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Guest
मेरी बात सुन कर नजीबा ने मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा…मैं बेड के किनारे पर नीचे खड़ा था…नजीबा के होंठो पर दिलकश मुस्कान देख कर ही मेरा लंड पाजामा के अंदर झटके खाने लगा था…वो उठी और घुटनो के बल बैठ कर घुटनो के बल आगे बढ़ी …..और फिर बेड के किनारे पर आकर उसने घुटनो के बल बैठे-2 ही मेरे गले में आपने बाज़ुओं को डाला…..और मेरे माथे पर किस करते हुए बोली…. “अब तो ये घर मेरा भी है…है नही…तो इसकी सॉफ सफाई कोई बाहर से तो आकर करेगा नही… वैसे भी में यहाँ 2:30 बजे तक हूँ…..सिर्फ़ एक घंटे के लिए इंतजार करिए…. आपकी ये कनीज़ आपकी खिदमत में हाज़िर होती है…..”
मेने भी नजीबा को अपनी बाहों में भर लिया….और उसे अपनी चेस्ट से दबाते हुए बोला….”तुम कनीज़ नही मेरी जान हो….आगे से कभी ऐसा मत कहना….” मेने अपने हाथो को उसके कमर से नीचे लेजाते हुए उसकी बुन्द पर ले गया….और उसकी बुन्द के दोनो पार्ट्स को अपने हाथों में लेकर जैसे ही दबाया,.,…तो नजीबा ने सिसकते हुए अपने बाजुओं को मेरी पीठ पर और कस लिया…हम दोनो के गाल एक दूसरे से जुड़े हुए थे….नजीबा ने अपने फेस को थोड़ा सा पीछे किया और फिर अपनी नशीली आँखो को खोल कर मेरी आँखो में देखते हुए खुद ही अपने होंठो को मेरे होंठो से लगा दिया….जैसे ही मेने नजीबा के होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसना शुरू किया…
नजीबा ने अपने होंठो को खोल कर ढीला छोड़ दिया…..पर उसके होंठो को अपने होंठो में दबा -2 कर चूसने लगा….और साथ ही उसकी शलवार से उसकी नरमो मुलायम बुन्द को अलग करके दबाने लगा…जैसे-2 में उसकी बुन्द के दोनो पार्ट्स को फैला कर दबाए जा रहा था…वैसे-2 नजीबा का जोश किसिंग में और बढ़ता जा रहा था… फिर एक दम से नजीबा ने अपने होंठो को मेरे होंठो से अलग किया….और मेरी चेस्ट पर मुक्का मारते हुए बोली….”आप बड़े खराब हो….?”
मेने मुस्कुराते हुए उसके आँखो में देखा तो, उसने अपने फेस को मेरे सीने में छुपा लिया….”क्यों मेने ऐसा क्या कर दिया….?”
नजीबा: मुझे बहका दिया और किया….अब हटो भी….मुझे काम करने दो….
मेने नजीबा की बुन्द से हाथ हटा कर उसके फेस को दोनो हाथो से पकड़ कर ऊपेर उठाया तो देखा उसका फेस एक दम रेड हो चुका था….उसके कान भी सूर्ख होकर दिख रहे थे….नजीबा उस समय आसमान से उतरी हुई परी लग रही थी….उसने मेरी आँखो में देखा और फिर नज़रे झुका ली…मेने उसके माथे को चूमा और सरगोशी से भरी आवाज़ में बोला….”ठीक है…जब तुम्हारा मूड करे…तो मुझे बुला लेना.. में ऊपेर जा रहा हूँ….”
मेने नजीबा को छोड़ा और बाहर आ गया…..और ऊपेर छत पर चला गया….9 बजने में 15 मिनिट बाकी थी….धूप निकली हुई थी….मेने स्टोर रूम से चारपाई निकाली और बाहर धूप में डाल कर एक पिल्लो लेकर लेट गया….और दिल ही दिल में सोचने लगा कि, आज चाहे कुछ भी हो जाए….मेने नजीबा को अपनी दिल की ख्वाहिशों से रूबरू करवा ही देना है…मैं काफ़ी देर तक ऐसे ही लेटा रहा…..धूप बहुत अच्छी लग रही थी….तकरीबन एक घंटे बाद जब में नीचे पहुँचा तो, फर्श पर लगा हुआ संगमरमर एक दम चमक रहा था….जब से नाज़िया गयी थी….तब से घर की सॉफ सफाई भी नही हुई थी…इतने दिनो से में इस घर में कैसे रह रहा था. मैं खुद हैरान था…खैर मुझे नजीबा दिखाई नही दी तो, मेने उसका नाम पुकारा तो, बाथरूम से नजीबा की आवाज़ आई….”आ रही हूँ ख़ान सहाब….”
मैं जल्दी से अपने रूम में जाकर टीवी और डीवीडी ऑन करके कल वाली पोज़ीशन में बैठ गया…आज भी मेने राज़ाई को फोल्ड करके बेड के पुष्ट के साथ लगा दिया था….और वीडियो को स्टार्टिंग पॉइंट पर पॉज़ करके नजीबा के रूम में आने का वेट करने लगा… पर थोड़ा सा इंतजार भी सदियों बीतने जैसा लग रहा था….और जब मुझसे सबर नही हुआ… में बेड से नीचे उतरा और बाहर आया…तो देखा नजीबा बातरूम से निकल कर रूम की तरफ ही आ रही थी….मेने आगे बढ़ कर नजीबा को अपनी बाहों में उठा लिया….”अहह ख़ान सहाब गिराना है मुझे….?” नजीबा ने डरते हुए कहा…. “नही गिराता…..” और फिर नजीबा को रूम की तरफ लेजाने लगा…
मैं नजीबा को गोद में उठाए हुए, रूम की तरफ जाने लगा….मेने रूम में जाकर नजीबा को बेड पर लेटा दिया…..नजीबा ने पीछे रखी राज़ी के साथ टेक लगा ली….मेने उसकी तरफ देखते हुए अपने पाजामा को उतारना शुरू किया तो, नजीबा ने शरामते हुए अपने सर को झुका लिया….पाजामा उतारने के बाद अब मेरे जिस्म पर सिर्फ़ अंडरवेर और वही गरम टी-शर्ट थी….में बेड पर चढ़ा…और नजीबा के दोनो बाज़ुओं को पकड़ कर कल की तरह ही उसे अपनी गोद में बैठा लिया….आज भले ही नजीबा शर्मा रही थी…पर जैसा में कर रहा था….वो मुझे वैसे ही करने दे रही थी….इसलिए आज मुझे उसको कल वाली पोज़ीशन में अपनी गोद में बैठने के लिए ज़्यादा जद्दो जेहद नही करनी पड़ी….मेने डीवीडी का रिमोट उठाया और मूवी चालू की तो, नजीबा ने सर को झुकाए हुए कहा….
“ये क्या ख़ान सहाब इसे तो बंद कर दो….कल देखी तो है…? “
मेने नजीबा के फेस को पीछे की तरफ घुमाया और उसके होंठो को चूमते हुए बोला…ये दूसरी है कल वाली नही है….”