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Guest
दूसरी तरफ मुझे भी वापिस जाना था मैने फिर से बॉस से बात की तो उन्होने कहा कि तेरा काम हो गया है एक दो दिन मे तेरी दोस्त को ट्रान्स्फर लेटर मिल जाएगा , मैने कहा तो सर मैं उसको लेकर ही वापिस आउन्गा तो वो बोले हाँ पर एक मिशन भी रेडी है आते ही काम पर लग जाना मैने कहा पक्का सर बस इधर का काम निपटा लूँ तो दोस्तो तीन दिन मे आख़िर निशा का तबादला देल्ही हो ही गया
फिर दो दिन बस समान पॅक करने मे लग गये पॅकर्स & मोवेर्स को मैने अपना देल्ही का अड्रेस दे दिया था एक अकेली जान का भी इतना ज़्यादा समान हो सकता है मैने सोचा नही था तो फिर समान देल्ही के लिए लोड करवाने के बाद फिर हुँने भी देल्ही की फ्लाइट पकड़ ली हालाँकि निशा ट्रेन से ट्रॅवेलिंग करना चाहती ती पर मेरे पास टाइम नही था काफ़ी काम पेंडिंग छोड़ा हुआ था मैने
तो फिर रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे के आस पास हम लोग पालम एरपोर्ट उतर गये फॉरमॅलिटीस पूरी की फिर कॅब लेकर घर पर आ गये लॉक खोला तो धूल भरे घर ने हमारा स्वागत किया निशा बोली कैसा हाल कर रखा है तुमने इधर का तो मैने कहा यार वो मैं कई दिनो से आया ही नही हूँ इधर तो इसीलिए तो वो बोली चल कोई नही मैं सफाई कर लेती हूँ
तो मैने मना करते हुए कहा कि अरे नही तुम भी थकि हुवी हो मैं खाना ऑर्डर करता हूँ सफाई वफ़ाई बाद मे करेंगे तो निशा बोली मनीष मेरी एक विश पूरी करोगे , मैने कहा यार ये भी कोई कहने की बात है क्या तो वो बोली मैने देल्ही की चाँट के बारे मे बड़ा सुना है पर कभी मोका नही लगा तो मैं आज इधर हूँ तो अभी मेरा बड़ा दिल कर रहा है
मैने कहा बस इतनी सी बात चल फटा फट से कपड़े चेंज करले फिर चलते है बाहर तो वो बोली 12 हो रहे है रात के , और मैने सुना है कि देल्ही की रात सेफ नही होती तो हम फिर कभी चलेंगे मैने कहा यार चल अभी पर वो मना करने लगी तो मैने फिर जब खाना ऑर्डर किया तो निशा के लिए कुछ स्पेशल ऑर्डर कर दिया बस अब देखना था कि जब वो खाने का पॅकेट खोलेगी तो उसका क्या रियेक्शन होता है
दरअसल मैने रेस्टोरेंट से डिन्नर के साथ साथ कुछ चाट, पपड़ी और दही भल्ले, आलू टिक्की जितनी चीज़ो के भी नाम मुझे याद थे सब का ऑर्डर कर दिया था जब तक निशा नहा कर बाहर आई मैने थोड़ी बहुत सफाई कर दी थी अब था अकेला बंदा तो मेरे पास इतना कुछ फर्नीचर भी नही था बल्कि मैं तो सोता भी नीचे ही था गुड दी बिछा कर
मैने कहा निशा आज आज अड्जस्ट कर ले कल ही मैं तेरे लिए बेड खरीद लाउन्गा तो वो बोली कोई बात नही , और फिर वैसे भी दो चार दिन मे मेरा सामान भी आ ही जाएगा तो हम वो ही शेर कर लेंगे , सच मे यार उसकी ये सादगी ही उसकी खूबसूरती थी वरना एक बॅंक ऑफीसर के कितने नखरे होते है आप समझ सकते है ही पर सबसे अलग थी मेरी निशा
तो फिर जैसे ही ही डेलिवरी बॉय खाने का पार्सल देने आया तो मैं बहाना बना कर बाथरूम मे घुस गया और निशा को कहा की पार्सल कलेक्ट कर ले जब मैं वापिस आया तो निशा ने डिन्नर प्लेट्स मे लगा दिया था मुझे देखते ही वो उठी और मेरे सीने से लग गयी और बोली मनीष कितना ख़याल रखते हो मेरा, इतनी भी फिकर ना किया करो मेरी अगर मुझे तुम्हारी आदत हो गयी तो
मेरा जीना मुश्किल हो जाएगा पिछले कुछ दिनो मे पता है मैं एक अलग ही तरह की ज़िंदगी जी रही हूँ तुमने एक पल मे ही मेरी ज़िंदगी के मायने बदल दिए है मैं उसके बालो मे हाथ फिराते हुए बोला निशा तुम्हे क्या पता कितना अधूरा था मैं तुम्हारे बिना जानती हो जब भी गाँव जाता था तो मंदिर की बगीची मे मैं घंटो बैठ कर बस तुम्हारे साथ बिताए हुए पॅलो को याद किया करता था
कभी कभी तो ये सोच कर कि तुम पास हो ख़यालो मे ही तुमसे गुफ़्तुगू करने लग जाता था जब भी मैं तन्हा हो ता था हर पल बस तुम्हारा ही ख़याल होता था बस यही सोचता रहता था कि कहाँ गयी तुम , किस हाल मे होगी ये कहते कहते मेरी आँखो मे पानी आ गया तो निशा मेरे आँसू पोछते हुए बोली अब मैं साथ हू तुम्हारे चलो अब आओ और खाना खा लो ,
ठंडा हो रहा है और वैसे भी रात काफ़ी हो गयी है तो मुझे नींद भी आ रही है तो फिर हम ने अपना भोजन किया और फिर बिस्तर पर आ गये फिर बात करते करते पता ही नही चला कि कब नींद आई पता नही कितने बज रहे थे कि मेरी नींद खुल गयी दरअसल हुआ हूँ कि सोते सोते निशा ने अपनी एक टाँग मेरे उपर रख दी थी और मुझसे बिल्कुल छिपकर कर सो रही थी
उसकी गरम साँसे मुझे मदहोश करने लगी थी पर मैं अपनी भावनाओ को कंट्रोल करना चाहता था कही निशा मुझे ग़लत ना समझ ले और फिर अपनी भावनाए वैसे भी भड़क जाए तो फिर प्राब्लम हो जाती है तो मैने उसे अपने से परे किया पर उस दो पल मे ही मेरी धड़कने बढ़ गयी थी, तो फिर मैने करवट बदली और सो गया अगली सुबह मुझे एजेन्सी मे रिपोर्ट करनी थी
तो मैने निशा को कुछ ज़रूरी बाते बताई पास वाली मार्केट का अड्रेस दिया और फिर कहा कि मुझे आते आते रात हो जाएगी तो तुम देख लेना फिर मैं ऑफीस आ गया कुछ पुरानी फाइल्स रीड की बॉस आए नही थी अभी तक मुझे मेरी रिपोर्ट भी सब्मिट करनी थी तो दोपहर बाद वो आए कुछ परेशान लग रहे थे उन्होने मुझे कॅबिन मे बुलाया और एक प्रॉजेक्ट की फाइल देते हुए कहा कि इस फाइल को अच्छे से रीड कर्लो और अपनी बेसिक तैयारी कर्लो मैने कहा सर मैं मॅटर देख लेता हूँ तो मैं अपनी डेस्क पर आया और फाइल को रेड करने लगा और जैसे जैसे मैं वो सब पढ़ता गया मेरे माथे पर एक शिकन आ गयी कहाँ मैं सोच रहा था कि निशा के साथ टाइम स्पेंड करूँगा और कहाँ अब ये नया प्रॉजेक्ट पूरा करना था मैं बॉस के कॅबिन मे गया
और पूछा सर हमें कब निकलना है तो उन्होने कहा परसों चलते है मैने कहा यस सर फिर कुछ और मुद्दो पर डीस्कस्स करने के बाद मैं वापिस आ गया और कुछ इन्फर्मेशन्स को रीड करने लगा काम करते करते रात के दस बज गये थे तो फिर मैने अपना बॅग उठाया और घर की ओर हो लिया जब मैने बेल बजाई तो उस प्यारी सी लड़की ने दरवाजा खोला और मुस्कुराते हुए मेरा स्वागत किया