• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart



मैने बुग्गी को थोड़ा सा टेढ़ा करते हुए अपने उपर सा कर लिया और उसकी पीठ को सहलाने लगा दारू का नशा अब मेरी नसों मे दौड़ते हुए वासना के नशे मे मिलने लगा था उसकी साँसे मेरी गर्दन पर पड़ कर मुझे मदहोश करने लगी थी मैने उसके ब्लाउज की चैन खोल दी तो ब्लाउज बाहों मे आ गया और मैं पीठ पर उसकी ब्रा की स्ट्रेप्स से खेलने लगा

मैने कहा तुझे किस करूँ क्या तो उसने हौले से हूँ कहा तोमैने अपने होठ उसके लबों से लगा दिए और उसके लिपीसटिक से सने होंठो को चूमने लगा तो उसने अपने आप को मेरी बाहों मे सुपुर्द कर दिया और मेरे उपर चढ़ गयी किस करते टाइम मुझ से ज़्यादा जोश उसके होटो मे था मैने उसके घाघरे का नाडा भी सरका दिया था जो उसकी टाँगो से होते हुए नीचे को गिर गया था

मेरे हाथ उसकी चिकनी पीठ , सुतवा टाँगो और मांसल जाँघो पर रेंग रहे थे बड़ा ही सॉफ्ट सॉफ्ट सा जिस्म था उसका तो करीब 5-7 मिनिट तक एक दूजे के होटो को खाने के बाद मैने उसे हटाया और फटा फट से अपने कपड़े उतार फेके और अपने लंड पर उसका हाथ रख दिया तो वो उस से खेलने लगी मैने उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार फेकि और एक दूसरे के जिस्म का मुआयना करने लगे

जैसे ही मैने उसकी गोलाईयों को दबाया तो बुग्गी के मूह से सिसकी निकल गयी और वो बोली दर्द होता है तोमैने फिर से चूची को दबा दिया थोड़ी देर तक ऐसे ही शरीर को आपस मे रगड़ ने के बाद मैने उसे 69 मे कर दिया और अपना मूह उसकी टाँगो के बीच दे दिया उसकी बिना बालो की चूत जो कि मुझे पक्का यकीन था कि उसने आज ही शेविंग की होगी तो मैने बिना कुछ सोचे समझे अपना मूह उसकी चूत पर लगा दिया तो उसके बदन मे कंपकंपी आ गयी और उसने अपनी चिकनी टाँगो को मेरे चेहरे पर कस दिया और खुद आगे को झुक कर अपने मूह मे लंड को भर लिया तो अब हम दोनो एक दोनो के गुप्तांगो को बारी बारी से चाटने लगे थे जब मैं अपने दाँतों को उसकी चूत पर गढ़ा ता तो वो भी मेरे लंड पर काट लेती थी तो बड़ा ही मज़ा आरहा था मैं गोल गोल अपनी जीभ को घूमाते हुए उसकी चूत को चाट रहा था और वो बारी बारी से मेरे लंड और अंडकोष दोनो को चूस कर मुझे जन्नत का मज़ा दे रही थी करारी चूत का पानी पीकर मैं मस्त हो चुका था तो मैने अब पलटी खाकर उसे अपने नीचे ले लिया और उसकी जाँघो को फैलाते हुए गीली चूत पर लंड को सटा दिया और बिना देर किए लंड को चूत के छेद से सटा दिया

बुग्गी की मादक सिसकी मेरे कान मे पड़ते ही मुझे बड़ा जोश चढ़ा और मैने एक तेज का शॉट मारते हुए अपने लंड को चूत मे घुसाने लगा तो बुग्गी का शरीर अकड़ने लगा तो मैने फिर से एक और शॉट मारा तो काफ़ी लंड अंदर चला गया वो बोली दर्द हो रहा है आराम से करो तो फिर धीरे से मैने लंड को चूत मे डाल दिया बुग्गी ने अपनी उंगलिया मेरी उंगलियो मे उलझा ली और फिर मैने हल्के हल्के से उसकी चूत पर धक्के लगाने शुरू कर दिए थे बुग्गी काँपति हुई आवाज़ मे बोली बहुत मोटा है तुम्हारा मेरी तो फट गयी लगती है , मैने कहा घुस तो गया है तो अब बस मज़ा ही मज़ा है मेरी जान और उसके गालो को अपने दाँतों मे दबा लिया और एक खीच कर शॉट मारा तो वो बिलबिला उठी पर जल्दी ही चूत लंड के हिसाब से सेट हो गयी थी तो बुग्गी भी अब मज़ा लेने लगी थी उसके होटो पे लगी हुई लार मैं चूसे जेया रहा था तो बुग्गी भी अब रंग मे आने लगी थी

बड़ी ही खामोशी से उस टॅंट के गद्दे पर हम दोनो अपनी प्रेम लीला शुरू किए जा रहे थे बुग्गी की रस से भीगी हुई चूत मे मेरा लंड अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा था तो मस्ती के मारे उसकी टाँगे अब हवा मे उठने लगी थी उसके लंबे नाख़ून मेरी पीठ पर रगडे जा रहे थे उसने अपनी टाँगो की कैंची बना कर मेरी कमर मे डाल दी और अपनी जीभ को मेरी गर्दन पर फिराने लगी थी

बुग्गी का जिस्म मेरे हर झटके को सहता हुआ उसे और मुझे दोनो को मस्ती के सागर मे लहरो को सवारी करवाए जा रहा था अब मैं उस के उपर से उतर गया और उसको घोड़ी बना दिया और उसके चुतड़ों पर किस करने लगा तो बुग्गी और भी मस्त होने लगी दो चार मिनिट तक उसके कुल्हो को क़िस्स्करने के बाद मैने उसकी कमर मे हाथ डाला और अपने लंड को फिर से चूत की गहराइयो मे उतार दिया

तो फिर बारी बारी से उसकी गान्ड आगे पीछे होने लगी थी बुग्गी की हवा मे झूलती हुई चूचिया अपनी खनक्क फैला रही थी पता नही कितनी देर से हम दोनो चुदाई का आनंद ले रहे थे पर फिर बुग्गी की पकड़ कुछ ढीली होती चली गयी और वो हान्फते हुए झड़ने लगी तो उसकी चूत ने लंड को बुरी तरह से कस लिया तो चूत के दबाव से लंड की नसें भी अकड़ने लगी थी

और फिर कुछ देर बाद मैं भी झड़ने के कगार पर पहुच गया तो मैने फॉरन लंड को चूत से बाहर खीचा और उसके चुतड़ों पर अपने वीर्य की धार छोड़ दी और झड़ने के बाद मैं उसे अपनी बाहों मे लेकर बिस्तर पर पड़ गया

 


अगला दिन शादी का दिन था सुबह से ही घर मे चहल-पहल हो रही थी घर मे, सब अपनी तैयारियो मे लगे हुए थे और मैं बस एक कुर्सी पर बैठ कर माहौल को देख रहा था आज भाई भी शादीशुदा हो जाएगा , मैं सोचने लगा कि जल्दी ही मेरा भी घर बस जाएगा पर क्या ये खुशिया मुझे मिल पाएँगी क्योंकि मम्मी तो अपनी ज़िद पर अडी हुई थी और मैं भी अपनी मोहब्बत के आगे मजबूर था

ये साला दिल भी बड़ा हराम खोर होता है इसका कोई भरोसा नही था अब देखो ने सारे घर मे सभी लोग हसी खुशी बारात की तैयारियो मे लगे हुए थे गीत गाये जा रहे थे कुछ रस्मे चल रही थी और एक हम थे और हमारा रोट्डू दिल था जिस पर ना जाने कैसा बोझ था कुछ समझ ही नही आता था मैं वहाँ से उठ कर प्लॉट की ओर चल पड़ा

पर वहाँ भी चैन नही मिल रहा था मैने निशा को फोन लगाया तो वो बोली कि मैं अभी थोड़ी सी बिज़ी हूँ फ्री होते ही बात करती हूँ तो फिर जी और भी खट्टा हो गया तो मैं वहाँ से ठेके की तरफ निकल गया कुछ तो खलिश थी मेरे अंदर जो मैं समझ नही पा रहा था एक बियर ले तो ली पर गले से नीचे ना उतरी तो अब हम करे क्या तभी भाई को फोन आया और बोला कि यार कुछ समान लाना है सहर से तो हो आ तो मैने गाड़ी को सहर की तरफ मोड़ दिया

फिर दोपहर तक ही घर आना हुआ, निकासी की तैयारी हो रही थी बुग्गी बोली कहाँ गायब हो गये थे तुम तो मैने कहा कुछ काम से सहर गया था तो वो बोली मुझे नही साथ ले जा सकते थे मुझे भी चलना था मैने कहा यार अभी तू मेरा पीछा छोड़ मैं थोड़ा सा डिस्टर्ब हूँ तो वो बोली यार तेरे मूड का भी कोई भरोसा नही पता ही नही चलता कि कब अच्छा है और कब सॅड है

मैने कहा या ऐसी बात नही है बस कुछ अजीब सा लग रहा है तो वो बोली अपने आप को सम्भालो मनीष ऐसा कब तक चलेगा मेच्यूर हो जाओ ये बच्चों वाली हरकते ना किया करो थोड़े से ज़िम्मेदार बनो मैने कहा यार प्लीज़ अभी रहने दे तो वो मूह फूला कर चली गयी भाई रस्मे निभा रहा था तो मैने भी सोचा कि यार मूह क्यो सुजाए खंखा आल्बम मे फोटो खराब आएगी

बस अब थोड़ी बहुत देर मे भाई घोड़ी चढ़ने वाला था तो मैने भी अपने बारात वाले कपड़े पहन ने का सोचा मैं कपड़े चेंज कर ही रहा था कि पापा आ गये वो मुझे 100-100 के नोटो की गॅडी देते हुए बोले ले निकासी के लिए मैने कहा पापा है ना मेरे पास तो वो बोले रख ले और जल्दी तैयार होकर आजा मैने कहा पापा आज तो काफ़ी यंग लग रहे हो आप तो वो बस मुस्कुरा दिए

सच मे पापा से बढ़ कर वो मेरे दोस्त ही थे और वैसे भी जब बेटे के पाँव मे बाप की जूतिया आने लगे तो रिश्ता भी कुछ दोस्ताना सा हो ही जाता है तो फिर जैसे ही बंद वाले ने पुँगी बजाई तो फिर मैं भी जल्दी से नीचे उतर आया , भाई क्या खूब सज रहा था तो फिर नाच-गाना शुरू हो गया ये भी कैसा महॉल था चारो तरफ खुशिया फैली हुवी थी

तो अपन कहा पीछे रहने वाले थे अपन ने भी डॅन्स शुरू कर दिया आख़िर भाई की शादी थी तो फिर जो भी दिखा उसे ही खीच लिया ठुमके लगाने को जीजाजी,दीदी, पापा , भाई बहन और बुग्गी भी तो फिर करीब दो है घंटे जम कर उत्पात मचाया और जो ममाजी ने रुमाल की बीन बना कर नागिन डॅन्स किया तो उसके कहने ही क्या तो आख़िर भाई जी चल ही पड़े भाभी को ब्याहने के लिए

मैने भी कही ना कही सोचा कि यार ब्याह तो करवाना सर्दी मे ही चाहिए क्या मस्त मोसम होता है करीब डेढ़ घंटे के सफ़र के बाद हम भाभी के गाँव पहुच ही गये तो बारात का काफ़ी अच्छा स्वागत किया गया कुछ रस्मो के बाद फिर से नाचते गाते हुए हम लोग उनके घर की तरफ बढ़ने लगे अब बारात है तो लेट शेट तो चलता ही रहता है

फिर स्टेज का प्रोग्राम अतटनेंड करने के बाद भाई फेरो पर बैठ गया और मैं खाने के लिए टॅंट मे पहुच गया तो कोशल्या मामी से टकरा गया मैने कहा अकेले अकेले खाना खा रहे हो तो वो बोली तुम भी आ जाओ तो मैं मामी के साथ ही खाना खाने लगा खाते खाते मैने कहा मामी आज तो बड़ी चॅप्रेट लग रही हो दिल तो कर रहा है कि यही पर गिरा कर चोद दूं तो वो बोली क्या कुछ भी बोलते हो

मैने कहा मामी देखो आपको देख कर लंड कितना तन गया है पॅंट मे इसका कुछ जुगाड़ करना ही पड़ेगा आपको तो वो बोली कुछ तो देख लिया करो हम बारात मे आए हुए है मैने कहा मामी जब वापिस चलेंगे तो आप मेरी वाली गाड़ी मे आ जाना वैसे भी खाली ही है तो कुछ मेरा भला भी हो जाएगा तो वो मुस्कुराती हुई बोली पहले से ही प्लान बना रखा है क्या

मैने कहा अब क्या करे आप तो चान्स दे नही रही हो तो फिर कुछ ना कुछ जुगाड़ करना ही है वो बोली पर तुम्हारे मामा का क्या तो मैने कहा वो तो विदाई तक इधर ही रुकेंगे तो अपने को भी मोका मिल जाएगा तो फिर वो बोली ठीक है वैसे मैं भी तुम्हारे साथ थोड़ा टाइम बिताने का सोच रही थी तो मैने कहा तो फिर पक्का रहा बारात तो खाना खाकर निकल चुकी थी बस हम फॅमिली वाले ही रह गये थे

दो टुक एक के साथ दो किसी और के साथ खा कर अपन ने पेट भर लिया जीजाजी तो भाई के पास ही फेरो पर बैठे थे मामा और पापा और कुछ बुजुर्ग लोग भी अपनी पार्टी मे मगन थे करीब आधे घंटे बाद कोशल्या मामी ने तबीयत खराब होने का बहाना कर लिया तो मैने मामा से कहा कि मामी की तबीयत थोड़ी खराब हो गयी है तो हम लोग घर के लिए निकल रहे है वैसे भी इधर कोई काम नही है तो वो बोले ठीक है रात का टाइम है तो थोड़ा सा आराम से जाना

मैने कहा जी ठीक है तो फिर मैने मामी को लिया और कार स्टार्ट कर के वहाँ से निकल लिया , मामी मेरे साथ फ्रंट सीट पर थी वो बोली तो मोका निकाल ही लिया तुमने मैने कहा डार्लिंग अब तुम तो दूर दूर भाग रही थी तो क्या करता तो वो बोली मैं भी तो तरस रही थी तुमसे चुदने को पर क्या करू सारा घर मेहमानो से भरा हुआ है तो कही भी कोई देख ले तो प्राब्लम हो सकती थी तो क्या करती

 


मैने कहा तो अब तो तुम मेरे पास हो और हम अकेले भी है तो फिर हो जाए वो बोली पहले घर तो चलो मैने कहा घर की क्या ज़रूरत है गाड़ी मे ही कर लेते है एक बात तो तो वो मना करने लगी पर मैने अपनी पॅंट की ज़िप खोल कर अपने लंड को बाहर निकाल लिया और मामी से कहा कि देखो कितना तड़प रहा है आपके लिए अब जल्दी से इसे किस करके इसे भी थोड़ी राहत पहुचा दो

तो मामी ने एक बड़ी ही सेक्सी अदा से अपनी ज़ुल्फो को सहलाते हुए मेरी ओर देखा और फिर अपने चेहरे को मेरे लंड पर झुका लिया मामी के नाज़ुक होठ लंड पर पड़ते ही मेरा पूरा बदन मस्ती से भीग उठा मैने कहा उफफफफफफफ्फ़ डार्लिंग क्या जुलम कर दिया तुमने जान ही निकाल ली है तुमने तो मेरी मामी ने अपने रसीले होठ लंड के चारो ओर कस दिए और धीरे धीरे से बड़े ही प्यार से उसे किस करने लगी मैं तो जैसे गाड़ी चलाना ही भूल गया था

मैने स्टीरिंग छोड़ा और मामी के सर को सहलाते हुए बोला मामी क्या जादू है आपके होटो मे कसम से आपके इसी स्पर्श के लिए ही तो मैं तड़प रहा था तो मामी ने अपने थूक से लंड को गीला करना शुरू कर दिया मैं धीरे धीरे से गाड़ी को चलाने लगा मामी अपने होटो का जादू मेरे लंड पर दिखाने लगी थी किसी आइस्क्रीम की तरह अब वो मेरे लंड को चूसने लगी थी

मैं अपना हाल इधर क्या लिखू बस बता ही नही सकता कि कितना अच्छा लग रहा था मुझे मैने गाड़ी को हाइवे से उतार कर कच्चे रास्ते पर डाल दिया और कुछ आगे चलने के बाद सुनसान खेतो की साइड पर गाड़ी को खड़ा कर दिया और लाइट बंद कर दी मामी बोली गाड़ी इधर क्यो रोक दी मैने उन्हे अपनी बाहों मे भरते हुए कहा डार्लिंग अब रुका नही जाता इधर ही कर लेते है

तो वो बोली नही कहा खुले मे गाड़ी लगा दी है अगर कोई आ गया तो मैने कहा टाइम तो देखो और फिर धुन्ध कितनी है और खेतों का इलाक़ा है पूरी तरह से सुनसान एक बार तो इधर ही दे दो अब रहा नही जा रहा है फिर घर चल कर दुबारा चुदाई कर लेंगे तो मामी बोली ठीक है पर जल्दी ही सॅल्टा देना मैने उनके गालो को चूमते हुए कहा डार्लिंग बस अब रहा नही जाता है

गालो को चूमने के बाद मैने कोशल्या मामी के रसीले होटो को अपने होंठो से जोड़ लिया कितने ही मुलायम क्रीमी होठ थे मेरे मूह से निकल ही गया कि मामी काश आप मेरी पत्नी होती तो सारी उमर आपको लंड पर ही बिठाए रहता कसम से आप जितनी मस्त औरत आज तक नही देखी है क्या खूब हो आप आप इतनी सेक्सी कैसे हो तो वो बोली अब मैं बुद्धी हो गयी हूँ 40 पार कर लिए है अब कहाँ पहले जैसी बात है मैने कहा डार्लिंग

आप तो बस आप ही हो ना कोई आप से पहले और ना कोई आपके बाद मैने उनकी साड़ी के पल्ले को हटाया और मामी के ब्लाउज के हुको को खोलने लगा तो वो बोली इधर कपड़े ना उतारो कही कोई मुसीबत ना हो जाए मैने कहा आप घबराओ मत मैं हूँ ना कब से तरस रहा हूँ अब आप अपने इस बदन का दीदार करवा दो जल्दी से तो फिर उन्होने कोई विरोध नही किया और 5 मिनिट बाद मामी कार मे पूरी नंगी बैठी थी

मैने भी अपने कपड़े उतार दिए और कार की बॅक सीट को फोल्ड कर मिनी बेड के जैसे अड्जस्ट कर लिया और हम पीछे आ गये मामी की 34 इंची सुडोल छातियो को मसल्ते हुए मैं बोला डार्लिंग कितनी हॉट हो तुम तो वो मेरे लंड को पकड़ते हुए बोली कितनी झूठी तारीफ करते हो तुम मैने कहा आप बेशक झूट मानो पर मैं तो सच ही कह रहा हूँ उनकी मोरनी सी गर्दन को को अपनी जीभ से चाटने लगा तो मामी की पकड़ मेरे लंड पर कस्ति चली गयी बड़े ही प्यार से मैं अपनी जीभ को उनके शरीर पर फेर रहा था फिर मैं उनके सीने पर आया और मामी की एक चूची को पीने लगा और दूसरी को दबाने लगा तो मामी के बदन मे भी बिजलिया रेंगने लगी थी मामी अपना आपा खोने लगी थी दस मिनिट तक दोनो चूचियो को पी पी कर मैने लाल कर दिया था

 


दोनो निप्पल्स तन कर एक दम को बाहर को निकल आए थे मामी अपने हाथ से मेरे अंडकोषो को दबाती हुई बोली इस आग को इतना क्यो भड़का रहे हो कितना तडपाओगे मुझे जल्दी से ले लो मेरी मैने कहा मामी पहले आपके बदन को जी भर के प्यार करूँगा आज की रात अपनी ही है तो फिर जल्दी किस बात की तो मामी ने अपने होठ मेरे होंठो पर सज़ा दिए तो मैं भी उनका साथ देने लगा

काफ़ी देर की चूमा चॅटी के बाद मैने मामी को सीट पर लिटा दिया और उनकी पतली पतली टाँगो को चौड़ा कर दिया और चूत पर अपना हाथ रख दिया तो पता चला कि एक भी बाल नही है मैने कहा सफाई कर रखी है तो वो बोली आज सुबह ही की है तो मैं चूत को दबाने लगा मामी सिसकियाँ लेने लगी फिर मैने एक उंगली चूत के अंदर डाल दी और घुमाने लगा तो

मामी बोली बस उंगली से काम नही चलेगा ज़रा इधर भी चुम्मि तो तो मैने कहा कि ये हुई ना बात और मामी की जाँघो के बीच अपने होंठो को झुका लिया और उस गरमा गरम चूत जो काम रस से भरी पड़ी थी वहाँ पर अपने होंठो को लगा दिया मेरे होठ उन मस्त पंखुड़ियो से टकराए तो उनका खारा पानी मेरे मूह मे समाने लगा तो मज़ा ही आ गया

मामी ने अपनी जांघे खूब अच्छे से फैला ली और मेरे चेहरे को अपनी छोटी सी चूत पर दबाते हुए मेरे बालो मे अपनी उंगलिया फिराने लगी मैं मामी की चूत को चाटने लगा ऐसी करारी चूत थी वो कि मेरा दिल बहुत करता था कोशल्या मामी को चोदने को उन्हे देखते ही मेरा लंड तन जाया करता था मामी दबी आवाज़ मे आहे भर रही थी तो मैने कहा गाड़ी के शीशे बंद है तो खुल के आहें भरो बाहर किसी को सुनाई नही देगा तो मामी को और भी जोश चढ़ गया बड़े ही प्यार से वो मुझे अपनी चूत का रस पिलाए जा रही थी और उनके गले से मस्तानी आहें अब खुल कर उबल रही थी मामी की चूत से टपकते रस से मेरे मूह का टेस्ट ही बदल गया था मामी की सिसकारिया अब बेहद बढ़ गयी थी फिर उन्होने कहा कि अब हट जाओ उधर से मैं ऐसे ही नही झड़ना चाहती

तो मैं वहाँ से हट गया और झट से उन्होने फिर से मेरे लंड को अपने मूह मे भर लिया फटा फट से उसे चूसने लगी लंड तो पहले से ही फन्फनाया पड़ा था और भी गरम होने लगा 5 मिनिट तक चूसने के बाद उन्होने मेरे लंड को अपने मूह से बाहर निकाल दिया और फिर सीट पर घोड़ी बन कर खड़ी हो गयी मामी का बेहद सुंदर पिछवाड़ा मुझे अपनी ऑर आकर्षित कर रहा था मैने अपने हाथो से उनकी मुलायम कुल्हो को खूब भीचा और फिर अपनी मस्ती से चूर लंड को मामी की गीली चूत से सटा दिया जैसेही सुपाडा मामी की चूत से भिड़ा मामी बोली चोलो अब घुसा दो अंदर तो मैने उनकी कमर पर एक हाथ रखा और लंड को आगे को सरका दिया तो लंड चूत की फांको को फैलाता हुआ अंदर को जाने लगा मामी आआआआआआआआआआ हह करते हुए ज़ोर से आहह भरने लगी

मैने कहा क्या हुआ तो वो बोली काफ़ी दिनो बाद तुम्हारा लंड ले रही हूँ तो बस मस्ती सी आ गयी है मैने उनकी पीठ चूमि और कहा डार्लिंग ये लंड तो तुम्हारा ही है कभी भी ले लिया करो पर तुम ही दूर दूर भागती हो तो मामी बोली अब नही भागुंगी मेरे राजा ज़रा अपनी लंड को अंदर तक तो घुसा दो ना क्यो बीच मे रोक रखा है तो मैने फिर से धक्का लगाया और अपने पूरे लंड को मामी की चूत मे पहुचा दिया

मामी बोली अब जाकर मुझे मज़ा आया है तेरे मामा तो मेरी चूत को बहुत ही कम मारते है गान्ड के छेद को तो इतना चौड़ा कर दिया है पर मेरी चूत तो बस प्यासी ही पड़ी रहती है आज इसकी प्यास को ऐसा भुझा दो कि फिर कभी ये निगोडी भड़के ही ना और मामी ने अपनी गान्ड को पीछे करके हिलाना शुरू कर दिया मैने मामी के उभारों को अपनी मुट्ठी मे क़ैद कर लिया और जी भर कर दबाने लगा

तो मामी हाई हाई करने लगी मामी ने अपने बदन को थोड़ा सा उपर को उठा लिया ताकि मैं अच्छे से उनके बोबो को दबा सकूँ मामी की ये अदाए ही तो मुझे मार जाती थी कभी उनके बोबो को दबाता कभी मामी की नाभि को सहलाते हुए मैं पीछे से उनकी चूत पर धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था और वो हसीना मेरी बाहों मे अपनी जवानी को मुझे समर्पित कर रही थी मामी पूरी मस्ती मे डूब चुकी थी

और मैं भी , मैने अब उनको सीट पर लिटा दिया और उनके उपर चढ़ गया तो मामी ने खुद ही मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट कर लिया तो उनकी जीभ से अपनी जीभ लड़ाते हुए मैं फिर से उनको चोदने लगा मामी बड़ी ही बेताकल्लूफ़ी से मेरे होंठो को अपने होंठो से जोड़े जा रही थी कार हमारी चुदाई से हिल रही थी पर बाहर इतना अंधेरा और घहरी धून्ध थी कि कुछ दिखाई दे ही नही रहा था

 
मामी अब अपनी टाँगो को बुरी तरह से पटक रही थी चिकनी चूत मे दना दन लंड अंदर बाहर हो रहा था उस घर्षण से मामी को बड़ा ही मज़ा मिल रहा था मामी बोली सच मे आज चूत मरवाने का सुख मिला है काफ़ी दिनो बाद तुम भी कुछ दिन इधर ही रुक जाना महमानो के जाने के बाद मोका ही मोका होगा तो मैने कहा हाँ एक दो दिन तो रुक ही जाउन्गा

हम अपनी मंज़िल की तरफ तेज़ी से बढ़ रहे थे तो फिर से मैने तेज़ी से उनको चोदना शुरू कर दिया मामी ने मस्ती के मारे अपनी आँखे बंद कर ली थी करीब 5 मिनिट के बाद उनका शरीर ऐंठा और फिर ढीला पड़ गया मामी झड गयी थी मैं भी बस किनारे पर ही था तो तेज़ी से चूत पर धक्के लगाते हुए मैं भी झड़ने लगा लंड से निकलती हुवी गरम वीर्य की पिचकारिया मामी की चूत की दीवारो पर गिरने लगी

झड़ने के बाद भी करीब 10-15 मिनिट तक हम दोनो एक दूजे की बाहों मे लिपटे चूमा चाटी करते रहे फिर मामी बोली उठो ज़रा मुझे पेशाब करना है तो वो फिर नंगी ही गेट खोल कर बाहर आ गई और मूतने के लिए बैठ गयी शांत वातावरण मे उनकी चूत से बहते हुए पेशाब की सुर्र्रर सुरर्र करती हुई आवाज़ गूंजने लगी तो मैं भी बाहर आ गया और उनके साइड मे खड़े होकर ही पेशाब करने लगा

मूतने के बाद मामी गाड़ी मे घुसने लगी तो मैने उन्हे पीछे से पकड़ लिया और चूम ने लगा वो बोली बाहर बोहोत सर्दी है अंदर चलो कहीं मेरी कुलफी ना जम जाए मैने कहा थोड़ी देर ठंड मे ही मज़ा लो और उन्हे अपनी बाहों मे चिपका लिया उनकी नंगी चूचिया मेरी छाती से रगड़ खाने लगी तो फिर से मस्ती चढ़ने लगी मैं उनकी गान्ड को दबाते हुए बोला मामी अभी आपको इधर ही चोदता हूँ

वो बोली कितना जाड़ा पड़ रहा है मान ते क्यो नही तो मैने कहा मामी अब मेरी छोटी सी इच्छा भी पूरा नही करोगी क्या तो वो बोली तुम्हारे लिए तो कुछ भी कर जाउन्गी तो मैने कहा फिर जल्दी से लंड को खड़ा कर दो ताकि मैं अपनी प्यारी मामी की चूत ले सकूँ तो वो वही मेरी टाँगो के बीच घुटनो के बल बैठ गयी और मेरे सोए हुए लंड को अपने मूह मे भर के उसे फिर से चुदाई के लिए तैयार करने लगी

मैं बोला मामी कितना अच्छा लंड चुस्ती हो आप तो वो और भी मस्ती से लंड को चाट ने लगी तो लंड भी जल्दी से फॉर्म मे आने लगा करीब 15 मिनिट तक मामी ने लंड को चूसा फिर मामी उठ खड़ी हुवी तो मैने उन्हे कार की डिग्जी पर झुका दिया उनके नरम चूतड़ मेरी तरफ हो गये मामी ने अपनी टाँगों को चौड़ा कर लिया और मैने आगे बढ़ कर अपने लंड को चूत से लगा दिया

अगले ही पल मेरा लंड मामी की चुदासी चूत मे घुसा हुआ था और मामी डिग्जी पर झुके हुए अपनी चूत मरवा रही थी मामी की कसी हुई चूत मे लंड मस्ती से अंदर बाहर हो रहा था मामी की खनकती चूड़ियो को आवाज़ मुझे तो जैसे पागल ही कर रही थी मैं बोला आपकी चूत मे इतना नशा है कि जी करता है कि मेरा लंड कभी चूत से बाहर आए ही ना

तो मामी अपनी तारीफ़ सुनकर खुश हो गयी मैने उनकी कमर मे हाथ डाल दिया और दूसरे हाथ को उनकी चूत पर रख कर आगे से मसल्ने लगा तो कोशल्या मामी बड़ी ही मस्त हो गयी मामी बोली जाड़े मे चुदने का तो मज़ा ही बड़ा अलग होता है अब बिल्कुल भी ठंड नही लग रही है बस तुम्हारे लंड को गर्मी मेरे जिस्म मे फैल रही है मैं बोला मामी अब तो मज़ा आया आपको तो वो बोली हाँ आ रहा है

तेरा ये लंड ही मेरी चूत का असली साथी है काश तू फोज की नोकरी मे ना होता तो किसी भी बहाने से तुझे अपने पास ही रख लेती और खूब चुदवाती पर अब क्या करूँ मेरे भाग ही खराब है और तुझे भी करने को बस फोज की ही नोकरी मिली मैने कहा अब क्या करूँ मामी जो है वो है, फिर मामी बोली मेरे पैर थकने लगे है तो मैं उन्हे गाड़ी के अंदर ले आया और

खुद लेट कर उन्हे अपने लंड पर बिठा लिया तो मामी लंड पर अपनी गान्ड को मटकाने लगी मैने अपनी उंगली मामी की गान्ड मे घुसा दी तो उन्होने अपने चुतड़ों को भीच लिया अब उनके दोनो छेद भरे हुए थे तो और भी मस्ती उनके अंदर भरने लगी मामी पूरे जोश से मेरे लंड पर कूद रही थी चूत के रस से सना हुआ मेरा लंड बड़ा ख़तरनाक हो चला था मैने अपनी गर्दन थोड़ी सी उपर को उठाई और मामी की चूची पर अपना मूह लगा दिया तो वो तिगुनी मस्ती मे डूबने लगी हालाँकि उनकी रफ़्तार थोड़ी कम हो गयी थी पर मस्ती पूरी पूरी थी और अपना हाल भी कुछ उन के जैसा ही था मामी बोली अच्छे से पियो मेरे बोबो को इनको भी बड़ी खुजली मची रहती है इनको आज निचोड़ ही डालो तो मैं अपने दाँत गढ़ाने लगा वहाँ पर पर उस दर्द मे भी उनको बस मज़ा ही मिल रहा था करीब 10-12 मिनिट तक मेरे उपर रहने के बाद मामी बोली अब तुम मेरे उपर आ जाओ

तो मैने उन्हे अपने नीचे ले लिया और उनकी एक टाँग को अपने कंधे पर रख कर चुदाई शुरू कर दी मामी की चूत से बहुत पानी बह रहा था तो पच पच करते हुए मेरा लंड तूफ़ानी गति से मामी को चोदे जा रहा था मैने मामी के कंधो पर अपने दाँत लगाने शुरू कर दिए तो मामी बोली खा जाओ मुझे पूरी की पूरी को आज की रात ऐसी बना दो कि जैसे अपनी सुहागरात ही है

मामी की रसीली बाते सुनते हुए उनको चोदने मे बड़ा ही मज़ा आ रहा था मामी मस्ती मे कुछ का कुछ बक रही थी तो मेरे कानो से धुआ निकल रहा था मामी मेरे नीचे पिस रही थी पर इसमे भी तो मज़ा ही मज़ा था और कोशल्या मामी तो खुद मलाई थी जिसे मैं आज खा रहा था मामी को ये रात पूरी तरह से मेरे नाम थी उनका उस रात बस एक्लोता हकदार मैं ही था और वो भी अपनी तरफ से कोई कसर नही रख रही थी

 
अब मामी ने मुझे बुरी तरह से कस लिया था और अपनी टाँगो को वी शेप पर कर दिया तो मेरे लंड पर भी पूरा दबाव पड़ रहा था तो मैं भी सखलन की ओर बढ़ने लगा और शायद मामी भी अपना रास्ता पकड़ चुकी थी तो करीब 5-7 मिनिट बाद मेरे लंड से उसका पानी निकल कर मामी की चूत मे गिरने लगा और तभी उनकी चूत ने भी अपना सबर खो दिया और वो भी झड़ने लगी हम दोनो साथ साथ ही झड गये थे क्या मज़ा आया था मुझे तो उस टाइम

उस चुदाई के बाद मामी ने अपने कपड़े पहन लिए और बोली अब घर चलो बाकी रही सही कसर उधर पूरा कर दूँगी तो मैने भी अपने कपड़े पहने फिर मामी के होटो को चूमा और गाड़ी गाँव के रास्ते पर डाल दी धुन्ध की घहरी चादर छाई हुई थी तो धीरे धीरे ही ड्राइव करना था मैने कहा मामी लंड को तो पकड़ लो तो गाँव आने तक मामी कभी मुझे अपने होटो का रस पिलाती रही और कभी मेरे लंड से खेलती रही

गाँव आने पर मामी ने कहा कि गाड़ी अपने घर की तरफ ले लो तो मैने गाड़ी उनके घर की तरफ मोड़ दी मामी बोली बड़ी जीजी के घर अब सुबह ही चलेंगे रात के ये जो कुछ घंटे बचे है तुम्हारे साथ ही गुज़ार लेती हूँ मैने कहा जैसी आपकी इच्छा है मेरी डार्लिंग और उनकी जाँघो को सहला दिया तो फिर करीब 10 मिनिट बाद हम उनके घर पर थे गाड़ी से उतरे और अंदर गये तो देखा कि कुछ रिश्ते दार बैठक मे पड़े है और कुछ सामने वाले कमरे मे सभी लोग घोड़े बेचकर सोए हुए थे तो मामी ने पर्स से चाबी निकाल कर अपने बेडरूम का ताला खोला और हम अंदर आ गये पूरे घर मे एक सन्नाटा सा फैला हुआ था तो मामी ने दरवाजा बंद किया और कहा कि चलो अपन भी थोड़ा सा आराम कर लेते है

मैने उनकी साड़ी को खोलना शुरू दिया तो वो बोली क्या कर रहे हो मैं पेटिकोट का नाडा खोलते हुए बोला डार्लिंग आज किसे सोना आज तो आपकी चूत गान्ड सबका मज़ा लूँगा पूरी रात तो मामी अपनी कच्छि उतारते हुए बोली मेरे राजा दिन निकलने तक तुम्हारी बाहों मे ही हूँ कर लो कुछ भी तो मैने उनकी गुलाबी रंग की ब्रा को भी खोल दिया और मामी बोली लाइट बंद करके बेड पे चलो

तो मैं उनके चुतड़ों को दबाते हुए बेड पर आ गया मामी ने लाइट बंद कर दी और रज़ाई मे आ गयी रज़ाई मे दोनो नंगे तो फिर शरारत तो करनी ही थी मैं मामी की जाँघो को सहलाते हुए बोला अभी गान्ड मरूं क्या तो वो बोली ठीक है कर लो पीछे भी मैने कहा पहले साथ साथ लंड और चूत को चूस्ते है मज़ा आएगा तो वो बोली जैसे तुम कहो मेरे राजा और हम दोनो69 मे आ गये

मैने जैसे ही अपनी जीभ को लंबा करते हुए चूत और गान्ड दोनो पर घुमा दिया तो मामी ने शरारत करते हुए मेरे सुपाडे पर अपने दाँत गढ़ा दिए तो मैने भी चूत के दाने को काट लिया तो मामी के बदन मे हलचल मच गयी उन्होने पूरी तरह से अपने पिछवाड़े को मेरे हवाले कर दिया और हम दोनो एक दूसरे के अंगो का टेस्ट करने लगे

रज़ाई का तापमान अचानक ही बढ़ने लगा था मामी ने मेरी गोलियो को अपने मूह मे लिया हुआ था और मज़े से उन्हे चूस रही थी तो लंड मे भी करंट दौड़ने लगा था मामी की मस्त जीभ का टच मेरी गोलियो पर मुझे उत्तेजित करने लगा था दस पंद्रह मिनिट तक मैं और मामी लंड चूत की चुसाइ करते रहे फिर मामी बोली बस अब तुम गान्ड मारलो फिर मैं चूत भी मर्वाउन्गी

तो मामी उल्टी हो कर लेट गयी मैने तकिया उनके पेट पर लगाया तो उनके चूतड़ उपर की तरफ उठ गये मैने मामी की गान्ड के छेद पर काफ़ी सारा थूक लगाया और फिर अपने लंड को गान्ड पर रगड़ने लगा तो मामी के चुतड़ों मे थिरकन होने लगी हालाँकि मामा ने पहले से ही उनकी गान्ड को काफ़ी चौड़ी किया हुआ था तो लंड को ज़्यादा परेशानी नही हुई

गान्ड मे जाने मे और बाकी का काम थूक ने कर दिया मेरा लंड मामी की गान्ड मे घुस चुका था और मैं मामी के उपर लड़ गया था मैं मामी के कान मे बोला कम गान्ड दिया करो मामा को तो वो बोली क्या करूँ उन्हे पता नही कहाँ से लत लगी है कि बस गान्ड ही चाहिए उन्हे तो क्या करूँ मैने कहा वो बाद मे सोचना अभी तो बस हम दोनो ही है

मैं उनके सेब से गालो को चूमते हुए गान्ड मे लंड को अंदर बाहर करने लगा तो मामी के चूतड़ भी हिल हिल कर रेस्पॉन्स करने लगे बेशक थोड़े छोटे चूतड़ थे साइज़ मे पर थे एक दम मस्त तो मामी की गान्ड चुदाई शुरू हो गयी थी मामी धीमे धीमे आवाज़ करते हुए अपनी गान्ड मरवाने लगी मैं उन पर लड़ हुए पूरी मस्ती लेते हुए मामी से प्यार भरी बाते करते हुए मामी की गान्ड मारे जा रहा था मामी ने भी अपनी गान्ड का दरवाजा मेरे लिए खोल दिया था तो काफ़ी देर तक मैं गान्ड मारता ही रहा फिर वो बोली अब चूत मे भी डाल दो ना उधर भी गर्मी बढ़ रही है तो मैने मामी को पलट दिया और अपने लंड को चूत के दाने पर रगड़ने लगा तो मामी को करंट लगना शुरू हो गया

थोड़ी देर चूत पर लंड को रगड़ने के बाद मैने उसे फिर से मामी की चूत मे डाल दिया और मामी मे समा गया उस रज़ाई के अंदर हमारे दो जिस्म एक दूसरे मे समाए हुए उन आनंद दायक पलों को जी रहे थे मैं मामी के उपर छाया हुआ था तो वो मेरे नीचे होकर भी मज़ा ले रही थी मामी की करारी चूत बहुत फड़ फडा रही थी उस रात हमारे होठ फिर से आपस मे लॉक हो गये थे और बेड के गद्दे को हिलाते हुए हम दोनो लगे हुए थे एक दूसरे के साथ

 
मामी कोषल्या भर भर के अपनी जवानी के प्याले मुझ पर लूटा रही थी आख़िर उनकी चूत भी तो मेरे लंड की प्यासी थी मामी बोली बड़ा मॅजा आ रहा है बस ऐसे ही धीरे धीरे मुझे चोदो तो कभी मैं चूत मारने लग जाता फिर लंड निकाल कर गान्ड मे घुसा देता और मामी भी ऐसे ही मज़ा लेते हुए चुद रही थी आधे घंटे से भी ज़्यादा देर तक हम दोनो चुदाई कर ते रहे

फिर मैने अपने लंड को बाहर निकाला और इस बार उनके मूह मे अपना रस डाल दिया जिसे वो झट से पी गयी तो उस रात सुबह का उजाला होने तक हम दोनो बिना एक पल सोए काम क्रीड़ा करते ही रहे मामी ने वो रात सच मे बहुत यादगार बना दी थी

फिर जब मेहमान लोग जागने लगे तो मामी जो कि बुरी तरह से थकि हुवी थी फ़ि भी वो उनके लिए चाइ बना ने के लिए रसोई मे चली गयी और मैं थोड़ी देर बिस्तर पर ही पड़ा रहा फिर थोड़ा सा उजाला हुआ तो मैं खेतो मे चला गया आया हाथ मूह धोया ठंड तो बहुत ही पड़ रही थी मामी ने कहा चाइ पियोगे तो मैने मना कर दिया और कहा कि मैं बड़ी मामी के घर जा रहा हूँ तो वो बोली ठीक है मैं भी थोड़ी बहुत देर मे आती हूँ

मैं मामी के घर आ गया भाई भी दुल्हन लेकर आ गया था पता चला कि दस पन्दरह मिनिट पहले ही आए है तो मैने भाभी को पकड़ लिया तो वो बोला अबे कहाँ गायब हो गाया था कितनी ज़रूरत थी तेरी उधर मैने कहा यार वो मामी की तबीयत खराब हो गयी थी तो मामा ने उनके साथ भेज दिया था तो मजबूरी हो गयी थी तो वो बोला चल कोई ना

पर तू उधर ही रुकता तो अच्छा रहता मैने कहा कोई ना इधर मस्ती कर लेंगे तो वो बोला हाँ वो तो है वो बोला यार एक झपकी ले लेता हूँ मैने कहा ठीक है फिर मैं जीजा के साथ बाते करने लगा और उधर ही नाश्ता भी कर लिया शादी हो गयी थी कुछ रस्मे बची हुई थी तो उन्ही की तैयारी थी तो अपना क्या काम अपन ने एक खाट प्लाट मे डाली और लेट गये

बुग्गी आ गयी मेरे पास और बोली मैं तो शाम तक जा रही हूँ मैने कहा कहाँ जा रही है तो वो बोली कि शादी हो गयी अब चलते है मैने कहा आज आज रुक जा तो वो बोली नही यार आज आज तक की ही छुट्टी है कल होटेल जाना होगा तो दोपहर तक निकल जाउन्गी तो रात तक जयपुर मैने कहा यार रुकती तो अच्छा लगता तो वो बोली मेरा अड्रेस देकर जाउन्गी कभी भी आ जाना

मैने कहा तेरी मर्ज़ी है वैसे मैं भी कल ही निकलने वाला हूँ फिर दूल्हा दुल्हन मंदिर जा रहे थे तो उनके साथ जाना पड़ा फिर भाभी की मूह दिखाई की तो दोपहर इन सब मे ही हो गयी थी बुग्गी के जाने का समय हो गया था तो फिर उसको शहर जाने वाली जीप तक बिठाने चला गया और वादा किया कि जब भी फुरसत होगी पक्का आउन्गा उस से मिलने के लिए

उसको जाते हुए देखता रहा पर अच्छा नही लगा जाना उसका पर कर भी तो क्या सकता था जाना भी ज़रूरी था शाम होने लगी थी ये सर्दियो के दिन भी कितनी जल्दी ढल जाते है पता ही नही चलता है बुग्गी को बिठा कर आ रहा था तो रास्ते मे लिली के दर्शन हो गये पूछा कहाँ तो बोली ज़रा दुकान तक आई थी मैने कहा यार कल चला जाउन्गा तो आज दे दे

वो बोली जगह कहाँ है , मैने कहा खेत मे या छप्पर मे वो बोली ना रिस्क नही लेना वो कुछ सोचके बोली कि आज भाई शायद खेत मे पानी देने जाए अगर वो गया तो मैं उपर चॉबारे मे तुझे बुला लूँगी मैने कहा मैं इंतज़ार करूँगा कुछ रिश्तेदार चले गये थे कुछ रह गये थे पापा ने कहा घर चलेगा क्या तो मैने कहा नही आ सकता छुट्टिया बस शादी तक ही थी

तो वो बोले पर अगली बार पक्का आ जाना मैने कहा जी ठीक है फिर कुछ ऑर मुद्दो पे भी बाते हुई पर पता नही क्यो मैं थोड़ा सा कट सा रहा था उनसे आज रात भाई की सुहागरात थी तो ऐसे ही उसके मज़े लिए जा रहे थे चुस्कियो का दौर चल रहा था अब अपन भी शामिल थे तो तगड़ा वाला टाइम पास हो रहा था फिर डिन्नर के बाद सबने अपने अपने बिस्तर ले लिए थे चॉबारे में

तो भाई के लिए बुक हो गया था तो मैने अपना डेरा नीम के पास वाले कॉटडे पर डाल लिया आधी रात तो ऐसे ही सबसे बाते करने मे बीत गयी थी फिर एक एक करके सब लोग बिस्तर मे घुस गये पर मुझे नींद नही आ रही थी मैने लिली को कॉल की तो उसने दबी दबी आवाज़ मे कहा कि भाई घर पर ही है तो वो नही आ सकती पर मुझे तो चूत की आग लगी थी मैने कहा तू अभी कहाँ है

तो वो बोली मैं तो नीचे वाले कमरे मे हूँ मैने कहा तेरे पास कॉन है बोली अकेली हूँ मैने कहा तो गली वाला दरवाजा खोल दे मैं तेरे कमरे मे आ जाता हूँ और किसी को पता भी नही चलेगा तो वो बोली चल ठीक है तेरे लिए रिस्क ले रही हूँ पर करते ही चले जाना मैने कहा ठीक है तो फिर दस मिनिट बाद मैं गली मे चला गया दरवाजे को छूते ही वो अंदर को झूल गया तो मैं कमरे मे दाखिल हो गया

उसने झट से दरवाजा बंद किया और बोली जल्दी से कर्लो और फिर जाओ कहीं बापू या कोई घरवाला ना जाग जाए मैने उसका हाथ पकड़ा और बेड पर ले आया उसने सलवार का नाडा खोलकर नीचे सरका दी अंदर कच्छि नही थी तो मैं चूत को सहलाने लगा उसने मेरे पयज़ामे को नीचे सरका के मेरे लंड को थाम लिया और हिलाने लगी

 


मेरी दो उंगलिया उसकी चूत मे घुसी पड़ी थी तो उसने अपनी जाँघो को भीच लिया और मेरी मुट्ठी मारने लगी मैने उसके सूट को उतार दिया और ब्रा भी उसकी चूचिया हवा मे झूल ने लगी मैने उनको दूसरे हाथ से दाबना शुरू कर दिया तो लिली भी गरम होने लगी मैने अपना मूह उसकी चूची पर लगा दिया तो लिली और ज़ोर से मेरे लंड को हिलाने लगी

कुछ देर तक ऐसे ही चलता रहा फिर मैं भी नंगा हुआ और उसके बदन से खेलना शुरू कर दिया वो मेरे लंड को चूत पर रगड़े जा रही थी मैने कहा जल्दी क्यो कर रही है तो वो दबी आवाज़ मे बोली कोई आ जाए ना मैने कहा कोई नही आएगा और उसके होठ चूम लिए अब गरम तो वो थी ही उसने अपनी टाँगे फैला दी तो मैने भी बिना देर किया अपने लंड को जन्नत के दरवाजे पे लगा दिया

गीली चूत मे लंड घुसता ही चला गया लिली मुझसे चिपक गयी और लंबी लंबी साँसे लेते हुए चुदने लगी फिर जब चुदाई का दौर शुरू हुआ तो वो भी अपना सारा डर भूल गयी और मेरी बाहों मे समाती चली गयी उसके गालो को काट ते हुए मैं उसे चोद रहा था लिली बोली तुम चोदते बहुत अच्छा हो ये तो टाइम खराब है कि मोका नही मिल रहा सही से

वरना पूरा मज़ा लेके ही ससुराल जाती मैने कहा चिंता ना कर और जितना भी मज़ा मिल रहा है ले ले वो मेरी पीठ सहलाने लगी उसको चोदते हुए मैं धीरे धीरे उसके होटो को पीने लगा तो वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी हमारी जाँघो के आपस मे टकराने से ठप ठप की आवाज़ हो रही थी और चूत मे तो लंड अपना कहर ढा ही रहा था तो थोड़ी देर बाद

मैने उसे सरका के बेड के किनारे पर ले आया और उसकी टाँगो को अपने कंधो पर रख कर उसे चोदने लगा तो उसकी छातिया बुरी तरह से हिलने लगी पूरी मजबूती से उसकी टाँगो को थामा हुआ था मैने लिली अपने बोबो को दोनो हाथों से दबाते हुए अपनी चुदाई करवा रही थी मेरा पूरा लंड उसकी चूत के रस से भीगा हुआ था काफ़ी देर तक उसी पोज़िशन मे हम लगे रहे

फिर वो घोड़ी बन गयी और पीछे से चुदने लगी लिली बड़ी ही मुश्किल से अपनी आवाज़ पर कंट्रोल किए हुए थी और मैं बिना किसी कोताही के पूरी रफ़्तार से उसे चोदे जा रहा था लिली की नशीली आँखे मेरी आँखो मे देख रही थी वो बोली कितनी देर लगा रहे हो अब बस भी करो मैने कहा तेरा हो गया क्या तो वो बोली तुम अपना कर लो और फिर जाओ यहाँ से मुझे डर लग रहा है

मैने कहा चुदाई के टाइम नो डर ओन्ली मज़ा ही मज़ा मेरी कॅटटो तो मैने उसकी कमर को कस के पकड़ लिया और तूफ़ानी गति से लिली की चूत को भोसड़ा बना ने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लगी थी अब मैं फिर से उसके उपर आ गया और दना दन चोदने लगा उसके पूरे चेहरे को मैं चूमे जा रहा था और वो मेरे चेहरे को तो करीब 25-30 मिनिट तक हम आपस मे घुत्थम घुत्था रहे

फिर मैने अपना वीर्य उसकी चूत मे छोड़ दिया और उसके उपर ही पसर गया उसने धक्का देकर मुझे साइड मे कर दिया और मैं बेड पर लेट गया वो अपनी सलवार पहनते हुए बोली कर लिया ना अब जल्दी से जाओ मैने कहा थोड़ी देर तो रुक पर आख़िर उसने मुझे अपने घर से निकाल ही दिया मैने एक गाली बकि उसे और वापिस आ गया मैने सोचा कि मूत लेता हूँ तो मैं घर के पीछे की खाली जगह की ओर चला गया और मैने देखा कि

बिर्मा मामी उधर पीछे की दीवार के पीछे मूत रही है तो मेरी आँखो मे चमक आ गयी मैं उधर ही हो लिया मामी मुझे देख कर बोली तुम क्या कर रहे हो इस टाइम सोए नही अभी तक मैने मामी को दीवार से लगाते हुए कहा कि डार्लिंग बाकी बाते बाद मे अभी चूत देनी पड़ेगी तो वो बोली पागल हुए हो क्या इधर कोई भी पेशाब करने आ गया तो मैने कहा मैं कॉटडे मे सोया हूँ

उधर ही चलो ना वो मना करने लगी पर मैं उन्हे ले ही आया और कहा कि मामी थोड़ी देर तो लगेगी ना दे दो ना वैसे भी सभी तो सोए पड़े है कॉन इतने जाड़े मे तुम्हे ही देखने आएगा तो कुछ सोच कर वो बोली कि ठीक है पर कपड़े नही उतारूँगी मैने कहा ठीक है और खुद जल्दी से नंगा हो गया

मामी को रज़ाई मे लिया पर तभी मुझे ध्यान आया कि लंड पर लिली की चूत का पानी लगा है धो लेता हूँ वरना मामी के मूह मे देते ही वो समझ जाएँगी और फिर जवाब नही दिया जाएगा तो मैने कहा अभी आता हूँ और तुरंत ही लंड को धो के आया आते ही मैं मामी के उपर टूट पड़ा मामी के होटो को चबाने लगा तो वो मेरे लंड को सहलाने लगी

मैं बोला मामी नंगी हो जाओ ना कितनी मस्त हो आप तो थोडा बहुत चापलूसी करके उनको नंगा कर ही दिया मैने मामी को अपने उपर लिटा लिया और उनकी गोल मटोल गान्ड को सहलाने लगा वो बोली जल्दी कर्लो मैने कहा आज माँ बेटे दोनो चुदाई का मज़ा लेंगे चॉबारे मे अशोक चूत मार रहा है और इधर उसकी मम्मी चुदेगि तो मामी शरमाते हुए बोली कामीने हो तुम पक्के वाले

मामी मेरे लंड को सहलाते हुए बोली ये हमेशा ही तना हुआ रहता है क्या मैने कहा जब आप जैसी गान्डस पास मे होतो इसका क्या कसूर है मामी बोली बाते ना करो चुदाई शुरू कर लो जल्दी से मैने मामी की चूत को पीना शुरू कर दिया तो दो मिनिट मे ही वो फुल गरम हो गयी और लंड लंड करने लगी अब मैने उनको टेढ़ी किया और पीछे से लंड को चूत मे डाल कर चूत मारने लगा बिर्मा मामी की लॅप लपाती हुई चूत मेरे लंड को खाने लगी थी और मेरे हाथ उनके बोबे दबा रहे थे मामी को उस पोज़िशन मे चुदना बेहद ही पसंद था क्योंकि ऐसे वो लंड को अंदर तक फील कर पाती थी और अपने को मामी की गरम चूत से मतलब था तो थोड़ी देर बाद मैं उपर आ गया मामी अपनी कमर को उचका उचका कर चुद रही थी

 
आख़िर इतना एक्सपीरियेन्स तो था कि मुझे जल्दी से झडा दे वो उनके होटो को तो चबा ही डाला मैने और नीचे मेरे लंड ने उनकी चूत की रेल बनाई हुई थी जैसे ही मामी झड़ने लगी मैने अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी वो पूरा मज़ा लेते हुए झड रही थी और फिर साथ साथ ही मैं भी ढेर हो गया

मैं तो मामी को रोकना चाहता था पर वो फिर अपने कपड़े पहन कर नो दो ग्यारह हो गई तो मैं भी बस सो ही गया अगली सुबह मैं ज़रा देरी से उठा करीब दस बजे के आस पास फिर मैं अंदर गया तो भाई के ही दर्शन हो गये तो उसका रात का हाल चाल पूछा तो उसने बात को टाल दिया मैने कहा यार भाभी से तो मिलवा दे दो बाते हम भी करले तो फिर भाभी से मुलाकात मे ही 11 होगये

भूख भी लग आई थी मैने खाने को कहा तो पता चला कि देर वो जाएगी भाई बोला चल तैयार हो जा फिर मोहदे की रसम के लिए ससुराल चलना है मैने कहा ठीक है तभी मुझे याद आया कि मेरा ब्लेजर तो कोशल्या मामी के घर है तो मैं उधर ही हो लिया वहाँ जाकर पता चला कि रॉकी और दीदी तो अपने अपने कॉलेज जा रहे है मैने कहा यार इतनी जल्दी तो रॉकी बोला भाई बस शादी मे ही आए थे कॉलेज चालू है तो जाना ही पड़ेगा तो पता चला कि मामा भी उनको चोदने के लिए साथ ही जा रहे थे तो मैं रसोई मे मामी के पास गया और कहा कि फिर तो आज की रात तूफ़ानी होगी तो वो बोली चुप रहो अभी तो फिर खाना खा कर वो लोग चले गये मैने मामी को पकड़ लिया तो वो बोली क्या करते हो घर मे अभी कुछ मेहमान अभी भी है तो कंट्रोल करो वैसे भी रात तो अपनी है ही

मैने कहा कि मेरा ब्लेजर इधर ही रह गया तो वो बोली मेर अलमारी मे है अभी देती हूँ मैं फिर चलने लगा तो वो बोली थोड़ी देर रूको मैं भी चल ही रही हूँ तो फिर हम साथ साथ ही बड़ी मामी के घर पर चल दिए कल की चुदाई के बाद बड़ी मामी कुछ ज़्यादा ही लहरा रही थी कोशल्या मामी मज़े लेते हुए बोली इनको क्या हुआ कही कल खुराक तो नही दे दी तुमने

तो मैं बस हँस ही दिया मामी बोली पक्के वाले कमिने हो तुम तो , भाई के साथ जाना था तो उसके लिए ही तैयारिया हो रही थी तभी मिता का फोन आ गया तो मैं साइड मे चला गया बात करने के लिए उसने पूछा कि कब आ रहे हो तुम तो मैने कहा कि कल शाम तक पहुचता हूँ तो वो बोली ठीक है मैं माँ को एक दिन बाद को आने को कह देती हूँ मैने कहा ठीक है आख़िर अब हमे भी तो अपने बारे मे सोचना ही था तो

काफ़ी देर लग गयी उस से बाते करने मे , मैने प्लेट मे खाना डाला ही था कि भाई बोला क्या ठूंस रहा है सासरे मे भी डाइट लेनी है मैने कहा वो तू जाने अब भूख लगी है तो खाउन्गा तो ही हँसी खुशी के महॉल मे टाइम भी साला बड़ी तेज़ी से कट जाता है पता ही नही चला कि कब दो बज गये तो फिर हम लोग भाई की ससुराल के लिए चल पड़े उधर जाकर अपने को तो खैर करना ही क्या था

पर फिर भाई की एक साली थी तो उसी से थोड़ी फ्लर्टिंग चालू हो गयी पर वो ऐसे ही दो पल की चुहल बाजी थी आख़िर हमें तो मूड जाना था पर टाइम पास अच्छा हो रहा था थोड़ी ही देर मे हमें खाना परोस दिया गया उसकी ससुराल वाले बड़ी इज़्ज़त कर रहे थे जबकि मैं बस फॉरमॅलिटीस निभा रहा था मेरे मन मे तो कौशल्या मामी बसी पड़ी थी तो मेरा दिल उधर लगे भी तो कैसे

मैं अपने फोन को छेड़ने लगा तो मुझे याद आया कि सोफीया ने फेसबूक पर अकाउंट बनाया था मेरा तो मैने लॉगिन किया तो देखा कि रोमेनिया से किसी वेनेसा नाम की लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी तो मैने उसकी प्रोफाइल देखने के बाद उसे एड कर लिया और संयोग से वो उस टाइम ऑनलाइन थी तो हेलो हाई के बाद हमारी बाते शुरू होने लगी तो पता चला कि वो ब्यूकरेस्ट यूनिवर्सिटी मे पढ़ती है और हिन्दी भी सीख रही है

काफ़ी इंप्रेस हुआ मैं उस से तो पता चला कि वो इंडिया आने के लिए काफ़ी टाइम से ट्राइ कर रही है पर वीसा नही लग रहा तो फिर उसने पूछा कि तुम क्या करते हो मैने झूठ बोलते हुए कहा कि क्लर्क हू मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेर्स मे तो उस दस पंद्रह मिनिट की चेटिंग मे ही हमारी एक अच्छी बॉनडिंग सी हो गयी थी उसका स्वाभाव मुझे पसंद आया फिर वो दुबारा मिलने का कह कर चली गयी

मैने सोफीया के लिए मेसेज छोड़ा और फिर लोगआउट कर लिया शाम के 5 सवा 5 बजे हम भाई की ससुराल से गाँव के लिए मूड लिए, तो घर पहुचते पहुचते अंधेरा सा हो गया था घर आकर हाथ-मूह धोया फ्रेश वग़ैरा हुए तो फिर बाते ही चल रही थी कि तभी कोशल्या मामी ने कहा कि आज तुम मेरे घर ही सो जाना बच्चे चले गये है

तुम्हारे मामा भी नही है तो घर खाली खाली सा लग रहा है मेरा भी मन लगा रहेगा तो मैने कहा ठीक है मामी जी फिर वो लोग खाने की तैयारीओ मे लग गये मैं भाई से फिर से मज़ा लेने लगा मैने कहा बता ना कितनी बार ली तो आख़िर उसने बता ही दिया कि 3 बार तो मैं और छेड़ने लगा उसको ऐसे ही बस टाइम कट रहा था फिर मैने भाई को बताया कि

कल मैं भी निकल जाउन्गा तो वो बोला यार रुक ना इधर ही तो मैने कहा यार तुझे तो पता ही है कि कैसे जुगाड़ किया था छुट्टियो का अब जाना तो पड़ेगा ही सिविल महकमे मे थोड़ी ना है अपन और वैसे भी अपनी मर्ज़ी कहाँ चलती है अब काम पर वापिस जाना तो होगा ही तो वो बोला ठीक है पर टच मे रहना मैने कहा हाँ यार फिर डिन्नर के बाद मैं मामी के साथ उनके घर आ गया

 


गहरे नीले रंग की साड़ी मामी के गोरे रंग पर क्या खूब फॅब रही थी मामी और मैं बस वेट कर रहे थे कि लोग कब सोए तो करीब साढ़े 9 बजे हम लोग उनके बेडरूम मे आ ही गये मामी और मैं बेड पर बैठे थे उन्होने पूछा सच मे तुम कल जा रहे हो मैने कहा जी हां अब जाना तो होगा ही वो बोली कुछ दिन और नही रुक सकते क्या

मैं उनको अपनी बाहों भरते हुए बोला मेरी प्यारी डार्लिंग अब नोकरी भी तो ज़रूरी है ना और फिर पक्का वाला प्रोमिस करता हूँ कि जब भी छुट्टी मिलेगी तो सबसे पहले आके पास ही आता हूँ तो वो बोली हर बार ऐसा ही कह कर निकल जाते हो फिर मैं इंतज़ार करती रह जाती हूँ मैने कहा मामी अभी पक्का आउन्गा तो वो खुश हो गयी मैं उनकी गोदी मे सर रख कर लेट गया

मामी मेरे बालो मे अपना हाथ फिराते हुए बोली ये मत सोचना कि मामी बस चुदाई के लिए ही तुझे चाहती है मामी प्यार भी बहुत करती है तुमसे मैने कहा पता है मुझे मैं मामी की नाभिमे अपनी उंगली डालने लगा तो मामी भी गरम होने लगी उन्होने अपना पल्लू हटा दिया तो उनकी चूचिया नुमाया होने लगी थी मामी ने अंगड़ाई लेते हुए अपने ब्लाउज को भी उतार कर बेड के साइड मे रख दिया

तो मैं उनकी गोद मे लेटे लेटे ही उनके बोबो से खेलने लगा मामी की आँखो मे नशा भरने लगा तो फिर मैने उन्हे बेड पर पटक दिया और उनकी चुचियों को सहलाते हुए चूमने लगा तो उनकी निप्पल्स अकड़ने लगी और फूल कर बाहर को निकल आई तो मैं बारी बारी से दोनो चूचियो का दूध निकालने की कोशिश करने लगा मामी की सिसकारिया कमरे मे गूंजने ने लगी

मैं उनके बोबो से खेल ही रहा था कि तभी बिजली चली गयी मामी उठी और लालटेन जलाने लगी उनकी नंगी पीठ मेरी तरफ थी बड़ी ही कामुक लग रही थी वो लौ की रोशनी मे तो मैने उनके पीछे जाकर उनको अपनी बाहों मे जाकड़ लिया और उनकी नंगी पीठ पर अपने तपते होतो से चुंबन जड़ दिया मामी अपनी गान्ड को पीछे करके मेरे लंड पर रगड़ने लगी

मैं उनके पेट को सहलाने लगा कितनी नरम खाल थी उधर की पेट को सहलाते सहलाते मैं उनकी गर्दन के पीछे वाले हिस्से को चूमने लगा तो मामी ने मस्ती के मारे अपनी आँखे बंद कर ली और अपना हाथ पीछे ले जा कर पॅंट के उपर से ही मेरे लंड को दबाने लगी और मैं बस उनके पेट को सहलाए जा रहा था धीरे धीरे से सुरूर चढ़ने लगा था

फिर मैं अपने हाथ उपर की ओर ले गया और उनकी नुकीली चूचियो पर रख कर उन्हे मसल्ने लगा तो मामी के मूह से आह निकल गयी मुझे तो कोई जल्दी थी ही नही तो मैं बड़े ही आराम से उनकी चूचियो की घुंदियो से खेल रहा था मामी के बदन मे उत्तेजना का नाग अपना फन उठाने लगा था फिर मैने मामी की साड़ी और पेटिकोट को खोल कर वही फर्श पर पटक दिया

लाल पैंटी जो कि बहुत ही छोटी सी थी क्या खूब फॅब रही थी उनकी जाँघो पर तो मैने पैंटी के अंदर हाथ डाला और उनकी चूत को सहलाने लगा तो मामी और भी मस्त होने लगी उनकी टाँगो मे सुर सुराहट होने लगी थी जैसे ही मेरे अंगूठे ने उनकी चूत के दाने को छुआ तो मामी का सबर जवाब दे गया वो पलटी और मुझसे चिपकते हुए किस करने लगी

मैं उनको चूमते चूमते उनके चुतड़ों को दबाने लगा तो मामी मुझसे और भी चिपट गयी मामी के बत्तख़ से होटो को चाटने का मज़ा ही कुछ निराला था एक बेहद ही पॅशनॅटिक किस के बाद मामी बेड पर आ गयी मैने उनकी पैंटी को उतार कर फैंक दिया और फिर अपने कपड़े भी उतार दिए मामी ने अपनी जाँघो को फैला दिया उनकी लॅप लपाती हुई चूत के दर्शन होते ही लंड महाराज भड़क ने लगे

 
Back
Top