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बेलगाम लण्ड-21
देखो अब्बू मैं किसी जरुरी काम से बाहर जा रही हूँ . तब तक तुम आंटी की बिटिया चोदो .इसका नाम
है मिस फ़िज़ा . यह जिस काम से आयी है वो मैंने कर दिया है . इस समय आंटी भी घर पर नहीं है . यह अपने घर जाकर बोर होगी, बिचारी ? इसलिए तुम बड़े मजे से इसे यहीं चोदो . मैं अभी आती हूँ . फ़िज़ा चुदवाने में बड़ी मस्त लड़की है . लौड़ा बड़ा मन लगाकर पीती है और अपनी गांड उठा उठा कर मस्ती से लण्ड पेलवाती है . अब्बू इसे चोद कर तेरे लण्ड को बड़ा मज़ा आएगा ? हां एक बात जरुर है की फ़िज़ा को गन्दी गन्दी बातें करने का और गाली बकने का बड़ा शौक है . उसका बिलकुल बुरा न मानना ?
ऐसा कह कर मैं बाहर चली गयी . वहाँ मुझे अचानक रुखसाना आंटी मिल गयी . रुखसाना फ़िज़ा की अम्मी है . मैंने आंटी से साफ साफ कह दिया की फ़िज़ा मेरे घर में मेरे अब्बू से चुदवा रही है . आंटी बड़ी खुश हुई वह बोली अरी मेरी रानी खुशबू तुमने यह बहुत अच्छा किया ? तेरे अब्बू जैसा लण्ड जब उसे मिलेगा तो उसे ज्यादा मज़ा आएगा और वह चुदाने में और एक्सपर्ट हो जायेगी . मुझे तो तेरे अब्बू का लौड़ा बहुत पसंद है . मैं जब रात को सोती हूँ तो सपने में भी तेरे अब्बू का लौड़ा देखती रहती हूँ . मैंने कहा हाय अल्ला, इतना प्यारा लगता है तुम्हे मेरे अब्बू का लण्ड ? तो फिर मेरे घर ही आ जाया करो और मेरे अब्बू के साथ ही सोया करो . वह बोली अरे ऐसा नहीं हो सकता बेटी ? मेरे घर में मेरी बेटी भी है ? मैंने पूंछा आंटी यह बताओ की फ़िज़ा तुमसे इतना खुल कैसे गयी ? उसकी शर्म कहाँ गायब हो गयी . उसकी हिचक कैसे ख़तम की तुमने आंटी ?
आंटी ने कहा :- सुनो खुशबू मैं तुम्हे सुनाती हूँ कि मैंने उसकी शर्म कैसे ख़तम की ?
फ़िज़ा इस समय २३ साल की हो गयी है . यह बात पिछले साल की है जब वह २२ साल की थी . मैंने एक दिन उसे घर में अकेले ब्लू फ़िल्म देखती हुई देख लिया था . मैंने देखा की फ़िज़ा अपने सारे कपडे उतार कर सोफे पर एकदम नंगी बैठी हुई है . मैंने पहली बार उसे बिना किसी कपड़ों के देखा . मैंने देखा की उसकी जांघें मोटी हो गयी है, उसकी बाहें गुन्दाज़ हो गयी है, उसके चूतड़ बड़े बड़े हो गये है, उसकी चूंचियों का साईज़ बढ़ गया है .निपल्स गुलाबी और खूबसूरत हो गये है, उसकी जाँघों के बीच में उभरी हुई मस्त जवानी बड़ी मनमोहक हो गयी है . उसमे घनी घनी काली काली झांटें उग आयी है . मैं समझ गयी की फ़िज़ा को अब लण्ड की बेहद जरुरत है . वह पूरी तरह जवान हो गयी है . मैंने उसे बिलकुल डिस्टर्ब नहीं किया और टी वी पर चल रही ब्लू फ़िल्म मैं भी बड़ी देर तक देखती रही . उसके बड़े बड़े लण्ड देख कर मैं भी गरम हो गयी . मेरे भी मुंह से लार टपकने लगी . फिज़ा का एक हाथ अपनी चूंची पर था और दूसरा चूत पर . ऊँगली बार बार चूत के अंदर का मज़ा ले रही थी . पहले तो मेरा मन हुआ की मैं भी अंदर घुस जाऊं लेकिन मैं वापस चली आयी .
मैंने यह बात अपनी ख़ास दोस्त आलिया को बताई . उसने कहा यार रुखसाना देखो अब तेरी बेटी सायानी हो गयी है . उसे जवानी का मज़ा लेने दो .मैंने कहा यही मैं भी चाहती हूँ पर जब घर में केवल हम दो लोग ही है तो छुप छुप कर कब तक मज़ा लेगी वो और मज़ा लूंगी मैं ? उसने कहा हां बात तो तुम्हारी ठीक है . अच्छा कल मैं तेरे घर आती हूँ और उसके सामने तुमसे खूब गन्दी गन्दी और अश्लील बातें करती हूँ . उसकी शर्म लिहाज़ सब मिटाना होगा . उसका संकोच और उसकी झिझक सब दूर करना होगा ?
दूसरे दिन मैं किचेन में काम कर रही थी . मेरे बगल में फ़िज़ा चावल बीन रही थी . इतने में आलिया आ गयी .
वह बोली :- क्या कर रही है तू भोसड़ी की रुखसाना ?
मैंने कहा :- अपनी झांटें बना रही हूँ बहन चोद ? अरे तुम्हे दिखाई नहीं पड़ता की मैं खाना बना रही हूँ . फिर तू पूंछती क्यों है माँ की लौड़ी, आलिया ?
तुम झांटें बनाओ चाहे अपनी गांड मराओ मुझे क्या ? मैं क्यों तेरी परवाह करूँ ?
आज क्या तेरा लड़ने का मूड है क्या बुर चोदी आलिया ?
मैं क्यों लडूंगी यार ? मैं तो तुमसे सीधे सीधे पूंछ रही हूँ ? तू ही ऊट पटांग जबाब दे रही है .
अच्छा बता कल किससे मरवाई तूने ?
इतने में फ़िज़ा उठ कर जाने लगी तो आलिया बोली अरी फ़िज़ा तू मादर चोद कहाँ जा रही है ?
फ़िज़ा बोली – मुझे शर्म आ रही है आंटी ?
आलिया बोली – अच्छा जब तू बहन चोद नंगी नंगी ब्लू फ़िल्म देखती है तब तुझे शर्म नहीं आती ? जब तू अपनी सहेलियों को गाली देती है , तब तुझे शर्म नहीं आती ? देख फ़िज़ा अब तू जवान हो गयी है . अब शरम वरम छोड़ दे और जवानी का पूरा मज़ा ले ? मैं जिस दिन जवान हुई थी उसी दिन शर्म की माँ चोद दी थी मैंने . संकोच, झिझक, डर सब मैंने गांड में घुसेड़ दिया था . मैं उसी दिन से पकड़ने लगी थी लण्ड और पेलने लगी थी अपनी चूत में लण्ड ? चल तू भी बैठ यहाँ हमारे सामने, मादर चोद और खुल कर बातें कर हम लोगों से ? कहीं जाने की जरुरत नहीं है .
देखो अब्बू मैं किसी जरुरी काम से बाहर जा रही हूँ . तब तक तुम आंटी की बिटिया चोदो .इसका नाम
है मिस फ़िज़ा . यह जिस काम से आयी है वो मैंने कर दिया है . इस समय आंटी भी घर पर नहीं है . यह अपने घर जाकर बोर होगी, बिचारी ? इसलिए तुम बड़े मजे से इसे यहीं चोदो . मैं अभी आती हूँ . फ़िज़ा चुदवाने में बड़ी मस्त लड़की है . लौड़ा बड़ा मन लगाकर पीती है और अपनी गांड उठा उठा कर मस्ती से लण्ड पेलवाती है . अब्बू इसे चोद कर तेरे लण्ड को बड़ा मज़ा आएगा ? हां एक बात जरुर है की फ़िज़ा को गन्दी गन्दी बातें करने का और गाली बकने का बड़ा शौक है . उसका बिलकुल बुरा न मानना ?
ऐसा कह कर मैं बाहर चली गयी . वहाँ मुझे अचानक रुखसाना आंटी मिल गयी . रुखसाना फ़िज़ा की अम्मी है . मैंने आंटी से साफ साफ कह दिया की फ़िज़ा मेरे घर में मेरे अब्बू से चुदवा रही है . आंटी बड़ी खुश हुई वह बोली अरी मेरी रानी खुशबू तुमने यह बहुत अच्छा किया ? तेरे अब्बू जैसा लण्ड जब उसे मिलेगा तो उसे ज्यादा मज़ा आएगा और वह चुदाने में और एक्सपर्ट हो जायेगी . मुझे तो तेरे अब्बू का लौड़ा बहुत पसंद है . मैं जब रात को सोती हूँ तो सपने में भी तेरे अब्बू का लौड़ा देखती रहती हूँ . मैंने कहा हाय अल्ला, इतना प्यारा लगता है तुम्हे मेरे अब्बू का लण्ड ? तो फिर मेरे घर ही आ जाया करो और मेरे अब्बू के साथ ही सोया करो . वह बोली अरे ऐसा नहीं हो सकता बेटी ? मेरे घर में मेरी बेटी भी है ? मैंने पूंछा आंटी यह बताओ की फ़िज़ा तुमसे इतना खुल कैसे गयी ? उसकी शर्म कहाँ गायब हो गयी . उसकी हिचक कैसे ख़तम की तुमने आंटी ?
आंटी ने कहा :- सुनो खुशबू मैं तुम्हे सुनाती हूँ कि मैंने उसकी शर्म कैसे ख़तम की ?
फ़िज़ा इस समय २३ साल की हो गयी है . यह बात पिछले साल की है जब वह २२ साल की थी . मैंने एक दिन उसे घर में अकेले ब्लू फ़िल्म देखती हुई देख लिया था . मैंने देखा की फ़िज़ा अपने सारे कपडे उतार कर सोफे पर एकदम नंगी बैठी हुई है . मैंने पहली बार उसे बिना किसी कपड़ों के देखा . मैंने देखा की उसकी जांघें मोटी हो गयी है, उसकी बाहें गुन्दाज़ हो गयी है, उसके चूतड़ बड़े बड़े हो गये है, उसकी चूंचियों का साईज़ बढ़ गया है .निपल्स गुलाबी और खूबसूरत हो गये है, उसकी जाँघों के बीच में उभरी हुई मस्त जवानी बड़ी मनमोहक हो गयी है . उसमे घनी घनी काली काली झांटें उग आयी है . मैं समझ गयी की फ़िज़ा को अब लण्ड की बेहद जरुरत है . वह पूरी तरह जवान हो गयी है . मैंने उसे बिलकुल डिस्टर्ब नहीं किया और टी वी पर चल रही ब्लू फ़िल्म मैं भी बड़ी देर तक देखती रही . उसके बड़े बड़े लण्ड देख कर मैं भी गरम हो गयी . मेरे भी मुंह से लार टपकने लगी . फिज़ा का एक हाथ अपनी चूंची पर था और दूसरा चूत पर . ऊँगली बार बार चूत के अंदर का मज़ा ले रही थी . पहले तो मेरा मन हुआ की मैं भी अंदर घुस जाऊं लेकिन मैं वापस चली आयी .
मैंने यह बात अपनी ख़ास दोस्त आलिया को बताई . उसने कहा यार रुखसाना देखो अब तेरी बेटी सायानी हो गयी है . उसे जवानी का मज़ा लेने दो .मैंने कहा यही मैं भी चाहती हूँ पर जब घर में केवल हम दो लोग ही है तो छुप छुप कर कब तक मज़ा लेगी वो और मज़ा लूंगी मैं ? उसने कहा हां बात तो तुम्हारी ठीक है . अच्छा कल मैं तेरे घर आती हूँ और उसके सामने तुमसे खूब गन्दी गन्दी और अश्लील बातें करती हूँ . उसकी शर्म लिहाज़ सब मिटाना होगा . उसका संकोच और उसकी झिझक सब दूर करना होगा ?
दूसरे दिन मैं किचेन में काम कर रही थी . मेरे बगल में फ़िज़ा चावल बीन रही थी . इतने में आलिया आ गयी .
वह बोली :- क्या कर रही है तू भोसड़ी की रुखसाना ?
मैंने कहा :- अपनी झांटें बना रही हूँ बहन चोद ? अरे तुम्हे दिखाई नहीं पड़ता की मैं खाना बना रही हूँ . फिर तू पूंछती क्यों है माँ की लौड़ी, आलिया ?
तुम झांटें बनाओ चाहे अपनी गांड मराओ मुझे क्या ? मैं क्यों तेरी परवाह करूँ ?
आज क्या तेरा लड़ने का मूड है क्या बुर चोदी आलिया ?
मैं क्यों लडूंगी यार ? मैं तो तुमसे सीधे सीधे पूंछ रही हूँ ? तू ही ऊट पटांग जबाब दे रही है .
अच्छा बता कल किससे मरवाई तूने ?
इतने में फ़िज़ा उठ कर जाने लगी तो आलिया बोली अरी फ़िज़ा तू मादर चोद कहाँ जा रही है ?
फ़िज़ा बोली – मुझे शर्म आ रही है आंटी ?
आलिया बोली – अच्छा जब तू बहन चोद नंगी नंगी ब्लू फ़िल्म देखती है तब तुझे शर्म नहीं आती ? जब तू अपनी सहेलियों को गाली देती है , तब तुझे शर्म नहीं आती ? देख फ़िज़ा अब तू जवान हो गयी है . अब शरम वरम छोड़ दे और जवानी का पूरा मज़ा ले ? मैं जिस दिन जवान हुई थी उसी दिन शर्म की माँ चोद दी थी मैंने . संकोच, झिझक, डर सब मैंने गांड में घुसेड़ दिया था . मैं उसी दिन से पकड़ने लगी थी लण्ड और पेलने लगी थी अपनी चूत में लण्ड ? चल तू भी बैठ यहाँ हमारे सामने, मादर चोद और खुल कर बातें कर हम लोगों से ? कहीं जाने की जरुरत नहीं है .