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मैं और मेरा परिवार

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मैं रेशमा के साथ उसकी कार मे था और रणजीतसिंघ अपनी कार से हमारे पीछे आ रहा था.

मैं रेशमा के साथ अकेले कार मे था .रेशमा को थोड़ी देर पहले नंगा देखने का ख़याल दिमाग़ मे आते ही मैं छुप छुपके रेशमा की तरफ देखने लगा.

अवी-भाभी एक बात पुछु

रेशमा-पूछो

अवी-ये सब कैसे शुरू हुआ

रेशमा ने मेरी तरफ देखा ,और फिर से कार चलाने पे ध्यान दिया.

रेशमा-तुम क्यूँ पूछ रहे हो

अवी-रणजीतसिंघ पूछेगा तो आप बता पाओगी.

रेशमा-उनको कैसे बता सकती हूँ

अवी-इस लिए मैं पूछ रहा हूँ. ताकि मैं रणजीतसिंघ को बता सकूँ

रेशमा-ये सब 3 दिन पहले स्टार्ट हुआ

अवी-3 दिन से .मतलब आप यहाँ पहले भी आ चुकी हो

रेशमा-नही.मेरा मतलब है 3 दिन पहले मुझे एक कॉल आया था . और मेरे क्लिप के बारे मे बात करने लगा. मुझे मज़ाक लगा पर बाद मे एक एमएमएस आया ,जिस मे मैं कपड़े चेंज कर रही थी.

अवी-फिर क्या हुआ

रेशमा-फिर दूसरे दिन कॉल करके मुझे ब्लॅकमेल करने लगे. मैं ने उनकी बात नही मानी ,और अपने पति को बताने का फ़ैसला किया.पर मेरे पति भी 2 दिन से गायब थे

अवी-फिर आपने किसी और क्यूँ नही बताया

रेशमा-क्या बताती ,

अवी-फिर क्या हुआ

रेशमा-फिर आज उन लोगो ने मुझे फार्महाउस पर बुलाया.

अवी-आपको पता था की वो कौन थे

रेशमा-हाँ, वो मेरे पति के दोस्त थे

अवी-ये पता चलने के बाद आपको वहाँ से निकल जाना चाहिए था.और फिर अपने पति को बताना चाहिए था

रेशमा-उसका कोई फ़ायदा नही होता ,मेरे पति मुझसे ज़्यादा उनकी बात पर विश्वास करते है ,

अवी-अगर हम ना आते तो वो आपके साथ क्या करते पता था ना

रेशमा-हाँ,पता था,मैं वहाँ से पोलीस स्टेशन जाने की बात सोच रही थी कि उन लोगो ने कहा कि मेरा पति उन लोगो के पास है

अवी-और आप ने मान लिया.

रेशमा मेरी तरफ देखने लगी

अवी-कुवरसिंघ ठाकुर है, उसे कौन हाथ लगा सकता है, वो कहीं बाहर गया होगा ये नही सोचा आपने

रेशमा-मैं कुछ सोचने की हालत मे नही थी.

अवी-जाने दो ,इस बात को बुरा सपना समझ कर भूल जाइए .और बाकी का काम रणजीतसिंघ संभाल लेगा

रेशमा-वो तो भूलना ही होगा पर तुम लोग वहाँ कैसे आ गये.

अवी-आप अपने बेटे को अकेला छोड़ कर अकेली कार से जाएगी तो किसी को भी शक होगा.रणजीतसिंघ को लगा कि कुछ गड़बड़ है इस लिए वो आपका पीछा करने लगे और रास्ते मे मैं मिल गया.

रेशमा-थॅंक्स ,तुम्हारी वजह से आज मैं बर्बाद होने से बच गयी.

अवी-पर मैं तो बर्बाद हो गया.

रेशमा-क्या कहा

अवी-आज मैं बर्बाद हो गया.

रेशमा-मैं समझी नही.

अवी-आज मुझे नींद नही आएगी

रेशमा-ये क्या बोल रहे हो

अवी-आपको ब्लॅक से ज़्यादा पिंक कलर सूट करेगा.

रेशमा-क्या बोल रहे हो मैं समझी नही.

अवी-बस यही पर रोक दो, मेरी बाइक है वहाँ पर.

रेशमा ने कार रोक ली,साथ मे रणजीतसिंघ ने भी कार रोक ली.

मैं वो बॅग लेकर बाइक पर बैठ गया. रणजीतसिंघ मेरे पास आ गया.

रणजीतसिंघ-क्या हुआ

अवी-अब मैं चलता हूँ.

रणजीतसिंघ-हवेली चलो फिर अपने घर जाना

अवी-नही. बहुत समय हो गया.

रणजीतसिंघ-मैं ने कहा ना चलो,

रणजीतसिंघ की वजह से मैं हवेली चला गया.

हवेली मे आते ही रेशमा अपने कमरे मे चली गयी. रणजीतसिंघ और मैं हॉल मे बैठ गये .

और मैं ने रणजीतसिंघ को रेशमा से हुई बात बता दी और फिर हम रेशमा के कमरे मे चले गये.

रेशमा अपने बेटे को दूध पीला रही थी.

हमारे आते रेशमा ने दूध पिलाना बंद किया .

रणजीतसिंघ-बहू हमें अवी ने सब बता दिया है. आप टेन्षन मत लो .कुवरसिंघ उन लोगो के पास होता तो वो लोग ऐसे डरते नही. और रही बात उस आदमी की जो भाग गया था उसे मैं पकड़ लूँगा.

रेशमा-जी भाई साब

रणजीतसिंघ-और हाँ इस बात को किसी को मत बताना वरना हमारी बदनामी हो जाएगी

रेशमा-जी नही कहूँगी.

रणजीतसिंघ-अपने पति से भी मत कहना .वो तुम पर विश्वास नही करेगा.

रेशमा-जी ,उनसे भी नही करूँगी.

रणजीतसिंघ-अवी तुम भी किसी को कुछ मत बताना

अवी-ये मेरे तक ही रहेगा.

रणजीतसिंघ को कॉल आया और वो फोन पर बात करते हुए बाहर चला गया.

रेशमा-थॅंक्स

अवी-थॅंक्स की जगह मेरी बात पर सोचना. कि ब्लॅक की जगह पिंक कलर इस्तेमाल किया करो

इतना कह कर मैं रणजीतसिंघ के पास चला गया.

थोड़ी देर बाद मैं बाइक के पास आ गया और रणजीतसिंघ अपनी कार के पास

अवी-कहाँ जा रहे हो

रणजीतसिंघ-उन लोगो को ठिकाने लगाने के लिए

अवी-लगा दो, कल न्यूज़ पे पढ़ लूँगा. कैसे ठिकाने लगाया है.

रणजीतसिंघ उन लोगो को ठिकाने लगाने चला गया और मैं ने अपने घर जाकर वो बॅग अलमारी मे रख दिया.

 
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चला अच्छा हुआ रेशमा बच गयी और कुवरसिंघ के रेपिस्ट दोस्तो को भी उनकी सज़ा मिल गयी.

कल ये न्यूज़ जब वो लड़की पढ़ेगी जिसके साथ कुछ दिन पहले कुवरसिंघ और उसके दोस्तो ने ज़बरदस्ती की थी ,उनके मरने की न्यूज़ सुनकर वो गर्ल खुश हो जाएगी.

जो होता है वो अच्छे के लिए होता है. कुवरसिंघ के दोस्तो को रणजीतसिंघ ने मार डाला और कुवरसिंघ को मैं संभाल रहा हूँ.

कुवरसिंघ को मरने से ज़्यादा दर्दनाक सज़ा मिल गयी है.

कुवरसिंघ के बारे मे सोचते हुए मैं घर3 आ गया. कुवरसिंघ अब तक सो रहा था.मैं ने उसे डिस्ट्रब नही किया और वापस घर आ गया.

2 दिन से मैं अपने भाई बहनों को मेले मे लेकर नही गया था. आज उनके आने से पहले मैं तय्यार रह कर उनको सर्प्राइज़्ड दूँगा.

सब के आने मे टाइम था. तब तक मैं फ्रेश हो गया.और अपने कमरे मे बैठ कर इंतज़ार करने लगा.

थोड़ी देर बाद सब मेले मे जाने के लिए आ गये.

कविता-दीदी भैया कब आएँगे.

सीतल-अवी तो हमेशा की तरह देर से आएगा.

राज-आज किसी भी हालत मे मेले मे जाना है,

स्वेता दीदी-आज मेले मे ही जाएँगे.

लीना-लेकिन पहले भैया तो आने चाहिए

सब हॉल मे बैठ कर बाते कर रहे थे कि छोटी चाची हॉल मे आ गयी.

सी चाची-अरे तुम सब मेले मे नही गये ,

कविता-मामी हम भैया का इंतज़ार कर रहे है.

सी चाची-अवी तो अपने कमरे मे तय्यार होकर तुम सब का इंतज़ार कर रहा है.

चाची के इतना कहते ही मैं कमरे से बाहर आ गया.

स्वेता दीदी-अवी तुम कमरे मे थे और हम तुम्हारा यहाँ इंतज़ार कर रहे थे.

अवी-हर दिन आप सब मेरा इंतज़ार करते थे ,आज मैं कर रहा था ,

राज-भैया अब चलो ना मेले मे

अवी-हाँ चलो

आज सब खुश थे,मेले मे जाने से और मैं उनसे पहले आया इस लिए

आज विद्या ने भी अपना काम जल्दी ख़तम किया और हमारे साथ मेले मे आ गयी.

अब तक सभी झूले मे बैठ कर एंजाय कर चुके थे,और मौत का कुँआ,नागिन का शो ,सब का मज़ा ले चुके ,पता नही आज क्या करने का इरादा है राज का

हम मेले मे आ गये. मेले मे आज भी पहले दिन की तरह भीड़ थी,

अवी-आज का प्लान क्या है,

राज-झूले मे बैठ ते है.

पूनम दीदी-राज हम 2 बार झूले मे बैठ चुके है.

राज-फिर क्या करेंगे,

कविता-मैं बोलू

कोमल-हाँ बोलो

कविता-मेले मे जो खेल है उनको खेलते है.

रानी-हाँ,इसी बहाने से मेला भी देखने को मिलेगा.

सीतल-मैं तो खरीदी करूँगी.

स्वेता दीदी-चलो फिर ,

चलो फाइनली सब डिसाइड हुआ.

हम फिर से मेले मे घूमने लगे.

पहले हम ने अपनी किस्मत आज़माने की सोची.

गेम सिंपल था 10 रुपये मे 3 रिंग, और रिंग को जो गिफ्ट पसंद आए उसमे फेकना था. अगर रिंग गिफ्ट मे चला गया तो वो गिफ्ट हमारा.

अवी-कौन खेलना चाहता है ये गेम

मेरे इतना कहते ही सब ने अपने हाथ उपर कर लिए.

अवी-भैया सब को रिंग दो

राज-भैया पहले मैं खेलूँगा

पहले राज ने अपनी किस्मत आज़माई ,राज के तीनो रिंग किसी भी गिफ्ट मे नही गये.

कविता-राज तो टाई टाई फिश हो गया.

राज-मैं और खेलूँगा.

स्वेता दीदी-राज अब हमारी बारी है. हमारे बाद खेलना

राज के बाद सब ने एक एक बार ट्राइ किया पर किसी को भी गिफ्ट नही मिला.

अब रानी की बारी थी. रानी के पास आख़िरी रिंग था. हम ने जब ट्राइ किया तो रानी कुछ ऑब्ज़र्वर्ड कर रही थी.

रानी ने बड़े आराम के साथ रिंग को गिफ्ट मे फसा दिया.रिंग मे गिफ्ट जाते ही सब खुश हो गये.

200 रुपये खर्च करने के बाद एक गिफ्ट मिल गया .पर मज़ा बहुत आया. राज ने फिर एक बार ट्राइ किया पर इस बार भी राज फैल हो गया.

राज के फैल होते रानी ने वो गिफ्ट राज को दे दिया.

गेम के बाद अब बारी थी, खरीदी की , मुझे पता था कि खरीदी करने मे इतना समय लगेगा कि इसके बाद घर ही जाना होगा.

स्वेता दीदी, सीतल दीदी और पूनम दीदी शहर मे माल से खरीदी करती है फिर भी वो तीनो खरीदी करने मे सब से आगे थी.मेले मे मिलने वाली 10 रुपये की चीज़ माल मे मिलने वाली 1000 रुपये की चीज़ के बराबर होती है.

माल मे सिर्फ़ खरीदी होती है और मेले मे खरीदी के साथ प्यार भी मिलता है.

मेरी बहनें खरीदी मे इतना खो गयी कि उनको समय का कोई ध्यान ही नही रहा.

मैं और राज बस उनको देखते रहे.

राज-भैया चलो ना हम कुछ और करते है ,यहाँ खड़े रह कर बोर हो रहा हूँ

अवी-चलो कुछ पेट पूजा करते है

राज-मैं समोशा खाउन्गा.

मैं ने स्वेता दीदी को कहा कि हम नाश्ता करके आते है ,तब तक आप खरीदी कर लो

रानी-रूको मैं भी चलती हूँ

रानी की बात सुनकर मैं खुश हो गया.

रानी को जो सुबह कहा था,उस पे रानी ने काम करना शुरू किया.रानी ने मेरे साथ टाइम बिताने के लिए नाश्ते के लिए चलने को कहा.

राज और रानी के साथ मैं कॅंटीन मे आ गया.राज के होने से रानी के साथ संभाल कर बात करनी होगी.

राज-भैया मुझे समोशा चाहिए

अवी-तुम्हे समोशा मिलेगा ,रानी तुम्हे क्या चाहिए

रानी-मैं गोलगप्पे खाउन्गी

राज-दीदी गोलगप्पे यहाँ नही मिलते

रानी-राज वो वहाँ मिलते है.

अवी-राज तुम यहाँ समोशा खा लो मैं रानी को गोलगप्पे खिलाता हूँ

मैं मे राज को समोशा ला कर दिया और रानी के साथ गोलगप्पे के ठेले पर आ गये.और गोलगप्पे खाने स्टार्ट किए.

अवी-रानी तुम तो फास्ट निकली

रानी-बाते छोड़ो ,मुँह खोलो,

रानी का हुकुम सर-आँखो पर. रानी मुझे और मैं रानी को गोलगप्पे खिलाने लगे.

यहाँ इतना ही कर सकते थे .इस से ज़्यादा कुछ किया तो ,यहाँ ज़्यादातर लोग मुझे जानते है.

मेरा तो हो गया पर रानी ने फिर से गोलगप्पे का ऑर्डर दिया.

रानी गोलगप्पे खाने लगी और मैं ने रानी के कंधे पर हाथ रखा.

इस बीच हम राज को भूल गये.

राज-भैया आपने दीदी के कंधे के उपर हाथ क्यूँ रखा.

राज की बात सुनकर मैं ने अपना हाथ हटा दिया.

रानी-राज मुझे थन्स्का लगा था जिस से अवी मेरी पीट पे हाथ घुमा रहा था.

राज-भैया मेरा पेट भर गया.

चलो राज जल्दी समझ गया.

अवी-रानी का होते ही हम चलते है

रानी-मेरा भी हो गया.

पेट पूजा करने के बाद हम वापस स्वेता दीदी के पास आ गये. वो अभी तक खरीदी कर रहे थे.

थोड़ी देर बाद हम मेले का एक चक्कर लगा कर वापस घर की तरफ निकल पड़े.

घर जाते ही पहले मैं चाची के कमरे मे चला गया.

बी चाची-आ गये मेला देख कर

अवी-हां, और आपकी पसंदीदा चीज़ भी लाया हूँ

मेरे हाथो मे जलेबी देख कर चाची खुश हो गयी.

सी चाची-ये तो दीदी के लिए है. मेरे लिए क्या लाए

अवी- आपके लिए.... आपके लिए मैं ने खुद को लाया है.

सी चाची-समझ गयी. बाते बनाना कोई तुम से सीखे

चाची जलेबी का मज़ा लेने लगी .और मैं अपने कमरे मे चला गया.

 
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आज तो मेला घूमने के चक्कर मे मैं कुवरसिंघ को तो भूल गया.

कुवरसिंघ का ख़याल आते मैं ने मोना का कॉल किया.

अवी-हेलो मोना

मोना-हेलो, कौन अवी

अवी-खाना तय्यार है ना

मोना-हाँ, मैं तुम्हारे ही कॉल का इंतज़ार कर रही थी.

अवी-तुम खाना लेकर आ जाओ.

मोना को आने का कह कर मैं भी घर3 चला गया.साथ मे कॅमरा भी ले लिया. एक कॅमरा दिन की रेकॉर्डिंग करता था और फिर कॅमरा चेंज करके दूसरा कॅमरा रात की रेकॉर्डिंग करता था.

आज दिन मे क्या हुआ वो जान ना था और दूसरा कॅमरा लगा कर कुवरसिंघ को खाना भी खिलाना था.

मैं मोना से पहले घर3 चला गया. घर3 जाकर सामने का नज़ारा देख कर शॉक्ड हो गया.

कुवरसिंघ अपनी जगह पर नही था .वो बाथरूम के गेट के पास पड़ा हुआ था.और उसके पास से पेशाब की स्मेल आ रही थी.

कुवरसिंघ ने पेशाब करके पूरा रूम खराब कर दिया .

कुवरसिंघ पेशाब करने के बाद वही पर सो गया या फिर बेहोश हो गया होगा.

कुवरसिंघ बेहोश था इस बीच मैं ने कॅमरा चेंज किया और मोना के आने का इंतज़ार करने लगा

मोना के आने तक मैं ने कुवरसिंघ को होश मे लाने की कोई कोशिस नही की. पर कुवरसिंघ को मंकी कॅप ज़रूर पहना दिया.

थोड़ी देर बाद मोना भी आ गयी. मोना ने कमरे मे आते ही अपनी नाक पर हाथ रख लिया.

मोना-ये कैसी बदबू है

अवी-दर्द के वजह से मेरे फ्रेंड ने पेशाब कर दी.

मोना-मेरी मानो इसे हॉस्पिटल लेकर जाओ,

अवी-वो बाद मे देखेंगे पहले इसे बाथरूम मे ले चलो. और पानी से नहला दो

मोना-तुम मुझ से बहुत काम करवा रहे हो

अवी-चुप ,मेरे फ्रेंड का दर्द तो देखो ,चलो मैं मदद करता हूँ

मोना का खुद पे कंट्रोल नही रहता ,कुछ भी बोलती है,

मोना और मैं ने कुवरसिंघ को बाथरूम मे ले गये .और मोना कुवरसिंघ को नहलाने लगी. पानी शरीर पर गिरते कुवरसिंघ होश मे आ गया.

अवी-लेटे रहो, मोना तुम्हे नहला रही है.

मैं ने कुवरसिंघ को चुप रहने का इशारा किया.मोना ने कुवरसिंघ को नहला दिया.

फिर कमरे मे आकर मोना ने कुवरसिंघ की मालिश शुरू की.

मालिश मिलने से कुवरसिंघ को अच्छा लगाने लगा.

मोना को आराम से ज़्यादा देर मालिश करने को कहा

मालिश हो जाने के बाद कुवरसिंघ खाना खाने वाला था कि मैं ने उनको रोक लिया.

अवी-मोना यहाँ पर पोछा मार दो

मेरी बात सुनते मोना ने अपना मुँह फूला लिया. मेरी तरफ गुस्से से देख रही थी.

मैं ने इशारा करके मोना से रिक्वेस्ट की .मोना ने नाक टेडी की पर वो मान गयी.

मोना ने पानी डाल कर नॉर्मल तरीके से फर्श साफ किया.

मोना-और कुछ करना है या मैं जा सकती हूँ

अवी-गुस्सा क्यू होती हो, मदद करने से बड़ा कोई काम नही होता ,

मोना-मैं जा सकती हूँ ,

अवी-हाँ, कल सुबह मैं तुम्हे कॉल करूँगा.

मोना अपना काम करके चली गयी.मोना के जाते ही कुवरसिंघ ने खाना खाना शुरू किया.

अवी-कुवरसिंघ ये सब क्या है.

कुवरसिंघ-इस दर्द से मैं परेशान हो गया हूँ

अवी-क्या हुआ

कुवरसिंघ-उन लोगो ने लंड पर लकड़ी से वॉर किया था .

अवी- लंड पर दर्द हो रहा है

कुवरसिंघ-अब तक नही था पर 2 दिन से पेशाब नही आई और आज इतना प्रेशर आया और कम्बख़्त पेशाब निकलने का नाम नही ले रही थी.

अवी-शायद कोई नस लग गयी होगी

कुवरसिंघ-पता नही, पर 2 घंटे इतना दर्द हुआ कि ,फिर पेशाब निकलते ही बेहोश हो गया.

अवी-कम से कम बाथरूम मे तो जाते

कुवरसिंघ-वही जा रहा था ,पर ये दर्द

अवी-मेरी मानो हॉस्पिटल चलते है

कुवरसिंघ-मुझे भी ऐसा ही लग रहा है.

अवी-और एक बात करनी थी तुमसे

कुवरसिंघ-क्या ?

अवी-तुम जिस सविता के बारे मे बात कर रहे थे वो अपने फॅमिली के साथ चली गयी है

कुवरसिंघ-कहाँ गयी

अवी-किसी को कुछ पता नही है. सिवाय उनके नाम के

कुवरसिंघ-उनको जाने दो बाद मे ,मुझे पेन किल्लर दो

अवी-लो पेन किल्लर के साथ नींद की गोली भी खा लो

कुवरसिंघ ने गोलिया खा ली.

अवी-तुम यही पर सो जाओ मैं अपने घर जाता हूँ

कुवरसिंघ-ठीक है.

कुवरसिंघ जल्दी ही सो गया.

मैं अपने घर चला गया. मुझे कल के लिए कुछ इंतज़ाम करना था

 


629

कुवरसिंघ को नींद की गोली इस लिए दी ताकि वो वहाँ से भाग ना सके. मैं घर3 रुकने वाला नही था.ऐसे मे रिस्क नही ले सकता था.

मैं कुवरसिंघ को घर3 छोड़ कर अपने घर आ गया.

सब मुझे घर मे देख कर सर्प्राइज़्ड हुए

म चाची-अवी इस वक्त तुम यहाँ पर, क्या हुआ

अवी-कुछ नही हुआ ,बहुत दिनो से बाहर सो रहा था तो सोचा आज यही पर सो लेता हूँ

ब चाची-कुछ दिन से मैं तुम्हे यही कहने वाली थी. कितना काम करता है ,तुझे आराम की सख़्त ज़रूरत है

अवी-चाची ये काम नही हमारी परंपरा है.

ब चाची-तो क्या हुआ. देख ना कितना दुबला हो गया है. जब देखो तब भागते हुए खाना ख़ाता है. थोड़ा आराम भी करना चाहिए

सी चाची-सही कहा दीदी आपने ,देखो आँखे के पास काले दाग हो गये है. मुझे तो लगता है अवी की नींद पूरी नही हो रही.

म चाची-हाँ मीना,ये मेले के चक्कर मे अवी खुद का ध्यान नही रख रहा

अवी-चाची. मेला तो सालो के बाद आता है. और वैसे भी अब कुछ दिन ही बचे है. वो निकल गये तो आराम ही आराम करूँगा.

ब चाची-फिर भी अपना ध्यान रखा कर,

अवी-वो मैं नही रख सकता

म चाची-क्या कहा ,फिर से कहना

अवी-मेरा ख़याल तो आप रखती हो ,मुझे कुछ करने की ज़रूरत नही पड़ती.

ब चाची-तू ज़्यादा बाते बनाने लगा है ,

अवी-जाने दो ना चाची.

सी चाची-दीदी हम भी तो ग़लत कर रहे है

म चाची-मैं ने क्या किया

सी चाची-दीदी, अवी को हम आराम करने की सलाह दे रहे है. अवी यहाँ आराम करने आया है .और हम क्या कर रहे ,बाते करके उसे आराम करने से रोक रहे है.

ब चाची-तेरी बात सही है.पर ये बात बताना भी तो ज़रूरी है.

अवी-चाची मैं सब समझ गया.

म चाची-समझ गया तो खड़ा क्यूँ है, भाग अपने कमरे मे

ब चाची-सीमा किस तरह बात कर रही है तू ,

अवी-अब आप आपस मे शुरू मत हो जाना .मैं जा रहा हूँ अपने कमरे मे ,

चाची का केअर करना लाज़मी था. मैं सच मे दुबला हो रहा था और आँखे पर काले दाग भी दिख रहे है. मुझे अपना ख़याल रखना होगा.

मेले के बाद मैं फिर से कसरत करना शुरू कर दूँगा.

चाची से बाते करने के बाद मैं अपने कमरे मे आ गया.

चाची को तो कहा था कि मैं आराम करने आया हूँ पर मुझे तो वो वीडियो देखने है.

वीडियो देखते हुए तो बहुत समय लग जाएगा.ऐसे मे अगर चाची को पता चला कि मैं देर तक जागता रहा तो मेरी सामत आ जाएगी.

मैं थोड़ी देर के लिए सोने का नाटक करता हूँ ,फिर बिना लाइट लगाए अपना काम कर लूँगा.

मैं ने कॅमरा अलमारी मे रख दिया और कपड़े चेंज करने लगा था कि विद्या कमरे मे आ गयी.

विद्या जब कमरे मे आई तब मैं अंडरवेर मे था ,बरमूडा पहन रहा था.

किसी के आने की आवाज़ सुनकर मैं ने गेट की तरफ देखा. विद्या को गेट के पास खड़ा देख कर रिलॅक्स हो गया.

अवी-तुम हो ,

विद्या-चाची ने दूध भेजा है

विद्या दूध लेकर बेड पर बैठ गयी. और मैं बरमूडा पहनने लगा.

विद्या-रहने दो ,ऐसे ही अच्छे लग रहे हो.

मैं ने विद्या की बात पर ध्यान नही दिया.और कपड़े पहन लिए.और विद्या के हाथ से दूध ले लिया.

विद्या-तुम मेरा दूध कब पियोगे

अवी-क्यू कंट्रोल नही हो रहा

विद्या-वैसी बात नही है.

बस पूछ रही हूँ की मेरा नंबर कब आएगा.

अवी-मेले के बाद, अभी कुछ तो तुम कंट्रोल नही रख पायोगी.

विद्या-मैं करूँगी कंट्रोल

अवी-करोगी. तो ठीक है मेले बाद तुम और मैं और ये बेड ,

विद्या-वो तो बाद की बात है अभी के लिए

अवी-(सुबह से मेरा लंड खड़ा हो रहा है पर पानी निकला नही, पहले मोना,फिर पंडिताइन उसके बाद रेशमा के जलवे और रानी का प्यार ,मुझे रिलॅक्स होने की सख़्त ज़रूरत है.) अभी नही.रात मे जब मैं तुम्हे कॉल करूँगा तो आ जाना .पर ध्यान रखना चाची को पता नही चलना चाहिए.

विद्या-रात मे ,अभी क्यूँ नही

अवी-क्यू की चाची को पता चल जाएगा.

विद्या-ठीक है. मैं कॉल का इंतज़ार करूँगी.

विद्या को प्रॉमिस किया .और करना ज़रूरी था. विद्या की प्यास और मेरी गर्मी जो सुबह से भड़क रही थी शांत होने का नाम नही ले रही थी.

विद्या के ज़रिए अपनी गर्मी शांत कर लूँगा .फिर अच्छे से नींद आएगी.

विद्या जो दूध लाई थी तो वो पीने के बाद आधे घंटे के लिए मैं ने लाइट बंद कर के सोने का नाटक किया.

थोड़ी देर बाद घर की सभी लाइट बंद होते मैं उठ गया .और कमरे का गेट अंदर से बंद किया.

कॅमरा ,लॅपटॉप, कुवरसिंघ के दोस्तो के कॅमरा और मोबाइल निकाल लिए.

चलो पहले कुवरसिंघ का वीडियो देखता हूँ ,आज कुवरसिंघ ने क्या किया है.

वीडियो प्ले करके वीडियो की स्पीड बढ़ा दी. पहले तो कुछ नही था.पर बाद मे मतलब शाम मे कुवरसिंघ की नींद खुल गयी.वो चीखने लगा.

चीखने के साथ कुवरसिंघ अपने हाथ पैर पीटने लगा .

कुवरसिंघ का बुरा हाल हो रहा था. उसकी आँखो से पानी की नादिया बह रही थी.

हाथ पटकते हुए कुवरसिंघ ने अपने लंड को हाथ लगाया तो ,उसने ऐसे हाथ पीछे लिया जैसा करेंट लगा हो .

लंड को हाथ लगाने से

कुवरसिंघ का दर्द और बढ़ गया.

सविता की सास ने अपनी पूरी ताक़त और गुस्से से

कुवरसिंघ के लंड पर वॉर किया था. ये उसकी का दर्द था.

पर मोना ने 2 दिन मालिश की तब दर्द नही हुआ था फिर आज कैसे

अरे हां, 2 दिन से कुवरसिंघ ने पेशाब नही की थी. और पानी पी रहा था.

लंड पर सविता की सास ने लकड़ी मारी थी.शायद उस से कुछ प्राब्लम हुई होगी. और पेशाब का प्रेशर ,इस से कुवरसिंघ को दर्द हो रहा होगा.

कुवरसिंघ को इस तरह दर्द से तड़फते हुए देख कर मुझे अच्छा लगने लगा.

कुवरसिंघ लगातार हाथ पैर पटक रहा था पर दर्द कम होने का नाम नही ले रहा था.

कुवरसिंघ अपने पापो की सज़ा भुगत रहा था.

ये सज़ा इतनी जल्दी उसका पीछा नही छोड़ेगी.

कुवरसिंघ चीखते हुए ,रेंगते हुए बाथरूम की तरफ जाने लगा.

शायद पानी ,या गरम पानी की मदद लेना चाहता होगा.

कुवरसिंघ रेंगते हुए बाथरूम के पास आ तो गया पर ऐसा करने से कुवरसिंघ का दर्द और बढ़ता गया.

लंड पे इतना दर्द होने लगा कि कुवरसिंघ ने अपनी गंद फाइनली ज़मीन को टच की.

ऐसा करते कुवरसिंघ को दोनो तरफ से दर्द होने लगा. लंड और गंद दोनो मे दर्द होने लगा.

इस दर्द मे पता नही क्या हुआ ,अचानक कुवरसिंघ की जोरदार चीख निकल गयी. ऐसा करने से कुवरसिंघ की पेशाब निकल गयी.

पेशाब का प्रेशर इतना ज़्यादा था कि ,पेशाब की धार ने नयी उचाई छु ली.

पेशाब निकलते कुवरसिंघ की आँखे धीरे धीरे बंद होने लगी.

इधर पेशाब निकल ना बंद हुआ और उधर कुवरसिंघ की आँखे बंद हो गयी.

ये वीडियो देखने के बाद दिल को एक सुकून मिला.

जितना काम का वीडियो था उतना कट करके सेव किया.

ये तो हो गया कुवरसिंघ का वीडियो ,उस्दिन का वीडियो ,वो खंडरवाला वीडियो भी देखना था ,वो वीडियो आज देखना पासिबल नही था उसे बाद मे देख लूँगा.

पहले रेशमा वाला वीडियो देख लेता हूँ.

 


630

रेशमा का वीडियो देखने से पहले कुवरसिंघ के दोस्तो के मोबाइल देखता हूँ.

चारो (4) मोबाइल फार्महाउस पर ही स्विच ऑफ कर दिए थे. मोबाइल से सिम कार्ड निकालने के बाद फिर से ऑन किया .और मोबाइल मे काम की चीज़ ढूँढने लगा. पर कुछ भी नही मिला.जो रेशमा की क्लिप थी वो फार्महाउस पर डेलीट की थी.

मैं ने सिम वापस डाल कर मोबाइल छुपा लिए. अब बारी थी उन दो कॅमरा की जिस मे रेशमा की जवानी छुपी है.

पहले कॅमरा मे वो रेकॉर्डिंग जो कुवरसिंघ का दोस्त खुद रेकॉर्ड कर रहा था .कुछ क्लोज़ अप सीन थे .

जैसे कि रेशमा का ब्लाउस निकालते वक्त क्लीवेज व्यू था.

पेटिकोट धीरे धीरे नीचे गिरते हुए ब्लॅक पैंटी का व्यू था.

रेशमा के दूध से भरे हुए बूब्स दिख रहे थे.

इस वीडियो मे कुवरसिंघ के सिर्फ़ 2 दोस्त थे.

फिर भी इस वीडियो को सेव किया.

नेक्स्ट कॅमरा का वीडियो प्ले किया.

इस मे पहले वाला रेशमा का सीन था फिर रेशमा का बेड का सीन था .साथ मे कुवरसिंघ के 2 दोस्त ज़बरदस्ती करते हुए दिख रहे थे.और एक दोस्त रेकॉर्ड करते हुए दिख रहा था

फिर सीन वही था पर आवाज़ रणजीतसिंघ की थी. फिर मेरा सीन था ,उसके बाद कॅमरा मे कुवरसिंघ के 2 दोस्त और रणजीतसिंघ गन लेकर खड़ा था. रणजीतसिंघ के पीछे मैं और रेशमा खड़े थे जो रेकॉर्डिंग मे नही दिख रहे थे.

रणजीतसिंघ ने कुवरसिंघ के 2 दोस्तो को मार डाला . फिर कमरे मे हम दोनो रह गये.

रेकॉर्डिंग ख़तम हो गयी. वीडियो को फिर से प्ले कर के रणजीतसिंघ के हाथो से मर्डर का सीन की क्लिप बना कर सेव की.

पूरी क्लिप भी सेव कर दी जिसमे मैं भी था.और अपने मोबाइल मे कॉपी कर ली.

फिर सेव किए हुए वीडियो हार्ड डिस्क को मैं ने खरीदी थी उसमे सेव किए .साथ मे दूसरे हार्ड डिस्क मे अब तक के चुदाई वाले वीडियो सेव किए. अब लॅपटॉप मे कुछ नही था.

आज का काम हो गया .काम जल्दी हो गया. फॉर्वर्ड करके जो देखे वीडियो.

काम हो जाने के बाद मैं ने कॅमरा और लॅपटॉप वापस रख दिए .और लॉक लगा लिया.

ये तो हो गया. अब आराम से सो जाता हूँ .

मैं सोने वाला था कि मुझे विद्या की याद आ गयी.

विद्या को नही बुलाया तो वो नाराज़ हो जाएगी. बिचारी मेरे कॉल के इंतज़ार मे अब तक सोई नही होगी.

चलो विद्या को भी खुश कर देता हूँ.मैं ने विद्या को कॉल किया.

कमाल है पहली रिंग पूरी होने से पहले विद्या ने कॉल कट कर लिया.

विद्या तो मोबाइल हाथ मे रख कर मेरे कॉल का इंतज़ार कर रही थी.अगर मैं कॉल नही करता तो विद्या रात भर सोती नही.

कॉल करने के बाद मैं ने गेट खोल दिया. विद्या गेट के सामने खड़ी.

गेट खोलते ही विद्या अंदर आ गयी और मैं ने गेट बंद कर दिया.

विद्या-गेट इतनी देर से क्यू खोला

अवी-गेट खटखटाया क्यू नही .

विद्या-ऐसा करती और आवाज़ चाची सुन लेती तो

अवी-तुम खूबसूरत और स्मार्ट दोनो हो.

विद्या-थोड़ी देर बाद हॉट भी लगूंगी.

अवी-वो तो पता कर लूँगा. लेकिन आवाज़ मत करना

विद्या-थोड़ा आवाज़ तो होगा पर उसका भी इंतज़ाम कर लिया है.

अवी-अब क्या किया तुम ने

विद्या-चाची के गेट के सामने ग्लास रखा है. गेट खोलते ही ग्लास की आवाज़ होगी और हम बच जाएँगे.

अवी-तुम कमाल की हो ,इसी लिए तुम्हे अपने घर का हिस्सा बनाया है.

विद्या-उसके लिए तो जितने थॅंक्स क्यू वो कम होगे. मैं तुम्हारे घर का हिस्सा बन कर बहुत खुश हूँ.

अवी-चलो तुम्हारी खुशी डबल करता हूँ. पर

विद्या-पर क्या

अवी-ओन्ली सकिंग ,

विद्या-थ्ट्स नोट फेअर

अवी-यार समझा करो. तुम वर्जिन हो ,

विद्या-ठीक है. आज के लिए इतना काफ़ी है.

अवी-बाते बहुत हो गयी. चलो कपड़े निकाल कर जल्दी ख़तम करते है

विद्या-जल्दी क्यू ,

अवी-मुझे आराम चाहिए .मैं ने खास तुम्हारे लिए सोना कॅन्सल किया है. बस अड्जस्ट कर लो

विद्या-तुम ऐसा क्यूँ बोल रहे हो, तुम जो कहोगे वही होगा. और तुम मेरा इतना ध्यान रखते हो उसके लिए थॅंक्स

अगर फिर से बात की तो विद्या कभी ख़तम नही करेगी. इस लिए मैं ने टी-शर्ट और बरमूडा निकाल दिया .

मेरी देखा देखी विद्या ने भी अपनी सलवार कमीज़ निकाल दी .विद्या तो पूरी तय्यारी करके आई थी. ब्रा और पैंटी का नामो निशान नही था. ज़ीरो लाइट मे विद्या का बदन कमाल का लग रहा था.

विद्या पूरी नंगी हो गयी और मंकी की तरह मेरे उपर छलान्ग लगा कर मुझ से चिपक गयी.

विद्या तो वाइल्ड सेक्स के चक्कर मे थी. ये पासिबल नही था

अवी-विद्या प्यार से बिना आवाज़ किए करना है.

विद्या-ओके बॉस

मैं ने विद्या को वैसे ही बेड पर लेटा दिया और मैं उसके उपर आकर उसके होंटो पर अपनी जीभ घुमा दी.

अवी-विद्या तुम तो टेस्टी हो

विद्या-तो खा जाओ

मैं ने विद्या के होंटो पे किस करना शुरू किया.

अभी शुरू किया था कि बाहर से ग्लास गिरने की आवाज़ सुनाई दी.

आवाज़ सुनते सेक्स का नशा हवा मे उड़ गया.

आवाज़ सुनते मैं तो बड़ी चाची के बारे मे सोचने लगा .बड़ी चाची ना हो .

विद्या तो बेफिकर होकर मेरे नीचे लेटी हुई थी.

विद्या-रूको मैं देखती हूँ

अवी-ध्यान से

विद्या बेड से उठ कर गेट के पास चली गयी. और गेट थोड़ा खोल कर देखने लगी.

कुछ देर बाद वो वापस आ गयी.

अवी-कौन था

विद्या-चाचा थे. शायद बाथरूम जाने के लिए उठे हो.

अवी-तुम जल्दी कपड़े पहन कर अपने कमरे मे चली जाओ

विद्या-मेरे साथ ही ऐसा क्यू होता है.

अवी-समझा करो,

विद्या-चाचा ही तो है.

अवी-आज अगर तुम गयी नही तो फिर तो तुम्हे घर छोड़कर जाने की नोबत आ सकती है.

विद्या-घर छोड़ कर , चलो ठीक है लेकिन नेक्स्ट टाइम

अवी-नेक्स्ट टाइम जैसा तुम कहोगी वैसा करेंगे.

विद्या-लव यू

विद्या ने कमीज़ पहने ली .और सलवार पहन कर नाडा बाँध रही थी कि मैं ने रोक लिया.

अवी-रूको

विद्या-क्या हुआ

अवी-एक किस तो करने दो ,

विद्या की चूत के सामने बैठ कर ,चूत पे 2 3 किस किए.

अवी-विद्या तुम तो बहुत टेस्टी हो

विद्या- सामने इतना टेस्टी खाना है ,और बस तारीफ करके पेट भर रहे हो

अवी-आज उपवास रखा है. नेक्स्ट टाइम तो कच्चा खा जाउन्गा.

विद्या की चूत पर किस करने के बाद वो अपने कमरे मे चली गयी

आज का दिन मेरे लिए अजीब था.

आज बस लंड खड़ा होता गया और बिना कुछ किए सोना पड़ा.

पहले मोना

फिर पंडिताइन की प्यास

मेरी जान रानी

बाद मे रेशमा की जवानी.

और अब विद्या का अधूरा प्यार

जाने दो बस कल का दिन ऐसा ना निकले ये सोच कर मैं सो गया.

 


631

14त डे

कल का दिन अजीब था. मोना ,पंडिताइन, रेशमा,रानी, विद्या, सब ने सिर्फ़ लंड खड़ा किया पर शांत किसी ने नही किया.

आज का दिन ऐसा ना निकले यही सोच कर सोया था .और हुआ भी ऐसा ही.

मैं सो रहा था कि मुझे लगा कोई मेरा लंड चूस रहा है. मैं ने आँखे खोल कर देखा तो सच मे कोई मेरा लंड चूस रही थी.

मैं ने ठीक से देखने के लिए जो लंड चूस रही थी उसके सर को उपर किया.

ये विद्या थी.

मैं ने विद्या के सर से हाथ हटा दिया और विद्या फिर से लंड चूसने लगी.

ये विद्या नही सुधरेगी. चलो अच्छा हुआ जो मेरे लंड को ठंडक मिलेंगी.

विद्या अपना काम करती गयी.

मुझे पता था कि विद्या को ज़्यादा देर तक मेहनत नही करनी पड़ेंगी.

और हुआ भी ऐसा ही, थोड़ी देर मे मेरा वीर्य निकल गया.

विद्या ने अपना मुँह अलग करने की जगह मेरा सारा वीर्य चाट लिया ,पी लिया.

अवी-हो गया

विद्या-इतनी जल्दी हो जाएगा ,मुझे लगा नही था.

अवी-इतने जल्दी होने की बहुत वजा है

विद्या-क्या वजा हो सकती है

अवी-कल 5 बार लंड खड़ा हुआ पर शांत एक बार भी नही हुआ.

विद्या-5 बार

अवी-उसमे तुम भी हो. रात मे लंड खड़ा करके हमे बिना कुछ किए सोना पड़ा

विद्या-बाकी 4

अवी-वो तो दूर से देख कर खड़ा हो जाता है.

विद्या-मतलब ग़लती मेरी है.

अवी-नही तो क्या.

विद्या-तुमने ही तो मना किया था

अवी-लेकिन तुम्हे तो बात समझनी चाहिए थी.

विद्या का चेहरा पे रोने जैसे एक्सपरष्षोन दिख रहे थे.कुछ ज़्यादा ही हो गया.

अवी-मैं मज़ाक कर रहा था ,तुम रोना मत, मैं तो खुश हूँ जो सुबह सुबह मुझे हल्का किया.

मेरी बात सुनकर विद्या को राहत मिली.

सी चाची-विद्या कहाँ हो तुम ,अवी उठा कि नही.

चाची की आवाज़ सुनकर विद्या भागते हुए कमरे से बाहर चली गयी

विद्या के पीछे पीछे मैं भी हॉल मे आ गया. चाची मेले मे जाने की तय्यारी कर रही थी.

मैं भी मंदिर मे जाने के लिए तय्यारी करने लगा.

चाची और बुआ और चाचा का आशीर्वाद लेने के बाद हम सब मंदिर चले गये.

मंदिर मे पूजा करने के बाद ठाकुर की फॅमिली के साथ बैठ कर बाते करने लगे.

मैं और रणजीतसिंघ अलग बैठ कर बाते कर रहे थे. मैं बाते करते हुए रेशमा को देख रहा था.

रेशमा भी हमारी तरफ देख रही थी . उसके चेहरे पे अजीब एक्सप्रेशन थे.

अचानक रेशमा हमारे पास आ गयी.

अवी-क्या हुआ भाभी

रेशमा-वो मैं पूछने आई थी कि कुंवर का कुछ पता चला

रणजीतसिंघ-बहू (रणजीतसिंघ अपने भाई की बीवी को बहू कहता है) तुम कुवरसिंघ की टेन्षन मत लो. उसके बारे मे मैं जल्दी पता लगा लूँगा.

रेशमा-लेकिन उनको गये हुए बहुत दिन हो गये

रणजीतसिंघ-तुम टेन्षन मत लो मैं ने लोगो को काम पर लगा दिया है.कुवार का जल्दी पता चल जाएगा.

रेशमा-और वो आदमी जो भाग गया था उसका क्या हुआ

अवी-वो भी पकड़ा जाएगा. वो भाग कर कहाँ जाएगा.

रेशमा-अगर उसने फिर से मेरे साथ कुछ किया तो

अवी-आप को अगर कोई कुछ भी कहे तो हमे बताना ,कल की तरह अकेले मत चली जाना.

कल के बारे मे याद आते रेशमा शरमाने लगी.

अवी-वैसे भाभी. वो कलर

मैं ने बस कलर कहा था कि रेशमा शरमाते हुए वापस चली गयी.

रणजीतसिंघ-ये कलर का क्या चक्कर है.

अवी-कुछ नही, बस ऐसे ही

रणजीतसिंघ-वैसे कल का दिन...

अवी-देखा मैं ने, भाभी को देख कर आपकी क्या हालत हुई थी.

रणजीतसिंघ-वो तो ऐसे ही ,वो हमारे घर की बहू है,उसके बारे मे ऐसा थोड़े सोचूँगा.

अवी-(मुझे पता है कि रणजीतसिंघ रेशमा की जवानी का मज़ा लेना चाहता है.पर रेशमा उसके हाथ नही आएगी ) चलो जाने दो ,

थोड़ी देर बात करने के बाद हम घर चले गये.विद्या ने मंदिर जाने से पहले नाश्ता बना कर रखा था. नाश्ता करने के बाद मैं कुवरसिंघ की तरफ चला गया.

घर3 जाते ही मैं कुवरसिंघ को देख कर शॉक्ड हुआ .

कुवरसिंघ चेयर को पकड़ कर खड़ा हो गया था.

कुवरसिंघ को इतनी जल्दी ठीक होते हुए देख कर बुरा लगा.

शायद कल पेशाब निकालने के लए ज़ोर लगाने से माषपेशियो मे जो खिचाव था जो दर्द था वो ठीक हो गया होगा.

मोना के मालिश का कमाल भी हो सकता है.

कुवरसिंघ के इतने जल्दी ठीक होने से मेरा प्लान खराब हो सकता था .

कुवरसिंघ फिर से नीचे अपने बिस्तर पर लेट गया.

अवी-कैसा है दर्द

कुवरसिंघ-अब अच्छा लग रहा है.

अवी-मालिश का असर हो रहा है.

कुवरसिंघ-हाँ, मोना ने बहुत मदद की है

अवी-तुम आराम करो मैं मोना को बुलाता हूँ मालिश करने के लिए

कुवरसिंघ-हाँ, बुला लो मैं बाथरूम जाकर आता हूँ

अवी-तुम जा पाओगे

कुवरसिंघ-सुबह से चलने की कोशिस की है,

अवी-उस से क्या होता है.चलो मैं लेकर जाता हूँ

कुवरसिंघ-नही. मैं चेयर की मदद से चला जाउन्गा. उसी बहाने से चलने तो लग जाउन्गा.

अवी-ठीक है. तुम बाथरूम मे जाओ मैं मोना को कॉल करके आता हूँ

कुवरसिंघ को उसके हाल पर छोड़ दिया. जो करना है वो कर लेगा.

मैं ने बाहर आकर मोना को कॉल किया.

अवी-हेलो मोना

मोना-मैं तुम्हारे फोन का इंतज़ार कर रही थी.

अवी-तो आ जाओ खाना लेकर

मोना-15 मिनट मे आती हूँ .और मुझे तुमसे ज़रूरी बात करनी है.

अवी-मुझे भी तुमसे बात करनी है.

इतना बोल कर कॉल कट कर दिया. और मोना का इंतज़ार करने लगा.

 
632

मोना को कॉल करने के बाद मैं खेत मे घूमने लगा.

खेत के पास चाय की टॅपारी लगी थी. मैं उसी टॅपारी पे जाकर चाय पीने लगा.

चाय पीते हुए मैं ने न्यूज़ पेपर पढ़ना स्टार्ट किया. डिस्ट्रिक्ट स्पेशल का पेज देखते ही मैं खुश हो गया.

उस पेज पे कुवरसिंघ के 2 दोस्तो के मर्डर की न्यूज़ थी. न्यूज़ मे लिखा था कि किसी ने गोली मार कर ,फार्महाउस का समान चुरा लिया है.

लगता है रणजीतसिंघ ने मर्डर केस को चोरी के केस मे बदल दिया है.

मैं ने न्यूज़ पेपर अपने साथ रख लिया.और वापस घर3 के पास आ गया.

थोड़ी देर बाद मोना भी आ गयी.

अवी-तुम तो जल्दी आ गयी.

मोना-मुझे तुमसे बात करनी है

अवी-किस बारे मे

मोना-ये सब मुझे कब तक करना होगा

अवी-कल तक ,फिर मैं कुछ देखता हूँ.

मोना-कल का आख़िरी दिन होगा.

अवी-मे बी आज का दिन आख़िरी हो

मोना-और तुम ने कहा था कि तुम्हारा फ्रेंड हमारी मदद करेगा

अवी-हाँ, आज मैं उस से बात करूँगा ,तुम बस इतना कहना कि मेरा कल से आना मुश्किल होगा ,मुझे अपना काम करना है

मोना-बस इतना ही

अवी-हाँ. और इस से ज़्यादा एक वर्ड मत बोलना ,

मोना-क्यूँ?

अवी-तुम्हारे जाने के बाद मैं सब बता दूँगा .

मोना-समझ गयी.

अवी-तुम रूको मैं देखता हूँ वो क्या कर रहा है.

मैं घर3 के अंदर चला गया. कुवरसिंघ अपने बिस्तर पर लेट कर रो रहा था. पता नही अब क्या हुआ. मैं ने कुवरसिंघ को मंकी कॅप दी और पहनने को कहा.

कुवरसिंघ ने चुप चाप मंकी कप पहन ली.

मैं ने मोना को अंदर बुला लिया.

मोना आते ही अपने काम मे लग गयी.

मोना ने कुवरसिंघ की मालिश करनी शुरू कर दी.

3 दिन से कुवरसिंघ बिना कपड़ो के था. मोना को इस से ज़्यादा फरक नही पड़ता था.

मालिश करने के बाद ट्यूब और मल्लं लगा कर मोना कुवरसिंघ का दर्द कम कर रही थी.

जब मोना कुवरसिंघ की गंद पे मल्लं लगा रही थी तो उसे गंद पर खून दिखा.

मोना ने मुझे दिखाया. मैं ने चुप रह कर अपना काम करने की सलाह दी.

मोना का काम होते मैं ने इशारा करके बाते करने को कहा.

मोना-अवी

अवी-हाँ ,

मोना-कल से मैं यहाँ नही आ पाउन्गी.

अवी-क्यू क्या हुआ

मोना-मैं यहाँ जिस काम के लिए आई थी मुझे वो भी करना है

अवी-पर मालिश करने से मेरे फ्रेंड की हालत अच्छी हो रही है.

मोना-पर मेरा काम भी तो मुझे करना है

अवी-कल आख़िरी बार आ जाना

मोना-ठीक है. तुम्हारे लिए कल आ जाउन्गी

इतना बोलने के बाद मैं ने मोना को जाने को कहा.

मोना चली गयी. मैं कुवरसिंघ से बात करने लगा.

अवी-तुम्हे क्या हुआ

कुवरसिंघ-कुछ भी तो नही

अवी-जब मैं अंदर आया तो तुम रो रहे थे

कुवरसिंघ-वो बाथरूम मे

अवी-क्या हुआ बाथरूम मे

कुवरसिंघ-मैं टाय्लेट कर रहा था कि पीछे से खून निकला और दर्द हुआ

अवी-वो तो होगा ही. मेरी बात मानो हॉस्पिटल चलते है

कुवरसिंघ-2 3 दिन बाद चलेंगे.

अवी-वैसे अब कैसा लग रहा है

कुवरसिंघ-अच्छा लग रहा है. मैं तो चल भी रहा हूँ

अवी-दिख रहा है,चेयर की मदद से चल रहे हो ना

कुवरसिंघ-हाँ

अवी-चल के दिखाओ ,मैं भी तो देखूं

कुवरसिंघ-दिखाता हूँ पर पहले खाना खा लेता हूँ

अवी-हाँ खा लो

कुवरसिंघ खाना खाने लगा.

 


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कुवरसिंघ खाना खाने के बाद चेयर की मदद से मेरे पास आ गया.

कुवरसिंघ-अवी देखो मैं चल सकता हूँ.

अवी-ये तो अच्छी बात है.

कुवरसिंघ-हाँ, अब दर्द भी कम हो रहा है

अवी-ये सब मेरी फ्रेंड मोना की वजह से हो रहा है

कुवरसिंघ-हाँ, उसकी मालिश के वजह से बहुत फरक पड़ा है

अवी-वो है ही ऐसी ,जो काम करती है वो मन लगा कर करती है.

कुवरसिंघ-हाँ, उसने जो किया है वो कोई और करने से पहले दस बार सोचता है.

अवी-मोना ने मेरे लिए किया है. उसने अपना काम छोड़ कर तुम्हारी मदद करने को तय्यार हुई,पता नही वो किस वजह से परेशान है

कुवरसिंघ-मुझे पता है.

अवी-क्या कहा.

कुवरसिंघ-उसकी परेशानी का हल मेरे पास है

अवी-मैं समझा नही.

कुवरसिंघ-वो भी मेरा एक पाप है.

अवी-पाप ,क्या मोना के साथ तुमने

कुवरसिंघ-तुम जैसा समझ रहे हो वैसा नही है.ये कुछ और था.

अवी-क्या था

कुवरसिंघ-मैं उसके मालिक को ब्लॅकमेल कर रहा था. वो यहाँ मुझे पैसे देने आई है.

अवी-तुम ने कितने पाप किए है. और मोना ने उसी आदमी की मदद की जो उसे परेशान कर रहा है. तुम्हारे वजह से मैं भी पापी बन रहा हूँ.

कुवरसिंघ-कितना शर्मिंदा करोगे मुझे

अवी-तुम्हारे पाप ही इतने है कि क्या बोलूं,तुम्हारे पाप की वजह से तुम्हारी ऐसी हालत हुई है.

कुवरसिंघ-पता है मुझे,मैं ने क्या किया है.और अब क्या करना है वो भी पता है

अवी-अब क्या करने वाले हो

कुवरसिंघ-जो पाप किए है उनका पश्चाताप करना है.

कुवरसिंघ की बात सुनकर मैं हँसने लगा.

कुवरसिंघ-मुझे पता था कि तुम हँसोगे ,लेकिन मुझे ये करना होगा. शुरुआत मोना से करूँगा.मोना को उसका टेप दे दूँगा.

अवी-कैसा टेप

कुवरसिंघ-जिसकी मदद से मैं ब्लॅकमेल कर रहा था.वो टेप तुम उसे ला कर दे देना

अवी-मैं

कुवरसिंघ-हाँ तुम ,हवेली मे मेरा स्पेशल रूम है ,वहाँ पर अलमारी मे रखा है. तुम आज ही जाकर मोना को देना,

अवी-हां, ऐसा किया तो वो कल मालिश करने ज़रूर आएगी.

कुवरसिंघ-उसे बताना मत कि तुम्हारा फ्रेंड मैं हूँ

अवी-अगर उसने पूछा कि मेरे पास टेप कैसे आया तो

कुवरसिंघ-बोल देना मैं ने दिया है मतलब तुम्हारे फ्रेंड ने

अवी-तुम मुझे बहुत परेशान कर रहे हो

कुवरसिंघ-तुम्हारे वजह से तो मुझे अपने पापो के बारे मे पता चला है.तुम्हारे वजह से मुझे नयी ज़िंदगी मिली है.अब नयी ज़िंदगी नये तरीके से शुरू करूँगा.

अवी-ये तो अच्छी बात है.

कुवरसिंघ-तुम आज मोना को वो टेप ला देना ,फिर

अवी-फिर क्या

कुवरसिंघ-फिर ,जाने दो वो मैं खुद कर लूँगा.

अवी-मोना का काम मैं कर लूँगा. वैसे तुम्हारे लिए एक अच्छी और एक बुरी खबर है

कुवरसिंघ-इस हालत से ज़्यादा क्या बुरा हो सकता है

अवी-इस से ज़्यादा बुरी तो नही है पर बताना ज़रूरी है.

कुवरसिंघ-बता दो

अवी-मुझे समझ नही आ रहा कि कहाँ से शुरू करूँ .

कुवरसिंघ-तुम मुझे डरा रहे हो ,हुआ क्या है

अवी-क्या बताऊ, तुम खुद पढ़ लो

मैं ने कुवरसिंघ को न्यूज़ पेपर दे दिया.

कुवरसिंघ न्यूज़ पढ़कर चीखने लगा.

कुवरसिंघ-ये मेरे साथ क्या हो रहा है. मेरे भाई जैसे दोस्त को किस ने मारा मैं उनको छोड़ूँगा नही. मैं उसकी जान ले लूँगा .

और कुवरसिंघ रोने लगा.

 


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कुवरसिंघ न्यूज़ पढ़ कर रोने लगा.

कुवरसिंघ- मेरे दोस्तो को किस ने मारा, मैं उनको छोड़ूँगा नही.

अवी-उनको मार डालोगे

कुवरसिंघ-हाँ, उनको छोड़ूँगा नही.

अवी-मुझे पता है उनको किस ने मारा है.

कुवरसिंघ-तुम्हे कहाँ से पता चला, न्यूज़ मे तो कुछ नही लिखा

अवी-कैसे लिखा होगा ,उनको मर्डर किसने किया है उनको क्या पता है. पर मुझे पता है

कुवरसिंघ-किस ने किया

अवी-रणजीतसिंघ ने

कुवरसिंघ-क्या बक रहे हो, मेरा भाई मेरे दोस्तो को क्यू मारेगा

अवी-तुम्हारे दोस्तो को रणजीतसिंघ और मैं ने मारा है.

कुवरसिंघ-तुम मज़ाक कर रहे हो

अवी-मैं मज़ाक नही करता,मेरे पास प्रूफ है

कुवरसिंघ-तुम मज़ाक कर रहे हो. अगर तुम ने मेरे दोस्तो का मर्डर किया होता तो तुम मुझे क्यू बताते

अवी-तुम मेरी बात पे विश्वास नही करोंगे.रूको तुम्हे सबूत दिखाता हूँ

और मैं ने कुवरसिंघ को रणजीतसिंघ और उसके 2 दोस्तो का मर्डर सीन ,जिस मे मैं और रेशमा नही थे वो दिखाने लगा.

वीडियो देख कर कुवरसिंघ गुस्से से पागल हो गया.

कुवरसिंघ ने गुस्से मे मोबाइल नीचे पटक दिया .और मेरी तरफ गुस्से से देखने लगा.

कुवरसिंघ-ये सब झूठ है. मेरा भाई ऐसा नही करेगा.

अवी-तुम वीडियो देखने के बाद भी ये कह रहे हो

कुवरसिंघ-ये सब हो क्या रहा है. मैं पागल हो जाउन्गा.

अवी-मुझे क्या पता ये सब क्या हो रहा है.

कुवरसिंघ-मेरी तो कुछ समझ मे नही आ रहा .रणजीतसिंघ ने मेरे दोस्तो क्यू मारा,मेरे दोस्त मेरे भाई की तरह थे.

अवी-तुम खुद देखो ,ये तुम्हारा पर्सनल मामला है.

कुवरसिंघ-मैं क्या करूँ, एक तरफ मेरा भाई जिस ने हमेशा मेरी मदद की है वो मेरे दोस्तो के साथ ऐसा नही कर सकता, लेकिन ये वीडियो,

अवी-(कुवरसिंघ समझदार हो रहा है) कुछ भी हो ,तुम्हारे दोस्तो को तुम्हारा भाई ने मारा है.

कुवरसिंघ-तुम ने कहा कि तुम ने और मेरे भाई ने मारा है. तुम ने ऐसा क्यूँ किया.

अवी-करना पड़ा. अब मार डालो मुझे( कुवरसिंघ मुझे हाथ भी नही लगा सकता.उसकी जान जो बचाई है मैं ने )

कुवरसिंघ-तुम, तुम ने ऐसा क्यूँ किया. तुम्हारे अहसान ना होते तो मैं तुम्हे मार डालता ,लेकिन मेरे दोस्तो को मारा क्यूँ

अवी-तुम्हे जानना है कि रणजीतसिंघ ने ऐसा क्यूँ किया.

कुवरसिंघ-हाँ, मेरा भाई ऐसा नही कर सकता, कुछ तो बात होगी

अवी-तुम सुधर रहे हो, पहले वाले कुवरसिंघ नही रहे.

कुवरसिंघ-मेरे सवाल का जवाब दो

अवी-कैसे दूं ,मोबाइल तो फेक दिया तुम ने

कुवरसिंघ-क्या मतलब

अवी-तुम ने जो देखा वो आधा सच था.

कुवरसिंघ-मुझे जल्दी बताओ कि सच क्या है

अवी-रूको पहले मोबाइल तो देखने दो

मैं ने मोबाइल चेक किया. सिर्फ़ बॅटरी निकल गयी थी.

मैं ने मोबाइल स्विच ऑन किया .

कुवरसिंघ-अब दिखाओ .क्या सच है. मेरे भाई जैसे दोस्त को किसने मारा

अवी-तुम पागल हो, तुम्हारे दोस्त को रणजीतसिंघ ने मारा है ,यही सच है. पर क्यूँ मारा ये बता सकता हू

कुवरसिंघ-दिखाओ क्यूँ मारा, मेरा भाई ग़लत काम नही कर सकता. और मेरे दोस्त भी.

अवी-तुम्हारे दोस्त क्या कर सकते है ये तो तुम्हे भी पता है. कुछ दिन पहले एक लड़की का रेप किया है ,चलो तुम्हे दिखा देता हूँ,कि आज किस का रेप करने वाले थे .पर

कुवरसिंघ-पर क्या

अवी-बेहोश मत होना ,

कुवरसिंघ-मैं क्यू बेहोश होऊँगा.

अवी-वो तो कुछ देर मे पता चल जाएगा.

कुवरसिंघ-तुम दिखाओ जल्दी ,

मैं ने वीडियो प्ले करके कुवरसिंघ के हाथ मे दे दिया.

 


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कुवरसिंघ वीडियो देखने लगा.

वीडियो मे अपनी बीवी रेशमा को देख कर कुवरसिंघ शॉक्ड हो गया.

कुवरसिंघ-ये सब क्या है. मेरी बीवी का वीडियो क्यू दिखा रहे हो

अवी-वीडियो के साथ ऑडियो भी सुनो

कुवरसिंघ वीडियो मे आ रही आवाज़ सुन ने लगा.

कुवरसिंघ-ये आवाज़ तो

अवी-ये आवाज़ तुम्हारे दोस्तो की है.

कुवरसिंघ-रेशमा उनके साथ क्या कर रही है.

अवी-ये भी पता चल जाएगा.

फिर जो हुआ वो देख कर और सुन कर कुवरसिंघ गुस्से से लाल पीला हो गया.

कुवरसिंघ के हाथ से मोबाइल नीचे गिर गया. कुवरसिंघ के आँखे से पानी निकलने लगा.

कुवरसिंघ बहुत कुछ बोल ना चाहता था पर उसके मुँह से आवाज़ नही निकल रही थी.

अभी तो सिर्फ़ रेशमा की साड़ी निकली थी. आगे का वीडियो देख कर कुवरसिंघ की क्या हालत होगी.

मैं ने कुवरसिंघ को हिम्मत दी.

अवी-हिम्मत से काम लो, मैं ने पहले कहा था कि खुद को संभालना होगा. अब देखो वीडियो, ये वीडियो देख कर तुम्हे पता चलेगा कि तुम क्या करते थे और अब वो सब तुम्हारे साथ हो रहा है.

कुवरसिंघ-मैं ये नही देख पाउन्गा.

अवी-तुम्हे देखना होगा. जब तुम दूसरो की बीवियो के साथ करते हो तब मज़ा आता है ,अब खुद की बीवी को देखो ,कैसे तुम्हारे दोस्त तुम्हारा नाम लेकर तुम्हारी बीवी का फ़ायदा उठा रहे थे.

मैं ने मोबाइल कुवरसिंघ के हाथ मे दिया और वीडियो प्ले किया.

कुवरसिंघ के हाथ काँप रहे थे. मैं ने कुवरसिंघ का हाथ पकड़े रखा.

रेशमा के मना करने के बाद कुवरसिंघ के दोस्तो ने कुवरसिंघ का नाम लेकर रेशमा को ब्लॅकमेल किया.

फिर जैसे जैसे वीडियो आगे बढ़ रहा था. कुवरसिंघ का शरीर काँप रहा था. कुवरसिंघ के आँखो से लगातार पानी निकल रहा था.

कुवरसिंघ ने अपना मुँह घुमा लिया पर मैने ने उसके सर को पकड़ कर मोबाइल की तरफ किया.

फिर रेशमा के उपर अपने दोस्तो को देख कर कुवरसिंघ को साँप सूंघ गया.

लेकिन उसके बाद जो हुआ वो देख कर कुवरसिंघ को राहत मिली. पर आँखे से पानी निकल रहा था.

अवी-क्या हुआ ,रो क्यूँ रहे हो, ये तो तुम्हारे और तुम्हारे दोस्तो का काम था.

कुवरसिंघ-मेरे दोस्तो ने मेरे साथ ,मैं उनको छोड़ूँगा नही

कुवरसिंघ की बात सुनकर मैं हँसने लगा.

अवी-उनको तो रणजीतसिंघ ने मार डाला ,अब किसे मारोगे, अपने बीवी के गुनहगार दोस्तो को या अपने दोस्तो के कातिल भाई रणजीतसिंघ को

मेरी बात सुनकर कुवरसिंघ ने मुँह से जोरदार चीख निकल गयी.

कुवरसिंघ-मेरे दोस्त जिन्हें मैं अपने भाई जैसा मानता था उन्होंने मेरी बीवी के साथ ,

अवी-तुम दूसरो के साथ जैसा कर रहे थे आज तुम्हारे साथ वैसा ही होने वाला था ,लेकिन अच्छा हुआ रणजीतसिंघ को कुछ ग़लत होने का शक हुआ और हम ने समय रहते ,रेशमा भाभी को बचा लिया वरना तुम्हारे दोस्तो की जगह रेशमा भाभी की न्यूज़ होती कि

"रेशमा भाभी ने शूसाइड किया"

कुवरसिंघ-ऐसा मत बोलो ,

अवी-तो क्या बोलूं , तुम्हारे दोस्तो ने अच्छा काम किया है.ऐसा बोलू

कुवरसिंघ-उनका तो नाम ही मत लो, अगर रणजीतसिंघ उनको नही मारता तो मैं मार डालता

कुवरसिंघ की बात सुनकर मैं तालिया बजाने लगा.

मुझे तालिया बजाते हुए देख कर कुवरसिंघ मेरी तरफ देखने लगा.

अवी-तुम्हारी बीवी के साथ ऐसा हुआ तो तुम उनको मारने की बात कर रहे हो , और सविता के साथ तुम जो कर रहे थे उसके बाद उसके पति ने भी तो वही किया जो तुम करना चाहते हो

कुवरसिंघ ने अपना सर नीचे कर लिया.

अवी-तुम कह रहे थे कि सविता के पति को मार डालोगे . अगर तुम ऐसा करना चाहते हो तो तुम्हे कोई हक नही है रेशमा के साथ तुम्हारा दोस्तो ने जो किया उसके बाद अपने दोस्त को कुछ कहने का और हाथ लगाने का.

कुवरसिंघ-मैं क्या करूँ , तुम ही बताओ

अवी-मैं क्या बताऊ, ये तुम्हारा पर्सनल प्राब्लम है. सविता के पति की जगह खुद को रख के देखो फिर रेशमा के साथ जो हुआ उसके बारे मे सोचो ,देखो किस की ग़लती है.और किसे क्या करना चाहिए था.

कुवरसिंघ मेरी बात पर सोचने लगा.

अवी-क्या सोचा

कुवरसिंघ-तुम ठीक कह रहे हो, सब मे मेरी ग़लती है

अवी-वो कैसे

कुवरसिंघ-सविता के साथ जो हुआ उसके बाद मेरे साथ जो हुआ वो सही था. मैं सविता के पति की जगह होता तो यही करता

अवी-और तुम्हारे दोस्त

कुवरसिंघ-उनको दोस्त बनाकर मैं ने सब सी बड़ी ग़लती की,ये उसकी सज़ा है. मैं ने दूसरो की बीवी बेटियो के साथ जो किया उसकी सज़ा मेरी बीवी को मिल रही है.

अवी-मतलब तुम समझ गये

कुवरसिंघ-हाँ, मैं ने भाई से ज़्यादा अपने दोस्त को इंपॉर्टेन्स दिया .और मेरे दोस्तो से मेरी बीवी को मेरे भाई ने बचाया.

अवी-मैं तो शुरू से कह रहा था कि रणजीतसिंघ जैसा भाई मिलना मुश्किल है.

कुवरसिंघ-सही कहा, मैं ने उसकी बीवी को मारने की कोशिस की और आज उसी ने मेरी बीवी को बचाया.

अवी-इसे किस्मत का खेल कहते है

कुवरसिंघ-मेरी किस्मत, मैं ने अपनी बीवी को जूते की धूल समझा था पर उस ने मेरे लिए अपनी इज़्ज़त की परवाह नही की ,मुझे तो मर जाना चाहिए

अवी-सही कहा ,तुम्हे मर जाना चाहिए

मैं बात कर रहा था कि मेरे मोबाइल पे कॉल आया. चाची का कॉल था.

कुवरसिंघ को उसकी हालत पे छोड़ पर मैं ने कॉल पिक अप किया.

चाची ने मुझे खाना खाने के लिए बुलाया था.

मैं ने कुवरसिंघ को उसकी हालत पर छोड़ दिया और घर चला गया.

 
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