सुभाष: हाँ हो सकता है पर अपने घर में कभी नहीं नहाती इतना लेट।
तभी प्रीति बाथरूम से बाहर आ जाती है।
उसने नाइटी पहने हुई थी।
और ड्रेसिंग टेबल पे अपना मेकअप करते हुए
सुभाष कुछ बोलना चाहता है पर दूध पिने की बजह से नीन्द आ जाती है क्योंकी प्रीति ने अरुन से चुदने के लिए सुभाष के दूध में नीन्द की गोलियां मिला दी थी जो अरुन ने मेडिकल स्टोर से खरीद के दी थी।
प्रीति आवाज़ देते हुए ।
अरुण: डोंट वरी अब ये सुबह से पहले नहीं उठेंगे।
मेकअप ख़तम करने के बाद प्रीति बेड पर आती है और सुभाष से बात करते हुए।
उठ जाओ आप देखो नहीं तो तुम्हारा ये भतीजा तुम्हारी बीवी को तुम्हारे सामने चोद देगा। बचा लो मुझे इस से
प्लीज बचा लो।
अरुण: अब ये नहीं उठेंगे चलो आ जाओ अपने नए पति के पास।
प्रीति उठ कर अरुन के पास आती है।
प्रीति : तुम्हे शरम नहीं आएगी मुझे मेरे पति के सामने चोदते हुए।
नही मेरी जान और उठ कर बाथरूम चला जाता है और थोड़ी देर बाद नहा कर सिर्फ टॉवल में बाहर आता है।
प्रीति अरुन को देखते हुए
अपनी बाँहे फैला देती है।
और अरुन आ कर उसकी बाँहों में समां जाता है।
प्रीति: हम कुछ गलत तो नहीं कर रहे।
अरुण: अगर आप को गलत लग रहा है तो मैं चला जाता हूँ।
प्रीति: नहीं नहीं मैं तो पूछ रही थी।
अरुण; अब मत पूछना।
प्रीति: ओके नहीं पूछुँगी।
बाहर दो इंसान ऐसे थे जिन्हे नीन्द नहीं आ रही थी सरला और नीतू पर समझ नहीं पा रही थी की क्या करे।
अंदर।
बेड पे सुभाष लेटा था ।
प्रीति: अब भी टाइम है बचा लो अपनी बीवी को इस लड़के के चगुल से फिर काफी देर हो जायेगी।
पर सुभाष तो गहरी नींद में सो रहा था।
प्रीति: नहीं उठ रहे ये अरुन तुझे जो करना है कर ले मैं इनकी तरफ से परमिशन देती हू।
बना ले मुझे अपनी बीबी।
और अरुन प्रीति को बेड पे बैठा देता है।
और अपनी टॉवल उतार देता है।
पोसिशन प्रीति बेड पे अपनी टांगे लटका कर बैठी थी
और अरुन का लंड उस के मुह के सामने था ।
अरुण: लो चुसो इसे मेरी जान।
प्रीति की ऑंखें फटी की फटी रह जाती है
और कुछ आवाज़ नहीं निकलती।
अरुण: क्या हुआ सुरु करो।
प्रीति: ये क्या है।
अरुण: तुम्हारा होने वाला असली पति का लण्ड।
प्रीति: ये तो किसी डण्डे की तरह है।
अरुण: तो क्या हुआ मेरी जान चुसो इसे।
और प्रीति के दोनों हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख देता है।
प्रीति ड़रते हुए अरुन के लंड को पकड़ती है।
ये तो बहुत बड़ा है अरुन मैं नहीं ले पाऊँगी इसे और ड़रते २ उस पर हाथ फेरती है।
अरुण: आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे कर रांड ये लंड है कोई डंडा नहीं जो मरोड़ रही है साली कुतिया।
बाहर सरला।
मार डालेगी क्या मेरे बेटे को। नहीं चूस रही तो बोलती मैं चूस दूंगी पर मरोड़ तो मत मेरे राजा के लंड को।
नीतू: माँ अंदर चले हम दोनों भाई का ख़याल रख लेंगे।
किसी प्रीति की हमें ज़रूरत नही।
सरला: रुक जा बेटी देखते है नहीं तो मैं जाऊंगी अपने राजा के पास उसकी रैंड नंबर १।
अंदर।
आ: और तेज़ मेरी राँड जल्दी कर आह मेरा आने वाला है आह माँ आह सा आ ओह उह माँ मार ड़ाला कमिनी बहन की लोडी आह सी आ और अरुन का शरीर अकडने लगता है और पिचकारी छोड देता है
प्रीति अपना मुह हटाने की कोशिश करती है पर अरुन प्रीति के सर को अपने लंड पे दबा देता है और सारा पानी प्रीति को पीना पड़ता है।
प्रीति की ऑंखों से ऑंसू आ जाते है पर अरुन कोई रहम नहीं करता और अपनी आखरी बूँद तक निकाल कर अपना लंड प्रीति के मुह से बाहर निकालता है।
प्रीति एकदम से बेड पर गिर जाती है ।
और लम्बी २ साँस लेती है और खाँसने लगती है।
अरून प्रीति के ऑंसू पोछता है और
कुछ नहीं हुआ मेरी जान अभी तो पूरा भी नहीं गया था।
प्रीती: और कितना डालेगा मादरर्चोद मैं कोई रंडी नहीं हु जो तू इतनी बेरहमी से मेरे मुँह को चोद रहा था। लास्ट में तो तूने मेरी जान ही निकाल दी थी।
पुरा गधे का लंड है
अरुण: क्यों फुफा का कितना है।
प: तेरे से पूरा आधा वो तो अच्छा है मैं उनसे ज़िद कर के लंड चुस्वाति थी नहीं तो तूने आज मेरी जान ले लेती थी।
अरुण: मुझे तेरी जान नहीं चुत चाहिये।
बोल देगी या नहीं ।
प्रीति: जब ओखली में सर दे दिया है तो मुसल से क्या डरना।
प्रीति: सुभाष से कहती है ।ये बोलते है तुम्हे बहुत प्यार करता हु भतीजा रांड बोल रहा है अपना लंड चुसवा दिया अब चोदने जा रहा है और ये मेरा पति सो रहा है कैसे पति है कितनी बेहरमी से मेरे मुह को चोदा।फिर भी इसकी नीन्द नहीं खुली ।
फिर ब्रा पेंटी में अरुन के सामने खड़ी हो जाती है।
प्रीति अब अरुन की स्टाइल में।
प्रीति: कैसे लग रही है तेरी रांड ।
अरुण: बहुत ज़बर्दस्त बिलकुल नंबर १ माल ।
क्या मम्मे है तेरे बिलकुल पपीता और गाण्ड तो तरबुज हो रही है जांघे बिलकुल केले के पेड़ की तरह और कमर बिलकुल सुराहिदार।
ये चोद के बहुत मजा आएगा।
प्रीति: तो चोद न रोका किसने है जिसने रोकना था वो देख कैसे घोड़े बेच कर सो रहा है।
और अरुन के पास आ कर अपनी ब्रा उतार कर अपना एक मम्मा उसके मुह में दे देति है।
अब चूस इन्हे ।
अपनी माँ के तो चुसे होंगे ही अब बुआ के चूस और अरुन एक हाथ दूसरे मुम्मे पे रख कर मसलता है और एक को मुँह में भरकर चूसने लगता है।
आह चूस मेरे राजा ।
आह ओह क्या चुसता है।
आह उह मा
और अरुन प्रीति को बेड पे लीटा देता है ।
और उसकी पेंटी उतार कर दोनों पैर अपने काँधे पे रख कर प्रीति की चुत को सूँघता है।
आआआ रांड क्या खुशबु है तेरी चुत की और एकदम चिकनी भी की है क्या अपने खसम के लिये।
प्रीति: हाँ मेरे राजा तेरे लिए चिकनी की है मैं जानती हु आज कल के लोंडो को चिकनी चुत पसंद है।
और अरुन इतना सुनते ही प्रीति की चुत की फांकों को खोलकर चुत चाटने लगता है।
अब बारी प्रीति की
प्रीति: अअअअअ ये क्या कर रहे हो छी गंदी जगह है ये बेटा वहाँ से अपना मुह हटा।
और अरुन वहाँ से मुह हटा कर लंड का सुपाडा प्रीति की चुत पे लगा कर एक ही झटके में आधा घुसा देता है
प्रीति की चीख निकलने वाली होती है की अरुन प्रीति की कच्छी उसके मुह में ठूँस देता है और बेहरमी से पेलने लगता है।
और कुछ देर उसके मम्मे मसलने के बाद प्रीति को कुछ राहत मिलती है।
और प्रीति अपने मुह से कच्छी निकाल कर सुभाष से: देखो कैसे ये मुझे बेरहमी से चोद रहा है बचाओ मुझे इससे और अरुन को अपने उपर खींच लेती है।
ओर उसके कान में आज पहली बार किसी मरद का लंड अंदर गया है दर्द तो होगा ही कोई रहम मत कर और जैसे चाहे वैसे चोद।
और अरुन एक बार पूरा लंड निकाल कर एक ही झटके में पुरा पेल देता है और प्रीति अपने मुह पे अपना हाथ रख के अपना मुह बंद कर लेती है।
और अरुन प्रीति को बेरहमी से चोदने लगता है।
प्रीति: आ माँ आह सी धीरे धीरे आह माँ मार डाला कमिने मादरर्चोद ने । फाड़ दिया मेरी चुत तेरे लंड ने इतना दर्द को तीन बच्चे पैदा करने में भी नहीं हुआ
मादरचोद।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ।
कल तेरी माँ को बताऊँगी की तेरे लड़का का लंड मर्द का लंड से भी बडा है।मैंने तो चुदवा लिए तू भी चुदवा ले ।
कम से कम बूढ़ापा को सही से कट जायेगा जवानी तो भाई ने बर्वाद कर दी ।
भाभी पसंद नहीं थी इसलिए मेरा सहारा ले कर भाभी से दुर रहते थे और भाभी को लगता था की मैं उन लोगों के दूरी की बजह हूँ।क्या करती भाई बड़े थे इसलिए कुछ कह नहीं पाई।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ
अब बोल दूंगी तुम दोनों का मिलन करवा दूंगी तो मेरा कुछ बोझ हल्का हो जाएगा।
बोल अरुन अपनी माँ को चोदेगा।बोल न मेरे बेटे
चोदेगा न ।
अरुन कुछ नहीं बोलता और बाहर सरला शॉकड थी ।
ओ सोच रही थी वो बदला ले रही है पर वो तो उसकी खुशी के लिए अरुन से और सरला से बात करने को राजी थी।
नीतु माँ ये क्या हो गया भाई भी बंट गया और काम भी नहीं हुआ।
अंदर
अरुन प्रीति को चोदते हुए रुक जाता है।
प्रीति; क्या हुआ अरुन बुरा लगा।
जब तुम मुझे चोद सकते हो तो अपनी माँ को क्यों नही।वो बहुत तरसी है अपने पति के प्यार के लिए ।।
वो जगह तू पूरी कर सकता है।बोल अरुन बोल मानेगा मेरी बात।
मानेगा तो।
तू बोल रहा था न मेरी बेटी को चोदेगा तो तू मेरी बात मान मैं तुझसे अपनी बेटी चुदवा दुँगी।
सरला शॉक से रोने लगी।
जीसे मैं इतना गलत समझ रही थी वो मेरे खातिर अपनी बेटी चुदवाने के लिए तैयार है।
और रोने लगती गई है नीतू उसे समझाती है।
अंदर
प्रीति; बोल ना मेरे बेटे चोदेगा न अपनी माँ को।
अरुण: हाँ माँ की खातिर उसकी खुशी की खातिर चोदुँगा पर वो नहीं मानेगी।
प्रीति: वो तो मुझ पे छोड़ दे मैं मना लुंगी क्यों की मैं उसकी सब से फवरेट ननद हु और वो मेरी भाभी।
अरुण: अगर वो मान जायेगी तो ज़रूर चोद दुन्गा।
प्रीति: आ अब मुझ को तो चोद और ठण्डा कर दे ।
तेरे जैसे लंड पा के मैं निहाल हो गई और कल सरला की भी दिला कर उसे भी निहाल कर दूँगी।
चोद मेरे राजा तेज़ तेज़ चोद और झड जा मुझ में।
अरून कहा माँ का बदला लेने के लिए प्रीति की बेरहमी से चोद रहा था पर अब उसको अच्छा जान कर प्रीति को बड़े प्यार से चोदता है।