चॅप्टर 943
चाची को जब चाचा का सच पता चला तो उनको यकीन नही हो रहा था कि चाचा उनके साथ ऐसा कर सकते है
चाची ने उनके लिए क्या क्या नही किया
उनको बेटा चाहिए था , तो उनको बेटा दिया
फिर भी चाचा की इस हरकत पे चाची को गुस्सा आया
जब उनको पता चला कि उनके माँ बनते ही चाचा ज्योति के साथ थे तो उनको और ज़्यादा गुस्सा आया
अगर अभी उनके सामने ज्योति होती तो चाची उसकी जान ले लेती
चाची के कहने पे मैं उनको ज्योति कहने लगा
पर जब चाची को पता चला कि ज्योति का बेटा उनकी खुद की वजह से मर चुका है तो चाची को पूनम दीदी के दर्द का अहसास हुआ
और ये पता चला कि ज्योति तो मर चुकी है बस एक वर्ड बोलते ही ज्योति मर जाएगी
ये भग्वाव भी अजीब अजीब खेल खेलता है
चाची के दिल को चाचा के नाम की चैन से बाँध दिया और उस दिल मे मेरे लिए प्यार जगह दिया
चाची चाचा की चैन से बँधी होते हुए दोनो फ़र्ज़ निभा रही थी
अपने बेटे के रियल पापा को प्यार कर रही थी साथ मे दुनिया के लिए जो पापा है उनके साथ ज़िंदगी काट रही है
चाची औरत नही एक देवी है , जो खुद के सपनो का गला घौन्ट कर दूसरे की ज़िंदगी मे खुशिया लाती है
छोटी चाची की तरह बड़ी चाची और सीमा चाची ने भी बहुत कुछ बर्दास्त किया है
अगर उनको चाचा का सच पता चला तो क्या होगा , छोटी चाची हिम्मत टूट सकती है तो बड़ी चाची तो स्यूयिसाइड कर लेगी
अच्छा किया मैं ने जो सिर्फ़ छोटी चाची को बताया है
छोटी चाची ने भी यही कहा कि मुझे बड़ी चाची से ये बात छुपानी चाहिए
अब तो बस कल का इंतज़ार है
कल चाचा को रंगे हाथ पकड़ कर चाची अपने आँसू का बदला लेगी
कल पूनम दीदी भी अपनी माँ से कुछ ना कुछ ज़रूर कहेगी
पूजा बुआ को तो पहले ही उनपे गुस्सा आता है ऐसे मे पूजा बुआ तो उनको नंगा कर देगी
चाची भी कुछ सोच रही थी
उनको ऐसा फ़ैसला लेना होगा जिस से सबका भला होगा
चाचा को सज़ा भी मिलेगी , बड़ी चाची को पता भी नही चलेगा , फॅमिली को ज़्यादा नुकसान नही होगा
उधर पूनम दीदी को भी ऐसा ही करना होगा , ज्योति को सज़ा तो देनी होगी और अपने पापा से ये बात छुपानी होगी
देखते है कल क्या होता है
मैं सो गया क्यूँ कि मुझे कल के लिए बहुत कुछ करना था
कल की सुबह हमारे ज़िंदगी मे नयी किरण लेकर आने वाली थी
कल से बहुत कुछ बदल जाएगा
रिश्ते मे दरार आएँगी , नये रिश्ते जुड़ सकते है
इंतज़ार है सूरज के निकलने का ,
मैं दुआ कर रहा था कि कल का दिन हमारे नाम हो
चाची सोई कि नही ये तो मुझे नही पता, क्यूँ कि रात मे मैं पहले सो चुका था और सुबह चाची ने मुझे जगाया
चाची की आँख लाल थी , रोने से लाल हुई या रात भर ना सोने से या गुस्से से लाल हुई ये तो कहना मुश्किल था
चाची ने भी कुछ ज़्यादा बात नही की , मुझे जगह कर रशोई घर मे चली गयी
सब कुछ अजीब सा लग रहा था घर मे
घर जैसे मेरे लिए नया हो , या मेरे लिए अजनबी हो ऐसा लग रहा था
एक सन्नाटा छाया हुआ था , बच्चे के रोने की आवाज़ से मेरा सर चकरा रहा था
आज जो होगा उसे सोच कर मुझे अपनी फॅमिली की टेन्षन होने लगी
चाची चाचा के साथ क्या करेंगी ये तो मुझे नही पता , पर उसी पे मेरी फॅमिली का फ्यूचर डिपंड था
बड़ी चाची मुझे ऐसे चुप चाप घर को घूरते हुए देख कर मेरे पास आ गयी
ब चाची- अवी , उठ गये
अवी- हाँ
ब चाची- क्या हुआ , ऐसे कैसे घूर रहे हो
अवी- अपने घर को देख रहा हूँ , आज भी कैसे शान से खड़ा है
ब चाची- इस घर की परंपरा ने इसे मज़बूत बना कर रखा है , सबने अपने खून पसीने से इस घर को मज़बूत बनाया है और तुझे भी ये परंपरा आगे ले जानी है
अवी-आपको लगता है मैं ये कर पाउन्गा
ब चाची- हाँ, तुम्हारे दादाजी को लगता था इस लिए तो तुम्हारे चाचा के हाथो मे घर की कमान नही दी , तुम्हारे बड़े होने का इंतज़ार कर रहे है , तुम्हारे बड़े होने तक इस घर की ज़िम्मेदारी हमारे उपर है , जिस दिन तुम अपनी ज़िम्मेदारी उठाने लायक बन जाओगे तब हम आज़ाद हो जाएँगे
अवी- दादाजी ने चाचा को ज़िम्मेदारी क्यूँ नही दी
ब चाची- तुम्हारे दादाजी को लगा होगा कि तुम्हारे चाचा मे कुछ कमियाँ है जिस से तुम्हें अपना वारिस बनाया है
अवी- मुझे
ब चाची- हाँ , तू ही इस घर का वारिश है , तुझे अपनी फॅमिली की ज़िम्मेदारी उठानी होगी
अवी- मैं तो अभी छोटा हूँ
ब चाची-इसीलिए तो हम है , जल्दी बड़ा हो जा, और अपनी चाची को आज़ाद कर दे इस बोझ से
अवी- लेकिन मुझे करना क्या होगा
ब चाची- वो तुझे खुद पता चल जाएगा ,
अवी- मुझे नही लगता कि मैं ऐसी ज़िम्मेदारी उठा पाउन्गा
ब चाची- अबी थोड़ी ज़िमेदारी उठानी है , इसके लिए टाइम है
अवी- बाद मे भी मुझे और कुछ नही करना है ,मुझे तो बस आपका बेटा बन कर रहना है
ब चाची- तू तो हमेशा मेरा बेटा रहेगा 0, पर तुझे अपने दादा जी जैसा बनना हैं ना
अवी- दादाजी जैसा लेकिन मुझे तो कुछ याद ही नही है ज़्यादा अपने दादाजी के बारे मे
ब चाची- मैं हूँ ना बताने के लिए , मैं तो तुम्हें तुम्हारे दादाजी से भी अच्छा बनाउन्गी
अवी- वो कैसे
ब चाची- तुझे एक बात बताती हूँ , जो सब मे नही होती , हमेशा डिसिशन लेने से पहले अच्छे से सोच लेना कि तुम सही कर रहे जो या ग़लत , काय्न के दो बाजू होते है ये हमेशा याद रखना , दोनो बाजू को देख कर फ़ैसला करना कि कौन जीत गया है और कौन हारा है , क्या पता दूसरी बाजू मे कुछ और हो
अवी- काय्न की दो बाजू होती है ?
ब चाची- पता है एक ग़लत डिसिशन सब कुछ बदल देता है , हँसती हुई ज़िंदगी को रोने के लिए मज़बूर कर देता है , और जब हम घर के बड़े होते है तो डिसिशन सोच समझ कर लेना चाहिए ,
अवी- वो तो लेना ही पड़ता है
ब चाची- डिसिशन लेते हुए कभी कभी खुद की खुशियो को दाँव पे लगाना पड़ता है ताकि सामने वाले को खुशी मिले ,अपने से ज़्यादा अपनी फॅमिली के भले के लिए सोचना पड़ता है , हम रोए तो चलता है पर दूसरो की ज़िंदगी खुशियो से भरनी चाहिए
अवी-जी
ब चाची- और इस बात को भूलना मत कि काय्न की दो बाजू होती है , दोनो को देख कर फ़ैसला लेना सीखना
अवी- काय्न की दो बाजू
ब चाची- जैसे पाप पुन्य , सुख दुख, हसना रोना , जैसे हम किसी को रोता हुआ देखते है तो ये समझते है कि उसे दर्द हुआ होगा पर ये याद रखना कि आँख से जो आँसू निकालते है वो खुशी के आँसू भी हो सकते है ,
अवी- जी आपकी बात हमेशा याद रहूँगा
ब चाची- ग़लत , याद तो हर कोई रखता है , तू अपनी लाइफ मे ईस्तमाल करना , अपनी डिसिशन मे ईस्तमाल करना तब मुझे खुशी होगी
अवी- जी
ब चाची- मैं भी ना सुबह सुबह लेक्चर देने बैठ गयी , तू तो अभी तक फ्रेश भी नही हुआ ,जा फ्रेश हो जा मैं टी बनाकर लाती हू
अवी- जी
और मैं फ्रेश होने चला गया
नहाते हुए मुझे बड़ी चाची की बातें याद आने लगी
डिसिशन सोच समझ कर लेना चाहिए
बड़ी चाची हमेश ऐसे अच्छी अच्छी बातें बताती है
क्या मैं ने सही डिसिशन लिया है
चाचा के केस मे सब कुछ तो मेरे सामने हुआ है
कल खुद उनको ज्योति बुआ के साथ देखा है
चाची यहाँ उनके लिए परेशान हो रही थी कि चाचा ने टिफिन नही लिया तो खाना खाया होगा कि नही और उधर चाचा मस्ती कर रहे थे
छोटी चाची ने तो कुछ नही कहा
छोटी चाची तो मेरे साथ है
और मैं छोटी चाची के साथ हूँ
बड़ी चाची की बातों को मतलब समझना बड़ा मुश्किल होता है , बड़ी चाची ज़्यादा पड़ी नही है पर उनके लाइफ ने उनको जो शिक दी है वो उनके बोल थे
फ्रेश होते ही चाची ने मुझे नाश्ता दिया ,
नाश्ता करते हुए छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी
सी चाची- अवी दीदी से क्या बात कर रहे थे
अवी- उनको कुछ नही बताया और बताउन्गा भी नही , वो तो मुझे इधर उधर की बातें बता रही थी
सी चाची- उनको भूल से भी बताना मत , मैं उनको और तुम्हें खोना नही चाहती
अवी- जी , आप आज एमोशनल मत होना
सी चाची- नही , आज मैं कमज़ोर नही पड़ सकती , तू सब तैयारी कर
अवी- चाची मैं सोच रहा था कि 3 की जगह 3.30 को चलते है
सी चाची- जो तुम्हें ठीक लगे वही करेंगे जा पूजा दीदी से बात कर
अवी- चाची एक बात तो बताना मैं भूल गया
सी चाची- क्या ,
अवी- पूजा बुआ को मैं ने चाचा और ज्योति के रिस्ते के बारें मे नही बताया , उनको ये बताया कि ज्योति का रिश्ता सरपंच से , चाचा के दोस्त से है
सी चाची- ये तो अच्छा हुआ , वरना कभी पूजा दीदी ने ग़लती से सुमन दीदी को बता दिया तो प्राब्लम हो जाती ,
अवी- मैं ने ठीक किया ना
सी चाची- हाँ , तू ने अच्छा किया , जा अब पूजा दीदी से मिल ले , और हाँ जितना हो सके उतना कम लोगो को पता हो इस बात का ध्यान रखना
अवी- जी , आप ठीक हो ना
सी चाची- मैं ठीक हूँ , बस कुछ देर अकेली रहना चाहती हूँ , जब जाना होगा तब मुझे आवाज़ देना
अवी- जी
चाची ने सही कहा , उनको कुछ देर अकेले रहने देना चाहिए ताकि वो अपनी दिमाग़ को शांत कर सके
मैं अपनी तैयारी करने के लिए पूजा बुआ की घर जाने लगा
अभी तक चाचा घर नही आए थे ,
दीवान जी से पता चला कि वो सुबह होते शहर चले गये एक काम से
शायद पैसे निकालने गये होंगे
या फिर आज की पार्टी की तैयारी करने गये होंगे
चाचा को तो शाम मे देख लूँगा
मैं पूजा बुआ और पूनम दीदी से मिलने आ गया
मेरे आते ही पहले राज ने मुझे पकड़ लिया
राज- भैया आज मैं शॉपिंग करने जा रहा हूँ
अवी- तेरे तो मज़े है
राज- माँ ने सिर्फ़ मुझे शॉपिंग करने को कहा है
अवी- दीवाली की शॉपिंग
राज- भैया मैं आपके लिए भी कुछ ना कुछ ज़रूर लाउन्गा
अवी- अच्छा गिफ्ट लाना पर तू जा किस के साथ रहा है
राज- स्वेता दीदी और सीतल दीदी के साथ , कोमल दीदी की स्कूटी लेकर जाएँगे
अवी- जा लिस्ट बना वरना भूल जाएगा क्या लेना है , पूजा बुआ कहाँ है
राज ने कहा कि पूजा बुआ अपने कमरे मे है , मेरे आते ही पूजा बुआ और पूनम दीदी ने अपनी बातें रोक ली
पूजा बुआ- अच्छा हुआ अवी तू आ गया , मैं तेरी बात कर रही थी
अवी- क्या बात कर रही थी
पूजा बुआ- पूनम ने मुझे सब बता दिया
अवी- मैने तो पहले ही आपको बता दिया था
पूजा बुआ- हाँ पर पूनम ने मेहता और बाकियो के बारे मे भी बताया
मैं ने पूनम दीदी की तरफ देखा तो उनका इशारा समझ गया कि सन्नी की बात छुपा दी है
अवी- तो आप हमारे साथ है
पूजा बुआ - हाँ पर मुझे लगता है मैं भी तुम्हारे साथ होनी चाहिए थी रंगे हाथ पकड़ते हुए
अवी- सब वहाँ जाएँगे तो कैसे चलेगा , और दूसरो के घर ड्रामा करना ठीक नही होगा
पूजा बुआ - ये भी सही है
अवी- आप ज्योति के घर आते ही उनकी हालत खराब करना
पूजा बुआ - मेरी बेटी को रुलाया है ज्योति ने , पूनम के एक एक आँसू का बदला लूँगी
अवी- जी , बस आप तैयार रहना
पूजा बुआ - मैं तो तैयार हूँ
अवी- बुआ बाकी बातें टी पीते हुए करते है
पूजा बुआ - तुम बैठो मैं टी लेकर आती हूँ
पूजा बुआ के जाते ही मैं पूनम दीदी से बात करने लगा
अवी- दीदी आप मेंटली तैयार हो ना
पूनम दीदी- हाँ , मैं आज फ़ैसला कर लूँगी
अवी- इस मे सब आपको करना होगा मैं कुछ नही करूँगा
पूनम दीदी - क्या मतलब तुम कुछ नही करोगे
अवी- मुझे अपने चाचा को संभालना होगा , और आप अपनी माँ को संभालना
पूनम दीदी- ऐसा कहो ना , ये मुझे पता है , मेरा प्राब्लम मुझे सॉल्व करनी होगी
अवी- मैं जितनी हो सके उतनी मदद करूँगा पर बाकी तो आपको संभालना होगा
पूनम दीदी- मेरे साथ पूजा मामी है
अवी- तो तैयार हो जाओ
फिर मैं थोड़ी देर पूजा बुआ के साथ बातें की
और पूनम दीदी को 2.50 बजे मेरे यहाँ आने को कहा
और मैं अपने घर आकर आराम करने लगा
छोटी चाची अमित के साथ अपने कमरे मे थी
वो सुबह के बाद कमरे से बाहर नही आई
बड़ी चाची ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नही है
ये क्या हो गया छोटी चाची को ,
मैं ने फोन करके पूछा तो पता चला कि वो अकेले रहने के लिए ऐसा कहा है
चाचा आज घर नही आए
ऐसे मे बड़ी चाची ने मुझे टिफिन ले जाने को कहा
बड़ी चाची को मैं ने बताया कि मैं दोपेहर मे खेत जा रहा हूँ तब टिफिन लेकर जाउन्गा
बड़ी चाची ने इस से ज़्यादा कुछ नही कहा ठीक है
आज तो मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था
क्या होगा दोपेहर मे ,
रानी ने भी पूछा कि क्या हुआ
उसे बताया कि सब ठीक है
रानी को मेरा पॉज़िटिव रिप्लाइ मिलते ही चैन आया वरना वो भी हमारे साथ परेशान होती
बस ये काली दोपेहर कैसे भी करके जल्दी निकाल जाए
और सब कुछ ठीक ही जाए
और कल का दिन नयी शुरुआत लेकर आए चाचा के लिए
चाची माफ़ करेंगी या सज़ा देगी चाचा को ये देखना होगा
पूनम दीदी ज्योति के साथ क्या करती है ये देखना होगा
पूजा बुआ ने क्या सोच कर रखा है वो देखना होगा
सब कुछ जैसा प्लान किया है वैसा होना चाहिए
इस होप के साथ मैं वॉच की तरफ देख रहा था
आज समय भी धीरे चल रहा था
ये इंतज़ार मेरी जान ले लेगा