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Guest
“जो चेहरे पर नकाब पहनकर किया है, बह मेरा कर्त्तव्य है !"
"किन्तु इस खेल में हमारा हैरी भी खत्म हो सकता है जूलिया ?"
"भले ही जूलिया का सब कुछ लुट जाए-बेटे की लाश पर रो…रोकर भले ही जूलिया पागल हो जाए, मगर सीक्रेट सर्विस का चीफ अपने एक एजेण्ट की मौत के डर से दुश्मन को
नेस्तनाबूद कर देने का आदेश बापस नहीं ले सकता ।"
"एक बार जूलिया----सिर्फ एक बार तुम अपने कर्तव्य से गद्दारी कर दो ।" जैकी अजीब-से स्वर में कह उठा…........भले ही हैरी मेरे और तुम्हारे कहने से न माना हो, लेकिन, यदि उसे
एक बार सीक्रेट सर्विस के चीफ़ का यह सब कुछ न करने और अमेरिका बापस चले जाने का आदेश मिल जाएगा तो वह उस आदेश को ठुकरा नहीं सकता ।"
जूलिया का जहरीला स्वर----" मुझें कर्तव्यं से गद्दारी करने की सलाह दे रहे हैं?"
. "एक बार जुलिया-सिर्फ एक बार ।"
“हरगिज नही दृढ़ स्वर । कैदखाने में सन्नाटा छा गया----जंजीरे तक खामोश थी !"
धमकते चेहरे बाला जैकी उत्तेजित-सा जूलिया को देखता रह गया, जबकि जूलिया भी निरन्तर उसी की आंखों में झांक रही हैं थी---------जैकी ने कसमसाकर पहलू बदला-जंजीरे खड़खड़ा उठी---फिर वह किसी जुनूनी पागल समान खुद ही बडबड़ा उठा…"ये..............ये तेरे दिए हुए वचन का अपमान हो रहा है जैकी------तुमने विकास से वादा किया था कि वह जैकी-विजेता है…धर्मयुद्ध मे जीत गया था वह---------यदि विजय या विकास में से किसी को कुछ हो गया तो यह मेरी शिकस्त होगी-मेरी शिकस्त !"
जूलिया उसे स्थिर-सी निगाहों से देखती रही ।
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हैरी आर्मस्ट्रांग !
विकास के मेकअप में उसने एक बहुत लम्बे-चौड़े और चमकदार हाॅल मे प्रबेश किया----------उसके साथ ही रेहाना भी थी--------
उसे देखते ही हाल की दीवारों से सटे हरी वर्दी पहने सशस्त्र लोगों ने उसे सैल्यूट दिया और सावधान की मुद्रा में खडे हो गए । अपने चेहरे से विकास का फेसमास्क उतारता हुआ वह हाल के एक तरफ़ पडी लम्बी-चौडी मेज की तरफ बढा-----इस वक्त खूबसूरत हैरी कीं नीली आंखों में गजब की चमक थी---------- --------फेसमास्क को किसी बेकार बस्तु के समान मेज पर डालता हुआ बोला----" तुम फ्रेश हो लो रेहाना-----कपड़े पहनकर तीस मिनट के अन्दर आओ----------तुम्हारे लोटने पर मैँ तुम्हें इसे हाल में एक ऐसा खेल दिखाऊँगा, जिसे देखकर तुम भी चौंक पड्रोगी ।"
" ऐसा क्या है?"
उसकी बात पर कोई ध्यान न देते हुए हैरी ने किसी को पुकारा-"हाॅफटन! "
" यस सर!" एक तन्दुरुस्त और गोरा-चिट्टा अमेरिकी एक कदम आगे आया ।
"रेहाना को हमारे कमरे में छोड़ आओ ।" कहने के बाद हैरी वहां स्का नहीं बल्कि लम्बे-लम्बे कदमों के साथ हाल पार कर गया-एक गैलरी में से गुजरता हुआ वह अंत में एक कमरे में पहुंचा ।
अलमारी में रखा एक शक्तिशाली ट्रांसमीटर ऑन किया-----किसी से सम्बन्थ स्थापित होने पर बोला-"हैलो… . हैलो…लाॅकहीड !"
दूसरी तरफ से आवाज उभरी…“लाॅकहीड हियर सर, ओबर ।"
"क्या रिपोर्ट है?”
"विजय और विकास का टकराव हो गया है सर! "
"हो गया है-इतनी जल्दी?"
"यस सर !"
"क्या परिणाम निकला?"
"विजय के बाएं पैर में गोली लगी है सर--"बस इससे आगे विकास उसे कोई हानि नहीं पहुंचा सका-उसके बाद की सभी गोलियों से विजय खुद को संग आर्ट की मदद से बचा गया-------उनमें जमकर मल्लयुद्ध हुआ---अंत में विकास बेहोश हो गया !"
"क्या विजय अंकल विकास पर भारी पड़े थे ?"
"यस सर-----उसके बाद मोन्टो ने भी कोशिश की थी, परन्तु विजय ने उसे भी बुरी तरह जख्मी और बेहोश कर दिया तथा उस इमारत से अपने साथियों को-----निकलकर ले गया ।"
"हम विस्तार पुर्वक पूरी रिपोर्ट सुनना चाहते हैं ।"
दूसरी, तरफ से बोलने वाले लॉकहीड नामक व्यक्ति ने उसके द्वारा विकास के मेकअप में पुलिस हेडक्वार्टर से रेहाना क्रो निकाल लाने की प्रतिक्रियास्वरूप समी घटनाएं विस्तार पुर्वंक बता दी ।
अंत में बोला------"विकास और मोन्टो को बेहोश अवस्था में उसी इमारत में छोडकर विजय अपने साथियो के साथ फिर गुलफाम के होटल पहुच गया है…इस वक्त वह-वही है !"
" विकास और मोन्टो को अभी तक होश आया या नहीं?"
" नो सर!"
" कोई बात नहीँ-होश में आते ही वह फिर वहीं प्रक्रिया जारी कर देगा---------------हालात ऐसे बनाए गए हैं लॉकहीड कि विजय … विकास को नहीं मार सकता, जबकि बिकास विजय के प्राणों का प्यासा है, इसीलिए विजय विकास को सिर्फ बेहोश करके छोड़ गया, यहीँ मौका यदि विकास को मिल जाता तो विकास उसे कभी जिन्दा न छोड़ता- जो रिपोर्ड तुमने दी है, उससे जाहिर है कि विजय अभी तक खुद को रघुनाथ का हत्यारा समझ रहा है, जबकि विकास उसे मार डालने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है----------मुठमेड़ में बह सिर्फ इसलिए बच गया, क्योंकि विकास पर भारी पडा-----मगर वह बिकास पर हमेशा भारी-नहीं पड़ेगा लाॅकहिड----------विकास उससे कम नहीं है-----मौके की बात है----एक बार विकास को मौका लगा नहीं, यानी विकास विजय पर भारी पड़ा नहीं कि लाश बिछ जाएगी-----भले ही हजार मुठभेड हों--------------विजय भारी पडता रहे, किंतु जव तक खुद विजय के दिमाग में यह गलतफहमी घुसी रहेगी कि उसने रघुनाथ को मार दिया है, तब तक यह दुश्मनी कायम रहेगी यह गलतफ़हमी विजय को अपनी, आखिरी सांस तक रहेगी --------विकास को भी हकीकत तब पता लगेगी, जबकि वह विजय को मार चुका होगा ।"
लॉकहीड की आवाज़-"यस सर!"
"तुम उन पर बराबर नजर रखो-----विकास और मोन्टो के होश मे आते ही तुम्हें कोई ऐसा शगूफा छोड़ना है जिससे विकास को यह पता लग जाए कि अपने साथियों कै साथ विजय गुलफाम के होटेल में हे…मैं जल्दी ही उनका टकराव दुबारा कराना चाहता हूं।”
"हो जाएगा सर !"
"ओ के, मुझें तुम्हारे मुंह से इस सूचना का बडी बेताबी से इंतजार है लॉकहीड कि विकास ने विजय को गोलियों से भून दिया है ।" कहने के बाद हैरी ने सम्बन्थ-विच्छेद कर दिया ।
कैदखाने में गहरी खामोशी का साम्राज्य था !!!
कभी-कभी जंजीरों की खड़खड़ाहट उसे भंग कर देती-एक कोने में जैकी पड़ा था, दूसरे में जूलिया-मोटी जंजीरों में कैद!
बे चल-फिर सकते थे ----किन्तु सिर्फ अपने-अपने दायरे में । अचानक वे दोनों हल्के से चौके…नजरे मिली---.फिर कैदखाने के एकमात्र रोशनदान पर स्थिर हो गई…छत से सिर्फ दो फुट नीचे एक छोटा-सा रोशनदान था-मोटी सलाखों से युक्त-----उसी रोशनदान के पार से अभी-अभी किसी कै कराहने की आवाज उभरी थी ।
जैकी और जूलिया के कान खड़े ही गए । तभी उस तरफ से पुन: किसी मानव के कराहने का स्वर उभरा----"इस बार आवाज पहले से कुछ ज्यादा स्पष्ट थी-----कुछ कहने के लिए अभी जैकी ने खोला ही था कि… !
"किन्तु इस खेल में हमारा हैरी भी खत्म हो सकता है जूलिया ?"
"भले ही जूलिया का सब कुछ लुट जाए-बेटे की लाश पर रो…रोकर भले ही जूलिया पागल हो जाए, मगर सीक्रेट सर्विस का चीफ अपने एक एजेण्ट की मौत के डर से दुश्मन को
नेस्तनाबूद कर देने का आदेश बापस नहीं ले सकता ।"
"एक बार जूलिया----सिर्फ एक बार तुम अपने कर्तव्य से गद्दारी कर दो ।" जैकी अजीब-से स्वर में कह उठा…........भले ही हैरी मेरे और तुम्हारे कहने से न माना हो, लेकिन, यदि उसे
एक बार सीक्रेट सर्विस के चीफ़ का यह सब कुछ न करने और अमेरिका बापस चले जाने का आदेश मिल जाएगा तो वह उस आदेश को ठुकरा नहीं सकता ।"
जूलिया का जहरीला स्वर----" मुझें कर्तव्यं से गद्दारी करने की सलाह दे रहे हैं?"
. "एक बार जुलिया-सिर्फ एक बार ।"
“हरगिज नही दृढ़ स्वर । कैदखाने में सन्नाटा छा गया----जंजीरे तक खामोश थी !"
धमकते चेहरे बाला जैकी उत्तेजित-सा जूलिया को देखता रह गया, जबकि जूलिया भी निरन्तर उसी की आंखों में झांक रही हैं थी---------जैकी ने कसमसाकर पहलू बदला-जंजीरे खड़खड़ा उठी---फिर वह किसी जुनूनी पागल समान खुद ही बडबड़ा उठा…"ये..............ये तेरे दिए हुए वचन का अपमान हो रहा है जैकी------तुमने विकास से वादा किया था कि वह जैकी-विजेता है…धर्मयुद्ध मे जीत गया था वह---------यदि विजय या विकास में से किसी को कुछ हो गया तो यह मेरी शिकस्त होगी-मेरी शिकस्त !"
जूलिया उसे स्थिर-सी निगाहों से देखती रही ।
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हैरी आर्मस्ट्रांग !
विकास के मेकअप में उसने एक बहुत लम्बे-चौड़े और चमकदार हाॅल मे प्रबेश किया----------उसके साथ ही रेहाना भी थी--------
उसे देखते ही हाल की दीवारों से सटे हरी वर्दी पहने सशस्त्र लोगों ने उसे सैल्यूट दिया और सावधान की मुद्रा में खडे हो गए । अपने चेहरे से विकास का फेसमास्क उतारता हुआ वह हाल के एक तरफ़ पडी लम्बी-चौडी मेज की तरफ बढा-----इस वक्त खूबसूरत हैरी कीं नीली आंखों में गजब की चमक थी---------- --------फेसमास्क को किसी बेकार बस्तु के समान मेज पर डालता हुआ बोला----" तुम फ्रेश हो लो रेहाना-----कपड़े पहनकर तीस मिनट के अन्दर आओ----------तुम्हारे लोटने पर मैँ तुम्हें इसे हाल में एक ऐसा खेल दिखाऊँगा, जिसे देखकर तुम भी चौंक पड्रोगी ।"
" ऐसा क्या है?"
उसकी बात पर कोई ध्यान न देते हुए हैरी ने किसी को पुकारा-"हाॅफटन! "
" यस सर!" एक तन्दुरुस्त और गोरा-चिट्टा अमेरिकी एक कदम आगे आया ।
"रेहाना को हमारे कमरे में छोड़ आओ ।" कहने के बाद हैरी वहां स्का नहीं बल्कि लम्बे-लम्बे कदमों के साथ हाल पार कर गया-एक गैलरी में से गुजरता हुआ वह अंत में एक कमरे में पहुंचा ।
अलमारी में रखा एक शक्तिशाली ट्रांसमीटर ऑन किया-----किसी से सम्बन्थ स्थापित होने पर बोला-"हैलो… . हैलो…लाॅकहीड !"
दूसरी तरफ से आवाज उभरी…“लाॅकहीड हियर सर, ओबर ।"
"क्या रिपोर्ट है?”
"विजय और विकास का टकराव हो गया है सर! "
"हो गया है-इतनी जल्दी?"
"यस सर !"
"क्या परिणाम निकला?"
"विजय के बाएं पैर में गोली लगी है सर--"बस इससे आगे विकास उसे कोई हानि नहीं पहुंचा सका-उसके बाद की सभी गोलियों से विजय खुद को संग आर्ट की मदद से बचा गया-------उनमें जमकर मल्लयुद्ध हुआ---अंत में विकास बेहोश हो गया !"
"क्या विजय अंकल विकास पर भारी पड़े थे ?"
"यस सर-----उसके बाद मोन्टो ने भी कोशिश की थी, परन्तु विजय ने उसे भी बुरी तरह जख्मी और बेहोश कर दिया तथा उस इमारत से अपने साथियों को-----निकलकर ले गया ।"
"हम विस्तार पुर्वक पूरी रिपोर्ट सुनना चाहते हैं ।"
दूसरी, तरफ से बोलने वाले लॉकहीड नामक व्यक्ति ने उसके द्वारा विकास के मेकअप में पुलिस हेडक्वार्टर से रेहाना क्रो निकाल लाने की प्रतिक्रियास्वरूप समी घटनाएं विस्तार पुर्वंक बता दी ।
अंत में बोला------"विकास और मोन्टो को बेहोश अवस्था में उसी इमारत में छोडकर विजय अपने साथियो के साथ फिर गुलफाम के होटल पहुच गया है…इस वक्त वह-वही है !"
" विकास और मोन्टो को अभी तक होश आया या नहीं?"
" नो सर!"
" कोई बात नहीँ-होश में आते ही वह फिर वहीं प्रक्रिया जारी कर देगा---------------हालात ऐसे बनाए गए हैं लॉकहीड कि विजय … विकास को नहीं मार सकता, जबकि बिकास विजय के प्राणों का प्यासा है, इसीलिए विजय विकास को सिर्फ बेहोश करके छोड़ गया, यहीँ मौका यदि विकास को मिल जाता तो विकास उसे कभी जिन्दा न छोड़ता- जो रिपोर्ड तुमने दी है, उससे जाहिर है कि विजय अभी तक खुद को रघुनाथ का हत्यारा समझ रहा है, जबकि विकास उसे मार डालने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है----------मुठमेड़ में बह सिर्फ इसलिए बच गया, क्योंकि विकास पर भारी पडा-----मगर वह बिकास पर हमेशा भारी-नहीं पड़ेगा लाॅकहिड----------विकास उससे कम नहीं है-----मौके की बात है----एक बार विकास को मौका लगा नहीं, यानी विकास विजय पर भारी पड़ा नहीं कि लाश बिछ जाएगी-----भले ही हजार मुठभेड हों--------------विजय भारी पडता रहे, किंतु जव तक खुद विजय के दिमाग में यह गलतफहमी घुसी रहेगी कि उसने रघुनाथ को मार दिया है, तब तक यह दुश्मनी कायम रहेगी यह गलतफ़हमी विजय को अपनी, आखिरी सांस तक रहेगी --------विकास को भी हकीकत तब पता लगेगी, जबकि वह विजय को मार चुका होगा ।"
लॉकहीड की आवाज़-"यस सर!"
"तुम उन पर बराबर नजर रखो-----विकास और मोन्टो के होश मे आते ही तुम्हें कोई ऐसा शगूफा छोड़ना है जिससे विकास को यह पता लग जाए कि अपने साथियों कै साथ विजय गुलफाम के होटेल में हे…मैं जल्दी ही उनका टकराव दुबारा कराना चाहता हूं।”
"हो जाएगा सर !"
"ओ के, मुझें तुम्हारे मुंह से इस सूचना का बडी बेताबी से इंतजार है लॉकहीड कि विकास ने विजय को गोलियों से भून दिया है ।" कहने के बाद हैरी ने सम्बन्थ-विच्छेद कर दिया ।
कैदखाने में गहरी खामोशी का साम्राज्य था !!!
कभी-कभी जंजीरों की खड़खड़ाहट उसे भंग कर देती-एक कोने में जैकी पड़ा था, दूसरे में जूलिया-मोटी जंजीरों में कैद!
बे चल-फिर सकते थे ----किन्तु सिर्फ अपने-अपने दायरे में । अचानक वे दोनों हल्के से चौके…नजरे मिली---.फिर कैदखाने के एकमात्र रोशनदान पर स्थिर हो गई…छत से सिर्फ दो फुट नीचे एक छोटा-सा रोशनदान था-मोटी सलाखों से युक्त-----उसी रोशनदान के पार से अभी-अभी किसी कै कराहने की आवाज उभरी थी ।
जैकी और जूलिया के कान खड़े ही गए । तभी उस तरफ से पुन: किसी मानव के कराहने का स्वर उभरा----"इस बार आवाज पहले से कुछ ज्यादा स्पष्ट थी-----कुछ कहने के लिए अभी जैकी ने खोला ही था कि… !