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मैं घर3 चला गया.
आज मेले से जल्दी आने की वजह से मेरे पास बहुत समय बाकी था.
आज पहले रणजीतसिंघ जिस लड़की को भेजेंगा उसकी चुदाई करूँगा और फिर मोना की.
मेरे घर3 पहुँचने से पहले रणजीतसिंघ ने भेजी हुई लड़की घर3 के सामने मेरा इंतज़ार कर रही थी.या फिर कोई और हो सकती है.
ये चाची की वजह से थोड़ा लेट हो गया.पहले देखता हूँ कि ये कौन है.
अवी-ए लड़की ,यहाँ क्या कर रही हो
लड़की-आप अवी हो ना
अवी-हां,
लड़की-मुझे रणजीतसिंघ ने भेजा है.
अवी-पहले क्यू नही बताया. चलो अंदर
मैं उस लड़की को लेकर अंदर चला गया. लड़की दिखने मे ठीक ठाक थी.
सिंपल ड्रेस मे अपने बदन की खूबसूरती दिखा रही थी.
ना ज़्यादा मेकप, ना ज़्यादा फँसी कपड़े पहने ,उसके रोज पहने वाले सिंपल से कपड़ो मे,उसके नॅचुरल खूबसूरती से मैं प्रभवित हुआ.
पर कुछ दुबली सी थी, कोई बात नही आज इसका भी मज़ा लेते हैं.
अवी-तुम्हारा नाम क्या है और कहाँ से हो
लड़की-नाम मे क्या रखा है,
अवी-ये भी सही है,पानी पीओगी.
लड़की-नही, आप थोड़ा जल्दी करेंगे मुझे एक ज़रूरी काम करने जाना है.
अवी-जल्दी नही हो सकता. और तुम्हे कहीं जाना था तो यहाँ क्यू आई.
लड़की-रणजीतसिंघ ने कहा था आपके पास आने को, पर आपने जल्दी बुला लिया कि मुझे अपना काम बीच मे छोड़ कर आना पड़ा.
अवी-मना क्यू नही किया रणजीतसिंघ को
लड़की-ऐसा सोचने से पहले मैं मरना पसंद करूँगी.
अवी-(रणजीतसिंघ तो ग्रेट है) इतना मानती हो रणजीतसिंघ को
लड़की-हाँ,उनके कहने पे जान भी दे सकती हूँ
अवी-(सेक्रेटरी की तरह इसकी भी मदद की होगी)ठीक है ,बस एक बार करूँगा
लड़की-शुक्रिया ,
अवी-हमारे बारे मे क्या बताया रणजीतसिंघ ने
लड़की-आपको शिकायत का मोका ना दूं
अवी-पहले चुदाई कर चुकी हो
लड़की-हाँ, 4 दिन पहले
अवी-कर चुकी हो, पर रणजीतसिंघ ने तो कहा कि कुवारि लड़की भेजेंगे
लड़की-मैं कुवारि हूँ. रणजीतसिंघ ने मेरी गंद मारी है.
अवी-(रणजीतसिंह नही सुधरेगा. गंद के पीछे हाथ धो कर लग जाता है.) चूत मैं मारूँगा.
लड़की-करो ना , 4 दिन से आपके पास आने के लिए बताया था. पर आपने मना कर दिया. आज आई हूँ ,तो कर लो जो करना है
अवी-करता हूँ, पहले अपने कपड़े उतारो ,
वो लड़की ने एक झटके मे अपनी चोली और ल़हेंगा निकाल दिया.
ब्रा उसने पहनी नही थी. और पैंटी का तो नामो निशान नही था.
उस का बदन ठीक ठाक था.थोड़ी सावली थी.पर उसके चेहरे एक तेज था एक चमक थी जो उसके साँवलेपन को छुपा कर उसकी खूबसूरती बढ़ा रहा था.
गोरी लड़कियो मे उनका गोरा बदन छोड़ दिया तो उनके पास जो लोगो को अट्रॅक्ट करने के लिए चमक एक तेज चाहिए होता है वो नही होता.
कभी कभी सावली लड़की अपने तेज से शहर की मॉडर्न लड़की को पीछे छोड़ देती.
वो कहते हैना कि लड़की नंगी आपके सामने घूमेंगी तो आप उसकी तरफ देखते भी नही वही किसी औरत को साड़ी मे देखो तो उसके पीछे पीछे भागते हो.
वो लड़की भी इसी तरह की थी,उसके बूब्स छोटे थे. और चूत पर बाल थे.पर वो बाल ऐसे लग रहे थे कि उसकी चूत को छुपा नही रहे है बल्कि उसकी संदरता बढ़ा रहे है.
चूत साँवली थी,पर मेरे लंड को खड़ा करने वाली थी. गंद भी ठीक ठाक थी.रणजीतसिंघ ने ज़्यादा मेहनत नही की थी.
रणजीतसिंघ हर किसम की लड़की का मज़ा लेता था. मैं भी वही करता था, गोरी हो या सावली, मॉडर्न हो या गाओं की, सबका टेस्ट लेना मुझे पसंद था.
रंजीतसिंघ ने उस लड़की के चेहरे पे जो तेज था वजह से उसे सेलेक्ट किया होगा.
उसके नंगे बदन को देख कर मैं ने भी अपने कपड़े निकाल दिए
लड़की-आपका लंड तो गोरा है, ऐसा लंड पहली बार देखा,काश मैं भी इतनी गोरी होती
अवी-तुम जैसी हो बहुत संदर हो.
लड़की-आप झूठ बोल रहे है
अवी-मैं झूठ क्यू बोलूँगा. देखो तुम्हे देखते लंड कैसा खड़ा हो गया. और तुम टेन्षन मत लो मेरा लंड तुम्हे गोरी बना देगा.
वो मेरे लंड को देखती रह गयी.
अवी-अब क्या देखती रहोगी. या फिर चूस्कर गीला करोगी
लड़की-अभी करती हूँ
वो लड़की मेरे सामने घुटने के बल बैठ गयी और लंड को हाथ मे पकड़ कर देख ने लगी.
वो खुद को लकी मान रही थी कि उसकी सील इतने अच्छे लंड से टूटेगी.
लंड को देखने के बाद उस लड़की ने लंड को अपने मूह मे ले लिया. और चूसना शुरू कर दिया.
लंड उसे देख कर खड़ा तो हो गया था .पर असली रूप मे अभी आया नही था.आधा खड़ा हुआ था .जिस उस लड़की ने पूरा लंड मूह मे लिया.
वो अजीब तरीके से चूस रही थी. जैसे क्या कहूँ जाने दो कुछ भी हो, उसने लंड को चूस कर खड़ा किया.
उसके मूह मे धीरे धीरे लंड को खड़ा होता हुआ देखने मे मज़ा आ रहा था.
वो ऐसे चूस रही थी कि कई दिनो से किसी को पानी नही मिला हो और मिलते जैसे टूट पड़ा था वैसे वो लंड चूस रही थी.
मेरा लंड देखते उसे लग रहा था कि क्या करूँ या क्या ना करूँ.
लंड खड़ा होने उसे लग रहा था कि लंड मूह से बाहर कैसे आ रहा है.
वो अड्जस्ट करके लंड को मूह मे लेने की कोशिस करने लगी.
उसके इस तरह लंड चूसने की बेताबी देख कर मुझे हँसी आ रही थी.
लड़की-लो कर दिया गीला .और ये तो और लंबा हो गया.
अवी-तुम्हारा जादू है.अब बेड पर लेट जाओ.
इसके साथ ओरल सेक्स करने का मन नही हो रहा था .इसको जल्दी जाना था और मोना भी आ रही है.
फिर भी मैं ने एक बार उसको किस किया.
मुझे उसे किस कर मज़ा आ रहा था पर उसे किस करना पता नही था. जिस से मैं ने चूत पर हमला बोल दिया.
अपनी पसंद की लड़की हो तो चुदाई करने मे असली मज़ा आता है,पर दूसरे ने पसंद करके भेजी हो तो थोड़ी झिझक होती है.
उसकी चूत पर पहले अपनी उंगली का जादू चलाने लगा. जिस से चुदाई के लिए तैयार हो गयी.
उसकी छोटी सी चूत मे मेरी उंगली आराम से जा रही थी. शायद वो उंगली करती होगी.
या फिर रणजीतसिंघ ने गंद मारते समय उसकी चूत मे उंगली की हो
पर कुछ भी हो मैं ने उसकी चूत पे एक किस किया.
मेरे ऐसा करने से उसने मुझे रोक दिया.
लड़की-क्या कर रहे हो. लंड डालो ना
उसे अपनी चूत चुसवाने मे इंटेरेस्ट नही था .मैं भी चूसने वाला नही था. मैं तो बस एक बार किस कर रहा था.
रंजीत सिंग की लड़कियो का यही प्राब्लम होती है ना रंजीतसिंघ चूत चूस्ता है और ना उसकी लड़कियो को पसंद होती है.
मैं ने उसकी चूत को क्रीम लगा कर थोड़ा चिकना बना दिया.
फिर मुझे वो करना पड़ा जिस करना मैं पसंद नही करता
मुझे कुवारि चूत कॉंडम लगा कर फाडनी थी.
ये सोच कर अजीब लगता है. कुवारि चूत और कॉंडम
फिर भी मुझे कॉंडम पहन कर उसके साथ करना था. भले ही मुझे इसमे मज़ा नही आएगा. पर इस लड़की के साथ रिस्क लेना ठीक नही रहेंगा.
और मुझे कुवारि चूत को कॉंडम के साथ मरने का एक्सपीरियेन्स मिलेंगा.
ये मेरे लिए नया एक्सपीरियेन्स रहेंगा. इसका मज़ा भी लेकर देखना होगा.
मेरी चाहने वाली मुझे कभी ऐसा नही करने देती.
इसके साथ करके ये भी देख लेता हूँ
मैं ने लंड पर कॉंडम और कॉंडम पर क्रीम लगा लिया.
अवी-तैयार हो जाओ ,लंड लेने के लिए
लड़की-मैं तैयार हूँ ,बस आराम से डालना,
मैं ने एक झटके मे टोपा फिर दूसरे झटके मे उसकी सील और 3र्ड झटके मे पूरा लंड उसका दर्द कम करते हुए डाल दिया.
उसकी सील टूट ते ही उसने अपने मूह पर हाथ रख दिया.
शायद वो मुझे नाराज़ नही करना चाहती थी.
मैं ने उसका हाथ हटा दिया. और उसे दर्द बाहर निकालने को कहा.
वो बार बार अपनी माँ का नाम लेकर चिल्ला रही थी. उसका दर्द का कारण मेरा लंड था.
पता नही कितने को दर्द दिया है.आज इसको भी दर्द देख कर उसके मज़े के गेट ओपन किए.
पूरा लंड डालने के बाद मैं थोड़ी देर रुक गया. उसकी आँखो मे पानी आ गया .
वो चीखना चाह रही थी पर उसने अपने होंटो को फिर दबा कर रखा था.
अवी-तुम अपना मूह खोल दो, मेरी टेन्षन मत लो, मुझे बुरा नही लगेगा.
मेरी बात सुनकर उस लड़की ने चीखना शुरू किया. अब तक रणजीतसिंघ की वजह से चुप थी पर मेरी इजाज़त मिलते ही उसने अपना दर्द बाहर निकाला.
वो थोड़ी देर चीख़्ती रही .उसका दर्द कम करने के लिए उसके नींबू को निचोड़ने लगा.
उसकी चेस्ट कॅरोम बोर्ड की तरह थी .उसपे उसके बूब्स लेमन की तरह दिख रहे थे.
वो थोड़ी देर चिल्लाते रही ,मैं उसके बूब्स को दबाता रहा.
उसके छोटे छोटे बूब्स के साथ खेलने मे मज़ा आ रहा था.
वो भी मज़ा ले रही थी. उसका दर्द कम होते मैं हरकत मे आ गया.
अवी-धक्के मरूं या थोड़ी देर रुकु
लड़की-मार लीजिए ,ये दर्द धक्के मारने से जल्दी कम हो जाएगा.
उसकी बात सही थी .लंड जितनी जल्दी जगह बना लेगा उसका दर्द उतनी जल्दी मज़े मे बदल जाएगा.
फिर क्या था मैं उसकी चूत मे लंड पेलता गया.
उसकी छोटी चूत मेरे लंड के सामने जल्दी पिघल गयी.
उसकी के कसी हुई चूत मे लंड पेलने मे मेरा दम निकल रहा था.
उसकी चूत ने मुझे खुश कर दिया.
उसके औरत बन ने के बाद पहला पानी मेरे लंड ने निकाल दिया.
उसकी छोटी चूत ने मेरे लंड के सामने हार मान ली और पानी छोड़ दिया.
मैं फिर भी धक्के मारता गया. और वो पानी छोड़ती गयी.
हमारा खेल अब चलता गया. अब खेल मे मज़ा आना शुरू हुआ.
वो मेरे धक्के का मज़ा लेते हुए मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी.
मैं उसकी मर्ज़ी से चूत मारने लगा.
जैसा वो कहती वैसे मैं उसकी चूत मारता गया.
कुछ समय तक उसे मज़ा मिलता गया पर अब उसे दर्द होने लगा.
लड़की-रुक जाइए मुझे दर्द हो रहा है
अवी-मेरा अभी तक हुआ नही है.
लड़की-मैं और नही कर सकती .आप गंद मार लीजिए.
अवी-गंद
लड़की-चूत मे जलन हो रही है. आप गंद मार लीजिए.
मुझे क्या था मैं ने चूत से लंड निकाल कर गंद मे डाल दिया.
मैं तो बस उसकी चूत मारने वाला था .चलो गंद का मज़ा भी ले लेता हूँ.
और उसकी गंद मारने लगा.
वो अपनी चूत को सहला रही थी.अपनी जलन को कम कर रही थी.
रणजीतसिंघ ने उसकी गंद खोल कर मेरा काम आसान किया था.
मैं उसकी छोटी सी गंद को बड़ा बनाने मे लग गया.
थोड़ी देर गंद मारने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.
मैं ने लंड उसकी गंद से बाहर निकाल कर कॉंडम फेक दिया और लंड को उसके मूह मे डाल दिया.
उसके मूह मे धक्के मारकर उसे अपना वीर्य पिला दिया.
उसने मेरा वीर्य पी लिया.पीना ही पड़ा.
फिर मैं बाथरूम मे चला गया. वो बेड पर पड़ी रही. मैं फ्रेश हो गया और उसके लिए गरम पानी कर दिया.
अवी-उठो चुदाई हो गयी
वो धीरे से उठी और अपने कपड़े पहनने लगी.
अवी-ये क्या कर रही हो. पहले अपनी चूत को गरम पानी से साफ करो फिर कपड़े पहन लेना. जाओ बाथरूम मे गरम पानी रखा है.
वो लड़की मुझे देखती रही फिर धीरे धीरे बाथरूम मे चली गयी.
थोड़ी देर बाद वो कपड़े पहन कर वापस आ गयी.
अवी-ये गोली खा लो, इस से दर्द नही होगा.
उस ने गोली खा ली.
अवी-मज़ा आया मेरे साथ
लड़की-हां, आप बहुत अच्छे हो , इस चुदाई को हमेशा याद रखूँगी.
अवी-फिर मिलोगि.
लड़की-अगर रणजीतसिंघ चाहे तो
अवी-देखते है.
लड़की-अच्छा अब मुझे चलना चाहिए. आपका साथ अच्छा लगा.
और वो लड़की जैसे आई थी वैसे अंधेरे मे गायब हो गयी.
और मैं मोना का इंतज़ार करने लगा
मैं घर3 चला गया.
आज मेले से जल्दी आने की वजह से मेरे पास बहुत समय बाकी था.
आज पहले रणजीतसिंघ जिस लड़की को भेजेंगा उसकी चुदाई करूँगा और फिर मोना की.
मेरे घर3 पहुँचने से पहले रणजीतसिंघ ने भेजी हुई लड़की घर3 के सामने मेरा इंतज़ार कर रही थी.या फिर कोई और हो सकती है.
ये चाची की वजह से थोड़ा लेट हो गया.पहले देखता हूँ कि ये कौन है.
अवी-ए लड़की ,यहाँ क्या कर रही हो
लड़की-आप अवी हो ना
अवी-हां,
लड़की-मुझे रणजीतसिंघ ने भेजा है.
अवी-पहले क्यू नही बताया. चलो अंदर
मैं उस लड़की को लेकर अंदर चला गया. लड़की दिखने मे ठीक ठाक थी.
सिंपल ड्रेस मे अपने बदन की खूबसूरती दिखा रही थी.
ना ज़्यादा मेकप, ना ज़्यादा फँसी कपड़े पहने ,उसके रोज पहने वाले सिंपल से कपड़ो मे,उसके नॅचुरल खूबसूरती से मैं प्रभवित हुआ.
पर कुछ दुबली सी थी, कोई बात नही आज इसका भी मज़ा लेते हैं.
अवी-तुम्हारा नाम क्या है और कहाँ से हो
लड़की-नाम मे क्या रखा है,
अवी-ये भी सही है,पानी पीओगी.
लड़की-नही, आप थोड़ा जल्दी करेंगे मुझे एक ज़रूरी काम करने जाना है.
अवी-जल्दी नही हो सकता. और तुम्हे कहीं जाना था तो यहाँ क्यू आई.
लड़की-रणजीतसिंघ ने कहा था आपके पास आने को, पर आपने जल्दी बुला लिया कि मुझे अपना काम बीच मे छोड़ कर आना पड़ा.
अवी-मना क्यू नही किया रणजीतसिंघ को
लड़की-ऐसा सोचने से पहले मैं मरना पसंद करूँगी.
अवी-(रणजीतसिंघ तो ग्रेट है) इतना मानती हो रणजीतसिंघ को
लड़की-हाँ,उनके कहने पे जान भी दे सकती हूँ
अवी-(सेक्रेटरी की तरह इसकी भी मदद की होगी)ठीक है ,बस एक बार करूँगा
लड़की-शुक्रिया ,
अवी-हमारे बारे मे क्या बताया रणजीतसिंघ ने
लड़की-आपको शिकायत का मोका ना दूं
अवी-पहले चुदाई कर चुकी हो
लड़की-हाँ, 4 दिन पहले
अवी-कर चुकी हो, पर रणजीतसिंघ ने तो कहा कि कुवारि लड़की भेजेंगे
लड़की-मैं कुवारि हूँ. रणजीतसिंघ ने मेरी गंद मारी है.
अवी-(रणजीतसिंह नही सुधरेगा. गंद के पीछे हाथ धो कर लग जाता है.) चूत मैं मारूँगा.
लड़की-करो ना , 4 दिन से आपके पास आने के लिए बताया था. पर आपने मना कर दिया. आज आई हूँ ,तो कर लो जो करना है
अवी-करता हूँ, पहले अपने कपड़े उतारो ,
वो लड़की ने एक झटके मे अपनी चोली और ल़हेंगा निकाल दिया.
ब्रा उसने पहनी नही थी. और पैंटी का तो नामो निशान नही था.
उस का बदन ठीक ठाक था.थोड़ी सावली थी.पर उसके चेहरे एक तेज था एक चमक थी जो उसके साँवलेपन को छुपा कर उसकी खूबसूरती बढ़ा रहा था.
गोरी लड़कियो मे उनका गोरा बदन छोड़ दिया तो उनके पास जो लोगो को अट्रॅक्ट करने के लिए चमक एक तेज चाहिए होता है वो नही होता.
कभी कभी सावली लड़की अपने तेज से शहर की मॉडर्न लड़की को पीछे छोड़ देती.
वो कहते हैना कि लड़की नंगी आपके सामने घूमेंगी तो आप उसकी तरफ देखते भी नही वही किसी औरत को साड़ी मे देखो तो उसके पीछे पीछे भागते हो.
वो लड़की भी इसी तरह की थी,उसके बूब्स छोटे थे. और चूत पर बाल थे.पर वो बाल ऐसे लग रहे थे कि उसकी चूत को छुपा नही रहे है बल्कि उसकी संदरता बढ़ा रहे है.
चूत साँवली थी,पर मेरे लंड को खड़ा करने वाली थी. गंद भी ठीक ठाक थी.रणजीतसिंघ ने ज़्यादा मेहनत नही की थी.
रणजीतसिंघ हर किसम की लड़की का मज़ा लेता था. मैं भी वही करता था, गोरी हो या सावली, मॉडर्न हो या गाओं की, सबका टेस्ट लेना मुझे पसंद था.
रंजीतसिंघ ने उस लड़की के चेहरे पे जो तेज था वजह से उसे सेलेक्ट किया होगा.
उसके नंगे बदन को देख कर मैं ने भी अपने कपड़े निकाल दिए
लड़की-आपका लंड तो गोरा है, ऐसा लंड पहली बार देखा,काश मैं भी इतनी गोरी होती
अवी-तुम जैसी हो बहुत संदर हो.
लड़की-आप झूठ बोल रहे है
अवी-मैं झूठ क्यू बोलूँगा. देखो तुम्हे देखते लंड कैसा खड़ा हो गया. और तुम टेन्षन मत लो मेरा लंड तुम्हे गोरी बना देगा.
वो मेरे लंड को देखती रह गयी.
अवी-अब क्या देखती रहोगी. या फिर चूस्कर गीला करोगी
लड़की-अभी करती हूँ
वो लड़की मेरे सामने घुटने के बल बैठ गयी और लंड को हाथ मे पकड़ कर देख ने लगी.
वो खुद को लकी मान रही थी कि उसकी सील इतने अच्छे लंड से टूटेगी.
लंड को देखने के बाद उस लड़की ने लंड को अपने मूह मे ले लिया. और चूसना शुरू कर दिया.
लंड उसे देख कर खड़ा तो हो गया था .पर असली रूप मे अभी आया नही था.आधा खड़ा हुआ था .जिस उस लड़की ने पूरा लंड मूह मे लिया.
वो अजीब तरीके से चूस रही थी. जैसे क्या कहूँ जाने दो कुछ भी हो, उसने लंड को चूस कर खड़ा किया.
उसके मूह मे धीरे धीरे लंड को खड़ा होता हुआ देखने मे मज़ा आ रहा था.
वो ऐसे चूस रही थी कि कई दिनो से किसी को पानी नही मिला हो और मिलते जैसे टूट पड़ा था वैसे वो लंड चूस रही थी.
मेरा लंड देखते उसे लग रहा था कि क्या करूँ या क्या ना करूँ.
लंड खड़ा होने उसे लग रहा था कि लंड मूह से बाहर कैसे आ रहा है.
वो अड्जस्ट करके लंड को मूह मे लेने की कोशिस करने लगी.
उसके इस तरह लंड चूसने की बेताबी देख कर मुझे हँसी आ रही थी.
लड़की-लो कर दिया गीला .और ये तो और लंबा हो गया.
अवी-तुम्हारा जादू है.अब बेड पर लेट जाओ.
इसके साथ ओरल सेक्स करने का मन नही हो रहा था .इसको जल्दी जाना था और मोना भी आ रही है.
फिर भी मैं ने एक बार उसको किस किया.
मुझे उसे किस कर मज़ा आ रहा था पर उसे किस करना पता नही था. जिस से मैं ने चूत पर हमला बोल दिया.
अपनी पसंद की लड़की हो तो चुदाई करने मे असली मज़ा आता है,पर दूसरे ने पसंद करके भेजी हो तो थोड़ी झिझक होती है.
उसकी चूत पर पहले अपनी उंगली का जादू चलाने लगा. जिस से चुदाई के लिए तैयार हो गयी.
उसकी छोटी सी चूत मे मेरी उंगली आराम से जा रही थी. शायद वो उंगली करती होगी.
या फिर रणजीतसिंघ ने गंद मारते समय उसकी चूत मे उंगली की हो
पर कुछ भी हो मैं ने उसकी चूत पे एक किस किया.
मेरे ऐसा करने से उसने मुझे रोक दिया.
लड़की-क्या कर रहे हो. लंड डालो ना
उसे अपनी चूत चुसवाने मे इंटेरेस्ट नही था .मैं भी चूसने वाला नही था. मैं तो बस एक बार किस कर रहा था.
रंजीत सिंग की लड़कियो का यही प्राब्लम होती है ना रंजीतसिंघ चूत चूस्ता है और ना उसकी लड़कियो को पसंद होती है.
मैं ने उसकी चूत को क्रीम लगा कर थोड़ा चिकना बना दिया.
फिर मुझे वो करना पड़ा जिस करना मैं पसंद नही करता
मुझे कुवारि चूत कॉंडम लगा कर फाडनी थी.
ये सोच कर अजीब लगता है. कुवारि चूत और कॉंडम
फिर भी मुझे कॉंडम पहन कर उसके साथ करना था. भले ही मुझे इसमे मज़ा नही आएगा. पर इस लड़की के साथ रिस्क लेना ठीक नही रहेंगा.
और मुझे कुवारि चूत को कॉंडम के साथ मरने का एक्सपीरियेन्स मिलेंगा.
ये मेरे लिए नया एक्सपीरियेन्स रहेंगा. इसका मज़ा भी लेकर देखना होगा.
मेरी चाहने वाली मुझे कभी ऐसा नही करने देती.
इसके साथ करके ये भी देख लेता हूँ
मैं ने लंड पर कॉंडम और कॉंडम पर क्रीम लगा लिया.
अवी-तैयार हो जाओ ,लंड लेने के लिए
लड़की-मैं तैयार हूँ ,बस आराम से डालना,
मैं ने एक झटके मे टोपा फिर दूसरे झटके मे उसकी सील और 3र्ड झटके मे पूरा लंड उसका दर्द कम करते हुए डाल दिया.
उसकी सील टूट ते ही उसने अपने मूह पर हाथ रख दिया.
शायद वो मुझे नाराज़ नही करना चाहती थी.
मैं ने उसका हाथ हटा दिया. और उसे दर्द बाहर निकालने को कहा.
वो बार बार अपनी माँ का नाम लेकर चिल्ला रही थी. उसका दर्द का कारण मेरा लंड था.
पता नही कितने को दर्द दिया है.आज इसको भी दर्द देख कर उसके मज़े के गेट ओपन किए.
पूरा लंड डालने के बाद मैं थोड़ी देर रुक गया. उसकी आँखो मे पानी आ गया .
वो चीखना चाह रही थी पर उसने अपने होंटो को फिर दबा कर रखा था.
अवी-तुम अपना मूह खोल दो, मेरी टेन्षन मत लो, मुझे बुरा नही लगेगा.
मेरी बात सुनकर उस लड़की ने चीखना शुरू किया. अब तक रणजीतसिंघ की वजह से चुप थी पर मेरी इजाज़त मिलते ही उसने अपना दर्द बाहर निकाला.
वो थोड़ी देर चीख़्ती रही .उसका दर्द कम करने के लिए उसके नींबू को निचोड़ने लगा.
उसकी चेस्ट कॅरोम बोर्ड की तरह थी .उसपे उसके बूब्स लेमन की तरह दिख रहे थे.
वो थोड़ी देर चिल्लाते रही ,मैं उसके बूब्स को दबाता रहा.
उसके छोटे छोटे बूब्स के साथ खेलने मे मज़ा आ रहा था.
वो भी मज़ा ले रही थी. उसका दर्द कम होते मैं हरकत मे आ गया.
अवी-धक्के मरूं या थोड़ी देर रुकु
लड़की-मार लीजिए ,ये दर्द धक्के मारने से जल्दी कम हो जाएगा.
उसकी बात सही थी .लंड जितनी जल्दी जगह बना लेगा उसका दर्द उतनी जल्दी मज़े मे बदल जाएगा.
फिर क्या था मैं उसकी चूत मे लंड पेलता गया.
उसकी छोटी चूत मेरे लंड के सामने जल्दी पिघल गयी.
उसकी के कसी हुई चूत मे लंड पेलने मे मेरा दम निकल रहा था.
उसकी चूत ने मुझे खुश कर दिया.
उसके औरत बन ने के बाद पहला पानी मेरे लंड ने निकाल दिया.
उसकी छोटी चूत ने मेरे लंड के सामने हार मान ली और पानी छोड़ दिया.
मैं फिर भी धक्के मारता गया. और वो पानी छोड़ती गयी.
हमारा खेल अब चलता गया. अब खेल मे मज़ा आना शुरू हुआ.
वो मेरे धक्के का मज़ा लेते हुए मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी.
मैं उसकी मर्ज़ी से चूत मारने लगा.
जैसा वो कहती वैसे मैं उसकी चूत मारता गया.
कुछ समय तक उसे मज़ा मिलता गया पर अब उसे दर्द होने लगा.
लड़की-रुक जाइए मुझे दर्द हो रहा है
अवी-मेरा अभी तक हुआ नही है.
लड़की-मैं और नही कर सकती .आप गंद मार लीजिए.
अवी-गंद
लड़की-चूत मे जलन हो रही है. आप गंद मार लीजिए.
मुझे क्या था मैं ने चूत से लंड निकाल कर गंद मे डाल दिया.
मैं तो बस उसकी चूत मारने वाला था .चलो गंद का मज़ा भी ले लेता हूँ.
और उसकी गंद मारने लगा.
वो अपनी चूत को सहला रही थी.अपनी जलन को कम कर रही थी.
रणजीतसिंघ ने उसकी गंद खोल कर मेरा काम आसान किया था.
मैं उसकी छोटी सी गंद को बड़ा बनाने मे लग गया.
थोड़ी देर गंद मारने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.
मैं ने लंड उसकी गंद से बाहर निकाल कर कॉंडम फेक दिया और लंड को उसके मूह मे डाल दिया.
उसके मूह मे धक्के मारकर उसे अपना वीर्य पिला दिया.
उसने मेरा वीर्य पी लिया.पीना ही पड़ा.
फिर मैं बाथरूम मे चला गया. वो बेड पर पड़ी रही. मैं फ्रेश हो गया और उसके लिए गरम पानी कर दिया.
अवी-उठो चुदाई हो गयी
वो धीरे से उठी और अपने कपड़े पहनने लगी.
अवी-ये क्या कर रही हो. पहले अपनी चूत को गरम पानी से साफ करो फिर कपड़े पहन लेना. जाओ बाथरूम मे गरम पानी रखा है.
वो लड़की मुझे देखती रही फिर धीरे धीरे बाथरूम मे चली गयी.
थोड़ी देर बाद वो कपड़े पहन कर वापस आ गयी.
अवी-ये गोली खा लो, इस से दर्द नही होगा.
उस ने गोली खा ली.
अवी-मज़ा आया मेरे साथ
लड़की-हां, आप बहुत अच्छे हो , इस चुदाई को हमेशा याद रखूँगी.
अवी-फिर मिलोगि.
लड़की-अगर रणजीतसिंघ चाहे तो
अवी-देखते है.
लड़की-अच्छा अब मुझे चलना चाहिए. आपका साथ अच्छा लगा.
और वो लड़की जैसे आई थी वैसे अंधेरे मे गायब हो गयी.
और मैं मोना का इंतज़ार करने लगा