रवि- दीदी तुम मेरी कौन हो जो मेरे साथ रोज रात को नंगी होकर लेटोगी
अलका- मुस्कुरा कर शरमाते हुए, मुझे नही पता
रवि- अलका को अपनी ओर घुमा कर उसके गालो को अपने दोनो हाथो से थाम कर, दीदी बताओ ना तुम मेरी कौन हो और अलका के होंठ को चूम लेता है, दीदी बताओ ना तुम मेरी कौन हो,
अलका- बीबी, और रवि को बेतहाशा चूमने लगती है और रवि उसको अपनी गोद मे उठा लेता है और अलका उससे अपनी दोनो टाँगो को उसकी कमर मे लपेट कर चिपक जाती है, अलका अपने भाई के उपर अपनी दोनो टाँगो को उसकी कमर से लपेटे हुए पूरी नंगी होकर चढ़ि हुई थी और रवि अपनी दीदी की मोटी गान्ड को थामे अपने लंड को उसकी गान्ड के छेद मे फसाए उसके रसीले होंठो को चूम रहा था
रवि- दीदी
अलका- अपनी आँखे खोल कर जैसे नशे मे हो, और मुस्कुरा कर क्या है
रवि- दीदी मैं आज तुमको चोदुन्गा, तुम मुझसे चुदवाओगि ना,
अलका- रवि के गले लग कर उससे चिपकती हुई, हाँ रवि हाँ, तेरी जो इच्छा हो वो कर अपनी दीदी के साथ, तू बहुत अच्छा है रवि मैं तुझसे बहुत प्यार करती हूँ और रवि के होंठो को अपनी जीभ से चाटते हुए अपनी जीभ रवि को पीने के लिए देती है और रवि अपनी दीदी की रसीली जीभ को अपने मूह मे भर कर पीने लगता है,
कुछ देर बाद रवि अलका को नीचे उतार देता है और अपना लंड अपनी दीदी के हाथ मे पकड़ा देता है और अलका रवि से
चिपक कर उसके मोटे लंड को सहलाने लगती है, रवि अपनी दीदी के मोटे-मोटे चुतड़ों को अपने हाथो मे भर-भर कर
दबोचने लगता है और अपनी एक उंगली को धीरे से अलका की कसी हुई गान्ड के छेद मे डाल देता है और अलका सीसियाते हुए उसके अंडको को अपने हाथो मे भर कर दबाती है, दोनो भाई बहन एक दूसरे के लंड और गान्ड से खेलते रहते है और
अलका कामुक चेहरे से अपने होंठो को अपने दांतो से दबाते हुए रवि को अपनी नशीली आँखो से देखती हुई उसके अंडको को सहलाते हुए दूसरे हाथ से रवि के लंड की खाल को पीछे करके उसके सुपाडे को सहलाती है कभी अपनी मुट्ठी मे भर लेती है, रवि देख रहा था कि अलका अब थोड़ा खुल कर रवि का साथ दे रही है,
रवि- दीदी कैसा लग रहा है
अलका- बहुत अच्छा,
रवि- दीदी मेरा लंड कैसा लग रहा है तुमको
अलका- बहुत अच्छा है, बहुत मोटा है रवि
रवि- अलका की गान्ड और चूत मे अपना हाथ भरता हुआ दीदी तुम्हारी मोटी गान्ड कितनी खूबसूरत है और अलका की गान्ड के मोटे-मोटे पाटो को विपरीत दिशा मे फैला-फैला कर ड्रेसिंग टेबल के शीशे मे देख रहा था और अलका उसके पूरे लंड को दबोच रही थी,
तभी ना जाने अलका को क्या होता है और वह एक दम से बैठ कर रवि के लंड को अपने मूह मे भर कर उसे पागलो की
तरह चूमने लगती है और उसके आंडो को अपने हाथ से दबोचते हुए उसके लंड को पीने लगती है और रवि जन्नत की सेर
करने लगता है, करीब 10 मिनिट तक रवि का लंड चूसने के बाद अलका हाँफने लगती है और रवि अलका को पकड़ कर कस कर उसकी चूत को अपने हाथों से पकड़ लेता है और अलका कराहने लगती है, रवि अलका को पकड़ कर उसको बेड से झुका
देता है और उसकी मोटी गान्ड मे अपने हाथ से थपकी मार कर उसकी गान्ड मे अपना मूह लगा कर कस-कस कर उसकी गान्ड के छेद को चाटने लगता है और अलका अपनी कोहनी के बल बेड पर झुकी हुई अपनी गान्ड अपने भाई को पिलाने लगती है रवि अलका की पूरी चूत और गान्ड के छेद को कस-कस कर चाटने लगता है और उसकी चूत और गान्ड को चाट-चाट कर लाल कर देता है,
कुछ देर बाद ही अलका रवि की जीभ को अपनी चूत के छेद मे बर्दास्त नही कर पाती है और आह आह करती हुई गद्दे पर गिर जाती है और अपनी जांघे पूरी खोल देती है, रवि अलका की दोनो जाँघो के बीच आकर अपने मोटे लंड को अलका की अनचुदी कुवारि चूत के गुलाबी रस से भीगे हुए छेद पर लगाता है और अलका अपने गले का थूक अंदर गटकते हुए अपनी आँखे कस कर बंद कर लेती है और रवि उसकी मोटी गदराई गुदाज जाँघो को थाम कर एक कस कर धक्का अपनी दीदी की कुँवारी चूत पर मारता है और अलका की आँखे पलट जाती है और वह आहह मर गई रे कह कर ज़ोर से चिल्लाती है और उसकी चूत से खून की धार बह कर बेडशीट पर गिरने लगती है, रवि का आधा लंड अपनी दीदी की कुँवारी चूत को फाड़ कर अंदर घुस चुका था और अलका लगभग बेहोश सी दिखती हुई अपनी आँखे उल्टाए हुए अकड़ गई थी और उसकी जाँघो की नसें पूरी तरह खिंच चुकी थी और उसका पेट अंदर की ओर घुस गया था और अलका पूरी कमान की तरह तन चुकी थी, अलका की आँखो से आँसू की धारा बह चली थी और रवि अलका की जाँघो को सहलाता हुआ धीरे-धीरे अपने आधे घुसे लंड को वही के वही आगे पीछे कर रहा था,