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Guest
मैंने ओके कहा और घर से निकलकर सफदर अंकल के घर की तरफ चल दिया। अंकल ने वादे के मुताबिक बाहर का दरवाजा लाक नहीं किया था, लेकिन बंद किया हुआ था, जो कि मेरे जरा सा दबाने से आराम से खुल गया। तो मैं बिना आवाज किए अंदर चला गया। दरवाजे को अपने पीछे लाक करके आगे बढ़ा और अंकल के बेडरूम में जा पहुँचा, जिसका दरवाजा पूरा खुला था।
दरवाजे पे पहुँचते ही मुझे काफी जोर का झटका लगा, क्योंकी रूम में सफदर अंकल पूरे नंगे होकर अपनी सगी बेटी की टाँगों के बीच खड़े हुये थे और इरम को बेड पे लिटाकर अपना लण्ड उसकी फुद्दी में घुसाए चोद रहे थे। मुझे रूम के दरवाजा पे खड़ा देखकर इरम पहले तो चकित रह गई, लेकिन जब अंकल ने मुझे देखकर मुश्कुराते हुये कहा- “अरे सन्नी तुम कैसे आ गये यार?”
मैंने कहा- “बस अंकल अम्मी ने भेजा था कि आज का पूछ आऊँ क्या प्रोग्राम है? लेकिन यहाँ तो कुछ स्पेशल शो ही चल रहा है...”
मेरी बात सुनकर अंकल हँस दिए और बोले- “यार तेरी माँ को रात में देख लेंगे। अभी आ ही गये हो तो वहाँ क्यों खड़े हो? आ जाओ मिलकर मजा लेते हैं...”
अंकल की बात सुनकर इरम जो कि अभी तक अपने बाप का लण्ड फुद्दी में लिए आराम से लेटी हुई थी मेरी तरफ देखकर मुश्कुराने लगी। अंकल की बात सुनकर मैं हँस दिया और बोला- “जरूर आऊँगा। लेकिन पहले इम बाजी से तो पूछ लें कि उन्हें तो मेरे आने पे कोई ऐतराज तो नहीं है ना?”
तभी इरम बाजी ने कहा- “सन्नी मुझे ऐतराज तो नहीं है लेकिन खुशी जरूर है कि तुम भी हमारी तरह सिर्फ मजा करने पर विस्वास करने वाले निकले। अब ज्यादा नखरे ना करो और ये कपड़े निकालकर एक तरफ फेंक के आ जाओ यहाँ..."
मैंने झट से अपने कपड़े उतारकर फेंके और बेड पे जा चढ़ा। तब इम जरा सा पीछे को हो गई, जिससे अंकल का लण्ड उसकी फुद्दी में से निकल गया, तो वो उठकर बैठ गई और मेरे पूरा तने हुये लण्ड को देखते हुये। घुटनों के बल बैठ गई और फिर मेरे लण्ड को अपने हाथ में लेकर सहलाते हुये मेरी तरफ देखकर मुश्कुराते हुये बोली- “वैसे सन्नी कमाल का हथियार है तुम्हारा?” और इतना बोलते हुये एक चुम्मा मेरे लण्ड की टोपी पे देकर हँसी और फिर अपने दोनों हाथ मेरी गाण्ड की तरफ घुमाकर मेरी गाण्ड पे रखे और अपना मुँह पूरा खोलकर मेरे लण्ड के सुपाड़े कप को मुँह में भरकर चूसने लगी।
इम के लण्ड चूसने के अंदाज से मुझे शक हो रहा था कि कहीं इरम काल-गर्ल तो नहीं बन गई है? इसीलिए मैंने उसके सिर पे हाथ रखकर अपने लण्ड की तरफ दबाते हुये कहा- “अंकल देखो तो जरा किस तरह गश्ती के जैसे लण्ड चूस रही है? कहीं आपकी बेटी कोई काल-गर्ल तो नहीं बन गई?”
दरवाजे पे पहुँचते ही मुझे काफी जोर का झटका लगा, क्योंकी रूम में सफदर अंकल पूरे नंगे होकर अपनी सगी बेटी की टाँगों के बीच खड़े हुये थे और इरम को बेड पे लिटाकर अपना लण्ड उसकी फुद्दी में घुसाए चोद रहे थे। मुझे रूम के दरवाजा पे खड़ा देखकर इरम पहले तो चकित रह गई, लेकिन जब अंकल ने मुझे देखकर मुश्कुराते हुये कहा- “अरे सन्नी तुम कैसे आ गये यार?”
मैंने कहा- “बस अंकल अम्मी ने भेजा था कि आज का पूछ आऊँ क्या प्रोग्राम है? लेकिन यहाँ तो कुछ स्पेशल शो ही चल रहा है...”
मेरी बात सुनकर अंकल हँस दिए और बोले- “यार तेरी माँ को रात में देख लेंगे। अभी आ ही गये हो तो वहाँ क्यों खड़े हो? आ जाओ मिलकर मजा लेते हैं...”
अंकल की बात सुनकर इरम जो कि अभी तक अपने बाप का लण्ड फुद्दी में लिए आराम से लेटी हुई थी मेरी तरफ देखकर मुश्कुराने लगी। अंकल की बात सुनकर मैं हँस दिया और बोला- “जरूर आऊँगा। लेकिन पहले इम बाजी से तो पूछ लें कि उन्हें तो मेरे आने पे कोई ऐतराज तो नहीं है ना?”
तभी इरम बाजी ने कहा- “सन्नी मुझे ऐतराज तो नहीं है लेकिन खुशी जरूर है कि तुम भी हमारी तरह सिर्फ मजा करने पर विस्वास करने वाले निकले। अब ज्यादा नखरे ना करो और ये कपड़े निकालकर एक तरफ फेंक के आ जाओ यहाँ..."
मैंने झट से अपने कपड़े उतारकर फेंके और बेड पे जा चढ़ा। तब इम जरा सा पीछे को हो गई, जिससे अंकल का लण्ड उसकी फुद्दी में से निकल गया, तो वो उठकर बैठ गई और मेरे पूरा तने हुये लण्ड को देखते हुये। घुटनों के बल बैठ गई और फिर मेरे लण्ड को अपने हाथ में लेकर सहलाते हुये मेरी तरफ देखकर मुश्कुराते हुये बोली- “वैसे सन्नी कमाल का हथियार है तुम्हारा?” और इतना बोलते हुये एक चुम्मा मेरे लण्ड की टोपी पे देकर हँसी और फिर अपने दोनों हाथ मेरी गाण्ड की तरफ घुमाकर मेरी गाण्ड पे रखे और अपना मुँह पूरा खोलकर मेरे लण्ड के सुपाड़े कप को मुँह में भरकर चूसने लगी।
इम के लण्ड चूसने के अंदाज से मुझे शक हो रहा था कि कहीं इरम काल-गर्ल तो नहीं बन गई है? इसीलिए मैंने उसके सिर पे हाथ रखकर अपने लण्ड की तरफ दबाते हुये कहा- “अंकल देखो तो जरा किस तरह गश्ती के जैसे लण्ड चूस रही है? कहीं आपकी बेटी कोई काल-गर्ल तो नहीं बन गई?”