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बेलगाम लंड

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एक दिन रात में मैंने देखा की मामू जान के कमरे की लाईट बिलकुल बंद है लेकिन बाहर बाथ रूम की लाईट धीमी धीमी जल रही है। उसी बहुत हलकी सी लाईट कमरे में जा रही है। उस लाईट में किसी का चेहरा भी ठीक से दिखाई नहीं देता था। मैं बिना किसी संकोच के कमरे में घुस गयी यह जान कर की मामू भोसड़ी का अपनी बीवी चोद रहा होगा ? मैं चाहती थी की मामी भी यह जान जाएँ की मैं मामू से चुदवाती हूँ। मैं अपने दोस्तों के लण्ड मामी की बुर में पेलना चाहती थी। मैं कमरे में घुसी तो देखा की एक आदमी मामी की बुर चोदने में लगा हुआ है। मैं थोड़ी देर तक छिप कर खड़ी रही फिर मामी जब घूमी तो लौड़ा उसकी चूत से बाहर आ गया। मामी ने उसे पोंछा और हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी। बस उसी समय आगे बढ़ी और लौड़ा उसके हाथ से छीन लिया ? मैंने कहा भोसड़ी की मामी जान बुर चोदी मुझे भी अपने मियां का लौड़ा पकड़ाओ न ? मेरी भी चूत में पेलो अपने मियां का लण्ड ? तब मामी बोली हाय अल्ला, माहिरा यह मेरा मियां का लण्ड नहीं है यार ? देखो तो कौन है, बहन चोद ? किसका लण्ड तूने पकड़ लिया भोसड़ी वाली ? इतने में मामी ने एक हलकी सी लाईट जला दी। मैं यह देख कर दंग रह गयी की वह मेरा अब्बू था। मेरे मुंह से निकला वाओ, अब्बू, तुम मामी जान की बुर चोद रहे हो ? तुम मामू जान की बीवी चोद रहे हो ? लण्ड मेरे हाथ में ही था।

वह बोला :- नहीं माहिरा, तेरी मामी जान ने ही मेरा लण्ड पकड़ लिया तो फिर मैं क्या करता ? वो तो खुद मुझसे चुदवाने लगी।

मैंने कहा :- लण्ड तो मैंने भी तेरा पकड़ लिया अब्बू जान तो अब क्या करोगे तुम ? क्या तुम मुझे भी ,,,,,,,,,,?

अब्बू मुस्कराकर बोला :- वही करूंगा जो मैंने तेरी मामी जान के साथ किया है माहिरा ? मैं तो यह सुनकर दंग रह गयी। लेकिन न मैं लौड़ा छोड़ रही थी और न अब्बू लौड़ा छुड़ा रहा था।

मैंने कहा :- देखो, अब्बू मैं तो बड़ी बेशरम हो गयी हूँ।

अब्बू बोला :- देख माहिरा बेशरम तो मैं पहले से ही हूँ।

तब तक मामी जान बोली :- भोसड़ी की माहिरा अब तुझे रुकने की कोई जरुरत नहीं है। एक बात नोट कर ले माँ की लौड़ी हरामजादी माहिरा ? अब जब तूने लौड़ा हाथ में ले ही लिया है तो इसे अपनी चूत में घुसा ले और चुदवा ले अपनी बुर ?

मैंने कहा :- तो क्या मैं अब्बू से चुदवा लूँ मामी जान ?

वह बोली :- देख माहिरा, मुझे तेरी अम्मी ने ही बताया है की जब चूत में आग लगी हो बहन चोद, तो फिर नाता रिस्ता नहीं देखा जाता बस चूत की आग लण्ड से बुझाई जाती है। जैसे मोहल्ले में किसी के घर में आग लगी हो तो फिर सब लोग अपना अपना पानी डाल कर आग बुझातें हैं पहले ? उस समय यह नहीं देखा जाता की घर किसका है और पानी किसका है ?

ऐसा कह कर मामी मेरे कपडे उतारने लगीं। उधर मैं लण्ड चूसने लगी। , मम्मी ने मेरी चूत में ऊँगली घुसेड़ दी। वह बोली हाय दईया तेरी चूत तो पहले से ही तैयार है माहिरा। फिर मामी ने ही लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और मैं चुदवाने लगी। मैं भूल गयी नाता और रिस्ता। मैंने बस उसी दिन से केवल लण्ड का रिस्ता निभाने लगी। मेरे मन में आया की मेरी खाला की बेटी बुर चोदी इसी लण्ड से चुदवा चुकी है। अब मैं पहले उसकी गांड मारूंगी और फिर चोदूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? इसी तरह मैंने सलमा से भी निपटने का मन बना लिया। मैं सबसे पहले अब्बू का लण्ड सलमा के मुंह में पेलूँगी तब पूँछूँगी बता भोसड़ी की किसका ज्यादा मोटा है लण्ड ? मेरे अब्बू का की तेरे अब्बू का ?

दोस्तों, यह तो हो गयी बात की मैंने कैसे पकड़ा अपने अब्बू का लण्ड ?

 
अब मैं तुम्हे अपनी अम्मी की बात बताती हूँ। समय की बात है जब मैं २० साल की थी। मैं बड़ी बिंदास बेफिक्र और आज़ाद किस्म की लड़की थी। मेरे घर में गालियों का माहौल था और आज भी है ? हमारा मानना है की गालियां देने से आपस में प्यार बढ़ता है, खुल कर बातें होतीं है और कोई बात छुपी नहीं रहती जिससे आपस में कोई मन मुटाव पैदा हो ? हम लोग कहतें है गालियों से अपनापन बढ़ता है, नजदीकियां बढ़ती हैं और प्यार मोहब्बत बढती है। एक बात और बता दू गालियां देने से चोदा चोदी में दुगुना मज़ा आता है। हमारे घर में चोदा चोदी भी फ्री है। कौन किसे चोद ले, किससे चुदवा ले पता नहीं ? कौन किसकी बीवी चोद ले, कौन किसकी बेटी बहू चोद ले कुछ नहीं मालूम ?

मैं अपने लैपटॉप पर बैठी हुई कभी नंगी तश्वीरें देखती थी. कभी ब्लू फिल्म देखती थी। तो कभी सेक्स की कहानियां पढ़ती थी । मेरा मन इन्ही सब चीजों में ज्यादा लगता था । मुझे ब्लू फिल्म देखने का और सेक्स की कहानियां पढने का बड़ा जबरदस्त शौक था और आज भी है। मैं अपना यह शौक हर हाल में पूरा करती हूँ। अगर कोई मुझे ऐसा करने से रोकता है तो मैं उसकी माँ बहन चोद देती हूँ। फिर मैं भूल जाती हूँ की वह कौन है ? एक बार मेरी अम्मी ने कहा था माहिरा ऐसा क्या है तेरे लैपटॉप में की जब देखो तब तू उसी में घुसी रहती है, बहन चोद ? अरे और भी काम है दुनिया में उसे किया करो ? मैंने कहा अम्मी देखो मुझे टोका टाकी बिलकुल पसंद नहीं है। मैं जो करती हूँ ठीक करती हूँ। किसी की गांड में दर्द होता है तो हो ? तुम्हे तो लैपटॉप के बारे में कुछ मालूम नहीं है तो तू भोसड़ी की मेरी गांड में ऊँगली क्यों करती रहती है ?

इसी तरह एक दिन और उसने कहा :- भोसड़ी की माहिरा, कितनी देर से तू अपने लैपटॉप से घुसी अपनी माँ चुदा रही है क्या ? सुना है की तू बड़ी गन्दी गन्दी चीजे देखती रहती है। गन्दी गन्दी कहानी किस्से पढ़ती है ? चोदा चोदी की कहानियां पढ़ती रहती है तू ? तुझे शर्म नहीं आती ?

मैंने जबाब दिया :- तो क्या हुआ ? देखती मैं हूँ, जगती मैं हूँ, अपनी आँखें मैं फोड़ती हूँ, तेरी गांड क्यों फटी जा रही है अम्मी ? और मैं तो चोदा चोदी सिर्फ पढ़ती हूँ, तू तो सच मुच में चोदा चोदी करती है, वह भी पराये मर्दों के साथ ? जब तू गैर मर्दों से अपना भोसड़ा चुदवाती है, उनके लण्ड चूसती है चाटती है तो तुझे शर्म नहीं आती ? देख अम्मी अब मैं बच्ची नहीं हूँ, २० सालो की हो चुकी हूँ। मैं बालिग हूँ। मुझे भी गन्दी चीजे देखने और पढने का हक़ है ? मुझे भी लण्ड पकड़ने का हक़ है, मुझे लण्ड चूसने और चाटने का हक़ है। लण्ड पीने का हक़ है मुझे अम्मी ? हक़ तो मुझे चुदवाने का भी है लेकिन मैंने अभी तक चुदवाया नहीं है ? अम्मी जान गयी की माहिरा ने मुझे किसी से चुदवाते हुए देख लिया है।

अम्मी मुस्कराकर बोली :- बेटी माहिरा हक़ तो तुझे अपनी माँ चुदवाने का भी है। मैं थोड़ी देर के लिए भूल गयी थी की तू अब जवान हो गयी है। और जवानी में बेटी, अपनी माँ की बेटी नहीं रहती, बल्कि वह अपनी अम्मी की सहेली बन जाती है। आज से तू मेरी सहेली है। मैं चाहती हूँ की तुम जवानी का पूरा मज़ा लूटो ? लण्ड पकड़ो, लण्ड चूसो, लण्ड चाटो, लण्ड पियो और लण्ड पेलो अपनी चूत में ? आजकल की लड़कियां तो जवान होने पर अपनी माँ की चूत में भी पेलती हैं लण्ड ? इसमें कोई हर्ज़ नहीं है बल्कि दोनों मिलकर लण्ड का मज़ा लूटें तो उसे और अच्छा माना जाता है, बेटी माहिरा ? अब तो न शर्माने की कोई जरुरत है और न डरने की ?

फिर मैं अम्मी के सामने ही लण्ड पकड़ने लगी। बल्कि अम्मी भी मुझे लण्ड पकड़ाने लगीं। फिर मस्ती इतनी बढ़ी एक दिन अम्मी ने कहा भोसड़ी की माहिरा लौड़ा मेरे भोसड़ा में पेल दे बुर चोदी और चुदवा ले अपनी माँ का भोसड़ा ? मैंने भी वही किया जो वह चाहती थी। वह मेरा पहला दिन था जब मैंने अपनी माँ चुदवाई। थोड़ी देर में अम्मी ने लौड़ा अपने भोसड़ा से निकाला और उसे मेरी चूत में पेल दिया वह बोली अब मैं चुदवाऊँगी अपनी बिटिया की बुर ? इस तरह से हम दोनों एक दूसरे की चूत में लौड़ा पेल पेल कर चुदवातीं रही। यह बात अब्बू को मालूम नहीं हुई। उस दिन जब मैंने अब्बू का लौड़ा पकड़ा था और उससे अपनी बुर चुदवाई थी तबसे मैं अब्बू से भी खुल गयी थी। उसे मैंने पूरी बात बता दी।

उसके बाद मेरी शादी हो गयी और अभी जब मैं अपने माईके आई हूँ तो अब्बू का लौड़ा पकड़ कर मज़ा ले रही थी जिसे आपने ऊपर पढ़ा।

दो दिन बाद मुझे सलमा मिल गयी। भोसड़ी की सलमा तू इतने दिनों से कहाँ थी। दिखाई नहीं पड़ी। कहाँ गयी थी तू अपनी गांड मराने ? वह बोली अरे यार मैं ससुराल गयी थी। अभी कल ही तो आई हूँ। मैंने कहा तो क्या क्या किया तूने ससुराल में ? मैंने सूना है की तेरी ससुराल बड़े बड़े लण्ड वालों की है ?——- हां यार बात तो सही है लेकिन किसी भोसड़े वाले का लण्ड मेरे अब्बू के लण्ड से बड़ा नहीं

 
तो क्या तूने वहां के सारे लण्ड पकड़ कर देखें हैं ? —– हां देखा है। ३ देवरों का लण्ड पकड़ कर देखा है। दो जेठ है बहन चोद उनके लण्ड पकड़ कर देखा है। दो नंदोई हैं उनके भी लण्ड अब्बू के लण्ड के टक्कर के नहीं हैं।——— खालू ससुर का देखा है लण्ड वो जरूर थोड़ा मोटा है पर बड़ा उतना नहीं है। —— और तेरे ससुर का लण्ड उसे पकड़ कर देखा तूने ? —– वही बाकी है यार ? उसे भी कभी पकड़ कर देख लूंगी, मादर चोद को।——– तो तुझे अपने अब्बू के लण्ड पर बड़ा नाज़ है ? ——हां है तो, बिलकुल नाज़ है ? यहाँ है किसी भोसड़ी वाले का इतना बड़ा लण्ड ? —– और अगर मिल गया तो ? —- तो मैं अपनी माँ चुदा लूंगी —- सच कह रह रही है तू ? वादा पक्का कर रही है ? बाद में मुकर तो नहीं जाओगी ? —– –बिलकुल नहीं मुकरुंगी ? मैं पक्का वादा कर रही हूँ यार. अगर उससे कोई बड़ा लौड़ा मिला तो मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदा लूंगी।

दूसरे दिन मैंने सलमा को फोन किया और कहा यार तू अभी मेरे घर आ जा। बाहर का दरवाजा खुला है तू सीधे मेरे बेड रूम में आ जा मैं तुझे एक चीज दिखूंगी। वह १० मिनट में आ गयी। उसने देखा की मैं बेड पर बैठी हुई एक आदमी की लुंगी के अंदर हाथ डाल कर उसका लौड़ा हिला रही हूँ। लेकिन उस आदमी का चेहरा दिखाई नहीं पड़ रहा है क्योंकि उसके चेहरे पर एक चादर पड़ी हुई है। सलमा की दिल की धड़कने बढ़ने लगी। उसकी इच्छा हुई की जल्दी से जल्दी वह भी लण्ड पकड़ कर देखे ? मैंने फिर धीरे से लुंगी खोल कर बाहर कर दी। उसका नंगा लौड़ा टन्ना कर सलमा के सामने खड़ा हो गया। वह बोली हाय अल्ला, कितना बड़ा लौड़ा है यार ?

मैंने कहा भोसड़ी की दूर से नहीं पकड़ कर देख लौड़ा ? सलमा ने लण्ड पकड़ लिया। उसे चारों तरफ से घुमा घुमा कर देखा। मुठ्ठी में लेकर उसे ऊपर नीचे करके देखा और लण्ड की चुम्मी लेकर बोली हाय रेशमा ये तो वाकई मेरे अब्बू के लण्ड से बड़ा लगता है यार ? किस भोसड़ी वाले का लण्ड है ये ? मुझको तो मोटा भी ज्यादा लग रहा है। साला माँ का लौड़ा इसने मुझे पहले क्यों नहीं पकड़ाया अपना लौड़ा ? यार मेरा तो दिल आ गया है इस लण्ड पर ? मैंने कहा तो फिर आज तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदवायेगी न ? वह बोली हां यार अब तो चुदवाना ही पडेगा। मैं अभी अपनी अम्मी को बुलाती हूँ। मैं अपना वादा पूरा करूंगी। अभी इसे अपनी माँ के भोसड़ा में पेलूँगी ? सलमा ने अपनी अम्मी को बुला लिया। उसकी अम्मी जैसे ही कमरे में आई और सलमा के हाथ में लौड़ा देखा तो बोली सलमा तू भोसड़ी की माहिरा के अब्बू का लौड़ा चाट रही है बुर चोदी ? सलमा बोली वाओ, अम्मी तू उसका लौड़ा पहचानती है ? तब तक मैंने अब्बू के मुंह से चादर हटा दी ?

सलमा बोली माहिरा तूने मुझे दो दो सरप्राईज़ दे दिया। पहला यह की लौड़ा तेरे अब्बू का लौड़ा है और दूसरा की इस लौड़े को मेरी अम्मी पहचानती है। इसका मतलब तेरा अब्बू मेरी अम्मी का भोसड़ा चोदता है। सलमा अपनी अम्मी से बोली तूने कभी बताया नहीं अम्मी की तुम माहिरा के अब्बू से चुदवाती हूँ। उसने जबाब दिया अरी सलमा अब एक हो तो बताऊँ यहाँ तो जाने कितने लोग तेरी माँ का भोसड़ा चोदते है मैं किस किस का नाम बताऊँ ?

सलमा बोली :- यार माहिरा अब तू बता की मैं क्या करूँ ? मैं शर्त हार गयी। मैंने माँ चुदाने का वादा किया था मगर वह पहले ही चुदवाये हुए बैठी है ?

उसकी अम्मी बोली :- अम्मी चुदवाये हुए बैठी है तो क्या हुआ ? उसकी बेटी ने तो नहीं चुदवाया अभी ? माहिरा अब तू मेरी बिटिया की बुर चुदवा ? पेल दे अपने अब्बू का लण्ड मेरी बिटिया की बुर में ? अपना वादा पूरा करेगी सलमा अपनी बुर चुदवा कर ?

ऐसा कह कर उसकी अम्मी चली गयी और तब मैंने सलमा की बुर अपने अब्बू से भकाभक चुदवाया।

एक दिन मुझे खाला मिल गयी। मैंने कहा खाला अरीबा भोसड़ी की तू तो बहुत बड़ी हरामजादी है । छुप छुप कर जाने क्या क्या गुल खिलाया करती है तू। वह बोली आरी माहिरा क्या हो गया है तुझे ? मैं अभी अभी आई हूँ। मुझे नास्ता खिलाने के वजाय तू मुझे गालियां खिला रही है ?

मैंने कहा :- मैं जानती हूँ तू यहाँ नास्ता करने नहीं आई है। तू मेरे अब्बू का लौड़ा खाने आई है। बड़ा अच्छा लगता है न तुझे मेरे अब्बू का लौड़ा ? तू भी खाती है उसका लौड़ा अपनी बिटिया को भी खिलाती है ?

वह बोली :- देख माहिरा यह सच है की मैंने तेरे अब्बू का लण्ड चूसती हुँ. उससे चुदवाती हूँ उसका लण्ड पीती हूँ मगर मेरी बेटी भी उससे चुदवाती है यह मुझे नहीं मालूम ? अगर वह चुदवाती है तो मैं बुरा भी नहीं मानती ? वह भी जवान है। उसकी भी एक बुर है । उसे भी लण्ड चाटने और चूसने का हक़ है। उसे भी चुदवाने का हक़ है। इसमें कोई बुराई नहीं है।

मैंने कहा :- अरी बुर चोदी खाला तुझे क्या यह भी नहीं मालूम की तेरी जेठानी और तेरी देवरानी सब मेरे अब्बू से चुदवाती है।

वह बोली :- तो इसमें कौन ही बड़ी बात है ? तेरी अम्मी भी तो मेरे देवर से और जेठ से अपना भोसड़ा चुदवाती हैं। हम सब लोग एक दूसरे के मरद से चुदवा चुदवा कर जवानी का मज़ा लूटती है तो तेरी गांड में क्यों दर्द होता है माहिरा ? तू भी लोगों से चुदवाकर मज़ा ले ?

मैंने कहा :- मुझे फरीदा आंटी ने बताया है। उसने सलमा के अब्बू का लण्ड का एक एक इंच नापा है और अपनी डायरी में नोट कर रखा है। वह सबके लण्ड का साइज़ लिख कर रखती है। लण्ड के सुपाड़े का भी साइज़ नाप लेती है वह ? यह उसका शौक है। ……

 
बेलगाम लंड 15

अरे यार, बताओ न सवेरे सवेरे किसने चोदा मुझे ? कौन था वो जो मुझे अभी चुपके चुपके चोद कर चला गया . मैं ठीक से उठ भी न पाई थी की वह भोषडी वाला चोद के रवाना हो गया . मेरी इच्छा थी की कम से कम मैं उसे देख तो लेती ? उसका लण्ड तो देख लेती ? आप लोगों में से किसी ने तो जरुर देखा होगा उसे मुझे चोदते हुए ? प्लीज बताओ न कौन था वह ? मैं उससे अभी मिलना चाहती हूँ .

रोली बोली :- अरे श्वेता तू कैसी बाते कर रही है ? यह बात मेरे गले के नीचे नहीं उतर रही है की तुझे कोई चोदे और तुझे पता भी न चले की कौन चोद रहा है ? चुदवाते समय आँख बंद करके रखती है क्या ? उसका मुह नहीं देखती ? उसका लौड़ा नहीं देखती ?

आरती बोली :- क्या वह पहली बार तुझे चोद रहा था ? तूने उससे पहले कभी नहीं चुदवाया क्या ? और अगर चुदवाया है तो क्या तुझे इस बात का अहसास नहीं हुआ की लण्ड किसका है ?

श्वेता बोली :- यार, जाने कितने लोग मुझे चोद चुके है और कितने लोग चोदने आ जाते है . अब मैं किस किस का लण्ड याद रखू ?

आरती बोली :- इसका मतलब की तू चुदवाने में अभी कच्ची है . मुझे देख जो लण्ड मुझे एक बार चोद लेता है मैं उसे याद कर लेती हूँ . मुझसे ज्यादा मेरी चूत याद कर लेती है . लण्ड घुसते ही मुझे मालूम हो जाता है की किसका लण्ड है ?

श्वेता बोली :- यार अगर मैं एक बार भी लण्ड पकड़ कर देख लेती तो वाकई पहचान जाती ? यह कोई नया लौड़ा था ? ऐसा मुझे मालूम हो रहा है ?

रोली बोली :- अरे हां तब तू तब्बू से पूंछ वह भी तेरे बगल में लेटी हुई चुदवा रही थी .

तब तक तब्बू वहां आ गयी .

वह बोली :- हाय श्वेता मज़ा आया अजीज़ भाई से चुदवाने में ?

श्वेता बोली :- यार ये अजीज़ भाई कौन है ? इसने मुझे क्यों चोदा ? क्या वो मुझे चोदने ही आया था ? उसे चोदना ही था तो मुझे उठा कर चोदता ? मुझे पहले लण्ड पकड़ा कर चोदता ?

तब्बू बोली :- यार वो तो मुझे चोदने आया था लेकिन मेरे हाथ में विक्कू का लण्ड था मैं उससे चुदवाने जा रही थी . तब तक उसकी निगाह तेरी चूत पर पड़ गयी .

उसका लौड़ा बहन चोद टन्ना कर खड़ा हो गया . तुम तो जानती हो की सवेरे का लौड़ा बड़ा खूंखार होता है . उसने मुझसे कहा यार तब्बू श्वेता इधर बिलकुल नंगी लेटी हुई है .

इसकी मक्खन जैसी बुर मुझे दिख रही है . मैं इसकी बुर चोद लूं ? मैंने कहा हां चोद लो ? बुर तो खाली ही पड़ी है ? अभी कोई न कोई आकर चोदेगा ही ? बस वह चढ़ बैठा तेरे ऊपर ? तेरी टांग धीरे से खसकायी और फिर पेल दिया लण्ड ? तेरे मुह से आवाज़ तो निकली थी अबे साले बड़ा मोटा है लण्ड तेरा ? पहले धीरे धीरे चोद और फिर जल्दी जल्दी चोदना ? हां तेरी आंखे बंद थी . बस फिर क्या अजीज़ बहन चोद जुट गया भकाभक चोदने में

श्वेता बोली :- हां यार मैं इसीलिए उसका नाम जानना चाहती की क्यों की मुझे चुदवाने में बड़ा मज़ा आया ? वैसे तो मैंने रात भर चुदवाया लेकिन सवेरे सवेरे जिसने मुझे चोदा वो सबसे अच्छा था . उसका लौड़ा पूरा अन्दर तक घुस जाता था . चूत के चारों तरफ चिपक कर जाता था लण्ड ? मैं उससे फिर चुदवाना चाहती हूँ . उसका लण्ड पकड़ना चाहती हूँ . उसका लण्ड चाटना चाहती हूँ चूसना चाहती हूँ . मैं सरे आम उसका लण्ड पीना चाहती हूँ . ऐसा लौड़ा बार बार नहीं मिलता यार ?

रोली बोली :- वाओ, तब तो मैं भी चुदवाऊँगी अजीज़ भाई से यार ?

आरती बोली :- हा यार तब्बू उसे बुला लो न प्लीज उसके लण्ड की तारीफ सुनकर मैं भी चुदासी हो गयी हूँ .

रोली बोली :- पर यार ये अज़ीज़ भाई है कौन ? अपने ग्रुप में तो नहीं आया था . तब्बू बोली :- यार वो मेरे पड़ोस में रहता है . मैंने उससे धीरे धीरे सम्बन्ध बना लिया और जब उस दिन इसका लण्ड पकड़ कर देखा तो हाय अल्ला, मैं तो दिल ही दे बैठी उसके लण्ड को ? इतना मोटा, इतना कड़क, इतना खूबसूरत, इतना प्यारा लण्ड मुझे और किसी का लगता ही नहीं . मैंने उसी दिन उसका लण्ड खूब चाटा चूसा ? इतना चूसा की वह बोला यार तब्बू अब मैं तेरे मुह में झड जाऊंगा ? मैंने इशारे से कहा झड जा बहन चोद लेकिन मैं लण्ड मुह से नहीं निकालूंगी . वह वाकई झड गया और मैंने खूब जम कर पिया उसका लौड़ा ? दूसरी बार में पेल लण्ड अपनी बुर में और खूब मस्ती से चुदवाया . जिन मजा मुझे चुदवाने में आया उतना ही मज़ा उसे चोदने में आया ? बस फिर हम दोनों हो गये एक . जब भी मौका मिलता मुझे मैं चुदा लेती ? आज यही मज़ा श्वेता को मिल गया .

रोली बोली :- तो मुझे ये मज़ा कब दे रही हो .

आरती बोली :- यार मुझे भी उसके लण्ड का मज़ा चाहिए ?

तब्बू बोली :- हां हां बाबा मैं खुद ही सबकी बुर में पेलूँगी उसका लण्ड ? मैं किसी दिन बुला लूंगी उसे . वो तुम सबको जानत है . रोली को तो नंगी देख भी चुका है वो . रोली को चोदने के लिए वो दौड़ा चला आएगा .

आरती बोली :- हाय दईया मुझे नंगी क्यों नहीं देखा उसने , मैं भी तो नंगी नंगी लेटी थी वहीँ .

 
तब्बू बोली :- नहीं यार तुम दूसरे कमरे में थी .जहाँ तुम्हे समर चोद कर गया था .

आरती बोली :- अच्छा हां . मैं उससे चुदवाने के बाद वहीँ सो गयी थी .

दोस्तों, मैं श्वेता हूँ, इस ग्रुप की लीडर . हम लोग एक कॉलेज के स्टूडेंट्स है और यहाँ पर मौज मस्ती करने के लिए आये है . यह गेस्ट हाउस हमने दो दिन के लिए बुक कर लिया है . हमारी मौज मस्ती का मतलब है चोदा चोदी ? हमारे ग्रुप में है चार लड़कियां .

यानी मैं श्वेता आरती, रोली, तब्बू ? लड़कों में है समर, अमन, आरिफ, काके, राका, जॉन और सल्लू . सल्लू भोषडी का कल नहीं आ पाया ?

आज सवेरे सवेरे तब्बू उठी और वह उठते ही चुदवाने लगी . मैं थोडा नींद में थी तभी किसी ने मेरी बुर में लण्ड घुसेड दिया . मैं सोते जागते चुदवाती रही पर मुझे पता नहीं चला की कौन चोद रहा है ? हां चुदवाने में बड़ा मज़ा आया . इसलिए मैंने तहकीकात की . जब मालूम हुआ की वह अज़ीज़ भाई जान है तो उससे दुबारा चुदवाने की इच्छा हो गयी है . मेरे साथ रोली और आरती भी तैयार हो गयी है चुदाने के लिए .

सुबह के ७ बजे है . धीरे धीरे लोग उठ रहे है . रात भर हुई चुदाई . अभी सवेरे ४ बजे सब सोये थे . नंगे नंगे ही सो गए थे . वैसे भी जबसे हम लोग यहाँ आये है तबसे नंगे ही है . सब लड़कियां नंगी और सब लड़के नंगे . लड़कों को नंगी लड़कियां देखना बड़ा अच्छा लगता है . उसी तरह लड़कियां भी नंगे लड़कों को देख कर बड़ा मज़ा लेती है . लड़कियों की निगाह लडको के लण्ड पर ही टिकी रहती है . लण्ड ही एक ऐसी चीज है जो घटता बढ़ता रहता है . छोटा बड़ा होता रहता है . न चूंची इस तरह से घटती बढती है और न चूत ? इसलिए लड़कियों को लण्ड बड़े अच्छे लगते है ख़ास तौर से खड़े होते हुए लण्ड ? या फिर पूरी तरह खड़े लण्ड ? मेरा बस चले तो मैं दुनिया के सभी मर्दों के लण्ड देखूं ? लण्ड पकड़ कर देखने में ज्यादा मज़ा आता है . और जब लण्ड पकडती हूँ तो वह भोषडी का अपने आप खड़ा होने लगता है .

आपने कभी सवेरे सवेरे किसी का लण्ड देखा है . नहीं देखा है तो देखिये . सवेरे ४ बजे और ५ बजे के बीच लण्ड टन टनाता रहता है . जबरदस्त ताकत लण्ड में आ जाती है . उस समय अगर आप लण्ड पकड़ ले और उसे चूसे चाटे तो एक नयी ताजगी मिलेगी आपको ? और फिर अगर उसे आप अपनी बुर में घुसा ले तो फिर मज़ा ही मज़ा . इस तरह से चुदवाने का मज़ा आपको किसी और समय में नहीं मिलेगा .

लड़कियां तो सभी जग गयी है लेकिन ये माँ के लौड़े सभी लड़के अभी सो रहे है . इतने में विमला आंटी चाय बना कर ले आयी . मैं बता दूं की विमला आंटी को मैं साथ ले आयी हूँ खाना वगैरह बनाने के लिए क्योंकि कोई बाहर का आदमी यहाँ आ नहीं सकता ? आंटी भी एकदम नंगी है . उम्र अभी ४० साल की ही है . जवान है . कल रात को खाना खिलाने के बाद जब वह फ्री हुई तो उसका भी भोषडा सबको चुदते हुए देख कर चुदासा हो गया . मैंने समर से कहा यार तुम इसका भोषडा चोद दो . वह बोला यार मेरा लौड़ा अभी रोली की बुर में घुसा है . तब मैंने अमन को इशारा किया तो उसने चोदा आंटी का भोषडा ? हम सबने जब उसे चुदवाते हुए देखा तो मज़ा आ गया . वो तो बिलकुल मगन होकर चुदवाती है . अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदवाती है . कल आने के समय जब मैंने उससे पूंछा की तुम खाना बनाने के क्या लोगी ? तो वह बोली लण्ड लूँगी और कुछ नहीं ? जितने लण्ड तुम दे सकना मुझे दे देना और मुझे कुछ नहीं चाहिए , मैं तुम्हारा काम कर दूँगी . बस फिर रात भर मैंने उसका भोषडा चुदवाया . उसने मुठ्ठ भी मारा लड़कों का और लण्ड पिया भी मस्ती से .

हां अब आने लगे है मादर चोद लड़के . वो देखो आरिफ अपना लण्ड हिलाता हुआ आ गया . उसके पीछे काके भी लौड़ा खुजाते खुजाते आ रहा है . फिर जॉन भी लण्ड लहराता हुआ आ गया . इधर से राका भी आ गया . उसका लण्ड आधा खड़ा हुआ है . आरती ने उसका लण्ड पकड़ कर कहा अरे इसे क्या नींद नहीं आयी . फिर उसने लण्ड से पूंछा अरे भई कल क्या तू मेरी बुर में नहीं घुसा था ? मैं समझती हूँ तू चोदने में बड़ा माहिर है . आरती ने उसका चुम्मा लिया और पकड़ कर सहलाने लगी .

राका बोला :- अरे यार अभी ये साला खड़ा हो जायेगा ?

रोली ने जबाब दिया :- खड़ा हो जायेगा तो जायेगा आरती की बुर में न, तेरी गांड में तो नहीं जायेगा ?

सब लोग यह सुनकर खिलखिलाने लगे .

विमला आंटी ने सबको चाय दी . फिर कहा अच्छा चलो अब मैं सबकी झांटे बना देती हूँ . आज सबकी बुर चिकनी होगी और सबके लण्ड ? ऐसी चिकनी बुर कर दूँगी की लौड़ा उसपर फिसल फिसल जायेगा ? और ऐसा चिकना लौड़ा कर दूँगी की लड़कियां पूरा का पूरा लण्ड मुह में ले लेंगी ? चिकना लण्ड चूसने में बड़ा मज़ा देता है .इतने में सल्लू आ गया . वह रात में नहीं था .

रोली बोली :- यार कल क्या तू अपनी माँ चुदा रहा था ?

तब्बू बोली :- किसी के भोसडे में घुसा होगा बहन चोद ?

 
आरती बोली :- हां यार कल मेरी चूत ने तेरे लण्ड का बड़ा इंतज़ार किया ?

मैंने कहा :- अरे यार इसकी और भी चुदाने वाली है . कई लड़कियों की चूत है कई भाभियों का भोषडा भी है . कई आंटिया भी इसके लण्ड की दीवानी है . कहीं किसी की चोद रहा होगा . कोई बात नहीं आज तो हो . हमसब चुदायेंगी तुमसे . तुम चिंता न करो ?

सल्लू बोला :- यार कल रात मैं भाभी की बहन चोद रहा था .

आरती बोली :- अच्छा तो साली की बुर चोद कर आये हो ? तब तो आज तेरा लौड़ा और मोटा हो गया होगा ?

रोली बोली :- हां और क्या साली की बुर खा कर आया है न ?

एक जोर का ठहाका फिर लगा ? उसके बाद सबने खूब नहाया धोया और नंगे नंगे ही नास्ता करने बैठ गये . आंटी ने पाँव भाजी बनाया था . नंगे नंगे सबके साथ खाना बड़ा अच्छा लगता है .

तब्बू बोली :- अरे आरिफ थोडा अपने लौड़े को भी खिला देना ? साला और मोटा हो जाये तो फिर चुदाने में मज़ा आएगा ?

आरिफ बोला :- यार तुम अपने हाथों से खिलाओ तभी ये खायेगा ? तुम्हे बहुत चाहता है ये ?

आरती बोली :- अमन मादर चोद तेरा लौड़ा तो सुरसुरा रहा है . क्या उसे चोदने की बड़ी जल्दी है .

समर बोला :- तब्बू तेरी चूत पाँव भाजी खा रही है क्या ?

मैंने कहा :- हा क्यों उसका आज व्रत है क्या ?

काके बोला ;- यार रोली मेरे लण्ड को कुछ तू ही खिला दे ?

रोली बोली :- अब मैं खिलाऊँगी नहीं मेरी चूत ही तेरा लण्ड खा जाएगी ?

फिर सब लोग हंस पड़े ?नास्ता ख़तम हुआ तो शुरू हो गयी महफ़िल . इस बार रोली ने समर का लौड़ा पकड़ लिया . आरती ने अमन का लण्ड सहलाना शुरू किया , मैंने आरिफ का लण्ड संभाला . तब्बू दो लण्ड पकड़ कर बैठ गयी . एक काके का लण्ड और दूसरा राका का लण्ड ? सल्लू ने कहा आज मैं आंटी का भोषडा चोदूंगा . आंटी दौड़ कर आयी और सल्लू का लण्ड चूमने लगी . उसे चूसने लगी . उसे प्यार करने लगी .

सबने अपने अपने लण्ड को चूमा चूसा और फिर अपनी अपनी बुर में घुसेड कर चुदवाने लगी . पूरे कमरे भर में चप्प चप्प भच्च भच्च खच्च खच्च की आवाजे आने लगी . माहौल चुदाई से भर गया . चुदाई की महक चारों तरफ फ़ैल गयी . कोई बुर चोद रहा है कोए गांड मार रहा है . कोई चूंची के बीच लण्ड पेल रहा है . कोई मुह में लण्ड घुसा रहा है . कोई मुठ्ठ मरवा रहा है . कोई लण्ड सूंघ रही है . कोई लण्ड चाट रही है . कोई लण्ड पी रही है . कोई लण्ड अपनी चूत में घुसेड रही है . सब लोग घमाशान चुदाई में लगे हुए थे . थोड़ी देर में लण्ड की होने लगी अदला बदली . रोली और आरती ने अपने अपने लण्ड बदल लिया . मैंने और तब्बू ने भी लण्ड बदल लिया . अब मेरे हाथ में काके और राका दोनों के लण्ड आ गए . तब्बू आरिफ से चुदवाने लगी . विमला आंटी सल्लू के लण्ड से गांड मराने लगी .

दोस्तों, दो दिन तक हम लोग इसी तरह चुदवाती रही . कभी इससे . कभी उससे . कभी ये लण्ड ? कभी वो लण्ड ? कभी ये चूत कभी वो चूत ? कभी इसकी गांड ? कभी उसकी गांड ? बड़ा मज़ा आया हम सबको इस तरह की चुदाई का ?

आप को अगर कभी मौका मिले तो आप भी इस तरह की चुदाई का मज़ा लीजिये .

 
बेलगाम लंड 16

हां मोंम , अब वह ज़माना गया जब लड़कियां बुर चुदवाया करती थी . आजकल तो लड़कियां गांड मरवाती है . पहले लण्ड पकड़ती है उसे हिलाती है, चाटती है, चूसती है और फिर आखिर में सड़का मार देती है . या फिर खड़ा लण्ड अपनी गांड में पेल लेती है . फ़टाफ़ट मराती है गांड ? गांड मराने में कोई रिस्क नहीं है . बुर चुदाने में रिस्क है मोंम ? उसके लिए कंडोम का बोझ लेकर चलना पड़ता है . गांड मराने में क्या कुछ भी नहीं ?

खोलो गाँड – पेलो लाँड

(के जी पी यल ) या खोलो लाँड – मारो गाँड (के एल एम् जी) बस ?

मेरी सारी सहेलियां आजकल गांड मरा रही है . और जो लड़के गांड नहीं मारते उनकी गांड लड़कियां मारती है .

कॉलेज में जब लड़कियां गाँड मराना चाहती है तो वो लड़कों से कहती है :-K L M G ( kholo laand maaro gaand )

और लड़के को जब लड़कियों की गाँड मारना होता है तो वे कहते है

:- K G P L ( kholo gaand pelo laand )

दोस्तों, मेरा नाम डायना है . मैं एक 25 वर्षीय कुवांरी लड़की हूँ . मैं 5′ 4″ की गोरी चिट्टी लड़की हूँ . मेरी फिगर 36″ 28″ 34″ की है . मेरी आँखे मेरा चेहरा मेरी गुन्दाज़ बाहें और मेरे उभरे हुए चूतड सबको अपनी ओर खींचते है . मेरी बड़ी बड़ी और सुडौल चूंचियों पर तो सबकी निगाह रहती है . मैं हसीं हूँ . बिंदास हूँ चुलबुली हूँ और ज़िन्दगी को अपनी तरह से जीती हूँ . मैं आज़ाद किस्म की लड़की हूँ और यह आज़ादी मुझे घर से ही मिली है . मैं एक कॉलेज में पढ़ती हूँ . लोग मुझे अच्छी तरह जानते है . जितनी अच्छी पढ़ाई में हूँ उतनी ही अच्छी बदमासी भी करने में हूँ . लड़कों की गांड में दम किये रहती हूँ . खुश मिजाज़ हूँ हंसती और हंसाती हूँ . गालियाँ बकती हूँ और लड़कों से गांड मराती हूँ .उनकी माँ चोदती हूँ . जो लड़के गांड नहीं मारते है मैं उनकी गांड मारती हूँ . अभी कुछ दिन पहले एक लड़के से मैंने कहा :- के एल एम् जी प्लीज यानि खोलो लाँड मारो गाँड तो उसने इनकार कर दिया . फिर मैंने एक दिन भरी महफ़िल में उसकी खिचाई की .

मैंने कहा :- राबर्ट तेरा नाम क्या है भोषडी वाले ?

राबर्ट :- अरे तुम तो मेरा नाम जानती हूँ .

मैंने कहा :- नाम जानती हूँ लेकिन तेरी गाँड नहीं जानती ? तेरा लाँड नहीं जानती ? ( सभी लोग हंस पड़े ) अपनी गांड दिखा न मादर चोद ?

राबर्ट :- आप क्या करेंगी देख कर ?

मैंने कहा :- तेरी गाँड में लाँड पेलूंगी ? ( फिर सब लोग खूब हँसे )

वह बोला :- आप क्यों मेरी हंसी उड़ा रही है ?

मैंने कहा :- अबे साले तुमसे मैंने कहा था की मेरी गांड मारो तो तूने इनकार कर दिया ? तेरे पास लण्ड नहीं है क्या ? नीचे क्या चूत है बहन चोद ?

वह बोला :- मैं मर्द हूँ . लड़की नहीं हूँ .

मैंने कहा :- अगर तू मर्द है तो लौड़ा खोल कर दिखा बहन चोद ?

वह बोला :- यहाँ सबके सामने कैसे दिखाओं ? अकेले में चलो तो दिखा दूंगा ?

मैंने कहा :- क्यों क्या सबके सामने गांड फटती है तेरी ? . क्या लण्ड खड़ा नहीं होता तेरा ? मेरी चूत देखेगा ? देख ले बहन के लौड़े शायद तेरा लौड़ा खड़ा हो जाये ?

ऐसा कह कर मैंने सबके सामने अपनी पैंट की बेल्ट खोली और जिप भी खोली पैंट नीचे खसका दी तो दो इंच तक की छोटी छोटी सेक्सी झांटें दिखा दी सबको ? फिर पीछे घूम गयी और आधी गांड भी दिखा दी . सबने तालियाँ बजा कर मेरा हौसला बढाया .

मैंने कहा :- चल अब तू दिखा सबको अपना लौड़ा ?

वह सकपका गया .

मैंने फिर कहा :- चल अच्छा अपनी झांटें ही दिखा दे ? मुझे लगे तो की तू मर्द है ?

वह बोला :- मेरी झांटें इस समय नहीं है ?

मैंने कहा :- तो तू नामर्द है . गांडू है साला तू ? भोषडी का है तू

वह बोला :- नहीं मैं नामर्द नहीं हूँ . मर्द हूँ लड़की चोद सकता हूँ .

मैंने कहा :- ओं ‘ हो’ साला बहन चोद गांड तो मार नहीं पाता तू , चला है लड़की चोदने . लड़की की कभी बुर देखी है तूने ? ( सब लोग फिर ठहाका लगा कर हंस पड़े )

बस उसको मौका मिला तो भाग खड़ा हुआ ?

मेरे मोम केकसी मेरे से खुल गयी है और हम दोनों खूब मस्ती से गालियों से बात करती है . हुआ ये की अभी कुछ दिन पहले मेरे घर पर एक डांस पार्टी थी . मेरे डैडी दारू पीते है . मोंम भी पीती है और मैं भी पीती हूँ . दारू पीकर हमसब लोग डांस करते है . मोम अंकलों के साथ भी पीती है दारु और डैडी आंटियों के साथ . इसबात की बड़ी आज़ादी है हमारे घर में . उसी दिन दारू के नशे मैं पहले सो गयी . दो घंटे बाद उठी तो देखा की मोंम के कमरे से कुछ आवाज़ आ रही है . मैं झांक कर देखने लगी .

मैंने देखा की मोम एकदम नंगी है उसके सामने माईकल अंकल एकदम नंगे खड़े है और खड़ा है उसका लण्ड . मोम घुटनों के बल बैठ कर लण्ड पकड़ कर ऊपर नीचे कर रही है और फिर मुह में डाल लण्ड चूस रही है .

अचनाक उसकी निगाह मेरे पर पड़ गयी . मोंम ने मुझे इशारा करके बुलाया और आवाज़ भी लगाई . . मैं चली गयी कमरे में . मोंम ने मेरा हाथ पकड़ कर अंकल के लण्ड पर रख दिया

 
और बोली डायना अब तू जवान हो गयी है लण्ड पकड़ना सीख ले . मैं भी बेशरम हो गयी, लण्ड मुठ्ठी में लिया और सहलाने लगी .

मैंने कहा :- मोम, लण्ड तो बहन चोद बहुत बड़ा है ?

मोम बोली :- लण्ड जितना बड़ा हो चूत के लिए उतना ही अच्छा होता है ?

बस मोम ने मेरे कपडे उतार दिया मैं नंगी हो गयी . मोम ने उस दिन लण्ड अपनी चूत में पेल कर बताया की बुर कैसे चुदवाई जाती है ? उसी दिन मुझे लण्ड का मुठ्ठ मारना सिखाया और झड़ता हुआ लण्ड चाटना भी . तब से मैं लण्ड का मज़ा लेना सीख गयी .

दो दिन बाद फिर मैंने मोंम को वर्गिस अंकल से चुदवाते हुए देख लिया .. लण्ड भकाभक मोंम का भोषडा चोद रहा था . मैं खड़ी हुई उसकी चुदाई देखती रही . जब लण्ड झड़ने को आ गया तो मैं फ़ौरन अन्दर घुस गयी . मैंने कहा मोंम लाओ लण्ड इस बहन चोद का मुठ्ठ मैं मारूंगी . मैं सटासट लगाने लगी सडका ? लण्ड साला फूलने लगा . मुझे इसका लौड़ा कुछ अलग किस्म का लगा इसका सुपाडा बिलकुल अलग था . फिर भी लण्ड था मस्त और सख्त ? मैंने कहा हां साले वर्गिस की औलाद तेरी माँ का भोषडा तेरी बहन की बुर साले मैंने तेरे लण्ड का मैं बना दूँगी भरता ? मैं इसका निकाल दूँगी तेल . अंकल के मुह से निकला और तेज तेज लगा सडका भोषडी की . तू माँ की लौड़ी बड़ी मस्त है यार ? तुझसे सड़का लगवाने में मज़ा आ रहा है . दोनों हाथ से लण्ड पकड़ कर मार सड़का ? हां और हां आहा वाह आ आ … ओ .. हो .. आये निकल गया बहन चोद . मेरे मुह में मेरी चूंचियों पर झड गया मादर चोद .

मोंम बोली :- अरी डायना तू अपने कॉलेज के लड़के लाया कर मैं उनके लण्ड अपने भोषडा में पेलूंगी और उनसे चुदवाऊँगी . मैंने इसी लालच में तुम्हे माईकल और वर्गिस का लण्ड पकडाया है और इसी लालच में तुम्हे लण्ड पकड़ना हिलाना चाटना चूसना और मुठ्ठ मारना सिखाया है . हां बदले में मैं तुम्हे मर्दों के लण्ड दूँगी ? तुम जो चाहो करो इन बहन चोदो के लौडों से ?

मैंने कहा :- ठीक है मोंम . मैं तैयार हूँ .

दूसरे दिन मैं कॉलेज गयी . वहां एक लड़का कीथ मुझे बहुत सेक्सी लगा . मैंने उसे अपने पास बुलाया और उससे कहा के एल एम् जी ( खोलो लाँड मारो गाँड ) वह तुरंत तैयार हो गया . मैंने उसी दिन उसके फ़्लैट पर चली गयी . उसके साथ उसका दोस्त कीन भी था . पहले तो हम तीनो ने व्हिस्की पी और फिर मैं गांड खोल कर झुक गयी और कहा हां अब पेलो अपना लाँड और मारो मेरी गाँड . उसने लण्ड मेरी गांड पर रख दी और जोर लगा कर अन्दर ठेलने लगा . लेकिन लण्ड था की घुस ही नहीं रहा था अन्दर . फिर मैंने कहा अच्छा कीन तुम अपना लौड़ा पेल कर देखो . उसने भी लौड़ा ठोकना शुरू किया लेकिन उसका भी लौड़ा नहीं घुसा . तन मैंने घूम कर उनके लण्ड देखे ? बाप रे बाप इतना मोटे लण्ड तुम दोनों के . अच्छा ही हुआ की लण्ड मेरी गांड में नहीं घुसा नहीं तो मेरी गांड यहीं फट जाती ? ये लण्ड तो मेरी मोंम का भोषडा चोदेंगे ?

अगले दिन मैं दोनों को लेकर अपने घर गयी . मेरे साथ मेरी दो दोस्त भी थी पूजा और विद्या . मैंने सबको अपनी मोंम से मिलवाया .

मैंने कहा :- मोंम ये कीथ और कीन दोनों के लण्ड इतने मोटे है की मेरी गांड में नहीं घुस .सके मैं गांड नहीं मरा सकी मोंम ? मैंने पूजा की और विद्या की गांड में घुसेड़ना चाहा तो इनकी भी गांड में नहीं घुसे लण्ड ?

मोम बोली :- तो क्या हुआ अपनी चूत में पेल लेती लण्ड ? वहां तो घुस जाते इन भोषडी वालो ने लौड़े .

 
मैंने कहा :- मोंम मैं बुर नहीं चुदवाती सिर्फ गांड मरवाती हूँ .

मोंम :- तो पूजा और विद्या की चूत में पेल दिया होता लण्ड ?

पूजा :- आंटी मैं भी चूत नहीं चुदवाती . मैं तो गांड मराती हूँ .

विद्या :- हां आंटी मैं भी बुर नहीं गांड मराती हूँ .

मोंम :- तुम भोषडी वालियों सब गांड मराने वाली हो गयी हो तो चूत का क्या अचार डालोगी ?

पूजा :- चूत तो मेरी चुदेगी शादी के बाद ? हां आंटी शादी के बाद मैं गांड मराना छोड़ दूँगी और बुर चुदवाना शुरू करूंगी अपने मर्द से भी और गैर मर्दों से भी .

विद्या :- हां मोम हम सबने ने सोचा है की मैं पूजा और डायना तीनो एक दूसरे के हसबैंड से चुदवाया करेंगी . कभी पूजा के मियां से चुदवाऊँगी और कभी डायना के मियां से ? इसके अलावा और भी कपल तैयार कर लूंगी .लण्ड बदलती रहूंगी और चुदवाती रहूंगी ? फिर बुर चुदवाना शुरू और गांड मरवाना बंद

मोंम :- अच्छा अब इन दोनों के लण्ड क्या करेंगें ?

पूजा :- दोनों लण्ड तेरा भोषडा चोदेंगे आंटी ?

मोंम :- तो तुम लोगो की गांड कौन मारेगा ?

उधर से आवाज़ आयी और हम मारेंगे इनकी गाँड ?

मोंम तो अपना भोषडा खोल कर खड़ी हो गयी और उन दोनों के कपडे उतारने लगी . दोनों के लण्ड टन टनाने लगे . मोंम ने दोनों लण्ड पकडे और उन्हें देख कर कहा ओ’ माई गाड ? अच्छा हुआ तुमने इनसे गांड नहीं मरवाया ? बड़े मोटे है लण्ड ? अब देखना कैसे दोनों लण्ड मेरा भोषडा खाता है ? कीथ भोषडा चाटने लगा और कीन चूंचियां चाटने लगा . मोंम अपने दोनों हाथों में उनके लंड पकड़ कर हिलाने लगी .

मैंने पीछे देखा तो राबर्ट खड़ा था . वही राबर्ट जिसकी मैंने गांड मारी थी . उसने अपना लौड़ा फ़ौरन खोला और मेरे हाथ में रख दिया और बोला डायना लो आज तुम बड़े प्यार से देखो मेरा लण्ड ? उस दिन मैं भाग गया था आज मैं जी भर कर दिखाऊंगा तुमको अपना लण्ड ? तुम्हारी गांड मारने की आग मेरे दिल में भी लगी है और मेरे लण्ड में भी . हां तुम मेरे दोस्तों के भी देखो लण्ड ? मैंने जब उसका लण्ड पकड़ा तो बहन चोद कीथ के लण्ड की तरह मोटा निकला ? मैंने लण्ड चूमा और कहा यार राबर्ट तुमने आज मेरा दिल जीत लिया है मैं तेरा लण्ड अपनी गांड में जरुर पेलूंगी . लेकिन पहले इसे हिला हिला कर चाट चाट कर चूस चूस कर देखूँगी ? पूरा मज़ा लूंगी तेरे लण्ड का ? बाकि तेरे दोस्तों के लण्ड पूजा और विद्या पकड़ कर अपनी अपनी गांड में पेलेगी ?

 


बेलगाम लंड 17

हाय अल्ला, मैं बिलकुल सच्ची सच्ची बता रही हूँ तुझे . सुहागरात थी मेरी और चुद गयी मेरी माँ ? हां हां , मैं तो हैरान हो गयी जब मुझे चोदने वाला मेरा हसबैंड नहीं कोई और दो लड़के थे . एक लण्ड मैं मुह में लेकर चूस रही थी तब तक किसी ने एक लण्ड मेरी चूत में पेल दिया . लण्ड मुझे चूत में पेलवाना अच्छा लगा इसलिए मैं कुछ बोली नहीं बस चुदवाती रही . थोड़ी देर में चूत वाला लण्ड मुह में घुस गया और मुह वाला लण्ड चूत में . मैं समझी की एक लण्ड मेरे मियां का है और दूसरा उसके दोस्त का होगा ? हमारे यहाँ अक्सर ऐसा होता है की दूल्हा का दोस्त भी दुल्हन को चोदने लगता है . दुल्हन खूब मजे से दोनों लण्ड से चुदवाती है . इसलिए मैं भी चुदवाने लगी . जब थोड़ी रौशनी हुई तो मैंने देखा की उन दोनों में से मेरा हसबैंड कोई नहीं है ? मैं थोडा हैरान हुई . तब तक मेरी ननद बोली भाभी चिंता न करो तेरा हसबैंड अपनी भाभी की बुर चोद रहा है . और तुझे एक तो मेरा हसबैंड चोद रहा है और दूसरा उसका दोस्त .

मैंने कहा :- इसका मतलब यह है की यहाँ न तो मेरा हसबैंड है और न ही मेरे हसबैंड का दोस्त ?

नन्द बोली :- अरी मेरी बुर चोदी भाभी तुझे आज के दिन लण्ड से मतलब है की आदमी से ? तुझे दो लण्ड चाहिए आज सुहागरात के दिन बस ? अब लण्ड किसका है इसकी चिंता न कर . तू जा और मस्ती से चुदवा ?

इतने में मैं बाथ रूम जाने लगी .

तब मैंने देखा की यहाँ तो मेरी माँ चुद रही है . चोदने वाले एक नहीं तीन तीन लण्ड है . एक उसकी बुर में घुसा है . दूसरा उसके मुह में और तीसरा गांड मार रहा है . लेकिन मेरे माँ के चेहरे में तनिक भी सिकन नहीं है . वह तो बड़े मजे से तीनो लण्ड झेल रही है . गचागच भकाभक चुदवा रही है . बड़ी मस्त से चुदवा रही है मेरी माँ .

मैंने कहा हाय अल्ला, कैसा इत्तिफाक है ?

सुहाग रात है मेरी और चुद रही है मेरी माँ ?

मैंने कहा :- तू भोषड़ी की मेरी ननद मेरी माँ चुदवा रही है वह भी मेरी सुहागरात में ? तू तो बहुत ज़ालिम है .

ननद बोली :- अरी बहन की लौड़ी मेरी भाभी, तेरी ही माँ ही नहीं चुद रही है ? ज़रा आगे बढ़ कर देख मेरी भी माँ चुद रही है . वह भी खुले आम ?

मैंने आगे कदम बढाया तो वहां का सीन देख कर ज्यादा हैरान हो गयी . मैंने देखा की मेरे मियां की माँ चुद रही है और चोदने वाला कोई और नहीं बल्कि मेरे अब्बू है . मेरा अब्बू अपना पूरा लण्ड बार बार बाहर निकाल निकाल कर फिर पेल देता है है मेरी सास की चूत में . मैं मन ही मन बहुत खुश हुई की चलो मेरी माँ के साथ साथ मेरे मरद की भी माँ चुद रही है . इस समय मेरे अब्बू का लौड़ा बड़ा खूखार हो गया है ,. वास्तव में मेरी सास का भोषडा ऐसे चुद रहा है की जैसे कोई घोडा घोड़ी की चूत चोदता है . इतने में मेरी ननद बोली भाभी ज़रा बगल के कमरे भी झाँक कर देख ले न . मैंने जब वहां देखा तो और मस्त हो गयी मैं ? मैंने देखा की मेरा शौहर अपनी भाभी की बुर चोद रहा है . मैंने मन ही मन कहा वाह वाह क्या चारों तरफ चुदाई हो रही है ?

मैंने सोचा की जब की मेरी माँ चुद रही है . मेरे मियां की माँ चुद रही है . मेरी जेठानी चुद रही है तो फिर मुझे गैर मर्दों से चुदाने में क्या परहेज ?

मैं तुरंत लौट आयी अपने बेड पर और बुर खोल कर टाँगे फैला दी . वे दोनों तो लण्ड खड़ा किये हुए मेरा इंतज़ार कर ही रहे थे ,. एक ने मेरी बुर में पेला लण्ड और दूसरे ने मुह में . मुझे दुगुना मज़ा आने लगा . लेकिन इस बार चोदने वाले बदल गए थे . मैंने पूंछा भी नहीं ? मुझे तो लण्ड पसंद आये तो मैं चुदवाती चली गयी . मेरी ननद ने खुद बताया की जब तुम अपनी माँ की चुदाई देख रही थी तो मेरी खाला उन दोनों को अपने कमरे में ले गयी और खुद ही चुदाने लगी . उनके बदले में मैंने अपने देवर और अपने जीजू को भेज दिया है तुम्हे चोदने के लिए . इस बार चुदाने में मुझे ज्यादा मज़ा आ रहा था .

मैंने पूंछा :- हाय मेरी ननद यहाँ घर में मेरी माँ चुद रही है , मेरी सास चुद रही है मेरी जेठानी चुद रही है और मेरी खाला सास चुद रही है . मैं चुद रही हूँ तो तू मादर चोद क्यों नहीं चुद रही है ? क्या तेरी चूत बुर चोदी अभी तक गरम नहीं हुई ?

ननद बोली :- हाय भाभी मेरी चूत तो भठ्ठी हो गयी है . पर मेरे घर के रिवाज़ के मुताबिक भाई जान की सुहागरात में बहन सबकी चुदाई का पूरा इंतजाम करती है . घर भर की सभी बुर चोदी जाती है इस दिन . सबकी बुर में लण्ड पेले जाते है . लेकिन पराये मर्दों के लण्ड ? यहाँ तुमने देखा की कोई भी अपनी बीवी की बुर नहीं चोद रहा है . सब दूसरी की बीवियां चोद रहे है . सभी औरतें गैर मर्दों से चुदवा रही है . कोई एक लण्ड से कोई दो लण्ड से कोई तीन लण्ड से . अगर लण्ड की कमी होती है तो मैं बाहर से लण्ड मंगवा लेती हूँ . लेकिन सबकी चूत को पूरा मज़ा देती हूँ .

 
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