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बहन का दर्द Complete

रवि दूसरे काउंटर पर कुछ और देख रहा था.... उसने सेल्स गर्ल से पूछा कॉन सी सही रहेगी....

सेल्स गर्ल: मॅम सभी एक से बढ़ कर एक हैं..... आप चाहें तो सर से पूंछ ले.... वैसे ये आपके हैं कॉन ...

आइ मीन टू से ..आप शादी शुदा तो नहीं लगती क्योंकि आपने माँग- वांग तो नहीं भरी है..... तो क्या बॉय फ्रेंड हैं

वैसे हमारे यहाँ वॅलिंटाइन ऑफर भी चल रहा है.... 10% ऑफ अगर आप बेस्ट कपल चुने जाते हैं तो 25% ऑफ है...

और एक फ्री सर्प्राइज़ गिफ्ट भी है .......

अलका सोच में पड़ जाती है अगर वो भाई बताती है तो ये क्या सोचेगी ..... और अगर मैं बॉय फ्रेंड बोलती हूँ तो कहीं

रवि दीदी ना बोल दे....और ये ऑफर भी हाथ से चला जाएगा .... और अनायास ही उसके मुहँ से निकल जाता है.... बॉय फ्रेंड...

सेल्स गर्ल: बहुत लकी हैं आप.... बहुत प्यार करने वाला बाय्फ्रेंड है आपका......

पर अलका पेशोपेश मे पड़ जाती है कहीं रवि आ कर दीदी ना बोल दे.......वो शरम से गढ़ी जा रही थी......क्या सोचेगी कैसी

लड़की है अपने भाई से ही फसि हुई है.... वो मन ही मन राम राम कर रही थी.....

तभी वो सेल्स गर्ल रवि की तरफ जाती है और धीरे से बोलती है सर वो आपकी गर्ल फ्रेंड आपको बुला रहीं है.....

रवि थोड़ा चोन्कते हुए.... आप को किस ने कहा वो मेरी गर्लफ्रेंड हैं....

सेल्स गर्ल थोड़ा सकपकाते हुए.... वो वो मेडम ने कहा था कि आप उनके बॉय फ्रेंड हैं....

रवि अब एक कुटिल मुस्कान के साथ ...अलका दूर बैठी देख रही थी पर उसे उनकी आवाज़ नहीं सुनाई दे रही थी....

रवि अलका की ओर बढ़ता है साथ मैं वो सेल्स गर्ल भी आ जाती है.... अलका को लगा ना जाने रवि अब क्या बॉम्ब

फोड़ने वाला है.....

रवि आते ही...अलका के दोनो कंधों पर हाथ रखते हुए....... सेल्स गर्ल की तरफ मुँह करते हुए.... ये हमारी गर्ल फ्रेंड थोड़ी ना हैं...!

सेल्स गर्ल अवाक रह जाती है........

अलका को लगा जैसे ज़मीन फॅट जाए और वो उसमे समा जाए.....

रवि : ये मेरी प्यार -प्यारी -प्यारी - प्यारी ..............................................................................................?

रवि : ये मेरी प्यार -प्यारी -प्यारी - प्यारी ............................................................................................. मंगेतर हैं.....!

अलका की साँस में साँस आई......और सेल्स गर्ल भी हँसने लगी........ पर अब रवि को मौका मिल गया.....और उसने अलका

के गालों को चूम लिया..... लौंडिया सक-पका गयी.... क्या करते हो आप भी ना....रवि......उसके गाल गुलाबी हो गये,,,,,,

रवि: क्या करता हूँ अपनी फियान्से को किस कर रहा हूँ............. सेल्स गर्ल मुस्कुराने लगी ..... चलिए.... चलता है आज कल ......

अलका : ज़्यादा रोमॅंटिक मत बनो और हेल्प करो कौन सी नथ लूँ.....

फिर दोनो ने पसंद से एक नथ फाइनल की..... सेल्स गर्ल ने कहा सर मॅम को एक बार पहना के दिखा दीजिए......

रवि : मैं पहनाऊ मैं तो उतारूँगा..... अलका नाथ उतारने की सोच कर शरमा गयी....

सेल्स गर्ल भी मजाकिया स्वर में वो तो पता है आप ही उतारोगे इनकी नथ लेकिन पहले डाल कर भी देख लो .....

रवि-ओह यस ...ये कह कर उसने नथ अपने हाथ मे ले ली... और अलका की नाक मे डालने लगा.......

डालते समय अलका को दर्द होने लगा...

सेल्स गर्ल : लगता है मेडम का छेद छोटा है.... इस लिए दर्द हो रहा है......

रवि: अगर दर्द हो रहा है तो कोई दूसरी ट्राइ कर लो ....

अलका: पहली बार छेद मे जा रहा है इसलिए कोई भी डालोगे दर्द तो हो गा ही....

रवि: हां ये तो है.....

और फिर रवि धीरे- धीरे कर के नथ डालने की कोशिश कने लगा..... लेकिन छेद छोटा था...

अलका ..अलग ओह....... आआआआआआआाआआआआआआआअ....... धीरे - धीरे डालो .................................

बहुत दर्द हो रहा है .... आआआआआआआआाआआआआआआअ...कर रही थी...............................

सेल्स गर्ल: रुकिये सर लगता है मेडम का छेद सच में बहुत छोटा है.......और वो एक शीशी में तेल ले कर आई और

बोली तेल लगा कर डालिए चला जाएगा......

रवि ने नथ और अलका के छेद मे तेल लगाया..... और धीरे से बोला देखना टीवी पर क्या शॉट मारा तेंदुलकर ने और झट से

अलका के छेद में नथ डाल दी...... ओह माआआआआआआआआआआआआआअ........ अलका की एक घुटि घुटि

चीख निकली ..... रवि ने उसे अपने गले से लगा लिया और पूचकारने लगाअ....... हो गया बेबी.......

अलका की आखों मैं आसू आ गये थे दर्द से....... रवि मन ही मन सोचता है....दीदी क्या हालत होगी जब मैं आपके

उस छेद (चूत) में डालूँगा ..... तुम तो सारा गाओं सर पर उठा दोगि.......

सेल्स गर्ल ने मिरर दिखाते हुए..... मॅम बहुत अच्छी लग रही है..... और सच मूच अलका उस नथ मे बहुत प्यारी लग रही थी......

रवि ने ठोडी पकड़ के अलका का चेहरा उठाया..... हाई ...क्या लग रही हो सच में..... एक क़िस्सी तो बनती है.......

सेल्स गर्ल जो पास खड़ी मुस्करा रही थी....... बोली हां मॅम एक क़िस्सी तो बनती है.......

रवि और अलका हँसने लगे ..... अलका ने सोचा तमाशा करने से अच्छा है इससे एक किस करने दो...... और अपना गाल रवि की तरफ बढ़ा दिया

रवि ने मुस्काते हुए.... अलका के दोनो गाल पर एक एक चुम्मा जड़ दिया था..

.अलका बोली चीटिंग ...एक क़िस्सी माँगी थी दो ली ली ... ओह सॉरी रवि बोला चलो एक वापस कर दो ...और उसने अपना गाल अलका के सामने कर दिया .....

और अलका ने एक किस रवि के गाल पर कर दिया....

सेल्स गर्ल : यू बोत आर इन सो मच लव.... रियली रोमॅंटिक कपल.......

रवि : ओके मॅम अब बताइए...... क्या कॉस्ट है आपकी इस नथ की.....

सेल्स गर्ल: अब नथ आपकी है ....और सर कॉस्ट ...आफ्टर 10% डिसकाउंट ये 1 लाख का है ....

अलका: 1 लाआअख........ उसका मुहँ खुला का खुला रहा गया..... नहीं हमें नहीं चाहिए इतनी महँगी....

रवि: प्ल्स आप बिल लाइए.......

अलका: रवि ये क्या कर रहे हो .....

रवि: चुप रहो ना......

सेल्स गर्ल: मॅम पूरे डाइमंड की है ..... और तभी उसका लॅंड लाइन फोन बजा.....उसने अटेंड किया एक्सक्यूस मी कहते हुए.....

सेल्स गर्ल: सर कंग्रॅजुलेशन आप लोग हमारे आज के बेस्ट कपल सेलेक्ट हुए हैं..... इस लिए आपको 25% का डिसकाउंट साथ में एक सर्प्राइज़ गिफ्ट भी मिलेगा...... आप काउंटर पर आ जाइए.....

सेल्स गर्ल: मॅम ये आपकी नाथ पॅक कर दूं.....

रवि: नहीं पहने रहने दो बहुत सुंदर लग रही है ये इसमे ..... अब तो इसे मैं ही उतारूँगा......

अलका शरमा जाती है....

 
सेल्स गर्ल: सर आप सच मे बहुत सेक्शयययी हैं.... मॅम ईज़ सो लकी,,,,,,,

रवि: देन गिव मी चान्स सम डे.....

अलका रवि को कोहनी मारती है.....

दोनो बिल काउंटर पर जाते हैं और पेमेंट करते हैं और अपना गिफ्ट कलेक्ट करते हैं .....

बाहर आ कर ....

अलका: रवि सच मे बता ये नथ सही में अच्छी लग रही ना....

रवि: दीदी माइ डार्लिंग आप दुनिया की सबसे सुंदर और सेक्शयययययी लग रही हो.... कसम से ....किसी की भी ले लो......

अलका: पर रवि इतनी महँगी गिफ्ट लेने की क्या ज़रूरत थी.....

रवि: मेरा इस दुनिया मे आपके सिवा कौन है.......

अलका ये सुन कर भावुक हो जाती है....

दोनो शॉप के बाहर आ जाते है, रवि चलो दीदी कॉफी पीते है, और एक रेस्टोरेंट मे आकर बैठ जाते है, अलका ब्लू जीन्स और रेड कलर का टीशर्ट पहने होती है उसके बाल खुले होते है उसके होंठो पर हल्की रेड कलर की लिपस्टिक होती है और उसके माथे पर एक वाइट कलर की छोटी सी बिंदी लगी होती है, रवि अलका को एक टक देखता रहता है

जैसे ही अलका रवि को देखती है, उसे अपने चेहरे को देखता पाकर क्या देख रहा है,

रवि- दीदी तुम कितनी सुंदर लग रही हो दिल करता है तुम्हारे होंठो को अभी चूम लूँ,

अलका इधर उधर देखते हुए, नालयक दीदी भी कहता है और होंठ चूमने की बात भी करता है कहीं कोई सुन लेगा तो क्या सोचेगा हम दोनो के बारे मे,

रवि- दीदी और क्या सोचेगा यही सोचेगा कि लगता है यह लड़का अपनी बहन को चोदता है,

अलका रवि को आँख दिखाती हुई चुप कर बदमाश जब देखो तुझे एक ही बात सूझती है,

रवि-दीदी तुम आज बहुत ज़्यादा खूबसूरत लग रही हो और ये नथ तो सोने पर सुहागा लग रही है मुझे अभी तुम्हारे होंठो

को चूमना है,

अलका रवि को आँखे दिखाते हुए, रवि तू पागल है सब लोग यहाँ है और तू,

रवि अपनी सीट से खड़ा हो जाता है अलका उसे खड़ा होते देख घबरा जाती है

रवि अलका का हाथ पकड़ कर दीदी चलो यहाँ से हमे नही पीना कॉफी,

अलका- मगर कहाँ,

रवि- ऐसी जगह जहा हमे कोई ना देखे और मैं तुम्हे शांति से किस कर सकूँ,

अलका अपना हाथ छुड़ाते हुए रवि तू पागल है क्या,

रवि -दीदी जल्दी उठो और अलका का हाथ पकड़ कर उसे खिचता हुआ उठा देता है, और अपनी बाइक की ओर चल देता है

 
अलका उसके हाथो से अपने हाथ छुड़ाने की कोशिश करती हुई रवि ये क्या कर रहा है तुझे अचानक क्या हो जाता है,

रवि बाइक के पास आकर बाइक स्टार्ट करके - दीदी बैठो,

अलका- रवि तू कहाँ ले जा रहा है मुझे

रवि-दीदी बैठो भी तुम सवाल बहुत करती हो,

अलका उसकी बाइक पर बैठते हुए रवि तू बिल्कुल पागल है,

रवि- हाँ लेकिन तुम्हारे प्यार मे, और रवि अलका को एक पार्क मे ले जाता है उस समय वहाँ बिल्कुल सन्नाटा था रवि बाइक से उतर कर -दीदी लव पॉइंट पर ही चलते है और अलका का हाथ थाम कर बेंच पर जाकर अलका को बैठा देता है और खुद भी उसकी बगल मे बैठ कर अलका को देखता है

अलका थोड़ा घबराई हुई रवि को देखती है उसका दिल तेज़ी से धड़कना शुरू कर देता है,

रवि- दीदी आज तुम इतनी सेक्सी लग रही हो कि मैं तुम्हे चूमे बिना रह नही सकता, और अलका के चेहरे को अपने दोनो हाथों मे भर लेता है,

अलका उसके हाथो के उपर अपने हाथ रख कर हल्का सा ज़ोर लगा कर उसे हटाने की कोशिश करती हुई -रवि यह सब मत कर,

रवि- दीदी तुम इतनी सुंदर लग रही हो कि तुम्हे खा जाने को मन कर रहा है और अपने होंठो को अलका के होंठो से लगा कर एक हाथ से उसकी पीठ को अपनी ओर दबाते हुए उसके रसीले होंठो को लगभग दो मिनिट तक चूस्ता है, जब वह अलग होता है तो अलका की साँसे चढ़ जाती है और उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता है

रवि उसको प्यासी नज़रो से देखता रहता है और वह अपनी नज़रे नीचे झुका लेती है,

रवि- दीदी मेरी तरफ देखो ना,

अलका अपना सर झुकाए बैठी रहती है,

रवि- दीदी क्या तुम मुझसे शर्मा रही हो, एक बार अपनी कातिल नज़रों से मुझे देखो ना

अलका अपने आँखे रवि की ओर करती है,

रवि अपनी दीदी के मस्ताने हुस्न को देख कर मस्त हो जाता है और उसको फिर से एक गहरा किस कर देता है

अलका रवि को आँखे फाड़ कर देखती रहती है पर बोल कुछ नही पाती,

रवि- दीदी लगता है मेरे इस तरह से किस करने से तुम्हे कुछ होने लगा है

अलका अपनी नज़रे इधर उधर घुमाते हुए दूर कहीं देखने लगती है

रवि- दीदी तुम कुछ कहती क्यों नही क्या मुझसे नाराज़ हो गई,

अलका उसको देखती हुई -नही,

रवि मुस्कुराते हुए -तो फिर लगता है तुम मेरे इस तरह किस करने से उत्तेजित हो गई हो,

अलका थोड़ा मुस्कुरा कर उसकी बाजू मे मारते हुए -रवि तू बहुत बिगड़ गया है तुझे सुधारना अब किसी के बस की बात

नही,

रवि- दीदी मुझे सिर्फ़ एक ही लड़की सुधार सकती है,

अलका- कौन,

रवि -तुम,

अलका- मेरी इतनी चूत देने के कारण ही तो तू इतना बिगड़ गया है,

रवि-दीदी मुझे पूरी छूट दे दो ना,

अलका- किस बात की,

रवि उसके मोटे मोटे दूध को घूरता हुआ, तुम्हारे हर अंग को छूने की,

अलका उसे आँखे दिखाती हुई,

अलका- कितनी गंदी नज़रे है तेरी जब देखो तब मेरे..,

रवि- दीदी मेरी गोद मे आओ ना,

अलका- रवि अब चलो यहाँ से,

रवि- दीदी अभी मैं आपको एक बार और किस करूँगा,

अलका- रवि अब नही,

रवि- प्लीज़ दीदी बस एक बार,

अलका उठते हुए - मैं जा रही हूँ,

रवि अलका का हाथ पकड़ कर उसे अपने उपर गिरा लेता है और उसे अपनी बाँहो में भर कर उसे अपनी गोद में बैठा लेता है और उसके चेहरे को अपने चेहरे के पास लाकर उसकी आँखो में देखता है अलका भी रवि की आँखो में देखती है, रवि अलका के सर के बालो मे अपनी उंगलिया घुसा कर उसके सर के पीछे से सहलाता हुआ धीरे से अपने होंठो को अलका के रसीले होंठो की ओर बढ़ता है और अलका बिना कोई विरोध करे अपनी आँखे बंद कर लेती है, रवि बहुत प्यार से अपनी दीदी के रसीले होंठो चूमना शुरू कर देता है, अलका अपने जिस्म को रवि के उपर पूरा ढीला छोड़ देती है, रवि अलका के गोरे गोरे गालो को अपनी हथेलियो से सहलाता हुआ अपनी बहन के रसीले होंठो का रस बहुत आराम आराम से पीने लगता है,

 
रवि अलका के होंठो को अपने होंठो से खोलने की कोशिश करता है, अलका अपने गुलाबी होंठो को थोड़ा खोल देती है और रवि अपनी दीदी के कभी उपर के कभी नीचे के होंठ को अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है, और चूस्ते चूस्ते अलका के मूह मे अपनी जीभ डालने की कोशिश करता है,

अचानक अलका को पता नही क्या होता है और वह रवि के होंठो को अपने होंठो से बेतहाशा चूमने लगती है, उसकी इस

हरकत से रवि पागल हो जाता है अलका उसके एक हाथ पर अपनी पीठ टिकाए उसकी गोदी मे बैठ कर उसके होंठ चूमती रहती है और रवि अपने दूसरे हाथ से अपनी दीदी के मोटे मोटे दूध को दबोच दबोच कर कस कर दबाने और मसल्ने लगता

है, अलका उसकी इस हरकत से रवि के होंठो को पागलो की तरह चूमती रहती है, कभी रवि अलका के होंठो को अपने मूह

में भर लेता है कभी अलका रवि के होंठो को अपने मूह में भर लेती है, जब अलका रवि के होंठ चूस चूस कर थक

जाती है तो रवि से बुरी तरह चिपक जाती है और रवि भी उसे अपने सीने से लगाकर उसकी गर्दन को चूमते हुए अलका

को अपने जिस्म में समा लेता है, करीब 5 मिनिट तक दोनो एक दूसरे से चिपके बैठे रहते है, दोनो को एक दूसरे की सांसो की आवाज़ ही सुनाई दे रही थी,

रवि अलका के कान के पास अपना मूह लगाए -दीदी आज तुम मुझसे इतना क्यों चिपक रही हो,

अलका- रवि के सीने पर मुक्को से मारती हुई मुस्कुरा कर अलग हो जाती है, ....पर रवि फिर उसे अपने सीने से लगा लेता है....

अलका- रवि छोड़ ना वो कसमसाती है...पऱ रवि उसे नहीं छोड़ता,,, है और उसके लबों पर एक बार फिर प्यारा सा किस

करने लगता है .....

अलका फुसपुसाते हुए ...तू क्या चाहता है आज....

रवि अलका की नाक को अपनी नाक से टकराता है और उसकी नाथ को छेड़ता है....

अलका-ओह रवि दर्द होता है ना ......और बेंच पर बैठती हुई अपने हाथो की कोहनियो को अपनी जाँघो पर रख कर अपनी हथेलियो से अपनी नथ को छुपाकर बैठ जाती है,

रवि मुस्कुराता हुआ अलका को देखता रहता है,

थोड़ी देर खामोशी के बाद अलका अपना हाथ हटाकर रवि को देखती है जो मुस्कुरा कर उसी को देख रहा था, अलका

अपनी मुस्कुराहट रोक नही पाती है और रवि के बाजू मे एक हाथ मारती हुई,- हो गई तेरी इच्छा पूरी अब चल यहाँ से और

उसका हाथ पकड़ कर उसे उठाती हुई चल देती है,

रवि-दीदी आज मैं बहुत खुश हूँ आइ लव यू,

अलका थोड़ा मुस्कुराते हुए अपनी गर्दन नीचे झुकाए उसका हाथ पकड़े चलती रहती है फिर दोनो बाइक पर बैठते हैं..और रवि बाइक वापस घुमा देता है...

अलका गुस्से से कहाँ जा रहा है .....

रवि-चुप रहो और वो एक बहुत बड़े ब्यूटी पार्लर पर अपनी गाड़ी रोक देता है....

रवि सब से पहले अलका को एक अच्छे से ब्यूटी पार्लर पर ले जाता है.... वहाँ वो मेडम से बोलता है... की इनका मेक ओवर करना है,,,, क्या कैसे.... ये आप जानो.....

मेडम मुस्कराते हुए सर आप चिंता मत करो.... वो रवि को तीन घंटे बाद आने को को बोलती है......रवि अपना टाइम पास करता रहता है....

रवि जब लौट कर... पार्लर पहुँचता है....तो अलका को देख कर पागल हो जाता है.....उसे विश्वाश नहीं होता कि अलका इतनी सुंदर लग रही थी...... ब्यूटी पार्लर में उसका कंप्लीट मेकोवर हो गया था.... फिर रवि....उसे लेकर एक वोमन्स अप्परेल्स की बड़ी मेगा शॉप में ले जाता है....

वहाँ वो उसके लिए एक ब्लॅक जीन्स और एक ब्लॅक टॉप पसंद करता है...उसमे तो अलका गजब ढाने लगती है.... उसका फिगर.... उसमे चार गुना ज़्यादा दिखता है....रवि की तो जैसे आखें फटी की फटी रहा गयी......फिर उसने फील किया कि शायद...अलका के अंडरगार्मेंट्स भी....उस क्वालिटी के नहीं है.....अगर इस ड्रेस पर ब्रा भी कुछ कसाव वाली हो तो इसके फिगर मैं चार चाँद लग जायेंगें.....वो उसका हाथ पकड़ के लाइनाये सेक्षन में ले गया....

उसने सेल्स गर्ल की तरफ देख कर बोला..मॅम इनके लिए कुछ अच्छे....अंडरगार्मेंट्स दिखाओ....

अलका शरम से गढ़ी जा रही थी...

वो धीरे से फुस्फुसाइ....क्या कर रहे हो...

रवि ने सुना अनसुना कर दिया...

रवि अलका का हाथ पकड़ के रूम में ले जाता है.....

अलका-ये क्या है रवि...बाहर देख तो लिया था तूने.....

रवि-अरे ब्रा की फिटिंग कहाँ देखी थी...

अलका का मुहँ खुला का खुला रहा गया.....क्य्ाआआआ !

रवि-हां!....ब्रा कहाँ देख पाया जब इतना पैसा खर्च कर रहें हैं..... तो देख तो लूँ कि मैं क्या खरीद रहा हूँ.....

अलका-नहीं.... ऐसे ही देख ले...उपर से ...

रवि-अरे मेरे पगली गुलिया रानी....अपने भैया से कैसा शरमाना.... और उसने अलका का टॉप नीचे से उतार दिया.......एक ही झटके में....लौडिया एक दम से सिहर गयी......

अलका की ज़बरात चूचियाँ....ब्रा में क़ैद.....पर्वत शिखर के समान तनी हुई खड़ी थी....

उसकी शरम से नज़रें नीचे झुक गयीं..... रवि ने उसकी ठोडी पकड़के चेहरे को उपर उठाया....और उसके लबों को अपने लबों से मिला दिया..... हाई क्या उन्माद से भरा हुआ था.. एक जुनून चुंबन शुरू हुआ....दोनो के लब ना जाने...कितनी देर तक ऐसे ही जुड़े रहे...... रवि ने अपनी जीभ उसकी मुहँ मे डाल डी और ना जाने कितनी देर तक वो अलका की जीभ को चूस्ता रहा...

साथ-साथ ना जाने कब उसका हाथ उसकी गोलाईयों को छूने लगा....और उसने ब्रा के अंदर क़ैद उसकी ज़बरात चूचिओ के अंदर हाथ डाल दिया...और अपनी बेहन की नंगी चुचियों का आनंद लेने लगा....

 
अलका तो उन्माद के शिखर पर थी...कि उसकी चूत तो आनंद रस से गीली हो गयी...उसकी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी...और फिर तो आनंद के उत्कर्ष पर उसकी चूत फूट पड़ी.....और जम के उसे ओर्गसम यानी कि चरम सुख मिला..........

उसे जैसे ही होश आया...उसने अपने आप को रवि से अलग किया..क्या कर रहा है ...ज़रा तो ख़याल कर हम कहाँ हैं....

रवि का हाथ...उसकी चूचियों पर था.......उसने रवि का हाथ वहाँ से हटाया....और पीठ कर के खड़ी हो गयी.....रवि फिर उसकी पीठ से सॅट गया और अपना लंड अलका की गदराई गान्ड मे गढ़ा दिया....लौंडिया फिर सिहर गयी.....और रवि ने पीछे से उसकी कुल्हों को ज़ोर से मसल दिया.....अलका की आखें गीली हो गयी दरद से....

अलका-ओह....क्या करता है कोई ऐसे मसलता है..... क्या ये रब्बर की हैं....भैया माँ मेरे को इस ड्रेस में देख कर नाराज़ तो नहीं होगी....

रवि- चलो मस्त लग रही हो ....तभी अलका अपनी घड़ी देखती है ओह...भैया कितना लेट हो गये.... और दोनो बाहर आ कर बाइक पर बैठ कर घर चल देते हैं ........अलका घर पहूचकर सीधे मम्मी के रूम मे जाती है और उनकी खरीदी हुई चीज़े उन्हे दिखाती हुई कैसी है मम्मी,

रति- बहुत अच्छी है ....तभी उसकी नज़र अलका की नथ पर पड़ती है .... ये कब ली.....

अलका-माँ रवि नहीं माना और ज़बरदस्ती दिलवाई है बर्थडे गिफ्ट .....

रति मंद-मंद मुस्करा देती है ...और बोलती है बहुत सुंदर लग रही है....बहुत रूप आ गया है तेरे पर......

अलका शर्मा जाती है ,,,रहने दो ना माँ.... पर आज उसका अंग -अंग मुस्कुरा रहा था.....

रति भी नयी बन्नो के हाल देख कर मुस्का देती है.......

हॉल में बिरजू भी बैठा था और बहुत खुश था....आख़िर था तो रवि उसी का खून उसी का...बेटा.....जो उसके लंड और बेहन रति की कोख से पैदा हुआ था....

नेक्स्ट मॉर्निंग

सुबह सुबह रवि को अलका जगाने जाती है

अलका- रवि ओ रवि चल उठ जा सुबह हो चुकी है

रवि की नींद तो पहले ही खुल चुकी थी वो तो बस आलस में चारपाई पर आँखें बंद किए पड़ा था अलका के आवाज़ देने से वो उठ कर बैठ जाता है और अलका को प्यार से देखने लगता है

रवि -दीदी तुम बहुत खूबसूरत हो, और उसके रसीले होंठो को चूम लेता है

अलका अपनी नज़रे नीचे कर लेती है और

अलका -रवि आज के बाद तू इस तरह मुझसे दूर-दूर तो नही रहेगा ना,

रवि- नही दीदी मैं तो वैसे भी आपके बिना जी नही सकता हूँ,

अलका- क्यों

रवि- इसलिए कि मैं आप से प्यार करता हूँ, और आपको जी भर कर प्यार करना चाहता हूँ,

अलका- मुस्कुराते हुए किस तरह का प्यार करना चाहता है,

रवि- जैसे लोग अपनी बीबी से करते है,

अलका- तो क्या तू मुझे अपनी बीबी समझता है

रवि- हाँ

अलका- मुस्कुराते हुए, तू अपनी बहन को बीबी बनाएगा तो तुझे शरम नही आएगी,

रवि- मैं तो तुम्हे अपनी बीबी बनाने को तैयार हूँ, बस तुम्हारी हाँ का इंतजार है,

अलका- मुझे अपनी बीबी बनाकर फिर क्या करेगा,

रवि- अलका की आँखो मे मुस्कुरा कर देखता हुआ, अपने मूह को उसके कान के पास लाकर, दीदी तुम्हे अपनी बीबी बनाकर

तुम्हे पूरी नंगी करके चोदना चाहता हूँ,

अलका रवि की बात सुन कर शर्म से लाल हो जाती है और उठ कर जाने लगती है तो रवि उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी ओर खिचते हुए उसे अपनी गोद में बैठा लेता है,

रवि- दीदी मुझे तुम्हारा जवाब चाहिए,

अलका उससे छूट कर खड़ी हो जाती है और मुस्कुरा कर उससे थोड़ा दूर जाने लगती है,

 
रवि- ज़ोर से दीदी मुझे आपका जवाब चाहिए कब दोगि,

अलका- उसकी ओर घूम कर मुस्कुराते हुए रवि अभी मेरा मूड नही है तेरे सवालो का जवाब देने का,

रवि- तो फिर तुम्हारा मूड कब होगा,

अलका- रवि चल उठ हम चलते-चलते बात करते है बहुत देर हो रही है,

रवि उठ कर अलका के पास आकर उसका हाथ पकड़ नही पहले मुझे जवाब दो,

अलका- अरे तू चल तो फिर बताती हूँ,

रवि उसके साथ चलने लगता है,

रवि- दीदी अब बोलो भी

अलका- देख रवि तेरा सवाल ऐसा है कि मुझे तो नही लगता कि मैं होश में तेरे सवाल का जवाब दे पाउन्गी,

रवि- तो फिर दीदी अब मैं तुम्हे मदहोश करके ही तुमसे अपने प्यार का इज़हार करवाउन्गा,

अलका- मुस्कुरा कर बड़ा आया मदहोश करने वाला, मैं कभी मदहोश होती ही नही तो तेरे सवाल का जवाब तुझे कभी

मिल ही नही पाएगा,

रवि- नही दीदी तुम मदहोश होती हो,

अलका- रवि के चेहरे को अपनी नज़र उठाकर गोर से देखती हुई मैं कब मदहोश होती हूँ,

रवि- दीदी जब तुम मेरी बाँहो मे होती हो तब तुम मदहोश हो जाती हो और फिर तुम वही करती हो जो मैं चाहता हूँ,

अलका- मुस्कुरा कर उसकी पीठ पर मारते हुए, रवि तू बहुत बदमाश और चालाक है,

रवि- दीदी तुम्हे मेरी बदमाशियाँ बहुत अच्छी लगती है ना,

अलका- मुस्कुरा कर उसे देखती हुई, रवि तू कुछ चीज़ो मे बहुत एक्सपर्ट है,

रवि- तुम ठीक कहती हो दीदी तुम यही कहना चाहती हो ना कि मैं लड़किया पटाने में बहुत एक्सपर्ट हूँ

अलका- उसको देख कर मुस्कुराते हुए क्यो तूने कौन सी लड़की पटा ली है

रवि- दीदी आप को और किसको,

अलका- मुस्कुरा कर बड़ा आया मुझे पटाने वाला, मैं तुझसे पटने वाली नही हूँ,

रवि- वो तो तुम खुद जानती हो कि तुम मुझसे पाट गई हो या नही,

नीचे से रति आवाज़ देती है...कहाँ हो दोनो नीचे आओ दूध पी लो...

दोनो नीचे आ जाते हैं ..पूरा दिन मस्ती करते हुए निकल जाता है

रात को बिरजू मामा रूम मे सोने चले जाते हैं

रात को रति, अलका और रवि तीनो देर तक सोफे पर बैठ कर गप्पे मारते रहते है, लेकिन उन तीनो मे ज़ुबान से जो बाते

चल रही थी, उन बातों के अलावा भी कुछ बाते और भी थी जो सिर्फ़ दो ही लोगो के बीच हो रही थी और वह बाते आँखो ही आँखो मे रवि और अलका के बीच चल रही थी, रवि अपनी दीदी की सुंदरता और हुस्न को देख कर दिल ही दिल मे उसको

चूमने के लिए मर रहा था तो अलका अपने भाई की बाँहो मे सिमटने के लिए तरस रही थी वह सब लोग लगभग दो घंटे

से भी ज़्यादा समय से गप्पे मारते हुए मुस्कुरा रहे थे, लेकिन उनकी आँखो से उनकी आरजू बयान हो रही थी, कोई-कोई

लम्हा तो ऐसा भी था जब दोनो के चेहरे एक दम गंभीर हो जाते और जब वो दोनो एक दूसरे की नज़रों से नज़रें मिलाते तो

दोनो के ही जिस्म की नसों मे एक अजीब सी मगर बहुत रोमांचित कर देने वाली उत्तेजना का संचार हो जाता था, और उनका दिल करता कि अभी जाकर एक दूसरे को अपनी बाँहो मे भरकर समा लें,

उनकी नज़रो के टकराव और उस टकराव से जन्मी उत्तेजना का संचार जब एक ही समय मे दोनो की रगों मे एक साथ होने लगता है, तब खुदा भी सोच मे पड़ जाता होगा कि मैने तो इन्हे अलग-अलग जिस्म दे कर इनके वजूद को तराशा था, लेकिन एक ही वक़्त मे इन दोनो की रगों मे रक्त का बहाव एक समान कैसे हो जाता है, तब शायद खुदा को भी यह एहसास होता होगा कि जमी पर जो सबसे जुड़ा एहसास है उसी का नाम प्यार है, और प्यार भी ऐसा जो खुद उन रस्मो के खिलाफ था जिन रश्मो को वह दुनिया तवज्जो देती थी जहाँ उनका बसेरा था, मगर सभी रस्मो को तोड़ कर उन दोनो की चाहतें अपनी मोहब्बत का एक अलग आशियाना बनाने के लिए बहुत पहले ही अपना कदम उठा चुकी थी, और काफ़ी रास्ता तय कर चुके थे, अब तो सिर्फ़ उन दोनो की निगाहे अपनी मंज़िल पर टिकी थी,

 
रवि और अलका की आँखो ही आँखो मे की गई बातों का सिलसिला चलता ही जा रहा था और उनका चेहरा भी उनकी बेताबी को बयान करने लगा था, और उस मोहब्बत की गवाह होने का मौका भी खुदा ने दिया भी तो उसको जो खुद ही उन दोनो के वजूद को दुनिया मे लाने के लिए जवाबदार थी, जी हम रति उन दोनो की नज़रो से निकलने वाले प्यार भरे तीरो की नोक को पहचान चुकी थी, या अपनी भाषा मे कहे दोस्तो तो उन दो लोगो की नज़रो का कम्यूनिकेशन ऐसा था जो बिना सेक्यूरिटी के

डेटा सेंड कर रहा था और उनकी मम्मी रति ऐज आ हेकर उनके डेटाबेस को आक्सेस करके पहचान चुकी थी,

रति उन दोनो की बेताबी को समझते हुए, अच्छा भाई मैं तो चलती हूँ मुझे तो नींद आ रही है, बेटे तुम लोग जब

सोने जाओ तो टीवी ऑफ कर देना, और रति अपने रूम मे चली जाती है, अलका और रवि दोनो सोफे पर आमने सामने बैठे एक दूसरे को देख कर मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे उनकी हसी ऐसी थी जैसे उन्होने कुछ कीमती चीज़ हासिल कर ली हो, अपनी

मम्मी के जाते ही रवि ने अपनी दीदी को इशारे से सोफे पर हाथ मारते हुए अपने पास आकर बैठने का इशारा किया, लेकिन

अलका ने अपनी जीभ दिखा कर रवि को चिढ़ाते हुए ना मे अपनी गर्दन हिला दी,

रवि- आओ ना दीदी

अलका- क्यो

रवि- प्लीज़ मेरे पास आकर बैठो ना

अलका- क्यो तुझे कुछ काम है मुझसे

रवि- हाँ

अलका- क्या काम है

रवि- तुम्हारी पप्पी लेना है

अलका- मुस्कुराते हुए मुझे नही चाहिए तेरी पप्पी-वॅपी

रवि- अच्छा पप्पी मत दो पर मेरे पास तो आ जाओ

अलका- ना बाबा ना, मैं तो जा रही हूँ मुझे तो नींद आ रही है,

रवि- अलका को गुस्सा दिखाते हुए, दो घंटे से मैं मम्मी के जाने का इंतजार क्या इसी लिए कर रहा था कि तुम, रवि

अपना मूह बना कर चिढ़ने वाले अंदाज मे.. उनके जाते ही मुझसे कहो कि मैं तो जा रही हूँ सोने मुझे तो नींद आ रही

है.

अलका- मुझे क्या पता तू मम्मी के जाने का क्यो इंतजार कर रहा है,

रवि- ऑफ हो दीदी आपके लिए और क्यो

अलका- मुस्कुरा कर मगर तुझे मुझसे कुछ काम है क्या,

रवि- हाँ है,

अलका- तो बता ना क्या काम है,

रवि- अच्छा तुम मेरे पास आओ मैं बताता हूँ,

अलका- वही से बता दे मैं तेरे पास-वास नही आने वाली,

रवि- अच्छा तो तुम नही आओगी

अलका- मुस्कुरा कर नही

और तभी रवि जैसे ही अलका की तरफ आने के लिए उठता है, अलका सोफे से उठ कर अपने रूम की ओर भागती है और रवि उसे दौड़ लगाकर अलका की कमर मे हाथ डाल कर उसे पकड़ लेता है.

अलका- रवि छोड़ दे नही तो मैं मम्मी को चिल्लाकर बुला लुगी,

रवि- दीदी चुपचाप रहना बिल्कुल भी आवाज़ मत करना,

अलका- रवि प्लीज़ छोड़ ना मुझे

रवि- ओके छोड़ता हूँ

और रवि अलका को अपनी गोद मे उठा लेता है और मुस्कुराते हुए अब बताओ कहाँ जाओगी भाग कर,

 
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