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मैं और मेरा परिवार

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566

मैं पंकज और करीम की फॅमिली को लेकर घर आ गया.

चाची मेरे साथ इतने लोगो को देख कर शॉक्ड हो गयी.

पंकज की फॅमिली तो रिच थी ,उनके ड्रेस देख कर और करीम की फॅमिली भी शहर के हिसाब ठीक ताक थी

मैं चाची के पास चला गया.

अवी- चाची ये मेरे कॉलेज के फ्रेंड पंकज और करीम की फॅमिली है . ये ...

मेरी बात पूरी हो ने से पहले चाची हरकत मे आ गयी.

ब चाची- आइए , सीमा विद्या मेहमानो के लिए पानी लेकर आओ

बड़ी चाची ने सब का स्वागत करना शुरू किया. सीमा चाची और विद्या सब के लिए पानी लेकर आ गयी.

अवी-चाची ये पंकज और करीम है मेरे कॉलेज फ्रेंड और ये पंकज के मम्मी पापा, और ये करीम की अम्मी और बहन सोफीया है. और ये मेरी बड़ी चाची और सीमा चाची है.

ब चाची-नमस्ते ,आप दर्शन करने आए है

प मम्मी-हां,

ब चाची-आप बेफिकर रहिए अवी आपको आराम से दर्शन करवा देगा

क अम्मी-हम ने दर्शन कर लिए. अवी ने हमारी बहुत मदद की , वरना इतनी लंबी लाइन मे खड़ा रहना पड़ता.

ब चाची-दर्शन हो गये ,ये तो अच्छी बात है. अब आप यहाँ आराम कीजिए,फिर नाश्ता और फिर बाद मे खाना खाएँगे

प मम्मी-नही .इतनी तकलीफ़ लेने की ज़रूरत नही है

ब चाची-ऐसे कैसे. आप पहली बार यहाँ आए है ,हम खाना खिलाए बिना जाने नही देंगे.

क अम्मी-मुझे लगा ही था जब अवी ने कहा कि शाम तक यहाँ रुकना होगा.

ब चाची-अवी तूने ये अच्छा किया. अब खाना भी होगा और आराम से बातें भी कर पाएँगे.

प पापा- मैं चलता हूँ मुझे एक ज़रूरी काम है

प मम्मी-इनको मीटिंग मे जाना है ,

ब चाची-आप को काम है ,

प मम्मी-हम रुक रहे है.सिर्फ़ पंकज के पापा जा रहे है. फिर शाम को हमे लेने आ जाएँगे

ब चाची-फिर ठीक है, ये लीजिए नाश्ता भी आ गया.

चाची ने सब को नाश्ता दिया.

नाश्ता करने के बाद पंकज के पापा चले गये.

बड़ी चाची प मम्मी और क अम्मी से बातें करने लगी.

ये छोटी चाची कहाँ गयी.

मैं ने पंकज और करीम को अपने कमरे मे बैठा कर छोटी चाची को कॉल किया.

अवी-हेलो चाची कहाँ हो आप

सी चाची-नीता के घर पे हूँ, क्या हुआ

अवी-आप जल्दी घर आइए ,मेरे फ्रेंड अपनी फॅमिली के साथ आए है.

सी चाची-2 मिनिट मे आई.

अवी- स्वेता दीदी,कोमल और रानी को साथ लाना,

सी चाची-ठीक है ,उनको भी लेकर आ रही हूँ,

छोटी चाची 10 मिनिट मे स्वेता दीदी, रानी और कोमल के साथ घर आ गयी.

सी चाची-नमस्ते,आप पंकज की मम्मी और आप शायद करीम की मम्मी

क अम्मी-आपने कैसे पहचाना ,

प मम्मी-हम तो पहली बार आए है

सी चाची-आसान है.अवी के सिर्फ़ 2 फ्रेंड है,पंकज और करीम,

फिर छोटी चाची भी क अम्मी और प मम्मी के साथ बातें करने लगी.

सी चाची-आपके बारे मे अवी बहुत बातें बताता है

प मम्मी-क्या बताया

सी चाची-यही कि आप अवी को पंकज की तरह प्यार करती है. उसका बेटे की तरह ख़याल रखती है

प मम्मी-सब अपने ही बेटे है.

क अम्मी-हमारे घर बहुत कम आता है अवी

सी चाची-बताया अवी ने, आपकी बेटी की शादी हो गयी जिस से घर खाली खाली हो गया .ऐसे मे

क अम्मी-हां, . रहते है तो घर मे चहलपहल रहती है

सी चाची-हम आने वाले थे शादी पे पर

क अम्मी-करीम ने बताया था कि आप बाहर गये थे वैसे आपका घर अच्छा है.

प मम्मी-हां, गाओं भी अच्छा है

ब चाची-हमारे गाओं मे कोई एक बार आता है तो यहीं का होके रहता है

प मम्मी-एक सुकून मिलता है गाओं मे आकर

क अम्मी-गाओं की बात ही अलग होती है.

बड़ी चाची मेरे फ्रेंड की मम्मी से ऐसे बातें कर रही थी जैसे उनके बेटे के साथ रिश्ता करना हो.

बड़ी चाची काफ़ी सवाल जवाब पूछ रही थी.

ऐसा लग रहा था कि मेरे फ्रेंड के बारे मे सब कुछ जान ना चाहती है.

छोटी चाची इस अंदाज़ से बातें कर रही थी कि मुझे लग रहा था कि वो बड़ी चाची को बता रही हो कि मेरे फ्रेंड अच्छे है.

स्वेता दीदी, पीगर्लफ्रेंड कगर्लफ्रेंड और सोफीया को बच्चो के रूम मे ले गयी. पगर्लफ्रेंड और कगर्लफ्रेंड रानी और कोमल को पहचानती है जिस की वजह से वो बोर नही हुई.

मैं पंकज और करीम को गाओं दिखाने ले गया.

2 घंटे तक मैं पंकज और करीम को गाओं ,अपने खेत दिखाता रहा.

तब तक चाची ने सब के लिए खाना बना लिया.

चाचा भी घर आ गये पर मेहमानो को देख फिर अपने दोस्त के पास चले गये

दोपेहर मे 1.00 बजे हम सब ने बातें करते हुए खाना खा लिया.

खाना खाने के बाद स्वेता दीदी कगर्लफ्रेंड पगर्लफ्रेंड और सोफीया को अपने साथ अपने घर लेकर चली गयी.

चाची प मम्मी और क अम्मी के साथ बातें करने लगी.

मैं पंकज और करीम को अपने कमरे मे बैठा कर बातें करने लगा. कॉलेज मे स्पोर्ट के बारएमए पूछने लगा.

हम बातें कर रहे थे कि पंकज के पापा का कॉल आया.

पंकज थोड़ी देर अपने पापा के साथ बातें की .

पंकज-पापा ने बुलाया, एक ज़रूरी काम है

अवी-कितना ज़रूरी

पंकज-मज़ाक नही

अवी-जा ,पर जल्दी आना

पंकज-यार 1 2 घंटे तो लग जाएँगे

अवी-अंकल ने बुलाया हैना तो जल्दी जा ,कोई ज़रूरी काम होगा तभी बुलाया होगा.

पंकज-पापा एक फाइल घर भूल गये.और मीटिंग शहर के बाहर एक फार्म हाउस पर है, शहर से 20 किमी दूर ,इस लिए मुझे फाइल लेकर बुलाया है

अवी- इतनी दूर जाना है, किसी को साथ लेकर जा ,

पंकज-मैं सोच रहा था कि करीम को लेकर जाता हूँ

अवी-मुझे कोई प्राब्लम नही है ,तू करीम से पूछ

करीम-चल चलते है

पंकज ने अपनी मम्मी को बताया और करीम के साथ चला गया.

 


567

अच्छा हुआ पंकज और करीम चले गये. अपनी गर्लफ्रेंड को यहाँ छोड़ कर मेरे लिए.

आज दोनो की गर्लफ्रेंड की एक साथ चुदाई करूँगा.

पर करूँगा कहाँ. उनको कहा लेकर जाउ,घर3 मे ठीक रहेगा.

पर उनको क्या कह कर ले जाउ.ऐसे तो सब को पता चल जाएगा.

कुछ सोचना होगा. उनको तो पता ही नही कि पंकज और करीम चले गये है.

और आंटी को कहा पता है पीगर्लफ्रेंड और कगर्लफ्रेंड पंकज और करीम के साथ गयी है या नही.

फिर भी छोटी चाची को बता देता हूँ.

मैं ने छोटी चाची को अपने कमरे मे बुलाया

अवी-चाची एक काम करना है आपको

सी चाची-तू क्या करने वाला है

अवी-पंकज और करीम की गर्लफ्रेंड की चुदाई करने वाला हूँ

सी चाची-क्या?

अवी-हाँ

सी चाची-कहाँ करोगे

अवी-खेत वाले घर3 मे

सी चाची-उनको वहाँ कैसे लेकर जाएगा.

अवी-उनको बोलूँगा कि पंकज और करीम ने बुलाया है.

सी चाची-पंकज की मम्मी और करीम की अम्मी

अवी-उनको तो सिर्फ़ इतना पता है कि वो दोनो स्वेता दीदी के घर मे है. और आपको उनको पता चलने नही देना है.

सी चाची-करीम की बहन उसका क्या

अवी-वो सीतल दीदी संभाल लेंगी.

सी चाची-ठीक है, पर ध्यान से

अवी-वैसे कैसी है पंकज की मम्मी

सी चाची-मुझ से कम है

अवी-आपके सामने तो सब फीकी है

सी चाची-बातें बंद कर ,और ध्यान से ,थोड़ा रिस्की लग रहा है.

अवी-मैं ध्यान रखूँगा.और बस 2 घंटे

सी चाची-1 घंटा

अवी-1.30घंटा

सी चाची-ठीक है

छोटी चाची यहाँ संभाल लेंगी.

पर छोटी चाची ने मुझे रोका नही. कभी रोकेंगी भी नही.

मैं बाइक लेकर पूजा बुआ के घर चला गया.सब वही पर थे.मैं ने सीतल दीदी को अपनी तरफ बुलाया

सीतल दीदी -क्या है,

अवी-चुदाई करनी है

सीतल दीदी-तुम्हे कहा था ना कि अब हम नही करेंगे

अवी-मुझे नही,वो मेरे फ्रेंड को अपनी गर्लफ्रेंड के साथ करनी है

सीतल दीदी-तो मुझे क्यूँ बता रहे हो

अवी-करीम की बहन सोफीया उसको आपको यहीं रोके रखना होगा

सीतल दीदी-और तुम उनको लेकर जाओगे

अवी-हां

सीतल दीदी-मुझे क्या वाचविमन समझा है

अवी-मेरे लिए इतना भी नही

सीतल दीदी-तुझे क्या मिलेगा इसमे से

अवी-वो मेरे फ्रेंड शहर से एक लड़की को ला रहे है.

सीतल दीदी-तू रंडी के साथ करेगा

अवी-करना पड़ेगा.

सीतल दीदी-खबरदार जो रंडी के साथ किया तो

अवी-आप अपने साथ करने नही देती

सीतल दीदी-तू समझता क्यू नही. मेरी शादी फिक्स हुई है.अब हम गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड नही है.

अवी-अगर नही होती तो,शादी फिक्स ना होती तो

सीतल दीदी-फिर मैं तुम्हारे साथ ज़रूर करती,तुम्हारी गर्लफ्रेंड थी मैं .

अवी-तो मैं आपकी शादी तोड़ दूँगा.फिर आप मेरे साथ करने के लिए तैयार रहेंगी.

सीतल दीदी-तुम पागल हो गये हो.तुम ऐसा वैसा मत करना, मैं तुम्हारे साथ करूँगी.पर सिर्फ़ एक बार

अवी-मैं मज़ाक कर रहा था.

सीतल दीदी-यहाँ मेरी जान निकाल दी और तुम मज़ाक कर रहे थे

अवी-मैं कभी ऐसा कर सकता हूँ.आप भी ना

सीतल दीदी-चल जा, मैं सोफीया को संभाल लूँगी. पर रंडी से दूर रहना

अवी-10किमी दूर रहूँगा

सीतल दीदी-रुक मैं उन दोनो को बाहर भेजती हूँ.

सीतल दीदी जाने लगी. मैं ने सीतल दीदी का हाथ पकड़ लिया

अवी-दीदी आपको मेरी याद नही आती

सीतल दीदी-इस सवाल को सवाल ही रहने दो, इसका जवाब देना मुश्किल होगा

अवी-सोहन

सीतल दीदी-ज़रूरत पड़ी तो मैं तुम्हारे पास आउन्गि.

अवी-मैं आप को निराश नही करूँगा.

सीतल दीदी-पता है मुझे,

अवी-आप खुश हो ना सोहन के साथ

सीतल दीदी-अब पूछने का समय मिला तुझे

अवी-कैसा है सोहन

सीतल दीदी-सोहन मेरे लिए बना है. उस से अच्छा जीवन साथ नही मिलता मुझे

अवी-आप ने सोहन के साथ कुछ किया है

सीतल दीदी-नही, पर लगता है सोहन रुकेंगा नही.पर तू टेन्षन मत ले ,मैं संभाल लूँगी.

अवी-और स्वेता दीदी

सीतल दीदी-तुझे उनको लेकर नही जाना है.

अवी-भेज दो उनको ,और सोफीया को यही पर रखना

सीतल दीदी-ठीक है. मुझे कॉल करना काम हो जाने के बाद

फिर सीतल दीदी ने कगर्लफ्रेंड और पगर्लफ्रेंड को बाहर भेज दिया ये कह कर कि उनको पंकज और करीम ने बुलाया है.

कगफ़-करीम कहाँ है

अवी-खेतो मे तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है

प्गफ-खेत मे क्यूँ?

अवी-खेत मे एंजाय करना है उनको

कगफ़-खेत मे ,मज़ा आएगा.

प्गफ-पर वो दोनो लेने क्यू नही आए

अवी-सोफीया की वजह से,चलो जल्दी

प्गफ-खेत मे ,वहाँ तो लोग होंगे

अवी-खेत मे मेरा घर3 है ,अब चलो बैठो जल्दी

कगफ़ और प्गफ बाइक पर बैठे गयी और मैं बाइक को खेत मे लेकर चला गया.

 


568

मैं प्गफ और कगफ़ को लेकर घर3 आ गया.

दोनो बाइक से उतर गयी.

प्गफ-कहाँ है पंकज ,यहाँ पर तो लॉक लगा है

अवी-लॉक अभी खोलता हूँ, पंकज बीअर लाने गया है.

कगफ़-तू इतने सवाल क्यू पूछ रही है

प्गफ-कुछ नही वो पंकज को नही देखा ना इस लिए

अवी-आ जाएगा पंकज

मैं ने लॉक खोल कर उनको अंदर बुलाया. दोनो अंदर आ गयी. मैं ने गेट बंद कर दिया.

प्गफ-गेट क्यू बंद किया

अवी-कोई हमे यहाँ देख ना ले इसी लिए

प्गफ घर को देखने लगी और कगफ़ बेड पर जाकर बैठ गयी.

मैं ने बॅग मे से मेडिसिन निकाल ली जो ज़ोया ने भेजी थी. और इस खा कर ज़ोया और सारा की जोरदार चुदाई की थी.आज इनकी करूँगा.

मेडिसिन खाने के बाद मैं ने प्गफ को पीछे से पकड़ लिया.

मेरे इस तरह पकड़ ने से वो शॉक्ड हो गयी और मुझ से अलग हो गयी.

प्गफ-क्या कर रहे हो तुम

मैं ने जवाब नही दिया और बेड पर जाकर बैठ गया और कगफ़ को पकड़ कर अपने लंड पर बैठा दिया.

कगफ़ भी मुझसे अलग हो गयी. शायद प्गफ की वजह से वो मेरे साथ करने से डर रही थी

प्गफ-मैं ने पूछा तुम ने मुझे पकड़ा कैसे

मैं ने जवाब नही दिया .और अपने कपड़े निकाल दिए.

दोनो शॉक्ड होकर मेरे लंड की तरफ देखने लगी.

दोनो की आँखे मेरे लंड को देख कर चुदाई के नशे से लाल होने लगी.

पर दोनो डर रही थी.कगफ़ को लग रहा था कि प्गफ के सामने कैसे करे अगर उसने करीम को बता दिया तो

और प्गफ को भी ऐसा लग रहा था.

कगफ़ तो मेरे कहते ही तैयार हो जाएगी.पर प्गफ ने पंकज के सिवा किसी के साथ ना करने का फ़ैसला किया था.

पिछली बार वो गुस्सा हुई थी.और अच्छी बन ने का नाटक कर रही थी.पर उसको मेरा लंड पसंद है. इसी लिए बिना बातें किए मैं ने अपने कपड़े निकाल लिए

अवी-तुम दोनो ऐसे क्या देख रही हो ,पहले भी तो देखा है. इसके साथ मज़े किए है

कगफ़-शॉक्ड होकर तुम ने

प्गफ-तुम ने भी

अवी-तुम दोनो ने

कगफ़-तुम ने कब, मुझे बताया नही.

प्गफ-तुम ने भी तो नही बताया.

कगफ़-तुम ने कब किया था

प्गफ -तू बता पहले

कगफ़-वो अनु के साथ झगड़ा हुआ था ना उस दिन किया था.

प्गफ-मैं ने भी तो उस दिन ,पर हमे पता कैसे नही चला

अवी-क्यू कि तुम ने मेरे साथ किया था.एक के साथ दिन मे और दूसरी के साथ रात मे

कगफ़-तुझे बताना चाहिए था मुझे, कितना मज़ा करते पता है हम

अवी-अब साथ मे मज़ा करो

कगफ़-ख़ामाखाँ तुम से डर रही थी.

और कगफ़ मेरे पास आ कर बैठ गयी.और मेरे लंड को सहलाने लगी.

अवी-तुम भी आ जाओ

प्गफ 2 कदम आगे आई पर फिर वापस अपनी जगह पर चली गयी.

प्गफ-मैं पंकज के सिवा

अवी-फिर से नाटक शुरू कर दिया.

कगफ़-अवी के साथ करने के बाद भी ऐसा कह रही हो.

प्गफ-तब बात अलग थी. अब पंकज के सिवा मैं किसी के साथ नही करूँगी

कगफ़-पंकज का इस से छोटा है ,आ जाओ साथ मे टेस्ट करते है

प्गफ-क्या कहा तुम ने,पंकज का अवी से छोटा है ये बात तुम्हे कैसे पता

कगफ़-मैं बताना नही चाहती थी पर अब अवी के बारे मे पता चला तो बता देती हूँ, जब हम चुदाई करने पंकज के घर जाते थे ना तब एक दिन तुम पंकज के साथ और मैं करीम के साथ चुदाई कर रही थी.चुदाई करने के बाद हम सो जाते थे

प्गफ-हाँ

कगफ़-करीम सो गया था. मैं पानी पीने के लिए किचन मे गयी थी. पंकज के घर मे कोई नही रहता इस लिए मैं बिना कपड़े पहने नीचे चली गयी.मैं पानी की बॉटल लेने के लिए नीचे झुकी थी कि किसीने पीछे से मेरी चूत मे लंड डाल दिया और मेरे सर को वैसे ही रहने दिया और धक्के लगाने लगा.

मुझे लगा करीम होगा इसलिए मैं ने कुछ नही कहा ,वो 5 मिनिट तक मेरी चुदाई करता रहा फिर झड़ने के बाद मुझे छोड़ दिया.

जब मैं ने पीछे पलट कर देखा तो वो करीम नही पंकज था.ऐसा है तुम्हारा पंकज

अवी-ये तो मुझे भी पता नही था.

प्गफ-तो क्या हुआ ,करीम भी

कगफ़-करीम ने तुम्हारे साथ चुदाई करनी चाहिए पर तुम ने उसे मना किया. यही कहना चाहती हो ना

प्गफ-हाँ

कगफ़-ये बात मुझे करीम ने बताई, पंकज ने मेरे साथ धोके से चुदाई की ,करीम ने तो तुम से पूछा था.तुम्हारे ना कहने के बाद उस ने दुबारा तुम को परेशान किया.

प्गफ-नही

कगफ़-पर पंकज मुझे परेशान करता था .इस लिए मैं ने वहाँ आने से 2 3 बार मना किया था.

मुझे तो करीम सब बताता है पर पंकज ने तुम्हे कभी कुछ नही बताया.

अवी-जाने दो इसे ,हम मस्ती करते है (कही फिर से प्गफ के दिमाग़ मे पंकज की तरह एंजाय करने का आइडिया ना आ जाए,)

प्गफ वही सोफे पर बैठ गयी.और सोचने लगी.

कगफ़ ने अपने कपड़े निकाल दिए. कुछ भी हो जाए कपड़े खराब नही होने चाहिए

कगफ़ ने मेरे लंड को हाथ मे पकड़ लिया.

कगफ़-सुनो

अवी-हाँ

कगफ़-तुम्हे नही उसके साथ बात कर रही हूँ

प्गफ ने हमारी तरफ देखा

कगफ़-अवी का लंड ऐसा है जो एक बार लेने के बाद दुबारा लेना चाहोगी. तुम्हे अवी के साथ करना है पर तुम बे वजह नाटक कर रही हो

प्गफ रोने लगी.

अवी-इसे क्या हुआ.

हम दोनो प्गफ के पास आ गये.

कगफ़-रो क्यू रही हो,नही करना तो मत करो ,पर रोना बंद करो

अवी-तुम्हे मेरे साथ नही करना है तो मत करो ,मैं तुम फोर्स नही करूँगा.

प्गफ-वो बात नही है.

अवी-फिर क्या बात है

प्गफ-पंकज मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकता है. पहले अपनी नौकरानी और अब इसके साथ, पता नही कितनो के साथ ...

अवी-पंकज कितनो के साथ भी करता होगा पर प्यार वो सिर्फ़ तुम से करता है.तुम्हारे बारे मे वो सीरीयस है, इसी लिए उसने अपने मम्मी पापा को तुम्हारे बारे मे बताया.

प्गफ-फिर ये सब करने की क्या ज़रूरत है,

अवी-करीम भी तो करता है, तुम पंकज को समझाओ ,तुम ने तो कहा था कि पंकज को एंजाय करने दूँगी और खुद भी करूँगी.पंकज ऐसा ही, उसे बदलना मुश्किल है,

प्गफ-पर वो मुझे बता भी तो सकता है ,मैं मना थोड़े करती,ऐसे धोके मे रखना क्या ठीक है.

अवी-पंकज को लगता है कि तुम्हे उसके बारे मे पता चला तो कही वो तुम्हे खो ना दे

प्गफ-मैं नही मानती

अवी-तुम एक काम करना ,यहाँ से जाने के बाद पंकज से बात करना ,और नौकरानी के बारे मे तुम्हे पता चल गया है ये कहना. फिर देखना वो तुम्हारे पैरो मे गिर कर माफी माँगेना

कगफ़-सही कहा. शायद पंकज सुधर जाए.

अवी-(पंकज कभी नही सुधर सकता) ट्राइ करके देखो ,और उसके साथ 1 2 महीने बात मत करना. जब उसे अहसास होगा तब अपने तरीके से पंकज को ठीक करना.पंकज को अपनी मुट्ठी मे क़ैद करके रखना

प्गफ-इस से पंकज सुधार जाएगा.

अवी-मे बी (कुछ दिन के लिए)

कगफ़-ट्राइ करके देखना,

अवी-चलो हम अपना खेल शुरू करते है

मैं कगफ़ को लेकर वापस बेड पर आ गया.प्गफ फिर सोचने लगी.

पंकज तो अपनी मम्मी के साथ भी करता है .ये बात जब उसे पता चलेगी तो

लेकिन कुछ महीनो मे मैं ने प्गफ मे बदलाव देखा है.

वो पंकज के लिए सीरीयस है, वो बस पंकज की बन के रहना चाहती है

 


569

कगफ़-तो शुरू करे

अवी-मेरे काम का क्या हुआ

कगफ़-कौन सा काम

अवी-सोफीया

कगफ़-मैं कोशिस कर रही हूँ

अवी-और कितना टाइम लगेगा.

कगफ़-थोड़ा टाइम लग जाएगा. मैं पूरी कोशिस कर रही हूँ.अगर मैं नही कर पाई तो क्या तुम मेरे साथ करना बंद करोगे

अवी-तो भी तुम्हारी चुदाई करता रहूँगा.काम हो गया तो ज़्यादा मज़ा करेंगे

कगफ़-फिर तो तुम्हारे लिए करना पड़ेगा.

अवी-वो जाने दो, पहले चूसना शुरू करो

कगफ़ ने लंड को चाटना शुरू किया.

हम दोनो नंगे थे. सिर्फ़ प्गफ कपड़े पहने हुई थी.

कगफ़ ने इस तरह लंड चूसना शुरू किया कि प्गफ को देख कर जलन होने लगी.

लंड के टोपे पर इतने प्यार से जीभ घुमाने लगी कि जैसे आइस क्रीम पर घुमा कर मज़े से खाती है.

लंड के टोपे को चाट कर गीला कर दिया ,जिस से लंड की चमक प्गफ की आँखो को अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रही थी.

फिर कगफ़ ने अपनी जीभ को नुकीली बना कर लंड के छेद को चाटने लगी.

लंड के सेन्सिटिव पार्ट को चाटने से मुझे मज़ा आ रहा था.

फिर कगफ़ ने लंड को उपर से नीचे तक चाट कर गीला कर दिया.

वो यहाँ तक नही रुकी बल्कि लंड को चाट ते हुए आंडो को चाटने लगी.

कगफ़ लंड को चाट कर ही मेरा पानी ना निकाल दे इस बात का डर लग रहा था.

ये क्या,कगफ़ ने आंडो को चाटने के बाद मेरी गंद को चाटना शुरू किया.

ये कगफ़ कब क्या करे कुछ समझे मे नही आता.

गंद को चाटने से मुझे अजीब सा लग रहा था और गुदगुदी हो रही थी.

मैं ने कगफ़ को रोक दिया. और 69 पोज़िशन मे आने को कहा.

इस पोज़िशन मे कगफ़ मेरा लंड चूसने लगी. और मैं कगफ़ की चूत चूसने लगा.

कगफ़ ज़्यादा से ज़्यादा लंड मूह मे लेकर चूस रही थी.ताकि वो लंड का पूरा मज़ा ले सके .

चूत पूरा लंड लेता है. गंद पूरा लंड लेता है फिर मूह क्यू पीछे रहे.

करीम को गफ़ नही एक रांड़ मिली है. मज़ा दिलाने वाली रांड़.कगफ़ बेड पे रांड़ बन जाती है. ऐसी गफ़ सबको मिले तो दूसरी लड़की की तरफ कोई देखेगा भी नही

कगफ़ के लंड चूसने के साथ मैं उसकी चूत चूस रहा था.

कगफ़ की चूत ढीली हो गयी थी. जिस की वजह से मैं उसकी चूत मे 2 उंगली और जीभ एक साथ डाल कर चूत चूस रहा था.

कगफ़ अपने मनपसंद लंड को चूसने मे कोई कसर नही छोड़ रही थी.

कगफ़ को बस इतना पता था कि आज इतने दिनो बाद मेरा लंड मिला है उसका पूरा मज़ा लेने की कोशिस कर रही थी.

मैं भी कगफ़ की चूत चूसने मे खोया था कि एक जोरदार झटके की वजह से कगफ़ मेरे उपर से नीचे गिर गयी.

कगफ़ और मैं दोनो शॉक्ड हुए .ये किस ने किया.

हम तो चुदाई मे पूरे खो गये थे. हमे तो पता ही नही चला कि प्गफ क्या कर रही है.

मैं ने प्गफ की तरफ देखा वो नंगी मेरे पास खड़ी थी और अभी अभी उसने कगफ़ को धक्का दे कर मेरे उपर से गिरा दिया था.

प्गफ यहाँ तक नही रुकी बल्कि मेरे पेट पर बैठ कर लंड को चाटने लगी.

मैं और कगफ़ ये देख कर पहले शॉक्ड हुए बाद मे प्गफ को लंड चूस्ता हुआ देख कर हँसने लगी.

कगफ़ ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी.मैं भी प्गफ को देख कर हँसने लगा.

प्गफ-हँस क्यू रहे हो

अवी-तुम्हे पे हँस रहे है

कगफ़-मुझे पता था ये ज़्यादा देर खुद को रोक नही पाएगी.

प्गफ-मैं भी लड़की हूँ,मेरे सामने तुम चुदाई करोगे तो मैं खुद को रोकूंगी कैसे,

अवी-और

प्गफ-एक तो तुम्हारा लंड मुझे बहुत पसंद है.कितनी मुश्किल से पिछली बार कंट्रोल किया था. पर अब किस लिए कंट्रोल करू.मैं ने सोच लिया कि तुम्हारे साथ चुदाई करने से सिर्फ़ मज़ा मिलता है ,कोई परेशानी नही होती

कगफ़-मैं भी तो तुम्हे यही समझा रही थी कि बाय्फ्रेंड है हमारे पास, और अपना टेस्ट चेंज करने के लिए अवी है.

अगर हमारे बाय्फ्रेंड दूसरो के साथ मज़ा करने के बाद भी हमे प्यार करते है तो हम भी अवी के साथ मज़ा करके अपने बाय्फ्रेंड के साथ प्यार कर सकते है. सिर्फ़ अवी के साथ.

जो मज़ा अपने बाय्फ्रेंड के साथ नही कर सकते उसके लिए अवी है.अवी हमारा साथ हमेशा देगा.

अवी-मैं तो हमेशा तैयार रहता हूँ

कगफ़-मैं तुम्हे एक बात बताती हूँ कि मेरी एक फॅंटेसी थी वाइल्ड सेक्स करने की ,वो मैं करीम के साथ नही कर सकती थी ,मैं ने वाइल्ड सेक्स अवी के साथ किया.

प्गफ-हाँ, मेरी गंद भी सिर्फ़ अवी ने मारी, पंकज को ये पसंद नही था. पर मुझे करना था.

कगफ़-यही तो , मैं ऐसा थोड़ी कह रही हूँ कि किसी के साथ भी चुदाई करो, मैं तो अवी के साथ कह रही हूँ.

अवी हमारा फ्रेंड है वो हमारा ग़लत इस्तेमाल नही करेगा.बस मज़ा देता है और लेता है. और मुसीबत मे साथ भी देता है.

प्गफ-तुम्हारी बात सही है, मैं ने इस पर सोचने के बाद अवी के साथ चुदाई करने के लिए खुद को तैयार किया.

कगफ़-क्या तुम पंकज के साथ थ्रीसम करती. पंकज को किसी और के साथ शेर करके चुदाई करती ,नही ना ,थ्रीसम मे मज़ा आता है और वो मज़ा देने के लिए अवी है हमारे पास,

प्गफ-तुम ठीक कह रही हो.

कगफ़-अवी की वजह से तुम और पंकज वापस कॉलेज मे आ सके

अवी-रूको ,वो समझ गयी.

प्गफ-हाँ, और अब पंकज को सुधारने का तरीका बताया.

अवी-तुम दोनो बातें करने आई हो तो आराम से करो ,मैं चलता हूँ.

कगफ़-हो गया. मेरी सहेली को समझा रही थी.

प्गफ-थॅंक्स

और प्गफ ने कगफ़ के होंटो पर किस किया

 


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और प्गफ ने कगफ़ के होंटो पर किस किया.

अवी-क्या तुम दोनो ऐसे एक दूसरे को मज़ा देने वाली हो,मेरा भी ख़याल करो

प्गफ-तुम क्यूँ जल रहे हो,

फिर से दोनो किस करने लगी.

मैं बस उनको किस करते हुए देखता रहा.

दोनो किस करने के साथ एक दूसरे के बूब्स दबा रही थी.

मुझ से बर्दास्त नही हुआ. मैं उठ कर बैठ गया और दोनो को अलग किया.

दोनो ने अलग होते ही मुझे धक्का देख कर वापस बेड पर लिटा दिया.

और कगफ़ मेरे मूह के उपर अपनी चूत लेकर आई और प्गफ मेरे लंड को पकड़ कर मेरी तरफ गंद कर के बैठ गयी.

ये हुई ना बात , कब से मैं पंकज और करीम की गर्लफ्रेंड की एक साथ चुदाई करने का सोच रहा था. आज मोका मिला और वो भी ज़िंदगी भर करने का.

एक बार तो लगा था कि प्गफ को हाथ से जाने दिया पर अब वापस पा कर दिल और लंड खुश हो गया.

साथ मे करीम और पंकज के लिए अच्छा रहेगा क्यू कि उनकी गर्लफ्रेंड किसी और के साथ एक्सट्रा अफेर तो नही चलाएगी. मेरे साथ दोनो सेफ है. मैं उनको करीम और पंकज के बारे मे बता कर उनके दिल मे उनकी जगह परमाणेंट करता रहा था .

दोनो ऐसी है कि चुदाई मे नया पन चाहती है ऐसे वो किसी और के साथ चुदाई करेंगी तो पंकज और करीम बर्दास्त नही कर पाएँगे.

मेरे साथ करते हुए देख लिया तो भी मैं उनको मना सकता हूँ

पहली बार इनकी चुदाई कर के मैं ने इनके दिल मे करीम और पंकज के लिए प्यार बनाए रखा. पर ये दोनो और मेरे फ्रेंड ऐसे है कि मैं इनसे दूर रहता तो कब का ब्रेकप कर लेते.

पंकज कगफ़ पे नज़र रखता था और करीम प्गफ पर. किसी दिन वाइफ स्वपिंग कर लेंगे.

ऐसे मे मेरा इनकी गर्लफ्रेंड के साथ चुदाई करना ज़रूरी है ताकि इनके रिश्ते को मज़बूती मिले.मैं उपर उपर से बराबर प्यार के डोज लगाता रहूं.

प्गफ ने कगफ़ की तरह लंड को चूसना शुरू किया ,और मैं ने कगफ़ की चूत को चूसना शुरू किया.

प्गफ और मैं चूसने का मज़ा ले रहे थे पर कगफ़ सिर्फ़ मेरे उपर बैठी थी.

प्गफ की गंद मेरी तरफ थी. मतलब कगफ़ और मेरी तरफ थी.

कगफ़ अपनी चूत को चूसवाने के साथ प्गफ की गंद सहला रही थी.

गंद सहलाते हुए उसकी उंगली गंद के छेद पर और फिर प्गफ की चूत पर चली गयी.

कगफ़ के आँखो मे चमक आ गयी. उसने प्गफ की गंद को पकड़ कर उपर किया. जैसे मुर्गी बन ने पर सर नीचे और गंद उपर उठ जाती है वैसे प्गफ लंड चूस रही थी.

प्गफ की गंद उपर होते ही कगफ़ ने उसके चूतड़ को फैला कर चूत को चाटना शुरू किया.

प्गफ अपनी चूत पर जीभ महसूस करके एग्ज़ाइट हो गयी और मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.

प्गफ के एग्ज़ाइट हो कर लंड चूसने से मैं भी कगफ़ की चूत पर टूट पड़ा.जिस से कगफ़ भी जोश मे आकर प्गफ की चूत चूसने लगी.

ये सिलसिला चलता गया.

चूस ने और चूसवाने मे हम तीनो को मज़ा आ रहा था.

कगफ़ की चूत मैं चूस रहा था मेरा लंड प्गफ चूस रही थी ,और उसकी चूत कगफ़ चूस रही थी.

तीनो जोश मे आकर एक दूसरे के प्राइवेट पार्ट चूस रहे थे

इसमे बहुत मज़ा आ रहा था.

हम ने एक सर्कल बना लिया था

कगफ़ प्गफ और मैं अपनी ही मस्ती मे चूस रहे थे.

और अपनी ही धुन मे चूस कर रस निकालने की रेस मे लगे हुए थे

इस रेस मे जीत मेरी हुई, मैं ने कगफ़ का पानी निकाल लिया.

थोड़ी देर मे प्गफ का पानी भी निकल गया.

पर प्गफ मेरा पानी नही निकाल पाई. मेडिसिन जो खाई थी.

लास्ट टाइम मेडिसिन खा कर सारा और ज़ोया का बुरा हाल किया था. फिर रज़िया और रुकसाना का बुरा हाल किया था.अब देखना है प्गफ और कगफ़ मे कितना दम है.

दोनो का पानी निकलते ही चूसने का प्रोग्राम बंद हो गया.

प्गफ-तुम्हारा पानी क्यू नही निकला

अवी-मैं ने मेडिसिन खाई है

कगफ़-फिर आज तो हम गये काम से

अवी-डर गयी.

कगफ़-पता है हमे आज हमारा क्या होगा.

अवी-जोरदार और लंबी चुदाई होगी.

प्गफ-आज जो होना है वो हो जाने दो, हमारे पास 6 जगह है तुम्हारा लंड के लिए, क्या कहती हो

कगफ़-तुम साथ दोगि तो मैं तैयार हूँ,

प्गफ-चलो शुरू करते है.स्टेप बाइ स्टेप ,पहले तुम फिर मैं फिर तुम बाद मे मैं

कगफ़-ये तो बढ़िया रहेगा.

अवी-पहले तुम फिर मैं

और कगफ़ ने अपनी पोज़िशन ले ली.प्गफ अपनी बारी आने का इंतज़ार करने लगी.

कगफ़ मेरे लंड पर बैठ गयी. एक झटके मे पूरा लंड चूत मे ले लिया.

प्गफ ,कगफ़ की तरफ देखती रही.

प्गफ-एक झटके मे

कगफ़-इसी मे तो मज़ा है, मैं पहले भी ये सब कर चुकी हूँ

कगफ़ लंड पर बैठने के बाद लंड उछालना शुरू किया.

लंड के टोपे तक उपर जाकर पूरा ज़ोर दे कर लंड पर बैठ जाती.

ऐसी चुदाई के सामने लंड कब का हार मान जाता पर अच्छा हुआ मेडिसिन खा ली थी मैं ने

कगफ़ लंड पर उछल खुद कर रही थी. और प्गफ अपना नंबर लगने का इंतज़ार कर रही थी.

कगफ़ अपनी जी जान लगा कर लंड से पानी निकालने की कोशिस कर रही थी.

लंड आज किसी की नही सुन ने वाला था वो आज चूत का पूरा रस निकालने का इरादा रख कर मैदान मे आया था.

कगफ़ मे बहुत दम था .पर कितनी देर इस तरह उछल सकती थी.

कितनी देर लंड को चूत मे रख कर कंट्रोल कर सकती थी.

और एक चीख के साथ कगफ़ का पानी निकल गया और लंड की जीत हुई. और कगफ़ लंड पर बैठ कर हाँफने लगी.

कगफ़ मे अब दम नही था.

पर मैं ने उसे उठने नही दिया और अपने उपर झुका कर नीचे से धक्के मारने लगा.

कगफ़ मेरे उपर झुकते ही मुझे किस करने लगी और मैं उसकी चूत मे धक्के मारता गया.

वो तो मज़े मे मुझे किस करते हुए चुदाई का मज़ा ले रही थी.

इसकी चुदाई करता रहूँगा तो प्गफ की बारी कब आएगी.

मैं ने कगफ़ को अपने उपर से अलग कर दिया.

कगफ़ अलग होते ही प्गफ हरकत मे आ गयी.

प्गफ जो कगफ़ की चुदाई देख कर पानी छोड़ रही थी अब उसका पानी निकल ने का समय आ गया था.

 
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कगफ़ आराम से बेड पर लेट गयी और प्गफ मेरे उपर आ गयी.

वो भी मेरे लंड को अपनी चूत पर रख कर बैठने लगी.

प्गफ की चूत टाइट थी. वो आराम से धीरे धीरे लंड को चूत मे लेने लगी.

बहुत प्यार से लंड को चूत मे ले रही थी.

अभी आधा लंड ही चूत मे लिया था .इतनी देर लगाएगी तो कैसे चलेगा.

मैं ने उसे एक बार मे बैठने को कहा उस ने ऐसा ही किया. और एक झटके मे बाकी का लंड चूत मे ले लिया.

लंड चूत मे लेते ही उसकी चीख निकल गयी.

अहहहः हूंम्म्ममम ह्म्म्म्म मम . आआहाहहहहः ह्म हँहम्मह हँहम्ममम्म्म .

मैं ने लंड अंदर जाते ही नीचे से धक्के लगाना शुरू किया.

मेरे पास टाइम की कमी थी.

उनको जितना दर्द होगा उतना उनको मज़ा आएगा.

मज़े की शुरुआत दर्द भरी चीख के साथ होती है.

मेरे धक्को से वो बहाल होकर शीष्कारी ले रही थी.

मैं इस बेलगाम घोड़ी को अपने घोड़े की सवारी करवा रहा था.

प्गफ मेरे घोड़े का दम देख कर अपना दिल मेरे घोड़े को दे बैठी

प्गफ की टाइट चूत जिस ने एक बार मेरा लंड लिया था वो मेरे धक्को को बर्दास्त करने का मंत्र ढूँढने लगी.

उसने चूत मे लंड लेने के बाद सिर्फ़ बैठी रहने मे समझदारी दिखाई . जो कर रहा था वो मैं कर रहा था.

फिर उसकी चूत खुलते मैं ने उसकी गंद पर थप्पड़ मारकर उछल कूद करने को कहा.

थोड़ी देर मे वो मेरे लंड पर उछलने लगी.

उसके उछलने के बाद भी मैं रुका नही बल्कि नीचे से धक्के मारता गया.

कगफ़ खुद को नॉर्मल कर रही थी और मैं प्गफ की चूत मार रहा था.

प्गफ की चूत टाइट थी.इसका नतीजा ये हुआ कि उसकी चूत से जल्दी पानी निकल गया.

क्यू की धक्के दोनो तरफ से लग रहे थे.

प्गफ की चूत के रोते मेरा लंड खुश हो गया.

पानी निकलते ही मैं ने प्गफ को अपने उपर से अलग किया.

प्गफ इतनी जल्दी चुदाई ख़तम नही करना चाहती थी. जिस की वजह से वो नाराज़ हो गयी.

मैं बेड से नीचे आ गया. और उन दोनो को नीचे उतर कर गद्दे को ज़मीन पर डाल दिया.

अवी-यहाँ पर 69 पोज़िशन मे लेट जाओ .और जिसे पहले गंद मे लेना है वो उपर रहना

प्गफ-मैं लूँगी

अवी-तो लेट जाओ 69 पोज़िशन मे

कगफ़ नीचे और प्गफ उसके उपर 69 पोज़िशन मे घोड़ी बन कर

कगफ़ की गंद के नीचे पिल्लो और सर के नीचे पिल्लो रख दिया.

दोनो एक दूसरे की चूत चूस ने लगी .

मैं पहले उस तरफ गया जहाँ प्गफ कगफ़ की चूत चूस रही थी.

मैं ने लंड को कगफ़ की चूत मे डाल कर बाहर निकाला और फिर प्गफ के मूह मे डाल दिया.

प्गफ को मेरा ऐसा करना अच्छा लगा

उसको मेरे साथ थ्रीसम करने के साथ कुछ नया करने को मिल रहा था.

एक लड़की की चूत चूसने को मिल रही थी.

मेरे लंड को चूस कर चूत का टेस्ट मिल रहा था.

प्गफ को लग रहा था कि वो सपनो की दुनिया मे है.

फिर से कगफ़ की चूत मे लंड डाला और फिर प्गफ को चूसने दिया.

ऐसा करने से कगफ़ को भी मज़ा आ रहा था और प्गफ को भी मज़ा आ रहा था.

कगफ़ लंड को चूत मे फिल करके मस्ती मे प्गफ की चूत चूस रही थी.

फिर मैं ने कगफ़ की चूत से लंड बाहर नही निकाला और धक्के मारने लगा.

प्गफ अपनी . से चूत को चाट रही थी.

कगफ़ को एक साथ डबल ट्रिपल मज़ा मिल रहा था.

चूत मे मेरा लंड और चूत पे प्गफ की जीभ ,साथ मे एक चूत चूसने को मिल रही थी.

2 मिनिट तक मैं कगफ़ की चूत मारता रहा फिर लंड को बाहर निकाल कर प्गफ की मूह मे डाल कर धक्के मारने लगा.

प्गफ को तकलीफ़ हो रही थी फिर भी मैं थोड़ी देर प्गफ के मूह को . रहा.

प्गफ को इस थ्रीसम मे इतना मज़ा आ रहा था कि वो अपने मूह के दर्द को भूल गयी.

जिस तरह प्गफ अपना मूह खोल कर मेरा लंड ले रही थी ये उसके चूत चूसवाने के नशे मे हो रहा था.

फिर मैं दूसरी तरफ गया.जहाँ कगफ़ प्गफ की चूत चूस रही थी.

मैं ने इधर भी वही किया पहले लंड को प्गफ की चूत मे डाला और फिर कगफ़ के मूह मे देने लगा.

यही पर भी वही हुआ कगफ़ को मेरा ऐसा करना पसंद आया

वो तो प्गफ से ज़्यादा मज़ा ले रही थी.

प्गफ और कगफ़ मज़े मे एक दूसरे की चूत चूस्ते हुए मेरे लंड को एंजाय कर रही थी.

थोड़ी देर प्गफ की चूत मारने के बाद मैं ने लंड को प्गफ की गंद पर रख दिया.

प्गफ और कगफ़ सतर्क हो गयी.

लंड को प्गफ गंद पर रगड़ने लगा .

प्गफ की गंद मैं ने मारी थी और वो भी सिर्फ़ एक बार मतलब गंद टाइट होगी.

मैं ने पहला झटका मारा तो लंड का टोपा गंद मे घुस गया .

कगफ़ चूत चूस रही थी जिसके वजह से मैं ने पूरा ज़ोर लगा के झटका मारा और आधे से ज़्यादा लंड प्गफ की गंद मे चला गया .

उसकी चीख निकल गयी. उसने चूत चूसना बंद किया और चिल्लाने लगी.

आआआहहह्ा अहहह उूुउउइईई

मैं रुका नही बल्कि एक और झटका मार कर पूरा लंड प्गफ की गंद मे डाल दिया.

आआआआआआअहह . . ..अवववववववव आआआआववववव . . .मरररर गाइिईई.. डिरीए.. आआआआआआअहह . . ..अवववववववव आआआआववववव . . .नही..

मैं लंड डालने के बाद थोड़ी देर रुक गया.

ताकि कगफ़ उसकी चूत चूस कर उसका दर्द कम कर सके.

प्गफ भी अपने मूह को बंद करनेके लिए कगफ़ की चूत चूसने लगी.

फिर मैं ने प्गफ की गंद मे धीरे धीरे धक्के मारना शुरू किया

शुरू मे उसे दर्द हो रहा था पर कगफ़ जिस तरह उसकी चूत चूस रही थी उस से उसका दर्द जल्दी कम हो गया.

वो हर धक्के पे शीष्कारी लेती उउउइई आअहह .

फिर मैं ने धक्के मारने की गति धीरे धीरे बढ़ा दी. जिस की वजह से हम दोनो का बदन पसीने मे नहा रहा था.

उसका पूरा बदन पसीने के कारण चमक रहा था

कगफ़ अपना काम कर रही थी. मैं धक्के मार रहा था और कगफ़ उसकी चूत चूस रही थी.

मैं धक्के मार रहा था कि वो एक जोरदार चीख के साथ झड गयी.

कगफ़ भी प्गफ के साथ झड गयी.

फिर भी हम मे से कोई नही रुका,

मैं धक्के मारता गया. कगफ़ प्गफ की चूत चूस्ति रही. और प्गफ शीष्कारिया लेने के साथ कगफ़ की चूत चूस रही थी.

मैं ने प्गफ को और ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया और अब मैं प्गफ को पूरे ज़ोर से चोद रहा था .

प्गफ की चुदाई करने मे खूब मज़ा आ रहा था प्गफ अब थोड़ी थकि थकि लग रही थी.

उसको दर्द भी हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था.

मैं प्गफ की गंद मारने के साथ साथ उनकी गंद पे हल्के से थप्पड़ भी मार रहा था जिस से उसकी आहे चीख मे बदल जाती.

मैं बीच मे धक्के मारने के साथ उसकी पूरी पीठ पे किस कर रहा था .

करीब 20 25 मिनिट तक मैं ने प्गफ की गंद मारी .फिर मैं रुक गया.

वो और धक्के बर्दास्त नही कर सकती थी. इस लिए मैं रुक गया. मेरा लंड अभी भी उसके अंदर था.

हम लोग काफ़ी थक गये थे.इस बीच मे प्गफ और कगफ़ ने 2 बार अपने पानी से चूत गीली की.

मेडिसिन की वजह से मेरे अंदर अभी भी स्टॅमिना बाकी था जो कगफ़ की गंद मारने के लिए काफ़ी था.

मैं ने प्गफ के उपर से हटा और प्गफ बाजू मे लूड़क गयी.

प्गफ काफ़ी थक गयी थी और बड़ी मुश्किल से मूडी और अपनी गंद को सहलाते हुए आराम करने लगी

प्गफ अलग होने से मैं सीधा कगफ़ उपर गिर गया. और कगफ़ की चूत को चूसने लगा.और मेरा लंड गिरते ही उसके मूह मे चला. जिस से वो मेरे लंड को चूसने लगी

 


572

प्गफ अलग होने से मैं सीधा कगफ़ उपर गिर गया. और कगफ़ की चूत को चूसने लगा.

मेरे गिरने से मेरा लंड कगफ़ के मूह मे चला गया.

इस तरह लंड मूह मे जाते कगफ़ के गले मे लंड फस गया.

कगफ़ को मेरा लंड लेने से मुश्किल हो रहा था.

मैं कगफ़ के उपर से अलग हो कर अपने होन्ट को उसके होंटो पे ले गया.

और कगफ़ के होंटो को चूस कर प्गफ की चूत का रस टेस्ट करने लगा

होंटो को चूस्ते हुए मैं ने लंड को कगफ़ की चूत मे रख कर अंदर डाल दिया.

पर धक्के मारने की बजाय अपनी कमर को गोल हिला कर कगफ़ को किस करता रहा.

वो भी मस्ती मे मुझे किस कर रही थी.

हमारे किस करने का प्रोग्राम थोड़ी देर चला.

फिर मैं कगफ़ के उपर से उठ गया. पर लंड को चूत मे रहने दिया.

और कगफ़ की चूत मारने लगा. धक्के मारने लगा.

कगफ़ मेरे लंड को इतनी देर अपनी चूत मे रख कर खुश हो गयी.

उसकी खुशी वो अपनी गंद उछाल कर दिखा रही थी.

जिस तरह उसकी चूत मेरे लंड को आराम से ले रही थी उस से पता चल गया कि करीम काफ़ी मेहनत कर रहा है.

फिर धीरे से लंड को चूत से बाहर निकाला और एक जोरदार धक्के के साथ अंदर डाल दिया.

कगफ़ के मूह से शीष्कारी निकल गयी.

अया एच अहहहहः हूंम्म्ममम ह्म्म्म्म मम . . आआहाहहहहः ह्म्म्मद हँहम्मह हँहम्ममम्म्म .

मैं ने फिर लंड को बाहर निकाला और फिर से जोरदार धक्का मार के उसकी चूत मे डाल दिया.

उसके मूह से फिर शीष्कारी निकल गयी.

अया ह अहहहहः हूंम्म्ममम ह्म्म्म्म मम . . आआहाहहहहः ह्म हँहम्मह हँहम्ममम्म्म .

मैं ने फिर से लंड को बाहर निकाल पहले जैसा एक धक्के मे अंदर डाला .

उस के मूह से फिर शीष्कारी निकल गयी

अया ह अहहहहः हूंम्म्ममम ह्म्म्म्म मम . . आआहाहहहहः ह्म हँहम्मह हँहम्ममम्म्म .

मैं ने फिर लंड को बाहर निकाला और एक जोरदार झटके मे पूरा लंड अंदर डाल दिया

कगफ़ की जोरदार चीख निकल गयी.

बहुत ज़ोर से चीख पड़ी उईईईईईई माआआआआआआआ मररर्र्ररर गाइिईईई , मुझीई नही... गाअंड फट गयी..........निक्कााआल्लो ....

मैं ने इस बार लंड चूत मे नही बल्कि गंद मे डाला था. वो भी एक झटके मे

उसकी आँखो से पानी निकल गया.

मैं उसके उपर आ गया और उसके होंटो को चूस्टे हुए धक्के मारने लगा.

वो छटपटा रही थी उसे दर्द हो रहा था.

पर मैं गंद मे लंड डालने के बाद रुका नही बल्कि उसकी गंद को चूत जैसा बनाने लगा.

मेरे धक्को से उसको अपनी गंद मे जलन होने लगी.

उस ने अपनी चूत सहलाना शुरू किया और मैं उस के उपर से अलग हो गया.

और उसकी गंद मे धक्के मारने लगा.

थोड़ी देर उसे दर्द हुआ पर जल्दी उसने अपनी चूत से पानी निकाल दिया और अपना दर्द कम कर लिया.

अब वो धीरे धीरे मेरे धक्को का साथ देने लगी.

आआआआआआअहह . . ..अवववववववव आआआआववववव . . और जोर्र्र्र से ,आआहह फाड़ डालो

मैं लगातार जोरदार धक्के मारने लगा.

प्गफ से कगफ़ ज़्यादा हिम्मत वाली थी.

मैं कभी उसकी कमर को पकड़ कर धक्के मारता तो कभी उसके चूतड़ पर थप्पड़ मारते हुए धक्के मारने लगा.

कभी वो अपनी चूत सहलाती तो कभी वो अपने बूब्स मसल्ने लग जाती और धक्को का साथ अपनी गंद उछाल कर देने लगती.

मैं इस बार धक्के मारने मे कोई रहम नही कर रहा था.

कगफ़ को जैसी चुदाई चाहिए थी मैं वैसी ही चुदाई कर रहा था.

कगफ़ की चुदाई देख कर प्गफ की गंद फट रही थी.

वो सोच रही थी कि इतने जोरदार धक्को के बाद भी वो कितनी मज़ा ले रही है.

उसे पता नही था कि कगफ़ को ऐसी ही चुदाई पसंद है

कगफ़ को अलग अलग पोज़िशन मे ला कर उसकी गंद मार रहा था.

करीम ने जो काम नही किया था वो मैं कर रहा था.

कगफ़ की चूत करीम की थी पर उसकी गंद पर मेरे लंड का नाम लिखा था.

मैं करीम की गफ़ को उसकी नानी याद दिलाने वाली चुदाई कर रहा था.

मैं ने प्गफ की तरफ देखा वो फिर चुदाई नही कर सकती थी.

मतलब मुझे अपना वीर्य निकालने तक कगफ़ की गंद मारनी होगी.

और मैं वही करने लगा.

10 मिनिट हो गये,20 मिनिट हो गये 30 मिनिट हो गये पर ना मैं रुका और ना उसने रुकने को कहा.

कगफ़ को ऐसी ही चुदाई चाहिए थी.

उसे अपनी हड्डी तोड़ चुदाई ज़्यादा पसंद आती है.

करीम उसके साथ प्यार से करता है.पर उसको जो धुँआधार चुदाई चाहिए वो मुझसे मिलती है.

मेरे धक्को से उसको दर्द हो रहा था पर उसने मुझे रुकने को नही कहा.

यही तो उसकी बात मुझे पसंद आती है.

वो अपनी कमर उसकी तरह उछाल रही थी जैसे उसकी चूत मारते समय उछाल रही थी.

2 टाइट गंद के सामने मैं भी ज़्यादा देर रुक नही सकता था.

मेरी गति बढ़ते ही वो समझ गयी कि क्या होने वाला है.

कगफ़ ने अपने मूह मे उंगली डाल कर मुझे इशारा किया कि उसे वीर्य पीना है.

मैं अपने आख़िरी धक्के पर आते ही लंड को बाहर निकाल लिया. और कगफ़ के मूह के सामने लंड ले जाकर मूठ मारने लगा.

मुझे मूठ मारते हुए देख कर प्गफ भी हमारे पास गयी.

और मैं ने दोनो को बराबर लंड का पानी पिलाया .और गद्दे पे गिर गया.

वो दोनो भी आराम करने लगी.

मैं ने टाइम देखा. हमे चुदाई करते हुए 2 घंटे हो गये. बहुत सारी बातें और उतनी ही चुदाई हुई.

मैं ने अपना मोबाइल लेकर पंकज को कॉल किया.

अवी-कहाँ है

पंकज-और 1 घंटा लग जाएगा

मेरी आवाज़ सुनते दोनो मेरी तरफ देखने लगी

अवी-क्या कर रहा है जो इतना समय लग गया.

पंकज-बाइक का पेट्रोल ख़तम हो गया था.

अवी-(मैं ने ही पंकज के बाइक की पेट्रोल का पाइप पे कट मारा था) ठीक है जल्दी आने की कोशिस करना

पंकज-1 घंटे मे पहुँच जाउन्गा.

कॉल कट हो गया.

प्गफ-क्या कहा पंकज ने

अवी-कुछ नही, 1 घंटे मे आ रहा है वो

कगफ़-चलो एक बार और करते है

अवी-अभी नही फिर कभी करेंगे

प्गफ-मैं क्या कह रही हूँ ,पंकज को सही रास्ते पे कैसे लाउ

अवी-वो मुझ पे छोड़ दो,मैं पंकज को तुम्हारा गुलाम बना दूँगा. पर तुम्हे भी पंकज से वफ़ादार रहना होगा

प्गफ-मतलब तुम्हारे साथ भी नही करूँ

अवी-हाँ, मेरा मतलब है कि कभी ज़रूरत पड़ी तो मुझे याद करना

प्गफ-पर तुम क्या करने वाले हो

अवी-तुम पंकज से ब्रेक अप कर लो और उस के साथ बात मत करना ,और उसे कहना कि तुम्हे उसके बारे मे सब पता चल गया है. और 2 3 महीने उसके साथ बात मत करना. और उसे कहना कि तुम ने नया बाय्फ्रेंड बना लिया है.जो इम्मानदार है, तुम्हारे सिवा किसी की तरफ नही देखता, तुम्हे हर बात बताता है .

प्गफ-ऐसे तो ,मैं पंकज को खोना नही चाहती

अवी-मुझ पर भरोसा रखो ,मैं पंकज को संभाल लूँगा

प्गफ-ठीक है, मैं कुछ दिनो बाद ब्रेकप कर लूँगी.

अवी-चलो अब बहुत टाइम हुआ है

कगफ़-मेरा क्या

अवी-करीम तो अच्छा है .

कगफ़-मैं मज़ाक कर रही थी.

अवी-चलो अब

दोनो बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गयी.

कगफ़-ये मेरी पैंटी नही है

अवी-आज एक्सचेंज करके पहनो,

दोनो ने एक दूसरे की पैंटी पहन ली.

फिर मैं प्गफ और कगफ़ को लेकर अपने घर चला गया. जिस से सोफीया को लगे कि ये दोनो यही पर थी.

मेरे घर आते ही छोटी चाची ने मेरी तरफ स्माइल की.

पंकज की मम्मी भी मेरी तरफ देख रही थी. शायद उनको किसी बहाने से मेरे साथ चुदाई करनी थी पर मैं ने उन पर ध्यान नही दिया.

मेरी नज़र तो करीम की मम्मी पर और फिर सोफीया के आने के बाद उस पर थी.

सोफीया को मेरी बहनों ने आचे से गाओं मे एंजाय करवाया .जिस से वो खुश थी.

1 घंटे के बाद पंकज करीम और पंकज के पापा आ गये.

और मेरे फ्रेंड अपनी फॅमिली के साथ अपने घर चले गये.

बड़ी चाची पंकज की मम्मी और करीम की अम्मी से मिलकर खुश थी.

बड़ी चाची के खुश होने से मैं अब आराम से पंकज और करीम के घर जा सकता था और वहाँ रुक भी सकता था.

छोटी चाची ने सभी मेहमान को जाते हुए गिफ्ट दिए. जिस से मेहमान भी खुश हो गये.

पर मैं थक गया था. मैं ने छोटी चाची को कहा कि मैं आराम करना चाहता हूँ. अभी 4.00 बज रहे थे. जिस की वजह से मैं 1 घंटे के लिए सोने का डिसाइड कर के सो गया.

 


573

करीम और पंकज और उनकी फॅमिली के साथ टाइम बिताने के बाद मैं ने थोड़ी देर आराम किया.

मेला देखने के लिए मेरे भाई बहन अपने समय पर आ गये.

और आते ही मेरे कमरे मे धावा बोल दिया.

मैं बेड पर सो रहा था. और सब ने मुझे घेर लिया था.

राज तो रेकॉर्डिंग कर रहा था. कविता और लीना के हाथ मे पानी की बकेट थी.

सीतल-1 2 3 कविता लीना डाल दो पानी.

कविता और लीना तो इसकी इंतज़ार कर रही थी.

रानी किसी को रोक नही सकती थी. क्यू कि वो अब उनकी फेव बन गयी थी.

और मेरी बहनों ने मुझे नहला दिया.

अच्चानक पानी उपर गिरने से मैं हड़बड़कर उठ गया.

मैं अभी तक सिचुयेशन को समझ नही पाया था .कि फिर से राजेश और सीतल दीदी ने मेरे उपर पानी डाल दिया.

दूसरी बार पानी गिरते मेरी शकल देखने लायक थी.

ठंडा ठंडा पानी मेरे उपर गिरते मैं चूहे की तरह काप रहा था,और सब हँसने लगे.

अवी-ये क्या किया. फिर से पानी क्यूँ डाला.

सीतल दीदी-हमारी मर्ज़ी

अवी-मर्ज़ी , अभी दिखाता हूँ तुमको किसी की मर्ज़ी चलती है

मेरे उपर पानी गिरने की आवाज़ और मेरी चीख सुनकर छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-ये क्या हो रहा है.

अवी-चाची आप बीच मे मत पडो. बस घर का गेट बंद कर दो और बच्चों के कमरे मे जाओ,

सी चाची-करने क्या वाले हो

अवी-बस आप जाइए

छोटी चाची चली गयी.

अवी-रानी ,कोमल ,विद्या तुम मेरे ग्रूप मे, जाओ पानी लेकर आओ

स्वेता दीदी-अवी क्या कर रहे हो

अवी-अब आपकी बारी है

रानी इनको मेरे उपर पानी डालने से रोक तो नही पाई पर मेरा साथ देते हुए,रानी और कोमल पानी लेकर आ गयी .

मैं ने सीतल दीदी को पकड़ लिया.

सीतल दीदी-अवी क्या कर रहे हो,

अवी-आपको नहला रहा हूँ

सीतल दीदी-अवी मैं ने तैयारी की है,हमे मेले मे जाना है.

अवी-मुझे कुछ नही पता

सीतल दीदी-स्वेता दीदी मुझे बचाओ

अवी-आप के बाद सब का नंबर आएगा. रानी कोमल डालो पानी

कोमल-तुम

अवी-डाल दो

रानी और कोमल ने हमारे उपर पानी डाल दिया.

सीतल दीदी मेरे साथ भीग गयी. सब बस देखते रहे.

सीतल दीदी की हालत मेरी जैसी हो गयी. उनका बदन कपड़ो के साथ भीग गया.

सीतल दीदी भीगे हुए कपड़ो मे काप्ते हुए गुस्से से मेरी तरफ देख रही थी.

मैं ने सीतल दीदी पे ज़्यादा ध्यान नही दिया ,और मैं ने सीतल दीदी को छोड़ दिया .

सीतल दीदी को अकेला गीला करने से उनके साथ नाइंसाफी होगी.

सीतल दीदी का मूड बनाने के लिए मैं ने कविता और लीना को एक साथ पकड़ लिया.

कविता-भैया मुझे छोड़ दो मैं ऐसा दुबारा नही करूँगी.

लीना-भैया मैं आपकी प्यारी बहन हूँ ना

अवी-तो क्या हुआ, अपने भैया के साथ नहा लो, विद्या डालो पानी.

विद्या ने कविता और लीना को सर से लेके पैरो तक नहला दिया.

कविता और लीना के नये ड्रेस भीग गये.

कविता और लीना की हालत देख कर सीतल दीदी को थोड़ा अच्छा लगा .क्यू कि अब कोई सिर्फ़ उनपे नही हँसेगा.

कविता और लीना को नहलाने के बाद जिस का नंबर था मैं उनकी तरफ देखने लगा.

स्वेता दीदी और पूनम दीदी को पता था कि अब उनका नंबर लगेगा.

विद्या ने जब तक कविता और लीना को नहलाया तब तक रानी और कोमल पानी लेकर आ गयी.

स्वेता दीदी और पूनम दीदी समझ गयी कि उनके साथ क्या होने वाला है,दीदी भीगने से बचने के लिए कमरे मे इधर उधर भागने लगी.

मैं दोनो को एक साथ नही पकड़ सकता था ,ऐसे मे शिकार एक एक करके करना चाहिए वरना दोनो हाथ से निकल जाएँगी.

स्वेता दीदी तो निकल गयी.पर पूनम दीदी मेरे हाथ मे लग गयी.

पूनम दीदी-अवी मैं ने कुछ नही किया. ये सीतल का प्लान था.

अवी-तो क्या हुआ, रानी डालो पानी

पूनम दीदी-मैं ने कुछ नही किया.

अवी-पहले मैं कुछ करता हूँ बाद मे आप कर लेना.रानी डालो पानी.

रानी ने फिर से मुझे भिगो दिया और साथ मे पूनम दीदी भी भीग गयी.

पूनम दीदी-अवी तुम ने ये अच्छा नही किया.

अवी-अब स्वेता दीदी की बारी

मैं ने पूनम दीदी की बातों पर ध्यान नही दिया और कमरे से बाहर आ गया.

चाची ने मेन गेट को लॉक लगाया था. मतलब स्वेता दीदी चाची के कमरे मे है.

मैं चाची के कमरे मे चला गया.स्वेता दीदी पूजा बुआ के पीछे छुपी थी.

अवी-बुआ स्वेता दीदी कहाँ है

पूजा बुआ-यहाँ नही है

अवी-यहाँ नही है तो आपके पीछे कौन है.

मैं ने स्वेता दीदी को पकड़ लिया.

स्वेता दीदी-मम्मी, मामी मुझे बचाओ ,

स्वेता दीदी किस लिए बचवाने को कह रही है उस से पहले, किसी के कुछ कहने से पहले मैं स्वेता दीदी को अपनी गोद मे उठाकर अपने कमरे मे चला गया.

ये क्या रानी को सीतल दीदी ने पकड़ा हुआ था. और कोमल को कविता और लीना ने, और राजेश ने विद्या को पकड़ा हुआ था

ये क्या मेरे जाते ही मेरे साथियो पे दुश्मन ग्रूप ने हमला बोल दिया

बिना लीडर के मेरा ग्रूप दुश्मनो के हाथो मे लग गया.

चारो तरफ से मेरे साथियो को पकड़ कर रखा गया था

मेरे हाथ मे भी उनके ग्रूप का मास्टर माइंड लगा हुआ था.

ऐसे मे मेरे फ़ैसला करने से पहले पूनम दीदी ने रानी कोमल और विद्या के उपर पानी डाल दिया.

मेरे सिपाही तो हार गये. पर एक बात अच्छी हुई कि कमरे मे 3 4 बकेट पानी था.

मैं ने स्वेता दीदी को नीचे उतारा और बकेट मे रखा हुआ पानी स्वेता दीदी के उपर फेक दिया.

अब मेरा कमरा वॉर का मैदान बन गया था.

एक तरफ मेरा ग्रूप और दूसरी तरफ सीतल दीदी का ग्रूप

मेरे ग्रूप मे सब भीग चुके थे उनके ग्रूप मे राजेश अभी तक बाकी था.

पर यहाँ तो सबके भीगते ही ग्रूप टूट गये.

रानी कोमल और विद्या भी भीग गयी थी. जिस की वजह से अब जिसे जो मिल रहा था उसे भीगा रहे थे.

पिल्लो गीला हो चुका था उसे एक दूसरे के उपर फेक रहे थे.

स्वेता दीदी भी मेरे पीछे लग गयी.

सिर्फ़ राज रेकॉर्डिंग करने से बच गया.राजेश को हम सब ने अपने रंग मे रंग दिया.

पूनम दीदी और स्वेता दीदी ने तो विद्या को पकड़ कर नीचे गिरे हुए पानी मे लिटा दिया.

राजेश बाथरूम से पानी ला रहा था.

स्वेता दीदी को इस तरह उठाकर लाने से पूजा बुआ मेरे पीछे कमरे मे आ गयी.

कविता और लीना तो फुल फॉर्म मे थी.

उनके फॉर्म मे आते अब तो मेरे कमरे मे सूनामी आने वाली थी.

स्वेता दीदी को ढूँढते हुए पूजा ने जैसे कमरे मे पैर रखा तो उनको झटका लगा.

कमरे की हालत देख कर पूजा बुआ को झटका नही लगा ,वो तो खुद की हालत देख कर उनको झटका लगा.

पूजा बुआ के आते ही कविता और लीना ने उनके उपर भी पानी डाल दिया.

पूजा बुआ के भीगते ही सीतल दीदी कमरे से बाहर चली गयी.

सीतल दीदी की मम्मी को लीना ने भिगो दिया ,ऐसे मे सीतल दीदी कहाँ पीछे रहती. सीतल दीदी कमरे से बाहर जाते नीता बुआ को अपने साथ लेकर आ गयी.

नीता बुआ कमरे की हालत देख कर देखती रह गयी.फिर पूजा बुआ को अपनी साड़ी से पानी निचोड़ते हुए देख कर कुछ बोलने वाली थी कि सीतल दीदी ने नीता बुआ के उपर पानी डाल दिया.

नीता बुआ-सीतल ये क्या किया.

पूजा बुआ ने भी नीता बुआ के उपर पानी डाल दिया.

नीता बुआ-दीदी आप भी.

लीना ने भी अपनी माँ को भिगो दिया. जिस से नीता बुआ भी हमारे साथ मिल कर मस्ती करने लगी.

नीता बुआ और पूजा बुआ ने अपने पल्लू को कस के कमर को बाँध दिया.और हमारे साथ मस्ती करने लगी.

पूजा बुआ और नीता बुआ के वापस ना आने से सीमा चाची मेरे कमरे के पास आ गयी. और झाँक कर अंदर देखा.

कमरे की हालत और सब को मस्ती करते हुए देख कर सीमा चाची कहाँ खुद को रोक पाती.

वो तो पहले भी ये खेल खेल चुकी थी.

सीमा चाची अंदर आ गयी.चाची ने बकेट का पानी मेरे उपर डाल दिया. सब सीमा चाची को देखने लगे.

म चाची-अवी मुझे तो बुला लेते, अब ऐसा क्या देख रहे हो ,मेरे उपर पानी डालो और खेल शुरू करो

सीमा चाची के इतना कहते ही सब हरकत मे आ गये.

सीमा चाची को इस खेल मे हराना मुश्किल था.

जो भी सीमा चाची के उपर पानी फैंकता उसे सीमा चाची चकमा दे देती.

कभी नीचे झुक कर खुद को बचा लेती तो कभी किसी के पीछे छुप कर खुद को भीगने से बचा कर हमारे साथ खेल खेल रही थी.

म चाची-क्या हुआ. तुम इतने सब हो और मुझे भिगो नही सकते,

सीमा चाची ने तो सब को चेलेंज दे दिया ऐसे मे चाची को भिगोने के लिए मैं ने दिमाग़ चलाना शुरू किया.

मैं ने रानी को इशारा किया. रानी के हाथ मे पानी की बकेट थी.

अवी-नीता बुआ पानी फेक दो

नीता बुआ चाची के पीछे थी जिस की वजह से चाची ने पलट कर देखा.

और यही पर चाची ने ग़लती कर दी. और इस ग़लती का फ़ायदा उठाते हुए रानी ने चाची के उपर पानी डाल दिया.

सब प्लान के हिसाब से हुआ. चाची मेरे जाल मे फस गयी.

पूजा बुआ-सीमा बच्चों से जीतना आसान नही है

म चाची-धोके से फसाया ,वरना मैं इनके हाथ नही आती

नीता बुआ-दिमाग़ से फसाया.

म चाची-अब मेरा कमाल देखो.ज़ोर से मीना इधर आ ज़रा.

सीमा चाची की आवाज़ सुनकर छोटी चाची मेरे कमरे मे भागते हुए आ गयी.

सीमा चाची गेट के पीछे छुपी हुई थी.

छोटी चाची के आते ही सीमा चाची ने अपना काम कर दिया. छोटी चाची भी हमारे साथ मस्ती करने लगी.

सीमा चाची ने छोटी चाची जैसी चालक खिलाड़ी को एक सेकेंड मे मात दे दी.

छोटी चाची के उपर पानी गिरते ही उनका चेहरा देखने लायक था.

सीमा चाची ने बहुत कम समय मे दूसरे खिलाड़ी को भिगा कर रेकॉर्ड बना दिया

नेहा बुआ के गुस्से से और बच्चों का ध्यान रखने के लिए बड़ी चाची को ,गेम मे इन्वॉल्व नही किया.

कुछ ज़्यादा ही मस्ती हो गयी थी.

सर से लेके पैरो तक सब भीगे हुए थे.और एक दूसरे को भिगो रहे थे.

ऐसे मे सीतल दीदी ने एक बढ़िया सजेशन दिया.

सीतल दीदी-डॅन्स करते है.

स्वेता दीदी-अवी मोबाइल मे सॉंग लगा दो

अवी-मेरा मोबाइल ,बिल्कुल नही. राजेश सॉंग लगा कर अपना मोबाइल राज को दो

राजेश ने सॉंग लगा दिया. सॉंग लगते ही सब डॅन्स करने लगे.

मेरी बहनों ने ओडनी कमर मे बाँध ली और डॅन्स करने लगी. मैं चाची के साथ डॅन्स करने लगा.

पूजा बुआ, नीता बुआ, छोटी चाची सॉंग स्टार्ट होते कमरे से बाहर चली गयी.

सीमा चाची हमारे साथ डॅन्स कर रही थी.

फिर विद्या मेरे पास आकर डॅन्स करने लगी.

विद्या-अवी, थॅंक्स

अवी-थॅंक्स किस लिए

विद्याअ-मुझे अपनी फॅमिली मे जगह देने के लिए.

हम सॉंग्स के हिसाब से डॅन्स कर रहे थे. नीचे पानी जमा हुआ था ,जिस की वजह से डॅन्स करने मे मज़ा आ रहा था.

सीतल दीदी-अवी ये तो मेले मे जाने से ज़्यादा मज़ेदार था.

स्वेता दीदी-हाँ, होली के समय एग्ज़ॅम की वजह से मज़ा नही कर पाते .आज वो मज़ा भी एंजाय कर लिया

कोमल-दीदी ,आप ने इतना अच्छा डॅन्स करना कहाँ से सीखा

पूनम दीदी अवी-रोहन ने सिखाया होगा.

स्वेता दीदी-तुम दोनो को बाद मे देखूँगी.

कविता-दीदी हमे भी डॅन्स करना सिखा दो ना

स्वेता दीदी-सिखा दूँगी,

हम 1 घंटे तक ठंडी के दिनो मे पानी मे डॅन्स करते रहे.

थोड़ी देर बाद पूजा बुआ और नीता बुआ आ गयी.

पूजा बुआ-हो गया होगा मस्ती करके तो ये टवल और कपड़े यहाँ हॉल मे रखे है.

स्वेता दीदी-मम्मी हमारे कपड़ो ला दो ना घर से

पूजा बुआ- इसमे सबके कपड़े है ,चलो अब बंद करो नही तो बीमार पड़ जाओगे.

हम ने डॅन्स करना बंद किया. पूजा बुआ और नीता बुआ ने सब को एक एक टवल दिया.

सीतल दीदी-ये तो मेरा टवल है ये यहाँ कैसे

पूजा बुआ-मैं लेकर आई हूँ, ये लो तुम्हारे कपड़े, स्वेता ये तुम्हारे. पूनम ये लो,

नीता बुआ-कविता ,लीना कोमल और रानी और राजेश ये तुम्हारे कपड़े, जाओ अंदर जाकर पहन लो

म चाची-मेरा भी ख़याल करो.

अवी-और मेरा

पूजा बुआ-सीमा ये तुम्हारा घर है. और अवी वो तुम्हारा कमरा है.विद्या

विद्या-मेरा कमरा मुझे पता है.

सब कपड़े चेंज करने के लिए कमरे मे चले गये. चाचा के कमरे मे मेरी बहनें चली गयी. राजेश और राज विद्या के कमरे मे और विद्या अपने कपड़े लेकर मेरी बहनों के साथ गयी. सीमा चाची अपने कमरे,

ठंडे पानी से नहाने के बाद मुझे गरम पानी पीने का मन हो रहा था

हमारी फॅमिली मे सब से गरम तो पूजा बुआ है.

मैं ने पूजा बुआ को अपने कमरे मे बुलाया.

पूजा बुआ-क्या हुआ अवी,

अवी-आपने पैंटी पहनी है

पूजा बुआ-ये क्यूँ पूछ रहे हो

अवी-पानी पीना है.

पूजा बुआ-अभी,कोई आ जाएगा

अवी-सब कपड़े चेंज कर रहे हैं.

और मैं ने पूजा बुआ को दीवार से चिपका दिया. और साड़ी मे घुस गया.

पूजा बुआ-अवी जल्दी करना

अवी-2 मिनिट

और मैं ने बुआ की चूत मे 2 उंगली डाल दी. और अंदर बाहर करने लगा. और जीभ से चाटने लगा.

पूजा बुआ मेरे ऐसा करने खुश हो गयी.

पूजा बुआ की चूत टेस्टी थी.

पूजा बुआ भी पानी के साथ खेलने से मस्त ही चुकी थी जिस से पूजा फुल एग्ज़ाइट हो चुकी थी

जिस से पूजा बुआ ने जल्दी पानी छोड़ दिया.

अवी-बुआ इतनी जल्दी

पूजा बुआ-ये मस्ती करने से जल्दी हो गया. चलो अब

अवी-आप जाइए मैं कपड़े चेंज करके आता हूँ

पूजा बुआ चली गयी. और मैं कपड़े चेंज करके हॉल मे आ गया.

 


574

पूजा का पानी पीने के बाद मैं हॉल मे आ गया.

अवी-ज्योति बुआ दिख नही रही है

पूजा बुआ-उनके सर मे दर्द है, घर पे सो रही है

अवी-आपने देखा

पूजा बुआ-हाँ, मैं अभी गयी तो वो सो कर उठी थी.

इतना कह कर पूजा बुआ चाची के पास चली गयी.

थोड़ी देर बाद सब कपड़े चेंज करके हॉल मे आ गये.

स्वेता दीदी-मामी टी पिला दो ना

सी चाची-टी तैयार है.

टी की सब से ज़्यादा ज़रूरत थी. टी पीते ही ठंडे शरीर को गरमी मिलनी शुरू हो गयी.

पूनम दीदी-आज मेले से ज़्यादा मज़ा आया

सीतल दीदी-आइडिया किसका था.

कोमल-रहने दो दीदी.अवी की वजह से मज़ा आया

कविता-मैं तो कहती हूँ कल भी हम ऐसे ही मस्ती करेंगे

विद्या-और परसो हॉस्पिटल मे अड्मिट हो जाना

कविता-मेरा मतलब है कुछ और करेंगे

राज-बिल्कुल नही, कल मेले मे जाएँगे.

राजेश-कल तो मैं जा रहा हूँ.

सब राजेश की तरफ देखने लगे.

राजेश की बात सुनकर लीना उदास हो गयी.

स्वेता दीदी-तू कहाँ जा रहा है.

राजेश-दीदी मुझे सिर्फ़ 10 की छुट्टी मिली है. और ये साल बहुत इंपॉर्टेंट है.

स्वेता दीदी-हाँ, ये साल तो इंपॉर्टेंट है.2 महीने बाद एग्ज़ॅम हैना

राजेश-हाँ दीदी, ये 10 दिन की छुट्टियाँ मुश्किल से मिली है. बहुत कोशिस करने पे ये छुट्टियाँ निकाल पाया.ताकि आप सब के साथ एंजाय कर सकूँ

पूनम दीदी-10 दिन मे हो गयी मस्ती. अब पढ़ाई करना भी ज़रूरी है.

सीतल दीदी-कविता और लीना ,तुम दोनो का भी ये साल इंपॉर्टेंट है ना,

स्वेता दीदी-ये मेले के चक्कर मे हम कविता और लीना के बारे मे तो भूल गये

कोमल-कविता ने तो 10 दिन मे किताब को हाथ भी नही लगाया.

कविता ने अपना सर नीचे कर लिया.

रानी-तो क्या हुआ, मैं और कोमल मदद कर देंगे. क्यूँ कविता

कविता-हाँ दीदी, मेले के बाद हम पढ़ाई कर लेंगे.

लीना-मेले के बाद

स्वेता दीदी-मेले के बाद नही, कल से शुरू करो

लीना -क्या दीदी ,मेला तो सालो के बाद आता है.

हम बातें कर रहे थे कि नेहा बुआ और नीता बुआ हमारे पास आ गयी.

नीता बुआ-क्या बातें हो रही है

लीना-भैया कल जा रहे है उसकी बात कर रहे है

स्वेता दीदी-और साथ मे कविता और लीना की पढ़ाई की बात हो रही है.

नेहा बुआ-मैं तो थक गयी हूँ कविता को बोल कर कि पढ़ाई कर ,पर मेरी बात नही सुन रही.तुम ही समझा दो

रानी-आंटी मैं और कोमल कल से कविता और लीना को पढ़ा देंगे.

कविता-मेले के बाद पढ़ाई करूँगी. उस से पहले नही.

स्वेता दीदी-कविता ये क्या बात हुई.

पूनम दीदी-स्वेता मेरे पास एक आइडिया है

कोमल-कौन सा आइडिया है

पूनम दीदी-मेला मे तो हम शाम मे जाते है.

अवी-मैं समझ गया. कविता और लीना दोपेहर मे पढ़ाई करेंगी.फिर हम मेले मे जाएँगे. सही कहा ना दीदी

पूनम दीदी-बिल्कुल सही. अगर पढ़ाई नही की तो कोई मेले मे नही जाएगा.

राज कुछ बोलने वाला था कि मैं ने उसका मूह बंद किया.

लीना -ये चीटिंग है

स्वेता दीदी-लीना हमारा मेला देखना तुम्हारे हाथ मे है.

कविता-मुझे लीना से बात करनी है.

सीतल दीदी-ये दोनो भी ना,

नीता बुआ-कर लो बात

कविता और लीना हम से दूर जाके बातें करने लगी.

हम उन दोनो को देखते रह गये.ये दोनो ऐसे धीरे धीरे बात कर रही थी जैसे बहुत इम्पोर्टेंट बात हो.

कविता-हमे मंज़ूर है.

पूनम दीदी-दोपेहर और रात मे पढ़ाई करनी है

लीना-ये रात बीच मे कहाँ से आ गयी.हमे फिर बात करनी है

सब हँसने लगे. इस बार कविता और लीना ने थोड़ा ज़्यादा टाइम लिया.

कविता -हमारी 2 कंडीशन है

नेहा बुआ-ये तुम्हारे भले के लिए है. और तुम हो कि

स्वेता दीदी-बोलो

लीना-हम दोपेहर 12 बजे के बाद पढ़ाई करेंगे.

कविता-और रात मे 10 बजे के बाद

कोमल-दोपेहर मे मैं पढ़ा दूँगी.रात मे रानी पढ़ा देगी.

लीना-मुझे कविता के साथ सोना होगा.और माँ

नीता बुआ-मैं नेहा के पास सो जाउन्गी. क्यू नेहा.

नेहा बुआ-हाँ क्यू नही.

चलो मस्ती के साथ पढ़ाई भी होती रहेंगी.

फिर थोड़ी देर इधर उधर की बातें करते रहे

उसके बाद सब घर चले गये.

अब मैं सोउंगा कहा.यहाँ पर कमरे मे पानी जमा हुआ है घर3 गया तो रुकसाना और रज़िया मिल जाएँगी.और मुझे उनकी चुदाई नही करनी है.

अब क्या करूँ. नीता बुआ के घर चला जाता हूँ, कल राजेश जा रहा है उस से बातें कर लूँगा.

मैं चाची को बता कर नीता बुआ के घर चला गया.

 


575

मैं नीता बुआ के घर चला गया.

मैं ने गेट खटखटाया.

नीता बुआ-कौन है

अवी-बुआ मैं ,अवी

बुआ ने गेट खोला और मैं अंदर चला गया.

नीता बुआ-इतनी रात को यहाँ कैसे ,कुछ काम था.

अवी-काम होगा तभी आना ज़रूरी है, बिना काम के आ नही सकता

नीता बुआ-ये तुम्हारा ही घर है, जब चाहो तब आ सकते हो,मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी.

अवी-मैं मज़ाक कर रहा था. कल राजेश जा रहा है तो सोचा आज राजेश के साथ थोड़ा टाइम बिता लूँ

नीता बुआ-ये अच्छा किया. उसे थोड़ा समझा देना क़ी थोड़ा समय अपने फॅमिली के लिए निकाला करे

अवी-उसी के लिए तो आया हूँ,

नीता बुआ-खाना...

अवी-करके आया हूँ, लीना कहाँ है

नीता बुआ-वो अपने कमरे है

अवी-पहले लीना से मिल लेता हूँ.

नीता बुआ-मिल लो, मैं बर्तन साफ करके आती हूँ

मैं लीना के कमरे मे चला गया.

लीना पेट के बाल लेट कर कुछ पढ़ रही थी.

मैं चुपके से लीना के पास गया और ,लीना की आँखे बंद कर दी.

अवी-बताओ कौन हूँ मैं

लीना-अवी भैया .

अवी-तुम ने कैसे पहचान लिया

लीना-आपको पहचानना मुश्किल नही है. ये बताइए आप यहाँ कैसे आ गये

अवी-मुझे लगा तुम नाराज़ होगी इस लिए मनाने आ गया

लीना-मैं नाराज़ नही हूँ. पढ़ाई करनी भी तो ज़रूरी है.

अवी-मुझे लगा तुम नाराज़ हो इस लिए तुम्हे किस देने आ गया पर तुम तो नाराज़ नही हो

लीना-मैं नाराज़ हूँ, जल्दी किस दो

अवी-अभी तो कहा कि तुम नाराज़ नही हो

लीना-भैया दो ना किस, नही तो माँ आ जाएँगी.

मैं ने लीना के सर पे किस किया.

अवी-लो किस कर लिया

लीना-आप को मज़ाक करना भी नही आता

अवी-तुम सिखा दो

लीना-सिखा दूँगी. पहले मेरा किस दो

मैं ने लीना के सर को पकड़ कर उसके होंटो पे किस करना शुरू किया.

लीना इतने दिनो के बाद मेरे किस करने से अपने होश खोकर मेरा साथ दे रही थी.

मैं तो बस एक छोटा सा किस करने वाला था पर लीना तो किस ख़तम करने को तैयार नही थी.

बड़ी मुश्किल से मैं किस ख़तम करने मे कामयाब हुआ

अवी-लीना थोड़ा कंट्रोल किया करो

लीना-इतने दिनो बाद किस कर रही हूँ जिस की वजह से कंट्रोल नही कर पाई.

अवी-नेक्स्ट टाइम अच्छे से करेंगे .अब मैं चलता हू

लीना-गुड नाइट भैया

मैं ने लीना को नही बताया कि मैं यही सोने वाला हूँ, अगर बताया तो रात मे लीना कुछ ना कुछ ज़रूरी करेंगी.

लीना से मिलने के बाद मैं राजेश के कमरे मे चला गया.

राजेश फोन पर बात कर रहा था.मेरे आते ही राजेश ने फोन कट कर लिया.

राजेश-भैया आप,

अवी-किस से बात कर रहे थे, गर्लफ्रेंड से

राजेश-फ्रेंड से बात कर रहा था.

अवी-फ्रेंड से ,फिर मेरे आते फोन क्यू कट किया

राजेश-बात हो गयी और आप आ गये.वैसे इस वक्त यहाँ कैसे

अवी-तुम कल जा रहे हो तो सोचा कि तुम्हारे साथ कुछ बात कर लूँ

राजेश-सुबह भी तो बात हो सकती है.

अवी-जल्दी जल्दी मे बातें करने मे मज़ा नही आता. आज तो मैं यही सोउंगा.

मेरी बात सुनकर राजेश का चेहरा उतर गया.और तभी फिर से राजेश को फोन आया पर राजेश ने फोन स्विच ऑफ किया.

अवी-मोबाइल क्यू बंद किया

राजेश-हमे कोई डिस्ट्रब ना करे इस लिए

अवी-ये छोड़ो ,अपने स्कूल के बारे मे बताओ ,सुना है हॉस्टिल मे बहुत एंजाय किया जाता है.

राजेश-हमारे स्कूल के हॉस्टिल मे ऐसा नही होता.

अवी-मतलब बस पढ़ाई करते हो

राजेश-पढ़ाई करता हूँ तभी तो अपने स्कूल का टॉपर हूँ

अवी-पढ़ाई करते हो ये ठीक है, थोड़ा एंजाय भी किया करो, गर्लफ्रेंड बनाओ

राजेश-वहाँ पर गर्लफ्रेंड बनाई तो स्कूल से निकाल देते है.

अवी-तभी तुम ऐसे चुप चाप रहते हो, थोड़ा एंजाय करना सीखो, अपनी फॅमिली को टाइम दिया करो

राजेश-इस बार पक्का,इस बार छुट्टियाँ ज़्यादा है. एग्ज़ॅम के बाद 3 महीने छुट्टियाँ है.

छुट्टियों की बात करते हुए राजेश का चेहरे पे वो खुशी नही थी जो चाहिए थी.

अवी- इस बार सम्मर मे खूब मस्ती करेंगे.

राजेश-हाँ क्यू नही, भैया अब सो जाते है कल जाना भी है.

अवी-ठीक है, लेकिन मुझे भैया की जगह अपना फ्रेंड समझोंगे तो अच्छा लगेगा.

राजेश-जैसा आप कहे, गुड नाइट

अवी-गुड नाइट

राजेश के बारे मे पता करना होगा कि स्कूल मे करता क्या है

 
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