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सूरज भी अब बेड पर आ चुका था और वो अब शीला की गांड पर तेल लगाने लगा उसके हाथ के स्पर्श से शीला सिहर उठी उसकी गांड का छेद धीरे धीरे खुलने बंद होने लगा अब सूरज ने अपनी एक उंगली में तेल लिया और वो उंगली शीला की गांड में आगे पीछे करने लगा चूँकि शीला को पहले से भी उंगली की आदत थी तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। इधर सूरज अब गांड मारने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका था।
”बेटी तुम तैयार हो मैं लंड तुम्हारी गांड में घुसाने वाला हूँ” वो अपना लंड शीला की गांड के छेद पर सेट करते हुए शीला से बोले।
”हाँ अंकल मैं तैयार हूँ”कह कर शीला ने तकिया अपने मुंह में भर लिया और बेडशीट पर उसकी पकड़ सख्त हो गई वो दर्द सहने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी थी
अब अंकल ने शीला की चोटी पकड़ी और दूसरा हाथ उसकी कमर में डालते हुए अपने लंड को शीला की गांड के छेद पर रखकर एक ज़ोर का धक्का दिया ”आहह….माँ…….मर…गैिईईईई…….रीईए…..”की आवाज़ शीला के मुंह से निकली और अंकल का आधा लंड शीला की गांड में घुस गया।
शीला की चीख सुन कर सूरज रुक गया और वो एकटक शीला को ही देखने लगा।
”आहह……..अंकल रुक जाओ प्लीज़ जैसे हो वैसे ही रहो बहुत दर्द हो रहा है” शीला बोली उसे बहुत दर्द हो रहा था उसका दिल था की कह रहा था की अंकल लंड को तुरंत बाहर निकाल ले पर वो जानती थी की जब गांड मरवाना ही है तो दर्द तो सहन करना ही पड़ेगा इस लिए उसने अंकल से लंड निकालने को नहीं कहा।
अब धीरे धीरे उसका दर्द कुछ कम हुआ तो वो बोली ”अंकल अब जितना भी लंड बाहर है एक ही बार में अंदर घुसा दो ताकि बार बार दर्द ना हो” उसकी बात सुन कर सूरज ने तेल उठा कर बाहर बचे हुए लंड पर लगाया और थोड़ा सा लंड बाहर खिच कर एक जोरदार धक्का लगाया जिससे पूरा लंड शीला की गांड में घुस गया।
शीला के होठों से फिर एक घुटि घुटि सी चीख निकली क्योंकि उसने तकिया अपने मुंह में ठुंसा हुआ था जैसे ही लंड पूरा अंदर गया सूरज फिर रुक गया शीला धीरे धीरे अपने आपको संभालने लगी ।
”बेटी तुम तैयार हो मैं लंड तुम्हारी गांड में घुसाने वाला हूँ” वो अपना लंड शीला की गांड के छेद पर सेट करते हुए शीला से बोले।
”हाँ अंकल मैं तैयार हूँ”कह कर शीला ने तकिया अपने मुंह में भर लिया और बेडशीट पर उसकी पकड़ सख्त हो गई वो दर्द सहने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी थी
अब अंकल ने शीला की चोटी पकड़ी और दूसरा हाथ उसकी कमर में डालते हुए अपने लंड को शीला की गांड के छेद पर रखकर एक ज़ोर का धक्का दिया ”आहह….माँ…….मर…गैिईईईई…….रीईए…..”की आवाज़ शीला के मुंह से निकली और अंकल का आधा लंड शीला की गांड में घुस गया।
शीला की चीख सुन कर सूरज रुक गया और वो एकटक शीला को ही देखने लगा।
”आहह……..अंकल रुक जाओ प्लीज़ जैसे हो वैसे ही रहो बहुत दर्द हो रहा है” शीला बोली उसे बहुत दर्द हो रहा था उसका दिल था की कह रहा था की अंकल लंड को तुरंत बाहर निकाल ले पर वो जानती थी की जब गांड मरवाना ही है तो दर्द तो सहन करना ही पड़ेगा इस लिए उसने अंकल से लंड निकालने को नहीं कहा।
अब धीरे धीरे उसका दर्द कुछ कम हुआ तो वो बोली ”अंकल अब जितना भी लंड बाहर है एक ही बार में अंदर घुसा दो ताकि बार बार दर्द ना हो” उसकी बात सुन कर सूरज ने तेल उठा कर बाहर बचे हुए लंड पर लगाया और थोड़ा सा लंड बाहर खिच कर एक जोरदार धक्का लगाया जिससे पूरा लंड शीला की गांड में घुस गया।
शीला के होठों से फिर एक घुटि घुटि सी चीख निकली क्योंकि उसने तकिया अपने मुंह में ठुंसा हुआ था जैसे ही लंड पूरा अंदर गया सूरज फिर रुक गया शीला धीरे धीरे अपने आपको संभालने लगी ।