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कहीं वो सब सपना तो नही complete

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कुछ देर बाद मैने बुआ की सीट को भी पीछे कर दिया ऑर पीछे वाली सीट की बॅक को भी पीछे की तरफ़ मूड

दिया जिस से कार मे एक छोटा सा बेड तैयार हो गया बुआ मेरी इस हरकत से खुश हो गई थी ऑर मुस्कुराते हुए

खुद ही पीछे की तरफ होके आराम से लेट गई ,,मैं उठा ओर बुआ के उपर चढ़ के उनके बूब को मूह मे

भर लिया ऑर खूब मस्ती मे मूह मे भरके चूसने लगा ओर हल्के दाँतों से काटने लगा ऑर साथ ही दूसरे

वाले को अपने हाथ मे लेके मसल्ने लगा,,

,बुआ का हाथ भी मेरे लंड पेर अपना कमाल दिखा रहा था एक

तो पहले ही मेरा लंड थूक से चिकना हो गया था जिस से बुआ का हाथ बड़े प्यार से उपर नीचे फिसल रहा

था ,,बुआ अपने हाथ को लंड की पूरी लंबाई जितना उपर नीचे कर रही थी ऑर उसकी मस्ती मे मैं भी बुआ

एक बूब्स को बारी-बारी मूह मे लेके चूस ऑर काट रहा था साथ मे हाथों से मसल रहा था ऑर कभी कभी

बूब्स की घुंडीयों को अपने दाँतों से काट देता ऑर कभी उंगलियों मे दबा कर खींच देता ,,,बुआ बस

हल्की आअहह भरके रह जाती,,,,फिर बुआ ने खुद अपनी टाँगो को हल्का उपर किया ऑर अपनी साड़ी को अपने

पेटिकोट के साथ उठाना शुरू कर दिया जब मेरी नज़र उस तरफ गई तो मैने भी बुआ की साड़ी ऑर पेटिकोट को

उपर उठाने मे उनकी हेल्प की ,,,बुआ की साड़ी अब उनके पेट तक आ गई थी ,,बुआ ने नीचे पेंटी नही पहनी

हुई थी जिस वजह से साड़ी उठते ही उनी नंगी ऑर चिकनी चूत मेरे सामने आ गई थी,,,

मैने चूत मे उंगली घुसाने की कोशिश की लेकिन बुआ ने मुझे रोक दिया ओर मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ खींचने लगी मैं भी बुआ की बात को समझ गया ऑर बुआ के उपर चढ़ गया ऑर जल्दी से लंड को बुआ की चूत मे घुसा

दिया लंड चिकना हो रखा था इसलिए पहली बार मे ही पूरा घुस गया ओर मैने भी लंड के घुस्सते ही बुआ की

चूत को तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया ओर साथ ही बुआ के बूब्स को मूह मे भरके चूसने लगा ऑर कभी हाथ

से पकड़ कर ज़ोर से मसल्ने लगा,,मेरे पैर डॅशबोर्ड पर रखे हुए थे जबकि बुआ के पैर उपर उठ कर

कार की छत के करीब थे मैने डॅशबोर्ड पर पैर रख कर अपने धक्के की स्पीड को तेज कर दिया ऑर साथ ही

हर धक्के को कुछ ज़्यादा ज़ोर मिलने लगा ऑर लंड बुआ की चूत की दीवारों से टकराने लगा वो भी पूरे ज़ोर से

ओर तेज़ी से,,,,,,,,,,,,,आहह उूुुुुुुुुुुउऊहह

हमम्म्मममममममममममममम हहयययययययययईईईईईईई हहाआआआअ

उउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह न्ँहममम्मममममममममम आहह ऐसे हहिईिइ ब्बेटा ऊओररर

त्तीईज्ज्जीई सस्सीई ऊऊररर ज्जूओर्र ससीए द्ड़हाक्का म्मार्रूऊ ग्घुउऊस्साअ द्दूऊव प्प्प्ूउर्राआ

म्मीम्मूऊऊऊसस्स्सालल्ल्ल्ल्ल्ल अपपनन्ी बभहुउऊुआ क्कीईईईई कचहूवततत्त म्म्मीअईई आहह ऊररर

टत्त्ट्तीएजज़्ज़्ज ससुउउन्न्नयी ब्बीतत्त्ताआअ पफाद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड द्डूऊऊ ईीइससस्स कच्छीककन्णीी कच्छाम्मीलीी

कककूऊऊ आहह मैं बुआ की सिसकियाँ सुनकर ऑर ज़्यादा मस्त हो गया ऑर पैर को कार

की डॅशबोरॅड पर टीका कर साथ ही अपने हाथों को बुआ के शोल्डर पर रखके अच्छी ऑर मजबूत पकड़ बना

कर तेज़ी से उपर नीचे होने लगा ऑर धक्का भी ज़ोर से देने लगा जिस से लंड की जोरदार मार बुआ की चूत की

दीवार पर होने लगी ऑर बुआ ऑर तेज ऑर ज़ोर से सिसकियाँ लेते हुए चिल्लाने लगी

 
साथ ही मैं बुआ के बूब्स को

ज़ोर ज़ोर से काटने लगा बुआ भी अपने हाथों को मेरी टी-शर्ट मे डालके मेरी पीठ को ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगी ऑर

अपने नाखूनो से हल्के हल्के मेरी पीठ को काटने ऑर छिल्ने लगी ओर कभी अपने हाथों को मेरे सर पर

रख कर मेरे बालों मे तेज़ी से अपने हाथ को घुमाने लग जाती,,,,,,,,,,आहह उूुुउऊहह

ऊओररर त्तीज्ज्ज क्काररूव ब्बेटया ऊऊरररर त्तीज्ज्ज्ज्ज आहह हहुउऊुउउम्म्म्ममम

आहह हयीईईईईईई हमम्म्ममम उूुुुुउऊहह

आहह क्कीिट्त्न्ना ंमाज़्जाअ आ र्राहहाअ हहाइईइ ब्बीत्टता ऊओर

त्तीज्ज्ज क्कर्ररू ऊऊररर त्तीज्ज्ज ,,,,,,,,,,,,,,,,,मैने बुआ के उपर से उठना चाहा ताकि किसी ऑर पोज़ मे बुआ को

चोद सकूँ लेकिन बुआ ने मुझे कस्के पकड़ लिया ऑर अपने उपर से उठने नही दिया मैं समझ गया कि बुआ

अब इसी पोज़ मे चुदना चाहती है ओर पूरी मस्ती मे भी है वो इस मस्ती को रोकना नही चाहती इसलिए मुझे

अपने उपर से नही उठने दे रही इसी बात ने मेरे अंदर ओर ज़्यादा जोश भर दिया ऑर मैने स्पीड तेज करते

हुए बुआ को चोदना जारी रखा,,,,फिर बुआ ने मेरे सर को पकड़ा ओर अपने सर की तरफ खींच लिया ऑर मेरे

लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ लिया ऑर पगली की तरह मेरे लिप्स को चूसने लगी ऑर कभी कभी हल्के से काटने लगी

मैं भी बुआ की किस का रेस्पॉन्स उसी पागलपन से देने लगा,,,,हम दोनो एक दूसरे के लिप्स को खा जाने वाले

अंदाज़ मे चूसने लगे थे,,पूरे पागल हो चुके थे ऑर होते भी क्यू ना इस टाइम बाहर बारिश हो रही थी

ऑर हम लोग इतने सुहाने मौसम मे कार के अंदर लेट कर एक सुनसान सी जगह पर सेक्स कर रहे थे,,,,,इस मज़े

को वही बंदा समझ सकता है जिसने ऐसी हालत मे ऐसे मौसम मे कार मे अपनी गर्लफ्रेंड से या किसी कज़िन से

सेक्स किया होगा,,,,,,,,,,,,,,,,मैं ऑर बुआ अब बेक़ाबू हो चुके थे मेरी स्पीड ओर धक्के का ज़ोर इतना तेज था

कि पूरी कार हिलने लगी थी,

मैं करीब 20-25 मिनिट से बुआ को ऐसी पोज़ मे चोद रहा था ऑर हम दोनो ऐसे ही पागलो की तरह किस

कर रहे थे तभी बुआ ने मेरी पीठ पर हल्के से थप्पड़ मारा ऑर ये बता दिया कि उनका काम होने वाला

है मैने भी बुआ के बूब्स को कस्के दबाते हुए ये बता दिया कि अब मेरा भी पानी निकलने वाला है तभी

बुआ ने पानी छोड़ दिया ऑर मुझे उनके उपर से उठने को बोला मेरा भी काम होने वाला था इसलिए उठने

को दिल नही हो रहा था लेकिन बुआ ने बोला तो मैं उठ गया ऑर मेरे उठते ही बुआ की चूत से पानी निकलकर

सीट पर गिरने लगा तभी बुआ ने डॅशबोर्ड मे से टिश्यू पेपेर निकाले ओर सीट पर से गिरे हुआ पानी को सॉफ

करने लगी ऑर साथ ही अपनी चूत को भी सॉफ कर दिया बुआ ने ये सब बहुत जल्दी मे किया ऑर तब तक मैं अपने

लंड को हाथ से मसलता रहा फिर जैसे ही मेरा पानी भी निकलने वाला हो गया मैने बुआ के शोल्डर पर

हाथ रखा ऑर बुआ ने जल्दी से अपने सर को नीचे करके लंड को मूह मे भर लिया ऑर मेरे हाथ की स्पीड के

साथ अपने मूह को लंड पर उपर नीचे करने लगी ऑर तभी लंड ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया ऑर बुआ ने

उस पानी को निगलना शुरू कर दिया जब तक लास्ट बूँद स्पर्म की नही निकल गई बुआ ने लंड को मूह से नही

निकाला ,,,,जब पानी निकल गया तो मैने लंड से अपने हाथ को हटा लिया ऑर बुआ समझ गई कि मेरा सारा पानी

निकल चुका है तभी बुआ ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा ऑर अच्छी तरह चूस ऑर चाट कर सॉफ कर

दिया,,,,,

,फिर बुआ ने ऑर टिश्यू पेपर निकाला ऑर सीट को अच्छी तरफ सॉफ करके पेपर को कार से बाहर फैंक

दिया ऑर हम लोगो ने अपने अपने कपड़े ठीक किए ऑर एक किस करके वापिस घर की तरफ चल पड़े,,,,,,,

बुआ-लो बेटा अब कार की छोटी पार्टी भी हो गई ऑर उद्घाटन भी अब रात को बड़ी पार्टी के लिए तैयार रहना जो इस से भी ज़्यादा मजेदार को मस्ती भरी होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं-बुआ मैं तो हमेशा तैयार रहता हूँ ,,ऑर अभी से मुझे रात होने का बेसब्री से इंतजार है,,,,,,,,

,हम लोग ऐसे ही बात करते हुए घर पहुँच गये बुआ ने मुझे घर ड्रॉप किया ऑर खुद बूटिक की तरफ चली गई,,,,,मैं घर मे गया ऑर सीधा अपने रूम मे जाके लेट गया ऑर रात की वेट करने लगा,,,,,,,सोनिया भी रूम मे चादर लेके अपने बेड पर सो रही थी,,,,,मेरी भी आँख लग गई,,,,,

 
रात को जब सोनिया डिन्नर के लिए बुलाने आई तब मेरी नींद खुली ऑर मैं मूह हाथ धो कर नीचे डिन्नर करने

चला गया,,,नीचे जाके देखा तो शोभा भी वहीं थी ऑर मुझे देख कर हंस रही थी,,,,,,,,

मैं-,क्या हुआ दीदी आज बुआ ने खाना नही बनाया क्या,,,,,,,,,,,,

शोभा-नही भाई बुआ को थोड़ा काम था इसलिए वो ज़रा बाहर चली गई है अब सुबह ही वापिस आएँगी,,,,,,,,

मैं भी डिन्नर करने लगा ऑर सोचने लगा कि बुआ मेरे लिए ही तो बाहर गई है अब थोड़ी देर मे मैं भी चला जाउन्गा ऑर कल सुबह ही वापिस आउन्गा,,,,,,,,,आज खाने के टेबल पर हम 4 लोग ही थे,,,,डॅड ऑर मामा जी भी नज़र नही आ रहे थे,,,,,,,,,,,,,,

मैं-माँ मामा जो ऑर डॅड कहाँ है,,,

माँ--बेटा तेरे मामा का तो कोई आता पता ही नही होता है ऑर तेरे डॅड बॅंक के काम से 2 दिन के लिए बाहर गये है ,,,,

हम लोग डिन्नर करने लगे ऑर डिन्नर करके वापिस अपने अपने रूम मे चले गये,,,,मैं सोचने लगा कि अब

तक बुआ का फोन क्यू नही आया काफ़ी टाइम हो गया था,,,,,,,,,तभी मैने बुआ को फोन कर दिया ,,,,,,,,,,,

मैं-हेलो बुआ,,,,,,,,,,,,कहाँ हो

बुआ-मैं बूटिक पर हूँ सन्नी,,,,,,,,,,कोई काम था क्या

मैं-बुआ अपने आज रात को बड़ी पार्टी का वादा किया था उसका क्या हुआ अब तो रात भी हो गई है

बुआ-सॉरी बेटा आज तेरी बड़ी पार्टी नही हो सकती मैं किसी ऑर काम मे बिज़ी हूँ,,,,,,,,,,अच्छा अब मैं फोन

रखती हूँ तेरी बड़ी पार्टी मैं बाद मे दूँगी,,,,,,,,,,इतना बोल कर ही बुआ ने फोन काट दिया,,,मैं गुस्से

मे आ गया था मेरे साथ आज कलपद हो गया था ,,,,,खैर अब कर भी क्या सकता था मैं,,चुप चाप से अपने

रूम मे जाके लेट गया तब तक सोनिया भी रूम मे लेट चुकी थी,,,मुझे नींद नही आ रही थी तभी मैने

अपना लॅपटॉप लिया ऑर गेम खेलने लगा करीब 30 मिनिट बाद मैने सोनिया की तरफ देखा वो सो चुकी थी,,,

मुझे वो सोती हुई बड़ी प्यारी लग रही थी मेरा दिल किया जाके उसके सॉफ्ट ऑर पिंक लिप्स पर हल्की सी किस कर दूं,

जैसे ही मैं उठकर आराम से डरते हुए उसके बेड के पास गया तभी मुझे बाहर डोर बेल की आवाज़ आई,,,मैं

भी नीचे चला गया आख़िर इतनी रात को कॉन हो सकता है,,,,,,,,,,,नीचे गया तो देखा माँ ने डोर खोल दिया था ऑर

मामा अंदर आ गया था,,,,,,मामा अंदर आते ही माँ के रूम मे चला गया था क्योंकि आज डॅड घर पर नही

थे मेरा भी दिल किया माँ ऑर मामा के साथ मस्ती करने को लेकिन मुझे उपर सोती हुई सोनिया की याद आ गई ऑर

मैं वापिस उपर अपने रूम की तरफ चला गया,,,,अभी मैं अपने रूम के पास पहुँचा ही था तभी मैने'

देखा कि उपर वाले किचन की लाइट जल रही थी,,,,,,मैं भी उसी तरफ चल पड़ा मैने वहाँ जाके देखा तो

शोभा दीदी किचन मे खड़ी होके पानी पी रही थी शोभा दीदी का ध्यान मेरी तरफ़ आया तो दीदी ने पानी की

बॉटल फ्रिड्ज मे रखी ऑर लाइट बंद करके मेरे पास आके बड़े प्यार से मेरे कान के पास बोली,,,,,,,,,सोनिया

सो गई क्या,,,,,,,मैं कुछ नही बोला बस हां मे सर हिला दिया तभी दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा ऑर ड्रॉयिंग

रूम की तरफ ले गई ऑर अंदर जाते ही डोर को लॉक कर दिया ऑर जल्दी से मेरे लिप्स पर भूखी शेरनी की तरह

टूट पड़ी,,,,,मैं भी इस सब के लिए तैयार ही था ऑर वैसे भी आज बुआ के पास बड़ी पार्टी खाने जाना था इसी

बात से लंड मे मस्ती भरी हुई थी,,,,मैने भी उसी तरह से दीदी की किस का रेस्पॉन्स दिया ऑर साथ ही दीदी

'के बूब्स को भी मसल्ने लगा,,,,,तभी दीदी ने मुझे अलग किया ऑर पकड़ कर सोफे के पास ले गई ऑर कुछ बैठ

कर मेरे हाथ पकड़ते हुए मुझे भी बैठने को बोला,,,,,,,,,,,,,,,,,

शोभा--,क्या हुआ तेरी बड़ी पार्टी का सन्नी बुआ ने धोखा दे दिया क्या,,,,,,,,,,

मैं-तुमको पता था दीदी उस सब के बारे मे,,,,,,,,,,

शोभा-हाँ सन्नी मुझे बुआ ने बता दिया था लेकिन फिर बुआ को कोई ज़रूरी काम पड़ गया इसलिए तुझे मना कर दिया वैसे मैं भी बड़ी पार्टी मेजाने वाली थी लेकिन बुआ को जब कोई काम पड़ गया तो मैं भी नही गई सोचा की आज मैं घर पर रुकती हूँ ऑर मोका मिला तो मैं भी बुआ की तरह तुमको एक छोटी पार्टी दे दूँगी इतना बोल कर दीदी ने अपनी नाइटी निकालदी ऑर ब्रा पेंटी मे सोफे पर बैठ गई ऑर मुझे किस करने शुरू कर दिया हम दोनो अब बड़े प्यार से किस

करने लगे थे,,दीदी ने मेरी टी-शर्ट को पकड़ा ऑर मैने भी अपने हाथ हवा मे उठा दिए जिस से दीदी को कुछ

आसानी हो गई टी-शॉर्ट निकालने मे ,,,

 
मैने टी-शर्ट के अंदर बनियान नही पहना था ऑर टी-शर्ट निकलते ही मेरा

उपर वाला जिस्म नंगा हो गया था ऑर दीदी ने मेरी चेस्ट पर हाथ घुमाना शुरू कर दिया था,,,तभी दीदी ने

मेरी पीठ सोफे की बॅक से लगा दी ऑर खुद अपनी टाँगे क्रॉस करके मेरे उपर बैठ गई ऑर फिर से मेरे लिप्स को

अपने लिप्स से जाकड़ कर प्यार से मस्ती भरी किस करने लगे,,,,,,,,,,हम ऐसे प्यार से मस्ती भरी किस कर रहे

थे जैसे कि हमे कोई जल्दी ही नही थी ऑर ना ही किसी के आने का डर था ,,,,

दीदी किस करते हुए अपने हाथों को मेरी चेस्ट पर घुमा रही थी ऑर मैं भी अपने हाथों से दीदी की गर्देन

से लेके उनकी कमर तक जहाँ पेंटी पहनी हुई थी वहाँ तक अपने हाथ घुमाने लगा ,,ऑर कभी कभी दीदी

के बूब्स को भी हल्के से ब्रा के उपर से दबा देता,,दीदी भी उसी टाइम मेरी निपल्स की छोटी छोटी घुंडीयों को

उंगलियों से दबा देती ,,,हम दोनो बड़े प्यार से एक दूसरे के लिप्स को चूस रहे थे ,,कभी दीदी मेरे लोवर

लिप्स को ऑर मैं उनके अपार लिप्स को चूस्ते फिर कभी दीदी मेरे अपर लिप्स को ऑर मैं दीदी के लोवर लिप्स को चूसने

लग जाता फिर कभी कभी दीदी अपनी ज़ुबान को मेरे मूह मे घुसा देती ओर मेरे मूह के हर कोने को ज़ुबान

से टच करने की कोशिश करती ऑर मैं भी दीदी की ज़ुबान को अपने मूह मे लेक चूमने लगता फिर कभी मैं

अपनी ज़ुबान दीदी के मूह मे घुसा देता ऑर दीदी मेरी ज़ुबान को चूसने लग जाती इसी दौरान हम दोनो के

हाथ एक दूसरे के जिस्म पर सर से लेके कमर तक घूमते रहे फिर मैने अपने हाथ दीदी की पीठ पर रख

दिया ऑर पीठ को सहलाते हुए दीदी की ब्रा के हुक को खोलना शुरू कर दिया दीदी की ब्रा के हक खुलते ही दीदी ने

लिप्स को कुछ देर के लिए मेरे लिप्स से अलग किया ऑर अपनी ब्रा को उतारकर साइड पर रख दिया ऑर वापिस मुझे किस करने लगी,,,

अब तक मेरा लंड भी फुल ओकात मे आ गया था क्योंकि हम पिछले 20 मिनिट से ऐसे ही मस्ती भरी

किस कर रहे थे ऑर अब तो दीदी के नंगे बूब्स भी मेरे हाथ मे थे,,,दीदी को भी मेरे उपर बैठ कर

अपनी चूत पर मेरे हार्ड लंड का टच महसूस हुआ तो दीदी ने अपनी चूत को थोड़ा नीचे कर दिया ऑर अपनी

चूत को मेरे लंड पर आगे पीछे करते हुए रग्गड़ने लगी तभी मैने भी अपने हाथ दीदी की गान्ड पर

रख दिए ऑर खुद भी दीदी को आगे पीछे करने लगा ऑर दीदी के लिप्स को छोड़कर दीदी के बूब्स को मूह मे भर

लिया दीदी ने भी मस्ती मे मेरे सर पर अपने हाथ रख दिए ऑर बालों मे उंगलियाँ चलाते हुए सर को अपने

बूब्स पर हल्के से दबा दिया मैं दीदी की गान्ड को दोनो हाथों से पकड़ कर आगे पीछे कर रहा था ऑर दीदी

के बूब्स को मूह मे भरके चूस रहा था,,,मैं दीदी के लेफ्ट बूब्स को बड़े प्यार से ऑर आराम से मूह मे लेके

चूसने लगा ऑर उसकी घुंडी को दाँतों से हल्के हल्के काटने लगा फिर उसको मूह मे भर लेता ऑर चूसने लगता

,,फिर दूसरे बूब्स को भी ऐसे ही चूस्ता ऑर दाँतों से हल्के से काट देता फिर वापिस मूह मे भर लेता ऑर

प्यार से चूसने लगता दीदी भी बड़े प्यार से अपनी उंगलिया मेरे बालों मे घुमा रही थी,,,फिर मैने अपने

हाथ को दीदी की पैंटी मे घुसाने की कोशिश की तभी दीदी मेरे उपर से हट गई ऑर अपनी पैंटी उतार दी ऑर

मेरे को भी सोफे से उठा कर खड़ा कर दिया ऑर मेरे बर्म्यूडा को उतार दिया मैने बेरमूडे के नीचे कुछ

नही पहना था आज कल मैने अंडरवेार पहन-ना छोड़ ही दिया था,,,

मेरे नंगे होते ही दीदी ने मुझे वापिस सोफे पर बिठा दिया ऑर मेरे लंड को हाथ मे पकड़कर सहलाने लगी

ऑर मेरे लिप्स को हल्की हल्की किस करने लगी फिर कुछ देर बाद ही झुक कर लंड को मूह मे ले लिया ऑर चूसने

लगी दीदी एक हाथ से लंड को सहला रही थी ऑर साथ ही अपने मूह को खोल कर उपर नीचे करते हुए लंड को मूह

मे लेके चूस रही थी मेरा लंड मोटा था जो मुश्किल से दीदी के मूह मे जा रहा था लेकिन दीदी भी अब काफ़ी

अच्छी खिलाड़ी बन चुकी थी बुआ के साथ रहने से,,, दीदी अपने दाँतों होंठों से कवर करके मूह को थोड़ा

ऑर ज़्यादा खोल रही थी ताकि लंड पर दाँत नही लग जाए दीदी भी अब बुआ की तरह ज़्यादा लंड लेने की कोशिश

कर रही थी ,,मैं भी दीदी की नंगी पीठ पर अपने हाथ घुमा रहा था ऑर एक हाथ से दीदी के सर को लंड पर

उपर नीचे कर रहा था तभी मैने अपने हाथ को दीदी की गान्ड पर रख दिया ऑर अपनी उंगली थोड़ा पर थूक

लगा कर गान्ड के होल को सहलाने लगा लेकिन उंगली अंदर नही घुमाई जस्ट उपर से ही सहलाने लगा फिर कुछ

देर बाद मैने अपनी उंगलियों पर थोड़ा ज़्यादा थूक लगाया ऑर दीदी की चूत पर रखके 2 उंगलिया दीदी की चूत

मे घुसा दी ऑर साथ ही उंगूठा दीदी की गान्ड मे घुसा दिया दीदी भी एक दम से हुए हमले से मस्ती मे आ

गई ऑर अपने हाथ को लंड से उठा दिया ऑर पूरा मूह खोल कर सर को ओर ज़्यादा नीचे करके लंड को पूरा मूह मे

लेने की कोशिश करने लगी ऑर कुछ ही कोशिशों मे मेरा लंड पूरा दीदी के मूह मे चला गया था ,,,,मेरे

लंड की टोपी दीदी के गले से अंदर तक जाने लगी थी ऑर दीदी के होंठों का टच मुझे मेरी बॉल्स पर महसूस

होने लगा था,,मेरे लंड की टोपी पर टाइट गले का अहसास बिल्कुल किसी टाइट चूत या गान्ड जैसा लग रहा था

ऑर मुझे मस्त कर रहा था थूक दीदी के मूह से निकल कर मेरी बॉल्स को गीला कर रहा था ऑर जब भी दीदी

पूरा लंड मूह मे लेती ऑर नीचे से बॉल्स उनके लिप्स को टच करती तो लिप्स मेरी बॉल्स पर फिसल जाते फिर मेरा

लंड ऑर भी ज़्यादा अंदर तक चला जाता,,,मेरा करीब आधा लंड दीदी के मूह मे ऑर आधा उनके गले से नीचे

जाने लगा था अब दीदी भी माँ ऑर बुआ की तरह अच्छी खिलाड़ी बन चुकी थी ,,

 


मैं भी दीदी की चूत ऑर गान्ड मे तेज़ी से उंगली करने लगा अब लंड पर दीदी की चुसाई का मज़ा बहुत ज़्यादा बढ़ गया था मैने दीदी को लंड से हटा दिया ऑर खुद खड़ा हो गया फिर दीदी को सोफे पर पीठ के बल लेटा दिया ऑर खुद दीदी के उपर चढ़ कर लंडको दीदी के मूह मे डालके खुद अपने सर को दीदी की चूत पर ले गया ऑर चूत को पहली बार मे ही पूरा मूह मे भर लिया ऑर चूसने लगा साथ ही कमर को उपर नीचे करते हुए लंड को दीदी के मूह मे घुसाने लगा ऐसा

करने से मेरा लंड दीदी के मूह मे गले के अंदर तक जाने लगा ऑर मैं मस्ती मे दीदी की चूत को काटने ऑर

चाटने लगा दीदी की चूत काफ़ी पानी छोड़ चुकी थी जिसको मैं मूह मे भरके चूसने लगा ऑर अंदर निगलने'

लगा क्या नमकीन पानी था मज़ा आ रहा था उसको पीने मे,,,,

लेकिन मेरा लंड ठीक से दीदी के मूह मे नही जा रहा था वो गले के पास जाके गले से टकरा जाता ऑर कभी कभी मुड़कर गले से नीचे जाता ज़्यादा टाइम तो वो सीधा ही गले से टकरा रहा था कभी कभी मुड़कर गले से नीचे तक चला जाता,,,,मुझे अच्छा नही लग रहा था मस्ती कम होने लगी थी तभी दीदी ने मुझे खुदके उपर से हटने को बोला ऑर मैं हट गया ऑर उठकर ज़मीन पर खड़ा हो गया तभी दीदी भी ज़मीन पर बैठ गई दीदी ने अपनी पीठ सोफे के साथ लगाई ऑर सर

को हल्का सा पीछे करके टाँगे खोल कर बैठ गई ऑर अपना मूह खोलके मुझे लंड मूह मे घुस्साने के लिए

इशारा किया मैने भी आगे होके लंड को दीदी के मूह मे घुसा दिया तब तक दीदी के खुद का हाथ उनकी चूत

तक चला गया था ऑर दीदी ने चूत को सहलाना शुरू कर दिया था ,,मैने भी अपना लंड दीदी के मूह मे डाल

दिया ऑर हल्के से अंदर बाहर करने लगा लेकिन मैं ज़्यादा लंड अंदर नही घुसा रहा था तभी दीदी ने अपने

हाथों से मेरी कमर को पकड़ा ऑर लंड को ऑर ज़्यादा अंदर तक घुसाने के लिए खुद मुझे आगे पीछे करने

लगी मैने भी दीदी का इशारा मिलते ही लंड को दीदी के गले से नीचे उतार दिया तभी दीदी ने अपने हाथ मेरी

कमर से हटा लिए,,,,,मैं अपने लंड को दीदी के गले से नीचे तक घुसा रहा था लेकिन लंड पूरा अंदर

नही जा रहा था फिर मैने दीदी के सर को थोडा अड्जस्ट किया ऑर अपनी एक टाँग उठा कर सोफे पर रखी फिर

एक हाथ से दीदी के सर को पकड़ा ऑर एक हाथ से सोफे की बॅक पर पकड़ बना कर लंड को दीदी के मूह मे पेलने

लगा अब मेरा लंड पूरा अंदर जाने लगा था ऑर मेरी बॉल्स ही दीदी के मूह से बाहर रह जाती थी जो दीदी की चिन

से टकराती थी मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं कोई टाइट गान्ड मार रहा हूँ लंड पूरा अंदर तक जाता

तो दीदी को हल्की कॉफ आने लगती बट ना तो मैं लंड को बाहर निकालता ऑर ना ही दीदी मुझे निकालने को बोलती

मैं करीब 10 मिनिट ऐसे ही लंड पेलता रहा ऑर अब मेरा पानी निकलने वाला हो गया मैने दीदी के सर पर

हाथ मार कर बोला कि पानी निकलने वाला है तो दीदी ने मेरी कमर को पकड़ कर तेज़ी से आगे पीछे करना शुरू

कर दिया ऑर कुछ ही देर मे मेरे लंड का पानी दीदी के गले से अंदर जाके निकलने लगा जब लंड पूरा पानी निकल

चुका था तब दीदी ने उसको अच्छा तरह चाट कर सॉफ कर दिया ऑर मूह से निकाल दिया ,,

फिर मैने दीदी को सोफे पर बिठा दिया ऑर दीदी की चूत पर अपना मूह रख दिया ऑर पागलो की तरफ मस्ती मे

दीदी की चूत को चूसने लगा ऑर एक हाथ से अपने लंड को सहलाने लगा मेरा लंड अभी तक पूरी तरह से सोया

नही था ऑर मेरे हाथ से सहलाते ही वापिस फुल हार्ड होने मे उसको 2 मिनिट से भी कम का टाइम लगा ,,मैं

दीदी की चूत को पूरा मूह मे भरके चूस रहा था ऑर साथ ही घुटनो के बल ज़मीन पर बैठ कर अपने लंड

को एक हाथ से सहला रहा था ऑर दूसरे हाथ की उंगलियों को दीदी की चूत मे घुसा कर अंदर बाहर करने

लगा दीदी की चूत अब पानी पानी हो गई थी दीदी खुद अपने हाथों से अपने बूब्स को मसल रही थी ऑर हल्की

हल्की सिसकियाँ ले रही थी ,,वो पूरा ख्याल रख रही थी कि सिसकियों की आवाज़ ज़्यादा तेज ना हो ऑर रूम से बाहर ना

जाए लेकिन फिर भी दीदी की सिसकियाँ मस्ती भरी थी ऑर कुछ तेज थी जो कमरे मे हल्का सा मीठा मीठा उतेजना

से भरा शोर पैदा कर रही थी जिस से मुझे ऑर भी ज़्यादा मस्ती चढ़ने लगी थी मैं अपने लंड को हाथ से

छोड़ दिया ऑर दोनों हाथों से दीदी की चूत को खोल कर अपनी ज़ुबान को दीदी की चूत मे घुसा दिया ऑर तेज़ी

से अंदर बाहर करते हुए दीदी की चूत को ज़ुबान से चोदने लगा,,दीदी कुछ बोल तो नही रही थी लेकिन सिसकियों

से पता चल ही रहा था कि वो मस्ती मे पागल हो चुकी थी वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी थी ऑर

मेरे बालों को भी हल्के हल्के खेंचने लगी थी,,मैं भी पागलो की तरफ उसको चूत को पूरा मूह मे भरके

ऑर ज़ुबान को पूरी चूत मे घुसा कर आगे पीछे करते हुए उसको ज़ुबान से चोदने लगा हुआ था,,,तभी उसने

मुझे हल्का सा धक्का देके पीछे कर दिया ऑर जल्दी से सोफे पर लेट गई ऑर अपनी टाँगो को खोल कर दोनो

हाथों से चूत को खोल कर मेरे सामने पेश करने लगी मैने भी कोई देर किए बिना उसके उपर चढ़ने लंड

को चूत मे घुसा दिया ऑर उसके लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ लिया ,,,,,,उसने भी मुझे पागलो की तरह चूमना

शुरू कर दिया ऑर अपनी टाँगो को मेरी पीठ पर कस्के मुझे जाकड़ लिया मैने भी अपने हाथ उसके बूब्स

पर रखे ऑर कस कस कर उनको दबाने लगा वो भी पगली की तरह मेरी पीठ ऑर सर पे हाथ फेरने लगी हम

दोनो पर सेक्स का भूत सवार हो गया था ऑर हम भूखे ऑर लालची कुत्तों की तरह एक दूसरे पर टूट पड़े थे

,,मैं भी पूरी स्पीड से उसको चोदने मे लगा हुआ था ऑर वो भी पूरी तेज़ी से मेरे लिप्स को चुस्ती ऑर काट-ती हुई

मेरी पीठ ऑर सर पर हाथ घुमा रही थी ऑर बीच बीच मे मेरे सर के बालों को खींच देती ऑर कभी

पीठ पर नाख़ून घुसा कर पीठ को हल्का सा कुरेद देती ,,,,,,,,

कुछ देर बाद मैं उसके उपर से उठा ऑर उसको भी उठा दिया ऑर लंड को उसके फेस के पास कर दिया उसने भी

जल्दी से मूह खोलके लंड को मूह मे भर लिया ऑर तेज़ी से अंदर बाहर करते हुए चूसने लगी मैने भी उसके सर

को पकड़ा ऑर लंड को अंदर बाहर करते हुए उसके गले तक लेके जाने लगा फिर उसने लंड को बाहर निकाला ऑर

मूह मे जमा थूक को लंड पर थूक दिया ऑर अपने हाथों से उसको सारे लंड पर लगा कर लंड को चिकना

कर दिया ऑर खुद सोफे पर झुक गई ऑर गान्ड को मेरे सामने कर दिया मैने भी थूक से चिकने हुए लंड को

पहली बार मे ही पूरा गान्ड मे उतार दिया जिस से उसको हल्की सी तकलीफ़ हुई ऑर उसकी सिसकी मे आज मीठा सा दर्द

सॉफ सुनाई दिया,,लेकिन ना तो उसने मुझे रोका ऑर ना मैं खुद रुका ऑर लंड घुसते ही तेज़ी से गान्ड मे लंड

को अंदर बाहर करने लगा ऑर साथ ही आगे झुक कर उसके बूब्स को पकड़ लिया ऑर कासके दबाने लगा लगा उसकी

सिसकियाँ हल्के दर्द की चीखो मे बदल गई थी लेकिन वो ज़्यादा ज़ोर से नही चिल्ला रही थी ऑर ना ही मुझे लंड

बाहर निकालने को बोल रही थी,,

मैं भी तेज़ी से लंड को गान्ड मे पेलता गया ऑर बूब्स को दबाता गया मेरा

लंड पूरा अंदर तक घुस्स रहा था ऑर वो भी हल्की हल्की दर्द भरी सिसकियों के साथ मुझे ऑर तेज़ी से उसकी

गान्ड मारने को बोल रही थी,,,,,,,,,,,,आहह ईऐसेसीए हहिईीई ब्बाहहिईिइ ऊओररर्र त्तीज्जी

सस्स्स्सीए प्प्प्ुउउर्र्राा उउन्न्ञददीर्र ग्घुउस्सा क्काररर कच्छूड्डूऊ ऊरर त्टीजजििीइ सस्सीए आहह

ऊओह हमम्म्ममममममममममम ऊऊऊररर्ररर टत्त्त्ट्टीईईजज़्ज़्ज्ज्ज प्प्प्प्प्ुउउउर्र्राआ

उउन्न्ड़ड़डीईरररर त्ताआक्कक ग्घूउऊउउस्स्स्साआआ द्दद्डूऊ आअहह ऊर्ररर ज्जूऊर्रर सस्स्सीए ऊओरर्र्रर

म्म्मररीर्र ब्बूबबब क्कूव बभीी जजूर्र्र सससी बबबीररीहम्मि ससीए म्मास्सल्ल्लूओ ऊओरर त्टीज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज

क्काररूव ब्बबाहहिईिइ प्प्प्ूउर्रा ग्घूउऊउउस्स्साआ द्दूव आप्प्पन्ंनईए म्मूऊससाअलल्ल्ल ककककककूऊव

म्म्मीूईरीईई ग्गगाणन्ँद्द्द्द्ड म्मीईई प्पफाद्द्दद्ड द्डूऊ ईीसस्क्क्कूव ब्बहहिईिइ ऊओररर उउन्न्दर

त्त्टाककक ग्घूउऊउस्स्साअ दद्दूव आपपन्ंनी मम्मूससाअलल्ल्ल्ल कककूऊऊऊओ म्म्मीमरीईइ गगाआंन्ंदड़

ऊओररर कचहूवततत कक्कूव त्तूओ प्प्पयय्याररर हहूओ गगग्गगयययए हहाइईइ टतेरेरीए म्मूस्साल्ल्ल ससीए

ब्बबाहहिईिइ आब्ब्बबब क्क्कोइइ कचूत्ताअ ल्ल्लुउउन्न्ञँद्दद्ड ल्लीन्नओईए कक्कूव दडील्ल हहिईिइ न्न्नाहहिईिइ

कककाररत्त्ताआअ आहह ब्बाहहिईिइ ऊररर ट्टीएजज्ज़ क्काररूव न्नाआ प्प्प्ूउर्र्रा ग्घहुउऊउउस्साआ

द्डूऊ ब्बाहहिईीईई ऊओरर त्टीजज ऊर्रर्र्ररर त्ट्टीईईईज़ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज आहह म्मररर्र्र्र्र्र्र्ररर

गगगगगगयययययीीईई म्माआआआअ ऊऊररर त्टीज्जज क्काआर्रूऊ ब्बाहहिि उउउन्नड़दीर्रर त्त्ताक्क घहुउस्स्सा

दददू,,,,,,,,,,उसकी सिसकियों ने मुझे पागल कर दिया ऑर मैने लंड को तेज़ी से गान्ड मे डालना शुरू कर दिया'

ऑर साथ ही अपने हाथ को उसके बूब्स से हटा कर उसकी चूत पर रख दिया ऑर 2 उंगलियाँ चूत मे घुसा दी'

ऑर तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा हाथ की स्पीड ऑर लंड की स्पीड एक बराबर थी ऑर तेज़ी से हाथ चूत मे ऑर

लंड गान्ड मे चुदाई करने लगा था,,,,,

 


कुछ देर बाद मैने उसको उठाया ऑर खुद सोफे पर बैठ गया ऑर उसको टाँगे खोल कर अपने उपर बिठा लिया

,,उसकी टांगे खुलते ही मैने हाथ पर थूक लगाया ऑर लंड पर लगा दिया ऑर कुछ थूक उसकी गान्ड पर लगा

कर लंड को गान्ड के होल पर रखा ऑर उसने गान्ड को नीचे करके लंड को गान्ड मे घुसा लिया ऑर तेज़ी से

उपर नीचे होने के लिए अपने हाथों को मेरे शोल्डर पर रख कर पकड़ बना ली,,मैने भी अपने हाथ उसकी

गान्ड पर रखे ऑर उसको गान्ड से पकड़ कर उपर नीचे उछलने लगा वो खुद भी तेज़ी से उछाल रही थी ऑर

पूरे लंड को गान्ड मे ले रही थी साथ ही उसने अपने फेस को मेरे फेस के पास किया ऑर मेरे लिप्स मे अपने लिप्स

क़ैद कर दिया ऑर फिर से एक पागलपन वाली किस शुरू हो गई जिसमे हम दोनो एक दूसरे को वहशीपने ऑर मस्त

होके पागलपन मे रेस्पॉन्स देने लगे थे हम दोनो एक दूसरे के लिप्स को खा जाना चाहते थे तभी दीदी ने

अपनी स्पीड तेज करदी ऑर मैने दीदी की गान्ड से हाथ उठा लिए ऑर उनके बूब्स पर रख दिए ऑर ज़ोर से दीदी के

बूब्स को मसल्ने लगा दीदी अब पूरी स्पीड से उपर नीचे होते हुए सिसकियाँ लेने की कोशिश कर रही थी लेकिन

दीदी के लिप्स मेरे लिप्स मे जकड़े हुए थे इसलिए उनकी सिसकियाँ दब कर रह जाती लेकिन फिर भी वो हल्की हल्की

सिसकियाँ ले रही थी रूम मे एसी ऑन था लेकिन हमारा पूरा बदन पसीने से भीगा हुआ था ऑर मुझे दीदी

का पसीने की गान्ड बहुत अच्छी लग रही थी उसके माथे से पसीना नीचे उनके लिप्स तक आने लगा था ऑर मेरा

पसीना भी सर से लिप्स तक आने लगा हम दोनो की किस एक नमकीन किस बन गई थी ऑर मेरे हाथ भी दीदी के

बूब्स पर दाब रहे थे मैं ज़ोर से दीदी के बूब्स को दबा रहा था लेकिन पसीने की वजह से हाथ फिसल

जाता ऑर यही फिसलन भरा दबा दबा अहसास दीदी को अच्छा लगने लगा था ऑर वो खुद मेरे हाथ को अपने

बूब्स पर ऑर ज़ोर से दबाने लगी थी, अब दीदी का होने वाला था ऑर मुझे लगा कि मेरा भी होने वाला है ,,,,,

दीदी ने मुझे किस करने बंद कर दिया ऑर नज़रो से नज़रे मिलाकर इशारा किया कि भाई मेरा होने वाला है

मैने भी दीदी को कस्के अपनी बाहों मे भर लिया ऑर ये बता दिया कि मेरा भी अब होने वाला है दीदी को

मैने कस्के अपनी बाहों मे भर लिया ऑर तेज़ी से उपर नीचे करने लगा लेकिन पसीने की वजह से बार बार

मेरी पकड़ दीदी की कमर पर कमजोर हो जाती तभी दीदी ने अपने घुटनो को सीधा किया ऑर अपने पैरों को सोफे

पर रख दिया ऑर पैरों के सहारे बैठ कर तेज़ी से खुद उपर नीचे उछलने लगी मैने भी दीदी की चूत पर

हाथ रख दिया ऑर उंगलिया चूत मे घुसा दी ऑर तेरी से अंदर बाहर करने लगा तभी दीदी ने कुछ सिसकियाँ

ली ऑर पानी छोड़ना शुरू कर दिया ऑर मैने भी अपनी पानी दीदी की गान्ड मे निकाल दिया दीदी जल्दी से मेरे

उपर से हटके सोफे पर गिर गई ऑर मैं ऐसे ही बैठा हुआ तेज़ी से हाँफने लगा ,,दीदी की गान्ड का होल अभी भी

थोड़ा थोड़ा खुल ऑर बंद हो रहा था ऑर उसमे से मेरा स्पर्म निकल कर सोफे पर गिरने लगा था मेरा भी

लंड अब सिकुड कर छोटा हो गया था ऑर अभी भी उसपे कुछ स्पर्म लगा हुआ था,,,,,,,,,,

कुछ देर बाद दीदी की हालत ठीक हुई ऑर उसने उठकर मेरे फॉरहेड पर एक किस की फिर लंड को मूह मे लेके

चूसने लगी ऑर मेरे लंड को चूस ऑर चाट कर सॉफ कर दिया ऑर वापिस मेरे को किस करके थॅंक्स बोला,,,,,,,,,,

शोभा-आज तो बहुत ज्याद मज़ा आया भाई,,,पहले कभी इतना मज़ा नही आया ऑर ना ही मैने इतना लंबा टाइम मज़ा

किया है आज तो ऐसे लग रहा था जैसे तुमने कुछ खाया हुआ था पूरे जोश मे थे तुम भाई,,,,,,,,,,,,,,

मैं-दीदी मुझे तो आपके जिस्म को देख कर ही नशा हो जाता है ऑर मस्ती चढ़ जाती है मुझे कुछ खाने की ज़रूरत ही

नही पड़ती,,,,,,,,,,,

शोभा-सच मे भाई,,,,,,,,,,

मैं-हां दीदी अपनी टाइट गान्ड ऑर मोटी मस्त गान्ड बड़े बड़े गोरे बूब्स देख कर ही मन लालची हो जाता है ओर दिल ही नही करता कि लंड से पानी निकले मेरा तो दिल करता है ऐसे ही अपनी टाइट गान्ड मे लंड डालके चोदता रहूं कभी मेरा पानी नही निकले,,,,,,,,,,,,,,,,,,

 
शोभा-मेरा भी यही दिल करता है भाई तभी तो मैं बुआ के साथ नही गई आज ऑर घर पर रुक गई ताकि किसी छोटे लंड की जगह तेराये मूसल लेके मज़ा कर सकूँ,,,,,,,,,,,,

मैं-छोटा लंड कॉन्सा दीदी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

शोभा-अरे वही बुढ़ू रब्बर वाला नकली लंड डिल्डो,,,,,,,उस से मज़ा नही आता जितना तेरे मूसल से आता है,,,,,,,,चल आज बहुत हो गया अब रूम मे चलते है वर्ना कोई पंगा हो जाएगा,,,,,,,,,,

मैं--लेकिन दीदी मेरा तो एक बार ऑर करने को दिल कर रहा है,,,,,,,,

शोभा--नही भाई अब चलते है बाकी का फिर कभी,,,,,,,,,,हम दोनो ने अपने कपड़े पहने ऑर अपने अपने रूम मे

चले गये,,,,,,,,,,,,,

 
अपने रूम मे गया ऑर जाके लेट गया लेकिन नींद नही आ रही थी टाइम देखा तो सुबह के 4 बज रहे थे,,

लेकिन नींद आँखों से कोसों दूर थी मेरा दिल एक बार ऑर चुदाई करने को करने लगा था लेकिन अब क्या कर

सकता था सोचा कि नीचे माँ के पास जाता हूँ लेकिन माँ के पास तो मामा होगा ऑर हो सकता है वो दोनो अब

तक सो भी चुके होंगे ,,,,लेकिन अब करूँ भी तो क्या करूँ,,तभी मेरा ध्यान सोनिया की तरफ गया जिसके उपर से

चादर निकल कर नीचे ज़मीन पर गिरी हुई थी ऑर उसका कुर्ता उसके पेट पर काफ़ी उपर तक उठा हुआ था ऑर

छोटी सी निक्केर पहनी होने की वजह से उसकी टाँगे भी चमक रही थी,

मैं हिम्मत करके उसके बेड के

पास चला गया वैसे भी रूम की सेट्टिंग न्यू हुई थी पहले तो हमारे बेड मे करीब 8 फीट का फंसला था

ऑर अब सिर्फ़ 2-3 फीट का ही फाँसला रह गया था मैने डरते हुए हाथ आगे बढ़ा कर उसके पेट पर रख दिया ऑर

हल्के से सहलाने लगा मेरा हाथ बहुत प्यार से उसके मुलायम ऑर सॉफ्ट पेट पर कमर की एक साइड से होते हुए

दूसरी साइड की तरफ चलने लगा ,,मेरे जिस्म मे एक मस्ती की लहर दौड़ने लगी ऑर वैसे भी मैं तो एक बार

ऑर चुदाई के मूड मे था ,,,मेरा दिल किया क्यू ना इसको देख कर मूठ मार ली जाए मैने जैसे ही अपने हाथ

को बर्म्युडा उपर करके लंड को पकड़ा तभी एक दम से सोनिया उठ गई,,,,,,,,,,,,मेरी तो बॉल्स ही मेरे गले

मे आके अटक गई थी गला सूख गया था दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया दिल की धड़कन भी रुकने ही

वाली थी बस,,,,,,,

सोनिया--,ये क्या कर रहे ही भाई,,,,,,,,,,,

मैं---मैं वू म्मा ववूऊओ ,,,,,,,,

सोनिया--अब ये मत कहना कि आज भी कोक्करॉच था भाई,,,,,,,,,,,,,

मैं--नही वू माईंन्न वूऊ,,,,,,,,

सोनिया--भाई जो तुम कर रहे हो मुझे सब पता है मैं कोई बच्ची नही हूँ ,,,,आपको शरम नही आती अपनी बेहन के साथ ऐसे हरकत करते हुए,,,आप ने पहले भी कयि बार कोक्करॉच का बहाना करके ऐसी हरकत की थी मैं सोचा आप सुधर जाओगे लेकिन आप तो ऑर भी ज़्यादा गिर गये हो भाई,,,,,,

इस से पहले मैं कुछ कहता उसने मेरी बोलती बंद करवा दी,,,,,,,,,,,,,,

सोनिया--आज आपकी लास्ट वॉर्निंग है आज के बाद आपने मेरे करीब आने की भी कोशिश की तो मैं डॅड को बता दूँगी ऑर खुद भी आपका एसा हाल करूँगी कि आप याद रखोगे,,,,,,,ऑर गुस्से से वापिस चादर लेके बेड पर लेट गई ऑर मेरी तरफ़ अपनी पीठ करली,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं साला सोच मे पड़ गया ये क्या हो गया अब तो मैं गया काम से हिट्लर ने रंगे

हाथों पकड़ा है अब नही बच्चा सन्नी बेटा तू ऑर अगर इस हिट्लर ने डॅड को बता दिया फिर तो हड्डी पस्सली तोड़

देंगे मेरी,,,,,,,,,,मैने सोनिया से बात करने की ओर सॉरी बोलने की भी कोशिश नही की कहीं अभी वो गुस्से मे

आ गई तो क्या होगा,,,,,,,मैं चुप चाप बेड पर लेट गया ऑर सोचने लगा कि अब क्या करूँ अब तो मौत पक्की है

हिट्लर के हाथों से या डॅड के हाथों से,,,,,,,,,,,,,,मुझे बहुत डर लग रहा था गान्ड फॅट गई थी ये सब क्या

हो गया मेरे साथ यही सोच सोच कर हालत खराब होने लगी थी,,,,,,,,,डरते मरते कब नींद आई पता ही

नही चला,,,,,,,,,,,

सुबह उठा तो गान्ड फटी हुई थी ,,यही टेन्षन थी कहीं सोनिया ने किसी को रात वाली बात ना बता दी हो,,वो

साली है भी जंगली बिल्ली उसका कुछ पता नही ऑर वैसे भी रात को सच मे गुस्से से बोल रही थी तभी तो मेरी

बॉल्स मेरे गले मे अटक गई थी,,बाथरूम मे जाके फ्रेश होके बाहर निकला तो टाइम देख कर पुँगी बज गई

टाइम तो 10 बजे का हो गया था जबकि कॉलेज टाइम 9 बजे था ,,ओह्ह शिट आज तो मर गया एक तो पहले से सोनिया

रात वाली हरकत पर गुस्सा थी ऑर अब कॉलेज के लिए लेट कर दिया उसको,,,अब तो पक्का गाली देगी,,,,,डरते

मरते नीचे गया तो कोई नज़र नही आया,,,,,तभी किचन से कुछ आवाज़ आई तो मैं भी किचन मे चला गया,,

माँ बर्तन धो रही थी,,,,,,,,,,

माँ---उठ गया मेरा बेटा,,आज तो लेट हो गया कॉलेज के लिए ऑर अब तो वैसे भी नही जा सकता ,,,,

मैं==क्यू माँ,,,,,,,

माँ--अरे बुद्धू एक तो पहले से लेट हो गया है उपर से बाहर बारिश बहुत तेज हो रही है,,,सुबह बारिश हल्की थी इसलिए सोनिया ने जल्दी से कविता को फोन कर दिया था वो उसको आके लेके गई यहाँ से,,,,सोनिया गुस्से मे थी,,तेरा कोई झगड़ा हुआ क्या सोनिया से,,,,,,,,,,,,,,

मैं डर गया साली ने सच मे बता तो नही दिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--,नही माँ मेरा कोई झगड़ा नही हुआ क्यू सोनिया कुछ बोल रही थी क्या,,,,,,,,,,,

माँ--नही कुछ ज़्यादा तो नही लेकिन कविता को मेरे सामने बोल रही थी कि आज के बाद वो सन्नी के साथ बाइक पर नही जाएगी ऑर कविता ही उसको रोज यहाँ से लेके जाया करे कॉलेज के लिए,,,तो मुझे लगा कि तुम लोगो की फाइट हुई थी,,,,,,,,,सच बता मेरे को,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--नही माँ कोई फाइट नही हुई बस वो थोड़ी गुस्सा है,,,,,,,,,,,,,,

माँ--चल ठीक है तेरी बेहन है तूने गुस्सा किया है तू खुद ही मना लेना,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं--माँ बाकी लोग कहाँ है,,,,,,,,,

तभी माँ बर्तन धो चुकी थी ऑर टवल से हाथ सॉफ करते हुए मेरी तरफ आने लगी,,,,,,

माँ-तेरे डॅड बॅंक गये,,शोभा भी कॉलेज गई,,,तेरी बुआ भी नही है,,,,ऑर मामा भी कहीं धक्के खाने गया होगा ,,अब बस हम दोनो है घर पर अकेले इतना बोल कर माँ मेरे करीब आ गई थी ऑर हाथ मेरे लंड पर रख कर उसको दबाने लगी ऑर

इस से पहले मैं कुछ समझ सकता माँ ने अपने लिप्स को मेरे लिप्स से लगा दिया,,,,अब तक मैं सोनिया के साथ

की हुई रात वाली घटना से डर रहा था लेकिन अब माँ के हाथ लंड पर लगने से ऑर मेरे लिप्स पर माँ के लिप्स

टच के अहसास्स ने डर को कहीं दूर भगा दिया ऑर दिल मे हल्की हल्की मस्ती भर दी थी,,,,,,एक ही झटके मे

लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया ऑर लिप्स भी अपने अप खुल गये ऑर हाथ पता नही कब माँ के बूब्स पर

पहुँच गये,,,,,,,,मैने अपने लिप्स को खोला तो माँ ने अपनी ज़ुबान को मेरे मूह मे घुसा दिया ऑर मैने

भी माँ की ज़ुबान को मूह मे भरके चूसना शुरू कर दिया ऑर हाथों की करामात तो देखिए जनाब माँ

के ब्लाउस के बटनों को ऐसे खोलना शुरू किया कि ना हमे पता लगा ना माँ को ओर यहाँ तक ब्लाउस के बटन

को भी पता नही चला,,कब माँ के नंगे बूब्स हाथ मे थे ऑर कब उसके नरम ऑर गर्म अहसास ने उस

मस्ती को ऑर ज़्यादा बढ़ा दिया पता ही नही चला,,,,,,,माँ के लिप्स को मूह मे भरके चूस्ते हुए माँ के मूह

मे अपनी ज़ुबान डाल देता जिसको माँ भी मस्ती मे चूसने लगती फिर कभी अपनी ज़ुबान मेरे मूह मे डाल देती ..

फिर माँ के हाथ मेरी टी-शर्ट की तरफ बढ़ने लगे ऑर मैने भी इस बात का एहसास होते ही अपने हाथ हवा मे

उठा दिए ऑर माँ ने टी-शर्ट को उपर उठा कर हाथों से निकालने की कोशिश करने लगी लेकिन मेरी हाइट माँ

से ज़्यादा थी तो माँ से टी-शर्ट पूरी उपर तक नही उठी ऑर मेरे मे मस्ती इतनी ज़्यादा भर चुकी थी कि बर्दाश्त

नही हो रहा था जल्दी से खुद ही टी-शर्ट को निकाला ऑर किचन के फ्लोर पर फेंक दिया ऑर बनियान भी निकाल कर

उसी जगह फेंकी जहाँ टी-शर्ट फेंकी थी,,,,,,

 
जब तक मैं टी-शर्ट निकाल रहा था तब तक माँ ने भी अपने

ब्लाउस को उतार दिया था ऑर साड़ी निकालने के लिए साड़ी के एक पल्लू को हाथ मे पकड़ लिया था लेकिन मैने आगे

बढ़कर माँ के हाथ से वो पल्लू पकड़ा ऑर खुद उस पल्लू को पकड़ कर माँ के चारो तरफ हाथ घुमा कर

माँ की साड़ी को उतारने लगा ऑर साथ ही माँ के लिप्स को फिर से अपने लिप्स मे जाकड़ कर किस करने लगा,,,

माँ की साड़ी निकालते ही मैने झट से माँ के पेटिकोट के नाडे को खीच दिया ऑर एक ही पल मे पेटिकोट किचन

के फ्लोर पर था ऑर माँ पूरी नंगी हो गई थी,,,,मैने माँ के लिप्स को कस्के पकड़ा अपने लिप्स मे ऑर चूस्ते

हुए माँ के बूब्स को दबाने लगा माँ भी अपने हाथों से मेरी पीठ ऑर सर को सहलाने लगी फिर मैने

नीचे होके माँ के बूब्स को मूह मे भर लिया,,,

जैसे ही माँ का एक बूब मेरे मूह मे गया ऑर मैने उसको

चूसना शुरू किया तभी माँ की हल्की हल्की सिसकियाँ शुरू हो गई ,,,मैने माँ के दूसरे बूब को हाथ मे

पकड़ा ऑर बड़े प्यार से सहलाने ऑर ज़रा हल्के ज़ोर से मसल्ने लगा,,,

माँ--अहह उऊहहआक्च्छाअ ल्ल्लग्गतताअ हहाई ब्बेटा ततुउुज्जी ब्बेतता माँ के बूब्बसस कककू कच्छुउस्सणनाअ ,,,,,,,,,,

मैं--हाआन्न माँ ब्भुउउउत्त आक्च्छा ल्लाग्गतता हहाऐईयइ ददिल्ल क्कररत्ता हहाइी एआसे मुउहह म्मी भार्रके

कच्छुतता हहीी र्राहहुउऊ इन्न ब्बाददी ब्बाड़ड़दीए ऊओरर ननार्रामम्म ब्बूबबसस क्कूव ,,,,,,,,,,,,,

माँ-ब्बेतटटा ज्जििट्त्न्ना टतररा ददिल्ल क्काररी कच्छुउस्स्टता ररीह आजज्ज कच्छूस्स छ्छूवस्स क्कार्र ख्हा जा

इन्नक्कू ,,,,,,माँ ने मेरे सर को हाथों से पकड़ा ऑर बूब पर दबा दिया मैने भी बूब को ऑर ज़्यादा मूह

मे भर लिया ऑर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा ऑर दूसरे वाले को हाथ मे लेके दबाने ऑर सहलाने लगा ,,,मैं माँ के

बूब को ज़्यादा से ज़्यादा मूह मे भरने की कोशिश करने लगा ऑर हल्के हल्के दाँत से काटने लगा,फिर दूसरे

बूब को मूह मे भरके चूसने लगा ऑर काटने लगा साथ ही पहले वाले को हाथ से दबाने लगा ,,तभी माँ

ने अपने दोनो हाथों मे से जो मेरे सर ऑर पीठ पर घूम रहे थे एक हाथ अपने बूब पर मेरे हाथ के

उपर रखा ऑर ज़ोर से दबाने लगी तभी मैने अपने हाथ को माँ के बूब से हटा लिया ऑर वो खुद ही अपने

बूब को ज़ोर से मसल्ने लगी ,,,मेरा हाथ फ्री हो गया ऑर मैं कोई देर किए बिना उसको माँ के पेट पर घुमाते

हुए नीचे की तरफ़ ले जाने लगा ऑर कुछ ही देर मे मेरा हाथ माँ की चूत के सॉफ्ट सॉफ्ट लिप्स को टच करने लगा

ऑर मैं उन लिप्स को अपनी उंगलियों मे दबा कर हल्के से खींचने लगा कभी एक लिप्स को कभी दूसरे को ऑर

कभी दोनो को एक साथ ,,,,फिर कभी माँ की चूत की बीच वाली लाइन पर अपनी उंगली उपर से नीचे ऑर वापिस नीचे

से उपर करके चूत की लाइन को सहलाने लगा,,माँ अब काफ़ी मस्ती मे आ चुकी थी ऑर इसका पता चूत पर हो

रही चिकनाहट से लग रहा था माँ की चूत पानी छोड़ चुकी थी ऑर उससी पानी की चिकनाहट से मेरी उंगली माँ

की चूत के बीच वाली लाइन पर फिसलती जा रही थी ऑर माँ को ऑर ज़्यादा मस्त करने लगी थी,,

मैं माँ के एक बूब को चूस्ता हुआ माँ के दूसरे बूब को देख रहा था ज्सिको माँ अपने हाथों मे लेके ज़ोर से दबा रही थी इतना ज़ोर से कि बूब हल्का लाल होने लगा था,,तभी मैने महसूस किया कि मेरे पीठ पर जो माँ का हाथ घूम

रहा था अब वो पीठ पर नही था ऑर एक ही पल मे मुझे लंड पर हल्का सा दबाव महसूस हुआ समझ गया

कि माँ का हाथ मेरी पीठ पर घूमना क्यू बंद हो गया था,,,माँ ने मेरे लंड को पॅंट के उपर से ही ज़ोर

से मसलना शुरू कर दिया था जैसे एक हाथ से अपने बूब को मसल रही थी,,मैं अपनी उंगली से माँ की

चूत के बीच वाली लाइन को सहला रहा था उंगली काफ़ी चिकनी हो गई थी ऑर उपर की तरफ करते टाइम चूत के

अंदर घुस गई ऑर माँ के मूह से हल्की सिसकी निकल गई,,,,,,आआआआहह

 
मैने भी उंगली अंदर जाते ही ऑर माँ की सिसकी सुन कर मस्ती मे उंगली ऑर अंदर घुसा दी ऑर ऐसे ही अंदर बाहर करते हुए उंगली से माँ की चूत को चोदने लगा मस्ती मे माँ ने भी अपने दूसरे हाथ को मेरे लंड की तरफ कर दिया ऑर मेरी पॅंट को खोलने लगी ,,,पॅंट खुल कर नीचे खिसकी ऑर लंड बाहर निकल कर माँ के हाथ मे आ गया ऑर माँ ने

उसके अपने दोनो हाथों मे पकड़ लिया ,,

माँ का एक हाथ लंड के पीछे की तरफ था जो लंड को आगे पीछे करते हुए सहलाने लगा ऑर दूसरा हाथ लंड की

टोपी पर हल्के से घूमने लगा ऑर अजीब सी हलचल पैदा करने लगा,,लंड की नसों मे खून तेज़ी से बहने

लगा ऑर लंड महाराज पूरी ओकात मे आ गये ,,माँ ने अपने हाथ को लंड की टोपी से हटाया ऑर उपर करके

अपने मूह से हल्का सा थूक हाथ मे लगा लिया ऑर वापिस हाथ को थूक से गीला करके लंड की टोपी पर रखा ऑर

प्यार से थूक से भीगी हाथ की उंगलियों को लंड की टोपी पर घुमाने लगी ऑर दूसरे हाथ को भी लंड पर आगे

पीछे करने लगी,,मेरा भी हाथ माँ की चूत पर कमाल दिखाने लगा ऑर उंगली तेज़ी से अंदर बाहर होने

लगी ऑर माँ की चूत को मस्त करके ऑर ज़्यादा पानी निकालने लगी चिकना करने लगी,,उंगली की स्पीड काफ़ी तेज थी

ऑर साथ मे मेरे लिप्स ऑर ज़ुबान की स्पीड भी तेज थी मैं बूब को मूह मे भरके मूह के अंदर

बूब की डुँड़ी को अपनी ज़ुबान से चाटने लगता ऑर ज़ुबान को डुँड़ी की चारो तरफ घुमाने लगता,,,कुछ देर

बाद माँ ने मुझे हल्के से धक्का दिया मेरा मूह माँ के बूब से हट गया ऑर उंगली भी चूत से निकल गई

ऑर माँ मेरे सामने से गायब हो गई ,,तभी लंड को अजीब गर्मी का एहसास हुआ नीचे देखा तो माँ घुटनो

के बल बैठी मेरे लंड को मूह मे भरके चूसने लगी थी,,माँ मेरे लंड की टोपी को अपने लिप्स मे दबा कर

हल्के से चुस्ती फिर बाहर निकाल कर ज़ुबान से चाटने लगती ऑर फिर से वापिस टोपी को लिप्स मे भरके मूह के

अंदर कर लेती लेकिन ज़्यादा अंदर नही करती सिर्फ़ टोपी को हो अंदर करती ऑर लिप्स मे दबा कर चुस्ती फिर ज़ुबान

से चाटने लगी ओर साथ ही दोनो हाथों से लंड को आगे पीछे करके मूठ मारती,,दोनो हाथ लंड को आगे से टोपी

तक ऑर पीछे से बॉल्स तक सहलाने मे लगे हुए था,,फिर कुछ देर बाद माँ ने एक ही बार मे पूरा लंड मूह

मे भर लिया ऑर लंड की टोपी को गले से टकरा दिया लेकिन टोपी गले से अंदर तक नही घुसा तो माँ ने खुद के

सर पर हाथ रखा ऑर अपने सर को हल्के से आगे किया ताकि लंड की टोपी गले से नीचे उतर सके लेकिन कोई फ़ायदा

नही हुआ तभी मैने माँ के सर को पकड़ा ऑर ज़ोर से उसके लंड पर दबाया ऑर साथ ही कमर को आगे करके लंड

को भी ज़ोर से माँ के गले के अंदर किया तो एक हल्के झटके से लंड की टोपी माँ के गले से नीचे उतर गई ऑर माँ

को हल्की कफ आने लगी ऑर मा की आँखे भी बाहर निकल गई माँ ने लंड को बाहर निकाला ऑर खाँसी के बाद

जितना भी थूक माँ के मूह मे था सब लंड पर थूक दिया ऑर हाथ से आगे पीछे करके थूक को पूरे लंड

पर मलने लगी,,फिर से लंड को मूह मे भरा ऑर पूरा अंदर तक ले गई मैने भी माँ का साथ देते हुए माँ

के सर को अपने हाथों से पकड़ा ऑर लंड को फिर से अंदर तक घुसा दिया

 
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