# अपडेट - 92
25-30 मिनट तक चली इस दमदार चुदाई मे शीला पहले झड़ चुकी थी. उसने फिर से हथियार डाल दिये और अपने काम सुख की ओर बढ़ चली.
मेरा भी बस होने ही वाला था मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी और झटके खाते हुए लंड़ गरम गरम माल की पिचकारियां मारने लगा.
शीला मदहोश अवस्था मे पंलग पर पड़ी थी.. कुछ देर आराम करके मैं अपने कपड़े पहनने लगा.
मैं फटाफट वहां से निकला. चुदाई मे टाईम लगा था जिससे थोड़ी लेट हो गई थी.
मैं जल्दी घर पहुंच गया. मामी रसोई मे काम कर रही थी.
मैं हॉल मे जाकर बैठ गया, उन्होने मुझे एक कॉप दूध का दिया. मैंने दूध पिया और कुछ देर नानाजी के पास बैठा.फिर हमने नाश्ता किया.
कुछ देर बाद मैंने नानाजी की मालिश करी, फिर मैं नहाने चला गया. नहाकर मैं नीचे आया तो...
नानी बोली - बेटा.. इधर आ तो, तुझसे एक काम हैं...
मैं नानी के पास चला गया...
मैं - हाँ, नानी... क्या काम हैं...
नानी - तेरी मामी को सामान लाना है शहर से,वैसे तो जा नहीं पाती, तु चला जा...
मैं - जी नानी.. कब जाना है...
मामी - अभी कुछ देर मे चलते हैं, शाम होने ये पहले आ जायेंगे... फिर घर का काम भी करना है.
नानी - तुम चिंता करो.. आराम से खरीदारी करके आओ... कितने दिन हो गये तुम्हें अपने लिये खरीदारी किये हुए. तुम तो घर की जिम्मेदारियों मे लगी रहती हो... बेटा तुम इसे अच्छे से खरीदारी करना..
मैं - जी नानी, मैं तो तैयार हूँ...
मामी- मैं अभी आती हूँ...
कुछ देर मे वो तैयार होकर आ गई.. थोड़ा सा मेक-अप भी किया हुआ था.
(मामी कॉलेज तक पढ़ी थी,तब तो आप समझ रहे होंगे कि वो समझदार होगी )
उन्होंने साड़ी पहन रखी थी, वो साड़ी मे बहुत सुंदर लग रही थी. उनके चुतड़ कुच्छ ज़्यादा ही उभरे हुए लग रहे थे.
मुझे अपनी तरफ देखता पाकर मामी बोली - क्या हुआ.. कुछ खराब है...
मैं - नहीं मामी.. आप तो बहुत ब्यूटीफुल लग रहे हो...मैंने अपने उंगली और अंगूठे को मिलाकर इशारा किया...
वो शरमा कर मुस्कराते हुए बोली - क्या राहुल तुम भी कैसी मज़ाक करते हो.. मैं ऐसी भी सुंदर नही लग रही...
मैं - मामी.. आप सच मे अच्छी लग रही हो...
वहां नानी आ गई, तो हम बुलेट पर शहर जाने के लिए निकल पड़े..
मामी एक तरफ पैर करके बैठी थी.. वो बोली थोड़ा संभाल कर चलना... मुझे तो डर लगता है..
मैं - आप चिंता ना करो.. बस आप मुझे पकड़े रहना.. तो उन्होने अपना एक हाथ मेरे कंधे पर रख दिया. और थोड़ी तिरछी सी होकर बैठ गयी...
गाँव से बाहर निकलते ही मैंने स्पीड बढ़ा दी.. कभी गड्ढा आता तो मुझे ब्रेक लगाने पड़े, और मामी का वजन मेरे उपर आ जाता..
उनकी 36D के मस्त ठोस बोबे मेरी पीठ से दब जाते...
हाँ ये बात जरूर थी कि मामी के लिए मेरे मन मे कोई वैसा ख्याल नहीं था... सच्ची......
मामी ने मेरी कमर को पकड़ लिया और मुझसे सटकर बैठ गयी.. उनकी चुचियों की चुभन में अपनी पीठ पर महसूस कर रहा था, जिससे मेरा मूसल में हरकत होने लगी...
हम 20-25 मिनट मे शहर पहुँच गये. मामी अपना समान खरीदने लगी.. उन्होंने कई दुकानों से सामान लिया.
हम एक कपड़ो के शोरूम मे गये.. ( इस शोरूम मे सस्ते और महंगे दोनों कपड़े मिलते थे. जैसे आप लेने चाहो ले सकते थे. )वहां वो साडी़या और सूट लेने लगी.. अब आपको तो पता है औरतों का...
मैं बोला - आप साड़ियां खरीदो मैं अभी आता हूं...
मामी - कहा जा रहे हो...
मैं झूठ बोलते हुए - वो वॉशरूम मे जा रहा हूँ...
मैं वहां से साईड़ मे आ गया... मैंने नाना, नानी और मामी के लिए कुछ लेने की सोची. मेरे पास पैसे तो थे ही...
मैं शोरूम के जेन्ट्स सेक्शन मे चला गया.. वहां से मैंने नानाजी के लिए एक अच्छा महंगा सा धोती कुर्ता और एक पगड़ी खरीदे. मैंने उनका प्राइज़ टैग निकाल दिया. फिर मैं लेडीज़ सेक्शन मे आया...
मामी साईड़ मे थी. मैं उन्हें नहीं दिख रहा था... वहां पर खड़ी सेल्स गर्ल ने पूछा - आपको क्या दिखाऊ सर...
मैं - मुझे एक साड़ी लेनी है, मेरी नानी के लिए तो एक अच्छी सी साड़ी दिखाईए...
उसने कुछ सस्ती सी दिखाई, तो मैं बोला ये क्या दिखा रही हो, कुछ अच्छी दिखाओ..
तो वो अच्छी साड़ियां दिखाने लगी... अब मुझे कौनसी समझ आने वाली थी, मेरे लिए बस एक जैसी थी..
तो मैं उसे बोला - मुझे तो कुछ पता नहीं है, आप ही पंसद कर दो...
सेल्स गर्ल - मैं..?
मैं - हा तुम.. प्लीज...
तो उसने एक अच्छी सी साड़ी पसंद की... मैंने वो फाइनल कर दी. उसका भी प्राइज़ टैग निकाल दिया.
फिर वो बोली - और कुछ सर..?
मैं - हां.. मुझे एक साड़ी और लेने है... फिर मैंने मामी की तरफ इशारा किया उनके लिए, पर उनको पता ना चले...
सेल्स गर्ल ने मामी की तरफ देखा और बोली - OK सर...
वो साडी़या दिखाने लगी.. वो अच्छी थी, पर मुझे पसंद नहीं आ रही थी...
मैं बोला - और अच्छी साड़ियां दिखाओ ना...
तभी उनका मैनेजर आ गया...
मैं - मैंने कहा था ना की पैसे की कोई बात नहीं है आप अच्छी साड़ी दिखाओ...
मेरी बात सुनकर मैनेजर सेल्स गर्ल से बोला - क्या हुआ..?
सेल्स गर्ल - सर इनको साड़ी पंसद नहीं आ रही हैं...
मैनेजर बोला - सर को दूसरे वाले सेक्शन मे ले जाओ...
सेल्स गर्ल मुझे वहां ले जाने लगी, मैंने उससे पूछा - दुसरे सेक्शन मे क्या है...
वो बोली - सर इसमें मंहगी साड़ियां हैं, ये स्पेशल कस्टमरो के लिए है...
वो मुझे वहां साड़ियां दिखाने लगी, उसने एक साड़ी दिखाई और बोली - सर ये उन मैडम पर अच्छी लगेगी...
साड़ी मुझे भी अच्छी लगी.. मैं बोला - अच्छी तो है, पक्का पर उन पर अच्छी लगेगी ना...
सेल्स गर्ल - हां श्योर सर...
मैं - तो इसे पैक कर दो और बिल बनवा दो...
हम काउंटर पर आ गये, मेरा बिल करीब चौबीस - पचीस हजार का बना. मैंने बिल पे कर दिया... सामान को काउंटर पर ही रख दिया...
मैं सेल्स गर्ल से - थैंक्यू.. आप ने मेरी मदद की..
सेल्स गर्ल - इसमें थैंक्यू की कोई बात नहीं है...
मैं - आपने मेरी मदद की है..
मैंने उसे दो हजार रूपये दिये, तो वो मना करने लगी. पर मैंने उसे रूपये दे दिये.
सेल्स गर्ल - थैंक्यू सर...
मैं मामी के पास आ गया..लगी.. वो अंडर गारमेंट देख रही थी...
मुझे देखकर वो शरमा गई...
सेल्स गर्ल ने उनको एक ब्रा दी - ये देखिए मैम ये आप पर फिट आयेगी..
तो मामी बोली - ये छोटी रहेगी इससे थोड़ा बड़ा साईज दीजिये... मामी मेरे सामने बुरी तरह शरमा रही थी.
फिर वो दो टाइप की ब्रा निकाल के लाई.. एक जो बड़े कप वाली, जिससे चुचियों का अधिकतर हिस्सा ढक सके, और एक ऐसी जिसमें से बोबो के साथ-साथ उनका निचला हिस्सा ही ढक पाता…
मामी ने बड़े कप वाली ब्रा सेलेक्ट कर ली… फिर वो सेल्स गर्ल पेंटी निकालने लगी,
तो मैंने मामी से धीरे से कहा - मामी ये दूसरी वाली ब्रा भी अच्छी लगेगी…
मामी ने मुझे गहरी नज़र से घूरा.. और बोली - छी.. कैसी बात कर रहे हो... इसमें तो कुछ नहीं... उन्होंने बात पूरी नहीं की
मैं - मामी..थोड़ा मॉर्डन बनो... आजकल तो ये ही सब चलता हैं...
मामी मेरी तरफ देखने लगी - तुम्हें बड़ा पता है...
मैं - पता है तभी तो बोल रहा हूं.. मामा को ज्यादा अच्छा लगेगा...आपको ज़्यादा प्यार करेंगे..
मामी - ये क्या बोल रहे हो.. कुछ तो शरम करो....
मैं चुप हो गया, और वो सेल्स गर्ल भी आ गई... वो दो-तीन तरह की पैंटी लेकर आयी..
उन्होंने दो पेंटी ले ली... इस बार मैं कुछ नहीं बोला.. फिर ना जाने क्या सोच कर उन्होने एक छोटे कप वाली ब्रा भी ले ली…
फिर हम वहां से आ गये मैने मेरे वाले पैकेट भी काउंटर से ले लिये, और उन्हें बाकी सामान के साथ ले लिया. जिससे मामी को पता नहीं चला..
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कहानी अच्छी लगे तो अपने विचार जरूर दीजिये... Thanks For Reading...