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कहीं वो सब सपना तो नही complete

मैं तो ऑर भी ज़्यादा हैरान हो गया था,,,,क्या सच मे दीदी,,,,डॅड ऑर बुआ भी ऐसा करते थे

ऑर नही तो क्या ,,,बुआ मेरे दूध के ग्लास मे नींद की गोली मिला देती थी फिर डॅड उपर इसी रूम मे आके बुआ के साथ मस्ती करते थे ,,,,,,,,ये तब की बात है जब बुआ ने अभी मुझे डॅड के लिए तैयार नही किया था,,,,,मैं रोज रोज सुबह उठती तो सर मे दर्द होता फिर एक दिन बुआ को बात करते सुन लिया था कि वो मेरे दूध के ग्लास मे नींद की गोली डालती थी,,,एक दिन दूध नही पिया मैने ऑर नज़रे बचा कर दूध को फेंक दिया उस रात पहली बार मैने डॅड ऑर बुआ की मस्ती देखी थी,,उसी के बाद बुआ ने मुझे डॅड के लिए तैयार किया था,,

पहले तो मैं ओर बुआ मस्ती करते थे लेकिन एक दिन बुआ ने मुझे नकली की जगह असली लंड लेने का पूछा तो मैने हाँ करदी,,नकली लंड से इतना मज़ा आता था मैने सोचा कि असली लंड से कितना मज़ा आएगा ,,,लेकिन जब पता चला कि वो लंड डॅड का होगा तो मैने मना कर दिया ,,,,

क्यूकी मैं अपने ही बाप से ऐसा कुछ नही करना चाहती थी ,,फिर एक दिन डॅड ऑर बुआ ने मुझे बताया कि मामा माँ की चुदाई करता है ऑर साथ मे विशाल भाई भी होता है ,,,,,,,,,पहले तो मुझे यकीन नही आया लेकिन जब अपनी आँखों से देखा तो यकीन आया,,,,,,,,,,,

क्या दीदी,,आपने देखा था उन लोगो को मस्ती करते,,,,,,,,,,,,,,,मैने बड़ी हैरत से पूछा,,,,,,,,

ऑर नही तो क्या सन्नी,,,,,,,क्या घर की ड्यूप्लिकेट चाबी सिर्फ़ तेरे पास है,,,,इतना बोलके दीदी हँसने लगी,,,,

चल अब जल्दी नीचे जा बाकी बात फिर कभी करते है वैसे भी मेरा मूड बहुत खराब हो रहा है ऑर ज़्यादा इंतेज़ार नही होता मेरे से,, जल्दी से माँ के बड़े बड़े बूब्स को मुँह मे भरने का दिल कर रहा है,,,,,,,,

ठीक है दीदी मैने चलता हूँ लेकिन आप जल्दी मत आना मुझे सब तैयारी करने देना,,,,,,,,,

ठीक है अब जा तू,,ऑर जब मेरे नीचे आने का टाइम हो जाए मोबाइल से मिस कॉल कर देना,,,,मैं आ जाउन्गी,,,,,,

मैने वहाँ से उठा ऑर नीचे चला गया ,,,,,,हम लोगो का प्लान था आज मिलकर माँ के साथ मस्ती करने का,,लेकिन हम माँ को सरप्राइज देना चाहते थे इसलिए ये सब नाटक कर रहे थे,,,,नींद की गोली वाला,,,,,,,,,,,

लेकिन मैं एक बात से थोड़ा हैरान हो गया ,,कैसे साला मेरी माँ ऑर बुआ ने मुझे नींद की गोली दी थी ताकि वो लोग आराम से देल्ही मे विशाल भाई के रूम मे मस्ती कर सके ऑर यहाँ घर पर डॅड ऑर बुआ शोभा को नींद की गोली देते थे ताकि आराम से उसी रूम मे मस्ती कर सके बिना किसी टेन्षन के,,,,,,,,साला मेरा पूरा परिवार ही कमीने ऑर हरामी लोगो का था,,,,,,,चुदाई के लिए कुछ भी करने को तैयार थे सब लोग,,,,,,,,,अब मैं भी तो उतना ही हरामी हो गया हूँ,,,,,,,,,चुदाई करने के लिए मैं भी अब कुछ भी करने को तैयार रहता हूँ,,,जैसे आज कर रहा हूँ,,,,,,,,,,

मैं नीचे गया तो देखा माँ किचन मे बर्तन धो रही थी,,मैने माँ को पीछे से जाके अपनी बाहों मे भर लिया,,,,,

माँ को पता नही था कि मैं किचन मे आ गया हूँ इसलिए जैसे ही मैने माँ को बाहों मे भरा माँ एक दम से डर गई ऑर पीछे मूड गई,,,,,

क्या हुआ माँ इतना डर क्यू गई,,,,,,मैने थोड़ा पीछे हटते हुए बोला,,,,,

तुम हो सन्नी बेटा मुझे लगा कहीं सुरिंदर आ गया है वो भी ऐसे ही आ टपकता है ऑर शुरू हो जाता है,,,ये भी नही सोचता कि घर मे कॉन है ऑर कॉन नही,,,,,अभी भी मुझे ऐसा ही लगा कि उसने मुझे पकड़ा है ऑर मैं इसीलिए डर गई क्यूकी शोभा घर पर है,,,,,,

माँ अब मत डरो शोभा सो चुकी है ,,मैने उसकी कॉफी मे नींद की गोली मिला दी थी ,,अब वो आराम करने लगी थी,,,,थोड़ी देर मे गहरी नींद मे होगी वो,,,

माँ ने आगे बढ़ कर मुझे हल्की किस की,,,,,,,,,,सुरिंदर को या मेरे को पहले ये आइडिया क्यू नही आया नींद की गोली वाला ,,पहले ही शोभा को नींद की गोली दे देते ऑर आराम से मस्ती करते,,,,सुरिंदर को ऐसे बाहर भी नही जाना पड़ता ऑर मेरी चोट की खुजली भी इतनी बेक़ाबू नही होती,,,,,,,,,चल कोई बात नही अब तूने तो सुला दिया है शोभा को अब सुरिंदर नही तो क्या हुआ हम दोनो मस्ती करते है लेकिन अगर सुरिंदर भी साथ होता तो मज़ा आ जाता ,,,,,

जानता हूँ माँ तेरे को 2 लंड से ही ज़्यादा मज़ा आता है,,,,,तुम मामा को फोन क्यूँ नही करती,,,,,,

बेटा जब तूने नींद की गोली डालने को बोला था शोभा की कॉफी मे ऑर जैसे ही तू उपर गया था मैने तेरे मामा को फोन किया था लेकिन वो नशेड़ी कमीना अपना फोन घर पर ही छोड़ कर गया है,,,,,

चलो कोई बात नही माँ एक बार शोभा को सो जाने दो फिर मैं इतना मज़ा दूँगा कि तुमको मामा की कमी महसूस नही होगी,,,,,मैने अपने हाथ माँ के बूब्स पर रख दिए ओर ज़ोर से दबा दिए,,,,,

माँ की हल्की आअहह निकल गई ऑर मैने माँ का मुँह खुलते ही अपनी ज़ुबान को माँ के मुँह मे घुसा दिया ऑर देखते ही देखते हम माँ बेटे की जबरदस्त किस शुरू हो गई,,,,माँ मेरे लिप्स को खाने लगी ऑर मैं भी माँ के लिप्स को खा जाने वाले अंदाज़ मे चूसने ऑर हल्के से काटने लगा,,,,,साथ ही माँ के बड़े बड़े बूब्स को हाथों मे लेके ब्लाउस के उपर से मसल्ने लगा,,,

कुछ देर हम ऐसे ही खड़े किस करते रहे ,,,मैं माँ के बूब्स को दबाता रहा ऑर माँ ने भी मेरे लंड को निक्केर के उपर से दबाना शुरू कर दिया था,,,,,

चल बेटा जल्दी चल मेरे रूम मे अब ऑर ज़्यादा सबर नही होता,,,,,,

मैं ऑर माँ दोनो माँ के रूम मे चले गये,,,,,

माँ ने अंदर जाते ही जल्दी से साड़ी निकाल दी ऑर मैने भी अपनी निक्केर ऑर टी-शर्ट निकाल दी,,,,जितनी देर मे माँ की साड़ी निकली उतनी देर मे मैं बिल्कुल नंगा हो गया,,,,,नंगा होते ही मेरा 9 इंच का लंड अपनी पूरी ओकात मे अपना सर उठा कर खड़ा हो गया ,,,,माँ अपने ब्लाउस ऑर पेटिकोट को खोलते टाइम मेरे लंड को घूर रही थी मानो नज़रो ही नज़रो मे खा रही थी मेरे लंड को,,,,,

कुछ 2 मिनट मे ही मैं ओर माँ दोनो नंगे हो गये,,,,

 
मैं नंगा होके बेड पर बैठ गया माँ चलके मेरे पास बेड पर आ गई ऑर आते ही मेरे करीब बैठ कर मेरे लंड को हाथ मे लेके सर को नीचे झुका कर मेरे लिप्स को किस करने लगी साथ ही मेरे लंड को प्यार से सहलाने लगी,,,,मैने भी माँ ने बूब्स को अपने हाथों मे पकड़ लिया ऑर हल्के हल्के दबाने लगा,,,,,

हल्के से नही बेटा थोड़ा ज़ोर से दबा ,,,,माँ ने अपना सर उपर उठाते हुए बोला ऑर मेरे लंड को प्यार से देखने

लगी,,,,,हाई कितना बड़ा ऑर मोटा है ये मूसल तेरा,,,जिसको एक बार चोद देता है दीवानी बन देता है,,,,गाओं मे

रेखा का भी बुरा हाल है तेरे इस मूसल के बिना उसका बस चलता तो तेरे को कभी गाओं से वापिस नही आने देती,,,ऑर

मैं भी तरस गई थी वहाँ रहके तेरे लंड के लिए,,जबसे तू वापिस आया है मेरा तो बुरा हाल हो गया,,,कहाँ मैं

ऑर रेखा एक टाइम 2 लंड लेने की शोकिन कान हम दोनो को तेरा मामा अकेला चोदता था,,,,,आज तो सारी प्यास भुजा लूँगी अपनी छूट की,,,,,इतना बोलके माँ ने मेरे लंड को मुँह मे भर लिया,,,,माँ किसी भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ी थी

मेरे लंड पर ऑर तेज़ी से पूरा लंड मुँह मे लेके चूसने लगी थी मुझे भी मस्ती के सातवे आसमांं तक जाने मे देर

नही लगी,,मैने माँ को बेड पर ठीक तरह से आने को बोला तो माँ जल्दी से बेड पर चढ़ गई ऑर मेरा इशारा समझ कर

अपनी चूत को मेरे मुँह पर कर दिया ऑर मैने भी कोई देर किए बिना माँ की चूत को मुँह मे भर लिया,,,,,हम 69 के

पोज़ मे एक दूसरे के प्राइवेट पार्ट को मस्ती मे चूसने ऑर चाटने लगे,,,,,

माँ की चूत काफ़ी पानी बहा चुकी थी जिसका नमकीन स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था मैने माँ की

पूरी चूत को मुँह मे भरके चूसने लगा था बीच बीच मे हल्की ज़ुबान बाहर निकाल कर माँ की चूत

को अच्छी तरह चाटने लग जाता,,,माँ भी मस्ती मे मेरे पूरे लंड को मुँह मे लेके गले से नीचे उतारकर चूसने

लगी थी ऑर बीच बीच मे लंड की टोपी को किस करने लग जाती ऑर अपनी ज़ुबान से चाटने लग जाती,,,माँ की लंड

चूसने की स्पीड बहुत तेज थी शायद वो मेरे लंड का पानी जल्दी पीना चाहती थी इसलिए वो पूरी रफ़्तार से अपने

सर को उपर नीचे करने लगी थी ,,वो एक हाथ से बेड का सहारा लेके ओर एक हाथ से मेरी बाल्स को सहला रही थी,,

मैं समझ गया कि माँ मेरे लंड का पानी जल्दी निकालना चाहती थी लेकिन मैं जल्दी नही करना चाहता था इसलिए

मैने जल्दी से माँ को अपने से नीचे उतार दिया माँ मेरे उपर से हट कर बेड पर गिर गई ऑर अजीब नज़रो से मुझे

देखने लगी,,,,मेरे पास इस हरकत का कोई जवाब नही था लेकिन ज्वाब देने की जगह मैं माँ के बूब्स पर टूट

पड़ा ऑर जल्दी से अपनी 2 उंगलियाँ भी माँ की चूत मे घुसा दी,,,,माँ ने भी मस्ती मे अपने दोनो बूब्स को अपने

हाथों से पकड़ लिया ऑर ज़ोर से दबा दबा कर मेरे मुँह मे डालने लगी मैने भी पागलो की तरह माँ के बूब्स को

चूस्ते हुए तेज़ी से माँ की चूत मे उंगली डालना शुरू कर दिया ऑर पूरी रफ़्तार से माँ की चूत को उंगलियों से चोदने

लगा,,फिर मैने देखा कि माँ ने अपनी आँखें बंद करली थी ऑर आराम से लेट गई थी वो समझ गई थी कि मैं उसको

ऐसे ही थोड़ी देर खुश करने वाला हूँ इसलिए उसने अपने हाथों से अपने बूब्स को मुझे चुसवाना शुरू करके

आराम से आँखें बंद करली थी ऑर मस्ती के आनंद लेने लगी थी,,,,मैने भी मोका 'देखा ऑर बेड के पास पड़ी अपनी

निक्केर से मोबाइल निकाला ऑर शोभा को कॉल करने लगा लेकिन जैसे ही मैने उसका नंबर डाइयल करने लगा मैने

देखा कि शोभा रूम के दरवाजे के पास खड़ी हुई थी ऑर सब देख रही थी,,,मैं माँ के बूबा चूस्ता हुआ

दरवाजे की तरफ देख रहा था जबकि माँ आराम से सर को बेड से लगा कर लेटी हुई इसलिए माँ का ध्यान दरवाजे की तरफ नही गया था,,,,,,

शोभा पूरी नंगी होके दरवाजे पर खड़ी हुई थी,,,,,ऑर एक हाथ से अपने बूब्स को सहलाती हुई एक हाथ से अपनी

चूत मे उंगली कर रही थी,,,, साली इतनी ज़्यादा उतावली थी अपनी ही माँ के बूब्स चूसने को की मेरे कॉल करने से पहले

ही नीचे आ गई थी,,मैने एक पल के लिए बूब्स को मुँह से निकाला ओर हंस कर शोभा की तरफ देखा ऑर उसको बेड पर आने का इशारा किया वो तो मेरे से भी ज़्यादा जल्दी मे थी ऑर एक ही पल मे इशारा मिलते ही बेड के करीब आ गई,,,,,माँ की आँखें अभी भी बंद थी,,,मैने उसको माँ की चूत की तरफ इशारा किया तो उसने जल्दी से खुद को माँ की चूत के करीब कर दिया,

 
,,,,उसके बेड पर चढ़ने से माँ की आँखें खुल गई लेकिन मैने जल्दी से खुद को बेड पर ज़ोर से हिलाया ऑर माँ के

लिप्स को किस करने के लिए अपने सर को माँ के सर के उपर कर दिया ताकि माँ को शोभा के आने का पता नही चले ऑर बेड को भी इसीलिए थोड़ा ज़ोर से हिला दिया था ताकि माँ को लगे कि मेरे हिलने की वजह से ही बेड हिला था,,,,,,

माँ ने फिर से अपनी आँखे बंद करली ऑर मुझे किस का रेस्पॉन्स देने लगी ऑर अपनी बाहों को मेरे गले मे डालके

मुझे अपने से सटा लिया ,,,,माँ ने मेरे सर ओर पीठ पर हाथ फिराना शुरू किया ऑर मैं माँ को किस करते हुए माँ

की चूत मे उंगली करने लगा,,,फिर मेरे उस हाथ को शोभा ने अपने हाथ मे पकड़ा जो माँ की चूत मे था ऑर मेरे हाथ

को वहाँ से हटा दिया ऑर खुद माँ की चूत मे अपनी उंगली घुसा दी ऑर हल्के से माँ की चूत मे उंगली करने लगी लेकिन एक ही पल मे उसने स्पीड तेज करदी इतनी ज़्यादा तेज की उतनी तेज़ी से तो मैं भी उंगली नही कर रहा था माँ की चूत मे,,,माँ को एक दम से ज़्यादा मस्ती का एहसास हुआ तो माँ ने मेरे लिप्स को कस्के चूसना शुरू कर दिया ऑर अपनी टाँगों को भी खोल दिया,,,

माँ ने मस्ती मे मेरे सर ऑर पीठ को भी प्यार से सहलाना शुरू कर दिया,,,,,वो कुछ ज़्यादा ही मस्त हो गई थी क्यूकी शोभा के हाथ की स्पीड बहुत तेज थी,,,,मैं किस करते हुए माँ की तरफ देख रह था तभी एक दम से माँ की आँखें खुल गई ऑर शोभा का हाथ भी रुक गया ,,इस से पहले मैं कुछ समझ पाता माँ ने मेरे सर को पीछे कर दिया ,,,मैने पीछे हटके जल्दी से शोभा की तरफ देखा तो उसने अपने सर को माँ की चूत से लगा रखा था ऑर माँ की चूत को चूसने लगी थी,,,फिर मैने माँ की तरफ देखा तो माँ सर को उठा कर अपनी चूत की तरफ देख रही थी,,,माँ बहुत हैरान हो गई शोभा की उनकी चूत चूस्ते देख कर ,,

लेकिन बोली कुछ नही क्यूकी शोभा का चूत चूसने का अंदाज़ इतना मस्ती भरने वाला था कि माँ की सिसकियाँ निकलनी शुरू हो गई थी,,,फिर भी माँ हैरान होके सिसकियाँ लेते हुए कभी मेरी तरफ ओर कभी शोभा की तरफ देख रही थी,,मैने वापिस

माँ को किस करना शुरू किया लेकिन माँ ने मुझे किस का थोड़ा सा भी रेस्पॉन्स नही दिया इसलिए मैं फिर से पीछे हो गया ,,,,,,,,,

शोभा द्वारा चूत चूसे जाने पर माँ मस्ती मे तो आने लगी थी लेकिन इसी बात से माँ थोड़ी बहुत हैरान ऑर परेशान

भी थी इसीलिए तो मुझे भी किस का रेस्पॉन्स नही दे रही थी,,,,,शोभा को कोई फ़र्क नही पड़ रहा था वो तो मस्ती मे माँ

की चूत को मुँह मे भरके चूसने मे बिज़ी थी,,उसने दोनो हाथों से माँ की चूत को दोनो तरफ खोल दिया ऑर अपनी

ज़ुबान से उपर से नीचे तक माँ की छूट को चाटने लगी,,माँ मस्ती मे ह भरने लगी लेकिन चहरे पर हैरत के

भाव कम नही हुए थे माँ के,,,,,,मेरी हालत खराब होने लगी थी क्यूकी माँ की चूत चूस्ते टाइम शोभा अपने हाथ

से बीच बीच मे अपनी चूत को सहलाने लगी थी ऑर माँ भी मस्ती मे चूत चुसवाने का मज़ा लेती हुई आहे भर

रही थी,,,,मेरे से भी अब रहा नही गया ऑर मैं जल्दी से बेड से नीचे उतर गया,,माँ मेरी तरफ देखने लगी,,मैने बेड

से नीचे जाके माँ को बेड की एक तरफ लास्ट मे खेंच लिया जिस से माँ की चूत शोभा से दूर हो गई लेकिन शोभा भी जल्दी से माँ की चूत के करीब हो गई,,,,मैने माँ की लास्ट मे खींच लिया था जिस से माँ का सर बेड से नीचे लटक गया था ऑर मैं बेड से नीचे ज़मीन पर घुटनो के बल बैठ गया था,,मेरा लंड माँ के मुँह के करीब था माँ ने भी

आहह भरते हुए मस्ती मे अपना मुँह खोल दिया ऑर मेरे लंड को मुँह मे लेने की कोशिश करने लगी मैने

भी आगे बढ़ कर लंड को माँ ने मुँह मे घुसा दिया ऑर हल्के से अपनी कमर को आगे पीछे करने लगा क्यूकी माँ

को अपना सर हिलाने मे मुश्किल होनी थी इसलिए मैने अपनी कमर को हल्के से आगे पीछे करना शुरू किया ऑर लंड को

माँ की मुँह मे अंदर बाहर करने लगा ,,,उधर शोभा भी कुतिया की तरह माँ की चूत पर झुकी हुई थी

ऑर माँ की चूत को चूस्ते हुए अपनी चूत मे उंगली कर रही थी,,,,,फिर शोभा ने अपनी उंगली माँ की चूत मे

घुसा दी ऑर हाथ ही अपनी ज़ुबान से माँ की चूत को चाटने लगी ,,,

मैने अपने हाथ माँ के बूब्स पर रख दिए ऑर बूब्स को मसल्ते हुए कमर हिलाते हुए लंड को माँ के गले

से नीचे तक उतारने लगा,,,माँ मेरी तरफ देख रही थी मानो पूछ रही थी कि शोभा को यहाँ तुम लेके आए

हो,,,,मैने हसके माँ की तरफ़ देखा ऑर इशारा कर दिया कि हाँ माँ दीदी को मैं ही यहाँ लेके आया हूँ,,,,माँ

ने आँखों से मुझे कुछ इशारा किया ऑर राहत की साँस लेते हुए अपने सर को हल्के से आगे पीछे करने की कोशिश

करने लगी लेकिन मैने माँ को मना कर दिया अपना सर हिलाने से क्यूकी माँ को मुश्किल हो रही थी,,,बल्कि मैने

अपनी कमर की स्पीड को तेज करते हुए लंड को तेज़ी से माँ के मुँह मे पेलने लगा,,,,,,करीब 10-15 मिनट तक

मैं माँ के मुँह को चोदता रहा ओर शोभा माँ की चूत को चुस्ती रही,,,फिर माँ के बदन को झटके लगने

शुरू हो गये मैं ऑर दीदी समझ गये माँ का काम होने वाला है इसलिए दीदी ने अपने मुँह को माँ की चूत पर

कस्के सटा दिया ऑर तेज़ी से उंगली भी करने लगी माँ की चूत मे मैने भी माँ के बूब्स को कस्के मसलना शुरू

कर दिया ऑर लंड को भी तेज़ी से माँ के मुँह मे पेलने लगा,,,,कुछ 2 मिनट बाद ही माँ ने पानी निकालना शुरू कर दिया

ऑर शोभा ने माँ की चूत से निकलने वाला सारा पानी पीना शुरू कर दिया ऑर तब तक माँ की चूत से मुँह नही हटाया

जब तक सारा पानी नही पी लिया,,,फिर शोभा उठके बैठ गई ऑर मुझे माँ के मुँह से लंड निकालने को बोला ऑर मैने

भी लंड को माँ के मुँह से निकाल लिया ऑर सहारा देके माँ को बेड पर बिठा दिया,,,इस से पहले माँ कुछ सोचती शोभा

ने माँ को जल्दी से बेड पर लेटा दिया ऑर खुद माँ के उपर चढ़ गई,,,माँ फिर इस एक दम से हुए हमले से डर गई लेकिन ....शोभा को ऐसे हालात पर क़ाबू करना अच्छे से आता था,,,,उसने जल्दी से अपने हाथ माँ के बूब्स पर रख दिया ऑर ज़ोर से मसल्ने लगी एक ही पल पहले ही माँ झड़ी थी लेकिन शोभा द्वारा बूब्स के इतने ज़ोर से मसले जाने पर माँ को फिर से मस्ती का तेज झटका लगा ऑर मुँह से हल्के मीठे दर्द भरी अह्ह्ह्ह निकल गई,,,,

 
शोभा ने माँ के लिप्स को अपने लिप्स मे जकड लिया ऑर माँ ने भी एक ही पल मे अपने हाथ शोभा की पीठ पर रख दिए ऑर मस्ती मे शोभा की पीठ को प्यार से सहलाने लगी,,,दोनो माँ बेटी एक दूसरे को पागलो की तरह किस करने लगी थी

,,,शोभा माँ के बूब्स को मसल रही थी ओर माँ शोभा की पीठ पर प्यार से अपने हाथ फिरा रही थी,,,शोभा माँ के बूब से अपना हाथ हटाया ओर मुझे पकड़ कर अपने पीछे जाने को बोल दिया,,मैं बेड के उपर आ गया ऑर जल्दी से शोभा के पीछे चला गया,,माँ की टाँगे आपस मे जुड़ी हुई थी मैने उनकी टाँगो को खोला ऑर उनके बीच घुटनो के बल बैठ गया

शोभा ने जल्दी से अपने हाथ को पीछे की तरफ किया ऑर अपनी गान्ड मे उंगली घुसा कर मुझे गान्ड मे अपना लंड घुसाने को बोला मैने भी लंड को हाथ मे पकड़ा ऑर थोड़ा थूक लगा कर लंड को शोभा की गान्ड मे घुसा दिया ,,,लंड एक बार मे

थोड़ा सा अंदर गया तो मैने वापिस बाहर निकाल कर खूब सारा थूक लंड पर लगा लिया ऑर 2-3 बार मुँह मे थूक जमा करके शोभा की गान्ड पर थूक दिया ओर शोभा ने खुद अपनी उंगली से थूक को गान्ड के होल मे भर लिया जिस से उसकी गान्ड अंदर से भी चिकनी हो गई थी,,,,फिर मैने लंड को हाथ मे लेके उसकी गान्ड पर रखा ऑर हल्के धक्के से ही आधा लंड फिसल कर उसकी गान्ड मे घुस गया ऑर मैने हल्के झटके मारते हुए थोड़ा थोड़ा करने सारा लंड उसकी गान्ड मे घुसा दिया,,,

जब पूरा लंड उसकी गान्ड मे घुस गया तो मैने स्पीड थोड़ी तेज करते हुए अपने हाथ शोभा की पीठ पर रख दिए जहाँ

माँ के हाथ भी शोभा की पीठ को सहला रहे थे ,,,माँ के हाथ मेरे हाथ पर लगे तो माँ ने मेरे हाथ को पकड़ लिया

ऑर तभी अपनी टाँगो को उठा कर मेरे पीठ पर लगाने लगी ,,माँ ने अपनी टाँगो से तोड़ा कासके मुझे अपनी टाँगों

मे जाकड़ लिया ऑर टाँगो को तेज़ी से आगे पीछे करके मुझे स्पीड तेज करने को बोलने लगी,,,,मुझे पता चल गया कि माँ भी अब फुल मस्ती मे आ चुकी है मैने भी माँ के हाथ पकड़े ऑर तेज़ी से शोभा की गान्ड को मारने लगा अब मेरा लंड शोभा की गान्ड की जड़ तक घुसने लगा वो भी पूरी तेज़ी के साथ शोभा मस्ती मे तो पहले से थी लेकिन गान्ड मे मेरा मूसल जाने की वजह से उसकी मस्ती ऑर भी ज़्यादा हो गई ऑर माँ की किस करते हुए ही उसकी सिसकियाँ निकलने लगी,,,उसने एक पल के लिए माँ के लिप्स से अपनी लिप्स दूर किए ऑर आँहे भरते हुए मुझे तेज़ी से उसकी गान्ड मारने को बोलने लगी,,,,आहह भ्हाई आईसीए हहिि ऊरर त्तीज्ज छ्छूड्डू मुउज़्झहक्कू आहह उसकी आवाज़ ज़्यादा तेज नही थी लेकिन मस्ती पूरी थी उसकी आवाज़ मे वो शायद माँ की वजह से थोड़ा जीझक कर बोल रही थी वर्ना जब भी मेरा लंड उसकी गान्ड मे जाता वो तो चिल्ला चिल्ला कर लंड पेलने को बोलती थी,,,,,तभी उसकी आवाज़ के साथ की एक ऑर आवाज़ गूंजने लगी रूम मे,,,,,,

आहह बायेट्टया ऐसी हहीी छूद्दू आपपननीी ब्बीहानन्न क्कूव ऊरर त्तीज्ज्जी ससी छूद्दू

आपपननीी ब्बीहहानं क्कू प्पूउरा ल्लुउन्न्ड्ड़ ग्घुउस्स्सा द्दूव उउन्नड़दीर्रर ऊओरर टटेजज काररूव

ब्बीत्टता ,,,ये आवाज़ माँ की थी ओर माँ भी मस्ती मे मुझे शोभा की चुदाई करने को बोल रही थी माँ की मस्ती

भारी आवाज़ सुनते ही शोभा मे जोश बादने लगा,,,,,,,,,,,,,,आहह भाई ओररर त्तीज्ज म्माम्ररू म्मीरीइ

गाणनदडड़ प्प्प्ुउउर्रा म्मूस्साल्ल ग्घुउस्स्सा दडिईई म्मीरीईइ गगाणन्ंदड़ म्मीई आहह इतने बोलते

हुए शोभा ने अपने हाथ को अपनी पीठ पर रखा जहाँ मेरा हाथ था उसने अपने हाथ से मेरे हाथ को

पकड़ा ऑर जल्दी से माँ की चूत की तरफ ले गई मैने भी जल्दी से अपने हाथ को माँ की चूत पर रखा ऑर 2 उंगलियाँ

माँ की चूत मे घुसा दी माँ की एक दम से अहह निकल गई लेकिन एक दम से माँ की आवाज़ बंद भी हो गई मैने आगे की तरफ देखा तो शोभा ऑर माँ फिर किस करने लगे थे,,,मैने शोभा की गान्ड मारते हुए एक हाथ शोभा की पीठ पर

रखा हुआ था जिसको माँ ने अपने हाथ मे पकड़ा हुआ था ऑर मेरा एक हाथ माँ की चूत मे उंगली करने लगा था ,,,

मैने जितनी तेज़ी से शोभा की गान्ड मांर रहा था उतनी तेज़ी से ही माँ की चूत मे उंगली कर रहा था,,,तभी मुझे मेरे

लंड के नीचे बॉल्स पर कुछ महसूस हुआ मैने देखा कि एक हाथ मेरे लंड के नीचे से मेरी बॉल्स को सहला

रहा था ये हाथ कुछ भारी था देखने से पता चलता था कि ये हाथ माँ का था ,,माँ ने अपने ऑर शोभा के

पेट ऑर टाँगो के बीच से अपना हाथ मेरे लंड के नीचे बॉल्स पे रख दिया ऑर हल्के से सहलाने लगी ऑर मेरी

बॉल्स को मुट्ठी मे भरके हल्के हल्के दबाने लगी,,कुछ ही देर मे माँ का हाथ मेरे लंड से हट कर शोभा की

चूत पर चला गया ऑर माँ ने अपनी उंगलियाँ शोभा की चूत मे घुसा दी शोभा एक दम से मस्ती मे उछल गई में ने

शोभा की चूत मे उंगली पेलना शुरू कर दिया,,,,अब हम तीनो लोग पूरी मस्ती मे थे ,,,

कुछ देर बाद मुझे एहसास होने लगा कि शोभा झड़ने वाली है ऑर झड़ती भी क्यूँ नही मैं कम से कम 20 मिनट

से उसकी गान्ड मांर रहा था ऑर एक हाथ से माँ की चूत को सहला रहा था माँ का भी एक हाथ शोभा की पीठ पर था

जबकि दूसरे हाथ से माँ शोभा की चूत को सहला रही थी शोभा अब डबल मस्ती मे थी इसीलिए उसका पानी निकलने वाला

हो गया था,,,माँ ने जब देखा कि शोभा झड़ने वाली है तो माँ ने मेरे हाथ को पकड़ा ऑर अपनी चूत

से निकल कर शोभा की चूत पर रख दिया ऑर अपने हाथ को वापिस शोभा की पीठ पर ले गई फिर मेरे हाथ को अपने

हाथ से अलग करने अपने दोनो हाथों से शोभा को कस्के अपनी बाहों मे भर लिया ऑर तेज़ी से किस करने लगी,,मैने

शोभा की गान्ड को तेज़ी से चोदते हुए अपने हाथ से शोभा की चूत को सहलाने लगा मेरे हाथ ऑर लंड की स्पीड एक जैसी

थी शोभा ने माँ को किस करना बंद करके अपने सर को उपर उठा लिया ऑर ज़ोर से चिल्लाने लगी,,,,आहह

ब्बाहहिि ऐसी हहिईिइ ज़ूर्र्रर ससी कच्छूओद्दूऊ ऊऊररर त्तीह्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जीइ ससी चछूड़दूव आपपंनी ब्बीहानन्न

ककूऊ आहह ऊओरर जजूर्र ससी ग्गाअंन्दड़ म्माम्ररूव आपपनन्ी ब्बीहानन्न क्क्कीईईई पफाड्दड़ द्दूव म्मीररीइ

कचहूवतत कककूऊव शोबा के मुँह से ऐसी बातें सुनके माँ भी बोलने लगी,,,,,,ओरर ज्जूओर्र ससी क्काररूव ससुउउन्नयी ब्बीतता

स्शूब्बा ज्झाड्ढनने व्वाल्ली हहाइईइ ऊरर त्टीजज गगाणन्दड़ म्माम्ररू उउस्स्ककिी उूउउन्नगगल्लीी बभिि त्तीजीइ ससी द्दाल्लू ईसस्ककिी

चूत्त म्मी फिर माँ चुप हो गई लेकिन शोभा की आवाज़ फिर शुरू हो गई,,,ऐसी हहिि म्मामाआ ऊरर जजूर्र ससी कच्छुउऊस्स्ूओ

म्मीरररी ब्बूबबस क्कूव प्प्प्ुउउर्रा म्मूउहह म्मी बभ्ाररल्ल्लूओ ऊरर जजूर्र ससी ककाटटूऊ मीररी ब्बूबबसस

प्पीररर क्क्हा ज्जाऊओ म्मीर्रे ब्बूबबसस कक्कूव अहह म्मामाआ उूुउऊहह हहययययययययययययययययययययययी

शोभा ने ऐसे ही तेज़ी से चिल्लाते हुए पानी निकालना शुरू कर दिया ,,,,मैं तब तक उसकी गान्ड मारता रहा ऑर चूत मे उंगली करता रहा जब तक उसकी चूत से सारा पानी नही निकल गया जब वो निढाल होके माँ के जिस्म पर गिर गई तो मैने ऑर माँ ने मिलकर उसको माँ के जिस्म से नीचे किया ऑर बेड पर लेटा दिया ऑर मैं खुद जल्दी से माँ के उपर लेट गया ऑर लंड को माँ की चूत मे घुसा दिया,,,,माँ ने भी एक ही पल मे मुझे अपनी बाहों मे भर लिया,,

मैं माँ के उपर लेट गया ऑर अपने लंड को जल्दी से माँ की चूत मे घुसा दिया माँ ने भी जल्दी

ही मुझे अपनी बाहों मे भर लिया ऑर मेरी पीठ को कस्के अपने हाथ मेरी पीठ पर घुमाने

लगी,,तभी माँ का ऑर मेरा ध्यान शोभा की तरफ गया तो शोभा मुझे ऑर माँ को देख कर बहुत खुश थी ,,

माँ ने एक पल शोभा की तरफ़ देखा ऑर फिर हसके मुझे किस करने लगी मैने भी माँ को उसी अंदाज़

मे किस का रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया,,,,,तभी मैने देखा की शोभा बेड से उठी ऑर नंगी ही

बाहर चली गई,,पहले मुझे लगा शायद वो बाथरूम चली है लेकिन वो तो रूम से बाहर चली गई थी,,,,

खैर हमे क्या लेना देना मैं ऑर माँ तो मस्ती के सातवे आसमांं पर थे ,आज तो माँ बहुत खुश

थी क्यूकी शोभा हमारे साथ शामिल हो गई थी वैसे तो माँ को एक लंड चाहिए था लेकिन मैने माँ

के लिए एक चूत का बंदोबस्त कर दिया था ,,,,,इस से माँ को कोई फ़र्क नही पड़ने वाला था माँ चूत

को चुस्के भी उतनी ही खुश होती थी जितना लंड से चुदके खुश होती थी ,क्यूकी ये सब मैने गाओं

मे देख लिया था माँ कैसे रेखा की चूत चाटने मेमस्त हो जाती थी,,,,,माँ ने अपनी टाँगो को

घुटनो से मूड लिया ऑर थोड़ा खोला कर घुटनो को हवा मे उठा लिया,,,जिस से माँ की टाँगे बहुत ज़्यादा

खुल गई ऑर मुझे माँ की चूत पर कस्के झटके मारने मे आसानी होने लगी,,,मेरा लंड माँ की खुली

चूत मे पकच पकच की आवाज़ करता हुआ तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था उसी आवाज़ मे मेरी ऑर माँ की

हल्की हल्की दबी सिसकियाँ घूंज रही थी जो रूम मे मस्ती का महॉल पूरी तरह गर्म कर चुकी थी

तभी मुझे महसूस हुआ कि बेड पर कोई आया है इस से पहले कि मैं पीछे मूड के देखता माँ की एक

हल्की सी लेकिन लंबी आहह निकल गई ऑर माँ ने मुझे ऑर भी ज़्यादा कस लिया अपनी

बाहों मे ऑर हल्की हल्की सिसकियाँ अब थोड़ी तेज हो गई मैने पीछे मूड कर देखा तो शोभा मेरे

ऑर माँ के पीछे बैठी हुई थी ऑर मुझे देख कर हँस रही थी ,,,,,मैने गौर से देखा तो शोभा का

हाथ मुझे माँ की टाँगों की तरफ जाता हुआ नज़र आया जिसको वो हल्के से आगे पीछे करके हिला रही थी ,,,,

उसका हाथ आगे पीछे हो रहा था तभी उसने अपने हाथ को पीछे किया ऑर मेरी नज़र उसके हाथ मे

पकड़े हुए नकली लंड पर गई,,,,,,,,,,,,,उसके हाथ मे वही पिंक कलर का नकली लंड था उसने उस लंड को

अपने मुँह मे डाल लिया ऑर फिर पूरा मुँह मे भरके चूसने लगी,,,,उसने लंड को अच्छी तरह से थूक से

चिकना कर दिया ऑर हाथ को वापिस मेरी ऑर माँ की टाँगों के बीच मे ले गई जैसे ही उसका हाथ

माँ की टाँगों के बीच मे गया मैने महसूस किया कि माँ ने खुद को अड्जस्ट करते हुए अपनी

टाँगों की थोड़ा पीछे की तरफ मोड़ लिया जिस से उनकी गान्ड उपर की तरफ हो गई,,,,,शोभा दीदी ने शायद

नकली लंड को माँ की गान्ड पर रखा था क्यूकी माँ की चूत मे तो पहले से ही मेरा लंड था,,,शोभा ने

हाथ को फिर से आगे पीछे करना शुरू किया ऑर माँ की सिसकियाँ फिर से तेज होने लगी,,,इधर माँ मेरी पीठ

पर हाथ रखके मुझे तेज़ी से उपर नीचे करने लगी मैने भी अपनी स्पीड तेज करदी ऑर माँ को तेज़ी से चोदने लगा,,,,

आहह ईएसस्सीए हहिईिइ कच्छूओद्द म्मीररी ब्बीत्ताआ पफाद्दद्ड डदीए

आपपननन्िईीई मामा क्क्कीईइ कचूतततटतत्त ककूऊ आआअहह उूुुुुउऊहह

हयीईईईईईईईई हमम्म्ममममममममममम ऊरर त्तीज्ज ककककार्र्रूऊओ

ब्बीत्त्ताआअ प्प्प्ूउर्राा ग्घुउस्स्साआ दद्दूव आपपन्ना म्मूस्सालल्ल्ल म्मीरीईई कच्छूटतत म्मीईए

आहह हहयइईई ततुउुुउउम्म्म्म बभहिि ब्बीत्तीईईईईईईई प्प्प्ूउर्राआ ल्लुउउउन्न्ड़डड़ ददाालल्ल्ल

दद्दूऊव म्मीररीई ग्गगाणन्ँद्दद्ड म्मीईए ऊओररर त्टीज्जज्जििइई ससीईए आग्गगीई प्प्पीीिकचह्ी

क्कार्रूऊऊओ पफहाआद्द्दद्ड द्दूऊव द्दूओन्नूऊ ब्ब्बबभहाइईइ ब्ब्ीएहाआनन्न ममिल्ल्लक्काआरररर आपपन्नदननिईीई

म्मामाआ क्क्कीईईई cछ्हूत्त्त ऊऊऊररर्ररर गगाआंनद्दद्ड ककूऊऊऊ आआआहह

माँ ने अपने हाथों से मेरी पीठ को कस्के जकड लिया ओर मैने भी अपने हाथ माँ के शोल्डर्स पर

रखे ऑर कस कस के लंड पेलने लगा माँ की चूत मे माँ फुल मस्ती मे थी ऑर मस्ती फुल हुई थी नकली लंड

से तभी तो माँ की मस्ती भरी सिसकियाँ शुरू हो गई थी..माँ को कभी एक लंड से मज़ा ही नही आता था लेकिन

जब 2 लंड एक साथ माँ की चुदाई करते थे तो मज़ा उनकी सिसकियों मे झलकने लगता था इस बात का एहसास

शोभा को भी हो गया था तभी तो उसके हाथ की स्पीड तेज हो गई थी ,,,,जितनी स्पीड से मैं माँ की चूत मे लंड

घुसा रहा था वो भी उतनी तेज़ी से माँ की गान्ड मे नकली लंड घुसा रही थी...माँ की सिसकियाँ तो मानो पूरे

घर मे गूँज रही थी तभी माँ की आवाज़ ऑर भी ज़्यादा तेज होने लगी साथ ही मेरी स्पीड भी तेज होने लगी मैं

समझ गया था कि माँ शायद झड़ने वाली है तभी तो शोभा के हाथ की स्पीड भी तेज हो गई थी,,,,,अगर मैं अकेला

माँ को चोद रहा होता तो माँ इतनी जल्दी नही झड़ती लेकिन 2 लंड से मज़ा डबल हो जाता है ऑर जल्दी ही पानी निकल जाता है माँ का ,,,माँ ने फिर से चिल्लाते हुए मुझे ऑर शोभा को स्पीड तेज करने को बोला,,,,,,,,,,,,,

ऊऊरररर त्टीज्जज क्कार्रूऊ मीररी ब्बाच्छू ऊओररर त्टीज्जज्ज आहह उूुुुुुुुुुुउऊहह हहययययययययययययययए

म्मांरररर गगयययययीीई आहह क्कीिट्त्न्ना मांज़्जाआ एयेए र्राहहाअ हहाइईईईई उूुुुउउइईईईईईईईईईईईईईईई म्मामाआआआ आईसीए हहूओ चछूड्डतट्तीए र्राहहूओ

आपपनन्िईीईई माँाआ क्कूव ब्बाक्चूऊऊ ऊरर त्टीज्जज्ज तुउउउम्मछार्रीई मामा ज्झाड्दननी हहिि वाल्लीइी हहाइईइ ऊओरर त्टीजज क्कार्रूऊऊ आहह

हहययययययययययययययययई ब्बेट्ट्ट्टाया ऊरर त्टीज्जज क्काररर म्मीररी लालल्ल्ल आपपनन्ी माँ क्कीिई छ्छूटतत क्कू बभहिईिइ लालल्ल्ल्ल क्कार्र्रडदीई

चहूऊ कचहूऊद्दद क्कीए ऊऊरर त्टीज्जज क्काररर ष्ूवब्बा ब्बीत्तीईईईईई मामा क्कीी गगाणन्दड़ क्कूव प्फ़ादद्ड़ डीईए आहह मामाआअ

ब्बबास्स ज्झहहाड्दननी हहिईीई व्वाल्लीइी हहाइईइ ब्बाचहूऊ ऊररर त्टीज्जज्ज क्कार्रूऊऊऊओ हहययययययययईए,,,,,,,,,,,,,,,

माँ की मस्ती ने मुझे भी मस्त किया था ऑर वैसे भी मैं काफ़ी टाइम से चुदाई कर रहा था एक बार शोभा

की चूत का पानी भी निकाल चुका था इसलिए अब मैं भी झड़ने ही वाला था मस्ती मे मेरी स्पीड अपनी चरम

सीमा पर पहुँच गई ऑर शोभा का हाथ भी तेज हो गया जो तेज़ी से मेरी आँड से टकरा रहा था,,,,मैं भी माँ

के साथ झड़ना चाहता था ऑर ऐसा ही हुआ,,माँ ने ज़ोर से चिल्लाते हुए पानी निकलना शुरू कर दिया ऑर जैसे ही

माँ की चूत मे सैलाब आया मेरे भी लंड ने माँ की चूत मे पिचकारी मारना शुरू कर दिया ,,,,,,,देखते ही

देखते मेरे लंड ने माँ की चूत को स्पर्म से भर दिया ऑर मैं हांफता हुआ माँ के उपर गिर गया माँ भी भी हल्की

सिसकियाँ ले रही थी ऑर शोभा का हाथ भी माँ की गान्ड मे हल्के से नकली लंड पेल रहा था तभी उसका हाथ भी

रुक गया ऑर माँ ने भी सिसकियाँ लेना बंद कर दिया,,

फिर माँ ने मुझे उपर से हटा दिया ऑर मैं बेड की साइड मे लेट गया ,,,,,,,,मैं ऑर माँ ज़ोर से साँस लेते हुए

हाँफ रहे थे जबकि शोभा खुशी से मुझे ऑर माँ को देख रही थी तभी उसने माँ की टाँगों को फिर से

खोला ऑर अपने सर को माँ की टाँगों के बीच मे कर दिया ऑर माँ की चूत को अपने ज़ुबान से चाटने लगी,,

वो शायद माँ की चूत के पानी को पी रही थी ,,,तभी कुछ देर बाद वो उठी ऑर मैने उसके चहरे पर देखा

तो मेरा स्पर्म लगा हुआ था उसने मुझे जानभूज कर अपनी ज़ुबान दिखाई जिसमे मेरा स्पर्म लगा हुआ था

वो माँ की चूत से माँ की चूत का पानी ऑर मेरा स्पर्म चाट रही थी ....उसने माँ की चूत को चाटने के बाद

मेरे करीब आके मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ,,,,,,मेरा लंड अब तक सो चुका था उसने उसी सोए हुए

लंड को मुँह मे भरा ऑर अच्छी तरह से चूस ऑर चाट कर' सॉफ करने लगी,,फिर जब लंड सॉफ हो गया उसने

लंड को मुँह से निकाला ऑर माँ की साइड मे जाके लेट गई,,,,,,,,बेड पर मैं माँ ऑर शोभा नंगे ही लेटे हुए थे ,,माँ

बीच मे ऑर दोनो तरफ मैं ऑर शोभा थे,,,,,,,,,,,,,,,,

 
करीब 5 मिनट तक हम ऐसे ही चुप चाप लेटे रहे फिर ,,माँ बीच मे थी एक तरफ मैं था ऑर एक तरफ शोभा

थी ,,,,तभी शोभा माँ के ऑर ज़्यादा करीब हो गई ,,माँ का हाथ बेड पर गिरा हुआ था तो शोभा अपने सर को माँ के हाथ

पर रख कर माँ के शोल्डर के उपर माँ के सर के करीब आ गई ,,,माँ ने उसकी तरफ देखा ऑर प्यार से अपने दूसरे

हाथ से उसको सर को सहलाया ऑर हल्की सी किस करदी फॉरहेड पर लेकिन शोभा ने जल्दी से खुद के लिप्स को थोड़ा उपर कर दिया जिस से माँ जब दोबारा शोभा को फॉरहेड पर किस करने लगी तो माँ के लिप्स शोभा के लिप्स से टच हो गये ऑर दोनो ने फिर से एक दूसरे के लिप्स को किस करना शुरू कर दिया मैने भी आगे बढ़ कर माँ के पेट पर हाथ रखते हुए हाथ को थोड़ा आगे ले जाके शोभा के बूब को पकड़ लिया ऑर सर को माँ के बूब पर रख कर माँ के एक बूब को मुँह

मे भर लिया ऑर चूसने लगा,,,,

माँ मज़ा आया आज,,,,,,,,शोभा ने अपने लिप्स माँ के लिप्स से हटा कर माँ से पूछा,,,,,,

हाँ बेटी बहुत मज़ा आया,,,,आज मेरे बेटा ऑर बेटी दोनो ने मिलकर बहुत मज़ा दिया मुझे,,,,लेकिन थोड़ी हैरत भी हुई

मुझे जब तुमको अपने रूम मे देखा था,,,,,

माँ ये सब शोभा दीदी का प्लान था,,,मैने माँ के बूब को मुँह से निकालते हुए बोला,,,,

चल झूठा कहीं का ,,ये सब तेरा प्लान था सन्नी झूठ मत बोल अब,,,,,,,शोभा ने हल्के से मेरे सर पर थप्पड़

मारा,,,,,,,,

अरे झगड़ा मत करो प्लान किसी का भी था मुझे कोई फ़र्क नही पड़ता ,,,,सच बात तो ये है कि प्लान कामयाब हो गया

,,,,,इतना बोलकर माँ हँसने लगी,,,,,

माँ प्लान तो मेरा था बट दीदी का भी दिल कर रहा था हम दोनो के साथ मिलकर मस्ती करने को,,,,जब मैने इसको

पूछा कि ये आपके बड़े बड़े बूब्स को मुँह मे भरके चूसना चाहती है तो एक ही बार मे मान गई थी ये,,,,,

शोभा ने फिर से मेरे थप्पड़ मारा,,हल्का सा,,,,

माँ ने शोभा की तरफ देखा,,,,,,,,,,,,,,,क्या सच मे तेरा दिल कर रहा था मेरे बड़े बड़े बूब्स को चूसने का बेटी,,,,

माँ ने शोभा का वही हाथ पकड़ा जिस से वो मुझे थप्पड़ मांर रही थी ऑर पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिया,,,

हां माँ मेरा बहुत दिल कर रहा था,आपके बड़े बड़े बूब्स चूसने को,,,शोभा ने माँ के बूब्स पर हाथ रखते

ही कस्के दबा दिया ऑर जल्दी से दूसरे वाले को मुँह मे भर लिया,,,,,,

अब मेरे बड़े बूब्स चूसने के दिल कर रहा है क्यू क्या बात है अब गीता के बूब्स से दिल भर गया क्या तेरा,,,,,

शोभा दीदी ने माँ के बूब को मुँह से निकाला ऑर मुँह खोलके माँ की तरफ देखने लगी,,,,,वही हाल मेरा भी था,,,

हम दोनो हैरान होके माँ की तरफ देखने लगे,,,,,

अरे डरो मत बेटी मुझे इस बात से कोई गुस्सा नही है कि तुम गीता के साथ भी मस्ती करती हो ,मैं तो खुश हूँ

इस बात से कि तुम अब मेरे साथ भी मस्ती करने आ गई,,,,,

लेकिन माँ आपको कैसे पता मेरे ऑर बुआ के बारे मे,,,,,,,,,यही सवाल मैं भी करने ही वाला था माँ से,,,,

माँ हँसने लगी,,,,,,,

तुम लोग क्या समझते हो कि तुम लोगो को ही सब कुछ पता है,,,,,माँ फिर हँसने लगी,,,,

तभी शोभा दीदी समझ गई कि माँ को रेखा ने बताया होगा,,,,,,,

माँ आपको रेखा ने बताया था क्या,,,,,,,,,,,,दीदी ने माँ से पूछ ही लिया,,,,,,,,,,,

नही बेटी वो मेरे आगे मुँह नही खोलती ज़्यादा,,,,,,कुछ नही बताती मुझे वो अगर बताने चाहती भी है तो भी

नही बता पाती क्यूकी डरती है मेरे से,,,,,,,,,,,

फिर कैसे पता चला आपको,,,,,,,,,,,शोभा ने हैरान होके पूछा क्यूकी अगर रेखा ने नही बताया तो फिर कॉन बता

सकता है,,,,,,,,,,,मैं भी हैरान था क्यूकी मैने भी नही बताया था माँ को दीदी ऑर बुआ के बारे मे,,,,

तुम लोग क्या समझते हो कि घर की ड्यूप्लिकेट चाबी बनवाना तुम लोगो को ही आता है,,,,,,,,,

मैं ओर दीदी कुछ नही समझे,,,,,,,,,,,,,क्या बोला रही हो माँ मैं कुछ समझी नही,,,,,

बच्चो मैं तुम्हारी माँ हूँ तुम लोगो से कुछ कदम आगे रहती हूँ,,,,,,,,,,,जैसे तुम लोगो ने घर की दूसरी

चाबी बनवाई हुई है वैसे मेरे पास गीता के बुटीक की दूसरी चाबी है,,,,,माँ हँसने लगी

मैं ऑर शोभा को एक दम से हैरान हो गये,,,,,,

ज़्यादा हैरान मैं हुआ था क्यूकी मुझे नही पता था दीदी के पास भी घर की एक चाबी है,,,,फिर मेरा माथा

ठनका ,,मुझे याद आया कि जब शिखा को पहली बार करण से मैने अपने ही घर मे चुदवाया था तब शोभा

घर पे नही थी क्यूकी इसकी अक्तिवा नही थी घर मे,,,लेकिन बाद मे वो घर मे कैसे आ गई थी पक्का उस दिन ये दूसरी

चाबी से घर मे आई थी ऑर मुझे झूठ बोल रही थी कि वो घर मे ही थी,,,,,

मैं तेरे ऑर गीता के बारे मे नही ,,,,,तुम्हारे गीता ऑर तेरे बाप के बारे मे भी जानती हूँ ऑर उन दो लड़कियों के

बारे मे भी जानती हूँ जो गीता के बुटीक पर काम करती है,,,,,,

माँ अपने क्या वहाँ आके देखा था हमे वो सब करते ,,,,,,,,,,शोभा ने माँ से पूछा,,,,,,

नही बेटी मैं नही आती थी वहाँ,,,,,,,,,,वहाँ तो

माँ बोलने ही लगी थी तभी डोर बेल बजी,,,,,,,,,,,,,,,

हम सब डर गये कहीं सोनिया तो नही आ गई ,,,,,,,,,,

मैं ऑर शोभा जल्दी से माँ के बाथरूम मे चले गये ऑर माँ नाइटी पहन कर बाहर दरवाजा खोलने चली गई,,,,

माँ बाहर दरवाजा खोलने चली गई जबकि मैं ओर दीदी बाथरूम मे चले गये,,,,,

लगता है सोनिया आ गई,,मैने डरते हुए बोला,,,,,,,,,,,,,,,,

नही सोनिया नही होगी क्यूकी उसका फोन आया था वो कॉलेज से सीधा कविता के घर जाने वाली थी अब शाम को ही

वापिस आएगी वो,,,,,,,,

मेरी साँस मे साँस आ गई कि शूकर है सोनिया नही है वो,,,,तो फिर कॉन आया है ,,,,,,,,

तभी माँ रूम मे आ गई मैं ऑर शोभा बाथरूम के दरवाजे के पीछे से देख ने लगे,,,,

 
माँ ने रूम मे आते ही अपनी नाइटी उतार दी ऑर नंगी हो गई,,,मैं ऑर दीदी बाहर आने लगे हमने सोचा कि जो भी

आया होगा लगता है वो चला गया इसलिए माँ रूम मे आते ही नंगी हो गई थी,,,,लेकिन जैसे ही हम बाहर जाने लगे

तभी मामा रूम मे आ गया ,,,शोभा ओर मैं वापिस बाथरूम के दरवाजे के पीछे छुप गये,,,,,

अरे बहना बड़ी खुजली हो रही है,,,,,लगता है घर पर कोई नही है,,,,शोभा कहीं चली गई है क्या,,,,

माँ कुछ नही बोली ऑर मामा के करीब जाके मामा को किस करने लगी ऑर साथ ही मामा के कपड़े खोलने लगी,,,,,

2 मिनट मे मामा नंगा हो गया ऑर माँ से चिपक कर किस करने लगा,,,,

सुबह तो शोभा ने आके काम खराब कर दिया था लेकिन अब नही छोड़ने वाला मैं तेरे को ,,,,,,सारी खुजली दूर

कर दूँगा तेरी,,,,,,,मामा ने माँ को कस्के अपनी बाहों मे भर लिया ऑर दोनो किस करने लगे,,,,

मैं ऑर शोभा बाथरूम से सब देख रहे थे,,,,,

मैने शोभा की तरफ देखा तो उसका ध्यान मामा के मूसल पर टिक गया था जो 2 मिनट मे ही पूरा ओकात मे आ गया

था,,,,,शोभा बस आँखें फाड़ फाड़ कर मामा के बड़े मूसल को देख रही थी तभी मैने देखा कि माँ ने

मामा को पकड़ कर पलट दिया ऑर मामा की पीठ हमारी तरफ करदी ताकि वो हमे नही देख सके ऑर फिर जब मामा की

पीठ हमारी तरफ हो गई तो माँ ने हममे बाथरूम से बाहर आने का इशारा किया,,,,

मुझे लगा माँ मुझे बुला रही है इसलिए मैं बाहर आने लगा लेकिन माँ ने इशारा किया कि तुम दोनो बाहर आ जाओ

,,,,

मैं तो बाहर आ गया लेकिन शोभा डर रही थी लेकिन माँ के इशारा मिलने से ऑर मामा के मूसल के लालच मे वो भी

बाहर आ गई,,,,,

माँ ने शोभा की मामा के लंड की तरफ किया तो शोभा जल्दी से माँ ऑर मामा के पॉस चली गई ,,,,

मामा माँ को किस करने मे मगन था उसका ध्यान शोभा पर नही गया वैसे भी मामा की पीठ थी हमारी तरफ

,,,,,

तभी माँ ने शोभा को सर पर हाथ रखके नीचे बिठा दिया ,,,शोभा ज़मीन पर बैठ गई ऑर माँ ने मामा के

लंड को हाथ मे लेके शोभा की तरफ कर दिया शोभा ने भी जल्दी से मुँह खोला ऑर जल्दी से मामा के लंड को मुँह मे

भर लिया,,,

मामा एक दम से माँ से पीछे हट गया क्यूकी वो डर गया था ,,,माँ तो उसको लिप्स पर किस कर रही थी फिर उसका लंड

किसके मुँह मे गया इसी बात से वो थोड़ा डर गया लेकिन शोभा को नंगी ज़मीन पर बैठी देख कर वो बहुत ज़्यादा

खुश हो गया उसके फेस पर कमीनगी भरी मुस्कान आ गई थी,,वो टुकूर टुकूर भूखे भेड़िए की तरह शोभा के

नंगे बदन को देख रह था,,,,,,,,,

यही है शोभा बेटी जिसके पास दूसरी चाबी है बुटीक की ऑर यही जाता था तुम सब की रंगरलियाँ देखने बुटीक

पर,,,,,,,,,,,,

मैं डर गया क्यूकी मैं भी बहुत बार गया था वहाँ कहीं मामा ने मुझे तो नही देख लिया था,,,ऑर कहीं माँ

को मेरे ऑर बुआ के बारे मे सब पता तो नही है,,,,,

मामा ने शोभा को पकड़ा ऑर उपर उठा लिया फिर एक ही पल मे पागल कुत्ते की तारह टूट पड़ा शोभा पर ऑर उसको

बाहों मे भरके जोरदार किस करने लगा,,,,

इतने मे माँ मेरे पास आ गई ऑर मुझे सोच मे डूबा देखा हँसने लगी,,,,तू क्या सोच रहा है मैं जानती हूँ

बेटा ,,,,,ऑर जो तू सोच रहा है वो सच है,,,,,तेरे बारे मे भी सब पहले से जानती थी मैं,,,तू भी गीता शोभा ऑर

उन दो लड़कियों के साथ मस्ती कर चुका है,,,,

मेरी तो हालत खराब हो गई माँ को ये सब तो पता था कहीं माँ को शिखा या कमीनी भाभी वाली बात तो नही पता

,,,,

माँ आपको यही सब पता है या कुछ ऑर भी पता है,,,,,,मैने माँ से पूछ ही लिया,,,,,,,,,,,,

ऑर भी कुछ है क्या पता लगाने को सन्नी बेटा,,,,,,माँ ने मेरे से सवाल किया तो मैं समझ गया कि माँ को शायद

ऑर कुछ नही पता है,,,,,,,,,,,,

नही माँ मैं तो बस ऐसे ही बोल रहा था लेकिन माँ मेरी बात समझ गई थी कि मैं उसने कुछ छुपा रहा हूँ ऑर

इस से पहले माँ कुछ बोलती मैने माँ को बाहों मे भरके किस करना शुरू कर दिया,,,,

माँ को किस करते हुए मैं मामा ऑर दीदी की तरफ देखने लगा ,,,मामा किसी कुत्ते की तरफ टूट पड़ा था दीदी पर

ऑर दीदी ने भी कुछ ही पल मे अपने आप को मामा के हवाले कर दिया था,,,,मामा दीदी को किस करते हुए दीदी के दोनो

बूब्स को कस्स कस्स कर अपने हाथों मे लेके मसल रहा था ऑर दीदी भी मामा के लंड को हाथ मे लेके पूरे लंड

पर हाथ घुमा रही थी और मूठ मांर रही थी ,,तभी मामा ने दीदी को किस करना बंद किया ऑर दीदी के दोनो बूब्स

पर टूट पड़ा ऑर नीचे झुक कर दीदी के एक बूब को मुँह मे भर लिया,,,,मामा जहाँ काले रंग का था वहीं दीदी

माँ की तरह गोरी चिट्टी थी ,,,मामा जब दीदी के बूब्स को चूसने मे लगा हुआ था तो ऐसा लग रहा था जैसे किसी पॉर्न

मूवीस मे कोई लंबा चौड़ा काले रंग का आदमी(निग्गर) किसी क्यूट छोटी से एशियन टीन के साथ चिपका हुआ है,,,,ऑर

मामा भी वैसे ही जबरदस्त तरीके से दीदी के बूब्स को चूसने लगा था ,,,मामा ने दीदी के एक बूब को मुँह मे

भर लिया ओर एक को हाथ मे लेक मसल्ने लगा फिर कुछ देर बाद दूसरे हाथ को दीदी की चूत पर ले गया ऑर एक ही पल मे मामा ने दीदी की चूत मे उंगली घुसा दी ,,दीदी हल्का सा उछल गई ऑर हल्के से अहह अहह करने लगी ,,मामा तो कोई क़सर नही छोड़ रहा था ऑर पागलो की तरह खा रहा था दीदी के बूब्स को ऑर तेज़ी से दीदी की चूत मे उंगली कर

रहा था,,,,मामा बारी बारी से दीदी के बूब्स को चूसने लगा था ऑर दीदी की चूत मे उंगली करने लगा था ,,,कुछ देर

ऐसे ही बूब्स चूसने ऑर चूत मे उंगली करने के बाद मामा ने दीदी को छोड़ दिया तभी दीदी ने ज़मीन पर बैठने

की कोशिश की ताकि मामा के लंड को चूस सके लेकिन मामा ने जल्दी से दीदी को गोद मे उठा लिया मैं देखता रह गया

मामा के हाथ मे दीदी कोई छोटी सी गुड़िया की तरह लग रही थी ,,,,

मामा ने दीदी को गोद मे उठाया ऑर मेरे देखते ही देखते दीदी को पलट कर उल्टा कर दिया मेरी समझ मे कुछ नही आया

दीदी का सर नीचे था ऑर टाँगे उपर तभी मैने देखा कि मामा ने दीदी को पीठ से पकड़ा हुआ था ऑर दीदी की चूत

मामा के सर के पास थी मामा ने दीदी को थोड़ा उपर उठाया ऑर खुद को अड्जस्ट करते हुए दीदी की चूत को अपने लिप्स के करीब ले आया ऑर एक ही पल मे दीदी की चूत को अपने मुँह मे भर लिया,,,,मैं देख कर हैरान था क्यूकी ऐसा पहले

पॉर्न मूवीस मे ही देखा था कभी लाइव नही देखा था...ऑर ना कभी खुद ट्राइ किया था ऐसा पोज़ किसी पर,,,,

मैने देखा कि जैसे ही मामा ने दीदी की चूत को चूसना शुरू किया दीदी के मुँह से आह निकलने लगी ऑर तभी मेरे

मुँह से भी अह्ह्ह्ह निकल गई,,,मैने देखा कि माँ नीचे ज़मीन पर बैठ गई ऑर मेरे लंड को मुँह मे लेके चूसने

लगी थी,,,,मैं दीदी ऑर मामा को देख कर मस्ती मे इतना खो गया कि माँ के बारे मे भूल ही गया कि वो भी इसी कमरे

मे है मेरे साथ,,,,,,,,,,,,,,,,जैसे ही मामा ने दीदी की चूत को मुँह मे भरके चूसना शुरू किया दीदी के मुँह से हल्की

हल्की सिसकियाँ निकलने लगी ऑर तभी मामा ने एक हाथ से दीदी को पकड़ा ऑर एक हाथ को अपने लंड पर ले गया ऑर लंड को हाथ मे लेके दीदी के फेस के करीब करने लगा दीदी का सर मामा के लंड के करीब ही था ऑर दीदी ने मामा का इशारा मिलते ही मुँह को खोल दिया ऑर लंड को मुँह मे ले लिया,,,,,,लंड मुँह मे लेते ही दीदी अपने सर को आगे पीछे करने लगी लेकिन उल्टी लटकी होने की वजह से दीदी को ऐसा करने मे मुश्किल हो रही थी इसलिए मामा ने दीदी को एक हाथ के पकड़े रखा ऑर एक हाथ को दीदी के सर पर रख कर दीदी के सर को अपने लंड पर दबा लिया ऑर दीदी की चूत को चूस्ते हुए खुद अपनी कमर को आगे पीछे करके लंड को दीदी के मुँह मे पेलने लगा,,,,दीदी भी काफ़ी तेज थी दीदी ने भी मुँह को पूरा खोल दिया ऑर मामा के लंड को पूरा का पूरा मुँह मे लेने लगी मामा भी थोड़ा ज़ोर से झटका मारने लगा ऑर लंड को दीदी के गले से नीचे तक उतारने लगा दीदी को भी कोई परेशानी नही हो रही थी 9 इंच के लंड को गले के अंदर तक लेने मे ,,वो काफ़ी बेहतरीन खिलाड़ी बन चुकी थी,,,,मामा भी ये बात जान चुका था इसलिए मामा ने स्पीड थोड़ी तेज करदी थी ऑर दीदी की चूत को भी कासके मुँह मे भरके चूसने लगा था,,,,,,

 
माँ का ध्यान भी मामा ओर दीदी की तरफ गया तो माँ जल्दी से मेरा हाथ पकड़ कर बेड पर ले गई ओर जल्दी से जाके बेड पर लेट गई,,फिर मुझे अपने उपर आने काइशारा किया मैं समझ गया माँ क्या बोल रही थी ,,मैं माँ के उपर सर

को माँ की टाँगों की तरफ ऑर अपने लंड को माँ के सर की तरफ करके माँ के उपर लेट गया जिस से मेरा लंड माँ के

मुँह के पास ऑर मेरा सर माँ की चूत पर आ गया हम लोग 69 के पोज़ मे आ गये ,,,माँ ने कोई देर किए बिना मुँह

खोल कर मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ऑर मैने भी कोई देर नही की माँ की चूत को अपने लिप्स मे भरने की,,माँ

ने मेरी कमर पर हाथ रखा ऑर मुझे खुद अपनी कमर हिलाने का इशारा कर दिया ऑर मैने भी माँ की चूत को

पूरा मुँह मे भरके चूस्ते हुए अपनी कमर को उपर नीचे करना शुरू कर दिया,,,,माँ ने जल्दी से अपनी टाँगो को

खोल दिया ऑर मेरे हाथ को पकड़ कर अपनी गान्ड पर रख दिया ,,,,मैने भी मुँह से थोड़ा थूक माँ की गान्ड वाले

होल पर उगल दिया ऑर अपने हाथों से माँ की गान्ड को खोल कर उंगली से थूक को माँ की गान्ड मे भर दिया ऑर

जल्दी से दोनो हाथों की एक एक उंगली को माँ की गान्ड मे घुसा दिया ऑर माँ की गान्ड को दोनो तरफ फैला दिया जिस

से गान्ड का होल थोड़ा ज़्यादा खुल गया ऑर मैने जल्दी से एक एक उंगली ऑर घुसा दी माँ की गान्ड मे ,,अब मेरे दोनो

हाथों की 2-2 उंगलियाँ माँ की गान्ड मे थी ऑर मैं 4 उंगलियों को माँ की गान्ड मे पेलने लगा माँ ने भी मस्ती

मे आकर मेरी पीठ पर हाथ मारा ऑर मुझे तेज़ी से कमर हिलाने को बोलने लगी,,,

मैं ऑर माँ जिस हिसाब से लेटे हुए थे मेरा ध्यान मामा ऑर दीदी की तरफ था ,,मैने देखा की दीदी ने अपनी टाँगों

को मामा के सर के दोनो तरफ से कस्के मामा के सर को अपनी टाँगों मे जाकड़ लिया था ओर अपने हाथों को मामा की

गान्ड पर टिका कर सहारा लेके खुद के सर को मामा के लंड पर तेज़ी से आगे पीछे करने लगी थी ,,मामा अपनी कमर को

इतनी तेज़ी से नही हिला रहा था जितनी तेज़ी से दीदी का सर मामा के लंड पर आगे पीछे हो रहा था,,,मामा भी समझ गयाकि दीदी बहुत मन्झि हुई खिलाड़ी बन चुकी है इसलिए मामा ने अपनी कमर को हिलाना बंद कर दिया ऑर दीदी को ही अपनेसर आगे पीछे करने दिया ,,,मामा ने अपने हाथ को भी दीदी के सर से उठा लिया ऑर दोनो हाथों से दीदी की गान्ड को कस्के पकड़ लिया ऑर दीदी की चुतड़ों को दोनो हाथों से पकड़ कर खोल दिया ,,वो शायद मुयायना कर रहा था कि दीदी की गान्ड खुली हुई है या नही कुछ देर वो दीदी की चूत को चूमता हुआ दीदी की गान्ड को देखता रहा फिर उसने अपने

एक हाथ की एक उंगली दीदी की गान्ड मे घुसा दी लेकिन उंगली नही घुसी ऑर दीदी को भी हल्का दर्द हुआ क्यूकी मामा ने उंगली पर थूक नही लगाया था ऑर खुश्क उंगली को गान्ड मे डालने लगा था जब मामा को अपनी ग़लती का एहसास हुआ तो उसने जल्दी से उंगली को पीछे किया ऑर अपने मुँह मे भर लिया ऑर जब उंगली थूक से चिकनी हो गई तो वापिस उंगली को दीदी की गान्ड मे घुसा दिया अबकी बार उंगली एक ही बार मे पूरी अंदर तक चली गई ऑर मामा ने उंगली को हल्के से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया,,,,जब मामा को एहसास हुआ कि एक उंगली अब आराम से अंदर बाहर होने लगी तो मामा ने थोड़ा थूक लगा कर 2 उंगलियाँ दीदी की गान्ड मे घुसा दी ऑर दोनो उंगलियाँ भी आराम से अंदर चली गई ऑर मामा ने उंगलियों से दीदी की गान्ड को चोदना शुरू कर दिया,,,

इधर मैने भी अपनी कमर को तेज़ी से उपर नीचे करते हुए अपने लंड को माँ के गले से नीचे उतारना शुरू कर

दिया ऑर साथ ही मस्ती मे माँ की चूत को पूरा का पूरा मुँह मे भरके चूसने लगा ,,,,तभी कुछ देर बाद मैने

देखा कि मामा दीदी को ऐसे ही गोद मे उठा कर बेड के पास आ गया ऑर देखते ही देखते बेड पर दीदी को गोद मे

उठाकर इसी ही हालत मे लेट गया ,,,मामा पीठ के बल लेट गया था जिस से दीदी मामा के उपर आ गई थी,,,मामा माँ की

तरफ सर करके लेटा था जिस से दीदी का सर मेरी तरफ आ गया था ,,,,बेड पर लेटते टाइम भी मामा ने दीदी की चूत को मुँह से अलग नही किया ऑर ना ही उंगलियाँ बाहर निकालने दी दीदी की गान्ड से ओर ना ही दीदी ने मामा के लंड को मुँह से बाहर निकाला था,,,,,,,,,,

जब मामा बेड पर लेट गया तो एक पल के लिए दीदी ने लंड को मुँह से बाहर निकला ऑर फिर मेरी तरफ हसके

देखा मैं भी दीदी की तरफ हसके देख रहा था फिर हम दोनो वापिस अपने अपने काम मे लग गये दीदी ने मामा के

पूरे लंड को मुँह मे भर लिया और मैने भी माँ की चूत को पूरा का पूरा मुँह मे भर लिया ,,जिस तरह से मामा दीदी

की चूत को पागलो की तरह चाट ऑर चूस रहा था दीदी भी वैसे ही मामा के लंड पर भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ी

थी वो मामा के लंड को पूरा का पूरा मुँह मे भरके चूस रही थी,,,,मामा की बॉल्स दीदी की चिन पर टकरा जाती थी जब

भी दीदी पूरा लंड मुँह मे लेती थी,,,हम लोग करीब ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए एक दूसरे के प्राइवेट पार्ट को चूस

ऑर चूम रहे थे वो भी करीब 20 मिनट से ,,,,सब लोगो मे एक नई मस्ती भरी हुई थी नया महॉल बना हुआ था

जिस वजह से सबको बहुत मज़ा आ रहा था,,,,दीदी मामा के लंड पर फिदा हो गई जबकि मामा भी दीदी की चिकनी चमेली

ऑर मस्त गान्ड पर मर मिटा था ,,,,तभी मामा ने दीदी की गान्ड मे तेज़ी से उंगली करनी शुरू करदी ऑर दीदी की चूत को

चाटते हुए हल्की सिसकियाँ भरनी शुरू करदी,,,,मामा के मुँह से चुदाई करते टाइम या मस्ती करते टाइम तभी आवाज़

निकलती थी जब वो झड़ने वाला होता था इसलिए तो उसने दीदी की चूत को हल्के से काटना शुरू कर दिया जिस से दीदी को पता चल गया की मामा झड़ने वाला है दीदी ने भी अपने हाथ से अपने बूब्स को ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया जिस से दीदी ने भी ये बता दिया कि उसका भी होने ही वाला है ऑर तभी मामा ने दीदी के मुँह मे पानी निकालना शुरू कर दिया जिसको दीदी ने पीना शुरू कर दिया साथ ही दीदी ने भी चूत से एक सैलाब बहाना शुरू कर दिया जो बहुत ज़्यादा लग रहा था

मुझे ऐसा लगा कि जैसे दीदी ने मस्ती मे पेशाब करना शुरू कर दिया है क्यूकी अगर चूत का पानी होता तो इतना नही

निकलता थोड़ा सा होता और मामा उसको सारा का सारा पी जाता लेकिन ये पानी बहुत ज़्यादा था हो ना हो दीदी ने मामा के मुँह पर पेशाब कर दिया था लेकिन मामा को इस से कोई परेशानी नही थी मामा उसके पेशाब को भी पीता जा रहा था जैसे दीदी मामा के लंड के पानी को एक भी बूँद जाया नही होने दे रही थी मामा भी पूरी कोशिश कर रहा था दीदी की

चूत से निकालने वाले पानी की एक एक बूँद पीने की लेकिन पानी बहुत ज़्यादा था जो मामा के मुँह से गिरके बेड पर गिर

रहा था,,,,,जब दोनो का पानी निकल गया तब भी दोनो ने एक दूसरे के प्राइवेट पार्ट को मुँह से अलग नही किया ऑर ऐसे

ही चूस्ते ऑर चाटते रहे ,,,,

 
तभी मेरी पीठ पर हल्के से हाथ लगा ऑर माँ ने ये बता दिया कि बेटा अब मेरा भी होने वाला है तभी मैने भी माँ

की चूत को तेज़ी से चूस्ते हुए माँ की गान्ड मे उंगली की स्पीड भी तेज करदी ऑर साथ ही माँ के मुँह मे तेज़ी से अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा ,,मामा ऑर दीदी को देख कर वैसे ही मेरी मस्ती कुछ ज़्यादा हो गई थी इतनी ज़्यादा की लंड का पानी लंड की टोपी पर आके जमा हो गया था बस माँ के इशारे का इंतजार कर रहा था कुछ ही पल मे माँ की चूत के

साथ ही मेरे लंड ने भी पानी की पिचकारी मारना शुरू करदी ,,मैं माँ की चूत से निकालने वाले पानी को चाटने लगा

ऑर माँ मेरे लंड से निकलने वाले पानी को गले से नीचे गटकने लगी,,,जब दोनो का पानी निकल गया तो मैं माँ के उपर

से हटके साइड मे लेट गया,,,मेरे नीचे उतरते ही मैने देखा की शोभा भी मामा के उपर से उतर गई लेकिन तभी मामा

ने शोभा को हाथ से पकड़ा ऑर अपनी तरफ खींच लिया,,,ऑर फिर से दोनो की एक जबरदस्त किस शुरू हो गई,,,,

मामा ने दीदी को पकड़ा ओर अपनी तरफ खींच लिया ऑर फिर से दोनो की जबरदस्त किस शुरू हो गई ,,मामा तो दीदी को

खा जाना चाहता था उसका किस करने का अंदाज़ भी बिल्कुल वैसा ही था दीदी को भी इस बात का पता था इसलिए मस्ती मे जल्दी ही दीदी का हाथ उनकी चूत पर चला गया,,,,दीदी की चूत अभी पानी बहा कर हटी थी लेकिन मामा के किस करने के अंदाज़ से दीदी को फिर से एक दम मे मस्ती चोदने लगी ऑर चूत फिर से गीली होने लगी,,,

बड़ा मीठा पानी था तेरी चूत का शोभा बेटी मज़ा आ गया ऐसा मीठा पानी पीके,,,,मामा ने दीदी के लिप्स से अपने लिप्स

हटा कर बोला,,,,,,,,,

आपके लंड का पानी भी बड़ा मीठा था मामा एक बार पीके दिल नही भरा एक बार ऑर पीने को दिल करता है,,,शोभा ने

भी उसी अंदाज़ से मामा की बता का जवाब दिया,,,,,

तभी मामा ने वॉल क्लॉक की तरफ इशारा किया ऑर शोभा को बोलने लगा,,,,,अगर सोनिया एक आने के टाइम नही हुआ होता तो इतना पानी पिलाता तेरे को अपने लंड का की तो सोच भी नही सकती,,,,,,,

तो पिला दो जितना पानी पिलाना है मामा अभी बहुत टाइम है सोनिया के आने मे वो कविता के घर गई है ,,,,शोभा ने इतना बोला ऑर मामा को किस करदी

तभी मामा ने शोभा को कस्के बाहों मे भर लिया ऑर अपने जिस्म के उपर लेटा लिया शोभा की मामा की हेल्प करने के

लिए मामा के उपर लेट गई,,,,

मैं ऑर माँ समझ गयी कि आज ये दोनो को पूरी मस्ती चढ़ि हुई है ,एक तो मामा को जवान लड़की मिली थी उपर से शोभा को एक अछा खिलाड़ी जिसको काफ़ी एक्सपीरियंस था ऑर साथ ही जिसका मूसल भी काफ़ी बड़ा था,,,दोनो मस्ती मे पागल हो गये थे

शोभा मामा के उपर लेट गई ऑर मामा ने शोभा को किस करते हुए उसकी नंगी पीठ पर अपने हाथ घुमाना शुरू

कर दिए शोभा ने भी मामा के सर को अपने हाथों से पकड़ा ऑर मामा के बालों मे अपनी उंगलिया चलाने लगी,,,

इधर माँ ने फिर लेते हुए मेरे लंड को हाथ मे ले लिया जो मामा ओर दीदी की वजह से फिर से ओकाट मे आने लगा था ऑर माँ के हाथ लगते ही ज़ोर से सर उठाने लगा था माँ ने मेरे को किस करना शुरू कर दिया ऑर मैने भी माँ के बड़े

बड़े बूब्स को हाथों मे लेके मसल्ते हुए माँ को किस करना शुरू कर दिया इधर मैं ऑर माँ मस्ती मे खोने

लगी उधर दीदी ऑर मामा तो पागल हो गये थे मस्ती मे,,,,

माँ का हाल भी मामा ऑर दीदी को देख कर कुछ ज़्यादा ही उतावला हो गया था एक मिनट किस करने के बाद ही जल्दी से माँ ने मेरे लंड को मुँह मे डाल लिया ऑर चूसने लगी लेकिन जैसे किस भी एक मिनट ही की थी वैसे ही लंड को भी एक मिनट से

भी कम वक़्त मे चूस कर मुँह से निकाल दिया था माँ ने ,,बस उतनी देर ही लंड मुँह मे लिया जितनी देर मे लंड थूक से

चिकना हो जाता फिर जल्दी से मेरे सामने झुक कर कुतिया बन गई ऑर मुझे अपनी गान्ड की तरफ इशारा करने लगी मैने

भी जल्दी से उठा कर माँ के पीछे बैठ कर अपने लंड को माँ की गान्ड मे घुसा दिया ,,लंड काफ़ी चिकना हो गया था जो

एक ही बार एम पूरा जड़ तक घुस गया था ,लंड अंदर जाते ही मैने तेज़ी से झटके मारने शुरू कर दिया तभी मैने देखा

कि माँ ने बेड पर पड़ा हुआ नकली लंड उठा लिया ऑर अपने मुँह मे लेके चूसने लगी ,,,मैं समझ गया कि माँ की हालत

खराब हो गई है वो कुछ ज़्यादा ही मस्त हो गई है ,,,,माँ ने उस नकली लंड को भी मेरे लंड की तरह उतनी देर तक मुँह मे रखा जितनी देर उसको थूक से चिकना होने मे लगती फिर अपने सर को बेड से लगा कर अपन गान्ड को थोड़ा ऑर उपर उठा लिया ऑर अपने हाथ को अपनी चूत पर ले गई जिसमे नकली लंड पकड़ा हुआ था ऑर देखते ही देखते नकली लंड को चूत मे घुसा लिया ओर तेज़ी से हाथ को आगे पीछे करने लगी ,,,,माँ की गान्ड मे मेरा लंड था ऑर मेरी स्पीड बहुत तेज थी लेकिन माँ के हाथ की स्पीड मेरे से भी कहीं ज़्यादा तेज थी वो पूरी स्पीड मे नकली लंड को चूत मे लेके आगे पीछे कर रही थी,,,,मैं भी मस्ती मे माँ की गान्ड पर पकड़ बना कर तेज़ी से माँ की गान्ड मारने लगा ओर मस्ती को कुछ ज़्यादा बढ़ाने के लिए मामा ऑर दीदी की तरफ देखने लगा,,,,

 
दीदी मामा के उपर लेटी हुई थी दोनो क़िस्स्स करते हुए पागलो की तरह एक दूसरे के जिस्म से खेल रहे थे सहला रहे थे,,,फिर मामा की हालत कुछ ज़्यादा ही खराब होने लगी तो उसने जल्दी से दीदी की टाँगों को खोला ऑर दीदी के कुछ समझने से पहले ही लंड दीदी की चूत मे डाल दिया,,,,,,,,,,,,दीदी के मुँह से आहह निकल गई,,,,,,,थोड़ा अर्रामम्म ससी क्काररूव नाअ म्मामा ईत्त्न्नी बभिि क्क्य्या ज्जालल्ल्लडदिईई हहाईईईईईई ,,,,,,,मामा चुप रहा ऑर दीदी की पीठ पर से हाथ उठा कर दीदी की गान्ड पर ले गया ऑर गान्ड से दीदी को पकड़ कर तेज़ी से अपने जिस्म पर उपर नीचे करने लगा,,,,

,आराम्म्म्म ससी क्कारूऊ न्नाअ ईट्त्न्नी क्क्य्या ज्जाल्ल्लडदिईइ हहाइईइ बभहुत्त् त्तीईम्मी हहाइईइ आप्प्पंनी पपाससस्स ,,,इतना बोलते हुए दीदी ने मेरी ऑर माँ की तरफ देखा तो मैने ऑर माँ ने भी हसके उसकी तरफ़ देखा दीदी मेरी ऑर माँ की मुस्कान से समझ गई कि मामा कुछ ज़्यादा ही जोश मे है वो अब नही रुकने वाला तो दीदी ने भी अपना जवाब देते हुए अपनी टाँगों को घुटनो से मोड़ लिया ऑर अपनी गान्ड को मामा के जिस्म से थोड़ा उपर उठा लिया लेकिन लंड को चूत से बाहर नही निकलने दिया,,मैं समझ गया कि दीदी भी अपनी खेल मे अपने जोहर दिखाने के लिए तैयार हो गई है ऑर एसा ही हुआ,,,

घुटनो को मोड़ कर दीदी ने अपनी गान्ड को उपर उठा लिया ऑर मामा के शोल्डर को पकड़ कर तेज़ी से अपनी गान्ड को उपर नीचे करने लगी मामा की इतनी स्पीड नही थी दीदी को चोदने की जितनी स्पीड से दीदी खुद को चुदवा रही थी,,,,मामा ने हसके दीदी की तरफ देखा ऑर आराम से लेट गये ऑर खुद झटके मारने बंद कर दिए लेकिन दीदी नही रुकी ऑर मामा के लंड पर उपर नीचे उछलने लगी,,

आआआआब्ब्ब्बबब ब्बूऊल्लूऊऊ म्मामममामा क्काईससा ल्ल्लाग्ग र्राहहा हहाईईईई आब्ब्ब म्‍मैईन्न बभहिईिइ

त्त्यय्य्ाआरर हहूऊ ईन्न्ट्त क्का ज्जाववब्ब पपातथहाररर ससी डेन्णनी सीसी ल्लीइयईी इतना बोलकर दीदी मामा के लिप्स

पर टूट पड़ी ऐसा लग रहा था कि मामा दीदी को नही दीदी मामा को चोद रही है ,,,,आज्ज्जज्ज्ज्ज तटूऊ यईी बभ्ंनजििीइ

आप्प्पंनी म्मामममाम क्की प्पूउर्री ल्लुउन्न्ड्ड़ क्कू नीग्घाल्ल ज्जायएग्गिइइ ऊओरर ईट्त्न्ना मामज़्जज़ा द्ड़ेगीइ आपपंनी

म्मामममाम क्कूव क्कीी म्मामममाम स्सूवकच बहिि न्नाहहिि स्साककत्ता ,ब्बूओल्लूऊ म्मामममाम म्मामज़्जजाअ

एयेए र्राहहा हहाइईइ हहयइीई उुउऊहह म्‍म्म्ममामाआआआ ब्बूल्लूऊ म्मामममाम म्मांज़्जा आ र्राहहा

हहाइईइ ब्भ्ह्ह्हान्न्न्ज्ज्जीइ ककूऊ कच्छूओद्द क्काररर आहह हहययययययय दीदी आअहह आहह करते

हुए मेरी तरफ देखने लगी तो मैने दीदी को नज़रो ही नज़रो मे इशारा कर दिया कि मामा कुछ नाहही बोलेगा लेकिन दीदी फिर भी चुप नही हुई ओर मस्ती मे आहह उऊहह करती रही,,,,,,,,

इधर माँ की सिसकियाँ भी शुरू हो गई थी रूम मे ,,,,,,दोनो माँ बेटी के मस्ती भरे शोर मे रूम का महॉल मस्त कर

दिया था साथ ही गान्ड ऑर चूत मे झटके मारते लंड की पच पच्छ की आवाज़ से मज़ा दुगना हो गया था,,मैं तो दीदी ऑर

मामा की तरफ देखता हुआ मस्ती मे पूरी स्पीड से माँ की गान्ड मांर रहा था ,,,,,मेरे सामने लाइव पॉर्न मूवी चल रही

थी जिस से मस्ती कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगी थी माँ का भी यही हाल था वो नकली लंड को तेज़ी से अपने हाथ मे पकड़ कर अपनी चूत मे घुसा रही थी ऑर सिसकियाँ ले रही थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,आहह ब्बीत्त्ताअ ऊरर त्तीज्ज्जीइ ससीए

गगाणन्ंदड़ म्मांररर आप्प्पनन्ी माँ क्कीईइ आज्ज टूऊ आप्प्पनन्ी र्रांन्ँद्दद्दीई ब्बांना ल्ली म्मूउुज्झहहीए जज़ार्रा

बभिि त्ताररासस्स न्नाहहिईिइ क्काररणाआ आहह उूुुुुुउऊहह

हहयययययययययययययययययययईईईईईईईई ओर तेजज़्ज़्ज क्काररर ब्बेतत्टाअ ऊओरर त्टीज्जज्ज्ज्ज कच्छूऊद्दद

आप्प्पननन्िईिइ म्माम कककू गगाणन्ंदड़ कककूऊऊ आहह मैं भी पूरी स्पीड से माँ की चुदाई करने

मे लगा हुआ था लेकिन माँ ऑर भी तेज करने को बोल रही थी,,,,,,

उधर दीदी पिछले 10 मिनट से मामा के लंड पर बैठ कर उपर नीचे उछल रही थी इधर मैं माँ की गान्ड की चुदाई

कर रहा था तभी दीदी मामा के उपर से उतर गई ऑर लंड को मुँह मे लेके चूसने लगी फिर जल्दी ही वापिस मामा के उपर

चढ़ गई लेकिन मामा ने उसको उपर आने से मना कर दिया ऑर खुद बेड से उठ गया ओर दीदी को बेड पर माँ की तरह झुकने का इशारा किया और दीदी भी जल्दी से बेड पर झुक कर कुतिया बन गई मामा ने अपने लंड को हाथ मे पकड़ा ऑर दीदी के पीछे जाके लंड को दीदी की चूत पर रखा लेकिन तभी दीदी ने मामा के हाथ को पकड़ कर लंड को गान्ड पर रखने को बोला तो मामा ने खुशी खुशी लंड को गान्ड पर रखा ऑर दीदी की कमर को मजबूती से हाथों मे पकड़ा ऑर एक ही बार मे लंड को दीदी की गान्ड मे घुसा दिया लंड दीदी के थूक ऑर चूत क पानी की वजह से काफ़ी चिकना हो गया था जो एक ही बार मे पूरा अंदर घुस्स गया था ,,,,दीदी के मुँह से हल्की मस्ती ऑर दर्द भरी मिली जुली अहह निकल गई,,,,,मामा ने

लंड अंदर घुसते ही तेज़ी से दीदी की गान्ड मारनी शुरू करदी,,,,,,,,,आआआआअहह आराम्म्म्मम सीए क्क्ययउउूउ

न्नहहिि कल्कर्रतती मामा म्मामिन्न क्कून्न्स्सा क्काहहिन्न बब्बगगगीइ जेया राहहिी हूऊंणन्न् त्हूड्दाअ

प्पययाररर सससी क्कार्रूऊ न्नाआअ आहह हहययईए ईत्त्ना ब्बाद्दा म्मूस्साल्ल्ल ईककक हहिईीईईई

बबाररर म्मी प्पूउर्रा ग्घुउऊस्सा दीईयया ज्ज्जानं नीककाल्ल दडिईइ म्मीरीईईई आहह हहययययईईई

उउउहह दीईद की दर्द ओर मस्ती भरी सिसकियों का कोई असर नही हुआ मामा पर वो तो अपनी पूरी रफ़्तार

से दीदी की गान्ड चुदाई करने मे लगा रहा,,,,,

मैं भी पूरी स्पीड से माँ की गान्ड मांर रहा था ऑर मामा भी पूरी तेज़ी से दीदी की गान्ड मारने मे लगा हुआ था ,दोनो

माँ बेटी मस्ती मे सिसकियाँ लेने लगी थी जिस से एक मस्ती भरा महॉल बना हुआ था रूम मे,,,मेरा लंड पूरा अंदर

तक ऑर तेज़ी से जा रहा था माँ की गान्ड मे ऑर माँ खुद तेज़ी से नकली लंड को अपनी चूत मे घुसा रही थी,,आहह

म्मीररीए ब्बेटया ऊओरर त्तेज्ज छ्छूड्डू आपपननीी म्मामा ककूऊ आहह माँ पूरी मस्ती मे सिसकिया ले रही

थी लेकिन उधर शोभा सिसकियों के साथ हल्के दर्द से चिल्ला भी रही थी ,मामा को काफ़ी टाइम बाद किसी जवान लड़की की गान्ड मारने का मोका मिला था इसलिए वो कुछ ज़्यादा ही मस्ती मे था ऑर इसी मस्ती मे वो पूरी तेज़ी से ऑर बेरेहमी से दीदी की गान्ड मांर रहा था दीदी दर्द से चिल्ला रही थी लेकिन मामा को रोक नही रही थी क्यूकी दीदी को भी बहुत मज़ा आ रहा था ,,,गान्ड मे होने वेल दर्द मीठे दर्द से ,,,,उसी तरह मामा को भी कोई परवाह नही थी दीदी की वो बस मस्ती मे तेज़ी से लंड को गान्ड की जड़ तक घुसा रहा था ,,,तभी मामा चुदाई करता हुआ अपने पैरो पर खड़ा हो गये ऑर दीदी के उपर झुक कर दीदी की पीठ पर किस करने लगा ऑर साथ ही अपने हाथों को दीदी के बूब्स पर ले गया ,,,दीदी मस्ती मे सिसकियाँ ले रही थी

तभी एक दम से दीदी हल्का सा चिल्लाने लगी थोड़ी देर मे दीदी ज़ोर से चिल्लाई मैने ऑर माँ ने उन दोनो की तरफ देखा तो मामा दीदी के बूब्स को पूरे ज़ोर से दबा रहा था वो कोई दया नही कर रहा था दीदी पर ऑर साथ ही दीदी की पीठ पर किस करते हुए हल्के हल्के दाँतों से काट भी रहा था जिस से दीदी को ज़्यादा मस्ती चढ़ने लगी थी लेकिन मामा कुछ ज़्यादा ही मस्ती मे था इसलिए वो बीच बीच मे थोड़ा ज़ोर से काटने लगा था दीदी को जिस से दीदी चिल्लाने लग जाती थी ,,मैने दीदी की पीठ पर देखा तो जगह जगह मामा के दाँतों के निशान पड़ने लगे थे ,,,एक तो दीदी दूध की तरह गोरी थी

जहाँ जहाँ मामा ने ज़ोर से काटा था वहाँ की स्किन लाल हो जाती थी,,,,मामा ज़ोर से काट रहा था फिर भी दीदी मामा को मना नही कर रही थी बस ज़ोर से चिल्ला रही थी,,मैं समझ गया कि दीदी को सच मे दर्द हो रही है अब शायद वो मामा को रोक देगी ऐसा करने से लेकिन मैं हैरान रह गया क्यूकी दीदी मामा को ओर ज़ोर से काटने को बोलने लगी थी,,,,दीदी के ऐसा बोलने से माँ दीदी की तरफ देख कर हँसने लगी ,,,,,र जूओर ससीए कातत्तूओ म्माममम्माम क्क्हा ज्जाऊ अपपननीी ब्भ्हान्न्ज्जी क्कूव क्कूवई त्ताररास्स म्मांत क्काररन्ना अहह जज़ूर ससी ककातटूऊ ऊरर ज्जूओर्र ससी म्मांसल्ल्लूऊ

म्मीररी ब्ब्ब्ूऊओब्ब्बसस कककूऊ कचात्त्तिीई सस्स्सीए उउक्खहाद्दद्ड द्दूव इन्नककूऊऊ अहह हयइईए

उधर दीदी मस्ती मे चिल्ला चिल्ला कर मामा को अपनी पीठ पर ज़ोर से काटने को बोल रही थी इधर माँ ने भी मुझे मामा

ऑर दीदी की तरफ मस्ती करने को बोलते हुए अपनी पीठ पर किस करने को बोला ,,,,

 
मैने भी अपने पैरो को बेड पर टिकाया ऑर खड़ा होके माँ की गान्ड पर झुक कर लंड को गान्ड मे डाल दिया फिर अपने

हाथ माँ के बूब्स पर ले गया जिस से मेरा सर माँ की पीठ पर आ गया ऑर मैं भी मामा की तरह माँ की पीठ पर किस

करने लगा थोड़ी देर तो माँ की गान्ड मारता हुआ माँ के बूब्स मसतला रहा ऑर माँ की पीठ पर किस करता रहा लेकिन

दीदी की सिसकियाँ सुन कर मेरा भी दिल किया माँ की पीठ पर काटने को तो मैने भी अपने मुँह को खोला ऑर माँ की पीठ का थोड़ा माँस मुँह मे भरके हल्के दाँतों से काट दिया लेकिन इतने मे ही माँ की अह्ह्ह्ह निकली तो मैने दाँतों को थोड़ा

ज़ोर से दबा दिया ऑर तभी माँ की एक लंबी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गई मैं समझ गया कि दीदी की तरह माँ को भी पीठ पर हल्के से कटवाना अच्छा लग रहा था इसलिए मैं हल्के हल्के ऑर बीच बीच मे थोड़ा ज़ोर से माँ की पीठ

पर काटने लगा,,,,माँ की सिसकियाँ कुछ ज़्यादा ही तेज हो गई शायद पीठ पर काटने की वजह से वो ज़्यादा मस्त हो गई थी

यही सोच कर मैं ज़ोर ज़ोर से माँ की पीठ पर काटने लगा तभी माँ ज़ोर से चिल्लाने लगी ऑर मैने महसूस किया कि मेरी बॉल्स पर पानी लगने लगा था वो कुछ ज़्यादा ही गीली हो गई थी ,,,शायद माँ ने पानी निकाल दिया था मैने महसूस किया की माँ के हाथ जो उनकी चूत मे नकली लंड घुसा रहा था वो रुक गया है ऑर इस से पहले मैं कुछ करता या समझता माँ बेड 'पर आगे की तरफ हो गई जिस से मेरा लंड माँ की गान्ड से निकल गया ऑर माँ ने मेरे हाथ भी हटा दिए अपने बूब्स से ऑर बेड पर लेट गई,,माँ का काम पूरा हो गया था लेकिन मेरा नही हुआ था इसलिए मैने अपने लंड को फिर से माँ की गान्ड मे डालने की कोशिश की लेकिन माँ ने मुझे मना कर दिया इस से पहले मैं फिर कोशिश करता मेरे हाथ को अपने हाथ मे पकड़ कर दीदी ने मुझे अपने पास खींच लिया ऑर मैं भी जल्दी से दीदी की तरफ चला गया ,

दीदी ने मुझे अपने सर के पास आने को बोला ऑर मैने भी वैसा ही किया ऑर एक ही पल बाद मेरा लंड दीदी के मुँह मे चला गया दीदी प्यार से मेरे लंड को चूसने लगी लेकिन मैं प्यार के मूड मे नही था मैं तो तेज़ी से चुदाई करने के मूड मे

था इसलिए मैने दीदी के सर को पकड़ा ऑर अपने लंड को दीदी मे मुँह मे तेज़ी से पेलने लगा दीदी भी समझ गयी कि मैं जल्दी जल्दी करने के मूड मे हूँ तो दीदी ने मेरे लंड को मुँह से निकाला ऑर मामा की तरफ मूड कर देखा तो मामा ने पीछे हटके अपने लंड को दीदी की गान्ड से निकाल दिया ऑर तभी दीदी भी उठ गई ऑर मुझे पकड़ कर बेड पर लेटा दिया ऑर जल्दी से मेरे उपर आ गई ,,दीदी ने अपनी टाँगों को खोला ओर मेरे उपर आके अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रख दिया मैने भी जल्दी से अपनी कमर को उपर उछाल कर लंड को दीदी की चूत मे घुसा दिया पीछे से मामा ने भी अपने लंड को वापिस दीदी की गान्ड मे घुसा दिया दीदी के मुँहे से फिर से अह्ह्ह निकल गई लेकिन मैने जल्दी से दीदी के सर को अपने करीब खींच लिया ऑर दीदी के लिप्स पर किस करने लगा,,दीदी ने मेरे हाथ को पकड़ा ऑर खुद किस करते हुए मेरे हाथों को पकड़ कर अपने बूब्स की तरफ मोड़ दिया मैने भी दीदी की बात समझ कर अपने हाथों को दीदी के सर से उठा लिया ऑर दीदी के बूब्स पर ले गया ,,,,मैं दीदी को किस करते हुए अपने हाथों से दीदी के बूब्स को मसलता हुआ अपनी कमर को उछाल उछाल कर दीदी की चूत मारने लगा ,,,मामा भी पीछे से दीदी की गान्ड को पूरी तेज़ी से चोद रहा था

दीदी मुझे किस कर रही थी लेकिन 2 मूसल से चुदाई करते टाइम अपनी सिसकियों पर क़ाबू नही कर पा रही थी इसलिए किस करते हुए भी दबी दबी सिसकियाँ निकल रही थी दीदी के मुँह से मैं ऑर मामा इसी पोज़ मे 8-10 मिनट दीदी की चुदाई करते रहे फिर मामा की सिसकियाँ निकालने लगी ,,मैं समझ गया कि मामा का काम होने वाला है इसलिए मैने अपनी स्पीड को तेज कर दिया तभी दीदी ने भी अपने एक हाथ को मेरे हाथ पर रखा ऑर तेज़ी से अपने बूब्स मसलवाने लगी शायद दीदी का भी होने वाला था ,शायद हम लोग एक साथ झड़ने वाले थे ओर ऐसा ही हुआ मामा की सिसकियाँ तेज होने लगी मेरी स्पीड भी तेज होने लगी ऑर शोभा भी अपने एक हाथ से बारी बारी अपने बूब्स को तेज़ी से मेरे हाथ मे पकड़ कर मसलवाने लगी,,,करीब 2 मिनट बाद हम तीनो की आवाज़ तेज़ी से गूंजने लगी रूम मे ऑर हम तीनो का पानी निकल गया,,,मेरा पानी दीदी की चूत मे निकल गया जबकि मामा का पानी दीदी की गान्ड मे निकला ऑर दीदी की चूत का पानी मेरे लंड की साइड से होता हुआ मेरे बॉल्स पर गिरने लगा फिर बेड शीट पर ,,मामा का पानी निकल गया तो वो अपने लंड दीदी की गान्ड से निकाल कर बेड पर गिर गया तभी माँ उठी ऑर मामा के करीब चली गई ऑर मामा के लंड को मुँह मे भरके अच्छी तरह चाट कर सॉफ करने लगी दीदी भी मेरे उपर से उतर गई ऑर मेरे लंड को मुँह मे भरके सॉफ कर दिया फिर बेड पर गिर गई ऑर तेज़ी से हाँफने लगी

मैं भी तेज़ी से साँस ले रहा था ऑर मामा भी ,,,,मामा का लंड सॉफ करने के तुर्रंत बाद ही माँ दीदी की चूत की तरफ

बढ़ गई ओर दीदी की चूत को चाटने लगी जिस पर दीदी की चूत का पानी ऑर साथ ही मेरे लंड का स्पर्म लगा हुआ था ,,माँ ने मामा के लंड की तरफ दीदी की चूत को ऑर गान्ड को अच्छी तरह से सॉफ कर दिया ,,,चूत से मेरे स्पर्म को ऑर दीदी की गान्ड से मामा के स्पर्म को अच्छी तरफ ज़ुबान से चाट गई ऑर बेड पर हम लोगो के बीच ही लेट गई,,,सबसे पहले मामा फिर दीदी फिर माँ ऑर लास्ट मे मैं लेटा हुआ था ,,,,सब लोग थक गये थे ऑर तेज़ी से साँसे ले रहे थे

तो कैसा लगा शोभा बेटी मामा से चुदाई करवा कर,,,,माँ ने दीदी से पूछा,,,

बहुत मज़ा आया माँ लेकिन मेरी जान निकाल दी मामा ने ,,इतना बेरहमी से चोदा कि मज़ा आ गया ,,,दीदी बोलते हुए हँसने

लगी,,,,

माँ--हाँ बेटी तेरा मामा ऐसे ही चोदता है ज़रा भी परवाह नही करता सामने वाले को कितना दर्द हो रहा है बस अपनी मस्ती

करता रहता है ,,लेकिन जितना दर्द देता है उतना ही मज़ा भी देता है ,,,,ऑर वैसे भी जब तक गान्ड मे दर्द नही होता तब

तक औरत को गान्ड चुदाई का मज़ा नही आता,,,,,

दीदी--हाँ माँ सही कहा उसी दर्द मे तो असली मज़ा होता है,,,

दीदी ऑर माँ दोनो हँसने लगी,,,,,,,,

अच्छा बेटी बता ज़रा कितना मज़ा आया तुझे मेरे से चुदाई करके,,,,मामा ने पूछा दीदी से,,,,

बहुत मज़ा आया मामा ,,इतना बोल कर दीदी मामा से लिपट गई ,,,,

कितना मज़ा अशोक जितना मज़ा या उस से भी ज़्यादा ,,,,,,,,,,

डॅड का लंड बहुत छोटा है उस से इतना मज़ा नही आया मामा जितना आपके लंड से आया है,,सॉरी लंड नही ये तो मूसल

है वो भी गधे का मूसल,,,,

ऐसी बात नही है बेटी तेरे पापा का लंड भले ही छोटा है लेकिन मज़ा बहुत देता है ऑर वैसे भी छोटे लंड की कमी पूरी

करने क लिए उनकी टाइमिंग काफ़ी है,जहाँ बड़े लंड से तेरा मामा 20-30 मिनट चुदाई करता है वहीं तेरा बाप छोटे लंड

से कम से कम 40-50 मिनट लगा लेता है,,,,,,,,,,

हाँ ये बात तो ठीक कही माँ आपने लेकिन छोटे लंड से चूत मे मज़ा आता है लेकिन गान्ड मे मज़ा लेने के लिए लंड जितना मोटा ओर लंबा हो उतना अच्छा है,,,,,

माँ ऑर दीदी फिर हँसने लगी,,,,,,,,,,,

तो क्या बोलती हो बेटी एक बार फिर हो जाए ,,,,मामा ने इतना पूछा था कि दीदी फिर से मामा के उपर चढ़ गई लेकिन माँ को खाना पकाना था इसलिए वो उठके बाथरूम मे चली गई,,,,

तुम लोग करो मस्ती मैं तो फ्रेश होके चली किचन मे ,,,तब तक तुम मामा भांजा मिलकर शोभा को खुश करो,,,

माँ उठी ओर बाथरूम चली गई जबकि मैं खिसक कर मामा ऑर दीदी के पास हो गया,,,,

फिर सोनिया के आने से पहले मैने ऑर मामा ने दीदी की खूब चुदाई की जब माँ खाना पका कर आ गई तो खाना खाने के

बाद मैने ऑर मामा ने माँ को भी पूरी तरह से खुश कर दिया,,,

शाम को सोनिया आ गई ओर उसके बाद कुछ नही हुआ ,,,माँ तो संतुष्ट हो गई थी लेकिन शोभा नही हुई थी,,,,

मैं सोफे पर बैठा हुआ था तभी शोभा दीदी मेरे पास आई,,,,,,,

सन्नी तू फ्री है क्या,,,,,,,,,,,दीदी ने आते ही पूछा,,,,

जी दीदी मैं बिल्कुल फ्री हूँ कोई काम था क्या,,,,,,

हाँ सन्नी ज़रा मेरे साथ चलो मुझे शिखा के घर जाना है,,,,दीदी ने मुझे आँख मारते हुए बोला,,,,

माँ तो किचन मे थी ऑर रात के खाने की तैयारी कर रही थी लेकिन मामा सोफे पर मेरे पास ही बैठा हुआ था,,,,,लेकिन उसका ध्यान भी नही पड़ा शोभा दीदी की तरफ जब शोभा दीदी ने मुझे आँख मारी तो,,,,,

मैने सोचा कि साली कितनी बड़ी चुड़क्कड़ है अभी कितनी जबरदस्त चुदाई की थी थोड़ी देर पहले मैने ऑर मामा ने लेकिन इस साली को तो अभी भी मस्ती चढ़ि हुई है,,,,

मैने दीदी को अपने करीब आने को कहा ऑर दीदी मेरे पास आ गई मैने दीदी एक कान मे कहा,,,,,,,,,अरे दीदी ज़्यादा खुजली हो रही है क्या आज बोलो तो मामा को भेज दूं आपके साथ,,,,,

दीदी ने गुस्से मे मुझे देखा ऑर बोला,,,,,,,,,,,,,मुझे शिखा के घर जाना है ,,,वो बोल रही थी कि सारा दिन घर मे बोर

हो जाती है तो मैने उसको बोला कि बुटीक पर आ जाया करो वैसे भी उसको स्टिचिंग आती है वो बुटीक पर आ जाया करेगी तो मेरी भी हेल्प हो जाएगी ,,,ऑर वैसे भी अब मैं ओर बुआ ही है वहाँ पर,,,,,,,,

क्यू दीदी मनीषा ऑर पूजा भी तो है,,,,,,,,,,,

नही सन्नी अब वो अपने गाओं चली गई है वापिस नही आएगी,,,,पूजा के घर वाले उसकी शादी करने वाले है ऑर मनीषा

को अकेले नही भेजना चाहते वो शहर मे,,,,,हमे नये लोगो की ज़रूरत है तो क्यूँ ना शिखा को बुला ले बुटीक पर,,वो

कुछ कमा भी लेगी ऑर टाइम भी पास हो जाएगा उसका,,,,,

ये बात तो ठीक है दीदी लेकिन अब मुझे क्यू लेके जा रही शिखा के घर अकेली चली जाओ,,,,

अरे बुद्धू उसके घर से एक स्टिचिंग मशीन भी लेके आनी है जो उसकी हाँ वो बोलती है वो उससी मशीन पर काम करेगी

आक्टिव पर मुश्किल हो जानी है हम लोगो को कार मे जाना होगा ,,,मुझे कार ड्राइव करने मे डर लगता है इसी लिए तेरे को लेके जा रही हूँ,,,,,ऑर वैसे भी तो कोनसा यहाँ कुछ कर रहा है ,,अब चुप चाप चल मेरे साथ,,,,,

मैं उठा ओर दीदी के साथ चल पड़ा,,,,,मामा मुझे ऑर दीदी को वहाँ से जाते देखने लगा,,,

हम लोग कार मे बैठे ओर चल पड़े वहाँ से,,,,,

अरे दीदी तुम मामा को लेके आ जाती मुझे क्यू लेके आई,,,,,,,,,,

अरे बुद्धू तुझे क्या पता आज मामा ने कितनी मस्त चुदाई की है मेरी ,,,,गान्ड मे हल्का हल्का दर्द हो रहा है लेकिन

फिर भी चुदाई करने को दिल कर रहा है घर पर सोनिया थी तो कुछ भी करना थोड़ा मुश्किल था तो सोचा करण के घर

चलते है अगर उनकी माँ नही हुई तो हम लोग मस्ती कर सकते है अब मामा को लेके आती तो मस्ती कैसे करती शिखा ऑर करण के साथ,,,,

फिर हम लोग इधर उधर की बातें करते हुए करण के घर पहुँच गये,,,,,

 
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