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कहीं वो सब सपना तो नही complete



दीदी-;देखो सन्नी ये ग़लत कर रहे हो तुम,,,बात सिर्फ़ लंड चूसने की हुई थी ऑर अब तुम ,,,,,,,,,,

मैने दीदी को बीच मे ही चुप करवा दिया,,दीदी मैं समझ सकता हूँ आप क्या बोल रही हो लेकिन डरो नही मैं कुछ नही करूँगा मैं तो बस हल्की सी मस्ती कर रहा हूँ,,,बाकी का काम मैं आपकी मर्ज़ी के बिना नही करूँगा,,,दीदी मेरी बात समझ गई कि मैं क्या बोल रहा हूँ मेरा मतलब था कि मैं दीदी की मर्ज़ी के बिना उनकी चूत मे लंड नही डालूँगा,,,,,,,,मैने दीदी के लिप्स को किस करना चाहा बट दीदी ने मूह दूसरी तरफ घुमा लिया तो मैं अपने मूह को दीदी के बूब्स की तरफ ले गया ऑर बूब्स को मूह मे भरके चूसने लगा ऑर हाथ को दीदी की चूत की तरफ ले गया,,,,,,मैं दीदी के ज़्यादा से ज़्यादा बूब्स को मूह मे भरने की कोशिश कर रहा था ऑर दीदी की तरफ देख रहा था दीदी भी अब मेरी तरफ देख रही थी लेकिन कुछ

बोल नही रही थी,,,तभी मेरा हाथ दीदी की चूत की तरफ जाने लगा ऑर दीदी ने अपनी टाँगो को जाकड़ कर चूत

को छुपाने की कोशिश की लेकिन तभी मैने अपनी एक टाँग दीदी की दोनो टाँगो मे रख दी जिस से दीदी अपनी दोनो

टाँगो को पूरी तरह से जाकड़ नही पाई ऑर मेरा हाथ दीदी की चूत तक चला गया ऑर मैने दीदी की चूत को

बड़े प्यार से सहलाना शुरू कर दिया मैं अपनी सबसे बड़ी वाली उंगली को दीदी की चूत की लाइन मे उपर से नीचे

चला रहा था ऑर बूब्स चूस्ते हुए दीदी की तरफ देख रहा था दीदी भी मेरी तरफ देख रही थी ,,जैसे ही दीदी

की चूत पर मेरी उंगली की स्पीड तेज हुई दीदी की हल्की हल्की सिसकियाँ निकलने लगी ,,मैने भी उसी टाइम अपनी उंगली

दीदी की चूत मे घुसा दी ऑर दीदी की एक तेज सिसकी निकल गई,,,आआआआआआअहह

मैने मोका देखा ऑर एक ऑर उंगली दीदी की चूत मे घुसा दी,,मेरी दोनो उंगलिया फिसल कर चूत के पानी से चिकनी होके आराम से अंदर चली गई ऑर मैने भी उंगलियों को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया ऑर बूब्स को भी तेज़ी से चूसने ऑर

काटने लगा,,,दीदी की सिसकियाँ भी तेज होने लगी ऑर मैने भी उंगलियों की स्पीड को तेज कर दिया दीदी ने अपने हाथ

को मेरे सर पर रख दिया ऑर दूसरे हाथ से अपने बूब को मसल्ने लगी इसका मतलब था दीदी अब पूरी तरह से

मस्त हो चुकी थी,,

मैं पूरी तेज़ी से चूत मे उंगलियों को अंदर बाहर करने लगा ऑर साथ ही दीदी के एक बूब को चूसने लगा दीदी

ने भी अपने एक हाथ को मेरे सर पर रखके मेरे सर को बूब पर दबा लिया ऑर दूसरे हाथ से खाली पड़े बूब

को मसल्ने ऑर सहलाने लगी,,,आहह उउउहह उुउऊहमम्म्ममममममममम

आआआआआहह करते हुए सिसकियाँ लेने लगी तभी 2 मिनट बाद ही दीदी ने मेरे सर को कस्के अपने

बूब पर दबा दिया ऑर दूसरे हाथ से बूब को ज़ोर से दबा लिया ऑर तभी मेरे हाथ को बहुत ज़्यादा गीला गीला

महसूस हुआ मैं समझ गया दीदी ने पानी छोड़ दिया है लेकिन मैने हाथ को दीदी की चूत से नही हटाया ऑर

उंगलियों को भी चूत मे तेज़ी से अंदर बाहर करना जारी रखा दीदी ने मेरे हाथ को पकड़ लिया ऑर अपने सर को

इधर उधर झटकने लगी ऑर मेरे हाथ को भी चूत से हटाने लगी लेकिन मैं नही रुका ऑर ताजी से बूब को

चूस्ते हुए चूत को उंगलियों से चोदता रहा,,,दीदी पूरे ज़ोर से हाथ को हटा रही थी ऑर दूसरे हाथ से मेरे सर

के बालों को खींच कर मुझे बूब छोड़ने को बोल रही थी,,,,लेकिन मैं नही रुका ऑर अपना काम जारी रखा

कुछ ही देर मे दीदी की सिसकियाँ फिर शुरू हो गई ऑर जो हाथ मेरे बालों को कस्के खींच रहा था उसके मेरे

सर को सहलाना शुरू कर दिया था ऑर दूसरे हाथ ने मेरे हाथ को पकड़ कर तेज़ी से चूत मे आगे पीछे करना

शुरू कर दिया था,दीदी फिर से मस्ती मे आ चुकी थी,,,तभी दीदी ने मेरे हाथ को छोड़ दिया ऑर मेरे लंड को

हाथ मे पकड़ लिया फिर लंड पर हाथ को उपर नीचे करने लगी,,,मैने भी मोका देखा ऑर दीदी के उपर चढ़

गया दीदी ने मुझे हैरानी से देखा मैने भी सर हिला कर इशारा किया कि मैं कुछ नही करूँगा जब तक आप

नही बोलोगि ,,,

,दीदी ने एक स्वीट स्माइल दी ऑर लंड पर हाथ चलाती रही तभी मैने खुद का पूरा भार दीदी के

जिस्म पे डाल दिया जिस से दीदी का हाथ मेरे लंड से हट गया ऑर मैने खुद अपने हाथ से लंड को पकड़ा ऑर दीदी

की चूत के उपर अपने लंड की टोपी को रगड़ने लगा ऑर फिर से दीदी के बूब को मूह मे भर लिया,,,,,,दीदी की

सिसकियाँ अब बहुत तेज थी दीदी का जिस्म कभी अकड़ रहा था तो कभी ढीला हो रहा था दीदी बार बार इधर

उधर हिल रही थी बुरी तरह से मचल रही थी तभी दीदी ने मेरे सर को बालों से पकड़ा ऑर अपने बूब्स से

उपर उठा दिया ,,,,मैने दीदी की तरफ देखा मानो वो पूछ रही थी कि अब मुझे क्यू तडपा रहे हो लंड को

चूत मे क्यू नही घुसाते लेकिन मैं चुप चाप लंड को चूत के उपर वाले लिप्स पर रगड़ रहा था तभी

दीदी ने मेरे सर को छोड़ा ऑर हाथ को जल्दी से नीचे मेरे लंड पर ले गई ऑर लंड को पकड़ कर चूत पर रख

दिया ऑर मुझे आगे होने को इशारा करने लगी लेकिन मैं दीदी के जिस्म से उपर उठ गया ऑर लंड को दीदी की चूत

से दूर कर लिया लेकिन दीदी ने मेरे लंड को नही छोड़ा ऑर ऐसे ही चूत पर टिकाए रखा ऑर खुद अपनी कमर

को उपर करके लंड को चूत मे लेने की कोशिस करने लगी,

 
मैं हंस कर दीदी की तरफ़ देख रहा था जबकि उनके चेहरे पर हल्का गुस्सा ऑर बहुत ज़्यादा मस्ती नज़र आ रही थी,,,,,मैने खुद को हल्का नीचे किया मेरा लंड चूत के उपर था मेरे नीचे होते ही लंड की टोपी चूत मे घुस गई ऑर दीदी ने अपना हाथ हटा कर एक तेज आहह भरी सिसकी निकली ऑर मैने भी लंड को थोड़ा ओर अंदर घुसा दिया लेकिन लंड अंदर नही जा रहा था क्योंकि दीदी की चूत मेरे लंड से थोड़ी टाइट थी,,,,मैने लंड को हाथ से पकड़ा ऑर पीछे होके फिर तेज़ी से धक्का मारा तो दीदी ज़ोर से चिल्ला उठी ऑर मेरा आधे से ज़्यादा लंड दीदी की चूत मे उतर गया,,,,,,,,,हईए म्म्मा्ररररर

ड्डेययाऑललायया ररीए ससुउन्नययययी आहह उूुुउऊहह दीदी का जिस्म तड़प उठा ऑर दीदी की आँखों मे हल्के आँसू आ गये लेकिन दीदी ने मुझे रोका नही ऑर मैने भी लंड को फिर से वापिस बाहर किया ऑर तेज़ी से जोरदार धक्का मारा तो लंड पूरा का पूरा चूत की जड़ तक चला गया ऑर दीदी बस ज़ोर से चिल्ला उठी ऑर अपने हाथों से बेड की शीट को पकड़ कर मसल्ने लगी,,,,

पूरा लंड घुसते ही मैने तेज़ी से बिना रुके दीदी की चूत को चोदना शुरू कर दिया,,,,ऑर दीदी हल्के दर्द भरी सिसकियाँ लेती रही ऑर बेड की शीट को हाथों से ज़ोर से मसल्ने लगी ,,,,बेड की शीट पूरी बिखर गई थी ऑर दीदी के हाथों मे आ गई थी,,,बेड पर उतनी ही जगह पर बेड शीट बिछी रह गई थी जितनी जगह पर हम लोग लेटे हुए थे,,,,

मैने लंड को तेज़ी से चूत मे पेलना जारी रखा ऑर साथ ही नीचे होके बूब्स को हाथों से मसल्ने ऑर चूसने

लगा,,,दीदी के हाथ भी अब बेडशीट से हटा कर मेरे सर पर आ गये थे वो भी मेरे सर को बड़े प्यार से एक

हाथ से सहला रही थी ऑर साथ ही एक हाथ को मेरी पीठ पर घुमाने लगी थी अब उसकी सिसकियों मे दर्द भी

गयी हो गया था ऑर बच गई थी सिर्फ़ मस्ती भरी सिसकियाँ जो कुछ ज़्यादा ही मस्त लग रही थी मैने दीदी के बूब्स

से सर उठा कर दीदी के फेस की तरफ देखा तो वो बारे प्यार से सिसकियाँ ले रही थी मेरे देखते ही उन्होने मुझे

एक हल्की सी मस्ती भरी स्माइल दी ऑर मैने अपने फेस को दीदी के फेस के करीब कर दिया ऑर लिप्स को दीदी के लिप्स पर रख दिया,,,दीदी ने भी मेरे को रेस्पॉन्स दिया ऑर मेरे सर को हाथ से पकड़ कर लिप्स की तरफ़ खीच लिया ऑर एक ही पल मे मेरे लिप्स दीदी के लिप्स से जकड़े गये,,,,,,,,उूुुुुुउऊहह क्या सॉफ्ट लिप्स थे इनको किस करते ही

मुझे शोभा दीदी की याद आ गई थी ऑर वैसे भी शिखा दीदी शोभा दीदी का जैसी ही थी,,,गोरी चिट्टी भरा हुआ जिस्म

ऑर बड़े बूब्स ,,ज़्यादा बड़े नही लेकिन अपनी उमर के हिसाब से बड़े थे,,,ऑर एक दम गोरे गोरे ,,,,ऑर लिप्स भी एक

दम सॉफ्ट थे,,,,,,,,,,,,,

मैने दीदी की चूत मे लंड पेलने की स्पीड तेज करदी ऑर दीदी ने भी रेस्पॉन्स देते हुए

मेरे लिप्स को पागलो की तरह चूसना शुरू कर दिया ऑर हाथों को मेरी पीठ पर मस्ती से घुमाने लगी ऑर साथ

ही अपनी टाँगों को मेरी पीठ पर घुमा कर मुझे जाकड़ लिया,,मेरा लंड पूरा अंदर बाहर हो रहा था वो भी

तेज़ी के साथ दीदी की चूत खुली हुई थी लेकिन इतनी भी नही,,,दीदी की शादी हो गई थी लेकिन तलाक़ भी जल्दी ही हो गया था फिर भी दीदी 6 मंत्स तक अपने ससुराल मे रही थी लेकिन चूत से से नही लग रहा था कि 6 मंत्स तक

वो अपने ससुराल मे अपने पति से चुदि होगी क्योंकि अगर 6 मंत्स तक उसके पति ने उसको चोदा होता तो उसकी

चूत टाइट नही होती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मेरा मूसल दीदी की चूत की दीवारों से पूरी तरह से घिसता ऑर रग्गड़ ख़ाता हुआ अंदर बाहर हो रहा था ऑर मेरे को मूठ मारते टाइम जैसे हाथ की पकड़ होती है लंड पर वैसे ही चूत की पकड़ महसूस हो रही थी,,लेकिन ये पकड़ मजबूत होने के साथ एक सॉफ्ट सा अहसास भी दे रही थी,,जैसे मेरे को पूरी मस्ती चढ़ गई थी वैसे ही दीदी का भी बुरा हाल हो गया था वो पागलो की तरह मेरे लिप्स को काटने ऑर चूसने मे लगी हुई थी,,,,एसा लग रहा था कि मैं दीदी को नही दीदी मेरे को चोद रही थी,,दीदी अपने हाथों से मेरी पीठ को पकड़ कर मुझे तेज़ी से उपर नीचे करने मे लगी हुई थी तभी मैने खुद के

हाथ बेड पर रखे ऑर हाथों के सहारे बेड से उपर उठ गया दीदी ने भी अपनी टाँगों की मेरी कमर से हटा

लिया ऑर मुझे उठने दिया,,,मेरा आगे का जिस्म अब हवा मे उठ गया था ऑर लिप्स दीदी के लिप्स से आज़ाद हो गये

थे लेकिन दीदी को ये अच्छा नही लगा तो दीदी ने अपने दोनो हाथों को एल्बो से मोड़ कर बेड से लगा लिया ऑर खुद

के सर को ऑर शोल्डर को उपर कर लिया जिस से दीदी के लिप्स फिर से मेरे लिप्स के करीब आ गये थे दीदी खुद यही

चाहती थी कि मेरे लिप्स उनके लिप्स से दूर नही हो,,,,,मैने भी लिप्स को फिर से दीदी के लिप्स से जाकड़ लिया ऑर एक बार फिर से पागलपन से ऑर मस्ती से भरपूर किस शुरू हो गई थी साथ ही मैने हाथों को बेड पर रखके बेड

का सहारा लिया ऑर स्पीड ऑर भी ज़्यादा तेज करदी ऑर साथ ही लंड का धक्का भी पूरा जोरदार कर दिया जिस से लंड

पूरी तेज़ी ऑर जोश से चूत की दीवारों से टकराने लगा था,,,,,,,,,,दीदी ने मेरे लोवर लिप्स को मूह मे भर लिया

ऑर चूसने लगी ऐसे ही दीदी का उपर लिप्स मेरे मूह मे आ गया था ऑर हम दोनो पागलो की तरह एक दूसरे के लिप्स

को चूसने लगे थे,,,,दीदी कई बार अपनी ज़ुबान को मेरे मूह मे घुसा देती ऑर मैं भी दीदी की ज़ुबान को

प्यार से चूसने लगता लेकिन जब मैं अपनी ज़ुबान को दीदी के मूह मे डालता तो दीदी पागल कुतिया की तरह मेरी

ज़ुबान पर टूट पड़ती थी,,,,

 
कुछ देर बाद मैं दीदी के उपर से उतर गया लेकिन दीदी नही चाहती थी मैं उपर से हट जाउ दीदी ने मुझे मेरी

पीठ से कस्के पकड़ लिया ऑर उपर से हटने नही दिया तभी मैने भी दीदी को कमर से पकड़ा ऑर तेज़ी से खुद

के जिस्म को बेड पर गिरा दिया ऑर दीदी को भी अपने साथ पलट दिया ऑर फिर जल्दी से पीठ के बल हो गया ऐसा करने से मैं बेड पेर पीठ के बल हो गया ऑर दीदी मेरे उपर आ गई लेकिन इतने टाइम मे भी मेरा लंड दीदी की चूत मे

ही रहा ,,,,मेरे उपर आते ही दीदी पागलो की तरह उपर नीचे होने की कोशिश करने लगी लेकिन ऐसा लगा जैसे दीदी

इस खेल से थोड़ी अंजान थी,,मैने खुद दीदी की टाँगो को पकड़ा ऑर उनके घुटनो को मोड़ कर बेड से लगा दिया

दीदी भी समझ गई ऑर खुद के घुटनो को मोड़ कर बेड से लगा कर तेजो से कमर को उपर नीचे करने लगी जिस

से लंड बिल्कुल सीधा चूत मे जाने लगा लेकिन दीदी की स्पीड स्लो थी तो मैने अपने हाथ दीदी की गान्ड पर रख

दिए ऑर तेज़ी से गान्ड को आगे पीछे करने लगा लेकिन कोई फ़ायदा नही हुआ तो मैने दीदी को गान्ड पे हल्के से हाथ

मारा ऑर रुकने को बोला तो दीदी रुक गई ऑर दीदी के रुकते ही मैने खुद अपनी कमर को बेड से उपर उछालना शुरू

किया ऑर खुद तेज़ी से उपर नीचे होके दीदी की चूत को चोदने लगा,,दीदी भी तेज़ी से अपनी कमर को नीचे की ओर

'करने लगी ऑर दोनो मिलकर स्पीड को तेज करने लगे साथ ही हम दोनो किस करते रहे ,,जब भी मैं उपर होता

ऑर दीदी नीचे तो दीदी के बूब्स मेरी चेस्ट पर दब जाते ऑर मुझे चेस्ट पर मीठा मीठा अहसास होता मैने

जल्दी से हाथ को दीदी की गान्ड से उठाकर दीदी के बूब्स पर रखा ऑर ज़ोर से मसल्ने लगा कुछ देर पहले मैं

'बूब्स को चूस रहा था इसलिए बूब्स पर हल्का सा थूक लगा हुआ था जिससे हाथ चिकना होके दीदी के बूब्स

फिर दब दब कर फिसल रहा था,,,मैने थूक की चिकनाहट का सहारा लिया ऑर दोनो हाथों की उंगलियों से बूब्स

की घुंडीयों को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा,,,,,,ऐसा करने से दीदी को ज़्यादा मस्ती चढ़ने लगी ओर दीदी ने अपने लिप्स को

पीछे करके मेरे लिप्स से आज़ाद कर लिया ऑर तेज़ी से सिकियाँ लेने लगी,,,,,आआआआआअहह उूुुुउऊहह

उूुुुुुुुुुउऊहह हमम्म्मममममममम हहययययययययययईईई

उूुुुुुुुुुउऊहह हमम्म्ममममममममममममम आआआआअहह

उूुुुुुुुुुुउऊहह आआआअहह हहुउऊुुउउ आअहह

दीदी की सिसकियाँ कुछ ज़्यादा ही तेज थी मुझे लगा कहीं दीदी झड़ने वाली ना हो इसलिए मैने दीदी को झटके से

नीचे उतार दिया ऑर खुद उठ कर बैठ गया ऑर दीदी को झुकने को बोला तो वो भी जल्दी से झुक गई ऑर अपनी गान्ड

उठा कर मेरे सामने करदी ऑर सर को बेड से लगा लिया मैने भी जल्दी से लंड को चूत पर रखा ऑर तेज़ी से

चूत मे घुसा दिया लेकिन स्पीड स्लो ही रखी ऑर धीरे धीरे दीदी को चोदने लगा,,,दीदी खुद ही अपनी

गान्ड को आगे पीछे करके मेरे लंड को तेज़ी से चूत मे लेने लगी,,ऑर सिसकियाँ भी तेज़ी से लेने लगी,,,,मैं

समझ गया अब दीदी सच मे झड़ने वाली है तो मैने भी स्पीड तेज करदी ऑर दीदी 1 मिनट बाद ही तेज तेज ऑर

ज़ोर से सिसकियाँ लेते हुए झड गई ऑर सारा पानी बेड पर गिरने लगा लेकिन मैने फिर भी स्पीड स्लो नही की ऑर तेज़ी

से दीदी की चूत को चोदता रहा दीदी के पानी निकल जाने के बाद दीदी ने हटने की कोशिश की लेकिन मैने दीदी को

कमर से कस्के पकड़ लिया क्योंकि मेरा अभी तक नही हुआ था ,,लेकिन दीदी ने भी ज़ोर लगाया ऑर मेरे से छूट कर

बेड पर आगे की तरफ हो गई मैने भी जल्दी से खुद को दीदी के उपर कर दिया ऑर लंड को पकड़ कर चूत मे

घुस्सा दिया ओर दीदी एक हाथों को पकड़ कर बेड से लगा लिया,,,,,,,,सुउन्न्ञनयी बाअस्स क्काअरर म्मायन्न

म्मार्र ज्जाोउउन्नगगीइइ ऊररर न्नाहहिि हहूवतता आब्ब्ब ककुउक्च्छ द्दीर्रर ररूउकककजजजा प्प्प्ल्लज़्ज़्ज़ हहययईए

म्‍म्माआ,,,,,,,,,,मैने लंड डालते ही वापिस स्पीड से चोदना शुरू कर दिया ऑर साथ ही दीदी के शोल्डर्स को

हल्के हल्के काटने लगा,,,दीदी के दोनो हाथ मेरे हाथों मे थे ऑर पूरी तरह खुल कर बेड पर लगे हुए थे

जिस से मुझे स्पीड तेज रखना मुश्किल हो रहा था तभी मैने दीदी के हाथ छोड़ दिए ऑर दीदी की पीठ पर

अपने हाथ रखके दीदी को नीचे दबा लिया ताकि वो उठ ना सके ऑर साथ ही अपने जिस्म को थोड़ा हवा मे भी उठा

लिया ताकि स्पीड तेज कर सकूँ ,,,,,,,

दीदी ने हाथ पैर मारने शुरू कर दिए ऑर हिलने डुलने लगी ,मुझे अब थोड़ा थोड़ा गुस्सा आ रहा था क्यू एक तो मैं छूटने के करीब ही था ऑर उपर से दीदी बार बार हिलजुल रही थी जिस से स्पीड तेज करने मे मुश्किल हो रही थी,,,,,,,मैईएन दीदी के दोनो हाथों को पकड़ा ऑर मोड़ कर दीदी की पीठ पर रख दिया ऑर दीदी के हाथों पर अपने हाथ रखके वापिस उपर उठ गया जिसस से मेरे वजन की वजह से दीदी को हाथ हिलना मुश्किल हो रहा था ऑर मेरी स्पीड भी तेज होने लगी थी,,,,,,,,,,,,,,,

हयीईईईईईई म्‍म्म्मारररर गगयययययीी कचहूओद्दड़ डदीई क्काममिईईईन्न्नईए सुउुुउउन्न्ञन्न्नयययययी

म्‍म्माररर ज्ज्जाोउन्नगगीइ म्माईिईन्न आअहह ससुउउउन्न्ञनयी ब्बाससस्स क्काररर्ररर प्प्प्ल्लज़्ज़्ज़्ज़ ऊररर न्नहही

बबार्रददाश्हतत हूटता आअब्ब हहययईई म्माआ म्मार्र गगयइिीई उूुउऊहह ब्बबासस्स्स्स्स्स्सस्स

कककार्र कककुउउउत्ट्तीईए कचहूओद्द म्मूउज़्झहीई ज्ज्जानन्न ल्ल्लईगगगा क्क्य्याअ म्‍म्म्ममीर्ररिईई आअहह

उूुुउऊहह हहात्तजजाआ ससुउन्नययययी ब्बाअस्स्स क्काररर न्न्नाआ ब्बाक्कीिई ब्बाआद्द्द्दद्ड

म्‍म्मीईए कककाररर ल्ल्लीननाअ अब्भहिईीई कचछूड्द डदीई मम्मूउज़्झहहीए आअहह

उूुुुउऊहह,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,लेकिन मैं तो बस झड़ने ही वाला था इसलिए दीदी की बातों को सुन कर

भी अनसुना कर रहा था,,,,,दीदी थोड़ा गुस्से ऑर दर्द मे मिलीजुली आवाज़ से मुझे हटने को बोल रही थी लेकिन

मैं फुल स्पीड से चुदाई करने मे लगा हुआ था,,,,,,,तभी 2 मिनट बाद ही मुझे लगा कि मेरा काम होने

वाला है ओर मैने जल्दी से लंड को चूत से निकाला ऑर लंड ने चूत से निकलते ही दीदी की पीठ पर पानी की तेज-2

पिचकारियाँ मारना शुरू कर दिया ऑर दीदी की पूरी पीठ मेरे स्पर्म से भर गई,,,,,,,,,,,मैं साइड पर गिर गया

ऑर तेज तेज साँसे लेने लगा,,,,,,,,,मैने दीदी की तरफ देखा तो उनकी आँखों मे आँसू थे लेकिन चेहरे पर एक

राहत भरी झलक भी नज़र आ रही थी,,,,,,,,

________________________________________

कुछ देर बाद दीदी उठी ऑर बाथरूम मे चली गई ऑर 5 मिनट बाद वापिस बेड पर आ गई,,,दीदी ने एक टवल

लपेटा हुआ था,,,,,,,,,,,,

दीदी--हो गई तेरे मन को शांति,,,,,,,,,,,,कर ली अपनी मनमानी तूने,,,,,,चल अब जल्दी से मेरी वीडियो डेलीट कर ऑर

दफ़ा हो जा यहाँ से,,,,,,,,,

मैं-;अरे इतनी भी क्या जल्दी है दीदी,,,,,अभी तो एक बार ही हुआ है,,,,

दीदी-;जितना हुआ है तेरे लिए काफ़ी है कमिने,,,,,,,,,अब मेरी वीडियो डेलीट कर ऑर दफ़ा हो जा यहाँ से,,

मैं--;अब इतनी भी क्या बेरूख़ी दीदी,,,,,,,अभी तो इतने प्यार से चुदाई करवा रही थी ऑर अभी इतना गुस्सा,,,,,,,,

दीदी--;गुस्सा नही करूँ तो क्या करूँ,,,,,,,मेरा तो दिल करता है तुझे जान से मार दूं,,,,,,,,,एक तो मेरी ऑर अमित की

ऐसी गंदी वीडियो बनाता है उपर से मुझे ब्लॅकमेल करता है ऑर लंड चुसवाने के नाम पर पूरा खेल खेलता

है मेरे साथ वो भी इतनी बेरेहमी से,,,,,,,ज़रा भी तरस नही आया तुझे मेरे पे,,,,,,,,ऐसे जनवरो की तरह

चुदाई की मेरी चूत में अभी तक दर्द हो रहा है,,,,,,,,,,,

मैं--;सॉरी दीदी मैं छूटने ही वाला था लेकिन अब रुकने को बोल रही थी ऐसी हालत मे रुकना मुश्किल था,,,,,मैने

तो लंड ही चुसवाना था लेकिन आपका गोरा ऑर भरा हुआ एक दम मस्त बदन देख कर मेरे से रहा नही गया ऑर

कॉन पागल होता जो ऐसा मोका हाथ से जाने देता,,,मेरी तो कब्से नज़र थी अप पर लेकिन कभी मोका ही नही

मिला ,,,,,,,,,,

दीदी--;मोका नही मिला इसलिए इतनी घटिया हरकत की तूने,,,,,,,मेरी ऐसी वीडियो बनाई ऑर मुझे ब्लॅकमेल करके ये सब

किया मेरे साथ,,,,,,,,,,,,

मैं-;सॉरी दीदी जो मैने आपको ब्लॅकमेल किया,,,,,,,लेकिन ये वीडियो मैने नही बनाई,,,,,किसी ऑर ने बनाई है,,,,,,,

मेरी बात सुनकर दीदी के होश उड़ गये,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी-;क्या किसी ऑर ने,,,,,,,,,क्या कोई ऑर भी शामिल है तेरी इस हरकत मे,,,,,,,कॉन है वो जल्दी बता,,,,,,,,,,दीदी गुस्से मे बोल रही थी,,,,,,,,

मैं--;वही कमीना इस हरकत के लिए ज़िम्मेदार है जिसपे आपको हद से ज़्यादा यकीन है दीदी,,,,

दीदी--;कॉन है वो,,,,,,,,,,पहेलियाँ मत बुझा सन्नी सीधी तरह बता कॉन है वो,,,,,,,,

मैं--;वही है दीदी जिसके झूठे प्यार के जाल मे फसी हुई हो आप,,,,,,अमित,,

दीदी-;झूठ मत बोलो सन्नी अपना क़सूर छुपाने के लिए किसी ऑर पर इल्ज़ाम मत लगाओ,,,,,,,खुद ऐसी घटिया

हरकत करते हो ऑर इल्ज़ाम लगाते हो बेचारे अमित पर,,,कुछ तो शरम करो सन्नी,,,,,,,,,,,

मैं--;मुझे पता है दीदी आप ऐसे मेरी बात का यकीन नही करोगी,,,,,,,यहाँ बैठो दीदी मैं अभी आपको सब

कुछ सॉफ सॉफ बताता हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,सॉरी खुद नही बताउन्गा,,बल्कि जिसने ये हरकत की है वो खुद ही

क़बूल करेगा इस घटिया हरकत को,,,,,,,,,आप बस मुझे अमित का मोबाइल नंबर दो बस,,,,,,,

दीदी--;सन्नी इतना झूठ मत लोगो,कुछ शरम करो,,,,,,,,,,पक्का तुमको करण ने बताया होगा अमित के बारे मे

तभी तुम उसको बदनाम कर रहे हो,,,,,ये तेरी ऑर करण की मिल्ली भगत होगी,,,,,,,,,,

मैं--;दीदी आप करण को ऐसे मत बोलो प्लज़्ज़्ज़्ज़ आपको नही पता वो आपको कितना प्यार करता है,,,,,,कितनी केयर करता है आपकी,,,,तभी तो चाहता है कि उसकी सिस अमित जैसे किसी घटिया इंसान के साथ कोई रिश्ता ना रखे,,,,वो तो

अमित पर इतना ज़्यादा गुस्सा था कि उसको जान से मारने वाला था कुछ दिन पहले,,,,,,ये तो अच्छा हुआ मैने उसको

रोक दिया,,वरना अमित आज इस दुनिया मे नही होता,,,,,,,,,,,,

दीदी--;ऑर तुम लोग कर भी क्या सकते हो जब मेरे पर कोई ज़ोर नही चला तो करण ने तो जान से मारने की सोच ली अमित कोन ओर तेरे को भी शामिल कर लिया इस खेल मे,,,लेकिन तेरे से गोली नही चलनी थी इसलिए तूने ये वीडियो वाला घटिया काम को अंजाम दिया ताकि मुझे अमित से दूर कर सको,,,,,,लेकिन भूलो मत मैं ऑर अमित एक दूसरे को बहुत प्यार करते है,,,,,,तुम जैसे कमीने लोगो की कोई चाल नही चली हमारे प्यार को तोड़ने मे,,,,,,,,

मैं--;दीदी आप प्ल्ज़्ज़ मुझे अमित का मोबाइल नंबर दो मैं अभी 2 मिनट मे साबित कर देता हूँ कि मैं ऑर करण

ग़लत है या आपका अमित,,,,,,,,,

दीदी कुछ देर चुप रही ,,,,,,फिर मुझे अमित का नंबर दिया,,,,,,,9==5==36===

मैने नंबर मिलाकर फोन को हॅंड फ्री पर लगा दिया,,,,,,,,,दीदी आप चुप रहना बस कुछ देर फिर आपको

सब पता चल जाना है कॉन कितने पानी मे है,,,,,,,,

अमित कॉल पीक करता है,,,,,,,,,हेलो

सन्नी,,,,,,,,,,,,,हेलो.....

अमित,,,,,,,जी कॉन बोल रहा है,,,,,,

सन्नी,,,,अमित सर मैं बोल रहा हूँ,,,,,,,,,,,सन्नी,,,,,,,,,आपके कॉलेज से

अमित,,,,,,,कॉन सन्नी,,,,,,,,,,

सन्नी,,,,,जी ----- क्लास वाला,,,,,,,,

अमित,,,,,,हाँ बोलो सन्नी क्या काम है,,,,,,कैसे याद किया मुझे,,,,,,

सन्नी,,,,,,,सर मुझे आपकी हेल्प चाहिए,,,,,,अगर आप कर सके तो बड़ी मेहरबानी होगी आपकी,,,,

अमित,,,,,क्या हेल्प चाहिए,,,,,,,,,,,कहीं तुम फिर से अपने दोस्त करण को बॅस्केटबॉल टीम मे लेने की बात तो

नही करना चाहते,,,,,,,,अगर वो बात करनी है तो मैं अभी कॉल कट कर देता हूँ,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,नही सर वो बात नही करनी,,,,,ऑर दफ़ा करो उस करण को,,,,,,,अब मेरा कोई दोस्त नही करण

नाम का,,,,,,,,,,,,,,,,मेरा कोई रिश्ता नही उसके साथ,,,,,,,साला जहाँ मरता है मरे,,,,,,अच्छा किया जो आपने

उसको अपनी टीम मे नही लिया,,,,,,ऑर मैं सॉरी बोलना चाहता हूँ कि मैने उस हरामी करण की वजह से आप

लोगो से झगड़ा किया था,,,,,,,,सॉरी सर,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,,इट्स ओके सन्नी,,,,,,,,,अच्छा बोलो क्या काम है तुमको,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,सर मैं एक लड़की को लाइक करता हूँ ,,,,,,,लेकिन बात कैसे करू नही जानता,,,,,,,डर लगता है,,,,

अमित,,,,,,,,तो मैं क्या हेल्प कर सकता हूँ इसमे ,,,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,सर आप तो माहिर हो इस काम मे ,,,,,,,,,हर रोज नई गर्लफ्रेंड होती है आपकी,,,,,,,,,कुछ राज की बातें हमे

भी बता दो,,,,,,,आपके छोटे भाई का भला हो जाएगा,,,,,,

अमित,,,,,,,अरे लड़की से कभी दिल की बात करते हुए डरो नही,,,,,,,,,मना ही कर देगी ना,,,,,,,,लड़कियों की कभी

टेन्षन मत लो,,,,साली एक जाती है तो सामने से साली 10 ऑर आती है,,,,

ये बात सुनके ही दीदी ने अमित को फोन पर गुस्से मे कुछ बोलना चाहा लेकिन मैने अपने लिप्स पर उंगली

रखके दीदी को चुप होने को बोला,,,,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,सर यही तो पंगा है मैं लड़की की बहुत टेन्षन लेता हूँ,,,,,,,,,आइ रीयली लाइक हर अमित भाई,,,लेकिन

बात करने से डरता हूँ,,,,,

अमित,,,,,,,,,,अच्छा तू उसको बहुत ज़्यादा लव करता है इसके मतलब उस से शादी करना चाहता है ,,,,या बस टाइम

पास करना है उसके साथ,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,मैं समझ नही अमित सर,,,,,,,,

अमित,,अरे शादी करके वाइफ बनाना चाहता है या टाइम पास करना चाहता है,,,,,,,,,,,,खा पी के ऐश करना

चाहता है,,,,,,,

सन्नी,,,,,,कैसे बात कर रहे हो अमित सर,,,,,,,,मुझे उसके पास जाने से डर लगता है बाकी बात तो दूर

की बात है,,,,

अमित,,,,,,,,क्या कुछ ज़्यादा ही शरीफ लड़की है वो,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,जी अमित भाई,,,,,,,,तभी तो डर लगता है,,,,,,,अगर चालू होती तो कब्से सेट कर लेता उसको,,,,

 
अमित,,,,,,,,,,,,साला यही पंगा होता है शरीफ लड़कियों का,,,,,,,,,पहले बात करने से डरती है ऑर फिर

खाने पीने मे भी बहुत टाइम लग जाता है,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,क्या भाई आपको भी कोई शरीफ लड़की तंग कर रही है क्या,,,,

अमित,,,,,,,हाँ सन्नी एक है साली बहुत भाव खा रही है,,,,,,लेकिन तू टेन्षन मत ले एक ना एक दिन साली को तब

तक ख़ाता रहूँगा जब तक दिल नही भरेगा,,,,,,,ऑर फिर छोड़ दूँगा,,,,,

सन्नी,,,,,,,,कॉन है अमित सर वो,,,,,,,,,,

अमित,,,,,,,तू उसकी टेन्षन छोड़ तू बता तेरे वाली कॉन है,,,,,

मैं सोचने लगा कि अब किसका नाम लूँ,,,,,,,,तभी मेरे दिमाग़ मे हमारी क्लास की एक लड़की जिसका नाम

सपना था ,,,,बहुत ज़्यादा शरीफ ऑर स्टडी मे सबसे आगे,,,,,,,

सन्नी,,,,,सर वही सूपना जो क्लास मे फर्स्ट आती है,,,,,

अमित,,,,,,,,,,,,,,,,,अरे बापू क्या मस्त आइटम पे नज़र है तेरी,,,,,,,सही जा रहा है तू,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,,,अच्छा भाई अब आप भी बताओ ना आपके वाली शरीफ आइटम कॉन है,,,,,,,,जो आपको तंग कर रही है

अमित,,,,,,,,,किसी को बताएगा तो नही तू,,,,,,,

सन्नी,,,,,सर मुझे आपकी हेल्प चाहिए तो भला मैं आपकी बात किसी को कैसे बता सकता हूँ,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,तो ठीक है,,,,,,,,,,,,,,,वो तेरे उसी हरामी दोस्त करण की बेहन है शिखा,,,,,,,,,जो अपने कॉलेज की

कुछ बेहतरीन लड़कियों मे गिनी जाती थी,,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,सच मे सर,,,,,,,वो आपको तंग कर रही है क्या,,,,,,,,लेकिन मैने तो आपको कई बार देखा है

उसके साथ घूमते हुए,,,,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,हाँ यार बस घूमना फिरना ही होता है,,,,,,,,साली कभी कुछ करने का मोका ही नही देती,,,,यहाँ

तक कि मूवी देखने जाती है तो भी कॉर्नर सीट पर नही बैठती,,,,,,,,,दुखी किया हुआ है साली ने,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,सर ऐसी लड़की को कैसे सेट किया जाता है मुझे भी बता दो प्ल्ज़्ज़,,,,मुझे भी सपना के साथ

सेट्टिंग करनी है,,,,मेरी हेल्प करो ना अमित सर,,,,,

अमित,,,,,,,,,ऐसी लड़कियों के साथ प्यार से पेश आओ,,,,,,,हमेशा उनकी बात सुनो,,,,,,,उसकी इज़्ज़त करो,झूठ

मूठ ही सही,,,,,,,ऑर जिस दिन पिटारी मे बंद हो जाए जी भरके खाओ,,,,,,,

सन्नी,,,,,लेकिन सर अगर वो नही माने तो,,,,,

अमित,,,उसका एक ही इलाज है ,,,,,,,जब भी उसके साथ हल्का फूलका कुछ करो तो मोबाइल पर उसकी वीडियो बना लो

बाद मे कुछ भी कर सकते हो उसके साथ,,,,उसी वीडियो के दम पर,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,सर अगर वो मोबाइल पर वीडियो नही बनाने दे तो क्या करना चाहिए,,,,,,,,,

अमित,,,,,,तू तो सच मे बच्चा है सन्नी,,,,,,,,,,अगर मोबाइल पर वीडियो नही बनाने देती तो मोबाइल को कहीं

ऐसी जगह छुपा दो जहाँ उसको पता नही चले,,,,या कोई छोटा हॅंडीकॅम यूज़ करो इस काम के लिए,,फिर

सब ठीक हो जाता है,,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,सर आप भी ऐसा करते हो क्या,,,,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,,हाँ करता हूँ ना,,,,,,तुझे तो पता है इसी काम के लिए तो बदनाम हूँ मैं कॉलेज मे,,

लेकिन फिर भी लड़कियाँ मेरा यकीन कर लेती है,,,,,,जैसे अभी शिखा ने किया है,,,,,,,,,,वो भी साली कुछ ज़्यादा

ही शरीफ बनती है,,,,,,,,एक दिन ऐसी शराफ़त निकालूँगा उसकी याद रखेगी,,,,,,,,

सन्नी ,,,,,,,,वो कैसे सर,,,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,बस कुछ ऐसा किया है मैने जिस से मैने उसको पूरी तरह बॉटल मे बंद कर लिया है,,,

सन्नी,,,,,,,,,क्या किया है अमित सर मुझे भी बता दो मेरी कुछ हेल्प हो जाएगी,,मुझे भी किसी तरह से सपना

के साथ वो सब करना है,,,,,,,,

अमित,,,,,,आ गया ना तू भी लाइन पर,,,,तो तुझे भी प्यार व्यार नही है तुझे भी मज़ा लेना है बस,,,,

सन्नी,,,,,,,,बताओ ना क्या करूँ मैं अमित सर,,,,,,

अमित,,,,,,,,,,देख मैं तेरी हेल्प कर दूँगा,,,लेकिन एक शर्त पर,,,,,

सन्नी,,,,,,,,क्या शर्त अमित सर,,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,,,यही शर्त कि जब तू उसको थोड़ा चख लेगा तो बाद मे मुझे भी मोका देगा उसको चखने

का,,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,,लेकिन वो कैसे सर,,,,,,,,,,सपना नही मानेगी इसके लिए,,,,,,,,

अमित,,,,,वो मान जाएगी ,,,,,,लेकिन तू बता तू तैयार है क्या इसके लिए,,,,,,,,,,,जो मैं बोलूं करेगा तू

सन्नी,,,,,,,जी अमित सर उसके साथ सेक्स करने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ,,,,,,,,,,

अमित,,,,ठीक है तो पहले उस से दोस्ती कर ऑर जब दोस्ती हो जाए तो मोका देख कर दिल की बात बोल देना,,अगर

गुस्सा हो गई तो जाने देना,,,,,,ऑर अगर मान गई तो उसको कहीं लेके जाना,,,किसी रूम मे उसके घर या अपने

घर,,,,ऑर जब उसके साथ हेप्की पेंकी करले लगे तो पहले से एक जगह पर कॅम छुपा देना ऑर उसकी वीडियो बना

लेना ,,,,एक बार वीडियो बन गई उसके बाद तू कुछ भी कर सकता है ,,,ऑर अपने किसी दोस्त को भी चूत दिलवा

सकता है उसकी,,,,,

सन्नी,,,,,क्या ऐसा हो सकता है सर,,,,,,,,,

अमित,,,,,,,,हाँ हो सकता है सन्नी,,,,,,,मैने भी तो किया है कई बार,,,,,,,,,,,ऑर अब भी किया है शिखा के

साथ,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,,,,,,क्या किया उसके साथ अमित सर,,,,,,,,

अमित,,,,,,,,,मैने उसकी एक ऐसी ही वीडियो बना ली है जिस से मैं उसको ब्लॅकमेल कर सकता हूँ,,,,,,फिर जो दिल

करे कर सकता हूँ,,,,,,,,,वो मना नही कर सकती,,,,,,,,

इतना सुनकर शिखा मेरे हाथ से फोन लेके अमित को गुस्से मे गाली देना चाह रही थी लेकिन मैने मोबाइल को दूर कर

लिया ऑर जल्दी से शिखा के मूह पर हाथ रख दिया ताकि वो कुछ बोल नही सके ,,,

सन्नी,,,,,,,,,,सच मे सर,,,,आपने वीडियो बना ली उसकी,,,,,,,,,

अमित,,,,हाँ बना ली है,,,,,,,अब वो पिटरी मे बंद हो चुकी है,,,,,,,

सन्नी,,,,,,,,,,सर क्या आप मुझे भी शिखा की चूत दिलवा सकते हो,,,,,,,

शिखा दीदी अब तक पूरे गुस्से मे थी अगर अमित अभी उनके सामने होता तो दीदी सच मे उसका खून कर देती,,

अमित,,,,,,,,हाँ क्यू नही,,,,,,वैसे मेरे ऑर भी 2 दोस्त है जो उसकी चूत लेने को बेकरार है,,,तेरा भी नंबर

लगवा दूँगा,लेकिन पहले तू सपना से मेरा काम करवाना उसके बाद तेरी बारी आएगी,,,,,,,,,,

सन्नी,,,ठीक है सर मैं कोशिश करता हूँ,,,,,,,,ऑर जैसे ही कुछ होता है मैं आपको फोन करता हूँ,,,

मैने फोन कट कर दिया,,,,,,,,,

मैने दीदी की तरफ़ देखा तो उनके चेहरे पर गुस्सा ऑर आँखों मे आँसू थे,,,,,,,,,मैं इस अमित को नही

छोड़ने वाली,,,जान से मार दूँगी इसको,,,,,,,खून पी जाउन्गी अमित का,,,,,,,,,,,मैने उसपे इतना यकीन किया

ऑर वो हरामी ऐसा निकला,,,,,,दीदी रोते हुए गुस्से मे अमित को गालियाँ दे रही थी,,,,,,,,

तभी मैं उठा ऑर बाहर जाके अपना बॅग लेके अंदर आ गया,,,बॅग मे से मैने लॅपटॉप निकाला ऑर खोलकर दीदी

के पास बैठ गया,,,,,,,,दीदी ने अपनी आँखों से आँसू पोछे ऑर मेरी तरफ देखने लगी,,,,,,,मैने जल्दी से

वही डेटा वीडियोस प्ले की जो अमित ने बनाई थी,,,,,,,,

मैं--; देखो दीदी सिर्फ़ आप ही नही अमित ने ऐसे की लड़कियों को धोखा दिया है ,,ब्लॅकमेल किया है ,,,उनकी

ज़िंदगी बर्बाद की है,,,,,,,,,,

दीदी वीडियो देखने लगी,,,,,दीदी ने देखा उसमे उन लड़कियों की वीडियो भी थी जो ख़ुदकुशी कर चुकी थी,,,,,,

दीदी की आँखें फिर से नम होने लगी,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--;प्ल्ज़्ज़ दीदी आप मत रोना,,,,,,,,रोना तो अब इस अमित को है,,,,,मनमानी कर चुका ये अपनी,,,अब ऑर नही,,,,

दीदी भी गुस्से मे थी,,,मैं इसको छोड़ने वाली नही,,,जान से मार दूँगी इसको,,

मैं--नही दीदी जान से मारना इसका इलाज़ नही है इसको तो अपने करमो की सज़ा मिलनी चाहिए,,,,,,जान से मारना तो

बहुत छोटी सज़ा है इसके लिए,,,,,,,

दीदी--;फिर ऑर क्या करना चाहिए इसका इलाज़,,,,,,,,,,दीदी गुस्से मे मुझे बोली,,,,,,,

मैं--;अरे दीदी आप मेरे पर गुस्सा क्यूँ कर रही हो,,,,,,,,,,ऑर इसका इलाज़ अभी नही करना सही टाइम आने पर करना है,,,

दीदी--;तेरे पर गुस्सा क्यूँ नही करूँ,,,,,,,,,,तू भी तो अमित जितना ही कसूरवार है,,,उसने मेरी वीडियो बनाई लेकिन

ब्लॅकमेल तो तूने भी किया ना मुझे,,,,,,,,,,तो क्या फ़र्क है तेरे मे ऑर अमित मे,,,,,,,,

मैं--;सॉरी दीदी,,,,,,,मैं आपको ब्लॅकमेल नही करना चाहता था,,लेकिन आपके इस खूबसूरत जिस्म ने मुझे पागल

कर दिया था,,,,,,,मैं अपने होश खो बैठा था,,,,,,,,,,,,,आज से नही काफ़ी टाइम से मैं आपके करीब आना

चाहता था लेकिन कभी हिम्मत नही हुई,,,,,,,जब भी आपके इस भरे हुए जिस्म को देखता पता नही मुझे क्या

हो जाता,,,,

दीदी बड़े ध्यान से मेरी बातें सुन रही थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अच्छा सच मे तू मुझे इतना लाइक करता है

मैं--;हाँ दीदी,बहुत लाइक करता हूँ,,,,,,,कब्से सोचता था कि कब आपकी चूत मारने के मोका मिलेगा ,,कब आपके साथ

मस्ती कर सकूँगा,,,,,,,,,ऑर आज मोका मिल गया,,,,,,,,,

दीदी--अच्छा ऐसे मुझे ब्लॅकमेल करके मेरी चुदाई करके मज़ा आया तुझे,,,,,,,,

मैं--;सॉरी दीदी,,,,,,ब्लॅकमेल तो नही करना चाहता था लेकिन ऐसा मोका हाथ से भी नही जाने देना चाहता था,,,

ऑर मज़ा तो आप पूछे मत ,,,,,,,इतना मज़ा कभी नही आया मुझे ,,,,,,,,,जितना आपकी चूत मारने मे आया है

,,,क्या आपको भी मज़ा आया दीदी,,,,,,,,,,,

दीदी--;हाँ मुझे भी मज़ा आया सन्नी,,,,,लेकिन तूने जान निकाल दी मेरी,,,,,,कोई इतनी ज़बरदस्ती से चुदाई करता है

क्या,,,,,,,,,,,अगर मैं मर जाती तो,,,,,,,,,

मैं--;इतनी जल्दी नही मरने देता दीदी आपको,,,,,,,,,अभी तो ऑर भी चुदाई करनी है आपके साथ,,,,,,,,,अभी तो चूत मारी

है गान्ड का नंबर लगाना बाकी है,,,,,,,,,,

दीदी--;ना बाबा ना ,,चूत मे इतना बड़ा मूसल घुसा कर मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया तूने ऑर मेरी गान्ड की

तो सील भी नही खुली अभी तक,,,,,,,गान्ड मे तेरा मूसल लेके मरना है क्या मुझको.......

मैं--;सच मे दीदी आपकी गान्ड ने अभी तक किसी लंड का स्वाद नही चखा है क्या,,,,,

दीदी--;नही सन्नी,,,,,,,,,,अभी तक मेरी गान्ड मे लंड क्या उंगली भी नही घुसाइ है किसी की,,,,,,,

मैं--;फिर तो दीदी मैं ही सील खोलूँगा आपकी गान्ड की,,,,,,,,,,

दीदी--;ना बाबा मुझे मरना नही है,,,चूत की चुदाई करनी है तो ठीक लेकिन गान्ड को हाथ भी नही लगाने दूँगी

मैं--;ठीक है दीदी ,,,,,,,,,आज नही फिर कभी लेकिन अब एक बार चूत की चुदाई तो करने दो ना,,,,,,,

दीदी--;अच्छा कर लेना बाबा ,,लेकिन पहले ये बता कि इस अमित का क्या करना है अब,,,,,,,,,,जब तक इसको सज़ा नही दूँगी मुझ को चैन नही मिलना,,,,,,,

मैं--;इसका इलाज़ भी हो जाएगा दीदी,,लेकिन सही टाइम आने पर,,,,लेकिन आप एक बात बताओ पहले,,,,,,,इस वीडियो को तो मैं सुमित एक घर से ले आया जहाँ अमित ने एक हॅंडीकॅम छुपा कर रखा हुआ था,,,लेकिन क्या आपकी कोई ऑर

वीडियो उसके पास हो सकती है क्या,,,,,,,,,,क्या आप पहले कभी गई हो सुमित के घर,,या किसी ऑर रूम मे ,,,,

दीदी--;नही सन्नी,,,मैं उस दिन पहली बार गई थी सुमित के घर मे ,,,,,,वैसे हम लोग अक्सर माल या पार्क मे ही

घूमने जाते थे,,,,,,,,लेकिन उस दिन मैने शादी की बात करनी थी तो अमित बोला कि कहीं आराम से बैठ कर

बता करते है,,,,,,,इसलिए वो मुझे उस घर मे ले गया,,,,,,,,,

मैं--;आपको पक्का पता है दीदी,,,,,,,,क्या उसने कभी मोबाइल पर आपको किस करते हुआ या कुछ ऑर करते हुए आपकी

वीडियो नही बनाई,,,,,,,,,,,,

दीदी--;हाँ सन्नी मुझे पक्का यकीन है,,,हम दोनो ने आज तक एक बार ही किस की थी बस,,,वो तो हर मुलाकात पर

बस सेक्स के बारे मे सोचता था लेकिन मैने उसको सीधा मना कर दिया था कि शादी से पहले कुछ नही,,उस दिन

भी शादी की बात के लिए गये थे तो अमित ने बातों ही बातों मे मुझे यकीन करवा दिया कि वो मेरे से ही

शादी करेगा ऑर उसके यकीन की वजह से ही मैने वो सब किया था,,,,,,,,,,ऑर उसी दिन उसने मेरी वीडियो बना ली,,

ये तो अच्छा हुआ कि तुमने सही टाइम पर सही कदम उठा लिया वरना मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाती,,,तूने आज

मेरे साथ जो कुछ भी किया मुझे उसका गम नही,मुझे खुशी है कि तूने मुझे अमित का असली चेहरा दिखा

दिया,,,,,,,

मैं--;दीदी आपकी खुशी की ऑर मेरे ये सब कुछ करने की एक ही वजह है,,,,,,,,,,,,,करण,,,,,,,,,,,,,,उसी ने मुझे आपके

ऑर अमित के बारे मे बताया था ,,वो तो अमित को जान से मारने वाला था लेकिन मैने उसको समझाया ऑर आपको एक

बार अमित से शादी की बात करने को बोला ऑर फिर आपसे कुछ दिन का टाइम माँगा ताकि हम अमित की पोल खोल सके आपके सामने,,,,,,,,,,

दीदी--;क्या करण को पता है मेरी वीडियो,,,,,,,,,दीदी ने बोला शुरू ही किया था कि मैने दीदी को चुप करवा दिया

मैं--;नही दीदी करण को कुछ नही पता इसके बारे मे,,,,,ऑर ना कभी पता लगेगा,,,वैसे दीदी वो आपकी बहुत फिकर

करता है,,,,,,,,बहुत अच्छा भाई है वो आपका,,,पता है कितनी टेन्षन लेता है आपकी,,,,ऑर आप हो कि बार बार

उसपे गुस्सा करती रहती हो,,,,

दीदी--;सॉरी सन्नी,,,मैं बहक गई थी अमित की बातों मे ,,,लेकिन अब तुम बेफिकर रहो,,अब मैं करण की

किसी भी बात का गुस्सा नही करूगी,,,,,,,,,,,जितनी फिकर मेरी वो करता है उतनी ही फिकर अब मैं करूगी उसकी,,

मैं--;दीदी एक बात पुच्छू,,,,,,,,,,,,,,आपको मज़ा तो आया ना मेरे साथ,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--;हाँ सन्नी बहुत मज़ा आया,,,,,,,,

मैं--;तो फिर एक बार ऑर करे,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी शर्मा कर,,लेकिन पीछे से नही करना ऑर जब मैं बोलू मुझे छोड़ देना,,,,,,,,,,,,,

मैं--;ठीक है दीदी,,,,,,,,,,,,

करण ऑर उसकी माँ के आने से पहले मैने दीदी को 4 बार चोदा लेकिन उन्होने मुझे गान्ड नही मारने दी

गान्ड का वादा किसी ऑर दिन हो गया,,,,लेकिन मैने दीदी की चूत को जबरदस्त तरीके से चोदा,,,,,,,दीदी की चूत

6 महीने मे उसके पति ने इतनी नही फाडी होगी जितनी मैने एक दिन मे फाड़ दी,,दीदी तो मेरे मूसल की दीवानी

हो गई थी,,दीदी ने बताया कि उसके पति का लंड तो 4 इंच का था बस,,जिस से टाइम ही पास होता था,,मज़ा तो दीदी

को मेरे 8 इंच के मूसल से आया था...जो अब शायद 8 इंच से भी थोड़ा बड़ा लग रहा था,,,,,

 
दोस्तो काफ़ी दिनों से इस कहानी पर कोई अपडेट ना देने किए खेद है

 
रात को घर पहुँचा तो दिल बहुत खुश था,,आज एक नई चूत जो मिल गई थी,,वो भी शिखा जैसी मस्त लड़की की

जिसका कॉलेज मे हर कोई दीवाना था,,,,,उसकी मटकती गान्ड ऑर उछलते बूब्स देख कर 100 लंड का पानी तो

एसे ही निकल जाता होगा,,,,एक खुशी की ऑर बात थी कि अब वो भी मेरे लंड से आज दिनभर चुदि थी ऑर अब तो

मेरे लंड की दीवानी हो गई थी,,,चूत की खुशी मे इतना पागल हो गया था कि डिन्नर का भी याद नही था आज

ऑर बस अपने रूम मे लेटा हुआ शिखा दीदी के बारे मे सोच रहा था,,,,,तभी शोभा दीदी मुझे डिन्नर के लिए

बुलाने आ गई,,,,,,,मैं नीचे गया तो वहाँ बस मामा ऑर माँ थी,,,,डॅड नही थे,,,तभी शोबा भी मेरे

साथ वाली चेयर पर आके बैठ गई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-,मोम आज भी डॅड घर पर नही है क्या ,,,,,,,,,,,

माँ-नही बेटा वो तेरे डॅड आज भी ऑफीस के काम से बाहर गये है,,,कल सुबह आएँगे,,,,,

मैं-आज कल कुछ ज़्यादा ही बाहर जाने लगे है डॅड ,,,,,,,,,,,,,,,

तभी शोभा दीदी बोल पड़ी,,,,हाँ मोम आज कल कुछ ज़्यादा ही दिल लगा कर मेहनत करने लगे

है डॅड,,,तभी तो 10 दिन मे 6 दिन बाहर रहने लगे है,,,,,,,,

मैं समझ गया कि डॅड आज भी बुआ के बुटीक मे होंगे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,दीदी बुआ कहाँ है,,,आज तुमने बुआ के साथ डिन्नर क्यू नही किया,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी-बुआ भी आज कल कुछ ज़्यादा ही बिज़ी रहने लगी है सन्नी,,बुटीक पर कुछ ज़्यादा ही काम हो गया है,,,,,,,,,,

तभी माँ गुस्से मे बोलने लगी,,,,,,,,,,,,,,चलो अब चुप करके खाना खा लो बातें बाद मे कर लेना,,,,,,,

मैं ऑर दीदी चुप हो गये क्यूकी माँ सच मे गुस्सा हो रही थी,,,ये मज़ाक वाला गुस्सा नही था जब भी हम लोग

बुआ की बात करते तो माँ गुस्सा हो जाती थी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,खैर हम लोगो ने डिन्नर किया ,,,,,,,,,,,शोभा उपर

जाते टाइम मुझे मस्ती भरी हल्की सी आँख मार कर गई ,,,मैं समझ गया उसका इशारा क्या था,,,आज हम लोग

अकेले थे उपर वाले फ्लोर पे,,ऑर उसका इरादा मस्ती करने का था,,,मैने भी माँ ऑर मामा से बचते हुए उसको

आँख मार दी,,,,मेरा दिल तो नही था चुदाई करने का क्यूकी आज शिखा की दिन भर चुदाई करके मैं थक गया

था,,अब ऑर चुदाई करने की ताक़त नही थी,,लेकिन दिल अभी तक नही भरा था इसलिए तो शोभा के आँख मारने से

ऑर इस बात के ख्याल से ही कि हम दोनो अकेले है उपर वाले फ्लोर पे इसी बात से लंड मे एक मस्ती भरा जोश सा

भरने लगा था शायद इसी को कहते थे जवानी का जोश,,,ताक़त नही बची थी दिन भर की चुदाई करने के

बाद लेकिन लंड महाराज तो फिर से ताक़त बटोरने लगे थे,,,,,,दीदी उपर चली गई ऑर मामा घर से बाहर

चला गया ,,सिगरेट पीने ही गया होगा ऑर क्या करना उस वहले ऑर नशेड़ी इंसान को,,,,,,,,,,,,,मामा ऑर शोबा के

जाते ही माँ अपनी चेयर से उठी ऑर मेरे पास आके मेरे साथ वाली चेयर पर बैठ गई,,,,,,,,आज तुम मेरे रूम

मे सो जाओ,,,,मस्ती करेंगे हम तीनो मिलकर,,तुम मैं ऑर मामा,,,,इतना बोलकर माँ ने मेरे को एक किस की ऑर

हाथ भी लंड पर रखके उसको हल्का सा दबा दिया ,,,,,,,,,

माँ--अरे बाप रे ये तो पहले से ही मूड मे आ चुका है बेटा,,,,,,,

मेरा लंड शोबा दीदी की वजह से मस्ती मे आया था लेकिन माँ को लगा कि शायद उनकी वजह से आया था

,,वैसे माँ भी अपनी जगह ठीक थी क्यूकी शोभा की वजह से लंड हल्की मस्ती मे आया था जबकि माँ की वजह से'

इतना ज़्यादा हार्ड होने लगा था कि नसों मे भी हल्का दर्द होने लगा था,,,,,इस से पहले मैं कुछ बोलता माँ

ने मेरे लिप्स को किस करना शुरू कर दिया ऑर साथ ही लंड को भी हल्के हल्के हाथ से सहलाने लगी,,,,,तभी मैं

एक दम से चेयर से उठ गया,,,,,,,,,,,,

माँ-क्या हुआ बेटा,,,,,,,,,,,,,

मैं-माँ आज मूड नही है आज बहुत थक गया हूँ,,

माँ-तो चलो मेरे रूम मे बेटा सारी थकान दूर कर देती हूँ,,,,,,,,,

मैं--नही माँ आज नही,,इतना बोल कर मैं भी अपने रूम की तरफ उपर चला आया,,,,,,

मेरे इनकार की वजह से माँ थोड़ी उदास हो गई थी,,,,,ये बात नही थी कि मैं मा को नही चोदना चाहता था ऑर माँ से ज़्यादा मुझे शोभा की चुदाई अच्छी लगती थी,,,बात तो ये थी कि माँ के पास तो आज मामा सो जाएगा लेकिन शोबा को बेचारी को उंगली से या नकली लंड से काम चला पड़ेगा

इसलिए मैं माँ को मामा के साथ छोड़ कर उपर दीदी के पास चला गया,,,,मैं सीधा दीदी के रूम मे ही गया

क्यूकी मुझे पता था माँ ऑर मामा तो जल्दी से अपने रूम मे चले जाएँगे ऑर वो उपर नही आने वाले,,इसलिए

बिना किसी डर के मैं भी शोभा के रूम मे चला गया,,शोबा के रूम का दरवाजा पहले से खुला हुआ था ऑर

मैं अंदर चला गया अंदर जाते ही मैने दरवाजे को अंदर से लॉक कर लिया,,,,,दीदी रूम मे नही थी तभी

मुझे बाथरूम के दरवाजे पर नंगी भीगी हुई दीदी नज़र आई जो दरवाजे के साथ शोल्डर लगा कर खड़ी हुई

थी,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--इतना टाइम क्यूँ लगा दिया आने मे सन्नी,,,,इतना बोलकर ही दीदी नंगी चलके मेरे पास आ गई,,,,

उसका भीगा हुआ संगमरमर जैसा गोरा ऑर चिकना बदन देख कर मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया

,,लंड पहले से ही हार्ड था लेकिन दीदी को ऐसे देख कर उसके बर्म्यूडा के उपर से तंबू बना दिया था ऑर अब

उस तंबू मे तेज़ी से हलचल होने लगी थी दीदी के नज़र भी तंबू मे होने वाली हलचल की तरफ थी,,,,,,,,,,

दीदी अभी मेरे से थोड़ी दूर थी मैने जल्दी से अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए,,,जितनी देर मे दीदी ने 10-12

फीट का फंसला तय किया उतनी देर मे मेरे कपड़े ज़मीन पर थे,,,,,मुझे तेज़ी से कपड़े उतारते देख दीदी हल्की

मुस्कान देते हुए मेरे करीब आके खड़ी हो गई थी,,,,,,,इस से पहले मैं दीदी के पूछे हुए सवाल का कोई

जवाब देता दीदी ने अपने लिप्स को मेरे लिप्स मे जाकड़ लिया,,,,मैं तो पहले से ही पागल हो चुका था दीदी का

नंगा ऑर भीगा हुआ बदन देख कर ,,मैने दीदी के लिप्स के अपने लिप्स के साथ टच होते ही दीदी के लिप्स को कुछ

इस कदर चूसना शुरू किया जैसे मैं उसके लिप्स को उनके फेस से अलग ही कर देना चाहता हूँ,,,ऑर साथ ही दीदी

के भीगे बदन को अपनी बाहों मे ले लिया लेकिन दीदी के चिकने ऑर पानी से भीगे बदन पर मेरी पकड़ नही

बन रही थी क्यूकी पानी की वजह से चिकनाहट कुछ ज़्यादा हो गई थी,,,,,दीदी के हाथ भी मेरे लंड पर पहुँच

गया था,,,,दीदी ने मेरे हार्ड लंड को पकड़ा ऑर लिप्स से लिप्स हटा कर पीछे हो गई,,चिकने बदन से मेरे भी हाथ

फिसल गये थे ऑर दीदी थोड़ा पीछे हट गई थी,,दीदी ने मेरी तरफ वासना भरी नज़र से एक पल देखा ऑर फिर

मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर बेड की तरफ चलने लगी,,,,,,

जहाँ मेरे ऑर सोनिया के रूम मे मेरा ऑर सोनिया का बेड अलग अलग था वहीं दीदी ऑर बुआ के रूम मे एक ही बेड था ,,दोनो एक ही बेड पर सोती थी,,,,दीदी ने मेरे लंड को पकड़ कर रखा ऑर मुझे बेड पर बिठा दिया ,,मैं टाँगे ज़मीन पर रखे बेड की लास्ट मे बैठ गया था ऑर मेरे लंड को पकड़े मेरी खुली टाँगों के बीच दीदी ज़मीन पर बैठ गई थी ऑर एक ही पल मे ज़मीन पर बैठते ही दीदी ने लंड को मुँह मे ले लिया था ऑर लेटे ही सर को भी उपर नीचे करना शुरू कर दिया था पता

चल रहा था कि दीदी किस तरह मस्ती मे भरी हुई थी ,,,,क्यूकी लंड चूसने के अंदाज ऑर रफ़्तार से पता चल

रहा था वो कितनी बेताब थी मेरे लंड को मुँह मे लेने के लिए,,,,,,,,मैं भी मस्ती के सफ़र पर चल पड़ा था

 


मैने अपने जिस्म को ढीला छोड़ दिया ऑर पीछे बेड पर गिर गया ऑर लंड चुसाई का मज़ा लेने लगा,दीदी ने मेरे

लंड को एक हाथ से लकड़ा हुआ था ऑर हाथ को हल्के से उपर नीचे कर रही थी ऑर साथ ही एक हाथ से मेरी बॉल्स को

सहला रही थी ,,,,हाथ की पकड़ से जो बाकी का लंड बचा हुआ था दीदी उस पूरे लंड को मुँह मे ले रही थी मेरा

लंड बहुत बड़ा था हाथ मे पकड़े होने की वजह से पूरा लंड तो मुँह मे नही जा रहा था लेकिन फिर भी मेरा

लंड दीदी के गले से टकरा रहा था,,,दीदी के मुँह से थूक निकल कर नीचे की तरफ बहने लगा था जिसस से उस

हाथ को भी चिकनाहट मिलने लगी थी जो मेरे लंड को सहला रहा था ऑर थूक इतना ज़्यादा बह रहा था कि मेरी

बॉल्स पर पहुँच गया था ओर बॉल्स भी चिकनी होने लगी थी ऑर एक हाथ बॉल्स को भी सहला रहा था तभी दीदी ने

लंड को मुँह से निकाला ऑर मेरी बॉल्स को मुँह मे भर लिया,,,,दीदी के एक करके मेरी बॉल्स को मुँह मे भरके बड़े

प्यार से चूसने लगी ऑर साथ ही दोनो हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी,,,लंड थूक से चिकना हो गया था ओर

दीदी के दोनो हाथ भी पूरे चिकने हो गये थे जिसस वजह से लंड पेर चिकनाहट भरी पकड़ बनी हुई थी ऑर हाथ

भी तेज़ी से फिसलते हुए उपर नीचे हो रहे थे,,,मैं बस बेड पर लेटा हुआ मस्ती के सफ़र को एंजाय कर रहा

था,,,

कुछ देर बाद दीदी उठी ऑर मेरे करीब आ गई,,,,,मुझे लंड की चुस्वाई मे बहुत मज़ा आ रहा था दीदी के

मेरे पास आते ही मैने दीदी को देखा ऑर नज़रो ही नज़रो मे पूछा कि लंड को चूसना क्यू बंद किया ,,,दीदी ने

भी जवाब मे जल्दी से अपने सर को वापिस पलट कर मेरे लंड की तरफ कर दिया ऑर टाँगे खोलकर अपनी चूत को

मेरे लिप्स के पास कर दिया,,,मैने भी एक पल की देर किए बिना दीदी की गान्ड पर अपने हाथ रखे ऑर दीदी चूत

को अपने अपने लिप्स के बेहद करीब खींच लिया ऑर जल्दी से मुँह मे भर लिया,,,,कुछ ही देर मे दीदी की चूत के

छोटे छोटे लिप्स मेरे मुँह मे थे ओर मैं मस्ती मे दीदी की चूत के लिप्स को मुँह मे भरके चूसने लगा ऑर

हल्के से काटने लगा,,,,,जब भी मैं दीदी की चूत पर हल्के से काट-ता था तभी दीदी भी मेरे लंड की टोपी पर

हल्के से काट देती थी,,,दोनो को मस्ती कुछ ज़्यादा की चढ़ गई थी ऑर ऐसे एक दूसरे के प्राइवेट पार्ट पर हल्के-2

दाँत लगने से दोनो की मस्ती ऑर भी ज़्यादा बढ़ जाती थी,,,दाँत से काटने के बाद जैसे मैं दीदी की चूत को

कुछ पल क लिए पूरा मुँह मे भर लेता ऑर चूसने लग जाता था वैसे ही दीदी भी लंड को पूरा मुँह मे घुसा

लेती थी कि मेरा लंड उनके गले से अंदर तक चला जाता था ऑर वो वैसे ही गले से नीचे तक लेके मेरे लंड पर

अपने सर को उपर नीचे करते हुए मुझे डीपतरट का मज़ा देने लग जाती थी,,,दीदी की चूत का नमकीन पानी

मुझे भी पागल कर रहा था जब भी मैं दीदी की चूत को पूरा मुँह मे भरता था तो दीदी की चूत मस्ती मे

थोड़ा सा पानी निकालने लग जाती थी जिसको मैं बड़े प्यार से हलक से नीचे उतार लेता था,,,

मैने अपनी दोनो हाथों से दीदी के गान्ड को पकड़ा हुआ था जिस से मेरी उंगलिया दीदी की गान्ड वाले होल पर टच कर रही थी

मैने गान्ड के होल को सहलाना शुरू कर दिया था फिर दोनो हाथों से गान्ड को थोड़ा खोल कर गान्ड के

होल मे उंगली घुसा दी,,,दीदी मस्ती मे थी जिस वजह से गान्ड का होल खुद-ब-खुद भी थोड़ा खुल गया था ऑर

मेरी एक हाथ की एक उंगली आराम से अंदर चली गई थी तो मैने जल्दी से दूसरे हाथ की एक उंगली भी दीदी की गान्ड

मे घुसा दी थी ऑर दोनो उंगलियों से गान्ड के होल को थोड़ा ऑर ज़्यादा खोल दिया फिर दोनो हाथों की 2-2

उंगलियाँ गान्ड मे घुसा दी,,गान्ड मे 4 उंगलिया घुस गई थी ऑर मैं दोनो हाथों से उंगलियों को अंदर

बाहर करने लगा,,दीदी भी मस्ती मे लंड को तेज़ी से चूसने लगी थी,,,,फिर कुछ देर बाद दीदी मेरे उपर से

हट गई,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--अब ऑर नही तड़पना मुझे जल्दी अपना मूसल घुसा मेरी चूत मे,,इतना बोलकर दीदी बेड

पर टाँगे खोल कर लेट गई ऑर मैं भी जल्दी से उठके दीदी के उपर चला गया ऑर लंड को दीदी की चूत मे घुसा

दिया ऑर घुसते ही तेज़ी से दीदी की चूत को चोदना शुरू कर दिया,,,दीदी ने भी जल्दी से मेरे सर को पकड़ कर

अपने करीब किया ऑर पल मे ही मेरे लिप्स को पागलो की चूसना शुरू कर दिया,,,,,मैने भी दीदी के लिप्स को उसी

तरह चूसना शुरू कर दिया जैसे दीदी चूस रही थी,,,,हम दोनो पागल हो गये थे,,हम दोनो के लिप्स आपस

मे एक दूसरे के लिप्स मे जकड़े हुए थे ऑर मेरा लंड दीदी की चूत मे जड़ तक जाके तेज़ी से चुदाई कर रहा था,,

दीदी ने मस्ती मे मेरे सर को पकड़ा हुआ था ऑर मेरे सर को अपने हाथों से सहला रही थी ऑर साथ थी मेरी

पीठ को भी अपनी टाँगों मे जकड लिया था कुछ देर बाद दीदी के हाथ मेरी पीठ से होते हुए मेरी गान्ड पर

आ गये ऑर दीदी मेरी गान्ड को पकड़ कर तेज़ी से मेरी गान्ड को उपर नीचे हिलाने लगी वो चाहती थी कि मैं अपनी

स्पीड ऑर तेज करू मैने भी अपने घुटनो को बॅड के साथ लगा लिया ऑर धक्को की स्पीड तेज करते हुए दीदी की

चूत को चोदने लगा,,,,जब स्पीड दीदी के मर्ज़ी के मुताबिक तेज हो गई तो दीदी ने मेरी गान्ड पर से हाथ उठाए

ऑर उन्ही हाथों से मेरी पीठ को सहलाने लगी ऑर मेरे लिप्स से लिप्स को हटा लिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,आहह

उूुुुुुुउऊहह म्माज्ज्जाअ आआ र्राहहा हहाइी ब्बबाहहीी आपपननीी ब्बीहाआंन्णाणन्

क्कीईइ कचहुद्दाऐइ क्काररननी म्मईए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,हहानन्न दडिययड्ड्डिईइ बभहुत्त्त ंमाज़्ज़जजाअ एयाया

र्राहहाअ हहाऐईइ ददिल्ल क्काररत्ता हहाइईइ ईससी हहिी न्नांनन्गगीइइ क्कार्रक्कीए सस्सार्ररररा दडिईईईन्न्न्न्

ऊओरर स्साररीइ र्रातत्ट आप्प्क्कीइ कच्छूऊततत म्मार्रत्ता र्राहहुउऊउ ईकक प्पाल्ल बहिईिइ ल्ल्लुउन्न्ड्ड़ कक्कूव

आप्प्प्पक्कीी कच्छूवतत ससीए ब्बाहहरर न्नाहहीी क्काररुउउ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तटूऊओ आअज्जज क्क्कीईईईईईईई

र्राआटतत्त ज्ज्जििीट्टन्न्नाअ त्तीर्रा ददिल्ल्ल क्काररीए ब्बाहहिईिइ उउन्न्ञततिीई द्दीर्रररर म्म्मीतरीई कचचड़दाईईई

क्काररूव म्मायन्न न्नाहहिी ररूककन्नी व्वाल्ल्लीी त्तीररी क्कूव ब्बास्स ईससी हहिि आपपंनीई इसस्स

ब्बाददी म्मूऊऊस्साल्ल्ल कककूऊ त्टीरीइ ससीए प्पील्लटटीए र्राहहूओ म्मीरीइ कच्छूवतत म्मईए,,,,,,

आहह उुउऊहह हमम्म्मममममम उउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

,,,,,,,,,,,,,,द्दीइद्दीइ ससियईर्रफफफ्फ़ चूत्त न्नाहहिी ग्गगाणन्ंदड़ बभीी माअररननीी हहाइी म्मूउुज्ज्झीई

आप्प्पक्कीईइ ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,म्मीररी ब्बाहहिी ककूऊ कच्छूटतत सससी ज्ज्जययययाद्दा न्नास्शहाअ

ग्गाअन्न्ँदडड़ क्काअ हहाइईइ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,हहानं दडियड्डिई ज्जाब्ब त्टाककक गगाआअंन्दड़ न्न्नाआहहिईिइ

म्म्माआर्रत्त्ताअ कच्छुद्दाी क्का म्माज्जाअ हहिि न्नाहहीी आत्त्ताआ,,,,,,,,,,,,,,दीदी ने तभी मुझे

नीचे उतरने को बोला ऑर मैं नीचे उतर गया,,,,,,,

 
मेरे उतरते ही दीदी झट से कुतिया बनके झुक गई ऑर गान्ड को तोहफे की तरह मेरे सामने पेश कर दिया मैने भी कोई देर किए बिना लंड को दीदी की गान्ड मे घुसा दिया,,,,लंड दीदी के चूत के पानी से पहले ही काफ़ी ज़्यादा चिकना हो चुका था ऑर दीदी की गान्ड भी मस्ती मे अपने आप खुल गई थी तो मेरा लंड पहली बार मे पूरा

अंडर तक घुस गया था ,,,,मैने दीदी की कमर पे हाथ रखा ऑर पकड़ बना कर तेज़ी से दीदी की गान्ड को चोदना शुरू कर दिया,,,,,,,,,,,,,,,आहह आअब्ब्ब्ब आय्या ंमाज़्जा म्मीररीए ब्बहहियियैयियी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,हहानं ददिदड्डीई आआब्ब ंमाज़्जाअ आय्या ,,,,,,,,,,,,,,,,,आब्ब त्तीर्रा ज्जििट्टन्ंन्न्नाअदडील्ल्ल क्काररी म्मीरीईइ गाअन्नदडड़ म्माररल्ली म्मीररी राज़्ज़ाअ ब्बहहीय्या ल्लेककिन्न्न आप्प्नियीयियी म्माल्लायईीी म्मीररीि गाअंन्दड़ म्मईए न्नाहहीी द्दाल्लनना म्मीर्रे म्मूउहह म्मी द्दाल्लनननाआअमम्मूउज़्झहही ब्बाददीई ममित्तहीी ल्लाग्गठतीी हहाीइ त्तीररीए ल्लुउउन्न्ड्ड़ क्कीिई म्माल्लाई,,,,,,,,,,,

फिर दीदी सिसकियाँ लेने लगी ऑर मैं दीदी की दमदार गान्ड चुदाई करने लगा,रूममे दीदी की सिसकियाँ ऑर मेरे लंड की दीदी की गान्ड पे जोरदार आवाज़ से पच पकच्छ का शोर कमरे मे गूंजने लगा,,,,,,,,,,,,,,,,ब्बाहहिईीईईईहाटतह म्मीररीए ब्बूवबबसस प्पीरर रृाक्ख़्हू ऊरर म्मास्सल्लू इन्नक्कू ईससे म्मूउज़्ज्ज्झहीईए

ज्ज्जययाआदददााा ंमाज़्जाअ आत्ता हहाइईइ ,,,,,,,,,,,,

,मैने भी हाथ जल्दी से दीदी की गान्ड पर रख कर उनको ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया,ऑर बूब्स पर हाथों की पकड़ बना कर तेज़ी से लंड को गान्ड मे पेलना शुरू

कर दिया,,,,,,,आहह ईस्स्स्स्सीई हहिईीई म्मास्सल्लूऊओ म्मीररी ब्ब्बूबबसस क्कूव ब्बाहहिि ऊरर ज्ज्जूओर्र ससीई ऊओररर ज्जूओर्रर सस्स्सीए,,,,,त्तीज्ज्जीइ ससी गगाआंनदडड़ म्माररूव म्मीरीईइ पाहहाड्दड़ द्दाल्लूओ आअज्जज म्मीरीईई गगाणनद्दद्ड कक्कूव आहह उऊहह हमम्म्मममममम उउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआआहह हहययययययययययययययई क्कीत्त्न्नाआआआअ ब्बबाददाअ म्मूओस्स्साल्ल्ल हहाइी टतरराा ब्बाहहिईीई क्कीिट्टन्न्ना म्माआज़्जाअ डडीईएत्टाआ हहाइईइ

आहह उुउऊहह,,,,,,,,,,दीदी की सिकियों से लगने लगा था दीदी के काम होने वाला है

ऑर इधर मेरा भी काम होने ही वाला था बस मैने जल्दी से दीदी के बूब्स को छोड़ दिया ऑर हाथ को दीदी की चूत पर रखा ऑर चूत को मसल्ने लगा,,,तभी 2 पल मे ही दीदी ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया इधर दीदी का पानी निकला ऑर तभी मुझे भी लगा कि मेरा भी अब होने ही वाला है तो मैने जल्दी से लंड को दीदी की गान्ड से निकाल लिया लंड निकलते ही दीदी को पता चला कि मेरा भी काम होने वाला है तभी दीदी जल्दी से पलट गई ,,इस से पहले कि मैं अपने लंड को दीदी के मुँह के करीब लेके जाता दीदी ने पलट कर मेरे लंड को मुँह मे ले लिया ऑर हाथ से लंड को तेज़ी से सहलाने लगी ,,पल भर मे मेरे लंड ने भी दीदी के मुँह को स्पर्म से भर दिया ऑर दीदी ने मेरे सारे स्पर्म को निगल लिया ऑर लंड को भी अच्छ तरह चाट कर सॉफ कर दिया,,,,,,,,,फिर हम दोनो

ऐसे ही बेड पर गिर गये,,,,,,,,,,,

 


दीदी-मज़ा आया भाई,,,,,,,,,,

मैं--हाँ दीदी बहुत मज़ा आया,,,,,,,,,

भाई तेरे को चूत मे ज़्यादा मज़ा आता है मेरी या गान्ड मे,,,,,,,,

मुझे तो आपकी चूत ऑर गान्ड दोनो मे मज़ा आता है दीदी लेकिन गान्ड मे कुछ ज़्यादा ही मज़ा आता है,,

मुझे भी भाई तेरे इस मूसल को चूत मे लेने से ज़्यादा गान्ड मे लेने मे आजा आता है,,,,

मैं-सच मे दीदी,,,,,,,,,,

दीदी-हाँ मेरे भाई,,,,,,,,,,,तेरा ये बड़ा मूसल जब गान्ड की दीवारों को रग्गड़ता हुआ अंडर बाहर होता है तो इतनी मस्ती चढ़ती है कि क्या बताऊ तुझे,,,,,,,तेरे इस मूसल ने तो मुझे इतना पागल कर दिया है कि अब बुआ के वो नकली ऑर छोटे लंड लेने को दिल ही नही करता,,,,,दिल करता है कि तेरे ही इस मूसल को चूत गान्ड ऑर अपने

मुँह मे लेती रहूं,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--दीदी एक बात पुछु,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--पूछो मेरे राजा भैया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--आपने कभी मेरे लंड के अलावा कोई ऑर लंड का मज़ा भी लिया है क्या,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी कुछ देर सोचने लगी,,,,,,हाँ लिया है ना भैया बुआ के उस नकली लंड का,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--,नकली नही दीदी मैं असली लंड की बात कर रहा हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--नही भाई असली लंड तेरे सिवा ऑर किसका लेना,,,,बाहर जाके लंड लेने से डर लगता है बदनामी का मुझे इसलिए तो तेरे लंड की दीवानी हूँ मैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--दीदी बाहर की नही अपने घर की बात कर रहा हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी कुछ देर चुप रही,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--बोलो ना दीदी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--नही भाई तेरे अलावा किसी का लंड नही लिया आज तक ऑर भला लेती भी तो किसका लेती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--क्यू दीदी भाई है ना,,,आपका दिल नही किया कभी भाई का लंड लेने को,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--नही सन्नी ये तो बुआ के साथ रहने से मुझे चुदाई के बारे मे पता चला था ऑर बुआ ने ही छोटे लंड से मेरी सील खोली थी उस से पहले कभी दिल नही किया था लंड लेने को लेकिन अब दिल करता है,,,,लेकिन अब क्या फ़ायदा अब तो भाई बाहर चला गया है,,,,,वैसे मेरी बात को छोड़ तू बता तेरा कभी दिल किया मेरे ऑर बुआ के अलावा घर की किसी औरत को चोदने क लिए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

,मैं भी कुछ देर चुप रहा,,,,,,,,,सोचा कि इसको बता दिया कि मैं माँ को चोदता हूँ तो पता नही क्या बोलेगी ऑर मुझे शक था ये भी डॅड से चुदाई करती है क्यूकी बुआ ने पूजा ऑर मनीषा की चुदाई करवा दी थी डॅड से तो लाजमी बात थी दीदी भी बुआ के पास रहती थी ज़्यादा टाइम तो हो सकता था दीदी भी डॅड से चुदाई करती हो,,,,,,

मैं--दीदी मेरा दिल तो करता है चुदाई करने को लेकिन डरता हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--अच्छा किसकी चुदाई करने को दिल करता है मेरे भाई का,,माँ की चुदाई करने को,,,,,,,,,,,,,,

मैं--क्या बोल रही हो दीदी मैं भला माँ के साथ ये सब कैसे कर सकता हूँ,मेरा दिल तो सोनिया के साथ चुदाई करने को करता है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी-क्यू अगर तू मेरे ऑर बुआ से चुदाई कर सकता है तो माँ के साथ क्यू नही,,,ऑर अब तो तेरा दिल सोनिया की चुदाई को भी करने लगा है तो भला माँ की चुदाई से क्यूँ डरता है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--माँ से डर लगता है दीदी लेकिन दिल भी करता है,,सोनिया से डर नही लगता ऑर चुदाई का पूरा पूरा दिल करता है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--देख सोनिया के साथ तो मैं कुछ नही कर सकती लेकिन तुम बोलो तो माँ के साथ मैं तुम्हारा खेल शुरू करवा सकती हूँ,,,लेकिन अगर तुम बुआ को इस बारे मे कुछ नही बताओ तो,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--माँ के साथ कैसे शुरू कर सकती हो तुम दीदी,,,ऑर सोनिया के साथ क्यूँ नही,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी-देख सन्नी माँ को तैयार कर सकती हूँ इस बात का मुझे यकीन है लेकिन सोनिया के साथ तू सोचना भी नही वो तेज छुरि से बात भी करना मुश्किल है इस बारे मे,,,,,,,,

दीदी सच कह रही थी सोनिया थी ही इतने गुस्से वाली कि सब डरते थे उस से,,मैं भी,,,,,,,,,,,,,,,

मैं---तो ठीक है दीदी आप मेरे लिए माँ को तैयार करो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--बदले मे मुझे क्या मिलेगा सन्नी,,,,,,,,

मैं--जो भी आप चाहो दीदी

दीदी-तो ठीक है तू भी मेरे लिए किसी बड़े मूसल का इंतज़ाम कर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--बड़े मूसल का ,,वो कैसे दीदी मैं बड़े मूसल का इंतज़ाम कैसे करूँ,,ऑर किसके मूसल की बात कर रही हो आप,,,,,,,,,,

दीदी-मैं तोतेरे को इंतज़ाम करने को बोल रही हूँ फिर वो मूसल किसी का भी हो,,,,,बस बदनामी नही हो,,,,,,,,अब तू देख तेरी नज़र मे कोई मूसल है क्या,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--ऐसा तो फिर एक ही मूसल है दीदी ,,मैने अपने मूसल की तरफ इशारा किया ऑर दीदी हँसने लगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--ये अब तेरा नही मेरा मूसल है सन्नी जो अब रात भर मेरी चूत मे रहने वाला है इतने मे ही दीदी ने मेरे लंड को मुट्ठी मे पकड़ लिया ओर सहलाना शुरू कर दिया,,,,,,,,,,,,,

मैं--,दीदी क्या आप सच मे माँ को मेरे लिया तैयार कर सकती हो,,,लेकिन कैसे दीदी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दीदी--वो मेरी टेन्षन है अब तू बाकी बातें छोड़ ऑर एंजाय कर

दीदी ने जल्दी से लंड को फिर से मुँह मे भर लिया ऑर चूसने लगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,उस रात मैने दीदी को सुबह 6 बजे तक 4 बार चोदा ऑर सुबह अपने रूम मे जाके सो गया..........

 
सुबह उठा ऑर नाश्ता करके कॉलेज की तरफ चल पड़ा तभी रास्ते मे सोनिया का फोन आ गया,,,,,

सोनिया-हेलो सन्नी मुझे भी अपने साथ कॉलेज लेके जाना आज कविता को कॉलेज नही जाना है,,,,,,,,,,,,,,,

मैं भी सीधा कविता के घर के बाहर पहुँचा गया,,,,,,,,,,,,वहाँ सोनिया पहले से बाहर खड़ी हुई थी कविता भी उसके साथ थी बट कविता कुछ उदास लग रही थी ऑर ऐसा लग रहा था जैसे वो बहुत ज़्यादा रोई हुई थी,,,,,,,,

मैं-हाई कविता ,,,,,,उसने भी मुझे उदासी भरी आवाज़ मे हल्के से हाई बोला ऑर अंदर चली गई सोनिया मेरे साथ आके बैठ गई लेकिन सोनिया ने मुझे नही पकड़ा बल्कि बाइक की सीट को पकड़ कर बैठ गई,,,,,,,,,,,मैं सोनिया से कविता के बारे मे बात करना चाहता था जैसे ही मैने कुछ बोलने के लिए मुँह खोला तो मेरे से पहले सोनिया बोल पड़ी,,,,,,,,,,,

सोनिया-सन्नी मुझे आज कॉलेज नही जाना तू प्लज़्ज़्ज़ कहीं ऑर ले चल मुझे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-क्या हुआ सोनिया ,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;कुछ नही सन्नी बस मूड थोड़ा ठीक नही है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं;-कविता के घर मे कोई प्राब्लम है क्या ,,,,,,

सोनिया-; हाँ सन्नी तभी तो मैं कल से वहाँ थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-; क्या प्राब्लम है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;वो तेरा जानना ज़रूरी नही है,,,,,,,सोनिया गुस्से मे बोली,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं चुप हो गया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-; सॉरी सन्नी मेरा वो मतलब नही था मैं जस्ट कविता की वजह से बहुत परेशान हूँ तभी तो तेरे पर गुस्सा

हो गई तू प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ मुझे कहीं ऐसी जगह ले चल जहाँ मेरा मन थोड़ा बहल जाए,,,लेकिन मुझे माल

या मूवी नही देखने जाना,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-; इट्स ओके सोनिया,,,जनता हूँ तुम कविता की वजह से टेन्षन मे हो तुम

आराम से बैठो मैं तुमको माल या मूवी के लिए नही बल्कि पार्क मे लेके चलता हूँ जहाँ तुम्हारा मन

बहल जाएगा,,,,,,,,,,,,,,,,,,मैं सोनिया को पार्क मे ले गया,,,,,,,,,,वहाँ बहुत सकून था सुबह का टाइम था

तो ज़्यादा रश नही था क्यूकी ज़्यादातर रश शाम के टाइम होता था,,,लेकिन अभी भी कुछ लवर्स थे यहाँ

पर जो हाथों मे हाथ डालके घूम रहे थे,,,,,,,,,,,,,,,मैं ऑर सोनिया पार्क मे 2 टेबल्स पर जाके बैठ गये

जो एक कॉर्नर पे अलग थलग जगह पर पड़े हुए थे,,,,,,,,,,,,,,,,,सोनिया कुछ उदास थी,,,,,,,,मैने उसका मन

बहलाने की कोशिश करते हुए उसको जोक्स सुनाने शुरू किए ,,मैं अक्सर उसको हँसाने के लिए उसको जोक्स सुनाता

था जिस से उसको बहुत खुशी होती थी,,,,,,ऑर अब भी जोक्स का असर होने लगा था ऑर वो हँसने लगी थी,,वो इतना

ज़ोर से हँसने लगी थी मेरे जोक्स पर कि आस पास के लोग जो आस पास नही थे कुछ दूर थे उनको भी सोनिया की

हँसी सुनाई देने लगी थी,,,,,,,,,,,,,,सोनाई ने देखा कि लोग उसके ऐसे पागलों की तरह हँसते देख रहे थे तो वो चुप

हो गई ऑर शरमाने लगी उसका एक दम से शरमाना मुझे बहुत अच्छा लगा ऑर मैं एक टक उसको देखने लगा,,,उसने

मुझे ऐसे उसकी तरफ घूरते देखा तो उसकी नज़रे झुक गई ऑर उसका शरमाना ऑर भी हसीन हो गया,,,इतनी बात

तो थी कि अब वो कविता के घर की टेन्षन को भूल चुकी थी ऑर खुश थी,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-भाई ऐसे मत देखो मुझे अच्छा नही लगता,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं फिर भी उसको देखता जा रहा था,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;भाई ऐसे मत देखो ना,,,,,वरना मुझे गुस्सा आ जाएगा,,,,,,,,,,,,,,,,मैं फिर भी उसको देखता जा रहा था,,

तभी वो उठी ओर मेरे पास आ गई ओर मेरे साथ मेरे टेबल पर बैठ गई ओर आते ही उसने मुझे एक थप्पड़

मारा लेकिन ज़्यादा ज़ोर से नही मैं डर गया था कहीं इसको गुस्सा तो नही आ गया था ,,,,मैं हैरान भी हो गया

था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तभी वो बोलने लगी,,,,,,,,,,

सोनिया-;भाई ऐसा क्यू होता है जब भी मैं उदास होती हूँ तो आपके साथ रहने से मेरी उदासी दूर हो जाती है,,,,कल से

मैं कविता क घर पर हूँ ऑर एक बार भी मेरे फेस पर हल्की सी स्माइल नही आई ऑर आपके साथ होते ही मैं इतना

ज़्यादा खुश होने लगी हूँ इतना ज़्यादा हँसने लगी हूँ कि लोग भी मुझे पागल समझ रहे है,,,,ऐसा क्यू है भाई,,,,,,,,,,,

मैं-क्यूकी मैं तेरा भाई हूँ,,,भाई कम ऑर दोस्त ज़्यादा,,,जो तेरी हर बात को समझता है,,ऑर तेरे इस मासूम

चेहरे पर उदासी नही देख सकता ऑर तुझे खुश करने क लिए कुछ भी कर सकता है,,,,,,,,

सोनिया-इतने ही अच्छे भाई हो ऑर इतनी फिकर करने वाले दोस्त हो तो घटिया हरकते करके ऐसे रिश्ते को खराब क्यूँ करते हो भाई,,,,,,,,,,,,क्यूँ ऐसे अजीब नज़रो से देखते हो मुझे कि मुझे ही अपने आप पर शरम आने लग जाती है,,

क्यू करते ही ऐसा भाई,,,,,क्यू अपनी बेहन को ,,अपनी एक ऐसी दोस्त को जिसकी तुम बहुत ज़्यादा फ़िक्र करते हो कि उसको हर्ट करने वाले इंसान को भी जान से मारने की कोशिश करते हो,,,,,,,,,उस दिन उन लोगो को इतनी बुरी तरह से

मारा तुम ने जिन्होने ने मेरा हाथ पकड़ा था ,,,ऑर एक तरफ रात को खुद ऐसी हरकत,,,,,,,,,,,,,कहते हुए ही सोनिया चुप हो गई,,,,,,,,,,,

मैं-;तेरे को कोई हाथ लगाएगा तो मैं उसकी जान ले लूँगा सोनिया,,,मैं तुझे बहुत लाइक करता हूँ जानता हूँ मैं

तेरा भाई हूँ ऑर जो हरकते मैं करता हूँ वो ग़लत है लेकिन क्या करूँ तुझे देखता हूँ तो मेरे होश गुम

हो जाते है ,,,,तू इतनी अच्छी लगती है कि मैं ये भी भूल जाता हूँ कि तू मेरी बेहन है,,पता नही क्या हो जाता

है मुझे,,,,,,,,,इतना बोल कर मैने हिम्मत की ऑर सोनाई के हाथ पर हाथ रख दिया जो उसकी टाँगो पर पड़ा

हुआ था,,,,,,,,

सोनिया ने जल्दी से अपने हाथ को हटा लिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;भाई ऐसा नही करो प्लज़्ज़्ज़ हम भाई बेहन है,, ऐसा करना ग़लत है,,ऐसा करके तुम क्यूँ भाई बेहन के रिश्ते को खराब कर रहे हो,,,,तुमको शरम क्यू नही आती भाई मेरे साथ ऐसा करते हुए,,,,,,,,कुछ तो सोचो अपने इस रिश्ते के बारे मे,,,,,,,,,,

मैं-;मुझे कुछ नही सोचना ऑर ना कुछ समझना है,,,,,जब भी तेरे करीब आता हूँ खुद बा खुद तेरी तरफ

खिंचा चला आता हूँ,,,,दिल ऑर दिमाग़ काम करना बंद कर देते है,,,जानता हूँ ये ग़लत है लेकिन फिर

भी ना जाने क्यूँ मुझे ये सब ग़लत नही लगता जब भी तुम मेरे करीब होती हो,,ना जाने क्यू,,,,,,,,,,

सोनिया-;भाई ये ग़लत है,,,,तुम खुद पर क़ाबू करो,,,,दुनिया क्या कहेगी अगर किसी को पता चलेगा,,,,,,,,,,

मैं-;किसको पता चलेगा,,,,,,,,,ऑर दुनिया की टेन्षन मत लो तुम,,,दुनिया मे पता नही कितने भाई बेहन ऐसे है

जो ये सब करते है,,,,,,,,,,कयि भाई बेहन तो शादी करके पति पत्नी की तरह रहते है,,,,,,,,,,

सोनिया-;तुमको कैसे पता,,,,,,,

मैने बहुत सारी स्टोरी रीड की है राजशर्मास्टॉरीज पर,,,,,,,,,,,

सोनिया-;ये राजशर्मास्टॉरीज क्या है भाई,,,,,,,,,

मैं-;ये एक सोशियल साइट है,,जहाँ बहुत सारी स्टॉरीज पड़ी हुई है,,,,,,,इन्सेस्ट स्टोरीस,,,जिसमे भाई बेहन को,,,,,बेटा

माँ को,,,,,,,बाप बेटी को ऑर पता नही कॉन कॉन किस किस के साथ ये सब करता है,,,,,,,,,

सोनिया-;भाई वो स्टोरी झूठ होती है,,,भला कॉन भाई अपनी बेहन को ऑर कॉन मा अपने बेटे से ऐसी गंदी हरकत कर

सकती है,,,,,मुझे तो सोच कर भी गुस्सा आ रहा है,,,,,,,,,,

मैं-;तेरे को गुस्सा आने से क्या होगा,,,,,,जो सच है सो है,,,,,,,,,,,,,,,,,वहाँ आने वाले हर राइटर मे से हर कोई

झूँठा नही होता,,,,,,,,,,,,कुछ सच्चे भी होते है जो अपनी रियल लाइफ स्टोरी लोगो के साथ शेयर करते है,,लेकिन वो

लोग अपनी पहचान छुपा लेते है,,,,,,,,,,ऑर तुमको क्या पता हो सकता है अपने पड़ोसी ही ऐसे हो जो घर मे ही

ऐसी हरकते करते हो,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;भाई ये लिखी पढ़ी बातों पर यकीन नही करो तुम,,,,,,,,,

तभी मुझे पता नही क्या हुआ,,,,,मैं एक दम से बोल पड़ा,,शायद मे जोश मे था ऑर सोनिया को किसी भी तरह

से मनाना चाहता था,,,,,,,,,,,,,स्टोरी पर नही लेकिन मेरी आँखों देखी पर तो यकीन कर सकती हो,,,,,,,,,

सोनिया हैरत भरी नज़रो से मुझे देखने लगी,,,,,,क्या बोल रहे हो तुम भाई,,,,,,

मैं कुछ पल खामोश रहा,,,,,,साला ये क्या बोल गया सोनिया को,,,,,अब क्या बोलूं इसको मैने किसको देखा है,,,

इसको फसाने के चक्कर मे किसकी चुदाई का भंडा फोड़ दूँ मैं,,,,,,,,अपना ऑर शोभा का बता दूँ,,

नही नही,,,,,तो फिर माँ ऑर मामा का,,,,,,,,,,,,,,,,नही वो भी नही,,,,,,,,,,तो क्या इसको डॅड ऑर बुआ के बारे मे

बता दूँ,,,,,,,,,,,क्या करूँ यार कुछ समझ नही आ रहा,,,,घर वालो की सारी पूल खोल दी तो पता नही ये

घर जाके क्या करेगी,,,,,,कहीं घर मे झगड़ा शुरू कर दिया तो,,,,,,,,

सोनिया-;बोलो सन्नी चुप क्यूँ हो गये,,,,,,,,,तुमने किस भाई बेहन को ऐसी घटिया हरकत करते देखा है,,,,मुझे भी

पता चले कॉन है ऐसे घटिया भाई बेहन जो ऐसी नीच हरकत कर सकते है,,,,,

मेरे को साँप ही सूंघ गया था,,,वो बोल ही इतने गुस्से मे रही थी,,जैसे अभी मैं इसको बता दूँगा तो ये

जाके उनको गोली मार देगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-है कोई ऐसे भाई बेहन जो एक दूसरे के साथ मस्ती करते है,,,,,,,

सोनिया-;छ्ह्हि सन्नी,,,,ऐसी घटिया हरकत को मस्ती का नाम मत दो,,,मुझे तो सोच कर भी गुस्सा आने लगा है कि

भाई बेहन ऐसा कैसे कर सकते है,,,,,

मैं-सोनिया ये सब ग़लत है मैं जानता हूँ,,,,लेकिन मैने अपनी आँखों से देखा है,,,पहले मेरे लिए भी यकीन

करना मुश्किल था ,,,लेकिन जब उनकी बातें सुनी तो यकीन हुआ ,,,,,,भाई अपनी बेहन को खुश कर रहा था

ताकि उसकी बेहन कहीं बाहर जाके ऐसा वैसा कुछ ना करे,,,

सोनिया-;बाहर जाके मतलब,उसकी बेहन बाहर किसी के साथ ऐसी गंदी हरकत करती थी क्या,,,,,,,,,

मैं-;नही सोनिया की तो नही थी लेकिन उसको डर था ,,क्यूकी सोनिया जब लड़का ऑर लड़की जवान हो जाते है तो उनको अपने पर क़ाबू पाना मुश्किल हो जाता है ऑर अक्सर वो जवानी मे कोई ना कोई भूल कर जाते है जिस से ना सिर्फ़ उनकी बल्कि उनके परिवार की भी बदनामी हो जाती है,,,,,लेकिन अगर वो लोग घर मे ही ऐसी हरकत करते है वो भी बंद

कमरो मे तो बाकी दुनिया तो दूर की बात उनके पड़ोसियों तक को ऑर तो ऑर उनके साथ वाले रूम मे सोने वाले

बाकी लोगो को भी कानों कान खबर नही होती,,,,,,,,,,वो लोग अपनी मस्ती भी कर लेते है ओर अपनी चढ़ती जवानी

के जोश को क़ाबू करने का तरीका भी मिल जाता है ऑर साथ-2 बदनामी का डर भी नही रहता,,,,,,,,

सोनिया चुप चाप मेरी बातों को सुन रही थी,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-;क्या हुआ सोनिया किस सोच मे पड़ गई,,,,,,,,,,,

सोनिया-;कुछ नही सोच रही हूँ क्या ये सच है,,,,ऑर क्या कोई बेहन भाई ऐसी हरकत ,,,,,,छि मुझे तो सोचना भी

अजीब लग रहा है,,,,,,

मैं-लेकिन सोनिया ये,,,,,,मैने बोलना शुरू ही किया था कि सोनिया ने मुझे चुप करवा दिया,,,,,,,,अब इस टॉपिक पर कोई

बात नही करना तुम,,,वर्ना मैं थप्पड़ लगा दूँगी तेरे ब्लककी,,,,वो गुस्से मे थी इसलिए मैं चुप हो गया

सोनिया-;तेरे को ऐसे घटिया टॉपिक के लिए चुप रहने को बोला है बाकी बातें तो कर सकता है,,,,,,,,,,,

मैंफिर भी चुप रहा,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;चल फिर उठ घर चलते है अगर तूने इस घटिया टोपीक के अलावा कोई बात नही करनी तो,,,,,,,,,,,,

मैं चुप चाप उठ गया,,,मुझे इस सोनिया पर गुसा आ रहा था साली ने कलपद कर दिया

मेरे साथ ,,,मैं सोच रहा था ये मेरी बातों मे आके बोतल मे उतर जाएगी लेकिन इसने तो सॉफ सॉफ मना

कर दिया कि इस टॉपिक पर बात ही नही करनी लेकिन एक बात अच्छी हुई थी थोड़ी बहुत ही सही लेकिन सोनिया ने मेरी बात चुप रहके सुनी तो थी,,,अब सब कुछ सुन कर उसकी ज़ुबान पर तो गुस्सा था लेकिन दिल मे क्या था ये नही पता

चल रहा था पता करने का एक ही तरीका था कि इसको फिर से उसी टॉपिक पर बात करने के लिए शुरू किया जाए

पर अब मेरी हिम्मत नही हो रही थीउसी टॉपिक पर बात करने की साली ने थप्पड़ की धमकी जो दी थी ऑर अगर

मैं कुछ बोलता उस बारे मे तो ये इसी पार्क मे सबके सामने मेरे को थप्पड़ रसीद कर देती साली का गुस्सा ही

इतना ज़्यादा था,,,,,,मैं चुप चाप सोचते हुए बाइक की तरफ चलने लगा,,,,,मैने बिके स्टार्ट की ऑर सोनिया मेरे

साथ बैठ गई अबकी बार उसने फिर से मुझे नही पकड़ा था बाइक की सीट को ही पकड़ा था,,,,,मैं भी बाइक

चला कर घर की तरफ बढ़ने लगा,,,,,,,,,,,,,,,,,

अभी मैं घर के गाते पर ही पहुँचा था कि तभी मुझे करण का फोन आ गया,,,,,,उसने मुझे थॅंक्स बोला

कि मैने उसकी शिखा दीदी को समझा दिया है ओर वो अमित से नफ़रत करने लगी है,,,करण बहुत खुश था इस बात

पर ऑर मुझे बार बार थॅंक्स बोल रहा था,,,,,,,,,मैने फोन बंद किया तब तक सोनिया गेट से होते हुए मैन

दरवाजे तक पहुँच गई थी,,,उसने बेल बजाई बट 2 मिनिट तक कोई नही आया,,,,,,,,मुझे पता था माँ ऑर

मामा जी लगे होंगे अंदर अपने खेल मे,,,,,,,,,,सोनिया ने गुस्से मे हाथ को बेल पर रखा ऑर तब तक बजाती रही

जब तक माँ अंदर से दरवाजा खोलने नही आ गई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया-;क्या माँ कितनी देर से बेल बजा रही हूँ आप खोलती क्यू नही,,कहाँ बिज़ी रहती हो इतनी देर,,,,,,,,,,,,,,

माँ ने मेरी तरफ़ देखा ऑर बोली,,बेटा मैं ज़रा सा किचन मे बिज़ी थी,,,,,,,,,,,

सोनिया-;मामा कहाँ है माँ वो नही खोल सकते क्या दरवाजा जब देखो घर पे वहले

इधर उधर घूमते रहते हैं,,उसको बोला करो दरवाजा खोलने को,,इस से पहले माँ कुछ बोलती सोनिया गुस्से से

घर के अंदर चली गई,,,,

माँ अभी भी दरवाजे पर खड़ी हुई थी,,,,,,,,,,,,,मैं दरवाजे के पास गया तभी माँ बोली,,,,,,,,,,,,,,बेटा तू मुझे फोन नही कर सकता था क्या कि सोनिया को घर लेके जल्दी आ रहा है तो मैं ऑर मामा जल्दी से काम ख़तम कर लेते,,,,,,,,,,,,,

मैं-;क्या करता माँ सोनिया के होते फोन कैसे करता,,,सॉरी माँ

माँ-;चल कोई बात नही अब अंदर चलो,,,,,तब तक सोनिया उपर जा चुकी थी सोनिया क जाते ही मैने मामा को

माँ के रूम से बाहर आते देखा,,,,,,,,,,,,,,मामा चुप चाप जाके सोफे पर बैठ गया ऑर माँ अपने रूम मे

चली गई,,मैं भी अपने रूम मे चला गया,,सोनिया बाथरूम मे थी ऑर मैं अपने बॅग से लप्पी निकालकर

अपने बेड पर लेट गया ऑर टाइम पास करने के लिए गेम खेलने लगा,,,कुछ देर बाद सोनिया बाथरूम से निकली

ऑर चुप चाप बेड पर बैठ गई,,,,,हम लोग ऐसे ही काफ़ी देर बैठे रहे ना उसने कोई बात की ऑर ना मैने,,,,

काफ़ी टाइम बाद जब मैं लप्पी से फ्री हुआ तो देखा वो सो चुकी थी मैने भी लप्पी साइड मे रखा ऑर नीचे

चला गया,,,,,,,,,,,,मामा अभी भी सोफे पर बैठा हुआ था जबकि माँ अपने रूम मे थी शायद क्यूकी मैं

किचन मे पानी लेने गया तो माँ वहाँ नही थी ,,,,,,मैं भी मामा के पास जाके बैठ गया,,,,,,मामा मेरा

आलसी बंदा था बात भी कम ही करता था,,जितना मतलब हो या ज़रूरी हो उतना ही बोलता था,,,,,मैं भी चुप

चाप टीवी देखने लगा,,,,,,,,,,,,मैं बोर होने लगा था तो सोचा क्यूँ ना कह बाहर चला जाए,,,मैने

बाइक ली ऑर घर से चला गया,,,क्यूकी घर पर रहके बोर ही होना था,,,सोनिया घर पर थी तो माँ के साथ

चुदाई करना भी मुश्किल था लेकिन दिल तो बहुत था चुदाई करने को तो मैं बुआ के बुटीक पर चला गया,,

बुटीक खुला हुआ था ,,मैं सीधा अंदर चला गया,,,,,,,,बुआ सामने बैठी हुई थी ऑर साथ ही पूजा भी

थी लेकिन मनीषा नज़र नही आ रही थी,,,,शोबा दीदी तो आती ही शाम को थी कॉलेज से,,,,,,,,,

बुआ-;अरे तुम आज कॉलेज नही गये सन्नी,,,बुआ ने बोला,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-;नही बुआ आज दिल नही किया सोचा बुआ के पास चलता हूँ थोड़ा टाइम पास हो जाएगा,ऑर मस्ती भी हो जाएगी,,,,,मेरी बात सुनके पूजा हंस कर मेरी तरफ देखने लगी,,,लेकिन बुआ मेरे वहाँ आने से खुश नही लग रही थी,,,,,,,,,,

मैं-,बुआ आज मनीषा कहाँ है नज़र नही आ रही,,,,,,,,,,,,,

बड़ा याद कर रहे हो मनीषा को सन्नी सर,,,,,पूजा ने मज़ाक मे हँसते हुए बोला,,,,,,

तभी बुआ ने उसकी तरफ़ देखा ऑर वो चुप चाप काम करने लगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-;बेटा उसकी तबीयत ठीक नही है वो उपर आराम कर रही है ,,,,,,,,,,

मैं-क्या हुआ उसको बुआ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-;बोला ना बेटा उसकी तबीयत ठीक नही है,,,

मैं-;बुआ क्या मैं एक बार उसको मिल सकता हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-;नही बेटा वो आराम कर रही है तुम अभी जाओ शाम मे आके मिल लेना ऑर तुमको जिस काम के लिए मिलना है मैं सब जानती हूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-जानती हो तो मिलने दो ना एक बार बुआ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-;नही सन्नी ऐसे ज़िद्द मत करो मैने बोला ना अभी तुम जाओ शाम मे आके मिल लेना तब तक आराम करने से तबीयत शायद ठीक हो जाए,,,,,,,,,,,,,,,,,बुआ हल्की सी डरी हुई थी ऑर उसके बोलने के अंदाज से लग रहा था जैसे वो गुस्से मे मुझे ऑर्डर दे रही थी,,,,,,,,,,,,,,

मैं-;,ठीक है बुआ तो पूजा से बात करने दो थोड़ी देर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बुआ-;हाँ पूजा से बात कर सकते हो तुम सन्नी,,,,,जाओ बैठो ऑर आराम से बात कर्लो पूजा के साथ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-;यहाँ नही बुआ उपर जाके आराम से,,,,,,,,

बुआ-;,नही सन्नी यही बात करो जो करनी है उपर नही जाना अभी पूजा को ,,,बहुत काम है आज पूजा के

पास,अभी भी बुआ मुझे ऑर्डर ही दे रही थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-;ठीक है बुआ आप लोग काम करो मैं चलता हूँ शाम को आता हूँ जब आप लोग फ्री हो जाओ,,,,,,,,,मैं वहाँ से जाने लगा,,,,,,,,,

 
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