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राजेश मेरे पास आकर मेरे गले लगा और रेणुका ने भी मुझे गाल पर किस किया. राजेश बोला "ऐसे आंखे फाड़ कर क्या देख रहे हो तुम्हारे घर का माल है."
मैंने कहा "वही तो देख रहा हूँ की पैकिंग तो पूरी बदल गयी."
"सिर्फ पैकिंग ही नही माल अन्दर से भी बहुत बदल गया है. घर पहुच कर देख लेना. दिव्या कहा है." राजेश ने पुछा.
"मैंने आज बैंक से छुट्टी ली है तो वो आज स्कूल चली गयी. चलो घर चलो. रश्मि दीदी वेट कर रही होंगी." मैंने राजेश को बताया.
"वाह क्या खबर सुनाई है दोस्त. रश्मि आई हुई है." राजेश बोला.
"मन नहीं भरा तुम्हारा अभी भी? पूरे एक महीने सुबह से शाम यही तो किया है." रेणुका ने राजेश को ताना मारा पर उसने ध्यान नहीं दिया. हम लोग सामान लेकर घर वापस आ गए. अच्छा हुआ की मोहल्ले में हमे किसी ने नहीं देखा वरना रेणुका की ड्रेस को लेकर हल्ला हो जाता. घर पहुचते ही रेणुका तो नहाने चली गयी. राजेश ने मुझसे पुछा "यार तेरी बहन नहीं दिखाई दे रही."
"अन्दर सो रही होगी. कल पूरी रात जगे थे हम लोग" मैंने राजेश को बताया. राजेश फ़ौरन मेरे बेडरूम में घुस गया. रश्मि दीदी वही सो रही थी. शायद रेणुका और राजेश आने वाले है ये सोच कर उन्होंने अपने इनर वियर पहन लिए थे. राजेश ने आव देखा न ताव सीधे दीदी के चुतर को पकड़ कर मसल दिया.
आःह्ह्ह दीदी एक कराह के साथ जाग गयी. वो राजेश को देख कर चौंक गयी पर राजेश ने उन्हें कुछ बोलने का मौका ही नहीं दिया और उनकी ग्रीन पेंटी को उतारने लगा. मैंने दीदी को इशारा किया तो दीदी ने कमर उठा कर उसकी मदद कर दी. पेंटी उतार कर राजेश ने सीधा दीदी की चूत पर अपनी जबान से हमला किया और जोर जोर से दीदी की चूत चाटने लगा.
मैंने कहा "वही तो देख रहा हूँ की पैकिंग तो पूरी बदल गयी."
"सिर्फ पैकिंग ही नही माल अन्दर से भी बहुत बदल गया है. घर पहुच कर देख लेना. दिव्या कहा है." राजेश ने पुछा.
"मैंने आज बैंक से छुट्टी ली है तो वो आज स्कूल चली गयी. चलो घर चलो. रश्मि दीदी वेट कर रही होंगी." मैंने राजेश को बताया.
"वाह क्या खबर सुनाई है दोस्त. रश्मि आई हुई है." राजेश बोला.
"मन नहीं भरा तुम्हारा अभी भी? पूरे एक महीने सुबह से शाम यही तो किया है." रेणुका ने राजेश को ताना मारा पर उसने ध्यान नहीं दिया. हम लोग सामान लेकर घर वापस आ गए. अच्छा हुआ की मोहल्ले में हमे किसी ने नहीं देखा वरना रेणुका की ड्रेस को लेकर हल्ला हो जाता. घर पहुचते ही रेणुका तो नहाने चली गयी. राजेश ने मुझसे पुछा "यार तेरी बहन नहीं दिखाई दे रही."
"अन्दर सो रही होगी. कल पूरी रात जगे थे हम लोग" मैंने राजेश को बताया. राजेश फ़ौरन मेरे बेडरूम में घुस गया. रश्मि दीदी वही सो रही थी. शायद रेणुका और राजेश आने वाले है ये सोच कर उन्होंने अपने इनर वियर पहन लिए थे. राजेश ने आव देखा न ताव सीधे दीदी के चुतर को पकड़ कर मसल दिया.
आःह्ह्ह दीदी एक कराह के साथ जाग गयी. वो राजेश को देख कर चौंक गयी पर राजेश ने उन्हें कुछ बोलने का मौका ही नहीं दिया और उनकी ग्रीन पेंटी को उतारने लगा. मैंने दीदी को इशारा किया तो दीदी ने कमर उठा कर उसकी मदद कर दी. पेंटी उतार कर राजेश ने सीधा दीदी की चूत पर अपनी जबान से हमला किया और जोर जोर से दीदी की चूत चाटने लगा.