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Guest
इस बार मैंने सोचा अगर कुछ नही बोलूंगा तो फिर आंटी नाराज़ हो जाएगी सो बोल पड़ा
हाँ चोदुंगा |
तो चोदा तो दुल्हन को ही जाता है न ? अच्छा छोड़ो, चलो मेरे ब्लाउज के हुक पीछे से खोल दो बहुत गर्मी लग रही है .............और यह कहते हुए आंटी करवट ले के मेरी तरफ पीठ कर के लेट गई |
मेरे तो मानो हाथ काँप रहे थे लेकिन मैंने हिम्मत कर के हुक खोल ही दिए |
खुल गए आंटी |
ब्रा भी खोल ही दो , तुम चूची से खेले बिना मानोगे थोड़ी न ? की रहने दूँ ?
नही नही गर्मी है खोल ही दीजिए |
अच्छा जी ! गर्मी के चलते खोल दूँ ? तुम्हे ज़रूरत नही है न मेरी चुचियों की ?
न्नन्नन्न नही न्न्न्न नही ये बात नहीं है |
तो क्या बात है ?
जरूरत तो है |
किस चीज़ की ज़रूरत है ? उसका कोई नाम तो होगा ?
ज़ीईईईईईईईई वही आपकी चुचियाँ |
ये हुई न बात | तो जल्दी से ब्रा भी खोलो |
अब मैं काफी कुछ खुल चुका था सो ब्रा खोलने में ज़्यादा हिचक नही हुई | मैंने झट से ब्रा के हुक खोल दिए| अब आंटी बोली अरे पप्पू ब्लाउज और ब्रा खोलने के लिए बोल रही हूँ केवल हुक खोलने के लिए नही ?
जी जी अभी खोलता हूँ | यह कहते हुए आंटी की बांहों में से ब्लाउज और ब्रा के स्ट्रैप्स निकालने लगा जिस दौरान मेरे हाथ आंटी की चुचियों से छू गए | नंगी चुचियों का स्पर्श मुझे उत्तेजना के चरम पर ले गया लेकिन मै संभलते हुए बोला सौरी आंटी |
किस लिए पप्पू ?
वो गलती से मेरा हाथ आपकी चूची पर लग गया था अभी |
आंटी बहुत जोर से हंसी और मेरे गाल पर एक प्यार भरी चपत लगाते हुए बोली हट पगले अरे चूची छूने पर सौरी बोलेगा तो चोदेगा कैसे ?
मैंने अपना सर झुका लिया | आंटी इतना खुलेआम चुदाई की बात कर रही थी की मेरी हालत खराब होने लगी थी | अब मुझे महसूस हो रहा था की किसी आंटी के बारे में सोच कर मुठ मार लेना तो बहुत आसान है लेकिन वही आंटी अगर सच में चोदने को बोले तो हालत खराब हो जाती है | मेरी भी हालत कुछ ऐसी ही थी |
अब आंटी उठी और बोली अरे बुद्धू अब मै बताती हूँ की कपड़े कैसे खोले जाते हैं | कहते हुए आंटी उठी और बिस्तर पर बैठ गई | फिर मेरा हाथ पकड़ कर बोली चलो खड़े हो जाओ |
मै एक सम्मोहित व्यक्ति की तरह खड़ा हो गया लेकिन मेरी नज़रें आंटी की चुचियो पर जमी हुई थीं | दोनों गोल उभार और हर उभार के ठीक बीचो बीच ब्राउन रंग के निप्पल ! मै तो मानो मदहोश सा होने लगा | तभी मेरी तंद्रा टूटी जब मैंने आंटी का हाथ अपने पैंट के हुक पर महसूस किया | मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और बोला मत खोली प्लीज़ | मुझे शरम आएगी | तो क्या मुझे पैंट पहन के चोदोगे?
हाँ चोदुंगा |
तो चोदा तो दुल्हन को ही जाता है न ? अच्छा छोड़ो, चलो मेरे ब्लाउज के हुक पीछे से खोल दो बहुत गर्मी लग रही है .............और यह कहते हुए आंटी करवट ले के मेरी तरफ पीठ कर के लेट गई |
मेरे तो मानो हाथ काँप रहे थे लेकिन मैंने हिम्मत कर के हुक खोल ही दिए |
खुल गए आंटी |
ब्रा भी खोल ही दो , तुम चूची से खेले बिना मानोगे थोड़ी न ? की रहने दूँ ?
नही नही गर्मी है खोल ही दीजिए |
अच्छा जी ! गर्मी के चलते खोल दूँ ? तुम्हे ज़रूरत नही है न मेरी चुचियों की ?
न्नन्नन्न नही न्न्न्न नही ये बात नहीं है |
तो क्या बात है ?
जरूरत तो है |
किस चीज़ की ज़रूरत है ? उसका कोई नाम तो होगा ?
ज़ीईईईईईईईई वही आपकी चुचियाँ |
ये हुई न बात | तो जल्दी से ब्रा भी खोलो |
अब मैं काफी कुछ खुल चुका था सो ब्रा खोलने में ज़्यादा हिचक नही हुई | मैंने झट से ब्रा के हुक खोल दिए| अब आंटी बोली अरे पप्पू ब्लाउज और ब्रा खोलने के लिए बोल रही हूँ केवल हुक खोलने के लिए नही ?
जी जी अभी खोलता हूँ | यह कहते हुए आंटी की बांहों में से ब्लाउज और ब्रा के स्ट्रैप्स निकालने लगा जिस दौरान मेरे हाथ आंटी की चुचियों से छू गए | नंगी चुचियों का स्पर्श मुझे उत्तेजना के चरम पर ले गया लेकिन मै संभलते हुए बोला सौरी आंटी |
किस लिए पप्पू ?
वो गलती से मेरा हाथ आपकी चूची पर लग गया था अभी |
आंटी बहुत जोर से हंसी और मेरे गाल पर एक प्यार भरी चपत लगाते हुए बोली हट पगले अरे चूची छूने पर सौरी बोलेगा तो चोदेगा कैसे ?
मैंने अपना सर झुका लिया | आंटी इतना खुलेआम चुदाई की बात कर रही थी की मेरी हालत खराब होने लगी थी | अब मुझे महसूस हो रहा था की किसी आंटी के बारे में सोच कर मुठ मार लेना तो बहुत आसान है लेकिन वही आंटी अगर सच में चोदने को बोले तो हालत खराब हो जाती है | मेरी भी हालत कुछ ऐसी ही थी |
अब आंटी उठी और बोली अरे बुद्धू अब मै बताती हूँ की कपड़े कैसे खोले जाते हैं | कहते हुए आंटी उठी और बिस्तर पर बैठ गई | फिर मेरा हाथ पकड़ कर बोली चलो खड़े हो जाओ |
मै एक सम्मोहित व्यक्ति की तरह खड़ा हो गया लेकिन मेरी नज़रें आंटी की चुचियो पर जमी हुई थीं | दोनों गोल उभार और हर उभार के ठीक बीचो बीच ब्राउन रंग के निप्पल ! मै तो मानो मदहोश सा होने लगा | तभी मेरी तंद्रा टूटी जब मैंने आंटी का हाथ अपने पैंट के हुक पर महसूस किया | मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और बोला मत खोली प्लीज़ | मुझे शरम आएगी | तो क्या मुझे पैंट पहन के चोदोगे?