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मैं और मेरा परिवार

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556

मैं घर3 चला गया.

आज मेले से जल्दी आने की वजह से मेरे पास बहुत समय बाकी था.

आज पहले रणजीतसिंघ जिस लड़की को भेजेंगा उसकी चुदाई करूँगा और फिर मोना की.

मेरे घर3 पहुँचने से पहले रणजीतसिंघ ने भेजी हुई लड़की घर3 के सामने मेरा इंतज़ार कर रही थी.या फिर कोई और हो सकती है.

ये चाची की वजह से थोड़ा लेट हो गया.पहले देखता हूँ कि ये कौन है.

अवी-ए लड़की ,यहाँ क्या कर रही हो

लड़की-आप अवी हो ना

अवी-हां,

लड़की-मुझे रणजीतसिंघ ने भेजा है.

अवी-पहले क्यू नही बताया. चलो अंदर

मैं उस लड़की को लेकर अंदर चला गया. लड़की दिखने मे ठीक ठाक थी.

सिंपल ड्रेस मे अपने बदन की खूबसूरती दिखा रही थी.

ना ज़्यादा मेकप, ना ज़्यादा फँसी कपड़े पहने ,उसके रोज पहने वाले सिंपल से कपड़ो मे,उसके नॅचुरल खूबसूरती से मैं प्रभवित हुआ.

पर कुछ दुबली सी थी, कोई बात नही आज इसका भी मज़ा लेते हैं.

अवी-तुम्हारा नाम क्या है और कहाँ से हो

लड़की-नाम मे क्या रखा है,

अवी-ये भी सही है,पानी पीओगी.

लड़की-नही, आप थोड़ा जल्दी करेंगे मुझे एक ज़रूरी काम करने जाना है.

अवी-जल्दी नही हो सकता. और तुम्हे कहीं जाना था तो यहाँ क्यू आई.

लड़की-रणजीतसिंघ ने कहा था आपके पास आने को, पर आपने जल्दी बुला लिया कि मुझे अपना काम बीच मे छोड़ कर आना पड़ा.

अवी-मना क्यू नही किया रणजीतसिंघ को

लड़की-ऐसा सोचने से पहले मैं मरना पसंद करूँगी.

अवी-(रणजीतसिंघ तो ग्रेट है) इतना मानती हो रणजीतसिंघ को

लड़की-हाँ,उनके कहने पे जान भी दे सकती हूँ

अवी-(सेक्रेटरी की तरह इसकी भी मदद की होगी)ठीक है ,बस एक बार करूँगा

लड़की-शुक्रिया ,

अवी-हमारे बारे मे क्या बताया रणजीतसिंघ ने

लड़की-आपको शिकायत का मोका ना दूं

अवी-पहले चुदाई कर चुकी हो

लड़की-हाँ, 4 दिन पहले

अवी-कर चुकी हो, पर रणजीतसिंघ ने तो कहा कि कुवारि लड़की भेजेंगे

लड़की-मैं कुवारि हूँ. रणजीतसिंघ ने मेरी गंद मारी है.

अवी-(रणजीतसिंह नही सुधरेगा. गंद के पीछे हाथ धो कर लग जाता है.) चूत मैं मारूँगा.

लड़की-करो ना , 4 दिन से आपके पास आने के लिए बताया था. पर आपने मना कर दिया. आज आई हूँ ,तो कर लो जो करना है

अवी-करता हूँ, पहले अपने कपड़े उतारो ,

वो लड़की ने एक झटके मे अपनी चोली और ल़हेंगा निकाल दिया.

ब्रा उसने पहनी नही थी. और पैंटी का तो नामो निशान नही था.

उस का बदन ठीक ठाक था.थोड़ी सावली थी.पर उसके चेहरे एक तेज था एक चमक थी जो उसके साँवलेपन को छुपा कर उसकी खूबसूरती बढ़ा रहा था.

गोरी लड़कियो मे उनका गोरा बदन छोड़ दिया तो उनके पास जो लोगो को अट्रॅक्ट करने के लिए चमक एक तेज चाहिए होता है वो नही होता.

कभी कभी सावली लड़की अपने तेज से शहर की मॉडर्न लड़की को पीछे छोड़ देती.

वो कहते हैना कि लड़की नंगी आपके सामने घूमेंगी तो आप उसकी तरफ देखते भी नही वही किसी औरत को साड़ी मे देखो तो उसके पीछे पीछे भागते हो.

वो लड़की भी इसी तरह की थी,उसके बूब्स छोटे थे. और चूत पर बाल थे.पर वो बाल ऐसे लग रहे थे कि उसकी चूत को छुपा नही रहे है बल्कि उसकी संदरता बढ़ा रहे है.

चूत साँवली थी,पर मेरे लंड को खड़ा करने वाली थी. गंद भी ठीक ठाक थी.रणजीतसिंघ ने ज़्यादा मेहनत नही की थी.

रणजीतसिंघ हर किसम की लड़की का मज़ा लेता था. मैं भी वही करता था, गोरी हो या सावली, मॉडर्न हो या गाओं की, सबका टेस्ट लेना मुझे पसंद था.

रंजीतसिंघ ने उस लड़की के चेहरे पे जो तेज था वजह से उसे सेलेक्ट किया होगा.

उसके नंगे बदन को देख कर मैं ने भी अपने कपड़े निकाल दिए

लड़की-आपका लंड तो गोरा है, ऐसा लंड पहली बार देखा,काश मैं भी इतनी गोरी होती

अवी-तुम जैसी हो बहुत संदर हो.

लड़की-आप झूठ बोल रहे है

अवी-मैं झूठ क्यू बोलूँगा. देखो तुम्हे देखते लंड कैसा खड़ा हो गया. और तुम टेन्षन मत लो मेरा लंड तुम्हे गोरी बना देगा.

वो मेरे लंड को देखती रह गयी.

अवी-अब क्या देखती रहोगी. या फिर चूस्कर गीला करोगी

लड़की-अभी करती हूँ

वो लड़की मेरे सामने घुटने के बल बैठ गयी और लंड को हाथ मे पकड़ कर देख ने लगी.

वो खुद को लकी मान रही थी कि उसकी सील इतने अच्छे लंड से टूटेगी.

लंड को देखने के बाद उस लड़की ने लंड को अपने मूह मे ले लिया. और चूसना शुरू कर दिया.

लंड उसे देख कर खड़ा तो हो गया था .पर असली रूप मे अभी आया नही था.आधा खड़ा हुआ था .जिस उस लड़की ने पूरा लंड मूह मे लिया.

वो अजीब तरीके से चूस रही थी. जैसे क्या कहूँ जाने दो कुछ भी हो, उसने लंड को चूस कर खड़ा किया.

उसके मूह मे धीरे धीरे लंड को खड़ा होता हुआ देखने मे मज़ा आ रहा था.

वो ऐसे चूस रही थी कि कई दिनो से किसी को पानी नही मिला हो और मिलते जैसे टूट पड़ा था वैसे वो लंड चूस रही थी.

मेरा लंड देखते उसे लग रहा था कि क्या करूँ या क्या ना करूँ.

लंड खड़ा होने उसे लग रहा था कि लंड मूह से बाहर कैसे आ रहा है.

वो अड्जस्ट करके लंड को मूह मे लेने की कोशिस करने लगी.

उसके इस तरह लंड चूसने की बेताबी देख कर मुझे हँसी आ रही थी.

लड़की-लो कर दिया गीला .और ये तो और लंबा हो गया.

अवी-तुम्हारा जादू है.अब बेड पर लेट जाओ.

इसके साथ ओरल सेक्स करने का मन नही हो रहा था .इसको जल्दी जाना था और मोना भी आ रही है.

फिर भी मैं ने एक बार उसको किस किया.

मुझे उसे किस कर मज़ा आ रहा था पर उसे किस करना पता नही था. जिस से मैं ने चूत पर हमला बोल दिया.

अपनी पसंद की लड़की हो तो चुदाई करने मे असली मज़ा आता है,पर दूसरे ने पसंद करके भेजी हो तो थोड़ी झिझक होती है.

उसकी चूत पर पहले अपनी उंगली का जादू चलाने लगा. जिस से चुदाई के लिए तैयार हो गयी.

उसकी छोटी सी चूत मे मेरी उंगली आराम से जा रही थी. शायद वो उंगली करती होगी.

या फिर रणजीतसिंघ ने गंद मारते समय उसकी चूत मे उंगली की हो

पर कुछ भी हो मैं ने उसकी चूत पे एक किस किया.

मेरे ऐसा करने से उसने मुझे रोक दिया.

लड़की-क्या कर रहे हो. लंड डालो ना

उसे अपनी चूत चुसवाने मे इंटेरेस्ट नही था .मैं भी चूसने वाला नही था. मैं तो बस एक बार किस कर रहा था.

रंजीत सिंग की लड़कियो का यही प्राब्लम होती है ना रंजीतसिंघ चूत चूस्ता है और ना उसकी लड़कियो को पसंद होती है.

मैं ने उसकी चूत को क्रीम लगा कर थोड़ा चिकना बना दिया.

फिर मुझे वो करना पड़ा जिस करना मैं पसंद नही करता

मुझे कुवारि चूत कॉंडम लगा कर फाडनी थी.

ये सोच कर अजीब लगता है. कुवारि चूत और कॉंडम

फिर भी मुझे कॉंडम पहन कर उसके साथ करना था. भले ही मुझे इसमे मज़ा नही आएगा. पर इस लड़की के साथ रिस्क लेना ठीक नही रहेंगा.

और मुझे कुवारि चूत को कॉंडम के साथ मरने का एक्सपीरियेन्स मिलेंगा.

ये मेरे लिए नया एक्सपीरियेन्स रहेंगा. इसका मज़ा भी लेकर देखना होगा.

मेरी चाहने वाली मुझे कभी ऐसा नही करने देती.

इसके साथ करके ये भी देख लेता हूँ

मैं ने लंड पर कॉंडम और कॉंडम पर क्रीम लगा लिया.

अवी-तैयार हो जाओ ,लंड लेने के लिए

लड़की-मैं तैयार हूँ ,बस आराम से डालना,

मैं ने एक झटके मे टोपा फिर दूसरे झटके मे उसकी सील और 3र्ड झटके मे पूरा लंड उसका दर्द कम करते हुए डाल दिया.

उसकी सील टूट ते ही उसने अपने मूह पर हाथ रख दिया.

शायद वो मुझे नाराज़ नही करना चाहती थी.

मैं ने उसका हाथ हटा दिया. और उसे दर्द बाहर निकालने को कहा.

वो बार बार अपनी माँ का नाम लेकर चिल्ला रही थी. उसका दर्द का कारण मेरा लंड था.

पता नही कितने को दर्द दिया है.आज इसको भी दर्द देख कर उसके मज़े के गेट ओपन किए.

पूरा लंड डालने के बाद मैं थोड़ी देर रुक गया. उसकी आँखो मे पानी आ गया .

वो चीखना चाह रही थी पर उसने अपने होंटो को फिर दबा कर रखा था.

अवी-तुम अपना मूह खोल दो, मेरी टेन्षन मत लो, मुझे बुरा नही लगेगा.

मेरी बात सुनकर उस लड़की ने चीखना शुरू किया. अब तक रणजीतसिंघ की वजह से चुप थी पर मेरी इजाज़त मिलते ही उसने अपना दर्द बाहर निकाला.

वो थोड़ी देर चीख़्ती रही .उसका दर्द कम करने के लिए उसके नींबू को निचोड़ने लगा.

उसकी चेस्ट कॅरोम बोर्ड की तरह थी .उसपे उसके बूब्स लेमन की तरह दिख रहे थे.

वो थोड़ी देर चिल्लाते रही ,मैं उसके बूब्स को दबाता रहा.

उसके छोटे छोटे बूब्स के साथ खेलने मे मज़ा आ रहा था.

वो भी मज़ा ले रही थी. उसका दर्द कम होते मैं हरकत मे आ गया.

अवी-धक्के मरूं या थोड़ी देर रुकु

लड़की-मार लीजिए ,ये दर्द धक्के मारने से जल्दी कम हो जाएगा.

उसकी बात सही थी .लंड जितनी जल्दी जगह बना लेगा उसका दर्द उतनी जल्दी मज़े मे बदल जाएगा.

फिर क्या था मैं उसकी चूत मे लंड पेलता गया.

उसकी छोटी चूत मेरे लंड के सामने जल्दी पिघल गयी.

उसकी के कसी हुई चूत मे लंड पेलने मे मेरा दम निकल रहा था.

उसकी चूत ने मुझे खुश कर दिया.

उसके औरत बन ने के बाद पहला पानी मेरे लंड ने निकाल दिया.

उसकी छोटी चूत ने मेरे लंड के सामने हार मान ली और पानी छोड़ दिया.

मैं फिर भी धक्के मारता गया. और वो पानी छोड़ती गयी.

हमारा खेल अब चलता गया. अब खेल मे मज़ा आना शुरू हुआ.

वो मेरे धक्के का मज़ा लेते हुए मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी.

मैं उसकी मर्ज़ी से चूत मारने लगा.

जैसा वो कहती वैसे मैं उसकी चूत मारता गया.

कुछ समय तक उसे मज़ा मिलता गया पर अब उसे दर्द होने लगा.

लड़की-रुक जाइए मुझे दर्द हो रहा है

अवी-मेरा अभी तक हुआ नही है.

लड़की-मैं और नही कर सकती .आप गंद मार लीजिए.

अवी-गंद

लड़की-चूत मे जलन हो रही है. आप गंद मार लीजिए.

मुझे क्या था मैं ने चूत से लंड निकाल कर गंद मे डाल दिया.

मैं तो बस उसकी चूत मारने वाला था .चलो गंद का मज़ा भी ले लेता हूँ.

और उसकी गंद मारने लगा.

वो अपनी चूत को सहला रही थी.अपनी जलन को कम कर रही थी.

रणजीतसिंघ ने उसकी गंद खोल कर मेरा काम आसान किया था.

मैं उसकी छोटी सी गंद को बड़ा बनाने मे लग गया.

थोड़ी देर गंद मारने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.

मैं ने लंड उसकी गंद से बाहर निकाल कर कॉंडम फेक दिया और लंड को उसके मूह मे डाल दिया.

उसके मूह मे धक्के मारकर उसे अपना वीर्य पिला दिया.

उसने मेरा वीर्य पी लिया.पीना ही पड़ा.

फिर मैं बाथरूम मे चला गया. वो बेड पर पड़ी रही. मैं फ्रेश हो गया और उसके लिए गरम पानी कर दिया.

अवी-उठो चुदाई हो गयी

वो धीरे से उठी और अपने कपड़े पहनने लगी.

अवी-ये क्या कर रही हो. पहले अपनी चूत को गरम पानी से साफ करो फिर कपड़े पहन लेना. जाओ बाथरूम मे गरम पानी रखा है.

वो लड़की मुझे देखती रही फिर धीरे धीरे बाथरूम मे चली गयी.

थोड़ी देर बाद वो कपड़े पहन कर वापस आ गयी.

अवी-ये गोली खा लो, इस से दर्द नही होगा.

उस ने गोली खा ली.

अवी-मज़ा आया मेरे साथ

लड़की-हां, आप बहुत अच्छे हो , इस चुदाई को हमेशा याद रखूँगी.

अवी-फिर मिलोगि.

लड़की-अगर रणजीतसिंघ चाहे तो

अवी-देखते है.

लड़की-अच्छा अब मुझे चलना चाहिए. आपका साथ अच्छा लगा.

और वो लड़की जैसे आई थी वैसे अंधेरे मे गायब हो गयी.

और मैं मोना का इंतज़ार करने लगा

 


557

मोना के आने मे टाइम था.तब तक मैं लॅपटॉप मे पॉर्न वीडियो देखने लगा.

पॉर्न वीडियो देखते हुए मैं टाइम पास करने लगा.

मोना अपने समय पर आ गयी.

मैं ने टवल लपेट लिया और गेट खोल कर मोना को अंदर ले लिया.

मोना-तुम तो नंगे होकर मेरा इंतज़ार कर रहे हो

अवी-तुमने दोपेहर मे चुदाई के बारे मे बता कर मेरा बुरा हाल कर दिया था.

मोना-फिर दोपेहर मे मेरी चुदाई कर लेते

अवी-करने वाला था पर आज तुम्हारे साथ आम के भागीचे मे चुदाई करनी थी

मोना-इतनी रात मे

अवी-दिन मे करता तो लोग देख लेते ना.

मोना-ठंड भी तो है

अवी-मेरे लंड की गर्मी दूँगा तुम्हे

मोना-चलो एक बार करके आते है,दूसरी बार यही करेंगे

अवी-मैं भी तो यही कह रहा हूँ

मोना-तो चलो ना

अवी-चलते है, पहले तुम्हे कुछ दिखाना है.

मोना-क्या ?

अवी-एक मूवी है, हमे उसी तरह चुदाई करनी है.

मोना-तो दिखाओ

अवी-दिखाता हूँ, पहले ये बताओ अपने पति के कपड़े लाई हो

मोना-ये प्लास्टिक किस लिए लाया मैं ने ,

अवी-ठीक है,पहले मूवी देखते है फिर उसकी तरह करेंगे

मैं मोना के साथ बेड पर बैठे गया.और लॅपटॉप पर मूवी प्ले की.

अवी-तुम ने कभी ब्लू फिल्म देखी है

मोना-एक बार देखी है,क्या कहते है उसे... हां सॅंडल

अवी-सॅंडल नही स्कॅंडल होगा.

मोना-वही,मेरे भाई ने दिखाई थी

अवी-और आज मेरे साथ देखो

हम मूवी देखने लगे.

मोविए मे रात का सीन चल रहा था. एक औरत और एक आदमी जंगल मे जा रहे थे.

मोना-ये क्या है. मुझे कुछ समझ नही आ रहा.

अवी-(ये ब्लू फिल्म फ्रेंच मे थी,जिस की वजह से ना मुझे कुछ समझ आ रहा था और ना मोना को ,जिस की वजह से जैसा मैं चाहू वैसे मोना को बता सकता हूँ) इस मूवी मे रात मे जंगल मे क्या होता है ये दिखा रहे है

मोना-ये औरत और आदमी कौन है

अवी-ये दोनो पति पत्नी है, ये दुश्मन के हाथो से भाग निकले है. और जंगल मे जाकर चुदाई करते हुए उस दुश्मन को ख़तम करने का प्लान बना रहे है.

मोना-मज़ेदार स्टोरी है

अवी-ध्यान से देखना हम भी ऐसे ही करेंगे. बहुत मज़ा आएगा

मोना-पता है तुम्हे. मेरा मालिक मुझे अपनी बेटी समझ कर चोदता है. बहुत मज़ा आता है

अवी-आगे देखो

मोना-ये कितने ज़ोर से धक्के मार रहा है.उसकी पत्नी को बहुत मज़ा आ रहा होगा.

अवी-थोड़ी देर बाद तुम्हे भी ऐसा मज़ा मिलेगा.

मोना-ये तो गंद भी मार रहा है. क्या तुम भी मारोगे

अवी-मूवी मे दिखा रहे है तो करना पड़ेगा.

मोना-पर तुम ने तो कहा कि मेरा काम मतलब कुवरसिंघ से टेप लेने के बाद मेरी गंद मारोगे

अवी-तो क्या हुआ. मज़ा लेना है कि नही.

मोना-लेना है.

अवी-तो गंद मारना पड़ेगा.

मोना-ठीक है.

हम मूवी देखने लगे.

मोना-अब क्या बोल रहे है ये

अवी-अपने दुश्मन को ख़तम करने का प्लान बना रहे है.

मोना-ये जा कहाँ रहे है.

अवी-दुश्मन के घर मे

और मूवी ख़तम हो गयी.

मोना-ये बीच मे बंद क्यू हो गयी.

अवी-मूवी इतनी ही थी. और हमे इतना ही करना है.

मोना-दुश्मन के साथ क्या करते है वो देखने मे मज़ा आ जाता.

अवी-मैं क्या कर सकता हूँ. मुझे इतनी ही मूवी मिली

मोना-अब

अवी-अब हम भी चलते है आम के बगीचे मे

मोना-चलो

अवी-अपने पति के कपड़े तो दो

मोना ने मुझे अपने पति के कपड़े दिए .और मैं पहनने लगा.

 
558

मैं ने मोना के पति के कपड़े पहन लिए

अवी-कैसा लग रहा हूँ

मोना-ये क्या कर रहे हो

अवी-तुम्हारे पति के कपड़े पहने है

मोना-पर क्यू पहने है

अवी-तुम खुद सोचो

मोना-मतलब तुम मेरे पति के कपड़े पहन कर मूवी जैसा करोगे.

अवी-हां. इस से रियल जैसा लगेगा.

मोना-ऐसा तो मेरा मालिक भी करता है. मुझे अपनी बेटी के कपड़े पहनने को कहता है और चुदाई करता है

अवी-कुछ फ़र्क पड़ता है

मोना-हाँ. जब उसकी बेटी के कपड़े पहनती हूँ तो वो डबल जोश से चुदाई करता है

अवी-तो समझी मैं ने तुम्हारे पति के कपड़े क्यू लेकर आने को कहा.

मोना-हां ,समझ गयी पति देव

अवी-क्या कहा पति देव

मोना-मेरे पति को मैं यही कहके बुलाती हूँ पातिदेव,

अवी-ये ठीक रहेगा. तुम मुझे अवी की जगह पातिदेव कहना.और तुम्हारा पति तुम्हे क्या कहता है

मोना-मोना

अवी-और हमारा दुश्मन होगा.

मोना-कुवरसिंघ

अवी-बिल्कुल सही. हम रियल जैसी चुदाई, और बातें करेंगे.

मोना-ये सुनकर ही मज़ा आ रहा है

अवी-और मज़ा आएगा. रात मे आम के बगीचे मे

मोना-तो चलो ना

अवी-पहले ये तो सुन लो कि हम बातें क्या करेंगे

मोना-बताओ

अवी-तुम अपने पति को कुवरसिंघ के बारे मे बताओगी.

मोना-जैसे मैं ने तुम्हे बताया था.

अवी-हां ,उसी तरह

मोना-फिर

अवी-थोड़ी बातें करेंगे और बाकी का प्लान बाद मे करेंगे ऐसा बोल कर चुदाई ख़तम करेंगे

मोना-ये तो मूवी की तरह होगा.

अवी-मूवी जैसा रियल होगा.और ग़लती मत करना, नही तो मज़ा नही आएगा.

मोना-मैं ग़लती नही करती

अवी-(ग़लती ना हो यही दुआ करूँगा) पता है मुझे

मोना-चले

अवी-रूको कुछ समान लेने दो

मोना-अब क्या लेना है.

अवी-अंधेरा है वहाँ पर, मोबाइल ,चद्दर, तो लेने दो

मोना-जल्दी लो मुझ से अब कंट्रोल नही हो रहा.

मैं ने बॅग मे कॅमरा ,मोबाइल, एक टॉर्च एमर्जेन्सी के लिए, एक बेडशीट जो नयी खरीदी थी ,और पानी की बॉटल

अवी-चलो हो गया.

मोना-ये मंकी कॅप क्यू पहन ली

अवी-ठंड है बाहर ,समझा करो

मोना-और मुझे

अवी-तुम्हारे लिए मेरा लंड है

मोना-वो तो मेरा ही है,मेरे पातिदेव

फिर मैं ने एक सिंपल सी चप्पल पहन ली. और घर3 को लॉक कर लिया.

बाहर सभी लोग आराम से सो रहे थे.

आम के बगीचे तक हम ऐसे ही अंधेरे मे चलते गये

मोना-मोबाइल निकालो ना

अवी-लाइट लगाई तो लोग देख लेंगे

हम आम के बगीचे मे आ गये.

मैं ने मोबाइल की स्क्रीन की लाइट मे आगे चलते रहे.

मोना-टॉर्च नही है.

अवी-(वो अमरजेंसी के लिए है.) हमे रियल जैसा करना है. समझा करो

मोना-डर लग रहा है

अवी-जब लंड लोगि तो डर ख़तम हो जाएगा.

मोना-तो दो ना ,अब और कितना आगे जाना है.

अवी-अपनी वाली जगह चलते है. वो सेफ रहेगा.

मोना-एक बात कहूँ,

अवी-हां बोलो

मोना-आगे जंगल है. वहाँ पर एक खंडहर है, वहाँ चलते है.

अवी-अभी डर लग रहा था.और अब खंडहर जाने की बात कर रही हो. वो भी जंगल मे

मोना-मैं बस बता रही थी.

अवी-यही ठीक रहेगा. चलो जल्दी.

मैं मोना के साथ आम के बगीचे मे चुदाई वाली जगह आ गये

 


559

हम अपनी जगह पर आ गये ,मैं ने बॅग मे से चद्दर निकाल ली.

मोना-यहाँ तो हम ने पहले भी किया था. ,चलो खंडहर मे चलते है

अवी-तुम पागल हो क्या उस खंडहर की तरफ वाले जंगल मे कोई नही जाता

मोना-वो भी तो मंदिर के पीछे वाले जंगल जैसा जंगल है

अवी-मंदिर के पीछे वाले जंगल मे लोग इस लिए जाते है कि वहाँ मंदिर है. मेरे खेत के पीछे वाले जंगल मे खंडहर की वजह से कोई नही जाता. सब को लगता है उस खंडहर मे भूत है

मोना-भूत जैसा कुछ नही होता

अवी-वो मुझे भी पता है. भूत नही होते, अब चुप रहो. हम यही आम के भागीचे मे करेंगे. ये लो ,इस चद्दर को नीचे डाल दो

मोना चद्दर नीचे डालने लगी.

मैं ने कॅमरा बॅग से निकाल कर पेड़ पर छुपा दिया. और रेकॉर्डिंग शुरू की.

अंधेरे मे साफ साफ नही दिखेगा पर जितना भी दिखेंगा उस से काम चल जाएँगा. क्यू कि आवाज़ भी तो रेकॉर्ड होगी.

मोना-वहाँ क्या कर रहे

अवी-मोबाइल कहाँ रखू ये देख रहा था.

मोना-मोबाइल किस लिए

अवी-थोड़ी लाइट चाहिए ना.

मैं ने मोबाइल मे वाय्स रेकॉर्डिंग स्टार्ट की और स्लीप मोड 30 मिनिट का कर दिया. जिस से लाइट पड़ती रहेगी.

मोना-कही तुम रेकॉर्ड तो नही कर रहे

अवी-वो मोबाइल देखो, उसका कॅमरा पीछे है. और मोबाइल की स्क्रीन हमारी तरफ है, और रेकॉर्ड करके क्या करूँगा. तुम जब चाहो तब मेरे साथ चुदाई करने को तैयार होती हो

मोना-सॉरी,वो क्या हैना शहर मे लड़के अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ऐसा करते है.इसलिए पूछा था.

अवी-कोई बात नही शुरू करे,

मोना-आपका ही इंतज़ार कर रही हूँ मेरे पति देव

अवी-मेरी मोना, तुम से शादी करके मेरा नसीब बदल गया है.

मोना-हमारा नसीब बदला है

अवी-हां, हमने शहर जाकर अच्छा किया. और तुम ने मालिक को अपने खूबसूरती के जाल मे फसा कर अच्छा किया. पर तुम्हारा ऐसा दूसरे के साथ चुदाई करना मुझे अच्छा नही लगता.

मोना-तुम्हे भी तो मालकिन के साथ सेट कर दिया है.

और मैं ने मोना को किस करना शुरू किया.

मोना के चेहरे को पकड़ कर एक वाइल्ड किस करके उसे मज़ा देने लगा.

वो जितनी ज़्यादा मस्ती मे रहेंगी.उतना मेरे लिए अच्छा होगा.

मोना के ईडियट दिमाग़ मे कुछ आने से पहले मुझे अपना काम करना था.

अगर कुछ भी आया उस से पहले मैं उसकी चूत मे लंड डालूँगा.

जिस से मोना का दिमाग़ सिर्फ़ मेरे लंड के बारे मे सोचेंगा.

मैं पूरे जोश के साथ मोना को किस करने लगा. ताकि मोना को मज़ा आ आए.

मोना को किस का पूरा मज़ा दे कर अपनी बातों पे घुमाना चाह रहा था.

अवी-तुम ने मुझे आज गाओं मे क्यू बुलाया

मोना-एक प्लान है मेरे पास जिस से हम एक दिन मे 30 लाख कमा सकते है.

मैं बातें करते हुए मोना की चूत मसल्ने लगा.

अवी-30 लाख वो कैसे ,

मोना-तुम्हे कुवरसिंघ पता हैना

अवी-हाँ, अपने गाओं के ठाकुर, उसके साथ पंगा ,मोना तुम पागल हो गयी हो

मोना-मेरे प्यारे पातिदेव मेरी बात तो सुनो,

अवी-सुनता हूँ, पहले अपना गरम गरम दूध पिलाओ

और मैं ने मोना के ब्लाउस के हुक खोल दिए. पर ब्लाउस को निकाला नही. और मोना एक बूब्स को दबाने लगा.

दोनो हाथो मे दो बूब्स और साथ मे किस कर रहा था.

सब कपड़े निकालना ठीक नही होगा. क्यू कि कपड़ो से मैं मोना का पति हूँ और मंकी कॅप से मेरा चेहरा छुपा रहेगा.

मोना-आअहह ब्लाउस तो निकालो,इतनी जल्दी क्या है मेरे पातिदेव, ये पूरा बदन तुम्हारा है.

अवी-अगर कोई आ गया तो, कपड़े ठीक करना आसान होगा पहनने की जगह.

और मैं ने के बूब्स को चूसना शुरू किया.

बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और ऐसा चूस रहा था कि इसके बाद कभी मिलेंगा नही.

मोना शीष्कारिया लेते हुए मेरा साथ देने लगी.

मोना के शहर जाने के बाद बूब्स बड़े हो गये थे.

लगता है हर कोई बूब्स दबा कर मोना का मज़ा लेता होगा.

मैं मोना को इस ठंडी मे बूब्स चूस कर गरम करने लगा.

मोना के बूब्स पर मेरे दांतो के निशान और दबाने से हाथो के लाल निशान हो गये.

बूब्स चूसने के बाद मोना हाँफने लगी. और मैं भी.

मोना-आज मेरी जान लोगे तुम

अवी-जान नही, चूत लूँगा. अब बताओ कुवरसिंघ का क्या चक्कर है

मोना-बताती हूँ ,पर पहले मुझे आइस क्रीम चूसने दो.

मैं ने ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाला. लंड बाहर निकालते ही मोना नीचे बैठे गयी.

मोना लंड को हाथ मे पकड़ कर सहला ने लगी.

इस पोज़िशन मे मेरी पीठ कमेरे की तरफ थी. जिस से मोना कॅमरा मे नही दिख रही थी.

वीडियो से मुझे कुछ लेना देना नही था .मुझे वाय्स रेकॉर्डिंग मे इंटेरेस्ट था.

मोना ने लंड पे अपनी जीभ घुमाना शुरू कर दी.

टोपे पर अपनी जीभ घूमाकर लंड को चाटने लगी.

साथ मे बाकी के लंड को भी चाटना शुरू किया.

यहा तक कि आंडो को भी चाट कर मुझे मज़ा देने लगी.

फिर मोना ने लंड को मूह मे लेना शुरू किया.

मोना चुदाई की क्वीन बन चुकी थी

लंड ऐसे चूस रही थी कि ये उसका रोज का काम हो

मोना मेरी रांड़ ,आधे से ज़्यादा लंड मूह मे लेकर चूसने लगी.

जैसे लंड चूत मे अंदर बाहर होता है वैसे मोना के मूह मे हो रहा था.

एक बार तो पूरा लंड मूह मे ले लिया .और अपनी थूक से गीला कर के हाथ मे पकड़ कर हिलाने लगी.

मोना का जवाब नही. नये नये तरीके सीख लिए है शहर जाकर.

थोड़ी देर हिलाने के बाद फिर से लंड को मूह मे ले लिया.

अवी-मोना बस करो नही तो मेरा वीर्य निकल जाएगा

मोना-निकलने दो

अवी-चूत मे लो ,मूह मे बाद मे दूँगा.

मोना-थोड़ी देर चूसने दो ना, कितने दिन बाद मिला है

अवी-जल्दी करो.

मोना फिर से लंड चूसने लगी. और साथ मे हाथो से आंडो को सहलाने लगी.

ये करने के लिए मैं ने मोना को यहाँ नही लाया था.

मैं ने मोना के सर को पकड़ कर अपना लंड बाहर निकाला और मोना को खड़ा करके किस करने लगा.

और मोना की गंद को ज़ोर से दबाने लगा. जिस से मोना को किस करने मे मज़ा आ रहा था.

ये चूसने का प्रोग्राम ख़तम करके मुझे अपने काम की चीज़ मोना के मूह से निकालनी थी.

मोना पे सेक्स का नशा जितना रहेगा उतना मेरे लिए अच्छा होगा.

मैं ने मोना के होंटो को ऐसा चूसा कि वो अपना मूह खोलने को तैयार हो गयी.

मेरा लंड लेने के लिए नही काम की बातें करने के लिए

 


560

अवी-अब बताओ कि मेरी मोना क्या सोच रही है

मोना-कुवरसिंघ हमारे मालिक के फ्रेंड है

अवी-ये पता है मुझे

मोना-मालिक ने मेरी चुदाई के बारे मे कुवरसिंघ को बताया, कुवरसिंघ ने वो रेकॉर्ड कर लिया. और अब वो मालिक को ब्लॅकमेल कर रहे है

अवी-तो इसमे हम क्या कर सकते है

मोना-मालिक ने 30 लाख मुझे दिए है कुवरसिंघ को देने को और बदले मे टेप लाने को कहा है

अवी-30 लाख है तुम्हारे पास , चलो लेकर भागते है

मोना-ऐसा किया तो एक दिन हम पकड़े जा सकते है

अवी-फिर क्या सोचा है. जिस से हमे 30 लाख मिलेंगे

मोना-मेरे पास एक प्लान है, जिस से मालिक का काम हो जाएगा और हमे टेप मिल जाएगा.और पैसे भी

अवी-वो कैसे

मोना-मैं कुवरसिंघ को अपने जाल मे फसाउन्गी. और टेप ले लेंगे

अवी-प्लान अच्छा है. पर दम नही है.

मोना-फिर तुम बताओ दम वाला प्लान

अवी-घर जाकर बताउन्गा. पहले मेरे लंड का कुछ सोचो

मोना-उसका क्या है. डाल दो बिल मे

मैं ने फिर से मोना को किस करना शुरू किया और किस करते हुए चद्दर पर गिरा दिया.

और जेब से कॉंडम निकाला

मोना-बिना कॉंडम के करो ना

अवी-इतनी जल्दी बच्चा फ़ायदा नही करेंगे. पहले हम एंजाय करेंगे फिर फॅमिली के बारे मे सोचेंगे

मोना-ठीक है.

मैं ने लंड पर कॉंडम लगा लिया.

और धीरे धीरे मोना की सारी उपर की.सारी को कमर तक उपर किया. मोना ने पैंटी नही पहनी थी.

मैं ने मोना की चूत जो कल 4 लंड ले चुकी थी. उसको मसलना शुरू किया.

मोना की चूत कितने भी लंड ले पर दिखती है हमेशा फ्रेश

उसकी चूत ने कल 4 लंड लिए फिर भी मोना मे कितनी आग लगी है

मेरे लंड की आग कोई और नही बुझा सकता . मोना अगर पूरे गाओं से चुद गयी फिर भी मेरा लंड देखते अपने पैर खोल देंगी.

चूत को मसल्ने के बाद मैं लंड को चूत पर रगड़ने लगा. और मोना के उपर आ गया.

मोना के होंटो पर किस करके एक जोरदार झटका मारा ,और आधा लंड मोना की चूत मे डाल दिया.

फिर से एक जोरदार झटका मारकर पूरा लंड चूत मे समा गया.

कल 4 लंड लेने के बाद भी मोना मेरा लंड लेते हुए चिल्लाने लगी.

कितने नाटक करती है मेरे लंड को खुश करने के लिए.

मैं ने उसकी नकली चीखे अपने होंटो से बंद की. उसका नकली दर्द मेरे होन्ट उसके होंटो को रस पी करकम कर रहे थे .

2 झटकों मे मेरा लंड लेती मोना मज़े की दुनिया मे चली गयी.

लंड डालने के बाद मैं रुका नही. बल्कि जोरदार झटके मारने लगा.

मोना तो ऐसे ही रोल प्ले की चुदाई के बारे मे मे सुनकर गरम हो चुकी थी.

और अब रात की ठंडी हवाओ मे मेरा लंबा और मोटा लंड ले कर जन्नत का मज़ा लेने लगी.

मैं मोना की चूत का कचुंबर बनाने लगा.

और मोना लगातार मेरे होंटो को चूसने लगी.

कपड़े ना निकालने से ठंड कम लग रही थी. और मोना की गरम चूत और मेरा गरम लंड एक दूसरे को गरमी दे रहे थे.

थोड़ी देर बाद मैं ने मोना को किस करने से रोका.

और अच्छी पोज़िशन लेकर जोरदार धक्के मारने लगा.

मोना अपने हाथो से बूब्स दबा कर मज़ा ले रही थी.

मैं आज मोना की चूत पर कोई रहम नही करना चाहता था.

मोना की चूत मेरे धक्को से रोने लगी.

मोना की चूत से पानी का सैलाब आ गया.

मोना एक चीख के साथ झड गयी. पर मैं रुकने वाला नही था.

आज मोना की ऐसी चुदाई करना चाहता था कि वो मुझे कभी भूले ना.

थोड़ी देर बाद मैं ने मोना के पैरो को पकड़ कर उपर उठाया.

और लंड को फिर से चूत मे डाल दिया. पैरो को उपर कर के चिपका दिया था जिस से चूत टाइट हो गयी.

ऐसे मे मुझे धक्के मारने मे और मोना को धक्के खाने मे मज़ा आने लगा.

मोना ने मूवी मे जैसी चुदाई देखी थी उस से कही दमदार चुदाई हो रही थी.

मेरा लंड पिस्टन की तरह मोना की चूत मे अंदर बाहर होने लगा.

मेरे पिस्टन को लूब्रिकॅंट की ज़रूरत थी. और मोना की चूत ने लूब्रिकॅंट निकाल कर पिस्टन को अंदर बाहर करने मे मदद की

दुबारा पानी छोड़ने के बाद मैं ने मोना के दोनो पैरो को एक तरफ कर दिया.

और मैने मोना के पीछे जाकर फिर से लंड मोना की चूत मे डाल दिया.

मोना ने अपना एक पैर उपर करके चूत खोलने की कोशिश की पर मैं ने ऐसा होने नही दिया.

मोना तो ऐसी चुदाई से इतनी खुश हो रही थी कि पूछो मत

थोड़ी देर बाद मैं मोना का एक पैर उपर करके धक्के मारने लगा.

जिस से मोना को ज़्यादा मज़ा आए.ऐसा करने से मोना ने लंबी सास ले ली.

और शीष्कारिया लेने लगी.

मैं अपना काम करता गया. और मोना की चूत मारता गया.

और मोना ने फिर से पानी छोड़ दिया

मोना-बस थोड़ी देर रुक जाओ

अवी-रुकू ,मेरा अभी हुआ नही है.

मोना-पर मेरा दम निकाल दिया तुमने

अवी-कहाँ से

मोना-चूत से

अवी-अब गंद से निकालता हूँ

मोना-थोड़ा रूको फिर जो करना है कर लेना.

मैं ने मोना की चूत से लंड बाहर निकाल लिया. और बॅग से पानी की बॉटल निकाल कर मोना को पानी पिला दिया.

जिस से मोना लंड लेने को तैयार हो गयी

 


561

मोना को पानी पिलाने के बाद मैं ने मोना को खड़ा किया

अवी-अब लोगि

मोना-हाँ, डाल दो जहाँ डालना है.

अवी-अब गंद मारता हूँ,तुम पेड़ को पकड़ कर झुक जाओ

मोना-और साड़ी

अवी-उसको कमर तक उपर कर लो

मोना ने अपनी पोज़िशन ले ली. और मोना की चूतड़ पर हाथ घुमाने लगा.

फिर मोना की गंद जिस मे पहली बार मैं ने अपना लंड डाला था और अब फिर से डालने वाला था.

ये वही जगह थी जहा पर मोना ने पहली बार गंद मे लंड लिया था और अब उसकी जगह पर फिर से मेरा लंड लेने वाली थी.

मोना जितनो को मिली है मॅग्ज़िमम लोगो ने सिर्फ़ उसकी चूत मारी है.

मैं ही ऐसा था जो उसकी गान्ड के पीछे लगा हुआ था.

मोना ने शहर जाकर खुद को अच्छे से मेनटेन करके रखा था .

मोना की गंद ऐसी दिख रही थी बिना लंड डाले मैं रुक नही सकता था.

मैं मोना की गंद के शेप को हाथ लगा कर देख रहा था.

पता नही बाकी के लोग मोना की गंद क्यू नही मारते है.

अगर रणजीतसिंघ ने उसकी गंद देख ली तो 1 महीने तक बिना रुके मोना की गंद मारता रहेगा.

मोना-डालो ना, क्या सोच रहे हो

अवी-कुछ नही,

मोना ने मुझे अपने ख़यालो से बाहर निकाला

मैं ने मोना की गंद पर थप्पड़ मार कर उसे दर्द झेलने के तैयार कर लिया.

मोना को तैयार करते मैं ने लंड को गंद पर सेट किया.

मोना की कमर को पकड़ और एक जोरदार झटका मार कर आधा लंड अंदर डाल दिया.

मेरा लंड मोना की बेमिसाल गंद मे जाते उसे दर्द ना हो ये हो ही नही सकता.

मोना के गंद मे लंड जाते मोना की चीख निकल गयी.

मोना-आआआआअहह माआआआआआआआआअ

मररर्र्र्र्र्र्र्र्ररर गाइिईईईईईईईईईईई

आम के बगीचे के सन्नाटे मे मोना की चीख ने लोगो की गंद फाड़ दी होगी.

क्यू कि बगीचा ख़तम होते कुछ दूर जंगल था ऐसे मे रात मे मोना की चीख जिस ने सुनी होगी उसकी गंद फट गयी हो गयी.

लंड मोना की गंद मे गया था और गंद लोगो की फट रही थी.

आज मेरे लंड ने एक साथ कितनो की गंद फाड़ दी हो गयी पता नहीì.

अवी-चीखो मत वरना गड़बड़ हो जाएगी.

मोना-तुम धीरे करो, दर्द हो रहा है.

अवी-पहले डालने तो दो

मेरी बात सुनते मोना शॉक्ड हो गयी .

और दूसरा झटका मार कर मैं ने मोना को होश मे लाते हुए पूरा लंड अंदर डाल दिया.

मोना की दूसरी चीख ने लोगो की गंद फाड़ने मे अहम रोल प्ले किया.

अब तो ऐसी गंद फटी होगी कि दुबारा चीख सुनकर अपने पति को चिपक कर सो रही होगी.

अवी-मोना चिल्लाओ मत वरना लोग आ जाएँगे

मोना ने अपना पल्लू मूह मे डाल दिया.

मोना का ये दर्द असली था .इस मे वो नाटक नही कर रही थी.

मेरे लंड पर उसकी टाइट गंद की पकड़ महसूष रही थी.

मोना को मैं मज़ा तभी दे सकता हूँ जब उसको मेरा लंड लेने से दर्द हो.

लंड पूरा अंदर जाते ही मैं रुका नही और धक्के मारना शुरू किया.

चूत के मुकाबले मे गंद टाइट थी. जिस से मुझे मज़ा आ रहा था .

मुझे तो मज़ा आ रहा था पर मेरे धक्को से मोना की जान निकल गयी.

इसमे मेरी क्या ग़लती है मोना की गंद ही ऐसी है कि मेरा लंड रुकने का नाम ही नही ले रहा था.

मेरा मोटा लंड मोना की विशाल गंद मारने मे अलग मज़ा ले रहा था.

और इस पोज़िशन मे गंद मारना मुझे सब से ज़्यादा पसंद है.

यहा बगीचे मे उसकी इस पोज़िशन मे गंद पहले भी मार चुका था आज भी मार रहा था.

मेरे धक्को की पहचान मोना को थी.

उसे पता था कि मैं धक्के कैसे मारता हूँ.

मोना अपनी कमर को बार बार हिला रही थी ताकि मेरे धक्को से दर्द कम हो

मेरा लंड हो और दर्द ना हो ये हो नही सकता.

मोना अपना काम कर रही थी और मैं अपना काम कर रहा था.

रात के सन्नाटे मे मोना की गंद मारने मे मज़ा आ रहा था.

मैं जिस तरह मोना की गंद मार रहा था उस से मोना कल की कुमारसिंघ की चुदाई भूल गयी.

लंड अपना काम करता गया और मोना की गंद हलाल होती गयी.

मोना की कमर पकड़ने के बाद तो धक्के मारने मे और जोश और मज़ा आने लगा.

धक्के जोरदार लगने लगे.

मोना की हालत कुछ ठीक नही थी. और मेरा भी अब वीर्य निकलने वाला था.

मोना को पता था कि मेरा लंड उसकी गंद फाड़ देगा.

हुआ भी ऐसा ही ,मोना की गंद फट गयी और मेरा वीर्य निकलने के लास्ट स्टेज पर था.

मैं ने अपनी गति बढ़ा दी. जिस से मोना को पता चल गया कि थोड़ी देर मे धक्के बंद हो जाएँगे.

हुआ भी ऐसा ही. मैं ने मोना की गंद मे ,यानी कि कॉंडम मे अपना वीर्य डाल दिया.

और अपना वेट मोना के उपर डाला.

मोना ने जल्दी से मुझे अलग किया और पास मे जाकर पेशाब करने लगी.

मैं ने भी आराम करने की जगह. कॅमरा और मोबाइल बॅग मे डाल दिए. और कॉंडम को पास मे पड़े गड्ढे मे फेक दिया.

और पानी से लंड साफ किया. मोना ने भी मुझे पानी माँग लिया.

थोड़ी देर बाद हम चद्दर पर बैठ कर आराम करने लगे.

अवी-मज़ा आया

मोना-इतना मज़ा पहली बार आया

अवी-पता है मज़ा क्यू आया

मोना-मूवी की वजह से

अवी-और दूसरे मर्द को अपना पति बनाकर चुदाई करने मे

मोना-आज से हम ऐसी ही चुदाई करेंगे

अवी-अब ऐसी चुदाई नही करेंगे

मोना-क्यू? मुझे तो मज़ा आया

अवी-कुछ नया करेंगे अगली बार क्या कहती हो

मोना-नया, हां हां नया करेंगे

अवी-एक बात कहूँगा ,तुम ने मूवी जैसी आक्टिंग की

मोना-तुम ने भी

अवी-और चुदाई कैसी लगी.

मोना-11/10 मार्क दूँगी

अवी-चलो अब चलते है

मोना-कहाँ पर

अवी-तुम इतनी रात मे घर मत जाना आज मेरे साथ सो जाओ

मोना-फिर से करना है

अवी-सच कहूँ, इतनी दमदार चुदाई के बाद सोने का मन हो रहा है.

मोना-मुझे भी.

अवी-चलो साथ मे सोते है, फिर सुबह घर चली जाना.

मोना-चलो

मोना की चुदाई करने के बाद हम धीरे धीरे आम के बगीचे से बाहर आ गये.

और घर3 मे जाकर पहले बाथरूम मे चले गये.

मोना के बाथरूम मे जाते ही मैं ने बॅग कपबोर्ड मे छुपा दिया.

अवी-खड़ी क्यूँ हो . यहा सिर्फ़ एक बेड है, आओ साथ मे सोते है

मोना-साथ मे सोने की प्राब्लम नही है

अवी-फिर क्या हुआ.

मोना-ये कपड़े पहन कर सो गयी तो सुबह पहनने लायक नही रहेंगे पहले ही थोड़े खराब हो चुके है

अवी-बिना कपड़ो के सो जाओ

मोना-मेरी तरफ देखने लगी

अवी-क्या हुआ. ऐसे क्या देख रही हो, थोड़ी देर पहले कपड़े निकालने की बात कर रही थी. और अब ऐसे देख रही हो कि मैं ने तुम्हे कभी नंगा ना देखा हो

मोना-तुम भी निकालो ना , मुझे अकेले निकालने मे शरम आती है

अवी-(वाव रे मेरी रंडी) चलो ठीक है. मैं भी निकालता हूँ

मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए .और मोना ने भी अपने कपड़े निकाल कर ब्लंकेट के अंदर आ गयी.

अवी-मोना तुम्हारा बदन काफ़ी गरम है

मोना-तुम्हारे लंड की गरमी है जो मेरे अंदर आ गयी है

अवी-फिर तो ब्लंकेट की ज़रूरत नही है.

मोना-ब्लंकेट निकाला तो लंड अंदर डालना होगा.

अवी-रहने दो फिर,

और मैं ने मोना उपर पैर रख कर चिपक कर सो गया

 


562

9 थ डे

सुबह मैं अपने समय पर उठ गया.

रात मे मैं मोना के उपर पैर रख कर सो रहा था और अब मोना मेरे उपर पैर रख कर सो रही थी.

रात मे सोने के बाद क्या हुआ होगा ये तो भगवान ही जानते होगे.

सुबह उठ ते ही मेरा लंड खड़ा था उपर से मोना को नंगा बदन , क्या करूँ, और चुदाई नही, हो जाएगा अपने आप नॉर्मल

मैं ने मोना की गंद पर थप्पड़ मार कर जगाया.

अवी-मोना उठो

मोना-सोने दो ना सासुमा

अवी-इसकी सासुमा की तो,और थप्पड़ मार कर मोना की गंद लाल करनी शुरू की.

थप्पड़ खाने से मोना ने आँखे खोली. मोना की आँखे खुलते ही मैं अपना लंड लेकर उसके सामने गया.मैं ने हाथ मे लंड पकड़ा हुआ था

अवी-उठो

मोना-तुम्हारा तो खड़ा है,आओ सुला देती हूँ

अवी-वो मैं खुद कर लूँगा.उठो जल्दी. मैं नहाने जा रहा हूँ

मोना-मैं भी आती हू

मोना के उठने से पहले मैं बाथरूम मे चला गया.

मैं नही चाहता था कि मोना के साथ और चुदाई करू

सुबह की शुरुआत मोना की चुदाई से नही करना चाहता था.

मेरे फ्रेश हो जाने के बाद मोना भी फ्रेश हो गयी.

और अपने कपड़े पहनने लगी.

अवी-कपड़े क्यू पहन रही हो. ऐसे ही बाहर जाओ

मोना- जोक था.

अवी-हां

मोना-हँसू ,हा हा हा

मोना-मेरे पति के कपड़े कहाँ है.

अवी-वो गंदे हो गये. मैं साफ करके दे दूँगा.

मोना-मैं कर लूँगी.

अवी-तुम मेरा साथ देती हो वही मेरे लिए सब कुछ है. मैं कल या परसो साफ करके दे दूँगा.

मोना-ठीक है जैसा तुम कहो

अवी-अपने पति को मत बताना कि उसके कपड़े मेरे पास है.

मोना-वो कैसे बता सकती हूँ,वो तो मुझे कितने सवाल पूछेगा.

अवी-और हां, कुवरसिंघ के बारे मे भी मत बताना

मोना-नही बताउन्गा तुम टेन्षन मत लो

अवी-और कल क्या हुआ ये नही बताया तुम ने

मोना-तुम्हे पता है,तुम्हारे साथ तो किया है

अवी-मेले मे क्या हुआ था.कुवरसिंघ तुम्हे तुम्हारे पति के साथ देख कर गुस्सा हुआ होगा ना

मोना-कुवरसिंघ बहुत गुस्से से देख रहा था.मैं ने उसको कहा था कि रोज चुदाई करने आउन्गि. कल नही गयी तो पता नही वो आज क्या करेगा.

अवी-और

मोना-अगर आज मैं कुवरसिंघ के पास गयी तो मेरा वो क्या हाल करेगा. ये तो सोच कर डर लग रहा है

अवी-डरो मत और आज तुम्हे कुवरसिंघ के पास जाना है

मोना-ये नही कर सकती.मैं नही जाउन्गी. वो मुझ पे गुस्सा है.

अवी-क्यूँ?

मोना-क्यू कि वो मेरी हालत खराब कर देगा या फिर कुछ भी कर सकता है

अवी-अगर आज तुम नही गयी तो हमारा प्लान फैल हो जाएगा

मोना-प्लान तो तुम बताते हो नही. फिर फैल कैसे होगा.

अवी-प्लान के मुताबिक तुम्हे कुवरसिंघ के पास जाना होगा.

मोना-और

अवी-और उसके साथ चुदाई करनी होगी.

मोना-तुम तो ऐसे कह रहे हो कि कुवरसिंघ बस चुदाई करके छोड़ देगा. उसको मुझ पर गुस्सा आया है. और उसके गुस्से का सामना मैं नही कर सकती

अवी-कुवरसिंघ तुम पर गुस्सा क्यू है

मोना-कल मैं उसके पास नही गयी थी. और मेले मे अपने पति के साथ घूम रही थी.

अवी-तो कुवरसिंघ को बता देना कि तुम कल अपने पति के साथ थी

मोना-तुम्हे लगता है वो मान जाएगा और मुझ पे गुस्सा नही करेगा

अवी-तुम अपने पति के साथ थी ऐसे मे वो क्या करेगा

मोना-मुझ कुछ समझ नही आ रहा

अवी-तुम कुवरसिंघ के पास जाओ, उसे कहना कि कल रात तुम अपने पति के साथ थी. आम के बगीचे मे अपने पति के साथ चुदाई की. रात भर चुदाई की, बहुत मज़ा आया. खुले मे करने मे मज़ा आया.बगीचे के बाहर लोग थे फिर भी तुम ने रात भर आम के बगीचे मे चुदाई की. ये तुम्हारे पति की इच्छा थी.इसी लिए तुम कल उसके पास नही गयी.

मोना-ये सब कहना होगा.

अवी-हाँ,एक भी वर्ड इधर उधर मत करना

मोना-वो मान जाएगा.

अवी-बोल के तो देखो, और कहना बगीचे मे अंधेरा और पेड़ की वजह से किसी को पता नही चलता,और खुले मे करने का अलग मज़ा आता है.

मोना-बोल तो दूँगी. अगर वो फिर गुस्सा हुआ तो

अवी-तुम मुझपे विश्वास रखो, और हां आज अपने पति को मेले मे जाने मत देना.

मोना-वो क्यू?

अवी-जितना कहा है उतना करो. और हां मेले मे सिर्फ़ इशारा करना रात मे आने का. मेले मे बात मत करना. फार्महाउस पर बात करना

मोना-तुम्हारा प्लान तो मुझे बताओ,

अवी-पहले ये करो फिर कल प्लान बता दूँगा.

मोना-भगवान का नाम लेकर कर रही हूँ.

अवी-बिंदास कुवरसिंघ के साथ चुदाई करो, पर ये मत बताना कि मूवी जैसा किया है. बस कहना की चुदाई की है,अपने पति के साथ बगीचे मे,

मोना-बोल दूँगी. पता है मुझे क्या बोलना है

अवी-और कल सुबह मुझे कॉल करना

मोना-कर दूँगी

अवी-सुबह मतलब 7.00 बजे

मोना-कर दूँगी.

अवी-चलो अब मुझे मंदिर जाना है.

फिर मोना अपने घर चली गयी.

मोना को बता दिया कि कुवरसिंघ को कैसे हॅंडल करना है.

मैं जैसा सोच रहा हूँ वैसा हुआ था कुवरसिंघ मेरे हाथ मे आ जाएगा.

कुवरसिंघ को पहले ठिकाने लगाता हूँ फिर उसके दोस्तो के बारे मे सोचता हूँ.

उसके दोस्तो को ,ये सही रहेगा. एक साथ दोनो का काम हो जाएगा.

और मैं छोटी चाची को कॉल करके मंदिर चला गया.

 


563

फिर मोना अपने घर और मैं छोटी चाची को कॉल करके मंदिर चला गया.

हमेशा की तरह चाची और बुआ का आशीर्वाद लिया और पूजा करने लगा.

आज फिर पायल मेरी तरफ देख कर स्माइल कर रही थी.

और पंडिताइन गुस्से से देख रही थी.

रेशमा कुवरसिंघ की बीवी का चेहरा उतरा हुआ था.

सब अच्छा चल रहा था.

ठाकुर और मेरी फॅमिली मे बात चीत बढ़ गयी थी.

पहले ठाकुरजी और मेरे दादाजी की वजह से 2 परिवार करीब थे .फिर दादाजी की बीमारी की वजह से ठाकुरजी ने हमारे इधर आना कम कर दिया था.

अब रणजीतसिंघ और मेरी वजह से फिर से 2 परिवार पास आ गये. कुवरसिंघ इन सब चीज़ो से दूर था . अगर कुवरसिंघ ठाकुर की फॅमिली के साथ होता तो मैं ठाकुर की फॅमिली से अपने फॅमिली को दूर रखता.

कुवरसिंघ की तरह मेरे चाचा भी ज़्यादातर गायब रहते थे.

पर चाचा रात मे मेरे ना होने से घर पे रुकते थे. मंदिर मे भी बड़ी चाची के साथ पूजा करते थे.

मेला जब से शुरू हुआ तब से चाचा ने सिर्फ़ बड़ी चाची के साथ मंदिर मे पूजा की.

ना सीमा चाची के साथ और ना छोटी चाची के साथ मंदिर मे पूजा की.

और बाकी समय अपने दोस्तो के साथ रहते ,अपने खेतो के काम भी कर रहे थे.

चाच्चा और चाच्चा के दोस्त पता नही क्या करते रहते है. इन सब पर ध्यान देने के लिए मेरे पास टाइम नही था.

पूजा बुआ ज्योति बुआ के साथ साथ रहती है. जैसा मैं ने पूजा बुआ को कहा था.

और मेरे भाई बहनों की ज़िम्मेदारी जिस तरह मैं उठा रहा था उस से बड़ी चाची मुझ पर खुश थी.

मंदिर मे पूजा करने के बाद हम घर आ गये.

घर आते विद्या ने नाश्ता बनाना शुरू किया.और मैं अपने कमरे जाकर आराम करने लगा.

आज चाची ने नयी साड़ी पहन रखी थी.

आज बड़ी चाची खुश थी. मैं ने बड़ी चाची को इस खुशी का राज़ पूछा.

अवी-चाची आज बहुत खुश लग रही हो

ब चाची-बात ही कुछ ऐसी है.

अवी-मुझे नही बताएँगी.

ब चाची-तुम्हारे चाचा मेरे लिए नयी साड़ी लेकर आए है. देखो कितनी अच्छी है.

अवी-चाचा लेकर आए है

ब चाची-तुम्हारे चाचा इतने भी बुरे नही है जितना तुम समझते हो.

अवी-पर ये चमत्कार हुआ कैसे

ब चाची-कल मैं ने जो साड़ी पहन कर थी वो काम करते हुए फट गयी. ये तुम्हारे चाचा ने देख लिया तो मेरे लिए नयी साड़ी लेकर आ गये.मीना की साथ शादी करने के बाद पहली बार साड़ी लेकर आए है.

अवी-चाचा आप से बहुत प्यार करते है

ब चाची-हाँ, अब बता मैं कैसी दिख रही हूँ.

अवी-आप बहुत संदर दिख रही है.

चाच्चा ने इतने दिनो बाद बड़ी चाची के लिए साड़ी लाए थे जिस से बड़ी चाची की खुशी का कोई ठिकाना नही था.

चाच्चा कब क्या करते है कब क्या सोचते है कह पाना मुश्किल था.

मेरी फॅमिली मे मैं अब तक किसी को भी ठीक से समझ नही पाया हूँ

कौन कैसा है, कौन क्या सोचता है, मेरे लिए एक सवाल बन कर रह गया था.

बड़ी चाची के साथ बात करने के बाद मैं अपने कमरे चला गया. मुझे अकेला देखते मेरे कमरे मे छोटी चाची आ गयी.

सी चाची-क्या चल रहा है.

अवी-कुछ नही

सी चाची-थोड़ा टाइम है मेरे लिए

अवी-आपके लिए तो टाइम ही टाइम है.

सी चाची-टाइम है तो मुझ से बात क्यू नही करते

अवी-चाची, आपको तो पता है मैं कितना बिज़ी हूँ, मेले का काम ,मेला दिखाना,

सी चाची-देख रही हूँ, काम भी कर रहे हो और मस्ती कर रहे अपने भाई बहनों के साथ ,

अवी-आप से ही तो सीखा है.

सी चाची-अच्छे स्टूडेंट हो.अच्छा बताओ और क्या चल रहा है

अवी-अच्छा हुआ आप ने पूछ लिया. एक बात बतानी थी आपको

सी चाची-बता ना

अवी-सीतल दीदी और स्वेता दीदी मुझे गर्लफ्रेंड बनाने को कह रही है.

सी चाची-किसे

अवी-रानी को अपनी गर्लफ्रेंड बनाने का सजेशन दिया है.

सी चाची-तुम ने क्या कहा.

अवी-सोचूँगा ऐसा कहा

सी चाची-चलो एक काम पूरा हुआ

अवी-कौन सा काम

सी चाची-पूजा दीदी और स्वेता ,सीतल को पसंद है रानी

अवी-ये आपने किया

सी चाची-नही,पर रानी को कहा था कि मेले मे सब का दिल जीत लेना.

अवी-बड़ी चाची का दिल जितना है उसे

सी चाची-तुम 1 साल मे कितने बदल गये हो, पूजा दीदी पहले तुम से ज़्यादा बात नही करती थी. और अब तुम्हे अपने बेटा जैसा मानती है.तुम ने स्वेता और सीतल की शादी फिक्स की है. जिस से स्वेता और सीतल केलिए तुम स्पेशल हो,तो उनका हक है ना तुम पर, उनको भी तो रानी पसंद आनी चाहिए.

अवी-ये भी सही है.पर पूजा बुआ को रानी कैसे पसंद है

सी चाची-स्वेता और सीतल को है तो पूजा दीदी को भी है.

अवी-समझ गया

सी चाची-तुम ने लीना की मदद की जिस से नीता और लीना भी तुम्हे सब कुछ मानती है.उनको भी पसंद आ जाएगी.सिर्फ़ एक मुश्किल है

अवी-कैसी मुश्किल

सी चाची-कोमल और नेहा , कोमल इतनी जल्दी रानी को आक्सेप्ट नही करेंगी. और नेहा का मुझ पर छोड़ दो

अवी-फिर क्या करेंगे

सी चाची-मैं ने रानी को बताया है कि कोमल के साथ अपनी फ्रेंडशिप मज़बूत बनाए

अवी-ये सब तो ठीक है, बड़ी चाची और सीमा चाची का क्या, और चाचा

सी चाची-सीमा दीदी तो 2 मिनिट मे मान जाएँगी.बस पहले ना बताने से तुम पर गुस्सा हो जाएँगी

अवी-बड़ी चाची,

सी चाची-उनको टाइम लगेगा पर मैं उनको भी संभाल लूँगी. और तुम्हारे चाचा वो तो मेरी मुट्ठी मे है.

अवी-फिर तो जल्दी शादी हो जाएँगी.

सी चाची-जल्दी, भूल जाओ रानी को डॉक्टर बन ना है उसके बाद शादी होगी

अवी-आप ,

और मैं ने छोटी चाची को गले लगा लिया.

छोटी चाची ने मुझे आज खुश कर दिया.

अवी-चाची शादी तो फिक्स हो गयी.

सी चाची-बस फेरे लगाने बाकी है

अवी-आपके साथ कब होगी.

सी चाची-मैं तो आज भी तेरी हूँ ,और कल भी तेरी रहूंगी.

अवी-तो आपकी सौतन आ रही है.

सी चाची-ग़लत ,वो तो पहले मेरी फ्रेंड है,फिर बहू है, फिर सौतन ,उसके बाद उसे अपनी बेटी बनाउन्गी.

अवी-थोड़ा टाइम मुझे भी दे देना.अगर बच गया तो

सी चाची-दे दूँगी.

चाची के साथ बातें करने के बाद मैं नाश्ता करके मैं घर3 चला गया.

वाहा जाकर मैं ने कल की रेकॉर्डिंग चेक की. और स्टार्टिंग की रेकॉर्डिंग कट करके ज़रूरी वीडियो सेव करके रख दिया.

अंधेरे की वजह से वीडियो मे पिक्चर क्लियर नही था. पर ऑडियो क्लियर था. जो मेरे लिए इंपॉर्टेंट था.

रेकॉर्डिंग सेव करने के बाद मैं ने कॅमरा अपनी जगह पर छुपा दिया और मंदिर की तरफ चला गया.

 
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मैं सोचते हुए मंदिर के पास आ रहा था कि किसी ने मुझे आवाज़ दे कर अपने ख़यालो से बाहर निकाला.

ये तो पंकज और करीम है.

पंकज-क्यू बे, कब से आवाज़ दे रहा हूँ ,कहाँ खोया था

अवी-तुम दोनो हो,

पंकज-हां,

करीम-तू तो हमे भूल गया है.इसी लिए आवाज़ भी नही पहचानी

अवी-ऐसा नही है,वो काम इतना बढ़ गया कि पूछो मत,

पंकज-हां ,देखा मैं ने

अवी-ये छोड़ो ,ये बताओ इस समय यहाँ कैसे

पंकज-दर्शन करने आए थे

करीम-और तू है कि हमे दर्शन करने की बजाय हमे इग्नोर कर रहा है

अवी-दर्शन, चलो करवाता हूँ

पंकज-हम अकेले नही है.

अवी-अपनी गर्लफ्रेंड को साथ लाए हो

करीम-गर्लफ्रेंड भी है और फॅमिली भी है

अवी-फॅमिली

पंकज-हां ,और तू हमे जल्दी दर्शन करवा

करीम-नही तो कॉलेज मे पैर भी नही रखने दूँगा.

अवी-करीम कूल हो जा, चल दर्शन करवाता हूँ, कहाँ है आंटी अंकल

पंकज-2 घंटे से लाइन मे लगे है.

अवी-गणपत मुझे कॉल कर देता

पंकज-तेरा फोन स्विच ऑफ दिखा रहा था.

अवी-क्या बात कर रहा है.

मैं ने अपना मोबाइल देखा .मोबाइल स्विच ऑफ था. ये कैसे हो गया.

अवी-पता नही स्विच ऑफ कैसे हो गया.

पंकज-चल जाने दे

अवी-मेरी वजह से तुमको परेशानी हो रही है.

पंकज-जाने दे

करीम-क्या जाने दे, हम तुम्हे कब से ढूँढ रहे है.सब लाइन मे लगे हुए है.

अवी-मेरे होते हुए लाइन मे लगे है,बुला उनको मैं अभी दर्शन करवाता हूँ

पंकज-देख करीम ,मैं ने कहा था ना अवी हमारी मदद करेगा.

करीम-चल सब को बुला कर लाते है.

अवी-तुम बुला लो ,मैं पंडितजी को बता कर आता हूँ

पंकज-थॅंक्स

करीम-सॉरी यार, 2 घंटे से तुझे ढूँढते हुए दिमाग़ खराब हो गया था.

अवी-जाने दे, ये सब तो चलता रहता है.अब ज़्यादा समय बरबाद मत करो ,आंटी अंकल को लेकर आ जाओ

पंकज और करीम अपनी फॅमिली को बुलाने चले गये और मैं मंदिर के अंदर चला गया.

पंडित जी को बता दिया .पंडितजी दर्शन करवाने के लिए तैयार हो गये.

लाइन तो लंबी थी,पता नही पंकज और करीम को कितना समय लगेगा.

मैं प्रसाद बाँटने वाली जगह पर चला गया और काम कैसा चल रहा है ये देखने लगा.

अभी मैं प्रसाद वाली जगह पर आया था कि शीला प्रसाद लेने आ गयी.

अवी-शीला,ये लो प्रसाद

शीला-कौन हो तुम और मेरा नाम कैसे जानते हो

अवी-भूल गयी मुझे

शीला-क्या मैं तुम्हे जानती हूँ

ऐसे सवाल पूछ कर शीला मेरी इज़्ज़त की धज्जियाँ उड़ा देगी. मैं शीता को बाजू मे ले गया.

अवी-ये क्या नाटक है

शीला-नाटक, एक तो मैं तुम्हे जानती नही और उपर से ऐसी बातें कर रहे हो कि मुझे अच्छे से जानते हो

अवी-तुम गुस्सा हो ना कि उस दिन मेले मे मिलने का वादा किया था और मिला नही

शीला ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया.

अवी-उस दिन के लिए माफी माँगता हूँ,

शीला-अब माफी माँग कर क्या फ़ायदा, मेरी सहेली के सामने तुम्हारी वजह से मेरा मज़ाक उड़ गया

अवी-सहेली के सामने मज़ाक ,मैं समझा नही.

शीला-कुछ समझ ने की ज़रूरत नही है. दुबारा मुझ से बात मत करना

इतना कह कर शीला वहाँ से चली गयी.

ग़लती मेरी है.पर कुछ भी हो ग़लती की वजह से शीला को पटाना आसान होगा.

सविता हाथ से चली गयी पर शीला को जाने नही दूँगा.

शीला सविता से कुछ कम नही है, शीला को तो मैं पा कर रहूँगा.

 


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शीला के जाते ही पंकज और करीम अपनी फॅमिली को लेकर आ गये.

पंकज की फॅमिली रिच थी फिर भी यहाँ पर लाइन मे लगना पड़ा.

पंकज के साथ पंकज की गर्लफ्रेंड ,पंकज के मम्मी,पंकज के पापा भी आई थी.

करीम के साथ करीम की गर्लफ्रेंड ,करीम की अम्मी, करीम की बहन सोफीया आई थी.

मैं ने पंकज को ऋतु दीदी के बारे मे पूछा ,उसने बताया कि वो अभी तक घर नही आई है.

मैं ने करीम से पूछा कि हीना और सोनिया और अंकल नही आए.

करीम-अब्बू हीना बाजी और सोनिया बाजी के शहर गये है, उन से मिलने के लिए

अवी-चलो तुम को दर्शन करवाता हूँ

पहले करीम की फॅमिली ने दर्शन किए और फिर पंकज की फॅमिली दर्शन करने लगी. साथ मे पूजा भी कर रहे थे.

दर्शन करने के बाद मैं ने करीम की फॅमिली को प्रसाद दिया और पंकज की फॅमिली का इंतज़ार करने लगा. कि कब उनकी पूजा ख़तम होगी.

पंकज के आने तक मैं करीम की अम्मी से बातें करने लगा.

करीम की बहन सोफीया की फिगर बिल्कुल हीना की तरह थी.और दिखने मे सोनिया की तरह खूबसूरत थी.

मैं थोड़ी देर सोफीया को देखता रहा .करीम की गर्लफ्रेंड को कहा था कि सोफीया को मेरे साथ चुदाई करने के लिए तैयार करे पता नही कुछ किया है या नही.

करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बातें कर रहा था और मैं करीम की अम्मी के साथ

अवी- आंटी कैसा लगा हमारा गाओं

करीम की अम्मी-तुम्हारा गाओं बहुत प्यारा है

अवी-गाओं के साथ यहाँ के लोग भी प्यारे है

करीम की अम्मी-मुझे नही लगता

अवी- क्यूँ?

करीम की अम्मी-लाइन मे धक्के पे धक्के मार रहे थे,

अवी- (धक्के ,आंटी तो बिंदास लग रही है) आंटी वो दूसरे गाओं के लोग होंगे जो दर्शन करने आए होंगे

करीम की अम्मी-शायद ,पर बड़े बदतमीज़ लोग थे.

अवी- क्या किया उन लोगो ने मुझे बताइए,मैं अभी ठीक करता हूँ उनको

करीम की अम्मी-(तुम्हे क्या बताऊ) जाने दो

अवी- ऐसे कैसे जाने दूं ,आप बता दो अभी ठीक करता हूँ

करीम की अम्मी-कुछ नही बस ऐसे ही इधर उधर की बातें करते हुए परेशान कर रहे थे,

मैं बोलने वाला था कि पंकज की फॅमिली आ गयी.

अवी- हो गयी पूजा

[इस समय करीम की अम्मी और पंकज की मम्मी दोनो अवी के साथ बात कर रही है .मतलब दोनो अवी की आंटी हुई. इस लिए पंकज की मम्मी को आंटी की जगह "प मम्मी" लिखा है और करीम की अम्मी को "क अम्मी" लिखा है]

प मम्मी-हां, तुम्हारे वजह से आराम से पूजा कर ली

क अम्मी-हाँ, अच्छे से दर्शन किए

प मम्मी-हां, नही तो धक्के खाते हुए भागते हुए दर्शन करना पड़ता

क अम्मी-शुक्रिया बेटे

अवी- क्या आंटी, बेटा भी बोल रही है और शुकिया बोल रही है,

प मम्मी-तुम ना होते तो बहुत परेशानी होती

क अम्मी-हमारा नंबर तो 4 5 घंटे बाद लगता.

प मम्मी-और इतनी देर तक इतने लोगो की बीच खड़े रहना मतलब बुरा हाल हो जाता

क अम्मी-नही तो क्या,

अवी- आंटी मेरे होते हुए आपको परेशानी हो नही सकती. वो तो पंकज और करीम ने मुझे फोन कर के बताया नही, नही तो इतनी परेशानी नही होती, आते ही आपको दर्शन करवाता (मैं ने पंकज पे बॉम्ब फोड़ दिया)

प मम्मी-मैं ने कहा था पंकज को पर वो कह रहा था कि अवी अपने काम मे बिज़ी होगा.

क अम्मी-करीम ने कहा कि दर्शन लाइन मे लग कर करना पड़ता है, तुम भी कुछ नही कर सकते

अवी- ऐसा कहा करीम ने, अब आप पूछना करीम को और गुस्सा होना उस पर

क अम्मी-उसको घर जाकर देखूँगी.

प मम्मी-यहाँ पानी मिलेगा पीने के लिए.

अवी- अभी लाता हूँ,

मैं पंकज और करीम के साथ जाकर पीने का पानी लेकर आ गया.

सोफीया-अम्मी और कितनी देर रुकना होगा यहाँ पर

क अम्मी-थोड़ी देर रुकते है. ऐसी जगह पर बार बार थोड़ी आते है.

प मम्मी-थोड़ी देर रुक कर गाओं देखते है

अवी- थोड़ी देर नही, अब तो आपको मेरे घर चलना होगा फिर आराम से 4.00- 5.00 बजे मेला देख कर चले जाना

प मम्मी-इतनी देर तक नही रुक सकते

अवी- मुझे कुछ नही सुन ना ,आप सब मेरे घर चल रहे है.

प मम्मी-मैं पंकज के पापा से पूछती हूँ

क अम्मी-चलो इसी बहाने से तुम्हारा गाओं देख लेंगे.

सोफ़िया-इतनी देर रुकेंगे तो बोर हो जाएँगे

अवी- तुम घर तो चलो फिर देखना तुम यहाँ से अपने घर जाने के लिए मना करोगी

सोफीया-ऐसा क्या हाईईइ

प मम्मी-मैं रुकूंगी ,पर पंकज के पापा जल्दी चले जाएँगे.उनको ज़रूरी काम है. और पंकज अपनी गर्लफ्रेंड को घर छोड़ने जाएगा.

अवी- ये क्या बात हुई ,अंकल को जाने दीजिए पंकज को यही रुकना होगा.

अवी-तू कहाँ जा रहा है.

पंकज-इसको घर छोड़ना है.

अवी-घर छोड़ने के बहाने से वापस मेले मे अकेले घूमने आना चाहता है.

पंकज-तुझे कैसे पता

अवी-तू मेरे गाओं मे है ये मत भूल

पंकज-तू इतना कह रहा है तो, ठीक है तेरे लिए रुकता हूँ

अवी-मान गये. तेरा क्या है. तेरी पोल खोलू

करीम-नही,चलो फिर देखते है तेरा गाओं ,

अवी- ये हुई ना बात

पंकज और करीम रोज अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मेले मे आते थे.

आज अपनी फॅमिली के साथ दर्शन करने आए थे.

पंकज इस लिए घर जल्दी जाना चाहता था क्यू कि वो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अकेले मेले मे घूमने आए

फिर हम सब अंकल की कार और पंकज और करीम के बाइक के पास आ गये.

मैं पंकज और करीम की फॅमिली को अपने घर की तरफ लेकर चला गया.

 
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