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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 939सी

अवी-फिर क्या हुआ

पूनम-मैं अपनी सहेली के यहाँ जाकर पढ़ाई करने लगी

अवी-और ज्योति बुआ

पूनम-मेरी माँ घर पे अंकल को बुला के पैसे कमाने लगी

अवी-आगे क्या हुआ

पूनम-एक दिन मैं हमेशा की तरह अपनी सहेली के यहाँ गयी थी पढ़ाई करने , माँ ने सन्नी के स्कूल जाते ही मुझे पढ़ाई करने को भेज दिया

अवी-जल्दी क्यूँ भेज दिया

पूनम-क्यूँ कि मेरी माँ मेहता अंकल के साथ सेक्स करने वाली थी ,मेहता अंकल हमारे कॉलोनी मे रिच आदमी थे ,वो पानी की तरह पैसा उड़ाते थे , मेरी माँ को एक बार मे 2 लाख कमाने का रास्ता दिखाया ,,, मेहता अंकल ने माँ को एक दिन के 2 लाख ऑफर किए , 2 लाख का नाम सुनते माँ के आँख पैसो से बंद होगी

अवी-एक चुदाई के 2 लाख

पूनम-मेहता अंकल बहुत शौकीन टाइप के इंसान थे, वो माँ के साथ वाइल्ड सेक्स करना चाहते थे, और अपने 2 दोस्तो के साथ मिलके ग्रूप सेक्स करना चाहते थे , माँ को कोई फरक नही पड़ रहा था कि ग्रूप वाइल्ड सेक्स करने से,उनको 2 लाख दिख रहे थे ,

अवी-फिर क्या हुआ

पूनम-पापा ड्यूटी पे, सन्नी स्कूल मे और मैं सहेली के घर गयी थी, और माँ मेहता अंकल और उनके दोस्त के साथ बेड रूम मे वाइल्ड सेक्स करने मे बिज़ी हो गयी

अवी-वाइल्ड ग्रूप सेक्स

पूनम-हाँ , इसके लिए कोई तैयार नही होता पर माँ ने 2 लाख देखते ही हाँ कर दिया, माँ को मेहता अंकल ने बेड से रस्सी से बाढ़ दिया और माँ को पेन करके सेक्स करने लगे ,

अवी-फिर क्या हुआ

पूनम-उस दिन स्कूल से सन्नी को जल्दी छुट्टी मिल गयी ,और वो घर आ गया , इस बात से माँ को पता नही था वो मस्ती मे डूबी हुई थी, सन्नी ने घर आके गेट पे नौक किया तो डोर नही खुला , माँ पे सेक्स का नशा हावी हो चुका था

अवी-तो सन्नी ने क्या किया

पूनम-सन्नी ने ज़्यादा डोर नौक नही किया और पीछे का डोर चेक किया तो वो भी बंद था ,सन्नी को लगा कि माँ बाहर गयी होगी तो वो बाजू वाली आंटी के घर चला गया , आंटी के घर खेलते हुए वो छत पे चला गया , छत पे जाते ही सन्नी को हमारे छत को डोर खुला दिखा तो आंटी की छत से हमारे छत पे चला गया

अवी-ज्योति बुआ अपनी मस्ती मे थी

पूनम-हाँ , सन्नी छत से होता हुआ घर मे आया तो उसे माँ के कमरे से चीखने की आवाज़ सुनाई दी , सन्नी ने माँ के बेडरूम के पास जा कर आवाज़ सुनी तो वो माँ की चीखने की आवाज़ थी , सन्नी ने की खोल से अंदर देखा तो माँ को रस्सी से बाधा हुआ था और मेहता अंकल छड़ी से माँ के गंद पे मार रहे थे , माँ चिल्ला रही थी, मेहता अंकल हंस रहे थे , चुदाई ख़तरनाक हो चुकी थी , फिर भी मेहता अंकल मज़ा ले रहे थे मेरी माँ के चूतड़ लाल करके

अवी-ये देख तो सन्नी डर गया होगा

पूनम-सन्नी तो बहुत डर गया , उसे लगा मेहता अंकल माँ को मार डालेंगे , उसे कुछ समझ नही आ रहा था ऐसे मे उसे मेरी याद आ गयी ,वो भागते हुए घर से निकल गया मुझे बताने के लिए कि माँ को मेहता अंकल मार रहे है

अवी-उसे शोर मचाना चाहिए था

पूनम-ऐसी हालत मे छोटे बच्चों को क्या समझ मे आएगा , वो तो रोते हुए मुझे बुलाने की भाग रहा था

अवी-और

पूनम दीदी -उसपे डर,रोना इतना हावी हो गया कि उसे रोड पे चल रही कार दिखाई नही दी , वो जल्द से जल्द मेरे पास आना चाहता था ,पर उसकी चीख मेरे पास पहुँच गयी , एक कार ने सन्नी को उड़ा दिया , कार से टक्कर हुई सन्नी की पर सन्नी का डर , उसकी ऐसी हालत मे ये आक्सिडेंट चोट पहुँचाने के लिए काफ़ी था

अवी-सन्नी के साथ ये सब हुआ , सन्नी तो अपनी माँ को बचाने के लिए आपकी मदद माँगने आ रहा था

पूनम-हाँ पर मैं उसकी मदद नही कर पाई , मुझ तक उसकी चीख पहुँच गयी , शोर सराबा सुन कर कॉलोनी वाले जमा हुए तो मैं भी वहाँ गयी , सन्नी को खून मे लथपथ देख कर मैं बेहोश हो गयी

कॉलोनी वाले सन्नी को हॉस्पिटल ले गये , सन्नी का ऑपरेशन स्टार्ट हो गया , माँ को सन्नी के आक्सिडेंट के बारे मे पता चला तो वो गाउन पहन कर हॉस्पिटल मे आ गयी , मेहता अंकल भी माँ के साथ हॉस्पिटल आ गये

अवी-मेहता अंकल क्यूँ आए

पूनम-ऐसी हालत मे मदद हर कोई करता है, मेहता अंकल ने भी की, सन्नी का ओप्रेशन स्टार्ट हुआ , सन्नी को अद्रुनि चोट ज़्यादा लगी थी, उसकी इच्छा शक्ति कम पड़ रही थी, ऑपरेशन नाकामयाब हुआ और सन्नी हमे छोड़ कर चला गया , अपनी माँ को बचाते हुए हमे छोड़ कर चला गया

इतना बोल कर कमरे मे शांति छाई रही

मैं ने पूनम दीदी को हिम्मत दी

फिर पूनम दीदी खुद बोलना शुरू किया

पूनम-तुम ही बताओ , मेरी माँ की वजह से सन्नी नही रहा

अवी-मैं क्या कहूँ , ये सुनकर मैं तो शॉक्ड हो गया

पूनम-मैं तो सदमे मे चली गयी , सन्नी के साथ हमारी हसी कहीं गायब हो गयी , पापा को यकीन नही हो रहा था कि सन्नी हमे छोड़ कर चला गया , माँ भी गुम्सुम सी हो गयी , सब कुछ अंधेरे मे चला गया

पापा रात भर जागते रहे, उनको नींद नही आ रही थी, माँ रोती रहती थी ,मैं दोनो को संभालने की कोशिस कर रही थी,मेरे बाय्फ्रेंड ने मेरी बहुत मदद की( उस वक्त तक वो मेरा बाय्फ्रेंड नही था पर उसको मैं पसंद थी तो उसने मेरी बहुत मदद की उसके बाद ही हमारा प्यार शुरू हुआ) , मुझे हिम्मत देते हुए माँ और पापा को संभालने को कहा

पापा ने तो ड्यूटी पे जाना भी बंद कर दिया जिस से उनको नोटीस आने लगे कि जॉब जाय्न करो , ऐसे मे मैं ने पापा से बात की , पापा को नीद ना आने से वो जॉब पे जाने की हालत मे नही थी, फिर फाइनल.नोटीस आ गया , अगर पापा ने हिम्मत छोड़ दी तो हमारा क्या होगा , तो मैं ने उनके ऑफीस मे बात की उनको रिक्वेस्ट की , मेरे पापा का रेकॉर्ड क्लियर होने से उन्हो ने मेरी बात मान ली पर उनकी हालत देखते हुए उनको दूसरी जगह सिफ्ट करने का सोचा ,, उस वक्त सिर्फ़ नाइट शिफ्ट मे एक जगह खाली थी वहाँ ड्यूटी लगा दी , और पापा का डैमोशन करवा कर नाइट शिफ्ट मे लगा दिया ,

पापा ना किसी से मिलते और ना किसी से ज़्यादा बात करते, रात मे ड्यूटी करते और दिन भर सोते रहते

अवी-मैं ने देखा था , हमसे ज़्यादा बात नही की थी जब हम वहाँ आए थे

पूनम-मैं ने कई बार पापा से बात की पर वो एक फीकी स्माइल करके बात टाल देते ,इसी लिए वो मेले मे भी नही आए थे

अवी-और ज्योति बुआ उनका क्या हुआ

पूनम-माँ भी घर मे क़ैद रहने लगी , वो सब छोड़ दिया माँ ने ,

अवी-ज्योति बुआ को लगा होगा कि उनकी वजह से सन्नी का आक्सिडेंट हुआ

पूनम-मेरे सिवा किसी को नही पता कि सन्नी का आक्सिडेंट कैसे हुआ , वो तो सन्नी के जाने के गम से सब भूल गयी

अवी-पर आपको कैसे पता चला

पूनम-डॉक्टर मिले थे मुझे कुछ दिनो बाद , डॉक्टर ने कहा कि सन्नी ऑपरेशन से पहले कुछ बोलने की कोशिस कर रहा था

अवी-क्या कहा था सन्नी ने

पूनम-डॉक्टर ने कहा कि साफ सुनाई नही दिया पर "माँ" " मेहता" "मार" ये कुछ वर्ड सुनाई दिए , मैं डॉक्टर की बताई हुई बातों को मिलाने का कोशिस करने लगी

उसमे मेरे बाय्फ्रेंड ने मेरी मदद की , उसने कहा कि मैं मेहता अंकल के पास जाउ और उनको कहूँ की सन्नी के आक्सिडेंट के दिन आपने क्या किया वो मुझे पता है

मेरे बाय्फ्रेंड की बात सही थी , मैं सीधे मेहता अंकल के घर चली गयी ,मेहता अंकल भी उस दिन से थोड़े अपसेट हो गये थे

मुझे अपने यहाँ देख कर मेहता अंकल चौंक गये

मैं ने सीधे बात की , मेरी बात सुनते ही मेहता अंकल ज़मीन पर बैठ गये , वो रो रहे थे

मैं ने उनको कहा कि अब रोने से क्या फ़ायदा

मेहता-बेटी मुझे ऐसा ही लग रहा था कि सन्नी के आक्सिडेंट की वजह हम है , लोगो ने जो बताया कि सन्नी रोते हुए भाग रहा था तभी मैं समझ गया था कि वो हमे देख कर रो रहा था

पूनम-वो मेरी तरफ आ रहा था

मेहता- सन्नी को लगा कि मैं तुम्हारी माँ को मार रहा हूँ इसी लिए वो तुमसे मदद माँगने आ रहा था , ताकि तुम सन्नी की मदद कर सको

मेरी माँ को मेहता अंकल क्यूँ मार रहे थे ऐसा सन्नी ने समझा

पूनम-सन्नी ने क्या देखा था

मेहता - तुम्हारी माँ पैसो के लिए सेक्स करती है ,उस दिन मैं तुम्हारी माँ के साथ था ,सेक्स मे मज़ा आए इस लिए मैं तुम्हारी को थप्पड़ मार रहा था और सन्नी को लगा कि मैं तुम्हारी माँ को मार डालूँगा

मेहता अंकल की बात सुनते मेरे पैरो के नीचे से ज़मीन खिसक गयी

मुझे तो यकीन नही हो रहा था कि मेरी माँ ऐसा काम कर सकती है

अवी-आपको यकीन कैसे आया मेहता अंकल की बातों पे

पूनम-मेहता अंकल ने माँ के साथ खिचे हुए कुछ फोटो दिखाए और जलाने को कहा

फोटो देखते ही मैं तो मेहरा अंकल को थप्पड़ मार रही थी पर उनको तो सन्नी के आक्सिडेंट से पहले चोट लग गयी थी,उनको बहुत पछतावा हो रहा था

उनको रोता हुआ देख कर मैं ने थप्पड़ नही मारा , पर माँ को मैं छोड़ूँगी नही उनकी वजह से सन्नी हमे छोड़ कर चला गया

मैं मेहता अंकल के पास से माँ से बात करने जाने वाली थी मेहता अंकल ने रोक लिया

अवी-क्यूँ रोका

पूनम-मुझे बताने के लिए कि मुझे क्या करना चाहिए

मेहता- बेटी तुम अपनी माँ से इस बारे मे बात मत करना

पूनम-उनको मेरे इस सवाल का जवाब देना होगा कि वो ऐसा क्यूँ कर रही थी

मेहता - बेटी ग़लती मेरी भी है , पर तुमसे बड़ा होने के नाते बता रहा हूँ कि , सन्नी के जाने से तुम्हारे पापा और माँ टूट चुके है ऐसे मे तुमने सन्नी के आक्सिडेंट का सच बताया तो वो बिखर जाएँगे , वो जीते जी मर जाएँगे

पूनम-मरने दो, मेरो माँ की वजह से मेरा भाई मुझे छोड़ कर चला गया

मेहता- तुम सच बता डोगी तो क्या होगा, तुम्हारे पापा जो थोड़ा बहुत सम्भल चुके है उनको कितना बड़ा झटका लगेगा, तुम्हारी माँ खुद को गुनहगार समझ कर कुछ कर बैठेगी , तुम्हें अपने घर को संभालना होगा , समझदारी से फ़ैसला लेना ,

पूनम-आप भी गुनहगार हो आपकी बात क्यूँ सुनू

मेहता- बेटी , किसी अपने बड़े को बताना वो भी यही कहेगा जो मैं ने तुम्हें बताया है , सन्नी के जाने का दुख मुझे है , और मैं यहाँ से जा रहा हूँ , हमेशा के लिए, मैं तुम्हारा सामना नही कर पाउन्गा , हो सके तो मुझे माफ़ करना

मेहता अंकल की बातों ने मुझे सोचने पे मज़बूर किया

मैं ने मेहता अंकल की बात अपने बाय्फ्रेंड को बताई तो उसने भी मेहता अंकल की बात को सपोर्ट किया

मैं ने घर जाकर देखा तो माँ बदल चुकी थी

सिंपल से कपड़े पहनने लगी , घर से बाहर कदम नही रखती ,

घंटो सन्नी के कमरे मे बैठी रहती थी

ऐसे मे मैं उनको सच बता देती तो वो स्यूयिसाइड कर लेती

अपनी फॅमिली के बारे मे सोच कर मैं चुप रही

और उस राज़ को अपने अंदर दफ़न कर दिया

अवी-ज्योति बुआ ने रंडीपना बंद किया

पूनम-हाँ , अपनी सहेलियो से मिलना भी बंद किया

अवी-तो ज्योति बुआ बदल गयी

पूनम-हाँ, और मामा ने माँ को हिम्मत दी ,मामी ने राज को स्वेता के साथ कुछ दिनो के लिए हमारे यहाँ भेज दिया ताकि राज को देख कर सन्नी की याद ना आए

अवी-पूजा बुआ बहुत अच्छी है

पूनम-हाँ , मेरी हिम्मत बढ़ाने मे मामी ने मेरी बहुत मदद की, मुझे घर संभालने के टिप्स दिए , और काफ़ी दिनो तक मेरे साथ रही

अवी-तो राज और स्वेता दीदी आपके यहाँ कुछ दीनो के लिए रहने आ गये

पूनम-हाँ, राज तो छुट्टियाँ ख़तम होते ही वापस गया पर स्वेता यहीं रुक गयी मेरे साथ, और यही पढ़ाई करने लगी जिस से मुझे सुख दुख शेर करने के लिए सहेली मिल गयी

अवी-स्वेता दीदी ज़िम्मेदारिया अच्छे से उठा लेती है

पूनम-हाँ स्वेता ने मेरी बहुत मदद की , फिर सीतल भी यहाँ आ गयी जिस से माँ को अच्छा लगने लगा , और इतने लोगो के होने से मुझे लगा कि माँ अब वापस वही ग़लती रिपीट नही करेंगी

अवी-फिर ऐसा क्या हुआ की ज्योति बुआ फिर से रंडी बन गयी

पूनम-ये सब फिर से तब शुरू हुआ जब तुम हमारे यहाँ आए थे चाची की डेलिवरी के लिए

अवी-हमारी वजह से हुआ

पूनम-कुछ हद तक ,पर माँ की ग़लती है

अवी-कैसे ज्योति बुआ वापस रंडी बनी

पूनम-तुम्हारे आने से 1 महीने पहले जब मैं कॉलेज से घर आई तो माँ को उनकी वही पुरानी सहेली के साथ देखा जिस ने माँ को रंडी बनने का आइडिया दिया

उनको देखते ही मुझे तो गुस्सा आया

मैं ने अपने मोबाइल पे रिकोडिंग स्टार्ट करके मोबाइल माँ के पास टेबल पे रख दिया

उनकी बात ख़तम होते ही मैं ने रेकॉर्डिंग सुनी तो माँ को उनकी सहेली वापस रंडी बनने को कह रही थी

पर माँ ने मना किया

माँ के मना करने से मैं खुश हो गयी

पर उनकी सहेली के बातें माँ के दिमाग़ मे घूम रही थी,

ये ग़रीबी , इस तरह सिंपल रहना , उस बात पे वो सोचने लगी

मैं ने कुछ दिन माँ पे नज़र रखी पर मुझे सब ठीक लगा

इसी बीच मैं ने उनकी सहेली की रेकॉर्डिंग उनके हज़्बेंड को दी , ताकि वो मेरी माँ से दूर रहे

पर उसके हज़्बेंड को तो पैसे मिल रहे थे इससे कुछ प्राब्लम नही थी

पर अच्छी बात ये थी कि माँ सुधार गयी थी

जिस से मैं अपने कॉलेज मे बिज़ी हो गयी
 
चॅप्टर 940

पूनम दीदी मुझे अपनी कहानी सुना रही थी

पूनम दीदी की कहानी से मुझे ज्योति बुआ के बारे मे पता चल गया

पूजा बुआ कितनी अच्छी है ये पता चला , पून्म दीदी के बारे मे पता चला

तो अब कहानी शुरू होगी ज्योति बुआ और चाचा के बारे मे

कैसे ज्योति बुआ फिर से रंडी बन गयी ये पता चलेगा

अवी-तो यहाँ से चाचा और ज्योति बुआ के बारे मे शुरुआत होगी

पूनम दीदी -हाँ , तुम्हारे चाचा के आने से माँ फिर से पुरानी वाली माँ बन गयी

अवी-पर कैसे

पूनम दीदी -माँ की सहेली ने फिर से माँ के दिमाग़ मे पैसो की बात डाली ,तब तो माँ ने मना किया पर वो बात उनके दिमाग़ मे बस गयी

अवी-और चाचा ने आकर बुझी हुई आग मे तेल डाल दिया

पूनम दीदी -हाँ , पर ग़लती माँ की है , वो फिर से उस दलदल मे जा रही थी

अवी-तुम्हें तभी रोक देना चाहिए था जब शुरू हुआ था

पूनम दीदी -मुझे बहुत देर से पता चला इस बार भी ,वरना मैं बात इतने दूर जाने नही देती

अवी-शुरू से बताइए

पूनम दीदी -माँ की सहेली के बाद मुझे यकीन हुआ कि माँ दुबारा ऐसा नही करेंगी , इस बीच तुम आ गये अपनी चाची की डेलिवरी के लिए , ऐसे मे मैं और स्वेता उसी मे बिज़ी हो गयी

अवी-और आपने ज्योति बुआ से नज़र हटा दी

पूनम दीदी -इतने लोग थे, इस बार तो स्वेता और सीतल भी थी तो मैं ने सोचा माँ कुछ नही करेंगी , इतने सालो से बंद कर दिया तो मुझे लगा अब वापस उस रास्ते पे माँ नही चलेगी

अवी-तो शुरू कैसे हुआ

पूनम दीदी -हम तो तुम्हारे आने से उसी मे बिज़ी थे , माँ को तुम्हारे आने से ज़्यादा फरक नही पड़ा पर

अवी-एक मिनिट

पूनम दीदी -क्या हुआ

अवी-आपको ये सब बाद मे पता चला हैं ना

पूनम दीदी -हाँ, अब रोको मत

अवी-नही रोकुंगा

पूनम दीदी -तुम और तुम्हारे चाचा हमारे यहाँ रुक गये , पहले दिन तो कुछ नही हुआ पर बाद मे माँ तुम्हारे चाचा को खाने के लिए नीचे बुलाने गयी

तुम्हारे चाचा डेलिवरी के लिए पैसे साथ मे लाए थे ,

अवी-हाँ , हम वापस गाँव नही जा सकते थे तो पैसे अपने साथ लेकर आए

पूनम दीदी -ईडियट हो एटीएम से धीरे धीरे निकालते , और तुम 100 के नोटो की गॅडी लेकर आए थे जो देखने मे ज़्यादा लग रहे थे

माँ जब तुम्हारे चाचा को उनके कमरे मे बुलाने गयी तो तुम्हारे चाचा पैसे ठीक से बॅग मे रख रहे थे

मेरी माँ की नज़र कमरे मे जाते ही पैसो पे गयी , इतने दिनो बाद पैसे देख कर मेरी माँ की आँखो मे चमक आ गयी

माँ को पुराने दिन याद आ गये ,

जब उनके चारो तरफ पैसे ही पैसे हुआ करते थे

उनके नये नये ड्रेस पहनना , मेकप करना , पैसो को उड़ाना , होटेल मे जाकर कर पार्टी करना ,सहेली के साथ मस्ती करना , सब कुछ आँख के सामने घूमने लगा

ज्योई बुआ- इतने सारे पैसे

चाचा- ये डेलिवरी के लिए लाए है

ज्योति बुआ-ये तो बहुत है

चाचा- ये तो कुछ भी नही है , गाँव मे इस से ज़्यादा है

ये सुनते ही ज्योति बुआ के दिमाग़ मे पैसे कमाने के तरीके घूमने लगे

ज्योति बुआ-ये रहने दीजिए , चलिए खाना खाने मैं ने अपने हाथो से बनाया है

ज्योति बुआ अपना जाल तुम्हारे चाचा के उपेर फेकने लगी

चाचा-आप चलिए मैं पैसे बॅग मे रख कर आता हूँ

ज्योति बुआ - आप नही , मेरा नाम ज्योति है, और जो अपने होते है वो मुझे प्यार से ज्योति बुलाते है

चाचा-मैं आपको नाम से कैसे बुला सकता हूँ

ज्योति बुआ - मैं बूढ़ी नही हूँ जो आप कह रहे है ,

चाचा-ज्योति तुम चलो मैं पैसे रख कर आता हूँ

ज्योति बुआ - मैं मदद करती हूँ

तुम्हारे चाचा बॅग मे पैसे डालने लगे , मेरी माँ ने पैसे उठाने के लिए झुकते ही अपना पल्लू हटा दिया , जिस से मेरी माँ के ब्लाउस मे क़ैद बूब्स तुम्हारे चाचा के सामने आ गये

तुम्हारे चाचा बूब्स को घूर्ने लगे , मेरी माँ के अंदर की रंडी जाग गयी थी, जिस से वो कुछ देर ऐसे ही तुम्हारे चाचा को बूब्स दिखाती रही

पूनम दीदी- और इस तरह माँ ने पहली चाल चल दी जिस पे तुम्हारे चाचा आउट हो गये

अवी- फिर क्या हुआ

पूनम-फिर मेरी माँ ने तुम्हारे चाचा को खाना खिला कर अपने कमरे मे जाकर नंगी होकर मिरर मे खुद को देखने लगी, उनके बाल इतने बढ़ गये थे कि पुसी छुप गयी थी, थोड़ी मोटी हो गयी थी,

माँ ने वॅक्सिंग करके , मेकप करके , रोज योगा करके फिट रहना शुरू किया

सेक्सी अंडरगार्मेंट्स पहन लिए, साड़ी चेंज नही की पर थोड़ी कमर से नीचे पहन ली

और तुम्हारे चाचा को लुभाना शुरू किया

हम तो हॉस्पिटल मे बिज़ी थे ,

अवी-पर सीतल दीदी ने बताया था कि पहले आप ज्योति बुआ के साथ सो रही थी फिर , ज्योति बुआ ने आपको सीतल दीदी के पास सोने को कहा था

पूनम दीदी- हाँ , तुम्हें सीतल ने बताया

अवी - तभी बताया था कि मेरे आने से उनको नीचे ज़मीन पर सोना पड़ रहा है

पूनम- ये चाचा को फसाने के लिए माँ ने ऐसा किया

अवी- तब आपको शक नही हुआ

पूनम दीदी- माँ ने कहा कि उनके पीरियड चालू हो गये है , अगर मैं साथ सोई तो वो कंट्रोल नही कर पाएँगी , इस लिए मैं स्वेता के पास सोने गयी थी , कुछ दिन के लिए , पर बाद मे फिर से माँ को डिस्ट्रब करना अच्छा नही लगा जिस से हमने अड्जस्ट किया क्यूँ कि तुम ज़्यादा दिन रुकने वाले नही थे

अवी- फिर भी कभी शक या पता नही चला

पूनम दीदी - माँ बड़ी चालाक औरत है , मिस्टेक कभी कभी हो जाती है , वो सुबह सुबह सेक्स करती थी , सुबह 5.00 बजे की नींद होती है तो मुझे कभी कुछ ऐसा वैसा नही दिखा

अवी- कुछ भी नही , अपनी माँ के बिहेवियर से भी पता नही चला

पूनम दीदी - मुझे लगा इतने लोगो को साथ मे देख कर वो खुश रहने की कोशिश कर रही है

अवी- तो आगे क्या किया ज्योति बुआ ने

पूनम दीदी - फिर माँ ने नेक्स्ट चाल चली

तुम्हारे चाचा के नहाने के समय जान बुझ कर उनके कमरे मे झाड़ू लगाने जाती , नाइटी वो भी बड़े गले वाली पहन लेती , और बिना अंडरगार्मेंट के नाइटी मे होती जिस से तुम्हारे चाचा के होश उड़ जाए

तुम्हारे चाचा नहाने के बाद टवल पहन कर कमरे मे आते तो ज्योति बुआ को देख कर शॉक्ड हुए

चाचा-तुम यहाँ क्या कर रही हो

ज्योति बुआ - झाड़ू लगा रही हूँ

चाचा-इतनी जल्दी , मुझे कपड़े तो पहनने देती

ज्योति बुआ - रुक जाती तो आपका मज़बूत शरीर देखने को नही मिलता

चाचा-ये तो ऐसे ही , तुम्हें अच्छा लगा

ज्योति बुआ - मुझे पहलवान बहुत पसंद है

चाचा-मैं अपनी जवानी मे पहलवान था

ज्योति बुआ - सच , मेरा कब से सपना था कि किसी पहलवान के शरीर को टच करके देखु

चाचा-क्या ?

ज्योति बुआ - क्या मैं आपके शरीर की मज़बूती को छु कर देख सकती हूँ

तुम्हारे चाचा के कुछ कहने से पहले मेरी माँ उठ कर तुम्हारे चाचा के पास गयी , और अपनी उंगली को तुम्हारे चाचा के शरीर पे सेक्सी अंदाज़ मे घुमाने लगी ,

तुम्हारे चाचा का टेंट बन गया मेरी माँ की इस हरकत पे

मेरी माँ नागिन की तरह तुम्हारे चाचा के शरीर से लिपटने लगी

ज्योति बुआ - आप ने तीन शादिया क्यूँ की ये मेरी समझ मे आ गया , एक गबरू जवान ले लिए तीन भी कम पड़ती होगी

चाचा-मैं जवान नही रहा अब

ज्योति बुआ - कौन कहता है , अगर आप शहर जैसे कपड़े पहनोगे तो 25 साल के लड़के दिखोगे

चाचा-तुम भी खूबसूरत हो

ज्योति बुआ - मैं कहाँ खूबसूरत हूँ , मोटी हो गयी हूँ

चाचा-नही , इसे मोटी नही कहते , बदन भरी हुई औरत कहते है

ज्योति बुआ - आप झूठ बोलते है , ये देखिए मेरे पीछे कितने चर्बी है

और मेरी माँ ने अपने गंद को तुम्हारे चाचा के सामने करके उनका हाथ अपनी गंद पे रख दिया

मेरे मा की गंद को हाथ लगाते ही तुम्हारे चाचा को मानो जैसे खजाना मिल गया हो इतने खुश हो गये

तुम्हारे चाचा काफ़ी देर तक मेरी माँ की गंद पे अपना हाथ घुमा कर चर्बी चेक करने लगे

ज्योति बुआ - ये देखिए मेरे दूध कैसे लटक रहे है

और मेरी माँ नाइटी के बटन खोल रही थी और तुम्हारे चाचा घूर के देखने लगे

नाइटी केबटन खोलते हुए मेरी माँ अचानक रुक गयी

ज्योति बुआ - ये मैं क्या कर रही हूँ , आप बड़े गंदे हो

और ऐसे शरमाने लगी कि कोई मेरी को रंडी नही कहेगा

और इतराते हुए कमरे से बाहर चली गयी

मेरी माँ के जाते ही तुम्हारे चाचा खुश हो गये और अपना टवल निकाल बेड पे लेट कर लंड को हिलाने लगे

मेरी माँ को पता था कि ये सब होगा , वो कमरे के बाहर से छुप कर देख रही थी

और तुम्हारे चाचा के मूठ मारनी शुरू करते ही मेरी माँ अंदर आ गयी

दोनो शॉक्ड हो गये ,तुम्हारे चाचा मूठ मारते हुए रुक गये , , मेरी माँ ऐसे आक्टिंग करने लगी जैसे ये सब अचानक हो गया

ज्योति बुआ - मैं वो , झाड़ू रह गयी थी

और झाड़ू उठा कर , तुम्हारे चाचा की तरफ देख कर हँसते हुए कमरे से ऐसे भागी जैसे 18 साल की लड़की हो और पहली बार लंड देख रही हो

तुम्हारे चाचा की तो निकल पड़ी , गाँव के मर्द को शहर की औरत मिल जाए तो क्या कहने , गुलाम बन जाता है

तुम्हारे चाचा की हालत भी ऐसी ही थी , तुम्हारे चाचा ने मेरी माँ के नाम की मूठ मारी और मेरी माँ के साथ खुल गये , हँस हँस कर बातें करने लगे ,

मेरी माँ उस बात का पूरा ध्यान रखती कि कोई उनको देखे ना

अवी- फिर क्या हुआ

पूनम दीदी-होना क्या था , मेरी माँ की 2न्ड चाल कामयाब हुई,और 3र्ड चाल की प्लॅनिंग करने लगी

सुबह नाश्ता करते हुए हमे पहले नाश्ता कर के भगा देती , और तुम्हारे चाचा का स्पेशल नाश्ता बनाती ,

नाश्ता देते हुए इतना झुकती कि तुम्हारे चाचा को बूब्स नज़र आते

तुम्हारे चाचा को नाश्ता देते हुए जान बुझ कर उनकी गोद मे गिर जाती

ज्योति बुआ - आज फिर गिर गयी

चाचा-लगता है तुम्हें फिसलने की आदत हो गयी है

मेरी माँ तुम्हारे चाचा की गोद मे बैठी हुई थी , उठने की जगह मे अपनी गंद को तुम्हारे चाचा के लंड पे रगड़ते हुए बातें करने लगी

ज्योति बुआ - पकड़ने वाला पहलवान हो तो गिरने से डर नही लगता

चाचा-पर दर्द तो मुझे होता है आपके इस तरह मेरे उपर गिरने से

ज्योति बुआ - ये टाइल्स खराब हो गयी है , आपको कहीं चोट तो नही लगी है , मैं मलम लगा देती हूँ

चाचा-वहाँ मलम नही लगाया जाता , उसको गरम गुफा मे रखना पड़ता है

ज्योति बुआ - बहुत गरम गुफा है मेरे पास , बताइए कहाँ लगी

चाचा-बताने की जगह आपका हाथ लगा कर दिखाता हूँ

मेरी माँ तुम्हारे चाचा की गोद से उठ गयी

ज्योति बुआ - कहाँ लगी चोट

तुम्हारे चाचा ने मेरी माँ का हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख दिया

तुम्हारे चाचा को लगा कि मेरी माँ शरमा के भाग जाएगी पर उनको पता नही था कि मेरी माँ चीज़ क्या है

मेरी माँ ने तुम्हारे चाचा का लंड दबा दिया और शरमा कर किचन मे भाग गयी

तुम्हारे चाचा मेरी माँ की हिलती हुई गंद देख कर हँसने लगे

और मेरी माँ के पीछे किचन मे जाने लगे

मेरी माँ किचेन मे जा कर हाँफने लगी उनको पता था कि तुम्हारे चाचा उनके पीछे ज़रूर आएँगे

तुम्हारे चाचा के आते ही मेरी माँ ने एक सेक्सी स्माइल दे कर तुम्हारे चाचा को घायल कर दिया

तुम्हारे चाचा मेरी माँ के चक्केर मे फस कर पास जाने लगे

तुम्हारे चाचा मेरी माँ को पकड़ने वाले थे कि बेल बज गयी मेरे पापा आगये

और तुम्हारे चाचा नाश्ता करने लगे और मेरी माँ नॉर्मल हो गयी

और अब अपनी आख़िरी चाल की प्लॅनिंग करने लगी

जिस से तुम्हारे चाचा को पूरी तरह से अपने जाल मे फसा सके
 
चॅप्टर 940आ

पूनम दीदी मुझे ज्योति बुआ ने चाचा को कैसे फसाया ये बताने लगी

ज्योति बुआ ने गाँव के चाचा को शहर की सेक्सी औरत बन कर अपने जाल मे फसाया

लंड को देखना , ज्योति बुआ की गंद को टच करना , चाचा के लंड को मसल देना यहाँ तक पूनम दीदी मुझे बता दिया

अवी- फिर क्या चाल चली ज्योति बुआ ने

पूनम दीदी-फिर माँ ने तुम्हारे चाचा को छत पे पकड़ लिया

मेरी माँ सुबह हमारे कॉलेज जाने के बाद कपड़े सुखाने के लिए छत पे चली गयी ,

तुम्हारे चाचा के सामने अपने गांद का मटका कर चलनी लगी जिस से तुम्हारे चाचा अपना लंड खड़ा कर कर मेरी माँ के पीछे छत पर आ गये

मेरी माँ कपड़े सुखाने मे लग गयी जब भी वो कपड़े उठाने को झुकती तो उनके बूब्स तुम्हारे चाचा देख लेते

ज्योति बुआ - आप यहाँ च्चत पे क्या कर रहे ,आपको हॉस्पिटल नही जाना

चाचा-मैं सोच रहा हूँ कि होसिप्तल थोड़ी देर से जाया करूँ ताकि शहर2 की खूबसूरती को ज़्यादा देर देख सकूँ

ज्योति बुआ - आप बस देखते रहते है , खूबसूरती को मसलना पड़ता है ताकि और निखर जाए

चाचा-जल्दी मसल दूँगा

ज्योति बुआ - मसल देना पहले मेरी मदद करो , कपड़े सुखाने मे

तुम्हारे चाचा को यही तो चाहिए था , तुम्हारे चाचा मेरी माँ को कपड़े उठा कर देने लगे

इसी बीच तुम्हारे चाचा के हाथ मे मेरी माँ की ट्रांसपेरेंट घुटने तक लंबी नाइटी आ गयी

चाचा-ये ड्रेस किस का है , यहाँ तो कोई छोटी बच्ची नही है

ज्योति बुआ - ये मेरा है

चाचा-इतनी छोटी ड्रेस

ज्योति बुआ - सोते हुए पहनती हूँ , आपको पसंद आई

चाचा-इस मे तो सब दिखता होगा

ज्योति बुआ - जो देखने के लिए बनता है वो दिखना चाहिए

चाचा-और इस के अंदर कुछ पहनती है

ज्योति बुआ - हाँ , वो रेड ड्रेस

और तुम्हारे चाचा रेड पैंटी उठा ली,, जो शहर के हिसाब से नॉर्मल थी पर गाँव वालो के लिए छोटी थी जिस से सब दिखता हो

चाचा-ये छोटी कच्छी किस की है

ज्योति बुआ - आप भी ना, अभी तो बताया मेरी है

चाचा-इतनी छोटी कच्छी पहनती है, इस से तो सब दिखता होगा

ज्योति बुआ - सब नही दिखता जो छुपाना होता है वो छुप जाता है , और इसे कच्छी नही पैंटी कहते है

चाचा-गाँव मे तो कच्छी कहते है और इस के डबल साइज़ की होति है ,

ज्योति बुआ - शहर मे तो इस से भी छोटी पहनते है

चाचा-इस भी छोटी , मैं नही मानता

ज्योति बुआ - मेरे पास नही है , पैसे होते तो खरीद कर दिखा देती

और माँ ने अपना फसा फेक दिया

चाचा-पहन कर दिखाती या इस तरह हाथ मे पकड़ कर दिखाती

ज्योति बुआ - जो पसंद हो वैसे दिखती पर पैसे कहाँ है लेने को

चाचा-कितने की होती है

ज्योति बुआ - 5000 की

चाचा-इतनी महँगी , इतने पैसे मेरे पास नही है

ज्योति बुआ - क्या जूथ बोलते है , वो बॅग मे इतने पैसे है और कहते है पैसे नही है

चाचा-मुझे जाना चाहिए, हॉस्पिटल जाने मे देर हो रही है

ज्योति बुआ - बात तो पूरी कर लो

चाचा-रात मे बात करेंगे

और तुम्हारे चाचा हॉस्पिटल मे चले गये

अवी- फिर इनके बीच मे सेक्स कब हुआ

पूनम दीदी-मेरी माँ ऐसे किसी को फसाती है कि वो इनके हाथो से निकलता नही

अवी-क्या मतलब

पूनम दीदी- नेक्स्ट चाल चलने का समय आ गया

अवी - क्या थी नेक्स्ट चाल

पूनम दीदी- माँ के कपड़े निकालना

एक दिन हमे जल्दी कॉलेज जाना पड़ा , इम्पोर्टेंट गेस्ट लेक्चर था

हमारे जल्दी कॉलेज जाने से , माँ को एक मौका मिल गया , क्यूँ कि पापा को ड्यूटी से आने मे टाइम था ,

तुम्हारे चाचा और मेरी माँ घर मे अकेले थे

फिर माँ ने वो चाल चली जो कभी फैल नही होती, मॅग्ज़िमम टाइम ये चाल कामयाब होती है

अवी- ऐसी कौन सी चाल चली

पूनम दीदी- खुद फिसल जाने जा नाटक करके दूसरो को अपने जाल मे फसाना

मेरी माँ ने अकेले होने का फ़ायदा उठाया

वही ट्रांसपेरेंट नाइटी पहन कर बाथरूम मे फिसल गयी

तुम्हारे चाचा मेरी माँ की आवाज़ सुनकर भाग कर उनके कमरे मे चले गये

मेरी माँ को बाथरूम मे नीचे गिरा हुआ देख कर उनके होश आ गये .

नाइटी छोटी थी जिस से माँ की जांघे साफ साफ दिखाई दे रही थी , जिसे देख

कर तुम्हारे चाचा सब कुछ भूल कर जांघों को देखने लगे

मेरी माँ दर्द होने का नाटक करके अपनी नाइटी को उपर करके तुम्हारे चाचा को गोरी गिरी जांघे दिखाने लगी

तुम्हारे चाचा की नज़र गोरी जांघों से होते हुए ट्रांसपेरेंट नाइटी मे छुपी हुई पैंटी पे गयी

सेक्सी पैंटी देख कर , तुम्हारे चाचा उस मे छुपी हुई चूत को इमॅजिन करने लगे

मेरी माँ तुम्हारे चाचा को ऐसा घूरता हुआ देख कर अपनी कामयाबी का जशन मनाने लगी

एक दर्द भरी चीख से तुम्हारे चाचा होश मे आए

होश मे आते ही तुम्हारे चाचा ने मेरी माँ की तरफ देखा तो बिना ब्रा के ट्रांसपेरेंट नाइटी से बूब्स को देखने लगे

मेरी माँ के आम को देखते हुए तुम्हारे चाचा लट्टु हो गये

ज्योति बुआ - मुझे दर्द हो रहा है और आप हो कि मुझे घुरे जा रहे हो

चाचा-ये सब कैसे हुआ

ज्योति बुआ - मैं नहाने जा रही थी कि फिसल गयी

चाचा-अब क्या करे

ज्योति बुआ - मुझे उठा कर बेड पर ले चलो , मुझसे चला नही जा रहा है

तुम्हारे चाचा इस बात से खुश हो गये और मेरी माँ को अपने हाथो मे उठा कर बेड पर ले गये

ज्योति बुआ - बहुत दर्द हो रहा है

चाचा-कहाँ चोट लगी

मेरी माँ पलट गयी , और अपने गंद की तरफ इशारा करके बताया कि गंद पे दर्द हो रहा है

ज्योति बुआ - यहाँ चोट लगी है

तुम्हारे चाचा का ध्यान मेरी माँ के दर्द पे नही गंद पे था , गंद मे फसि नाइटी पे था

ज्योति बुआ - फिर घूर्ने लगे हो

चाचा-तो क्या करे

ज्योति बुआ - टेबल पे तेल रखा है वो लगा कर मालिश कर दो

मेरी माँ ने सारा इंतज़ाम किया था , पर तुम्हारे चाचा को नंगा देखने की जल्दी थी मेरी माँ को जिस से वो कुछ सोच नही पाए

चाचा ने तेल ले लिया और वैसे खड़े रहे

ज्योति बुआ - लगा दो ,

तुम्हारे चाचा ने मेरी माँ के गंद से नाइटी निकाल दी और नाइटी को उपर कर दिया

मेरी माँ की गंद को छोटी पैंटी मे देख कर तुम्हारे चाचा खुश हो गये

और अपने हाथो से मेरी माँ की गंद को मसल्ने लगे

ऐसे मसल्ने लगे कि पूरी गंद तेल से चिकनी कर दी

और इस बीच कब पैंटी निकल गयी किसी को पता नही चला

और तुम्हारे चाचा मेरी माँ के गंद के छेद को तेल लगाने की जगह चूत को मसल्ने लगे

शायद तुम्हारे चाचा को पीछे से करना पसंद नही है

फिर मेरी माँ ने तुम्हारे चाचा के लंड को तेल लगा के अपने अंदर लिया

और शुरू हो गया मेरी माँ के रंडी बनने का सफ़र

तुम्हारे चाचा मेरी माँ के साथ बहुत खुश थे

मेरी माँ को एक्सपीरियेन्स था कि आदमी को कैसे फसाया जाता है

और तुम्हारे चाचा तो गाँव से थे जिस से शहर का नॉर्मल लाइफ स्टाइल उनको दीवाना बनाने को काफ़ी होता है

मेरी माँ अलग तरीके से तुम्हारे चाचा को खुश करने लगी

कभी सेक्सी नाइटी , तो कभी सेक्सी पैंटी , तो कभी सेक्सी साड़ी , तो ब्लू फिल्म दिखा कर नये नये तरीके सिखाने लगी तुम्हारे चाचा को

तुम्हारे चाचा को फ्रेंच किस करना मेरी माँ ने सिखाया

और इस तरह मेरी माँ फिर से रंडी बन गयी

और मेरी माँ ने पूरे 1 महीने सेक्स का वो मज़ा लिया जो इतने सालो से नही लिया

सन्नी के जाने के बाद मेरी माँ और पापा के बीच की सेक्स लाइफ ख़तम हो चुकी थी

तुम्हारे चाचा के आने से पूरी हो गयी

पहले तो मेरी माँ ने सेक्स पे ध्यान दिया ,

अवी-तो ऐसे मेरे चाचा और तुम्हारी माँ एक हुए

पूनम दीदी -हाँ

अवी-फिर क्या हुआ

पूनम दीदी -फिर मेरी माँ ने पैसो की तरफ अटॅक किया

अवी-पैसे तो उतने ही थे जितने हम लाए थे ,एक रुपया खर्च नही किया चाचा ने , बिल ज़्यादा होने से मैं एटीएम से लाया था कुछ पैसे

पूनम दीदी -पता नही पर माँ तो पैसो के लिए रंडी बनती है

अवी-पैसे तो चाचा ने तब खर्च नही किए थे ज्योति बुआ पे, , हम 5 लाख लाए थे और एटीम से 1.20लाख निकले , 20 हज़ार एक महीना का लार्च हुआ और 6 लाख हॉस्पिटल मे दिए

पूनम दीदी -मुझे नही पता पर माँ के पास नया नेकक्लेस था

अवी-वो गोल्ड का नेकक्लेस मेरे चाचा ने दिया था , और तुम्हारी माँ डाइमंड का माँग रही थी

पूनम दीदी -अगर तुम्हारे चाचा ने पैसे खर्च नही किए तो , नेककलेस कहाँ से लिया

अवी-ये मुझे भी नही पता , मैं खुद शॉक्ड था , पैसे खर्च नही किए तो नेककलेस आया कहाँ से

पूनम दीदी -जाने दो , माँ के पास डाइमंड का नेककलेस तो नही है

अवी-गाँव आने पर देने का वादा किया था चाचा ने,

पूनम दीदी -तुम्हारे चाचा ने गाँव बुलाया था, तभी मेले मे इतने दिन रुकी थी

अवी-और क्या हुआ दोनो के बीच मे

पूनम दीदी -1महीने तक सेक्स हुआ ,

अवी-फिर

पूनम दीदी -अचानक तुमने बताया कि तुम वापस जा रहे हो

अवी-मुझे तभी पता चल गया था चाचा और ज्योति बुआ के बारे मे

पूनम दीदी -फिर तुमने कुछ किया क्यूँ नही

अवी-किया ना दोनो को अलग किया , चाचा को गाँव लेकर आ गया ,

पूनम दीदी -बस इतना ही

अवी-तब चाची माँ बनी थी ऐसे मे मैं ड्रामा कैसे होने देता उस लिए चाचा को वापस गाँव लेकर आया

पूनम दीदी -अच्छा किया था

अवी-हमारे आने के बाद क्या किया ज्योति बुआ ने

पूनम दीदी -इंतज़ार किया , गाँव जाने का , तुम्हारे चाचा से मिलने का

अवी-क्यूँ शहर मे पकड़ लेती किसी को

पूनम दीदी -कुछ सालो मे सेक्स ना करने से खुद का ध्यान ना रखने से माँ की हॉटनेस्स ख़तम हो गयी , शहर2 के आदमी को तो कोई भी अच्छी मिल जाती है ,

मेरी माँ को अगर नया एटीम कार्ड चाहिए था तो वो गाँव मे मिल सकता है , क्यूँ कि गाँव के लोगो के लिए वो हॉट औरत थी

तो मेरी माँ इंतज़ार करने लगी गाँव जाने की वजह मिल जाए

अवी-तो सब स्टॉप हो गया

पूनम दीदी -हाँ

अवी-पर तुम्हें कब पता चला

पूनम दीदी -मेले के बाद जब वापस शहर गयी तब पता चला

अवी-कैसे पता चला

पूनम दीदी -मेरी माँ की वो सहेली माँ से मिलने वापस आ गयी , मैं ने फिर से मोबाइल पे उनकी बातें रेकॉर्ड की तब पता चल कि माँ वापस रंडी बन गयी

अवी- ये सब बातें उस रेकॉर्डिंग से पता चली

पूनम दीदी -हाँ

अवी-फिर तो मेले की बातें भी पता होगी तुम्हें

पूनम दीदी -हाँ , मेले मे मेरी माँ ने क्या किया सब पता है

अवी-मुझे बताओ

पूनम दीदी -बताती हूँ , पर मैं बाथरूम होकर आती हूँ

अवी-ठीक है तुम बाथरूम मे जाओ मैं किचन से केले लेकर आता हूँ

पूनम दीदी -तुम फिर शुरू हो गये

अवी-खाने के लिए लाता हूँ ,

पूनम दीदी -ठीक है

और पूनम दीदी बाथरूम मे चली गयी और मैं टी बनाने लगा

इस बारिश मे टी पी कर तरोताजा हो जाते है ,

मेले की मस्ती चाचा और ज्योति बुआ की सुननी बाकी है
 
चॅप्टर ए 940 ब

पूनम दीदी फ्रेश होकर आ गयी

साथ मे पैंटी पहन कर आ गयी

अवी-दीदी ये क्या , कपड़े क्यूँ पहन लिए

पूनम दीदी-सिर्फ़ पैंटी ही पहनी है

अवी-मैं ने तो कुछ नही पहना , ये चीटिंग है , बारिश का मौसम है क्यूँ पैंटी खराब करना चाहती हैं

पूनम दीदी-सही कहा , सूखेगी नही तो प्राब्लम होगी

अवी-तो निकाल लो , देखिए मैं अपना लंड खड़ा करे आया हूँ

पूनम दीदी-खड़ा क्यूँ किया , तुमने तो मना किया था ना

अवी-दीदी हम ने बातें करने तक आराम कर लिया है , अब एक राउंड कर लेते है

पूनम दीदी-पर तुम्हें तो मेले के बारे मे सुनना था

अवी-सेक्स करते हुए बात करेंगे

पूनम दीदी-शीष्कारियाँ सुनना चाहते हो

अवी-धक्के नही मारूँगा बस कमर हिलेगी , और आप बैठे रहना अंदर अंदर डाल कर

पूनम दीदी-ठीक है , मैं तो तैयार हूँ ,

अवी-तो लीजिए गरम टी पी लो , रति ठंडी निकल जाए

पूनम दीदी-सो स्वीट, टी बनाई है , इसकी सख़्त ज़रूरत थी

अवी-हमे लंबा मेला तय करना है

पूनम दीदी-तो बातें भी हो जाएगी और मज़ा भी हो जाएगा

और हम बारिश का मज़ा लेते हुए टी पीने लगे

टी पीते ही हम गरम हो गये

अवी-तो शुरू करे

पूनम दीदी-पोज़िशन कैसी लेनी है

अवी-मेरी गोद मे बैठो मेरी तरफ मूह करके

पूनम दीदी ने मेरे लंड को थोड़ी देर चूस लिया

मैं ने भी पूनम दीदी की चूत को चूस कर लंड डालने लायक बना दिया

और पूनम दीदी मेरे लंड को अपनी चूत मे लेकर बैठ गयी

अवी-मैं शुरू करता हूँ , आप भी शुरू हो जाइए

और मैं पूनम दीदी की चुदाई करते हुए मेले की बातें सुनने लगा

मेरा ध्यान बातों पे ज़्यादा था और चुदाई पे कम

मैं लंड चूत ने डाल कर बैठा रहा

पूनम दीदी-तो मेरी माँ और तुम्हारे चाचा को तुमने अलग किया

पर ज़्यादा दिन नही कर पाए

मेले की खबर मिलते ही माँ खुश हो गयी ,

हमारे लिए ये मेला खुशिया लाने वाला था और माँ के लिए ये मेला पैसो की बारिश करने वाला था

हम जैसे ही गाँव मे आए मेरी माँ की चूत मे खुजली होने लगी

पर मेले मे कितने सारे लोग होने से मेरी माँ सोचने लगी कि कैसे काम पर लगा जाए

तुम्हारे चाचा से बात की तो उनके घर3 मे तुम रहने लगे

ऐसे मे क्या करे कुछ समझ नही आ रहा था मेरी माँ को

मेला स्टार्ट होने वाला था पर माँ को कोई रास्ता नही दिखा

तभी तुम हमे मेला दिखाने ले जाने लगे ,

मेरी माँ को एक आइडिया आया , पूजा मामी तो शाम मे तुम्हारे घर मे रुकती है, बच्चे मेले मे होते है , ऐसे मे 5 से 8 उनको खाली समय मिल गया

(यही मैं ने ग़लती की , सही समय निकाला था ज्योति बुआ ने, इस समय गाँव खाली रहता है सब मेले मे होते है , मंदिर की दूसरी पूजा मे होते है , )

और मैं ने 2 3 धक्के मार कर पूनम को एनर्जी दी

अवी-आगे क्या हुआ

पूनम दीदी-तुम बीच बीच ऐसे धक्के मारते रहना मज़ा आ रहा है

अवी-मैं अपना काम करता रहूँगा आप अपना काम करो

पूनम दीदी-तो दूसरे दिन तुम हम सबको मेके मे लेकर गये, पूरी फॅमिली साथ मे थी

ऐसे मे तुम्हारी चाची को वुमेटिंग हुई

और सब घर चले गये

पीछे रह गये , तुम्हारे चाचा और ज्योति बुआ ,

उसका फ़ायदा मेरी माँ ने उठा लिया , स्वेता की मौसी हमारा ध्यान रखने लगी और मेरी माँ गायब हो गयी

सेक्स करने को गायब नही हुई , तुम्हारे चाचा अपने दोस्तो से मिलाने ले गये , मेरी माँ सेक्सी अंदाज़ से तुम्हारे चाचा के दोस्तो से मिली

पहली मुलाकात ने मेरी माँ ने सबको घायल कर दिया

यही से शुरू हुई मेले की मस्ती मेरी माँ की

मेरी माँ ने तुम्हारे चाचा के दोस्तो को पहली मुलाकात मे अपनी पैंटी निकाल कर दी

, सब के सामने साड़ी के अंदर हाथ डाल कर निकाल कर दी , जी स्ट्रिंग वाली पैंटी देख कर सब देखते रह गये , फिल्म जैसी पैंटी देखते ही तुम्हारे चाचा के दोस्त पागल हो गये ,

तुम्हारे चाचा के दोस्त को फसाने के लिए पैंटी निकाली थी, तुम्हारे चाचा के दोस्तो का पागल पन देख कर मेरी माँ मन ही मन मे खुश हुई , और सबके लंड को दबा दिया

मेरी माँ की पैंटी के लिए तुम्हारे चाचा के दोस्तो मे झगड़ा शुरू हो गया , पैंटी की चाल से मेरी माँ अपना दाम बढ़ा सकती थी

मेरी माँ आज इनको घायल.कर के छोड़ना चाहती थी जिस से मेरी माँ की मन मानी चले

और माँ जल्दी वापस आ गयी ताकि शक ना हो

और मेरी माँ को रास्ता मिल गया अमीर होने का

माँ ने अपने साथ कॉन्डम का बड़ा बॉक्स लाई थी छुपा कर ताकि पूरा मेला एंजाय कर सके

शिकार मिल गया , टाइम मिल गया , जगह नही मिल रही थी ,

ऐसे मे तुम्हारे चाचा ने मंगला काकी से उनका घर माँग लिया ,

पूनम दीदी-ये मंगला काकी कौन है

अवी-रति पता हैं , उसी की माँ , उसका पति नही है ,

पूनम दीदी-तभी वो पैसे लेकर मान गयी , पर वो भी तो होगी वहाँ

अवी-नही होगी , मंगला काकी की राशन की दुकान है , तो मेले मे स्टॉल लगाया था मंगला काकी ने इसी लिए रति को छुट्टी दी थी मेले मे , 5 से 10 बजे तक मंगला काकी का घर खाली रहता है , (मंगला काकी ने घर दिया पर चूत नही दी होगी )

और मैं ने वापस कुछ धक्के मार कर पूनम दीदी को खुश किया

अवी-आगे क्या हुआ

पूनम दीदी-टाइम और जगह मिलते ही पहली मुलाकात नेक्स्ट दिन फिक्स हुई

तुम्हारे चाचा , सरपंच, सरपंच का जीजा , फ्रूट मर्चेंट (शहर मे जो आम भेजते है) 2 थे , और गाँव का पाटिल , और मेरी माँ अकेली

अवी-कैसे हॅंडल किया होगा

पूनम दीदी-इतने लोगो को दिमाग़ से हॅंडल किया , सबको पहले सेक्स करना था , तो मेरी ने अपनी बोली लगानी शुरू की .इस से उनको ज़्यादा पैसे मिलेंगे इसकी उम्मीद थी

अवी-काफ़ी दिमाग़ लगाती है

पूनम दीदी-तो पहले दिन , 2 घंटे के लिए , 5लाख मे फ्रूट मेरचेंट ने खरीद लिया

शहर 2 मे मेरी माँ की एज देख कर 25000 मिल जाते , पर यहाँ तो 5 लाख मिल गये ,

ये हुआ ऐसे कि तुम्हारे चाचा के दोस्त बोली.लगाते गये और माँ नाचती गयी

माँ ने नाचते हुए सेक्सी अंदाज़ मे अपने कपड़े निकालने शुरू किए

माँ मेक अप वॅक्सिंग सब कुछ करके रखती थी

सेक्सी ब्रा पैंटी मे देखते ही सबने बोली बढ़ा दी

अब तो उनके ईगो का सवाल था

दोस्तो मे सब से पहले कौन टेस्ट करेगा , ईगो इश्यू हो गया

कोई कम नही पड़ना चाहता था

जो जितना देगा उसकी इज़्ज़त बढ़ जाएगी ऐसा लगा उनको

इस का फ़ायदा माँ उठा रही थी

सबके पास जाकर उनको सिड्यूस करने लगी तो वो बोली बढ़ा देता

सब के पास बहुत पैसे थे मेले मे एंजाय करने के लिए

तो पहली बोली माँ ने अपने दिमाग़ से 5 लाख की होने दी

माँ समझ गयी कि मेले मे वो लखपती बन जाएगी

फ्रूट मेरचेंट ने सब के सामने मेरी माँ को चोदा , ताकि उनकी पवर दिखा सके, मेरी माँ बहुत चिल्लाई ताकि फ्रूट मेर्सेंट खुश हो जाए , और अपने सहर के नये तरीके से सेक्स करके फ्रूट मेर्सेंट का पानी निकाला , और देखने वाले का तो बिना हिलाए पानी निकल गया

पहले दिन 5लाख कमा लिए मेरी माँ ने

फिर नेक्स्ट दिन बोली नही बोली गयी , मेरी माँ ने 50 000 एक दिन का दाम लगा दिया

और सिर्फ़ 2 घंटे होने से सबने बारी बारी मज़ा लिया

सरपंच ने ज़्यादा मज़ा लिया

तुम्हारे चाचा का जब नंबर था तो वो चान्स सरपंच ने ईस्तमाल किया

सरपंच ने तुम्हारे चाचा को कहा कि तू तो कभी भी ले सकता है , हमे दुबारा नही मिलेगी

तुम्हारे चाचा ने अपना चान्स सरपंच को दिया

सरपंच के जीजा ने अपना कार्ड दिया माँ को , और उनका नंबर लिया ,सरपंच का जीजा पॉलिटीशियन के लिए काम करता था

माँ उस से डबल खुश हो गयी

माँ हर दिन लाखों मे रुपये कमाती

इस तरह माँ ने मेले मे मज़े किए

कॉंडम खुद ले जाती ताकि रिस्क ना हो

और कभी दिन मे टाइम मिल गया तो ब्लो जॉब देती फ्री मे जिस से उनकी चाँदी हो.जाती

ऐसे एक दिन ब्लो जॉब देते हुए एक आदमी ने देख लिया

तो मेरी माँ ने उस से पैसे लेकर उसके साथ भी सेक्स किया

ऐसी है मेरी माँ

अवी-मेले मे पता चल जाता मुझे तो अच्छी खबर लेता उनकी

पूनम दीदी-मुझे पता होता तो मैं पूजा मामी को बता देती

अवी-मैं ने पूजा बुआ को नज़र रखने को कहा था ज्योति बुआ पे

पूनम दीदी-पूजा मामी को पता है माँ के बारे मे

अवी-नही , पर इतना पता है पैसो के लिए कुछ भी कर सकती है

पूनम दीदी-उनको पता चल गया तो ज़्यादा प्राब्लम नही होगी अगर मामा जी पता चला तो बहुत कुछ हो जाएगा

अवी- वो पता है मुझे

पूनम दीदी-तुम्हें सब पता होता है पर बताते कुछ नही

अवी- वो तो मैं

पूनम दीदी-तुम्हें मुझ से पहले मेरी माँ के बारे मे पता था तुमने कभी बताया नही

अवी- मुझे लगा आपको बताया तो आप को दर्द होगा

पूनम दीदी-इस से ज़्यादा दर्द मिले है

अवी- वो तो मुझे आज पता चला आपके दर्द का

पूनम दीदी-फिर भी तुम मुझे प्यार कर रहे हो

अवी- आप इतनी प्यारी है कि प्यार करते रहने का दिल कर रहा है

पूनम दीदी-मेरी माँ के बारे मे पता चलने के बाद भी

अवी- ज्योति बुआ कैसी भी हो ,उसका असर हमारे रिस्ते पे कभी नही होगा

पूनम दीदी-ये तुम कह रहे हो बाकी सबकी अलग सोच होती है

अवी- हम किसी को पता चलने नही देंगे

पूनम दीदी-वो कैसे

अवी- रूम सीक्रेट की तरह

पूनम दीदी-तुमने रूम सीक्रेट बोल बोल कर मेरा सारा सीक्रेट ओपन कर दिया

अवी- अब आपको अच्छा लग रहा होगा

पूनम दीदी-हाँ , तुमसे बात करके दिल से बोझ कम हो गया

अवी- इसी लिए फ्रेंड होते है

पूनम दीदी-सही कहा , अब थोड़ा ज़ोर से धक्के मारो मेरा निकलने वाला है

अवी- तो तुम्हारे उपर आ जाउ

पूनम दीदी-जो करना है करो , मेरा पानी निकालने के बाद आगे की कहानी बताउन्गी

अवी- और भी कुछ बाकी है

पूनम दीदी-हाँ मेले मे और भी बहुत कुछ हुआ था

अवी- फिर लो मेरे धक्के को सम्भालो

पूनम दीदी-आआअहह अस्ीईईई हीईीईईईई जोर्र्र्ररर सीईईई तूमम्म्मममम जादूगर्र्र्र्रर्रफ़ हूऊऊऊओ अवईीईईईईईईई मैंन्णणन् तुम्हारीीईईई दीवानी हो गैिईईईईीहुउऊुुउउ

अवी- तो और लो

पूनम दीदी-मुझीईए और्र्रर चाहिइईईई और्र्ररर जोर्र्र सीईई आआआहह ऊऊओह ऊवूवुउयूयीयैयीयियी माआआआअ ल्याआआआ तकट्त्ततत्ट हाईईईईई

अवी- अभी देखी कहाँ है ये लो

पूनम दीदी-आआहह मैईन्न्ननणणन् आआआ रहियीईईईई हुउऊुुुउउ अवईीईईईईईईईईईईई

और पूनम दीदी का पानी निकल गया

और वो ठंडी पड़ गयी

पर कहानी अभी बाकी है

मेरा वीर्य निकलना बाकी है
 


चॅप्टर 940 सी

पूनम दीदी ने मुझे आधी कहानी बता दी मेले की

अभी और बाकी है

कहानी पूरी हो जाने तक मेरा वीर्य निकल जाएगा

पूनम दीदी को उनकी खुराक मिलते ही वो मिट्ठू की तरह बोलने लगी

अवी- तो आगे क्या हुआ

पूनम दीदी-मेरी माँ , सबके साथ एक एक करके सेक्स करने लगी

अपने मोबाइल पे ब्लू फिल्म देख कर सबके साथ नया कुछ किया जिस से सब दीवाने हो गये मेरी माँ के

मुझे तो ये बताते हुए शरम आ रही है पर यही सच है

मेरी माँ को सेक्स और पैसे दोनो मिल रहे थे

फिर एक दिन माँ की वही सहेली शहर2 से सहर आ गयी किसी काम से ,तो मेरी माँ अपने सहली से मिलने शहर चली गयी

अवी- मुझे याद है , एक दिन के लिए ज्योति बुआ शहर गयी थी , पूजा बुआ ने बताया था

पूनम दीदी-वो सहेली से एक डील करने गयी थी

अवी- कैसी डील

पूनम दीदी- 30% और 70% की डील

अवी- मैं समझा नही

पूनम दीदी-मेरी माँ तुम्हारे चाचा के दोस्तो को डबल खुश करने के मूड मे थी , मेरी माँ और उनकी सहेली , और वो 6 , एक ग्रूप सेक्स

अवी- फिर सेक्स ग्रूप सेक्स

पूनम दीदी-हाँ ,

मेरी माँ ने अपनी सहेली से डील की , मेरी माँ की सहेली मान गयी , उनकी डील ऐसी ही होती है जिसका एटीएम कार्ड उसका हिस्सा ज़्यादा

और सब जमा हो गये फ्रूट मर्चेंट के स्टोर हाउस मे

डील हुई 3 लाख , 3 लाख मे 6 लोगो के सामने सुबह से शाम तक मेरी माँ और उनकी सहेली मुज़रा करेंगी

माँ ने सब सोच लिया था , पॉर्नस्टार की तरह सबको खुश किया

शराब डॅन्स , सेक्स , चीखना चिल्लाना , कॉंडम पे कॉंडम हवा मे उड़ रहे थे

गांजे के स्मोक से स्टोर हाउस हिलने लगा

और मेरी माँ मज़ा करने लगी

इसी डील के पैसे लेने माँ की सहेली जब घर आई तो तब मैं रेकॉर्डिंग की थी और माँ ने शुरू से लेके एंड तक सब कुछ अपनी सहेली को बता दिया

और मुझे मेरी माँ के फिर से रंडी बनने का पता चला

अवी- तो आपने क्या किया

पूनम दीदी-बीच मे नही , पहके मेला ख़तम करते है , और तुम करते रहो धक्का मारते रहो

उस दिन माँ के हाथ मे जॅकपॉट लग गया , माँ ने फिर से लाखों रुपये कमाए

माँ ने वो सारे पैसे उसी दिन बॅंक मे डाल दिए , और अब तक जमा हुआ पैसे भी बॅंक मे डाल दिए

अभी मेले के ख़तम होने मे टाइम था

फिर से माँ जॅकपॉट के इंतज़ार मे थी

और वो जेक्पोट मिला तुम्हारी वजह से

अवी- मेरी वजह से क्यूँ

पूनम दीदी-तुम हम सबको शॉपिंग कराने ले गये पर मेरी माँ कहाँ आई थी

अवी- चाचा भी नही आए थे , इस बात के बारे मे बाद मे पता चला

पूनम दीदी-उस दिन माँ तो सरपंच के जीजा पॉलिटीशियन के लिए काम करता है उसके फार्महाउस पे गयी थी

अवी- चाचा लेकर गये होंगे शायद

पूनम दीदी-मे बी

मेरी माँ सेक्स करके और जवान होती जा रही थी

जिस से उस पॉलिटीशियन को मेरी माँ पसंद आ गयी

उसने आगे पीछे से मेरी माँ की बजा दी

और उसको माँ ने बहुत शराब पिलाई

कम समय मे उस दिन ज़्यादा पैसे कमाने का सोचा मेरी माँ ने

क्यूँ कि हम कभी भी आ सकते थे शॉपिंग करके

माँ ने पॉलिटीशियन को शराब इस लिए पिलाई कि ताकि पेमेंट करते हुए वो होश मे ना रहे

मेरी माँ फ़ायदा उठाना अच्छे से जानती है

बात 1 लाख की हुई थी और माँ वहाँ से 6 लाख लेकर आ गयी

एक और एक और करके माँ ने पॉलिटीशियन का लंड चूस कर पैसे निकलवा लिए

इतने पैसे देख कर माँ इस जॅकपॉट से खुश हो गयी

और हमारे साथ शॉपिंग पे ना आने की भरपाई कर ली

माँ ने उन पैसो से शॉपिंग की , नेककलेस लिए

पूजा मामी तो जल्दी आ गयी थी पर तुम्हारे घर पे रुक गयी जिस से मेरी माँ ने आराम से अपना काम पूरा किया

मुझे माँ के इस तरह शॉपिंग को ना आने पर शक हुआ

माँ तो पैसो की भिकारी है

फ्री की शॉपिंग पे आने से मना किया

मेरा दिमाग़ जल्द से जल्द घर जाकर माँ को देखने को कर रहा था

पूनम दीदी-तुम्हें याद होगा कि मैं घर आते ही पहले अपनी माँ को देखने गयी थी

अवी- हाँ , सब सोच रहे थे कि आप कहाँ गयी

पूनम दीदी-मैं अपनी माँ को देखने गई थी

अवी- तो क्या देखा

पूनम दीदी-माँ तो सो रही थी , माँ को सोता हुआ देख कर मुझे खुद पे गुस्सा आया कि मैं ने माँ के बारे मे ऐसा कैसे सोच लिया

माँ तो दर्द की वजह से सो रही थी ऐसा मुझे लगा

पर हक़ीकत कुछ और थी माँ तो सेक्स करने की वजह से थक कर सोई थी

पूनम दीदी-उसके बाद माँ को जॅकपॉट नही मिला

बस एक दो चान्स

मेले मे माँ लखपत्नी बन गयी , पता नही कितनो की पत्नी बनी होगी

फिर मेले के आख़िरी दिन माँ ने सरपंच के साथ समय बिताया जिसे पूजा मामी ने देख लिया

मामी ने मुझसे उस बरा मे बात की तो मेरा दिमाग़ घूमने लगा

ये हो क्या रहा था

पर जब वापस जाने का समय आया तो माँ के पास 3 बॅग थे , पर आते हुए तो सिर्फ़ 1बॅग था , माँ ने शॉपिंग भी नही की फिर 2 बॅग कहाँ से आए

मैने अपने घर जाकर उसका पता लगाने का सोचा

मैं ने एक बॅग मे 5 लाख कॅश देखा जिसे देख कर मुझे चक्कर आ गया

मैं तो फिर सोचने लगी कि ये पैसे कही माँ ने रंडी बन कर तो नही कमाए

इसी बीच माँ की सहेली उनसे मिलने आ गयी

माँ की सहेली को देखते ही मेरा शक पक्का होने लगा

इस लिए मैं ने उनको टी देने के बहाने से मोबाइल को उनके पास छुपा दिया

माँ अपनी सहेली को उनके हिस्से के पैसे देने लगी जैसी डील हुई थी

सहेली एक दिन के 90000रुपये इस एज मे देख कर शोक्ड हो गयी

सहेली मेरी माँ से पूछने लगी कि इस एज मे इतने पैसे लुटाने वाला एटीएम कार्ड कहाँ से मिल गया

और माँ ने बताना शुरू किया

इसी वजह पहले तुम्हारे चाचा को फसाया

फिर उनकी मदद से उनके दोस्तो को अपना दीवाना बनाया

और लखपत्नी हो गयी

मेरी माँ ने जब टोटल एक महीने की कमाई बताई तो उनकी सहेली शॉक्ड हो गयी .

माँ ने मेले मे लाखों रुपये कॅश और 5लाख की जेवएल्लरी कमाई

मतलब माँ ने 1 महीने मे इतनी कमाई की

इस एज मे इतने पैसे एक महीने मे कमाना ये देख कर मेरी माँ की सहेली ने कहा कि वो भी गाँव वाला एटीएम कार्ड ढूँढेगी

पूनम दीदी-ऐसी है मेरी माँ

अवी- लाखों रुपये और 7.50 लाख जो मेरे चाचा ने चेक दिया

पूनम दीदी-वो मुझे नही पता

अवी- मुझे पता है , 7.50 लाख की एंट्री देखी है मैं ने

पूनम दीदी-फिर तो माँ ने बहुत कमा लिया

अवी- हाँ,

पूनम दीदी-उनका बुडापा आराम से कटेगा

अवी- आगे क्या हुआ

पूनम दीदी-मोबाइल मे बाकी की रेकॉर्डिंग नही हुई

अवी- क्यूँ नही हुई

पूनम दीदी-मेमोरी प्राब्लम

अवी- रिव्यू इम्पोर्टेंट होते , ज्योति बुआ ने लास्ट मे क्या कहा वो इम्पोर्टेंट था

पूनम दीदी-क्यूँ इम्पोर्टेंट था

अवी- इस से बहुत कुछ पता चल सकता है

पूनम दीदी-वो कैसे

अवी- जैसे कि इतने पैसे कमाने के बाद फिर से सेक्स करेंगी कि नही

पूनम दीदी-उसका आन्सर है हाँ

अवी- वो मुझे भी पता चला है , बावरची और मेरा चाचा

पूनम दीदी-तुम्हारे चाचा तो बैठे थे , बावरची सेक्स कर रहा था

अवी- मैं ने तो चाचा को देखा वो अपना वीर्य निकालने के बाद लंड पोछ रहे थे

पूनम दीदी-शायद मेरे जाने के बाद किया होगा

अवी- ऐसा भी हो सकता है

पूनम दीदी-और पता नही कल कौन था घर मे

अवी- सरपंच

पूनम दीदी-तुम्हें कैसे पता

अवी- मेरी आँख हर तरफ लगी होती है , सब कुछ पता लगा लेती है

पूनम दीदी-वो सरपंच अपनी दौलत माँ पे लुटाएगा

अवी- उसके पास बहुत है , उसकी 5 जेनिरेशन इस गाँव की सरपंच रही है , उसका नाम भी किसी को पता नही होगा , सब उसे सरपंच कहते है

पूनम दीदी-पता नही क्या होगा मेरा

अवी- उस पे सोचेंगे पहले अपना खेल ख़त्म करते है

पूनम दीदी-मैं आती हूँ तुम्हारे उपर

अवी- तो आ जाओ

और पूनम दीदी मेरे उपर आ गयी

और मेरे लंड की सवारी करने लगी

इनके मस्ती करने का तरीका बदल गया था

वो ज़्यादा जोश मे कहे या गुस्से मे मेरे लंड की सवारी कर रही थी

पर जो भी हो पूनम दीदी के उछलने तक मैं सारी बातों पे सोचने लगा कि मैं क्या करू

मुझे क्या करना चाहिए

चाचा को ज्योति बुआ से जैसे दूर करूँ

ज्योति बुआ तो काफ़ी चालाक दिमाग़ वाली है

वो तो चाचा को लूट लेगी

चाचा भी ज्योति बुआ के जाल मे फस गये है

ऐसे मे मुझे जल्दी कुछ करना होगा

मेले मे तो 7.50 अख उड़ाए चाचा ने

मेले ने इतने लोगो की वजह से ज्योति बुआ ठीक से काम नही कर पाई फिर भी चाचा से 7.50 लाख निकाल लिए

अब तो वो दीवाली तक रुकने वाली है

इसका मतलब मेरे चाचा को कॅंगाल बना देगी

इस बार तो वो आराम से अपनी शिकार कर सकती है

मुझे कुछ करना होगा

छोटी चाची की मदद लेता हूँ

उनको बता दिया तो वो चाचा को एक झटके ने सीधा कर देगी

और पूजा बुआ की फॅमिली को बिना नुकसान पहुँचाए ज्योति बुआ को सबक सिखा सकती है

और मैं ने जो बात छोटी चाची से छुपा कर रखी है वो उनको बता कर उस बोझ को उतार सकता हूँ कि छोटी चाची से झूठ बोला है

मुझे क्या करना है मैं ने सोच लिया

पूनम दीदी भी उछल कर थक चुकी थी

मैं ने पूनम दीदी को घोड़ी बना दिया और उनकी चुदाई करने लगा

पूनम दीदी को मेरे साथ मज़ा आने लगा

और इस बार मैं ने अपना वीर्य पूनम दीदी के मूह मे डाला जिस से पूनम दीदी खुश हो गयी

पूनम दीदी के साथ एक और राउंड करके मज़ा आ गया

मैं खुश था पूनम दीदी के साथ चुदाई करके

और पूनम दीदी खुश थी मुझसे अपना दुख शेर करके

 
चॅप्टर 940 डी

पूनम दीदी ने मुझे ज्योति बुआ ने कैसे चाचा को फसाया ये बताया

फिर मेले मे कैसे ज्योति बुआ ने कमाई की वो बताया

फिर उसके बाद क्या हुआ वो जानना था

अवी- दीदी

पूनम- हाँ

अवी- जब आपको पता चला कि ज्योति बुआ फिर से वही काम कर रही है तो आपको गुस्सा आया होगा

पूनम- हाँ, बहुत गुस्सा आया , ऐसा लगा एक तो माँ को कुछ कर दूं या खुद सुसाइड कर लूँ

अवी- इस से अच्छा बात करना होता है

पूनम- बात कैसे करूँ ये समझ नही आ रहा था , एक बेटी माँ से पूछेगी कि तुम रंडी हो

अवी- पर बात करती तो ज्योति बुआ को अहसास होता कि वो ग़लत रास्ते पे जा रही है

पूनम- मैं तो घर छोड़ कर जाना चाहती थी पर पापा के बारे मे सोच कर मैं रुक गयी , अगर पापा को पता चला तो उनके लिए अच्छा नही होता

अवी- पर ज्योति बुआ से बात क्यूँ नही की

पूनम- करने वाली थी पर पापा के दूर के रिश्तेदार की शादी का बुलावा आया और पहली बार कही सालो बाद पापा कही जाने को तैयार हुए, पापा को वापस नॉर्मल होते हुए देख कर मैं चुप रह गयी , और माँ पापा के साथ उनके रिश्तेदार के यहाँ चली गयी 15 दिनो के लिए

हम एग्ज़ॅम की वजह से जा नही पाए पर जब पापा वापस आए तो उनके चेहरे पे खुशी देख कर मेरी ज़ुबान पे ताला लग गया

माँ और पापा को साथ ने हँसता हुआ देख कर मैं फिर से बॉम्ब फोड़ कर फॅमिली को तोड़ कैसे सकती थी

अवी- ये भी सही था

पूनम- तो मैं ने तुम्हारे जैसा फ़ैसला किया कि मेरी माँ को इस गाँव मे आने से रोक दूँगी , तुम्हारे चाचा से नही मिलेगी तो प्राब्लम होगी हो नही

अवी- तो इसी लिए टूर पे आप नही आई

पूनम- हाँ ,स्वेता ने कितनी रिक्वेस्ट की पर मैं नही आई , मेरे ना आने से मेरी माँ भी आ नही पाई

अवी- अच्छा हुआ ज्योति बुआ नही आई थी वरना तौर खराब हो जाता पर आपको सबने मिस किया

पूनम- कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है

अवी- पर अब कैसे आ गयी गाँव मे

पूनम- मेरी माँ की वजह से आना पड़ा

अवी- ज्योति बुआ की वजह से

पूनम- नही , मेरी दूसरी माँ , मेरी पूजा मामी की वजह से आना पड़ा , पूजा मामी ने अपनी कसम दी , मामा ने भी फोन करके बोला और पूजा मामी से मिलने को कहा

अवी- तो उस वजह से आई आप

पूनम- हाँ ,पर इस की वजह से मेरी माँ को खुशी हो गयी

अवी- वो तो मुझे पता है ,उस दिन खेत मे ज्योति बुआ ने बावरची के साथ

पूनम- वो बावरची , देखा तुमने , मोटा काला कितना बदसूरत था उसके साथ मेरी माँ जैसे कर सकती है

अवी- पैसो के लिए

पूनम- इसके बाद भी यहाँ पूजा मामी के घर मे वो कैसे कर सकती है

अवी- उनको पैसो का नशा चढ़ गया है

पूनम- पर इतना कैसे कोई अँधा हो सकता है कि सब कुछ दाव ले लगा दे

अवी- यही तो मैं सोच रहा हूँ घर पे तो ठीक है पर खुले आम , फंक्षन मे हम काम कर रहे थे और ज्योति बुआ बगीचे मे बावरची के साथ मस्ती कर रही थी

पूनम- मैं तो तंग आ गयी हूँ इन सब से

अवी- ऐसा बोलने से कुछ नही होगा हमे कुछ करना चाहिए

पूनम- क्या कर सकते है , कुछ नही कर सकते ,

अवी- क्यूँ नही कर सकते

पूनम- क्यूँ कि बहुत देर हो गयी है , पता है कल जब मैं तुम्हारे घर से आ रही थी तो वो सरपंच मुझे अजीब नज़रो से देख रहा था ,पहले तो मुझे वो नॉर्मल लगा क्यूँ कि लोग तो देखते है , पर जैसे मेले की बात याद आई तो समझ गयी कि सरपंच मुझे भी अपनी माँ की तरह रंडी समझ रहा है

अवी- इसी लिए हमे ऐसा कुछ करना होगा कि मेरे चाचा के साथ उनके दोस्त भी डर जाए फिर से आपकी तरफ आँख उठा कर देखे नही

पूनम- वो कैसे

अवी- आपको मेरा साथ देना होगा

पूनम- मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ .

अवी- तो आपको ज्योति बुआ को थप्पड़ मारना होगा ताकि उनको समझ मे आए कि वो क्या कर रही है

पूनम- मैं कैसे अपने माँ को मार सकती हूँ

अवी- आपको करना होगा, एक बेटी जब अपनी माँ को थप्पड़ मारती है तो उसका दर्द दिल मे होता है

पूनम- अवी मुझसे नही होगा कुछ और सोचो

अवी-फिर तो मुश्किल होगा ज्योति बुआ को ठीक करना

पूनम- अवी मेरे लिए कुछ और रास्ता ढूँढ लो

अवी- पूजा बुआ को बताते है , पूजा बुआ थप्पड़ मार कर उनको होश मे लाएँगी ,

पूनम- पूजा मामी को बता सकते है ,पर मामा को पता नही चलनी चाहिए

अवी- तो पूजा बुआ और आपको ज्योति बुआ को रंगे हाथ पकड़ना होगा ताकि ज्योति बुआ कुछ कहने की हालत मे ना हो

अवी- तो पूजा बुआ और आपको ज्योति बुआ को रंगे हाथ पकड़ना होगा ताकि ज्योति बुआ कुछ कहने की हालत मे ना हो

पूनम- और मैं उनको ऐसा करने पे शर्मिंदा करू

अवी- हाँ , पर इस से ज्योति बुआ टूट जाएगी , पर मेरे चाचा के लिए कुछ करना होगा

पूनम- पूजा मामी उनको भी समझा देगी कि ये ग़लत है

अवी- इस से काम नही बनेगा , ऐसा कुछ करना होगा कि चाचा दुबारा किसी अओरत की तरफ देखेंगे भी नही

पूनम- पर ये होगा कैसे

अवी- मैं छोटी चाची को बताउन्गा वो सब संभाल लेगी पर छोटी चाची और पूजा बुआ का साथ मे लाना ठीक नही होगा

पूनम- तो

अवी- मैं छोटी चाची और आप मिलके रंगे हाथ पकड़ेंगे , फिर घर आते ही पूजा बुआ उनको संभाल लेगी

पूनम- इस से काम बन जाएगा

अवी- आपके थप्पड़ मारने से एक झटके मे सुधार जाएगी पर पूजा बुआ से भी काम हो जाएगा

पूनम- पर सन्नी के बारे मे किसी को नही बताएँगे

अवी- ठीक है तो आप आज रात मे पूजा बुआ को ज्योति बुआ और सरपंच ने इस घर मे क्या किया था वो बता देना ,और मैं छोटी चाची को बताउन्गा कि चाचा और ज्योति बुआ मे क्या चल रहा है ,

पूनम- पर हम रंगे हाथ कब पकड़ेंगे

अवी- जब वो मिलेंगे , उनको सेक्स करते हुए जिसने भी देखा वो फोन करके दूसरे को बता देगा

पूनम- ठीक है , आज तो बारिश की वजह से कुछ नही होगा , कल शायद माँ कुछ करे

अवी- तो कल के लिए तैयार रहना

पूनम- मैं तैयार हूँ

अवी- पूजा बुआ को समझा देना कि उनको क्या करना है

पूनम- मैं बता दूँगी

अवी- जब तक हम रंगे हाथ नही पकड़ते तब तक कुछ मत करना

पूनम- नही करूँगी बस सब ठीक कर देना

अवी- मैं हूँ ना , ज्योति बुआ को एक थप्पड़ मे ठीक कर दूँगा

पूनम- तो कल के लिए इंतज़ार करते है

अवी- करना पड़ेगा ,अगर आज बारिश ना आती तो ज्योति बुआ को आज ही रंगे हाथ पकड़ लेते

पूनम- ये बारिश आज हो जाने दो

अवी- प्लान तो हो गया अब क्या करेंगे

पूनम- 3.00 बज रहे है अभी तक सब आए नही

अवी- बारिश की वजह से रुक गये होंगे

पूनम- ये बारिश भी रुकने नाम नही ले रही है

अवी- चलो हम भी चलते है मंदिर मे

पूनम- बारिश मे

अवी- उनके लिए छाता और रेनकोट लेकर जाते है , बारिश कम होते ही उनको लेकर आ जाएँगे

पूनम- आइडिया तो अच्छा है

अवी- और आप भी उनके साथ नानी को याद कर लेना

पूनम- ये तो सूपर रहेंगा पर मैं बीमार पड़ गयी तो

अवी- अबी तो इंजेक्षन दिया है अब आप बीमार नही पड़ेंगी

पूनम- तुम रूको मैं फ्रेश होती हूँ

अवी- साथ मे होते है ,

पूनम- तुम बहुत नॉटी हो

अवी- और आप सेक्सी हो

और मैं पूनम दीदी के साथ नहाने लगा

पूनम दीदी ने मेरे साथ काफ़ी एंजाय किया

फिर हम तैयार हो गये मंदिर जाने को

मैं ने अपना मोबाइल लिया जिस मे आज की पूरी रेकॉर्डिंग हो चुकी थी

और नेटवर्क नही था मोबाइल मे

फिर मैं ने सभी के रैन कोट अपने साथ ले लिए

कोमल और नेहा बुआ नीता बुआ कविता लीना के लिए छाता और चाची के रैन कॉट ले लूँगा

सब तैयारी होते ही पूनम दीदी मंदिर जाने को तैयार हुई

सब कुछ क्लीन करके हम घर जाने लगे चाची से रैन कोट लेने

बारिश उतनी ही थी जितनी सुबह हो रही थी

बारिश कम होने का नाम नही ले रही थी ऐसे मे सब बोर हो रहे होंगे मंदिर मे

बारिश थोड़ी भी कम हुई तो हम घर वापस आ जाएँगे

पूनम दीदी मेरे साथ बारिश का मज़ा लेते हुए चल रही थी

इस बारिश ने पूनम दीदी को मेरा बना दिया
 
चॅप्टर 941

पूनम दीदी को बता दिया कि हमे क्या करना होगा जिस से ज्योति बुआ सुधर जाए

ज्योति बुआ को सेक्स और पैसा प्यारा है तो उनको शर्मिंदा करके ठीक किया जा सकता है

और छोटी चाची को चाचा के बारे मे बताया तो चाचा सुधर जाएँगे

मैं ने कुछ कहा या किया तो चाचा मेरी बात को नज़र अंदाज़ करेंगे , पूजा बुआ की बात को भी सीरियस्ली नही लेंगे , पूजा बुआ के लिए ज्योति बुआ से दूर हो जाएँगे पर फिर किसी और के साथ लग जाएँगे

मैं ने मंगला काकी को तो उनसे दूर किया ऑर घर3 मे जो पेपर मिला उस से पता लग गया कि चाचा दूसरो के साथ भी सेक्स करते है

मुझे चाचा को परमानेंट अच्छा बनाना है और ये छोटी चाची अच्छे से कर सकती है

छोटी चाची से चाचा थोड़े डरते है , छोटी चाची को सबका सपोर्ट मिलता है जिनसे उनका दबदबा ज़्यादा है

छोटी चाची को बताना ठीक रहेगा , छोटी चाची ऐसे चाचा को संभाल लेगी कि बड़ी चाची और सीमा चाची को कुछ पता भी नही चलेगा

पर छोटी चाची को कैसे बताऊ ये समझ नही आ रहा

कुछ ऐसा तरीका सोचना होगा कि छोटी चाची मेरी पूरी बात समझ जाए और उनका ज़्यादा दुख ना हो चाचा के अफेर के बारे मे जान कर

छोटी चाची भले ही मुझे प्यार करती है पर चाचा के साथ उनकी शादी हुई है

चाचा के साथ उनका रिश्ता मुझसे पहले जुड़ा है बाद मे छोटी चाची मुझे प्यार करने लगी है

चाचा के बारे मे पता चलने ने उनको दुख तो होगा ,

क्यूँ ना मैं वो तरीका ईस्तमाल करूँ, जिस से छोटी चाची को ज़्यादा दुख नही होगा

यही ठीक रहेगा

और मैं छोटी चाची को कैसे सच बताऊ ये सोचते हुए पूनम दीदी के साथ घर आ गया

मेरे घर आते ही बड़ी चाची मेरे पास आ गयी

ब चाची-अवी कहाँ था तू

अवी- चाची मैं पूनम दीदी के साथ था उनकी तबीयत ठीक नही थी ना

ब चाची-बता तो देता कब से मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ

अवी- क्यूँ , क्या हुआ

ब चाची-तुझे खेत मे जाना था ना टिफिन लेके

मैं ने अपने सर पे हाथ रख दिया

अवी- मैं तो भूल ही गया , दीजिए टिफिन मैं चाचा को दे कर आता हूँ

ब चाची-अब रहने दो इतनी बारिश कैसे जाओगे खेत मे ,

अवी- मैं चला जाउन्गा रैन कोट है मेरे पास

ब चाची-नही रहने दे ,तू बीमार पड़ जाएगा

अवी- चाची मुझे कुछ नही होगा , और जब तक चाचा का टिफिन नही लेकर जाउन्गा तब तक आपको चैन नही आएगा , दीजिए टिफिन

ब चाची-विद्या को साथ ले जा

अवी- मेरे साथ पूनम दीदी है , वो साथ चल रही है

ब चाची-तू पागल है क्या ,पूनम बीमार है उसे यहाँ क्यूँ ले आया वो भी बारिश मे

अवी- चाची पूनम दीदी के नानी की बरसी है तो उनको मंदिर जाने को नही मिला पर अब वो ठीक है और उनको मंदिर जाना है

ब चाची-मतलब तू खेत और मंदिर जाएगा

अवी- हाँ , देखिए बारिश रुकने का नाम नही ले रही ही , सब मंदिर मे अटक गये है ,और शाम भी हो रही है तो उनके लिए रैन कोट लेकर जा रहा हूँ ताकि बारिश कम होते ही हम वापस आ सके

ब चाची-ये तो अच्छा सोचा तूने , पर शाम मे बारिश रुक जाएगी ,

अवी- क्या पता कब रुके

ब चाची-ठीक है जा , पर पूनम को संभाल के लेकर जाना , विद्या घर मे जीतने रेनकोट है वो अवी को निकाल कर दो , अवी

अवी- जी चाची

ब चाची-तुम्हारे चाचा आज रैनकोट भी साथ लेकर नही गये उनको टिफिन के साथ रैन कोट देना , अगेर गुस्सा करे तो चुप चाप वापस आ जाना

अवी- बात क्या है चाची

ब चाची-कुछ नहियिइ उूओ , तुम्हारे चाचा को खेत मे किसी का आना पसंद नही है ना उस लिए कहा

अवी- जी ,

और मैं टिफिन और रेनकोट लेकर पूनम दीदी के साथ खेत की तरफ जाने लगा

पूनम दीदी ने कुछ रेनकोट पकड़ किए और कुछ मैं ने और कॉलेज बॅग मे रैन कोट लेने से ट्रॅवेलिंग मे परेशानी नही हो रही थी

हम सम्भल सम्भल के खेत की तरफ जाने लगे

बारिश का मज़ा लेते हुए पूनम दीदी के साथ मस्ती करने लगा

पूनम दीदी बारिश का मज़ा ले रही थी

वो आज खुश भी थी और दुखी भी थी

मेरे साथ प्यार करके खुश थी और अपनी माँ की वजह से दुखी थी

पर ये तो चलता रहता है इसी को ज़िंदगी कहते है

आज खुशी है तो कल रोना पड़ता है

हर दिन एक जैसा नही होता है

बारिश कम हो रही थी

लगता है बारिश रुक जाएगी कुछ देर मे

अगर बारिश रुक गयी और हम मंदिर पहुँच गये तो हमारा पोपट गिर जाएगा

पर देखते है क्या होता है पहले चाचा को टिफिन तो दे दूं सुबह से भूके होंगे चाचा

और हम धीरे धीरे खेत मे आ गये , बारिश से बचने के लिए मज़दूर गाय के तबेले मे बैठे थे, 2 औरते थी सिर्फ़

उस मज़दूर मे कमला काकी भी थी, कमला काकी शहर से कब वापस आई या फिर मोना लेकर ही नही गयी

तबेला खेत की शुरुआत मे था तो हम पहले वहाँ रुक गये

मुझे देखते ही कमला काकी मेरे पास आ गयी

कमला काकी- अवी बेटा तुम इस बारिश मे कहाँ घूम रहे हो

अवी-काकी मैं तो चाचा को टिफिन देने आया हूँ , पर आप यहाँ क्या कर रही

कमला काकी- काम कर रही हूँ ,

अवी- बाकी मज़दूर कहाँ है , आप तो सिर्फ़ 2 ही दिख रही है

कमला काकी मुझे अलग लेकर गयी

कमला काकी-बाकी मज़दूरों को बारिश होते ही तुम्हारे चाचा ने वापस भेज दिया

अवी- फिर आप क्यूँ रुकी , आपको जाना चाहिए था

कमला काकी- मज़बूरी मे रुकना पड़ा, ये जो मेरे साथ औरत देख रहे हो उसको तुम्हारे चाचा मे रोक लिया था , तुम समझ गये होंगे कि क्यूँ रोका था , इसके साथ बारिश का मज़ा लेने

अवी- ये है कौन इसको पहले तो देखा नही

कमला काकी- अपने ही गाँव की है , 2साल पहले शादी करके यहाँ आई है , अब काम करने आ गयी , तो तुम्हारे चाचा ने रोक लिया , ये भी कुछ पैसो के लिए रुक गयी

अवी-(मेरा चाचा कभी नही सुधरेंगे , सही सोचा मैं ने , ज्योति बुआ उनके ज़िंदगी से चली गयी तो कोई और आ जाएगी , चाचा को छोटी चाची ठीक कर सकती है ) ये तो रुक गयी पर आप क्यूँ रुकी

कमला काकी- ये अकेली रुकती तो लोग शक करते , इसका घरवाला शक करता इस लिए तुम्हारे चाचा ने मुझे रुकने को कहा , मुझे इसको वापस ले जाने जे पैसे मिल जाते है ,इसका पहली बार था तो मैं रुक गयी

अवी- तो ये यहाँ क्या कर रही है , इसको तो घर3 मे होना चाहिए

कमला काकी - ये एक राउंड कर चुकी है , दूसरा राउंड करने वाली थी की तुम्हारी रिस्तेदार आ गयी , और इसको यहाँ तबेले मे आना पड़ा

अवी- कौन आया है

कमला काकी- मैं ने चेहरा तो नही देखा पर औरत थी, ये कह रही थी कि मंदिर मे कुछ लोग फसे है तो मदद के लिए यहाँ आई है ,और बारिश ज़्यादा होने से वो घर3 मे रुकी है

अवी-(कौन हो सकता है) एक काम करो तुम घर चली जाओ

कमला काकी- इस बारिश मे ,

अवी-ये छाता ले लो ,

पूनम दीदी - अवी क्या कर रहे हो

अवी- कुछ नही , काकी आप चली जाओ

कमला काकी- मैं तो चली जाउन्गी पर तुम मुझसे मिलने कब आओगे

अवी- जल्दी आउन्गा , वैसे आप शहर नही गयी अपने बेटे बहू के साथ

कमला काकी- गयी थी, पर काम करने की आदत लगी है तो ये सेशन पूरा करके वापस जाउन्गी शहर मे

अवी- अब आप जाइए शाम हो जाएगी जल्दी

कमला काकी और वो औरत अपने घर की तरफ जाने लगी

पूनम दीदी मेरे पास आ गयी .

पूनम दीदी-क्या बात कर रहे थे , और ये कौन थी

अवी- कमला काकी है यही बगीचे मे काम करती है ,,मेरी जासूस है

पूनम दीदी-जासूस

अवी- चाचा की खबर मुझे देती है

पूनम दीदी-तो क्या बताया उसने

अवी- चाचा ने सभी मजदूरो को वापस भेज दिया ओए जो दूसरी औरत है उसे रोक लिया था

पूनम दीदी-उसे क्यूँ रोका

अवी- इस बारिश मे किसी का भी दिल करेगा मस्ती करने का

पूनम दीदी-तो तुम्हारे चाचा इसके साथ भी सेक्स कर रहे थे

अवी- हाँ , पर बीच मे कोई आ गया जिस से वो यहाँ रुक गयी

पूनम दीदी-कौन आया

अवी- मंदिर से कोई आया है ,शायद यहाँ से मंदिर पास मे है तो मदद के लिए आया होगा

पूनम दीदी-स्वेता होगी

अवी- जाकर देखते है ,

पूनम दीदी-माँ भी हो सकती है

अवी- वो क्यूँ आएँगी , और उनको रास्ता तो पता नही होगा

पूनम दीदी-कुछ कह नही सकते , माँ काफ़ी तेज है , सिचुयेशन का फ़ायदा उठा लेती है

अवी- तो चलो चलके देखते है

पूनम दीदी-हाँ चलो , पर अवी हम टिफिन लेकर क्यूँ आए है

अवी- चाचा को खाना खिलाने

पूनम दीदी-पे अभी तो शाम हो जाएगी , अब खेत मे रुकने से क्या फ़ायदा तुम्हारे चाचा घर भी तो आ सकते है

अवी- ये मुझे भी पता है ,पर बड़ी चाची के दिल को कौन बताएगा , उनको तो सभी चिंता लगी रहती है, चाचा टिफिन नही लेकर गये तो बड़ी चाची ने सुबह से कुछ नही खाया होगा, अब मैं टिफिन लेकर आया हूँ तो उनका थोड़ा सुकून मिला होगा

पूनम दीदी-तुम्हारी चाची बहुत अच्छी हैं

अवी- मेरी चाची जैसी कोई नही है

पूनम दीदी-फिर भी तुम्हारे चाचा दूसरी तरफ मूह मारते है

अवी- सब ऐसे ही हो होते है , घर की मुर्गी दाल बराबर , और दूसरो की मुर्गी तंदूरी चिकन

पूनम दीदी-मिसाल अच्छी देते हो

अवी- अब क्या बातें करती रहोगी चलो जाके देखते है कौन है चाचा के साथ

पूनम दीदी-पीछे से चलते है , खिड़की से देखेंगे

अवी- ठीक है , चलो जल्दी हमे मंदिर भी जाना है

और मैं पूनम दीदी के साथ घर3 के पीछे जाने लगा

घर3 का डोर अंदर से बंद था तो मेरे दिमाग़ ने आया कि ज़रूर ज्योति बुआ होगी

पर ज्योति बुआ की माँ की बरसी है तो वो यहाँ कैसे आ सकती है

फिर भी पूनम दीदी की बातें सुनकर इतना तो अंदाज़ा लगा सकता हूँ कि ज्योति बुआ कुछ भी कर सकती है

हम घर3 के पीछे आ गये

ये चाचा खिड़की बंद क्यूँ नही रखते

हमेशा खुली रखते है और पकड़े जाते है

पूनम दीदी ने पहले झाँक कर देखा तो उनको झटका लगा

पूनम दीदी पीछे हो गयी और अपने सर पे हाथ रख कर बैठ गयी

अवी- कौन है अंदर

पूनम दीदी-तुम खुद देख लो

मैं ने खिड़की से अंदर देखा तो मैं भी शॉक्ड हो गया

अंदर चाचा किसी की चुदाई कर रहे थे

मुझे औरत का चेहरा नही दिखाई दे रहा था

पर कमला काकी ने कहा कि हमारी फॅमिली वाली है

मैं चेहरा देखने की कोशिस करने लगा

और जैसे ही चाचा ने अपनी पोज़िशन चेंज की मुझे उसका चेहरा दिखाई दिया

ये ज्योति बुआ थी ,

ज्योति बुआ चाचा के साथ बारिश का मज़ा ले रही थी

चाचा ज्योति बुआ की चुदाई कर रहे थे

ज्योति बुआ के बारे मे जैसा सोचा ये उन्हे भी बढ़कर पाया

उनको तो मंदिर मे पूजा करनी चाहिए थी पर वो तो यहाँ चाचा के लंड की पूजा कर रही है

मैं ने पूनम दीदी को संभाला
 
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