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शालु - आह पापा।। आपको मेरी अंडरआर्म की महक अच्छी लग रही है? (शालू कुछ अजीब सा आनन्द महसूस करती है उसे हल्का-हल्का खुमार छाने लगता है)
बंसल - हाँ बेटी।। तुम्हारे अंडरआर्म बहुत अच्छे स्मेल कर रहे है।। उम (कहते हुवे बंसल अपने होठों को अपनी बेटी की अंडरआर्म में रगड देता है। शालु के और क़रीब जाते हुए उसके पापा उसकी नंगी कमर को दोनों हाथो से पकड़ लेते है।। )
शालु - पापा आप भी न।।
शालु की तरफ से कोई ऐतराज़ न होता देख, बंसल अपना हाथ धीरे से शालु की नाभि के ऊपर ले जाता है।।उसने कभी भी किसी जवान लड़की की इतनी सॉफ्ट नवेल को नहीं छुआ था।। बंसल आनन्द से भर उठता है और अपनी हथेली को कस के शालु के नवेल को क्रश करने लगता है।
शालु - आआअह्ह पापा। क्या कर रहे हैं?
बंसल - बेटी तुम्हारे पेट और कमर का हिस्सा पसीने की वजह से ठण्डा हो गया है। मुझे अच्छा लग रहा है इसे छूने में।(कहते हुवे बंसल उसकी कमर को पकड़ कर अपनी ओर खीच लेता है और अपने हाथो से उसे दबाने लगता है)
शालु - (अपने आप को संभालते हुए) आह पापा। हटिये न गर्मी लग रही है।।(शालू अपने पापा के काँधे पे हाथ रख उन्हें पुश करने की कोशिश करती है)
शालु - पापा, गुप्ता जी को कॉल कीजिये न।। बोलिये उन्हें की ए सी ख़राब है।
बंसल - एक मिनट बेटी।।
बंसल फ़ोन लेकर गुप्ता जी को कॉल करता है। बंसल की गुप्ता से बात होती है तो उन्हें पता चलता है की गुप्ता जी आज ऑफिस नहीं आयेंगे। ए सी ख़राब होने के कारण उन्होंने बंसल और शालु को होटल वापस जाने के लिए कह दिया।
बंसल - चलो बेटी, लगता है आज कोई काम नहीं होगा। होटल चलते है।।
शालु - ठीक है, आप जरा रुकिये मैं वाशरूम होकर आती हू।
बंसल - हाँ बेटी।। तुम्हारे अंडरआर्म बहुत अच्छे स्मेल कर रहे है।। उम (कहते हुवे बंसल अपने होठों को अपनी बेटी की अंडरआर्म में रगड देता है। शालु के और क़रीब जाते हुए उसके पापा उसकी नंगी कमर को दोनों हाथो से पकड़ लेते है।। )
शालु - पापा आप भी न।।
शालु की तरफ से कोई ऐतराज़ न होता देख, बंसल अपना हाथ धीरे से शालु की नाभि के ऊपर ले जाता है।।उसने कभी भी किसी जवान लड़की की इतनी सॉफ्ट नवेल को नहीं छुआ था।। बंसल आनन्द से भर उठता है और अपनी हथेली को कस के शालु के नवेल को क्रश करने लगता है।
शालु - आआअह्ह पापा। क्या कर रहे हैं?
बंसल - बेटी तुम्हारे पेट और कमर का हिस्सा पसीने की वजह से ठण्डा हो गया है। मुझे अच्छा लग रहा है इसे छूने में।(कहते हुवे बंसल उसकी कमर को पकड़ कर अपनी ओर खीच लेता है और अपने हाथो से उसे दबाने लगता है)
शालु - (अपने आप को संभालते हुए) आह पापा। हटिये न गर्मी लग रही है।।(शालू अपने पापा के काँधे पे हाथ रख उन्हें पुश करने की कोशिश करती है)
शालु - पापा, गुप्ता जी को कॉल कीजिये न।। बोलिये उन्हें की ए सी ख़राब है।
बंसल - एक मिनट बेटी।।
बंसल फ़ोन लेकर गुप्ता जी को कॉल करता है। बंसल की गुप्ता से बात होती है तो उन्हें पता चलता है की गुप्ता जी आज ऑफिस नहीं आयेंगे। ए सी ख़राब होने के कारण उन्होंने बंसल और शालु को होटल वापस जाने के लिए कह दिया।
बंसल - चलो बेटी, लगता है आज कोई काम नहीं होगा। होटल चलते है।।
शालु - ठीक है, आप जरा रुकिये मैं वाशरूम होकर आती हू।