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मैं रेशमा के साथ उसकी कार मे था और रणजीतसिंघ अपनी कार से हमारे पीछे आ रहा था.
मैं रेशमा के साथ अकेले कार मे था .रेशमा को थोड़ी देर पहले नंगा देखने का ख़याल दिमाग़ मे आते ही मैं छुप छुपके रेशमा की तरफ देखने लगा.
अवी-भाभी एक बात पुछु
रेशमा-पूछो
अवी-ये सब कैसे शुरू हुआ
रेशमा ने मेरी तरफ देखा ,और फिर से कार चलाने पे ध्यान दिया.
रेशमा-तुम क्यूँ पूछ रहे हो
अवी-रणजीतसिंघ पूछेगा तो आप बता पाओगी.
रेशमा-उनको कैसे बता सकती हूँ
अवी-इस लिए मैं पूछ रहा हूँ. ताकि मैं रणजीतसिंघ को बता सकूँ
रेशमा-ये सब 3 दिन पहले स्टार्ट हुआ
अवी-3 दिन से .मतलब आप यहाँ पहले भी आ चुकी हो
रेशमा-नही.मेरा मतलब है 3 दिन पहले मुझे एक कॉल आया था . और मेरे क्लिप के बारे मे बात करने लगा. मुझे मज़ाक लगा पर बाद मे एक एमएमएस आया ,जिस मे मैं कपड़े चेंज कर रही थी.
अवी-फिर क्या हुआ
रेशमा-फिर दूसरे दिन कॉल करके मुझे ब्लॅकमेल करने लगे. मैं ने उनकी बात नही मानी ,और अपने पति को बताने का फ़ैसला किया.पर मेरे पति भी 2 दिन से गायब थे
अवी-फिर आपने किसी और क्यूँ नही बताया
रेशमा-क्या बताती ,
अवी-फिर क्या हुआ
रेशमा-फिर आज उन लोगो ने मुझे फार्महाउस पर बुलाया.
अवी-आपको पता था की वो कौन थे
रेशमा-हाँ, वो मेरे पति के दोस्त थे
अवी-ये पता चलने के बाद आपको वहाँ से निकल जाना चाहिए था.और फिर अपने पति को बताना चाहिए था
रेशमा-उसका कोई फ़ायदा नही होता ,मेरे पति मुझसे ज़्यादा उनकी बात पर विश्वास करते है ,
अवी-अगर हम ना आते तो वो आपके साथ क्या करते पता था ना
रेशमा-हाँ,पता था,मैं वहाँ से पोलीस स्टेशन जाने की बात सोच रही थी कि उन लोगो ने कहा कि मेरा पति उन लोगो के पास है
अवी-और आप ने मान लिया.
रेशमा मेरी तरफ देखने लगी
अवी-कुवरसिंघ ठाकुर है, उसे कौन हाथ लगा सकता है, वो कहीं बाहर गया होगा ये नही सोचा आपने
रेशमा-मैं कुछ सोचने की हालत मे नही थी.
अवी-जाने दो ,इस बात को बुरा सपना समझ कर भूल जाइए .और बाकी का काम रणजीतसिंघ संभाल लेगा
रेशमा-वो तो भूलना ही होगा पर तुम लोग वहाँ कैसे आ गये.
अवी-आप अपने बेटे को अकेला छोड़ कर अकेली कार से जाएगी तो किसी को भी शक होगा.रणजीतसिंघ को लगा कि कुछ गड़बड़ है इस लिए वो आपका पीछा करने लगे और रास्ते मे मैं मिल गया.
रेशमा-थॅंक्स ,तुम्हारी वजह से आज मैं बर्बाद होने से बच गयी.
अवी-पर मैं तो बर्बाद हो गया.
रेशमा-क्या कहा
अवी-आज मैं बर्बाद हो गया.
रेशमा-मैं समझी नही.
अवी-आज मुझे नींद नही आएगी
रेशमा-ये क्या बोल रहे हो
अवी-आपको ब्लॅक से ज़्यादा पिंक कलर सूट करेगा.
रेशमा-क्या बोल रहे हो मैं समझी नही.
अवी-बस यही पर रोक दो, मेरी बाइक है वहाँ पर.
रेशमा ने कार रोक ली,साथ मे रणजीतसिंघ ने भी कार रोक ली.
मैं वो बॅग लेकर बाइक पर बैठ गया. रणजीतसिंघ मेरे पास आ गया.
रणजीतसिंघ-क्या हुआ
अवी-अब मैं चलता हूँ.
रणजीतसिंघ-हवेली चलो फिर अपने घर जाना
अवी-नही. बहुत समय हो गया.
रणजीतसिंघ-मैं ने कहा ना चलो,
रणजीतसिंघ की वजह से मैं हवेली चला गया.
हवेली मे आते ही रेशमा अपने कमरे मे चली गयी. रणजीतसिंघ और मैं हॉल मे बैठ गये .
और मैं ने रणजीतसिंघ को रेशमा से हुई बात बता दी और फिर हम रेशमा के कमरे मे चले गये.
रेशमा अपने बेटे को दूध पीला रही थी.
हमारे आते रेशमा ने दूध पिलाना बंद किया .
रणजीतसिंघ-बहू हमें अवी ने सब बता दिया है. आप टेन्षन मत लो .कुवरसिंघ उन लोगो के पास होता तो वो लोग ऐसे डरते नही. और रही बात उस आदमी की जो भाग गया था उसे मैं पकड़ लूँगा.
रेशमा-जी भाई साब
रणजीतसिंघ-और हाँ इस बात को किसी को मत बताना वरना हमारी बदनामी हो जाएगी
रेशमा-जी नही कहूँगी.
रणजीतसिंघ-अपने पति से भी मत कहना .वो तुम पर विश्वास नही करेगा.
रेशमा-जी ,उनसे भी नही करूँगी.
रणजीतसिंघ-अवी तुम भी किसी को कुछ मत बताना
अवी-ये मेरे तक ही रहेगा.
रणजीतसिंघ को कॉल आया और वो फोन पर बात करते हुए बाहर चला गया.
रेशमा-थॅंक्स
अवी-थॅंक्स की जगह मेरी बात पर सोचना. कि ब्लॅक की जगह पिंक कलर इस्तेमाल किया करो
इतना कह कर मैं रणजीतसिंघ के पास चला गया.
थोड़ी देर बाद मैं बाइक के पास आ गया और रणजीतसिंघ अपनी कार के पास
अवी-कहाँ जा रहे हो
रणजीतसिंघ-उन लोगो को ठिकाने लगाने के लिए
अवी-लगा दो, कल न्यूज़ पे पढ़ लूँगा. कैसे ठिकाने लगाया है.
रणजीतसिंघ उन लोगो को ठिकाने लगाने चला गया और मैं ने अपने घर जाकर वो बॅग अलमारी मे रख दिया.
मैं रेशमा के साथ उसकी कार मे था और रणजीतसिंघ अपनी कार से हमारे पीछे आ रहा था.
मैं रेशमा के साथ अकेले कार मे था .रेशमा को थोड़ी देर पहले नंगा देखने का ख़याल दिमाग़ मे आते ही मैं छुप छुपके रेशमा की तरफ देखने लगा.
अवी-भाभी एक बात पुछु
रेशमा-पूछो
अवी-ये सब कैसे शुरू हुआ
रेशमा ने मेरी तरफ देखा ,और फिर से कार चलाने पे ध्यान दिया.
रेशमा-तुम क्यूँ पूछ रहे हो
अवी-रणजीतसिंघ पूछेगा तो आप बता पाओगी.
रेशमा-उनको कैसे बता सकती हूँ
अवी-इस लिए मैं पूछ रहा हूँ. ताकि मैं रणजीतसिंघ को बता सकूँ
रेशमा-ये सब 3 दिन पहले स्टार्ट हुआ
अवी-3 दिन से .मतलब आप यहाँ पहले भी आ चुकी हो
रेशमा-नही.मेरा मतलब है 3 दिन पहले मुझे एक कॉल आया था . और मेरे क्लिप के बारे मे बात करने लगा. मुझे मज़ाक लगा पर बाद मे एक एमएमएस आया ,जिस मे मैं कपड़े चेंज कर रही थी.
अवी-फिर क्या हुआ
रेशमा-फिर दूसरे दिन कॉल करके मुझे ब्लॅकमेल करने लगे. मैं ने उनकी बात नही मानी ,और अपने पति को बताने का फ़ैसला किया.पर मेरे पति भी 2 दिन से गायब थे
अवी-फिर आपने किसी और क्यूँ नही बताया
रेशमा-क्या बताती ,
अवी-फिर क्या हुआ
रेशमा-फिर आज उन लोगो ने मुझे फार्महाउस पर बुलाया.
अवी-आपको पता था की वो कौन थे
रेशमा-हाँ, वो मेरे पति के दोस्त थे
अवी-ये पता चलने के बाद आपको वहाँ से निकल जाना चाहिए था.और फिर अपने पति को बताना चाहिए था
रेशमा-उसका कोई फ़ायदा नही होता ,मेरे पति मुझसे ज़्यादा उनकी बात पर विश्वास करते है ,
अवी-अगर हम ना आते तो वो आपके साथ क्या करते पता था ना
रेशमा-हाँ,पता था,मैं वहाँ से पोलीस स्टेशन जाने की बात सोच रही थी कि उन लोगो ने कहा कि मेरा पति उन लोगो के पास है
अवी-और आप ने मान लिया.
रेशमा मेरी तरफ देखने लगी
अवी-कुवरसिंघ ठाकुर है, उसे कौन हाथ लगा सकता है, वो कहीं बाहर गया होगा ये नही सोचा आपने
रेशमा-मैं कुछ सोचने की हालत मे नही थी.
अवी-जाने दो ,इस बात को बुरा सपना समझ कर भूल जाइए .और बाकी का काम रणजीतसिंघ संभाल लेगा
रेशमा-वो तो भूलना ही होगा पर तुम लोग वहाँ कैसे आ गये.
अवी-आप अपने बेटे को अकेला छोड़ कर अकेली कार से जाएगी तो किसी को भी शक होगा.रणजीतसिंघ को लगा कि कुछ गड़बड़ है इस लिए वो आपका पीछा करने लगे और रास्ते मे मैं मिल गया.
रेशमा-थॅंक्स ,तुम्हारी वजह से आज मैं बर्बाद होने से बच गयी.
अवी-पर मैं तो बर्बाद हो गया.
रेशमा-क्या कहा
अवी-आज मैं बर्बाद हो गया.
रेशमा-मैं समझी नही.
अवी-आज मुझे नींद नही आएगी
रेशमा-ये क्या बोल रहे हो
अवी-आपको ब्लॅक से ज़्यादा पिंक कलर सूट करेगा.
रेशमा-क्या बोल रहे हो मैं समझी नही.
अवी-बस यही पर रोक दो, मेरी बाइक है वहाँ पर.
रेशमा ने कार रोक ली,साथ मे रणजीतसिंघ ने भी कार रोक ली.
मैं वो बॅग लेकर बाइक पर बैठ गया. रणजीतसिंघ मेरे पास आ गया.
रणजीतसिंघ-क्या हुआ
अवी-अब मैं चलता हूँ.
रणजीतसिंघ-हवेली चलो फिर अपने घर जाना
अवी-नही. बहुत समय हो गया.
रणजीतसिंघ-मैं ने कहा ना चलो,
रणजीतसिंघ की वजह से मैं हवेली चला गया.
हवेली मे आते ही रेशमा अपने कमरे मे चली गयी. रणजीतसिंघ और मैं हॉल मे बैठ गये .
और मैं ने रणजीतसिंघ को रेशमा से हुई बात बता दी और फिर हम रेशमा के कमरे मे चले गये.
रेशमा अपने बेटे को दूध पीला रही थी.
हमारे आते रेशमा ने दूध पिलाना बंद किया .
रणजीतसिंघ-बहू हमें अवी ने सब बता दिया है. आप टेन्षन मत लो .कुवरसिंघ उन लोगो के पास होता तो वो लोग ऐसे डरते नही. और रही बात उस आदमी की जो भाग गया था उसे मैं पकड़ लूँगा.
रेशमा-जी भाई साब
रणजीतसिंघ-और हाँ इस बात को किसी को मत बताना वरना हमारी बदनामी हो जाएगी
रेशमा-जी नही कहूँगी.
रणजीतसिंघ-अपने पति से भी मत कहना .वो तुम पर विश्वास नही करेगा.
रेशमा-जी ,उनसे भी नही करूँगी.
रणजीतसिंघ-अवी तुम भी किसी को कुछ मत बताना
अवी-ये मेरे तक ही रहेगा.
रणजीतसिंघ को कॉल आया और वो फोन पर बात करते हुए बाहर चला गया.
रेशमा-थॅंक्स
अवी-थॅंक्स की जगह मेरी बात पर सोचना. कि ब्लॅक की जगह पिंक कलर इस्तेमाल किया करो
इतना कह कर मैं रणजीतसिंघ के पास चला गया.
थोड़ी देर बाद मैं बाइक के पास आ गया और रणजीतसिंघ अपनी कार के पास
अवी-कहाँ जा रहे हो
रणजीतसिंघ-उन लोगो को ठिकाने लगाने के लिए
अवी-लगा दो, कल न्यूज़ पे पढ़ लूँगा. कैसे ठिकाने लगाया है.
रणजीतसिंघ उन लोगो को ठिकाने लगाने चला गया और मैं ने अपने घर जाकर वो बॅग अलमारी मे रख दिया.