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Guest
अचानक, अपनी चूत पर उनकी उंगली महसूस कर के मैं चौंक गई और मेरी आँखें खुल गई. और जब मैने अपने पति को नंगा हो कर, मेरी टाँगों के बीच मे बैठा देखा तो मेरे आस्चर्य का कोई ठिकाना ना रहा. एक पल के लिए मेरी साँस रुक गई थी, मेरी चुचियाँ हिलनी बंद हो गई थी और उस एक पल मे मेरे मन मे ना जाने कितने विचार आए और गये.
और तब, मेरे पति ने मुझे बताया कि वो मुझे तब से देख रहे है जब से मैं यहाँ सागर किनारे पहुँची थी.
मुझे थोड़ी शर्म सी महसूस हुई की मेरे पति ने मुझे यहाँ, अपनी खुद की चूत मे उंगली डाल कर हस्त मैथून करते हुए देखा है. लेकिन उन्होने कहा कि उनका इस तरह छुप कर मुझे हस्त मैथून करते हुए देखना उनको बहुत पसंद आया. उन्होने चोरी से मुझे मेरी चूत मे उंगली करते हुए देखा तो उनको बहुत मज़ा आया. उन्होने ये भी कहा कि मैं इतने सेक्सी तरीके से अपनी चूत मे उंगली कर रही थी कि उन से रहा नही गया और वो जल्दी ही मेरे सामने आ गये. आज पहली बार उन्होने मुझे अपनी चूत मे उंगली कर के हस्त मैथून करते हुए देखा था. मैं शर्मा भी रही थी और मन ही मन खुश भी हो रही थी.
वो मेरी फड़कती हुई फुददी के नज़दीक आए तो मैने अपनी गंद उपर उठा कर अपनी चूत उनके और नज़दीक कर दी. उन्होने पहले तो अपनी बीच की उंगली मेरी चूत के बाहरी हिस्से पर धीरे धीरे घुमाई और फिर अपनी उंगली मेरी चूत के गीले होठों के बीच मे डाल दी. मेरी चूत तो पहले से ही गरम और गीली थी. फिर उन्होने अपनी उंगली मेरी चूत के अंदर घुसा कर गोल गोल फिराई तो मैं मस्त होने लगी.
जब उन्होने अपनी उंगली मेरी चूत के अंदर से वापस बाहर निकाली तो मैने सॉफ सॉफ देखा की उनकी उंगली पूरी तरह गीली हो गई थी, जैसे अपने मूह मे अपनी जीभ होती है. अपनी गेली उंगली से उन्होने मेरी गीली चूत का गीला दाना सहलाना शुरू किया तो मैने अपनी गंद हवा मे और भी उपर उठा ली.
मेरी चूत मे चुद्वाने की खुजली शुरू हो चुकी थी और उसका परिणाम ये हुआ कि मेरे मूह से तरह तरह की सेक्सी आवाज़ें निकलने लगी. जब भी मेरी चूत मे चुद्वाने की खुजली होती है और वो मुझे चोद्ते हैं तो मैं अपने मूह से सेक्सी आवाज़ें निकलने से नही रोक पाती. ये इस बात का सबूत है कि मुझे बहुत मज़ा आ रहा है. उन्होने अपने हाथ मेरी हवा मे झूलती नंगी और गोल गोल गंद पर घुमाए तो मेरी गंद अपनी आप ही भींचने लगी और अपने आप ही ढीली होने लगी. उन्होने ज़रूर मेरी गंद का ये कंपन महसूस किया होगा. उन्होने मेरी गंद की गोलाइयाँ दबाई और अपने हाथ मेरी गंद के नीचे रख कर मेरी गंद को ओर उपर किया तो मेरी चूत के होंठ उनके मूह के होंठों के लिए खुल गये. उन्होने ज़रा झुक कर, मेरी चूत के मूह पर अपना मूह रखा तो मेरे सारे बदन मे झूर झूरी सी दौड़ गई. उन्होने मेरी चूत के रस का स्वाद लिया जो की उनको हमेशा पसंद है. उनकी लप्लपाति हुई जीभ जब मेरी चूत के तने हुए दाने पर पहुँची तो मैं जैसे स्वर्ग की सैर करने लगी. मैने अपने घुटने मोड़ कर अपनी गंद को ऑर भी उपर किया. इस तरह मेरी गंद उपर करने के कारण उनको मेरी चूत चाटने मे बहुत सुविधा हो गई थी.
फिर मेरी चूत का दाना चूस्ते चूस्ते अचानक अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर डाल दी. मैं उस वक़्त सब कुछ भूल कर बस उनसे चुद्वाने मे व्यस्त थी. मैं ये भूल गई थी कि मैं कहाँ हूँ, जैसे मैं अपनी चूत मे उंगली करते वक़्त सब कुछ भूल गई थी.
मैं बहुत रोमांचित महसूस कर रही थी, पता नही अपनी चुदाई के कारण, या खुले आसमान के नीचे, सागर किनारे की जगह के कारण. पर बहुत मज़ा आ रहा था. उस सुनसान जगह पर केवल मेरे पति ही ऐसे थे जो मेरे मूह से निकलने वाली सेक्सी आवाज़ों को सुन सकते थे. थोड़ी देर तक मुझे अपने मूह से चोद्ने के बाद उन्होने अपना लोहे जैसा सख़्त, गरम, लंबा और मोटा लॉडा मेरी लंड के लिए प्यासी चूत मे डाला. जसी ही उन्होने अपना लॉडा मेरी चूत मे डाला, उन्होने अपने लंड का धक्का आगे की ओर मारा और मैने अपनी चूत का धक्का भी आगे की ओर मारा. और ऐसा हम तब तक करते गये जब तक कि उनका पूरे का पूरा लंबा लंड मेरी फुददी मे नही घुस गया.
और तब, मेरे पति ने मुझे बताया कि वो मुझे तब से देख रहे है जब से मैं यहाँ सागर किनारे पहुँची थी.
मुझे थोड़ी शर्म सी महसूस हुई की मेरे पति ने मुझे यहाँ, अपनी खुद की चूत मे उंगली डाल कर हस्त मैथून करते हुए देखा है. लेकिन उन्होने कहा कि उनका इस तरह छुप कर मुझे हस्त मैथून करते हुए देखना उनको बहुत पसंद आया. उन्होने चोरी से मुझे मेरी चूत मे उंगली करते हुए देखा तो उनको बहुत मज़ा आया. उन्होने ये भी कहा कि मैं इतने सेक्सी तरीके से अपनी चूत मे उंगली कर रही थी कि उन से रहा नही गया और वो जल्दी ही मेरे सामने आ गये. आज पहली बार उन्होने मुझे अपनी चूत मे उंगली कर के हस्त मैथून करते हुए देखा था. मैं शर्मा भी रही थी और मन ही मन खुश भी हो रही थी.
वो मेरी फड़कती हुई फुददी के नज़दीक आए तो मैने अपनी गंद उपर उठा कर अपनी चूत उनके और नज़दीक कर दी. उन्होने पहले तो अपनी बीच की उंगली मेरी चूत के बाहरी हिस्से पर धीरे धीरे घुमाई और फिर अपनी उंगली मेरी चूत के गीले होठों के बीच मे डाल दी. मेरी चूत तो पहले से ही गरम और गीली थी. फिर उन्होने अपनी उंगली मेरी चूत के अंदर घुसा कर गोल गोल फिराई तो मैं मस्त होने लगी.
जब उन्होने अपनी उंगली मेरी चूत के अंदर से वापस बाहर निकाली तो मैने सॉफ सॉफ देखा की उनकी उंगली पूरी तरह गीली हो गई थी, जैसे अपने मूह मे अपनी जीभ होती है. अपनी गेली उंगली से उन्होने मेरी गीली चूत का गीला दाना सहलाना शुरू किया तो मैने अपनी गंद हवा मे और भी उपर उठा ली.
मेरी चूत मे चुद्वाने की खुजली शुरू हो चुकी थी और उसका परिणाम ये हुआ कि मेरे मूह से तरह तरह की सेक्सी आवाज़ें निकलने लगी. जब भी मेरी चूत मे चुद्वाने की खुजली होती है और वो मुझे चोद्ते हैं तो मैं अपने मूह से सेक्सी आवाज़ें निकलने से नही रोक पाती. ये इस बात का सबूत है कि मुझे बहुत मज़ा आ रहा है. उन्होने अपने हाथ मेरी हवा मे झूलती नंगी और गोल गोल गंद पर घुमाए तो मेरी गंद अपनी आप ही भींचने लगी और अपने आप ही ढीली होने लगी. उन्होने ज़रूर मेरी गंद का ये कंपन महसूस किया होगा. उन्होने मेरी गंद की गोलाइयाँ दबाई और अपने हाथ मेरी गंद के नीचे रख कर मेरी गंद को ओर उपर किया तो मेरी चूत के होंठ उनके मूह के होंठों के लिए खुल गये. उन्होने ज़रा झुक कर, मेरी चूत के मूह पर अपना मूह रखा तो मेरे सारे बदन मे झूर झूरी सी दौड़ गई. उन्होने मेरी चूत के रस का स्वाद लिया जो की उनको हमेशा पसंद है. उनकी लप्लपाति हुई जीभ जब मेरी चूत के तने हुए दाने पर पहुँची तो मैं जैसे स्वर्ग की सैर करने लगी. मैने अपने घुटने मोड़ कर अपनी गंद को ऑर भी उपर किया. इस तरह मेरी गंद उपर करने के कारण उनको मेरी चूत चाटने मे बहुत सुविधा हो गई थी.
फिर मेरी चूत का दाना चूस्ते चूस्ते अचानक अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर डाल दी. मैं उस वक़्त सब कुछ भूल कर बस उनसे चुद्वाने मे व्यस्त थी. मैं ये भूल गई थी कि मैं कहाँ हूँ, जैसे मैं अपनी चूत मे उंगली करते वक़्त सब कुछ भूल गई थी.
मैं बहुत रोमांचित महसूस कर रही थी, पता नही अपनी चुदाई के कारण, या खुले आसमान के नीचे, सागर किनारे की जगह के कारण. पर बहुत मज़ा आ रहा था. उस सुनसान जगह पर केवल मेरे पति ही ऐसे थे जो मेरे मूह से निकलने वाली सेक्सी आवाज़ों को सुन सकते थे. थोड़ी देर तक मुझे अपने मूह से चोद्ने के बाद उन्होने अपना लोहे जैसा सख़्त, गरम, लंबा और मोटा लॉडा मेरी लंड के लिए प्यासी चूत मे डाला. जसी ही उन्होने अपना लॉडा मेरी चूत मे डाला, उन्होने अपने लंड का धक्का आगे की ओर मारा और मैने अपनी चूत का धक्का भी आगे की ओर मारा. और ऐसा हम तब तक करते गये जब तक कि उनका पूरे का पूरा लंबा लंड मेरी फुददी मे नही घुस गया.