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ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart



बेशक मेरा और भाभी का रिश्ता ग़लत था पर वो खाली सेक्स के लिए ही नही था उसमे भी कुछ इमोशनल टच था जो बस मैं और वो ही समझते थे खैर, अब जो है वो है उसे बदला तो नही जा सकता था फिर मैने कपड़े चेंज कर लिए अब इंतज़ार था मिता के फोन का टाइम साला कट ही नही रहा था तो मैं फिर से घर से बाहर आ गया तो सोनू जी के दर्शन हो गये लाल साड़ी मे पूरा शृंगार किए

क्या मस्त माल लग रही थी मैने कहा मालिको आज तो गजब ढा रहे हो तो वो मेरे पास आई और कहने लगी कि आज मेला है ना तो उधर ही जा रही हू थोड़ी देर मे फिर उसने कहा कि फोन क्यो नही किया कल दोपहर मे तो मैने बता या कि भाभी मुझे तो ध्यान ही नही रहा तो वो बोली कि शाम तक घर वाले ननद के यहा जाएँगे मैं बहाना बना कर रुक जाउन्गी

मैं मज़े लेते हुए बोला पर मुझे क्यो बता रही हो तो वो मेरा गाल खीचते हुए बोली कमिने जब से तो मेरे पीछे पड़ा है और अब तू कह रहा है कि मुझे क्यो बता रहे हो मैने कहा भाभी छोड़ो मज़ाक कर रहा था तो वो अपनी आँखो को मटकाती हुई बोली रात को एक बार फोन करना फिर मैं बताउन्गी मैने कहा ठीक है जी फिर वो चली गई

और मैं खुश हो गया आख़िर एक चूत का और जुगाड़ हो गया था और वो भी इतनी मस्त औरत थी मैं अपने पुराने दिनो के बारे मे सोचने लगा कि कहा मैं सेक्सी कहानियो की किताबें पढ़ कर मुट्ठी मारा करता था और अब ज़िंदगी मे हर तरफ चूत ही चूत थी ऐसी कोई चूत नही जिसे मैने चाहा और चोदा ना हो पर मैं शायद ये भूल गया था कि वक़्त का पहिया घूमता है

सुख के बाद दुख भी आता है , फिर मैं खाना खाने चला गया कि इतने मे मिता का फोन भी आ गया तो मैं उसे पिक करने चला गया मिता को देखते ही मैं बड़ा खुश हो गया मेरी दिलरुबा आज बड़ी ही सुंदर दिख रही थी ना जाने क्यो उसे देखते ही मैने तो चाहा कि उसे अपनी बाहों मे भर लूँ पर लोक लाज से कर नही पाया

मैने बाइक शीला के पति की दुकान पे पार्क की और मिता के साथ पैदल ही चल पड़ा मेले की ओर सबसे पहले हम ने देवता को प्रसाद चढ़ाया और फिर हम लुत्फ़ लेने लगे मेले के मैने उसको कहा याद है मिता पहली बार तुम्हारे दर्शन इसी मेले मे हुए थे जब तुम्हारी चुन्नि मेरे चेहरे पे आ गयी थी तो वो बोली हाँ मुझे सब कुछ याद है

अचानक ही वो पहली छोटी सी मुलाकात आँखो के सामने आ गयी मैने देवता को धन्यवाद दिया की आख़िर उनके मेले मे ही तो मिता के दीदार हुए थे पर मैं खुश था कि आजक पूरा दिन मैं उसके साथ बिताने वाला था मैने उसका हाथ पकड़ा और झूले की ओर ले चला वो बोली क्या करते हो मैने कहा , हक़ है मुझे फिर उसने कुछ नही कहा

आख़िर वो भी तो सब जानती थी उसे झूले पर चढ़ाया और फिर मैं भी उसकी बगल मे बैठ गया उसका हाथ अपने हाथ मे थाम कर मिता के चेहरे की खुशी मैं सॉफ पढ़ पा रहा था और मेरी खुशी …………. ….. वो तो उसकी खुशी मे ही थी मेरा दिल पता नही क्यो आज बार बार बेकाबू सा हो रहा था मिता बोली कितना प्यार करते हो मुझसे मैने कहा तुम्हे नही पता क्या

मुझे पता था कि उसको गोल-गप्पे बड़े पसंद है तो मैं उसे फिर चांट के ठेले पर ले गया और कहा कि भाई मेमसाहिब के लिए ज़रा अच्छे वाले गोलगप्पे निकाल उसको छोटे बच्चो की तरह गोलगप्पे खाते देख कर अच्छा लगा मैं तो उसे निहारने मे ही खो गया वो शरमाते हुए बोली प्लीज़ तुम यूँ ना देखा करो मुझे मेरा दिल डोल जाता है मैने कहा तो फिर सुन लो ना अपने दिल की आख़िर क्या कहता है वो

वो बोली आओ घूमते है , वो फिर अपने लिए कुछ चूड़िया और हार पसंद करने लगी वो बोली कॉन से रंग की चूड़ियाँ ले लूँ , मैने कहा वो गाना है ना मैं ला दूं तुझे हरी हरी चूड़िया तो हरी ही लेले तो वो बोली तुम भी ना तो चूड़ी वाला उसके हाथो मे चूड़िया पहनने लगा मिता बोली मेरी ज़िंदगी का ये सबसे अच्छा गिफ्ट है मैं मुस्कुरा दिया

दोपहर हो चली थी हम दोनो एक साइड मे बैठ कर चने खा रहे थे कि तभी.......................................

 


मैने देखा कि मम्मी,चाची और भाभी हमे ही देख रहे थे मम्मी के चेहरे का तो जैसे रंग ही उड़ गया था पर अनिता भाभी चूँकि पहले भी मिता से मिल चुकी थी तो वो आगे बढ़ी और हमारे पास आ गयी उसने मिता को कहा कि चुन्नी कर लो सर पे और मम्मी के पाँव छुओ तो मिता ने वैसा ही किया मम्मी बड़े असमंजस मे थी आख़िर मैने बात को संभालते हुए बताया कि मैने ही मिता को मेले के लिए बुलाया है पर उन्होने कहा कि ऐसे घूमना शोभा देता है क्या

मैने कहा मम्मी अब हम बड़े हो गये है और फिर जल्दी ही शादी भी तो कर रहे है ना तो मम्मी कुछ बोलती उस से पहले ही चाची ने टोकते हुवे कहा कि जाओ तुम लोग मेला देखो बाद मे मिलते है तो मम्मी भी चुप कर गयी पर उनके चेहरे पर नाराज़गी सॉफ दिखाई दे रही थी चाची ने मिता को कुछ भेंट दी और फिर वो दूसरी तरफ को चले गये और हम वही पर रह गये

मिता अपनी आँखे ततेरते हुए बोली अगर घर वाले आ रहे थे तो पहले नही बता सकते थे क्या अब मैं क्या कहता मुझे तो ये बात ध्यान ही नही रही थी पर कभी ना कभी तो घरवालो को भी फेस करना ही था तो मैने ज़्यादा चिंता नही की पर मिता थोड़ा सा असहज फील कर रही थी तो मैने कहा जान सास है तुम्हारी और फिर सासू लोगो का स्वाभाव तो ऐसा होता ही है ना

तो वो बोली अरे मैं वो सब नही सोच रही बल्कि ये सोच रही हूँ कि कही मेरी फॅमिली मेंबर्ज़ भी ना टकरा जाए मेले मे वरना मुसीबत हो जाएगी मेरा भाई भी जवान है तो वो भी आएगा ही और पापा भी हो सकते है मैने कहा तो फिर ठीक है ना मैं भी अपने साले ससुर से मिल लूँगा और हँसने लगा पर मिता थोड़ा घबरा गयी थी वैसे बात उसकी भी सही थी बेशक हम लोग मॉडर्न हो गये थे पर आख़िर थे तो हम गाँव मे ही और गाँव का हाल तो आप सब जानते ही होना

मैने कहा तू एक काम कर चुन्नि को अपने चेहरे पर कस ले फिर कोई टेन्षन की बात नही है पर वो चुटकी लेते हुए बोली क्या पता फिर ऐसे मेला देखने का मोका मिले ना मिले और फिर प्यार किया तो डरना क्या जो होगा देख लेंगे मैं तो ऐसे ही रहूंगी मैने कहा वह मेरी झाँसी की रानी बड़ी दिलेरी आ गयी अभी तो डर लग रहा था वो बोली जब तुम्हारा हाथ पकड़ ही लिया है तो फिर डरना किसलिए

मुझे थोड़ी सी थकान भी होने लगी थी तो मैने एक कोल्ड ड्रिंक की बॉटल खरीदी और फिर मैं और मिता बगीची मे आ गये मैने कहा मिता जब तुम शिमला चली गयी थी और मैं यहाँ अकेला रह गया तो इधर ही बैठा करता था मैं पर ये नही बताया उसको कि अक्सर मेरे साथ निशा हुआ करती थी मिता बोली सच कहूँ तो मैं कभी तुम्हे समझ ही नही पाई हूँ एक तरफ तो तुम आर्मी ऑफीसर और इतने फॅशनबल और दूसरी तरह इतनी सादगी

मैने कहा बस तुम्हारी मोहब्बत का असर है तो उसने मेरा हाथ थाम लिया और बोली आज रात मैं अपने घरवालो से शादी की बात करने वाली हू मैने कहा तुम फिर घर जाते ही मुकर जाओगी तो वो मेरी आँखो मे देखते हुए बोली नही मुझे लगता है कि अब टाइम आ गया है मैं अब तुमसे दूर नही रह सकती मैने कहा मैं तो खुद मरा जा रहा हू तुम्हे दुल्हन के रूप मे देखने को

दिल मे ख़याल आया कि अभी इसको सीधा अपने घर ले चलूं पर अपने चाहने से थोड़ी ना कुछ होता है काफ़ी देर तक हम उधर ही बैठे बाते करते रहे टाइम कैसे गुजर गया पता ही नही चला मैं तो सोच रहा था कि आज का दिन इतना लंबा हो जाए कि शाम हो ही ना पर अपनी क्या बिसात , तो दोपहर भी बीत गयी थी फिर अनिता भाभी का फोन आया वो पूछने लगी कि कहा हो तो मैने कहा बगीची मे

वो बोली उधर ही रहना मैं आ रही हू शायद भाभी भी मिता से बात चीत करना चाहती थी मिता बड़ी खुशी से भाभी से मिली और फिर उनकी बाते शुरू हो गयी तो मैं बस उनका मूह ही तकने लगा शाम होने लगी थी मेला उजड़ने का टाइम हो गया था और फिर मिथ्लेश को भी घर जाना था तो भाभी ने अपने सोने के कंगन उतारे और उसको देते हुए बोली लो मेरी तरफ से ये रख लो

तो मिता बोली भाभी मैं ये कैसे रख सकती हूँ तो भाभी अधिकार पूर्वक बोली रख लो अभी तो मेरे पास ये ही है पर जब तुम मेरी देवरानी बनकर आओगी तो नये वाले भेंट करूँगी तुम्हे और भाभी ने ज़बरदस्ती वो कंगन मिता के हाथो मे पहना दिए मिता भाभी के गले लग गयी फिर हम ने एक दो चक्कर और लगाए इधर उधर और फिर आख़िर समय आ गया मिता के जाने का

उसको ऑटो मे बिठाने के बात मैने भी बाइक ली और घर आ गया अब मेले मे कुछ नही था मेरे लिए फिर हाथ मूह धोकर अपने कमरे मे चला गया और बेड पर लेटे लेटे अपने सुनहरे पलों को याद करने लगा घंटे भर बाद घरवाले भी आ गये तो मैने चाची से कहा कि चाइ बना लो वो रसोई मे चली गयी मैं सोफे पर बैठा था मम्मी भी उधर ही थी

पर उन्होने अपना मूह फुलाया हुआ था चाची मुझे चाइ पकड़ाते हुवे बोली अभी तुम चुप ही रहना जीजी गुस्से मे है मैने कहा पर किसलिए मैने मम्मी से कहा कि मम्मी आप नाराज़ क्यू हो तो वो बोली तुझे इस से क्या है तुझे तो अपनी मर्ज़ी करनी है तू कर मैं कोन हूँ तेरी ज़िंदगी मे मैने कहा पर बात क्या है वो तो बताओ तो वो बोली जब मैने तेरे लिए उर्वशी को पसंद कर लिया है तो

तो इस लड़की का साथ क्यो नही छोड़ देता और वैसे भी उर्वशी तेरी दोस्त तो है ही मैने कहा हाँ माँ वो तो है पर मिता मेरी ज़िंदगी है आप को पता है मैं आर्मी मे गया ही इसलिए था कि मिता के साथ ब्याह कर सकूँ और आप इस बात को समझ ती नही है मम्मी बोली पर बेटा वो अपनी जात बिरदरी की भी नही है और फिर उर्वशी देख कितनी सुंदर है

 


मैने कहा माँ तेरा बेटा भी कोई सलमान ख़ान या अक्षय कुमार तो है नही आप मेरे दिल की भी तो समझो आज तक जैसा भी घरवालो ने कहा बिना कुछ कहे मैने हर एक कहा किया है परंतु मेरा भी एक दिल है जो बस मिता के लिए ही धड़कता है मम्मी अगर आप चाहती ही हो तो करदो मेरा ब्याह उर्वशी के साथ पर उस से क्या मैं खुश रह पाउन्गा कभी नही

दोस्ती एक अलग चीज़ होती है और प्यार एक अलग चीज़ होती है आप तो माँ हो फ़ि भी आप अपने बेटे को नही समझ पाई ये कैसी ज़िद है आपकी मैं बात घुमा फिरा के नही करता मम्मी पर बस इतना ही जानता हू कि मिता नही तो मैं भी कुछ नही माँ उस से मेरा सांसो का रिश्ता है धड़कन बनकर धड़कती ही वो मेरे जिस्म मे बताओ अब मैं धड़कन को कैसे जुदा करू

मम्मी बोली अब मैं क्या कहूँ तू बड़ा हो गया है जब इतना बड़ा फ़ैसला तूने खुद कर ही लिया है तो फिर मैं कॉन होती हूँ रोकने वाली तुझे ज़्यादा कुछ कहूँगी तो फिर घर आना बंद कर देगा वैसे भी जमाना बदल रहा है आजकल माँ बाप कहाँ महत्व रखते है बच्ची के लिए मैने कहा आप का हक़ है आप कुछ भी कह सकती है पर ब्याह करूगा तो मिता के साथ ही बाकी आपकी हर बात मंजूर है मुझे

मुझे पता था कि अब मम्मी का ड्रामा लंबा चलने वाला है तो मैने फ्रिड्ज से एक बियर की कॅन निकाली और घर से बाहर आ गया मेरा मूड भी ऑफ हो गया था साला बचपन से बस घरवालो के अनुसार ही तो जिया था बस एक ही इच्छा अपनी कि मिथ्लेश को घरवाली बनाऊ दिल तो किया कि अभी निकल जाउ वापिस देल्ही पर छुट्टी भी बाकी पड़ी तो वहाँ भी ना जा सकता

तो फिर मैं निकल पड़ा बाहर की ओर पर दिमाग़ खराब था तो कुछ सूझ नही रहा था तो फिर ऐसे ही तालाब के किनारे पर जाके बैठ गया अंधेरा घिरने लगा था पर मैं वही बैठा हुआ था शांत होके मैं सोच रहा था कि काश घरवाले समझ सके मेरे दिल की बात , फिर मेरा फोन बजा तो देखा कि सोनू की कॉल थी वो बोली तुम 9 बजे तक आ जाना मैं आज रात अकेली ही हूँ घर पे

मैने कहा ठीक है वैसे भी मैं घर पे नही जाना चाहता था तो अच्छा हुआ उसका फोन आ गया भूख भी लग आई थी तो अड्डे पर ही थोडा बहुत खा- पी लिया और फिर कुछ देर घूमने फिरने के बाद चल पड़ा सोनू के घर पर वैसे भी जाड़े के दिनो मे सब लोग जल्दी ही सो जाया करते है और धून्ध थी तो मैं उसकी आड़ मे उसके घर पहुच गया

उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ क्या लग रही थी सोनू उस लाल साड़ी मे कसम से कयामत से कम नही लग रही थी वो उपर से पूरी तरह का शृंगार मेरे अंदर आते ही उसने गली मे इधर उधर देखा और फिर झट से किवाड़ बंद कर लिया तो मैने उसको तुरंत ही बाहों मे भर लिया और उसकी गान्ड को दबाते हुए बोला क्या जाबर माल लग रही हो भाभी आज तो

तो वो मेरी बाहों से निकलते हुए बोली अब तुम इतने दिन से पीछे पड़े हो तो तुम्हारे लिए ही सजी हूँ आज सोचा कि आज तुमको ऐश करवा ही देती हू वरना तंग करते ही रहोगे सोनू बोली उपर चॉबारे मे चलो मेरा कमरा वो ही है तो मैं उसके पीछे पीछे उपर आ गया और आते ही उसको दबोच लिया और अपने होठ उसके सुर्ख होंठो पर लगा दिए वो भी किसी प्यासी की तरह मुझसे लिपट गयी

कुछ ही देर मैं उसकी पूरी लिपीसटिक चाट गया और साथ ही उसकी साड़ी भी उतार दी बेहद ही कसे हुए पेटिकोट से उसकी बाहर को निकलती गान्ड मे तो पागल ही हो गया बस फिर जल्दी से उसका पेटिकोट और ब्लाउज भी उतार दिया तो सोनू ने पास रखा कंबल ओढ़ लिया और बोली मुझे शरम आ रही है मैने कहा भाभी अब मुझसे क्या शरमाना और फिर मैने कंबल को हटा दिया

लाल ब्रा-पैंटी मे क्या मस्त लग रही थी वो देख कर ही मेरे शरीर की सारी नसें झन झना गयी मैने उसे अपनी गोदी मे बिठा लिया और ब्रा के उपर से ही उसके उभारों को रगड़ने लगा तो वो आहे भरते हुए बोली आहिस्ता से दबाओ तुम्हे तो ज़रा सा भी सबर नही है कितना दर्द होता है आआआआ मैने कहा भाभी बस अब कुछ ना बोलो तुम जो करता हूँ करने दो खुद को मेरे हवाले करदो

फिर मैने धीरे से ब्रा की हूकों को खोल दिया और उनके किलो किलो की चूचियो को अपनी मुट्ठी मे भर कर दबा ने लगा तो सोनू पर भी खुमार चढ़ने लगा बोबो को सहलाते हुए मैं उसकी सुरहिदार गर्दन पर किस करने लगा तो सोनू काँपते हुए बोली उफफफफफफफफफफफफ्फ़ क्या कर रहे हो जालिम मैने कहा भाभी बस आपको थोड़ा सा प्यार कर रहा हू और कुछ नही मैं अब बेतहासा उसकी गर्दन और पीठ पर चुंबन अंकित करने लगा

सोनू मेरे चुंबनो से पागल होने लगी थी फिर मैं अपना हाथ उसकी जाँघो के बीच ले गया और कच्छि के उपर से ही दबा ने लगा तो चूत वाला हिस्सा गीला गीला सा हो रहा था मैने तुरंत ही भाभी को बेड पर लिटाया और उनकी टाँगो के बीच आ गया और कच्छि के उपर से ही चूत पर किस करने लगा तो सोनू बेड पर मचलने लगी और मेरे सर पर सहलाते हुए बोली अनाड़ी तो नही हो तुम

मैने कहा भाभी आज के जमाने मे सब सीखना पड़ता है ना जाने कब काम आ जाए और फिर चूत पर अपने नुकीले दाँत गढ़ा दिए तो भाभी उछल ही पड़ी और मेरे सर को अपनी जाँघो के दरमियाँ दबा लिया कच्छि के उपर से उसकी चूत को चबाने मे बड़ा ही मज़ा आ रहा था मैने पैंटी की स्ट्रीप को साइड मे किया और उसकी झान्टो से भरी चूत की दरार पर अपनी उंगली फिराने लगा सोनू आहे भरते हुए अपनी गान्ड को उछालने लगी

मैने अपनी उग्लिया पैंटी मे फसाई और उसने भी अपनी गान्ड को उठा कर रास्ता क्लियर कर दिया पैंटी को अलग करने पर अब उसकी नंगी चूत मेरी आँखो के सामने थी सोनू जितनी गोरी थी उसकी चूत उतनी ही अधिक काली थी और घुमावदार बालो ने उसकी सुंदरता मे चार चाँद लगा दिए मैं अपनी उंगली को चूत के मुख पर रगड़ते हुए बोला भाभी बड़ी प्यारी योनि है आप की

तो वो शरमा गयी और अगले ही पल मैने अपनी उंगली चूत मे धंसा दी भाभी की सिसकी निकल गयी और उसने अपनी आँखे मूंद ली अंदर से बड़ी लाल लाल सी चूत को देखकर मैं तो पागल ही हो रहा था और लंड तो पॅंट मे ही मचल रहा था तो मैने अपनी पॅंट को उतार दिया और फिर भाभी की चूत को अपने होंठो मे भर लिया जैसे ही मैने ऐसा किया चूत की फांको से गाढ़े रस की धार बहकर मेरे मूह मे गिरने लगी खट्टा खारा पानी मेरी ज़ुबान को तर कर गया

 
मेरे जिस्म का रोम रोम अब बस सोनू भाभी मे समा जाने को आतुर हो रहा था और सोनू अपनी चूत चुस्वाते हुए पागल हुई जा रही थी मैं लगातार अपनी खुरदरी जीभ उसकी योनि पर रगड़ता जा रहा था और मेरा लंड बहुत ही कठोर हो गया था तो मैने अब उसको चूत पर लगा दिया बस कुछ सेकेंड की बात और फिर वो उस रसीली चूत मे समा जाता

पर तभी भाभी बोली एक मिनिट रूको ज़रा और उठ कर बेड की ड्रॉयर से कॉंडम निकाला और उसे मेरे लंड पर लगाते हुए बोली ये ज़रूरी है वरना कही बच्चा ना लग जाए तो मैने भी उनको रोका नही कॉंडम लगा ने के बाद मैने उसकी टाँगो को अपने कंधो पर रख लिया और सुपाडे को चूत पर सज़ा दिया भाभी ने एक तकिया अपने चुतडो के नीचे लगा लिया

अब हम दोनो पूरी तरह से तैयार थे एक दूसरे मे समा जाने के लिए जैसे ही भाभी की योनि मे मेरा सुपाडा अंदर की तरफ गया भाभी बोली मेरी टाँगो को उपर से उतारो तो उन्होने अपनी टाँगे फैला दी और बोली अब डालो अंदर को तो मैने एक तेज धाक्का लगाया और लगभग आधा लंड उसकी चूत मे घुसेड दिया भाभी के बदन ने झटका खाया और फिर मेरा लंड अपना रास्ता बनाते हुए उसकी मुलायम चूत मे जाने लगा

सोनू ने अपनी जाँघो को खीच लिया और अपनी सुडोल बाहें मेरे गले मे डाल दी और बोली पूरा गया क्या तो मैने कहा नही थोड़ा सा बाकी है और उस पर पूरी तरह से छाते हुए बचे हुवे लंड को भी अंदर पहुचा ही दिया तो वो बोली लगता है कि अंदर अड़ गया है मैने कहा ऐसा भी होता है क्या और अब मैं पूरी तरह से उन पर चढ़ गया था

सोनू ने अपनी पकड़ मेरे उपर मजबूत कर दी और मैने भी अपने चेहरे को उन के चेहरे पर झुकते हुए उनके लबों को अपन लबों से छू लिया तो एक रेशमी सा एहसास मेरे मूह मे जैसे घुलता सा चला गया और भाभी ने अपनी जीभ मेरे मूह मे सरका दी कितना करेंट था उनकी लिज़लीज़ी जीभ मे मे तो बस अपना कंट्रोल खो ही बैठा मैने लंड को चूत के किनारों तक बाहर खीचा और फिर ज़ोर से एक ही शॉट मे पूरा अंदर सरका दिया

उसकी चीख मेरे गले मे ही घुट कर रह गयी मैने उसकी जीभ को अपने दाँतों मे दबा लिया और भाभी की चूत पर धक्के लगाने शुरू कर दिए सोनू भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी उसकी नरम चूचिया मेरे सीने के बोझ से दबी जा रही थी 5 फुट की वो हुस्न की देवी मेरी बाहों मे दबी पड़ी थी दो बच्चों की माँ होने के बावजूद उसकी चूत मे काफ़ी दम था

उसकी योनि की पंखुड़िया बार बार मेरे लंड से चिपक रही थी और उसकी झान्टो की रागड़ाई तो बड़ा ही मज़ा दे रही थी सोनू लगातार मुझे चूमे जा रही थी और मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था मेरे हर एक धक्के पर सोनू की चूत मचल मचल कर रस बहा रही थी लंड बार बार फिसलते हुए उस गहरी खाई की सैर कर रहा था आख़िर आज मैने सोनू को पा ही लिया था

अब उसने अपनी एक टाँग मेरी कमर पर लगा दी और दूसरी को बिल्कुल सीधी कर लिया मैं उसकी अदा का कायल हो गया मैं उसकी गर्दन पर लव बाइट लगा ता हुआ बोला भाभी बड़ी मस्त हो आप तो वो बोली अब तुम्हे बुलाया है तो मेरा फ़र्ज़ बनता है कि तुम्हे पूरा मज़ा कर्वाऊ वरना फिर कहते फ़िरोगे कि भाभी ने धोका दे दिया तो मैं उसके गालो को चूमता हुआ बोला तो फिर बताओ ना भाभी कैसा लग रहा है

भाभी बोली औज़ार बड़ा ही मोटा है तुम्हारा लगता है आज तो मेरी चूत चिर ही जाएगी पर मज़ा भी बहुत आ रहा है तुम जल्दी नही करो बल्कि धीरे धीरे धक्के लगाओ मैं दूर तक जाना चाहती हू तुम्हारे साथ बल्कि मैं तो कहूँगी कि कुछ देर ऐसे ही पड़े रहो मेरे उपर सोनू तो वास्तव मे बड़ी रंगीली थी मैने कहा भाभी आप तो पूरी मस्त मलाई हो

वो बोली थोड़े दिन पहले डीवीडी पर एक बीएफ दिखाई थी पातिदेव ने मेरी तो इच्छा थी उसकी तरह से ही चुदने को पर उनको कह ही ना पाई पर अब तुम हो तो आज मेरा अंग अंग तोड़ डालो मैं बस पिसना चाहती हूँ तुम्हारी मजबूत बाहों मे मैने कहा मेरी कॅटटो तेरी हर इच्छा पूरी करूँगा पर तुम्हे भी खुल कर मेरा साथ देना पड़ेगा तो वो बोली एक बार मुझे अच्छे रगड़ डालो

फिर बाद मे तुम जैसे चाहोगे मैं वैसे ही करूँगी पर अभी तुम मेरा कहना मानो फिर सोनू घूम गयी और मेर उपर आ गयी उसने अपना एक बोबा मेरे मूह मे डाल दिया और बोली ज़रा चख कर बताओ कि भाभी के थनो का स्वाद कैसा है तो मैने उनके निप्पल को अपने होटो मे दबा लिया और वो मेरे लंड पर अपनी गान्ड को हिलाने लगी सोनू सच मे बड़ी ही ख़िलाड़ीन औरत थी मैं समझ गया था कि पूरा निचोड़ ही डालेगी मुझे पर हम भी फोज की दाल पिए हुए थे

मैने उसके बोबो को पीना शुरू कर दिया था और वो मेरे लंड पर अपनी गान्ड हिला रही थी उसकी चूत की रगड़ से लंड बड़ा ही मस्त हो गया था भाभी बोली लगता है तेरा लंड मेरे पेट तक ही पहुच गया है मैने कहा अब जहाँ भी जाए जाने दो मुझे तो मज़ा आ रहा है और मैने मस्ती मे आकर चूची पर काट लिया

तो वो मना करते हुए बोली दाँत ना लगाओ तुम तो कल चले जाओगे पर पतिदेव को मुझे जवाब देना भारी हो जाएगा थोड़ा सा प्यार से करो ना और अपनी छातिया मेरे चेहरे पर रगड़ने लगी तो मैं और भी पागल हो गया मैने उन्हे कहा कि आप अपने चूतड़ उपर की ओर कर लो मैं नीचे से धक्के लगाता हू क्योनि अब मेरा रुकना मुश्किल हो रहा था

 


मैने उनके पुट्ठो को मजबूती से थामा और ताबड तोड़ धक्के लगा ने लगा तो उनका कामुक बदन हिलने लगा और वो मेरे सीने पर झुक गयी बड़ी ही प्यारी योनि को मैं अब बुरी तरह से रोन्द रहा था थोड़ी देर बाद मैने उन्हे अपने नीचे ले लिया तो उन्होने अपनी टाँगे मेरी कमर के इर्द गिर्द कर ली और एक बार फिर से हमारे लब एक दूजे से जुड़ गये थे अब ज़रूरत थी बस तेज रफ़्तार की

मेरा हर एक धक्के के बोझ से भाभी दबी जा रही थी भाभी का हिलता हुआ बदन मेरे जिस्म मे अँगारे भर रहा था और सोनू की चूत से तो काफ़ी ज़्यादा रस बह रहा था गीली योनि मे लंड बार बार फिसले जा रहा था सोनू अपना हाथ टाँगो के बीच ले गयी और मेरी गोलियो को सहलाने लगी तो और भी उत्तेजना होने लगी मैं पूरी रफ़्तार लगाते हुवे सोनू को रोन्दे जा रहा था और वो भी बड़ी ही खुशी से मेरी बाहों मे पिस रही थी

मैने कहा भाभी कोढ़ी हो जाओ थोड़ी देर तो वो बोली ना तुम ऐसे ही करो मैं बस झड़ने ही वाली हूँ तुम्हारे लंड को अंदर तक फील कर रही हू मुझे मेरे मज़े से वंचित ना करो बस थोड़ी सी देर की बात है और नीचे से अपनी गान्ड को उपर नीचे करने लगी उफ़फ्फ़ यार कितनी चुदासी औरत थी ये वैसे तो बड़ी सरीफ़ बनती है पर बेड पर देखो क्या कयामत है

खैर, मैं तो पूरी रफ़्तार से लगा ही हुआ था उनको चोदने को तो फिर कुछ मिनिट और बीते होंगे कि भाभी मुझ से किसी जोंक की तरह चिपक गयी उनके नाख़ून मेरी पीठ मे गढ़ गये गीली चूत और भी बह गयी थी भाभी मुझसे ऐसी चिपक गयी थी जैसे की फेविकोल लगा दिया हो बस उनकी कमर ही धीरे धीरे से हिल रही थी पर मेरी नसें भी अब खून के दोरे से भड़कने लगी थी

सारा खून बस नसों मे एकत्रित होने लगा था लंड की नसें उभर कर मोटी हो गयी थी मैं भी बस पल दो पल मे ही ढेर होने वाला था और फिर आख़िर मेरे लंड ने भी झटके खाते हुए अपना पानी कॉंडम मे ही छोड़ दिया और मैं भाभी के उपर ही पसर गया बड़ा ही सुकून मिला था मुझे करीब बीस पच्चीस मिनिट तक मैं झड़ने के बाद भी सोनू के उपर ही पड़ा रहा वो मुझे अपने से चिपकाए रही

लंड तो कबका सिकुड कर चूत से बाहर आ गया था फिर सोनू ने मुझे अपने उपर से हटाया औ शॉल ओढ़ कर बाहर चली गयी मैं भी उठा और मूतने चला गया आकर दो गिलास पानी पिया तो कुछ चैन आया ये भी एक अजीब सी आदत हो गयी थी कि चुदाई के बाद प्यास बड़ी लगती थी तो मैं फिर रज़ाई के अंदर घुस गया और भाभी की इंतज़ार करने लगा करीब बीस मिनिट बाद भाभी एक बड़े गिलास मे दूध लगी और बोली लो ये पी लो तुम्हारे लिए स्पेशल काजू-बादाम वाला दूध लाई हूँ

मैने कहा इसकी क्या ज़रूरत थी भाभी तो वो बोली पी लो आज बड़ी मेहनत करवानी है तुमसे मैने कहा इतना दम तो है मेरे अंदर भाभी पर तुम संभलना कही बीच रास्ते मे ना छोड़ देना तो वो मेरे साथ ही रज़ाई मे आ गयी मैं दूध पीने लगा और उसने अपने हाथ मे मेरा लंड ले लिया वो बोली तुम्हारा मूसल तो बड़ा गजब और कड़क है

मैने कहा आप भी कड़क माल हो सच बताऊ फोज मे कई बार आपके बारे मे सोच सोच कर ही मुट्ठी मारी है तो वो बोली मैं किस किस का ध्यान रखूं अब आज कल तो हर कोई किसी भी सुंदर औरत को नज़रो से ही चोद देता है मैने कहा अब आप इतने ज़ोर का माल हो तो लोगो का भी क्या कसूर तो भाभी बोली वो भी है मैं उनसे बाते करते हुए दूध को घूँट घूँट करके पिए जा रहा था मैने पूछा तुमको कैसे चुदना पसंद है तो वो बोली तुम्हारी जैसे मर्ज़ी आए वैसे चोद लो पूछते क्या हो मैने कहा बताओ ना

वो बोली क्या बताऊ आख़िर लंड जाना तो चूत मे ही है ना मैं बोला बड़ी गंदी बाते कर रही हो तो वो बोली अब मोका है तो मैं भी अपने मन की कर लूँ वरना ग्रहस्ती मे कहाँ फ़ुर्सत मिलती है सारा दिन घर के कामो मे पिलो रात को पतिदेव आए टाँगे उठाई और बस चोद कर सो गये पर तुम्हारी भूखी नज़रो को मैने पहले ही भाँप लिया था और वैसे भी फोजी लोग तो चूत के भूखे होते ही है

मैने कहा वो तो है भाभी , अब फोज मे तो बस गान्ड ही घिसनी है और कुछ नही बस तनख़्वाह मिल जाती है तो बजा रहे है ड्यूटी और कुछ नही है तो सोनू बोली पर तुम तो अफ़सर हो मैने कहा रे भाभी अफ़सर की ही तो गान्ड मे लट्ठ है 24 घंटे जान का जोखिम अलग से तुम्हे पता है कश्मीर मिली थी पहली पोस्टिंग डेढ़ महीना तो फोज के हस्पताल मे ही काटा मैने मैं ही जानू सू कि कैसे रहता हू वहाँ पर

और इधर घरवाले कुछ समझे ना वो बोली सब ठीक हो जाएगा उसके हाथो से स्पर्श से लंड मे दुबारा जान आने लगी थी तो भाभी गोलियो को भी पपोल्ने लगी थी मैं बोला भाभी लंड चूसो ना तो वो रज़ाई मे नीचे को हो गयी और फिर अपने मूह मे मेरी गोली को ले लिया मैने अपना सर बेड के सिरहाने से लगा लिया और भाभी की शरारतों का आनंद लेने लगा

भाभी के चूतड़ मेरी तरफ हो गये थे तो मैने उनको 69 मे ले लिया अब वो मेरे उपर आ गयी थी चूत से आती खुश्बू मेरी नाक मे समाकर मुझे मदहोश करने लगी थी जैसे ही उनके लबों ने मेरे लंड की खाल को टच किया ठीक उसी पर मैं अपने होंठो को चूत से छूने से रोक ना सका और मैने वहाँ पा किस कर दिया सोनू का बदन कांप ही गया

उसके होटो से निकलती भाप जब मेरे लंड पर पड़ी तो कसम से मज़ा ही आ गया मैं अपनी नाक से योनि को रगड़ने लगा तो सोनू भी लंड पर अपनी जीभ का जादू बिखेरने लगी पेशाब करने वाले छिद्र पर वो अपनी जीभ फिराते हुए बोली कितना टेस्टी है तेरा लंड दिल करता है किसी कुलफी की तरह मैं इसको चूस ही जाउ मई बोला भाभी तो फिर चूसो ना

सोनू की भूरी गान्ड का छेद मेरी आँखो के सामने था बेहद ही छोटा सा देखते ही मैं समझ गया कि गान्ड नही मरवाई है इसने अभी तक तो मैने अपनी जीभ वहाँ पर लगा दी और उसके छेद को जीभ से कुरेदने लगा सोनू ने अपने चुतड़ों को भीच लिया और बोली उफफफफफफफफफफफ्फ़ ये क्या कर रहे हो उधर कोई जीभ लगाता है क्या मैने कहा तुम्हारी गान्ड है ही इतनी मस्त कि इसका स्वाद भी तो चखना ज़रूरी है

 


वो बोली पागल हो तुम , मैं अब कभी उसकी चूत को चाट ता तो कभी उसकी गान्ड को सोनू की चूत फिर से बहने लगी थी और अपना लंड तो चूत देखते ही खड़ा हो जाता था तो उसका जिकर करना बेकार है

हम दोनो पूरी शिद्दत से एक दूसरे के गुप्तांगों का मज़ा लूट रहे थे सोनू जब अपने दाँत लंड पर गढ़ाती तो मेरी तो जान ही अटक जाती दस पंद्रह मिनिट तक हम दोनो ऐसे ही लगे रहे फिर वो मेरे उपर से उतर गयी उसकी आँखो मे उतर आए नशे से मैं भी झूमने लगा था मैने बड़े प्यार से उसे बेड पर ही कोढ़ी किया और उसके चुतड़ों के बीच से होते हुए लंड को चूत के मुहाने से सटा दिया

सोनू ने अपने हाथो से बेड के सिरहाने को मजबूती से थाम लिया और मैने लंड को अंदर सरका दिया गरम चूत और गरम लंड जब आपस मे टकराए तो फिर चिंगारिया तो उठनी ही थी पर बात चिंगारियो तक नही रुकने वाली थी यहाँ तो शोलो से भड़कती हुए आग जल रही थी जिस्मो मे ये जिस्म की प्यास भी बड़ी ही शातिर होती है जितना भी भुजाओ गे उतनी ही भड़कती जाएगी

ये आग ऐसी जो पानी से भी ना बुझे और बस जलते ही रहो इस मस्तानी आग मे तो हम कॉन से जुदा थे तो फिर कर दी शुरुआत इस आग के दरिया मे डूब ने को मैने उसकी गर्दन को अपने हाथ मे पकड़ लिया और उसके कुल्हो को अपने लंड की ताल पर नाचवाने लगा सोनू का मादक जिस्म आज मेरी पनाह मे था सोनू थोड़ा सा आगे को झुक गयी मैं उसकी पीठ को चूमते हुए अब उसकी चुदाई करने लगा

उसने अपनी टाँगो को आपस मे जैसे चिपका ही लिया था इस वजह से चूत का दरवाजा बड़ा ही संकुचित हो गया था तो घर्षण का मज़ा थोड़ा बढ़ गया था अब लंड पंखुड़ियो से रगड़ ख़ाता हुआ चूत की गहराई को नाप रहा था सोनू आआआआआअ आआआआआ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ उूुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ उूुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ ओ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ हूऊऊऊऊऊऊऊऊओ ओूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ हाईईईईईईईईईईईईई हाई हाईईईईईईईईईईईईईईईईई

करने लगी थी उसकी सिसकियो से पूरे चॉबारे मे एक अलग सा ही मधुर संगीत जैसे बज रहा हो उसके मांसल चूतड़ लंड के हर धक्के से ताल से ताल मिलाते हुए हिल रहे थे क्या कशिश थी उसके चुतड़ों मे अगर नंगी खड़ी हो जाए तो ऋषि मुनियों का मन भी विचलित कर दे और मैं तो वैसे ही ठहरा हवस का पुजारी अब मैने उसकी कमर को कस कर थाम लिया

और फिर अपनी रफ़्तार को बढ़ाने लगा सोनू की मस्तानी टाँगे काँपने लगी थी उसका कंपन महॉल को और भी कामुक कर रहा था काफ़ी देर तक वो उसी पोज़िशन मे रही फिर वो बोली मेरे पाँव दुखने लगे है और आगे को सरक गयी तो लंड चूत से बाहर निकल आया मैने सोनू को खड़ी किया और खड़े खड़े ही चोदने लगा तो उसने अपने होठ आगे को किए और मुझे किस करने लगी

उसके मलाईदर होठ जैसे मेरे मूह मे घुल ही गये थे मैं उसकी गान्ड को दबाता उसे चोद रहा था और सोनू भी अपनी तरफ से पूरा ज़ोर लगा कर चुदाई का भरपूर आनंद उठा रही थी फिर वो बोली ऐसे ही करते रहो ऐसे ही करते रहो क्या मज़ा आ रहा है काफ़ी दिनो बाद तबीयत से चुद रही हूँ मैं सोनू तो तुम्हारी गुलाम हो गयी है अब जब भी बुलाओ गे तुम तो मैं सब कुछ छोड़ छाड़ कर आ जाउन्गी तुमसे चुदने को

निचोड़ दो मेरी निगोडी चूत की बूँद बूँद को दिल तो कर रहा है कि सारी उमर तुम्हारे मूसल को अपनी चूत मे डाले रहूं उसकी सेक्सी बाते चुदाई को और भी रोमॅंटिक बना रही थी वैसे भी सेक्सी बाते करते हुए चुदाई का तो मज़ा ही निराला है और सोनू तो चॅंपियन निकली थी फिर वो थोड़ी सी झुकी और मेरी चेस्ट पर अपने होंठो से किस करने लगी तो मेरी नसों मे उत्तेजना का पारा और भी बढ़ गया

घनघोर सर्दी के मोसम मे भी हम दोनो का बदन पसीने से नहा गया था फिर उसने जब मेरे निप्पल को अपने होंठो मे भर लिया तो मैं तो कुर्बान ही हो गया था लास्ट टाइम पद्मिपनी के साथ ही रफ सेक्स किया था मैने तो मैने सोनू को अब बेड पर पटका और उसकी टांगो को अपने कंधो पर टिका लिया और उसको अपनी तरफ सरका लिया सोनू की लॅप लपाती हुई चूत मे झट से लंड घुस गया

 


सोनू ने एक गर्म आह भरी और अपने बोबो को दबाने लगी मैं ताबड तोड़ लंड को अंदर बाहर किए जा रहा था बिस्तर पर मचलती हुई सोनू कीहालत को देख कर मेरा जोश और भी बढ़ ने लगा तो मैं और भी तेज तेज उसको चोदने लगा सोनू की चूत की चिकनाई काफ़ी बढ़ गयी थी जो की संकेत था कि वो झड़ने के करीब ही है और अपना हाल भी उस से कुछ जुदा ना था

8-10 मिनट तक मैने उसकी टाँग अपने कंधो पर ही रखी तो वो बोली कमर दुखने लगी है और मेरा……………. ……. मेरा ………………………. भी ………… पानी छूटने छूटने को हीईीई हाीइ ओह आआआआआआ अहह अहह आआआआआआआआआआआ अहह तूमम्म्ममममममममममममम तुम जल्दी से मेरे उपर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर आआऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ जल्दी से ……………………………………………… ……………. ……….

उसकी आँखे वासना के नशे मे गुलाबी हो चुकी थी तो मैं उसके उपर आकर पूरी तरह से उसमे समा गया था उसके कामुक होंठो से टपकती लार को मैं चाटने लगा तो सोनू और भी मस्त होने लगी थी और फिर अचानक ही उसके बदन मे ऐंठन हुवी और वो झड़ने लगी और ठीक उसी पल मेरे लंड ने भी वीर्य उसकी चूत मे छोड़ दिया गरमा गरम गाढ़ा सफेद पानी उसकी योनि के रस मे मिलने लगा

मैं और सोनू दोनो एक साथ ही अपने अपने चरम को प्राप्त हो गये थे पता नही कितनी देर हम झड़ने के बाद भी एक दूसरे की बाहों मे खोए रहे कुछ याद नही बस याद था तो वो मदहोशी का आलम और जिस्मो मे जलती हुवी आग जो और भी भड़कनी थी आज की रात…

शायद थोड़ी देर के लिए हम दोनो की आँख लग गयी थी जब होश आया तो मैं सोनू के उपर से उतरा और बाहर पेशाब करने चला गया पीछे पीछे सोनू भी आ गयी और पास ही बैठ कर मूतने लगी चूत की फांके खुली और स्रर्र्र्र्ररर स्रर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर स्रर्र्ररर करते हुवे एक मोटी धारा पेशाब की छूट से फुट पड़ी सोनू की आह निकल गयी बाहर कड़ाके की ठंड थी तो गरम पेशाब से उसे अच्छा लगा

फिर हम दोनो रज़ाई मे घुस गये दो पल बाहर गये थे उसी मे ही बदन कांप गया था सोनू मेरी बाहों मे लेटी हुई थी मैने कहा भाभी गान्ड मर्वाओगी क्या तो वो बोली ना बाबा ना आज तक अपने पति से ही ना मरवाई तो तुमसे कैसे मरवा लूँ मैने कहा पर तुम तो कह रही थी कि जो चाहे कर लेना मैं बोला गान्ड तो देनी ही पड़ेगी भाभी वरना आज की रात अपना मिलन अधूरा रह जाएगा

मैने उसका हाथ अपन लंड पर रख रिया , वो बोली पर मैने आज तक गान्ड मे लंड नही लिया है बहुत दर्द होगा मैने कहा भाभी जब चूत मरवाई थी तब भी तो दर्द हुआ था फिर एक बार और सह लो पर सोनू मना करने लगी मैने कहा सुबह होने वाली है फिर पता नही कभी ये रात आए ना आए मुझे प्यासा ना छोड़ो तो वो बोली तुम ज़िद ना किया करो मैं बोला तुम प्यार से गान्ड मरवा लो मैं ज़िद नही करूँगा

वो मेरे लंड को सहलाते हुवे बोली मनोगे तुम नही , तो ठीक है आज की रात तुम मेरे मेहमान हो तुम्हारी हर इच्छा मैं पूरी करूँगी मैने कहा भाभी तुम चिंता ना करो बड़े ही प्यार से लूँगा तुम्हारी गान्ड तुम्हे पता भी नही चलेगा कि कब लंड अंदर घुस गया और फिर तुम्हारी गान्ड है भी तो इतनी प्यारी की मुझसे रुका ही नही जा रहा कब से तुम्हारे चुतडो मे लंड डालने की इच्छा है मेरी आज मुझे पूरी कर लेने दो भाभी

सोनू बोली ठीक है पर ज़्यादा दर्द ना करना आओ ले लो मेरी गान्ड मैने सोनू को उल्टी लिटा दिया जिससे उसके मोटे गद्देदार चूतड़ उपर की तरफ हो गये और मुझे अपनी ओर बुलाने लगे मैने लंड पर थूक लगाया और उसको गान्ड से स्टा दिया धक्का मारा पर गान्ड बेहद ही टाइट थी तो लंड फिसल गया बात नही बनी दो तीन बार ऐसा ही हुआ तो मैने बेड पर रखी बॉडी लोशन की शीशी उठाई

और ढेर सारा लोशन गान्ड के छेद पर माल कर उसको एक दम चिकनी कर दिया और फिर अपने पूरे लंड को भी मल लिया अब वो बेहद ही चिकना हो गया था तो अब मैने जब धक्का लगा या तो लंड का सुपाडा आधा अंदर छेद को चौड़ा करते हुए घुस गया सोनू कि तो जैसे आँखे ही बाहर आ गयी उसकी साँसे अटक ही गयी वो ज़ोर से चीखी ऊऊऊओ माआआआआआआआआआआआआआ मररर्र्रृिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई रीईईई

ओह निकाआाालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल ऊऊऊऊऊऊऊऊओ इसकूऊऊ मररर्र्र्र्र्र्र्रृिईईईईईईईईईई मैईईईईई तूऊऊऊ मारीईईईई रीईईईईई नमआने तुरंत ही अपनी पकड़ उसके बदन पर मजबूत कर दी और एक और धक्का लगाते हुए लंड को अंदर को ठेलने लगा सोनू की गान्ड लंड की मोटाई के बराबर छोड़ी हो गयी तो उसको काफ़ी दर्द होने लगा वो चीखे जा रही थी पर मे लगा रहा

 


मुझे अच्छी तरह से पता था कि एक बार अगर लंड को गान्ड से हटा लिया तो फिर ये गान्ड कभी नही मिलेगी तो बिना उसकी परवाह किए पूरे लंड को अंदर कर के ही दम लिया मेरे अंडकोष उसके चुतडो से टकरा गये थे सोनू दर्द से रोते हुए बोली बड़ी जलन हो रही है अभिईीईईईईईईईईईईईई अभिईीईईई बाहर करो मैं बोला बस भाभी बस दो मिनट की ही बात है सब ठीक हो जाएगा

और उसके गालो को चूमने लगा पर उसको बड़ी तकलीफ़ हो रही थी पर ये बस थोड़ी देर की ही तो बात थी मैं शांति से उसके उपर पड़ा रहा काफ़ी देर वो सूबकिया ले ले कर रोती रही फिर जब लगा कि कुछ शांत हुई है तो मैने लंड को बाहर की ओर खीचा तो फिर से वो दर्द मे भर गयी मैने कहा भाभी जब इतना दर्द सहा है तो बस थोड़ा सह लो और

और फिर से लंड को गान्ड मे धकेल दिया सोनू दर्द से रोती हुई बोली आज आज मारले आज के बाद मेरी गान्ड को तो तू भूल ही जाना मैने कहा भाभी अगली बार तुम खुद आओगी अपनी गान्ड को मरवाने और फिर मैने दो तीन तेज धक्के मारे तो सोनू बोली आज तो जान ही निकालेगा क्या मेरी देख नही रहा कितनी तकलीफ़ मे हूँ मैं और तू रुक नही सकता क्या

मैने कहा मैं तो रुक जाउ पर ये लंड कम्बख़्त सोता ही नही है ये तो अपनी मर्ज़ी करता है इसे तो बस छेद चाहिए घुसने को और जब छेद आप जैसी गरम औरत का हो तो फिर कहने ही क्या बताओ कैसे कंट्रोल हो मैं सोनू को बातों मे लगाते हुए उसकी गान्ड मे लंड को अंदर बाहर करने लगा था सोनू की गान्ड वास्तव मे बहुत ही शानदार थी

अब उस गान्ड की तारीफ मे मे क्या लिखू जिसमे पहली बार बस मेरा ही लंड गया हो उसकी गान्ड की सील तोड़कर मुझे एक अन्द्रुनि खुशी हो रही थी मैं अब हौले हौले अपने लंड को घर्षण करने लगा था जब लंड को बाहर करता तो गान्ड का छल्ला भी खिच जाता उसकी गान्ड को लंड को बुरी तरह से कसा हुआ था लंड का दम घुट रहा था पर वो भी पक्का शूर वीर था

अब मैं तो बुरी तरह से गरम था तो मैं बस लग गया पूरी ताक़त सी उसकी गान्ड चोदने को सोनू दर्द सी आह आह कर रही थी पर अब मैं उसकी नही सुन ने वाला था तो मैं बस धक्के पर धक्के लगाने लगा और धड़ धड़ करते हुए लंड उसकी गान्ड को चिरने लगा सोनू तो बस मेरे झड़ने का ही इंतज़ार कर रही थी और उसकी गान्ड ने इतना दबाव डाल रखा था लंड पर कि बस मेरा पानी अब निकला अब निकला

सोनू बोली कितनी देर लगाओगे मैं मरी जा रही हू जल्दी से मेरा पीछा छोड़ो ना मैं तेज तेज धक्के लगाते हुए बोला भाभी बस होने ही वाला है तुम बस 5 मिनट रूको मे बस झड ही रहा हूँ और फिर मैने अपने लंड को बाहर की ओर खीचा और भाभी की गोरे गोरी चुतडो को अपने वीर्य से नहला दिया और फिर तक कर साइड मे गिर गया

सुबा फिर चाइ नाश्ता कर के ही उसके घर से आया मैं, अपने घर आया तो किसी ने ना पूछा कि रात कहा था ना मैने कुछ ज़रूरत महसूस कि किसी से बात करने को सीधा अपने कमरे मे गया और सो गया दोपहर बाद मिता के फोन की रिंग से नींद टूटी तो आँख मल्ता हुआ मैं उठा और उबासी लेते हुए बात करने लगा तो पता चला कि उसने उसकी मम्मी से बात की थी

और उसकी माँ मुझसे मिलना चाहती है तो बताओ कब मैने कहा कल मैं मामा के घर जा रहा हूँ दो चार दिन के लिए आने के बाद मिलते है तो वो बोली अब तुम बहाने बना रहे हो पता है कितनी मुश्किल हुई मुझे मम्मी को ये सब बताने मे पर आख़िर मैने बोल ही दिया और अब तुम मामा के यहाँ तो बाद मे भी जा सकते हो मैने कहा यार मेरा घर वालो से झगड़ा हो गया है

तो अभी मेरा दिल भी नही कर रहा इधर रहने को तू रहने दे तेरे घर पे बोल अभी आ जाता हूँ बॅग उठा कर तो वो बोली ठीक है पर मामा के यहाँ से जल्दी ही आ जाना क्योंकि फिर मुझे भी जाना है अजमेर वापिस मैने कहा हाँ ठीक है वैसे भी अब मेरी छुट्टियाँ अजमेर ही कटेंगी तो वो बोली मैं नही रहने दूँगी तुम्हे अपने साथ और हँसने लगी फिर दो चार बातों के बाद मैने फोन रख दिया और बाहर आया

भूख लग आई थी तो खाना प्लेट मे डाला ही था कि तभी मम्मी भी बाहर से आ गयी और फिर से वो ही सब बाते शुरू हो गयी तो फिर हलक से नीवाला नीचे ना उतरा मैने प्लेट टेबल पर रख दी और बोला मम्मी आप टुकड़ो मे ना सूनाओ एक बार ही निकाल लो ना पूरी भडास तो वो बोली बस मैं एक बात ही चाहती हू कि अगर कोई मेरी बहू बने तो सिर्फ़ उर्वशी ही बने

 


मैने कहा आप ज़रा भी समझने की कोशिश नही कर रहे हो अभी तो मुझे मिथ्लेश के घरवालो से भी बात करनी है उनको भी मना ना है जब मेरी खुद की माँ ही नही मान रही है तो फिर उन लोगो की क्या उम्मीद लगाऊ मैं आप तो कम से कम मेरा साथ दो और वैसे भी मैं आपको बता चुका हू कि उर्वशी के साथ मैं नही रह पाउन्गा सुख से क्योंकि मोहब्बत तो बस मैं मिथ्लेश से ही करता हू

मम्मी बोली , हाई देखो कितना निर्लज़्ज़ हो गया है माँ के आगे ही कैसे बेशार्मो की तरह जवाब दे रहा है, पता नही क्या जादू कर दिया है उस लड़की ने तुझ पर मैने चाची से कहा क़ि आप ही कुछ समझाओ मम्मी को तो वो बोली मैं कुछ नही बोल सकती बेटे तुम्हारी मम्मी का स्वाभाव तो जानते ही हो और फिर अगर मैं कुछ बोलूँगी तो दो बाते मुझे भी सुना देंगी

हम ठहरे फोजी आदमी फोज मे थे तो अफ़सरो की गालियाँ खाओ , दो घड़ी घर आए तो घरवालो के अलग नखरे बस हम तो पैसा कमाने वाली मशीन बनकर ही रह गये साला सीने मे धड़कते मासूम दिल की धड़कन किसी को भी ना सुनाई दे जाउ तो कहाँ जाउ मैने कहा मम्मी आप से हाथ जोड़कर मैं अपनी खुशी माँगता हू और फिर घर के सभी लोग खुश है मिता से तो आप भी बेटे के सर पर हाथ रख दो

तो वो बोली यही बात बेटे पर भी लागू होती है मैने कहा माँ तू मेरी जान माँग ले फिर बात ही ख़तम हो जाएगी जानती है उधर ड्यूटी पर 24 घंटे जान हथेली पर होती है ना जाने कॉन सी गोली मोत से मुलाकात का संदेशा ले आए और जब घर आओ तो इधर आप लोग ऐसा बर्ताव कर ते है मम्मी बोली मुझे तेरी कोई सफाई ना सुन नी मैने कहा तो ठीक है मैं जा रहा हू वापिस

मुझे भी उस मनहूस दिन कुछ ज़्यादा ही गुस्सा चढ़ गया था मैने अपना बॅग पॅक किया और नीचे आ गया मैने कहा मम्मी मैं जा रहा हू तो वो बोली जा कही भी जा जब तू मेरी मानता ही नही है तो फिर मैं क्यो रोकू , मैने बाइक स्टार्ट की तो उन्होने कहा मोटरसाइकल इधर ही छोड़ कर जा ये मेरे पति के पैसो की है खरीद लेना अपनी नयी अपनी कमाई से

ये सुनकर मेरी आँखो से आँसू छलक आए मैने रोते हुए कहा क्या क्या वापिस माँगो गी मम्मी ये सब कुछ तुम्हारी ही तो देन है , मेरा जीवन मेरी हर एक सांस मैने बाइक बंद की और चाबी को टेबल पर रख दिया और आँसू पोंछते हुए बोला ठीक है माँ अब इस घर से दाना पानी उठ गया मेरा और फिर बॅग लेकर मैं बाहर की ओर चल पड़ा तो पीछे से मम्मी ताना मारते हुवे बोली जा रहा है ना तो सुन फिर मूड के मेरे घर ना आइयो

बस फिर ऐसा निकला उस घर से , साथ थे तो बस आँखो से निकलते कुछ आँसू गली मे मूड ही रहा था कि अनिता भाभी की आवाज़ से कदम ठिठक गये भाभी मेरे पास आई और बोली पागल क्यो हो रहे हो चलो वापिस चलो तो मेरी रुलाई फुट पड़ी मैं उनके गले लग कर फुट फुट कर रोने लगा फिर मैं अलग हुआ और अपने हाथ जोड़कर भाभी से बोला , भाभी को भूल चूक हुवी हो तो माफ़ करना

अब मैं तो परदेसी हो चला घर बेगाना हो गया मेरे लिए भाभी रोते हुवे मुझे रोकती रही पर अब कहाँ रुकना था दिल तो कर रहा था कि काश कोई मेरे पैरो मे बेड़िया बाँध दे पर जो तकदीर खेल खिलाए वो ही खेलना पड़ता है हम कठ पुतलियो को तो बस फिर मैने एक पल को भी मूड के ना देखा बस स्टॅंड आया और सीधा देल्ही की बस पकड़ ली

सारा सफ़र बस आँखो आँखो मे ही कट गया लगा की जैसे किसी ने शरीर से प्राण ही खीच लिए हो पर फोज मे बस यही सीखा था कि एमोशन्स को काबू मे रखो रोना नही चाहे हालत कुछ भी हो तो अगले दिन मैं पहुच गया र&ऑ मे बॉस को रिपोर्ट किया तो वो बोले इतनी जल्दी क्यो आ गये अभी तो कई दिन बाकी थे हॉलिडेज़ के मैने कहा सर बस उधर दिल ही नही लगा तो आ गया

वो बोले ठीक है वैसे मुझे भी तुमसे कुछ डिसकस करना है मैने कहा जी सर वो बोले कि देखो तुम्हे तो पता ही है कि हम लोग किस तरह से वर्क करते है और तुम तो अंबुस के स्पेशलिस्ट हो तो एक मिशन है जिसमे तुम्हारे जैसे जाँबाज़ ऑफीसर की सख़्त ज़रूरत है अगर तुम हम कहो तो फाइल तुम्हारा इंतज़ार कर रही है मैने कहा जैसा आप ठीक समझे सर ………

तो वो बोले कि ठीक है तुम एक दो दिन आराम करो फिर तुम्हे बता ता हू मैने कहा ठीक है सर और वापिस अपनी डेस्क पर आकर काम करने लगा कुछ ही देर मे मुझे मिशन से संबंधित रिपोर्ट मिल गयी तो मैं उसे ही रीड करने लगा तो ये था एक एजेंट के रूप मे मेरा पहला मिशन मुझे प्रयाग जाना था हमारा एक एजेंट वहाँ पर लापता था कुछ टाइम से काफ़ी तलाश किया गया था पर उसका कोई सुराग नही था और मैं नया रेक्रूट था तो खोज बीन के लिए एक दम उपयुक्त था

 


मुझे कुछ और डेटा चाहिए था तो मैं साइबर सेल चला गया तो वहाँ मैं हमारे आनलिस्ट से जानकारी लेने लगा तो उसने कहा सर डेटा बेस हॅक होने मे थोड़ा टाइम लग रहा है मैने कहा कोई बात नही मैं वेट करता हू तो फिर उसने मुझे जानकारी दे ही दी मैं अपनी डेस्क पर कॉफी की चुस्किया लेते हुवे पूरे डेटा को अच्छे से रीड कर रहा था

तभी मेरे दिमाग़ की घंटी बजी मैं वापिस भागा साइबर सेल की ओर और जाकर उसी आनलिस्ट जिसका नाम समीर था , पकड़ा मैने कहा समीर तू किसी भी डेटा बेस को हॅक कर सकता है ना तो वो बोला जी सर तो मैने कहा यार मेरा एक पर्सनल काम है कर देगा वो बोला अरे सर आप तो बस हुकुम करिए आप का काम यू हो जाएगा मैने कहा यार एसबीआइ बॅंक के एंप्लायीस का सर्विस डेटा बेस हॅक कर देना

मुझे किसी की आइडेंटी सर्च करनी है तो वो बोला सर आप बैठो अभी कर देता हू तो मैने उसे निशा का नाम बताया अब बस नाम ही था मेरे पास तो खैर, उसने बताया कि सर एसबीआइ मे टोटल 9874 निशा नाम से वर्कर्स है बताओ आप वाली कॉन सी है मैने कहा तू एक काम कर सबका प्रिंट निकाल मैं अपने वाली को पहचान लूँगा तो वो बोला सर प्रिंटिंग मे थोड़ा सा टाइम लगेगा आप जाइए मैं आपकी डेस्क पर डेटा भिजवा दूँगा प्रिंट होते ही

मैने कहा यार थोड़ा सा जल्दी करना और फिर मैं आ गया पर आते ही बॉस ने बुलवा लिया और बोला कि परसो की फ्लाइट है तुम्हारी टिकेट कल सुबह तुम्हारी डेस्क पर होगी और एक नया पासपोर्ट भी जिस पर तुम्हे ट्रॅवेलिंग करनी है बाकी जो भी इन्फर्मेशन वहाँ से रिलेटेड है वो इस एन्वेलप मे है ध्यान से संभाल लेना तुम्हे वहाँ भी अपने लोग है तो चिंता ना करना किसी भी तरह की हर टाइम बॅक अप रहेगा तुम्हारे साथ

बॉस के साथ काफ़ी लंबी मीटिंग चली थी ख़तम होते होते रात के 8 बज गये थे मैं कॅबिन से बाहर आया तो पेट मे भी गुड गु होने लगी थी तो फिर मैं पार्लियामेंट की कॅंटीन चला गया डिन्नर करने के लिए तो लगभग साढ़े 9 बजे मैं वापिस डेस्क पर आया तो एस बीआइ वालो का डेटा मेरा इंतज़ार कर रहा था तो फिर एक कॉफी का ऑर्डर और दिया

और लग गया अपनी दोस्त को तलाशने मे इसी कोशिश मे रात का 1 से कुछ उपर हो गया पर काम नही बन रहा था आँखे भी नींद से बोझिल होने लगी थी पर तभी एक जाना पहचाना चेहरा मेरी नज़रो के सामने आ गया तो आँखे एक झटके मे ही खुलती चली गयी ये थी हमारी प्यारी निशा रानी मैने वो पेज अपने हाथो मे लिया और उसकी तस्वीर को चूम ही लिया

फिर गोर से उसकी सर्विस इन्फर्मेशन को रीड करने लगा तो पता चला कि मेडम साहिबा आजकल लोन मॅनेजर हो गयी है और पूना मे सर्विस कर रही है पर जहाँ पर उसका कॉंटॅक्ट नंबर था वहाँ पर शायद प्रिंटिंग मशीन से डबल प्रिंट हो गया था तो वो दिख नही हो रहा था पर मैं खुश था कि चलो कम से कम पता तो चला कि मेडम है कहाँ पर उसी टाइम मैं एजेन्सी से बाहर निकला और सीढ़ियो पर ही खुशी से नाचने लगा

समीर ने बड़ा ही अहसान किया था मुझ पर जो मैं कभी भी चुका नही सकता था जेब से फोन निकाल कर ऑन किया तो पता चला कि घर से ढेर सारे मिस कॉल थे पर मैने सोच लिया था कि वापिस कॉल करना ही नही है और नही उनका फोन उठाना है पर दिल मे एक तरफ निशा के मिलने की खुशी भी थी तो दिल साला पता नही कैसे बिहेव कर रहा था मैं तो पगला ही गया था

पर फिर वो खुशी थोड़े ही पलो मे दूर हो गयी क्योंकि अब मुझे प्राग जाना था तो बस फिर दिल को ऐसे ही समझा लिया कि जितनी जल्दी हो सके मिशन ख़तम करके फिर सीधा पूना पहुचना है तो दो दिन बाद मैं चल पड़ा अपनी ज़िंदगी के पहले हवाई सफ़र पर विदेश जाने का पहला मोका था तो दिल वैसे भी कुछ ज़्यादा ही उछाल रहा था तो पहुच ही गये वहाँ पर

एरपोर्ट पर ही मुझे हमारा दूसरा एजेंट मिल गया था तो उसके साथ फिर मैं ठिकाने पर चला गया सफ़र की थकान थी तो बस कुछ देर के लिए सो गया और फिर तरो ताज़ा होकर वहाँ की लोकल डीटेल्स ली और अपने मिशन को आक्टीवेट कर दिया मुझे बड़े ही ख़ुफ़िया तरीके से काम करना था क्योंकि हो सकता था कि एजेंट को किसी दूसरी ऑर्गनाइगेशन ने पकड़ लिया हो या फिर वो ही हमे डबल क्रॉस कर गया हो

एजेंट मे 90% का तो पता ही नही चलता की कॉन अपना है कॉन पराया जल्दी ही मैने वहाँ अपना नेटवर्क बना लिया और एक नये तरीके से अपनी रिपोर्ट बना ने लगा तो पता चला कि सेंसेस रोड पर एक पिज़्ज़ा शॉप है वो अक्सर क्या लगभग डेली ही उधर शाम को जाया करता था अब सरकारी पैसे का नेताओ के बाद कोई दुरुपयोग करता है तो बस वो ख़ुफ़िया एजेंट्स ही होते है

तो मैने भी सोचा कि थोड़ा टाइम इधर ही बिताना पड़ेगा ताकि कुछ इन्फर्मेशन निकाल सकूँ , तो हर शाम अपन भी उधर ही डेरा जमाने लगे साथी ने बताया था कि वहाँ पर एक वेटर काम करती है जेनी , उस से अपने बंदे का थोड़ा मेल मिलाप था ये सुनकर अपन और भी खुश हो गये क्या पता काम के बहाने चूत का भी जुगाड़ हो जाए तो कहने ही क्या पर मेन मुद्दा तो था अपने बंदे की तलाश करने का

मुझे मिलना था जेनी से पर पता चला कि पिछले कई दिनो से वो काम पर आ ही नही रही थी अड्रेस निकाला उसके फ्लॅट पर गया तो पता चला की वो भी कई दिनो से बंद ही है तो मैने एक रात को सोचा कि चुपके से उसके फ्लॅट की तलाशी ली जाए तो मैं अपनी योजना बना ने लगा एक अंधेरे मे तीर जलाने जैसा ही था पर अब काम तो होता है काम

तो एक रात आख़िर मैं मास्टर की से उसके फ्लॅट मे दाखिल हो ही गया और अपनी तहकीकात शुरू कर दी पूरा फ्लॅट छान मारा सब कुछ बड़े ही करीने से सजाया गया था पर मतलब का समान कुछ मिल नही रहा था तभी मेरी नज़र सेल्लिंग पर गयी बड़ी ही खूबसूरत डिज़ाइन बनी हुई थी तभी दिमाग़ मे आया कि सेलिंग की फिटिंग को भी देखा जाए वो भी एक अच्छी जगह थी कुछ छुपाने के लिए

मैने एक छड़ी की सहयता से जाँच करना शुरू किया और आख़िर मुझे एक जगह पर थोथा पन मिल ही गया तो मैने वहाँ से उसुको उखाड़ लिया और देखता क्या हूँ कि एक ब्लॅक कलर का बॅग था मैने बॅग को अपने क़ब्ज़े मे लिया और शांति से वहाँ से खिसक लिया और अपने अड्डे पर आ गया बॅग से 7-8 पासपोर्ट और करीब 1 लाख यूरो और कुछ ब्लू प्रिंट्स भी बरामद हुए शायद ये किसी तरह का प्लान था

मैने डॉक्युमेंट्स को अच्छे से रीड किया और फिर बॉस को फोन लगाया और बताया कि सर, मुझे पुर्तगाल जाना होगा और मुझे अब एक कंप्यूटर एक्सपर्ट भी चाहिए तो वो बोले की ठीक है मैं एक नंबर देता हू उसपे कॉल करो तुम्हारा जाने का इंतज़ाम हो जाएगा और पुर्तगाल मे पहुचते ही तुम्हे तुम्हारी टीम रेडी मिलेगी पर तुम्हे एक बार फिर से बताना चाहूँगा कि हमारा एजेंट हमें ज़िंदा चाहिए और हाँ वहाँ पर किसी को मार ना देना

क्योंकि पुर्तगाल के साथ हमारी टीटी नही है तो थोड़ा देख लेना मैने कहा आप चिंता ना करे मैं सब संभाल लूँगा तो फिर तैयारी हो गयी पुर्ताल जाने की , अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर मुझे कैसे पता चला कि जानी पुर्तगाल मे है दरअसल जब मैं उसके घर की तलाशी ले रहा था तो डस्टबिन मे मुझे कुछ रिसीट मिल गयी थी उसने किसी ट्रॅवेल एजेंट से वहाँ का टिकेट बुक कर वाया था

और देखा जाए तो वो बस एक ट्रॅप भी हो सकता था गुमराह करने के लिए पर मैने चान्स लेने का सोच लिया था तो बस पहुच गये वहाँ जाकर मैने होटेल मे अपने लिए रूम बुक किया और शवर लेने चला गया आकर कपड़े पहने ही थे कि गेट पर दस्तक हुई मैने दरवाजा खोला तो देखा कि एक बेहद ही गोरी चिटी और मुझसे भी लंबी 39-40 साल की बड़ी ही खूबसूरत नीली आँखो वाली औरत खड़ी थी

 
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