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* अपडेट - 7
मैने अपना लंड धीरे से काकी की फुली हुई चुत पर सेट किया... काकी को जब तक पता चलता मैने जोर से एक धक्का लगा दिया... जिससे मेरा लंड काकी की गरम गरम चुत मे 3 इंच तक चला गया.
इससे काकी की जोर से चीख निकल गयी और वो चिलाने लगी.
रोशनी - आआहह.....उूउउइइइममाआआ......माआर गायययययईए........आआहह.......फॅट...गइई.... मेरी बुर्र्र्र्र्ररर......पूरीईइ फत्त्त्ट गइईए....रे......कोई बचऊूओ.. आआआह.. बेटा ये क्या कर रहा है..
और काकी छुटने की कोशिश करने लगी
मैने काकी को दबोच लिया... और एक तगडा झटका मारा... जिससे मेरा लंड काकी की काली चुत में जड तक घुस गया
काकी की सांस गले मे अटक गई और वो रोने लगी
रोशनी - निकाल ले.....अपना लंड....आआहह......बहुत दर्द हो.....रहा है........मेरा.....पेट तक फटा जा रहा है.....निकाल...मदर्चोद....जल्दी से............जा अपनी माँ...की बुर मे घुसा...... आअहह....सच मे बहुत दर्द हो रहा है..आआआआ
छोड़ मुझे, जाने दे मुझे वरना मै शोर मचा दुंगी
मैने देखा काकी की बुर से खून निकल रहा था......मैं उनकी चुचियो को बारी बारी से पीने लगा.....साथ मे उन्हे दबाता भी रहा....
साथ साथ मे मैने धक्के लगाने चालु रखे...
अब मेरा लंड काकी की कई महीनों से अनचुदी चुत मे सेट हो गया था...
काकी को भी मज़ा आने लगा और वो अपनी गान्ड उपर उठाने लगी
मै- साली रंडी तुझे चुदना था तो इतने नारे क्यूँ कर रही थी
रोशनी - बेटा बहुत समय से चुदी नहीं हूँ और अचानक से ये तेरा गधे जैसा लंड गया तो मेरी जान निकल गई...
देख तेरे लंड ने मेरी बूर की क्या हालत कर दी.... पूरी की पूरी फाड़ दी....
मै- काकी तु चुदना चाहती है मुझसे...
काकी कुछ नहीं बोली... मैने काकी के चुचो को जोर से भींच दिया और एक करारा धक्का लगाया...
रोशनी - आहहह.... बेटटा... थोड़ा धीरे...
मै - बोल ना काकी चोद दु तुझे...
रोशनी- तो अब क्या कर रहा है...
मैने जोर जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिये.... मैने काकी के चुचो को मसल मसल कर लाला कर दिये
मै - तु अपने मुँह से बोल ना
रोशनी -आआहह....धीरे धीरे.....चोद्द्द्द.....ज़ोर से नही.....हाआ....अब ठीक लग....रहा है....ऐसे ही....पेल मेरी बुर......ले ले मेरी बुर राहुल बेटा.......पेल ले अपनी काकी की बुर को आज...आआआ.....अब कुछ मज़ा आ रहा है.....सच मे तेरे लंड मे तो जादू है...राहहुल....
काकी को जोश मे आते देख मैने धक्के थोड़ा ज़ोर ज़ोर से लगाने लगा......मेरा लंड काकी की बुर मे पूरा कसा कसा जा रहा था...जिससे मुझे
भी उनकी बुर चोदने मे मज़ा आ रहा था
काकी —आआअहह.....ऐसे ही.....बहुत मज़ा आ रहा है......खूब हचक हचक कर चोद मुझे राहहहुल......खूब पेल मेरी बुर को........चोद डाल
राहुल.....चोद डाल.....हाा.....ऐसे ही....ज़ोर ज़ोर से पेलता जा......खूब मज़ा आआ...रहा है.....एयाया
मै—काकी मुझे आपकी गान्ड भी चाहिए......मेरा बहुत मन है आपकी गान्ड मारने का...
रोशनी—आआआआ.......मार लेना.....अब तो सब....कुछ तेरा है........मैं तो आज से तेरी.....रखैल बन गयी..रे...राहहुल.....आआआ.... मार लेना मेरी गान्ड भी......पहले मेरी बुर तो अच्छे से ले ले...और ज़ोर से...पेल.....मुझे आज पता चला की बुर कैसे चोदि जाती है
मै —आपकी बुर भी तो बहुत टाइट लग रही है.....काका मादरचोद चोदता नही है तुम्हे काकी
काकी —पाँच छ: महिनों मे कभी एक दो बार......उसका लंड भी तो तेरी उंगली बराबर ही है.....वो भी पतला......टाइट है तो तू ढीली कर दे ना
अब……….ढीली कर दे ….अपनी काकी की बुर को बेटा….रोज चोद चोद के....बोल चोदेगा ना रोज अपनी रोशनी काकी की बुर को...
मै—हाअ....काकी....आपको रोज नंगी कर के चोदुन्गा
रोशनी —मुझे हर रोज नंगी करके चोदना बेटा......मुझे खूब गंदा गंदा बोला करना....आआआअ.....मैं तो तेरी दीवानी हो गयी...
मै- देख रंडी तेरी चुत कितना पानी छोड़ रही है...
मै जोर जोर से धक्के लगाने लगा... काकी एक बार झड चुकी थीं
उसका दुसरी बार होने वाला था....
रोशनी -एयाया….ज़ोर से मेरा होने वाला है
राहुल —बस काकी…….मेरा भी होने वाला है…….
मैने अपने धक्को की स्पीड डबल कर दी.....काकी ज़्यादा देर तक मैदान मे नही टिक सकी और भल भला कर झड़ने लगी... और मेरा भी फव्वारा फुट पड़ा....
काकी ने मुझे कस के पकड़ लिया... काकी की आँखे मजे मे बंद हो गई...
मेरा गर्म वीर्य अपनी चुत मे महसूस करते ही काकी मुझे चुमने लगी...
.....
मैने अपना लंड धीरे से काकी की फुली हुई चुत पर सेट किया... काकी को जब तक पता चलता मैने जोर से एक धक्का लगा दिया... जिससे मेरा लंड काकी की गरम गरम चुत मे 3 इंच तक चला गया.
इससे काकी की जोर से चीख निकल गयी और वो चिलाने लगी.
रोशनी - आआहह.....उूउउइइइममाआआ......माआर गायययययईए........आआहह.......फॅट...गइई.... मेरी बुर्र्र्र्र्ररर......पूरीईइ फत्त्त्ट गइईए....रे......कोई बचऊूओ.. आआआह.. बेटा ये क्या कर रहा है..
और काकी छुटने की कोशिश करने लगी
मैने काकी को दबोच लिया... और एक तगडा झटका मारा... जिससे मेरा लंड काकी की काली चुत में जड तक घुस गया
काकी की सांस गले मे अटक गई और वो रोने लगी
रोशनी - निकाल ले.....अपना लंड....आआहह......बहुत दर्द हो.....रहा है........मेरा.....पेट तक फटा जा रहा है.....निकाल...मदर्चोद....जल्दी से............जा अपनी माँ...की बुर मे घुसा...... आअहह....सच मे बहुत दर्द हो रहा है..आआआआ
छोड़ मुझे, जाने दे मुझे वरना मै शोर मचा दुंगी
मैने देखा काकी की बुर से खून निकल रहा था......मैं उनकी चुचियो को बारी बारी से पीने लगा.....साथ मे उन्हे दबाता भी रहा....
साथ साथ मे मैने धक्के लगाने चालु रखे...
अब मेरा लंड काकी की कई महीनों से अनचुदी चुत मे सेट हो गया था...
काकी को भी मज़ा आने लगा और वो अपनी गान्ड उपर उठाने लगी
मै- साली रंडी तुझे चुदना था तो इतने नारे क्यूँ कर रही थी
रोशनी - बेटा बहुत समय से चुदी नहीं हूँ और अचानक से ये तेरा गधे जैसा लंड गया तो मेरी जान निकल गई...
देख तेरे लंड ने मेरी बूर की क्या हालत कर दी.... पूरी की पूरी फाड़ दी....
मै- काकी तु चुदना चाहती है मुझसे...
काकी कुछ नहीं बोली... मैने काकी के चुचो को जोर से भींच दिया और एक करारा धक्का लगाया...
रोशनी - आहहह.... बेटटा... थोड़ा धीरे...
मै - बोल ना काकी चोद दु तुझे...
रोशनी- तो अब क्या कर रहा है...
मैने जोर जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिये.... मैने काकी के चुचो को मसल मसल कर लाला कर दिये
मै - तु अपने मुँह से बोल ना
रोशनी -आआहह....धीरे धीरे.....चोद्द्द्द.....ज़ोर से नही.....हाआ....अब ठीक लग....रहा है....ऐसे ही....पेल मेरी बुर......ले ले मेरी बुर राहुल बेटा.......पेल ले अपनी काकी की बुर को आज...आआआ.....अब कुछ मज़ा आ रहा है.....सच मे तेरे लंड मे तो जादू है...राहहुल....
काकी को जोश मे आते देख मैने धक्के थोड़ा ज़ोर ज़ोर से लगाने लगा......मेरा लंड काकी की बुर मे पूरा कसा कसा जा रहा था...जिससे मुझे
भी उनकी बुर चोदने मे मज़ा आ रहा था
काकी —आआअहह.....ऐसे ही.....बहुत मज़ा आ रहा है......खूब हचक हचक कर चोद मुझे राहहहुल......खूब पेल मेरी बुर को........चोद डाल
राहुल.....चोद डाल.....हाा.....ऐसे ही....ज़ोर ज़ोर से पेलता जा......खूब मज़ा आआ...रहा है.....एयाया
मै—काकी मुझे आपकी गान्ड भी चाहिए......मेरा बहुत मन है आपकी गान्ड मारने का...
रोशनी—आआआआ.......मार लेना.....अब तो सब....कुछ तेरा है........मैं तो आज से तेरी.....रखैल बन गयी..रे...राहहुल.....आआआ.... मार लेना मेरी गान्ड भी......पहले मेरी बुर तो अच्छे से ले ले...और ज़ोर से...पेल.....मुझे आज पता चला की बुर कैसे चोदि जाती है
मै —आपकी बुर भी तो बहुत टाइट लग रही है.....काका मादरचोद चोदता नही है तुम्हे काकी
काकी —पाँच छ: महिनों मे कभी एक दो बार......उसका लंड भी तो तेरी उंगली बराबर ही है.....वो भी पतला......टाइट है तो तू ढीली कर दे ना
अब……….ढीली कर दे ….अपनी काकी की बुर को बेटा….रोज चोद चोद के....बोल चोदेगा ना रोज अपनी रोशनी काकी की बुर को...
मै—हाअ....काकी....आपको रोज नंगी कर के चोदुन्गा
रोशनी —मुझे हर रोज नंगी करके चोदना बेटा......मुझे खूब गंदा गंदा बोला करना....आआआअ.....मैं तो तेरी दीवानी हो गयी...
मै- देख रंडी तेरी चुत कितना पानी छोड़ रही है...
मै जोर जोर से धक्के लगाने लगा... काकी एक बार झड चुकी थीं
उसका दुसरी बार होने वाला था....
रोशनी -एयाया….ज़ोर से मेरा होने वाला है
राहुल —बस काकी…….मेरा भी होने वाला है…….
मैने अपने धक्को की स्पीड डबल कर दी.....काकी ज़्यादा देर तक मैदान मे नही टिक सकी और भल भला कर झड़ने लगी... और मेरा भी फव्वारा फुट पड़ा....
काकी ने मुझे कस के पकड़ लिया... काकी की आँखे मजे मे बंद हो गई...
मेरा गर्म वीर्य अपनी चुत मे महसूस करते ही काकी मुझे चुमने लगी...
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