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XXX Kahani - हीरोइन

पिंकी ने अपनी दो और उंगलियाँ रजनी की चूत में उतार दी....
सिर्फ़ अंगूठा बाहर था बाकी का हाथ और हथेली रजनी की चूत में थी इस वक़्त.

''ओह्ह मेमसाब्.....आप तो सच में एक नंबर की छिनाल औरत हो....मेरे ही मर्द से चुदवाने के बारे में सोच रही हो.....पता भी है कितना मोटा है उसका हथियार....एक ही बार में फाड़ देगा वो आपकी बुर को....''

रजनी का बदन किसी मछली की तरह मचल उठा और वो बोली : "आह्हहह....... तो डरता कौन है...... बुला ले अपने मर्द को...देखती हूँ कितना मोटा है.....राजेश का भी काफ़ी मोटा है....एकदम कड़क लंड है उनका....वो भी अंदर जाता है तो चीखे निकलवा देता है....गोरा चिट्टा लंड चूसने में भी काफ़ी मज़ा आता है....''

एकदम से गेम ही पलट दी थी रजनी ने....
बिरजू के लंड की बात करते-2 राजेश के लंड की तरफ घूम गयी थी वो....
और वो इसलिए ताकि अपनी योजना को अंजाम तक पहुँचा सके.

और उसका असर भी एकदम देखने को मिल गया उसे...
राजेश के लंड की बात करते हुए पिंकी का दूसरा हाथ खुद की छूट पर पहुँच गया...
अब वो एक हाथ से अपनी चूत मसल रही थी और दूसरे हाथ की उंगलियों से रजनी की चूत की गहराई नाप रही थी.

''आआआआआआआआआहह मेमसाआब.......सच में मोटा है क्या साब का लंड ......उम्म्म्मममममममममममम....... गोरा भी है ना....... मुझे पता था..... साब इतने गोरे है तो .....उनका लंड भी गोरा होगा...... उनके टट्टे भी गोरे होंगे.......चूसने में कितना मज़ा आएगा....एकदम रसगुल्ले जैसे गोरे और मीठे....''

रजनी : "हाँ .......साब के रसगुल्ले तू चूस....बिरजू के गुलाब जामुन मैं चुसूंगी.......''

दोनो की हँसी निकल गयी इस बात पर....
और दोनो एक दूसरे को देखकर काफ़ी देर तक हंसते भी रहे....

और हंसते-2 जब दोनो की नज़रें इस बार आपस मे मिली तो अगले ही पल , एक झटके में रजनी ने पिंकी को अपने उपर खींच लिया और उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर उन्हे चूसने लगी....
पिंकी भी पागलों की तरह अपनी गोरी मेमसाब् के रसीले बदन को उपर से नीचे तक मसलते हुए, उनके होंठों का रस पीने लगी....
रजनी ने आनन फानन में उसकी साड़ी को खींचकर निकाल फेंका...
उसके कसे हुए ब्लाउज़ को खींचकर चिथड़े -2 करके फाड़ दिया और फटी हुई ब्रा को भी एक झटके में खींचकर तोड़ दिया...
पेटीकोट और पेंटी का भी वही हश्र हुआ....
1 मिनट के अंदर उसका कसा हुआ बदन पूरा नंगा होकर रजनी के सामने था...
और अब दोनो एक दूसरे के शरीर को ऐसे चाट रहे थे मानो खा ही जाएँगे एक दूसरे को.

अब सच में उस कमरे का तापमान पहले से काफ़ी बढ़ चुका था...
जो एक आने वाले तूफान का संकेत था.

हीरोइन : कमसिन बहन :
सौतेला बाप :page 57
 
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