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ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart

आज तो शीला ने रात बना दी थी मैने लंड को थोड़ा बाहर निकाला और फिर से अंदर घुसा दिया शीला की सिसकारिया मेरा जोश और भी बढ़ाने लगी थी चूत मे लंड जाते ही उसकी सारी लाज़ शरम खो गयी मैने उसके होटो को चूसना शुरू कर दिया था वो भी मज़े से अपने होटो को चुसवाने लगी थी हमारा थूक आपस मे घुलने लगा बस कुछ ही देर मे लंड शीला की चूत मे अड्जस्ट हो गया था

और अब वो मज़े से चुद रही थी उसकी सिसकारिया मूह मे ही क़ैद हो गई थी शीला ने अपनी बाँहे मेरी पीठ पे कस दी और मज़े से अपनी चूत को मरवाने लगी मैं पूरा दम लगा के उसकी चूत मार रहा था बहता हुवा पानी चूत को चिकनाई प्रदान कर रहा था शीला ने अपने होंठ छुड़ाए और बोली जी बस ऐसे ही करिए बहुत दिन बाद आज मन की मुराद पूरी हो रही हैं वो तोमेरि तरफ देखते भी नही हैं मेरी बिल्कुल कदर नही करते है आपका बहुत धन्यवाद जो अपने मुझे ये ख़ुसी दी मैने अपने मन मे सोचा कि रे पगली थॅंक्स तो मुझे कहना चाहिए क्योंकि मेरे लिए एक और चूत का जुगाड़ हो गया था मैं ताबड तोड़ उसे चोदे ही जा रहा था

शीला ने अपनी टाँगो को मेरी कमर पे लपेट दिया और अपने चूतड़ मटकाते हुए मेरे हर धक्के का जवाब देने लगी कमरे मे गर्मी एक दम से बढ़ गई थी शीला की मस्त चुदाई पूरे ज़ोर से चालू थी तभी उसने मुझे अपनी बाहों मे बुरी तरह कस लिया और मुझसे चिपक गयी उसके चुतडो की थाप ढीली पड़ गयी थी चूत की फांके फड़फदाई और वो निढाल हो गयी मैं समझ गया कि वो झाड़ गयी हैं पसीना उसके माथे से बह रहा था पर मैं नही रुका मैं उसे लगातार चोदे ही जा रहा था वैसे तो मेरा भी इतने टाइम तक निकलजाता हैं पर पता नही क्यों उस टाइम मुझे टाइम लग रहा था मैं बस शीला को चोदे जा रहा था शीला अब हाई हाई करने लगी थी

चूत का पानी भी सूखने लगा था जिस से घर्षण मे परेशानी सी हो रही थी तो मैने लंड को बाहर निकाल कर उसपे थूक लगाया और फिर से चूत मे धकेल दिया मैं शीला को ऐसे चोद रहा था कि वो मेरा लास्ट सेक्स हो शीला भी थोड़ी परेशान होने लगी थी पर मैं नही रुका तभी वो बोली मुझे चोदो चोदो मैने कहा क्या हुआ बस कुछ ही देर की तो बात हैं तो वो बोली जी मुझे दो मिनिट जाने दो मैने कहा नही तो वो बोली जी कहीं मेरा मूत ना निकल जाए मैने शॉट मारते हुए कहा निकलने दो मैं पी जाउन्गा वो सोची कि मैं मज़ाक कर रहा हू वो अब बुरी तरह से मचलने लगी थी वो लरजते हुए बोली जी मैं अब ना रोक सकूँगी और उसका बदन ऐंठने लगा

 


मैने लंड को झट से बाहर निकाला और अपना मूह उसकीचूत पे लगा दिया कुछ पलो बाद एक गरम धार मेरे मूह मे आके गिरी खारा सा मूत मुझे बहुत अच्छा लगा मैने शीला का सारा पेशाब पी लिया जैसे वो कोई जूस हो मैं पूरा खारा पानी गाटा गट पी गया शीला के चेहरे पे हैरानी के भाव थे वो बोली आप बहुत ही गंदे हो ऐसा भी भला कोई करता हैं क्या तो मैने कहा तुम बस देखती जाओ क्या क्या होता हैं और उसकी टाँगो को चौड़ी करते हुए दुबारा से लंड को अंदर डाल दिया मैं उसे बहुत ही बेदर्दी से चोदे जा रहा था मैं अपनी मंज़िल को हर हाल मे पाना चाहता था मैने कुछ धक्के और लगाए और शीला पे गिर गया

लगा जैसे मेरी जान ही निकल गयी हो लंड से वीर्य की पिचकारी निकले ही जा रही थी जो उनकी चूत मे समाती जा रही थी उनकी चूत ने वीर्य की एक एक बूँद को अपने अंदर समेट लिया बहुत देर तक मैं उनके उपर ही पड़ा रहा शीला मुझसे किसी छोटी बच्ची की तरह चिपकी पड़ी थी आज उसने एक अलग तरह से चुदाई के सुख को प्राप्त कर लिया था मैं भी उसे चोद के तृप्त हो गया था

मैने शीला के चुतडो पे हाथ फेरते हुए पूछा कि मज़ा आया तो वो बोली मेरे ब्याह को इतने दिन हो गये पर आज तक ऐसे कभी नही चुदि हू मैने उसके चुतडो को मसल्ते हुए कहा अब तो आदत डाल लेना अब ऐसी चुदाई बार बार होगी तुम्हारी ये सुनके उसने मेरे सीने मे अपना मूह छुपा लिया मेरी उंगलिया उसकी गान्ड की दरार से होती हुवी छेद तक पहुच गयी थी मैने गान्ड के छेद मे उंगली फसाई तो वो बहुत ही ज़्यादा टाइट था मैने पूछा कि भाभी कभी यहा पे लंड डलवाया है तो वो बोली अरे ये तो टट्टी की जगह है यहाँ कोई थोड़ी डालता हैं मैं बोला रे मेरी प्यारी तू कितनी भोली हैं अपनी जवानी को यूँ ही बर्बाद कर रही थी अब तू सही ठिकाने पे आई हैं देख मैं तुझे कितना मज़ा देता हू

वो बोली जी आप चाहे कुछ भी करो बस मेरी बदनामी ना होनी चाहिए मैने कहा तू बस मज़े ले और बाकी मुझ पे छोड़ दे वो बोली चलो अभी सो जाते हैं तो मैने उसे रोका और कहा आज ना सोउंगा ना तुझे सोने दूँगा मेरी रानी और उसका हाथ मे अपना लंड दे दिया मैं कहा अभी तो तेरी गान्ड भी फाड़नी हैं मुझे वो बोली मैं गान्ड नही मारने दूँगी

मैं उसके उपर आया और उसके होटो पे अपनी जीभ फेरने लगा शीला ने अपने मूह को खोला और मेरी जीभ को अंदर ले लिया और उसकी ज़ुबान मेरी से टकराने लगी एक मिठास सी मेरे मूह मे भरने लगी थी मेरा पूरा वजन शीला की चूचियो पे पड़ रहा था

 


काफ़ी देर तक मैं उसे किस करता रहा शीला की सांसो का भार बढ़ गया था अब मैने उसे टेढ़ी किया और उसके पीछे आके लेट गया मेरा लंड उसकी गान्ड से टकरा रहा था शीला के पसीने की उठती खुसबू मुझे मदहोश कर रही थी मैने एक हाथ उसकी साइड से निकाला और उसकी एक चुचि को पकड़ लिया और उसे दबाने लगा शीला की गान्ड खुद ही पीछे हो गयी जिसकी गर्मी पाकर मेरा नागराज बेकाबू होने लगा था मैने उसे शीला की गान्ड मे थोड़ा फिट किया मेरे होठ उसकी गर्दन को चूमने लगे थे एक हाथ उसकी चूची को दबाने मे व्यस्त था तो मैने दूसरे हाथ को उसकी चूत पे रख दिया और उसके दाने को छेड़ने लगा शीला जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी थी

वो बोली जी मुझसे कंट्रोल नही हो रहा हैं जल्दी से चोदो मुझे मैने कहा अभी तो शुरुआत हुई हैं अंजाम तो बाकी हैं और उसकी चूत को अपनी मुट्ठी मे भर के मसल्ने लगा एक गरम औरत की मस्त जवानी और वो भी सर्दियों की रात महॉल तो जबरदस्त था ही मैने दो उंगलिया उसकी चूत मे एक साथ घुसेड दी और उन्हे अंदर बाहर करने लगा शीला मेरी बाहों की क़ैद मे मचल रही थी मेरी उंगलिया उसके रस से पूरी भीग गयी थी कुछ देर तक दोनो उंगलियो को अंदर बाहर करने के बाद मैने उन्हे चूत से निकाला और शीला के मूह मे डाल दिया वो अपनी ही चूत का रस चाटने लगी ये सीन देख के मेरे रोम रोम मे वासना और प्रबल हो गयी

मैने अब उसकी एक टाँग को थोड़ा उँचा उठाया और अपना लंड उसकी गीली चूत पे टिका दिया लंड को अपने मूह पे महसूस करते ही चूत के होंठ अपने आप खुल गये और लंड अपना रास्ता बनाता हुवा शीला की चूत की सैर करने लगा मेरे दोनो हाथ उसकी चुचियों पे कस चुके थे शीला मस्ती के आलम मे खोने लगी थी उसकी गरम आहिीईईईईई चुदाई का जोश बढ़ा रही थी किसी पतीली औरत को टेढ़ी करके चोदने मे बड़ा ही मज़ा आता हैं शीला की चूत लंड पे दबाव डाल रही थी उसकी गर्मी से मेरे लंड की नसे और भी उभर आई थी मैने अब उसकी टाँग को थोड़ा अड्जस्ट किया और अपने शॉटो की गति को बढ़ाने लगा शीला ने अपनी चूत को थोड़ा टाइट कर लिया था

जिस से उसे चोदने मे और भी मज़ा आ रहा था शीला बस आअहह्ा आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआहह ह्यूम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म कर रही थी वो भी धीमी आवाज़ मे .

कुछ देर बाद मैं हटा और उसे फर्श पे खड़ी कर दिया आप मैने उसे गोदी मे उठाया और अपने लंड पे बिठा दिया वो मेरी बाहों मे थी मैने उसे मजबूती से थाम लिया और वो भी अपने कुल्हो को हिलाते हुए लंड पे उपर नीचे होने लगी थी मेरे हाथ उसके चुतडो पे जमे हुए थे इस पोज़िशन मे लंड पूरा उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था चुदाई का ये वाला स्टेप तो बहुत ही जबरदस्त था उसके चूतड़ पसीने से गीले होने लगे थे जिस से उसे थामने मे थोड़ी परेशानी होने लगी थी चूत का पानी बहता हुवा उसकी जाँघो तक आ पहुचा था वो मुझसे किसी छोटे बच्चे की तरह चिपकी हुवी थी उसे काफ़ी देर तक ऐसे ही थामने की कारण मेरी टाँगे दुखने लगी थी तो मैने उसे नीचे उतारा और मेरी स्टडी टेबल पे लिटा दिया अब मैने उसकी टाँगो को चौड़ा किया और एक बार फिर से मेरा लंड चूत की मौज लेने लगा मैं खड़ा खड़ा उसे चोद रहा था शीला बस मेरा साथ दे रही थी मेरे अंडकोष पूरी गति से उसके कुल्हो से टकरा रहे थी कमरे मे हमारी सांसो के अलावा बस थप थप की आवाज़ ही गूँज रही थी 40 मिनिट तक हमारी दमदार चुदाई चलती रही फिर शीला ने अपने घुटने टेक दिए और अपने काम सुख की ओर बढ़ चली मेरा भी बस होने ही वाला था मैने अपने लिंग को बाहर की ओर खींचा और उसे हिलाते हुए अपना वीर्य उसकी चूचियों पे छोड़ दिया

चुदाई के सफ़र मे एक पड़ाव और पार कर लिया था मैने संतुष्टि मेरे चेहरे पे झलक रही थी शीला ने अपनी चोली से चूचियो पे पड़े वीर्य को सॉफ किया और फिर अपने कपड़े पहने लिए मैने कहा कि रूको अभी एक राउंड ऑर चलेगा तो उसने साफ माना कर दिया कि अगर एक बार और चुदेगि तो वो फिर सुबह उठ नही पाएगी मैने भी उसका मन रखते हुए ज़्यादा ज़िद नही की कुछ ही देर मे वो सो गयी और मैं अपनी स्टडी टेबल पे बैठ के अपनी एक और दास्तान को डायरी मे दर्ज करने लगा

काफ़ी देर तक मैं पन्नो को स्याही से भिगोता रहा मेरी आँखो से नींद जैसे रूठ गयी थी मैं बस अपनी धुन मे लगा रहा जब उठा तो देखा कि साढ़े 4 बज रहे हैं मैने शीला को उठाया अपनी आँखो को मल्ति हुवी वो उठी उसे एकदम से कुछ समझ नही आया फिर थोड़ा होश आया तो रात की याद आके वो शरमा गयी मैने उसे कहा कि अब तुम्हे जाना चाहिए मैं उसके साथ उसके घर गया पप्पू गहरी नींद मे सोया पड़ा था मैने शीला को समझाया कि अगर उसे कुछ याद भी आए तो तू बोल दियो की तू तो यही पे सोई पड़ी थी उसने कहा हम तो मैने उसे किस किया और अपने रूम मे आ गया सर्दियों की सुबह थी तो घर वाले भी नही उठे थे मैं बिस्तेर पे लेट गया

और अपनी जिंदगी के बारे मे सोचने लगा मैने सोचा अगर मिता को पता चल जाए कि मैं किस तरफ दोहरी जिंदगी जी रहा हू एक तरफ मेरा दिल था जो बस मिता के लिए ही धड़कता था और दूसरी तरफ मैं ऐसा भँवरा था जो हर फूल का रस चूसने के चक्कर मे रहता था पता नही ये जिंदगी आगे चल के क्या गुल खिलाएगी ये सब सोचते हुए कुछ देर के लिए मेरी आँख लग गयी एक हल्की सी झपकी ली ही थी कि किसी ने बुरी तरह किवाडो को खड खड़ा दिया मैने अधखुली आँखो से किवाड़ खोले तो पापा खड़े थे बोले उठना नही है क्या मैने ताला लगाया और उनके पीछे पीछे घर चल पड़ा सुबह हमेशा की तरह बड़ी ही व्यस्त होती थी स्कूल की तैयारी करना बड़ी ही मुश्किल होती थी

 


उन दिनो स्कूल लाइफ की कभी याद आ जाती हैं तो मूड उदास हो जाता हैं खैर ये सब तो पार्ट है लाइफ के उस टाइम स्कूल जाना बुरा लगता था स्कूल मे कुछ ख़ास दोस्त बन गये थे हमारा एक ग्रूप था जिसमे मैं, मिता, रीना , अजय भाई और नीनु थी अब साला पढ़ाई का प्रेशर भी पड़ने लगा था मुझपे खास कर 24 घंटे बहुत ही कम लगते थे पता ही नही चलता था कि कब अगला दिन आ गया था स्कूल मे एक्सट्रा क्लासस लगनी शुरू हो गयी थी घर आते आते अंधेरा हो ही जाता था बीच मे दो तीन बार शीला की चूत मार ली थी पर वो सब ऐसे ही जल्दी जल्दी मे हुआ था कोई मज़े वाली बात नही थी इसलिए उसका वर्णन नही करूँगा समय अपनी चाल चले जा रहा था

नवेंबर आ चुका था दिन बस कट रही लाइफ बिल्कुल झंड हो चुकी थी बस स्टडी स्टडी और स्टडी मूतने का भी वक़्त नही था चूत के बारे मे सोचना तो बड़ा गुनाह सा था 24 नवंबर को मिता का जनमदिन था मैं उसे कोई गिफ्ट देना चाहता था पर जेब खाली थी मैने घरवालो से 3000 रुपये माँगे उन्होने पूछा कि इतने पैसे क्यों चाहिए अब बता भी नही सकता था जबकि उसके लिए हर हाल मे उसके लिए गिफ्ट तो लेना ही था अब मेरी अंतिम आस मेरी प्यारी चाची थी पर उन्होने भी अपने हाथ खड़े कर दिए बोली पैसो का हिसाब मैं नही रखती पर उन्होने पूछा कि किसलिए चाहिए मैने बताया की मेरी दोस्त का जनमदिन हैं उसे गिफ्ट देना हैं मैने उन्हे मिता के बारे मे बता दिया

उन्होने कहा मैं कुछ करती हू उन्होने अपनी अलमारी खोली और एक चाँदी की चैन मुझे दे दी और बोली कि ये दे देना मैने कहा ये तो बहुत महँगी होगी चाची तो वो बोली तू ले ले और वो चैन मुझे दे दी मैं भी खुश हो गया अब बस इंतज़ार था 24 नवंबर का और आख़िर वो दिन आ ही गया बड़े ही जोरो से उसका बर्थ’डे सेलेब्रेट किया हमारे ग्रूप ने किराए पे कॅमरा लेके आए वो तस्वीरे आज भी जब देखता हू तो दिल मुस्कुरा देता हैं सारी तैयारी कर ही ली थी हम सब स्कूल कॅंटीन मे बैठे हुए थे काफ़ी मस्ती चल रही थी मिता उठी और बाहर की तरफ आ गयी मैं भी उसके पिछे पीछे आ गया मैने उसका हाथ अपने हाथ मे पकड़ा मैं उस से कुछ कहना चाहता था

पर हिम्मत नही हो पा रही थी वो बोली क्या कर रहे हो मैने कहा कुछ नही वो बस हल्का सा मुस्कुरा के रह गयी समझ तो गयी थी वो भी पर मेरे मूह से शब्द निकले ही नही फिर उसने कहा छोड़ो मुझे कोई देख लेगा मैने कहा देखने दो उसने पूछा क्या हक़ है तुम्हारा मैने बस इतना ही कहा कि अपने आप से पूछ लो वो हसी और अंदर चली गयी आज का दिन पूरी तरह मस्ती मे बीता सांझ ढले घर आया कपड़े बदले डिन्नर किया थोड़ी देर घर वालो से गप्पे लड़ाई और फिर अपने रूम की ओर चल पड़ा कमरा खोल के बस थोड़ा समान जो अस्त व्यस्त पड़ा था उसे सेट कर ही रहा था कि शीला ने दस्तक दी मैने कहा तू इस समय क्या????????????????????? तो वो बोली कि आज ये एक शादी मे गये हैं और सुबह ही आएँगे तो मुझे अकेले डर लगेगा आप आ जाओ तो और उसने बात को अधूरी छोड़ दिया मैने कहा तो क्या तो वो बस मंद मंद मुस्कुराने लगी ये एक तरह से उसका मुझे बुलावा था मैने कहा थोड़ा काम हैं और थका हुआ भी हू तो उसने बच्चों जैसे ज़िद करते हुए कहा मुझे नही पता आपको चलना ही पड़ेगा

अब चूत की ज़रूरत किसे नही होती थोड़े नखरे करने के बाद मान ना तो था ही मुझे मैने उसकी पप्पी ली और बोला तुम चलो मैं एक घंटे बाद आउन्गा वो क्या हैं अभी इतना टाइम नही हुआ है कोई आ निकला तो कही दिक्कत ना हो जाए वो खुश होके चली गयी कोई साढ़े 9 बजे मैने ताला लगाया और शीला के घर पहुच गया

जब मैं उसके कमरे मे गया तो वो बिस्तर को ठीक कर रही थी मुझे देख के उसकी आँखो मे चमक आ गयी और वो थोड़ा झुक के पलंग की चादर को ठीक करने लगी उसकी गान्ड मेरी तरफ थी जो हिलती हुई मुझे बुला रही थी मैने कुण्डी लगाई और शीला को पीछे से पकड़ लिया और सीधा उसके बोबो को पुचकार्ने लगा वो बोली आह इन्हे ऐसे ना दबाओ दर्द होता हैं

 


मैने कहा पर मज़ा भी तो आता है तो वो हंस पड़ी मैने बिना देर करते हुए नंगी करना शुरू किया कुछ ही पलो मे उसके बदन पे कपड़ो का नामो निशान भी नही था मैने अपने कपड़े भी उतार दिए शीला मुझे देखते हुए बोली आज तो बड़े उतावले हो रहे हो मैने कहा तेरी चूत मे कम आग लगी हैं क्या जो मुझे बुलाने पहुच गयी थी शीला मेरी ओर बढ़ी

और लंड को अपनी मुट्ठी मे भरते हुए बोली कि मैं तो इसके लिए गयी थी और मेरी गोलियो को भींच दिया मैने भी जोश मे आकर उसकी चूत के बालो को खींच दिया उसके बदन मे दर्द की लहर उठ गयी वो बोली ऐसे कोई करता है क्या मैने बोला तुम करो तो ठीक है मैं करू तो ग़लत मैं पलंग पे बैठा और उसे खींच के अपनी गोद मे बिठा लिया और उसके गालो को अपने दांतो मे दबा लिया मेरा लंड उसकी गान्ड मे सेट हो गया था

मैने उसके गालो को चूसना शुरू किया जी कर रहा था कि उन्हे कच्चा ही चबा जाउ आज मैं पूरी तस्सली से उसे चोदना चाहता था. लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था और बस किसी छेद की तलाश कर रहा था. उसने अपने होठ मेरी तरफ बढ़ाए तो मैने भी रेस्पॉंड करते हुए उसके अधरो को अपने होंठो मे दबा लिया वो मेरे सर के बालो को सहलाने लगी शरीर गरम होने लगे थे होंठ ऐसे चिपके पड़े थे जैसे इस जनम मे तो अलग होंगे ही नही 15 मिनिट का लंबा चुंबन बस चलता ही रहा फिर वो बोली मेरी गान्ड मे ये चुभ रहा हैं

और मेरी गोदी से उतर गयी मैने उसेके हाथ पलंग की पुष्ट पे रखे और उसे चोपाया बना दिया उसके काले काले पर चिकने चूतड़ बाहर की तरफ़ निकल आए थे मैने अपनी जीभ उसकी गान्ड पे फेरनी चालू की उसकी खाल थोड़ी टाइट सी थी मेरे मूह से टपकता थूक उसके चुतडो को और भी चिकना कर रहा था शीला अपनी गान्ड मटका रही थी मुझे उत्तेजित करने के लिए अब मैने उसके चुतडो को थोड़ा फैलाया और और चूत मे एक उंगली उतार दी शीला

सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईीकारने लगी मैने एक झापड़ उसके कुल्हो पे लगाया और उसको थोड़ा और नीचे झुका दिया पानी टपकाती चूत अब मेरी रेंज मे आई , मैने नीचे बैठते हुए उसकी चूत को थोड़ा फैलाया और अपना मूह उस से सटा दिया शीला की टाँगे थोड़ा बॅलेन्स खोने लगी अब मैं पूरी तरह से उसकी टाँगो के बीच आ चुका था मैने अपने होठ उसकी झन्टो से भरी चूत पे रख दिए और उसे चूसने लगा वो

उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई अहाआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ करने लगी उसकी दोनो पंखुड़ियो को मैने अपने मूह मे भर लिया और उन्हे काट ते हुए चूसने लगा मेरे होंठ उसके खारे रस से पूरी तरह भीग चुके थे ज्यो ज्यो मैं उसकी चूत को चाट ता जा रहा था उसके चूतड़ हिलने लगे थे शीला मस्ता गयी थी अब उसकी हिलती गान्ड बड़ी ही प्यारी फीलिंग दे रही थी

इधर लंड भी आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा था मैने उसपे थूक लगाया और शीला की कमर को पकड़ते हुए एक ही झटके मे पूरा लंड चूत मे पहुचा दिया शीला दोहरी हो गयी वो बोली आईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई माआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ

फ़ाआआआआआााअद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड डियीयियैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैयियीयिकाइयेयीययाया हीयीईयी माआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआअ

ऐसे कोई करता है क्या मैने लंड को थोड़ा पीछे खींचा और फिर से एक तगड़ा धक्का मार के उसे वापिस पहुचा दिया शीला कुछ बॅड बड़ाये जा रही थी मैने उसकी गर्दन को चूमते हुए कहा क्यो नखरे दिखाती हैं चूत तो रोड होती है लंड जैसे कितना ही ट्रॅफिक गुज़रे रोड का क्या बिगड़ता हैं

और अपनी कमर को हिलाते हुए चूत पे धक्के लगाने लगा लंड चूत मे अच्छी तरह सेट हो चुका था तो शीला भी अब मज़ा लेने लगी थी उसने अपना मूह थोड़ा पीछे घुमाया तो मैने उसके होंठो को एक बार थाम लिया और चूमने लगा चुदाई का नशा हम पर अब पूरी तरह छा गया था हर धक्के का जवाब वो अपनी गान्ड मचका मचका कर दे रही थी कोई दस मिनिट तक चोदने के बाद मैने लंड को चूत से निकाला वो मेरी तरफ ऐसे देखनी लगी जैसे किसी कुत्ते के आगे से हड्डी छीन ली हो मैं पलंग पे लेटा और उसे अपने लंड पे बैठ ने को कहा उसने लंड को अपने हाथ मे लिया और चूत पे रगड़ने लगी थोड़ी देर तक रगड़ा फिर धीरे धीरे लंड पे बैठ गयी मैं उसकी चूचियों से खेलने लगा कुछ ही देर मे उसने गाड़ी को टॉप गियर मे लगा दिया और मस्ती से सारॉबार होते हुए लंड पे कूदने लगी चूत के रस से लंड पूरा चिकना हो गया था और बड़ी ही तेज़ी से चूत मे फिसल रहा था मेरे हाथ उसके चुतडो पे कसे हुए थे अब मैं अपनी एक उंगली को गीला किया और उसकी गान्ड मे डालने की कोशिस करने लगा पर गान्ड बहुत ही ज़्यादा टाइट थी तो वो जा नही पा रही थी

 
मैने दम लगाया तो थोड़ी सी उंगली गान्ड मे घुस गयी शीला के बदन मे दर्द की लहर चल पड़ी उसने अपनी गान्ड को भीच लिया और बोली क्या करते हो दर्द होता है तो मैने कहा थोड़ी ढीली तो करनी ही पड़ेगी ना आख़िर गान्ड भी तो मारनी है तुम्हारी तो वो बोली वो सब बाद मे देखेंगे अभी मेरी चूत की आग तो बुझाओ पहले तो मैने कहा हाँ मेरी जान तेरी आग बुझाने के लिए ही तो यहाँ हू और उसे अपने उपर से उतार दिया अब वो अपनी टाँगो को विपरीत दिशाओ मे फैलाए पलंग पे पड़ी थी

मैने उसकी गान्ड के नीचे तकिया लगाया और अपने लंड को चूत पे घिसने लगा बेकाबू लंड चूत मे खुद ही रास्ता ढूंढता चला गया अब मैं पूरी तरह शीला पे छा चुका था उसने अपनी बाहें कस दी थी पूरा मज़ा लेते हुए मुझे भी काम सुख प्रदान कर रही थी मेरे हर धक्के पे उसकी चूचिया उछल कूद मचा रही थी दिल कर रहा था कि ये रात कभी ख़तम ही ना हो मेरा लंड चूत का भुर्ता बना ने पे तुला हुवा था शीला की बाहें मुझे ऐसे जकड़े पड़ी थी कि मेरे पूरे शरीर को चूत मे घुसाना चाहती हो

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करते हुए वो अपनी चूत मरवा रही थी वो बस पागलो की तरह आहे भरे ही जा रही थी मैने कहा थोड़ा धीरे कही कोई सुन ना ले तो वो बोली सुन ने दो आज मैं खुल के चुदुन्गि आज मैं अपने मन की करूँगी मैने सोचा ये मान ने वाली नही है

उसके नाख़ून ने मेरी पीठ को बुरी तरह खरोच डाला था वो बस आहें भरे जा रही थी मैं उसके होटो पे अपने दांतो से काटने लगा पर उसने बिल्कुल मना नही किया बोली कुचल दो मुझे आज लूट लो मुझे आज आज मैं दिल खोल के चुदुन्गि बस आईसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स

सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईईीईीईईईईईईईईई

ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई छोद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड

द्द्दद्डूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ

ऊऊऊओचद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड

द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द

द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्डूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ

ऊऊऊऊऊऊमुज्ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्झहह

ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईईईईईईईईईईईईई

ईईईईईईईईईईईईईई और जूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओरर्र्र्ररर

र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर

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ईईईईईईईईईईईईईईईईईईई

चोदो चोदो मुझे मैने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी वो जंगली हो चुकी थी उसकी गान्ड पूरी तरह उपर उठी हुवी थी वो बड़े ही मज़े से चुद रही थी उसका कंपन बढ़ता जा रहा था मैं समझ गया था कि बस किसी भी पल वो झाड़ सकती है मैं पूरे दम से उसे चोदे जेया रहा था कुछ मिनिट ही बीते होंगे की उसने अपने शरीर को टाइट कर लिया वो बुरी तरफ से मुझसे चिपक गयी और एक ठंडी आह के साथ वो झड़ने लगी चूत से पानी बह चला आख़िर कब तक रुकता उसका चल ही रहा था कि मैं भी ढेर हो गया लंड से निकलती पिचकारी चूत के हर कोने को भिगोने लगी दोनो का पानी एक जगह इकट्ठा होने लगा मैने उसकी एक लंबी पप्पी ली और उसके उपर ही लेट गया .

 
मैने अपने होठ उसके चेहरे से हटाए और उसके उपर से उतार कर साइड मे लेट गया शीला ने अपना चेहरा मेरे सीने पे रख दिया मैं उसकी नंगी पीठ को सहलाने लगा मैने उस से पूछा भाभी तुम मेरे साथ रहोगी या औरो की तरह वक़्त आनेपे तुम भी पतली गली पकड़ के निकल जाओगी वो बोली जी देखो मैं सीधी सादी औरत हू, मुझे दुनिया दारी की इतनी समझ नही है मैं बस इतना ही कह सकती हू जब तक बस चलेगा आपके साथ रहूंगी मेरे चेहरे पे एक फीकी हँसी आ गयी मैं उठा थोड़ा पानी लिया और अपने सूखे गले को तर किया वो भी उठ के आँगन मे आ गयी और मूतने के लिए बैठ गयी

सररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र

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र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर करते हुए वो पेशाब कर रही थी मैं उसे देखे जा रहा था मूतने के बाद वो उठी नही बल्कि बैठे बैठे ही थोड़ी अदा से अपनी चूत को सहलाया और नखरे के साथ खड़ी हुवी

वो इठलाते हुए मेरी ओर आ रही थी उसकी हिलती चूचियो का कंपन मुझे महसूस होने लगा था हाइट थोड़ी छोटी होने के कारण वो और भी मस्त लग रही थी फिर उसने गिलास भरा और पानी पीने लगी उसके होटो से टपकती पानी की बूंदे उसे और भी सेक्सी बना रही थी थोड़ा पानी छलक के उसकी छातियो पे गिर गया था जो एक लकीर बनाते हुए उसकी नाभि तक पहुच गया था अब हम कमरे मे आ चुके थे वो मेरी गोद मे अपना सर रख के लेटी हुई थी मेरा लंड उसके गालो से टच हो रहा था उसने अपना मूह खोला और बड़े ही प्यार से मेरे सिकुडे हुए लंड को अपने मूह मे भर लिया और उसपे अपनी जीभ गोल गोल घुमाने लगी मेरे सोए पड़े लंड मे हरकत होने लगी

मैं अपने हाथो से उसके सर के बालो को सहलाने लगा वो वैसे ही लेटे लेटे मेरे लंड को चूसने लगी लंड का साइज़ अब बढ़ने लगा था मैने अपनी आँखो को बंद कर लिया और मुखमैथून का आनंद लेने लगा उसने अपने मूह को थोड़ा अड्जस्ट किया और एक बार फिर लंड पे टूट पड़ी एक सेकेंड के लिए भी वो उसे अपने मूह से बाहर नही निकाल रही थी थोड़ी देर और लंड चूसने के बाद मैने उसे हटाया और अपनी बाहों मे समेट ते हुए कहा भाभी गान्ड मारने दो गी क्या वो बोली मेरी गान्ड के पीछे क्यो पड़े हो मैने कहा सब मरवाती है मज़े ले लेकर और एक तुम हो जो मना करती रहती हो उसने कहा आजतक मेरे पति ने नही मारी फिर आपको क्यों दूं ??

मैने कहा आज तक मैने जितनी भी औरत या लड़कियो को चोदा है गान्ड ज़रूर मारी है तेरी भीमारूँगा बोल देगी या नही उसने काफ़ी देर तक कुछ सोचा फिर बोली बस एक बार मर्वाउन्गि मैने कहा हम ठीक है मेरी कॅटटो और जल्दी से उसे उल्टा लिटा दिया उसकी गान्ड लाजवाब थी अन्चुइ पर आज उसकी सील पक्का टूटने वाली थी मैने सरसो के तेल की शीशी उठाई और एक ढक्कन तेल उसकी गान्ड के छेद पे फैला दिया और अपनी उंगली को चिकना करके उसकी गान्ड मे डालने की कोशिश करने लगा मैने कहा भाभी थोड़ा ढीला करो चुतडो को वरना कैसे होगा उसने थोड़ी ढील दी मैने ज़ोर लगाते हुए एक इंच के लगभग उंगली गान्ड मे फसा ही दो वो बोली

आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआअ दर्द होता है बाहर निकालो

मैने कहा एक मिनिट रूको तो सही और थोड़ी उंगली ऑर अंदर सरका दी और हौले से अंदर बाहर करने लगा गान्ड काफ़ी टाइट थी थोड़ी दिक्कत हो रही थी उपर से शीला कुछ नखरे भी कर रही थी पर मुझे तो झंडा गाढ़ना ही था चाहे कुछ भी हो मुझ पे जुनून चढ़ गया था मैने ढेर सारा तेल अपने लंड पे लगा लिया और थोड़ा ऑर उसकी गान्ड पे ऊडेला मैने उसके कुल्हो को थोड़ा चौड़ा किया और लंड को गान्ड के छेद पे रख दिया अब बस घुसने की देर थी पर ये इतना आसान नही था
 


मैने अपने हाथो से शीला को दबोच लिया और टाँगो को अपनी टाँगो मे उलझा लिया अब वो किसी कबूतारी की तरह मेरी गिरफ़्त मे थी पहली ट्राइ मे लंड फिसल गया दूसरी मे भी फिसल गया फिर ट्राइ किया सुपाडे को छेद पे सेट किया और इस बार धक्का लगाने पे आधा सूपड़ा अंदर चला ही गया भाभी चिल्लाईईईईईईईईईईईई ओह

हहहह माआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ

आआआआआआआआआआआआआअमररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रृिईईईईईईईईईई

ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई रीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई

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और मुझे हटने को कहने लगी पर मुझे पता था कि ये पहला और आखरी मौका है दुबारा वो हाथ नही लगाने देगी मैने उसे अपने शिकंजे मे कसा और एक झटका और मारा तो सुपाडा उनकी गान्ड को फाड़ते हुए अंदर घुस गया शीला की आँखे दर्द से पथारा गयी आँसू टपकने लगे पर मैने अपनी पकड़ ढीली नही की शीला रोने लगी और उसका विलाप बढ़ता ही जा रहा था मैने कहा बस हो गया भाभी हो गया पर वो दर्द से दोहरी हुई जा रही थी मैने दो –तीन झटके और लगाए और आख़िर पूरा लंड उसकी गान्ड मे डाल ही दिया उसकी हालत बहुत ही बुरी हो गयी थी शीला लगभग बेहोशी के कगार पे पहुच गयी थी अब मैने उसे दिलासा देना शुरू किया

मैने कहा भाभी देखो पूरा ले लिया तुमने अपनी गान्ड मे अब थोड़ी ही देर मे तुम्हारा दर्द कम हो जाएगा पर उसकी तो सुध बुध ही खो गयी थी उधर अंदर उसकी गान्ड मेरे लंड पे बहुत ज़्यादा दबाव डाल रही थी मैं अपने हाथ नीचे ले जाते हुए उसके बोबो पे रखे और उसके गालो पे बहते आँसुओ को चाट ते हुए उसे किस करने लगा इन सब मे कोई दस मिनिट के लगभग बीत गये अब शीला थोड़ी नॉर्मल सी हुवी वो मरी सी आवाज़ मे बोली ये आपने अच्छा नही किया मेरे साथ मैने कहा भाभी एक बार तो दर्द होता ही है चाहे आगे से डालो या पीछे से वो बोली आप बहुत गंदे हो अब मैने लंड को थोड़ा सा बाहर खींचा और फिर से वापिस धकेल दिया वो फिर से चिल्लाआआआआआआआईयईईईईई आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ दर्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड होता है ना

मैं उनके बदन को सहलाते हुए बोला बस भाभी समझो हो ही गया है थोड़ी देर बाद वो कुछ नॉर्मल हुई मैने अब अपनी कमर हिलानी शुरू की ऑर धीरे धीरे धक्के मारने लगा वो अब भी दर्द भरी आवाज़ निकाल रही थी पर उनका तड़पना कम हो गया था अब टाइम था मेरे ऐक्शन मे आने का मैं उनके कान को अपने दाँतों से काट ते हुए चूमने लगा उनके बदन मे गर्मी का संचार होने लगा था मैने अब स्पीड थोड़ी और बढ़ाई गान्ड तो बहुत मारी थी पर आज पता चला था सील पॅक गान्ड के मायने क्या होते है ऐसी चिकनी गान्ड मैं तो निहाल हो गया था पूरी तरह गान्ड की गर्मी मेरे लंड का दम घोंटने को तैयार खड़ी थी शीला अबहहाआआआआआआआआआआआआआआआअ

आआआआआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़

फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफुऊऊुुुुुुुुुुुुुुुुउउ

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करती हुवी गान्ड चुदवा रही थी शीला बोली कही मेरी टट्टी ना निकल जाए मैने कहा चुप रहो तुम ऐसा कुछ नही होता है बस तू चुदवाती रह मेरे झटके उसके चुतडो पे धड़ धड़ पड़ रहे थे आज तो मज़े की सारी इंतहा ही पार हो गयी थी पर थोड़ा दुख भी था शीला को दर्द देने की वजह से मैं उसके गालो को चूमते हुए गान्ड मार रहा था गान्ड का गुडगाँवा बन गया था आज उसका दर्द तो कम हो गया था शायद अब उसे भी गान्ड मराई का मज़ा आ रहा था पर अब भी वो कराहे ही जा रही थी पर अब वो मुझे ना तो रोक रही थी और ना ही लंड गान्ड से बाहर निकालने को कह रही थी उसके चूतड़ बिल्कुल शांत से पड़ गये थे

मैने अपने धक्के रोके और उस से कहा की भाभी अगर ज़्यादा प्राब्लम हो रही है तो बाहर निकाल लूँ तो उन्होने अपना चेहरा थोड़ा पीछे घुमाया और बोली जब मेरी गान्ड के दो टुकड़े कर रहे थे तब तो नही पूछा पूरी गान्ड तो फाड़ दी अब चापलूसी लगा रहे हो मैने कहा भाभी जब गान्ड फट ही गयी है तो अब क्या घबराना अब तो गान्ड मार के ही उतरूँगा तेरे उपर से शीला बोली तो मेरे कहने से कोन सा रूको गे बस जल्दी से कर्लो

और मेरा पीछा छोड़ो मैने अब तबाद तोड़ धक्के लगाने शुरू किए हैवानियत जैसे मेरी आँखो मे उतर आई थी वो आह आह आह करे जा रही थी पर मैने ध्यान ना देते हुए अपनी चुदाई चालू रखी कोई बीस-बाइस मिनिट तक लगातार गान्ड मारने के बाद जब मैने अपना गाढ़ा सफेद पानी उसकी गान्ड मे छोड़ा तो बहुत ही अच्छा महसूस हुआ मैने लंड को बाहर निकाला तो वीर्य भी बाहर निकल आया और गान्ड से बहते हुए चुतडो के नीचे जाने लगा जैसे ही लंड गान्ड से निकला शीला ने चैन की सांस ली मैं साइड मे लेट गया

शीला बड़ी ही मुश्किल से बिस्तर से उठी ऐसा लग रहा था जैस किसी ने टाँगो की जान ही निकाल दी हो उसने अपना हाथ गान्ड पे लगाया और देखने लगी गान्ड का छेद बुरी तरफ से छिल गया था थोड़ा सा खून भी निकल गया था शीला ने बुरा सा मूह बनाया और कहा ये क्या कर दिया मैं तो बर्बाद हो गयी हू अब कल जब वो वापिस आ जाएँगे तो मैं उन्हे क्या मूह दिखाउन्गि और रोने लगी बात तो टेन्षन की ही थी मैने कहा घबराओ मत इतना ज़्यादा नुकसान नही हुआ है मैं दवाई लगा देता हूँ वो रोते हुए वापिस बिस्तर पे पड़ गयी मैने कपड़े पहने और अपने रूम मे आ गया ढूँढने पर एक सॉफ़्र्मयसयणे की ट्यूब मिल गयी मैं तुरंत ही वापिस गया चूल्हा जलाया और थोड़ा गरम पानी किया और एक डब्बे मे लेके अंदर गया शीला अब भी सूबक रही थी मैने कहा अपने चुतडो को थोड़ा चौड़ा कर तो उसने अपने हाथों से उन्हे फैला दिया अब गान्ड का छेद मेरे सामने था पूरा सूज गया था और काफ़ी खुल भी गया था मैने रूई को गरम पानी मे भिगोया और शीला की गान्ड पे लगाया उसकी सिसकारी निकल गयी पूरी तरह से गान्ड को सॉफ किया और फिर क्रीम लगाई गरम पानी की सिकाई से उसको बहुत आराम मिला अब दर्द भी थोड़ा कम हो गया था फिर मैं उसे अपनी बाहों मे लिए लिए ही सो गया

 
सुबह थोड़ी देर से आँख खुली 6 बजे थे मैं फटाफट उसके घर से निकला और सीधा अपने घर पहुच गया चाची रसोई मे डेरा डाल चुकी थी उन्होने मुझ कप दिया और बोली आज रात भी बाहर ही कहीं मूह मार रहा था ना तू मुझे झटका सा लगा मैने कहा मैं तो पूरी रात अंदर ही था वो बोली थोड़ी देर पहले मैं गयी थी तुझे चाइ देने पर ताला लगा था मैने झूट बोलते हुए उन्हे बताया कि वो मैं फ्रेश होने चला गया था हालाँकि उन्हे मेरी बात का थोड़ा कम ही विश्वास था पर उन्होने उस वक्त और ज़्यादा कुछ नही पूछा चाइ के बाद मैने मोका देख कर चाची के होंटो को चूम लिया और बोबो को भी दबा दिया फिर तैयार होने मे घंटा भर लग गया स्टॅंड पे पहुचा और शहर के लिए टेंपो पकड़ लिया जैसे ही टेंपो उनके स्टॅंड पे रुका मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी

हमारी नज़रो ने एक दूसरे को सलाम किया बड़ी ही नज़ाकत से वो बैठ गयी उसकी इसी सादगी का मैं कायल था लड़किया तो बहुत थी दुनिया मे खूबसूरत भी होंगी एक से बढ़कर एक परंतु उसकी सादगी पे मर मिटा था टेंपो वाला भी उपर से रोमॅंटिक गाने बजा के चिंगारी को शोलो मे बदलने का प्रयास कर रहा था अब तो डेली का ये ही रुटीन था मिता की शरारती मुस्कान मेरे दिल को मजबूर कर देती थी प्यार का धुआ सुलगने लगा था

मैने उस टाइम बिल्कुल सोचा ही नही था कि ये हँसी ठिठोली जिंदगी के मायने ही बदल देगी आज ठंड भी कुछ ज़्यादा ही पड़ रही थी वो शॉल मे सीमटे हुए मेरे साथ साथ चल रही थी पर आज ना जाने क्यों हम दोनो खामोश थे मैने चुप्पी तोड़ते हुए पूछा क्या बात है उदास लग रही हो वो बोली थोड़ी सर्दी लग गयी है

मैने कहा तो घर पर ही आराम करना चाहिए था क्या ज़रूरत थी स्कूल अटेंड करने की वो बोली स्कूल भी तो ज़रूरी है ऐसे ही बातें करते हुए हम स्कूल पहुच गये क्लास शुरू हुई दिसंबर टेस्ट सर पे आ चुके थे तो टाइम बिल्कुल ही नही था हर दिन और और व्यस्त होता जा रहा था स्टडी की टेन्षन चेहरे पे सॉफ दिखयी देती थी उपर से मिता मेरिट मेरिट करती रहती थी वो हमेशा मेरिट मे आती थी टॉपर थी स्कूल की और मैं बस फर्स्ट डिवीजन. मे ही खूष हो जाता था कंप्लीशन का पता तो सिटी मे आके चला वरना गाँव के स्कूल मे तो बस गान्ड ही घिसाई थी शाम को वापिस आया तो सबसे पहले शीला का हाल चाल पूछा वो लंगड़ा के चल रही थी उसने बताया कि दर्द तो कम हो गया है पर अजीब सा लगता है जब चलती हू मैने कहा थोड़े दिनो मे ठीक हो जाएगा मैने पप्पू के बारे मे पूछा तो उसने बताया कि वो तो दोपहर को ही आ गया था उसने कहा मैं अड्जस्ट कर लूँगी मैने उसे 500रुपये दिए वो खुश हो गयी मैं अपने रूम मे आ गया कुछ दिन और गुजर गये दिसंबर आ गया था 1 को मेरा बर्थ’डे था पर हर साल की तरह खाली सा ही बीत गया खैर यूनिट टेस्ट शुरू होने वाले थे तो मैने स्कूल जाना बंद कर दिया था बस स्टडी और स्टडी एक कमरे मे क़ैद होके रह गया था जैसे तैसे करके टेस्ट भी ख़तम हो गये थोड़ा प्रेशर से आज़ादी मिली इनके स्कोर से हमे हमारी औकात का पता चलना था अब 20 दिन की छुट्टिया थी अगली सुबह बहुत देर तक सोया घर वालो ने भी नही जगाया उठा तो दस बज रहे थे पर धुन्ध छाई हुवी थी मम्मी ने कहा अगर तुझे ठीक लगे तो आज खेतो की तरफ चक्कर लगा आ मैने कहा ठीक है साइकल ली और चल पड़ा चला ही था कि दुकान के पास प्रीतम दिख गयी उसने मेरा हाल पूछा मैने भी जवाब दिया थोड़ी बात की तो उसने बताया की उसकी शादी की डेट फिक्स हो गयी है मैने कहा ये तो बहुत ही अच्छी बात है वो बहुत ही चहक रही थी उसे खुश देख के अच्छा लगा उसने बताया कि शादी जनवरी 2 को है तू आयगा तो मैने कहा हम अब तो आना ही पड़ेगा और फिर मैं चल दिया रास्ते भर प्रीतम के बारे मे ही सोच ता रहा कुवे पे पहुचा आज काफ़ी दिनो बाद आया था सरसों काफ़ी लंबी हो गयी थी थोड़ा जयजा लिया फिर गेहू की फसल की ओर बढ़ा तो पगडंडी पे विमला काकी मिल गयी मुझे देख के खुश होते हुए बोली कि लाला उस रात के बाद तो दर्शन ही ना दिए तूने तो मैने कहा टाइम ही नही मिलता क्या करूँ तो वो अपने होटो पे जीभ फेरते हुए बोली लाला तू कहे तो कोठरे पे आ जाउ मैने कहा आप चलो मैं गेहू देख के आता हू तो वो बोली वो तो बाद मे देख लियो अभी तो इसकी आग मिटा और अपना घाघरा उठा के मुझे अपनी नंगी चूत दिखाने लगी मैने कहा काकी तू बड़ी कमिनि है मैने उसे आगे चलने को कहा दरअसल मैं उसकी मटकती तरबूज़ो जैसी गान्ड को देखना चाहता था वो भी कुछ ज़्यादा ही लचक के चल रही थी मैने वही पड़ी हुवी एक टहनी उठाई और उसकी गान्ड पे हल्के से मारा उसने मूड के देखा और हँसने लगी कुछ ही देर मे हम कुँए पे पहुच गये

अंदर पहुचते ही मैने अपनी पेंट और कच्छा उतार दिया कुण्डी लगाई और विमला को पकड़ लिया और उसकी पपीते सी चूचियों को मसल्ने लगा काकी बोली लाला कई दिनो से लंड नही लिया है आज तसल्ली कर्दे मैने उनका ब्लाउस खोलते हुए कहा चिंता मत कर

और ब्लाउज को उनके बदन से आज़ाद कर दिया इतनी विशाल छातिया जितना निहारो उतना कम पड़ जाए मैने अपना हाथ बढ़ाया और घाघरे का नाडा खीच दिया काकी पूर्ण रूप से जनम्जात अवस्था मे खड़ी थी मैने उन्हे अपने से चिपकाया और मोटे मोटे चुतडो को पकड़ते हुए अपनी ओर खीचा

 


मेरा लंड उनके पेट पे टकरा रहा था मैं लगातार उसके कुल्हो को मसले जा रहा था फिर काकी नीचे बैठी और लंड को अपने मूह मे लेके चूसने लगी मेच्यूर औरतो को चोदने का भी एक अलग ही मज़ा है काकी अपनी जीभ से मेरी गोलियो को चाट रही थी उनकी लिज़लीज़ी जीभ जब वहाँ पे टच होती तो बहुत ही मजेदार गुदगुदी होती थी

काकी पूरे मन से लंड को चूस रही थी लंड भी अब पूरी तरफ तैयार हो चुका था तभी उन्होने लंड को मूह से निकाला और अपनी चूचियो की घाटी मे दबा लिया क्या सुखद अहसास था वो ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने दो बड़े बड़े गुबारो को लंड पे डाल दिया हो

फिर वो अपनी काले अंगूर से निप्पल्स को मेरे सुपाडे पे रगड़ने लगी मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था मैने काकी को इशारा किया तो वो उठी और अपनी टाँगे चौड़ी कर के खाट पे लेट गयी झान्टो से भरी चूत मुझे बुला रही थी मैने कहा कभी इन बालो को सॉफ भी कर लिया करो वो बोली करूँगी

मैने उनकी टाँगे अपने कंधो पे रखी और लंड को चूत मे घुसा दिया काकी बोली आहियीई थोड़ा धीरे से , मैने ईक धक्का और मारा और पूरा लंड उनके अंदर समा गया चुदाई का खेल शुरू हो गया था काकी बोली लाला इतनी जल्दी काहे मचा रहा है थोड़ा आराम से कर मुझ भी कुछ मज़ा लेने दे मैने कहा तुझे मज़ा दे तो रहा हू

और उसकी जाँघो को पूरी मस्ती से थामते हुए उसकी चूत मारने लगा चूत की अंधेरी घाटियो मे लंड सैर कर रहा था कई देर तक ऐसे ही उनको रगड़ने के बाद मैने उनकी टाँगे नीचे उतारी और उनको फैलाते हुए दुबारा चोदने लगा काकी की उछलती हुई चूचिया मेरे धक्को की सफलता की कहानी कह रही थी उन्होने अपने बोबे को मेरे मूह मे डाल दिया जिसे मैं पूरे जोश से चूसने लगा था

उपर उनका बोबा मेरे मूह मे था और नीचे लंड चूत मे अपने कमाल दिखा रहा था बिम्ला की गान्ड नीचे से उचकते हुए मेरा साथ दे रही थी मैने कुछ देर चुचि चूसने के बाद मूह से निकाली और उनके होटो को अपने मूह मे भर लिया काकी के मोटे मोटे होंठ पीने मे बहुत ही मज़ा आ रहा था हमरी सांसी एक दूसरी मे घुल रही थी काकी ने अपनी टाँगो को गोल किया और मेरी कमर पे लपेट दी जिस से उनकी चूत और भी अच्छी तरफ से लंड पे कस गयी

अब वो थोड़ी कड़क लग रही थी गॅप गॅप लंड अंदर बाहर हो रहा था हमे लगे लगभग आधे घंटे से उपर हो गया था काकी तो पूरी खिलाड़ी थी चुदाई मे डिप्लोमा था उनके पास तो मैने अब अपनी स्पीड और भी ज़्यादा की खाट चरमरा रही थी कुछ 20-25 झटके मारे ही थे कि काकी की चूत ने मैदान छोड़ दिया काकी अपनी उखड़ी हुवी सांसो की डोर को पकड़ने लगी तो मैने अपना लंड बाहर निकाला और उनके मूह मे दे दिया काकी बड़े ही प्यार से अपनी चूत के रस से सने हुए मेरे लंड को चाट रही थी

मैने पूछा काकी कैसा लगा तेरी चूत के पानी का स्वाद वो बोली लाला अब कहाँ स्वाद बचा है इसमे अब तो ये भोसड़ी बन गयी है बस गुज़ारा ही होता है अब तो अब पहले जैसी बात कहा रही और उन्होने पूरे लंड पे लगे चूत के रस को चाट के सॉफ कर दिया काकी थोड़ी थक सी गयी थी मैने उन्हे घोड़ी बना दिया और थोड़ा थूक उनकी गान्ड पे थूका और कुछ अपने लंड पे लगाया काकी की गान्ड पे लंड को टीकाया और उसे अंदर डाल दिया

काकी का बदन बस एक सेकेंड के लिए टाइट हुआ फिर नॉर्मल हो गया उनकी गान्ड मैं पहले भी मार चुका था फिर काकी तो शौकीन थी ही उन्होने अपनी कमर को पीछे कर लिया ताकि मैं अच्छे से गान्ड मार सकु मैं उनके चुतडो को सहलाते हुई पूरी गति से गान्ड चोद रहा था काकी घोड़ी बनी मेरा पूरा साथ दे रही थी कमरे मे पूरी तरह खामोशी छाई हुई थी

मैने अपने हाथो को थोड़ा आगे सरकाया और उनकी छातियो की घुंडीयों को मसल्ने लगा गान्ड मारने का मज़ा दुगना हो गया था काकी की गान्ड का छेद हर धक्के पे खुल और बंद हो रहा था कोई 15 मिनिट तक गान्ड मारने के बाद अब मेरा टाइम आ गया था मैने लंड को बाहर निकाला और उनके चुतडो पे अपना पानी गिरा दिया
 
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