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Guest
उनके जाने के बाद मैंने मंजू से कहा की मैं थोड़ी देर में आता हु और सीधा गीता ताई के घर गया ताई अकेली ही थी , पर आज मेरा मन चोदने का नहीं था मैंने ताई को पूरी बात बताई और कहा की क्या आज रात वो हमारे खेत पर सो जाएगी , वो क्या था ना की ताज़ा सब्जिया लगाई हुई थी तो कभी आवारा पशु, खेत में घुसके बाड़ी में घूम जाये तो फसल तो गयी , ताई बोली इसमें कहने की क्या बात है तू टेंशन मत ले मैं देख लुंगी
अब मैं वापिस घर आया फिर मैंने और मंजू ने खाना खाया और बाते करने लगे मैं उसका मूड ठीक करने की पूरी कोशिश कर रहा था तो मैंने उस से ऐसी वैसी बाते करनी शुरू कर दी
मैं- मंजू, बुरा ना माने तो एक बात पूछना चाहता हु
वो- पूछ लो फिर
मैं- पक्का ना बुरा तो नहीं मानेगी ना
वो- तेरा बुरा मान सकती हु क्या
मैं- तेरी सील किसने तोड़ी थी
मंजू- तू क्यों पूछ रहा है, तुझे क्या लेना क्या तू मुझ पर शक कर रहा है
मैं- नहीं यार, बस ऐसे ही जब पहली बार तेरी ली थी तो मैंने सोचा की तू फर्स्ट टाइम करवा रही होगी
मंजू- फर्स्ट टाइम या लास्ट टाइम उस से क्या
मैं- यार, कभी सील पैक चूत देखि नहीं तो बस ऐसे ही
मंजू- मत पूछ ना
मैं – तुझे मेरी कसम अगर तू न बताई तो
मंजू- कसम मत दे
मैं – कसम तो दे दी, अब तूने ना बताई तो मैं मर जाऊंगा
मंजू मेरे होठो पर हाथ रखते हुए बोली खबरदार जो ऐसी बाते की , तू जानना चाहता है न तो तुझे बता रही हु पर किसी और को ये राज़ मत बताना , वो मेरी सबसे पहले ना
मैं- हा
वो- मेरी सबसे पहले मेरे भाई ने ली थी
मंजू ने अपना मुह दूसरी तरफ कर लिया मुझे तो विश्वाश नहिः हुआ पर वो बोल रही थी तो होगा
मैं- शैतान, तू सही है घर की घर में
वो- ऐसी बात नहीं है , बस हो गया
मैं- हो गया , ऐसे ही
वो- अरे, पहले हम भाई बहन पढाई के लिए एक ही कमरे में सोते थे न एक बेड पर तो एक बार सर्दियों का मौसम था तो हो गया फिर अच्छा लगने लगा , और तुझे तो पता ही हैं ना की एक बार शर्म जो खुल गयी तो फिर खुल ही गयी
मैं मंजू की जांघो पर हाथ रखते हुए बोला- यार , अगर घर में किसी को पता चल गया तो
वो- किसी को कुछ नहीं पता चलता वैसे भी भाई बहन पर कौन शक करता है
मैं- तभी पूरी एडवांटेज ले रही है , तेरा सही है हर रात लंड लेके सोती है
वो- कहा हर रात , पर भी की काम चलता रहता है
मैं उसकी जाघो को और तेजी से दबाते हुए- बस तू मेरे काम को ही नहीं चलाती है
मंजू- तुझे कभी मना करती हु क्या जब जब मौका मिलता है तो देती हु ही
मैं- मौका तो आज रात भी है
मंजू- पर तुझे तो पता ही है कितनी टेंशन में हु मैं
मैं- पगली, सेक्स से अच्छा क्या होगा टेंशन पल में गायब हो जाएगी , पर मैं तुझे फाॅर्स नहीं करूँगा चल फिर सोने चलते है
तो मैं और मंजू छत पर आ गए हमने पास पास ही अपना बिस्तर लगाया हुआ था थोड़ी देर बाद मैंने पुछा- सो गयी क्या
वो- नींद नहीं आ रही है
मैं- मुझे भी
मंजू-मेरे पास सरक का
मैं मंजू के बिस्तर पर चला गया तो उसने मेरा हाथ पकड लिया और अपने पेट पर रख दिया मैं उसकी नाभि से छेड़खानी करने लगा
मंजू-तूने किसी से प्यार किया है
मैं – हां ,
वो- किस से
मैं- ये मत पूछ
वो- मैंने भी तो तुझे बताया न तू भी बता दे
मैं- नीनू से
वो- सच में, मुझे तो पहले ही लगा था तेरा और उसका चक्कर चल रहा है
मैं- चक्कर क्या, अभी दो दिन पहले तो इकरार-इज़हार हुआ है
वो- तूने उसकी भी ले ली क्या
मैं- ना उस से ऐसा रिश्ता नहीं है
वो- हां, तू तो मेरी गांड मार ले बस मैं ही हु फ्री में
मैं- तू दोस्त है अपनी यार,
वो- क्या तू उस से शादी करेगा
मैं- सोचा तो है
वो- घरवालो को बताया
मैं- सोच रहा हूँ , कोई अच्छा सा मौका देख कर बता दूंगा
वो- तेरा मामला तो सेट है
मैं- ऐसा नहीं है यार , जो मैं जीता हु वो बहुत मुशिकल है
वो सबको ऐसा ही लगता है
अब मैं वापिस घर आया फिर मैंने और मंजू ने खाना खाया और बाते करने लगे मैं उसका मूड ठीक करने की पूरी कोशिश कर रहा था तो मैंने उस से ऐसी वैसी बाते करनी शुरू कर दी
मैं- मंजू, बुरा ना माने तो एक बात पूछना चाहता हु
वो- पूछ लो फिर
मैं- पक्का ना बुरा तो नहीं मानेगी ना
वो- तेरा बुरा मान सकती हु क्या
मैं- तेरी सील किसने तोड़ी थी
मंजू- तू क्यों पूछ रहा है, तुझे क्या लेना क्या तू मुझ पर शक कर रहा है
मैं- नहीं यार, बस ऐसे ही जब पहली बार तेरी ली थी तो मैंने सोचा की तू फर्स्ट टाइम करवा रही होगी
मंजू- फर्स्ट टाइम या लास्ट टाइम उस से क्या
मैं- यार, कभी सील पैक चूत देखि नहीं तो बस ऐसे ही
मंजू- मत पूछ ना
मैं – तुझे मेरी कसम अगर तू न बताई तो
मंजू- कसम मत दे
मैं – कसम तो दे दी, अब तूने ना बताई तो मैं मर जाऊंगा
मंजू मेरे होठो पर हाथ रखते हुए बोली खबरदार जो ऐसी बाते की , तू जानना चाहता है न तो तुझे बता रही हु पर किसी और को ये राज़ मत बताना , वो मेरी सबसे पहले ना
मैं- हा
वो- मेरी सबसे पहले मेरे भाई ने ली थी
मंजू ने अपना मुह दूसरी तरफ कर लिया मुझे तो विश्वाश नहिः हुआ पर वो बोल रही थी तो होगा
मैं- शैतान, तू सही है घर की घर में
वो- ऐसी बात नहीं है , बस हो गया
मैं- हो गया , ऐसे ही
वो- अरे, पहले हम भाई बहन पढाई के लिए एक ही कमरे में सोते थे न एक बेड पर तो एक बार सर्दियों का मौसम था तो हो गया फिर अच्छा लगने लगा , और तुझे तो पता ही हैं ना की एक बार शर्म जो खुल गयी तो फिर खुल ही गयी
मैं मंजू की जांघो पर हाथ रखते हुए बोला- यार , अगर घर में किसी को पता चल गया तो
वो- किसी को कुछ नहीं पता चलता वैसे भी भाई बहन पर कौन शक करता है
मैं- तभी पूरी एडवांटेज ले रही है , तेरा सही है हर रात लंड लेके सोती है
वो- कहा हर रात , पर भी की काम चलता रहता है
मैं उसकी जाघो को और तेजी से दबाते हुए- बस तू मेरे काम को ही नहीं चलाती है
मंजू- तुझे कभी मना करती हु क्या जब जब मौका मिलता है तो देती हु ही
मैं- मौका तो आज रात भी है
मंजू- पर तुझे तो पता ही है कितनी टेंशन में हु मैं
मैं- पगली, सेक्स से अच्छा क्या होगा टेंशन पल में गायब हो जाएगी , पर मैं तुझे फाॅर्स नहीं करूँगा चल फिर सोने चलते है
तो मैं और मंजू छत पर आ गए हमने पास पास ही अपना बिस्तर लगाया हुआ था थोड़ी देर बाद मैंने पुछा- सो गयी क्या
वो- नींद नहीं आ रही है
मैं- मुझे भी
मंजू-मेरे पास सरक का
मैं मंजू के बिस्तर पर चला गया तो उसने मेरा हाथ पकड लिया और अपने पेट पर रख दिया मैं उसकी नाभि से छेड़खानी करने लगा
मंजू-तूने किसी से प्यार किया है
मैं – हां ,
वो- किस से
मैं- ये मत पूछ
वो- मैंने भी तो तुझे बताया न तू भी बता दे
मैं- नीनू से
वो- सच में, मुझे तो पहले ही लगा था तेरा और उसका चक्कर चल रहा है
मैं- चक्कर क्या, अभी दो दिन पहले तो इकरार-इज़हार हुआ है
वो- तूने उसकी भी ले ली क्या
मैं- ना उस से ऐसा रिश्ता नहीं है
वो- हां, तू तो मेरी गांड मार ले बस मैं ही हु फ्री में
मैं- तू दोस्त है अपनी यार,
वो- क्या तू उस से शादी करेगा
मैं- सोचा तो है
वो- घरवालो को बताया
मैं- सोच रहा हूँ , कोई अच्छा सा मौका देख कर बता दूंगा
वो- तेरा मामला तो सेट है
मैं- ऐसा नहीं है यार , जो मैं जीता हु वो बहुत मुशिकल है
वो सबको ऐसा ही लगता है