे.
ये किस मेरे बेस्ट किस मे से हैं. क्योंकि पहली बार मेरी पार्टनर मेरा पूरा साथ दे रही थी.
पायल की कोमल बाहों ने मेरी पीठ पर अपना घेरा बना लिया.