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फिर कांता ने अपना एक हाथ धीरे से मामा के दोनो अंडकोषो पर ले गयी और उनको पकड़ कल हल्के हल्के दबाने लगी ……. मामा ने अपना हाथ कांता के सिर पर रख दिया और अपनी उंगलियो को कांता के रेशमी बालो मे फिराने लगा….. कांता मामा की आखो मे देख कर हल्के से बोली……
कांता: क्या मामा जी…… खुद ने तो अपना मुँह मीठा कर लिया……….. लेकिन मेरे बारे मे सोचा तक नही…… क्या आप मेरा मुँह मीठा नही कराएँगे क्या………
मामा: ……. अरे कांता मेरे पास तुम्हारी तरह दूध के बड़े बड़े बॉटल तो है नही,… जो तुम्हे पिला दूँ…….. … लेकिन फिर भी मेरे पास के चीज़ है जो मैं तुम्हे दे सकता हू?
कांता: कौन ससी चीज़ है मामा जी…….??
मामा: मेरे पास एक मलाई वाली कुलफी है……… तुम चाहो तो मैं उसे तुम्हे चुसवा सकता हूँ……. चूसोगी कांता मेरी कुलफी????
कांता: अरे मामा जी आप जो कहेंगे मैं वो चूस लूँगी……… आप अपनी कुलफी चूस्वाइए तो सही…………
कांता की बात सुनकर मामा ने अपने अंडरवेर का नाडा खोल दिया और उसे अपनी कमर से अलग कर दिया……. मामा का लंड फुंफ़कार्ता हुआ बाहर निकला……. मामा के लंड की मोटाई और लंबाई देख कर कांता की आँखे फटी की फटी रह गयी…….. मामा के लंड का सुपाडा किसी टमाटर की मानिंद लाल हो रहा था…… वैसे तो मामा का लंड उपर से भी मोटा था…… लेकिन जड़ की तरफ मामा का लंड ज़्यादा मोटा था……
कांता ने बड़े प्यार से मामा के लंड को देखा और फिर अपने हाथ मे लेकर उसे प्यार करने लगी… कुछ देर मामा का लंड सहलाने के बाद कांता ने अपने लाल लाल कामुक होंठो को खोलकर अपनी जीभ निकाल कर मामा के लंड के सुपाडे पर ऐसे फेरने लगी जैसे कोई आइस्क्रीम चाट रही हो…. कुछ देर मामा के सुपाडे को चाटने के बाद कांता ने अपना मुँह और खोला और फिर अपने मुँह मे मामा के लंड का ऊपरी हिस्सा भर लिया और मामा के लंड को ऐसे चूसने लगी जैसे वो कोई कुलफी चूस रही हो……..
कांता: क्या मामा जी…… खुद ने तो अपना मुँह मीठा कर लिया……….. लेकिन मेरे बारे मे सोचा तक नही…… क्या आप मेरा मुँह मीठा नही कराएँगे क्या………
मामा: ……. अरे कांता मेरे पास तुम्हारी तरह दूध के बड़े बड़े बॉटल तो है नही,… जो तुम्हे पिला दूँ…….. … लेकिन फिर भी मेरे पास के चीज़ है जो मैं तुम्हे दे सकता हू?
कांता: कौन ससी चीज़ है मामा जी…….??
मामा: मेरे पास एक मलाई वाली कुलफी है……… तुम चाहो तो मैं उसे तुम्हे चुसवा सकता हूँ……. चूसोगी कांता मेरी कुलफी????
कांता: अरे मामा जी आप जो कहेंगे मैं वो चूस लूँगी……… आप अपनी कुलफी चूस्वाइए तो सही…………
कांता की बात सुनकर मामा ने अपने अंडरवेर का नाडा खोल दिया और उसे अपनी कमर से अलग कर दिया……. मामा का लंड फुंफ़कार्ता हुआ बाहर निकला……. मामा के लंड की मोटाई और लंबाई देख कर कांता की आँखे फटी की फटी रह गयी…….. मामा के लंड का सुपाडा किसी टमाटर की मानिंद लाल हो रहा था…… वैसे तो मामा का लंड उपर से भी मोटा था…… लेकिन जड़ की तरफ मामा का लंड ज़्यादा मोटा था……
कांता ने बड़े प्यार से मामा के लंड को देखा और फिर अपने हाथ मे लेकर उसे प्यार करने लगी… कुछ देर मामा का लंड सहलाने के बाद कांता ने अपने लाल लाल कामुक होंठो को खोलकर अपनी जीभ निकाल कर मामा के लंड के सुपाडे पर ऐसे फेरने लगी जैसे कोई आइस्क्रीम चाट रही हो…. कुछ देर मामा के सुपाडे को चाटने के बाद कांता ने अपना मुँह और खोला और फिर अपने मुँह मे मामा के लंड का ऊपरी हिस्सा भर लिया और मामा के लंड को ऐसे चूसने लगी जैसे वो कोई कुलफी चूस रही हो……..