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कहीं वो सब सपना तो नही complete

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2 दिन बाद जख्म ठीक हो गये पूरी तरह से नही लेकिन काफ़ी हद तक ठीक हो गये थे,,,,सुबह उठा बाथ लेके

तैयार होके नीचे चला गया ज़ख़्मों की वजह से 2 दिन नहाया भी नही था,,,,,,नीचे सब नाश्ता कर रहे थे

माँ,मामा ,,,,डॅड,,,,शोभा ऑर बुआ जा चुकी थी सोनिया कविता के घर पर ही थी,,,,,,,,मेरे आते ही माँ ने

मुझे बड़े प्यार से नाश्ता करवाया ,मैने भी नाश्ता किया ऑर कॉलेज चला गया,,,तब तक डॅड ने बाइक भी

ठीक करवा दिया था,,,,,,,कॉलेज के रास्ते मे ही था तभी बुआ का फोन आ गया,,,,,,,,,,,

बुआ-हेलो सन्नी कहाँ हो,,,,,,,,,,

मैं-हेलो बुआ ,,मैं कॉलेज जा रहा हूँ,,,,,

बुआ-तबीयत कैसी है अब,,,,,,,,,,,,

मैं--ठीक हूँ बुआ,,,,,

बुआ-ठीक या बिल्कुल ठीक,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-क्या मतलब बुआ,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-अरे बुद्धू ठीक हो तो पार्टी नही हो सकती ऑर अगर बिल्कुल ठीक हो तो बड़ी पार्टी भी हो सकती है,,अगर तुम चाहो तो,,,,,,,,,,,,

मैं तो खुश हो गया,,,कॉन पागल बंदा होगा जो चुदाई के लिए मना करेगा,,,,,,,,

मैं-कब बुआ,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ- अभी इसी टाइम बेटा,,,,,,,,,,,,

मैं-अभी बुआ लेकिन अभी तो कॉलेज जा रहा था,,,,,,,,,,,,,

बुआ-तो मत जाओ,,,,,,,,,,,,,,

मैं-ठीक है बुआ मैं अभी आया 5 मिनिट मे,,,,,,वैसे भी मैं बुटीक के पास ही था,,,,,,जल्दी से बुआ के बुटीक पर पहुँच गया,,,,,,,,,,डोर क्लोज़ था तो मैं वही पीछे वाले गेट की तरफ़ चला गया,,,,,,,,,शिट ,,गेट की चाबी तो घर पर रह गई थी,चलो बेल बजा देता हूँ,,,,,,,,बेल बजाई तो पूजा नीचे आई उसने एक नाइटी पहनी हुई थी ब्लॅक कलर की ,,देखने से सॉफ पता चल

रहा था कि उसने नीचे ब्रा नही पहना हुआ था क्योंकि जब वो हल्के से भाग कर मुस्कुराती हुई गेट की तरफ आ

रही थी तब उसके बूब्स बहुत ज़्यादा उछल रहे थे,,,,उसने गेट खोला मुझे हँसके ही बोला ऑर गेट वापिस लॉक

करके मेरा हाथ पकड़ा ऑर मुझे उपर की तरफ़ ले जाने लगी,,,अभी हम उपर जा रहे थे तभी उसने मुझे

सीडियों मे ही किस करना शुरू कर दिया ,,,,,,

पूजा-तुम्हे नही पता सन्नी मैं कब्से तुम्हारा वेट कर रही थी

मेडम ने तो 2-3 दिन पहले भी मुझे बोला था कि तुम आने वाले हो लेकिन तब कोई काम आ गया था इसलिए सब

प्रोग्राम कॅन्सल करना पड़ा ,,,,,,,,,,,

मैं-कोई बात नही अब तो मैं आ गया हूँ ना अब पूरा मज़ा लेना प्रोग्राम का ,,,,,,इतना बोलकर मैने वापिस उसको किस करना शुरू कर दिया ऑर ऐसे ही हम सीढ़ियाँ भी चढ़ते रहे उपर पहुँच कर हमने उपर वाला डोर लॉक किया ऑर रूम की तरफ़ चलने लगे,,,,,,तभी बुआ पूरी नंगी ही बाहर आ गई रूम से ओर मेरी पास आ गई,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-सॉरी बेटा तुझे बड़ी पार्टी देने मे थोड़ा लेट हो गई,,,,बुआ ने मेरा हाथ पकड़ा ,,,,,,,,,,,

मैं-इट्स ओके बुआ आज तो मैं बड़ी ऑर छोटी पार्टी दोनो का लुफ्त उठाउंगा,,,,,

बुआ मुझे रूम मे ले गई,,,,,,रूम मे जाके पूजा भी जल्दी से नाइटी उतार कर नंगी हो गई ,,,,,,

मैं-वैसे बुआ ये बड़ी पार्टी बहुत मस्त है,,,,,,,,,,,,,,

बुआ ऑर पूजा हँसने लगी,,,,,,,,

बुआ-अरे बुद्धू ये बड़ी पार्टी नही है ये तो मेरी तरह छोटी सी पार्टी है बड़ी पार्टी तो साथ वाले रूम मे है,तू रुक मैं अभी लेके आती हूँ,,,,,,,,,,

बुआ बाहर गई ऑर इतने मे पूजा ने मुझे किस करते हुए मेरे कपड़े खोलने शुरू कर दिए,,,बुआ के आने से पहले ही मैं नंगा हो चुका था ऑर तभी बुआ भी रूम मे आ गई,,,,,,,,ओह्ह्ह माइ गॉड बुआ तो नंगी थी ही ऑर बुआ के साथ थी मनीषा वो भी बिल्कुल नंगी,,,,मैं उसको देखता ही रह गया,,,,,अभी अभी जवानी की दहलीज पर कदम रखा था ,,,,छोटे छोटे बूब्स लेकिन इतने छोटे भी नही,,,,ऑर वैसे भी जवानी की दहलीज पर वो मेरे बाप ऑर बुआ के साथ काफ़ी सीढ़ियाँ चढ़ चुकी थी,,,,,,,,

बुआ-तो कैसी लगी ये पार्टी,,,,,,,

मैं--ये तो बहुत मस्त पार्टी है बुआ ,मैं मनीषा को घूर कर खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था ऑर वो चेहरा झुका कर शरमा रही थी,,,,,,

बुआ ने उसको मेरी तरफ़ किया ऑर पूजा का हाथ पकड़ कर बाहर ले जाने लगी,,,,,,,,,

बुआ-ये लो बेटा तुम आज इस बड़ी पार्टी का मज़ा लो तब तक मैं ऑर पूजा अपनी मस्ती करते है,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-बुआ आप लोग भी मस्ती करो ना,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-हाँ बेटा हम भी मस्ती करेंगे बट आज तू इसके साथ अकेला मस्ती कर हम दोनो साथ वाले

रूम मे है,,,,,,

मैं-नही बुआ आप भी रूको सब साथ मे मस्ती करते है,,,ऑर वैसे भी मैं हर पार्टी का मज़ा लेना चाहता हूँ वो छोटी हो या बड़ी,,,,,,तभी बुआ ने मेरे पास आके मुझे किस किया ऑर जल्दी से बेड पर ले गई,,,,,

 


मैने बुआ के लिप्स को अपने लिप्स मे हल्के से जकड़ा ऑर चूमने लगा तभी बुआ एक दम से पीछे हट गई ऑर

मनीषा को मेरे सामने कर दिया ऑर खुद पूजा को किस करने लगी,,,,,,मैने भी मनीषा को उसकी कमर से

पकड़ा ऑर हल्के से अपने करीब खीच लिया वो मेरे से शरमा रही थी उसकी नज़रे नीची थी,,,हालाकी वो उमर

मे पूजा से छोटी थी लेकिन मेरे से बड़ी थी फिर भी शरमा रही थी ,,मैने उसकी कमर को अभी अपने हल्के

हाथ से टच किया था तभी उसका पूरा बदन एक हल्की सी लहर से सिहर उठा ऑर वो अपने सर को झुका कर नीचे

नज़रे करके खड़ी रही मैने उसके हल्के से अपने पास किया ऑर उसके चेहरे को उसकी चिन से पकड़ कर उपर किया

लेकिन वो हल्का ज़ोर लगा रही थी,,ऑर यही बात मुझे अच्छी लग रही थी मज़ा तो सेक्स का तभी आता है जब सामने

वाला भी टक्कर का होता है लेकिन सामने वाला एक दम से मान जाए तो मज़ा थोड़ा फीका रह जाता है असली मज़ा

तो तब है जब लड़की को हल्का सा तडपा कर उसको धीरे धीरे सेक्स के लिए उत्तेजित किया जाए,,,,,कयि लोगो के लिए

सेक्स बस लंड को चूत मे डालके आगे पीछे करने से ज़्यादा कुछ नही होता ऑर ऐसे लोग होते है एक ही वाइफ के

साथ पूरी ज़िंदगी बिताने वाले,,,,,,,सॉरी,,,,,,,,लेकिन हमे तो तभी मज़ा आता है जब लड़की को सर से लेके पैर

तक चूमा ऑर चाटा जाए फिर बूब्स ऑर छूट को तब तक सहलाया जाए जब तक लड़की खुद तड़प कर आपसे लंड

को चूत मे डालने की मिन्नते ना करने लग जाए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैने मनीषा को कमर से पकड़ा ऑर हल्के से अपनी तरफ खेंचा तो वो बस शर्माके नीचे देखती रही जब मैने उसको चिन से पकड़ कर उसका फेस उपर करने की कोशिश की तब भी वो हल्का ज़ोर लगा कर सर को नीचे किए खड़ी रही,,तभी मैने उसको शोल्डर से पकड़ा ऑर हल्के से ज़ोर लगा कर बेड पर नीचे की तरफ कर दिया जिससे वो घुटनो के बल बेड पर

बैठ गई ओर उसके साथ साथ मैं भी नीचे बेड पर बैठ गया ,,,अभी भी वो नीचे ही देख रही थी ,,मैने बेड पर पीछे की तरफ झुका दिया ऑर वो भी पीछे झुकती चली गई ,,बुआ ऑर पूजा उसके पीछे थे तभी बुआ

ने मुझे देखा और पूजा का हाथ पकड़ कर बेड से उठी ऑर बाहर ले गई,शायद वो समझ गई थी कि मैं अब

पूरे मूड मे हूँ ऑर वो चाहती थी कि मैं आराम से इस बड़ी पार्टी का लुफ्ट उठा सकूँ,,इसलिए वो पूजा को लेके

साथ वाले रूम मे चली गई,,,,बुआ ऑर पूजा के उठने से मनीषा के पीछे की तरफ का बेड खाली हो गया ऑर

उसके लेटने को जगह बन गई ऑर मैने बड़े प्यार से उसको बेड पर लेटा दिया फिर उसकी टाँगो को पकड़ कर सीधा

कर दिया लेकिन तभी उसने मेरी तरफ देखा ऑर मैं उसकी चूत को देख रहा था उसने जल्दी से अपनी टाँगों को

आपस मे जाकड़ लिया ऑर चूत को पर्दे मे छुपा लिया,,मुझे उसकी यही अदा अच्छी लग रही थी,,उसके ऐसा करने

से मस्ती ऑर भी ज़्यादा हो रही थी ओर मैं बस उसको चोदने के लिए तड़प रहा था लेकिन इस तड़प का भी अपना ही

मज़ा था,मुझे पता था कि वो भी तड़प रही है ऑर उसकी तड़प मेरी तड़प को ओर ज़्यादा बढ़ा रही थी ऑर मेरे

जिस्म के रोम रोम मे एक मस्ती की लहर सर से पैरो तक फिर पैरो तक बार बार उठती जा रही थी,,मेरी मस्ती

सिर्फ़ उसको ऐसे हल्के शरमाते देख कर ही बढ़ती जा रही थी,,,मुझे कुछ जल्दी नही थी मैं तो इस हसीन ऑर

जवान जिस्म का सर से पैरो तक दीदार करके पहले आँखें गर्म करना चाहता था,,,

फिर मैं उसके पास बैठ गया ऑर एक हाथ की एक उंगली को उसके पेट पर बेल्ली बटन के पास रखा ऑर हल्के से

बेल्ली बटन के चारो ओर उंगली को हल्के से घुमाने लगा,,वो बस अपनी आँखें बंद करके लेटी रही लेकिन उसके

फेस पर एक अजीब सी कशिश एक अजीब सी मस्ती सॉफ नज़र आ रही थी,,,मैने उंगली को उसकी बेल्ली बटन मे

घुसा दिया ऑर हल्के से घुमाने लगा फिर उंगली की बेल्ली बटन से निकाल कर सीधा उपर की तरफ सहलाते हुए

आगे बढ़ने लगा ,,,फिर उसके बूब्स के ज़रा से नीचे से वापिस पलट गया ऑर उंगली को फिर से बेल्ली बटन के पास

से सहलाते हुए नीचे चूत तक जाने लगा लेकिन चूत को उसने अपनी टाँगो मे दबा रखा था लेकिन मैं अभी

इतनी जल्दी चूत तक नही जाना चाहता था,,मैं तो उसको अभी तड़पाना चाहता था,,,,,मैने उंगली को चूत के

3 इंच उपर से ही वापिस उपर की तरफ मोड़ दिया ऑर फिर बूब्स की तरफ बढ़ने लगा,,,,,वो बस आँखें बंद किए

लेटी रही,,लेकिन उसकी हार्टबीट तेज हो गई थी ऑर उसकी कमर मेरी उंगली सहलाने के साथ साथ तेज़ी से उपर नीचे

होने लगी थी,,,

 
उसको कमर ऑर पेट हल्के से काँप रहे थे ऑर उसने अपने हाथों को बेड पर फेला दिया था

ऑर हाथों की उंगलियों को आपस मे जाकड़ कर ज़ोर से मुट्ठी बंद करली थी,,,ये देख मेरे चेहरे पर एक हल्की सी

शरारती ऑर वासना भरी मुस्कान आ गई थी,,,,,,फिर कुछ देर बाद मैने उंगली को उसके बूब्स की लाइन से उपर

करके उसको गर्दन ऑर शोल्डर के पास कान की नीचे तक ले जाना शुरू कर लिया,,वो अपने सर को हल्के से इधर

उधर हिला रही थी,,,,मैं जानता था वो तड़प रही थी कि मैं जल्दी से कुछ करूँ लेकिन मैं जल्दी नही करना

चाहता था,,,,,,,,,,,,,मैने फिर एक हाथ को नीचे उसके पेट की तरफ़ ले गया ऑर एक हाथ से उसकी गर्दन ऑर बूब्स की

लाइन को सहलाने लगा लेकिन एक बार भी बूब को टच नही किया,,,,,,,,ऑर साथ ही दूसरे हाथ को पेट कमर ऑर

चूत के 2-3 इंच करीब तक ले जाता ऑर आराम से बड़े प्यार से सहलाता रहता,,,,फिर मैने अपने हाथ को जो उपर

की तरफ था उसकी एक उंगली को उसके फॉर हेड पर सहलाया ऑर वहाँ से नाक से सहलाते हुए उंगली को नीचे उसके

लिप्स तक ले आया ऑर फिर लिप्स के पास आते ही उसने लिप्स को हल्के से खोला लेकिन मैने उंगली को लिप्स पर नही रखा ऑर वहाँ से सीधा उसकी गरदन पर आ गया,,,,,,,,

तभी उसने आँखें खोल कर मुझे देखा ,,,,,,उसकी नज़रे मुझ से पूछ रही थी कि मैं उसको क्यू तड़पा रहा हूँ ऑर मैं एक शरारती मुस्कान से उसको जवाब दे रहा था,,,,,,वो बस ऐसे ही मचल कर मुझे देखती जा रही थी ऑर मैने हाथ को उसकी गर्दन पर सहलाना जारी रखा ,,,उसका गला सूख रहा था ऑर गले की हड्डी उपर नीचे हो रही थी,,,,वो बहुत ज़्यादा बेचैन होने लगी थी,,,

अब मैं भी ज़्यादा देर नही करना चाहता था मैने अपने सर को नीचे किया ऑर उसके लिप्स पर अपने लिप्स

रखने लगा तभी उसने अपने सर को दूसरी तरफ पलट लिया,,,,मैं हँस कर वापिस सीधा होके बैठ गया,,मेरे

सर उठाते ही उसने भी अपने सर को सीधा कर लिया,,,,,,,ऑर मेरी तरफ देखने लगी,,,,,मानो मुझे बोल रही थी

कि तुम मुझे तडपा रहे हो तो मैं क्यू पीछे रहूं,,,,,ऑर मैं बस हँस कर उसको देखता जा रहा था लेकिन मेरे

हाथ अपने काम मे लगे हुए थे,,,,,,फिर मैने अपने हाथ को जो उपर की तरफ था उसको गर्दन से सहलाते

हुए उसके लिप्स के पास ले गया ऑर 2 उंगलिया उसके लोवर लिप्स पर रख दी फिर दोनो उंगलियों से उसके लिप्स को पहले अच्छी तरह से सहलाया ऑर फिर दोनो उंगलियों मे दबा कर हल्के से मसल दिया,,,वो बस मुझे देखती जा रही

थी ऑर मैं भी अपनी नज़रो को उसकी नज़रो मे समा चुका था,,,फिर मैने एक उंगली उसके दाँतों पर रखी ऑर

तभी उसने हल्के से मूह खोल दिया ऑर मैने भी उंगली को मूह मे घुसा दिया,,,,,,,

ओह्ह शिट्ट क्कीिट्त्न्ना गार्रम्म त्तहा उउस्स्क्के म्मूउः उउन्नड़दीर्र स्सी,,,,उसस्कीी ज्जुउब्बंन बहीी भ्हुत्त गर्र्म्म त्तहीी ऑर ज्जुउबान

प्पीरर ल्लग्गा त्ूक तो क्खौउल्लटटी ग्घी ज्जाससा त्तहा,,,,,,,,,,कोई सोच भी नही सकता था कि इतने सॉफ्ट

लिप्स के पीछे इतनी गर्मी हो सकती है,,,,,उसने मेरी उंगली को मूह मे लिया ऑर चूसने लगी ऑर अपनी आँखें वापिस

बंद करली,,,वो बड़े प्यार से उंगली को चूस रही थी मेरे से अब ओर बर्दाश्त नही हुआ मैने जल्दी से झुक कर

अपने लिप्स को उसके लिप्स पर रख दिया ऑर उंगली के साथ साथ अपने ज़ुबान उसके मूह मे घुसा दी,,,,वो एक दम से

चौंक गई ऑर उसकी आँखें बड़ी बड़ी हो गई,,,,मैने उंगली को बाहर किया ऑर ज़ुबान को उसके मूह मे डालके

खुद उसके अपर लिप्स को मूह मे भर लिया,,,उसने भी मेरी ज़ुबान को हल्के से चूसना शुरू कर दिया,,क्या सॉफ्ट

लिप्स थे उसके जैसे हल्का सा मेल्ट बटर ,,,,,मेरे मूह मे जाते ही जैसे उसके लिप्स घुलने लगे थे ऑर मैं

उस घुलते बटर को पीने लगा था,,,तभी मेरा हाथ जो अभी तक उसके पेट पर था वो खुद-ब-खुद उसके लेफ्ट

बूब पर आ गया था ऑर हल्के से सहलाने लगा था,,उसका बूब्स छोटा था लेकिन इतना छोटा भी नही,,मेरे एक

हाथ मे एक बूब आराम से आ गया था लेकिन तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा ऑर हटा दिया,,,मैने फिर से हाथ को

बूब पर रखा उसने फिर से हटा दिया ,,मैने दोबारा से नही रखा ऑर पेट को सहलाने लगा ऑर लिप्स को चूसने

लगा,,फिर मैने उसके मूह में अपनी ज़ुबान से उसकी ज़ुबान को लड़ाने लगा वो भी इसमे मेरा हल्का सा साथ देने

लगी,,,,जब उसने मेरा साथ देना शुरू किया तो मैने हाथ को फिर से उसके बूब पर रखा ऑर सहलाने लगा इस

बार उसने मुझे नही रोका ओर मैने बूब को हाथ मे भर लिया ऑर हल्के से दबाने लगा ऑर सहलाने लगा ,,,

 


तभी मुझे भी एक शरारत सूझी मैने उसके बूब से हाथ हटा लिया ऑर लिप्स को लिप्स से अलग कर लिया ,,तभी उसकी

आँखें मुझे अजीब सा घूर्ने लगी ,,,,,मैने उसको इग्नोर किया ऑर खुद बेड पर पीठ के बल लेट गया,,ऑर

उसकी तरफ ना देखते हुए उपर छत की तरफ देखने लगा,,करीब 2 मिनिट तक मैं ऐसे ही लेटा रहा ऑर वो भी

,,फिर वो उठी ऑर बैठ गई,,उसके बैठते ही मैने उसकी तरफ देखा तो वो सवालिया नज़रो से मुझे देखते हुए

पूछने लगी क्या हुआ सन्नी,तुम रुक क्यू गये,,,मैने उसकी बात के जवाब मे उसका हाथ पकड़ा ऑर अपनी चेस्ट

पर रख दिया,,,उसने हाथ हटा लिया,,मैने फिर से हाथ पकड़ा ऑर अपनी चेस्ट पर रख दिया,,उसने फिर से हाथ

हटा लिया,,मैने फिर से उसका हाथ पकड़ा ऑर अपने हाथ मे पकड़ कर अपनी चेस्ट पर घुमाने लगा,,वो मेरी

तरफ़ देख रही थी ऑर मैं उसकी तरफ,,कुछ देर बाद मैने उसके हाथ को छोड़ दिया ऑर उसने अपने हाथ को नही

हटाया ऑर मेरी चेस्ट को सहलाने लगी,,,,मैं भी समझ गया कि अब वो तैयार है मैने उसके हाथ से पकड़ा ऑर

अपने उपर खींच लिया ऑर उसके लिप्स को अपने लिप्स के भरके चूसने लगा ,,उसके नंगे बूब्स मेरी नंगी चेस्ट

पर दब गये थे ऑर मैने उसको ऑर ज़्यादा दबाने के लिए अपने हाथ उसकी पीठ पर रखके उसको पूरी तरह से

अपने साथ सटा लिया था ऑर उसके लिप्स को चूस्ते हुए उसकी पीठ को सहलाने लगा था,,,,क्या मक्खन जैसी गोरी

ऑर चिकनी पीठ थी साला हाथ फिसलता ही जा रहा था,,,,मैने उसके लिप्स को चूस्ते हुए हाथ पीठ से ले जाके

उसकी गान्ड पर रखा ऑर उसको उठा कर पूरा अपने उपर लेटा लिया ऑर हाथ को गान्ड से लेके उसकी पीठ

पर सहलाते हुए गर्दन तक लेके जाने लगा,,उसकी दोनो टाँगें मेरे उपर आने की वजह से खुल गई थी ऑर उसकी

चूत मेरे हार्ड लंड की टोपी से टच करने लगी थी,,उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी जिसका अहसास मुझे अपने

लंड की टोपी पर होने लगा था,,,,तभी मैने अपने हाथ को उसकी चूत के पास ले जाके लंड को हाथ से पकड़ा

ऑर चूत से सटा दिया ,,उसको एक झटका सा लगा ऑर वो मेरे उपर से उतर गई,,,,लेकिन मैं अब पागल हो चुका

था मैने उसके उठते ही उसको पकड़ा ऑर बेड पर लिटा दिया ऑर खुद उसके उपर हो गया ऑर हाथ को उसकी चूत पर

ले गया लेकिन उसने जल्दी से टाँगो को आपस मे जाकड़ लिया ऑर मेरे हाथ को चूत तक जाने से रोक दिया,,साला अब

तो कुछ करना ही होगा इसको तड़पने के चक्कर मे खुद ही तड़प रहा था मैं,,,,मैने जल्दी से अपने फेस

को उसके पेट पर रख दिया ऑर किस करने लगा ऑर धीरे धीरे उपर बूब्स की तरफ बढ़ने लगा लेकिन जैसे ही

मैं बूब्स तक अपने लिप्स को लेके गया उसने मेरा सर पकड़ कर मुझे रोक दिया लेकिन मैने भी उसके हाथ

पकड़े ऑर बेड से कस्के दबा दिए ऑर उसके बूब्स की लाइन को अपनी ज़ुबान से चाटने लगा,,,,ऑर कुछ ही देर मे

एक बूब की डुँड़ी को लिप्स मे भर लिया,,लिप्स की डुँड़ी को कुछ कुछ हार्ड हो चुकी थी मेरे लिप्स मे आते ही ऑर हार्ड

हो गई ऑर साथ मे उसकी बेचैनी भी,,,मैने बूब की डुँड़ी को हल्के से लिप्स मे दबा कर चूसा फिर दाँत से

थोड़ा ज़ोर से काट दिया,,,,,उसकी दर्द भरी हल्की अहह निकल गई ऑर मैने बूब को ऑर ज़्यादा मूह मे भर

लिया तो उसकी आअहह ऑर लंबी हो गई,,,,,,मैने भी मोका देखा ऑर दूसरे बूब को भी ऐसे ही मूह मे

भरके चूसा ऑर हल्का सा काट भी दिया,,,,फिर मैने उसके हाथों को छोड़ दिया ऑर बूब्स पर रख दिया ऑर

हाथों से दबा दबा कर बारी बारी से दोनो बूब्स को चूसने लगा ऑर हल्के से काटने भी लगा,,,अब उसने मुझे

रोका नही बल्कि अपने हाथों को मेरे सर पर रख के सहलाने लगी ऑर हल्की हल्की अह्ह्ह्ह भरने लगी,,

फिर मैने एक हाथ को उसकी चूत की तरफ ले जाना शुरू किया लेकिन उसने अपनी टाँगो को हल्के से जकड़ा हुआ था

फिर भी मेरी एक उंगली उसकी चूत के करीब तक जाने मे सफल हो गई थी ऑर मैने उंगली से उसकी चूत के उपरी

हिस्से को हल्के से सहलाना शुरू कर दिया था,,उंगली उसकी चूत के हल्के से हिस्से को ही टच कर रही थी लेकिन

इतने से हिस्से से कि उसको हल्की मस्ती चढ़नी शुरू हो गई ऑर उसका अपनी टाँगो पर कोई ज़ोर नही रहा ऑर टाँगो

की पकड़ ऑर ढीली हो गई इस बात का अहसास होते ही मैने हाथ को चूत के ऑर अंदर कर दिया जिस से मेरी

उंगली भी चूत के उपर तक पहुँच गई ,,मेरी उंगली उसकी चूत की लाइन के उपर फिसलनी शुरू हो गई थी क्योंकि

उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था जिस से उंगली चिकनी हो गई थी ऑर उसकी चिकनी चमेली पर फिसलती जा रही थी,

ऑर साथ ही उसके बूब पर मेरे लिप्स ऑर ज़ुबान का कमाल का टच हो रहा था ऑर दूसरे बूब पर मेरे हाथ का

हल्का दबाव उसको पागल करने लगा था उसका हाथ मेरे सर पर थोड़ा तेज़ी से फिरने लगा था उसकी उंगलियाँ

मेरे बालों मे घुमाने लगी थी ऑर मेरे सर को बूब्स पर दबाने लगी थी ,,मैं भी उसके लगभग पूरे बूब

को मूह मे भरने की कोशिश मे था जो कोशिश काफ़ी हद तक कामयाब भी हो रही थी ऑर दूसरे हाथ मे भी

उसका पूरा बूब पकड़ा हुआ था ऑर हल्के ज़ोर से ऑर कभी ज़्यादा ज़ोर से दबा रहा था,,,मेरी उंगली चूत के पानी

से काफ़ी चिकनी हो गई थी ऑर चूत पर बड़े आराम से फिसल रही थी साथ ही मैं उसके बूब को बदल बदल कर

बारी बारी से चूस रहा था ऑर दूसरे को दाब रहा था,,,,चूत पर उंगली की फिसलन ऑर बूब्स पर लिप्स ऑर हाथ

की पकड़ उसको ऑर ज़्यादा उत्तेजित करने लगी हुई थी,उसकी सिसकिया निकलनी शुरू हो गई थी ऑर उसके हाथों ने मेरे

सर के बालों को खींचना शुरू कर दिया था ,फिर उसके मेरे सर के बालों को ज़ोर से खींचा मुझे हल्का सा

दर्द भी हुआ तभी उसने मुझे खींच कर अपने सर की तरफ उपर किया ऑर जल्दी से मेरे लिप्स को अपने लिप्स मे

जाकड़ लिया ऑर थोड़ा ज़्यादा ज़ोर से मस्ती मे मुझे किस करने लगी ,,,,लेकिन मेरा इरादा कुछ ऑर था मैने उसके

लिप्स को छोड़ दिया ऑर नीचे बढ़ने लगा तभी उसने वापिस मेरे सर को पकड़ा ऑर उपर की तरफ खींच लिया ऑर

पागलो की तरह मुझे चूमने लगी

 
मैने भी मोका देखा ऑर उंगली उसको चूत मे चूसा दी, उंगली अंदर जाते

ही वो मचल उठी ऑर मेरे लिप्स को हल्के से काटने लगी,,,मैने भी उसके लिप्स को कस्के अपने लिप्स मे जकड़ा ऑर

खा जाने वाले अंदाज़ से उसके लिप्स को चूसने लगा,,,,ऑर साथ ही उंगली को उसको चूत मे अंदर बाहर करने

लगा लेकिन बहुत धीरे धीरे ,,,एक उंगली तो बड़े आराम से उसकी चूत मे जा रही थी क्योंकि मेरी बुआ ने नकली

लंड ऑर मेरे बाप ने अपने लंड उसकी चूत मे जो दिया था,,,,फिर मैने एक उंगली ऑर उसकी चूत मे घुसा दी

ऑर वो भी आराम से अंदर बाहर होने लगी लेकिन दूसरी उंगली के अंदर जाते ही वो कुछ ज़्यादा ही मस्त होने लगी

क्योंकि एक उंगली तो आराम से अंदर बाहर हो रही थी लेकिन 2 उंगलिया चूत की दीवारों से रगड़ खाती हुई अंदर

बाहर हो रही थी ऑर इसी से उसको ज़्यादा मस्ती चढ़ने लगी थी,,,,तभी उसके हाथ मेरे लंड पर पहुँच गया

जो कब्से अपनी ओकात में आ चुका था ओर उसके नर्म हाथों के टच को तरस रहा था उसके हाथ लगते ही लंड

की नसों मे मानो ज्वालामुखी फूट पड़ा ऑर खून तेज़ी से लंड की नसों मे पंप होने लगा,,ऐसे मे लंड

मे हल्का सा दर्द होने शुरू हो जाता है जो मस्ती ऑर वासना को चरम सीमा तक पहुँचा देता है,,मेरा

भी हाल कुछ ऐसा ही था कि अब तो बस उसकी चूत मे लंड डालके अच्छी तरह से चोदना चाहता था उसको,,,

उसकानरम हाथ मेरे लंड पर अपना कमाल दिखाने लगा था ऑर मैं भी पागलो की तरह किस कर रहा था तभी

मैने अपने हाथ को उपर किया ताकि उस उंगली पर थोड़ा थूक लगा सकूँ जो उसकी चूत मे घुसा रहा था जैसे

ही मैने उंगली चूत से निकालकर अपने लिप्स को उसके लिप्स से अलग किया ऑर उंगली को मूह मे लेने लगा तभी मुझे

उसकी चूत के पानी की नमकीन गंध ने ऑर ज़्यादा पागल कर दिया मैं उस उंगली को लिप्स ऑर नाक के पास करके

सूंघने लगा ऑर साथ ही अपनी ज़ुबान को बाहर निकाल कर उंगली से चूत के नमकीन पानी को चाटने लगा उसका

ध्यान मेरी तरफ था वो मुझे बड़ी अजीब नज़रो से देख रही थी कि ये मैं क्या कर रहा हूँ,,उसको अजीब

लग रहा था लेकिन मेरी तो हालत ही खराब होने लगी थी इतनी ज़्यादा मदहोशी छाने लगी थी कि आँखें बंद

होने लगी थी,,मैने जल्दी से उंगलियों को मूह मे भर लिया ऑर उसकी चूत के पानी को अपनी उंगली से मूह मे

भरके चाटने ऑर चूसने लगा तभी एक दम से मैं नीचे की तरफ चला गया इस से पहले कि मैं कुछ समझ

पाता या फिर उसको कुछ पता चलता मैं जल्दी से उसकी दोनो टाँगों को खोल कर अपने सर को उसकी चूत तक ले

गया ऑर उसकी चूत पर नाक रखके सूंघने लगा ,,,,,,,,ओह्ह ष्हिित्त कितनी मस्त चूत थी उसकी एक दम छोटी सी

लेकिन मेरे बाप ने इसको थोड़ा सा खोल दिया था,,लेकिन फिर भी काफ़ी टाइट लग रही थी,,,हल्के पिंक कलर के

छोटे छोटे लिप्स थे जो अभी चूत से थोड़ा अलग ही हुए थे,,इसका मतलब था इसको अभी चुदाई करते ज़्यादा

टाइम नही हुआ था,,,,,,नयी खिलाड़ी थी ये इस खेल की,,,,,

मैने चूत के उन छोटे छोटे लिप्स को अपनी उंगलियों से

थोड़ा साइड किया ऑर उसकी चूत की लाइन पर अपनी ज़ुबान चलाने लगा,,,जैसे ही मेरी ज़ुबान उसकी चूत की लाइन को

टच हुई उसने टाँगो को जकड़ने की कोशिश की लेकिन मेरा सर चूत के बिल्कुल पास था ऑर हाथ भी चूत पर

थे तो मैने उसकी टाँगो को पकड़ लिया जिस से मेरे हाथ चूत से हटके उसकी टाँगो पर चले गये ऑर मैने

चूत को अच्छी तरह से मूह मे भर लिया फिर से उसने टाँगो को ज़ोर लगा कर जकड़ना चाहा लेकिन इस बार मैं

पहले से उसकी इस हरकत को जान गया था ऑर पूरी तैयारी मे था,,मैने चूत को मूह मे भर लिया ऑर जैसे कुछ

देर पहले उसके लिप्स को चूस रहा था वैसे ही उसकी चूत के लिप्स को चूसने लगा ऑर उसकी चूत के नमकीन ऑर

आकर्षित करने वाले पानी को ज़ुबान से चाटने लगा,,,,मैने पूरी ज़ुबान को चूत मे घुसा दिया तभी उसने

मेरे सर को पकड़ा ऑर चूत पर कस्के दबा दिया जिस से मेरी नाक भी उसकी चूत के उपर दब गया ,,,मैने

भी उसकी इस हरकत के जवाब मे उसकी चूत को हल्के से काट लिया तभी उसने भी मेरे सर पर अपने हाथों की

पकड़ को मजबूत करने के लिए मेरे बालों को थोड़ा सा खेंच दिया ,,,उसकी हालत अब बहुत बुरी हो चुकी थी

उसको कुछ समझ नही आ रहा था वो बस सिसकियाँ लेती हुई सर को बेड पर इधर उधर पटक रही थी साथ ही

उसका बदन भी झटके खाने लगा था,,तभी उसके मूह से एक तेज आवाज़ निकली,आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऑर उसके बदन

ने एक ज़ोर का झटका लिया ऑर उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया,,,पानी ज़्यादा नही था थोड़ा सा ही था लेकिन बहुत

ज़्यादा नमकीन ऑर बेहतरीन आकर्षित करने वाली गान्ड थी उसकी,,,उसने मेरे सर को छोड़ा ऑर अपने हाथों को

बेड पर गिरा दिया ऑर तेज़ी से साँसे लेने लगी,,,मैने भी चूत के पानी को पी लिया ऑर अपने सर को उठाकर देखा

तो उसकी हालत खराब थी ऑर वो तेज़ी से साँसे ले रही थी उसकी कमर ऑर पेट तेज़ी से उपर नीचे हो रहा था ऑर साथ

ही उसके छोटे छोटे बूब्स भी उपर नीचे हो रहे थे,,,,मैने फिर से उसकी चूत को मूह मे भर लिया ऑर

वो तेज़ी से उपर की तरफ उछल गई वो अपनी चूत को मेरे मूह से दूर करने की कोशिश करने लगी लेकिन मैने

भी उसकी गान्ड के नीचे से अपने हाथ ले जाकर उसकी टाँगो को कस्के पकड़ लिया था ताकि वो मेरे से दूर नही

हो सके,,,,मैने फिर से चूत को उसी अंदाज़ से चूसना ऑर चाटना शुरू कर दिया,,वो अपने पहले ओर्गसेम

से की मस्ती ऑर थकान से अभी पूरी तरह शांत नही हुई थी कि मैने दोबारा से उसकी चूत को मूह मे भरके

चूसना शुरू कर दिया था,,वो अभी भी छटपटा रही थी ओर मेरे से दूर होने की कोशिश कर रही थी,,,,उसने

अपने सर को उपर करके खुद को बेड पर बिठा लिया ऑर मेरे सर को अपने हाथों से पकड़ कर मुझे दूर करने

लगी,,,लेकिन मैं उसको छोड़ने का नाम ही नही ले रहा था उसने मेरे बालों को कस्के पकड़ा ऑर ज़ोर से पीछे

की तरफ खेंचने लगी ,लेकिन उसकी इस हरकत ने मुझे ऑर ज़्यादा पागल कर दिया ऑर मैने अपनी ज़ुबान को चूत

मे घुसा दिया ऑर तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा वो मेरे बालों को पागलो की तरह ज़ोर से खेंचने लगी ऑर

मुझे चूत से दूर करने लगी लेकिन मैं नही हटा ऑर चूत को चूस्ता ऑर हल्के से काट-ता रहा,,,कुछ ही देर

मे उसके हाथों की पकड़ मेरे बालो पर कमजोर होने लगी ऑर कुछ देर बाद ही उसके हाथ मेरे सर से हट गये

 


मैने देखा तो वो वापिस बेड पर लेट गई थी ऑर हल्की सिसकियाँ भी शुरू हो गई थी मैं समझ गया कि उसको

दोबारा से मस्ती चढ़ने लगी थी मैने भी चूत को हल्के हल्के चूसना शुरू कर दिया ऑर फिर उसकी टाँगो

पर भी अपनी पकड़ को कमजोर करते हुए अपने हाथों को टाँगो से हटा कर उसके बूब्स की तरफ ले गया ऑर

दोनो हाथों मे एक एक बूब पकड़ कर प्यार से सहलाने ऑर मसल्ने लगा साथ ही उसकी चूत को भी अब बड़े

प्यार से चाटने लगा,,,,उसने भी अपने हाथ मेरे सर पर वापिस रख दिया ऑर बड़े प्यार से मेरे सर को सहलाने

लगी,,,,

कुछ देर बाद मैं उठा ओर उसके सर के करीब जाके बैठ गया वो मेरी तरफ देख रही थी मैने अपने लंड को

उसके मूह की तरफ किया तो उसने बड़े प्यार से अपने मूह को खोल दिया ऑर मेरे लंड नीचे करने से पहले ही खुद

अपने सर को उपर उठा कर मेरे लंड की टोपी को लिप्स से हल्के सा किस करने के बाद थोड़ा सा खोल कर लंड की

टोपी को मूह मे भर लिया ऑर चूसने लगी,,,,,क्या सॉफ्ट अहसास था उसके लिप्स का जैसे ही टोपी मूह मे गई मेरी

कमर नीचे हो गई ऑर लंड कुछ ज़्यादा ही उसके मूह मे चला गया ऑर उसको खाँसी होने लगी उसने जल्दी से लंड

को मूह से निकाल दिया ऑर मुझे अजीब नज़रो से देखने लगी मैने भी आँखों ही आँखों मे सॉरी बोल दिया

उसने फिर एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ा ऑर आगे से लंड की टोपी को चूसने लगी ऑर हल्का सा लंड भी मूह मे

लेने लगी लेकिन टोपी से कुछ ही ज़्यादा लंड मूह मे ले रही थी ऑर उसके दाँत भी मेरे लंड की टोपी पर लगने

लगे थे,,,मैने लंड को मूह से निकाल लिया वो भी समझ गई थी कि मैने ऐसा क्यूँ किया तभी उसने अपने मूह

को ऑर ज़्यादा खोल लिया ऑर फिर से लंड को मूह मे ले लिया ऑर मूह खोल कर ही लंड को थोड़ा सा अंदर बाहर करने

लगी,,,,,वो इस खेल मे नयी थी तो मुझे लंड चुसवाने मे मज़ा नही आ रहा था,,,मैने लंड को वापिस मूह

से निकाल लिया ऑर उसको लेटा दिया,,,,,उसकी नज़रो मे एक स्जीब सी शरम थी ऑर उदासी भी क्योंकि वो जानती थी कि मैने'उसको कितना खुश किया था लेकिन वो मेरे को खुश नही कर पा रही थी ,,लेकिन मैने उसकी उदासी को दूर करने

'के लिए उसके फॉरहेड पर एक किस किया जैसे बोला हो कोई बात नही मनीषा पहले पहले ऐसा होता है तुम ज़्यादा

टेन्षन मत लो,,,,,मैने उसको लेटा दिया ऑर खुद उसके उपर लेट गया ऑर लंड को हाथ मे पकड़ कर उसकी चूत

से लगा दिया इतने से ही उसकी धड़कन तेज हो गई थी मैने लंड को हल्के से धक्का दिया तो लंड की टोपी उसकी

चूत मे चली गई ऑर वो हल्का दर्द होने से झटपटा उठी लेकिन मैने उसको शांत करने के किए उसके लिप्स को

हल्की सी किस करदी ऑर फिर से लंड को एक धक्का दिया तो लंड आधा अंदर चला गया ऑर वो तड़प उठी,,उसने मेरी

पीठ को कस्के जाकड़ लिया लेकिन मुझे रुकने को नही बोला उसकी आँखों मे हल्की हल्की नमी आ गई थी ,,मैने

भी उसको ज़्यादा तंग ना करते हुए अपने आधे लंड को ही चूत मे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया,,ऑर उसके

लिप्स को अपने लिप्स मे क़ैद करके किस करने लगा ,,मेरा लंड अच्छी तरह से चूत की दीवारो से रगड़ ख़ाता

हुआ अंदर बाहर हो रहा था ऑर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था कुछ देर मैं ऐसे ही हल्की स्पीड से धक्के

लगाता रहा तभी उसने अपने हाथों से मेरी पीठ को पकड़ कर उपर नीचे करना शुरू किया मैं समझ गया

कि इसको भी अब मज़ा आने लगा है तो मैने भी उसके इशारे पर अपनी स्पीड थोड़ी तेज करदी ऑर धक्का लगाने

लगा उसने भी मेरे लिप्स को चूसना शुरू करके मुझे किस का रेस्पॉन्स देने लगी ,,मैने मस्ती मे स्पीड

कुछ ज़्यादा ही तेज करदी ओर फिर कब मेरा लंड पूरा उसकी चूत मे चला गया पता ही नही चला पता तो लग

लगा जब उसने मेरे लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद करके एक दर्द भरी चीख मारी,,ऑर अपने नाख़ून मेरी पीठ

पर गढ़ा दिए,,,लेकिन मुझे रोका नही ऑर मैं भी पूरे लंड को तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा,,,वो कुछ देर

तो दर्द से चिल्लाती रही लेकिन कुछ ही देर मे उसकी सिसकियाँ निकलने लगी ऑर उसके हाथ भी बड़ी नज़ाकत से मेरी

पीठ को सहलाने लगे,,मेरी भी मस्ती कुछ कम नही थी हालाकी इसकी चूत की सील खुल चुकी थी लेकिन फिर भी

इसकी चूत काफ़ी टाइट थी,,,,मैने उसके लिप्स को लिप्स मे जकड़ा ऑर किस करते हुए पूरी स्पीड से उसको चोदने लगा

उसके हाथ भी मेरी पीठ पर ओर कभी सर पर घूमने लगे,,मेरे लंड की टोपी कुछ ज़्यादा ही मोटी थी ऑर उसको

चूत की दीवारो से रग्गड़ खा रही थी ऑर मुझे मस्ती मे पागल कर रही थी,,,मैने जल्दी से उसके लिप्स को

अपने लिप्स से आज़ाद किया ऑर उसकी फेस की तरफ देखने लगा उसने भी मेरी तरफ देखा ऑर सिसकिया लेते हुए अपने

फेस को दूसरी तरफ मोड़ लिया मैने भी उसके फेस को टर्न करते ही उसके कान के नीचे शोल्डर ऑर गर्दन पर

किस करना शुरू कर दिया,,मैं उसके कान को लिप्स मे भरके चूसने लगा ऑर कान से किस करते हुए शोल्डर

की तरफ जाते हुआ गर्दन को भी चूमता जा रहा था फिर मस्ती मे उसके शोल्डर को हल्के से काटने लगा वो

बस आआआआअहह उूुुुुुउऊहह करते हुए सिसकियाँ लेती जा रही थी,,,

कुछ देर बाद मैं उसके उपर से उठ गया मेरे उठते ही उसने मेरी तरफ़ गुस्से से देखा ऑर मैं मुस्कुराने

लगा,,फिर मैने उसकी टाँगो को खोला ऑर उसकी टाँगो के बीच खुद की टाँगो को उसकी कमर की दोनो साइड

करके बेड पर बैठ गया ऑर लंड को चूत मे डालके चोदने लगा,,जब तक मैं बैठ रहा था तब तक वो मेरी

तरफ देखती रही लेकिन जैसे ही मैने लंड चूत मे डालके चोदना शुरू किया उसने फिर से फेस एक तरफ़ टर्न

कर लिया ऑर सिसकियाँ भी शुरू करदी,,मैने मज़े को ऑर ज़्यादा बढ़ाने के लिए अपने हाथों को उसके बूब्स पर

रख दिया ऑर बूब्स को मसल्ने लगा ,मेरी स्पीड काफ़ी तेज थी ऑर उसकी सिसकियाँ भी काफ़ी तेज चल रही थी मैं

उसके बूब्स को भी ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था ,,

 
कुछ देर ऐसे चोदने के बाद मेरा दिल किया क्यूँ ना इसकी गान्ड का

भी स्वाद चख लिया जाए मैने उसको छोड़ दिया ऑर खुद उठके बैठ गया फिर उसको भी उठा कर बेड पर

झुका कर कुतिया बना दिया ,,उसने भी सर को बेड से लगा लिया ऑर गान्ड को उपर उठा दिया,,मैने लंड पर

थूक लगा दिया ऑर थोड़ा थूक उसकी गान्ड पर लगा दिया जैसे ही मैने लंड को गान्ड पर रखा उसने पीछे

मूड कर देखा ऑर मुझे माना करने लगी लेकिन मैं नही माना ऑर लंड को गान्ड मे घुसाने लगा लेकिन जैसे

ही मैने लंड को गान्ड पे घुसाना चाहा लंड फिसल कर दूसरी तरफ चला गया,,,,मैने फिर से कोशिश की

लेकिन कोई फ़ायदा नही हुआ मैने फिर गान्ड पर ऑर लंड की टोपी पर थूक लगाया ऑर एक हाथ से लंड को पकड़ा

ऑर एक हाथ से उसकी कमर को जकड़ा ऑर लंड घुसा दिया ऑर लंड की टोपी गान्ड मे घुस गई तभी वो इतना ज़ोर

से चिल्ला उठी कि एक ही पल मे बुआ ऑर पूजा भाग कर रूम मे आ गई,,ऑर चिल्लाने के बाद ही वो आगे की तरफ'

उछल कर बेड पर लेट गई ऑर मेरा ध्यान दरवाजे की तरफ गया तो बुआ ऑर पूजा वहाँ खड़ी हुई थी,,बुआ

भाग कर अंदर आई ऑर मनीषा को एक पल देखा ऑर फिर उसके लिप्स मे लिप्स जाकड़ कर किस करने लगी जिस से

उसकी आवाज़ दब गई ऑर साथ ही बुआ ने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया मैं उनकी तरफ देख ही रहा था

तभी पूजा ने खुद को मनीषा की जगह बेड पर झुका कर अपनी गान्ड उठा कर मेरे सामने पेश करदी

मैने भी लंड पकड़ा ऑर उसकी गान्ड मे डालने लगा तभी लंड देख कर मैं डर गया,,,,लंड खून से पूरी

तरह लथपथ था तभी मेरा ध्यान मनीषा की गान्ड की तरफ़ गया जो बेड पर बुआ के साथ लेटी हुई थी उसकी

गान्ड मे से खून अभी भी निकल रहा था लेकिन थोड़ा सा जो बेड शीट पर गिर रहा था,,मेरा ध्यान उस

तरफ था तभी मुझे लंड पर कुछ हरकत महसूस हुई पूजा ने मेरे लंड को पकड़ कर अपनी गान्ड से

लगा दिया था ऑर खुद ही पीछे होके लंड को गान्ड मे ले लिया था ऑर खुद ही आगे पीछे हिलते हुए गान्ड को

मेरे लंड से चुदवाने लगी थी,,,,मुझे फिर से मस्ती चढ़नी शुरू हो गई थी ऑर मैं मनीषा ऑर अपने लंड

पर लगे खून के बारे मे भूल ही गया था ऑर पूजा की कमर को पकड़ कर उसकी गान्ड को चोदना शुरू कर

दिया था,,,,उधर बुआ ने मनीषा के उपर चढ़ उसके लिप्स को अपने लिप्स से जकड़ा हुआ था ऑर खुद घुटनो के

बल उपर उठी हुई थी जिस से बुआ का ज़रा सा भी वजन मनीषा पर नही पड़ रहा था ऑर बुआ अपने हाथ से

मनीषा की चूत को सहला रही थी ,,,

मैं भी मस्ती मे पूरी स्पीड से पूजा की गान्ड को चोदने लगा,,मैने उसकी कमर को दोनो हाथों से पकड़ा

ऑर पूरी स्पीड से उसकी गान्ड चुदाई करने लगा,,साला गान्ड चोद कर मज़ा ही बहुत आता है,,,,,,मर्द को भी ऑर

औरत को भी,,,,,मर्द की स्पीड से इस बात का पता चलता है ऑर औरत की सिसकियों से,,,,,,,,,,आआआआअहह

सस्स्स्स्स्सुउुुुुउउन्न्ञनन्न्नययययययी ऊऊऊओरर्र्र्ररर उउउन्न्ञँदड़डीईईररररर टत्त्त्ताआअक्कककक घहुउऊस्साअ

दद्दूऊव आपपंनईए म्मूऊसस्स्स्साालल्ल्ल कककूऊ आहह उूुउऊहह ऊऊररर त्त्त्त्त्तीएज्ज्ज ऊरर

टत्त्टीईईज़ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज आआअहह सस्सुउउउन्नयययययी आअहह ज्ज्जूर्र्र सस्सीई कच्छूओद्दूऊऊ

म्मीरीईइ गग्ग्गाणन्ँदडड़ कककूऊव ,मेरी भी स्पीड तेज थी ऑर धक्का दमदार ,,ऑर पूजा की सिसकियों ने तो

जोश को ऑर ज़्यादा बढ़ा दिया था मैने मस्ती मे अपनी उंगलिया भी पूजा की चूत मे घुसा दी ऑर चूत को अपनी

उंगलियों से तेज़ी से चोदने लगा ऑर लंड को भी पूरी स्पीड मे गान्ड मे पेलने लगा,,मुझे चूत मे हाथ

घुसा कर साथ ही लंड को गान्ड मे पेलने मे इस पोज़ मे मुश्किल हो रही थी तो मैने पूजा की टाँगो की

एक तरफ से हाथ उसके नीचे से घुमा कर उसकी चूत पर रख दिया ऐसे उंगलियाँ तो चूत मे नही घुस

रही थी लेकिन फिर भी मैं उसकी चूत के उपरी हिस्से को सहलाने मे कामयाब हो रहा था,,तभी उसने सर को

बेड से लगा कर खुद की गान्ड को ऑर उपर उठा दिया ऑर अपने एक हाथ को मेरे हाथ पर रख दिया ऑर खुद अपनी

चूत को सहलाने लगी,,वो अपने हाथ को मेरे हाथ पे रख कर अपनी उग्लियों से मेरी उंगलियों को अपनी चूत पर

दबा कर तेज़ी से अपनी चूत को सहलाने लगी,,,वो पूरी मस्ती मे थी क्योंकि उसकी चूत मे काफ़ी पानी आ चुका था

ऑर चूत काफ़ी चिकनी हो चुकी थी ,,,ऑर पानी आता भी क्यू ना वो भी तो बुआ के साथ दूसरे रूम मे मस्ती कर

रही थी,,,उसके हाथ से मैने अपने हाथ को छुड़ा कर उसके बूब्स की तरफ ले गया ऑर दोनो हाथों से उसके बूब

को मसल्ने लगा ऑर खुद भी घुटने सीधे करके अपने पैरो पर खड़ा होके उसके उपर झुक गया ऑर तेज़ी से लंड

को गान्ड मे पेलते हुए उसके बूब्स को दबाने लगा,,,,उसकी सिसकियाँ अब ऑर भी तेज हो चुकी थी शायद वो झड़ने

वाली थी ऑर इधर मेरा भी पानी निकलने वाला था मैने उसके बूब्स को छोड़ दिया ऑर हाथ उसकी पीठ पर

रख कर स्पीड ऑर तेज करदी आहह उूुुुुुुुुुउऊहह ऊऊऊऊऊररर्र्र्र्र्र्र्र्ररर

टत्त्टटटटत्ट्टीईज़ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज सस्स्स्स्सुउुुुउउन्न्ञन्नयी ऊररर ट्टीज़्ज़ज्ज आअहह म्मेरर्राआ हहूंनईए व्वाला

हहाइईइ आब्ब ररूउक्कणना न्नाहहीी ऊररर त्टीजज आआहह उूुुुुुुउऊहह उसके बदन ने 2-3

झटके मारे ओर तेज से चिल्लाते हुए उसने पानी निकाल दिया ऑर तभी मेरे लंड ने भी पिचकारियों से उसकी गान्ड

को स्पर्म से भर दिया,,,,,,,,लंड के पानी निकल जाने के बाद मैं बेड पर गिरके तेज़ी से साँसे लेने लगा ऑर वो भी

आगे की तेरफ़ बेड पर गिर गई ,,,,,,

सन्नी ये क्या किया तूने,,,,,,,,,,,,,बुआ की आवाज़ के साथ मेरा ध्यान उनकी तरफ गया,,,,,,,,,,,

मैं अब तक थोड़ा शांत हो चुका था,,,

मैं-मैने क्या किया बुआ,,,,,,,,,,,,,

बुआ-अरे ये मनीषा की गान्ड क्यू फाड़ दी तूने,,तुझे पता नही था क़ी ये गान्ड अभी तक नही चुदि है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-बुआ मुझे तो ये भी पता था कि ये अभी तक चूत से भी नही चुदि है लेकिन इसकी चूत की सील तो खुली हुई थी मैने सोचा शायद गान्ड की भी खुली होगी तो ट्राइ किया मैने,,,,,,,,,,

बुआ 1 मिनिट चुप रही,,,,,,,,,,,,,,,,हाँ वो चूत की सील मैने ही खोली थी अपने उस नकली छोटे लंड से ताकि तेरा मूसल लेने के लिए इसकी चूत को तैयार कर दूं,,,,लेकिन गान्ड को अभी तक छुआ भी नही था,,,,,,सोचा पहले चूत तैयार कर देती हूँ गान्ड को वैसे भी थोड़ा ज़्यादा टाइम लगता है लेकिन तूने तो पूरी गान्ड फाड़ दी बच्ची की,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-बुआ ये बच्ची है क्या ,,ये तो मेरे से बड़ी है,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-बेटा ये बड़ी है लेकिन इसकी गान्ड की सुराख बड़ी नही है,ऑर तू बच्चा होगा लेकिन तेरा मूसल किसी घोड़े जितना बड़ा

है जब मेरी जैसी औरत की फाड़ सकता है फिर इसकी तो पता नही क्या हालत की होगी तूने देख ज़रा अभी भी

खून निकल रहा है,,,,बुआ ने उसकी गान्ड पे हाथ लगा कर खून से गंदा हुआ हाथ मेरे की दिखाते हुए 'बोला,,,,,,,,,,,

इस से पहले मैं कुछ बोलता मनीषा मेरे को गुस्से से घूर्ने लगी ,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-सॉरी बुआ मुझे नही पता था इसकी गान्ड की सील नही खुली अभी ग़लती हो गई ,,इतना बोल कर मैने बुआ के पास जाके बुआ को हल्की सी किस करदी,,,बुआ आपको तो पता है मुझे चुदाई करते टाइम गान्ड भी चोदनी अच्छी लगती है जब तक गान्ड नही मारता चुदाई का मज़ा नही आता,,ऑर इसकी चूत खुली थी तो मुझे लगा शायद गान्ड भी खुली होगी

तो मैने गान्ड को लंड घुसा दिया ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ--चल चल अब सफाई मत दे ऑर जिसको हर्ट किया है उसी से मफ्फी माँग,,बुआ ने मनीषा की तरफ उंगली करते हुए बोला,,,,,,,

मैने भी सॉरी की जगह मनीषा की एक हल्की सी किस करदी फॉरहेड पर उसने भी हंस कर मेरी तरफ देखा ऑर दूसरे ही पल मूह दूसरी तरफ टर्न कर लिया,

मैं-लो बुआ इसने तो माफ़ कर दिया अब आप भी माफ़ करदो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-मैं माफ़ कर तो दूँगी लेकिन पहले एक बार मेरे को खुश कर्दे मेरे बेटा इतना बोल कर बुआ ने मेरे लंड को पकड़ लिया ऑर जो लंड अभी कुछ देर पहले ही नींद के आगोश मे गया था बुआ के हाथ लगते ही उछल कर नींद से जाग गया,,,,,,,,उसके बाद मैने बुआ ऑर पूजा दोनो की चुदाई की ,,,मेरा दिल मनीषा को चोदने को भी हुआ लेकिन बुआ ने मुझे मना कर दिया था,,,,,,,,,,,

बुआ-इसकी तरफ अब कुछ दिन देखना भी नही तुम जब तक ये ठीक नही होती,,,,,ऑर वैसे भी अब ये

तेरे को तभी मिलेगी जब इसकी गान्ड भी तेरे मूसल के लिए तैयार हो जाएगी,,,,,,

वहाँ से मैं कॉलेज टाइम पर निकल कर अपने कॉलेज चला गया,,,,अभी छुट्टी होने को थोड़ा टाइम बाकी था इसलिए मैं कॅंटीन मे चला गया ऑर आराम से बैठ कर छुट्टी होने की वेट करने लगा,,,,,

 


जब कॉलेज मे बैठा हुआ छुट्टी की वेट कर रहा था तो सोचा क्यूँ ना कॉफी ऑर्डर कर दूँ क्योंकि अभी तो 30

मिनट बाकी थे छुट्टी होने मे,,,इस से पहले कि मैं कॉफी के लिए किसी को आवाज़ देता मेरे सामने एक हाथ

मे कॉफी का ग्लास लिए सुमित खड़ा हुआ था,,,,,,,,,,,

ये लो सिर आपकी ब्लॅक कॉफी बंदर जैसे चेहरे पर हल्की कमिनि मुस्कान लिए खड़ा हुआ था हरामी कहीं का,

,सुमित इस कॉलेज का सबसे कुत्ता ऑर हरामी बंदा था एक नंबर का नशेड़ी ऑर सबकी चमचा गिरी करने वाला,,,

नशे की इतनी बुरी आदत थी कि अपनी बेहन को भी नंगी कर देता आपके सामने ,,,,इस से बात करना तो दूर की बात

मैं तो इसको अपने पास बैठने भी नही देता,,लेकिन उसने कॉफी को टेबल पर रखा ऑर मुझे थॅंक्स बोला,,,,,,,

साला खुद ही कॉफी दे रहा है ऑर खुद ही

थॅंक्स्क्स बोल रहा है लगता है साले को पैसे चाहिए नशे के लिए इसलिए चमचा गिरी करने आया है,,,,,,

सुमित--सन्नी भाई अपने बहुत अच्छा किया उस दिन जो साला ओर हरामी लोगो को कुत्ते की तरह मारा बीच सड़क मे,,,,

ये उन्ही 2 लड़को की बात कर रहा था जो सोनिया ऑर कविता से बात कर रहे थे,,,,,,,,,,,,

उनसे तुझे क्या मतलब तेरा क्या लेना देना उन लोगो से,,मैने गुस्से मे बोला क्योंकि मैं इस कमिने से कोई बात

नही करना चाहता था,,,,,,

अरे सन्नी भाई गुस्सा क्यू करते हो,,,उसने डरते हुए बोला,,,,,,वो लोग मेरे कुछ नही लगते मैं तो बड़ा खुश

हूँ जो तुमने उन दोनो को इतना मारा,,,,,

क्यू तुझे क्यू खुशी हुई इस बात से,,,,,,,,मैने फिर से गुस्से मे बोला

सुमित--अरे सन्नी भाई वो हरामी लोग उसी मुहल्ले मे रहते है जहाँ से मैं अपना समान लेके आता हूँ जिस बंदे

से मैं समान लेता हूँ उसको उन लोगो ने वहाँ से भगा दिया था ऑर खुद उसी समान को ज़्यादा महँगा

बेच रहे थे,,,,मेरे को भी ज़्यादा पैसे लेके समान देते थे,,,,एक दिन बोला कम पैसे है तो सालो ने

बहुत मारा था,,,अब तुमने उनकी बुरी हालत की उस दिन तभी से साले डरने लगे मेरे से,,,,,,,,

मैं-मारा मैने उसको वो तेरे से क्यू डरने लगे,,,,,,,,,

सुमित--सॉरी सन्नी भाई मैने उसको बोला दिया कि तुम मेरे भाई हो,,इसलिए वो डर गये ,,अब तो मेरे भी बड़ी इज़्ज़त से

बुलाते है ऑर समान भी सस्ता देते है,,,आपकी वजह से हुआ ये सब भाई ,,,आपने अंजाने मे ही सही लेकिन मेरी

बहुत हेल्प करदी,,,,,,,अब आपको कुछ चाहिए हो तो बता देना,,,,,,,,,किसी भी तरह का काम पड़े तो मैं हाजिर हूँ,,,,,,,

मैं--साले तेरे जैसे कमिने से मुझे कोई काम नही पड़ सकता जा दफ़ा हो यहाँ से,,,,,,,,,,

सुमित-अरे भाई गुस्सा क्यू करते हो,,,,,,,,चला जाता हूँ लेकिन फिर भी कोई भी ज़रूरत ही तो बस एक बार याद कर

लेना मुझे,,,,,,,,,

वो वहाँ से चला गया,,,,,

तभी मैने उसको पीछे से आवाज़ दी,,,,,,,,,एक मिनट रूको सुमित ,,,यहाँ आओ,,,,,,,

मुझे याद आया कि ये साला तो अमित का भी चमचा है,,उस से भी पैसे लेता है नशे की लत पूरी करने के लिए,,

इस से कुछ पता चल सकता है तभी मैं करण की ऑर उसकी सिस शिखा की हेल्प कर सकता हूँ,,,,,,,,

मैं-एक मिनट बात सुनो सुमित,,,,,तूने बोला तू मेरी हेल्प कर सकता है,,,,,,,,,,,,,

सुमित--हाँ भाई आप बस कम बोलो मैं हेल्प करने को तैयार हूँ,,,जो काम आपने मेरे लिए किया है उसके लिए मैं

कुछ भी कर सकता हूँ,,,,,,,,,

मैं-पक्का,,,,,,,,कुछ भी कर सकता है,,,,,,,,,,

सुमित--अरे भाई आपने मेरे नशे को सस्ता कर दिया,,इतना सस्ता कि अब तो नशा फ्री की कीमत मे मिलने लगा है

कभी अगर पैसे भी नही होते तो भी वो लोग मुझे समान दे देते है,,,,,,,,आप कुछ भी काम बोलो मैं करने को तैयार हूँ,,,,,,,,,,

मैं-यार मुझे अमित के बारे मे कुछ बात करनी थी,,,,,,,

वो कुछ देर चुप रहा फिर मुझे लास्ट टेबल की तरफ इशारा करते हुए खुद उस टेबल की तरफ चला गया,,क्यूँ

कि वहाँ कोई नही था जो हमारी बात सुन सकता ,,ऑर सुमित अमित के बारे मे कोई बात सबके सामने नही करना

चाहता था,,,,,,,,वो जाके उस खाली टेबल पर बैठ गया ऑर मैं भी वहाँ चला गया,,,,,,,,,,

सुमित--क्या पूछा है भाई,,,,,,,कहीं अमित ने आपकी किसी फ्रेंड को फसा लिया है क्या,,,,,,,,,,,

मैं--अरे नही नही ऐसी कोई बात नही,,,,,,मैं तो बस ये जानना चाहता हूँ कि अमित के पास ऐसा कॉन्सा

हथियार है जिस से वो इतनी लड़कियाँ फँसा लेता है,,,,,,,,,,जब देखो सुनने को मिलता हैं कि अमित की

बहुत सारी गर्लफ्रेंड है,,ऐसा क्या करता है वो हरामी जो इतनी लड़कियाँ फँस जाती है उस कमिने से,,,मैने

थोड़ा गुस्से मे कहा,,,,,,,,,,,,,,

सुमित--सन्नी भाई कहीं उसने अपनी सिस से कोई बाततमेजी की है क्या,,,,,जो आप इतना गुस्से मे बोल रहे हो,,

आख़िर बात क्या है,,,,,,

मैं--अरे मेरी सिस की तरफ आँख उठा कर भी देखता तो मैं जान ले लेता उसकी,,,,,,,,मैं तो बस ऐसे ही

पूछ रहा हूँ ,,,,,,,,,साला कॉन्सा मंत्र है उसके पास जो इतनी लड़कियाँ फँसा लेता है वो,,तू तो

'उसका ख़ास दोस्त है तेरे को तो पता होगा ना ,,,,,,,,,,

सुमित--सन्नी भाई उसके पास कोई मंत्र वंत्र नही है,,,ओर ना ही उसकी इतनी गर्लफ्रेंड होती है जितने लोग बोलते है,,

वो तो अपनी बेहन की सहेलियों पर लाइन मारता रहता है ,,,,उनकी हेल्प करता है,,,कभी घर छोड़ने

जाता है तो कभी कोई काम कर देता है उनका,,,,जिस से वो खुश हो जाती है,,,,ऑर अपने दोस्तो को

साला झूठ बोलता है कि वो उसकी गर्लफ्रेंड थी,,,लेकिन जब मेरे साथ बैठ कर नशा करता है तो सब सच

उगल देता है,,,,,साला अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद है,,,पैसे की अलावा ऑर कोई हथियार नही

है उसके पास,,,,,कभी कभी किसी लड़की की कॉलेज फीस देकर भी उसका फ़ायदा उठा लेता है,,ऑर जब

एक बार लड़की उसके साथ फँस जाती है तो उसके साथ सेक्स करते टाइम उसकी वीडियो बना लेता है ऑर उनको

ब्लॅकमेल करता है,,,,2 लड़कियों ने तो ख़ुदकुशी भी करली थी अपने कॉलेज के हॉस्टिल मे ,,लेकिन

उसका बाप प्रिन्सिपल का अच्छा दोस्त था पोलीस को पैसा खिला कर ये साबित कर दिया कि उन 2 लड़कियों

ने स्टडी की टेन्षन से ख़ुदकुशी की थी,,,,,,,वो पहले तो लड़की को बातों मे उलझा कर खुश कर

देता है फिर उसका भरोसा जीत कर उसको ऐसी जागह ले जाता है जहाँ आराम से सेक्स कर सके फिर

उसकी वीडियो बना लेता है,,,,,,,,लड़की को ब्लॅकमेल करता है ऑर अपने साथ साथ अपने कुछ दोस्तो से

भी उस लड़की को चुदाई करने पर मजबूर करता है,,,,,अब तक 3 लड़कियाँ ही ऐसी थी जिनको अमित

ब्लॅकमेल करने मे सफल रहा है,,,उसने मे 2 ने तो अब ख़ुदकुशी करली है,,,,,,,,उसके पास एक

जगह है जहाँ वो उन लड़कियों की वीडियो की सीडी बना कर रखता है,,,

 


मुझे बड़ा गुस्सा आ रहा था,,,,,,दिल करता था साले अमित की माँ चोद कर रख दूं,,,,,

मैं--क्या तू भी उसकी इस हरकत मे हिस्सेदार होता था,,,,क्या तेरे को पता है वो जगह कॉन्सी है जहाँ

वो लड़की को लेके जाता है ऑर जहाँ वो सब सीडी पड़ी हुई है,,,,,,,,,

सुमित-नही सन्नी भाई मैं तो बस उसके नशे की आदत को पूरा करता हूँ,,,,,,,,बड़े बाप का बेटा है

तो खुद समान लेके आने से डरता है,,,,मैं उसको समान लाके देता हूँ तो उसमे से कुछ मुझे

भी मिल जाता है,,,,,,,,,लेकिन एक बार मैने भी उसकी ब्लॅकमेल की हुई लड़की से सेक्स किया था ,,बस एक

बार ही,,वो भी मैने अमित को ज़िद की थी कि मुझे भी सेक्स करना है वरना मैं समान नही लेके

आउन्गा तो वो मान गया था,,,,,,,ऑर उसी रूम मे वो सीडी भी पड़ी हुई है,,,,,,,,जो लड़कियाँ मर गई

उनकी सीडी तो जला चुके है वो,कहीं किसी के हाथ सबूत नही लग जाए इसलिए,,,,,,लेकिन अपने कॉलेज

की एक लड़की की वीडियो अभी भी उसके पास है ओर वो उसको ब्लॅकमेल करके यूज़ करता है,,,,,साथ मे

उसके 2-3 दोस्त ऑर होते है,,,,,

मैं--तुझे पता है वो रूम कहाँ है,,,,,

सुमित--क्यू सन्नी भाई आपने क्या करना उस रूम मे,,,,,वो शक की नज़र से मेरी तरफ देख रहा था,,,,

मैं--अबे यार मैं तो ऐसे ही पूछ रहा था,,क्योंकि मेरी भी एक गर्लफ्रेंड है,,,लेकिन मेरे पास कोई जगह नही

है जहाँ उसके साथ टाइम बिता सकूँ,,,,तू अगर कोई जुगाड़ कर सकता है तो बता मैं भी तुझे

खुश कर सकता हूँ,,,,,,,,तेरे नशे के लिए पैसे दे सकता हूँ,,,,,,,,

वो ध्यान से मेरी बात को सुन रहा था ,,ऑर नशे के लिए पैसे की बात सुनके वो थोड़ा खुश भी

हो गया था,,,,,

उसको ऑर ज़्यादा खुश करने के लिए मैं 500 का नोट निकाला ऑर उसको देते हुए बोला,,,,,,,ये लो अभी के

लिए ये रखो,,,ऑर जब रूम का इंतज़ाम हो जाए तो बता देना,,फिर इस से भी ज़्यादा दूँगा तेरे को,

लेकिन किसी को कुछ बोलना नही,,,,,,

पैसे पकड़ते ही साला बंदर की तरह गुलाटी मारने लगा,,,,ये साला तो बॉटल मे उतर गया था,,,,,

सुमित--भाई रूम तो है एक ,,,लेकिन किराया कुछ ज़्यादा है,,,,,,,

मैं--तू पैसे की टेन्षन नही ले रूम बता बस,,,ऑर जगह सेफ होनी चाहिए जहाँ कोई पंगा नही हो,,

सुमित--भाई ऐसी जगह है जहाँ कोई टेन्षन नही है,,,,,,,,,जब तक चाहो आराम से रहो ऑर मज़ा करो,,

मैं--अच्छा,,,ऐसी कॉन सी जगह है,,,,,,,,

सुमित--मेरा घर भाई,,,,,अमित भी वहीं जाता है,,,,आप भी जा सकते हो,,,,,,,,लेकिन पैसे ज़्यादा लगने

है,,,,,दिन का 1000 ऑर 2500 दोगे तो रात को भी नही आउन्गा घर वापिस,,,,,,,,,

मैं--उसको अपना घर देके तू खुद कहाँ जाता है,,,,

सुमित--भाई मेरा क्या है,,,दिन हो तो कॉलेज मे रहता हूँ ऑर अगर रात हो तो कभी स्टेटिओं तो कभी कोई

पार्क मे सो जाता हूँ,,,,आप बोलो आपको कब चाहिए,ऑर कितनी देर के लिए चाहिए,,,,,,

मैं--मेरे को दिन मे चाहिए,,,,,लेकिन तू पैसा बहुत ज़्यादा बोल रहा है,,,,,,,,मैं इतना नही दूँगा,,,

सुमित--ठीक है भाई अपने मेरी इतनी हेल्प की है आप कुछ भी नही दोगे तो भी चलेगा,,,बस बता देना

कब चाहिए,,,,,

तभी कॉलेज की छुट्टी हो गई,,,,,,,,

सुमित--ओके भाई मैं चलता हूँ छुट्टी हो गई,,,,,,,

मैं--अबे कैसे जाएगा तू घर,,,,

सुमित--सन्नी भाई मैं ऑटो से जाउन्गा,,,,,

मैं--ऑटो से क्यू यार मैं हूँ ना तेरा दोस्त,चल मैं तुझे छोड़ देता हूँ घर,,ऑर तेरा घर भी

देख लूँगा कि मेरे लिए सेफ है या नही,,,,,,,अगर तुझे कोई एतराज़ नही हो तो,,,,,

सुमित--भाई मुझे क्या एतराज़ हो सकता है,,,,

मैं--तो ठीक है तुम गेट पर चलो मैं बाइक लेके आता हूँ,,,,,वो उठा ऑर गेट की तरफ चला गया

मैने भी बाइक लिया ऑर गेट की तरफ चलने लगा,,,तभी मैने देखा कि सोनिया गेट के पास खड़ी

हुई थी,,उसने मुझे आते देखा तो मैने बाइक स्लो कर लिया तभी वो मेरी तरफ चलने लगी,,मैने

'बाइक उस से थोड़ी दूर रोक दिया वो चलके मेरी तरफ आ रही थी तभी सुमित मेरी बाइक पर बैठ

गया,,,,,,ऑर मैने बाइक चला शुरू कर दिया,,,,सोनिया मेरी तरफ बड़ी अजीब नज़रो से देख रही थी

उसके चहरे पर हल्का गुस्सा भी था ऑर हल्की सी उदासी थी,,,,तभी कविता अक्तिवा लेके वहाँ आ गई

ऑर सोनिया मेरी तरफ देखती हुई अक्तिवा पर बैठ गई,,कविता का ध्यान मेरी तरफ नही था उसने

जल्दी से अक्तिवा चलाई ऑर वो दोनो वहाँ से चली गई,,,,,,,,ऑर मैं सोनिया को जाते हुए देखने लगा

वो भी पीछे मूड के मेरी तरफ देख रही थी,,,,मुझे अजीब सी बेचैनी होने लगी,,,लेकिन मुझे

भी सुमित का घर देखने जाना था तो मैने बाइक दूसरी तरफ टर्न करदी जिधर सुमित ने मुझे बोला

ऑर हम सुमित के घर की तरफ चल पड़े,,,,,,,,,,,करीब 40 - 45 मिनट बाद हम सुमित के घर

पहुँच गये,,,उसका घर सहर से थोड़ा हटके था,,,हर तरफ खेत ही खेत थे,,,और बहुत सारी

खुली ज़मीन थी वहाँ,,,,,,आस पास कोई घर भी नही था,,,,,2-3 घर थे लेकिन बहुत दूर थे

,,उसका घर बहुत पुराना था,,,घर पर एक पुराना सा गेट लगा हुआ जिसमे कोई लॉक भी नही लगा

हुआ था,,ऑर लॉक लगा कर करता भी क्या,,,,घर की चार दीवारी भी 4-5 फीट उँची थी ,,कोई भी

बड़े आराम से दीवार से जंप लगा कर अंदर जा सकता था,,बाहर से ही देखने पर पता चल रहा

था कि घर मे एक ही कमरा था,,,,,,,एक घर की एक कॉर्नर मे छोटा सा किचन,,,ऑर गते से अंदर

जाते ही एक साइड पर बातरूम था जिसका कोई दरवाजा ही नही था,,,,,,,,

 


सुमित--भाई अंदर चलो ना,,,,,,,,,,,,,सुमित बोला

मैं--नही आज नही मुझे तेरा घर देखना था बस देख लिया,,,,अब उसी दिन आउन्गा जब किसी को अपने

साथ लेके आउन्गा,,,,,,वैसे भी लेट हो गया हूँ अब घर जाना है,,,,,,,,,मैने उसको बाइ बोला

ऑर घर की तरफ चल पड़ा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

वहाँ से मैं सीधा करण के घर गया,,,,,,,मैने बेल बजाई तो करण ने ही गेट खोला ऑर मुझे

गले लगा कर मिला ,,फिर हम दोनो अंदर चले गये,,,,,,वो सोफे पर बैठ गया ऑर मैं भी उसके

साथ बैठ गया,,,,,,,वो अभी भी उदास था,,,,,,,,,,,

मैं--,कारण यार तू उदास मत हो प्लज़्ज़्ज़्ज़ मैं जानता हूँ तुझे टेन्षन है अपनी सिस के लिए लेकिन तेरी सिस मेरी भी तो सिस है,,,,ऑर मैने तेरे को एक बार बोल दिया ना कि मैं सब ठीक है दूँगा,,,,,,,चल मुझे तेरे से बात करनी है रूम मे चलते है यहाँ तेरी मोम आ जाएगी,,,,,,,,,

करण-यहीं बात करो सन्नी,वैसे भी घर मे कोई नही है,,,,,माँ ऑर दीदी बाहर गई है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--तूने दीदी से बात की थी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

करण--हाँ की थी लेकिन दीदी ने मेरी कोई बात नही सुनी,,,,,,फिर मैने उनको प्यार से समझाया और उन्होने मुझे 10 दिन का टाइम दिया है बस ऑर 10 दिन के बाद वो मेरी कोई बात नही सुनेगी,,,5_10दिन मे क्या होगा सन्नी,,,,,,,,,,

मैं--करण तू टेन्षन मत ले दिन बहुत है,,मेरे पे भरोसा रखो,,,,,,,,

करण--लेकिन 10 दिन मे क्या होगा सन्नी,,,,,,,,

मैं--बोला ना तू टेन्षन मत ले,,,सब मेरे पेर छोड़ दे,,,,,,तू बस ये बता तेरी दीदी उसको मिलने कब

जाने वाली है लास्ट टाइम,,,,,,,,,,,

करण--दीदी 2 दिन बाद उस से शादी की बात करने वाली है तभी वो उसको मिलने जाएगी,,,उसके बाद 10 दिन नही मिलेगी लेकिन तुझे 10 दिन मे कुछ करना होगा सन्नी वरना वो अमित मेरी दीदी की,,,,,,,,इतना बोलकर वो फिर से रोने लगा,,,,,,,,,,

मैने उसको चुप करवाया ओर यकीन दिलवाया कि मैं सब कुछ ठीक कर दूँगा बस तू मेरे साथ रहना,,,ऑर मुझे टाइम बता देना कि कब तेरी दीदी उसको मिलने जाने वाली है,,,,,,,,,,

करण--ठीक है सन्नी मैं बता दूँगा,,,,,,,,,,,,,

फिर हम लोग कुछ देर बातें करते रहे ऑर बाद मे मैं अपने घर को चला गया,,,,,,,,,,,,,

घर आया खाना खाया ऑर अपने रूम मे चला गया,,,,,रूम मे सोनिया अपना लप्पी लेके बेड पर लेटी

हुई थी,,,मैने उसकी तरफ ध्यान नही दिया ऑर बाथरूम मे जाके फ्रेश होके अपने लप्पी पर गेम

खेलने लगा,,मैं उसकी तरफ कोई ध्यान नही दे रहा था बस गेम खेलने मे मस्त था,,,,तभी एक

आवाज़ सुनाई दी,,,,,,,,,अब तबीयत कैसी है भाई,,ये सोनिया की आवाज़ थी,,,लेकिन मैने कोई जवाब नही

दिया,,,,,,,,,,उसके फिर पूछा,,,,,,,,,,,,,,,,लेकिन मैने फिर से कोई जवाब नही दिया,,,,,,,,वो उठी ऑर

मेरे बेड के पास आ गई ऑर मेरा लप्पी छीन कर साइड रख दिया,,,,,,,,,,

सोनिया--भाई मैं जानती हूँ तू मेरे से गुस्सा है,,,,,,मैं भी तो तेरे से गुस्सा हूँ,,,,,,,,,,लेकिन एक बेहन होने के नाते मैं

तेरी तबीयत तो पूछ ही सकती हूँ ना,,,,,,,,,,,,,,

मैं कुछ नही बोला,,,,

सोनिया--देखो भाई उस रात आपने जो हरकत की मेरे साथ वो ग़लत थी आपने एक भाई बेहन के रिश्ते को खराब कर दिया ,,मुझे उस रात बहुत गुस्सा आया था दिल किया कि डॅड को सब कुछ बता दूनन,,,,,,,,लेकिन उस दिन आपने मेरी वजह से उन लोगो को बहुत मारा था इस से पता चलता है कि आपको मेरी फ़िक्र है वरना आप उन लोगो को क्यू

मारते,,,आप बहुत अच्छे हो भाई,,,लेकिन आपका एक रूप ऑर भी है जो मुझे अच्छा नही लगता,,,,प्लज़्ज़्ज़

आप खुद को थोड़ा बदलो भाई क्योंकि मैं आपसे ज़्यादा देर गुस्सा नही रह सकती लेकिन मैं आपको

उस रूप मे आक्सेप्ट भी नही कर सकती,,आप मेरे भाई हो ऑर क्यूँ आप इस रिश्ते को गंदी हरकतों

से खराब करना चाहते हो,,,,,,

,मैने कुछ नही बोला तो उसने मेरे सर पर हाथ फेरा ऑर उठकर अपने बेड पर वापिस चली गई ऑर मेरी तरफ देखने लगी,,मैने भी एक पल उसको देखा ऑर अपने लप्पी पर गेम खेलने लग गया,,,लेकिन मेरा ध्यान उसकी बातों की तरफ ही था,,,लप्पी तो मैने उसको इग्नोर करने के लिए खोला था,,,मैं हल्की नज़रो से उसको देख रहा था कुछ देर तक वो बैठी रही

यही सोचती हुई कि मैं उसके साथ बात करूँगा लेकिन कुछ देर बाद वो लप्पी बंद करके मेरी ओर पीठ करके लेट गई,,,,मैं भी वापिस गेम खेलने लगा,,,,,,

अगले दिन नाश्ता किया ऑर बाहर बाइक की तरफ गया तो देखा कि सोनिया बाहर खड़ी कविता की वेट कर रही

थी,,,,,मैने बाइक स्टार्ट किया ऑर वहाँ से जाने लगा तभी पीछे से माँ की आवाज़ सुनाई दी,,,,,

माँ--बेटा सोनिया को भी साथ ले जाओ,,,बेचारी कब्से कविता का वेट कर रही है तुम ले जाओ वरना लेट हो जाएगी

,मैं कुछ नही बोला ऑर बाइक लेके वहाँ से चला गया,,,,,,,,मैं मिरर मे पीछे देख रहा था तो सोनिया का ध्यान मेरी तरफ ही था माँ ने 1-2 बार मुझे आवाज़ भी लगाई लेकिन मैने कोई ध्यान नही दिया ऑर वहाँ से चला गया,,,,,कॉलेज एंटर किया ही था कि सला मनहूस मिल गया सुमित . लेकिन इसको अब बर्दाश्त करना भी ज़रूरी था क्योंकि यही तो मेरी हल्प कर सकता था,,,,,

सुमित--ऑर सन्नी भाई क्या हाल है,,,,,

मैं--मैं ठीक हूँ सुमित तुम सूनाओ,,,,,,,,,,,,,

सुमित--तो भाई कब आना है मेरे रूम मे अपनी गर्लफ्रेंड को लेके,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--क्यू भाई तेरे को मेरे से भी ज़्यादा जल्दी है क्या,,,,,,,,

सुमित-नही भाई वो मुझे कुछ पैसे चाहिए थे कुछ समान लेके आना था,,,,अब उधार माँगते शरम आती थी तो

सोचा कि आप रूम मे जल्दी आ जाओ तो मुझे भी कुछ पैसे मिल जाते,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--क्यू तेरा दोस्त अमित नही आता क्या अभी,,,,,,,,,,,,,

सुमित--अरे भाई उसके साथ कोई सेट होगी तभी आएगा,,,,वैसे एक तो अभी सेट है उसके साथ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--अच्छा कॉन,,,,,,,,,,,,,,,

सुमित--पता नही भाई कॉन है मुझे बताया नही उसने लेकिन इतना पक्का पता है अपने कॉलेज की नही है,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--तेरे को कैसे पता,,,,,,,,,,

सुमित--क्योंकि भाई कॉलेज की होती तो उसके दोस्तो को तो पता ही होता,,,,,,,,,वैसे कल लेके आने वाला है मेरे रूम

मे उसको,,सुबह कॉलेज टाइम,,,,,,,,,,,,,,,,,,

 
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