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चाहत हवस की complete

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''थैन्क यू, विशाल,'' मिनी दी ने मुझसे मुस्कुरा कर मेरे होठों को किस करते हुए कहा। जैसे ही मिनी दी ने मुझे अपने ऊपर से हटा कर बैड पर लिटाया, उनकी चूत के वीर्य बाहर टपकने लगा। हम दोनों उसी अवस्था में कुछ देर लेटे रहे, कुछ देर बाद मिनी दी ने कहा कि उनको गिफ़्टी दीदी को कम सो कम हैलो तो बोल ही देना चाहिये, कहीं वो बुरा ना मान जायें कि हमारे घर में घुसकर उनके भाई से तो मिनी दी ने चुदवा लिया और उनसे हैलो भी नहीं बोला।

मुझे भी मिनी दी की बात में दम दिखाई दिया, हम दोनों फ़टाफ़ट कपड़े पहनने लगे।

उधर मेरे रूम के बाहर, गिफ़्टी दीदी जल्दी से अपना पाजामा सम्हालते हुए अपने रूम की तरफ़ बढने लगीं, उनकी शेव की हुई चिकनी चूत झड़ने के बाद पानी छोड़ रही थी, जैसे उन्होने अपने रूम का डोर हैन्डल अपनी गीली चिकनी उँगलियों से खोलने की कोशिश की उनकी उँगलियां उस पर फ़िसलने लगीं। 

गिफ़्टी दीदी को विश्वास नहीं हो रहा था कि मिनी दी ने अभी अभी उनके छोटे भाई विशाल से चुदाई करवाई हैं! गिफ़्टी दीदी ने सोचा था कि शायद मैं और मिनी दी ओरल सैक्स करेंगे, जैसा कि मैं और गिफ़्टी दीदी किया करते थे, और वो भी हम दोनों के साथ शामिल होने के लिये मेरे रूम में आ रहीं थीं। लेकिन जैसे ही वो मेरे रूम के डोर के पास पहुँचीं उन्होने मिनी दी को मेरा लण्ड उनकी चूत में घुसाने की रिक्वेस्ट करते हुए सुना। गिफ़्टी दीदी को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ, आखिर उनका छोटा भाई अपना कौमार्य खोने वाला था, कहीं ना कहीं उनको इस बात की थोड़ी जलन भी हो रही थी कि मिनी दी की जगह इस वक्त वो खुद क्यों नहीं हैं। लेकिन उस वक्त रूम में घुसना मुनासिब नहीं था। इसीलिये वो बाहर खड़े होकर अपनी कजिन मिनी की चूत में मोटे लण्ड के घुसने की वजह से चूत के फ़ैलने और चुत के पूरी तरह से भर जाने की बातें सुनकर उत्तेजित होते हुए अपनी चूत में तीन उँगलियाँ घुसा कर कल्पना कर रहीं थीं, मानो मेरा मोटा लम्बा लण्ड उनकी चूत में घुस रहा हो। 


अपने रूम में पहुँचकर गिफ़्टी दीदी ने जल्दी से अपनी पैण्टी को ठीक से पहनते हुए अपने कपड़े व्यवस्थित किये, और इस से पहले की मिनी दी उनके रूम डोर पर नॉक करतीं, वो नॉर्मल हो गयीं।


"हाय गिफ़्टी, कैसी हो?" मिनी दी ने रूम में दाखिल होते हुए पूछा।

''मैं तो ठीक हूँ, तुम कैसी हो, तुम्हारे गाल बड़े लाल हो रहें है, विशाल के साथ मस्ती कर रही थी क्या?" अपनी कजिन बहन को छेड़ते हुए गिफ़्टी दीदी ने पूछा। 


''ओह, हाँ, बड़ा मजा आया,'' मिनी दी ने थोड़ा शर्माते हुए कहा। ''आज का दिन तो विशाल जिंदगी भर याद रखेगा।

''कौन लड़का अपनी ऐसी हॉट कजिन से अपना लण्ड चुसवा कर भूल सकता है।'' गिफ़्टी दीदी ने कहा, वो मन ही मन सोच रहीं थीं कि क्या मिनी दी मेरा लण्ड चूसने से कहीं आगे जो कुछ मेरे रूम में कर के आयी हैं उस बात को स्वीकार करेंगी या नहीं।

''हाँ, शायद आप सही कह रही हो, पर आप जो सोच रही हो उसके अलावा भी कई और वजहों से आज का दिन उसका यादगार रहेगा।''

''और क्या वजह हो सकती है? तुम दोनों ने कहीं चुदाई तो नहीं की ना?'' गिफ़्टी दीदी ने शॉक होते हुए पूछा।

''चलो, ऐसा समझ लो कि मेरी दोनों टाँगों के बीच बह रहा सारा रस सिर्फ़ मेरे अकेले का नहीं है,'' मिनी दी अपनी लैगिंग के ऊपर से अपनी चूत पर हाथ फ़िराकर, शर्माकर हँसते हुए बोलीं।

"ओह, मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि तुम विशाल से चुद कर आयी हो।''

''आप ने ही ओ सबसे पहले मुझे बताया था कि विशाल का लण्ड कितना बड़ा है, तो फ़िर अब सरप्राईज होने की क्या बात है।''

''हाँ, ये बात तो सही है कि मैंने ही तुमको विशाल के मोटे लम्बे लण्ड के बारे में बताया था, और हम दोनों ने मिलकर उसको चूसा भी था लेकिन मुझे ये पता नहीं था कि तुम उसकी इतनी दीवानी हो जाओगी और उसे अपनी चूत में घुसाकर चुदाई करवा लोगी!"

''आई एम सॉरी, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि सबसे पहले या फ़िर मेरे से तुम विशाल से चुदवाना चाहती थीं?" गिफ़्टी दी के अनमने या अप्रत्याशित बर्ताव को देखकर मिनी दी ने पूछा।

''हाँ, हो सकता है, मुझे नहीं पता, मैंने इस बार में कभी सोचा ही नहीं, और वैसे भी हे भगवान कितना बड़ा है उसका, शायद वो मेरी चूत में तो आ भी नहीं पाता, लेकिन फ़िर भी मुझे ये उम्मीद नहीं थी कि विशाल अपनी लाईफ़ में सबसे पहले जिस लड़की के साथ सैक्स करेगा, वो तुम होगी।'' गिफ़्टी दीदी ने थोड़ा शांत और संयत होते हुए कहा। ''हाँ कहीं ना कहीं इस बात का थोड़ा अफ़सोस तो जरूर है क्योंकि मैं मन ही मन सोचे बैठी थी कि विशाल जब भी पहले बार किसी के साथ सैक्स करेगा तो मेरे साथ। मैं थोड़ा आहत तो जरूर हुई हूँ, लेकिन इस में तुम्हारी कोई गलती नहीं है, तुम्हारी अभी शादी नहीं हुई है तब तक ये ठीक है, लेकिन मैं शादीशुदा हूँ और अब मुझे चोदने का अधिकार सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे पति को है।''

मिनी दी थोड़ा आगे बढकर गिफ़्टी दीदी के बगल में बैठ गयीं और उनके कंधे पर अपना हाथ रख दिया।

''शायद मुझे भी विशाल के साथ सिर्फ़ ओरल सैक्स तक ही सीमित रहना चाहिये था, आई एक सॉरी फ़ोर दैट,'' मिनी दी ने कहा। ''लेकिन एक बात तो निश्चित है कि जैसे जैसे लड़कियों को मालूम चलता कि विशाल का लण्ड इतना बड़ा है तो फ़िर तुम्हारा विशाल पर हमारा एकाधिकार नहीं रहता, उसको हमसे अपना लण्ड चुसवाने की जगह, और लड़कियों की चूत में लण्ड पेलने में कहीं ज्यादा मजा आता, जो हुआ ठीक हुआ।''

''हाँ ये तो तुम सही कह रही हो। चलो एक बात की तो खुशी है कि सबसे पहले जिस लड़की ने विशाल का लण्ड चूसा था, वो मैं थी '' गिफ़्टी दीदी ने हँसते हुए मिनी दी की तरफ़ देखते हुए कहा।

मिनी दी ने गिफ़्टी दीदी की आँखों में देखा, तो उन आँखों में वो पहले वाली चमक लौट आयी थी, ये देखकर मिनी दी निश्चिंत हो गयीं कि गिफ़्टी दीदी के छोटे भाई विशाल से चुदवा कर जो खटास दोनों के रिश्तों में आ गयी थी, शायद अब वो दूर हो गयी थी, और उन दोनों की दोस्ती बरकरार थी।
 
दीदी ने मेरा लण्ड तो अपनी चूत में कभी नहीं लिया, लेकिन जब तक वो अजय जीजू के साथ लन्दन नहीं चली गयीं तब तक मेरे जिस्म की जरूरत का भरपूर ख्याल रखा। कुछ महीनों के बाद मिनी की भी शादी हो गयी, और वो भी अपने पति के साथ मुम्बई में हँसी खुशी जीवन यापन कर रही है। मेरा ग्रेजुयेशन पूरा हो गया है, अब पीजी कर रहा हूँ, दीदी को लन्दन गये करीब एक साल हो गया है, और वो अगले महीने इन्डिया हम सब से मिलने के लिये आ रही है। मुझे उम्मीद है कि एक बार तो अपना लण्ड गिफ़्टी दीदी से जरूर चुसवाऊँगा। 


***समाप्त***
 
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