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मैं और मेरा परिवार

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10 थ डे

मैं ने सुबह उठ कर नीता बुआ को बता दिया कि मैं घर जा रहा हूँ.

घर जाकर मैं ने मंदिर जाने की तैयारी कर ली.

फिर चाची और बुआ का आशीर्वाद लेकर हम मंदिर चले गये

विद्या आज घर पर रुक गयी. मेरा कमरा ठीक करने के लिए.

मंदिर मे हर दिन की तरह हमने पूजा की. आज कुवरसिंघ की बीवी रेशमा मंदिर मे नही आई. और कुवरसिंघ तो आता ही नही था.

मंदिर मे पूजा करने के बाद हम घर चले गये.

विद्या ने मेरा कमरा साफ करने के बाद हमारे लिए नाश्ता भी बना लिया था.

नाश्ता करने के बाद मैं घर3 चला गया.

खेत मे जो लोग थे उनसे बात करने लगा.

रुकसाना और रज़िया की फॅमिली जाने की तैयारी कर रही थी.

रुकसाना और रज़िया मेरी तरफ देख रही थी. पर मैं ने उन पर ध्यान नही दिया.बस एक स्माइल दे कर उनको विदा कर दिया.

और वापस अपने काम पे लग गया.

ये मोना का फोन क्यूँ नही आया. एक काम ठीक से नही करती. कहा था कि सुबह फोन करना पर 11.00 बज गये है और फोन का कुछ पता नही.

मोना की जगह किसी और को इस काम मे लगा देता तो अच्छा होता. पर मोना जैसी ईडियट दूसरी मिलनी मुश्किल थी.

और तो और मोना का इस्तेमाल करना ज़रूरी था .क्यू कि मालिक उसका था और पैसे उसके पास है. इस वजह से मोना को झेल रहा था.

पर अब तक कॉल क्यूँ नही किया,उस दिन की तरह आज भी सो रही होगी. या फिर कुवरसिंघ ने गुस्से मे कही कुछ कर तो नही दिया.

नही, मैं ने जैसा सोचा है वो ग़लत नही हो सकता.

यहाँ से जा भी नही सकता.और किसी को बोल नही सकता यहाँ पर रुकने के लिए.मोना फोन भी नही उठा रही ,किस लिए फोन लिया है.

11 से 12 और 12 से 1.00 बज गया.

लोग मंदिर से दर्शन करके वापस आ रहे थे, और मैं मोना के फोन का इंतज़ार करने लगा.

लेकिन एक बात अच्छी हुई.सविता अपनी फॅमिली के साथ दर्शन कर के वापस आ गयी.

चलो सविता को देख कर टाइम पास कर लेता हूँ.

सविता की बात ही अलग थी,उसकी जैसी खूबसूरत मेले मे दूसरी नही होगी. पर कुवरसिंघ ने बाज़ी मार ली.

और आ गया साला.कुवरसिंघ सविता की खुश्बू सूंघते हुए यहाँ आ गया.

अब क्या था, शुरू हो गया नैनमटक्का ,उधर से कुवरसिंघ इशारा कर रहा था और इधर से सविता स्माइल कर के जवाब दे रही थी.

फिर कुवरसिंघ ने इशारा करके सविता को अपने पास बुलाया. सविता की फॅमिली अपने काम धाम कर रही जिस की वजह से सविता खूब मज़ा ले रही थी.

कुवरसिंघ के अपने पास बुलाते ही सविता ने टाय्लेट जाने का बहाना करके आम के बगीचे मे जाने लगी.

ये तरीका तो है लड़की इस्तेमाल कर रही है. पता नही कितनी चुदाई हुई होगी आम के बगीचे मे.

सविता के पीछे पीछे कुवरसिंघ भी आम के बगीचे मे चला गया.

चलो देख लेते है ये क्या करने वाले हैं. मैं दूसरे रास्ते से आम के बगीचे मे चला गया.

आम का बगीचा था इतना बड़ा कि औरतें और आदमी यही पर टाय्लेट करने जाते है.

अब इनको ढूढ़ु कहा. कभी इधर तो कभी दूसरी तरफ जाके देखने लगा.

आख़िर मिल ही गये. ये तो वही पेड़ है जहाँ पर मैं ने रज़िया और रुकसाना को घोड़ी बनाया था.

पेड़ ऐसा था कि उसके पीछे छुपने से दिखाई नही देता था. पर मेरी किस्मत अच्छी थी जो सविता की साड़ी का पल्लू हवा से उड़ने लगा और मुझे दोनो दिखाई दिए

मैं दूर से उन दोनो को देखने लगा. पास गया और कुवरसिंघ ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी.

यहाँ से सिर्फ़ उनको देख सकता था. उनकी आवाज़ सुनाई नही दे रही थी.

दोनो किस कर रहे थे. किस करने के साथ एक दूसरे के बदन पर हाथ घुमा रहे थे.

सविता कुवरसिंघ का हाथ बार बार अपनी गंद पर ले जा रही थी.

कुवरसिंघ ने रति की गंद नही मारी थी. मतलब कुवरसिंघ को गंद मारना पसंद नही है.

पर ये देख कर ऐसा लग रहा है कि सविता को अपनी गंद मरवाना पसंद है.

एक तो अपनी पति से रोज गंद मरवाती होगी या फिर उसके पति ने कभी उसकी गंद ना मारी हो ,इस लिए कुवरसिंघ का साथ दे रही हो. अपनी इच्छा पूरी करने के लिए.

कुवरसिंघ ने अपना हाथ सविता की गंद से हटा दिया.

हाथ हटाते ही सविता ने किस तोड़ दिया. और उन दोनो मे कुछ बातें होने लगी.

थोड़ी देर बातें करने के बाद फिर से किस करने लगे और इस बार कुवरसिंघ ने खुद अपना हाथ सविता की गंद पे रख कर दबाने लगा.

कुवरसिंघ को गंद मारना पसंद नही है फिर ये सविता की गंद क्यू दबा रहा है.

तो ये बात है. सविता को गंद मरवाना पसंद है, और कुवरसिंघ जब तक उसकी गंद नही मारेगा उसे कुछ नही मिलेगा.

तो सविता ने किस तोड़ कर ये बात की कुवरसिंघ से.

कुवरसिंघ को सविता की गंद मारनी पड़ेंगी. उसके बिना सविता कुछ नही करने देंगी.पर कुवरसिंघ भी ठाकुर है वो पहले चूत ही मारेगा.

उनकी किस थोड़ी देर और चली फिर उनके बीच कुछ बातें हुई. मुझे कुछ सुनाई नही दे रहा था.

पर उनके एक्शप्रेशन और हाथ चलाने के तरीके पता चल गया कि वो क्या बातें कर रहे थे.

बातें करने के बाद सविता जाने लगी. उसके चेहरे पे खुशी झलक रही थी. और कुवरसिंघ भी खुश था.

मतलब आज सविता और कुवरसिंघ चुदाई करेंगे.

सविता मेरे हाथ से चली गयी. अब शीला को जाने नही दूँगा पर पहले हाथ तो आने दो.

मैं वापस खेत मे आ गया और फिर रणजीतसिंघ के पास चला गया.

 
577

मैं रणजीतसिंघ के पास चला गया. रणजीतसिंघ अपनी सेक्रेटरी के साथ बैठे कर बातें कर रहे थे.

मेरे आते ही सेक्रेटरी ने स्माइल और रणजीतसिंघ ने हाथ आगे बढ़ा कर मेरा वेलकम किया.

रणजीतसिंघ-क्या बात है आज खुश दिख रहे हो

अवी-उस दिन की मेहनत है जो अभी तक याद करके खुश हो रहा हूँ

रणजीतसिंघ-बताया उस लड़की ने, एक बार मे दोनो तरफ से कर लिया

अवी-आपको तो पता है मुझे पीछे का ज़्यादा पसंद है. उसको औरत बनाने के बाद अपनी इच्छा पूरी की

रणजीतसिंघ-चलो अच्छा है,तुम मज़ा करना सीख रहे हो

अवी-सीख तो रहा हूँ पर आधा अधूरा सीखने मे मज़ा नही आया

रणजीतसिंघ-क्यूँ ,क्या हुआ

अवी-आपने उसकी गंद पहले ही मार ली.

रणजीतसिंघ-इसमे मेरी नही तुम्हारी ग़लती थी.

अवी-मेरी कैसे

रणजीतसिंघ-जिस दिन मैं उसे तुम्हारे पास भेज रहा था तो तुम ने मना कर दिया .जिस की वजह से मैं ने हाथ साफ कर लिया.तुम्हे तो पता है गंद मेरी कमज़ोरी है.

अवी-इसे तो छोड़ देते

रणजीतसिंघ-नेक्स्ट जिसे भेजूँगा उसको छोड़ दूँगा.तो कहो आज भेज दूं

अवी-आज नही, कुछ दिन रुक जाते है. जब मैं कहूँगा तब भेज देना

रणजीतसिंघ-जैसा तुम कहो

अवी-(खूब फॅमिली है, रणजीतसिंघ को गंद मारना पसंद है और कुवरसिंघ को गंद मारना पसंद नही है.) सॉरी ,तुम्हारे सामने गंदे वर्ड इस्तेमाल किए

सेक्रेटरी-कोई बात नही. ये सब तो चलता रहता है.

रणजीतसिंघ-तुम इसकी टेन्षन मत लो, ये तो इन सब मे बिंदास है.

अवी-फिर भी ,जाने दो, अरे तुम उन सब पर नज़र रख रही हो ना

ससेरेतरी-हाँ. बस 5 6 दिन मे पूरी इन्फर्मेशन दे दूँगी.

रणजीतसिंघ-किस बारे मे बात कर रहे हो

अवी-इसको ऐसा लग रहा है कि कुछ औरते मेले मे धंधा कर रही है.

रणजीतसिंघ-क्या ?धंधा, पहले क्यूँ नही बताया ,मैं पता करता हूँ

अवी-इसको बस शक है. और ये पता लगा रही है.

रणजीतसिंघ-पता चलते ही मुझे बताना ,फिर मैं हॅंडल कर लूँगा.

सेक्रेटरी-यस सर

रणजीतसिंघ से बात करने के बाद मैं मोना के घर जाने लगा.

मोना ने अभी तक कॉल नही किया और मेरा फोन भी नही उठा रही थी.

मैं मोना के घर चला गया. क्या पता उस्दिन की तरह सो रही होगी.

पर ये क्या मोना के घर को लॉक लगा हुआ है. ये मोना गयी कहाँ.

मैं ने फिर से मोना को फोन लगाया. इस बार मोना ने फोन पिक अप किया.

अवी-हेलो ,मोना

मोना-तुम कहाँ हो

अवी-तुम्हारे घर के सामने ,पर यहाँ तो लॉक लगा हुआ है. तुम कहाँ हो

मोना-तुम्हारे खेत वाले घर3 पर यहाँ भी लॉक लगा हुआ है.

अवी-(मोना जैसी ईडियट मिलना मुश्किल है. अगर मैं यहाँ हूँ तो घर3 पर लॉक ही लगा होगा ना)तुम वही रूको मैं अभी वहाँ आता हूँ

मोना-जल्दी आना ,कब से यहाँ बैठी हूँ

मोना-हेलो ,हेलो, लगता है फोन रख दिया.

मैं घर3 की तरफ निकल पड़ा.

ये मोना का क्या करूँ, एक काम ठीक से नही करती.

मैं घर3 आ गया .और लॉक खोल दिया.

अवी-चलो अंदर महारानी

मोना चुप चाप अंदर चली गयी.

अवी-महारानी की आग्या हो तो कुछ पुछू

मोना-ऐसे क्यू बोल रहे

अवी-तुम्हे क्या कहा था मैं ने ,कि सुबह फोन करना,फोन किया

मोना-चार्जिंग ख़तम हो गयी थी.

अवी-अब दोपेहर के 4.00 बज रहे है. इतनी देर तक मोबाइल चार्ज कर रही थी.

मोना-वो क्या हैना. मोबाइल चार्जिंग पे रख कर थोड़ा आराम करने का सोचा. और नींद आ गयी.

अवी-सो कर उठने के बाद देखा नही मेरे मिस्ड कॉल

मोना-देखे तभी तो यहाँ मिलने आ गयी.सोचा मिल कर अच्छे से बताउन्गी.

अवी-(मैं भी किस से बात कर रहा हूँ.) चलो जाने दो ,जो हो गया सो हो गया

और मैं ने मोना को पकड़ कर बेड पे लिटा दिया और मैं भी उसके उपर आ गया.और मोना को किस करने लगा.

मोना ने पहले साथ नही दिया पर वो मोना थी. बाद मे मोना भी मुझे किस करने लगी.

मोना को किस करके उसका गुस्सा शांत कर रहा था.

थोड़ी देर मोना किस करने से वो खुश हो गयी.

अवी-कल कितनी बार किया कुवरसिंघ के साथ

मोना-3 बार

अवी-और तुमने कितनी बार किया

मोना-3 बार, कल कुवरसिंघ के दोस्त नही आए थे

अवी-कैसे किया कुवरसिंघ ने

मोना-वो तो कल बहुत खुश था. और उस खुशी मे मेरी चूत मारकर मुझे मज़ा दिया.

अवी-मतलब वो तुम पर गुस्सा नही हुआ, उस्दिन ना आने पर

मोना-पहले हुआ पर ना आने की वजह सुनकर गुस्सा करने की जगह खुश हो गया. और कल से मतलब आज से चुदाई के लिए आने से मना किया .

अवी-ये तो अच्छी बात है

मोना-क्या खाक अच्छी बात ,क्या चुदाई करता था कुवरसिंघ ,

अवी-मुझसे भी अच्छी

मोना-तुम्हारे जैसी नही. पर मज़ा आ जाता

अवी-वैसे तुम ने उसे बताया क्या

मोना-वही जो तुमने कहा था.

अवी-अच्छा हुआ अब प्लान बनाने के लिए थोड़ा ज़्यादा समय मिलेंगा

मोना-तो इस लिए मुझे कुवरसिंघ के पास भेजा था

अवी-हाँ (तुम्हे यही बताना ठीक रहेंगा, तुम्हे तो किसी और काम से कुवरसिंघ के पास भेजा था)

मोना-तो आगे का प्लान क्या है

अवी-तुम 2 3 दिन अपने पति के साथ घर मे चुदाई करती रहना.

मोना-वो क्यूँ?

अवी-क्यूँ कि उसके बाद तुम्हे रात रात भर चुदाई करनी होगी. उसके लिए तुम अभी से प्रॅक्टीस कर लो

मोना-रात भर, प्लान तो बताओ

अवी-पहले ये काम करो, 2 3 दिन अपने पति के साथ चुदाई करो ,उसे बाहर निकलने मत देना ,

मोना-वो क्यूँ?

अवी-वो बाहर जाएगा तो थक जाएगा फिर तुम्हारी प्रॅक्टीस कैसे होगी.

मोना-वो तो हो जाएगा. पर प्लान क्या है

अवी-ये तो करो,तुम्हारे सिवा प्लान पूरा नही होगा. एक साथ बताया तो तुम्हे समझ नही आएगा.

मोना-ठीक है,लेकिन उसके बाद बताना होगा

अवी-बता दूँगा. और इस बार मेरा कॉल आते जवाब देना

मोना-इस बार ग़लती नही करूँगी.

अवी-आज के लिए इतना काफ़ी है.

मोना- मेरे साथ कुछ करोगे नही

अवी-आज नही फिर कभी ,

मोना-चलती हूँ , और ये काम भी हो जाएगा.

मोना को आगे क्या करना है ये बताने के बाद मैं घर चला गया

 


578

मोना को आगे का प्लान बता कर मैं घर चला गया.

घर पर मेरे भाई बहन मेरा इंतज़ार कर रहे थे.

मैं घर मे जाकर सोफे पर बैठ गया और पानी पीने के लिए बॉटल उठाई कि सीतल बीच मे बोल पड़ी.

सीतल-आज पानी मत डालना ,

राज-हाँ, भैया मुझे मेला देखना है.

अवी-मैं पानी पी रहा हूँ,

कविता-भैया जल्दी चलो , मैं आज पढ़ाई करके बोर हो गयी हूँ

अवी-चलो फिर,आज कविता और लीना का दिन है. ये राजेश कहाँ है

लीना-भैया की ट्रेन है शाम 8.30 बजे है इस लिए वो मेले मे नही आएँगे.

अवी-फिर तो हमे मेले से जल्दी आना होगा.

स्वेता दीदी-हाँ,तुम्हे राजेश को छोड़ने भी जाना है

कविता-तो चलो ना जल्दी.

कविता और लीना ने आज मेरे कहने पे पढ़ाई की ,जिसकी वजह से मेले का दिन उनके नाम कर दिया.

हम सब मेले मे चले गये.

हम ने 9 दिन मे ज़्यादातर सब अच्छे झूलों का मज़ा ले लिया था.और करतब भी देख लिया था.

अवी-आज का क्या प्रोग्राम है.

कविता-आज वो नागिन वाला शो देखते है

स्वेता दीदी-कविता वो सब बकवास होता है.भला नागिन लड़की कैसे बन सकती है. वो सब हमे बेवकूफ़ बनाते है.

कविता-पता है दीदी ऐसा नही होता है, फिर भी देख लेते है. थोड़ा टाइम पास हो जाएगा.

कोमल-उसकी जगह कुछ और देखते है

लीना-सब तो देख लिया है, बस कुछ शो बाकी है. आज नागिन वाला शो देख लेते है.

रानी-चलो देखते है.आज बेवकूफ़ बन जाते है.

पूनम दीदी-मैं रानी की बात से सहमत हूँ, आज बेवकूफ़ बन कर देखते है.

अवी-राज

राज-मुझे भी देखना है.

राज के हा करते ही मैं ने शो वाले से बात की और सबकी टिकेट ले ली.

हॉल मे अंडरा था ,और हमारी टिकेट बीच के रौ की थी. हम अपनी अपनी जगह पर बैठ गये.

मैं सब से लास्ट मे बैठा था और मेरे बाजू मे रानी थी.हम ने डिसाइड नही किया था ,जैसे हम हॉल मे आए बैठे थे चले गये.

शो शुरू हो गया.

स्टेज पर एक आदमी जो शो होस्ट कर रहा था उसने अपनी अदाकारी से शो की शुरुआत की.

वो अपने अंदाज़ मे बोल कर सब को भयभीत कर रहा था. फिर थोड़ी देर बाद एक लड़की स्टेज पर आ गयी.

उस लड़की ने अपने बदन पर जेल्लवरी पहनी थी. और सर पर नाग वाला कुछ पहना था

फिर उस आदमी ने लड़की को एक बॉक्स मे बैठा दिया. और अपनी छड़ी से उसे नागिन बनाने का दावा कर रहा था.

फिर उसने बॉक्स खोल दिया और ये क्या लड़की नागिन बन गयी.

उस आदमी ने उस नागिन को हाथ मे पकड़ कर लोगो को दिखाया. और फिर से बॉक्स मे रख दिया.और छड़ी घुमा कर नागिन को लड़की बना दिया.

लोगो ने फिर से तालिया बजाई, और आधे घंटे मे शो ख़तम हो गया.

राज को शो बहुत पसंद आ गया.

अवी-चलो अब शो ख़तम हो गया है.

राज-भैया एक बार फिर से देखते है ना

स्वेता दीदी-एक बार देख लिया ना अब फिर से क्या देखना है.

राज-मुझे देखना है. और मैं बिना देखे जाउन्गा नही.

अवी-राज को देखना है तो देख लेते है. मैं टिकेट लेकर आता हूँ.

राज की ज़िद के आगे सब को फिर से शो देखने पड़ा.

मैं टिकेट लेकर आ गया और 15 मिनिट बाद शो शुरू हो गया.

मैं ने रानी को बाहर आने का इशारा किया.

अवी-आप सब देखो मैं बाहर हो कर आता हूँ,

रानी भी मेरे साथ उठ गयी.

स्वेता दीदी-अरे रानी तू कहाँ जा रही है.

रानी-दीदी. मम्मी का मिस्ड कॉल आया है फोन करके आती हूँ.

मेरे साथ रानी भी बाहर आ गयी.

रानी-क्या है, बाहर क्यू बुलाया, अच्छा शो देख रहे थे.

अवी-चलो शो देखते है

मैं रानी को वापस हॉल मे ले गया ,पर दूसरे गेट से और लास्ट रो मे बैठ गये.

रानी-हम यहाँ क्यू बैठे है, चलो सब के साथ बैठ ते हैं

अवी-क्या सब के सामने किस करूँ

रानी-मुझे लगा ही था कि ऐसा कुछ सोचा होगा तुम ने, तभी राज की बात जल्दी मान गये

अवी-अब टाइम वेस्ट मत करो, इतने बहाने करके तुम से मिलता हूँ और तुम हो कि

रानी ने मेरी बात पूरी होने नही दी. और मुझे किस करने लगी. लास्ट रो मे सब यही कर रहे थे

सामने मेरे भाई बहन शो देख रहे थे और मैं रानी को किस कर रहा था.

अवी-रानी मेरी गोद मे बैठ कर किस करो

रानी-सब देख लेंगे

अवी-मैं तुम्हारी गोद मे बैठ जाउ

रानी-तुम भी ना

और रानी मेरी गोद मे बैठ गयी.और मुझे किस करने लगी.

रानी के साथ ऐसे छुप छुप कर प्यार करने मे अलग आनंद मिलता था.

रानी को किस करना मतलब सब कुछ था मेरे लिए.

और रानी तो मेरे प्यार से मेरी फॅमिली के प्यार से इतनी खुश थी कि उसे अपनी मम्मी की याद नही आ रही थी.

रानी इतने कम समय मे मेरी फॅमिली का एक हिस्सा बन गयी थी. पता नही मेला ख़तम होने के बाद क्या होगा.

लेकिन एक बात अच्छी हो रही थी कि कोमल आरती की जगह रानी को अपनी बेस्ट फ्रेंड मान ने लगी.

रानी ने पहले मेरा दिल फिर छोटी चाची का प्यार और अब फॅमिली का विश्वास जीत लिया था

मैं रानी के रसीले होंटो को चूस कर उसका रस पीना शुरू किया.

रानी भी मुझे किस करके अपने प्यार को नयी उचाई पे ले जाने लगी.

रानी ने ज़्यादा विरोध नही किया था मेरी गोद मे बैठने के लिए

रानी मेरी गोद मे बैठे कर अपने सपनो के राजा को प्यार कर रही थी.

हम ने साँस लेने के किए किस तोड़ दिया.

किस करते हुए मेरा लंड खड़ा हो गया था.

रानी-तो इस लिए गोद मे बैठने को कहा तुम ने

अवी-वो तो....हाँ किस करने से

और रानी ने फिर से मुझे किस करना शुरू किया.

लड़को से ज़्यादा लड़कियो को छुप छुप कर इस तरह प्यार करना अच्छा लगता है.

मैं किस करने के साथ रानी के बदन पर हाथ घुमा रहा था.और अपने प्यार को किस करके दिन ब दिन नयी नयी उचाई पर ले जा रहा था.

इस बार हम ने तालियो की आवाज़ सुनकर किस ख़तम किया.

मैं ने स्टेज की तरफ देखा तो वो नागिन फिर लड़की बन गयी मतलब शो ख़तम होने वाला था.

अवी-जल्दी बाहर चलो

रानी-आज तो फस जाएँगे

अवी-मैं हूँ ना ,चलो जल्दी.

हम दूसरे गेट से बाहर आ गये.

अवी-रानी अपनी मम्मी को कॉल करो

रानी ने बिना वक्त गवाए कॉल किया.

अवी-और कोमल के आते ही उसे अपनी मम्मी से बात करवा देना

रानी-समझ गयी.

कॉल लग गया .और रानी ने बात करनी शुरू की. मैं ने मूँगफली खरीद ली और टाइम पास करने लगा.

सब लोग शो देख कर बाहर आने लगे.साथ मे मेरे भाई बहन भी आ गये.

राज-भैया आप कहाँ थे, अंदर कितना मज़ा आया

अवी-मैं यहीं पर था.एक बार देख लिया फिर देख कर क्या करता

रानी-कोमल ,मम्मी तुमसे बात करना चाहती है.

कोमल रानी की मम्मी से बात करने लगी.

आज तो बच गया.

राज-भैया क्या सच मे वो लड़की नागिन थी.

पूनम दीदी-नही राज .वो सब झूठ था

राज-मैं नही मानता, वो सच था.

अवी-रूको मैं अभी दिखाता हूँ.

मैं सब को लेकर स्टेज पर चला गया. शो दिखानेवाला आदमी भी स्टेज पर आ गया.

उस आदमी ने मुझे पहच्चन लिया

आदमी-मालिक आप यहाँ. हमारे तो भाग खुल गये.

अवी-तुम्हारा शो हमे पसंद आया

आदमी-शुक्रिया मालिक

अवी-चलो ये बताओ ,ये सब किया कैसे

आदमी-वो नही बता सकता, ये हमारी रोज़ी रोटी है

अवी-मैं किसी को नही बताउन्गा. बताओ कैसे किया वरना कल से मेले मे मत दिखना

वो आदमी सोचने लगा.और बॉक्स को हटा दिया. और स्टेज से नीचे जाने का रास्ता खोल दिया

आदमी-मालिक इस से किया. बॉक्स रखने के बाद लड़की यहाँ से नीचे छुप जाती है और नागिन को यहाँ रख देती है

मैं ने जेब से 500 की 5 नोट निकाल कर उस आदमी को दे दी.

अवी-ले लो तुम्हारा इनाम ,और मेला हो जाने के बाद हमसे मिलकर अपनी बख्सीस ले जाना

आदमी-शुक्रिया मालिक

और हम बाहर आ गये.

सीतल दीदी-देखा राज, ये था सच

स्वेता दीदी-जैसा दिखता है वैसा होता नही है.

राज-समझ गया दीदी

अवी-चलो फिर कुछ खा कर घर चलते है. राजेश को गुड बाइ बोलना हैना

फिर हम ने गरम गरम छोले भटूरे खा लिए .और चल दिए वापस घर की तरफ

 


579

हम सब मेले से साइड नीता बुआ के घर चले गये.

नीता बुआ और राजेश हमारा ही इंतज़ार कर रहे थे.

राजेश एक एक कर सब के गले लग कर मेला एंजाय करने के बारे मे बता रहा था.

राजेश के सब से मिलने के बाद हम ये सोचने लगे कि स्टेशन पर कौन जाएँगा.

हमारे पास कार थी. जो रणजीतसिंघ ने मेले के लिए हमे दी थी. उसमे हम सब जा सकते थे पर राजेश ने सब को आने से मना किया.

राज ,कविता और लीना कहाँ मान ने वाले थे. उनको मनाने से कोई फ़ायदा नही होगा.

फिर डिसाइड हुआ की राजेश को छोड़ने के लिए नीता बुआ, मैं, राज. कविता,लीना, और स्वेता दीदी चलेंगी.

डिसाइड होते ही हम तहसील के लिए निकल पड़े, वहाँ से ट्रेन से राजेश अपने स्कूल चला जाएगा. जाने के लिए राजेश बस से जा सकता था.राजेश का स्कूल ज़्यादा दूर नही था. पर उसके स्कूल मे बस से जाने से 2 बस बदलनी पड़ती है. पहले डिस्ट्रिक्ट और फिर वहाँ से स्कूल ,

ये रात वाली ट्रेन राजेश के स्कूल के पास रुकती थी. छोटा स्टेशन था,और राजेश हमेशा ट्रेन से जाता था.2 घंटे का सफ़र,

हम राजेश के साथ स्टेशन पर आ गये.

ट्रेन प्लेट फॉर्म पर लग चुकी थी.राजेश ने अपना समान रख दिया .

मैं राजेश को लेकर पानी की बॉटल लेने चल गया.

अवी-राजेश कुछ दिन रुक जाते तो अच्छा होता

राजेश-भैया जाना ज़रूरी है

अवी-क्यू फोन वाली लड़की ने बुलाया है.

मेरी बात सुनकर राजेश मुझे देखने लगा.

राजेश-भैया वो मेरा फ्रेंड था,आपको बताया था

अवी-मैं तुझसे बड़ा हूँ.

मैं जानता हूँ कि वो फोन किसी लड़की का था. चल जाने दे , एग्ज़ॅम दे कर आएगा तब बात करेंगे.

फिर राजेश ट्रेन मे बैठ कर अपने स्कूल चला गया.

हम भी घर वापस आ गये. राजेश के जाने से लीना नाराज़ थी ,लीना को खुश करने के लिए अपने पास बैठा कर जोक सुनाने लगा.

फिर मैं अपने घर आ गया. चाची के साथ मैं ने खाना खा लिया और घर3 चला गया.

आज दोपेहर मे कुवरसिंघ और सविता मे जो बातें हुई उस से लग रहा था कि आज वो चुदाई करेंगे.

दिन मे सविता की चुदाई करना मुश्किल था. कुवरसिंघ को सविता की चुदाई करनी है तो रात मे करनी होगी.

और कुवरसिंघ को चुदाई कहाँ करनी है वो मोना ने बता दिया था.

मोना ने कुवरसिंघ को बताया कि वो अपने पति के साथ आम के बगीचे मे चुदाई करती है.

ये बात सुनकर कुवरसिंघ खुश हो गया ,उसे सविता के साथ चुदाई करने की जगह मिल गयी.

कुवरसिंघ सविता की चुदाई आम के बगीचे मे करेंगा. इसके सिवा कुवरसिंघ के पास दूसरा रास्ता नही है.

सविता कुवरसिंघ के साथ फार्महाउस पर नही जाएगी. सविता इतना बड़ा रिस्क नही लेंगी.

जिस तरह सविता कुवरसिंघ को आम के बगीचे मे किस करती है ,उस से कुवरसिंघ की ऑफर रात मे आम के बगीचे मे चुदाई करेंगे ,मान ली होगी.

सविता और कुवरसिंघ आज रात मे चुदाई ज़रूर करेंगे.

लेकिन अभी टाइम है. मैं घर3 मे जाकर तैयारी करने लगा. मैं ने पहले से सब तैयार करके रखा था.

तैयार हो जाने के बाद मैं ने घर3 को लॉक किया. सविता और कुवरसिंघ का इंतज़ार करने लगा.

कुछ लोगो ने खेत मे आग जला दी थी और उसके मदद से ठंडी दूर भगा रहे थे.

मैं ने मंकी कॅप पहन कर उन लोगो के पास जाकर बैठ गया.

यहाँ से सविता की फॅमिली ने जहाँ बेड़ा डाला था वो साफ साफ दिख रहा था.

सविता की फॅमिली मेला देख कर आ चुकी थी और खाना खा रही थी.

दिन भर दर्शन करना और मेले मे घूमने से सब तक कर जल्दी सो जाते थे. उपर से ठंडी की वजह से नींद जल्दी आ जाती है.

खाना खाने के बाद सविता की फॅमिली सोने की तैयारी करने लगी. सविता कहाँ सोएंगी ये मैं ने देख लिया.

अब रात के 11.00 बज रहे थे इतनी जल्दी सविता चुदाई करने नही जाएगी. सब के सोने के बाद आराम से जाएगी.

मेरे पास बैठे हुए लोग भी सो गये .मैं सविता पे नज़र रख रहा था. कुवरसिंघ अभी तक आया नही था.

ठंडी मे आग की गरमी से बैठे बैठे मुझे भी नींद आ गयी.

और यही मेरे हाथ से ग़लती हो गयी. मुझे सोना नही चाहिए था.

अचानक सविता की याद आते ही मेरी नींद खुल गयी. मुझे ऐसा लगा कि मैं 5 मिनिट के लिए सोया था.

मोबाइल मे टाइम देखते ही मेरी आँखे खुली की खुली रह गयी. मैं 2 घंटे सोया था. अब रात का 1.00 बज रहा था.

टाइम देखते ही मैं ने सविता की फॅमिली की तरफ देखा .वहाँ पर सब ठीक था. चलो अच्छा हुआ सविता अभी तक यही थी.

मैं रिलॅक्स हो गया.और फिर से सविता पर नज़र रखने लगा.

सविता के पास जो औरत सो रही थी उसने ब्लंकेट अपनी तरफ खीच लिया.

ये क्या, सविता की जगह पर पिल्लो रखा हुआ था. .सविता वहाँ पर नही थी.

मतलब सविता कुवरसिंघ के साथ चली गयी. मैं जल्दी से सविता को ढूँढने के लिए आम के बगीचे की तरफ जाने लगा.

मैं टॉर्च लेकर आम के बगीचे की तरफ चला गया. मेरे टॉर्च की लाइट एक रीडियम पर पड़ी ,ये तो कार है, आम के बगीचे की दूसरी तरफ एक कार खड़ी थी. ये तो कुवरसिंघ की है. कार मे अंधेरा था मतलब कुवरसिंघ सविता के साथ आम के बगीचे मे है.

मैं ने टॉर्च बंद किया. और आम के बगीचे मे चला गया.

 


580

मुझे भी आज ही नींद आनी थी. दोपहर मे इतना इंतज़ार किया था और रात मे भी ,वो वेस्ट नही जाना चाहिए.

मैं 2घंटे सोता रहा.पता नही सविता कब गयी हो. अगर मेरे सोते ही चली गयी होगी तो अब तक उनकी चुदाई हो गयी होगी. या फिर होने वाली हो.

इस आम के बगीचे मे ढूँढने के लिए आधा घंटा तो लग जाएगा ,अगर आधे घंटे मे चुदाई हो गयी तो ...

रात मे जल्द बाज़ी मे ढूँढना मतलब कुवरसिंघ को पता चल जाएगा.

मुझे ध्यान रख कर कुवरसिंघ और सविता को ढूँढना होगा.

मैं मोबाइल की लाइट मे उन दोनो को ढूँढने लगा.

पहले मैं उस जगह गया जहाँ पर दोपहर मे कुवरसिंघ और सविता किस कर रहे थे. पर वहाँ कोई नही था. ये जगह खेत के पास है जिस से यहाँ चुदाई नही की होगी

मैं दूसरी जगह ढूँढने लगा जहा पर वो चुदाई कर सकते थे

आम का बगीचा रात मे जंगल से कम नही लग रहा था.इस बगीचे मे ढूँढते हुए मेरा बुरा हाल हो रहा था.

कुवरसिंघ को ढूँढते हुए 20 मिनिट हो गये पर उन दोनो का कोई पता नही चल रहा था.

कही मोना ने हमारी जगह जहाँ पर हम चुदाई करते है वो तो नही बताई होगी.

वो एक जगह रह गयी ,वहाँ मिलने के चान्सस ज़्यादा है, मैं ने वो जगह चुदाई के लिए बना कर रखी थी.वही होगे.

मैं उस जगह पर जाने लगा.उस जगह से पहले मैं रुक गया.

जहाँ मैं चुदाई करता था वहाँ पर मुझे लाइट दिखी. ये तो मोबाइल की स्क्रीन की लाइट है.

मिल गये ,कुवरसिंघ और सविता मिल गयी. मैं एक पेड़ के पीछे छुप गया .और उन पर नज़र रखने लगा.

अंधेरा होने से उनके चेहरे नही दिख रहे थे. मोबाइल की लाइट पैरो पे गिर रही थी.

कुवरसिंघ अपने कपड़े पहन रहा था और सविता ज़मीन पर लेटी हुई थी.

कुवरसिंघ ने अपने कपड़े पहन लिए और, मोबाइल को उठा लिया.

मोबाइल की लाइट कुवरसिंघ के चेहरे पे गिर गयी.

ये तो कुवरसिंघ नही है. ये तो कोई और है. मैं इनको कुवरसिंघ और सविता समझ रहा था.

ये तो कुवरसिंघ और सविता की तरह यहाँ चुदाई करने आए है. इनकी चुदाई हो गयी है.

लड़के ने अपने कपड़े पहन लिए और लड़की अभी भी नंगी ज़मीन पर लेटी हुई थी.

जाने दो, मुझे कुवरसिंघ और सविता को ढूँढना है.पर मैं ने तो आम का बगीचा पूरा ढूँढ लिया है. लेकिन कुवरसिंघ और सविता कही मिली नही.

इनकी को पूछता हूँ कि किसी को यहाँ देखा है या नही.

अवी-ये सुनो ...

मैं ने बस इतना ही कहा था कि दोनो डर गये.

लड़के ने आवाज़ की दिशा की तरफ देखा और भागने लगा.

लड़के ने कपड़े पहन रखे थे जिस की वजह से वो भाग गया. पर लड़की अपने कपड़े ढूँढने लगी.जो कुछ मिला उसे लेकर भागने लगी.

इनको लगा कि अब ये बचेंगे नही, लड़की के घर पे पता चल गया होगा ,ये सोच कर लड़का ऐसे भागा कि पीछे मूड कर देखा भी नही.

लड़की के भागते ही मैं भी उसके पीछे भागने लगा. वो लड़की भागते हुए गिर गयी.

मैं ने उस लड़की को पकड़ लिया.

लड़की-छोड़ दो मुझे ,मैं दुबारा ऐसा नही करूँगी. मुझे जाने दो

अवी-ज़ोर से चुप

लड़की-मुझे जाने दो ,मेरे घर वालो को पता चला तो मुझे मार डालेंगे

अवी-मैं ने कहा ना चुप तो चुप रहो

मेरी आवाज़ सुनकर वो चुप हो गयी.

अवी-चलो मेरे साथ

लड़की-कहाँ ले जा रहे हो

अवी-जितना कहा है उतना करो

मैं उस लड़की को लेकर वापस उसी जगह आ गया जहाँ पर वो चुदाई कर रही थी.

मैं ने जेब से टॉर्च निकाला और उसके चेहरे को देखने लगा.

उस लड़की ने अपने चेहरे पे हाथ रख दिया. मैं ने हाथ हटा कर उसका चेहरा देख लिया.

और फिर उसके बदन को टॉर्च की मदद से देखने लगा.

टॉर्च उसके बदन पर पड़ते ही उसने अपने बूब्स और चूत को हाथो मे पकड़े हुए कपड़ो से छुपा दिया.

फिर भी मैं उसके बदन को देखने लगा. दिखने मे अच्छी थी.

अवी-पलटो

लड़की-क्या?

अवी-मैं ने कहा पलटो

मेरी आवाज़ सुनकर वो डर के मारे पलट गयी.

मैं पीछे से उसके बदन को देखने लगा.

गंद मे दम था. लेकिन पहले कुवरसिंघ और सविता का काम करना है

अवी-कही पर चोट तो नही लगी.

लड़की-क्या?

अवी- तुम गिर गयी थी ना तो देख रहा था कि चोट लगी कि नही.

लड़की-मुझे जाने दो

अवी-जाने दूँगा, पर क्या ऐसे नंगी जाना चाहती हो

उसने फिर से अपने बदन पर हाथ रख दिया.मैं ने टॉर्च बंद कर दिया

अवी-कौन हो तुम और वो लड़का कौन था

लड़की-मैं मेला देखने आई थी. वो मेरा बाय्फ्रेंड है.

अवी-और यहाँ क्या कर रहे थे

लड़की-वो वो

अवी-कब से कर रहे हो

लड़की-आज ही यहाँ पर आए है.

अवी-मेरा मतलब है ,कितनी देर से यहाँ हो

लड़की-3 घंटे से

अवी-(इसे पता होगा कुवरसिंघ और सविता के बारे मे)

मैं अगला सवाल पूछने वाला था कि मुझे एक आवाज़ सुनाई दी.

मैं ने उस लड़की के मूह पर हाथ रख दिया.और आवाज़ को सुन ने लगा.

ये तो कार स्टार्ट होने की आवाज़ है. मतलब कुवरसिंघ चुदाई करके जा रहा है.

पूरा प्लान फैल हो गया.सविता अपनी फॅमिली के पास और कुवरसिंघ हवेली चला गया.

अब वहाँ जाकर देख कर कोई फ़ायदा नही होगा.सविता सो रही होगी और कुवरसिंघ जा भी चुका होगा.

अब मैं क्या करू ,पूरा प्लान फैल हो गया.

 


581

अब क्या करू.कुछ समझ नही आ रहा था. मैं अभी तक उस लड़की के पीछे खड़ा होकर उसके मूह पर हाथ रखा हुआ था.

आज का प्लान तो फैल हो गया. कल भी तो कुवरसिंघ और सविता चुदाई कर सकती है.

लेकिन उन दोनो ने चुदाई की कहाँ होगी. इस लड़की से पूछ लेता हूँ.शायद इसे पता हो.

मैं ने उस लड़की पर ध्यान दिया. ये क्या मेरा एक हाथ उस लड़की के मूह पर था और दूसरा हाथ उसकी चूत पर था.

और उस लड़की को चिपक कर खड़ा रहने से मेरा लंड उसकी गंद मे घुस रहा था

और लड़की आँखे बंद करके खड़ी थी. उसने मुझे रोका नही.मे बी उसे और चुदाई करनी हो.

मैं ने नीचे का हाथ जो उसकी चूत पर था उस से उसकी चूत दबाने लगा.

और दूसरे हाथ को उसके मूह से हटा कर उसके बूब्स पर ले गया. और दबातें हुए उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

वो अभी तक मेरे आगोश मे थी. वो मज़े लेते हुए अपनी आँखे बंद किए हुए थी.

उसकी गर्दन पर किस करते हुए मैं पीछे से उसकी गंद पर अपना लंड रगड़ रहा था.

उसकी चूत चुदि हुई थी. लड़के ने कॉंडम लगाया होगा. वो लड़का इसे देखने वापस नही आया.

एक हाथ से उस लड़की की चूत मसल रहा था दूसरे हाथ से बूब्स दबा रहा था. गर्दन पे किस कर रहा था और मेरा लंड उसकी गंद मे घुसने की कोशिस कर रहा था.

एक साथ 4 4 हमले उस लड़की को चुदाई के लिए तैयार करने के लिए काफ़ी थे.

वो लड़की एक पराए मर्द के हाथ मे थी. फिर भी मज़ा ले रही थी.

और इसी मज़े के साथ वो अपना कंट्रोल खोती जा रही थी. उसका पानी निकालने वाला था कि मैं ने सब कुछ रोक दिया.

उसकी चूत मसलना, बूब्स दबाना, गर्दन पर किस करना , गंद पर लंड रगड़ना बंद किया.

ऐसा करते उसने अपनी आँखे खोल ली. और पलट कर मुझे देखने लगी.

लड़की-क्या हुआ, रुक क्यू गये, करो ना

अवी-ऐसे कैसे करू,जान ना पहचान मैं तेरा मेहमान

लड़की-अब तक तो कर रहे थे

अवी-तुम क्या किसी से भी चुदाई कर लेती हो

लड़की-देखो ,करना है तो कर लो, या फिर मुझे जाने दो,

अवी-करना तो है ,पर कॉंडम

लड़की-रूको

वो लड़की नीचे अंधेरे मे कुछ ढूँढने लगी.

लड़की-ये लो कॉंडम

अवी-तुम चुदाई करने के लिए इतनी मर क्यूँ रही हो

लड़की-तुम ने मुझे देख लिया है. फिर तुम मुझे कभी ना कभी चुदाई करने को कहोगे, और तुम स्मार्ट हो जो मेरा पानी निकलने से पहले रुक गये. तुम्हे चुदाई करनी है पर भाव खा रहे हो.कर लो मेरी चुदाई और फिर भूल जाओ कि हम कभी मिले थे और तुम ने यहाँ कुछ देखा है.

इसका भाषण चलता रहा तब तक मैं ने ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाल लिया.

अवी-लंड को तैयार करो,

वो नीचे बैठ गयी और लंड को हाथ मे पकड़ कर लंबाई और मोटाई का अंदाज़ा लेने लगी.

उसने अभी तक मेरा चेहरा देखा नही था. मेरे चेहरे पे मंकी कॅप भी थी.और मैं ने टॉर्च भी बंद करके रखा था.

लड़की-तुम्हारा लंड तो लंबा और मोटा है.कितना लंबा है.

अवी-अंदर लोगि तो पता चल जाएगा.

उस लड़की ने लंड को मूह मे ले लिया और चूसना शुरू किया.

चलो आज एक बात तो अच्छी हुई कि नयी लड़की की चुदाई कर रहा हूँ.मेले मे ना जाने मेरी तरह कितने लोग मज़ा ले रहे होगे.

वो लड़की मेरे लंड को चूस रही थी.

उसके बाय्फ्रेंड ने उसकी प्यास नही बुझाई होगी.

या फिर उसको मेरा लंड पसंद आ गया होगा.

अगर लाइट होती तो मेरा गोरा लंड देख कर पागल हो जाती

उसके मूह मे मेरा लंड जा नही रहा था फिर भी वो लंड को मूह मे लेने की पूरी कोशिस कर रही थी.

वो लड़की जिस तरह मेरा लंड चूस रही थी उस से मेरा पानी निकलने का डर मुझे सटा रहा था

थोड़ी देर उस लड़की को मेरा लंड चूसने दिया

फिर मैं ने पॉकेट खोल कर कॉंडम निकाल लिया.और लंड को उसके मूह से निकाल कर कॉंडम लगा दिया.

अवी-कितनी बार चुदाई की है उस लड़के के साथ

लड़की-3 बार, और रात भर करने वाली थी पर मेरा बाय्फ्रेंड मना कर रहा था और बीच मे तुम आ गये. और वो डरफोक भाग गया.

अवी-ऐसे लड़के को बाय्फ्रेंड क्यू बनाया

लड़की-तुम अपना काम करो,मैं किसी को भी बाय्फ्रेंड बनाऊ,तुम्हे क्या

अवी-उस पेड़ को पकड़ कर झुक जाओ.

लड़की-टॉर्च तो लगाओ,

अवी-बॅटरी कम है( मेरे बारे मे जितना कम पता हो इसे उतना अच्छा होगा.)

उस लड़की ने अंदाज़ा लगाकर पेड़ को पकड़ लिया और मेरी तरफ गंद कर दी.

मैं ने हाथ बढ़ा कर उसकी गंद और चूत को खोज लिया.

गंद पर एक थप्पड़ मार कर लंड को उसकी चूत पर सेट किया.और एक झटका मार कर आधा लंड उसकी चूत मे डाल दिया.

उसकी एक चीख निकल गयी.

लड़की-आअराम से करो, मेरे बाय्फ्रेंड का तुम से छोटा है.

अवी-तो मैं क्या करू ,

और दूसरा झटका मार कर पूरा लंड की चूत मे अंदर तक डाल दिया. जहाँ तक उसके बाय्फ्रेंड का लंड भी नही गया था वहाँ पर मेरा लंड गया था.

उसकी फिर चीख निकल गयी. और रात के सन्नाटे को चीरते हुए बगीचे मे खो गयी.

लड़की-आराम से करो, मेरी जान निकल रही है.

अवी-तो निकाल लूँ बाहर

लड़की-बाहर किस लिए. मैं तो ऐसे ही कह रही थी ,करो तुम्हे जो करना है

अवी-साफ साफ बोल ना कि मेरा लंड पसंद आया है. इतने नखरे करने की ज़रूरत क्या है.

लड़की-लंबा और मोटा लंड सब को पसंद होता है. अब करो ,मारो मेरी चूत

ऐसी लड़की हर किसी को मिले,

मैं उसकी चूत मे धक्के मारने लगा.

पहले तो अपने होंटो को दबा कर अपने दर्द को बाहर निकलने नही दे रही थी.

मेरा लंड तो महकामीना है दर्द देने के बाद मज़ा भी देता है.

लंड 10 12 धक्को के बाद उसकी चूत को खोल दिया.

जितना उसकी चूत को फाड़ना था उतना फाड़ दिया.

अब मज़ा लेने की बारी थी

मैं उसकी कमर को पकड़ कर धक्के मारने लगा

उसके बाय्फ्रेंड ने इतनी चुदाई के बाद भी उसे प्यासा छोड़ दिया.

उस लड़की का कोटा ज़्यादा था ,उसकी चूत के लिए मेरा लंड सही था.

मैं अपना काम तो लंड (मन) लगा कर करता हूँ

उसकी शीष्कारियो से पता चल रहा था कि उसे मेरा लंड कितना पसंद आ गया.

उसकी चूत ढीली भी थी और मेरे लंड के लिए टाइट भी थी.

रात मे उसके साथ चुदाई करने मे मज़ा आ रहा था. एक अंजान लड़की के साथ चुदाई करने मे एक अलग जोश आता है.

उसकी चूत ने 3 बार लंड लिया उस के बाद भी मेरा लंड लेकर पानी पे पानी छोड़ रही थी.

मेरी चुदाई आज तक सबको पसंद आई थी. इस लड़की को तो कुछ ज़्यादा ही पसंद आ गयी.

अंधेरा होने से पोज़िशन चेंज करने का सवाल ही फ़ायदा नही होता.

उस लड़की ने अब तक 2 बार पानी निकाला था.

लड़की-और कितना टाइम लगेगा. मेरा 2 बार हुआ है.

अवी-तुम बस मज़ा लो, मेरा पानी तो तुम्हारे मूह मे डालूँगा

वो लड़की मेरे लंड के धक्कों को अपनी गंद हिला कर मज़े के साथ ले रही थी.

मैं लगातार उसकी चूत मारता गया. वो बहाल हो रही थी.और साथ मे एक रात के लंड की चुदाई का मज़ा ले रही थी.

ऐसा वन नाइट स्टॅंड ज़्यादातर तो सबको पसंद आता है. और मेरी तरह अजनबी हो तो बिना टेन्षन के चुदाई कर सकती है.

मैं धीरे धीरे अपनी गति बढ़ा कर उसकी चूत मारता गया.

गति बढ़ाने से उसकी चूत से पानी निकल गया.

लड़की-अब बस करो, और करना मुश्किल है

अवी-मज़ा नही आ रहा.

लड़की-मेरे बाय्फ्रेंड की 3 चुदाई का पानी तुम ने एक बार मे निकाल दिया.मज़ा तो आएगा .लेकिन मैं थक गयी हूँ.

अवी-मेरा भी हो रहा. ,चूस कर चुदाई पूरी करो.

मैं ने लंड बाहर निकाला. लंड निकालते वो रिलॅक्स हो गयी.

मेरे कॉंडम निकालने तक वो पलट कर मेरे लंड के सामने बैठ गयी.

और लंड को चूसने लगी. मैं भी उसकी मदद करते हुए उसके मूह मे धक्के मारने लगा.

और उसके मूह मे अपने वीर्य की पिचकारी छोड़ने लगा.उसने बिना किसी विरोध के मेरा वीर्य पी लिया.

इसकी चुदाई करने से अच्छा लगने लगा.

वो भी मेरी चुदाई से खुश थी.

 


582

हम दोनो चुदाई से खुश थे.

लड़की-तुम्हारे साथ बहुत मज़ा आया.

अवी-यही मेरी ख़ासियत है

लड़की-मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बना लो,

अवी-पागल हो गयी हो तुम

लड़की-मैं अपने बाय्फ्रेंड को छोड़ दूँगी. तुम बन जाओ मेरे बाय्फ्रेंड ,

अवी-ये ज़्यादा हो रहा है.

लड़की-मैं शादी करने को थोड़ी कह रही हूँ,बस मज़े करेंगे

अवी-मज़े करने है तो किसी और के साथ करना. चल अपने कपड़े पहन

लड़की-इतनी अच्छी ऑफर दे रही हूँ ,और तुम हो कि,जाने दो तुम्हारे जैसे बहुत मिलेंगे

अवी-(इसे गुस्सा आ गया तो मैं कुवरसिंघ के बारे मे कैसे पूछूँगा) तुम्हारी ऑफर अच्छी है.चलो तुम्हारी ऑफर मान लेता हूँ.

लड़की-ये हुई ना बात

अवी-मेरी एक कंडीशन है.

लड़की-क्या?

अवी-मैं ने तुम्हे देख लिया है. और तुमने मुझे नही देखा.

लड़की-हाँ, कौन हो तुम

अवी-वो छोड़ो, मैं तुम्हे गर्लफ्रेंड बना लूँगा. लेकिन चुदाई जब मैं चाहूँगा तब करूँगा. मंज़ूर है.तो बोलो (बाद मे मिलूँगा भी नही)

कुछ सोचते हुए

लड़की-मंज़ूर है.

अवी-चलो अब यहाँ से चलते है

लड़की-मुझे कपड़े तो पहनने दो

मैं ने टॉर्च लगा कर उसके कपड़े ढूँढने मे मदद की. वो अपने कपड़े पहनने लगी. और मैं ने टॉर्च बंद किया.

अवी-(इससे पीछा छुड़ाना पड़ेगा.)

उसने कपड़े पहन लिए.

अवी-तुम यहाँ रात मे चुदाई क्यू कर रही थी.

लड़की-मेरे बाय्फ्रेंड ने कहा था.यहाँ पर मज़ा आएगा इस लिए रात मे चुदाई करने के लिए यहाँ आई और वही भाग निकला

अवी-दुबारा यहाँ करना मत ,यहाँ पर लोग आते जाते रहते है,

लड़की-हां,पता है, यहा पर लोग आते है. कल से यहा आउन्गि भी नही.

अवी-वैसे मेरे से पहले कोई यहाँ आया था.

लड़की-हां, हमारी तरह एक आदमी और औरत आई थी.

अवी-इसी जगह पे

लड़की-यहाँ से जा रहे थे. उनकी टॉर्च की लाइट देख कर हम छुप गये थे

अवी-(कुवरसिंघ और सविता ही होगे) जा रहे थे मतलब

लड़की-वो बगीचे से बाहर जा रहे थे

अवी-किस तरफ

लड़की-पीछे जो जंगल है उधर जा रहे थे.

अवी-(जंगल मे ,ये मोना ) अच्छा छोड़ो उसे .जाओ अपने घर

लड़की-तुम नही चलोन्गे.

अवी-(इसे बगीचे के बाहर छोड़ कर वापस आ जाउन्गा) हाँ चलो

मैं उस लड़की के साथ बगीचे से बाहर आ गया.

अवी-अपनी फॅमिली के पास जाओ .मैं चला अपने घर

वो लड़की अपनी फॅमिली के पास चली गयी.और बाद मे मैं वापस आम के बगीचे मे चला गया.

कुवरसिंघ और सविता जंगल मे क्यूँ गये, मोना ने गड़बड़ की होगी.

जाकर देखता हूँ कि कुवरसिंघ ने चुदाई कहाँ की है.

जंगल तो बड़ा है. वहाँ पर जंगली जानवर नही थे.और जंगल मे एक खंडहर था. लोग कहते थे कि वहाँ भूत है. जिस की वजह से लोग हमारे खेत मे काम करने नही आते थे. और आम के बगीचे के पीछे के खेत भी ऐसे ही पड़े थे.

दादाजी ने जंगल की वजह से आम का भागीचा लगाया था. आम के बगीचे की वजह से जंगल छुप जाता है. और खेत मे लोग काम करने आ जाते.और मंदिर के पीछे भी जंगल था.

मैं आम के बगीचे के दूसरी तरफ आ गया.और उस खेत को पार कर जंगल के सामने आ गया.

कुवरसिंघ अगर जंगल मे गया होगा तो खंडहर मे जाएगा. खंडहर जंगल की शुरुआत मे था.

कुवरसिंघ भूत पर विश्वास नही करता होगा और सविता को इस बारे मे पता नही है.

मैं टॉर्च की मदद से खंडहर मे आ गया. छोटा सा खंडहर था. कहते है ब्रिटिश फॉरेस्टर का घर हुआ करता था, आग लगने से खंडहर बन गया.

मैं खंडहर मे आकर टॉर्च की लाइट मे देखने लगा.

खंडहर मे 2 मसाल थी जिस मे चिंगारी जल रही थी. मतलब यहाँ कोई आया था.

मैं नीचे देखने लगा नीचे कि ज़मीन साफ थी. जैसे किसी ने कुछ करने के लिए साफ की हो.

मैं फिर इधर उधर देखने लगा कि मेरी नज़र एक कॉर्नर पर गयी. वहाँ पर चद्दर रखी हुई थी.

मैं ने चद्दर देखी ,चद्दर गद्दे जैसी थी, पक्का यहाँ कुवरसिंघ आया था और चद्दर यही रख दी, कल और चुदाई करने के लिए.

मैं ने चद्दर को अच्छे से देखा ,चद्दर पर सिर्फ़ वीर्य और सविता के पानी के दाग थे.

मैं ने चद्दर वापस रख दी.

और खंडहर को अच्छे से देखने लगा , खंडहर को देखते ही मेरे चेहरे पे स्माइल आ गयी

मेरे काम के लिए खंडहर सही जगह थी ,

खंडहर को देखने के बाद मैं वहाँ से वापस चलने लगा.

अब जो करना था वो कल करूँगा. मैं वापस घर3 आकर सो गया.

 


583

11थ डे

सुबह अलार्म की आवाज़ सुनकर मेरी नींद खुल गयी. पर मेरी नींद अभी तक पूरी नही हुई थी.

लेकिन मंदिर मे जाना ज़रूरी था. मैं फ्रेश होकर मंदिर चला गया.चाची सब के साथ मंदिर आ गयी थी.

हम सब ने मंदिर मे पूजा की और थोड़ी देर बातें करने लगे.

मैं ने देखा ठकुराइन मेरी तरफ देख कर मुझे अपना वादा याद दिला रही थी.

पायल ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की और कामिनी नीता बुआ के साथ बातें कर रही थी.

आज कुवरसिंघ की बीवी रेशमा अपने बच्चे के साथ दर्शन करने आई थी .और पूजा करके चली गयी. पर उसका चेहरा कुछ उतरा हुआ नज़र आ रहा था.

चाची मेरे बच्चों को रोज मंदिर लेकर आती थी.उनका मान ना था कि वो माँ भगवान की वजह से बनी है.

बड़ी चाची दादाजी की हर बात मानती थी.दादाजी को अपने गाओं और अपनी परम्परा जान से ज़्यादा प्यारी थी. अगर वो यहाँ होते तो बच्चों को मंदिर लाने को ज़रूर कहते .बड़ी चाची इतनी सुबह बच्चों को मंदिर मे भगवान के दर्शन कराने लाती थी.

पूजा करने के बाद हम घर चले गये. घर आते मे अपने कमरे मे जाकर सो गया. और विद्या को बताया कि 2 घंटे बाद मुझे उठा देना

विद्या ने ठीक 2 घंटे बाद मुझे जगाया. मेरी नींद भी पूरी हो गयी.मैं ने फ्रेश होकर नाश्ता किया. और घर3 चला गया.

घर3 जाकर मैं ने मोना का कॉल किया .

मोना ने मेरा फोन पिकप किया.

मोना-हेलो ,कौन

अवी-अवी

मोना-बोलो फोन क्यूँ किया.

अवी-तुम 10 मिनिट मे मेरे घर3 आओ .

मोना-मैं अपनी पति के साथ हूँ

अवी-जितना कहा है उतना करो.10 मिनिट,वरना मुझसे बुरा कोई नही होगा

और मैं ने फोन कट कर दिया. और मोना का क्या करूँ ये सोचने लगा.

मोना पे गुस्सा करना ठीक नही होगा. क्या पता वो क्या कर बैठे. लेकिन उसकी वजह से मुझे रात भर ...

उसकी वजह से मुझे जंगल मे जाना पड़ा.

जंगल ,जंगल मे कुवरसिंघ और सविता चुदाई कर रहे थे .

मोना ने ग़लती नही की, जंगल ही इस काम के लिए ठीक रहेगा. मोना तुम ग्रेट हो.

मोना ने अंजाने मे अच्छा काम किया. आम के बगीचे मे किसी के भी आने का डर था.

जंगल मे कोई नही आएगा.और खंडहर मे तो बिल्कुल भी नही.

आम के बगीचे और जंगल के बीच खेत है ,जंगल ही ठीक रहेंगा.

लेकिन मोना को मुझे बताना चाहिए था. अगर बता देती तो कल रात मे अपना काम पूरा कर लेता.

कल मेरी भी ग़लती थी. मुझे नींद नही आती तो सब प्लान के मुताबिक हो जाता.कोई बात नही कल कुवरसिंघ ने सविता के साथ वो नही किया जिस के बारे मे मैं ने सोचा था.

आज की रात बहुत कुछ होगा.

मोना भी आ गयी.

मोना-क्या हुआ ,अचानक इतनी जल्दी क्यूँ बुलाया

अवी-बैठो तो सही

मोना-हुआ क्या है. फोन पर तुम्हारी बात से लग रहा था कि मैं ने कोई ग़लती की है.

अवी-तुम ग़लती कर ही नही सकती

मोना-ये आज हुआ क्या है जो मेरी तारीफ कर रहे हो

अवी-मैं आज बहुत खुश हू, और पता है क्यूँ खुश हूँ

मोना-क्या वजह है खुशी की

अवी-तुम ,तुम्हारी वजह से आज मैं खुश हूँ

मोना-मुझे समझ नही आ रहा. पहले तुम फोन पर गुस्सा हो रहे थे और अब मेरी तारीफ करके खुश हो रहे हो

अवी-तुम लाखों मे एक हो मोना, (ग़लती करके काम आसान बनाया)

मोना-मैं ने किया क्या है

अवी-तुमने कुवरसिंघ को उसके पास ना जाने की क्या वजह बताई

मोना-वही जो तुमने बताई

अवी-मैं ने जो कहा वही बताया

मोना-हाँ

अवी-मैं एक बार और पूछता हूँ कि मैं ने जो बताया वही तुमने बताया

मोना-हाँ, पर कुछ अपनी तरफ से भी बता दिया

अवी-क्या बताया

मोना-आम के बगीचे की जगह जंगल मे जो खंडहर है उस के बारे मे बताया. वहाँ चुदाई की ऐसा बताया.

अवी-तुम्हे कहा था ना कि मैं ने जो कहा है वही बताना

मोना-अचानक जंगल के बारे मे मूह से निकल गया था.

अवी-चलो ठीक है, पर ये बात तुम्हे मुझे बताई क्यूँ नही

मोना-मैं डर गयी थी की तुम मुझ पर गुस्सा होगे.

अवी-तुम ने ग़लत काम नही किया. जंगल के बारे मे बता कर तुमने अच्छा किया.

मोना मेरी बात सुनकर शॉक्ड हो गयी.

मोना-मैं ने जंगल के बारे मे बता कर अच्छा किया.

अवी-हाँ,

मोना-लेकिन इस बात से हमे क्या फ़ायदा होगा.

अवी-आज तुम्हे मैं प्लान बताता हूँ

मोना-बताओ

अवी-तुम्हे पता हैना कि मैं हवेली मे जाता हूँ,

मोना-हाँ

अवी-आज मैं हवेली जाकर कुवरसिंघ के रूम मे टेप ढूँढ लूँगा .

मोना-कुवरसिंघ वो भी तो होगा ना रूम मे

अवी-कुवरसिंघ जंगल मे होगा, मेले मे आई हुई लड़कियो की चुदाई करेंगा

मोना-तो ये प्लान है तुम्हारा,कुवरसिंघ को हवेली से दूर रख कर टेप चुराने का.

अवी-कैसा लगा.

मोना-अच्छा है, क्या इस से काम हो जाएगा .

अवी-हाँ (मोना सच मे ईडियट है, ये भी तो सोच सकती है कि उसको कुवरसिंघ के पास फार्महाउस पे भेज कर मैं हवेली से टेप चुरा सकता हूँ,जंगल मे कुवरसिंघ को भेजने की ज़रूरत क्या है.)

मोना-कुवरसिंघ के रूम मे उसकी बीवी होगी ना

अवी-कुवरसिंघ के ऑफीस वाले रूम मे होगा वो टेप

मोना-और एक बात ,मैं अपनी पति के साथ चुदाई करूँ ,इससे हमारे प्लान मे क्या मदद होगी.

अवी-कुवरसिंघ को अगर तुम पे शक हुआ तो बता देना कि तुम अपने पति के साथ थी. क्या समझी

मोना-थोड़ा समझ मे आया

अवी-धीरे धीरे सब समझ मे आ जाएगा.

मोना-कब तक हो जाएगा हमारा काम

अवी-हुआ तो आज रात मे हो जाएगा, या फिर 5 6 दिन भी लग सकते है.

मोना-आज हुआ तो मज़ा आ जाएगा

अवी-देखते है, वैसे तुम घर पे कर क्या रही थी.

मोना-तुम ने जो कहा वही कर रही थी.

अवी-तुम चुदाई करते हुए यहाँ आ गयी

मोना-नही तो क्या.

अवी-तुम ने अपने पति को क्या कहा

मोना-कहना क्या था ,चूस कर उसका पानी निकाल दिया और सोने को कहा और मंदिर जाने के बहाने से यहाँ आ गयी.

अवी-फिर तो तुम प्यासी होगी

मोना-हाँ,

अवी-चलो मैं तुम्हारा पानी निकाल देता हूँ

मोना-सच

अवी-तुम ने काम ही ऐसा किया की ,तुम्हे इनाम मिलना चाहिए.

मेरी बात सुनकर मोना खुश हो गयी.

चुदाई की वजह से मोना अपना दिमाग़ कम चलाएगी जो मेरे लिए अच्छा होगा.

मोना जितनी चुदाई मे डूबी रहेंगी उतना अच्छा होगा मेरे लिए.

 


584

मोना मेरी बात सुनकर खुश हो गयी.

डबल खुश तब हुई जब मैं ने उसे गले लगाया.

गले लगाकर मैं मोना के गर्दन पर किस करने लगा.और मोना की बड़ी गंद को दबाने लगा.

साड़ी के उपर से मोना की बड़ी गंद दबाने मे मज़ा आ रहा था.

रणजीतसिंघ अगर मोना की गंद देख ले तो बिना वक्त गवाए मोना की गंद मारेगा.वो भी रात भर मसल मसल के रगड़ रगड़ कर गंद मारेगा

ऐसी है मोना की गंद ,लेकिन मोना का नशीब भी ऐसा है कि उसका पति उसकी गंद नही मारता. कुवरसिंघ ने इतनी अच्छी गंद छोड़ दी.

मैं मोना के पति जैसा नही हूँ,मोना की गंद मारे बिना मुझे मज़ा नही आता.

उसके गंद मे पहला लंड मेरा था. फिर भी मेरा लंड जाते ही उसकी चीख निकल जाती है

मोना की गंद को मसल कर मज़े लेते हुए मोना को गले लगाया हुआ था.

अवी-मोना ,जब भी तुम्हारी गंद देखता हूँ तो मारने का मन होता है

मोना-तो मार लो ना

अवी-तुम्हारी चूत उसका क्या

मोना-एक बार पानी निकाल कर गंद मार लो

मोना की बात सुनते ही मैं ने अपने होन्ट मोना के होंटो पर रख दिए और किस करना चालू किया.

वो तो हमेशा तैयार रहती थी , किस करते हुए भी मैं उसकी गंद दबाता रहा.

खड़े खड़े किस करने से उसको परेशानी हो रही थी .उस ने किस करते हुए मुझे धक्का देखे बेड पे गिरा दिया.

और मेरे उपर टूट पड़ी और किस करने लगी. इस बार वो मुझ पर हावी हो कर किस कर रही थी.

किस करते हुए मोना मेरी जीभ को अपने मूह मे लेने लगी.और होंटो के साथ जीभ चूसने लगी.

मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था.मैं भी उसका पूरा साथ दे रहा था और उसके होंटो के साथ चेहरे पे किस करने लगा .

वो अपने पति के साथ चुदाई करते हुए बीच मे छोड़ कर आई थी. जिस से वो जल्दी गरम हो गयी

उसे अपने बदन की गर्मी कंट्रोल नही हुई.उस ने अपनी साड़ी निकाल कर फेक दी.साथ मे ब्लाउस और पेटिकोट भी निकाल दिया.

ब्रा तो मोना पहन कर नही आई थी. एक सेक्सी पैंटी उसकी चूत को छुपा रही थी.

कपड़े निकालने के बाद मोना फिर से मुझे किस करने लगी .

मैं किस करते हुए फिर से उसकी गंद को सहलाने लगा

गंद सहलाने से वो बीच मे किस तोड़ कर शीष्कारियाँ निकालने लगती. अहहहााहह....

शीष्कारिया लेने के लिए वो थोड़ी उपर उठी तो उसके बूब्स मेरे मूह के पास आ गये.

मोना की गंद और बूब्स दिन ब दिन बड़े हो रहे थे.

मैं मोना की गंद सहलाते हुए उसके बूब्स चूसने लगा .ऐसा करते ही मोना मस्ती मे मछलि की तरह मचल ने लगी.

और अपने बूब्स को मेरे मूह मे ज़्यादा से ज़्यादा डालने लगी.

थोड़ी देर मुझे अपने बूब्स चूसवाने के बाद मोना ने मेरी टीशर्ट और जीन्स निकाल दी

और मेरे अंडरवेर के उपर से लंड को सहलाने लगी.

फिर एक झटके मे मेरी अंडरवेर निकाल कर लंड को अपने मूह मे ले लिया. और लंड को आराम से अपने तरीके से चूसने लगी .

मैं मोना को खुश करने वाला था पर मोना मुझे खुश कर रही थी.

कोई किसे भी खुश करे मेरा लंड जाएगा तो मोना की चूत और गंद मे ना

मोना को जितनी मस्ती करनी है उतनी मस्ती करने देने मे दोनो का भला था.

जितनी मोना की चूत मे खुजली होगी उतना उसका दिमाग़ कम काम करेगा.

मोना जितना कम दिमाग़ का इस्तेमाल करेगी उतना मेरे लिए अच्छा था.

मोना के लंड चूसने से पता चल रहा था कि उस चूत मे कितनी खुजली हो रही है.

थोड़ी देर वो मेरा लंड चूस्ति रही. फिर मैं ने उसे रोक दिया.

और उसको बेड पर लिटा कर उसकी पैंटी जो बस अब दोनो के काम आ सकती है उसे निकाल दिया.

और कॉंडम को लंड पर लगाके मोना के उपर आ गया और मोना के पैर फैला कर लंड को मोना की चूत पर सेट किया

और एक जोरदार झटका लगाया और एक ही बार मे पूरा लंड अंदर पेल दिया

मोना बहुत लंड ले चुकी फिर भी मोना तो मोना थी ,उसके मूह से चीख निकल गयी.

पर कुछ सेकेंड मे ही धक्के मारने को कहने लगी.

मैं ने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया .मोना ने भी शीष्कारियाँ निकल नी शुरू की.

ऊऊहहहहहहहहाआआआआ और ज़ोर से

मैं अपने तरीके से, कभी धीरे तो कभी ज़ोर से मोना की चूत मारने लगा.

मोना की गर्मी और मेरे लंड की गर्मी से मोना की चूत पिघल गयी.

मोना ज़ोर से चिल्लाते हुए झड गयी.

मोना की चूत से आज कुछ ज़्यादा ही पानी निकल गया.

मोना पानी निकल ने से संतुष्ट थी.और ठंडी पड़ गयी.

मैं ने लंड को उसकी छूट से बाहर निकाला और गंद पर सेट किया.

और लंड ने अपना रास्ता खुद ढूँढ लिया.लंड मोना की गंद मे चला गया.

मोना की फिर से चीख निकल गयी.पर उसका पता था मैं उसकी गंद मारे बिना उसे जाने नही दूँगा.

मोना की चूत मे अब पहले जैसा मज़ा नही रहा ,पर गंद अभी भी पहले वाली थी.

उसका मज़ा तो हो गया.अब उसकी गंद मारकर मैं मज़ा ले रहा था.

मोना भी अपनी गंद मे लंड लेकर खुश थी. उसे भी मज़ा आ रहा था.

मैं मोना की गंद को उसकी चूत जैसा बनाने लगा.

मोना की गंद फ्यूचर मे ऐसा कहर करेगी कि ,इसके पीछे लोगो की लाइन लग जाएँगी.

लेकिन पहला पानी तो मेरा ही होगा इसकी गंद मे.

और ये निकाला मेरा पानी मोना की गंद मे, मतलब कॉंडम मे मैं ने पानी उडेल दिया.

मेरी गति पे ब्रेक लगते ही. मैं मोना के उपर गिर गया

 


585

मोना की गंद मैं कुवरसिंघ का काम पूरा होने के बाद मारने वाला था.

पर उस दिन रॉल्प्ले करते हुए मोना की गंद मारनी पड़ी.

फिर सोचा कि मैं क्यू मोना की गंद से दूर रहूं. काम होता रहेगा और मज़ा भी लेता रहूँगा.

मोना की गंद मैं ज़्यादा दिन मार नही पाउन्गा

जितने दिन काम चलेगा उतने दिन बीच बीच मे मोका देख कर मोना की गंद मारूँगा.

यही सोच कर आज मोना की गंद मारी.

गंद से याद आया कल रात जो लड़की मिली थी उसकी गंद मारनी चाहिए थी.

अच्छा मोका हाथ से गवाँ दिया.

उस लड़की को मैं ने देखा तो है पर उसके सामने अपनी असलियत बताना ठीक नही रहेगा.

कल रात मे गंद मार लेता यही ठीक होता, अब एक गंद के लिए चान्स लेना मतलब गड़बड़ हो सकती है.

जाने दो उस लड़की को अपने पास मोना है.

मोना की गंद ज़िंदाबाद

अवी-क्या कहती हो मोना,

मोना-मैं ने क्या पाप किए तो जो मेरी शादी तुम्हारे साथ नही हुई.

अवी-मुझे क्या पता होगा तुम ने क्या क्या किया. एक मिनिट ,क्या कहा तुम ने

मोना-काश मेरी शादी तुम से हुई होती

अवी-शादी करके तुम्हे मेरा साथ वो मज़ा नही आता जो अब आ रहा है.

मोना-हाँ, छुप कर करने मे मज़ा बहुत आता है

अवी-चलो ,अपने काम पर लग जाओ.

मोना कॉंडम निकाल कर लंड को चाटने लगी.

अवी-(मोना जैसी दूसरी मिलना मुश्किल है) ये नही अपने पति के साथ चुदाई करने की बात कर रहा हूँ

मोना-तो ऐसा कहो ना, मुझे लगा कि

अवी-तुम्हे तो हर वक्त वही दिखता है.और सुनो

मोना-हाँ

अवी-आज रात को अपने पति के साथ चुदाई मत करना. बस उसके साथ रहना

मोना-वो क्यूँ?

अवी-अगर आज रात मे हमारा काम हुआ तो तुम्हे कल बहुत काम करना होगा, पैसे लाने होगे, शहर जाना होगा.

मोना-समझ गयी.

अवी-अपने पति को आज बाहर निकलने मत देना नही तो तुम्हारे भाई को वो शहर के बारे मे बता देगा.

मोना-वो पता है मुझे

अवी-और कल सुबह अपने पति को वापस शहर भेज देना

मोना-वो किस लिए

अवी-समझा करो ,कल काम हो गया तो तुम्हे शहर से पैसे लाने होगे, तुम अकेली तो नही कर सकती इस लिए पहले अपने पति को शहर भेजना फिर तुम चली जाना

मोना-साथ मे भी तो जा सकते है

अवी-मोना डार्लिंग, आज रात मे काम हुआ तभी सुबह तुम्हे बताउन्गा ना. तब शहर जाकर पैसे निकाल लेना

मोना-कुछ पल्ले नही पड़ा

अवी-आज रात मे काम नही हुआ ,तो 3 4 दिन और लगेंगे, और तुम्हारी मुझे ज़रूरत है. अगर तुम कल अपने पति के साथ शहर गयी तो वापस क्या बहाना कर आओगी.

मोना-अब समझी, मैं कल सुबह ही मेरे पति को वापस भेज दूँगी.

अवी-मेरे साथ रह कर स्मार्ट हो गयी हो.

मोना-कुछ सोच कर, मेरे पति को आज ही भेज दूं शहर

अवी-(मोना अपना दिमाग़ लगाना कब बंद करेगी) ऐसा ग़लती से भी मत करना

मोना-क्यूँ?

अवी-मेरा फोन आते ही तुम ने अपने पति के साथ चुदाई करना बंद किया और यहाँ आ गयी. अगर आज तुम ने अपने पति को वापस भेजा तो उसे शक हो जाएगा. कि तुम कुछ ऐसा कर रही हो जो उसे पता नही है.

मोना-ये तो मैं ने सोच ही नही.

अवी-सोचा करो,

मोना-मैं अभी जाकर अपने पति के साथ चुदाई करती हू और रात मे थकान का बहाना करके उसके साथ सो जाउन्गी.

अवी-ये तो बढ़िया हो जाएगा.और कल तुम्हारा पति चला जाएगा तब हमे टेन्षन नही रहेंगी ,कि वो तुम्हारे भाई को कुछ बताएगा.और तुम भी आराम से मेरा साथ दे पाओगी.

मोना-आज तुम्हारा प्लान मुझे समझ मे आ गया.

अवी-तो लग जाओ काम पर, और हाँ कल अपने मोबाइल को देखती रहना

मोना-वो क्यू?

अवी-मैं फोन करके तुम्हे बताउन्गा ना कि काम हुआ कि नही.

मोना-समझ गयी, अच्छा चलती हूँ, कल खुश खबरी सुना देना

अवी-मैं पूरी कोशिस करूँगा.

फिर मैं बाथरूम मे चला गया. मोना बेड पर लेट कर थोड़ा आराम करने लगी.

मैं फ्रेश हो गया. फिर मोना अपने कपड़े पहनने लगी.

अवी-मोना अपनी चूत तो साफ करो

मोना-मेरी चूत मेरी मर्ज़ी

अवी-मैं तुम्हारे अच्छे के लिए कह रहा हूँ

मोना-गीली चूत रहेगी तो मेरे पति को लगेगा कि मैं प्यासी हूँ, और जाते ही उसके साथ चुदाई करूँगी.

अवी-मान गया तुम्हे,एक काम करो नंगी ही घर चली जाओ, जाते जाते लोग तुम्हारी चूत गीली कर देंगे

मोना-जोक था.

अवी-मैं हंसा थोड़ी, सीरियस्ली

मोना-अपने आइडिया अपने पास रखो. मेरी गीली पैंटी मेरा काम कर देगी.पैंटी देखते मेरा पति अपना लंड खड़ा कर देगा

अवी-चलो पहनो जल्दी ,मुझे रात के लिए समान लाना है

मोना ने कपड़े पहन लिए

मोना-मैं क्या कह रही हूँ

अवी-बोलो

मोना-कल हम पार्टी करेंगे. रात भर क्या कहते हो

अवी-पहले काम तो हो जाने दो

मोना-प्लान इतना अच्छा बनाया है ,काम तो हो जाएगा.

अवी-प्लान अच्छा होने से काम नही होता. उसे मन लगा कर करना पड़ता है. और खुश होकर दिमाग़ दूसरी तरफ लगाया तो कुवरसिंघ हमे मार डालेंगा.

मोना-मैं तो बस

अवी-पार्टी करेंगे ,लेकिन आराम से

मोना-ठीक है.जब तुम कहो

अवी-लेकिन पार्टी मे करेंगे क्या

मोना-चुदाई करेंगे और क्या

और मोना मटकते हुए अपनी गंद को लेकर चली गयी.

मोना को बता दिया कि उसे क्या करना है.

आज मुझे अपने प्लान को अंज़ाम तक पहुँचाना है.

किसी भी हालत मे आज काम हो जाना चाहिए ,

पूरा प्लान मैं ने इस तरह बनाया कि मोना को लग रहा है कि वो कुवरसिंघ से टेप निकालने का प्लान है.

असली प्लान तो कुछ और है.

 
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